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<title> &#45; ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</title>
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<description> &#45; ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</description>
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<title>फास्ट चार्जिंग धीमी क्यों? खराब केबल हो सकती है असली वजह</title>
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<description><![CDATA[ आज लगभग हर नया स्मार्टफोन फास्ट चार्जिंग के साथ आता है. कोई 33W पर चार्ज होता है, कोई 67W पर और कुछ फोन 100W या उससे ज्यादा की चार्जिंग भी सपोर्ट करते हैं. कई बार ऐसा होता है कि आपके पास फास्ट चार्जर होने के बावजूद फोन बहुत धीरे चार्ज होता है. ज्यादातर लोग इसका … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 17:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>फास्ट, चार्जिंग, धीमी, क्यों, खराब, केबल, हो, सकती, है, असली, वजह</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आज लगभग हर नया स्मार्टफोन फास्ट चार्जिंग के साथ आता है. कोई 33W पर चार्ज होता है, कोई 67W पर और कुछ फोन 100W या उससे ज्यादा की चार्जिंग भी सपोर्ट करते हैं.</p>
<p>कई बार ऐसा होता है कि आपके पास फास्ट चार्जर होने के बावजूद फोन बहुत धीरे चार्ज होता है. ज्यादातर लोग इसका कारण चार्जर को मानते हैं, जबकि कई मामलों में असली वजह चार्जिंग केबल होती है. कई बार खराब क्वॉलिटी के चार्जिंग केबल से डेटा भी स्लो ट्रांसफर होता है.</p>
<p>बाहर से देखने पर लगभग सभी USB-C केबल एक जैसी दिखती हैं. लेकिन हर केबल एक जैसी नहीं होती. कुछ केबल सिर्फ नॉर्मल चार्जिंग के लिए बनी होती हैं, जबकि कुछ हाई स्पीड चार्जिंग और ज्यादा पावर हैंडल सकती हैं. इसलिए अगर आप नया चार्जिंग केबल खरीदने जा रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.</p>
<p>सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि USB-C सिर्फ केबल का डिजाइन है, उसकी क्षमता नहीं. यानी दो USB-C केबल देखने में बिल्कुल एक जैसी हो सकती हैं, लेकिन एक 15W तक ही चार्ज करे और दूसरी 100W तक की चार्जिंग सपोर्ट कर सकती है.</p>
<p>अगर आपके फोन के साथ 67W या 100W का चार्जर आया है और आपने उसके साथ कोई सस्ती या पुरानी केबल लगा दी, तो हो सकता है कि फोन पूरी स्पीड से चार्ज ही न हो. ऐसी स्थिति में चार्जर सही होने के बावजूद केबल चार्जिंग की स्पीड कम कर देती है.</p>
<p><strong>केबल खरीदते समय सबसे पहले Watt जरूर देखें</strong><br>
आजकल अच्छी USB-C केबल पर 60W, 100W या 240W लिखा होता है. यही उसकी चार्जिंग क्षमता बताता है. अगर आप सिर्फ स्मार्टफोन चार्ज करते हैं तो अच्छी क्वालिटी की 60W केबल ज्यादातर फोन के लिए काफी होती है. लेकिन अगर आपके पास 80W, 100W या उससे ज्यादा चार्जिंग वाला फोन है या USB-C से लैपटॉप भी चार्ज करते हैं, तो 100W रेटिंग वाली केबल लेना ज्यादा समझदारी होगी.</p>
<p><strong>100W केबल में होता है खास चिप</strong><br>
60W से ज्यादा पावर देने वाली USB-C केबल में एक छोटा सा चिप होता है, जिसे E-Marker कहा जाता है. यह चिप चार्जर और फोन को बताता है कि केबल कितनी पावर सुरक्षित तरीके से संभाल सकती है.</p>
<p>अगर यह चिप नहीं होगा, तो कई डिवाइस सुरक्षा के लिए अपने आप चार्जिंग स्पीड कम कर देते हैं. यही वजह है कि कई बार 100W चार्जर होने के बाद भी चार्जिंग पूरी स्पीड से नहीं होती.</p>
<p><strong>सिर्फ केबल नहीं, चार्जिंग तकनीक भी जरूरी है</strong><br>
मान लीजिए आपने 100W की केबल खरीद ली. इसका मतलब यह नहीं कि आपका हर फोन 100W पर चार्ज होगा. फोन, चार्जर और केबल तीनों का एक जैसी चार्जिंग तकनीक को सपोर्ट करना जरूरी है.</p>
<p>कई कंपनियां USB Power Delivery (PD) इस्तेमाल करती हैं, जबकि कुछ कंपनियां अपनी अलग तकनीक जैसे SuperVOOC, HyperCharge या TurboPower का इस्तेमाल करती हैं. अगर तीनों एक-दूसरे के साथ पूरी तरह मेल नहीं खाते, तो चार्जिंग स्पीड कम हो सकती है.</p>
<p><strong>लंबी केबल हमेशा बेहतर नहीं होती</strong><br>
कई लोग 2 या 3 मीटर लंबी केबल खरीद लेते हैं क्योंकि उससे इस्तेमाल आसान हो जाता है. लेकिन लंबी केबल में बिजली का नुकसान ज्यादा हो सकता है. अच्छी कंपनियां इसे बेहतर वायर से ठीक करती हैं, लेकिन बहुत सस्ती लंबी केबल में चार्जिंग स्पीड कम हो सकती है.</p>
<p><strong>पैकेट पर क्या-क्या देखना चाहिए?</strong><br>
अगर आप ऑनलाइन या दुकान से केबल खरीद रहे हैं तो सिर्फ फास्ट चार्जिंग लिखे होने पर भरोसा न करें. आप देखें कि उस पर 60W, 100W या 240W जैसी पावर रेटिंग लिखी है या नहीं. अगर 100W या उससे ज्यादा लिखा है, तो E-Marker का जिक्र भी होना चाहिए.</p>
<p>अच्छी कंपनियां USB-IF सर्टिफिकेशन जैसी जानकारी भी देती हैं. अगर इन चीजों का कहीं जिक्र नहीं है, तो बेहतर है दूसरी केबल देखें.</p>
<p><strong>क्या महंगी केबल खरीदना जरूरी है?</strong><br>
हर बार सबसे महंगी केबल खरीदने की जरूरत नहीं होती. लेकिन बहुत सस्ती और बिना ब्रांड वाली केबल से बचना चाहिए. ऐसी केबल जल्दी खराब हो सकती हैं और कई बार सही स्पीड भी नहीं देतीं. अगर आप रोज फास्ट चार्जिंग करते हैं, तो अच्छी कंपनी की केबल लंबे समय तक बेहतर काम करती है.</p>
<p><strong>कैसे पता करें कि आपकी पुरानी केबल स्लो है?</strong><br>
अगर आपका फोन पहले 30-40 मिनट में काफी चार्ज हो जाता था और अब वही चार्जर इस्तेमाल करने पर ज्यादा समय लग रहा है, तो सबसे पहले दूसरी अच्छी केबल लगाकर देखें. अगर नई केबल लगाने के बाद चार्जिंग स्पीड बढ़ जाती है, तो समझिए समस्या चार्जर में नहीं, पुरानी केबल में थी.</p>
<p><strong>कौन-सी केबल खरीदनी चाहिए?</strong><br>
अगर आप सिर्फ स्मार्टफोन चार्ज करते हैं, तो अच्छी ब्रांड की 60W USB-C केबल ज्यादातर लोगों के लिए काफी है. लेकिन अगर आप फ्यूचर के लिए केबल खरीदना चाहते हैं या फोन के साथ लैपटॉप और टैबलेट भी चार्ज करते हैं, तो 100W USB-C केबल लेना ज्यादा बेहतर रहेगा. इससे बाद में नई डिवाइस लेने पर अलग केबल खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी.</p>
<p>आज के समय में चार्जिंग स्पीड सिर्फ चार्जर पर निर्भर नहीं करती. सही केबल उतनी ही जरूरी है. इसलिए अगली बार केबल खरीदते समय सिर्फ उसकी लंबाई या रंग मत देखिए. उसकी पावर रेटिंग, चार्जिंग तकनीक और क्वालिटी भी जरूर चेक कीजिए. कई बार सिर्फ केबल बदलने से आपका फोन पहले से काफी तेज चार्ज होने लगता है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>योगी ने बांदा को दी 710 करोड़ की सौगात, बुंदेलखंड विकास पर जोर</title>
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<description><![CDATA[ बांदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बांदा पहुंचकर जिले को 710 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार बुंदेलखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 17:01:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>योगी, ने, बांदा, को, दी, 710, करोड़, की, सौगात, बुंदेलखंड, विकास, पर, जोर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बांदा</strong><br>
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बांदा पहुंचकर जिले को 710 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार बुंदेलखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसे धरती का स्वर्ग बनाया जाएगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा और कांग्रेस की सरकारों ने विकास के बजाय क्षेत्र को डकैत दिए और युवाओं के हाथों में रोजगार के बजाय तमंचा थमा दिया। उन्होंने कहा कि पहले विकास का पैसा कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल पर खर्च होता था, जबकि आज वही धन मंदिरों के सुंदरीकरण और जनकल्याणकारी कार्यों पर लगाया जा रहा है।</p>
<p><strong>आज बुंदेलखंड बेहतरीन कनेक्टिविटी, बेहतर कानून व्यवस्था</strong><br>
सीएम योगी ने कहा कि करीब नौ साल पहले जब वह पहली बार बुंदेलखंड आए थे, तब यहां पिछड़ापन, पलायन, डकैतों और भू-माफियाओं का आतंक था। रोजगार और सुरक्षा का अभाव था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और डबल इंजन सरकार के प्रयासों से आज बुंदेलखंड बेहतरीन कनेक्टिविटी, बेहतर कानून व्यवस्था और विकास योजनाओं से जुड़ चुका है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बुंदेलखंड डकैतों के कर्फ्यू से मुक्त होकर विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है।</p>
<p><strong>बेटी-व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ पर यमराज भेजेंगे</strong><br>
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमारी सरकार उपद्रव, गुंडागर्दी और कर्फ्यू को बिल्कुल भी पसंद नहीं करती है। यह सरकार बेटी और व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को साफ चेतावनी देती है। अपराधी सीधे शब्दों में नहीं मानते हैं तो हमारी पुलिस और सरकार उनको यमराज के पास भेजने का रास्ता खोल देती है। यूपी में आज अपराधी के मन में कानून का डर है। साल 2017 के पहले बुंदेलखंड में कहीं खनन माफिया, कहीं सैंड माफिया, लैंड माफिया, वन माफिया तो कहीं डकैतों का आतंक था। किसान अपने ही खेत में जाने से डर था। पुलिस में मुकदमा दर्ज नहीं होता था। योगी ने कहा कि इसलिए आपसे कहना है कि अगर भू-माफिया और डकैत चुनाव जीतकर जाएंगे, तो वे व्यापारियों का अपहरण करेंगे, लोगों की जमीनों पर जबरन कब्जा करेंगे और गरीबों को उजाड़ेंगे।</p>
<p>योगी ने कहा कि बुंदेलखंड में पहले सिंचाई की सुविधा नहीं थी। पेयजल की सुविधा नहीं है। जो सपना था आज साकार हो रहा है। आज सिंचाई और पेयजल की सुविधा है। नियुक्त पत्र वितरण करता हूं तो बुंदेलखंड के लोगों का नाम भी दिखता है।</p>
<p><strong>योगी पहुंचे भगवान कामदनाथ के दरबार, पूजन-दर्शन कर लगाई कामदगिरि परिक्रमा</strong><br>
वहीं भगवान राम की तपोभूमि धर्मनगरी चित्रकूट दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को भगवान कामदनाथ के दरबार पहुंचे। विधि-विधान से वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मुख्यमंत्री ने पूजन कर दर्शन किए। साधू-संतों से मुलाकात करते हुए उनके साथ कामदगिरि परिक्रमा लगाई। उन्होंने कामदगिरि महाआरती स्थल पर पहुंचकर भगवान कामदनाथ की आरती की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर एक दिन पहले बुधवार को दोपहर बाद धर्मनगरी चित्रकूट पहुंचे थे। पहले दिन जनसभा, विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास, समीक्षा आदि के बाद मुख्यमंत्री ने न्यू सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम किया। गुरुवार को सुबह 7:25 बजे मुख्यमंत्री कामदगिरि परिक्रमा के लिए बरहा हनुमान मंदिर के पास पहुंचे। यहां सबसे पहले श्रीराम जानकी मंदिर में दर्शन कर पूजन किया। इसके बाद वह परिक्रमा के लिए रवाना हुए। नंगे पैरों मुख्यमंत्री परिक्रमा के लिए निकले। सरयू धारा में एक मिनट के लिए सीएम बैठे। इसके बाद कामदनाथ प्रमुख मुखारबिंद में मंदिर के व्यवस्थापक संत मदन गोपालदास ने वैदिक मंत्रोच्चारण के लिए गेट पर उनका स्वागत किया।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>केंद्रीय गृह मंत्रालय की रैंकिंग में बस्तर का जलवा, बोधघाट थाना बना छत्तीसगढ़ का नंबर&#45;1</title>
<link>https://atworldnews.in/9411</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर. बस्तर जिले के बोधघाट पुलिस थाने ने पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय की एनुअल पुलिस स्टेशन रैंकिंग-2025 में प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाना बनने का गौरव हासिल किया है। अपराध नियंत्रण, एनडीपीएस मामलों में प्रभावी कार्रवाई, कम्युनिटी पुलिसिंग, पुलिस स्टेशन प्रबंधन, इनोवेशन और एक्सीलेंस इन पुलिसिंग जैसे प्रमुख मानकों … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 16:32:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>केंद्रीय, गृह, मंत्रालय, की, रैंकिंग, में, बस्तर, का, जलवा, बोधघाट, थाना, बना, छत्तीसगढ़, का, नंबर-1</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>बस्तर जिले के बोधघाट पुलिस थाने ने पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय की एनुअल पुलिस स्टेशन रैंकिंग-2025 में प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाना बनने का गौरव हासिल किया है। अपराध नियंत्रण, एनडीपीएस मामलों में प्रभावी कार्रवाई, कम्युनिटी पुलिसिंग, पुलिस स्टेशन प्रबंधन, इनोवेशन और एक्सीलेंस इन पुलिसिंग जैसे प्रमुख मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर यह सम्मान मिला है।</p>
<p>बस्तर पुलिस के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब किसी थाने को पूरे छत्तीसगढ़ में सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशन का राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। बस्तर आइजी बद्री नारायण मीणा ने बताया कि तत्कालीन थाना प्रभारी लीलाधर राठौड़ के नेतृत्व में किए गए कार्यों और वर्तमान थाना प्रभारी तामेश्वर चौहान सहित पूरे स्टाफ की टीमवर्क ने यह उपलब्धि दिलाई है। यह बस्तर पुलिस की जन-केंद्रित, पेशेवर और परिणाम आधारित कार्यशैली की पहचान है।</p>
<p><strong>कई मानकों पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन</strong><br>
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा यह सम्मान कम अपराध दर, केस सुलझाने की गति, सामुदायिक पुलिसिंग, बुनियादी ढांचा और सार्वजनिक सेवाओं के आधार पर प्रदान किया जाता है। इसका उद्देश्य पुलिसिंग में सुधार और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में, पूर्व में राज्य के अन्य थानों, जैसे रायपुर के सिविल लाइंस या अन्य प्रमुख थानों को भी उनकी कार्यक्षमता के आधार पर जिला या संभाग स्तर पर सराहा गया है, किंतु राष्ट्रीय स्तर पर 'बेस्ट पुलिस स्टेशन' का यह खिताब बोधघाट के लिए ऐतिहासिक है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, लापरवाही पर अधिकारियों को नोटिस, ठेकेदारों के पंजीयन निलंबित</title>
<link>https://atworldnews.in/9410</link>
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<description><![CDATA[ लोक निर्माण से लोक कल्याण गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, लापरवाही पर अधिकारियों को नोटिस, ठेकेदारों के पंजीयन निलंबित प्रदेश के 7 जिलों में 34 निर्माण कार्यों का मुख्य अभियंताओं ने किया निरीक्षण, 20 कार्यों में तत्काल सुधार के निर्देश भोपाल  लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 16:32:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>गुणवत्ता, से, कोई, समझौता, नहीं, लापरवाही, पर, अधिकारियों, को, नोटिस, ठेकेदारों, के, पंजीयन, निलंबित</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लोक निर्माण से लोक कल्याण</strong></p>
<p><strong>गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, लापरवाही पर अधिकारियों को नोटिस, ठेकेदारों के पंजीयन निलंबित</strong></p>
<p><strong>प्रदेश के 7 जिलों में 34 निर्माण कार्यों का मुख्य अभियंताओं ने किया निरीक्षण, 20 कार्यों में तत्काल सुधार के निर्देश</strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में औचक निरीक्षण की कार्रवाई लगातार जारी है। विगत 6 जुलाई को मुख्य अभियंताओं के 7 दलों ने रायसेन, पांढुर्णा, शिवपुरी, बुरहानपुर, उमरिया, मंदसौर एवं निवाड़ी जिलों में निर्माणाधीन एवं पूर्ण कार्यों का औचक निरीक्षण किया।</p>
<p>निरीक्षण में कुल 34 निर्माण कार्यों का रेंडम आधार पर परीक्षण किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं पुल) के 21, पीआईयू के 6, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के 6 तथा मध्यप्रदेश भवन विकास निगम का 1 कार्य शामिल रहा।</p>
<p>निरीक्षण प्रतिवेदनों की समीक्षा प्रमुख अभियंता (सड़क/पुल) आर.एल. वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में की गई। बैठक में प्रमुख अभियंता (एमपीआरडीसी) के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एस.आर. बघेल, प्रमुख अभियंता (बीडीसी) अजय श्रीवास्तव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं सभी निरीक्षण दल ऑनलाइन उपस्थित रहे।</p>
<p>समीक्षा में बुरहानपुर जिले के सुंदर नगर-कुंदन डेयरी रोड स्थित पंडारोल नाला पर निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल के कार्य में गुणवत्ता संबंधी कमियां पाए जाने पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं तत्कालीन कार्यपालन यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।</p>
<p>बुरहानपुर जिले में हिवरा फाटा-हैदरपुर फाटा सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी अपेक्षित स्तर की नहीं मिलने पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं उपयंत्री के विरुद्ध नोटिस जारी करने तथा कार्य कर रही एजेंसी मेसर्स कालिका फर्नीचर इंडस्ट्रीज, खंडवा के पंजीयन निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश प्रमुख अभियंता इंदौर को दिए गए।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>MP Weather Alert: ग्वालियर&#45;चंबल में आज भारी बारिश, भिंड में रेड अलर्ट; उज्जैन&#45;सागर भी होंगे तरबतर</title>
<link>https://atworldnews.in/9409</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे ग्वालियर-चंबल संभाग में आज भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। खासतौर पर भिंड जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि आसपास के जिलों में ऑरेंज अलर्ट … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 16:32:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Weather, Alert:, ग्वालियर-चंबल, में, आज, भारी, बारिश, भिंड, में, रेड, अलर्ट, उज्जैन-सागर, भी, होंगे, तरबतर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे ग्वालियर-चंबल संभाग में आज भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। खासतौर पर भिंड जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि आसपास के जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। उज्जैन और सागर संभाग के जिलों में भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>उत्तरी मध्य प्रदेश में आफत की बारिश: इन जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट'</strong></p>
<p>मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश का उत्तरी हिस्सा पूरी तरह तरबतर रहेगा. भारी तबाही की आशंका को देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट  जारी किया गया है. इनमें मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, आगर-मालवा और रतलाम जिले शामिल हैं। </p>
<p>ऑरेंज अलर्ट के अलावा प्रदेश के एक बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. मौसम विभाग ने इन नीमच, उज्जैन, शाजापुर, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना जिले में इसकी संभावना जताई है। </p>
<p>इसके अलावा राजधानी भोपाल समेत महाकौशल और निमाड़ अंचल के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। </p>
<p><strong>यहां बारिश का अनुमान</strong><br>
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़ में हल्की बारिश देखने को मिलेगी. इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास जिले भी शामिल हैं. इसके अलावा नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा और सतना भी हल्की बारिश वाले जिले रहेंगे। </p>
<p><strong>अलर्ट और संभावित प्रभाव</strong></p>
<p><strong>मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक:</strong></p>
<p><strong>    रेड अलर्ट: भिंड (अत्यधिक भारी बारिश की आशंका)।<br>
    ऑरेंज अलर्ट: मोरेना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, आगर मालवा और रतलाम।<br>
    भारी बारिश: नीमच, उज्जैन, शाजापुर, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना जैसे जिलों में।</strong></p>
<p><strong>कल की बारिश का हाल</strong><br>
कल कई जिलों में झमाझम बारिश हुई, जिससे सड़कें जलभराव से प्रभावित हुईं और नदियां-नाले उफान पर आ गए। कुछ इलाकों में शिक्षक और आम लोग बाढ़ वाले क्षेत्रों से गुजरने को मजबूर हुए। कई जगहों पर यातायात बाधित रहा।</p>
<p>आज भोपाल समेत कई जगह बारिश गुरुवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में पानी गिरेगा।</p>
<p>शाजापुर में नाला पार कर स्कूल पहुंचे टीचर इससे पहले बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में नदी-नाले उफान पर रहे। सेंधवा में ग्रामीण अंचलों के नदी-नाले उफान पर होने से जनजीवन प्रभावित रहा। शाजापुर में टीचर जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचते नजर आए। रतलाम में अंडर ब्रिज पर पानी भर गया।</p>
<p>मौसम विभाग के अनुसार, दमोह में पौने 2 इंच, नर्मदापुरम में 1.1 इंच, खजुराहो-टीकमगढ़ में पौन इंच, जबलपुर, खरगोन-बैतूल में आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। दतिया, धार, ग्वालियर, खंडवा, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, सागर, सतना, सिवनी, बालाघाट, मंदसौर, शाजापुर, पन्ना, बड़वानी, देवास, सीहोर में भी बारिश हुई।</p>
<p>बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट देखी गई। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में इंदौर में सबसे कम 28 डिग्री, जबलपुर में 28.5 डिग्री, उज्जैन में 29.2 डिग्री, ग्वालियर में 29.7 डिग्री और भोपाल में 30.4 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान सीधी में 33.6 डिग्री और सबसे कम छिंदवाड़ा में 25.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।</p>
<p>प्रदेश में 10 प्रतिशत बारिश ज्यादा प्रदेश में इस बार पूरे जून मूहीने आंधी-बारिश का दौर रहा। बावजूद इसके कोटे से 30 प्रतिशत पानी कम बरसा, लेकिन जुलाई के 8 दिनों ने यह कोटा न सिर्फ पूरा कर दिया, बल्कि 10 प्रतिशत ज्यादा पानी बरसा दिया।</p>
<p>आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश में अब तक कुल 223.7 मिमी यानी, करीब 9 इंच पानी गिर चुका है। यह सामान्य बारिश 202.5 मिमी (8.1 इंच) से 10 प्रतिशत ज्यादा है। पूर्वी हिस्से में 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 30 प्रतिशत पानी ज्यादा गिरा है।</p>
<p>जून में कम बारिश, जुलाई में बढ़ा मौसम विभाग के अनुसार, जून में कम बारिश हुई है, लेकिन जुलाई से काफी उम्मीदें हैं। इस महीने पूरे मानसून की एक तिहाई बारिश का ट्रेंड है। जैसे- भोपाल में 39 इंच सामान्य बारिश है तो 14 इंच बारिश जुलाई में होती है। बड़े शहरों में जबलपुर ही ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा 17 इंच से ज्यादा बारिश होती है। जुलाई के महीने में ही प्रदेश में कोटे की 40 प्रतिशत तक बारिश होती है।</p>
<p><strong>बारिश का कुल आंकड़ा</strong><br>
जून में बारिश की कमी के बावजूद जुलाई की शुरुआत में स्थिति सुधर गई है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 10 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। पश्चिमी हिस्सों में यह बढ़त और भी ज्यादा है, जबकि पूर्वी क्षेत्र अभी थोड़ा पीछे हैं। देवास जिले में इस सीजन में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है।</p>
<p>बारिश से दिन के तापमान में भी गिरावट आई है। इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर और भोपाल जैसे शहरों में अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>सीएम डॉ. मोहन ने कालापीपल को दी 30.86 करोड़ की सौगात, दोहराया UCC को लागू करने का संकल्प</title>
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<description><![CDATA[ सीएम डॉ. मोहन ने कालापीपल को दी 30.86 करोड़ की सौगात, दोहराया UCC को लागू करने का संकल्प – शाजापुर में किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन एवं &#039;हरा-भरा कालापीपल&#039; पौधरोपण अभियान –  शाजापुर को नई सड़कें और रेलवे ओवर ब्रिज देने की घोषणा – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बदल रहा देश  शाजापुर  मध्यप्रदेश के … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 16:32:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सीएम, डॉ., मोहन, ने, कालापीपल, को, दी, 30.86, करोड़, की, सौगात, दोहराया, UCC, को, लागू, करने, का, संकल्प</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सीएम डॉ. मोहन ने कालापीपल को दी 30.86 करोड़ की सौगात, दोहराया UCC को लागू करने का संकल्प</strong></p>
<p><strong>– शाजापुर में किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन एवं 'हरा-भरा कालापीपल' पौधरोपण अभियान<br>
–  शाजापुर को नई सड़कें और रेलवे ओवर ब्रिज देने की घोषणा<br>
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बदल रहा देश </strong></p>
<p><strong>शाजापुर</strong><br>
 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 जुलाई को शाजापुर जिले के कालापीपल को 30.86 करोड़ लागत के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने यहां कई कामों के लोकार्पण और भूमिपूजन किए। उन्होंने यहां आयोजित किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन एवं 'हरा-भरा कालापीपल' पौधरोपण अभियान का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इससे पहले कालापीपल में उनका 'रोड शो' हुआ। इस रोड शो में जनता ने अपने लाड़ले बेटे पर जमकर फूल बरसाए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाजापुर को नई सड़कें और रेलवे ओवर ब्रिज देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसी महीने राज्य में यूसीसी लागू करने के प्रयास किए जाएंगे। देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कालापीपल अद्भुत क्षेत्र है। मां राज-राजेश्वरी की इस पर असीम कृपा है। आज यह क्षेत्र पौधरोपण में नया रिकॉर्ड बना रहा है। नेवज, लकुंदर, चिल्लर, पार्वती इन पांच नदियों की इस क्षेत्र को कृपा मिल रही है। परमात्मा ने शाजापुर को अद्भुत सौंदर्य दिया है। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हमारे प्रदेश में शाजापुर जैसा जिला है। उन्होंने कहा कि एक गाना है, 'मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे-मोती, मेरे देश की धरती…'  इसी गाने की तरह शाजापुर हमारे लिए सोना उगलने वाली धरती भी है, कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने वाली धरती भी है, संगठन का सूर्य चमकाने वाली धरती भी है।</p>
<p><strong>किसानों के लिए सबकुछ करने को तैयार</strong><br>
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, 'जो धरती को हरियाली का उपहार देते हैं, वही आने वाले कल को आकार देते हैं'। 'किसान मुस्कुराए तो मुस्कुराता जहां है, इन्हीं की मेहनत से महकता अपना हिंदुस्तां है'। आज का यह आयोजन केवल भूमि-पूजन, लोकार्पण का औपचारिकता का कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों का 6-6 महीने के ब्याज का झंझट खत्म हो जाएगा। अब हम एक साल के लिए लोन देंगे। किसानों के लिए हमारी सरकार सबकुछ करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अलग पहचान बना रहा है। किसान सम्मान निधि से लेकर सभी योजनाएं लगातार जन कल्याण का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, मैं कांग्रेस के मित्रों से पूछना चाहता हूं कि आपको परेशानी क्या है। आप बताइए नर्मदा कहां और शाजापुर कहां। फिर भी, यहां के 118 गांवों में नर्मदा जल आता है। आने वाले दिनों में जो-जो गांव बचे हैं, वहां भी पानी देंगे, पूरे क्षेत्र में पानी देंगे। </p>
<p><strong>बीजेपी सरकार में बढ़ा सिंचाई का रकबा</strong><br>
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून, पानी गए न ऊबरे, मोती-मानुस चून। खेत में किसान और सीमा पर जवान, दोनों का सम्मान, ये है भाजपा की पहचान। हमने पारस पत्थर तो नहीं देखा, लेकिन यह पक्की बात है कि अगर सूखे खेत को पानी मिल जाए, तो वह सोना उगलने लगता है। उन्होंने कहा कि राज्य से 250 से ज्यादा नदियां निकलती हैं। नर्मदा, पार्वती, कालीसिंध, चंबल, केन बेतवा जैसी नदियां बहती रहीं और कांग्रेस के लोग सरकार चलाते रहे। 1956 से मध्यप्रदेश बना है, लेकिन 2002-03 तक इन्होंने कुछ नहीं किया। उस काल तक सिंचाई का रकबा केवल साढ़े सात लाख हैक्टेयर होता था। लोगों को याद होगा 1956 के दौर में गेहूं का भाव 80 से लेकर 100 रुपये क्विंटल हुआ करता था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 55 साल में गेहूं के भाव 400 रुपये भी नहीं बढ़ा पाई। जबकि, अभी किसानों ने गेहूं 2625 रुपये क्विंटल बेचा। यह बात कांग्रेसियों को सुनाओ कि यह है सरकार भाजपा की। यह है बीजेपी को वोट देने का परिणाम।  कांग्रेस केवल सत्ता चाहती है। जब बीजेपी की सरकार बनी तब जाकर सिंचाई का रकबा 44 लाख हैक्टेयर हुआ। </p>
<p><strong>कांग्रेस ने राज्यों को आपस में लड़वाया</strong><br>
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले रात में लाइट नहीं जलती थी, अब दिन में लाइट जलती है। किसान सिंचाई के लिए डीजल की टंकी लेकर दौड़ता था, जगह-जगह धक्के खाता था, लेकिन बिजली नहीं मिलती थी। हमारी सरकार में गांव की लाइट अलग, खेत की लाइट अलग है। आने वाले समय में हमारी सरकार और सौगात देगी। बरसात के बाद जब किसान गेहूं-चने की खेती करेंगे, तो आपको लाइट दिन में ही मिलेगी। आपको रात को पानी डालने की जरूरत ही नहीं होगी। कांग्रेस को अपने पापों के लिए किसानों से माफी मांगनी चाहिए। किसान को भगवान के समान पूजने के काम, अगर कोई सरकार करती है, तो भारतीय जनता पार्टी की सरकार करती है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए हमारी सरकार एक के बाद एक काम करती जा रही है। किसान के लिए लागत कम, आमदनी डबल होनी चाहिए। अब हम किसान से एमएसपी पर फसल खरीदेंगे। कांग्रेसियों ने किसानों से कभी एक दाना नहीं खरीदा। किसानों को मंडी के भरोसे छोड़ दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनता से कहा कि अगर कोई कांग्रेसी आपके दरवाजे आए तो उनसे ये सारे सवाल करना। कांग्रेस ने एक राज्य के किसानों को दूसरे राज्य के किसानों से लड़ाया। कांग्रेस की सरकार में पानी के बंटवारे को लेकर दक्षिण भारत के राज्यों को आपस में लड़वा दिया। किसानों के खून की नदियां बहती थीं और कांग्रेसी मजे करते थे। उनका काम ही है लोगों को आपस में बांटो और राज करो। अंग्रेज चले गए और कांग्रेस छोड़ गए। और ये कांग्रेसी हम सबके सिर पर बैठ गए।</p>
<p><strong>अब प्यासा नहीं रहेगा बुंदेलखंड</strong><br>
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच पानी को लेकर 20-30 साल तक झगड़ा चलता रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्वती-कालीसिंध परियोजना से इसका हल निकला। इस हल से 15 जिले राजस्थान के और 13 जिले प्रदेश के आनंद मनाएंगे। इस परियोजना का 90 फीसदी केंद्र सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के लोग बड़े जुझारू हैं, लेकिन केवल पानी की कमी की वजह से पलायन करते थे। आज हमने उत्तप्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी को लेकर एमओयू किया है। इस परियोजना के पूरा बुंदेलखंड पानी से सराबोर होगा। इसी तरह हमने महाराष्ट्र के साथ भी करार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा क्षेत्र बदल गया। सरदरा सरोवर परियोजना के लिए हमें 1500 करोड़ रुपये देने थे, लेकिन अब हमें मात्र 231 करोड़ रुपये देने होंगे। यह हमारे काम करने का तरीका है। हमने सारी बातों का समाधान कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कंस को मारने के बाद कृष्ण जब तक द्वारिकाधीश नहीं हुए, तब तक आनंद में नहीं आया। कांग्रेसियों ने बहनों को फूटी कौड़ी नहीं दी। हमारी सरकार जब योजना लाई, तो कांग्रेसी मजाक बनाते थे। कहते थे कि यह योजना केवल चुनाव तक सीमित है, पैसा कहां से लाएंगे। सरकार बर्बाद कर दी। मुझे गर्व है कि अभी तक 60 हजार करोड़ की राशि बहनों के खातों में जा चुकी है। हम हर महीने राखी मनाते हैं। एक हजार से चलने वाली यात्रा 1500 तक आ गई। इन पैसों से बहनें अलग-अलग काम करने लगीं। वे घर के लिए वरदान हैं। वे हमारे घर का आधार हैं। वे अपना पेट काटकर बच्चों के लिए सारी व्यवस्थाएं करती हैं। इधर, कांग्रेसी कहते हैं कि बहनें शराब पीती हैं, उन्हें रुपये मत दो। कांग्रेसियों को शर्म आनी चाहिए। सीएम डॉ. यादव ने महिलाओं से कहा कि काग्रेसियों की इस बात को वैसे ही याद रखना जैसे भगवान कृष्ण ने शिशुपाल की बात को याद कर रखा था। जैसे ही चुनाव आए आप अपना वोट देना और कांग्रेसी मुंह के बल गिर जाएंगे। इनका हिसाब-किताब चुकता हो जाएगा। जो जैसा करेगा, वैसा भरेगा। कांग्रेस के षडयंत्रों का खेल, झूठ बोलने का खेल चलने वाला नहीं है। </p>
<p><strong>अलग-अलग कानूनों की जरूरत नहीं</strong><br>
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेत से लेकर खलिहान तक और खलिहान से लेकर बागबां तक हम सभी का सम्मान करते हैं। हमारी सरकार पूरे साल काम करती है। अभी तो कांग्रेसियों को और बड़ा झटका लगने वाला है। हमारे यहां हिंदू का कानून अलग, मुस्लमान का कानून अलग, ये अलग-अलग कानून क्यों होने चाहिए। कानून एक ही होना चाहिए। मुस्लिम बहनें भी हमारी बहनें हैं। उनके साथ जो होता है अब वो नहीं चलेगा। इन बहनों के आत्मसम्मान के लिए एक देश-एक विधान-एक प्रधान-एक राष्ट्रगान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसलिए हम इसी महीने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का प्रयास करेंगे। हम दूध उत्पादन के जरिये किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास कर रही है। दस साल से सब इंस्पेक्टर की भर्ती टल रही थी, हमने वो भर्ती शुरू कर दी। हमने पदोन्नति दी और रोजगार के रास्ते खोले। आज मध्यप्रदेश में दस लाख करोड़ का निवेश हो चुका है।    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपके पास ही पेप्सिको प्लांट लगा रहा है। यह कंपनी आपसे आलू खरीदेगी। इसलिए अपनी फसल में आलू की गुंजाइश भी रखो। किसान रोड किनारे अपनी जमीन पर होम स्टे बनाए। उसमें हम कोई अलग से बिजली बिल नहीं मांगेंगे। सांदीपनि स्कूलों में बच्चों को पढ़ाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माध्यम से कई तरह काम हो रहे हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>तलाक के बाद पहली बार साथ आए सोहेल&#45;सीमा, शो में दिखा खास बॉन्ड</title>
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<description><![CDATA[ सोहेल खान के बाद अलायंस में सीमा सजदेह की एंट्री हो चुकी है. शो का नया प्रोमो वायरल हो रहा है, जिसमें सीमा और सोहेल आमने-सामने नजर आए. रियलिटी शो में एक्स कपल को साथ देखकर फैन्स का एक्साइटमेंट लेवल हाई हो चुका है. जानते हैं कि सीमा को अलायंस में देखकर सोहेल का रिएक्शन … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 16:31:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>तलाक, के, बाद, पहली, बार, साथ, आए, सोहेल-सीमा, शो, में, दिखा, खास, बॉन्ड</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>सोहेल खान के बाद अलायंस में सीमा सजदेह की एंट्री हो चुकी है. शो का नया प्रोमो वायरल हो रहा है, जिसमें सीमा और सोहेल आमने-सामने नजर आए. रियलिटी शो में एक्स कपल को साथ देखकर फैन्स का एक्साइटमेंट लेवल हाई हो चुका है. जानते हैं कि सीमा को अलायंस में देखकर सोहेल का रिएक्शन कैसा था.</p>
<p><strong>तलाक के बाद साथ आए सीमा-सोहेल</strong><br>
प्रोमो में होस्ट कुणाल खेमू, सोहेल खान से पूछते हैं कि अपनी एक्स-वाइफ सीमा को हाउस में देखकर उन्हें क्या महसूस हुआ. सोहेल ने कहा कि बहुत प्यारा. मैंने इस खूबसूरत महिला के साथ 25 साल बिताए हैं. मैं नेशनल टीवी पर मानता हूं कि अगर हमारे रिश्ते में कोई भी गलती हुई होगी, तो उसकी जिम्मेदारी मैं लेता हूं. सोहेल की बात सुनकर सीमा खुश नजर आईं. उन्होंने “Aww” कहा. बाकी कंटेस्टेंट्स खुश होकर हूटिंग करने लगते हैं. कुशाल टंडन जोर से बोले, सीटी मार दे भाई. मिनी माथुर तालियां बजाने लगती हैं.</p>
<p>सीमा को देखकर सोहेल का रिएक्शन लोगों का दिल जीत ले गया. फैन्स एक्टर की तारीफ कर रहे हैं. एक ने लिखा कि असली मर्द ऐसे ही होते हैं. दूसरे ने कहा कि यही इज्जत होती है. एक फैन ने लिखा कि खान परिवार के संस्कार ऐसे ही हैं. कुछ लोगों ने कहा कि यही रिश्ता होता है.</p>
<p>सीमा और सोहेल खान की शादी 1998 में हुई थी. शादी से उन्हें दो बेटे योहान और निर्वाण हैं. सीमा और सोहेल की शादी 25 साल चली थी. दोनों ने 2022 में तलाक लेकर अलग होने का फैसला किया. तलाक के बाद भी दोनों बेटों की साथ मिलकर अच्छी परवरिश कर रहे हैं. एक इंटरव्यू में सीमा ने कहा था कि वो और सोहेल अलग हुए हैं, लेकिन उनका खान परिवार के साथ रिश्ता बरकरार हैं. वो सेल्फिश होकर परिवार से नाता नहीं तोड़ सकती हैं. सीमा ने ये भी कहा कि सोहेल उनके बच्चों के पिता हैं और हमेशा रहेंगे.</p>
<p>पहली बार सोहेल और सीमा को किसी टीवी शो में साथ देखा जाएगा. टीवी पर कपल का बॉन्ड कैसा दिखता है, ये देखना दिलचस्प होने वाला है.<br>
 </p>]]> </content:encoded>
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<title>रेल यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें! माता वैष्णो देवी रूट की ट्रेनें 12 घंटे तक लेट, कई गाड़ियां डायवर्ट</title>
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<description><![CDATA[  जालंधर  सिटी रेलवे स्टेशन पर बुधवार को कई रेलगाड़ियां अपने निर्धारित समय से घंटों की देरी से पहुंची। इस वजह से यात्रियों को परेशानी हुई और घंटों तक स्टेशन पर ही इंतजार करने के लिए मजबूर भी होना पड़ा। देश के विभिन्न मंडलों में चल रहे निर्माण कार्यों के चलते कई रेलगाड़ियों को बदले हुए … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 16:02:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>रेल, यात्रियों, की, बढ़ी, मुश्किलें, माता, वैष्णो, देवी, रूट, की, ट्रेनें, घंटे, तक, लेट, कई, गाड़ियां, डायवर्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> जालंधर</strong><br>
 सिटी रेलवे स्टेशन पर बुधवार को कई रेलगाड़ियां अपने निर्धारित समय से घंटों की देरी से पहुंची। इस वजह से यात्रियों को परेशानी हुई और घंटों तक स्टेशन पर ही इंतजार करने के लिए मजबूर भी होना पड़ा। देश के विभिन्न मंडलों में चल रहे निर्माण कार्यों के चलते कई रेलगाड़ियों को बदले हुए समय पर चलाया जा रहा है और कइयों को डायवर्ट रूट पर।</p>
<p>बुधवार को अमृतसर क्लोन स्पेशल 12 घंटे देरी से पहुंची। इसी तरह से अमृतसर कटिहार एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे, लोहित एक्सप्रेस पौने पांच घंटे, अमृतसर फेस्टिवल स्पेशल, गोल्डन टैंपल सवा चार घंटे, श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा, दादर एक्सप्रेस चार घंटे, हीराकुंड एक्सप्रेस सवा तीन घंटे, मालवा सुपरफास्ट तीन घंटे, सरयू यमुना एक्सप्रेस पौने तीन घंटे,</p>
<p>श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा सुपरफास्ट, जनसेवा एक्सप्रेस ढाई घंटे, जेहमल एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस दो घंटे, अमृतसर इंटरसिटी एक्सप्रेस पौने दो घंटे, शान ए पंजाब एक्सप्रेस डेढ़ घंटा, पठानकोट सुपरफास्ट, हेमकुंट एक्सप्रेस, जम्मूतवी एक्सप्रेस, हावड़ा एक्सप्रेस, उधमपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस एक घंटा, लुधियाना छेहर्टा एमईएमयू पौना घंटा, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, सरबत दा भला एक्सप्रेस आधा घंटा देरी से पहुंची।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>अलीगंज अग्निकांड जांच में पहली बार नौ आईएएस और नौ पीसीएस अधिकारी जांच घेरे में</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड मामले की जांच ने अब ऐसा मोड़ ले लिया है, जिससे नौकरशाही के गलियारों में हड़कंप मच गया है। पहली बार अवैध निर्माण और बड़े अग्निकांड में इंजीनियरों और कर्मचारियों तक कार्रवाई सीमित रखने की बजाय आईएएस और पीसीएस अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में लाई गई है। … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 16:01:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>अलीगंज, अग्निकांड, जांच, में, पहली, बार, नौ, आईएएस, और, नौ, पीसीएस, अधिकारी, जांच, घेरे, में</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड मामले की जांच ने अब ऐसा मोड़ ले लिया है, जिससे नौकरशाही के गलियारों में हड़कंप मच गया है। पहली बार अवैध निर्माण और बड़े अग्निकांड में इंजीनियरों और कर्मचारियों तक कार्रवाई सीमित रखने की बजाय आईएएस और पीसीएस अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में लाई गई है। एलडीए ने नगर आयुक्त गौरव कुमार समेत नौ आईएएस और नौ पीसीएस अधिकारियों के नाम अग्निकांड की जांच कर रही एसआईटी को भेज दिए हैं।</p>
<p>एसआईटी ने वर्ष 2016 से 2024 के बीच एलडीए में उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे कुछ अधिकारियों का पूरा ब्योरा मांगा था। इसके बाद शासन को सूची भेजी गई, जिसे एलडीए ने हाल ही में जांच एजेंसी को उपलब्ध करा दिया है। इस सूची में तमाम बड़े आईएएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इसमें से तीन आईएएस अफसर अलग अलग जिलों में डीएम के पद पर तैनात हैं।</p>
<p><strong>नगर आयुक्त सहित तीन पूर्व उपाध्यक्षों के नाम भी भेजे गए</strong><br>
एसआईटी को भेजी गई सूची में लखनऊ के नगर आयुक्त गौरव कुमार का नाम भी शामिल हैं। गौरव कुमार एलडीए में करीब दो महीने ओएसडी के पद पर तैनात थे। उस दौरान तत्कालीन उपाध्यक्ष इन्द्रमणि त्रिपाठी ने उन्हें जोन तीन व जोन चार का प्रवर्तन व विहित प्राधिकारी का काम दिया था। इसके अलावा आईएएस अधिकारी एमपी सिंह, पवन गंगवार सचिव के पद पर तैनात थे। वर्तमान में यह अलग अलग जिलों में डीएम हैं। इनके अलावा अक्षय त्रिपाठी व शिवाकांत द्विवेदी उपाध्यक्ष के पद पर तैनात थे। इसमें अक्षय त्रिपाठी एक जिले में डीएम हैं। जबकि शिवाकांत द्विवेदी रिटायर हो चुके हैं। आईएएस रितु सुहास प्राधिकरण में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात थी और वर्तमान में वह स्थानीय निकाय निदेशालय में अपर निदेशक हैं। सत्येंद्र सिंह यादव उपाध्यक्ष और श्रीशचंद्र वर्मा सचिव पद पर रहे हैं। लेकिन यह दोनों रिटायर हो चुके हैं। एसआईटी यह पता लगाने में जुटी हैं कि जिस भवन में अग्निकांड हुआ, उसके निर्माण, मानचित्र अनुमोदन, निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान किस स्तर पर लापरवाही या चूक हुई।</p>
<p><strong>एलडीए में तैनात इन पीसीएस अधिकारियों के नाम भी शामिल</strong><br>
मामले में मौजूदा समय में एलडीए में तैनात पीसीएस अधिकारियों विपिन शिवहरे, प्रभाकर सिंह, संगीता राघव और सुशील प्रताप सिंह के नाम भी एसआईटी को भेजे गए हैं। इसके अलावा पूर्व में तैनात रहे अमित राठौर, श्रद्धा चौधरी, प्रिया सिंह, डीके सिंह और वीबी मिश्रा का नाम भी सूची में शामिल है। यह सभी सीनियर पीसीएस अफसर हैं।</p>
<p><strong>प्राधिकरण सेवा के इन अधिकारियों के नाम भी एसआईटी पहुंचे</strong><br>
प्राधिकरण सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों में उप सचिव माधवेश कुमार, ओएसडी रविनंदन सिंह और ओएसडी राजीव कुमार के नाम भी भेजे गए हैं। इनके अलावा स्थानीय निकाय सेवा के उप सचिव अतुल कृष्ण सिंह का नाम भी जांच एजेंसी को भेजा गया है।</p>
<p><strong>70 से अधिक इंजीनियर और अधिकारी भी घेरे में</strong><br>
एसआईटी को भेजी गई सूची में 52 जूनियर इंजीनियर और सहायक अभियंताओं के अलावा 14 अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। जांच एजेंसी इन सभी की तैनाती अवधि, फाइलों पर की गई टिप्पणियों और कार्रवाई के रिकॉर्ड का परीक्षण करेगी।</p>
<p><strong>बड़े अफसरों में बढ़ी बेचैनी</strong><br>
अधिकारियों के नाम एसआईटी को भेजे जाने के बाद एलडीए और प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। जानकारों का कहना है कि पूर्व के कई बड़े हादसों में कार्रवाई का दायरा निचले स्तर के कर्मचारियों और इंजीनियरों तक ही सीमित रहा, लेकिन इस बार जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शीर्ष स्तर तक पहुंचती दिखाई दे रही है।</p>
<p><strong>जब मांगा जाएगा तो हम अपना जवाब देंगे</strong><br>
लखनऊ नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि हमें इस मामले की जानकारी है। उत्तरदायित्व निर्धारण करने के लिए कम से कम 90 दिन काम करने का समय होना चाहिए। लेकिन हमने यहां केवल 11 दिन ही काम किया है। इतने कम समय में कोई क्या कर सकता है। जब मांगा जाएगा तो हम अपना जवाब देंगे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>PM मोदी का बड़ा बयान&#45; वैश्विक संकट के दौर में भारत&#45;ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी निभाएगी निर्णायक भूमिका</title>
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<description><![CDATA[  मेलबर्न इंडोनेशिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने गुरुवार को मेलबर्न में ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में भाग लिया, जहां उन्होंने दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक दिग्गजों को संबोधित करते हुए भारत के महत्वाकांक्षी ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर लक्ष्यों … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 15:33:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मोदी, का, बड़ा, बयान-, वैश्विक, संकट, के, दौर, में, भारत-ऑस्ट्रेलिया, की, साझेदारी, निभाएगी, निर्णायक, भूमिका</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> मेलबर्न</strong></p>
<p>इंडोनेशिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने गुरुवार को मेलबर्न में ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में भाग लिया, जहां उन्होंने दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक दिग्गजों को संबोधित करते हुए भारत के महत्वाकांक्षी ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर लक्ष्यों को साझा किया. पीएम मोदी ने इस वैश्विक मंच से ऑस्ट्रेलिया के विशाल यूरेनियम भंडार, उन्नत तकनीक और 4 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा के पेंशन फंड्स को भारत की विकास यात्रा से सीधे जुड़ने का खुला निमंत्रण दिया। </p>
<p>पीएम ने कहा कि दुनिया अभी अनिश्चितता, सप्लाई चेन में रुकावट और ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रही है. ऐसे वक्त में, भारत और ऑस्ट्रेलिया का स्वाभाविक और भरोसेमंद साझेदार के तौर पर आगे बढ़ना स्वाभाविक और जरूरी है. पिछले कुछ सालों में हमने दोनों देशों की खूबियों का इस्तेमाल करते हुए अपनी भविष्य की साझेदारी के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार किया है. 2022 में रिकॉर्ड समय में हुए ECTA (इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट) समझौते ने हमारे आर्थिक रिश्तों को और मजबूत किया है. इसके लागू होने के बाद से भारत से ऑस्ट्रेलिया को होने वाला निर्यात दोगुना हो गया है और दोनों देशों के व्यवसायों को नए बाजार तक पहुंचने का फायदा मिला है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि यहां क्लीन एनर्जी से जुड़ी कई कंपनियां मौजूद हैं. हम भारत में हाइड्रो प्रोजेक्ट्स, ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर मॉड्यूल और विंड टर्बाइन के लिए मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बना रहे हैं. भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करने और 2070 तक नेट जीरो एमिशन तक पहुंचने का टारगेट रखा है. ऑस्ट्रेलिया की टेक्नोलॉजी, कैपिटल और रिसोर्स इस बदलाव को तेज कर सकते हैं… हमने 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर एनर्जी क्षमता का लक्ष्य रखा है। </p>
<p><strong>प्राइवेट कंपनियों के लिए खुला न्यूक्लियर सेक्टर</strong><br>
पीएम मोदी ने मंच से बताया कि कुछ महीनों पहले भारत सरकार ने एक ऐतिहासिक कानून के जरिए न्यूक्लियर सेक्टर को देश की प्राइवेट कंपनियों के लिए पूरी तरह खोल दिया है. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के पास मौजूद विशाल यूरेनियम भंडार भारत की इस न्यूक्लियर यात्रा से सीधे जुड़कर दोनों देशों के लिए इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का एक ऐतिहासिक अवसर पैदा करते हैं. ऑस्ट्रेलिया के यूरेनियम के विशाल भंडार भारत की न्यूक्लियर यात्रा से सीधे तौर पर मेल खाते हैं। </p>
<p><strong>इंफ्रास्ट्रक्चर में दिखेगी स्पीड और स्केल</strong><br>
देश के अंदर बुनियादी ढांचे के विकास पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में पोर्ट, एयरपोर्ट, रोड, रेलवे और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर में ऑस्ट्रेलिया के लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए अनेक संभावनाएं हैं. आज भारत में नेशनल हाईवेज लगभग 34 किलोमीटर प्रतिदिन की रिकॉर्ड गति से बढ़ रहे हैं. इसके साथ ही भारतीय रेल नेटवर्क में हर दिन 18 किलोमीटर से ज्यादा नए रेलवे ट्रैक्स लगाए जा रहे हैं जो स्केल, स्पीड और स्टेबिलिटी तीनों का एक बेहतरीन संगम है। </p>
<p><strong>क्रूड स्टील उत्पादन में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर</strong><br>
स्टील सेक्टर के क्षेत्र में दोनों देश पहले से ही एक मजबूत सहयोगी रहे हैं. भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा क्रूड स्टील प्रोड्यूसर बन चुका है. पीएम मोदी के अनुसार, दोनों देश मिलकर अब लो कार्बन एल्यूमीनियम, ग्रीन आयरन और क्लीन मैन्युफैक्चरिंग पर काम कर सकते हैं। </p>
<p>इसके अलावा एआई मिशन, क्वांटम मिशन और सेमीकंडक्टर प्रोग्राम के अंतर्गत भारत सरकार ने दस बिलियन डॉलर से ज्यादा का वित्तीय सपोर्ट दिया है, जिससे मिलकर ग्लोबल सॉल्यूशन तैयार किए जा सकें। </p>
<p><strong>भारत में निवेश सुरक्षित अमानत</strong><br>
प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलियाई वित्तीय संस्थानों को आकर्षित करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया के पेंशन फंड्स वर्तमान में 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की भारी एसेट्स (संपत्ति) मैनेज करते हैं. उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि भारत में आम जनता के पेंशन की बचत को एक अत्यंत पवित्र अमानत माना जाता है. इस वजह से निवेशक पूरी तरह निश्चिंत होकर डेटा सेंटर, एआई, क्वांटम, सेमीकंडक्टर और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भारत के साथ मिलकर वैश्विक स्तर के समाधान तैयार करने के लिए आगे आ सकते हैं। </p>]]> </content:encoded>
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<title>छत्तीसगढ़ में उद्योगों के लिए नया नियम, एक हेक्टेयर भूमि पर लगाने होंगे 2,500 पौधे</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. प्रदेश में उद्योगों को अपने प्रत्येक हेक्टेयर क्षेत्र में न्यूनतम 2,500 पौधे लगाने होंगे। साथ ही त्रि-स्तरीय (थ्री-लेयर) पौधारोपण को बढ़ावा देकर सघन ग्रीन बेल्ट विकसित करने और परिसर के कम से कम 33 प्रतिशत हिस्से को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करना अनिवार्य होगा। राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल ने मानसून 2026 के … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 15:32:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, में, उद्योगों, के, लिए, नया, नियम, एक, हेक्टेयर, भूमि, पर, लगाने, होंगे, 2, 500, पौधे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>प्रदेश में उद्योगों को अपने प्रत्येक हेक्टेयर क्षेत्र में न्यूनतम 2,500 पौधे लगाने होंगे। साथ ही त्रि-स्तरीय (थ्री-लेयर) पौधारोपण को बढ़ावा देकर सघन ग्रीन बेल्ट विकसित करने और परिसर के कम से कम 33 प्रतिशत हिस्से को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करना अनिवार्य होगा।</p>
<p>राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल ने मानसून 2026 के दौरान औद्योगिक इकाइयों में पौधारोपण अभियान को लेकर निर्देश दिए हैं। मंडल के सदस्य सचिव राजू अगसिमनी ने उद्योगों के पौधारोपण कार्यक्रमों की प्रगति, संरक्षण, रखरखाव और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण और उनकी जीवित रहने की दर सुनिश्चित करना भी उद्योगों की जिम्मेदारी है।</p>
