मध्यप्रदेश : पीएम स्वनिधि में घटी लंबित फाइलें, फिर भी 78 हजार से ज्यादा हितग्राही बैंक मंजूरी के इंतजार में
विवेक झा, भोपाल। प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM SVANidhi) योजना के तहत मध्यप्रदेश में लंबित आवेदनों की संख्या में कमी जरूर आई है, लेकिन अब भी 78,426 स्ट्रीट वेंडर्स बैंक मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 में जहां 88,290 आवेदन लंबित थे, वहीं जून 2026 के पहले सप्ताह तक यह संख्या घटकर 78,426 रह गई। यानी करीब ढाई महीने में लगभग 9,864 मामलों का निपटारा हुआ, लेकिन लंबित मामलों की संख्या अभी भी काफी अधिक बनी हुई है। इसी कारण मुख्य सचिव ने बैंकों को लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।
SLBC बैठक में उठाया गया लंबित आवेदनों का मुद्दा
रिपोर्ट के अनुसार 197वीं SLBC बैठक में पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा के दौरान नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग (UADD) के आयुक्त ने बैंकों से कहा कि वे लंबित मामलों पर विशेष ध्यान दें और पात्र हितग्राहियों के आवेदन जल्द स्वीकृत अथवा निरस्त करें। बैठक में यह भी कहा गया कि अनावश्यक लंबित फाइलें योजना के उद्देश्य को प्रभावित कर रही हैं।
मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश
बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पीएम स्वनिधि और प्रधानमंत्री आवास योजना (ISS) दोनों योजनाओं को नियमित रूप से कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के एजेंडे में शामिल किया जाए, ताकि जिलों में लंबित मामलों की लगातार समीक्षा हो सके और बैंक समय पर कार्रवाई करें। रिपोर्ट के अनुसार इस निर्देश के पालन के लिए संबंधित विभागों ने सहमति भी दे दी है।
तीन महीने में करीब 10 हजार आवेदन कम हुए
SLBC की एक्शन टेकन रिपोर्ट बताती है कि मार्च 2026 में पीएम स्वनिधि योजना के तहत 88,290 आवेदन लंबित थे। बैंकों और संबंधित विभागों की कार्रवाई के बाद 5 जून 2026 तक यह संख्या घटकर 78,426 रह गई। हालांकि यह सुधार सकारात्मक माना जा रहा है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लंबित आवेदन यह भी दर्शाते हैं कि योजना के क्रियान्वयन में अभी काफी सुधार की आवश्यकता है।
छोटे कारोबारियों की आजीविका से जुड़ा है मामला
पीएम स्वनिधि योजना का उद्देश्य रेहड़ी-पटरी और फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले छोटे कारोबारियों को बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना है। बैंक मंजूरी में देरी होने से हजारों स्ट्रीट वेंडर्स समय पर वित्तीय सहायता नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं, जिससे उनके व्यवसाय और आय पर सीधा असर पड़ता है। इसी कारण राज्य सरकार और SLBC ने बैंकों को लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे पर विशेष जोर दिया है।
पीएम आवास योजना में भी दिखा सुधार
रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना (ISS) के तहत CNA स्वीकृत मामलों की संख्या भी बढ़ी है। मार्च 2026 में जहां 7,491 मामले स्वीकृत थे, वहीं 5 जून 2026 तक यह संख्या बढ़कर 9,830 हो गई। सरकार का लक्ष्य इसे 10 हजार तक पहुंचाना है। इससे स्पष्ट है कि दोनों योजनाओं में बैंकिंग प्रक्रियाओं को तेज करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बैंकों की जवाबदेही बढ़ेगी
SLBC ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में पीएम स्वनिधि के लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाएगी। जिला स्तर पर भी कलेक्टरों और लीड बैंकों को निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर ऋण मिल सके और योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।
फैक्ट फाइल
- मार्च 2026 में लंबित आवेदन: 88,290
- 5 जून 2026 तक लंबित आवेदन: 78,426
- करीब ढाई महीने में निपटे आवेदन: 9,864
- PMAY (ISS) के CNA स्वीकृत मामले: 7,491 से बढ़कर 9,830
- निर्देश: पीएम स्वनिधि और PMAY की नियमित समीक्षा कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में होगी।