<p><strong>बरगद, पीपल, नीम, आम जैसी प्रजातियों का करें उपयोग</strong><br>
बैठक में उद्योगों को बरगद, पीपल, नीम, आम सहित स्थानीय एवं पर्यावरण के अनुकूल प्रजातियों के अधिकाधिक पौधे लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही परिसर के भीतर और बाहर दोनों स्थानों पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण करने पर जोर दिया गया। पर्यावरणीय निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए सभी औद्योगिक इकाइयों को आनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (एनालाइजर) 24 घंटे चालू रखने और प्रत्येक तीन माह में उसका नियमित कैलिब्रेशन कराने के निर्देश भी दिए गए।</p>
<p><strong>छत्तीसगढ़ में 41 प्रतिशत वन आवरण</strong><br>
भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) की 'स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट' के अनुसार, छत्तीसगढ़ के वन आवरण में उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। राज्य में सघन वनों (Very Dense Forests) का क्षेत्र तुलनात्मक रूप से स्थिर है, किंतु मध्यम और खुले वनों के घनत्व में मानवीय हस्तक्षेप, खनन और औद्योगिक विस्तार के कारण प्रभाव पड़ा है। राज्य का कुल वनावरण भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 41 प्रतिशत है। वर्तमान में सरकार द्वारा 'सघन वृक्षारोपण' और 'नगर वन' जैसी योजनाओं से घटते वन घनत्व को संतुलित करने और पारिस्थितिक संतुलन बहाल करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>WhatsApp लाया नया फीचर, अब मिलेगा कॉन्टैक्ट्स के बर्थडे का रिमाइंडर</title>
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<description><![CDATA[ वॉट्सऐप ने अब नया फीचर पेश किया है, जिसकी मदद से सभी को अपकमिंग बर्थडे नोटिफिकेशन्स रिसीव होंगे. इसमें सिर्फ कॉन्टैक्ट लिस्ट में शामिल यूजर्स के आने वाले बर्थडे दिखाई देंगे. इस फीचर की जानकारी Wabetainfo ने अपनी रिपोर्ट में दी है. रिपोर्ट में बताया है कि वॉट्सऐप ने पहले ही एंड्रॉयड बीटा वर्जन 2.24.12.25 … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 15:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>WhatsApp, लाया, नया, फीचर, अब, मिलेगा, कॉन्टैक्ट्स, के, बर्थडे, का, रिमाइंडर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>वॉट्सऐप ने अब नया फीचर पेश किया है, जिसकी मदद से सभी को अपकमिंग बर्थडे नोटिफिकेशन्स रिसीव होंगे. इसमें सिर्फ कॉन्टैक्ट लिस्ट में शामिल यूजर्स के आने वाले बर्थडे दिखाई देंगे. इस फीचर की जानकारी Wabetainfo ने अपनी रिपोर्ट में दी है.</p>
<p>रिपोर्ट में बताया है कि वॉट्सऐप ने पहले ही एंड्रॉयड बीटा वर्जन 2.24.12.25 अपडेट में एक ऐसा फीचर पेश किया था, जिसमें कुछ यूजर्स से उनका जन्म का वर्ष एंटर करने को कहा है.</p>
<p>कंपनी ने यह कदम रेगुलेटरी नियमों का पालन करने के लिए उठाया. अमेरिका के कई राज्यों में ऐसे कानून लागू किए गए हैं, जिनके तहत ऑनलाइन सेवाओं को अपने यूजर्स की आयु कंफर्म करना जरूरी है.</p>
<p>WhatsApp ने कुछ यूजर्स से उनकी जन्मतिथि से जुड़ी जानकारी लेना शुरू किया. कंपनी ने बताया है कि यह जानकारी अन्य यूजर्स को दिखाई नहीं देती. एक बार जन्म वर्ष दर्ज करने के बाद इसे बदला भी नहीं जा सकता. शुरुआत में इस डेटा का इस्तेमाल सिर्फ कानूनी नियमों का पालन करने के लिए किया था.</p>
<p><strong>वॉट्सऐप अब बर्थडे रिमाइंडर भेजेगा</strong><br>
वॉट्सऐप अब इस जानकारी का इस्तेमाल करके एक नए फीचर की तैयारी कर रहा है. Android Beta 2.26.27.3 अपडेट में कंपनी एक ऐसे फीचर पर काम कर रही है, जो यूजर्स को उनके कॉन्टैक्ट्स के जन्मदिन को लेकर अलर्ट देगा.</p>
<p><strong>वॉट्सऐप का बर्थडे सेक्शन कैसे काम करेगा?</strong><br>
वॉट्सऐप एक अलग सेक्शन पर काम कर रहा है, जिसका नाम बर्थडे हो सकता है. बर्थडे सेक्शन में यूजर्स अपने कॉन्टैक्ट्स के आने वाले जन्मदिन देख सकेंगे.  जब किसी कॉन्टैक्ट का जन्मदिन होगा, तो WhatsApp ऐप के अंदर नोटिफिकेशन भेजकर यूजर को इसकी जानकारी देगा.</p>
<p>वॉट्सऐप के अपकमिंग फीचर के बड़े फायदे देखने को मिलेंगे. अलग से कैलेंडर ऐप इस्तेमाल करने या जन्मदिन याद रखने की जरूरत नहीं होगी. बहुत से लोग बर्थडे की शुभकामनाएं वॉट्सऐप के जरिए ही भेजते हैं. इसलिए यह फीचर काफी उपयोगी साबित हो सकता है.</p>
<p><strong>वॉट्सऐप बर्थडे रिमाइंडर कैसे काम करेगा?</strong><br>
वॉट्सऐप पर बर्थडे रिमाइंडर तभी नजर आएगा, जब कोई कॉन्टैक्ट अपनी जन्मतिथि वॉट्सऐप के साथ शेयर करेंगे. वॉट्सऐप ने अभी सभी देशों में जन्मतिथि पूछने का काम शुरू नहीं किया है. ऐसे में अगर किसी यूजर ने अपनी जन्मतिथि दर्ज नहीं की है, तो WhatsApp के पास उसका डेटा नहीं होगा और किसी तरह का रिमाइंडर भी नहीं देगा.</p>
<p>वॉट्सऐप का बर्थडे रिमाइंडर फीचर अभी डेवलपमेंट स्टेज में है. आने वाले दिनों में जब इस फीचर को पेश किया जाएगा, तो प्राइवेसी के लिए भी ऑप्शन होगा. इसकी मदद से यूजर्स चुनिंदा लोगों से अपने बर्थडे को छिपा सकेंगे.</p>]]> </content:encoded>
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<title>अब टंकी भरने पर खुद बंद होगी मोटर, पानी बिजली दोनों बचेंगे</title>
<link>https://atworldnews.in/9401</link>
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<description><![CDATA[ कई घरों में एक ही परेशानी होती है. जैसे ही पानी आता है, किसी को दौड़कर मोटर चालू करनी पड़ता है. फिर कुछ देर बाद टंकी भरने पर मोटर बंद करना भी याद रखना पड़ता है. अगर मोटर बंद करना भूल जाएं तो टंकी से पानी बहने लगता है. इससे पानी और बिजली दोनों की … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 15:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>अब, टंकी, भरने, पर, खुद, बंद, होगी, मोटर, पानी, बिजली, दोनों, बचेंगे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>कई घरों में एक ही परेशानी होती है. जैसे ही पानी आता है, किसी को दौड़कर मोटर चालू करनी पड़ता है. फिर कुछ देर बाद टंकी भरने पर मोटर बंद करना भी याद रखना पड़ता है.</p>
<p>अगर मोटर बंद करना भूल जाएं तो टंकी से पानी बहने लगता है. इससे पानी और बिजली दोनों की बर्बादी होती है. कई बार बिना पानी के मोटर चलने से मोटर खराब भी हो जाती है. सुबह सुबह पानी की टंकी भर गई है वाला अलार्म आपकी नींद भी खराब करता है. इसलिए क्यों ना इसे पूरी तरह ऑटोमेट कर दिया जाए?</p>
<p>अब इस समस्या का समाधान करने वाले डिवाइस तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं. इन्हें Automatic Water Level Controller या Automatic Water Tank Controller कहा जाता है. यह डिवाइस पूरे प्रोसेस को अपने आप संभाल लेता है.</p>
<p>यह डिवाइस आपकी पानी की टंकी और मोटर के साथ लगाया जाता है. टंकी में सेंसर लगाए जाते हैं, जो हर समय पानी का लेवल देखते रहते हैं. जब टंकी में पानी कम हो जाता है, तो कंट्रोलर मोटर को अपने आप चालू कर देता है.</p>
<p>जैसे ही टंकी पूरी भर जाती है, सेंसर कंट्रोलर को सिग्नल भेजते हैं और मोटर अपने आप बंद हो जाती है. ऐसे में आपको बार-बार स्विच ऑन या ऑफ करने की जरूरत नहीं पड़ती.</p>
<p>अगर आपके इलाके में पानी तय समय पर आता है, तो कुछ एडवांस मॉडल पानी की सप्लाई आते ही उसे पहचान लेते हैं. इसके बाद मोटर अपने आप चालू हो जाती है. जैसे ही टंकी भरती है या पानी की सप्लाई बंद होती है, मोटर भी अपने आप बंद हो जाती है. इससे पानी आने का समय देखने की भी जरूरत नहीं रहती.</p>
<p>इस डिवाइस का एक बड़ा फायदा यह भी है कि यह मोटर को ड्राई रन से बचाता है. यानी अगर नीचे की टंकी या बोरवेल में पानी नहीं है, तो कंट्रोलर मोटर चालू ही नहीं होने देता. इससे मोटर जलने का खतरा काफी कम हो जाता है.</p>
<p>आज बाजार में कई तरह के Water Level Controller मिलते हैं. साधारण मॉडल सिर्फ मोटर को ऑटोमैटिक चालू और बंद करते हैं. वहीं स्मार्ट मॉडल मोबाइल ऐप से भी कंट्रोल किए जा सकते हैं. इनमें आप फोन पर देख सकते हैं कि टंकी में कितना पानी है, मोटर चल रही है या नहीं. कुछ मॉडल नोटिफिकेशन भी भेजते हैं और कहीं से भी मोटर कंट्रोल करने की सुविधा देते हैं.</p>
<p>कीमत की बात करें तो नॉर्मल घरों के लिए मिलने वाले बेसिक ऑटोमैटिक वॉटर लेवल कंट्रोलर करीब 700 रुपये से 3,500 रुपये तक मिल जाते हैं. वहीं ऐप और स्मार्ट फीचर वाले प्रीमियम मॉडल की कीमत इससे काफी ज्यादा हो सकती है.</p>
<p>अगर आपके घर में अक्सर पानी ओवरफ्लो हो जाता है, मोटर बंद करना भूल जाते हैं या पानी आने का समय तय नहीं रहता, तो ऐसा डिवाइस काफी काम का साबित हो सकता है. इससे पानी की बर्बादी कम होती है, बिजली की भी बचत होती है और मोटर की लाइफ भी बढ़ सकती है.</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>नजफगढ़ ड्रेन का गंदा पानी साफ करने को सरकार बनाएगी 29 नए डीएसटीपी प्लांट जल्द</title>
<link>https://atworldnews.in/9400</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली सरकार नजफगढ़ ड्रेन के गंदे पानी को ट्रीट करने के लिए कुल 29 डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (डीएसटीपी) बनाने की योजना पर काम कर रही है। इनमें से 13 स्थानों पर डीएसटीपी निर्माण के लिए जल बोर्ड ने टेंडर जारी कर दिए हैं, जबकि बाकी 16 स्थानों पर टेंडर प्रक्रिया जारी है। डीएसटीपी … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 15:01:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>नजफगढ़, ड्रेन, का, गंदा, पानी, साफ, करने, को, सरकार, बनाएगी, नए, डीएसटीपी, प्लांट, जल्द</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
सरकार नजफगढ़ ड्रेन के गंदे पानी को ट्रीट करने के लिए कुल 29 डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (डीएसटीपी) बनाने की योजना पर काम कर रही है। इनमें से 13 स्थानों पर डीएसटीपी निर्माण के लिए जल बोर्ड ने टेंडर जारी कर दिए हैं, जबकि बाकी 16 स्थानों पर टेंडर प्रक्रिया जारी है। डीएसटीपी के निर्माण पर करीब 3500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।</p>
<ul>
<li>    जल बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, नजफगढ़ ड्रेन की कुल लंबाई करीब 57 किलोमीटर है</li>
<li>    अधिकारियों का कहना है कि यमुना में पहुंचने वाली गंदगी का आधा हिस्सा नजफगढ़ ड्रेन से आता है</li>
<li>    यदि ड्रेन के पानी को पूरी तरह ट्रीट कर यमुना में छोड़ा जाए तो काफी हद तक यमुना को साफ किया जा सकता है।</li>
<li>    13 डीएसटीपी के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं</li>
<li>    इन 13 स्थानों पर डीएसटीपी निर्माण के लिए 1043.36 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है। इसके अलावा, 16 अन्य जगहों पर भी डीएसटीपी निर्माण की योजना है, जिस पर करीब 2476 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है</li>
<li>    स्टडी में सामने आया था, यमुना में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण नजफगढ़ ड्रेन</li>
<li>    कुल 29 डीएसटीपी बनाने की योजना पर काम कर रही है सरकार</li>
</ul>
<p><strong>डीएसटीपी बनने से क्या होगा फायदा?</strong><br>
अधिकारियों के मुताबिक, डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (डीएसटीपी) बनने के बाद नालों का गंदा पानी स्थानीय स्तर पर ही साफ किया जाएगा। इससे बिना ट्रीट किया हुआ सीवेज सीधे नजफगढ़ ड्रेन और यमुना में जाने से रोका जा सकेगा। इससे न सिर्फ यमुना के प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में बदबू और गंदगी की समस्या भी कम होगी। साथ ही, ट्रीट किए गए पानी का उपयोग बागवानी, सफाई और अन्य गैर-पीने योग्य कार्यों में भी किया जा सकेगा, जिससे पानी के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>डुमरतराई थोक बाजार से व्यापार एवं राेजगार दोनों को मिलेगा बढ़ावा – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title>
<link>https://atworldnews.in/9399</link>
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<description><![CDATA[ डुमरतराई थोक बाजार से व्यापार एवं राेजगार दोनों को मिलेगा बढ़ावा – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय डुमरतराई थोक बाजार फेस -2 का नामकरण लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर : परिसर में स्थापित होगी 15 फिट ऊंची प्रतिमा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के डुमरतराई में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:32:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>डुमरतराई, थोक, बाजार, से, व्यापार, एवं, राेजगार, दोनों, को, मिलेगा, बढ़ावा, –, मुख्यमंत्री, विष्णु, देव, साय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>डुमरतराई थोक बाजार से व्यापार एवं राेजगार दोनों को मिलेगा बढ़ावा – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</strong></p>
<p><strong>डुमरतराई थोक बाजार फेस -2 का नामकरण लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर : परिसर में स्थापित होगी 15 फिट ऊंची प्रतिमा</strong></p>
<p><strong>रायपुर </strong><br>
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के डुमरतराई में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित नवीन थोक बाजार फेस-2 का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि परिसर का नामकरण लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर किया जाएगा तथा यहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तर्ज पर उनकी 15 फीट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत की मजबूत नींव रखी। उनके नाम पर इस आधुनिक व्यापारिक परिसर का नामकरण राष्ट्र निर्माण में उनके अद्वितीय योगदान के प्रति हमारी विनम्र श्रद्धांजलि है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार और रोजगार एक-दूसरे के पूरक हैं। जहां आधुनिक व्यापारिक अधोसंरचना विकसित होती है, वहां आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होता है, नए निवेश आकर्षित होते हैं और रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। डुमरतराई का यह आधुनिक थोक बाजार रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापार को नई गति देगा तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर लगभग 36 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस अत्याधुनिक परिसर में चौड़ी सड़कें, पर्याप्त पार्किंग, सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था तथा आधुनिक व्यापारिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह व्यापारियों की वर्षों पुरानी आवश्यकता को पूरा करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के साथ-साथ 'ईज ऑफ लिविंग' को भी समान महत्व दे रही है। व्यापार, उद्योग और निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए अनेक सुधार लागू किए गए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की अधोसंरचना विकास परियोजनाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मंडल द्वारा अपनाई गई नई कार्यसंस्कृति और कुशल प्रबंधन विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति देंगे।</p>
<p>आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में व्यापारिक अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में डुमरतराई में आधुनिक थोक बाजार की जो परिकल्पना की गई थी, वह आज साकार हुई है। इससे व्यापारियों को आधुनिक सुविधाएं मिलने के साथ रायपुर की यातायात व्यवस्था भी अधिक सुगम होगी।</p>
<p>छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि नवीन थोक बाजार मंडल की गुणवत्ता, नवाचार और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह परियोजना प्रदेश में व्यापार, निवेश, रोजगार सृजन तथा समग्र आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।</p>
<p>कार्यक्रम में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी, व्यापारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि डुमरतराई थोक बाजार का विकास दो चरणों में किया गया है। प्रथम चरण में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से 536 व्यावसायिक दुकानें एवं हॉल निर्मित किए गए। द्वितीय चरण में लगभग 145 करोड़ रुपये की लागत से 154 स्वतंत्र व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया गया है। दोनों चरणों के पूर्ण होने के साथ प्रदेश को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सर्वसुविधायुक्त थोक व्यापारिक परिसर की सौगात मिली है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>‘जिसे कभी देखा नहीं, उसने मुझे पिता बना लिया’, राजनांदगांव में एक वोट से जीते पार्षद पर नया विवाद</title>
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<description><![CDATA[ खैरागढ़. राजनांदगांव जिले के नगर पंचायत घुमका के वार्ड क्रमांक-14 से महज एक वोट से चुनाव जीतने वाले पार्षद संतोष गंधर्व की पहचान और जाति प्रमाण पत्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। खैरागढ़ जिले के ग्राम सिरसाही निवासी जगन्नाथ गंधर्व ने ठेलकाडीह थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि संतोष उनका … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:32:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>‘जिसे, कभी, देखा, नहीं, उसने, मुझे, पिता, बना, लिया’, राजनांदगांव, में, एक, वोट, से, जीते, पार्षद, पर, नया, विवाद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>खैरागढ़.</strong></p>
<p>राजनांदगांव जिले के नगर पंचायत घुमका के वार्ड क्रमांक-14 से महज एक वोट से चुनाव जीतने वाले पार्षद संतोष गंधर्व की पहचान और जाति प्रमाण पत्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। खैरागढ़ जिले के ग्राम सिरसाही निवासी जगन्नाथ गंधर्व ने ठेलकाडीह थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि संतोष उनका पुत्र नहीं है।</p>
<p>इसके बावजूद कथित रूप से उनका नाम पिता के रूप में दर्ज कर दस्तावेज तैयार कराए गए और अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग का जाति प्रमाण पत्र बनवाकर आरक्षित सीट से चुनाव लड़ा गया। दूसरी ओर, संतोष गंधर्व ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि बचपन से लेकर आज तक उनके सभी सरकारी और शैक्षणिक दस्तावेजों में जगन्नाथ गंधर्व का ही नाम पिता के रूप में दर्ज है और चुनाव हारने वाले लोग राजनीतिक साजिश के तहत विवाद खड़ा कर रहे हैं।</p>
<p><strong>शिकायतकर्ता का दावा</strong><br>
शिकायतकर्ता जगन्नाथ गंधर्व के मुताबिक, उन्हें पूरे मामले की जानकारी तब मिली, जब घुमका से कुछ लोग उनके गांव सिरसाही पहुंचे और पूछा कि क्या संतोष उनका बेटा है। इसके बाद उन्हें पता चला कि उनके नाम से जुड़े पुराने स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर दस्तावेज निकाले गए और उन्हीं का उपयोग जाति प्रमाण पत्र बनवाने में किया गया। उनका दावा है कि उन्होंने कभी संतोष को अपना पुत्र नहीं माना और न ही वे उसे जानते हैं। उन्होंने पुलिस से जन्म रिकॉर्ड, परिवार रजिस्टर, स्कूल दस्तावेज, जाति प्रमाण पत्र और अन्य अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।</p>
<p><strong>चुनाव जीतने के बाद विवाद खड़ा होना राजनीतिक साजिश का हिस्सा- पार्षद</strong><br>
वहीं संतोष गंधर्व का कहना है कि उनकी मां और जगन्नाथ गंधर्व का विवाह हुआ था, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। उनके अनुसार, परिवार में तीन भाई और दो बहन हैं तथा बचपन से आधार कार्ड, राशन कार्ड, स्कूल रिकॉर्ड सहित सभी दस्तावेजों में जगन्नाथ गंधर्व का नाम ही पिता के रूप में दर्ज है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी कोई फर्जी दस्तावेज नहीं बनवाया और यदि रिकॉर्ड गलत होता तो वर्षों पहले ही उस पर आपत्ति उठ जाती। अब चुनाव जीतने के बाद विवाद खड़ा होना राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्कूल से दस्तावेज गलत जानकारी देकर हासिल किए गए, जबकि संतोष का कहना है कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन को लिखित आवेदन देकर चुनाव लड़ने की जानकारी दी थी और पहचान के लिए आधार कार्ड भी प्रस्तुत किया था। उनका कहना है कि ठेलकाडीह पुलिस उनका बयान दर्ज कर चुकी है और उन्होंने जांच में पूरा सहयोग दिया है।</p>
<p><strong>एक वोट की जीत के बाद बढ़ा विवाद</strong><br>
संतोष गंधर्व वार्ड क्रमांक-14 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में केवल एक वोट के अंतर से चुनाव जीते थे। उनका आरोप है कि चुनाव में हार का सामना करने वाले लोग अब इस मामले को राजनीतिक रंग देकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने पुलिस के साथ-साथ अन्य वैधानिक स्तर पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है।</p>
<p><strong>दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग</strong><br>
फिलहाल दोनों पक्षों के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। एक ओर शिकायतकर्ता स्वयं को संतोष का पिता मानने से इनकार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर संतोष का दावा है कि बचपन से सभी सरकारी दस्तावेजों में वही उनके पिता के रूप में दर्ज हैं। ऐसे में अब पुलिस जांच, जन्म संबंधी रिकॉर्ड, परिवार रजिस्टर, पुराने स्कूल अभिलेख, जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया और चुनाव में प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामला फर्जी पहचान और दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग का है या फिर चुनावी जीत के बाद उभरा एक पुराना पारिवारिक विवाद। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>पाकिस्तानी बिरयानी के सीक्रेट मसाले, आलू बुखारा और स्वाद का अनोखा राज</title>
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<description><![CDATA[  बिरयानी ऐसी डिश है जो हर किसी को पसंद होती है. ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म हों या फिर रेस्टोरेंट, हर जगह बिरयानी की डिमांड सबसे ज्यादा होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं पाकिस्तानी बिरयानी का स्वाद इंडियन बिरयानी से काफी अलग और तेज होता है. पाकिस्तान के मशहूर फूड एक्सपर्ट्स और शेफ का मानना … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:31:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>पाकिस्तानी, बिरयानी, के, सीक्रेट, मसाले, आलू, बुखारा, और, स्वाद, का, अनोखा, राज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> बिरयानी ऐसी डिश है जो हर किसी को पसंद होती है. ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म हों या फिर रेस्टोरेंट, हर जगह बिरयानी की डिमांड सबसे ज्यादा होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं पाकिस्तानी बिरयानी का स्वाद इंडियन बिरयानी से काफी अलग और तेज होता है. पाकिस्तान के मशहूर फूड एक्सपर्ट्स और शेफ का मानना है कि वहां की बिरयानी में इस्तेमाल होने वाले मसाले और कुछ खास इंग्रीडिएंट्स ही इसे 'देगी' स्वाद देते हैं.</p>
<p>इंडियन बिरयानी जहां अपनी खुशबू और स्वाद के लिए जानी जाती है, वहीं पाकिस्तानी बिरयानी अपने चटपटे और मसालेदार प्रोफाइल के लिए मशहूर है. इस बिरयानी की सबसे बड़ी खासियत इसका मसाला और उसमें डलने वाली खटास है जो इसे बाकी डिशेज से बिल्कुल अलग खड़ा करती है.</p>
<p><strong>क्यों खास है पाकिस्तानी बिरयानी का 'सीक्रेट मसाला'?</strong><br>
पाकिस्तानी कुकिंग की दुनिया में मसालों का सही संतुलन ही सबसे बड़ी क्वालिटी है. बिरयानी हाउस डॉर्ड्रेक्ट, पाकिस्तानी बिरयानी में गरम मसाला, लाल मिर्च और ताजे टमाटरों का इस्तेमाल बहुत ज्यादा किया जाता है.</p>
<p>शेफ का कहना है कि वहां की बिरयानी में आलू बुखारा (Dried plums) डालना एक जरूरी स्टेप है. यह छोटा सा फल बिरयानी में एक हल्का सा खट्टापन लाता है जो मसालेदार ग्रेवी के साथ मिलकर स्वाद को बैलेंस कर देता है. इसके अलावा बिरयानी में बिरिस्ता यानी कुरकुरी तली हुई प्याज का इस्तेमाल बहुत जरूरी है जो डिश में मिठास और टेक्सचर का बेहतरीन कॉम्बिनेशन जोड़ती है.</p>
<p><strong>कैसे तैयार होती है यह चटपटी बिरयानी?</strong><br>
अगर आप एक ऑथेंटिक पाकिस्तानी स्टाइल बिरयानी बनाना चाहते हैं तो इसके लिए प्रोसेस बहुत मायने रखता है. शालामार फूड्स की वेबसाइट के मुताबिक, पाकिस्तानी बिरयानी में चिकन को पहले मैरीनेट करना होता है जिसमें चिकन को गाढ़े दही, अदरक-लहसुन पेस्ट और बिरयानी मसाले के साथ कुछ घंटों तक मैरीनेट किया जाता है.</p>
<p>फिर उसे भूनकर एक थिक ग्रेवी तैयार की जाती है. सबसे खास बात यह है कि वहां चावल और मसाले वाली चिकन की परतें लगाते समय केवड़ा वाटर या बिरयानी एसेंस की कुछ बूंदें डाली जाती हैं जो डिश को एक रॉयल खुशबू देती हैं.</p>
<p>दम लगाने का तरीका भी वहां बहुत पेशेंस वाला होता है, जहां धीमी आंच पर भाप में चावल और चिकन का फ्लेवर पूरी तरह घुल-मिल जाता है.</p>
<p><strong>इंडिया और पाकिस्तान की बिरयानी में अंतर</strong><br>
अक्सर लोग इंडियन और पाकिस्तानी बिरयानी में कन्फ्यूज हो जाते हैं. अगर आप एक्सपर्ट्स की मानें तो हैदराबाद की बिरयानी अपने दम और खुशबू के लिए जानी जाती है जबकि पाकिस्तानी बिरयानी अपने मसाला-रिच टेस्ट के लिए पहचानी जाती है. इसके अलावा वहां बिरयानी में डाला जाने वाला आलू बुखारा सबसे अलग स्वाद देता है.</p>
<p>पाकिस्तान में बिरयानी को कभी भी बोल में सर्व नहीं किया जाता, इसे हमेशा बड़े प्लैटर (थाली) में परोसा जाता है ताकि चावल के दाने टूटें नहीं. वहां लोग बिरयानी को रायते और ग्रीन चिली सालसा के साथ खाना पसंद करते हैं.</p>]]> </content:encoded>
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<title>OpenAI ने लॉन्च किए नए AI मॉडल, ChatGPT अब करेगा ज्यादा नेचुरल बातचीत</title>
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<description><![CDATA[ चैटजीपीटी मेकर OpenAI ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है. कंपनी ने अब अपने न्यू कन्वर्सेशनल AI मॉडल GPT-Live-1 और GPT-Live-1 mini को लॉन्च कर दिया है.  कंपनी ने बताया है कि अब चैटजीपीटी ज्यादा नेचुरल तरीके से कन्वर्सेशन कर पाएगा. ये जानकारी टेक क्रंच ने अपनी रिपोर्ट में दी है. हिंदी ट्रांसलेशन में यह … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:31:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>OpenAI, ने, लॉन्च, किए, नए, मॉडल, ChatGPT, अब, करेगा, ज्यादा, नेचुरल, बातचीत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>चैटजीपीटी मेकर OpenAI ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है. कंपनी ने अब अपने न्यू कन्वर्सेशनल AI मॉडल GPT-Live-1 और GPT-Live-1 mini को लॉन्च कर दिया है.  कंपनी ने बताया है कि अब चैटजीपीटी ज्यादा नेचुरल तरीके से कन्वर्सेशन कर पाएगा. ये जानकारी टेक क्रंच ने अपनी रिपोर्ट में दी है. हिंदी ट्रांसलेशन में यह मॉडल थोड़ा कमजोर नजर आता है.</p>
<p>कंपनी ने बताया कि नए मॉडल उन परेशानियों को दूर करेंगे, जिनकी वजह से यूजर्स को परेशानी हो रही थी. AI यूजर की बात पूरी होने से पहले ही जवाब देना शुरू कर देता था या मुश्किल सवालों के सही जवाब नहीं दे पाता था.</p>
<p>अब नया वॉयस मोड आ गया है, जो बातचीत जारी रखते हुए जरूरत पड़ने पर GPT-5.5 जैसे मॉडल का भी इस्तेमाल कर सकेगा. अब लेटेस्ट मॉडल का इस्तेमाल सर्च, रीजनिंग और एजेंटिक टास्क के लिए किया जाएगा.</p>
<p><strong>डेमो के दौरान दिखाई दी कमजोर हिंदी</strong><br>
वॉयस मोड अभी पूरी तरह परफेक्ट नहीं है. डेमो के दौरान जब कंपनी ने हिंदी में लाइव ट्रांसलेशन फीचर दिखाया, तो AI असिस्टेंट की आवाज़ में अमेरिकी लहजा साफ सुनाई दिया.  हिंदी काफी अप्राकृतिक और थोड़ी किताबी भाषा लगी.</p>
<p><strong>दो नए AI मॉडल लॉन्च हुए</strong><br>
OpenAI ने नए कन्वर्सेशनल AI मॉडल GPT-Live-1 और GPT-Live-1 mini लॉन्च किए हैं. कंपनी ने दावा किया है कि ये मॉडल पहले के मुकाबले ज्यादा नेचुरल आवाज में बात करने की काबिलियत रखते हैं. साथ ही उस बातचीत में पूछे गए सवालों को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं और उनका जवाब भी दे सकते हैं.</p>
<p><strong>फुल-डुप्लेक्स मॉडल</strong><br>
कंपनी ने बताया है कि ये फुल-डुप्लेक्स मॉडल हैं, जिसका मतलब है कि ये एक साथ सुन सकते हैं और बोल भी सकते हैं. फुल-डुप्लेक्स इंसानों की तरह नेचुरल बातचीत कर सकती है. इससे यूजर बीच में बात काटकर सवाल पूछ सकते हैं साथ ही लाइव ट्रांसलेशन जैसे फीचर्स को भी बेहतर तरीके से कंप्लीट कर सकते हें.</p>
<p><strong>अब डिफॉल्ट रूप से रिप्लेस होगा</strong><br>
OpenAI ने ऐलान किया है कि चैटजीपीटी का मौजूदा एडवांस्ड वॉयस मोड अब डिफॉल्ट रूप से न्यू मॉडल GPT-Live-1 mini से रिप्लेस किया जाएगा. वहीं, पेड सब्सक्रिप्शन वाले यूजर्स को ज्यादा पावरफुल GPT-Live-1 मॉडल का एक्सेस मिलेगा.</p>
<p>OpenAI ने डेमो के दौरान दिखाया कि नया मॉडल लंबे समय तक बिना बोले बातचीत का संदर्भ समझ सकता है और जरूरत पड़ने पर ही जवाब देता है. न्यू GPT मॉडल से जुड़े होने के कारण यह कुछ जानकारियों को विजुअल फॉर्मेट में भी दिखाने के काबिलियत रखता है.</p>
<p>OpenAI ने बताया है कि ChatGPT के नए वॉयस मोड को खासकर लंबी बातचीत के लिए तैयार किया गया है. कंपनी ने बताया है कि भविष्य में वॉयस कंप्यूटिंग का जरूरी इटरफेस बन सकती है.</p>]]> </content:encoded>
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<title>गेहूं के आटे का दानेदार शीरा बनाने की हलवाई वाली आसान सीक्रेट रेसिपी</title>
<link>https://atworldnews.in/9395</link>
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<description><![CDATA[ मीठे के शौकीनों के घर में अक्सर गाजर का हलवा, सूजी का हलवा या मूंग दाल का हलवा बनता ही रहता है. लेकिन क्या आपने कभी गेहूं के आटे से बना एकदम दानेदार, खुशबूदार और मुंह में घुल जाने वाला शीरा चखा है? कई बार लोग शिकायत करते हैं कि घर पर आटे का हलवा … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>गेहूं, के, आटे, का, दानेदार, शीरा, बनाने, की, हलवाई, वाली, आसान, सीक्रेट, रेसिपी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>मीठे के शौकीनों के घर में अक्सर गाजर का हलवा, सूजी का हलवा या मूंग दाल का हलवा बनता ही रहता है. लेकिन क्या आपने कभी गेहूं के आटे से बना एकदम दानेदार, खुशबूदार और मुंह में घुल जाने वाला शीरा चखा है? कई बार लोग शिकायत करते हैं कि घर पर आटे का हलवा बनाते समय उसमें गाठें पड़ जाती हैं या वह चिपचिपा हो जाता है.</p>
<p>लेकिन अगर इसे सही माप और सही तकनीक के साथ बनाया जाए, तो इसका दानेदार टेक्सचर और शुद्ध देसी घी की महक किसी भी महंगी मिठाई को मात दे सकती है. आज हम आपको आटे का एकदम परफेक्ट, दानेदार शीरा बनाने की वो सीक्रेट ट्रिक्स और आसान रेसिपी बताने जा रहे हैं, जिससे आपका हलवा हर बार एकदम हलवाई जैसा लाजवाब बनेगा.</p>
<p><strong>आवश्यक सामग्री</strong><br>
गेहूं का आटा: 1 कप (अगर थोड़ा मोटा पिसा हो तो सबसे अच्छा, नहीं तो सामान्य आटा लें)</p>
<p>सूजी : 1 बड़ा चम्मच (आटे को बेहतरीन दानेदार टेक्सचर देने के लिए)</p>
<p>शुद्ध देसी घी: 3/4 कप</p>
<p>चीनी: 3/4 कप (या स्वादानुसार)</p>
<p>गर्म पानी: 2.5 कप (ढाई कप)</p>
<p>इलायची पाउडर: 1 छोटा चम्मच</p>
<p>कटे हुए ड्राई फ्रूट्स: 2 बड़े चम्मच (काजू, बादाम, पिस्ता)</p>
<p><strong>बनाने की विधि</strong><br>
सबसे पहले एक सॉसपैन में ढाई कप पानी लें और उसे गर्म होने के लिए गैस पर रख दें. पानी को उबालना नहीं है, बस अच्छा तेज गर्म (गुनगुना) करना है.</p>
<p>एक भारी तले की कड़ाही में 2 चम्मच देसी घी डालें. घी गर्म होने पर इसमें कटे हुए काजू और बादाम डालकर हल्का सुनहरा होने तक भून लें. इन्हें एक प्लेट में निकाल कर अलग रख लें.</p>
<p>अब उसी कड़ाही में बचा हुआ सारा देसी घी डाल दें. घी पिघलने पर इसमें 1 कप गेहूं का आटा और 1 चम्मच सूजी डालें. गैस की आंच को बिल्कुल धीमा कर दें.</p>
<p>आटे और घी के मिश्रण को कलछी से लगातार चलाते हुए धीमी आंच पर भूनें. इसे तब तक भूनना है जब तक कि आटे का रंग हल्का बादामी न हो जाए और उसमें से घी अलग न होने लगे. इस दौरान पूरे किचन में घी और भुने आटे की बेहतरीन खुशबू आने लगेगी. इसमें करीब 8-10 मिनट का समय लगेगा.</p>
<p>जब आटा अच्छी तरह भून जाए, तो गैस की आंच को एकदम धीमा ही रखें. अब एक हाथ से धीरे-धीरे गर्म पानी कड़ाही में डालें और दूसरे हाथ से कलछी को लगातार और तेजी से चलाते रहें. ऐसा करने से आटे में एक भी गांठ नहीं पड़ेगी.</p>
<p>आटे को पानी के साथ लगातार चलाते हुए मध्यम आंच पर तब तक पकाएं जब तक कि आटा सारा पानी पूरी तरह से सोख न ले और मिश्रण गाढ़ा होकर कड़ाही के किनारे न छोड़ने लगे.</p>
<p>जब पानी पूरी तरह सूख जाए, तब इसमें 3/4 कप चीनी और भुने हुए ड्राई फ्रूट्स डालें. चीनी डालने के बाद हलवा एक बार फिर से थोड़ा सा गीला और चमकदार होने लगेगा. इसे लगातार चलाते हुए 2-3 मिनट और पकाएं जब तक कि चीनी पूरी तरह से घुल न जाए.</p>
<p>आखिरी में इसमें 1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर डालें और अच्छी तरह मिक्स करें. जब शीरा पूरी तरह से कड़ाही का तला छोड़ने लगे और उसके किनारों से घी अलग होता हुआ दिखाई दे, तो समझें आपका शीरा तैयार है.</p>
<p>गैस बंद करें और गरमा-गरम दानेदार आटे के शीरे को कतरन वाले पिस्ते से गार्निश करके सर्व करें. स्वाद और खुशबू दोनों में यह जबरदस्त लगेगा.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दिल्ली&#45;NCR में बारिश से हाल बेहाल! नोएडा&#45;गुरुग्राम की सड़कें जलमग्न, कई जगह लंबा ट्रैफिक जाम</title>
<link>https://atworldnews.in/9394</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली/गुरुग्राम दिल्ली और गुरुग्राम वो शहर हैं जहां का रियल एस्टेट मार्केट देशभर के सबसे महंगे मार्केट्स में एक माना जाता है. खासकर गुरुग्राम में कई सुपर लग्जरी सोसायटीज बनी हैं, जहां घरों की कीमतें 100 करोड़ तक हैं. यहां एक अपार्टमेंट बिकता है तो देश भर में सुर्खियां बनती हैं, लेकिन मॉनसून की … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:31:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली-NCR, में, बारिश, से, हाल, बेहाल, नोएडा-गुरुग्राम, की, सड़कें, जलमग्न, कई, जगह, लंबा, ट्रैफिक, जाम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली/गुरुग्राम</strong><br>
दिल्ली और गुरुग्राम वो शहर हैं जहां का रियल एस्टेट मार्केट देशभर के सबसे महंगे मार्केट्स में एक माना जाता है. खासकर गुरुग्राम में कई सुपर लग्जरी सोसायटीज बनी हैं, जहां घरों की कीमतें 100 करोड़ तक हैं. यहां एक अपार्टमेंट बिकता है तो देश भर में सुर्खियां बनती हैं, लेकिन मॉनसून की पहली बारिश में ही ये शहर लाचार दिखते हैं। </p>
<p>लोग घंटों तक अपनी गाड़ियों में बैठे ट्रैफिक की भीड़ से जूझते हैं. जिस दिल्ली-एनसीआर में लोग अपनी जिंदगी भर की कमाई लगाकर करोड़ों रुपये के घर खरीदते हैं, वहां पहली बारिश के बाद सबसे बड़ा सवाल यह क्यों बन जाता है कि 'आज घर सुरक्षित कैसे पहुंचेंगे?'बारिश के बाद नदियों में तब्दील होती सड़कें, पानी में आधी डूबी गाड़ियां और घंटों लंबे ट्रैफिक जाम अब दिल्ली- गुरुग्राम की एक स्थायी पहचान बनते जा रहे हैं।  </p>
<p> दिल्ली में 9 जुलाई की सुबह करीब 3 घंटे में काफी ज्यादा पानी बरसा है. सुबह ढ़ाई बजे से सुबह साढ़े 5 बजे तक कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई. वहीं अभी भी आईएमडी ने पूरे दिन भारी बारिश का अनुमान जताया है. गुरुवार को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, सोनीपत, बागपत सहित कई शहरों में मॉडरेट बारिश होने का अनुमान है। </p>
<p>आईएमडी के अनुसार बारिश के साथ गरज-चमक (Thunderstorm) और बिजली गिरने की भी आशंका है. खासतौर पर साउथ ईस्ट, ईस्ट, शाहदरा, सेंट्रल, नॉर्थ ईस्ट, साउथ, न्यू दिल्ली, साउथ वेस्ट, वेस्ट, नॉर्थ वेस्ट और नॉर्थ दिल्ली में भीषण बार‍िश हो रही है. सुबह 7:15 बजे से 10:15 बजे तक भारी बार‍िश का अनुमान है. कई निचले इलाकों और अंडरपास में जलभराव भी हो गया है। </p>
<p>दिल्ली एनसीआर में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जहां प्रदूषण और गर्मी से राहत मिली है वहीं ज्यादा पानी बरसने और उसकी पर्याप्त निकासी न होने से कई इलाकों में जलभराव हो गया है. सड़कों पर घुटनों तक पानी जमा है. हाईवे से लेकर आम सड़कों पर ट्रैफिक धीमा हो गया है। </p>
<p>वहीं मौसम विभाग ने अगले दो घंटों के लिए भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. आईएमडी के मुताबिक दिल्ली, NCR, गन्नौर, सोनीपत, खरखोदा (हरियाणा), बरौत, बागपत, खेकड़ा (यूपी) में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ हल्की बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। </p>
<p>डॉ.सुप्तेंदु पी बिश्वास कहते हैं- 'अर्बन टाउन प्लानिंग का मतलब केवल ऊंची-ऊंची इमारतें खड़ी करना या चमचमाती सड़कें बनाना नहीं है. इसका सबसे पहला और बुनियादी सिद्धांत है संसाधनों का सही और न्यायसंगत वितरण. प्लानिंग का मुख्य काम यह तय करना होता है कि आज से 20 या 30 साल बाद कोई शहर कैसा दिखेगा. वहां कितनी आबादी बढ़ेगी, लोग कहां रहेंगे, कहां नौकरियां करेंगे, उनके मनोरंजन के साधन क्या होंगे, सड़कों की चौड़ाई और वाहनों का अनुपात क्या होगा. इन सबसे ऊपर, अर्बन प्लानिंग का अंतिम उद्देश्य नागरिकों के 'क्वालिटी ऑफ लाइफ' यानी जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना होता है। </p>
<p>भारतीय शहरों, विशेषकर गुरुग्राम की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि यहां डेवलपमेंट पहले होता है और अर्बन प्लानिंग उसके पीछे-पीछे भागती है. बिल्डरों ने जमीनें खरीदीं, गगनचुंबी सोसायटियां और बड़े-बड़े कमर्शियल कॉम्प्लेक्स खड़े कर दिए, लेकिन उन इमारतों से निकलने वाले सीवेज, बारिश के पानी की निकासी और सार्वजनिक परिवहन जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए कोई दूरदर्शी योजना नहीं बनाई गई. जब विकास बिना किसी मास्टर प्लान के होता है, तो उसका नतीजा वही होता है जो आज हम गुरुग्राम की सड़कों पर देख रहे हैं। </p>
<p><strong>यह प्राकृतिक नहीं, 'मैनमेड डिजास्टर' है</strong></p>
<p>अक्सर सरकारें और प्रशासन जलभराव को 'प्राकृतिक आपदा' या 'अत्याधिक बारिश' का बहाना बनाकर टाल देते हैं, लेकिन डॉ. विश्वास ने आंकड़ों के साथ इस तर्क को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने बताया कि दिल्ली-एनसीआर और गुरुग्राम के क्षेत्र में सालाना औसतन केवल 500 से 650 मिलीमीटर बारिश होती है. यदि हम भारत के दूसरे शहरों से इसकी तुलना करें, जैसे केरल के कोच्चि में, तो वहां सालाना लगभग 3000 मिलीमीटर तक बारिश होती है. जब कोच्चि जैसे शहर इतनी भारी बारिश को संभाल सकते हैं, तो गुरुग्राम जैसी जगह मात्र 600 मिमी बारिश में भी पूरी तरह ठप क्यों हो जाती है?</p>
<p>सुप्तेंदु पी बिश्वास कहते हैं 'अगर हम आज से 40-50 साल पहले के गुरुग्राम को देखें, तो वहां कभी ऐसी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनती थी. इसका कारण यह था कि तब शहर में प्राकृतिक जल निकासी की व्यवस्था थी. अरावली की पहाड़ियों से जो पानी नीचे आता था, वह प्राकृतिक ढलान के सहारे जोहड़ और प्राकृतिक नालों से होते हुए शहर से बाहर निकल जाता था, लेकिन आधुनिक विकास की अंधी दौड़ में हमने इन प्राकृतिक संपदाओं को नष्ट कर दिया। </p>
<p><strong>बारिश ने किया बेहाल</strong><br>
उदाहरण के लिए, गुरुग्राम का मशहूर गोल्फ कोर्स रोड और उसके आसपास का पूरा चमचमाता इंफ्रास्ट्रक्चर सीधे उन प्राकृतिक नदी-नालों के ऊपर बना दिया गया है जो पानी के मुख्य रास्ते थे, जब आपने पानी का रास्ता ही ब्लॉक कर दिया, तो वह सड़कों और सोसायटियों के अंदर ही भरेगा। </p>
<p>पानी का एक सीधा और प्राकृतिक नियम है उसे बहने के लिए रास्ता और जमीन में समाने के लिए जगह चाहिए. अर्बन प्लानिंग की भाषा में इसे 'सोकिंग' कहा जाता है, पहले गुरुग्राम में बड़े पैमाने पर कृषि भूमि और खुला क्षेत्र होता था, जहां बारिश का पानी जमीन के अंदर चला जाता था, इससे दो फायदे होते थे सड़कों पर पानी नहीं जमता था और भूजल स्तर रिचार्ज होता था. लेकिन आज पूरे शहर को कंक्रीट और डामर से पूरी तरह पाट दिया गया है. मिट्टी बची ही नहीं है, जिससे पानी जमीन के भीतर नहीं जा पाता और वह सतह पर जमा होकर बाढ़ का रूप ले लेता है। </p>
<p><strong>दुबई बनाम भारतीय शहर: क्यों यह तुलना पूरी तरह गलत है?</strong><br>
जब भी भारत के किसी शहर में बाढ़ आती है, तो सोशल मीडिया और मीडिया के एक वर्ग में तुरंत दुबई या अन्य विदेशी शहरों का उदाहरण दिया जाने लगता है कि "देखिए, दुबई में भी तो बारिश में सड़कें डूब गई थीं." लेकिन डॉ. विश्वास कहते हैं दुबई जैसे मिडल-ईस्ट के शहरों से हमारे शहरों की तुलना करना पूरी तरह से अनुचित और गलत है. इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं पहला, भारतीय शहरों पर जनसंख्या का अत्यधिक दबाव है, जिसकी तुलना दुबई से कभी नहीं की जा सकती, दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण यह है कि दुबई जैसे मरुस्थलीय देश बारिश के लिए कभी तैयार नहीं थे क्योंकि वहां ऐसा मौसम दशकों में एक बार होता है। </p>
<p>दुबई के पास ड्रेनेज सिस्टम न होने का एक भौगोलिक कारण था, फिर भी उन्होंने बहुत कम समय में अपने सिस्टम को रेक्टिफाई कर लिया, इसके विपरीत, भारत में मानसून कोई अचानक आने वाली घटना नहीं है. यह एक वार्षिक चक्र है, जिसके आने की तारीख और महीना सबको पहले से पता होता है, इसके बावजूद हर साल वही घुटनों तक नाले जैसा गंदा पानी सड़कों पर दिखना, हमारी प्रशासनिक लापरवाही और लाचारी को दर्शाता है। तो क्या अब इस स्थिति को कभी सुधारा नहीं जा सकता? डॉ. विश्वास का मानना है कि स्थिति को निश्चित रूप से बेहतर किया जा सकता है, बशर्ते हम पारंपरिक और गलत इंजीनियरिंग सोच को बदलें, उन्होंने इसके लिए कुछ बेहद महत्वपूर्ण और व्यावहारिक उपाय सुझाए हैं। </p>
<p><strong>'सॉफ्ट ड्रेन'  का कॉन्सेप्ट अपनाना</strong><br>
सुप्तेंदु कहते हैं 'अभी तक हमारे देश में लोक निर्माण विभाग (PWD) और नगर निगम के इंजीनियर्स ड्रेनेज सिस्टम को केवल एक 'इंजीनियरिंग एक्सरसाइज' मानते हैं. उनका पूरा ध्यान इस बात पर होता है कि कंक्रीट के पक्के नाले बनाकर पानी को कितनी तेजी से आगे बढ़ाया जाए. यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप एक फ्लाईओवर से अपनी गाड़ी बहुत तेजी से भगाकर ले जाएं, लेकिन आगे जाकर एक बड़े रेड लाइट या संकरे रास्ते पर ट्रैफिक जाम में फंस जाएं. कंक्रीट के नालों में पानी तेजी से बहता है और आगे जाकर जहां रास्ता संकरा होता है, वहां भयानक जलभराव कर देता है। </p>
<p> </p>
<p>जबकि हरियाणा के यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, नरवाना, करनाल, राजौंद, असंध, सफीदों, बरवाला, जींद, पानीपत, गोहाना, रोहतक, सोहाना, पलवल, नूह और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, गंगोह, देवबंद, नजीबाबाद, शामली, मुजफ्फरनगर, कंधला, बिजनौर, खतौली, सकौती टांडा, हस्तिनापुर, चंदपुर, दौड़ाला, मेरठ, मोदी नगर, किठौर, अमरोहा, गढ़मुक्तेश्वर, पिलखुवा, हापुड़, गुलौती, सियाना, संभल, सिकंदराबाद, बुलंदशहर, जहांगीराबाद, अनूपशहर, बहजोई, शिकारपुर, खुर्जा, पहासु, देबाई, नरोरा, गभाना, जट्टारी, अतरौली, खैर, अलीगढ़, इगलास, सिकंदरा राव, हाथरस, जलेसर आदि इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ हल्की गरज और बिजली चमकने की संभावना है। </p>
<p><strong>भारी बारिश हो देखते हुए IMD ने दी सलाह </strong></p>
<p><strong>    जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें<br>
    पेड़ों और कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लें<br>
    बारिश के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं<br>
    बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें<br>
    खुले में रखी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें<br>
    खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करें<br>
    रेल, सड़क और हवाई यात्रा में संभावित देरी को ध्यान में रखें<br>
    नालों की नियमित सफाई और जल निकासी सुनिश्चित करें</strong></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>रायपुर : कर्मचारियों की गरिमा और आर्थिक सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी पहल</title>
<link>https://atworldnews.in/9393</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर : कर्मचारियों की गरिमा और आर्थिक सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी पहल शासकीय सेवकों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना का शुभारंभ आकस्मिक जरूरतों के लिए अब ऊंची ब्याज दर पर ऋण लेने की आवश्यकता नहीं होगी  ई-कोष से एकीकृत डिजिटल व्यवस्था से मिलेगा त्वरित लाभ रायपुर मुख्यमंत्री … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:32:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>रायपुर, कर्मचारियों, की, गरिमा, और, आर्थिक, सुरक्षा, के, लिए, मुख्यमंत्री, विष्णु, देव, साय, की, बड़ी, पहल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर : कर्मचारियों की गरिमा और आर्थिक सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी पहल</strong></p>
<p><strong>शासकीय सेवकों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना का शुभारंभ</strong></p>
<p><strong>आकस्मिक जरूरतों के लिए अब ऊंची ब्याज दर पर ऋण लेने की आवश्यकता नहीं होगी </strong></p>
<p><strong>ई-कोष से एकीकृत डिजिटल व्यवस्था से मिलेगा त्वरित लाभ</strong></p>
<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन के सभागार में राज्य के शासकीय सेवकों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना के ब्रोशर का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इसे कर्मचारी कल्याण, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य शासकीय सेवकों को आकस्मिक परिस्थितियों में सम्मानजनक, त्वरित और सहज वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।</p>
<p><strong>शासकीय सेवकों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना का शुभारंभ</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासकीय सेवक राज्य के विकास की रीढ़ हैं। जब कर्मचारी आर्थिक चिंताओं से मुक्त होकर कार्य करेंगे, तभी शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारियों को आकस्मिक आवश्यकताओं के लिए निजी साहूकारों अथवा ऊंची ब्याज दरों पर ऋण लेने की विवशता का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था विकसित की है, जिसके माध्यम से वे बिना अनावश्यक कागजी प्रक्रिया के अपनी पात्रता के अनुसार अल्पावधि ऋण प्राप्त कर सकेंगे।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त विभाग ने सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग करते हुए इस सुविधा को ई-कोष प्रणाली से एकीकृत किया है। यह व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल, पेपरलेस, सुरक्षित और पारदर्शी है तथा इससे राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं आएगा। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए वित्त विभाग की टीम को बधाई देते हुए सभी शासकीय सेवकों से विकसित छत्तीसगढ़ और सुशासन के संकल्प को आगे बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।</p>
<p>वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासनिक सुधारों और कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने के बाद अब वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना प्रारंभ की गई है, जिससे तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए बिना ब्याज वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि पायलट चरण के मात्र दो माह में 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने पंजीयन कराया है तथा 27 हजार कर्मचारी इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर अधिक राशि के ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने की भी योजना है।</p>
<p>छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना कर्मचारियों की लंबे समय से महसूस की जा रही आवश्यकता को पूरा करेगी तथा आकस्मिक परिस्थितियों में उन्हें सम्मानजनक और त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि यह सुविधा ई-कोष प्रणाली से एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होगी। कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ई-केवाईसी, डिजिटल प्रमाणीकरण एवं सहमति की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ऋण स्वीकृति एवं वितरण त्वरित रूप से किया जाएगा। वित्त विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार पूरी व्यवस्था में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता तथा डिजिटल प्रमाणीकरण के उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया है।</p>
<p>कार्यक्रम में मुख्य सचिव विकासशील, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश बंसल, संचालक (बजट एवं वित्त) ऋषभ पराशर, छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रकांत पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बस्तर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, माओवादी कैंप ध्वस्त, हथियार और विस्फोटक बरामद</title>
<link>https://atworldnews.in/9392</link>
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<description><![CDATA[ खरियार रोड/रायपुर. ओडिशा के नुआपड़ा जिले के पाटदर्हा संरक्षित वन में जवानों ने एक माओवादी कैंप ध्वस्त कर हथियार, विस्फोटक और अन्य सामान बरामद किया है। एसपी अमृतपाल सिंह व सीआरपीएफ-19वीं बटालियन के कमाडेंट दिलीपमणि त्रिपाठी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों बलों के संयुक्त अभियान में यह सफलता मिली है। संयुक्त टीम … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:32:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>बस्तर, में, सुरक्षाबलों, की, बड़ी, कार्रवाई, माओवादी, कैंप, ध्वस्त, हथियार, और, विस्फोटक, बरामद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>खरियार रोड/रायपुर.</strong></p>
<p>ओडिशा के नुआपड़ा जिले के पाटदर्हा संरक्षित वन में जवानों ने एक माओवादी कैंप ध्वस्त कर हथियार, विस्फोटक और अन्य सामान बरामद किया है। एसपी अमृतपाल सिंह व सीआरपीएफ-19वीं बटालियन के कमाडेंट दिलीपमणि त्रिपाठी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों बलों के संयुक्त अभियान में यह सफलता मिली है।</p>
<p>संयुक्त टीम की बम डिस्पोजल टीम बोडेन थानाक्षेत्र के पाटदर्हा संरक्षित वन के बारपट डोंगर के घने जंगलों और पहाड़ी इलाके में तलाशी पर निकली थी। इस दौरान जवानों ने माओवादियों द्वारा छिपाकर रखा हुआ सामान बरामद किया। अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह एक पुराना कैंप रहा होगा।</p>
<p><strong>एके-47 के कारतूस, दो देसी बंदूकें जब्त</strong><br>
जवानों ने कैंप से दो देसी बंदूक, एक देसी कार्बाइन और मैगजीन, एके-47 की 29 नग गोलियां, एसएलआर की 54 नग गोलियां, दो टिफिन बम, एक खाली टिफिन करियर, आठ नग जिलेटिन स्टिक, एक मल्टीमीटर, एक 12 वोल्ट की बैटरी, डेढ़ किलो बारूद, यूरिया, वायर, सोलर प्लेट, चार्जर, डेटोनेटर, माओवादी साहित्य, वर्दी, बर्तन, मेडिकल किट आदि सामान बरामद किए।</p>
<p><strong>माओवादियों से मुक्त हुआ जिला</strong><br>
केंद्रीय गृह मंत्री ने 31 मार्च 2026 तक जिले को माओवाद से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया था, जिसे पूरा किया जा चुका है। छिटपुट नेटवर्क को खत्म करने और डंप बरामद करने लगातार सर्च और एरिए डामिनेशन अभियान चलाए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>एरिया डोमिनेशन के जरिए डंप खोज रहे सुरक्षा बल</strong><br>
हाल के दिनों में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने आक्रामक रणनीति अपनाई है। इससे सफलता भी मिली है। 'एरिया डोमिनेशन' के जरिए दुर्गम इलाकों में प्रवेश कर माओवादियों के पुराने डंप खोजे जा रहे हैं। खुफिया सूचनाओं पर आधारित ये सटीक ऑपरेशन माओवादी विचारधारा के प्रभाव को तेजी से कम कर रहे हैं। विशेषकर गृह मंत्रालय के निर्धारित लक्ष्यों के तहत, सुरक्षा बलों का बेहतर समन्वय और अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग नक्सलियों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने में निर्णायक साबित हो रहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>चित्रकूट दौरे पर CM योगी, कामदगिरि की परिक्रमा कर बरहा हनुमान मंदिर में की पूजा&#45;अर्चना</title>
<link>https://atworldnews.in/9391</link>
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<description><![CDATA[ चित्रकूट दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में आस्था और परंपरा का निर्वहन करते हुए भगवान कामदनाथ के दरबार में माथा टेका। नंगे पैर करीब डेढ़ घंटे की कामदगिरि परिक्रमा कर उन्होंने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया, महाआरती में शामिल हुए और संत-महंतों का आशीर्वाद … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:32:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>चित्रकूट, दौरे, पर, योगी, कामदगिरि, की, परिक्रमा, कर, बरहा, हनुमान, मंदिर, में, की, पूजा-अर्चना</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>चित्रकूट<br>
दो दिवसीय प्र</strong>वास के दूसरे दिन गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में आस्था और परंपरा का निर्वहन करते हुए भगवान कामदनाथ के दरबार में माथा टेका। नंगे पैर करीब डेढ़ घंटे की कामदगिरि परिक्रमा कर उन्होंने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया, महाआरती में शामिल हुए और संत-महंतों का आशीर्वाद लिया। परिक्रमा के दौरान मुख्यमंत्री ने बंदरों को केले खिलाए और बच्चों को टाफियां बांटकर स्नेह भी जताया।</p>
<p>बुधवार रात न्यू सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम के बाद मुख्यमंत्री सुबह 7:25 बजे बरहा हनुमान मंदिर पहुंचे। यहां श्रीराम-जानकी मंदिर में दर्शन-पूजन और आरती के बाद उन्होंने कामदगिरि परिक्रमा शुरू की। परिक्रमा मार्ग में सरयू धारा पर कुछ देर ध्यानमग्न होकर बैठे। इसके बाद कामदनाथ के प्रमुख मुखारबिंद में मंदिर व्यवस्थापक संत मदन गोपालदास के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की।</p>
<p>आगे प्राचीन मुखारबिंद और तृतीय मुखारबिंद में भी दर्शन कर आरती में शामिल हुए, जहां प्रमुख पुजारी भरतदास महाराज ने उनका पूजन कराया। परिक्रमा के दौरान मुख्यमंत्री ने कामदगिरि की प्राकृतिक छटा का अवलोकन किया। बरहा हनुमान मंदिर में संकटमोचन हनुमान जी के दर्शन करने के बाद वे कामदगिरि महाआरती स्थल पहुंचे, जहां विपिन विराट महाराज के नेतृत्व में ब्राह्मण बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने यहां भगवान कामदनाथ की महाआरती में सहभागिता की।</p>
<p>पूरे परिक्रमा मार्ग पर स्थित मठ और मंदिरों में संत-महंतों ने तिलक लगाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर यूपी और मध्य प्रदेश पुलिस की पांच स्तरीय सुरक्षा तैनात रही। श्रद्धालु मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए मार्ग के दोनों ओर खड़े दिखाई दिए।</p>
<p>परिक्रमा के दौरान लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री बृजेश सिंह, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटार्य, पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल, आलोक पांडेय, अश्वनी आवस्थी, एडीजी प्रयागराज जोन ज्योति नारायण, मंडलायुक्त अजीत कुमार, डीआईजी राजेश एस, जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। परिक्रमा पूरी करने के बाद मुख्यमंत्री न्यू सर्किट हाउस लौटे और वहां से सुबह 10:35 बजे चित्रकूट एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से विशेष विमान से बांदा के लिए रवाना हो गए।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>जबलपुर हाईकोर्ट सख्त, आदेश की अवहेलना पर ACS समेत 3 वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी</title>
<link>https://atworldnews.in/9390</link>
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<description><![CDATA[ जबलपुर  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अदालत के आदेश की अवहेलना और सुनवाई के दौरान गैरहाजिर रहने पर राज्य सरकार के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS), वित्त विभाग के प्रमुख सचिव और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक के खिलाफ 25-25 हजार रुपये के जमानती … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:32:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>जबलपुर, हाईकोर्ट, सख्त, आदेश, की, अवहेलना, पर, ACS, समेत, वरिष्ठ, अधिकारियों, के, खिलाफ, जमानती, वारंट, जारी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जबलपुर </strong></p>
<p>मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अदालत के आदेश की अवहेलना और सुनवाई के दौरान गैरहाजिर रहने पर राज्य सरकार के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS), वित्त विभाग के प्रमुख सचिव और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक के खिलाफ 25-25 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी किए हैं। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने सभी अधिकारियों को 15 जुलाई को अगली सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने और पूर्व आदेश के पालन की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>हाईकोर्ट ने जिन अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है उनमें एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) Manish Rastogi, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेलवेन्द्रम, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक Ajay Gupta शामिल हैं। अदालत ने संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को वारंट तामील कराने की जिम्मेदारी सौंपी है।</p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला?</strong><br>
यह मामला कृषि विभाग, जबलपुर के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर देवदत्त विश्वकर्मा से जुड़ा है। उन्होंने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर बताया कि 30 जून 2023 को सेवानिवृत्त होने के बाद उनसे करीब 2.10 लाख रुपये की रिकवरी की गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने 8 मई 2024 को आदेश दिया था कि वसूली गई राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस की जाए। आरोप है कि कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद संबंधित विभागों ने अब तक इसका पालन नहीं किया जिसके<strong> बाद अवमानना याचिका दाखिल की गई।</strong></p>
<p><strong>अधिकारियों की गैरहाजिरी पर नाराज हुआ कोर्ट</strong><br>
सुनवाई के दौरान तीनों वरिष्ठ अधिकारी अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंशुल तिवारी ने पक्ष रखा।</p>
<p><strong>दो अन्य अधिकारियों को फोन कर बुलाया</strong><br>
सुनवाई के दौरान जबलपुर के कृषि विस्तार अधिकारी एस.के. निगम और संभागीय पेंशन अधिकारी नमिता भी अदालत में उपस्थित नहीं थीं। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार के वकील को दोनों अधिकारियों को तत्काल फोन कर अदालत में बुलाने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों से भी उनकी अनुपस्थिति को लेकर जवाब तलब किया है।</p>
<p><strong>15 जुलाई को होगी अगली सुनवाई</strong><br>
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित अधिकारी 15 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हों और यह भी बताएं कि पूर्व आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया। अदालत ने संकेत दिए हैं कि यदि आदेशों की अनदेखी जारी रही तो आगे और सख्त कार्रवाई की जा सकती है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>उमरिया में भीषण सड़क हादसा, NH&#45;43 पर खड़े ट्रक से टकराई कार, 5 लोगों की दर्दनाक मौत</title>
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<description><![CDATA[ उमरिया   मध्य प्रदेश के उमरिया जिले दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है, जहां कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर भरौला स्थित सिद्ध बाबा मंदिर के समीप गुरुवार तड़के करीब 4 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। जब तेज रफ्तार आर्टिका कार हाइवे पर खड़े ट्रक से जा भिड़ी। हादसा … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:32:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>उमरिया, में, भीषण, सड़क, हादसा, NH-43, पर, खड़े, ट्रक, से, टकराई, कार, लोगों, की, दर्दनाक, मौत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उमरिया </strong></p>
<p> मध्य प्रदेश के उमरिया जिले दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है, जहां कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर भरौला स्थित सिद्ध बाबा मंदिर के समीप गुरुवार तड़के करीब 4 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया।</p>
<p>जब तेज रफ्तार आर्टिका कार हाइवे पर खड़े ट्रक से जा भिड़ी। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची तथा घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।</p>
<p><strong>चालक फरार</strong><br>
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के बाद कार का चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।</p>
<p>यह हुए प्रभावित<br>
हादसे में मृतकों की पहचान खुशबू मार्को (22 वर्ष), रुद्र प्रताप (3 वर्ष), कुलपत सिंह (37 वर्ष) और सविता सिंह के रूप में हुई है। सभी ग्राम लीला, जिला अनूपपुर के निवासी बताए गए हैं। गंभीर रूप से घायल प्रियंका सिंह (24 वर्ष) का जिला अस्पताल में उपचार जारी है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।</p>
<p><strong>कार के उड़े फरखच्चे</strong><br>
दुर्घटनाग्रस्त कर शहडोल की बताई गई है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और एक युवक कार के भीतर ही फंस गया, जिसे बाद में बाहर निकाला गया। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों को जानकारी दी गई, जिसके बाद वे जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गए।</p>
<p>इस हृदयविदारक हादसे से क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>घर पर बनाएं हलवाई जैसे महीन मोतीचूर लड्डू, जानें आसान सीक्रेट ट्रिक</title>
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<description><![CDATA[ त्योहारों का मौका हो या घर में कोई शुभ काम, महीन बूंदी के रसीले दानेदार मोतीचूर के लड्डू हर किसी की पहली पसंद होते हैं. शुद्ध देसी घी में लिपटे, इलायची की खुशबू और खरबूजे के बीजों से सजे ये लड्डू देखने में जितने खूबसूरत लगते हैं, खाने में उतने ही लाजवाब होते हैं. लेकिन … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>घर, पर, बनाएं, हलवाई, जैसे, महीन, मोतीचूर, लड्डू, जानें, आसान, सीक्रेट, ट्रिक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>त्योहारों का मौका हो या घर में कोई शुभ काम, महीन बूंदी के रसीले दानेदार मोतीचूर के लड्डू हर किसी की पहली पसंद होते हैं. शुद्ध देसी घी में लिपटे, इलायची की खुशबू और खरबूजे के बीजों से सजे ये लड्डू देखने में जितने खूबसूरत लगते हैं, खाने में उतने ही लाजवाब होते हैं. लेकिन अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि घर पर हलवाई जैसी बिल्कुल महीन बूंदी छानना बेहद मुश्किल होता है या फिर लड्डू सही से बंध नहीं पाते और बिखर जाते हैं.</p>
<p>अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो अब परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. आज हम आपको हलवाइयों के सीक्रेट ट्रिक और टिप्स बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप घर पर एकदम परफेक्ट, सॉफ्ट और रसीले मोतीचूर के लड्डू आसानी से तैयार कर सकते हैं.</p>
<p><strong>आवश्यक सामग्री</strong><br>
बेसन (बारीक वाला): 2 कप<br>
पानी: बैटर बनाने के लिए (लगभग 1.5 कप)</p>
<p>शुद्ध देसी घी या रिफाइंड तेल: बूंदी तलने के लिए</p>
<p>चीनी: 1.5 कप</p>
<p>पानी (चाशनी के लिए): 1 कप</p>
<p>नारंगी भोजन का रंग: एक चुटकी (वैकल्पिक)</p>
<p>इलायची पाउडर: 1 छोटा चम्मच</p>
<p>खरबूजे के बीज: 2 बड़े चम्मच</p>
<p><strong>बनाने की विधि</strong><br>
सबसे पहले 2 कप बेसन को एक बाउल में छान लें. अब इसमें थोड़ा-थोड़ा करके पानी मिलाएं और एक चिकना, बिना गुठलियों वाला घोल तैयार करें. घोल न तो बहुत गाढ़ा होना चाहिए और न ही बहुत पतला, यह रिबन की तरह आसानी से गिरने वाली कंसिस्टेंसी का होना चाहिए.</p>
<p>एक कड़ाही में घी या तेल गर्म करें. आपके घर में मौजूद सामान्य पूरी छानने वाले झारे या कद्दूकस की मदद से बेसन के घोल को कड़ाही में डालें और मीडियम आंच पर बूंदी तल लें. ध्यान रहे बूंदी को बहुत ज्यादा कड़क या लाल नहीं करना है, बस हल्का सा पकते ही तुरंत बाहर निकाल लें.</p>
<p>तली हुई बूंदी को एक प्लेट में निकालकर हल्का ठंडा होने दें. जब यह हल्की ठंडी हो जाए, तो इसे मिक्सर जार में डालें और पल्स मोड पर सिर्फ 1 से 2 सेकंड के लिए केवल एक बार चलाएं. ऐसा करने से आपकी सामान्य मोटी बूंदी तुरंत मोतीचूर जैसी बारीक दानों में टूट जाएगी.</p>
<p>एक दूसरे पैन में 1.5 कप चीनी और 1 कप पानी डालकर गर्म करें. इसमें एक चुटकी ऑरेंज फूड कलर और 1 चम्मच इलायची पाउडर मिलाएं. इसे तब तक पकाएं जब तक चीनी पूरी तरह घुल न जाए और पानी थोड़ा चिपचिपा (जैसे शहद होता है) न हो जाए. इसके लिए कोई तार वाली सख्त चाशनी नहीं बनानी है.</p>
<p><strong>ट्राई कर सकते हैं ये कटोरी वाला तरीका</strong><br>
अब मिक्सी में क्रश की हुई बारीक बूंदी को इस गर्म चाशनी में डाल दें. गैस की आंच को बिल्कुल धीमा रखें और इसे लगातार चलाते हुए 2-3 मिनट तक ढककर पकने दें. इससे बूंदी चाशनी को अंदर तक अच्छी तरह सोख लेगी और एकदम सॉफ्ट व रसीली हो जाएगी.</p>
<p>गैस बंद कर दें. अब इसमें 2 चम्मच खरबूजे के बीज डालें और अच्छी तरह मिला लें. कड़ाही को ढककर 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें ताकि बूंदी पूरी तरह फूल जाए और मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए.</p>
<p>जब मिश्रण छूने लायक गुनगुना रह जाए, तो अपने हाथों पर थोड़ा सा देसी घी या पानी लगाएं. थोड़ा सा मिश्रण हाथ में लेकर उसे दबाते हुए एकदम गोल-गोल मोतीचूर के लड्डू बांध लें.</p>
<p>आपके मुंह में जाते ही घुल जाने वाले रसीले और महीन दानों वाले मोतीचूर के लड्डू तैयार हैं. इन्हें पिस्ते की कतरन से सजाकर परोसें.</p>
<p><strong>ध्यान रखें ये प्वॉइंट्स</strong><br>
मिक्सी वाली जादुई ट्रिक (बिना झारे के महीन बूंदी): अगर आपके पास बारीक बूंदी छानने का झारा नहीं है तो सामान्य झारे या कद्दूकस से थोड़ी मोटी बूंदी छान लें. इसके बाद बूंदी को हल्का ठंडा करके मिक्सर जार में डालें और पल्स मोड पर सिर्फ 1 से 2 सेकंड के लिए एक बार चला लें (ध्यान रहे पीसना नहीं है, बस हल्का सा क्रश करना है). बूंदी तुरंत मोतीचूर जैसी बारीक दानों में बदल जाएगी.</p>
<p>बैटर का सही गाढ़ापन: बेसन का घोल बनाते समय ध्यान रखें कि वह न तो बहुत गाढ़ा हो और न ही बहुत पानी जैसा पतला. बैटर एकदम स्मूथ और फ्लोइंग होना चाहिए ताकि जब आप उसे गिराएं तो वह आराम से गिरे. बेसन को छानकर इस्तेमाल करने से उसमें गुठलियां नहीं बनतीं.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>UP Politics: बीजेपी के नए M&#45;Y फॉर्मूले से बदलेगा सियासी समीकरण? 2027 में अखिलेश यादव के सामने बड़ी चुनौती</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजनीति हमेशा से देश की सत्ता का रास्ता तय करती आई है. साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सूबे में सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने विनिंग&#039;पीडीए&#039; (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के जरिए सत्ता का वनवास खत्म करना चाहते हैं. … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:31:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Politics:, बीजेपी, के, नए, M-Y, फॉर्मूले, से, बदलेगा, सियासी, समीकरण, 2027, में, अखिलेश, यादव, के, सामने, बड़ी, चुनौती</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ </strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश की राजनीति हमेशा से देश की सत्ता का रास्ता तय करती आई है. साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सूबे में सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने विनिंग'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के जरिए सत्ता का वनवास खत्म करना चाहते हैं. ऐसे में बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाने के लिए एम-वाई फॉर्मूले ही अपना सियासी तानाबाना बुन रही है. ये सपा का मुस्लिम-यादव समीकरण नहीं बल्कि बीजेपी की पीएम मोदी और सीएम योगी की जोड़ी की 'डबल इंजन' का है। </p>
<p>बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपने दो दिन के यूपी के दौरे पर इस बात को संदेश दे दिया है कि 2027 का चुनाव पार्टी पीएम मोदी और सीएम योगी के नाम और काम पर लड़ेगी. नितिन नवीन ने रविवार को अवध क्षेत्र के बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब ये समय नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ का है। </p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान वाले वीडियो को तुरंत अपने आधिकारिक X अकाउंट पर शेयर कर पूरे संगठन में नया उत्साह करने का दांव चला. साथ ही नितिन नवीन ने जिस तरह से मोदी और योगी का जिक्र किया है, उससे यह साफ है कि बीजेपी अपने सबसे मजबूत जोड़ी के साथ सत्ता की हैट्रिक लगाने उतरेगी तो सूबे के सियासी रणभूमि में अखिलेश यादव कैसे सामना करेंगे? </p>
<p><strong>बीजेपी का यूपी में एम-वाई फार्मूला</strong><br>
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 'एम-वाई' का मतलब 'मुस्लिम-यादव' समीकरण माना जाता था, जो सपा का मुख्य आधार रहा है. मुलायम सिंह यादव ने एम-वाई समीकरण के दम पर तीन बार सीएम बने तो एक बार अखिलेश यादव के सिर भी सत्ता का ताज सजा, लेकिन बीजेपी के राजनीतिक उभार के बाद सपा का एम-वाई समीकरण पूरी तरह फेल हो गया. ऐसे में अखिलेश ने मुस्लिम-यादव परस्त वाली छवि के बाहर निकलकर पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले का दांव चला, जो 2024 में फिट रहा। </p>
<p>बीजेपी ने सपा के नैरेटिव को पूरी तरह बदलकर रख दिया है और 2027 के लिए अपने एम-वाई फार्मूले यानि 'मोदी-योगी' के नाम पर चुनाव लड़ने की तैयारी की है. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है. सभा में मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं ने उनके हर वाक्य पर तालियों से माहौल गूंजा दिया। </p>
<p>नितिन नवीन इससे पहले भी कह चुके हैं कि योगी आदित्यनाथ यूपी के मुख्यमंत्री हैं और उनके नेतृत्व में सरकार चला रहे हैं, तो निश्चित रूप से उन्हीं का चेहरे पर ही यूपी में होगा. अब  नितिन नवीन ने भरे मंच से सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम पर मुहर लगा दी है और उनके ही चेहरे पर 2027 विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया है। </p>
<p><strong>2027 में बीजेपी लगाएगी सत्ता की हैट्रिक</strong><br>
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन अपने दो दिन के यूपी प्रवास पर न ही संगठन और सरकार के बीच समन्वय बनाने की कवायद की बल्कि 2027 में सत्ता की हैट्रिक लगाने की ठोस बुनियाद रखने का काम किया. नितिन नवीन ने दावे के साथ कहा कि वर्ष 2027 में भी उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ डबल इंजन सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने विकास के कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जोड़ी ने उत्तर प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। </p>
<p>नितिन नवीन ने अपने भाषण में मोदी-योगी की जोड़ी को विकास, सुशासन और सुरक्षा का प्रतीक बताया. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी के नेतृत्व में संगठन को और मजबूत बनाएं. यह बयान आगामी चुनावी रणनीति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सीएम योगी ने वीडियो शेयर करते हुए कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया. उन्होंने संकेत दिया कि मोदी और योगी के नेतृत्व में भाजपा का सफर अब नई ऊंचाइयों को छू रहा है। </p>
<p>नितिन नवीन ने कहा कि निश्ति रूप से आप आवाम की जिन चीजों की पहली आवश्यकता होती है,गुड गवर्नेंस, डेवलपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों के जैसे काम कर रहा है. तो आम जनमानस इसको देखकर वोट करता है. अगर हमने गरीब की चिंता की. चाहे वो प्रधानमंत्री अन्न योजना से लेकर पूरी तरह से सरकार की योजनाओं को एकदम नीचे तक क्रियानवन किया। </p>
<p>बीजेपी अध्यक्ष का कहना कि मोदी के विजन और योगी के सख्त प्रशासन ने उत्तर प्रदेश को नई पहचान दी है. एक्सप्रेसवे, निवेश, राम मंदिर और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भाजपा की छाप साफ नजर आ रही है. उन्होंने कहा कि यूपी में लॉ एंड ऑर्डर का जो सीएम योगी की यूएसपी है, वो जमीन पर दिख रहा है. तो ये सब चीजें हमारे लिए स्पष्ट रूप से हमारे तीसरे सरकार बनाने के लिए, हैट्रिक लगाने के लिए काफी है। </p>
<p><strong>बीजेपी के एम-वाई का कैसे सपा करेगी मुकाबला</strong><br>
2024 के लोकसभा चुनाव से भले ही सपा के हौसले बुलंद हो, लेकिन 2027 के चुनाव में बीजेपी की मोदी और योगी की जोड़ी का मुकाबला करना अखिलेश यादव के लिए आसान नहीं होगा. बीजेपी ने 2024 के बाद जिस तरह से हरियाणा से लेकर महाराष्ट्र, बिहार और बंगाल की चुनावी जंग फतह करने में कामयाब रही है, उसके बाद यूपी में पूरे दमखम के साथ उतरेगी। </p>
<p>पीएम मोदी और सीएम योगी को बीजेपी का सबसे लोकप्रिय चेहरा माना जाता है. 2022 के चुनाव में इस जोड़ी ने सपा के सारे समीकरण को ध्वस्त कर दिया था. पीएम मोदी को बीजेपी के लिए जीत का गारंटी वाला चेहरा माना जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करिश्मा, उनकी जनकल्याणकारी योजनाएं (राशन, आवास, आयुष्मान योजना) और 'कल्याणकारी राज्य' की छवि ने जातियों के बंधन को तोड़कर एक बड़ा 'लाभार्थी वोट बैंक' तैयार किया है। </p>
<p>योगी आदित्यनाथ का 'बुलडोजर मॉडल और हिंदुत्व की राजनीति के आगे विपक्ष के सारे गणित ध्वस्त हो जाते हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'कठोर' कानून-व्यवस्था वाली छवि, अपराधियों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति और हिंदुत्व का चेहरा भाजपा का सबसे बड़ा ट्रंप कार्ड है। </p>
<p>बीजेपी के 'मोदी-योगी' फार्मूला, जो राष्ट्रवाद, हिंदुत्व, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों पर टिका है. चुनाव में मोदी-योगी की जोड़ी सूबे के सियासी रण में जब उतरेगी तो सपा के लिए उसका सामना करना आसान नहीं होगा, लेकिन अखिलेश यादव अपने पीडीए मॉडल को रख रहे हैं. साथ ही सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर चलते नजर आ रहे हैं ताकि बीजेपी की एम-वाई जोड़ी का मुकाबला कर सकें। </p>
<p><strong>पीडीए के साथ अखिलेश का हिंदुत्व दांव</strong><br>
2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों से उत्साहित अखिलेश यादव ने समझ लिया है कि केवल परंपरागत मुस्लिम-यादव समीकरण के भरोसे बीजेपी के 'मोदी-योगी' ब्रांड को नहीं हराया जा सकता. इसके लिए उन्होंने 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का नारा बुलंद किया है. अखिलेश यादव अब केवल यादव केंद्रित राजनीति से बाहर निकलकर कुर्मी, शाक्य, सैनी, मौर्य और निषाद जैसी गैर-यादव पिछड़ी जातियों पर भरोसा जता रहे हैं। </p>
<p>अखिलेश की नजर मायावती की बसपाके कमजोर होने का सीधा फायदा उठाने के लिए लगातार दलितों (विशेषकर पासी और जाटव समाज) के बीच पैठ बना रही है. बाबा साहेब अंबेडकर के सहारे दांव चल रहे हैं तो 2027 में दलित समुदाय को बड़ी संख्या में टिकट देने की रणनीति बनाई है. इसके साथ ही सपा साफ्ट हिंदुत्व की राह पर भी चल रही है, जिसके लिए अखिलेश यादव इटावा में  'केदारेश्वर महादेव मंदिर' बनवा रहे हैं। </p>
<p> इटावा में बने रहे केदारेश्वर मंदिर के जरिए सॉफ्ट हिंदुत्व के एजेंडे को अखिलेश इसे और धार दे सकते है. सावन में मंदिर के भव्य लोकार्पण की तैयारी है. राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला लगातार उठा रहे हैं.बीजेपी की आक्रामकता वाली रणनीति पर विपक्ष और सधे कदमों से बढ़ने की तैयारी में जुट गया है, जिससे ध्रुवीकरण के बजाय 2027 का समर सामाजिक समीकरणों के हथियारों से लड़ा जा सके और बीजेपी को मात देने की है, लेकिन मोदी-योगी की जोड़ी से पार पाना उनके लिए एक कठिन चुनौती होगा। </p>
<p> </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पंजाब के स्कूलों के लिए बारिश को लेकर नई गाइडलाइन, पानी के टैंकों की सफाई और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के आदेश</title>
<link>https://atworldnews.in/9386</link>
<guid>https://atworldnews.in/9386</guid>
<description><![CDATA[ लुधियाना. पंजाब सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग की लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है जहां मानसून का सीजन पूरी तरह से शुरू होने के बाद अब अधिकारियों की नींद टूटी है। विभाग द्वारा स्कूलों में बरसात से बचाव और प्रबंधों को लेकर अब गाइडलाइंस जारी की जा रही हैं और रिकॉर्ड मांगे जा … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:02:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>पंजाब, के, स्कूलों, के, लिए, बारिश, को, लेकर, नई, गाइडलाइन, पानी, के, टैंकों, की, सफाई, और, इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत, करने, के, आदेश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लुधियाना.</strong></p>
<p>पंजाब सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग की लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है जहां मानसून का सीजन पूरी तरह से शुरू होने के बाद अब अधिकारियों की नींद टूटी है। विभाग द्वारा स्कूलों में बरसात से बचाव और प्रबंधों को लेकर अब गाइडलाइंस जारी की जा रही हैं और रिकॉर्ड मांगे जा रहे हैं।</p>
<p>दफ्तर डायरैक्टर स्कूल शिक्षा (सैकेंडरी ), पंजाब की ओर से सभी जिला शिक्षा अफसरों को पत्र जारी कर बरसात के मौसम में स्कूलों की इमारतों और विद्यार्थियों की सेहत संभाल संबंधी गाइड लाइंस जारी की गई हैं। इन निर्देशों में साफ लिखा है कि स्कूलों की छतों और पानी की पाइपों की सफाई करवाई जाए, पानी के टैंकों को साफ किया जाए और स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे लाइब्रेरी, क्लासरूम व लैब की दरारों को तुरंत ठीक करवाया जाए ताकि कीड़े-मकोड़े न पनप सकें। अध्यापकों का तर्क है कि सरकार और विभाग के आला अफसरों को बुनियादी बात समझनी चाहिए कि छतों की सफाई, दरारें भरने और पानी की टंकियां साफ करने का काम कड़कती धूप वाले महीनों यानी मार्च और अप्रैल में सही ढंग से हो सकता है। अब जब हर तरफ मूसलाधार बारिश हो रही है, तब छतों पर चढ़कर मुरम्मत करवाना और टंकियां साफ करवाना न सिर्फ मुश्किल है बल्कि जानलेवा भी है। विभाग ने समय रहते बजट और संसाधन जारी नहीं किए और अब अपनी नाकामी छुपाने के लिए स्कूलों को सूचियों में उलझा दिया है।</p>
<p>इस पर रोष जताते हुए अध्यापक वर्ग ने कहा कि सरकार केवल कागजों पर आदेश जारी करना जानती है। असलियत में ग्राउंड लेवल पर न तो फॉगिंग के लिए कोई ग्रांट दी गई है और न ही लटकती तारों को ठीक करने के लिए बिजली विभाग का कोई सहयोग मिल रहा है। स्कूलों में फर्स्ट ऐड किट उपलब्ध रखने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों को खुद ही इवेकुएशन प्लान तैयार करने के निर्देश देकर अफसरों ने सारा बोझ अध्यापकों पर डाल दिया है। अध्यापकों का आरोप है कि यह पूरी कवायद सिर्फ इसलिए की जा रही है ताकि कल को अगर बारिश या शॉर्ट सर्किट से कोई हादसा हो जाए, तो अधिकारी यह पत्र दिखाकर कह सकें कि हमने तो पहले ही लिख दिया था।</p>
<p><strong>ऐन मानसून में जानकारी देने से भी नहीं सुधरेंगे हालात </strong><br>
अध्यापकों का यह भी कहना है कि यदि अब विभाग के दबाव में आकर स्कूलों द्वारा आनन-फानन में यह सारी जानकारी दे भी दी जाए, तो भी इसका इस सीजन में कोई फायदा नहीं होने वाला। अब जब मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और स्कूल परिसरों में पानी जमा होने लगा है, तब कागजों पर कमियां गिनाने या रिपोर्ट भेजने से धरातल पर स्थितियां नहीं बदलेंगी। बारिश के बीच न तो भवनों की मरम्मत संभव है और न ही जलभराव की समस्या का तुरंत कोई बड़ा समाधान निकाला जा सकता है। अध्यापकों के अनुसार, जानकारी जुटाने का यह नाटक सिर्फ फाइलों का पेट भरने के लिए किया जा रहा है, ताकि विभाग यह दिखा सके कि वह काम कर रहा है, जबकि असलियत में इस समय ऐसी रिपोर्टिंग का कोई व्यावहारिक लाभ विद्यार्थियों या अध्यापकों को नहीं मिलने वाला।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>एटक और आंगनबाड़ी बहनों की जीत&#45;विभा</title>
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<description><![CDATA[ एटक और आंगनबाड़ी बहनों की जीत-विभा बिलासपुर मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 15 सौ रुपए प्रति माह तथा सहायिकाओ का मानदेय मे 750 रुपए की कटौती कर दी गई थी । इसी कटौति के ख़िलाफ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन एटक की प्रांतीय महामंत्री जो स्वयं एक कार्यकर्ता है ने 2019 … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:02:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>एटक, और, आंगनबाड़ी, बहनों, की, जीत-विभा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>एटक और आंगनबाड़ी बहनों की जीत-विभा</strong></p>
<p><strong>बिलासपुर</strong><br>
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 15 सौ रुपए प्रति माह तथा सहायिकाओ का मानदेय मे 750 रुपए की कटौती कर दी गई थी । इसी कटौति के ख़िलाफ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन एटक की प्रांतीय महामंत्री जो स्वयं एक कार्यकर्ता है ने 2019 में मध्य प्रदेश सरकार के फैसले को उच्च न्यायालय जबलपुर में चुनौती दी न्यायालय मे पैरवी बरिष्ट अधिवक्ता अरविन्द श्रीवास्तव ने किया था । </p>
<p>3 फरवरी 2026 को जबलपुर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि 48 माह का एरियर्स 1 लाख 20 हजार रूपए प्रति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं 63 हजार रुपए 6 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करे। लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने उच्च न्यायालय के डबल बेंच के समक्ष अपील की । 8 जुलाई 2026  को उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने सरकार की अपील को ख़ारिज कर दिया।  और एरियर्स भुगतान को यथावत रखा गया है।फ़ैसला आने के बाद याचिकाकर्ता एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन एटक की महासचिव विभा पांडेय ने भावुक होकर कहा कि 2019 में मध्य प्रदेश सरकार के फैसले के खिलाफ पहली बार याचिका लगाई तो हज़ारों कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का समर्थन एवं आशीर्वाद हमारे साथ था अरविन्द श्रीवास्तव बरिष्ट अधिवक्ता उच्च न्यायालय जबलपुर ने प्रकरण को अध्ययन कर कहा कि ज़रूर हम जीतेंगे और वही हुआ।</p>
<p>विभा पांडेय ने कहा कि ग्रेच्युटी का केस भी हम जीत गये हैं और मानदेय 26 हजार रुपए प्रति माह करने का केस भी जीतेंगे और सभी बहनों का समर्थन , सहयोग और आशीर्वाद मिलता रहा तो हम बहनों को एक सरकारी कर्मचारी का दर्जा भी दिला कर रहेंगे ।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>11 जुलाई को गोरखपुर को 697 करोड़ की सौगात, CM योगी करेंगे भटहट&#45;बांसस्थान फोरलेन का लोकार्पण</title>
<link>https://atworldnews.in/9384</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के भटहट-बांसस्थान फोरलेन सहित करीब 697 करोड़ रुपये की चार सड़क परियोजनाओं की सौगात देंगे। इसके लिए वामंत माता मंदिर के समीप आयोजित होने वाले समारोह के दौरान मुख्यमंत्री 54 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली सात विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों लोकार्पित … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:01:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>जुलाई, को, गोरखपुर, को, 697, करोड़, की, सौगात, योगी, करेंगे, भटहट-बांसस्थान, फोरलेन, का, लोकार्पण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के भटहट-बांसस्थान फोरलेन सहित करीब 697 करोड़ रुपये की चार सड़क परियोजनाओं की सौगात देंगे। इसके लिए वामंत माता मंदिर के समीप आयोजित होने वाले समारोह के दौरान मुख्यमंत्री 54 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली सात विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों लोकार्पित होने वाली सड़क परियोजनाओं में सबसे महत्वपूर्ण भटहट-बांसस्थान फोरलेन है। 11.6 किमी लंबे इस मार्ग पर ही प्रदेश का पहला आयुष</p>
<p><strong>विश्वविद्यालय भी बना है। फोरलेन सड़क बन जाने से सबसे</strong><br>
अधिक सहूलियत आयुष चिकित्सा का लाभ लेने वालों को मिला है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड खंड तीन ने सड़क के दोनों ओर मानक के अनुरूप जल निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है। सड़क लोकार्पण की चारों और शिलान्यास की सभी सात परियोजनाएं पिपराइच विधानसभा क्षेत्र की हैं।</p>
<p><strong>विधायक ने कार्यक्रम स्थल का जिला जायजा</strong><br>
सीएम योगी 11 जुलाई को भटहट-बांसस्थान फोरलेन का लोकार्पण करेंगे। सीएम के कार्यक्रम की तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी एवं पिपराइच विधायक महेंद्र पाल सिंह ले कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। आयुष विश्वविद्यालय के सभागार में मुख्यमंत्री के भटहट एवं बांसस्थान आगमन पर उनके स्वागत तथा विशाल जनसभा की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीएम के स्वागत की रूपरेखा, जनसभा की व्यवस्थाएं की विस्तृत कार्य योजना बनी।</p>
<p><strong>1350 वर्ग फुट का बन रहा है मंच</strong><br>
सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा फोरलेन सड़क के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर जर्मन हैंगर लगाए जा रहे हैं। वहीं साढ़े 13 सौ वर्ग फुट का मंच बन रहा है। कार्यक्रम स्थल पर दो स्विस कॉटेज बनाये जा रहे हैं। स्विस कॉटेज तक पहुंचने के लिए अस्थायी खड़ंजा सड़क बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री बामन्त माता मंदिर में जाकर दर्शन कर सकते हैं।</p>
<p><strong>सीएम की सुरक्षा का खाका तैयार</strong><br>
यूपी पुलिस ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अभेद्य सुरक्षा का खाका तैयार किया है। कार्यक्रम को अलग-अलग जोन व 12 सेक्टर में बांटा जाएगा। फ्लीट व्यवस्था, हैलीपैड सुरक्षा, कार्यक्रम स्थल, वीआईपी रूट सुरक्षा व्यवस्था तथा कंटीजेंसी रूट एवं पार्किंग व यातायात व्यवस्था की तैयारी देखी जा रही है। इसके अलावा सुरक्षा के इंतजाम सख्त रहेंगे और लोगों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाएगा। पुलिस ने सुरक्षा के लिए अलग-अलग टीमें तैयार की हैं।</p>
<p><strong>वाटरप्रूफ पंडाल में होगा कार्यक्रम</strong><br>
बारिश के कारण सीएम योगी के कार्यक्रम का पंडाल वाटरप्रूफ रहेगा। हजारों की संख्या में लोगों के बैठने के इंतजाम के अनुसार मैदान में वॉटरप्रूफ पंडाल लगाया जाएगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>अमेरिका का ईरान पर सबसे बड़ा हमला! 90 ठिकाने तबाह, IRGC को भारी नुकसान, रेलवे ब्रिज ध्वस्त&#45;चाबहार की बिजली गुल</title>
<link>https://atworldnews.in/9383</link>
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<description><![CDATA[ वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर विध्वंसक हमले की धमकी दी थी. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि बुधवार की रात ईरान पर अब तक का सबसे विध्वंसक हमला किया जा सकता है. अब अमेरिकी सेना ने इरान पर हमला बोल दिया है. अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास और सीरिक … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:33:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>अमेरिका, का, ईरान, पर, सबसे, बड़ा, हमला, ठिकाने, तबाह, IRGC, को, भारी, नुकसान, रेलवे, ब्रिज, ध्वस्त-चाबहार, की, बिजली, गुल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वॉशिंगटन</strong><br>
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर विध्वंसक हमले की धमकी दी थी. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि बुधवार की रात ईरान पर अब तक का सबसे विध्वंसक हमला किया जा सकता है. अब अमेरिकी सेना ने इरान पर हमला बोल दिया है. अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास और सीरिक समेत कई इलाकों में हमले किए हैं। </p>
<p>इन दोनों इलाकों में तेज धमाकों की आवाज सुनी जा रही है. ईरानी समाचार एजेंसी मिजान के मुताबिक बंदर अब्बास के साथ ही सीरिक में भी तेज धमाकों की आवाज सुनी गई है. ईरानी समाचार एजेंसी मेहर ने भी बंदर अब्बास में धमाकों की पुष्टि की है. मेहर की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को ईरान पर अमेरिकी हमले में दो मछुआरों की मौत हो गई है। </p>
<p>ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के मुताबिक चाबहार, कोनारक के करीब भी तेज धमाकों की आवाज सुनी गई है. ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम भी एक्टिव हो गया है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक ताजा हमलों के बाद चाबहार के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है. वहीं, ईरान के अक्काला में अमेरिका ने रेलवे ब्रिज उड़ा दिया है। </p>
<p>ईरान की सरकारी प्रेस टीवी के मुताबिक अबू मूसा द्वीप पर कुल 10 धमाके हुए हैं. चाबहार और कोनारक में भी 10 धमाकों की आवाज सुनी गई है. चाबहार में एक अस्पताल पर दागे गए हथियार का मलबा गिरा है और अमेरिकी हमले से शहीद बेहेश्ती पोर्ट, कलंतरी पोर्ट और समुद्री यातायात नियंत्रण टावर को भी नुकसान पहुंचा है. बंदर अब्बास में आठ और सीरिक में तीन धमाके हुए हैं। </p>
<p>प्रेस टीवी के मुताबिक बुशेहर में भी दो प्रोजेक्टाइल गिरे हैं और जास्क में भी कई धमाके हुए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर चाबहार में हमले के बाद उठती आग की लपटों की तस्वीर शेयर किया है. उन्होंने यह तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है कि ये कल ईरान की ओर से जहाजों पर किए गए हमले का जवाब है. उन्होंने धमकी भरे अंदाज में आगे लिखा कि ऐसी कार्रवाई अगर दोबारा हुई, तो जवाब इससे भी कहीं अधिक गंभीर होगा। </p>
<p>अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने हमलों की पुष्टि की है. सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि राष्ट्रपति के निर्देश पर अमेरिकी बलों ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू कर दी है. अमेरिकी सेना ने कहा है कि ये हमले होर्मुज में आवाजाही की आजादी के लिए खतरा पैदा करने की ईरानी क्षमता को और कमजोर करने के लिए किए जा रहे हैं। </p>
<p><strong>ट्रंप ने दी थी विध्वंसक हमले की चेतावनी</strong><br>
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर विध्वंसक हमले की चेतावनी देते हुए कहा था कि हम उनको जोरदार जवाब देंगे. टर्की में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्डोमिर जेलेंस्की से मुलाकात के पहले ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए इस बात के संकेत दे दिए थे कि अमेरिका, ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा. नाटो ने भी अमेरिका के सैन्य एक्शन का समर्थन कर दिया है। </p>
<p><strong>अमेरिका और ईरान के बीच अब तक क्या-क्या हुआ, जानें बड़ी बातें</strong></p>
<p>अमेरिका-ईरान ने एक-दूसरे पर नए हमले किए हैं, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया है, जबकि ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है<strong>. जानें अब तक इस ताजा हमले में क्या-क्या हुआ…</strong></p>
<p><strong>अमेरिका और ईरान के बीच अब तक क्या-क्या हुआ. जानिए बड़ी बातें</strong><br>
– अमेरिका ने लगातार दूसरी रात ईरान पर बड़े सैन्य हमले किए। </p>
<p>– CENTCOM के मुताबिक, इन हमलों का मकसद होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की हमले की क्षमता को कमजोर करना है। </p>
<p>– अमेरिका ने दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। <br>
– हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, निगरानी ठिकाने, मिसाइल और ड्रोन साइट, नौसैनिक ठिकाने और सैन्य लॉजिस्टिक्स को निशाना बनाया गया। </p>
<p>– ईरानी मीडिया के मुताबिक, बंदर अब्बास, बुशेहर, चाबहार, कोनारक, ईरानशहर, सिरिक, जास्क, अबू मूसा द्वीप, क़ेश्म द्वीप और अककला समेत कई शहरों में धमाके हुए। </p>
<p>– ईरानशहर में एयरपोर्ट की एक सुविधा पर हमला हुआ, जिसमें कम से कम एक फायरफाइटर की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। <br>
– चाबहार में दो डॉक, समुद्री ट्रैफिक कंट्रोल टावर और एक डिपो को नुकसान पहुंचा. इमाम अली अस्पताल भी हमले की चपेट में आया और कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। <br>
– अककला में आक टेका खान रेलवे ब्रिज पर हमला हुआ। <br>
– बुशेहर प्रशासन ने कहा कि वहां के परमाणु बिजली संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। <br>
– जवाबी कार्रवाई में IRGC ने कुवैत के Camp Arifjan और Ali Al Salem एयरबेस, साथ ही बहरीन के Juffair और Sheikh Isa बेस को निशाना बनाने का दावा किया। <br>
– बहरीन और कुवैत के सरकारी मीडिया के मुताबिक, दोनों देशों में सुरक्षा सायरन बजाए गए। </p>
<p><strong>ईरान में 90 ठिकानों पर US ने किए हमले</strong><br>
अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान में एक और बड़े सैन्य अभियान के तहत करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, इन हमलों का मकसद ईरान की होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों और आम नागरिकों के जहाजों पर हमला करने की क्षमता को कमजोर करना है। </p>
<p>CENTCOM ने कहा कि हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी ठिकाने, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइट, नौसैनिक क्षमताओं और सैन्य लॉजिस्टिक्स से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया. इससे एक दिन पहले भी अमेरिका ने ईरान में 80 से ज्यादा ठिकानों पर हमला करने का दावा किया था। </p>
<p><strong>अमेरिका ने मशहद जाने वाले दो ब्रिज को तबाह किया</strong></p>
<p>ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि अमेरिका ने अपने ताजा हमलों में ईरान के पूर्वी हिस्से में मशहद जाने वाले दो अहम पुलों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया. IRGC का आरोप है कि यह हमला दिवंगत सर्वोच्च नेता के अंतिम विदाई समारोह को प्रभावित करने की कोशिश है। </p>
<p>IRGC ने कहा कि "अमेरिका की यह आक्रामक कार्रवाई बिना जवाब के नहीं छोड़ी जाएगी." IRGC ने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई के पहले चरण में उसकी नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर संयुक्त मिसाइल और ड्रोन हमला किया। </p>
<p><strong> IRGC कुवैत-बहरीन में दागे ड्रोन-मिसाइल</strong><br>
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है. IRGC ने इसे अमेरिका की कार्रवाई के जवाब में "सजा देने वाली जवाबी कार्रवाई का पहला चरण" बताया है। </p>
<p>IRGC का आरोप है कि अमेरिका ने अपने वादों का उल्लंघन किया और ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों के साथ पूर्वी ईरान के दो पुलों पर हमला किया. इसके बाद नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने मिलकर यह ऑपरेशन शुरू किया। </p>
<p>IRGC ने दावा किया कि कुवैत के आरिफजान और अली अल सलेम, जबकि बहरीन के जुफैर और शेख ईसा स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. साथ ही चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने आगे और हमले किए तो क्षेत्र में मौजूद दूसरे अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>CM साय आज समोदा में देंगे 112 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, कई कार्यों का होगा लोकार्पण&#45;शिलान्यास</title>
<link>https://atworldnews.in/9382</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज समोदा दौरे पर रहेंगे। यहां CM साय 112 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात देंगे। 21.67 करोड़ के 67 विकास कार्यों का लोकार्पण के साथ ही 90.34 करोड़ के 29 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। आरंग और समोदा क्षेत्र में सड़क, भवन, नगरीय विकास और ग्रामीण अधोसंरचना परियोजनाओं को … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:32:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>साय, आज, समोदा, में, देंगे, 112, करोड़, की, विकास, परियोजनाओं, की, सौगात, कई, कार्यों, का, होगा, लोकार्पण-शिलान्यास</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज समोदा दौरे पर रहेंगे। यहां CM साय 112 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात देंगे। 21.67 करोड़ के 67 विकास कार्यों का लोकार्पण के साथ ही 90.34 करोड़ के 29 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।</p>
<p>आरंग और समोदा क्षेत्र में सड़क, भवन, नगरीय विकास और ग्रामीण अधोसंरचना परियोजनाओं को रफ्तार मिलेगी। साथ ही नवा रायपुर के कोटरा भाठा में 18 करोड़ की लागत से बनने वाले 100 बिस्तर वाले अस्पताल का भी भूमिपूजन होगा। कार्यक्रम में डिप्टी CM अरुण साव समेत कई मंत्री मौजूद रहेंगे।</p>
<p><strong>छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से</strong><br>
<strong>रायपुर. </strong>छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आगामी 13 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। 13 से 17 जुलाई तक चलने वाले इस 5 दिवसीय सत्र में कुल 5 बैठकें होंगी। छोटा सत्र होने के बावजूद सदन में हंगामे के पूरे आसार हैं, क्योंकि इस बार विधायकों ने जनता से जुड़े कुल 1,033 सवाल लगाए हैं। विपक्ष के साथ-साथ सत्तापक्ष के सदस्यों ने भी विभिन्न विभागों से संबंधित प्रश्न पूछे हैं। इस बार सदन में नकटी जलाशय और किसानों की समस्याओं समेत कई ज्वलंत मुद्दों पर घमासान देखने को मिलेगा। इसके अलावा, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए भी कई अन्य मुद्दों को उठाने की पूरी तैयारी है। देखना होगा कि 5 दिनों के सत्र में सरकार को घेरने की विपक्ष की क्या रणनीति रहती है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>CG Police में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 64 इंस्पेक्टरों का तबादला, जारी हुई नई पोस्टिंग सूची</title>
<link>https://atworldnews.in/9381</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर. छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला हुआ है। पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर से इस संबंध में आदेश जारी हुआ है। जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के 64 निरीक्षकों (टीआई) का तबादला किया गया है। यह आदेश पुलिस स्थापना बोर्ड के निर्णय के आधार पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम ने जारी … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:32:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Police, में, बड़ा, प्रशासनिक, फेरबदल, इंस्पेक्टरों, का, तबादला, जारी, हुई, नई, पोस्टिंग, सूची</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला हुआ है। पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर से इस संबंध में आदेश जारी हुआ है। जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के 64 निरीक्षकों (टीआई) का तबादला किया गया है। यह आदेश पुलिस स्थापना बोर्ड के निर्णय के आधार पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम ने जारी किया है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, अधिकांश निरीक्षकों का तबादला नक्सल प्रभावित जिलों से मैदानी जिलों में किया गया है, जबकि कई निरीक्षकों को मैदानी क्षेत्रों से बस्तर संभाग के जिलों में पदस्थ किया गया है। यह तबादला तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से लागू रहेगा।</p>
<p>इस ट्रांसफर लिस्ट में बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम, धमतरी, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, सूरजपुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बलौदाबाजार-भाटापारा, सक्ती, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर सहित कई जिलों के निरीक्षक शामिल हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>चित्रकूट से लखनऊ और दिल्ली की हवाई सेवा बहुत जल्द: सीएम योगी</title>
<link>https://atworldnews.in/9380</link>
<guid>https://atworldnews.in/9380</guid>
<description><![CDATA[ चित्रकूट से लखनऊ और दिल्ली की हवाई सेवा बहुत जल्द: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया चित्रकूट में ₹951 करोड़ की 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास डबल इंजन सरकार में चित्रकूट बना आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और भौतिक विकास का नया केंद्र: मुख्यमंत्री चित्रकूट में देश का पहला पहाड़ी चोटी पर स्थित शानदार एयरपोर्ट बनकर तैयार, … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:31:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>चित्रकूट, से, लखनऊ, और, दिल्ली, की, हवाई, सेवा, बहुत, जल्द:, सीएम, योगी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>चित्रकूट से लखनऊ और दिल्ली की हवाई सेवा बहुत जल्द: सीएम योगी</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया चित्रकूट में ₹951 करोड़ की 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास</strong></p>
<p><strong>डबल इंजन सरकार में चित्रकूट बना आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और भौतिक विकास का नया केंद्र: मुख्यमंत्री</strong></p>
<p><strong>चित्रकूट में देश का पहला पहाड़ी चोटी पर स्थित शानदार एयरपोर्ट बनकर तैयार, यूपी में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलें होंगी निर्यात</strong></p>
<p><strong>पिछली सरकारों ने चित्रकूट को उपेक्षित कर भय और डकैती का केंद्र बनाया था, आज यहां निवेश व रोजगार की बहार: मुख्यमंत्री</strong></p>
<p><strong>चित्रकूट</strong><br>
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बहुत जल्द नए एयरक्राफ्ट आने के साथ ही चित्रकूट को दिल्ली व लखनऊ से सीधी वायु सेवा से जोड़ दिया जाएगा। वर्ष 2017 से पहले की सरकारों ने चित्रकूट के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था। यहां भय व अव्यवस्था का माहौल था। लेकिन, डबल इंजन सरकार के प्रयासों से चित्रकूट बदल चुका है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे यहां की लाइफलाइन बन चुका है और भरतकूप से आगे के निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री  जनपद चित्रकूट में ₹951 करोड़ की लागत वाली 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने चित्रकूट को भारत की पौराणिक और आध्यात्मिक विरासत का महान प्रतीक बताया। साथ ही कहा कि प्रभु श्रीराम के वनवास काल का सबसे बड़ा संबल यही पावन धरा रही है।</p>
<p><strong>शस्त्र व शास्त्र संधान का केंद्र बनेगा चित्रकूट</strong><br>
मुख्यमंत्री ने कहा कि हजारों वर्ष पहले भगवान राम ने इसी धरा से संपूर्ण भारत को सुरक्षित करने का संकल्प लिया था। उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए चित्रकूट में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर का काम तेजी से चल रहा है, जहां जल्द ही एक बड़ी औद्योगिक यूनिट का निवेश होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में कल इंडोनेशिया के साथ हुए समझौते के तहत उत्तर प्रदेश में बनने वाली ब्रह्मोस मिसाइल अब निर्यात की जाएगी, जो रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को दर्शाती है। इसके साथ ही जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय को राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा देकर शिक्षा और विकास को नई गति दी गई है। शस्त्र व शास्त्र संधान का कोई क्षेत्र बनेगा तो वह चित्रकूट ही होगा। सीएम ने चित्रकूट इंटर कॉलेज के प्रबंधन और वहां पढ़ रहे 7,000 से अधिक छात्र-छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि यही युवा 'विकसित चित्रकूट' और 'विकसित भारत 2047' की आधारशिला बनेंगे।</p>
<p><strong>अयोध्या-चित्रकूट को बदनाम करने की साजिश</strong><br>
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जो पार्टियां प्रभु राम व कृष्ण को काल्पनिक बताती थीं, वे आज राजनीतिक स्वार्थ के लिए अयोध्या व चित्रकूट को बदनाम करने की साजिश रच रही हैं। पिछली सरकारें जनता के टैक्स का पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्रीवॉल और वक्फ के नाम पर जमीनों पर अवैध कब्जे कराने में गंवाती थीं, जबकि भाजपा सरकार महर्षि वाल्मीकि के लालापुर आश्रम, संत तुलसीदास की जन्मभूमि राजापुर, मंदाकिनी तट और कामदगिरि परिक्रमा मार्ग के सौंदर्यीकरण पर निवेश कर रही है। सपा शासनकाल में कब्जाई गई 64,000 एकड़ सरकारी और गरीबों की भूमि को मुक्त कराकर वहां विश्वविद्यालय, अस्पताल और उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>लोक कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ</strong><br>
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक विकास पहुंचा रही है। प्रदेश में 9.5 लाख नौजवानों को पूरी पारदर्शिता से सरकारी नौकरियां दी गई हैं। गरीबों को मुफ्त राशन, आवास, शौचालय, बिजली कनेक्शन, रसोई गैस और ₹5 लाख तक का आयुष्मान स्वास्थ्य कवच दिया जा रहा है। चित्रकूट में आध्यात्मिक टूरिज्म के साथ-साथ रानीपुर टाइगर रिजर्व के माध्यम से इको-टूरिज्म का एक नया केंद्र विकसित किया जा रहा है।</p>
<p><strong>चित्रकूट आने से डरते थे समाजवादी</strong><br>
सीएम ने कहा कि वर्ष 2022 में चित्रकूट में भाजपा का कोई विधायक होता तो यह भी अयोध्या, काशी और प्रयागराज की तरह चमक रहा होता। 2024 में अगर सांसद भी भाजपा का जीता होता तो पूरा संसदीय क्षेत्र व चित्रकूट और तेज गति से आगे बढ़ रहा होता। जिस विचारधारा की सरकार हो, वहां का विधायक-सांसद भी उसी विचारधारा का हो, तो विकास कार्यों में बाधा नहीं आती है। खुद को समाजवादी कहने वाले चित्रकूट आने के नाम पर डरते थे। वे डॉ. लोहिया के नाम पर राजनीति करते हुए परिवार को आगे बढ़ाते हैं। सत्ता में आने पर केवल परिवार के लिए काम करते हैं। उन्हें सैफई परिवार से आगे कुछ दिखाई नहीं देता, न उससे ज्यादा कुछ सोच सकते हैं। उनकी विकास से जुड़ी कोई सोच नहीं थी। इन लोगों ने परिवारवाद-वंशवाद को आगे बढ़ाया और समाज में विद्वेष पैदा करने का काम किया। आज भी उसी तर्ज पर काम कर रहे हैं।</p>
<p><strong>सपा ने बाबर-औरंगजेब को माना आदर्श</strong><br>
सीएम ने कहा कि कभी डॉ. लोहिया के कारण चित्रकूट और प्रदेश के अन्य भागों में रामायण मेलों का शुभारंभ हुआ था। आज की समाजवादी पार्टी राम से दूरी बनाकर बाबर व औरंगजेब को अपना आदर्श मानती है। भगवान राम और श्रीकृष्ण के प्रति उसकी आस्था नहीं है। ये लोग भारत की विरासत का सम्मान नहीं कर सकते। चार-चार बार समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, लेकिन विकास के लिए उसके पास विजन नहीं था।</p>
<p><strong>श्रीराम व श्रीकृष्ण को काल्पनिक कहने वालों से सवाल</strong><br>
सीएम ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी अचानक सक्रिय हो गईं। जो जन्मजात अयोध्या को कोसने वाले लोग थे, उनको एक मुद्दा मिल गया। जब कांग्रेस की केंद्र में सरकार थी, उसने रामसेतु को तोड़ने के लिए शरारत शुरू की थी। उस समय सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस ने एक शपथपत्र दाखिल किया था कि भगवान राम काल्पनिक हैं। राम व कृष्ण को काल्पनिक कहने वाले किस मुंह से अयोध्या के बारे में आस्था की बात कर रहे हैं।</p>
<p><strong>भारत की आस्था को आहत करने का ठेका लिया</strong><br>
सीएम योगी ने अयोध्या मंदिर चढ़ावा और उससे जुड़ी एसआईटी जांच का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 150 लोग मंदिर में चढ़ावे की काउंटिंग में शामिल थे। एसआईटी जांच में केवल 6 लोग इसमें चोरी करते हुए पाए गए। 2 अन्य साजिश का हिस्सा थे, यानी कुल 8 लोग दोषी हुए। एसआईटी रिपोर्ट के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई। पूरे ट्रस्ट को बदनाम करने, पूरी अयोध्या पर अंगुली उठाने और प्रभु श्रीराम की विरासत को अपमानित करने का कोई औचित्य नहीं है। कांग्रेस व समाजवादी पार्टी ने भारत की पूरी आस्था को आहत करने और उस पर प्रहार करने का ठेका लिया है।</p>
<p>इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी, विधान परिषद सदस्य जितेंद्र सिंह सेंगर, डॉ. बाबू लाल तिवारी, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, पूर्व सांसद आर.के. सिंह पटेल, भैरव प्रसाद मिश्रा, रमेश चंद्र द्विवेदी, पूर्व विधायक आनंद शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटारिया समेत कई नेता व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>Train ‘Suhagrat Coach’ Viral Video: 1AC कोच सजाने पर बढ़ा बवाल, रेलवे ने TC को किया सस्पेंड</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली भारतीय रेलवे की एक ट्रेन के 1AC कोच के एक केबिल को सजाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. सोशल मीडिया पर सुहागरात के कमरे की तरह सजे केबिन का वीडियो वायरल होने के बाद अब रेलवे प्रशासन ने संबंधित TC (टिकट चेकर) को सस्पेंड कर दिया है।  दरअसल ये मामला 6 … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:03:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Train, ‘Suhagrat, Coach’, Viral, Video:, 1AC, कोच, सजाने, पर, बढ़ा, बवाल, रेलवे, ने, को, किया, सस्पेंड</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>भारतीय रेलवे की एक ट्रेन के 1AC कोच के एक केबिल को सजाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. सोशल मीडिया पर सुहागरात के कमरे की तरह सजे केबिन का वीडियो वायरल होने के बाद अब रेलवे प्रशासन ने संबंधित TC (टिकट चेकर) को सस्पेंड कर दिया है। </p>
<p>दरअसल ये मामला 6 जुलाई 2026 का है जब ट्रेन संख्या 11002 नंदीग्राम एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक कपल ने अपने सफर को खास बनाने के लिए ऑनलाइन एक निजी डेकोरेटर को काम पर रखा था. इस डेकोरेटर ने ट्रेन के भीतर जाकर उनके पूरे केबिन को सुहागरात के कमरे की तरह सजाया। </p>
<p>वीडियो के सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया है. रेलवे ने इस मामले को सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर चूक माना है. इस लापरवाही के आरोप में संबंधित स्टाफ को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करते हुए पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। </p>
<p>रेलवे सूत्रों के मुताबिक, यात्रियों को अपने केबिन को सजाने पर रेलवे को कोई आपत्ति नहीं है. अगर कोई यात्री पूरा केबिन बुक करता है और उसे खुद सजाता है, तो रेलवे का इससे कोई लेना-देना नहीं होता. ये पूरी तरह से यात्रियों का अपना हक है कि वो किस तरह से सफर करना चाहते हैं. ये किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं माना जाता है। </p>
<p><strong>अनाधिकृत प्रवेश को माना बड़ी चूक</strong><br>
लेकिन इस मामले में असल विवाद बाहरी डेकोरेटर के ट्रेन के भीतर आने को लेकर खड़ा हुआ है. रेलवे प्रशासन का कहना है कि उस निजी डेकोरेटर का ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच के भीतर जाना पूरी तरह से अनाधिकृत था. बिना इजाजत के किसी बाहरी व्यक्ति का वीआईपी कोच में प्रवेश करना सुरक्षा के नियमों के खिलाफ है। </p>
<p>रेलवे ने कहा है कि जांच की रिपोर्ट आने के बाद जो भी सच सामने आएगा, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। </p>]]> </content:encoded>
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<title>H&#45;1B Visa Fraud Case: Cognizant जांच के घेरे में, भारतीय IT प्रोफेशनल्स पर क्या होगा असर?</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली अमेरिका में नौकरी कर डॉलर में कमाने का सपना देखने वाले भारतीय टेक प्रोफेशनल्स के लिए एक अहम खबर सामने आई है. अमेरिकी सरकार ने H-1B और PERM (ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का शुरुआती चरण) वर्क वीजा कार्यक्रमों में कथित धोखाधड़ी और नियमों के दुरुपयोग की जांच तेज कर दी है. इस जांच के … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:03:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>H-1B, Visa, Fraud, Case:, Cognizant, जांच, के, घेरे, में, भारतीय, प्रोफेशनल्स, पर, क्या, होगा, असर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
अमेरिका में नौकरी कर डॉलर में कमाने का सपना देखने वाले भारतीय टेक प्रोफेशनल्स के लिए एक अहम खबर सामने आई है. अमेरिकी सरकार ने H-1B और PERM (ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का शुरुआती चरण) वर्क वीजा कार्यक्रमों में कथित धोखाधड़ी और नियमों के दुरुपयोग की जांच तेज कर दी है. इस जांच के दौरान जिन बड़ी कंपनियों का नाम सार्वजनिक रूप से सामने आया है, उनमें आईटी दिग्गज Cognizant भी शामिल है। </p>
<p>यह कार्रवाई अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई वाली टास्क फोर्स टू एल‍िमिनेट फ्रॉड के तहत की जा रही है. अमेरिकी श्रम विभाग ( के इंस्पेक्टर जनरल एंथनी डी'एस्पोसिटो ने बताया कि जांच एजेंसियों को कई व्हिसलब्लोअर्स से जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि Cognizant जैसी कुछ बड़ी कंपनियों से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है और कई समन (Subpoenas) जारी किए जा चुके हैं। </p>
<p><strong>अमेरिकी सरकार क्या जांच कर रही है?</strong></p>
<p>अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार जांच का फोकस उन मामलों पर है, जहां H-1B और PERM वीजा प्रक्रिया का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया. इसमें फर्जी आवेदन, वेज-किकबैक (कर्मचारियों से वेतन का हिस्सा वापस लेने के आरोप), विदेशी कर्मचारियों के कथित शोषण और अमेरिकी श्रमिकों की जगह कम लागत वाले विदेशी कर्मचारियों को प्राथमिकता देने जैसे आरोपों की जांच की जा रही है। </p>
<p>हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फिलहाल कॉग्नीजेंट के खिलाफ कोई औपचारिक आरोप तय नहीं हुए हैं और न ही किसी अदालत ने कंपनी को किसी भी मामले में दोषी ठहराया है. जांच अभी शुरुआती चरण में है। </p>
<p>भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए यह मामला क्यों अहम है?<br>
अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन से जुड़े हालिया सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2024 में स्वीकृत H-1B लाभार्थियों में 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय नागरिक थे. यानी अमेरिका के टेक सेक्टर में भारतीय इंजीनियरों और आईटी प्रोफेशनल्स की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। </p>
<p>वीजा ट्रेंड्स से जुड़े सार्वजनिक डेटाबेस बताते हैं कि Cognizant H-1B वीजा स्पॉन्सर करने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रही है. इसलिए कंपनी से जुड़ी किसी भी बड़ी जांच पर भारतीय आईटी सेक्टर की नजर स्वाभाविक रूप से रहती है। </p>
<p><strong>कॉग्नीजेंट पहले भी रही है चर्चा में</strong><br>
पिछले कुछ वर्षों में Cognizant वैश्विक स्तर पर लागत घटाने, रीस्ट्रक्चरिंग और कर्मचारियों की छंटनी को लेकर भी चर्चा में रही है. ऐसे में यदि H-1B और PERM मामलों में नियामकीय जांच और सख्त होती है तो कंपनी समेत अन्य आईटी कंपनियों को भी वीजा प्रक्रियाओं में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ सकती है। </p>
<p><strong>भारत के IT सेक्टर और नौकरियों पर क्या असर पड़ सकता है?</strong><br>
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि H-1B वीजा पर निगरानी और कड़ी होती है तो इसके कई संभावित प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। </p>
<p><strong>1. ऑनसाइट अवसर सीमित हो सकते हैं</strong><br>
कंपनियां नए H-1B वीजा स्पॉन्सर करने में पहले से अधिक सतर्क रुख अपना सकती हैं. इससे अमेरिका में काम करने के अवसर कुछ हद तक प्रभावित हो सकते हैं। </p>
<p><strong>2. भारत में ऑफशोर हायरिंग बढ़ सकती है</strong><br>
यदि अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति जटिल होती है, तो कंपनियां भारत जैसे देशों से रिमोट या ऑफशोर मॉडल पर अधिक <strong>काम कराने की रणनीति अपना सकती हैं। </strong></p>
<p><strong>3. हाई-स्किल और हाई-सैलरी प्रोफाइल को मिल सकता है फायदा</strong><br>
अमेरिकी श्रम विभाग वेतन और भर्ती प्रक्रिया पर विशेष नजर रख रहा है. ऐसे में अधिक कौशल और बेहतर वेतन वाले पदों पर H-1B स्पॉन्सरशिप की संभावना अपेक्षाकृत मजबूत रह सकती है। </p>
<p>फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है. आने वाले महीनों में अमेरिकी एजेंसियों की जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि इसका कॉग्नीजेंट, अन्य आईटी कंपनियों और भारतीय टेक प्रोफेशनल्स पर वास्तविक प्रभाव कितना पड़ता है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>CG Cabinet Decisions: साय कैबिनेट के 11 बड़े फैसले, कारोबार होगा आसान, निजी विश्वविद्यालयों के नए नियम समेत कई अहम मंजूरियां</title>
<link>https://atworldnews.in/9377</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, निवेश, शिक्षा, कर व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने कारोबार को आसान बनाने, निवेश आकर्षित करने, निजी विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता बढ़ाने, बिजली आपूर्ति व्यवस्था … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 11:32:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Cabinet, Decisions:, साय, कैबिनेट, के, बड़े, फैसले, कारोबार, होगा, आसान, निजी, विश्वविद्यालयों, के, नए, नियम, समेत, कई, अहम, मंजूरियां</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong><br>
 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, निवेश, शिक्षा, कर व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने कारोबार को आसान बनाने, निवेश आकर्षित करने, निजी विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता बढ़ाने, बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और किरायेदारी कानून में बदलाव जैसे कई अहम निर्णय लिए।</p>
<p>कैबिनेट ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान की सुरक्षा के लिए मौजूदा त्रिपक्षीय समझौते की जगह भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी। इससे एनटीपीसी समेत अन्य केंद्रीय कंपनियों से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी और राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।</p>
<p>बैठक में बस्तर फाइटर्स के भर्ती एवं सेवा नियम-2026 में संशोधन को मंजूरी दी गई। साथ ही निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना एवं संचालन संबंधी कानून में संशोधन कर 'विन्यास निधि' के स्थान पर 'रक्षित निधि' का प्रावधान किया गया है। इससे छात्रों के हितों की बेहतर सुरक्षा होगी और विश्वविद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं यूजीसी मानकों के अनुरूप विकसित की जा सकेंगी।</p>
<p>
<strong>VAT संशोधन विधेयक-2026 को भी मंजूरी दी</strong><br>
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (VAT) संशोधन विधेयक-2026 को भी मंजूरी दी। इसके तहत वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त किया जाएगा और लंबित मामलों का निपटारा अब राजस्व मंडल करेगा। वहीं जीएसटी संशोधन विधेयक-2026 के जरिए कर व्यवस्था को सरल बनाने, रिफंड प्रक्रिया तेज करने और उद्योगों को राहत देने का निर्णय लिया गया।</p>
<p><strong>    औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए नया संशोधन विधेयक मंजूर<br>
    देश का पहला Ease of Doing Business विधेयक लाने की तैयारी<br>
    NRDA की One Time Settlement (OTS)-2026 योजना को मंजूरी<br>
    जल प्रदूषण नियंत्रण कानून-2024 को राज्य में लागू करने का प्रस्ताव<br>
    किरायेदारी कानून में संशोधन, मकान किराये पर देने को मिलेगा बढ़ावा<br>
    राजनांदगांव में 2000 सीटों वाला आधुनिक ऑडिटोरियम बनेगा</strong></p>
<p>
राज्य में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक-2026 को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही कैबिनेट ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति दी। यह कानून लागू होने पर छत्तीसगढ़ ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। इसमें डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण, थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन और रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।</p>
<p><strong>छत्तीसगढ़ में नया कारोबार शुरू करना होगा आसान</strong><br>
साय कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ ईज़ ऑफ़ डूइंग बिजनेस विधायक को मंजूरी दी गई है. इसके लागू होने के बाद उद्योग और व्यापार शुरू करने की प्रक्रिया आसान, डिजिटल और समयबद्ध होगी. इसमें कई तरह की अनावश्यक मंजूरी और प्रक्रियाओं को कम करने का प्रावधान है. इसके साथ ही कैबिनेट की बैठक में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन कानून में बदलाव को मंजूरी दी गई है. जिससे राज्य में नए उद्योग लगाने और निवेश बढ़ाने के लिए बेहतर माहौल तैयार होगा. साथ ही कैबिनेट ने जीएसटी कानून में बदलाव को मंजूरी दी है. इसका मकसद टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाना और कारोबारी खासकर निर्यातकों को रिफंड मिलने की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है। </p>
<p>इसके अलावा 13 जुलाई से शुरू होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले विधेयकों पर भी कैबिनेट की बैठक में चर्चा की गई. चर्चा के बाद छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने कई अहम विधायकों के प्रावधानों को मंजूरी दी. बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों के प्रश्नों के सही और उचित उत्तर तैयार करने के निर्देश भी दिए. साथ ही पूरी तैयारी के साथ विधानसभा में विपक्ष के सवालों के जवाब देने के निर्देश भी दिए हैं। </p>
<p>मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण 'NRDA' की वन टाइम सेटलमेंट (OTS)-2026 योजना को भी मंजूरी दी। इससे भूखंड आवंटित लोगों को ब्याज और अधिभार में राहत मिलेगी तथा लंबित परियोजनाओं को पूरा करने और भूमि के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>इसके अलावा कैबिनेट ने जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण संशोधन अधिनियम-2024 को राज्य में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम-2011 में संशोधन कर मकान मालिक और किरायेदारों के अधिकारों को स्पष्ट करने तथा किरायेदारी विवादों के त्वरित समाधान का रास्ता तैयार किया गया।</p>
<p>बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राजनांदगांव में 2000 सीटों की क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि आवंटित करने की स्वीकृति भी दी गई।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –</strong></p>
<p><strong>1.   </strong> मंत्रिपरिषद् ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जा रही बिजली के भुगतान की सुरक्षा के लिए वर्तमान त्रिपक्षीय अनुबंध (Tripartite Agreement) के स्थान पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (Direct Debit Mandate-DDM) व्यवस्था लागू किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। </p>
<p>इस निर्णय से एनटीपीसी सहित अन्य सीपीएसयू से विद्युत आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित होगी तथा भुगतान सुरक्षा की व्यवस्था आरबीआई के वर्तमान प्रावधानों के अनुरूप हो सकेगी। राज्य शासन पर इससे कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा, क्योंकि वितरण कंपनी द्वारा भुगतान की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी तथा आवश्यक होने पर पहले लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) की व्यवस्था प्रभावी रहेगी।</p>
<p><strong>2.    </strong>मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स), फाइटर आरक्षक सेवा (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 2026 में महत्वपूर्ण संशोधन को स्वीकृति दी गई है। </p>
<p><strong>3.   </strong> मंत्रिपरिषद् द्वारा छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है। इस संशोधन में भारत सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय के विनियमन प्रकोष्ठ की अनुशंसाओं के अनुरूप निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना संबंधी प्रावधानों को अधिक व्यावहारिक, गुणवत्तापूर्ण और समकालीन बनाया गया है। </p>
<p>इसके तहत निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए विन्यास निधि के स्थान पर रक्षित निधि का प्रावधान लागू करने से अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के भविष्य को संवारने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित किए जा सकेंगे। इसमें आधारभूत अधोसंरचना, पुस्तकालय एवं अन्य सुविधाओं को यूजीसी एवं सक्षम नियामक संस्थाओं के मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। इस संशोधन से राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। </p>
<p><strong>4. </strong>   मंत्रिपरिषद् ने छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस संशोधन के माध्यम से छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त करने के साथ ही उससे संबंधित प्रावधानों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। </p>
<p>जीएसटी लागू होने के बाद वैट संबंधी द्वितीय अपीलों के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है और राज्य में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) की स्थापना भी हो चुकी है। ऐसे में पृथक वाणिज्यिक कर अधिकरण की आवश्यकता नहीं रह गई है। इस संशोधन के बाद अधिकरण में लंबित प्रकरणों का स्थानांतरण राजस्व मंडल को किया जाएगा, जिससे अपीलों के निराकरण की प्रक्रिया सुव्यवस्थित एवं अधिक प्रभावी हो सकेगी।</p>
<p><strong>5. </strong>   मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इस संशोधन का उद्देश्य जीएसटी कानून को सरल बनाना, अनुपालन संबंधी प्रक्रियाओं को आसान बनाना तथा करदाताओं, विशेषकर निर्यातकों और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर वाले उद्योगों के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है। इससे  कर प्रशासन अधिक प्रभावी होगा, करदाताओं को सुविधा मिलेगी साथ ही राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी।</p>
<p><strong>6.</strong>    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस संशोधन का उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना, उद्योगों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार करना तथा निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस संशोधन विधेयक के प्रारूप को तैयार करने में अन्य अग्रणी राज्यों की औद्योगिक नीतियों का भी अध्ययन किया गया है। इससे निवेश प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।</p>
<p><strong>7.  </strong>  मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में व्यापार और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, डिजिटल एवं समयबद्ध बनाना है। इस तरह का विधेयक लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। </p>
<p>इसके अंतर्गत डीम्ड परमिशन (Deemed Permission), स्व-प्रमाणीकरण (Self-certification), तृतीय-पक्ष सत्यापन (Third-party Verification), जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-based Inspection) तथा दोहरे लाइसेंसिंग दायित्वों को समाप्त करने जैसे प्रावधान किए गए हैं। इससे निवेशकों के लिए अनावश्यक प्रक्रियात्मक बाधाएं कम होंगी, कारोबार करने में सुगमता बढ़ेगी तथा राज्य में निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी। </p>
<p><strong>8. </strong>   मंत्रिपरिषद् ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा आबंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों पर देय ब्याज एवं अधिभार में राहत प्रदान करने हेतु वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी दी है। </p>
<p>इस योजना से पात्र आबंटितियों को निर्धारित शर्तों के तहत बकाया देयों के नियमितीकरण, परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूरा करने में मदद मिलेगी, जो विकास करने के इच्छुक है उनको अवसर मिलेगा और जो इच्छुक नहीं है, वे समय पर आबंटित भूमि को सरेंडर कर सकेंगे। इस निर्णय से मुकदमेबाजी में कमी आएगी, भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा तथा नवा रायपुर में निवेश एवं विकास गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। </p>
<p><strong>9.   </strong> मंत्रिपरिषद् ने जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को छत्तीसगढ़ राज्य में अंगीकार करने के लिए विधानसभा में संकल्प प्रस्तुत किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। </p>
<p>भारत सरकार द्वारा लाए गए इस संशोधन का उद्देश्य पर्यावरणीय कानूनों के अनुपालन को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। इसके तहत छोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से हटाकर उन पर आर्थिक दंड का प्रावधान तथा दंड निर्धारण एवं अपील की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया है। इस निर्णय से राज्य में पर्यावरणीय नियमन को सरल बनाने, अनुपालन को प्रोत्साहित करने तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ प्रभावी पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने में सहायता मिलेगी।</p>
<p><strong>10.  </strong>  मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम, 2011 (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य खाली मकानों को किराये पर देने को बढ़ावा देना और किरायेदारी से जुड़े विवादों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इस संशोधन में भवन स्वामी और किरायेदार के अधिकार व दायित्व स्पष्ट किए गए है, साथ ही संपत्ति प्रबंधक, किराया प्राप्ति, अधिकरण के अध्यक्ष की पदावधि और न्यायालय शुल्क से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए है। यह संशोधन भारत सरकार के आदर्श किरायेदारी अधिनियम, 2021 के अनुरूप है।</p>
<p><strong>11.</strong>    मंत्रिपरिषद् द्वारा राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि के आबंटन का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>रायपुर : तेन्दूपत्ता संग्राहकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध – वन मंत्री केदार कश्यप</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर : तेन्दूपत्ता संग्राहकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध – वन मंत्री केदार कश्यप 621 समितियों के 7.14 लाख से अधिक संग्राहकों को मिलेगा 162.32 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन पारिश्रमिक 11.15 लाख संग्राहकों को 734.25 करोड़ रुपए का संग्रहण पारिश्रमिक पहले ही मिल चुका है रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने 7.14 लाख … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 11:32:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>रायपुर, तेन्दूपत्ता, संग्राहकों, के, आर्थिक, सशक्तिकरण, के, लिए, सरकार, पूरी, तरह, प्रतिबद्ध, –, वन, मंत्री, केदार, कश्यप</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर : तेन्दूपत्ता संग्राहकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध – वन मंत्री केदार कश्यप</strong></p>
<p><strong>621 समितियों के 7.14 लाख से अधिक संग्राहकों को मिलेगा 162.32 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन पारिश्रमिक</strong></p>
<p><strong>11.15 लाख संग्राहकों को 734.25 करोड़ रुपए का संग्रहण पारिश्रमिक पहले ही मिल चुका है</strong></p>
<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ सरकार ने 7.14 लाख से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ की प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि का वितरण किया है। राज्य में वर्तमान में तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर को 4,000 रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है, जिससे संग्राहक परिवारों को सीधा आर्थिक संबल मिल रहा है।  तेन्दूपत्ता का संग्रहण दर 5,500  रुपए प्रति मानक बोरा होने से संग्राहक परिवारों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।</p>
<p>             वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार तेन्दूपत्ता संग्राहकों, वनवासियों और आदिवासी परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जंगल से जुड़े प्रत्येक श्रमिक को उसके श्रम का उचित सम्मान मिले और पारिश्रमिक समय पर सीधे उसके बैंक खाते में पहुंचे।</p>
<p><strong>वर्ष 2023 के प्रोत्साहन पारिश्रमिक का वितरण शुरू</strong></p>
<p>            वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि विगत 3 जुलाई को सहकारिता सप्ताह एवं अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण के प्रोत्साहन पारिश्रमिक वितरण का शुभारंभ किया गया। इसके तहत प्रदेश की 621 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों से जुड़े 7,14,446 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। भुगतान की प्रक्रिया तेजी से जारी है और शीघ्र पूरी कर ली जाएगी।</p>
<p><strong>संग्रहण पारिश्रमिक का समय पर ऑनलाइन भुगतान</strong></p>
<p>               वन मंत्री ने बताया कि सरकार ने संग्रहण सत्र 2026 में भी तेन्दूपत्ता संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया है। प्रदेश के लगभग 11.15 लाख संग्राहकों को 734.25 करोड़ रुपए की संग्रहण पारिश्रमिक राशि ऑनलाइन माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे लाखों वनवासी और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है।</p>
<p><strong>पारदर्शी और तकनीक आधारित भुगतान व्यवस्था</strong></p>
<p>              केदार कश्यप ने कहा कि तेन्दूपत्ता प्रदेश के लाखों वनवासी परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। इसलिए राज्य सरकार संग्रहण से लेकर भुगतान तक पूरी व्यवस्था को पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बना रही है, ताकि संग्राहकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।</p>
<p><strong>वनवासियों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता</strong></p>
<p>              वन मंत्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को समय पर पारिश्रमिक और प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराना इसी सोच का परिणाम है। आने वाले समय में भी सरकार वनवासियों के हितों की रक्षा, उनकी आय में वृद्धि तथा वन आधारित आजीविका को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>योगी सरकार में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने की नई पहल, यूपीएसआरएलएम और टाटा पावर ट्रस्ट के बीच हुआ एमओयू</title>
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<description><![CDATA[ योगी सरकार में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने की नई पहल, यूपीएसआरएलएम और टाटा पावर ट्रस्ट के बीच हुआ एमओयू स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को मिलेगा उद्यमिता, कौशल विकास और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण योगी सरकार के &#039;लखपति महिला उद्यमी&#039; अभियान को मिलेगी नई गति, महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को मिलेगा बढ़ावा … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 11:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>योगी, सरकार, में, ग्रामीण, महिलाओं, को, आर्थिक, मजबूती, देने, की, नई, पहल, यूपीएसआरएलएम, और, टाटा, पावर, ट्रस्ट, के, बीच, हुआ, एमओयू</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>योगी सरकार में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने की नई पहल, यूपीएसआरएलएम और टाटा पावर ट्रस्ट के बीच हुआ एमओयू</strong></p>
<p><strong>स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को मिलेगा उद्यमिता, कौशल विकास और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण</strong></p>
<p><strong>योगी सरकार के 'लखपति महिला उद्यमी' अभियान को मिलेगी नई गति, महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को मिलेगा बढ़ावा<br>
 <br>
मिलेट कैफे और एग्रो प्रोसेसिंग आधारित इकाइयों की स्थापना से बढ़ेंगे रोजगार और स्वरोजगार के अवसर</strong></p>
<p><strong>लखनऊ </strong><br>
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) और टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर विकसित करना है।</p>
<p>राज्य मिशन कार्यालय लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में हुए इस समझौते के तहत महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों और क्लस्टर स्तरीय संघों की संस्थागत क्षमता को मजबूत किया जाएगा। महिलाओं को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण, उद्यमिता कौशल का विकास और उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।</p>
<p>समझौते के तहत प्रदेश में मिलेट कैफे, एग्रो प्रोसेसिंग आधारित इकाइयों और अन्य महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यम स्थापित किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट की यह साझेदारी ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>यह पहल प्रदेश में महिला उद्यमिता को नई दिशा देने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि कर उन्हें लखपति महिला उद्यमी बनाने के अभियान को और अधिक गति प्रदान करेगी। इस अवसर पर मिशन निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन दीपा रंजन ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है। टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट के साथ यह साझेदारी महिला उद्यमिता को नई दिशा प्रदान करेगी। साथ ही महिलाओं की आय में वृद्धि कर उन्हें लखपति महिला उद्यमी बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<p>टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन एवं मुख्य मानव संसाधन, सीएसआर एवं सस्टेनेबिलिटी अधिकारी हिमल तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ यह सहयोग महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को सशक्त बनाने, स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और सतत ग्रामीण आजीविका के अवसर विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह साझेदारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को नई गति प्रदान करेगी।</p>
<p>इस अवसर पर मिशन निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन दीपा रंजन, अपर मिशन निदेशक जयंत यादव, संयुक्त मिशन निदेशक चंद्रशेखर, राज्य परियोजना प्रबंधक आचार्य शेखर, मिशन मैनेजर नवीन शर्मा सहित उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट की ओर से चेयरमैन एवं मुख्य मानव संसाधन, सीएसआर एवं सस्टेनेबिलिटी अधिकारी हिमल तिवारी, मुख्य सामुदायिक प्रभाव (सीएसआर) पंकज सिंह, गीतांजलि त्रिपाठी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सीएम योगी गुरुवार को चित्रकूट&#45;बांदा दौरे पर, विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात</title>
<link>https://atworldnews.in/9374</link>
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<description><![CDATA[ सीएम योगी गुरुवार को चित्रकूट-बांदा दौरे पर, विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात मुख्यमंत्री चित्रकूट के कामदगिरी की परिक्रमा करेंगे बांदा में जनसभा, बबेरू एवं बांदा सदर के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण एवं शिलान्यास लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार 9 जुलाई को चित्रकूट और बांदा के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री चित्रकूट … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 11:31:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सीएम, योगी, गुरुवार, को, चित्रकूट-बांदा, दौरे, पर, विकास, परियोजनाओं, की, देंगे, सौगात</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सीएम योगी गुरुवार को चित्रकूट-बांदा दौरे पर, विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री चित्रकूट के कामदगिरी की परिक्रमा करेंगे</strong></p>
<p><strong>बांदा में जनसभा, बबेरू एवं बांदा सदर के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण एवं शिलान्यास</strong></p>
<p><strong>लखनऊ</strong><br>
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार 9 जुलाई को चित्रकूट और बांदा के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री चित्रकूट के न्यू सर्किट हाउस से <br>
कामदगिरि परिक्रमा स्थल में मौजूद बरहा के हनुमान मंदिर पहुंचेंगे। वहां दर्शन पूजन के बाद कामदगिरि की परिक्रमा करेंगे। कामदगिरि की परिक्रमा लगभग 6 किलोमीटर है, जिसे लगभग 1 घंटे में पूरा किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री फिर से हनुमान मंदिर पहुंचेंगे और फिर वहां से चित्रकूट के न्यू सर्किट हाउस पहुंचेंगे। </p>
<p>इसके बाद मुख्यमंत्री बांदा पहुंचेंगे। यहां पं. जवाहरलाल नेहरू डिग्री कॉलेज के मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री बांदा जनपद की 2 विधानसभाओं (बबेरू एवं बांदा सदर) की लगभग 709 करोड़ रुपए की 229 विकास कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे। बांदा सदर विधानसभा क्षेत्र में 171 करोड़ रुपए की लागत से करीब 45 विकास कार्य कराए जा चुके हैं। </p>
<p>इसी तरह बबेरू विधानसभा क्षेत्र में 65 करोड़ की लागत से 64 कार्य कराए गए हैं। जिनका लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इसी तरह बांदा सदर विधानसभा में 425 करोड़ रुपए की लागत से 40 कार्य और बबेरू विधानसभा में 47 करोड़ की लागत से 80 विकास कार्यों का शिलान्यास मुख्यमंत्री करेंगे। वहीं मुख्यमंत्री शहर के कालूकुआ चौराहे में रानी अवन्ति बाई लोधी की मूर्ति का अनावरण कर सकते हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>किराए की THAR पर लगेगा बैन? हादसों के बाद सरकार की बड़ी तैयारी, जानिए पूरा प्लान</title>
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<description><![CDATA[ पणजी  गोवा का नाम सुनते ही दिमाग में बीच, छुट्टियां और किराये पर दौड़ती महिंद्रा थार की तस्वीर बनती है. लेकिन यही THAR सरकार की नज़र में आ गई है, जिसकी रफ्तार पर राज्य सरकार ब्रेक लगाने की तैयारी में है. वजह हैं लगातार सामने आ रहे सड़क हादसे. गोवा सरकार ने नई रेंटल महिंद्रा … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 11:03:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>किराए, की, THAR, पर, लगेगा, बैन, हादसों, के, बाद, सरकार, की, बड़ी, तैयारी, जानिए, पूरा, प्लान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पणजी </strong></p>
<p>गोवा का नाम सुनते ही दिमाग में बीच, छुट्टियां और किराये पर दौड़ती महिंद्रा थार की तस्वीर बनती है. लेकिन यही THAR सरकार की नज़र में आ गई है, जिसकी रफ्तार पर राज्य सरकार ब्रेक लगाने की तैयारी में है. वजह हैं लगातार सामने आ रहे सड़क हादसे. गोवा सरकार ने नई रेंटल महिंद्रा थार और थार रॉक्स के लाइसेंस पर रोक लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है. अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो यह सिर्फ एक गाड़ी पर फैसला नहीं होगा, बल्कि पूरे रेंटल कार कारोबार और टूरिज़्म से जुड़े समीकरण भी बदल सकते हैं। </p>
<p><strong>ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या हादसों की वजह सिर्फ गाड़ी है, या फिर उसे चलाने का तरीका? यही बहस अब गोवा से निकलकर पूरे देश में शुरू हो सकती है. आइये जानें क्या है पूरा मामला- </strong></p>
<p>गोवा के परिवहन मंत्री मौविन गोडिन्हो (Mauvin Godinho) ने हाल ही में राज्य परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़े कई नए प्रस्तावों पर चर्चा हुई. मंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि ज्यादा जोखिम वाली रेंटल महिंद्रा थार गाड़ियों को लेकर नए नियम बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. दरअसल सरकार महिंद्रा थार को (हाई-रिस्क रेंट-कार) मान रही है और और इस मीटिंग में थार गाड़ियों को रेगुलेट करने के प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई. इसे अब स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा। </p>
<p>सरकार ने साफ किया है कि बड़े सड़क हादसों में शामिल रेंटल कार चालकों के साथ-साथ गाड़ी मालिकों और ऑपरेटरों पर भी कार्रवाई होगी. इसके अलावा प्राइवेट गाड़ियों का अवैध तरीके से कमर्शियल और रेंटल इस्तेमाल करने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा. रेंटल गाड़ियों की पार्किंग को लेकर भी अलग नियम बनाए जा सकते हैं। </p>
<p><strong>अभी नहीं लगी है रोक</strong><br>
यहां यह ध्यान देना जरूरी है कि, फिलहाल महिंद्रा थार पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं हुआ है. यह सिर्फ एक प्रस्ताव है, जिस पर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की अगली बैठक में वोटिंग होगी. मंजूरी मिलने के बाद ही इसे लागू किया जाएगा. महिंद्रा थार और थार रॉक्स देश के कई टूरिस्टम प्लेसेज पर सबसे ज्यादा किराये पर ली जाने वाली SUVs में शामिल हैं। </p>
<p>शानदार ऑफ-रोडिंग कैपेसिटी, दमदार इंजन और बोल्ड रोड प्रेजेंस इस एसयूवी को टूरिस्ट के बीच लोकप्रियम बनाती हैं. इसके अलावा टफ टेरेन (खराब रास्तों) पर चलने की क्षमता के कारण पर्यटक इन्हें काफी पसंद करते हैं. हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि गोवा सरकार ने किन आंकड़ों के आधार पर इन्हें दूसरी गाड़ियों की तुलना में ज्यादा जोखिम वाला माना है। </p>
<p><strong>पहले भी आ चुके हैं ऐसे प्रस्ताव</strong><br>
यह पहली बार नहीं है जब गोवा सरकार ने रेंटल गाड़ियों को लेकर बड़ा कदम उठाने की कोशिश की है. साल 2023 में भी प्रस्ताव आया था कि 2024 से राज्य में सभी कार और बाइक रेंटल ऑपरेटर सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन ही किराये पर दें. हालांकि यह योजना लागू नहीं हो सकी. वहीं उबर और ओला जैसी टैक्सी एग्रीगेटर सेवाओं को राज्य में शुरू करने की कोशिशें भी अब तक सफल नहीं हुई हैं। </p>
<p>बैठक में रोड सेफ्टी को बेहतर करने के लिए AI बेस्ड ट्रैफिक कैमरे, स्पीड गवर्नर और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम लगाने पर भी चर्चा हुई. मंत्री के मुताबिक, राज्य के 26 स्थानों पर लगाए गए AI ट्रैफिक कैमरों ने एक ही दिन में 56,500 से ज्यादा ट्रैफिक वॉयलेशन के केस पकड़े हैं. फिलहाल लोगों को चेतावनी दी जा रही है. 15 जुलाई के बाद मौके पर ही चालान काटे जाएंगे. सितंबर तक कैमरों की संख्या 52 औ    र दिसंबर तक 90 स्थानों तक बढ़ाने की योजना है। </p>
<p><strong>क्या THAR है दोषी?</strong><br>
हालांकि, अभी रेंटेड थार के रोक पर कोई अंतिम फैसला नहीं आया है. लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि, क्या सड़क पर होने वाले हादसों के लिए गाड़ी जिम्मेदार है? इससे पहले भी थार को लेकर इस तरह की कई बातें सामने आ चुकी हैं. कुछ दिनों पहले हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस) ओपी सिंह ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि, "अब थार गाड़ी है, इसे छोड़ने का क्या मतलब है… सारे बदमाश इसी से चलते हैं. मतलब जिस तरह की गाड़ी का च्वॉइस है… वो आपका माइंडसेट शो करता है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>ATM हैक करने का नया तरीका? वायरल VIDEO से मची सनसनी, जानिए क्या है पूरा सच</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली कुछ दिन पहले BAT-BMS ऐप को लेकर ई-रिक्शा बंद होने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे. अब उसी तरह का एक नया वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है. इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक शख्स मोबाइल ऐप की मदद से ATM मशीन को बंद … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 11:03:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ATM, हैक, करने, का, नया, तरीका, वायरल, VIDEO, से, मची, सनसनी, जानिए, क्या, है, पूरा, सच</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>कुछ दिन पहले BAT-BMS ऐप को लेकर ई-रिक्शा बंद होने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे. अब उसी तरह का एक नया वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है. इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक शख्स मोबाइल ऐप की मदद से ATM मशीन को बंद और फिर चालू कर देता है। </p>
<p>वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या अब ATM भी मोबाइल ऐप से हैक किए जा सकते हैं? क्या किसी आम इंसान के लिए फोन से ATM को कंट्रोल करना मुमकिन है? आइए जानते हैं इस वायरल दावे की सच्चाई। </p>
<p><strong>वीडियो में क्या दिख रहा है?</strong></p>
<p>वायरल वीडियो में एक शख्स अपने मोबाइल फोन में एक ऐप खोलता है. ऐप में मौजूद बटन दबाते ही सामने खड़ी ATM मशीन बंद होती हुई दिखाई देती है. कुछ सेकंड बाद वह फिर दूसरा बटन दबाता है और ATM दोबारा चालू हो जाती है। </p>
<p><strong>वीडियो में दिखने वाले ऐप का इंटरफेस काफी हद तक BAT-BMS ऐप जैसा नजर आता है, जो हाल ही में ई-रिक्शा विवाद के कारण चर्चा में आया था। </strong></p>
<p><strong>क्या सच में मोबाइल से ATM कंट्रोल किया जा सकता है?</strong><br>
फिलहाल इसका कोई सबूत नहीं है, अब तक किसी बैंक, ATM नेटवर्क ऑपरेटर या सरकारी एजेंसी ने यह पुष्टि नहीं की है कि किसी नॉर्मल मोबाइल ऐप से ATM मशीन को बंद या चालू किया जा सकता है. इसलिए वायरल वीडियो में किया गया दावा साबित नहीं हुआ है। </p>
<p>साइबर सिक्योरिटी से जुड़े जानकारों का कहना है कि ATM मशीनें नॉर्मल Bluetooth या ओपन वायरलेस नेटवर्क पर काम नहीं करतीं. ये बैंक के सुरक्षित नेटवर्क, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और कई लेवल की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी होती हैं. ऐसे में किसी आम मोबाइल ऐप से इन्हें कंट्रोल करना बेहद मुश्किल माना जाता है। </p>
<p><strong>वीडियो में ऐसा कैसे दिख रहा है?</strong><br>
इसका जवाब अभी साफ नहीं है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वीडियो पहले से प्लान किया गया हो सकता है. यह भी संभावना जताई गई है कि ATM नॉर्मल तरीके से रीस्टार्ट हो रहा हो और उसी समय मोबाइल ऐप का इस्तेमाल दिखाकर ऐसा माहौल बनाया गया हो कि मशीन ऐप से कंट्रोल हो रही है. कुछ जगहों पर AI या वीडियो एडिटिंग की भी आशंका जताई गई है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। </p>
<p><strong>BAT-BMS ऐप से क्या है कनेक्शन?</strong><br>
हाल ही में BAT-BMS ऐप चर्चा में आया था. इस ऐप का इस्तेमाल कुछ ई-रिक्शा की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से कनेक्ट होकर उन्हें दूर से बंद करने के लिए किए जाने के आरोप लगे थे. इसके बाद सरकार ने मामले की जांच शुरू की और BAT-BMS समेत कुछ ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश भी दिए। </p>
<p>यही वजह है कि अब ATM वाले वायरल वीडियो को भी लोग उसी विवाद से जोड़कर देख रहे हैं. कुछ लोगों को ये सच भी लग रहा है, क्योंकि वीडियो इस तरह से तैयार किया गया है कि ये किसी को भी सही लगे। </p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>ब्रह्मोस से आकाश तक! दुनिया में बढ़ी भारतीय हथियारों की धाक, इन स्वदेशी मिसाइलों की विदेशों में जबरदस्त मांग</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली भारत अब डिफेंस सेक्टर में सिर्फ खरीदार नहीं बल्कि विश्व स्तर पर सप्लायर के रूप में उभर रहा है. ब्रह्मोस, अस्त्र, आकाश और आकाशतीर जैसे स्वदेशी हथियार अब विदेशी देशों की पहली पसंद बन रहे हैं. इन हथियारों का युद्धक्षेत्र में सफल प्रदर्शन, विश्वसनीयता और लागत प्रभावी होने की वजह से कई देश … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 10:33:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ब्रह्मोस, से, आकाश, तक, दुनिया, में, बढ़ी, भारतीय, हथियारों, की, धाक, इन, स्वदेशी, मिसाइलों, की, विदेशों, में, जबरदस्त, मांग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>भारत अब डिफेंस सेक्टर में सिर्फ खरीदार नहीं बल्कि विश्व स्तर पर सप्लायर के रूप में उभर रहा है. ब्रह्मोस, अस्त्र, आकाश और आकाशतीर जैसे स्वदेशी हथियार अब विदेशी देशों की पहली पसंद बन रहे हैं. इन हथियारों का युद्धक्षेत्र में सफल प्रदर्शन, विश्वसनीयता और लागत प्रभावी होने की वजह से कई देश इनकी ओर आकर्षित हो रहे हैं. भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा <strong>है. इन हथियारों ने इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। </strong></p>
<p><strong>ब्रह्मोस: दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल</strong><br>
ब्रह्मोस भारत और रूस का ज्वाइंट प्रोजेक्ट है. यह विश्व की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जो समुद्र, जमीन और हवा से लॉन्च की जा सकती है. फिलीपींस पहले विदेशी खरीदार के रूप में ब्रह्मोस को खरीद चुका है, जहां यह तटीय सुरक्षा के लिए तैनात है. हाल ही में वियतनाम और इंडोनेशिया ने भी ब्रह्मोस की खरीद के लिए समझौते किए हैं। </p>
<p>वियतनाम के साथ सौदा करीब 700 मिलियन डॉलर का बताया जा रहा है, जबकि इंडोनेशिया ने भी सैकड़ों मिलियन डॉलर का ऑर्डर दिया है. UAE, थाईलैंड, सऊदी अरब, ब्राजील और चिली जैसे देश भी ब्रह्मोस में रुचि दिखा रहे हैं. इस मिसाइल की गति और सटीकता इसे दुश्मन के लिए खतरनाक बनाती है। </p>
<p><strong>अस्त्र: स्वदेशी बीवीआर एयर-टू-एयर मिसाइल</strong><br>
अस्त्र मिसाइल DRDO द्वारा विकसित की गई स्वदेशी बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVRAAM) एयर-टू-एयर मिसाइल है. यह Su-30 MKI जैसे फाइटर जेट्स पर आसानी से फिट होती है. हाल ही में इंडोनेशिया ने अस्त्र मिसाइल खरीदने का फैसला किया है, जो भारत के लिए बड़ा ब्रेकथ्रू है। </p>
<p>ब्राजील अपने ग्रिपेन फाइटर जेट्स के लिए और आर्मेनिया Su-30 के लिए अस्त्र में दिलचस्पी दिखा चुका है. वियतनाम, मलेशिया, अल्जीरिया और अन्य कई देश भी इस मिसाइल को खरीदने पर विचार कर रहे हैं. अस्त्र की लंबी रेंज, आधुनिक सर्च और ट्रैक रडार तथा इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर्स से लैस होने के कारण यह विदेशी बाजार में लोकप्रिय हो रही है। </p>
<p><strong>आकाश: सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल सिस्टम</strong><br>
आकाश सर्फेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम (SAM) भारतीय सेना की एयर डिफेंस का मजबूत स्तंभ है. यह 25 किलोमीटर तक दुश्मन के विमान, हेलीकॉप्टर और ड्रोन को मार गिराने में सक्षम है. आर्मेनिया पहले ही आकाश सिस्टम खरीद चुका है, जो भारत का सफल एक्सपोर्ट ऑर्डर है। </p>
<p>फिलीपींस भी 200 मिलियन डॉलर से ज्यादा के सौदे के लिए बातचीत कर रहा है. वियतनाम, UAE, मलेशिया और मिस्र जैसे देश आकाश में गहरी रुचि दिखा रहे हैं. इसकी मोबाइल क्षमता, रडार सिस्टम और बहु-टारगेट एंगेजमेंट की क्षमता इसे आकर्षक बनाती है। </p>
<p><strong>आकाशतीर: एयर डिफेंस का कमांड और कंट्रोल सिस्टम</strong><br>
आकाशतीर (Akashteer) भारत का स्वदेशी AI आधारित एयर डिफेंस कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम है. यह BEL द्वारा विकसित किया गया है. कई रडार तथा हथियारों को जोड़कर एकीकृत एयर डिफेंस बनाता है। </p>
<p>UAE समेत कई देश इस सिस्टम में रुचि दिखा रहे हैं क्योंकि यह आधुनिक खतरों (ड्रोन, मिसाइल स्वार्म) से निपटने में बेहद प्रभावी है. <strong>हाल के ऑपरेशन सिंदूर ने आकाशतीर की साख और बढ़ा दी है। </strong></p>
<p><strong>विदेशी देशों में बढ़ती मांग के कारण</strong><br>
भारत के इन हथियारों की मांग बढ़ने के कई कारण हैं. सबसे बड़ा कारण इनका युद्ध में सिद्ध प्रदर्शन है. साथ ही ये हथियार विश्वसनीय, लागत प्रभावी और आसानी से मेंटेनेंस किए जा सकते हैं।  </p>
<p>कई देश रूस और पश्चिमी हथियारों पर निर्भरता कम करना चाहते हैं. भारत उन्हें विश्वसनीय विकल्प दे रहा है. भारत की आत्मनिर्भर भारत पहल और मजबूत डिप्लोमेसी ने भी इन एक्सपोर्ट्स को बढ़ावा दिया है। </p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट और बढ़ेगा. ब्रह्मोस, अस्त्र, आकाश और आकाशतीर जैसे सिस्टम न सिर्फ राजस्व बढ़ाएंगे बल्कि भारत को वैश्विक डिफेंस प्लेयर के रूप में स्थापित करेंगे. इंडोनेशिया, वियतनाम और फिलीपींस जैसे देशों के साथ मजबूत साझेदारी भारत की इंडो-पैसिफिक रणनीति को भी मजबूत करेगी। </p>]]> </content:encoded>
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<title>भारतीय रेलवे की एमपी के यात्रियों को बड़ी सौगात, मात्र ₹850 में 5 धामों के दर्शन</title>
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<description><![CDATA[  इंदौर भारतीय रेलवे और इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) ने &#039;एक भारत श्रेष्ठ भारत&#039; और &#039;देखो अपना देश&#039; के तहत भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के माध्यम से पंच महातीर्थ दर्शन यात्रा (जगन्नाथ पुरी, कामाख्या, गया, बनारस, अयोध्या) के लिए विशेष आध्यात्मिक दौरे की आधिकारिक शुरुआत की है। आईआरसीटीसी पश्चिम क्षेत्र अहमदाबाद की क्षेत्रीय … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 10:32:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भारतीय, रेलवे, की, एमपी, के, यात्रियों, को, बड़ी, सौगात, मात्र, ₹850, में, धामों, के, दर्शन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> इंदौर</strong></p>
<p>भारतीय रेलवे और इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) ने 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' और 'देखो अपना देश' के तहत भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के माध्यम से पंच महातीर्थ दर्शन यात्रा (जगन्नाथ पुरी, कामाख्या, गया, बनारस, अयोध्या) के लिए विशेष आध्यात्मिक दौरे की आधिकारिक शुरुआत की है। आईआरसीटीसी पश्चिम क्षेत्र अहमदाबाद की क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि यह 13 दिनी आध्यात्मिक यात्रा 29 अगस्त से भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के तहत गुजरात और मप्र से भारत के पवित्र तीर्थ स्थलों की यात्रा कराते हुए 10 सितंबर को संपन्न होगी।<br>
देश के इन प्रसिद्ध और पवित्र दार्शनिक स्थलों के होंगे दर्शन</p>
<p>इसके तहत ओडिशा में जगन्नाथ पुरी, कोणार्क और लिंगराज मंदिर, गुवाहाटी में कामाख्या मंदिर, नवग्रह मंदिर, गया/बोधगया में विष्णुपद मंदिर, मां सर्वमंगला गौरी मंदिर, महाबोधि मंदिर, बनारस में काशी विश्वनाथ मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, गंगा घाट और अयोध्या में रामजन्म भूमि, हनुमानगढ़ी आदि दार्शनिक स्थल सम्मिलित हैं। इस टूर के तहत मध्य प्रदेश के यात्री रतलाम, उज्जैन और संत हिरदाराम नगर से चढ़ और उतर सकते हैं।</p>
<p><strong>मात्र 850 रुपये की ईएमआई पर बुकिंग, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी एलटीसी की सुविधा</strong></p>
<p>इस टूर के लिए पैकेज की कुल कीमत (कर सहित) स्लीपर क्लास के लिए 24 हजार 200 रुपये, थर्ड एसी टियर के लिए 40 हजार 100 रुपये और सेकंड एसी क्लास के लिए 49 हजार 500 रुपये है। इस टूर के तहत सरकारी कर्मचारी एलटीसी सुविधा का लाभ भी उठा सकते हैं। इस टूर को ईएमआई सुविधा के साथ मात्र 850 रुपये प्रतिमाह के भुगतान में भी बुक कर सकते हैं।</p>
<p>इस टूर में आपकी बुकिंग के अनुसार सेकंड एसी, थर्ड एसी और स्लीपर क्लास में ट्रेन यात्रा, रहने की व्यवस्था, दर्शनीय स्थलों की सैर के लिए स्थानीय परिवहन, शुद्ध शाकाहारी भोजन, यात्रा बीमा, सुरक्षा जैसी सुविधाएं शामिल हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए 8 से 15 जुलाई तक महाविद्यालयों में लगेगा प्रवेश मेला</title>
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<description><![CDATA[ विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए 8 से 15 जुलाई तक महाविद्यालयों में लगेगा “प्रवेश मेला” अतिरिक्त सीएलसी राउंड में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए मिशन मोड में चलेगा अभियान भोपाल उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में रिक्त सीटों पर अधिक से अधिक विद्यार्थियों को … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 10:32:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>विद्यार्थियों, को, उच्च, शिक्षा, से, जोड़ने, के, लिए, से, जुलाई, तक, महाविद्यालयों, में, लगेगा, प्रवेश, मेला</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए 8 से 15 जुलाई तक महाविद्यालयों में लगेगा “प्रवेश मेला”</strong></p>
<p><strong>अतिरिक्त सीएलसी राउंड में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए मिशन मोड में चलेगा अभियान</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में रिक्त सीटों पर अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 8 से 15 जुलाई 2026 तक “प्रवेश मेला” आयोजित किया जा रहा है। अतिरिक्त सीएलसी राउंड के दौरान प्रवेश प्रक्रिया को गति देने एवं पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए यह विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।</p>
<p>प्रवेश मेले के दौरान महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर पंजीयन, चॉइस फिलिंग एवं संशोधन, दस्तावेज सत्यापन, सीट आवंटन संबंधी मार्गदर्शन तथा शुल्क भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पात्र विद्यार्थी उसी दिन अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। महाविद्यालयों में प्रवेश मेला प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होगा।</p>
<p>महाविद्यालयों द्वारा पोर्टल पर उपलब्ध लंबित पंजीयन, सत्यापन, प्रवेश प्रस्ताव प्राप्त करने के बाद भी शुल्क जमा नहीं करने वाले विद्यार्थियों की सूची का परीक्षण कर उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जाएगा। विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें प्रवेश लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिन पाठ्यक्रमों एवं संकायों में रिक्त सीटों की संख्या अधिक है, वहां विशेष प्रयास किए जाएंगे। विद्यार्थियों को उपलब्ध पाठ्यक्रमों, विषय चयन एवं चॉइस संशोधन के संबंध में आवश्यक परामर्श प्रदान किया जाएगा। साथ ही स्थानीय विद्यालयों, जनप्रतिनिधियों, पालकों एवं पूर्व विद्यार्थियों के सहयोग से प्रवेश जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।</p>
<p>प्रत्येक महाविद्यालय में प्राचार्य की निगरानी में प्रतिदिन प्रवेश की समीक्षा की जाएगी तथा विभागवार एवं संकायवार लक्ष्य निर्धारित कर कार्यवाही की जाएगी। जिला नोडल अधिकारी अधिक रिक्त सीट वाले महाविद्यालयों की विशेष निगरानी करेंगे और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएंगे। समस्त महाविद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि प्रवेश मेला केवल औपचारिक आयोजन न होकर “अधिकतम प्रवेश, उसी दिन प्रवेश” की कार्यपद्धति पर संचालित किया जाए, जिससे अतिरिक्त सीएलसी राउंड में अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को प्रवेश का लाभ मिल सके।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>इंदौर के शख्स का बड़ा दावा! NASA के फॉर्मूले और गायत्री मंत्र से बंद कमरे में उगाई ₹5 लाख किलो वाली केसर</title>
<link>https://atworldnews.in/9368</link>
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<description><![CDATA[ इंदौर  क्या बिना मिट्टी और बिना खेत के घर के एक छोटे से बंद कमरे में ₹5 लाख किलो वाली कश्मीरी केसर उगाई जा सकती है? देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के एक किसान ने इस नामुमकिन काम को मुमकिन कर दिखाया है। इंदौर के रहने वाले अनिल जायसवाल ने अपने घर की दूसरी … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 10:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>इंदौर, के, शख्स, का, बड़ा, दावा, NASA, के, फॉर्मूले, और, गायत्री, मंत्र, से, बंद, कमरे, में, उगाई, ₹5, लाख, किलो, वाली, केसर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर</strong><br>
 क्या बिना मिट्टी और बिना खेत के घर के एक छोटे से बंद कमरे में ₹5 लाख किलो वाली कश्मीरी केसर उगाई जा सकती है? देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के एक किसान ने इस नामुमकिन काम को मुमकिन कर दिखाया है।</p>
<p>इंदौर के रहने वाले अनिल जायसवाल ने अपने घर की दूसरी मंजिल के महज 320 वर्ग फीट के कमरे को हाईटेक कश्मीरी लैब में बदल दिया है। कश्मीरी वादियों जैसा माहौल देने के लिए इस कमरे में इन दिनों केसर के पर्पल फूलों की बहार आई हुई है।</p>
<p><strong>नासा की एयरोपॉनिक्स तकनीक का कमाल</strong><br>
अनिल ने इस खेती के लिए पारंपरिक तरीका छोड़कर नासा द्वारा विकसित 'एयरोपॉनिक्स' तकनीक को अपनाया है। इसमें पौधों को मिट्टी की जरूरत नहीं होती, बल्कि जड़ें हवा में लटकती हैं और उन पर पोषक तत्वों का स्प्रे किया जाता है। कश्मीर के पंपोर से करीब 8 लाख रुपये के बीज लाकर इंदौर के इस बंद कमरे में चिलर और खास लाइटिंग के जरिए कश्मीर जैसा कड़ाके की ठंड वाला तापमान मेंटेन किया गया है।</p>
<p>शुरुआत में लोग इसे पागलपन कह रहे थे क्योंकि एमपी की गर्मी में केसर उगाना मजाक लगता है। लेकिन हमने रिस्क लिया, तापमान और नमी को हर सेकंड मॉनिटर किया। पौधों को लाइव फील देने के लिए हम इन्हें रोज सुबह-शाम गायत्री मंत्र और पक्षियों की चहचहाहट की आवाजें सुनाते हैं, जिससे इनकी ग्रोथ नेचुरल होती है।</p>
<p><strong>अनिल जायसवाल, प्रगतिशील किसान, इंदौर</strong></p>
<p><strong>बेटे जुनैद ख़ान संग फ़िल्म की स्क्रीनिंग में पहुंचे आमिर ख़ान, दिए पोज</strong></p>
<p><strong>केसर प्रोजेक्ट का पूरा गणित</strong></p>
<p><strong>    आइडिया की शुरुआत: परिवार के साथ कश्मीर के पंपोर टूर के दौरान केसर के खेत देखकर विचार आया।</strong></p>
<p><strong>    शुरुआती सेटअप: 320 वर्ग फीट के कमरे में वर्टिकल रैक, चिलर और स्पेशल ग्रोथ लाइटिंग लगाई गई।</strong></p>
<p><strong>    टोटल इन्वेस्टमेंट: इंफ्रास्ट्रक्चर में ₹6.5 लाख और कश्मीर से बीज मंगाने में ₹7 से ₹8 लाख का खर्च आया।</strong></p>
<p><strong>    रोजाना की मेहनत: शुरुआत में जायसवाल परिवार रोज 3-4 घंटे देता था, अब सिर्फ 2 घंटे की निगरानी काफी है।</strong></p>
<p><strong>    मुनाफे का अनुमान: पिछले साल 3 किलो केसर हुई थी, इस साल करीब 4 किलो उत्पादन की उम्मीद है।</strong></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>इंदौर में 26 नई बसें दौड़ेंगी! ‘नो कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट’ मॉडल से यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा</title>
<link>https://atworldnews.in/9367</link>
<guid>https://atworldnews.in/9367</guid>
<description><![CDATA[ इंदौर  इंदौर शहर में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (एआइसीटीसीएसएल) ने एक तरफ जहां इंदौर से आसपास के शहरों के लिए ई-बस चलाने की प्लानिंग कर रखी है, वहीं दूसरी तरफ इंदौर से ग्वालियर, रीवा, सागर, जबलपुर, अनूपपुर, नर्सिंगपुर, बालाघाट, छतरपुर, बीना, गरोठ, नर्मदापुरम, रायसेन सहित 26 जगहों पर डीजल बसें चलाने के टेंडर … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 10:02:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>इंदौर, में, नई, बसें, दौड़ेंगी, ‘नो, कॉस्ट, कॉन्ट्रैक्ट’, मॉडल, से, यात्रियों, को, मिलेगा, बड़ा, फायदा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर</strong></p>
<p> इंदौर शहर में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (एआइसीटीसीएसएल) ने एक तरफ जहां इंदौर से आसपास के शहरों के लिए ई-बस चलाने की प्लानिंग कर रखी है, वहीं दूसरी तरफ इंदौर से ग्वालियर, रीवा, सागर, जबलपुर, अनूपपुर, नर्सिंगपुर, बालाघाट, छतरपुर, बीना, गरोठ, नर्मदापुरम, रायसेन सहित 26 जगहों पर डीजल बसें चलाने के टेंडर निकाले हैं। नो कास्ट कॉन्ट्रेक्ट मॉडल पर यह टेंडर निकालने गए हैं। अब जो बस ऑपरेटर एआइसीटीएसएल को ज्यादा पैसा देगा, उसे ठेका मिलेगा और बसों का संचालन और मेंटेनेंस भी ऑपरेटर को ही करना होगा।</p>
<p><strong>टेंडर जारी करना शुरू</strong><br>
राज्य सरकार ने लोक परिवहन को अधिक सुलभ और सुव्यवस्थित बनाने के लिए एआइसीटीएसएल को मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के अधीन कर दिया है। इसके चलते अब एआइसीटीएसएल ने इंदौर से दूसरे शहरों के लिए बसें चलाने को लेकर टेंडर जारी करना शुरू कर दिया है। इंदौर के अलावा भी दूसरे शहरों से बसों को चलाने के टेंडर जारी किए जा रहे हैं। पिछले दिनों इंदौर से आसपास के प्रमुख शहरों उज्जैन, भोपाल, खरगोन, सेंधवा, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, धारमां डव, ओंकारेश्वर एवं महेश्वर के लिए 26 सर्वसुविधायुक्त इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के टेंडर जारी किए गए थे।</p>
<p>अब इंदौर से ग्वालियर, रीवा, सागर, जबलपुर, अनूपपुर, नरसिंहपुर, बालाघाट, छतरपुर, बीना, गरोठ, नर्मदापुरम, रायसेन सहित 26 जगहों पर डीजल बसें चलाने के टेंडर निकाले गए हैं। इनके साथ ही झाबुआ से भोपाल, खरगोन से नीमच, खंडवा से शाजापुर, धार से पचमढ़ी, बुरहानपुर से नीमच, बड़वानी से शाजापुर, अलीराजपुर से देवास, बड़वानी से आगर-मालवा और धार से मंदसौर तक डीजल बस चलाने के भी टेंडर जारी किए गए हैं।</p>
<p><strong>ऐसी और नॉन ऐसी रहेंगी बसें</strong><br>
एआइसीटीएसएल के सीइओ अर्थ जैन ने कहा कि नो कॉस्ट कॉन्ट्रेक्ट मॉडल पर 26 बसों के टेंडर निकालने गए हैं। अब जो बस ऑपरेटर ज्यादा पैसा देगा, उसे ठेका मिलेगा और बसों का संचालन व मेंटेनेंस भी उसे ही करना होगा। इंदौर और अन्य शहरों से चलने वाली सभी 26 बसें ऐसी और नॉन ऐसी रहेंगी। ई-बस को लेकर पिछले दिनों जारी किए गए टेंडर को लेकर उन्होंने कहा कि अभी टेंडर लाइव हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>बैतूल के दिव्यांग तैराक रामबरन को फिर मिला मौका! इंग्लैंड में 36 किमी तैराकी कर रचेंगे इतिहास</title>
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<description><![CDATA[ बैतूल  हुनर और कड़ी मेहनत के आगे कोई भी कमजोरी आड़े नहीं आ सकती है। ऐसा ही कुछ है बैतूल के दिव्यांग तैरान रामबरन पाल के साथ। इंग्लिश चैनल को पार करने इंग्लैंड से रामबरन के बाद दूसरी बार बुलावा आया है। डोवर (इंग्लैंड) से फ्रांस तक लगभग 36 किलोमीटर की वन-वे तैराकी स्पर्धा के … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 10:02:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>बैतूल, के, दिव्यांग, तैराक, रामबरन, को, फिर, मिला, मौका, इंग्लैंड, में, किमी, तैराकी, कर, रचेंगे, इतिहास</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बैतूल </strong><br>
हुनर और कड़ी मेहनत के आगे कोई भी कमजोरी आड़े नहीं आ सकती है। ऐसा ही कुछ है बैतूल के दिव्यांग तैरान रामबरन पाल के साथ। इंग्लिश चैनल को पार करने इंग्लैंड से रामबरन के बाद दूसरी बार बुलावा आया है। डोवर (इंग्लैंड) से फ्रांस तक लगभग 36 किलोमीटर की वन-वे तैराकी स्पर्धा के लिए उन्हें स्विमिंग और पायलटिंग फेडरेशन से स्वीकृति मिल चुकी है। तैराकी में लगभग 14 घंटे का समय लगेगा।</p>
<p>इस बार उनका स्लॉट 20 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच तय किया गया है। रामबरन ने बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। रामबरन पाल ने बताया पिछले वर्ष भी उन्हें इंग्लिश चैनल पार करने का मौका मिला था। लेकिन मौसम खराब होने के कारण प्रतियोगिता नहीं हुई थी। जिसके लिए इंग्लैंड पहुंचे थे।</p>
<p>
<strong>दोबारा प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता नहीं</strong></p>
<p>यहां 1 से 20 सितंबर 2025 तक डोवर में प्रशिक्षण लिया था। उन्होंने बताया आवश्यक औपचारिकताएं और तैयारियां पूरी कर चुके थे, लेकिन समुद्र में खराब मौसम और तूफान के कारण स्पर्धा नहीं हो सकी, जिससे उन्हें बिना तैराकी किए वापस लौटना पड़ा। अब दोबारा अवसर मिलने पर वे पूरी तैयारी के साथ इंग्लैंड रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि इस बार उन्हें दोबारा प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता नहीं होगी। वे पहले ही लंदन में कोच सत्येंद्र सिंह के मार्गदर्शन में इंग्लिश चैनल की तैराकी का विशेष प्रशिक्षण ले चुके हैं। प्रतियोगिता से पहले केवल मेडिकल परीक्षण होगा, जिसके बाद वे सीधे स्पर्धा में हिस्सा ले सकेंगे। रामबरन स्पर्धा में भाग लेने वर्तमान में वे बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में प्रतिदिन कई घंटे अभ्यास कर रहे हैं।</p>
<p><strong>दिव्यांगों के लिए प्रेरणा बनना चाहते हैं पाल</strong><br>
रामबरन पाल ने बताया कि इंग्लिश चैनल पार करना हर तैराक का सपना होता है। यह प्रतियोगिता तेज लहरों, ठंडे पानी और बदलते मौसम के कारण दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण तैराकी स्पर्धाओं में गिनी जाती है। उनका लक्ष्य चैनल पार कर भारत और बैतूल जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करना है। दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनना चाहते हैं।</p>
<p><strong>मिल चुके कई अवार्ड</strong><br>
तैराक रामबरन पाल राष्ट्रीय स्तर पर अब तक 22 पदक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो पदक जीत चुके हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें वर्ष 2006 में प्रदेश के सर्वोच्च खेल सम्मान विक्रम अवार्ड से सम्मानित किया गया था। वर्तमान में वे बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में कोच के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>EPFO Good News: करोड़ों कर्मचारियों के खाते में 15 जुलाई तक आएगा PF ब्याज, जानिए पूरी डिटेल</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली EPFO ने पीएफ अकाउंट होल्डर्स के लिए जरूरी खबर दी है. जिस पल का इंतजार था वो आखिर आने ही वाला है. ईपीएफओ ने 15 जुलाई तक 34 करोड़ खातों में 8.25% ब्याज और करीब 1.44 लाख करोड़ का ब्याज नए सिस्टम से क्रेडिट होने की जानकारी दे दी है।  इसके अलावा खास … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 10:01:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>EPFO, Good, News:, करोड़ों, कर्मचारियों, के, खाते, में, जुलाई, तक, आएगा, ब्याज, जानिए, पूरी, डिटेल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>EPFO ने पीएफ अकाउंट होल्डर्स के लिए जरूरी खबर दी है. जिस पल का इंतजार था वो आखिर आने ही वाला है. ईपीएफओ ने 15 जुलाई तक 34 करोड़ खातों में 8.25% ब्याज और करीब 1.44 लाख करोड़ का ब्याज नए सिस्टम से क्रेडिट होने की जानकारी दे दी है। </p>
<p>इसके अलावा खास खबर ये है कि पीएफ से जुड़ी सर्विसेस को आसान और तेज बनाने के लिए नया सेंट्रलाइज्ड आईटी सिस्टम (CITES) लागू किया है. इसके बाद देशभर के PF खातों का डेटा एक ही सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस में रहेगा. इससे सदस्य किसी भी EPFO ऑफिस से अपनी सर्विसेस ले सकेंगे। </p>
<p><strong>क्या-क्या काम EPFO CITES से हो जाएगा?</strong><br>
अब PF बैलेंस, क्लेम स्टेटस, सर्विस रिकॉर्ड और पेंशन जैसी सभी जानकारी एक ही पोर्टल पर आसानी से उपलब्ध होगी. क्लेम करने से पहले ही सिस्टम में पहले से गलतियों की जानकारी देगा, जिससे रिजेक्शन कम होंगे. नए सिस्टम के तहत PF निकालना भी पहले से आसान हो गया है। </p>
<p>नई व्यवस्था में क्लेम दाखिल करने से पहले ही सिस्टम डॉक्यूमेंट्स या जानकारी में कमी की पहचान कर देगा. साथ ही मेंबर यह भी देख सकेंगे कि वे किस कैटेगरी में कितनी राशि निकालने के एलिजिबल हैं. इससे गलत राशि का क्लेम करने और उसके रिजेक्ट होने की संभावना काफी कम हो जाएगी। </p>
<p><strong>पीएफ क्लेम से जुड़ा नियम</strong><br>
EPFO ने ऑटो क्लेम सेटलमेंट की सीमा भी बढ़ा दी है. अब पूरी तरह KYC वेरिफाइड अकाउंट में 5 लाख रुपये तक के एडवांस क्लेम ऑटो अप्रूव्ड किए जा सकेंगे. पहले यह लिमिट केवल 1 लाख रुपये थी. अगर क्लेम के दौरान किसी अतिरिक्त जानकारी की जरूरत होगी तो EPFO ऑनलाइन ही स्पष्टीकरण मांगेगा और सदस्य भी ऑनलाइन जवाब दे सकेंगे. इससे ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। </p>
<p>PF विड्रॉल के 13 बड़े नियमों को घटाकर सिर्फ 3 आसान कैटेगरी में कर दिया गया है. सदस्य अब अपने कुल PF बैलेंस का 75% तक निकाल सकेंगे. साथ ही, क्लेम में किसी तरह की कमी होने पर उसका जवाब ऑनलाइन दिया जा सकेगा और पैसा सेटलमेंट वाले दिन सीधे बैंक खाते में भेज दिया जाएगा। </p>
<p><strong>करोड़ों पीएफ अकाउंटहोल्डर्स को राहत</strong><br>
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी सर्विसेस को पूरी तरह डिजिटल और तेज बनाने के लिए CITES 2.01 (सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज) प्रोसेस लागू कर दिया है. केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से PF खाताधारकों को कई नई सर्विसेस मिलेंगी. श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि नए सिस्टम के तहत क्लेम मंजूर होने के दिन ही राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी. साथ ही अंतिम भुगतान की मंजूरी की तारीख तक PF पर ब्याज मिलेगा. पहले ब्याज की गणना केवल पिछले महीने के अंतिम दिन तक ही की जाती थी। </p>
<p>EPFO ने देशभर के सभी PF रिकॉर्ड को एक केंद्रीय डेटाबेस में ट्रांसफर कर दिया है. पहले हर ऑफिस का अलग डेटाबेस होता था और सदस्यों को उसी कार्यालय पर निर्भर रहना पड़ता था. अब किसी भी अधिकृत EPFO ऑफिस से सेवाएं ली जा सकेंगी.  EPFO ने बताया कि 15 जुलाई तक करीब 34 करोड़ खातों में 8.25% ब्याज जमा किया जाएगा. इसके तहत लगभग 1.44 लाख करोड़ रुपये का ब्याज नए सिस्टम के जरिए खातों में ट्रांसफर होगा. अब ब्याज जमा होने के लिए अक्टूबर-नवंबर तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इसके अलावा नौकरी बदलने पर PF अपने आप नए नियोक्ता के खाते में ट्रांसफर हो जाएगा और पेंशनधारक देश के किसी भी EPFO ऑफिस या बैंक के जरिए अपनी सर्विसेस का फायदा ले सकेंगे। </p>
<p><strong>नौकरी बदलने वालों के लिए भी गुड न्यूज</strong><br>
नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए भी बड़ी राहत दी गई है. अब आधार से जुड़े UAN वाले PF खातों का ट्रांसफर अपने आप हो जाएगा. इसके लिए अलग से आवेदन करने या पुराने और नए नियोक्ता की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी. सेवा अवधि भी ऑटो ट्रांसफर हो जाएगी. नई व्यवस्था का फायदा EPS पेंशनधारकों को भी मिलेगा. वे अब देश के किसी भी EPFO ऑफिस में लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकेंगे और अन्य सर्विसेस ले सकेंगे. इसके अलावा केंद्रीकृत पेंशन भुगतान प्रणाली (CPPS) लागू होने से पेंशन अब भारत के किसी भी बैंक खाते में प्राप्त की जा सकेगी, चाहे पेंशन का मामला किसी भी क्षेत्रीय ऑफिस से जुड़ा हो। </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>ट्रंप के संकेत के बाद इजरायल का बड़ा एक्शन? ईरान पर सबसे घातक हमले की तैयारी, मीडिया रिपोर्ट में बड़ा दावा</title>
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<description><![CDATA[ तेहरान  ईरान और अमेरिका की जंग दोबारा शुरू हो चुकी है. ट्रंप ने ऐलान कर दिया है कि सीजफायर अब खत्म हो चुका है और उन्हें ईरान के साथ बातचीत का कोई मतलब ही समझ में नहीं आ रहा है ट्रंप ने एक बार फिर से दोहराया है कि वो ईरान को परमाणु हथियार हासिल … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 09:33:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ट्रंप, के, संकेत, के, बाद, इजरायल, का, बड़ा, एक्शन, ईरान, पर, सबसे, घातक, हमले, की, तैयारी, मीडिया, रिपोर्ट, में, बड़ा, दावा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>तेहरान </strong></p>
<p>ईरान और अमेरिका की जंग दोबारा शुरू हो चुकी है. ट्रंप ने ऐलान कर दिया है कि सीजफायर अब खत्म हो चुका है और उन्हें ईरान के साथ बातचीत का कोई मतलब ही समझ में नहीं आ रहा है ट्रंप ने एक बार फिर से दोहराया है कि वो ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं कर देंगे और उन्होंने रिजीम चेंज की भी हिंट दी है. ट्रंप के इस ऐलान के तुंरत बाद इजरायल एक्टिव हो गया है और इजरायली मीडिया के मुताबिक नेतन्याहू जल्द ही ईरान पर अटैक लॉन्च करने वाला है। </p>
<p>सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' के इलाके में अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर जो हमले किए हैं, वे दस दिन पहले हुए हमलों की तुलना में 'चार से पांच गुना ज्यादा बड़े और शक्तिशाली' हैं।</p>
<p>यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लाखों लोग सड़कों पर हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन अभी कई घंटों तक जारी रह सकता है।</p>
<p><strong>तेहरान का बढ़ा होर्मुज लालच, नेतन्याहू की आंखें लाल</strong></p>
<p> प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आंखें लाल हो चुकी हैं और इजरायली सेना ने ईरान को नेस्तनाबूद करने के लिए अपने फाइटर जेट्स के इंजन स्टार्ट कर दिए हैं. ईरान भी पीछे हटने के मूड में नहीं है और अब उसका लालच और बढ़ गया है. इस पूरी लड़ाई की सबसे बड़ी जड़ बना है दुनिया का सबसे सेंसिटिव समुद्री रास्ता- ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’, जहां ईरान एक खतरनाक नया खेल खेलने की जिद पर अड़ गया है। </p>
<p><strong>होर्मुज में ईरान का नया पैंतरा और बढ़ता लालच</strong><br>
दरअसल, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ एक ऐसा समुद्री रास्ता है जहां से पूरी दुनिया का लगभग 20 से 30 फीसदी कच्चा तेल गुजरता है. मार्च और अप्रैल के महीने में जब अमेरिका और ईरान के बीच भयंकर गोलाबारी हो रही थी, तब ईरान ने इस रास्ते को बंद करने की धमकी दी थी. बाद में जून के महीने में दोनों देशों के बीच ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम’ साइन हुआ और कुछ शर्तों पर युद्धविराम हुआ था। </p>
<p>लेकिन ईरान अब इस रास्ते पर अपना पुराना हक नहीं, बल्कि एक ‘नया स्टेटस को’ (New Status Quo) यानी अपना नया कंट्रोल थोपना चाहता है. तेहरान का कहना है कि अब पुराना दौर भूल जाओ. ईरान ने ऐलान कर दिया कि अब जो भी कमर्शियल जहाज इस रास्ते से गुजरेंगे, उन्हें पहले ईरान की ‘परशियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ से भीख की तरह इजाजत मांगनी होगी, ईरान के तय किए रास्तों पर चलना होगा और तेहरान को भारी-भरकम टैक्स या फीस देनी होगी. ईरान इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते को स्वेज नहर की तरह अपनी जागीर बनाना चाहता है, जिससे अमेरिका और इजरायल भड़क गए हैं। </p>
<p><strong>अमेरिका ने क्यों उठाया यह कदम?</strong><br>
पिछले दिनों अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर ईरान की तरफ से हुए नए हमलों के जवाब में अमेरिका ने यह जवाबी कार्रवाई की है। इसके साथ ही, अमेरिका ने ईरानी तेल पर दी गई प्रतिबंधों की अस्थायी छूट को भी तुरंत रद्द कर दिया है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले तीन तेल टैंकरों पर हमले के बाद अमेरिका ने तेहरान पर दबाव काफी बढ़ा दिया है।</p>
<p>अमेरिकी सेंटकॉम ने "अमेरिकी सेना ने ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, कमांड एंड कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार साइटों, एंटी-शिप मिसाइल ठिकानों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से अधिक छोटी नावों को निशाना बनाया है। इस कार्रवाई का मकसद अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग पर हमला करने की ईरान की क्षमता को खत्म करना है।"</p>
<p>अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की में चल रहे नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान ही इस हमले की योजना को मंजूरी दी थी।</p>
<p><strong>कहां-कहां गूंजे धमाके?</strong></p>
<p><strong>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के बंदरगाह शहरों और द्वीपों पर भारी बमबारी की गई है।</strong></p>
<p><strong>    केश्म द्वीप: कम से कम 6 बार बड़े धमाकों की आवाज सुनी गई।<br>
    सिरिक: 7 से 9 मिसाइलें गिरने की खबर है।<br>
    बंदर अब्बास: इस प्रमुख बंदरगाह शहर में करीब 10 धमाके सुने गए।</strong></p>
<p>एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान चेतावनियों को नहीं सुन रहा था, इसलिए अमेरिका ने इस बार "हमलों का वॉल्यूम बढ़ा दिया है।"</p>
<p><strong>अधर में लटकी शांति वार्ता</strong><br>
इस भीषण हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ अंतरिम समझौता ज्ञापन (MoU) खत्म हो गया है, लेकिन वे बातचीत जारी रखने की अनुमति देंगे। इसके अलावा वाशिंगटन ने ईरानी तेल की बिक्री को अधिकृत करने वाला लाइसेंस भी रद्द कर दिया है।</p>
<p>दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत फिलहाल रुक गई है। माना जा रहा है कि अब यह बातचीत 9 जुलाई को होने वाले अली खामेनेई के दफन के बाद ही आगे बढ़ सकेगी। ज्ञात हो कि खामेनेई इसी साल 28 फरवरी को हुए अमेरिकी-ईरानी हवाई हमलों में मारे गए थे।</p>
<p><strong>ईरान की तीखी प्रतिक्रिया: "करारा जवाब मिलेगा"</strong><br>
ईरान के सैन्य मुख्यालय 'खातम-अल-अंबिया' ने इस अमेरिकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे 'खुली आक्रामकता' करार दिया है। ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि वे इसका "करारा जवाब" देंगे और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के प्रबंधन में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सेना ने साफ कहा कि इस रूट से गुजरने वाले जहाजों के लिए केवल ईरान द्वारा तय किया गया रास्ता ही सुरक्षित है।</p>
<p>ईरानी संसद के अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "यह अमेरिका द्वारा किया गया MoU का बड़ा उल्लंघन है। दक्षिणी ईरान पर हमले और तेल प्रतिबंधों को दोबारा थोपकर डराने-धमकाने का दौर अब खत्म हो चुका है। हम झुकने वाले नहीं हैं।"</p>
<p><strong>बीच में दौरा छोड़ वतन लौटे ईरानी राष्ट्रपति</strong><br>
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन जो पूर्व सर्वोच्च नेता खामेनेई के अंतिम संस्कार के सिलसिले में इराक के नजफ शहर में थे, वे अपना दौरा बीच में ही छोड़कर तेहरान के लिए रवाना हो गए हैं।</p>
<p>दूसरी तरफ, ईरान के नए सर्वोच्च नेता और खामेनेई के बेटे, आयतुल्ला मोजतबा खामेनेई अभी तक इन रस्मों में कहीं नजर नहीं आए हैं। माना जा रहा है कि वे किसी गुप्त स्थान पर छिपे हुए हैं, क्योंकि अपने पिता की मौत वाले हवाई हमले में वे भी घायल हो गए थे।</p>
<p><strong>ट्रंप का गुस्सा: ‘Iran US समझौता अब पूरी तरह खत्म!</strong><br>
ईरान ने सिर्फ नियम ही नहीं बदले, बल्कि उसने पिछले कुछ दिनों में होर्मुज के पास तीन बड़े तेल टैंकर जहाजों पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमला भी कर दिया. बस फिर क्या था, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया. ट्रंप ने तुर्की में चल रहे नाटो समिट के दौरान साफ कह दिया, ‘जहां तक मेरा सवाल है, यह समझौता अब पूरी तरह खत्म हो चुका है. इन लोगों से बात करना सिर्फ टाइम वेस्ट करना है. मुझे ये लोग बिल्कुल पसंद नहीं हैं। </p>
<p>ट्रंप के इस बयान के तुरंत बाद अमेरिका ने ईरान पर लगे उन प्रतिबंधों की छूट को वापस ले लिया, जिसके तहत ईरान अपना तेल बेच पा रहा था. अमेरिका ने साफ कर दिया कि ईरान की बदतमीजी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। </p>
<p><strong>आधी रात को दहला ईरान, अमेरिका ने बरसाए बम</strong><br>
ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बिना एक पल गंवाए ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला शुरू कर दिया. अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने मिलकर ईरान के तटीय ठिकानों पर 80 से ज्यादा ठिकानों को बमबारी करके उड़ा दिया. ईरान के बंदर अब्बास, बुशहर, जहां ईरान का परमाणु पावर प्लांट है और केश्म आइलैंड जैसे इलाके लगातार हो रहे धमाकों से दहल उठे। </p>
<p>अमेरिका ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, राडार साइट्स और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की 60 से ज्यादा लड़ाकू नावों को समंदर में ही दफन कर दिया. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये हमला ईरान की उस ताकत को कुचलने के लिए था, जिसके दम पर वो अंतरराष्ट्रीय व्यापार को रोकने की गुस्ताखी कर रहा था। </p>
<p><strong>ईरान ने दागीं मिसाइलें, कुवैत और बहरीन में हड़कंप</strong><br>
अमेरिकी बमबारी से तिलमिलाए ईरान ने भी तुरंत पलटवार किया. ईरान की IRGC ने आधी रात को बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेस को निशाना बनाकर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और सुसाइड ड्रोन दाग दिए. बहरीन और कुवैत के आसमान में आधी रात को सायरन गूंजने लगे और उनके एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गए. कुवैत की सेना ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान की तरफ से आ रही एक दर्जन से ज्यादा मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया लेकिन इस जवाबी हमले ने साबित कर दिया है कि ईरान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है और वो खाड़ी देशों को भी इस महायुद्ध में घसीटने से पीछे नहीं हटेगा। </p>
<p><strong>नेतन्याहू की आंखें लाल</strong><br>
इस पूरी जंग के बीच जो सबसे खतरनाक खिलाड़ी है, वो है इजरायल. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले दिन से ईरान के परमाणु ठिकानों को तबाह करने का मौका ढूंढ रहे थे. जैसे ही ट्रंप ने सीजफायर कैंसिल होने का ऐलान किया, इजरायली मीडिया ने एक बेहद चौंकाने वाली खबर लीक कर दी. इजरायली मीडिया के मुताबिक, नेतन्याहू ने अपनी वॉर कैबिनेट के साथ मिलकर ईरान पर एक ‘फाइनल और विनाशकारी अटैक’ का प्लान लीक कर दिया है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>विधानसभा मानसून सत्र में BJP का बड़ा गेमप्लान! रणनीति जान विपक्ष भी रहेगा सतर्क</title>
<link>https://atworldnews.in/9363</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पार्टी नेतृत्व ने मंत्रियों और विधायकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस बार सदन में केवल उपस्थिति दर्ज कराना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि हर सदस्य को तथ्यों, आंकड़ों और अपने विधानसभा क्षेत्र … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 09:32:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>विधानसभा, मानसून, सत्र, में, BJP, का, बड़ा, गेमप्लान, रणनीति, जान, विपक्ष, भी, रहेगा, सतर्क</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong><br>
विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पार्टी नेतृत्व ने मंत्रियों और विधायकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस बार सदन में केवल उपस्थिति दर्ज कराना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि हर सदस्य को तथ्यों, आंकड़ों और अपने विधानसभा क्षेत्र की पूरी जानकारी के साथ तैयार रहना होगा।</p>
<p>नवा रायपुर में आयोजित विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों ने करीब डेढ़ घंटे तक संभावित राजनीतिक और विधानसभा की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि विपक्ष के किसी भी सवाल या आरोप का जवाब सरकार की ओर से तथ्यों और प्रमाणों के साथ दिया जा सके।</p>
<p>पार्टी नेतृत्व ने सभी जनप्रतिनिधियों से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं की प्रगति, स्थानीय समस्याओं और उनके समाधान से जुड़ी अद्यतन जानकारी लेकर सदन में पहुंचें। यदि विपक्ष किसी योजना, विभाग या क्षेत्र को लेकर सवाल उठाता है तो उसका जवाब पूरी तैयारी और विश्वसनीय आंकड़ों के आधार पर दिया जाए।</p>
<p>बैठक में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। नेताओं को यह संदेश दिया गया कि सदन के भीतर और बाहर सरकार का पक्ष एक समान और स्पष्ट तरीके से रखा जाए, ताकि किसी मुद्दे पर विरोधाभासी बयान सामने न आएं। मीडिया से बातचीत के दौरान भी केवल तथ्यात्मक और प्रमाणित जानकारी साझा करने की सलाह दी गई।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, कानून-व्यवस्था, किसानों के हित, आदिवासी क्षेत्रों का विकास, सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं और राज्य सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाएं रणनीति के केंद्र में रहीं। माना जा रहा है कि विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा, इसलिए पहले से विस्तृत तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>13 से 17 जुलाई तक प्रस्तावित मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों और जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस पहले ही कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याओं, बुलडोजर कार्रवाई और अन्य प्रशासनिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने के संकेत दे चुकी है। ऐसे में भाजपा की कोशिश केवल विपक्ष के आरोपों का जवाब देने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से सदन में प्रस्तुत करने की भी है।</p>
<p>इस बीच रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, विस्थापन और विधायक आवास के लिए प्रस्तावित भूमि को लेकर बना विवाद भी मानसून सत्र में प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। इस प्रकरण पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं।</p>
<p>हालांकि रणनीतिक बैठक में कुछ वरिष्ठ नेता शामिल नहीं हो सके। जानकारी के अनुसार, कुछ मंत्री और विधायक पारिवारिक कार्यक्रमों तथा पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं के कारण बैठक में उपस्थित नहीं रहे।अब सबकी नजरें मानसून सत्र पर टिकी हैं, जहां सत्ता पक्ष अपनी तैयारियों की परीक्षा देगा और विपक्ष सरकार को विभिन्न जनहित और राजनीतिक मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>इंदौर में बन रहा MP का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर, सितंबर में जनता को मिलेगी बड़ी सौगात</title>
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<description><![CDATA[   इंदौर इंदौर शहर विकास की राह में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसी के चलते शहर के लवकुश चौराहे पर बन रहे डबल डेकर फ्लाईओवर ब्रिज का एक हिस्सा बनकर तैयार हो गया है, जिसकी लोड टेस्टिंग का काम भी पूरा किया जा चुका है। अब दूसरे हिस्से की स्लैब डालने की तैयारी … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 09:32:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>इंदौर, में, बन, रहा, का, पहला, डबल, डेकर, फ्लाईओवर, सितंबर, में, जनता, को, मिलेगी, बड़ी, सौगात</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>  इंदौर</strong><br>
इंदौर शहर विकास की राह में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसी के चलते शहर के लवकुश चौराहे पर बन रहे डबल डेकर फ्लाईओवर ब्रिज का एक हिस्सा बनकर तैयार हो गया है, जिसकी लोड टेस्टिंग का काम भी पूरा किया जा चुका है। अब दूसरे हिस्से की स्लैब डालने की तैयारी चल रही है। जुलाई में स्ट्रक्चर का काम लगभग खत्म हो जाएगा, लेकिन बरसात की वजह से डामर की मास्टिंग नहीं होने पर सितंबर में सौगात मिल सकेगी। बता दें कि, इस फ्लाईओवर के बनने से इसके जरिए रोजाना दो लाख से ज्यादा वाहनों की आवाजाही आसान हो सकेगी।</p>
<p>160 करोड़ की लागत से बन रहा मध्य प्रदेश का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर शहर के लवकुश चौराहे पर बनकर तैयार होने जा रहा है। हालांकि, इस फ्लाईओवर का निर्माण अगस्त 2025 में पूरा होकर शुरू हो जाना था। अहमदाबाद की ठेकेदार कंपनी विजय एम मिस्त्री कंस्ट्रक्शन कंपनी को साइट व अन्य बाधाएं हटाकर देने में देरी हो गई, जिसकी वजह से दिसंबर तक का समय उसे दिया गया था।</p>
<p><strong>7 महीने लेट, कलेक्टर की सख्ती के बाद पकड़ी रफ्तार</strong><br>
तकनीकी कारण और ठेकेदार कंपनी की धीमी चाल की वजह से सात माह लेट चल रहा है। उसमें भी कलेक्टर कलेक्टर शिवम वर्मा ने ब्रिज का दौरा कर सख्ती की जिसकी वजह से ठेकेदार कंपनी सक्रिय हुई और काम में समय से काफी धीमी रफ्तार से ही सही पर काम पूरा होने जा रहा है।</p>
<p><strong>शुरुआती अगस्त तक दूसरी लोड टेस्टिंग</strong><br>
काम में तेजी आने से ब्रिज के बीच वाले हिस्से के दोनों तरफ बो स्ट्रिंग गर्डर लॉन्च हो गई और एक हिस्से में स्लैब डालकर लोड टेस्टिंग कर दी गई है। दूसरे हिस्से की स्लैब डालने की तैयारी की जा रही है, जिस पर सरिए का जाल बनकर तैयार हो गया है। 15 जुलाई तक ये काम पूरा हो जाएगा, जिसके बाद अगस्त की शुरुआत तक लोड टेस्टिंग भी कर दी जाएगी।</p>
<p><strong>ठेकेदार को धूप निकलने का इंतजार</strong><br>
इधर, ठेकेदार कंपनी बाकी हिस्से को भी पूरा करने की बात कह रही है। इसके बावजूद ब्रिज अगस्त में शुरू नहीं हो पाएगा, क्योंकि ब्रिज पर डामर का मास्टिंग की जाती है। ये काम बरसात के चलते हो पाना संभव नहीं है। क्योंकि, इसके लिए धूप की आवश्यकता होती है। सितंबर में मौसम साफ मिलने पर ये काम भी पूरा करने की बात कही जा रही है। ऐसे में संभावना है कि, सितंबर तक शहरवासियों को प्रदेश के पहले डबल डेकर फ्लाईओवर की सौगात मिल जाएगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>589.63 हैक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण से मुक्त, सागौन रूट&#45;शूट से होगा पुनर्वनीकरण अतिक्रमणकारियों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी</title>
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<description><![CDATA[ 589.63 हैक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण से मुक्त, सागौन रूट-शूट से होगा पुनर्वनीकरण अतिक्रमणकारियों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी भोपाल  धार वन मंडल ने वन भूमि संरक्षण एवं अतिक्रमण नियंत्रण अभियान के तहत जनवरी से मई 2026 के बीच कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 589.63 हैक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 09:32:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>589.63, हैक्टेयर, वन, भूमि, अतिक्रमण, से, मुक्त, सागौन, रूट-शूट, से, होगा, पुनर्वनीकरण, अतिक्रमणकारियों, को, सख्त, कार्रवाई, की, चेतावनी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>589.63 हैक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण से मुक्त, सागौन रूट-शूट से होगा पुनर्वनीकरण अतिक्रमणकारियों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी</strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>धार वन मंडल ने वन भूमि संरक्षण एवं अतिक्रमण नियंत्रण अभियान के तहत जनवरी से मई 2026 के बीच कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 589.63 हैक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई वन विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, पुलिस, ग्राम वन समितियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से 7 वन परिक्षेत्रों में का गई।</p>
<p>विभागीय कार्रवाई में वन परिक्षेत्र धार में 100.55 हैक्टेयर, धामनोद में 35.10हैक्टेयर, मांडव में 50.78 हैक्टेयर, सरदारपुर में 50.62 हैक्टेयर, टांडा में 93.76 हैक्टेयर, बाग में 202.82 हैक्टेयर तथा कुक्षी में 56.00 हैक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। धार वन मंडल में कुल 589.63 हैक्टेयर वन भूमि पुनः वन विभाग के संरक्षण में लाई गई। अभियान का उद्देश्य वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कर उसका पुनर्वनीकरण करते हुए प्राकृतिक वन संपदा का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि पर सागौन रूट-शूट की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अधिकारियों एवं मैदानी कर्मचारियों को वैज्ञानिक पद्धति से सागौन रूट-शूट रोपण, पौध संरक्षण एवं रखरखाव का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।</p>
<p>वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें। वन भूमि सार्वजनिक एवं प्राकृतिक संपदा है, जिसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वन मंडल अधिकारी विजयानंथम टी.आर. ने चेतावनी दी है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति वन भूमि पर अतिक्रमण करता है अथवा ऐसा करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 तथा अन्य प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के तहत आपराधिक प्रकरण वन विभाग के साथ पुलिस में भी एफआईआर भी दर्ज कराई जायेगी।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>राज्यसभा में BJP का बड़ा गेमप्लान! 3 सीटों पर क्लीन स्वीप कैसे संभव, जानिए 2/3 बहुमत से NDA कितनी दूर</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली राज्यसभा में NDA का कुनबा और बढ़ सकता है। पश्चिम बंगाल की 3 राज्यसभा सीटों पर हो रहे उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जीत अब लगभग तय हो गई है। इसकी वजह यह है कि मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस से बागी हुए विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने उम्मीदवार उतारने से इनकार कर दिया … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 09:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>राज्यसभा, में, BJP, का, बड़ा, गेमप्लान, सीटों, पर, क्लीन, स्वीप, कैसे, संभव, जानिए, 23, बहुमत, से, NDA, कितनी, दूर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>राज्यसभा में NDA का कुनबा और बढ़ सकता है। पश्चिम बंगाल की 3 राज्यसभा सीटों पर हो रहे उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जीत अब लगभग तय हो गई है। इसकी वजह यह है कि मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस से बागी हुए विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने उम्मीदवार उतारने से इनकार कर दिया है। उनके मुताबिक टीएमसी किसी भी सीट को जीतने की स्थिति में नहीं है और इसीलिए पार्टी अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी। ऐसे में अब भाजपा का इन सीटों पर क्लीन स्वीप तय है।</p>
<p>गौरतलब कि चुनाव आयोग ने बीते सोमवार को बंगाल की 3 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की थी। इन सीटों पर 24 जुलाई को वोटिंग होगी। इससे पहले 14 जुलाई तक नामांकन स्वीकार किए जाएंगे और नाम वापसी की अंतिम तिथि 17 जुलाई है। इससे पहले बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद पैदा हुए राजनीतिक संकट के बीच जून में तृणमूल कांग्रेस के 3 सांसदों, सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक ने उच्च सदन और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद ये तीनों सीटें खाली हुई थीं।</p>
<p><strong>क्यों उम्मीदवार नहीं उतार रही टीएमसी?</strong><br>
पश्चिम बंगाल में चुनाव के समीकरणों की बात की जाए तो 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा के पास 208 विधायकों का समर्थन है। अगर उसके सभी विधायक पार्टी के पक्ष में मतदान करते हैं, तो उसके पास तीन राज्यसभा सदस्यों को आसानी से चुनने के लिए पर्याप्त संख्या है। इसके अलावा विपक्ष की ओर से किसी भी तरह का क्रॉस-वोटिंग होने से भाजपा की स्थिति और मजबूत होगी।</p>
<p>उधर, टीएमसी के दोनों गुटों को मिला भी दिया जाए तो उनके विधायकों की संख्या 80 है। लेकिन किसी भी गुट के पास अकेले राज्यसभा सांसद को चुनने के लिए जरूरी न्यूनतम संख्या नहीं है। इसका नतीजा यह है कि आंतरिक विद्रोह के बाद 2 गुटों में बंटी तृणमूल कांग्रेस के चुनाव लड़ने की संभावना नहीं है। इसीलिए टीएमसी ने उम्मीदवार न उतारने का फैसला लिया है।</p>
<p>लगभग 65 विधायकों वाले बागी गुट का नेतृत्व कर रहे विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने मंगलवार को उम्मीदवार उतारने से इनकार कर दिया है। ऋतब्रत ने एक बयान में कहा, “ विधानसभा में वर्तमान संख्या बल को देखते हुए तृणमूल इन तीनों में से कोई भी सीट जीतने की स्थिति में नहीं है। हमारे पास उम्मीदवार उतारने के लिए पर्याप्त विधायक नहीं हैं।”</p>
<p><strong>राज्यसभा में कितनी बढ़ जाएगी ताकत?</strong><br>
वर्तमान में पश्चिम बंगाल की 13 राज्यसभा सीटों में से 3 पर बीजेपी का कब्जा है। अगर भाजपा उम्मीद के मुताबिक उपचुनाव की तीनों सीटें भी जीत लेती है, तो पश्चिम बंगाल से राज्यसभा में उसकी ताकत 3 से बढ़कर 6 हो जाएगी। वहीं तीन सीटें जुड़ते ही उच्च सदन में भाजपा की संख्या 117 और NDA की संख्या 145 तक पहुंच जाएगी। बता दें कि 245 सीटों वाली राज्यसभा में 2 तिहाई बहुमत के लिए 162 वोट जरूरी हैं। NDA के पास खुद 150 से ज्यादा सांसदों का सीधा समर्थन माना जा रहा है। इसके अलावा बीजू जनता दल के पांच, चार निर्दलीय और 7 मनोनीत सांसदों के समर्थन से NDA 2-तिहाई बहुमत का आंकड़ा आसानी से छू सकती है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>18&#45;19 जुलाई को BJP की बड़ी बैठक! वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक रणनीति पर होगा मंथन</title>
<link>https://atworldnews.in/9359</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्यप्रदेश की राजनीति में से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। 18 और 19 जुलाई को भाजपा मध्यप्रदेश कार्यसमिति की बड़ी बैठक होगी। सूत्रों के मुताबिक भाजपा संगठन की यह दो दिवसीय बैठक निवाड़ी के ओरछा में आयोजित होगी। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं समेत पदाधिकारी शामिल होंगे। इस दौरान … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 09:32:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>18-19, जुलाई, को, BJP, की, बड़ी, बैठक, वरिष्ठ, नेताओं, और, पदाधिकारियों, के, साथ, संगठनात्मक, रणनीति, पर, होगा, मंथन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
 मध्यप्रदेश की राजनीति में से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। 18 और 19 जुलाई को भाजपा मध्यप्रदेश कार्यसमिति की बड़ी बैठक होगी। सूत्रों के मुताबिक भाजपा संगठन की यह दो दिवसीय बैठक निवाड़ी के ओरछा में आयोजित होगी। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं समेत पदाधिकारी शामिल होंगे। इस दौरान संगठन को मजबूत बनाने, बूथ स्तर पर काम तेज करने, संगठन के विस्तार समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, 18 और 19 जुलाई को ओरछा में भाजपा की मध्यप्रदेश प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित होगी। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं समेत प्रदेशभर के पदाधिकारी और कार्यसमिति सदस्य शामिल होंगे। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में बैठक आयोजित होगी। बैठक में पार्टी संगठन को मजबूत बनाने, बूथ स्तर पर काम तेज करने, संगठन के विस्तार, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने जैसे विषयों पर चर्चा होगी।</p>
<p>इसके अलावा आने वाले संगठनात्मक कार्यक्रमों और राजनीतिक रणनीति पर भी मंथन किया जाएगा। बैठक में 106 प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, 41 स्थायी आमंत्रित सदस्य, प्रदेश पदाधिकारी, संभाग और जिला प्रभारी, विभिन्न मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष तथा प्रकोष्ठों के संयोजक भाग लेंगे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मोबाइल रिचार्ज होगा महंगा! Jio, Airtel और Vi 15% तक बढ़ा सकते हैं प्लान की कीमतें</title>
<link>https://atworldnews.in/9358</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  देश की दूरसंचार कंपनियां अगले तीन से चार महीनों के भीतर मोबाइल रिचार्ज में 12 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकती हैं। माना जा रहा है कि टेलीकॉम बाजार में प्रतिस्पर्धा कम होने और 4जी और 5जी सेवाओं की बढ़ती मांग के चलते कंपनियों के लिए कीमतें बढ़ाना आसान हो गया है। … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 09:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मोबाइल, रिचार्ज, होगा, महंगा, Jio, Airtel, और, 15, तक, बढ़ा, सकते, हैं, प्लान, की, कीमतें</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 देश की दूरसंचार कंपनियां अगले तीन से चार महीनों के भीतर मोबाइल रिचार्ज में 12 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकती हैं। माना जा रहा है कि टेलीकॉम बाजार में प्रतिस्पर्धा कम होने और 4जी और 5जी सेवाओं की बढ़ती मांग के चलते कंपनियों के लिए कीमतें बढ़ाना आसान हो गया है।</p>
<p>टेलीकॉम और इंटरनेट पर ब्रोकरेज फर्म सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टेलीकाम बाजार में अब सीमित बड़ी कंपनियां बची हैं, जिससे टैरिफ बढ़ाने की संभावना मजबूत हुई है। अगर ऐसा होता है तो प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के ग्राहकों को ज्यादा भुगतान <strong>क</strong>रना पड़ सकता है।</p>
<p><strong>प्रति यूजर कमाई में 1.5% तक की बढ़ोतरी की उम्मीद</strong><br>
रिपोर्ट में टेलीकॉम सेक्टर के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का भी अनुमान लगाया गया है। इसके अनुसार जून तिमाही में देश की तीनों बड़ी प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों यानी जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया के प्रति यूजर होने वाले औसत रेवेन्यू यानी एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) में तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर 1 से 1.5% की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।</p>
<p><strong>2G से 4G-5G पर शिफ्ट हो रहे हैं ग्राहक</strong><br>
कंपनियों के ARPU में सुधार की सबसे बड़ी वजह ग्राहकों का तेजी से 2G नेटवर्क छोड़कर 4G और 5G नेटवर्क पर जाना है। इसके अलावा, पोस्टपेड ग्राहकों की बढ़ती संख्या से भी प्रति यूजर कमाई में बढ़ोतरी हो रही है।</p>
<p><strong>जियो और एयरटेल के बढ़ेंगे ग्राहक</strong><br>
सेंट्रम की रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के यूजर लगातार बढ़ रहे हैं। जून तिमाही में रिलायंस जियो के करीब 70 लाख नए ग्राहक जोड़ने की उम्मीद है। वहीं भारती एयरटेल के ग्राहकों में लगभग 50 लाख की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके मुकाबले वोडाफोन-आइडिया केवल 2 लाख ग्राहक ही जोड़ पाएगी।</p>
<p><strong>अगले 3-4 महीनों में लग सकता है झटका</strong><br>
हाल ही में वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए टेलीकॉम और इंटरनेट सेक्टर पर सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च (Centrum Institutional Research) ने एक प्रीव्यू रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में एक बड़ा दावा किया गया है कि प्राइवेट टेलीकॉम ऑपरेटर्स अपने प्रीपेड प्लान्स की कीमतों में सीधे 15 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकते हैं। ग्राहकों के लिए चिंता की बात यह है कि यह बढ़ोतरी लागू होने में बहुत ज्यादा समय नहीं लगेगा; रिपोर्ट के मुताबिक अगले 3 से 4 महीनों के भीतर ही नए और महंगे प्लान्स बाजार में आ सकते हैं।</p>
<p><strong>आखिर क्यों महंगे हो रहे हैं प्लान्स?</strong><br>
इस संभावित बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह टेलीकॉम कंपनियों की कमाई का गणित है। पिछले एक या दो तिमाहियों से कंपनियों के प्रति यूजर औसत राजस्व (ARPU – Average Revenue Per User) में कोई खास और ठोस उछाल नहीं देखा गया है। इसके अलावा, रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में पिछले दो वर्षों से कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई है।</p>
<p>रिपोर्ट में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि बाजार में अब केवल 3 प्राइवेट और 1 सरकारी खिलाड़ी ही बचे हैं, जिससे प्राइसिंग का माहौल कंपनियों के काफी अनुकूल हो गया है। ऐसे में हमें पूरी उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में टैरिफ में 12 से 15% का इजाफा होगा।</p>
<p>मौजूदा समय में कंपनियों के ARPU में जो थोड़ा-बहुत सुधार दिख रहा है, वह सिर्फ 2G ग्राहकों के 4G/5G नेटवर्क पर शिफ्ट होने और डेटा की खपत बढ़ने की वजह से है। विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि अगर टेलीकॉम कंपनियों को अपने मुनाफे और ARPU में वास्तविक वृद्धि चाहिए, तो उनके पास टैरिफ बढ़ाने के अलावा कोई और मजबूत विकल्प नहीं है।</p>
<p><strong>सिर्फ महंगा रिचार्ज नहीं, बदल सकता है पूरा सिस्टम</strong><br>
रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि इस बार टैरिफ बढ़ोतरी सिर्फ रिचार्ज महंगा करने तक सीमित नहीं रह सकती। कंपनियां प्राइसिंग स्ट्रक्चर में भी बड़ा बदलाव कर सकती हैं। मौजूदा व्यवस्था में अलग-अलग तरह के इस्तेमाल के बावजूद कई यूजर्स एक जैसी कीमत चुकाते हैं। भविष्य में कंपनियां यूसेज-आधारित प्राइसिंग मॉडल अपना सकती हैं। </p>
<p><strong>5G कवरेज बढ़ने से डेटा का इस्तेमाल बढ़ा</strong><br>
देशभर में 4G और 5G नेटवर्क का दायरा बढ़ने के कारण ग्राहकों का डेटा यूसेज लगातार मजबूत बना हुआ है। रिलायंस जियो और एयरटेल ने देश के 90% से ज्यादा जिलों में अपनी 5G सर्विस पहुंचा दी है। अब इन कंपनियों का पूरा फोकस अपने नेटवर्क पर ज्यादा से ज्यादा 5G स्मार्टफोन को जोड़ने पर है।</p>
<p>इसके साथ ही दोनों कंपनियां 5G FWA (फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस) और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेगमेंट में भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं, क्योंकि इस बाजार में अभी ग्रोथ की काफी संभावनाएं हैं।</p>
<p><strong>वोडाफोन आइडिया भी बढ़ा रही है दायरा</strong><br>
कमजोर ग्राहक ग्रोथ के बावजूद वोडाफोन आइडिया (VIL) भी देश में अपना 5G नेटवर्क बढ़ा रही है। फिलहाल वोडाफोन आइडिया का 5G नेटवर्क करीब 100 शहरों में पहुंच चुका है और कंपनी इसे तेजी से बढ़ा रही है।</p>
<p><strong>एआरपीयू में ग्रोथ</strong><br>
रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी संख्या में ग्राहक अब 5जी नेटवर्क की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। इसके अलावा पोस्टपेड ग्राहकों की संख्या भी बढ़ रही है। यही वजह है कि दूरसंचार कंपनियों की औसत प्रति ग्राहक आय (एआरपीयू) में जून तिमाही के दौरान 1 से 1.5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर नेटवर्क सेवाओं और ज्यादा डेटा इस्तेमाल के कारण कंपनियों की कमाई लगातार बढ़ रही है। सेंट्रम ने कहा है कि वोडाफोन आइडिया की कीमत पर भारती एयरटेल और रिलायंस जियो बाजार हिस्सेदारी हासिल करना जारी रखेंगे।</p>
<p>अनुमान है कि जून तिमाही में रिलायंस जियो करीब 70 लाख नए ग्राहक जोड़ सकती है। वहीं भारती एयरटेल के साथ लगभग 50 लाख नए ग्राहक जुड़ सकते हैं। वहीं वोडाफोन आइडिया से केवल 2 लाख नए ग्राहक जुड़ने का अनुमान है।</p>
<p><strong>ब्रॉडबैंड सेवाओं की मांग में आई तेजी</strong><br>
ब्राडबैंड सेवाओं की मांग भी तेजी से बढ़ रही रिपोर्ट में कहा गया है कि जियो और एयरटेल अब देश के 90 प्रतिशत से अधिक जिलों में 5जी सेवाएं उपलब्ध करा चुके हैं। कंपनियां अब ज्यादा से ज्यादा 5जी स्मार्टफोन यूजर्स को अपने नेटवर्क से जोड़ने पर ध्यान दे रही हैं। इसके अलावा 5जी आधारित फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (एफडब्ल्यूए) और ब्राडबैंड सेवाओं की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि इस क्षेत्र में अभी काफी संभावनाएं मौजूद हैं। वोडाफोन आइडिया अपने 5जी नेटवर्क का विस्तार कर रहा है और यह बढ़कर 100 शहरों तक पहुंच गया है। साथ ही कंपनी का एजीआर बकाया भी कम हुआ है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया की त्वरित पहल से आकाशीय बिजली से मृत व्यक्ति के परिजनों को मिली 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के गृह निवास बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में प्रस्तुत आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आकाशीय बिजली गिरने से मृत व्यक्ति के आश्रित को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। इस पहल से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है और शासन की संवेदनशील कार्यप्रणाली का … ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 00:02:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, कैंप, कार्यालय, बगिया, की, त्वरित, पहल, से, आकाशीय, बिजली, से, मृत, व्यक्ति, के, परिजनों, को, मिली, लाख, रुपये, की, आर्थिक, सहायता</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के गृह निवास बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में प्रस्तुत आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आकाशीय बिजली गिरने से मृत व्यक्ति के आश्रित को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। इस पहल से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है और शासन की संवेदनशील कार्यप्रणाली का एक और उदाहरण सामने आया है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, आकाशीय बिजली गिरने से हुई मृत्यु के बाद मुआवजा राशि लंबित होने पर मृतक के परिजनों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन प्रस्तुत कर आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री के निर्देशों के पालन में राजस्व विभाग द्वारा प्रकरण का परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने मृतक के आश्रित  संजय कुजूर, ग्राम झिक्की, तहसील बगिया, जिला जशपुर के पक्ष में 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत करने की अनुशंसा कलेक्टर जशपुर को भेजी। आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर प्रदान की गई।आर्थिक सहायता मिलने से मृतक के परिजनों को कठिन समय में संबल मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन देने के बाद उनके मामले पर तत्काल संज्ञान लिया गया और शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित होने से उन्हें समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकी।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी केंद्र बनकर उभरा है। यहां प्राप्त आवेदनों पर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे जरूरतमंदों को समय पर राहत मिल रही है और शासन के प्रति आमजन का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>उरला की फैक्ट्री दुर्घटना के बाद सख्त कार्रवाई, मृतक श्रमिकों के कंपनी प्रबंधन द्वारा परिजनों को 30&#45;30 लाख रुपये का मुआवजा देने पर सहमति</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर कल ग्राम बेन्द्री, उरला औद्योगिक क्षेत्र के पास, थाना उरला, जिला रायपुर स्थित मेसर्स 3-डी इनोवेशन कारखाने में एक गंभीर औद्योगिक दुर्घटना घटित हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कारखाने के फेरो एलॉयज डिवीजन में संचालित फर्नेस में लांसिंग कार्य के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर में अचानक भीषण विस्फोट होने से कार्यरत तीन श्रमिकों श्री अरुण … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 23:32:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>उरला, की, फैक्ट्री, दुर्घटना, के, बाद, सख्त, कार्रवाई, मृतक, श्रमिकों, के, कंपनी, प्रबंधन, द्वारा, परिजनों, को, 30-30, लाख, रुपये, का, मुआवजा, देने, पर, सहमति</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>कल ग्राम बेन्द्री, उरला औद्योगिक क्षेत्र के पास, थाना उरला, जिला रायपुर स्थित मेसर्स 3-डी इनोवेशन कारखाने में एक गंभीर औद्योगिक दुर्घटना घटित हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कारखाने के फेरो एलॉयज डिवीजन में संचालित फर्नेस में लांसिंग कार्य के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर में अचानक भीषण विस्फोट होने से कार्यरत तीन श्रमिकों श्री अरुण पाण्डेय, श्री लाल सिंह एवं श्री कमल सिंह की दुःखद मृत्यु हो गई।<br>
    <br>
दुर्घटना की सूचना प्राप्त होते ही औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा तत्काल घटनास्थल पहुँचकर दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान घटनास्थल का विस्तृत परीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य लिए गए, फोटोग्राफ एवं विडियोग्राफ लिए गए तथा कारखाना प्रबंधन एवं श्रमिकों से प्रारंभिक पूछताछ कर दुर्घटना के कारणों की जांच प्रारंभ की गई।<br>
    <br>
प्रारंभिक जांच के आधार पर एवं श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता, 2020 की धारा 38(1)(ए) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कारखाना परिसर में संचालित समस्त प्रकार की विनिर्माण गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस संबंध में कारखाने के अधिभोगी एवं प्रबंधक को प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।<br>
    <br>
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश की अवधि में कारखाने में नियोजित सभी श्रमिकों को नियमानुसार देय वेतन एवं अन्य भत्तों का भुगतान निर्धारित समय पर सुनिश्चित किया जाए। विभाग के प्रयासो से कारखाना प्रबंधन द्वारा प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिजनों को 30 – 30 लाख रूपए की तत्काल आर्थिक सहायता राशि देने की सहमति दी गयी।<br>
    <br>
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच प्रतिवेदन एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>तेन्दूपत्ता संग्राहकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध – वन मंत्री  केदार कश्यप</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने 7.14 लाख से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ की प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि का वितरण किया है। राज्य में वर्तमान में तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर को 4,000 रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है, जिससे संग्राहक परिवारों को सीधा आर्थिक संबल मिल रहा है।  तेन्दूपत्ता का … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 23:32:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>तेन्दूपत्ता, संग्राहकों, के, आर्थिक, सशक्तिकरण, के, लिए, सरकार, पूरी, तरह, प्रतिबद्ध, –, वन, मंत्री, केदार, कश्यप</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ सरकार ने 7.14 लाख से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ की प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि का वितरण किया है। राज्य में वर्तमान में तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर को 4,000 रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है, जिससे संग्राहक परिवारों को सीधा आर्थिक संबल मिल रहा है।  तेन्दूपत्ता का संग्रहण दर 5,500  रुपए प्रति मानक बोरा होने से संग्राहक परिवारों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।</p>
<p>             <br>
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार तेन्दूपत्ता संग्राहकों, वनवासियों और आदिवासी परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जंगल से जुड़े प्रत्येक श्रमिक को उसके श्रम का उचित सम्मान मिले और पारिश्रमिक समय पर सीधे उसके बैंक खाते में पहुंचे।</p>
<p><strong>वर्ष 2023 के प्रोत्साहन पारिश्रमिक का वितरण शुरू</strong><br>
            <br>
वन मंत्री  केदार कश्यप ने बताया कि विगत 3 जुलाई को सहकारिता सप्ताह एवं अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण के प्रोत्साहन पारिश्रमिक वितरण का शुभारंभ किया गया। इसके तहत प्रदेश की 621 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों से जुड़े 7,14,446 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। भुगतान की प्रक्रिया तेजी से जारी है और शीघ्र पूरी कर ली जाएगी।</p>
<p><strong>संग्रहण पारिश्रमिक का समय पर ऑनलाइन भुगतान</strong><br>
               <br>
वन मंत्री ने बताया कि सरकार ने संग्रहण सत्र 2026 में भी तेन्दूपत्ता संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया है। प्रदेश के लगभग 11.15 लाख संग्राहकों को 734.25 करोड़ रुपए की संग्रहण पारिश्रमिक राशि ऑनलाइन माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे लाखों वनवासी और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है।</p>
<p><strong>पारदर्शी और तकनीक आधारित भुगतान व्यवस्था</strong><br>
        <br>
 केदार कश्यप ने कहा कि तेन्दूपत्ता प्रदेश के लाखों वनवासी परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। इसलिए राज्य सरकार संग्रहण से लेकर भुगतान तक पूरी व्यवस्था को पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बना रही है, ताकि संग्राहकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।</p>
<p><strong>वनवासियों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता</strong><br>
              <br>
वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को समय पर पारिश्रमिक और प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराना इसी सोच का परिणाम है। आने वाले समय में भी सरकार वनवासियों के हितों की रक्षा, उनकी आय में वृद्धि तथा वन आधारित आजीविका को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>15 दिवसीय प्रदेशव्यापी जन&#45;जागरूकता अभियान बना जन&#45;आंदोलन</title>
<link>https://atworldnews.in/9354</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 24 जून से 08 जुलाई 2026 तक संचालित 15 दिवसीय प्रदेशव्यापी &quot;सेफ क्लिक 2.0&quot; साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान का आज नरोन्‍हा प्रशासन अकादमी, भोपाल स्थित स्वर्ण जयंती सभागार में समापन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा रहे। समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर)  ए. साईं मनोहर, पुलिस आयुक्त … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 23:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दिवसीय, प्रदेशव्यापी, जन-जागरूकता, अभियान, बना, जन-आंदोलन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 24 जून से 08 जुलाई 2026 तक संचालित 15 दिवसीय प्रदेशव्यापी "सेफ क्लिक 2.0" साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान का आज नरोन्‍हा प्रशासन अकादमी, भोपाल स्थित स्वर्ण जयंती सभागार में समापन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा रहे। समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर)  ए. साईं मनोहर, पुलिस आयुक्त भोपाल  संजय कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, सामुदायिक पुलिस सदस्य, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।</p>
<p>इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक  मकवाणा ने कहा कि जनवरी 2025 में अधिकारियों को दिए गए नववर्ष संदेश में उन्होंने तीन प्रमुख चुनौतियों—साइबर अपराध, नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता तथा सड़क सुरक्षा—को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निरंतर जन-भागीदारी आधारित अभियान संचालित करने का आह्वान किया था। उसी संकल्प के अनुरूप मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा "सेफ क्लिक"तथा "नशे से दूरी है जरूरी "व्यापक जन-जागरूकता अभियान सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि "सेफ क्लिक 1.0" के सकारात्मक परिणामों के कारण प्रदेश में डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों में उल्लेखनीय कमी देखने को मिली है। जागरूक नागरिकों द्वारा समय पर पुलिस को सूचना देने से अनेक मामलों में तत्काल कार्रवाई कर पीड़ितों को राहत दिलाई गई। उन्होंने भोपाल के डिजिटल अरेस्ट प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि पीड़ित की त्वरित सूचना पर पुलिस ने लाइव हस्तक्षेप कर साइबर अपराध को विफल किया।</p>
<p>पुलिस महानिदेशक ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार अपने तौर-तरीके बदल रहे हैं, इसलिए मध्यप्रदेश पुलिस भी समय-समय पर नई एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को सतर्क कर रही है। उन्होंने बताया कि "सेफ क्लिक 2.0" को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर)  ए. साईं मनोहर एवं उनकी टीम ने बदलते साइबर परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए और अधिक व्यापक स्वरूप प्रदान किया, जिसके परिणामस्वरूप यह अभियान जन-जन तक पहुँचने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में साइबर अपराध कानून-व्यवस्था की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होंगे। ऐसे में जागरूकता ही सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है। मध्यप्रदेश पुलिस साइबर अपराध पीड़ितों को शीघ्र राहत दिलाने के लिए फर्जी बैंक खातों की पहचान कर उन्हें बंद कराने, फर्जी सिम कार्डों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा साइबर ठगी की राशि समय रहते होल्ड कराकर पीड़ितों को वापस दिलाने जैसे नवाचारों पर निरंतर कार्य कर रही है।</p>
<p>पुलिस महानिदेशक ने बताया कि 25 दिसंबर 2025 को ग्वालियर से माननीय केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा साइबर ठगी से संबंधित ई-जीरो एफआईआर प्रणाली का शुभारंभ किया गया, जिसके साथ मध्यप्रदेश देश का दूसरा राज्य बना जहाँ साइबर ठगी के मामलों में ई-जीरो एफआईआर की सुविधा लागू की गई। प्रारंभ में यह व्यवस्था एक लाख रुपये या उससे अधिक की साइबर ठगी के मामलों के लिए लागू थी, जिसे बाद में घटाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया, ताकि अधिकाधिक पीड़ितों को त्वरित न्याय एवं राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि इससे पुलिस का कार्यभार अवश्य बढ़ा है, किन्तु नागरिकों को शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना मध्यप्रदेश पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक नागरिक का दिन मोबाइल के एक क्लिक से प्रारंभ होता है और उसी पर समाप्त होता है। ऐसे समय में साइबर जागरूकता अत्यंत आवश्यक हो गई है। अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, शासकीय एवं निजी संस्थानों सहित विभिन्न स्थानों पर पहुँचकर लाखों विद्यार्थियों एवं नागरिकों को साइबर सुरक्षा के व्यवहारिक उपायों की जानकारी दी।</p>
<p>पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने कहा कि अभियान का समापन अवश्य हुआ है, किन्तु साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्कता कभी समाप्त नहीं होनी चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएँ। उन्होंने कहा कि समय पर दी गई सूचना से ठगी की राशि होल्ड कराने तथा अपराधियों तक शीघ्र पहुँचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्‍होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से लाखों विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। 60 हजार से अधिक सीयूजी सिम पर साइबर सुरक्षा संदेश प्रसारित किए गए तथा देश की चार प्रमुख दूरसंचार कंपनियों के माध्यम से लगभग 5 करोड़ बल्क एसएमएस नागरिकों तक भेजे गए।</p>
<p>महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग की लगभग 60 हजार आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, ग्राम पंचायतों, पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, जीआरपी, पुलिस वेलफेयर सेंटर, साइबर जागरूकता रथ, चौपाल, मैराथन, रैली, धार्मिक स्थलों तथा एमपीएल क्रिकेट लीग सहित अनेक माध्यमों से साइबर सुरक्षा का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाया गया।</p>
<p>अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर)  ए. साईं मनोहर ने अपने आभार उद्बोधन में अभियान की सफलता का श्रेय पुलिस महानिदेशक  मकवाणा के दूरदर्शी नेतृत्व एवं सतत मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि "सेफ क्लिक 1.0" की सफलता के बाद "सेफ क्लिक 2.0" को और अधिक व्यापक स्वरूप प्रदान किया गया, जिसके परिणामस्वरूप यह अभियान जन-जन तक पहुँचकर एक जन-आंदोलन बन गया। उन्होंने कहा कि "Prevention is Better Than Cure" का सिद्धांत साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में पूरी तरह लागू होता है और जन-जागरूकता ही साइबर अपराधों की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अभियान को सफल बनाने में प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया, स्कूल शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, दूरसंचार कंपनियों, स्वयंसेवी संगठनों तथा अभियान से जुड़े सभी विभागों का आभार व्यक्त किया। साथ ही साइबर मुख्यालय की टीम एवं विशेष रूप से  प्रणय नागवंशी सहित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समर्पित योगदान की सराहना की।</p>
<p>उप पुलिस महानिरीक्षक डॉ. विनीत कपूर ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा एवं उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि 15 दिवसीय अभियान के दौरान प्रत्येक दिवस के लिए अलग-अलग विषय निर्धारित कर प्रदेशभर में योजनाबद्ध गतिविधियाँ संचालित की गईं। विद्यार्थियों एवं युवाओं को साइबर सुरक्षा का "ब्रांड एम्बेसडर" बनाते हुए डिजिटल अरेस्ट, एआई आधारित साइबर अपराध, वॉइस क्लोनिंग, फिशिंग, क्यूआर कोड फ्रॉड, निवेश संबंधी साइबर ठगी तथा सोशल मीडिया सुरक्षा जैसे विषयों पर संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाकर उन्हें अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक करने का संदेश दिया गया।</p>
<p>ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों एवं ग्राम सभाओं के माध्यम से किसानों, महिलाओं, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक किया गया। कृषि मंडियों, श्रमिक समूहों एवं ग्रामीण समुदायों तक पहुँचकर डिजिटल लेन-देन के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई।</p>
<p>अभियान से पूर्व साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नवाचार एवं युवाओं की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश में मेगा हैकाथॉन का भी आयोजन किया गया, जिसमें भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर सहित विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय स्तर की टीमों ने भाग लिया।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के दौरान प्रदेशभर में 8,600 से अधिक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के अंतर्गत नागरिकों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के बीच प्रतिस्पर्धा रही। जिसका परिणाम है कि 1 करोड़ से अधिक नागरिकों तक प्रत्यक्ष रूप से साइबर सुरक्षा का संदेश पहुँचाया गया, जबकि डिजिटल एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से 6करोड़ से अधिक लोगों तक साइबर जागरूकता का व्यापक प्रसार किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर भोपाल एवं इंदौर के पुलिस कमिश्‍नर सहित डिंडौरी, अलीराजपुर, दतिया एवं बैतूल जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सम्मानित किया गया। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>लोक कलाओं में शुरू करें सर्टिफिकेट कोर्स : राज्य मंत्री  लोधी</title>
<link>https://atworldnews.in/9353</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने मंत्रालय में संस्कृति विभाग के अंतर्गत संचालित विश्वविद्यालयों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। राज्य मंत्री  लोधी ने कला के क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लोक कलाओं से … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 23:02:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>लोक, कलाओं, में, शुरू, करें, सर्टिफिकेट, कोर्स, राज्य, मंत्री, लोधी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने मंत्रालय में संस्कृति विभाग के अंतर्गत संचालित विश्वविद्यालयों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। राज्य मंत्री  लोधी ने कला के क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लोक कलाओं से संबंधित नए सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश की स्थिति, विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के प्रयासों, अधोसंरचना विकास और विश्वविद्यालयों की वित्तीय स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन स्तर पर लंबित मामलों का त्वरित निपटारा किया जाए और रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।</p>
<p>राजा मान सिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा वर्तमान में कुल 122 पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें संगीत के 48, नृत्य के 30, ललित कला, नाट्य एवं रंगकर्म के 08 तथा अन्य 06 पाठ्यक्रम शामिल हैं। राज्य मंत्री  लोधी ने इन पाठ्यक्रमों की सराहना की और जोर देकर कहा कि विश्वविद्यालयों तथा उनके अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों और कोर्सेस का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि दूर-दराज के विद्यार्थियों तक भी इसकी जानकारी पहुँच सके।</p>
<p>सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा इस समय कुल 16 पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में एम.ए. के 09, एम.एस.सी. का 01, एम.एफ.ए. का 01, डिप्लोमा के 02 और सर्टिफिकेट के 03 कोर्सेस शामिल हैं। राज्य मंत्री  लोधी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि विश्वविद्यालयों में शिक्षा के स्तर और गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।</p>
<p>बैठक में संस्कृति विभाग के संचालक  एन.पी. नामदेव और उपसचिव  राजेश गुप्ता उपस्थित रहे। इनके साथ ही राजा मान सिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. स्मिता सहस्रबुद्धे, सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार  रामनिवास गुप्ता सहित विभिन्न संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य और प्रशासनिक प्रभारी भी बैठक उपस्थित थे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>जबलपुर में गेहूं भंडारण का बड़ा घोटाला, दो सरकारी गोदामों से 1000 टन अनाज गायब</title>
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<description><![CDATA[ जबलपुर जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं के भंडारण में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में अन्नपूर्णा और मां नर्मदा वेयरहाउस से करीब 1000 टन गेहूं गायब मिलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्टॉक में कमी छिपाने के लिए दूसरे गोदामों के रिकॉर्ड से गेहूं की … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 23:02:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>जबलपुर, में, गेहूं, भंडारण, का, बड़ा, घोटाला, दो, सरकारी, गोदामों, से, 1000, टन, अनाज, गायब</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जबलपुर</strong></p>
<p>जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं के भंडारण में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में अन्नपूर्णा और मां नर्मदा वेयरहाउस से करीब 1000 टन गेहूं गायब मिलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्टॉक में कमी छिपाने के लिए दूसरे गोदामों के रिकॉर्ड से गेहूं की कागजी अदला-बदली कर दी गई। मामला उजागर होने के बाद भोपाल स्तर पर हलचल तेज हो गई है और अब पूरे प्रकरण की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम जबलपुर पहुंचेगी।</p>
<p>खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के जांच और कार्रवाई का बयान सामने आने के बाद जबलपुर में हड़कंप मचा है। उपार्जन समिति से जुड़े अधिकारियों से भी इस संबंध में पूछताछ हो सकती है। वहीं समिति और समूहों की भूमिका को भी खंगाला जाएगा। इतना ही नहीं सूत्रों की मानें तो जांच में यह भी देखा जाएगा कि रिकॉर्ड में हेरफेर किन अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से किया गया। यदि अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो वेयरहाउस संचालकों के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।</p>
<p><strong>रिकॉर्ड में फेरबदल कर छिपाई गई कमी</strong></p>
<p>प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जिन गोदामों में गेहूं कम मिला, वहां स्टॉक का मिलान करने के बजाय अन्य वेयरहाउस के रिकॉर्ड में कागजी समायोजन कर कमी को छिपाने का प्रयास किया गया। जांच एजेंसियां अब स्टॉक रजिस्टर, परिवहन चालान, उठाव रिकॉर्ड और ऑनलाइन पोर्टल के आंकड़ों का मिलान कर रही हैं।</p>
<p>जिले में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले श्रीजी वेयरहाउस से करीब 1400 टन धान गायब होने का मामला भी सामने आया था। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े घोटाले के बावजूद अब तक न तो गायब धान की पूरी वसूली हो सकी है और न ही भुगतान संबंधी विवाद का अंतिम निराकरण हुआ है। इससे वेयरहाउस प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।</p>
<p><strong>भोपाल से होगी उच्चस्तरीय जांच</strong></p>
<p>सूत्रों के अनुसार भोपाल से आने वाली जांच टीम पूरे मामले की परत-दर-परत जांच करेगी। टीम यह पता लगाएगी कि गेहूं वास्तव में कहां गया, रिकॉर्ड में बदलाव किस स्तर पर किया गया और निगरानी व्यवस्था में कहां चूक हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ एफआईआर दर्ज होने की भी संभावना जताई जा रही है।</p>
<p>समर्थन मूल्य पर खरीदे गए अनाज के भंडारण को लेकर जबलपुर में पिछले कुछ वर्षों में लगातार अनियमितताओं के मामले सामने आते रहे हैं। अब अन्नपूर्णा और मां नर्मदा वेयरहाउस का मामला सामने आने के बाद सरकारी भंडारण व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी तंत्र एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है।<br>
<strong>मुख्य बिंदु:</strong></p>
<ul>
<li>    अन्नपूर्णा और मां नर्मदा वेयरहाउस से करीब 1000 टन गेहूं गायब।</li>
<li>    कमी छिपाने के लिए दूसरे वेयरहाउस के रिकॉर्ड से कागजी अदला-बदली का आरोप।</li>
<li>    जांच के लिए भोपाल से उच्चस्तरीय टीम जबलपुर आएगी।</li>
<li>    कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की संभावना।</li>
<li>    श्रीजी वेयरहाउस से 1400 टन धान गायब होने का मामला अब भी पूरी तरह नहीं सुलझा।</li>
</ul>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मेट्रो निर्माण से प्रभावित मार्गों की तत्काल करायें मरम्मत, आमजन की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: राज्यमंत्री  गौर</title>
<link>https://atworldnews.in/9351</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा है कि भोपाल महानगर के विकास के लिए मेट्रो परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है, किंतु इसके निर्माण के दौरान नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा अथवा कष्ट का सामना न करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 23:02:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मेट्रो, निर्माण, से, प्रभावित, मार्गों, की, तत्काल, करायें, मरम्मत, आमजन, की, सुविधा, हमारी, सर्वोच्च, प्राथमिकता:, राज्यमंत्री, गौर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल </p>
<p>पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा है कि भोपाल महानगर के विकास के लिए मेट्रो परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है, किंतु इसके निर्माण के दौरान नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा अथवा कष्ट का सामना न करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन सहित समस्त आवश्यक जनसुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जवाबदेही है। राज्यमंत्री  गौर ने बुधवार को मंत्रालय में गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मेट्रो परियोजना के कारण क्षतिग्रस्त हुए प्रमुख मार्गों के पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण के संबंध में समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों के दल के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।</p>
<p>राज्यमंत्री  गौर ने डीआरएम से एम्स, आई.टी.आई. से रत्नागिरी तिराहे तथा डीआरएम रोड एवं अलकापुरी मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़कों पर निर्मित गड्ढों को अविलंब भरने तथा इस कार्य में शिथिलता अथवा लापरवाही बरतने वाले संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्गों की जर्जर स्थिति के कारण यातायात व्यवस्था बाधित हो रही है और वर्षाकाल में जलभराव जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, जिससे नागरिकों का दैनिक जीवन प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इन विसंगतियों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्णतः सुधारने के निर्देश दिए।</p>
<p>राज्यमंत्री  गौर ने परियोजना के क्रियान्वयन में गति लाने के उद्देश्य से निर्देश दिए कि आई.टी.आई. से रत्नागिरी मार्ग के पुनर्निर्माण के लिए वर्तमान अनुबंधित ठेकेदार के माध्यम से ही समस्त आवश्यक सुधार कार्य कराए जाएं। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि भविष्य में सड़क निर्माण के विस्तृत प्राक्कलन (एस्टीमेट) तैयार करते समय सभी विभाग आपस में समन्वय स्थापित करें।</p>
<p>जनसुरक्षा को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए राज्यमंत्री  गौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेट्रो निर्माण के दौरान अस्थाई रूप से हटाई गई स्ट्रीट लाइट्स को पुनः स्थापित किया जाए, ताकि रात्रि के समय नागरिकों का आवागमन पूर्णतः सुरक्षित हो सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सड़कों पर निर्मित दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) को त्वरित चिन्हित कर वहां पुख्ता सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि ढांचागत विकास अपरिहार्य है, परंतु नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता उच्च स्तरीय होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कर्मचारियों की गरिमा और आर्थिक सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की बड़ी पहल</title>
<link>https://atworldnews.in/9350</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन के सभागार में राज्य के शासकीय सेवकों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना के ब्रोशर का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इसे कर्मचारी कल्याण, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 22:32:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>कर्मचारियों, की, गरिमा, और, आर्थिक, सुरक्षा, के, लिए, मुख्यमंत्री, विष्णु, देव, साय, की, बड़ी, पहल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन के सभागार में राज्य के शासकीय सेवकों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना के ब्रोशर का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इसे कर्मचारी कल्याण, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य शासकीय सेवकों को आकस्मिक परिस्थितियों में सम्मानजनक, त्वरित और सहज वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।</p>
<p>मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शासकीय सेवक राज्य के विकास की रीढ़ हैं। जब कर्मचारी आर्थिक चिंताओं से मुक्त होकर कार्य करेंगे, तभी शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारियों को आकस्मिक आवश्यकताओं के लिए निजी साहूकारों अथवा ऊंची ब्याज दरों पर ऋण लेने की विवशता का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था विकसित की है, जिसके माध्यम से वे बिना अनावश्यक कागजी प्रक्रिया के अपनी पात्रता के अनुसार अल्पावधि ऋण प्राप्त कर सकेंगे।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त विभाग ने सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग करते हुए इस सुविधा को ई-कोष प्रणाली से एकीकृत किया है। यह व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल, पेपरलेस, सुरक्षित और पारदर्शी है तथा इससे राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं आएगा। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए वित्त विभाग की टीम को बधाई देते हुए सभी शासकीय सेवकों से विकसित छत्तीसगढ़ और सुशासन के संकल्प को आगे बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।</p>
<p>वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासनिक सुधारों और कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने के बाद अब वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना प्रारंभ की गई है, जिससे तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए बिना ब्याज वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि पायलट चरण के मात्र दो माह में 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने पंजीयन कराया है तथा 27 हजार कर्मचारी इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर अधिक राशि के ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने की भी योजना है।</p>
<p>छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक  कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना कर्मचारियों की लंबे समय से महसूस की जा रही आवश्यकता को पूरा करेगी तथा आकस्मिक परिस्थितियों में उन्हें सम्मानजनक और त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि यह सुविधा ई-कोष प्रणाली से एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होगी। कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ई-केवाईसी, डिजिटल प्रमाणीकरण एवं सहमति की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ऋण स्वीकृति एवं वितरण त्वरित रूप से किया जाएगा। वित्त विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार पूरी व्यवस्था में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता तथा डिजिटल प्रमाणीकरण के उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया है।</p>
<p>कार्यक्रम में मुख्य सचिव  विकासशील, वित्त विभाग के विशेष सचिव  चंदन कुमार, लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश बंसल, संचालक (बजट एवं वित्त)  ऋषभ पराशर, छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष  चंद्रकांत पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पासपोर्ट सत्यापन को अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने के लिए संभाग स्तरीय पुलिस प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन</title>
<link>https://atworldnews.in/9349</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल आमजन को पासपोर्ट संबंधी सेवाएं अधिक सरल, पारदर्शी, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपलब्ध कराने तथा पुलिस सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संभाग स्तर पर पुलिस प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम मेंअतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक गुप्‍तवार्ता  ए.साईं मनोहर के मार्गदर्शन एवं उप पुलिस महानिरीक्षक … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 22:32:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>पासपोर्ट, सत्यापन, को, अधिक, प्रभावी, एवं, समयबद्ध, बनाने, के, लिए, संभाग, स्तरीय, पुलिस, प्रशिक्षण, कार्यशालाओं, का, आयोजन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>आमजन को पासपोर्ट संबंधी सेवाएं अधिक सरल, पारदर्शी, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपलब्ध कराने तथा पुलिस सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संभाग स्तर पर पुलिस प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम मेंअतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक गुप्‍तवार्ता  ए.साईं मनोहर के मार्गदर्शन एवं उप पुलिस महानिरीक्षक कानून व्‍यवस्‍था  तरूण नायक के निर्देशन में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में पहली बार इंदौर संभाग स्तरीय पुलिस प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया से जुड़े पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तकनीकी एवं प्रक्रियागत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।</p>
<p>कार्यशाला में पुलिस उपायुक्त (आसूचना/सुरक्षा)  अमन सिंह राठौड़, पुलिस मुख्यालय भोपाल की सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) मती रश्मि मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (आसूचना) मती प्रियंका डुडवे, क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय भोपाल एवं इंदौर तथा टीसीएस की तकनीकी टीम के प्रतिनिधि, इंदौर संभाग के सभी आठ जिलों—इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी एवं बुरहानपुर—के पासपोर्ट सत्यापन कार्य से जुड़े पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी प्रशिक्षण में शामिल हुए, जबकि संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से जुड़े।</p>
<p>इस अवसर पर पुलिस आयुक्त  संतोष कुमार सिंह ने कहा कि पासपोर्ट सत्यापन केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह नागरिकों के विश्वास, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवेदनशीलता, पारदर्शिता तथा निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण सत्यापन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।</p>
<p>पासपोर्ट ऑफिसर  सुतांशु चौरसिया ने कहा कि पुलिस एवं पासपोर्ट विभाग के उत्कृष्ट समन्वय के परिणामस्वरूप वर्ष 2024 एवं 2025 में मध्यप्रदेश ने पासपोर्ट सत्यापन के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए दक्षता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करने पर बल दिया।</p>
<p>अतिरिक्‍त पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय)  आर.के. सिंह ने कहा कि समयबद्ध, निष्पक्ष एवं तथ्यपरक पुलिस सत्यापन ही नागरिकों को त्वरित एवं विश्वसनीय पासपोर्ट सेवाएं उपलब्ध कराने का आधार है।</p>
<p>कार्यशाला के दौरान एआईजी मती रश्मि मिश्रा, क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय भोपाल एवं इंदौर तथा टीसीएस की टीम द्वारा पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही पासपोर्ट कार्य को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितैषी बनाने के लिए विचार-विमर्श किया गया तथा सत्यापन के दौरान महत्वपूर्ण पहलुओं एवं सावधानियों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।</p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यकुशलता को और अधिक सशक्त बनाते हुए आमजन को शीघ्र, सरल, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण पासपोर्ट सेवाएं उपलब्ध कराना तथा पुलिस एवं पासपोर्ट विभाग के मध्य समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रदेश के अन्य संभागों में भी इसी प्रकार की प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन चरणबद्ध रूप से किया जाएगा, ताकि पूरे प्रदेश में पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक दक्ष, एकरूप एवं समयबद्ध बनाया जा सके। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पीथमपुर प्रदेश की औद्योगिक शक्ति का महत्वपूर्ण केन्द्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
<link>https://atworldnews.in/9348</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र मध्यप्रदेश की औद्योगिक शक्ति का महत्वपूर्ण केंद्र है। किसान इरिगेशन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड जैसी कंपनियां प्रदेश में निवेश, रोजगार और तकनीकी प्रगति को नई दिशा दे रही हैं। “मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही है। हमारी प्राथमिकता … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 22:32:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>पीथमपुर, प्रदेश, की, औद्योगिक, शक्ति, का, महत्वपूर्ण, केन्द्र, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र मध्यप्रदेश की औद्योगिक शक्ति का महत्वपूर्ण केंद्र है। किसान इरिगेशन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड जैसी कंपनियां प्रदेश में निवेश, रोजगार और तकनीकी प्रगति को नई दिशा दे रही हैं। “मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही है। हमारी प्राथमिकता है कि उद्योगों से युवाओं को रोजगार मिले, किसानों को आधुनिक तकनीक उपलब्ध हो और प्रदेश आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंचाई और जल संरक्षण के क्षेत्र में आधुनिक पाइप, ड्रिप और स्प्रिंकलर इरिगेशन सिस्टम किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह नई इकाई कृषि क्षेत्र में जल प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में किसान इरिगेशन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की चौथी नवीन विनिर्माण इकाई के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने फैक्ट्री परिसर में शिव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना भी की। मुख्यमंत्री ने कंपनी प्रबंधन को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उद्योगों का विस्तार केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास का भी आधार है।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई विनिर्माण इकाई के प्रारंभ होने से पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को और गति मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा प्रदेश में कृषि और जल प्रबंधन से जुड़े आधुनिक उत्पादों के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योग, कृषि और तकनीक के समन्वय से विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन इकाई का अवलोकन किया और पाइप निर्माण में उपयोग की जा रही अत्याधुनिक मशीनों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कंपनी द्वारा कृषि, सिंचाई और जल प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कंपनी प्रबंधन को बधाई दी।</p>
<p>कंपनी के एमडी कुणाल अग्रवाल ने जानकारी दी कि किसान इरिगेशन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की स्थापना लगभग 40 वर्ष पूर्व हुई थी। वर्तमान में कंपनी की कुल 5 इकाइयां संचालित हैं, जिनमें से 4 इकाइयां पीथमपुर में स्थित हैं। कंपनी पीवीसी पाइप्स, एचडीपीई पाइप्स, सीपीवीसी एवं यूपीवीसी पाइप्स और फिटिंग्स के निर्माण के साथ-साथ वॉटर टैंक, ड्रिप इरिगेशन और स्प्रिंकलर इरिगेशन सिस्टम के निर्माण का कार्य करती है। चौथी नवीन इकाई में एचडीपीवी और डीडब्ल्यूसी पाइप्स का निर्माण किया जाएगा, जिससे कृषि, सिंचाई और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को आधुनिक उत्पाद उपलब्ध होंगे।</p>
<p>कार्यक्रम में धार विधायक  नीना वर्मा, जनप्रतिनिधिगण, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, आईजी अनुराग तथा धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा सहित कम्पनी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>इंदौर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई अब हिंदी में! SGSITS की नई पहल, छात्रों को मिला बड़ा विकल्प</title>
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<description><![CDATA[ इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित एसजीएसआईटीएस (SGSITS) ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। नए शैक्षणिक सत्र से संस्थान पहली बार हिंदी माध्यम में बीटेक सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू करने जा रहा है। इस कोर्स की सबसे खास बात यह है कि छात्रों को पूरे चार साल तक लगातार … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 22:32:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>इंदौर, में, इंजीनियरिंग, की, पढ़ाई, अब, हिंदी, में, SGSITS, की, नई, पहल, छात्रों, को, मिला, बड़ा, विकल्प</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर</strong></p>
<p>मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित एसजीएसआईटीएस (SGSITS) ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। नए शैक्षणिक सत्र से संस्थान पहली बार हिंदी माध्यम में बीटेक सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू करने जा रहा है। इस कोर्स की सबसे खास बात यह है कि छात्रों को पूरे चार साल तक लगातार पढ़ाई करने की बाध्यता नहीं होगी। नई शिक्षा नीति के तहत तैयार इस पाठ्यक्रम में मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की सुविधा दी गई है, जिससे छात्र बीच में पढ़ाई छोड़ने पर भी योग्यता के अनुसार रोजगार हासिल कर सकेंगे और बाद में दोबारा पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।</p>
<p><strong>हिंदी माध्यम में शुरू होगी बीटेक सिविल इंजीनियरिंग</strong><br>
श्री गोविंदराम सेकसरिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (एसजीएसआईटीएस) इंदौर ने ग्रामीण और हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। संस्थान में नए शैक्षणिक सत्र से पहली बार हिंदी माध्यम में इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की जा रही है। इसकी शुरुआत बीटेक सिविल इंजीनियरिंग ब्रांच से की गई है।</p>
<p><strong>चार साल लगातार पढ़ने की बाध्यता नहीं</strong><br>
इस विशेष पाठ्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि छात्रों को लगातार चार साल तक पढ़ाई करना अनिवार्य नहीं होगा। यदि कोई छात्र पहले वर्ष के बाद पढ़ाई छोड़ता है तो वह आईटीआई ड्राफ्ट्समैन स्तर पर काम करने के योग्य होगा। दूसरे वर्ष की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह साइट सुपरविजन का कार्य कर सकेगा। तीन वर्ष पूरे करने पर छात्र को सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा मिलेगा, जबकि चौथा वर्ष पूरा करने पर बीटेक की डिग्री प्रदान की जाएगी।</p>
<p><strong>मजदूर और इंजीनियर के बीच भाषा की दूरी होगी कम</strong><br>
संस्थान के अनुसार इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों और इंजीनियरों के बीच भाषा की बाधा को खत्म करना है। अधिकांश निर्माण स्थलों पर कामगारों से हिंदी या स्थानीय भाषा में ही संवाद किया जाता है। अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करने वाले कई इंजीनियरों को डिजाइन, सुरक्षा नियम और तकनीकी निर्देश समझाने में कठिनाई होती है। हिंदी माध्यम में पढ़ाई होने से यह संवाद अधिक सहज और प्रभावी होगा।</p>
<p><strong>प्रवेश प्रक्रिया जारी, फिलहाल दो छात्रों ने लिया दाखिला</strong><br>
इस हिंदी माध्यम कोर्स को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) से मंजूरी मिल चुकी है। कोर्स के लिए कुल 60 सीटें निर्धारित की गई हैं। पहले चरण की काउंसलिंग में 35 सीटें आवंटित हुई थीं, लेकिन अभी तक केवल दो छात्रों ने प्रवेश लिया है। संस्थान का कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया अभी जारी है। अधिकारियों के मुताबिक पूरा सिलेबस तैयार कर लिया गया है और विद्यार्थियों को हिंदी भाषा में अध्ययन सामग्री और पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।</p>
<p><strong>नई शिक्षा नीति के तहत मिलेगा मल्टीपल एंट्री-एग्जिट का लाभ</strong><br>
यह पूरा पाठ्यक्रम नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत संचालित होगा। इसमें छात्रों को मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की सुविधा मिलेगी। छात्र अपनी सुविधा के अनुसार बीच में पढ़ाई छोड़कर नौकरी कर सकते हैं और बाद में दोबारा प्रवेश लेकर कोर्स पूरा कर सकते हैं। इस <strong>प्रणाली में पारंपरिक अंकों की जगह क्रेडिट पॉइंट दिए जाएंगे। </strong></p>
<p><strong>पारंपरिक भारतीय निर्माण शैली भी होगी पाठ्यक्रम का हिस्सा</strong><br>
संस्थान ने पाठ्यक्रम में भारत की पारंपरिक इंजीनियरिंग और निर्माण कला को भी शामिल किया है। इसमें प्राचीन मंदिरों, महलों और ऐतिहासिक संरचनाओं की निर्माण तकनीकों का अध्ययन कराया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के साथ भारतीय निर्माण विरासत की भी जानकारी मिल सके।</p>
<p><strong>ग्रामीण छात्रों को मिलेगा सबसे अधिक फायदा</strong><br>
एसजीएसआईटीएस के प्रशासनिक अधिकारी संदीप नारुलकर के अनुसार मातृभाषा में तकनीकी शिक्षा मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए इंजीनियरिंग के जटिल विषयों को समझना आसान होगा। उन्होंने बताया कि स्थानीय भाषा में पढ़ाई होने से रोजगार और कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। शिक्षक भी कक्षा में सरल और सहज भाषा का उपयोग कर पढ़ा सकेंगे, जिससे विद्यार्थियों को निर्माण स्थलों पर व्यावहारिक कार्य के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>नशामुक्त, साइबर सुरक्षित एवं जनकेंद्रित पुलिसिंग पर डीजीपी  कैलाश मकवाणा ने दिए निर्देश</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह द्वारा निर्देशित &quot;नशामुक्त भारत&quot; अभियान के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए तैयार त्रिवर्षीय रोडमैप के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रदेश में मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, साइबर अपराध नियंत्रण एवं जनशिकायतों के त्वरित निराकरण की समीक्षा के लिये पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी रेंज पुलिस … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 22:32:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>नशामुक्त, साइबर, सुरक्षित, एवं, जनकेंद्रित, पुलिसिंग, पर, डीजीपी, कैलाश, मकवाणा, ने, दिए, निर्देश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह द्वारा निर्देशित "नशामुक्त भारत" अभियान के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए तैयार त्रिवर्षीय रोडमैप के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रदेश में मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, साइबर अपराध नियंत्रण एवं जनशिकायतों के त्वरित निराकरण की समीक्षा के लिये पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी रेंज पुलिस उप महानिरीक्षक एवं भोपाल तथा इंदौर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्तों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता एवं साइबर)  ए. साई मनोहर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स एवं एसटीएफ)  डी. निवास वर्मा तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (शिकायत एवं कल्याण)  सोलोमन यश कुमार मिंज ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।</p>
<p><strong>जन-आंदोलन के रूप में संचालित होगा "नशे से दूरी, है जरूरी 2.0" अभियान- डीजीपी  मकवाणा</strong></p>
<p>पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने अधिकारियों को कहा कि प्रदेश में मादक पदार्थों के उन्मूलन, साइबर अपराधों की प्रभावी रोकथाम तथा आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की प्रत्येक कार्रवाई समयबद्ध, तकनीक आधारित तथा परिणामोन्मुखी होनी चाहिए, जिससे शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की प्रभावी प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके।</p>
<p>उन्होंने निर्देश दिए कि 15 जुलाई से प्रारंभ होने वाले राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान "नशे से दूरी, है जरूरी 2.0" को केवल एक सरकारी अभियान तक सीमित न रखते हुए जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाए। इसके लिए सभी जिलों में विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, जनप्रतिनिधियों, धार्मिक एवं सामुदायिक संस्थाओं, युवा संगठनों तथा समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। अभियान के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया जाए।</p>
<p>डीजीपी  मकवाणा ने कहा कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध सख्त एवं सतत् प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावी विवेचना, वित्तीय अनुसंधान तथा संगठित अपराधियों एवं तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वहीं साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक, डिजिटल विश्लेषण एवं त्वरित जांच प्रक्रिया का प्रभावी उपयोग किया जाए, जिससे साइबर अपराधियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई कर पीड़ितों को समय पर राहत प्रदान की जा सके।</p>
<p>उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, जिससे आमजन का पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रवर्तन, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, व्यापक जन-जागरूकता तथा बेहतर शिकायत निवारण के माध्यम से नशामुक्त, साइबर सुरक्षित एवं सुरक्षित मध्यप्रदेश के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी अधिकारी पूर्ण प्रतिबद्धता एवं समन्वय के साथ कार्य करें।</p>
<p><strong>मादक पदार्थों के विरुद्ध त्रिवर्षीय रोडमैप पर जोर</strong></p>
<p>बैठक के प्रथम सत्र में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स तथा एस टी एफ़)  डी. निवास वर्मा द्वारा जनवरी से जून 2026 तक एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए मादक पदार्थों के उन्मूलन के लिए तैयार त्रिवर्षीय विजन डॉक्यूमेंट एवं रोडमैप प्रस्तुत किया गया। उन्‍होंने अधिकारियों को वाणिज्यिक मात्रा के प्रकरणों में वित्तीय अनुसंधान को प्राथमिकता देने, क्लैंडेस्टाइन लैब्स पर प्रभावी कार्रवाई करने, सीमावर्ती राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाने, शिक्षण संस्थानों के आसपास ड्रग फ्री जोन का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने, प्रभावी विवेचना के माध्यम से संगठित नेटवर्क एवं मुख्य अपराधियों तक पहुंचने तथा जिला स्तरीय एनकोर्ड समितियों की बैठकों को अधिक परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए। बैठक में 15 जुलाई से प्रारंभ होने वाले "नशे से दूरी, है जरूरी 2.0" राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान की रूपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए इसे व्यापक जनभागीदारी के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए।</p>
<p><strong>साइबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश</strong></p>
<p>अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर/गुप्तवार्ता)  ए. साई मनोहर द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं प्रभावी कार्यवाही के संबंध में समीक्षा की गई। उन्‍होंने 25 हजार रूपए से अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में 72 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से e-ZERO एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्‍होंने महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित साइबर अपराधों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से साइबर हॉटस्पॉट की पहचान कर विशेष अभियान संचालित करने, MRM Portal के माध्यम से पीड़ितों की फ्रीज राशि शीघ्र वापस कराने, साइबर अन्वेषण से जुड़े अधिकारियों का नियमित प्रशिक्षण कराने तथा आमजन को साइबर अपराधों के प्रति लगातार जागरूक करने के निर्देश भी दिए।</p>
<p><strong>सीएम हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर बल</strong></p>
<p>बैठक के तीसरे सत्र में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (शिकायत)  सोलोमन यश कुमार मिंज, द्वारा सीएम हेल्पलाइन के लेवल-3 एवं लेवल-4 की लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही जनसुनवाई में प्राप्त सभी आवेदनों का समयबद्ध एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>सीएम योगी ने चित्रकूट में योजनाओं के लाभार्थियों को वितरित किए चेक</title>
<link>https://atworldnews.in/9345</link>
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<description><![CDATA[ चित्रकूट  सीएम योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक व अन्य सहायता प्रदान की। इसमें सीएम युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मेधावी सम्मान योजना, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना समेत अन्य योजनाओं से जुड़े लाभार्थी शामिल रहे। सीएम युवा उद्यमी योजना श्री विजय कुमार – 5 लाख रुपये का … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 22:31:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सीएम, योगी, ने, चित्रकूट, में, योजनाओं, के, लाभार्थियों, को, वितरित, किए, चेक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>चित्रकूट</strong></p>
<p> सीएम योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक व अन्य सहायता प्रदान की। इसमें सीएम युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मेधावी सम्मान योजना, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना समेत अन्य योजनाओं से जुड़े लाभार्थी शामिल रहे।</p>
<p><strong>सीएम युवा उद्यमी योजना</strong><br>
श्री विजय कुमार – 5 लाख रुपये का चेक (मोबाइल रिपेयरिंग)<br>
कुमारी सत्यम मिश्रा – 5 लाख का चेक (पेपर-प्लेट मेकिंग)</p>
<p>पोषण अभियान एवं सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र के अंतर्गत<br>
श्रीमती ममता सोनी – स्मार्ट फोन (विभागीय योजनाओं के निष्पादन के लिए)<br>
श्रीमती आकृति शर्मा – स्मार्ट फोन (विभागीय योजनाओं के निष्पादन के लिए)</p>
<p>मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण<br>
श्रीमती संगीता – स्वीकृत आवास की चाबी<br>
श्रीमती शिव कुमारी – स्वीकृत आवास की चाबी</p>
<p>मेधावी सम्मान योजना<br>
श्री बप्पा रावल सिंह – 1 लाख रुपये का चेक।<br>
कुमारी मानषी तिवारी – 1 लाख रुपये का चेक।</p>
<p>मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना<br>
श्रीमती मुन्नी देवी – 5 लाख रुपये का चेक।</p>
<p>दैवीय आपदा के अंतर्गत अहैतुक सहायता<br>
श्रीमती आरती – 4 लाख रुपये का चेक।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई के नाम पर पंडवानी कला के क्षेत्र में प्रतिवर्ष राज्य सम्मान की घोषणा</title>
<link>https://atworldnews.in/9344</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर  छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने वाली पंडवानी की महान साधिका, पद्म विभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई को बुधवार को रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय परिसर के मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित भव्य सांगीतिक श्रद्धांजलि समारोह में भावपूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। लोककला, साहित्य और संस्कृति जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 22:02:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>पद्मविभूषण, डॉ., तीजन, बाई, के, नाम, पर, पंडवानी, कला, के, क्षेत्र, में, प्रतिवर्ष, राज्य, सम्मान, की, घोषणा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>रायपुर</p>
<p> छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने वाली पंडवानी की महान साधिका, पद्म विभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई को बुधवार को रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय परिसर के मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित भव्य सांगीतिक श्रद्धांजलि समारोह में भावपूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। लोककला, साहित्य और संस्कृति जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में स्व. तीजन बाई के जीवन, साधना और उनके अद्वितीय सांस्कृतिक योगदान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।</p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की प्रेरणा एवं मंशा के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने घोषणा की कि पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के नाम पर पंडवानी कला के क्षेत्र में प्रतिवर्ष राज्य सम्मान प्रदान किया जाएगा। उनके जन्मस्थल गनियारी ग्राम को कलाग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा तथा उनके प्रिय तंबूरे को रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में संरक्षित एवं प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा ले सकें।</p>
<p>कार्यक्रम में मंत्री  राजेश अग्रवाल ने स्वर्गीय तीजन बाई की पुत्रवधु मती वेणु देशमुख को एक लाख रुपये की सहायता राशि का चेक भी प्रदान किया। इस अवसर पर मती वेणु देशमुख ने श्रद्धांजलि समारोह के आयोजन के लिए संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल तथा संस्कृति विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनके परिवार का नहीं, बल्कि पूरी लोककला परंपरा का सम्मान है।</p>
<p>इस अवसर पर मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि स्वर कभी मौन नहीं होते। वे समय की सीमाओं को लांघकर युगों तक जनमानस की चेतना में गूंजते रहते हैं। पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का स्वर छत्तीसगढ़ की लोकआत्मा का अमर नाद है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति, परंपरा और लोकगौरव से सदैव जोड़ता रहेगा। वे केवल एक महान लोकगायिका नहीं थीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता की सजीव पहचान थीं। राज्य को उन पर सदैव गर्व रहेगा और उनकी अमर लोकधुने हमारी    सांस्कृतिक चेतना में अनवरत गूंजती रहेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोककलाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है तथा तीजन बाई की स्मृति में की गई घोषणाएं इसी संकल्प का विस्तार हैं।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान मंत्री  राजेश अग्रवाल, संस्कृति विभाग के सचिव  एस. भारतीदासन तथा संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने स्वर्गीय तीजन बाई के जीवन और कला यात्रा पर आधारित विशेष ब्रोशर का विमोचन किया। सभी अतिथियों ने स्वर्गीय तीजन बाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। संस्कृति विभाग द्वारा उनके जीवन पर आधारित वृत्तचित्र का भी प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित जनों ने भावुक होकर देखा।</p>
<p>सांगीतिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम की शुरुआत लोक कलाकार पुष्पा निषाद के पंडवानी गायन से हुई। इसके बाद स्वर्गीय तीजन बाई की शिष्याएं तरूणा साहू और आराध्या साहू तथा दुर्गा साहू ने कापालिक शैली में प्रभावशाली पंडवानी प्रस्तुति देकर अपनी गुरु को श्रद्धासुमन अर्पित किए।  दुष्यंत द्विवेदी ने वेदमती शैली में पंडवानी गायन प्रस्तुत कर कार्यक्रम को और अधिक भावपूर्ण बना दिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।</p>
<p>कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों, कलाकारों और संस्कृति प्रेमियों ने स्वर्गीय तीजन बाई से जुड़े अपने संस्मरण साझा करते हुए उनके व्यक्तित्व और कला साधना को याद किया। अनेक वक्ताओं ने कहा कि तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई। इस अवसर पर कलाकारों ने स्वर्गीय तीजन बाई को मरणोपरांत भारत रत्न प्रदान किए जाने तथा उनके नाम पर पंडवानी एवं सांस्कृतिक विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग भी राज्य सरकार के समक्ष रखी।</p>
<p>कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष  प्रभात मिश्रा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा सु मोना सेन, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष  अमरजीत छाबड़ा, बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्रकार, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष  सलीम राज, यूसीसी सदस्य  मोहन पवार सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।</p>
<p>साहित्य जगत से डॉ. पी.सी. लाल यादव,  परदेशीराम वर्मा, डॉ. सुशील त्रिवेदी तथा कला जगत से पद्म ममता चंद्राकर, पद्म भारती बंधु, पद्म उषा बारले, पद्म राधेश्याम बारले, मीर अली मीर, निर्मला ठाकुर, मोक्षदा चंद्राकर,  सुनील सोनी, किरण शर्मा, कविता वासनिक, राकेश तिवारी, सरस्वती बारले, वंदना बारले, दुर्गा साहू, इतिहासकार आचार्य रमेन्द्रनाथ मिश्र, अशोक तिवारी, छत्तीसगढ़ी वाद्ययंत्रों के संग्रहकर्ता रिखी क्षत्रीय, चेतन देवांगन, रत्ना पांडे तथा सुधीर शर्मा सहित बड़ी संख्या में कलाकार और साहित्यकार उपस्थित रहे। मंच का संचालन छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष  प्रभात मिश्रा तथा  अरुण निर्मलकर ने किया।<br>
समारोह के अंत में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा सु मोना सेन ने आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई ने अपने स्वर से केवल पंडवानी को नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विश्व मंच तक पहुंचाया। उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनकी लोककला, उनकी परंपरा और उनके मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं। आज यहां उपस्थित प्रत्येक कलाकार, साहित्यकार और संस्कृति प्रेमी की सहभागिता उनके प्रति सामूहिक सम्मान का प्रतीक है। संस्कृति विभाग और राज्य सरकार इस अमूल्य विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। महान कलाकार भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच न रहें, लेकिन उनकी कला, उनकी साधना और उनकी सांस्कृतिक विरासत सदैव समाज की चेतना में जीवित रहती है। स्वर्गीय पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का अमर स्वर भी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा और छत्तीसगढ़ की लोकधारा में अनवरत गूंजता रहेगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>छत्तीसगढ़ में ईवी चार्जिंग नेटवर्क को मिलेगा बूस्ट, सरकार लाएगी एकीकृत एप</title>
<link>https://atworldnews.in/9343</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज़ी से बढ़ाने का फैसला लिया है। मंत्रालय में सचिव सह-परिवहन आयुक्त एस प्रकाश की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में परिवहन विभाग, सभी आरटीओ/डीटीओ, ऊर्जा विभाग, एचपीसीएल, बीपीसीएल,  एलओसीएल, जिओ -बीपी, ईवी निर्माता और विशेषज्ञ मौजूद … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 22:02:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, में, ईवी, चार्जिंग, नेटवर्क, को, मिलेगा, बूस्ट, सरकार, लाएगी, एकीकृत, एप</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज़ी से बढ़ाने का फैसला लिया है। मंत्रालय में सचिव सह-परिवहन आयुक्त एस प्रकाश की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में परिवहन विभाग, सभी आरटीओ/डीटीओ, ऊर्जा विभाग, एचपीसीएल, बीपीसीएल,  एलओसीएल, जिओ -बीपी, ईवी निर्माता और विशेषज्ञ मौजूद रहे।  <br>
          <br>
अभी अलग-अलग कंपनियों के अलग-अलग एप हैं, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी होती है। सरकार अब राज्य स्तर पर एकीकृत प्लेटफॉर्म/एप बनाएगी। भारत सरकार भी यूनिवर्सल ईवी चार्जिंग एप ला रही है। चिप्स के जरिए ऊर्जा विभाग पहले ही पायलट एप पर काम कर रहा है। केंद्र की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत चार्जिंग स्टेशन लगाने पर वित्तीय सहायता और छत्तीसगढ़ ईवी नीति-2022 के प्रोत्साहनों पर विस्तार से चर्चा हुई। सभी जिलों के आरटीओ/डीटीओ को अपने क्षेत्र में चार्जिंग स्टेशनों के लिए जगह चिन्हित करने और एनओसी  की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए।<br>
          <br>
एचपीसीएल, बीपीसीएल,  एलओसीएल, जिओ -बीपी के निर्माताओं ने राज्य में लगे और प्रस्तावित चार्जिंग स्टेशनों की जानकारी दी और आगे विस्तार की योजना बताया। सचिव सह-परिवहन आयुक्त ने कहा कि ईवी चार्जिंग का मजबूत नेटवर्क बनाना और लोगों को समय पर जानकारी देना जरूरी है। इससे हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण कम होगा। छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य राज्यभर में आसान और सुलभ चार्जिंग सुविधा देकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को ईवी अपनाने के लिए प्रेरित करना है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>प्रधानमंत्री आवास 2.0 लैंड टॉक्स फोर्स की बैठक सम्पन्न</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में प्रधानमंत्री आवास 2.0 भूमि टॉक्स फोर्स की बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय प्रोजेक्ट के लिए भूमि के सर्वेक्षण एवं चिन्हांकन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 22:02:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>प्रधानमंत्री, आवास, 2.0, लैंड, टॉक्स, फोर्स, की, बैठक, सम्पन्न</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में प्रधानमंत्री आवास 2.0 भूमि टॉक्स फोर्स की बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय प्रोजेक्ट के लिए भूमि के सर्वेक्षण एवं चिन्हांकन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों को प्रधानमंत्री आवास 2.0 के लिए हितग्राही की पहचान कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। उन्होंने आबादी भूमि पर रहने वाले पात्र हितग्राहियों को ढूंढकर सत्यापन करना एवं उन्हें आवास उपलब्ध कराने के लिए समूचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। <br>
              <br>
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को नगरीय निकायों मेें वर्तमान और भविष्य की आवासीय आवश्यकता का आंकलन कर कार्ययोजना बनाने कहा है। जिससे समय पर हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराये जा सकें। इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों में योजनांतर्गत हितग्राहियों की पहचान कर आवश्यकतानुसार आवास बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए है। बैठक में नगरीय एवं प्रशासन विकास विभाग की सचिव श्रीमती आर.शंगीता, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मप्र का इंडस्ट्रियल ग्रोथ इंजन है पीथमपुर, हम यहां बना रहे मेक इन एमपी का इको&#45;सिस्टम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि &#039;मेक इन इंडिया&#039; स्कीम मध्यप्रदेश के लिए एक लक्ष्य की तरह है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार अगले ढाई सालों में अपने सभी लक्ष्य हासिल करेगी। हमारी सरकार ने देश में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए प्रोत्साहन के सभी द्वार खोल दिए हैं। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 22:02:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मप्र, का, इंडस्ट्रियल, ग्रोथ, इंजन, है, पीथमपुर, हम, यहां, बना, रहे, मेक, इन, एमपी, का, इको-सिस्टम, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 'मेक इन इंडिया' स्कीम मध्यप्रदेश के लिए एक लक्ष्य की तरह है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार अगले ढाई सालों में अपने सभी लक्ष्य हासिल करेगी। हमारी सरकार ने देश में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए प्रोत्साहन के सभी द्वार खोल दिए हैं। पीथमपुर प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का 'ग्रोथ इंजन' है। मेक इन इंडिया-मेक इन एमपी अन्तर्गत इन्वेस्टर्स को दिए जा रहे इंसेंटिव्स को धरातल पर उतारने में पीथमपुर का बड़ा योगदान है। प्रदेश में अधिक से अधिक निवेशक आयें, इसके लिए हम भरपूर प्रयास कर रहे हैं। हम पीथमपुर में मेक इन इंडिया-मेक इन एमपी के लिए एक पूरा सपोर्टिंग इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पीथमपुर को भावी आवश्यकताओं के अनुरूप ग्रीन इंडस्ट्री, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग तथा वैश्विक निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। हम यहां ऑटोमोबाइल्स, इलेक्ट्रानिक्स, इंजीनियरिंग, फार्मास्युटिल्स और टेक्सटाइल से लेकर टेक्नोलॉजी तक की पूरी चेन तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लिउगोंग इंडिया कंपनी के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट उदघाटन समारोह में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां लिउगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की मौजूदा उत्पादन ईकाई के विस्तारित कार्य का उद्घाटन किया। लिउगोंग कंपनी द्वारा यहां अपनी मौजूदा उत्पादन इकाई में 272 करोड़ रुपए का अतिरिक्त निवेश कर नए प्रोडक्शन प्लांट की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लिउगोंग मशीनरी कंपनी लिमिटेड के प्रेसीडेंट (चेयरमैन) झ़ेंग ज़िन ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत-अभिनंदन किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह केवल अनाउंसमेंट करने वाली नहीं, धरातल पर डेवलपमेंट लाने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि पीथमपुर मध्यप्रदेश का ही नहीं, पूरे देश का "मैन्युफैक्चरिंग गेटवे" बन चुका है। एक माह में पीथमपुर में दूसरी बड़ी वैश्विक कंपनी द्वारा नई औद्योगिक इकाई की स्थापना इस बात का प्रमाण है कि निवेशकों का भरोसा मध्यप्रदेश पर लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने लिउगोंग समूह और सभी कंपनी पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह नई इकाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड" संकल्प को मध्यप्रदेश की धरती से एक नई गति प्रदान करेगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में इन दिनों वर्षा के साथ-साथ हर दिन नई-नई सौगातों की भी बारिश हो रही है। मात्र 10 दिनों में प्रदेश में 5 ऐतिहासिक औद्योगिक आयोजन हुए हैं, जो यहां हो रहे औद्योगिक विकास की नई तस्वीर दिखा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में बीते 2 वर्षों में ही करीब 10 हजार करोड़ रूपए का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के यह आंकड़े विरोधी दलों को जवाब है। लिउगोंग कंपनी ने अपनी प्रोडक्शन यूनिट के विस्तार के लिए भी पीथमपुर को ही चुना।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि लिउगोंग कंपनी दुनिया के सबसे बड़े हैवी अर्थ मूवर्स प्रोड्यूसर्स में से एक है। लगभग 2 दशकों से पीथमपुर में कार्यरत लिउगोंग की इस नई उत्पादन इकाई से कंपनी की वार्षिक उत्पादन क्षमता 3,250 मशीनों से बढ़कर 7,500 मशीनों तक पहुंच जाएगी। इस विस्तार से 600 प्रत्यक्ष तथा सहायक उद्योगों एवं सप्लाई चेन के माध्यम से 5,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस प्लांट में उत्पादन प्रारंभ होते ही भारतीय उद्योगों से लिए जाने वाले कंपोनेंट्स में कंपनी की हिस्सेदारी भी 40 प्रतिशत से बढ़कर अब 60 प्रतिशत हो जाएगी, जिससे प्रदेश के एमएसएमई, इंजीनियरिंग और ऑटो कंपोनेंट उद्योगों को नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में ही मध्यप्रदेश को 76 हजार 862 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन निवेशों से 82 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला। इसमें नर्मदापुरम में सबसे अधिक 11 हजार 500 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं। पिछले छह महीने में ही मप्र में 41 हजार 950 करोड़ के निवेश से जुड़ी 166 नई औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इन इकाइयों के बनने से लगभग 50 हजार नए रोजगार सृजित होंगे। </p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पीथमपुर ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री का भी प्रमुख केंद्र है। यहां लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपए का निवेश आया है और 4 से 5 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल सितंबर में धार में ही देश के पहले पीएम मित्र पार्क की नींव रखी थी। टेक्सटाइल सेक्टर का यह पीएम मित्र पार्क मालवा और निमाड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों के लिए वरदान सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा में पीथमपुर से शुरू हो रही यह यूनिट नया अध्याय लिखेगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया। प्रदेश में पहली बार जिला और संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और राजधानी भोपाल में प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थित‍ि में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) आयोजित की गई। नए भारत में मध्यप्रदेश भी निरन्तर प्रगति कर रहा है। जीआईएस : 2025 में मध्यप्रदेश में 30 लाख करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव मिले थे, जिसके 10 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर नजर आने लगा है। उन्होंने कहा कि राज्य में विदेशी निवेश भी तेजी से बढ़ रहा है। अमेरिका, इंग्लैंड, जापान और जर्मनी जैसे बड़े से बड़े देश आज मध्यप्रदेश में निवेश करना चाहते हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विकास में हमारी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है। भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, जो दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने बीते 6 माह में औद्योगिक विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। छह जुलाई को भोपाल के पास सतगढ़ी में नया स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि पूजन किया है, इससे 15 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। यहीं पर 150 करोड़ रूपए की लागत से 10 हजार से अधिक व्यक्तियों की बैठक क्षमता वाला वर्ल्ड क्लास कन्वेंशन सेंटर भी बनाया जा रहा है। पांच जुलाई को शिवपुरी में 2500 करोड़ लागत से डिफेंस सेक्टर की बड़ी निर्माण ईकाई की भी नींव रखी है। यहां बनीं मिसाइलें 1000 किलोमीटर तक हमला करने में सक्षम होंगी। इसके साथ ही भारत में पेप्सीको की 1250 करोड़ रूपए लागत की दूसरी अत्याधुनिक प्रोडक्शन यूनिट का काम भी तेजी से चल रहा है। कृषक कल्याण वर्ष में यह कंपनी आलू को प्रोसेस कर फूड प्रोडक्ट्स तैयार करेगी जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। उन्होंने बताया कि नीमच जिले में भी 1554 करोड़ की लागत से 38 से अधिक औद्योगिक इकाई का भूमि पूजन और लोकार्पण किया गया है।       </p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीथमपुर में आज 272 करोड़ रुपए के निवेश से 20 एकड़ क्षेत्र में हेवी अर्थ मूवर्स कंपनी की नई यूनिट शुरू होगी। इससे प्रदेश को निर्माण उपकरण विनिर्माण के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी। यह यूनिट शुरूआती चरण में प्रतिवर्ष 6,500 निर्माण उपकरणों के उत्पादन की क्षमता विकसित करेगी, जिसमें मुख्य रूप से एस्केवेटर का निर्माण किया जाएगा। यहां बनने वाली मशीनें मैन्यूफेक्चरिंग सेक्टर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे घरेलू आयात पर निर्भरता घटेगी और कुल 5000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।</p>
<p>लिउगोंग कंपनी के ग्लोबल वाइस प्रेसीडेंट ल्यो ग्योबिंग ने कहा कि हमारे लिए यह बड़ा ही सौभाग्यशाली दिन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीथमपुर में लिउगोंग इंडिया लिमिटेड के नए विनिर्माण संयंत्र की शुरूआत की है। कंपनी का नया प्लांट स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा। साथ ही देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति देगा। उन्होंने बताया कि हमारा यह प्लांट रिसर्च और मशीनरी निर्माण के मामले प्रमुख ग्लोबल सेंटर बनकर उभरेगा। </p>
<p>लिउगोंग इंडिया के कंट्री हेड वरुण विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक विकास की धारा तेज गति से आगे बढ़ रही है। लिउगोंग इंडिया कंपनी ने वर्ष 2009 में पहला प्रोडक्शन किया था। आज हमारी कंपनी बेहतर भविष्य के लिए निर्माण उपकरण तैयार कर रही है। कंपनी मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य में सहयोग प्रदान कर रही है।</p>
<p>कार्यक्रम में धार विधायक  नीना विक्रम वर्मा, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, कंपनी के  पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सरदार सरोवर परियोजना पर हुए ऐतिहासिक समझौते से सहकारी संघवाद होगा सुदृढ़ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
<link>https://atworldnews.in/9340</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को सुदृढ़ करने और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की उपस्थिति में हुई बैठक में … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 22:02:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सरदार, सरोवर, परियोजना, पर, हुए, ऐतिहासिक, समझौते, से, सहकारी, संघवाद, होगा, सुदृढ़, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को सुदृढ़ करने और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की उपस्थिति में हुई बैठक में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े लगभग तीन दशक से जारी पुनर्वास एवं पुनर्बसाहट व्यय विवाद का सर्वसम्मति से समाधान हुआ है। इस निर्णय से मध्यप्रदेश पर पड़ने वाले वित्तीय भार में उल्लेखनीय कमी आएगी। </p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह निर्णय राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, संवाद और सहमति से जटिल विषयों के समाधान का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रधानमंत्री मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री शाह के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भारत के अटॉर्नी जनरल द्वारा फरवरी 2026 में दिए गए अभिमत के अनुसार पुनर्वास व्यय में मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी 31.98 प्रतिशत निर्धारित की गई थी। इसके अनुसार मध्यप्रदेश को लगभग 1,500 करोड़ रुपये का भुगतान गुजरात को करना पड़ता। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र एवं राजस्थान के बीच हुई बैठक में सर्वसम्मति से मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी घटाकर 16.17 प्रतिशत निर्धारित की गई। इसके परिणामस्वरूप अब मध्यप्रदेश को केवल 231.80 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।<br>
  <br>
चारों राज्यों की हिस्सेदारी हुई निर्धारित<br>
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बैठक में गुजरात की हिस्सेदारी 50.57 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत की गई है। वहीं, महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 15.15 प्रतिशत से घटाकर 7.66 प्रतिशत और राजस्थान की हिस्सेदारी 2.31 प्रतिशत से घटाकर 1.17 प्रतिशत निर्धारित की गई है। इससे गुजरात को सहभागी राज्यों से कुल 553.43 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा एवं सरदार सरोवर परियोजना से प्रदेश को उत्पादित कुल विद्युत का 57 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि अब तक मध्यप्रदेश को लगभग 3,900 करोड़ यूनिट विद्युत औसतन 85 पैसे प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध हुई है। इसके अतिरिक्त लगभग 31 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई सुविधा मिल रही है। साथ ही जबलपुर, कटनी, देवास, उज्जैन, इंदौर, धार सहित अनेक शहरों और पीथमपुर, देवास एवं विक्रम उद्योगपुरी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को नर्मदा जल की आपूर्ति भी इसी परियोजना से की जा रही है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और पशुपालन के लिए योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पशुपालक तक पहुँचाएं : प्रमुख सचिव  उमराव</title>
<link>https://atworldnews.in/9339</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, किसानों, पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पशुपालक तक आसानी से पहुंचे, इस उद्देश्य से बुधवार को पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव  उमाकांत उमराव ने संचालनालय पशुपालन एवं डेयरी सभागार में किसानों के प्रतिनिधि मंडल के … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 22:02:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>प्रदेश, में, दुग्ध, उत्पादन, और, पशुपालन, के, लिए, योजनाओं, की, जानकारी, प्रत्येक, पशुपालक, तक, पहुँचाएं, प्रमुख, सचिव, उमराव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल </p>
<p>प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, किसानों, पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पशुपालक तक आसानी से पहुंचे, इस उद्देश्य से बुधवार को पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव  उमाकांत उमराव ने संचालनालय पशुपालन एवं डेयरी सभागार में किसानों के प्रतिनिधि मंडल के साथ बैठक की। विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उनके सुझाव भी प्राप्त किए। बैठक में  महेश चंद्र चौधरी सहित जिलों के किसान भी उपस्थित रहे।</p>
<p>बैठक में प्रमुख सचिव  उमराव ने किसान संघ के पदाधिकारियों को प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा देने, प्रदेश को दूध की राजधानी बनाने और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पशुओं के नस्ल सुधार, पशु पोषण, टीकाकरण एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन के बारे में जानकारी देने के लिए प्रदेश में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान चलाया जा रहा है।</p>
<p>अभियान के दो चरण पूरे हो गए है। तीसरा चरण 13 जुलाई से शुरू होगा। इसके अंतर्गत विभाग के अधिकारी कर्मचारी पशुपालकों के घर जाएंगे और उन्हें नस्ल सुधार, पशु पोषण, टीकाकरण एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन के बारे में जानकारी देंगे। तीसरे चरण में 3 से 4 पशु (गौवंश एवं भैंसवंश) रखने वाले पशुपालकों के यहां प्रशिक्षित विभागीय अमले द्वारा घर जाकर भेंट की जाएगी।</p>
<p>तीसरे चरण में प्रदेश के 5 लाख 72 हजार पशुपालकों के घर जाकर भेंट करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रमुख सचिव  उमराव ने 13 जुलाई से शुरू होने वाले इस अभियान में मंत्री, सांसद, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से सहभागिता करने का आग्रह किया। इसके साथ ही प्रमुख सचिव  उमराव ने प्रदेश में चलाई जा रही क्षीरधारा योजना सहित अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी दी।</p>
<p>प्रमुख सचिव  उमराव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बनाते हुए ‘मिल्क कैपिटल’ के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए आवश्यक है कि विभाग की योजनाओं और आधुनिक पशुपालन तकनीकों का लाभ अधिक से अधिक किसानों और पशुपालकों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि ‘दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान’ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।</p>
<p>इस अवसर पर संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. पी.एस. पटेल, सांची बोर्ड के एमडी  डॉ. संजय गोवाणी, कुक्कुट विकास निगम के एमडी  सत्यनिधि शुक्ला, नानाजी देशमुख वेटरनरी विश्वविद्यालय जबलपुर के कुल सचिव  एसएस तोमर, गौ-संवर्धन बोर्ड के रजिस्ट्रार डॉ. अनुपम अग्रवाल उपस्थित रहे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>योगी सरकार में बिजली व्यवस्था बनी भरोसे की पहचान, जून में 98.62% शिकायतों का निस्तारण</title>
<link>https://atworldnews.in/9338</link>
<guid>https://atworldnews.in/9338</guid>
<description><![CDATA[ लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बिजली व्यवस्था लगातार अधिक भरोसेमंद और उपभोक्ता केंद्रित बनी हुई है। योगी सरकार का लक्ष्य केवल प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना भी है। इसी का परिणाम है कि उ.प्र. पावर कारपोरेशन … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 22:01:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>योगी, सरकार, में, बिजली, व्यवस्था, बनी, भरोसे, की, पहचान, जून, में, 98.62, शिकायतों, का, निस्तारण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p> उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बिजली व्यवस्था लगातार अधिक भरोसेमंद और उपभोक्ता केंद्रित बनी हुई है। योगी सरकार का लक्ष्य केवल प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना भी है। इसी का परिणाम है कि उ.प्र. पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने जून में दर्ज बिजली संबंधी शिकायतों में 98.62 प्रतिशत का सफल निस्तारण कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस तरह योगी सरकार की प्रभावी मॉनिटरिंग और जवाबदेह कार्यशैली के चलते प्रदेश की बिजली व्यवस्था लगातार मजबूत हुई है, जिससे आम उपभोक्ताओं का भरोसा भी बढ़ा है।</p>
<p><strong>बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण</strong></p>
<p>सबसे उल्लेखनीय तथ्य यह रहा कि जून में बिजली आपूर्ति से संबंधित शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया गया है। यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि यूपीपीसीएल ने उपभोक्ताओं की सबसे महत्वपूर्ण समस्या बिजली आपूर्ति में बाधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। गर्मी के मौसम में रिकॉर्ड बिजली मांग के बावजूद शिकायतों का इतनी तेजी से समाधान विभाग की सक्रिय कार्यशैली को दर्शाता है। आंकड़ों के अनुसार, जून महीने में प्रदेश भर से 17 लाख 47 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई थी, जिसमें से 17 लाख 23 हजार से अधिक शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। शिकायतों के समाधान की यह दर 98.62 प्रतिशत रही, जो उपभोक्ता सेवा के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है। </p>
<p><strong>एमवीवीएनएल में 6.39 लाख से अधिक शिकायतों का निस्तारण</strong></p>
<p>सभी डिस्कॉम पर जून में प्राप्त शिकायतों और उनके निस्तारण के आंकड़ों पर नजर डाले तो दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) में 3.03 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2.99 लाख से अधिक शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया था। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) में 6.45 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 6.39 लाख से अधिक का समाधान किया गया। </p>
<p><strong>केस्को में 1.15 लाख शिकायतों का समय रहते हुआ समाधान</strong></p>
<p>इसी तरह पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीयूवीवीएनएल) में आई 2.83 लाख शिकायतों में से 2.77 लाख से अधिक शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया। जबकि पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) में 3.94 लाख से अधिक शिकायतें आईं जिनमें से 3.89 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान कर दिया गया। वहीं कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (केस्को) में 1.19 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 1.15 लाख से अधिक शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया गया।</p>
<p><strong>बिजली व्यवस्था की 24 घंटे निगरानी कर रहीं यूपीपीसीएल की टीमें</strong></p>
<p>प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की टीमें चौबीसों घंटे बिजली व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। बिजली की मांग का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है ताकि किसी भी परिस्थिति में उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना न करना पड़े। दिन के साथ-साथ रात्रिकालीन समय में भी बिजलीकर्मी फील्ड में रहकर आवश्यक तकनीकी कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। संभावित खराबियों की पहले ही पहचान कर उन्हें दूर किया जा रहा है, जिससे बड़े स्तर पर बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना कम हो रही है। </p>
<p><strong>सभी जिलों में अधिकारी लगातार कर रहे निरीक्षण</strong></p>
<p>प्रदेश के सभी जिलों में विभागीय अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से उपकेंद्रों, ट्रांसफॉर्मरों तथा वितरण तंत्र का निरीक्षण कर रहे हैं। साथ ही शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।<br>
साथ ही ए.आई. टूल का इस्तेमाल करके हेल्पलाइन नंबर 1912 को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने लगातार उपभोक्ताओं की समस्याओं के सम्यक समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर  को और प्रभावी तथा क्रियाशील बनाने के लिए निर्देशित करते हैं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए है कि हेल्पलाइन नंबर 1912 पर आने वाली शिकायतों का लगातार मॉनिटर करें और यह सुनिश्चित करें कि समयबद्ध तरीके से उनका निस्तारण हो।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>स.डी.जी. 2.0 और ‘बस्तर अंजोर’ से विकसित छत्तीसगढ़ के विजन को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद के सदस्यों की उपस्थिति में राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार छत्तीसगढ़ एस.डी.जी. 2.0 फ्रेमवर्क का विमोचन किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ एस.डी.जी. राज्य एवं जिला संकेतक फ्रेमवर्क 2.0 तथा मेटाडेटा हैंडबुक का भी विमोचन किया गया। साथ ही बस्तर संभाग के समावेशी, … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:32:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>स.डी.जी., 2.0, और, ‘बस्तर, अंजोर’, से, विकसित, छत्तीसगढ़, के, विजन, को, मिलेगी, नई, गति, मुख्यमंत्री, श्री, विष्णु, देव, साय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p> मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद के सदस्यों की उपस्थिति में राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार छत्तीसगढ़ एस.डी.जी. 2.0 फ्रेमवर्क का विमोचन किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ एस.डी.जी. राज्य एवं जिला संकेतक फ्रेमवर्क 2.0 तथा मेटाडेटा हैंडबुक का भी विमोचन किया गया। साथ ही बस्तर संभाग के समावेशी, अभिसरण आधारित और मापनीय विकास के लिए तैयार की गई अभिनव पहल 'बस्तर अंजोर' की भी शुरुआत की गई।</p>
<p>मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, सटीक डेटा और परिणाम आधारित मॉनिटरिंग अत्यंत आवश्यक है। एस.डी.जी. 2.0 फ्रेमवर्क शासन को साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय तथा योजनाओं की नियमित निगरानी के लिए एक सशक्त आधार प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल 'विकसित छत्तीसगढ़ @2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल विकास योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि उनके वास्तविक प्रभाव को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। एस.डी.जी. 2.0 के माध्यम से विकास की प्रगति को अधिक पारदर्शी, मापनीय और जवाबदेह बनाया जा सकेगा।</p>
<p>नए एस.डी.जी. 2.0 फ्रेमवर्क के अंतर्गत राज्य स्तर पर संकेतकों की संख्या 275 से बढ़ाकर 343 तथा जिला स्तर पर 82 से बढ़ाकर 99 कर दी गई है। इससे विकास कार्यों की अधिक व्यापक, सटीक और वैज्ञानिक निगरानी संभव होगी। मेटाडेटा हैंडबुक में प्रत्येक संकेतक की गणना पद्धति एवं रिपोर्टिंग प्रणाली को मानकीकृत किया गया है, जिससे पूरे राज्य में डेटा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।</p>
<p>इस अवसर पर राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने 'बस्तर अंजोर' की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह अभिसरण (कन्वर्जेंस) आधारित विकास मॉडल है, जिसे बस्तर संभाग को देश का सर्वाधिक विकसित जनजातीय क्षेत्र बनाने के संकल्प को मूर्त रूप देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि 'बस्तर अंजोर' के 3+4 मॉडल के अंतर्गत जिला स्तर की तीन प्रमुख पहल – नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर – का अभिसरण चार प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय विकास फ्रेमवर्क – एस.डी.जी. 2030, विकसित छत्तीसगढ़ @2047, आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम से किया गया है। इसका उद्देश्य अतिरिक्त संसाधनों के बिना बेहतर समन्वय के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में ठोस एवं मापनीय परिणाम प्राप्त करना है।</p>
<p> 'बस्तर अंजोर' अंत्योदय से सर्वोदय की भावना पर आधारित एक दूरदर्शी पहल है, जो बस्तर को समावेशी, सतत एवं परिणामोन्मुख विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<p>कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मंत्रिपरिषद के सदस्य, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>छत्तीसगढ़ राज्य शूटिंग मीट 11 जुलाई से, प्रदेशभर के निशानेबाज दिखाएंगे दम</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. 25वीं छत्तीसगढ़ राज्य शूटिंग मीट का आयोजन छत्तीसगढ़ प्रदेश राइफल एसोसिएशन (CGPRA) की ओर से 11 जुलाई से माना कैंप शूटिंग रेंज में होगा. राज्य शूटिंग मीट में 10 मीटर, 25 मीटर और 50 मीटर राइफल एवं पिस्टल स्पर्धाएँ आयोजित की जाएँगी, जिनमें प्रदेशभर के निशानेबाज विभिन्न श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करेंगे. यह प्रतियोगिता पहले … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:32:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, राज्य, शूटिंग, मीट, जुलाई, से, प्रदेशभर, के, निशानेबाज, दिखाएंगे, दम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>25वीं छत्तीसगढ़ राज्य शूटिंग मीट का आयोजन छत्तीसगढ़ प्रदेश राइफल एसोसिएशन (CGPRA) की ओर से 11 जुलाई से माना कैंप शूटिंग रेंज में होगा. राज्य शूटिंग मीट में 10 मीटर, 25 मीटर और 50 मीटर राइफल एवं पिस्टल स्पर्धाएँ आयोजित की जाएँगी, जिनमें प्रदेशभर के निशानेबाज विभिन्न श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करेंगे.</p>
<p>यह प्रतियोगिता पहले 8 जुलाई से प्रस्तावित थी, लेकिन क्षेत्र में भारी वर्षा और मौजूदा मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए स्थगित करते हुए नई तारीख तय की गई है, जिससे सभी प्रतिभागियों और अधिकारियों की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित की जा सके. प्रतिभागी निशानेबाजों के लिए 12 जुलाई को एक प्रशिक्षण एवं अभ्यास सत्र आयोजित किया जाएगा. प्रशिक्षण सत्र के तुरंत बाद प्रतियोगिता मैच शुरू होंगे. एसोसिएशन संशोधित कार्यक्रम के तहत उत्साहपूर्ण भागीदारी और चैंपियनशिप के सफल आयोजन की आशा करता है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मंत्रि&#45;परिषद ने प्रदेश में अधोसंरचनात्मक विकास और पुनर्वास कार्यों के लिये दी 2,300 करोड़ रूपये की स्वीकृति</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को संपन्न हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में अनेक निर्णय लिए गए है। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में अधोसंरचना विकास और पुनर्वास कार्यों को 2300 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसी तरह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव अनुसार राज्य डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण, आई.टी एवं … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:32:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मंत्रि-परिषद, ने, प्रदेश, में, अधोसंरचनात्मक, विकास, और, पुनर्वास, कार्यों, के, लिये, दी, 2, 300, करोड़, रूपये, की, स्वीकृति</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को संपन्न हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में अनेक निर्णय लिए गए है। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में अधोसंरचना विकास और पुनर्वास कार्यों को 2300 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसी तरह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव अनुसार राज्य डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण, आई.टी एवं डिजास्टर रिकवरी सहित अन्य कार्यों के लिए मंत्रि-परिषद ने 800 करोड़ की मंजूरी दी है। विभाग के ही तीन अन्य प्रस्तावों पर विज्ञान पार्क- एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना और बॉयो टेक्नालॉजी पार्क की स्थापना एवं संचालन के लिए वर्ष 2031 तक निरंतरता के लिए 123 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।</p>
<p>मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एक और प्रस्ताव अनुसार ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी 2023 के संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत स्वामित्व योजना के निष्पादित हस्तांतरण अभिलेखों पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क से छूट दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा प्रस्तुत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक :2026 को भी मंत्रि-परिषद ने मंजूरी दी है। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव अनुसार मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2031 तक निरंतर रखे जाने के लिए 495 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इसी तरह खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा प्रस्तुत मध्यप्रदेश उपार्जित गेहूँ, चना, ज्वार एवं बाजरा निस्तारण नीति : 2026 को भी मंत्रि-परिषद ने स्वीकृति दी है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रस्ताव अनुसार मध्यप्रदेश के 65 नगरीय निकायों और उनके आस-पास के वन क्षेत्रों में नगरीय वन विकसित करने के लिए नमो हरित नगर योजना को 100 करोड़ की स्वीकृति दी है।</p>
<p>जल संसाधन विभाग द्वारा पृथक-पृथक 3 सिंचाई परियोजनाओं में पुनर्वास और पुन: विस्थापन के लिए 3 प्रस्ताव अनुसार मंत्रि-परिषद ने पन्ना जिले की केन-बेतवा लिंक परियोजना, रूंज सिंचाई परियोजना और मझगांव सिंचाई परियोजना के डूब प्रभावितों के पुनर्वास और विस्थापन के लिए अतिरिक्त रूप से 202 करोड़ 50 लाख रूपये की राशि स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राजपत्रित सेवा भर्ती नियम : 2022 के तहत भर्ती प्रक्रिया को स्वीकृति दी। इसी तरह मंत्रि-परिषद द्वारा लीगल और डिफेंस काउंसिल सिस्टम योजना की वर्ष 2031 तक निरंतरता के लिए 42 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। वित्त विभाग के प्रस्ताव अनुसार विभिन्न लिखतों पर देय उपकार में छूट देने का निर्णय लिया गया है। मंत्रि-परिषद ने शिक्षा विभाग की लोक-वित्त पोषित कार्यक्रमों योजनाओं एवं परियोजनाओं के परिक्षण की योजना को 1 अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 543 करोड़ रूपये की मंजूरी दी है।</p>
<p>स्टेट डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण, आईटी एवं डिजास्टर रिकवरी सहित अन्य कार्यों के लिए 800 करोड़ रूपये की मंजूरी</p>
<p>मंत्रि-परिषद ने एमपीएसईडीसी द्वारा संचालित एवं संग्रहीत म.प्र. स्टेट डाटा सेंटर के विस्तार और अद्यतन डाटा सेंटर 3.0 परियोजना के लिए 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार म.प्र. स्टेट डाटा का आधुनिकीकरण, आईटी एवं डिजास्टर रिकवरी क्षमता विस्तार तथा संबंधित नॉन-आईटी अवसंरचना विकास किया जाएगा।</p>
<p>प्रदेश में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस परियोजना अंतर्गत सरकार की सेवाओं को संगठित करने व दक्ष इलेक्ट्रॉनिक सर्विस प्रदान करने के लिए भारत सरकार, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एवं मध्यप्रदेश शासन की संयुक्त भागीदारी से भोपाल में स्टेट डाटा सेंटर की स्थापना की गई है। प्रदेश स्टेट डाटा सेंटर 12 दिसंबर 2012 से सफलतापूर्वक संचालित है।</p>
<p>परियोजना अंतर्गत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के आई.टी. एप्लीकेशन्स के लिए होस्टिंग सेवाएं प्रदान की जाती है। स्टेट डाटा सेंटर ई-गवर्नेंस क्षेत्र की बहु-उपयोगी एवं डिजिटल भारत की अवधारणा को साकार करने हेतु डिजीटल मध्यप्रदेश के लिये अति आवश्यक अधोसंरचना है। उक्त अधोसंरचना पूर्णतः सूचना प्रौद्योगिकी तकनीकी आधारित है, जो 365 दिन 24 घंटे निरंतर संचालित रहती है। स्टेट डाटा सेंटर के माध्यम से ही प्रदेश में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदत्त की जाने वाली नागरिक सेवाओं को नागरिकों को उनके निकटतम स्थल पर सुगमता पूर्वक ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाती है।</p>
<p>बदलते तकनीकी परिदृश्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कम्प्यूटिंग आदि इमर्जिंग फ्रंटियर टेनोलॉजीज़ के परिप्रेक्ष्य में ऐसी नवीन अधोसंरचना स्थापित किये जाने की आवश्यकता है, जो राज्य शासन को नागरिक सेवाओं को अधिक दक्षतापूर्वक प्रदान करने हेतु इन तकनीकों को अपनाने में सक्षम बनाए। अधोसंरचना में वृद्धि के फलस्वरूप विद्युत आपूर्ति, कूलिंग अधोसंरचना आदि संबंधित नॉन-आईटी अधोसंरचना के संवर्द्धन की आवश्यकता भी होगी। उक्त परिप्रेक्ष्य में डाटा सेंटर के विस्तार के लिए एसडीसी 3.0 परियोजना का अनुमोदन प्रदान किया गया।</p>
<p>एमपीएसडीसी 3.0 डाटा सेंटर एक्पैंशन परियोजना को चरणबद्ध रूप से लागू किया जायेगा। प्रत्येक चरण के अंतर्गत डेटा सेंटर के विभिन्न घटकों का क्रमिक विकास एवं सुदृढ़ीकरण किया जायेगा। पहले चरण में डाटा सेंटर साइट के लिए कोर नॉन आईटी एवं आईटी इंफ्रॉस्ट्रक्चर, कंप्यूटर स्टोरेज और नेटवर्क, दूसरे चरण में डीआर साइट का निर्माण एवं डिजास्टर रिकवरी क्षमताओं का सुदृढ़ीकरण और तीसरे चरण में आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाएगा।</p>
<p>यह स्वीकृति राज्य में बढ़ती डिजिटल सेवाओं, डेटा प्रोसेसिंग मांग एवं भविष्य की उन्नत तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित किया गया है, जिससे एक स्केलेबल, सुरक्षित एवं उच्च दक्षता युक्त डेटा सेंटर वातावरण का विकास सुनिश्चित किया जा सके।</p>
<p>विज्ञान पार्क- एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना और बॉयो टेक्नालॉजी पार्क की स्थापना एवं संचालन की निरंतरता के लिए 123 करोड़ की स्वीकृति</p>
<p>मंत्रि-परिषद द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत विज्ञान पार्क, एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना और बॉयो टेक्नालॉजी पार्क की स्थापना एवं आगामी 5 वर्षों 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 की अवधि के लिए संचालन की निरंतरता के लिए 123 करोड़ की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार विज्ञान पार्क की स्थापना संबंधी योजना के लिए 39 करोड़ 39 लाख रूपये, एकल नागरिकता डाटाबेस के लिए 75 करोड़ और बॉयो टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना और संचालन संबंधी योजनाओं के लिए 8 करोड़ 59 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।</p>
<p>उज्जैन स्थित आचार्य वराह मिहिर न्यास परिसर में अत्याधुनिक तारामंडल एवं खगोलीय वेधशाला स्थापित की जा रही है। इसमें 1 मीटर ऑप्टिकल टेलीस्कोप एवं 4.5 मीटर रेडियो टेलीस्कोप जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं एवं युवाओं को उच्चस्तरीय अध्ययन एवं अनुसंधान के अवसर प्राप्त होंगे। विज्ञान पार्क संबंधी योजना खगोल विज्ञान के अध्ययन, अनुसंधान एवं जन-जागरुकता को बढ़ावा देने के साथ समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा अंधविश्वासों के निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही, यह उज्जैन को राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख खगोलीय अनुसंधान एवं विज्ञान प्रसार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।</p>
<p>समय एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना के अंतर्गत प्रदेश के नागरिकों का एकीकृत डेटाबेस विकसित किया जा रहा है, जिससे शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ अधिक त्वरित, पारदर्शी एवं सुगम रूप से उपलब्ध कराया जा सके।</p>
<p>परियोजना से नागरिकों की मूलभूत जानकारी का एकल एवं समेकित स्रोत उपलब्ध होगा, जिससे विभागीय स्तर पर पृथक-पृथक पंजीयन की आवश्यकता कम होगी तथा सेवाओं का प्रदाय अधिक सरल, समयबद्ध एवं नागरिक-केंद्रित बन सकेगा। डेटाबेस में उपलब्ध प्रमाणित जानकारी के आधार पर विभिन्न सेवाएँ एवं योजनाओं का लाभ नागरिकों को "सिंगल क्लिक" पर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।</p>
<p>एस.सी.डी परियोजना के साथ-साथ "परिचय" परियोजना के माध्यम से आधार आधारित ऑथेंटिकेशन एवं ई-केवाईसी सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे डी.बी.टी प्रक्रियाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है। दोनों परियोजनाएँ डेटा समेकन, आधार प्रमाणीकरण एवं विभागीय डेटा साझाकरण के माध्यम से राज्य की ई-गवर्नेंस व्यवस्था को सुदृढ़ कर रही हैं तथा भविष्य की डिजिटल गवर्नेंस प्रणाली एवं विजन@2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।</p>
<p>मध्यप्रदेश बॉयो टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना तथा संचालन से संबंधित योजना का उद्देश्य प्रदेश में बॉयो टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अनुसंधान, विकास, नवाचार एवं उ‌द्यमिता को बढ़ावा देना है। भारत सरकार के जैव प्रौ‌द्योगिकी विभाग की नेशनल बॉयो टेक्नोलॉजी पार्क स्कीम के अंतर्गत संचालित इस योजना के तहत स्टार्ट-अप, नवोन्मेषकों तथा सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमियों को इन्क्यूबेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।</p>
<p>मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2031 तक निरंतर रखे जाने के लिए 495 करोड़ रूपये की मंजूरी</p>
<p>मंत्रि-परिषद ने शासकीय हायर सेकेन्डरी स्कूलों में प्रथम स्थान पाने वाली बालिकाओं एवं बालक को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-2031 तक निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की है।</p>
<p>प्रदेश मे स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित शासकीय हायर सेकेन्डरी स्कूलों में प्रथम प्रयास में नियमित परीक्षार्थी के रूप में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाली बालिका एंव बालक को मुख्यमंत्री स्कूटी प्रदाय योजना के अन्तर्गत लाभांवित किया जाएगा। प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री स्कूटी प्रदाय किये जाने के लिए संचालित योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता के लिए राशि 495 करोड रूपये पर मंत्रि-परिषद् की स्वीकृति प्रदान की गई ।</p>
<p>मध्यप्रदेश उपार्जित गेहूँ, चना, ज्वार एवं बाजरा निस्तारण नीति : 2026 को स्वीकृति</p>
<p>भारत सरकार द्वारा राज्य में गेहूँ, धान (चावल), ज्वार एवं बाजरा का उपार्जन खाद्य विभाग द्वारा किया जाता है। विक्रय कार्य व्यवस्थित रूप से किये जाने एवं उपज का अधिकतम मूल्य दिलाये जाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश उपार्जित खाद्यान्न (गेहूँ, धान, ज्वार एवं बाजरा) निस्तारण नीति 2026 को मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृति दी गई है।</p>
<p>नीति अनुसार एक राज्य स्तरीय कमेटी मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित होगी। समिति द्वारा उपज के मात्रा निर्धारण के बाद प्रस्तावित उक्त मात्रा विक्रय करने के पूर्व रिजर्व प्राईज अपसेट मूल्य तय करना एवं ई-निविदा/ई-ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से दरें आमंत्रित करना, प्राप्त दरों का परीक्षण के बाद अनुमोदन तथा निस्तारण की कार्यवाही का अनुमोदन किया जाएगा।</p>
<p>मध्यप्रदेश आईटी, आईटीइएस एंड ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी : 2023 का संशोधन प्रस्ताव स्वीकृत</p>
<p>मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश आईटी, आईटीइएस एंड ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी : 2023 के संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। नीति की कंडिका 15, 12.6 और 12.11 में नए प्रावधान प्रतिस्थापित किए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य नीति को निवेश प्रोत्साहन विभाग की मध्यप्रदेश इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी अनुरूप बनाकर ईएसडीएम इकाइयों के लिए अधिक आकर्षक एवं अनुकूल बनायी गई है। ताकि इस नीति के तहत निवेशकर्ता एवं प्रदेश को लाभ प्राप्त हो सके।</p>
<p>स्वीकृति अनुसार, अगर कोई पुरानी आईटी या डेटा सेंटर कंपनी अपना काम बढ़ाना चाहती है, तो उसे अपने मौजूदा निवेश में कम से कम 30% और पैसा लगाना होगा या अपनी जगह का एरिया 30% बढ़ाना होगा। इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाने वाली (ईएसडीएम) कंपनियों को अपनी मशीनों में कम से कम 30% (न्यूनतम 15 करोड़ रूपये) या 50 करोड़ रूपये (जो भी कम हो) का नया निवेश करना होगा और उत्पादन क्षमता 20% बढ़ानी होगी। ऐसा करने पर इन सभी कंपनियों को नई कंपनी की तरह ही सरकारी मदद मिलेगी।</p>
<p>जमीन मिलने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन और आसान बनाया गया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। अगर एक ही जमीन के लिए एक से ज्यादा कंपनियां आवेदन करेंगी, तो ऑनलाइन बोली (ई-बिडिंग) लगाई जाएगी। हालांकि, बहुत बड़े प्रोजेक्ट्स (मेगा प्रोजेक्ट) को इस बोली से छूट मिलेगी और उन्हें 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर सीधे जमीन मिल सकेगी। कंपनियां एमपीआइडीसी या अन्य सरकारी विभागों की जमीन भी ले सकती हैं, लेकिन किराया और बाकी शर्तें उसी विभाग के नियमों के मुताबिक ही तय होंगी।</p>
<p>स्वामित्व योजना के अंतर्गत अभिलेख पंजीयन पर उपकर और अतिरिक्त स्टॉम्प ड्यूटी से छूट को मंजूरी</p>
<p>मंत्रि-परिषद द्वारा राजस्व विभाग की स्वामित्व योजना अंतर्गत अभिलेखों के पंजीयन पर देय उपकर और अतिरिक्त स्टॉम्प ड्यूटी से छूट प्रदान किए जाने का निर्णय लिया है।</p>
<p>"भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक : 2026" का अनुमोदन</p>
<p>मंत्रि-परिषद द्वारा "भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक : 2026" का अनुमोदन दिया गया है।</p>
<p>कमजोर वर्गों को प्रभावी और कुशल विधिक सेवाएं प्रदान करने के लिए 42 करोड़ रूपये की स्वीकृति</p>
<p>मंत्रि-परिषद द्वारा कमजोर वर्गों को प्रभावी और कुशल विधिक सेवाएं प्रदान करने की लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम योजना को निरंतर रखे जाने के लिए राज्य की बढ़ती निर्भरता के क्रम में वर्ष-2026 से 2028 की अवधि में व्यय का 25%, वर्ष 2028 से 2030 में व्यय का 50%, वर्ष 2030-2031 में व्यय का 75 प्रतिशत तथा वर्ष 2031 व्यय का 100 प्रतिशत की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की है।</p>
<p>वर्ष 2026 से 2028 की अवधि में राज्य शासन इसके व्यय का 25% वहन करेगा जिसकी अनुमानित राशि रूपये प्रतिवर्ष 4 करोड़ 20 लाख, वर्ष 2028 से 2030 तक राज्य शासन इसके व्यय का 50% वहन करेगा जिसकी अनुमानित राशि रुपये प्रतिवर्ष 8 करोड़ 40 लाख इसी प्रकार वर्ष 2030-2031 में राज्य शासन इसके व्यय का 75% वहन करेगा जिसकी अनुमानित राशि रुपये प्रति वर्ष 12 करोड़ 60 लाख अंत में पूर्ण निर्भरता वर्ष 2031 से राज्य शासन पर 100% होगी जिसकी अनुमानित राशि रुपये 16 करोड़ 80 लाख होना संभावित है।</p>
<p>मंत्रि-परिषद ने स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया अंतर्गत 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गयी है। एनसीसी से सम्बंधित इस योजना वरिष्ठ संभाग-3755 के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को वेतन का भुगतान, एनसीसी कार्यालय को सुचारू रूप से चलाने के लिए कार्य किया जाता है साथ ही एनसीसी कैडेट्स के प्रशिक्षण देने संबंधित समस्त कार्य किया जाता है। इस योजना के संचालन के लिए1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए राशि रूपए 543 करोड़ 9 लाख की निरंतरता के लिए मंत्रि-परिषद् ने स्वीकृति प्रदान की है।</p>
<p>''नमो हरित नगर योजना'' को 100 करोड़ रूपये की स्वीकृति</p>
<p>मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की नगरीय निकायों में आगामी 5 वर्षों में 65 नगरीय निकाय क्षेत्रों में नगर वन विकास के लिए "नमो हरित-नगर योजना" कुल राशि 100 करोड़ रूपये की स्वीकृ‌ति प्रदान की गयी है। योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्र में नगरवासियों को स्वस्थ्य जीवन जीने के लिए वातावरण प्रदाय करना, पर्यावरण सौंदर्यीकरण करना, स्वच्छ वायु प्रदाय करना, जैव विविधता सृजित करना एवं अनुकूल जलवायु बनाना आदि है। योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक निकाय में कम से कम एक नगर वन न्यूनतम आधा एकड़ क्षेत्रफल में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए निकायों को राशि 3 किश्तों में दी जाएगी।</p>
<p>पन्ना जिले के केन-बेतवा लिंक परियोजना, रूंज सिंचाई परियोजना और मझगांव सिंचाई परियोजना के डूब प्रभावितों के पुनर्वास और विस्थापन के लिए अतिरिक्त 202 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत</p>
<p>मंत्रि-परिषद द्वारा केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत पन्ना जिले के 08 ग्रामों में विशेष विस्थापन पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन पैकेज के संबंध में कटऑफ दिनांक की वृद्धि को स्वीकृति देते हुए नवीन संभावित 313 परिवारों को विशेष पैकेज की कुल अनुदान राशि रू. 39.125 करोड़ को सम्मिलित करते हुये परियोजना के लिए कुल व्यय 439 करोड़ 325 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p>पूर्व में डूब प्रभावित ग्रामों के कृषि भूमि अर्जन हेतु भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा-11 की प्रकाशन तिथि 21 जनवरी 2022 को कट-ऑफ मानते हुए कुल 1890 परिवारों की गणना की गई थी। इन्हीं ग्रामों के आबादी भूमि/निजी भूमि पर स्थित मकानों के मुआवजा निर्धारण हेतु धारा-11 अंतर्गत म.प्र. के राजपत्र में प्रकाशन 15 मार्च 2024 को हुआ।</p>
<p>प्रभावित परिवारों/जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही मांग तथा परियोजना का निर्माण कार्य सुचारू एवं त्वरित गति से क्रियान्वयन के दृष्टिगत आबादी भूमि एवं मकान के लिए धारा-11 के प्रकाशन 15 मार्च 2024 को आधार मानकर कट-ऑफ दिनांक में वृद्धि की स्वीकृति देते हुए 313 परिवारों को विशेष पुनर्वास पैकेज दिया जाना निर्णीत हुआ।</p>
<p>मंत्रि-परिषद द्वारा रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना से 730 डूब प्रभावितों को पूर्व में एक मुश्त पुनर्वास अनुदान राशि 5 लाख रूपये प्रति परिवार के मान से स्वीकृत की गई राशि के स्थान पर, डूब प्रभावित परिवारों द्वारा पन्ना जिले की ही केन-बेतवा लिंक परियोजना से डूब प्रभावितों को विस्थापन हेतु स्वीकृत राशि रु.12.50 लाख प्रति परिवार के समान की जा रही मांग एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा भी केन-बेतवा लिंक परियोजना से डूब प्रभावितों को विस्थापन के लिए स्वीकृत पुनर्वास पैकेज के समान राशि दिए जाने की मांग की जाती रही है। डूब प्रभावितों के हित एवं परियोजना के क्रियान्वयन के दृष्टिगत रखते हुए, केन-बेतवा लिंक परियोजना के समान, रूंज मध्यम परियोजना से प्रभावित 730 विस्थापित परिवार के लिए प्रति परिवार अतिरिक्त रू. 7.5 लाख (साढ़े सात लाख) की राशि का विशेष पुनर्वास पैकेज कुल रू. 54 करोड़ 75 लाख की स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया। यह राशि रूज मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए प्रशासकीय स्वीकृति राशि 269 करोड़ 79 लाख रुपये के अतिरिक्त होगी।</p>
<p>मंत्रि-परिषद द्वारा मझगाँव मध्यम सिंचाई परियोजना से 1450 डूब प्रभावितों को पूर्व में एक मुश्त पुनर्वास अनुदान राशि 5 लाख रुपये प्रति परिवार के स्थान पर, (पन्ना जिले की ही केन-बेतवा लिंक परियोजना से डूब प्रभावितों को विस्थापन के लिए स्वीकृत राशि 12.50 लाख रुपये प्रति परिवार के मान से) डूब प्रभावितों के हित एवं परियोजना के क्रियान्वयन के दृष्टिगत प्रति परिवार अतिरिक्त रू. 7.5 लाख (साढ़े सात लाख) रुपये की राशि का विशेष पुनर्वास पैकेज कुल 108 करोड़ 75 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। यह राशि मझगाँय मध्यम सिंचाई परियोजना के ‍लिए भूमि एवं परिसंपत्ति अधिग्रहण के लिए कुल स्वीकृत राशि 364 करोड़ 56 लाख रुपये के अतिरिक्त होगी।</p>
<p>मप्र लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी</p>
<p>मंत्रि-परिषद ने प्रदेश की स्वास्थ्य संस्थाओं में विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पर्दो की पूर्ति के लिए वर्तमान प्रचलित प्रक्रिया में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से पर्याप्त संख्या में चयनित अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, जिससे विशेषज्ञों के पद बड़ी संख्या में रिक्त हैं एवं स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।</p>
<p>मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम : 2022 के नियम 6 (4) के अंतर्गत विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए विभागीय स्तर से सीधी भर्ती की कार्यवाही किए जाने संबंधी प्रस्ताव पर मंत्रि-परिषद ने अनुमति प्रदान की है। अब इसके तहत प्रत्येक माह की एक तारीख को एम.पी. ऑनलाईन पर विभाग की रिक्तियां प्रदर्शित की जायेंगी, जिनके आधार पर 15 तारीख तक आवेदन आमंत्रित किये जायेंगे। उक्त दिनांक तक प्राप्त सभी आवेदनों पर विभागीय समिति आगामी द्वितीय बुधवार को बैठक करेगी, जिसमें सभी अभ्यर्थियों को साक्षात्‌कार के लिये बुलाया जायेगा। साक्षात्कार के बाद इनकी उपयुक्तता का निर्धारण करते हुए विभागीय समिति चयन की अनुशंसा राज्य शासन को करेगी। समिति द्वारा जिस वर्ग से जितने अभ्यर्थियों की अनुशंसा की जायेगी, उस वर्ग से उतनी रिक्तियाँ एमपी ऑनलाईन में प्रदर्शित की जा रही रिक्तियों से आगामी माह के लिये कम कर दी जायेगी। विभागीय समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य शासन ऐसे चिकित्सकों के नियुक्ति आदेश सीधे जारी करेगा और उन अभ्यर्थियों को सूची में प्रदर्शित रिक्त स्थानों पर पदस्थ करेगा। यह नियुक्तियां प्रथम 3 वर्ष के लिये उन्हीं स्थानों पर की जायेंगी, जिन स्थानों को रिक्तियों में प्रदर्शित किया गया है। प्रथम 3 वर्ष तक ऐसे चिकित्सकों का स्थानांतरण नहीं किया जायेगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बड़वानी में युवती को 25&#45;30 युवक बाइक पर उठाकर ले गए! वायरल VIDEO से हड़कंप, जांच में ‘देजा’ प्रथा का एंगल</title>
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<description><![CDATA[ बड़वानी बड़वानी जिले के राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जलगोन में एक युवती को कुछ युवकों द्वारा जबरन बाइक पर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 7 जुलाई का है। वीडियो सामने आने के बाद राजपुर पुलिस ने तत्काल गांव पहुंचकर … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>बड़वानी, में, युवती, को, 25-30, युवक, बाइक, पर, उठाकर, ले, गए, वायरल, VIDEO, से, हड़कंप, जांच, में, ‘देजा’, प्रथा, का, एंगल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बड़वानी</strong></p>
<p>बड़वानी जिले के राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जलगोन में एक युवती को कुछ युवकों द्वारा जबरन बाइक पर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 7 जुलाई का है। वीडियो सामने आने के बाद राजपुर पुलिस ने तत्काल गांव पहुंचकर युवती के परिजनों से बातचीत की और मामले की जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब 25 से 30 युवक युवती को अपने साथ ले गए थे। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि पुलिस ने मामले की सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।</p>
<p>राजपुर थाना प्रभारी माधवसिंह ठाकुर ने बताया कि परिजनों और संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में मामला आदिवासी समाज में प्रचलित 'देजा प्रथा' से जुड़ा होने की आशंका सामने आई है। इस परंपरा के तहत विवाह के दौरान लड़के पक्ष की ओर से लड़की पक्ष को पूर्व निर्धारित राशि दी जाती है।</p>
<p><strong>बेजा प्रथा को लेकर बताया जा रहा विवाद</strong><br>
जानकारी के अनुसार, युवती का रिश्ता निहाली गांव निवासी हुकुम रावत से तय हुआ था. आदिवासी समाज में प्रचलित बेजा प्रथा के अनुसार, युवक पक्ष ने युवती के परिजन को करीब 2 लाख रुपए दिए थे. आरोप है कि इसके बावजूद लड़की पक्ष युवती को लड़के के घर नहीं भेज रहा था. इसी विवाद के चलते हुकुम रावत अपने 25 से 30 साथियों के साथ इंद्रपुर गांव पहुंचा और युवती को खेत से जबरन अपने साथ ले गया। </p>
<p>वीडियो में मौजूद कुछ लोगों की बातचीत भी सुनाई दे रही है, जिसमें कहा जा रहा है कि बेजा हो चुका है, रुपए भी ले लिए हैं, फिर भी लड़की को नहीं भेज रहे थे, इसलिए उसे ले जाया गया. हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। </p>
<p><strong>पुलिस ने शुरू की जांच, अभी तक नहीं मिली शिकायत</strong><br>
राजपुर थाना प्रभारी माधव सिंह ठाकुर ने बताया कि, ''मामले में अब तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. इसके बावजूद वीडियो को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम को गांव भेजा गया है. पुलिस वीडियो की सत्यता, घटना की परिस्थितियों और दोनों पक्षों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। </p>
<p><strong>आदिवासी विकास परिषद ने उठाए गंभीर सवाल</strong><br>
मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद के जिला अध्यक्ष एवं जनपद सदस्य प्रतिनिधि राहुल सोलंकी ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि, ''यदि वायरल वीडियो में दिखाई गई घटना सही है तो यह कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न है.'' उन्होंने पुलिस प्रशासन से 24 घंटे के भीतर निष्पक्ष जांच कर पूरे मामले की सच्चाई सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि समाज में किसी प्रकार का भ्रम न फैले और दोषियों पर उचित कार्रवाई हो सके। </p>
<p>पुलिस के मुताबिक, प्राथमिक जानकारी यह भी मिली है कि विवाह के बाद युवती अपने ससुराल नहीं जा रही थी। इसी कारण कथित तौर पर ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे अपने साथ ले जाने की कोशिश की। हालांकि इस दावे की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।</p>
<p>मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने एसडीओपी समेत अन्य अधिकारियों को भी मौके पर भेजा है। एसपी ने बताया कि फिलहाल सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>क्या है बेजा प्रथा?</strong><br>
निमाड़ अंचल के कुछ आदिवासी समुदायों में बेजा प्रथा लंबे समय से प्रचलित सामाजिक परंपरा मानी जाती है. इसके तहत युवक-युवती की सहमति से विवाह या साथ रहने की प्रक्रिया को समाज की मान्यता दी जाती है. बाद में दोनों परिवारों और समाज के पंचों की मौजूदगी में आपसी समझौते के जरिए रिश्ते को स्वीकार किया जाता है. कई मामलों में आर्थिक लेन-देन या सामाजिक दंड (जुर्माना) भी तय किया जाता है। </p>
<p>हालांकि किसी भी परंपरा या सामाजिक प्रथा के नाम पर किसी महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन ले जाना या बलपूर्वक बंधक बनाना कानूनन अपराध है. यदि जांच में जबरदस्ती या अन्य अपराध साबित होते हैं, तो संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। </p>
<p><strong>जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर</strong><br>
फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी. यह स्पष्ट होना बाकी है कि युवती की सहमति थी या नहीं, वायरल वीडियो किन परिस्थितियों में बनाया गया और घटना के पीछे वास्तविक तथ्य क्या हैं. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>लोक निर्माण विभाग के सचिव ने रेलवे ओवर&#45;ब्रिज एवं रेलवे अंडर&#45;ब्रिज कार्यों की समीक्षा की</title>
<link>https://atworldnews.in/9333</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने विभाग के सेतु परिक्षेत्र और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर प्रदेश में रेलवे ओवर-ब्रिज (ROB) और रेलवे अंडर-ब्रिज (RUB) के निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में आज हुई बैठक में रेलवे ओवर-ब्रिज और रेलवे अंडर-ब्रिज के कार्यों में तेजी … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:02:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>लोक, निर्माण, विभाग, के, सचिव, ने, रेलवे, ओवर-ब्रिज, एवं, रेलवे, अंडर-ब्रिज, कार्यों, की, समीक्षा, की</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने विभाग के सेतु परिक्षेत्र और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर प्रदेश में रेलवे ओवर-ब्रिज (ROB) और रेलवे अंडर-ब्रिज (RUB) के निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में आज हुई बैठक में रेलवे ओवर-ब्रिज और रेलवे अंडर-ब्रिज के कार्यों में तेजी लाने लोक निर्माण विभाग और रेलवे के अधिकारियों को बेहतर समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यस्थलों की बाधाओं को तत्परता से दूर कर अप्रारंभ कार्यों को जल्दी शुरू करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी और दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे के बिलासपुर मुख्यालय के प्रधान मुख्य अभियंता अवनीश कुमार पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।<br>
 <br>
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में विभागीय और रेलवे के अधिकारियों को आपसी समन्वय को और मजबूत करते हुए निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें शीघ्र पूरा करने को कहा, ताकि लोगों को जाम और रेलवे फाटकों पर होने वाली असुविधा से राहत मिल सके। इससे माल परिवहन भी अधिक सुगम और तेज होगा। </p>
<p>विभागीय सचिव ने नए आरओबी और आरयूबी के कार्यों को जल्द शुरू करने सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर बाधाओं का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यस्थलों से अतिक्रमण हटाने, भूमि व्यपवर्तन, नामांतरण तथा भू-अर्जन जैसी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रगतिरत परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण कर प्रदेश में आवागमन को अधिक सुरक्षित, सुगम, सुव्यवस्थित और तेज बनाना राज्य शासन की प्राथमिकता में है। </p>
<p>बंसल ने कार्यस्थलों पर यूटिलिटी शिफ्टिंग के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यूटिलिटी शिफ्टिंग में देरी के कारण निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रस्तावित परियोजनाओं के प्राक्कलन तथा ड्राइंग-डिजाइन तैयार करने के लिए जहां भी लोक निर्माण विभाग और रेलवे के अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण की जरूरत हो, वहां तत्काल संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करने को कहा।</p>
<p>उन्होंने रेलवे ओवर-ब्रिज और रेलवे अंडर-ब्रिज परियोजनाओं को शीघ्रता से पूर्ण करने नियमित और कड़ाई से मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और रेलवे के अधिकारियों को हर तीन महीने में बैठक कर कार्यों की प्रगति का आकलन करने और लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एस.के. कोरी, अधीक्षण अभियंता डी.के. माहेश्वरी, दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे के बिलासपुर मुख्यालय के मुख्य अभियंता मनोज कुमार सिंह, सीपीएम-बिलासपुर राजीव कुमार और सीपीएम-रायपुर तत्वदर्शी साहू भी बैठक में मौजूद थे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>उत्तर प्रदेश बनेगा डिफेंस हब, रक्षा कॉरिडोर में 35 हजार करोड़ से ज्यादा निवेश प्रस्ताव</title>
<link>https://atworldnews.in/9332</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर भारत जैसे-जैसे अपना फोकस बढ़ा रहा है, उत्तर प्रदेश देश के बदलते एयरोस्पेस और डिफेंस इकोसिस्टम में एक अहम खिलाड़ी बनकर उभर रहा है. इस बदलाव के केंद्र में है उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC). एक महत्वाकांक्षी योजना, जिसकी घोषणा 2018-19 के केंद्रीय बजट में की गई थी. … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:01:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>उत्तर, प्रदेश, बनेगा, डिफेंस, हब, रक्षा, कॉरिडोर, में, हजार, करोड़, से, ज्यादा, निवेश, प्रस्ताव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर भारत जैसे-जैसे अपना फोकस बढ़ा रहा है, उत्तर प्रदेश देश के बदलते एयरोस्पेस और डिफेंस इकोसिस्टम में एक अहम खिलाड़ी बनकर उभर रहा है. इस बदलाव के केंद्र में है उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC). एक महत्वाकांक्षी योजना, जिसकी घोषणा 2018-19 के केंद्रीय बजट में की गई थी.</p>
<p>इसका मकसद है स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मजबूत करना, निजी निवेश को आकर्षित करना और आयात पर निर्भरता कम करना. इस कॉरिडोर को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) लागू कर रही है. यह कॉरिडोर छह रणनीतिक स्थानों लखनऊ, कानपुर, झांसी, अलीगढ़, आगरा और चित्रकूट में फैला हुआ है.</p>
<p>इसका लक्ष्य सिर्फ रक्षा कंपनियों को आकर्षित करना नहीं है, बल्कि निर्माण, अनुसंधान, परीक्षण, इनोवेशन और कौशल विकास को शामिल करते हुए एक पूरी वैल्यू चेन तैयार करना है. यह भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत विज़न और भारत को वैश्विक रक्षा उत्पादन केंद्र बनाने के दीर्घकालिक लक्ष्य से पूरी तरह मेल खाता है.</p>
<p><strong>35 हजार करोड़ से ज्यादा निवेश का प्रस्ताव</strong><br>
पिछले कुछ सालों में ज़मीनी स्तर पर काम ने रफ्तार पकड़ी है. UPEIDA के मुताबिक, इस कॉरिडोर को अब तक ₹35,000 करोड़ से ज़्यादा के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं और नई परियोजनाओं की घोषणा के साथ यह निवेश लगातार बढ़ रहा है.</p>
<p>लखनऊ में स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस की निर्माण फैक्ट्री इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है. इस कॉरिडोर में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस जैसी बड़ी सरकारी और निजी रक्षा कंपनियों के साथ-साथ रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में काम कर रहे कई MSME भी मौजूद हैं.</p>
<p>हर नोड अपनी मौजूदा औद्योगिक ताकत और नए निवेश के ज़रिए इस कॉरिडोर के बड़े विज़न में योगदान दे रहा है. कानपुर, अपने स्थापित इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की वजह से, कॉरिडोर के सबसे बड़े निवेश आकर्षित कर चुका है. झांसी में जल्द शुरू होने वाली भारत डायनेमिक्स लिमिटेड की मिसाइल यूनिट है, जबकि लखनऊ में एडवांस्ड एयरोस्पेस और मिसाइल से जुड़े निर्माण में लगातार निवेश हो रहा है.</p>
<p><strong>अलीगढ़ में कंपनियों ने इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और ड्रोन बनाना शुरू कर दिया है.</strong><br>
कनेक्टिविटी भी इस कॉरिडोर की एक बड़ी खासियत बनकर उभरी है. छह नोड्स को यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और आने वाले गंगा एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से जोड़ा गया है.</p>
<p>यह लॉजिस्टिक्स नेटवर्क कच्चे माल, पुर्जों और तैयार उत्पादों की तेज़ आवाजाही को संभव बनाता है, जिससे उत्तर प्रदेश उन रक्षा निर्माताओं के लिए एक आकर्षक ठिकाना बन गया है जो अपना कारोबार शुरू करना या बढ़ाना चाहते हैं. कई परियोजनाएं अब चालू हो चुकी हैं और कई और विकास के दौर में हैं .ऐसे में यह कॉरिडोर धीरे-धीरे भारत के एक प्रमुख रक्षा निर्माण इकोसिस्टम के रूप में आकार ले रहा है.</p>]]> </content:encoded>
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<title>दिल्ली में बनेगी देश की आधुनिक हाई सिक्योरिटी जेल, अमित शाह ने किया शिलान्यास</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बाहरी दिल्ली के नरेला में बनने वाली एक अत्याधुनिक हाई सिक्योरिटी जेल का शिलान्यास किया। आर.के. पुरम में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने ऑनलाइन जेल के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। यह परियोजना देश की सबसे आधुनिक और टेक्नोलॉजी पर आधारित हाई सिक्योरिटी जेलों में … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:01:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली, में, बनेगी, देश, की, आधुनिक, हाई, सिक्योरिटी, जेल, अमित, शाह, ने, किया, शिलान्यास</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बाहरी दिल्ली के नरेला में बनने वाली एक अत्याधुनिक हाई सिक्योरिटी जेल का शिलान्यास किया। आर.के. पुरम में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने ऑनलाइन जेल के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। यह परियोजना देश की सबसे आधुनिक और टेक्नोलॉजी पर आधारित हाई सिक्योरिटी जेलों में शामिल होगी, जो राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी।</p>
<p><strong>जेल में 250 से अधिक कैदियों को रखा जा सकेगा</strong><br>
    इस परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये का वित्त पोषण भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा किया जाएगा, जबकि बाकी की रकम दिल्ली सरकार उपलब्ध कराएगी।<br>
    इस जेल के बनने से तिहाड़ जेल में कैदियों का बोझ भी कुछ कम हो सकेगा और वहां भी सुविधाओं में इजाफा होगा।<br>
    इस जेल परिसर में 250 से अधिक कैदियों को रखा जा सकेगा।<br>
    यह हाई सिक्योरिटी जेल पारंपरिक जेल व्यवस्था से अलग, अत्याधुनिक तकनीक और वैश्विक सुरक्षा मानकों पर आधारित होगी।</p>
<p><strong>कई आधुनिक सुविधाएं होंगी जेल में</strong><br>
जेल का रेडियल-एक्सियल डिजाइन सेंट्रल कंट्रोल पॉइंट से प्रत्येक विंग की निगरानी सुनिश्चित करेगा, जबकि प्रत्येक कैदी के लिए अलग-अलग सेल होंगे। इससे आपसी संपर्क, गैंग नेटवर्किंग या सुरक्षा जोखिम की आशंका कम रहेगी। जेल में AI सीसीटीवी मॉनीटरिंग सिस्टम, बॉडी-वॉर्न कैमरे, बायोमीट्रिक एक्सेस कंट्रोल, ऑटोमेटेड लॉकिंग सिस्टम, फुल बॉडी स्कैनर, एक्स-रे बैगेज स्कैनर, मोबाइल सिग्नल जैमर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा, इन-हाउस कोर्ट कॉम्प्लेक्स, एंटी-टनलिंग तकनीक और अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर जैसी सुविधाएं होंगी।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>छत्तीसगढ़ शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाला: 7 आरोपियों को कोर्ट से सशर्त अग्रिम जमानत</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर. हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने धमतरी जिले की वर्ष 2007 की शिक्षाकर्मी ग्रेड-3 भर्ती में कथित अनियमितताओं से जुड़े 18 साल पुराने मामले में सात आरोपियों को अग्रिम जमानत दे दी है. जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की सिंगल बैंच ने कहा कि इसी मामले में समान आरोपों वाले अन्य सह-आरोपियों को पहले ही राहत … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 20:33:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, शिक्षाकर्मी, भर्ती, घोटाला:, आरोपियों, को, कोर्ट, से, सशर्त, अग्रिम, जमानत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बिलासपुर.</strong></p>
<p>हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने धमतरी जिले की वर्ष 2007 की शिक्षाकर्मी ग्रेड-3 भर्ती में कथित अनियमितताओं से जुड़े 18 साल पुराने मामले में सात आरोपियों को अग्रिम जमानत दे दी है.</p>
<p>जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की सिंगल बैंच ने कहा कि इसी मामले में समान आरोपों वाले अन्य सह-आरोपियों को पहले ही राहत मिल चुकी है, इसलिए वर्तमान याचिकाकर्ताओं को भी जमानत का लाभ दिया जाना उचित है. कोर्ट ने सात अलग-अलग आपराधिक अपीलों पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया है.</p>
<p><strong>क्या था शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाला ?</strong><br>
दरअसल, वर्ष 2007 में जनपद पंचायत मगरलोड में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के 172 पदों पर भर्ती प्रक्रिया हुई थी. आरोप है कि चयन समिति के सदस्यों और अन्य आरोपियों ने साजिश के तहत कुछ अभ्यर्थियों के फर्जी या अमान्य दस्तावेजों के आधार पर अंक बढ़ाकर उन्हें चयनित करा दिया, इसके चलते पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिली और वे बाहर हो गए. इस संबंध में वर्ष 2011 में पुलिस थाना मगरलोड में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(9)(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया था.</p>
<p>याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता ने कहा कि पूरी चयन प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत कई समितियों और स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद हुई थी. करीब 5,000 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनकी अलग-अलग स्तर पर जांच के बाद अंतिम चयन सूची बनाई गई थी. अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया, पुलिस ने ऐसा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है जिससे यह साबित हो कि याचिकाकर्ताओं ने किसी आपराधिक षड्यंत्र में भाग लिया था. फर्जीवाड़ा की शिकायत, किसी अज्ञात व्यक्ति की ओर से कई वर्ष बाद की गई और इसी मामले के अन्य सह-आरोपियों को पहले ही हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है.</p>
<p>हाई कोर्ट ने सातों याचिकाकर्ताओं को सशर्त अग्रिम जमानत दे दी है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है, याचिकाकर्ताओं को शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाला मामले में गिरफ्तार किया जाता है तो उन्हें 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के एक-एक जमानतदार पर रिहा किया जाए. हाई कोर्ट ने यह भी शर्त लगाई है, सभी आरोपी जांच में सहयोग करेंगे, गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे, ट्रायल में नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे और भविष्य में इसी तरह का कोई अपराध नहीं करेंगे. साथ ही उन्हें 25 जुलाई 2026 को विवेचना अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है. यदि जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है तो राज्य सरकार अथवा शिकायतकर्ता जमानत निरस्त कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>यूपी आईटीआई प्रवेश 10 जुलाई से शुरू, ब्लॉक स्तर पर मिलेगा आरक्षण लाभ</title>
<link>https://atworldnews.in/9329</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ यूपी बोर्ड के हाईस्कूल के परिणाम घोषित होने के साथ ही राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाती है लेकिन इस बार नियमावली में संशोधन के चलते प्रवेश में देरी हो रही है। बुधवार को नियमावली संशोधन के साथी प्रवेश प्रक्रिया 10 जुलाई से शुरू करने की तैयारी शुरू हो … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 20:32:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यूपी, आईटीआई, प्रवेश, जुलाई, से, शुरू, ब्लॉक, स्तर, पर, मिलेगा, आरक्षण, लाभ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
यूपी बोर्ड के हाईस्कूल के परिणाम घोषित होने के साथ ही राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाती है लेकिन इस बार नियमावली में संशोधन के चलते प्रवेश में देरी हो रही है। बुधवार को नियमावली संशोधन के साथी प्रवेश प्रक्रिया 10 जुलाई से शुरू करने की तैयारी शुरू हो गईं है।</p>
<p>संशोधित नियमावली के तहत पहले की तरह आरक्षण व्यवस्था लागू रहेगी, लेकिन अब ब्लाक स्तर पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण का प्रविधान किया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को अपने ही क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना और उन्हें रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ना है। प्रवेश के दौरान रिक्त रह गई सीटों पर नए अभ्यार्थियों को प्रवेशदिया जाएगा। पहले यह सीटें खाली रह जाती थीं।</p>
<p><strong>हाईस्कूल की मेरिट से होगा चयन</strong><br>
हाईस्कूल की मेरिट के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया होगी। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। तहसील, ब्लाक और जिला स्तर पर मेरिट बनने से युवाओं को अपने इलाके में प्रवेश के अधिक अवसर मिलेंगे। ऐसे विद्यार्थी जिनका नाम मेरिट सूची में आ जाता था, लेकिन वह प्रवेश नहीं लेते थे और सीटें रिक्त रह जाती थी। इस बार अंतिम तिथि के बाद उन रिक्त सीटों पर दूसरे अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा।</p>
<p>अभ्यर्थियों को अपने क्षेत्र में प्रवेश का अधिक अवसर मिलेगा। हर स्तर पर उसे क्षेत्र के रहने वाले विद्यार्थियों के लिए 25 प्रतिशत सीटे आरक्षित होंगी। राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद की वेबसाइट scvtup.in के माध्यम से आनलाइन आवेदन किए जाएंगे।</p>
<p><strong>आइटीआइ पर एक नजर</strong><br>
    वेबसाइट: scvtup.in<br>
    न्यूनतम आयु 14 वर्ष<br>
    योग्यताः हाईस्कूल उत्तीर्ण।<br>
    आवेदन शुल्कः सामान्य/पिछड़ा वर्ग – 250 रुपये, अनुसूचित जाति – 150 रुपये<br>
    सरकारी आइटीआइ संस्थान: 305<br>
    निजी आइटीआइ संस्थानः 3300<br>
    सरकारी संस्थानों में सीटें: 1,26,575<br>
    निजी संस्थानों में सीटें लगभग 3,71,732</p>
<p>    इस बार एक अहम बदलाव है कि खाली सीटों को रिक्त नहीं छोड़ा जाएगा। संशोधित नियमों के तहत पात्र अभ्यर्थियों को अवसर देकर सभी सीटों को भरने के प्रयास किए जाएंगे। एआइ का प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है। अलीगंज और चारबाग स्थित राजकीय आइटीआइ के स्मार्ट क्लासरूम के जरिए भी विद्यार्थियों को प्रशिक्षण मिलेगा। निदेशक प्रशिक्षण अभिषेक सिंह की पहल पर वर्ष 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया में संशोधन किया जा रहा है। 10 जुलाई से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी और 85 दिन तक चलेगी। – राजेंद्र प्रसाद, अपर निदेशक, प्रशिक्षण</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>34 करोड़ लोगों के खाते में आएगी बड़ी रकम! सरकार ने बताई तारीख, तुरंत चेक करें अपना अकाउंट</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली देश के करीब 34 करोड़ खातों में EPFO एक साथ ब्याज की राशि डिपॉजिट करने वाला है. सरकार की ओर तारीख भी तय कर दी गई है, यानी 33 करोड़ लोगों को खुशखबरी मिलने वाली है।  केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के अनुसार EPFO 15 जुलाई को देश के लगभग … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 20:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>करोड़, लोगों, के, खाते, में, आएगी, बड़ी, रकम, सरकार, ने, बताई, तारीख, तुरंत, चेक, करें, अपना, अकाउंट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>देश के करीब 34 करोड़ खातों में EPFO एक साथ ब्याज की राशि डिपॉजिट करने वाला है. सरकार की ओर तारीख भी तय कर दी गई है, यानी 33 करोड़ लोगों को खुशखबरी मिलने वाली है। </p>
<p>केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के अनुसार EPFO 15 जुलाई को देश के लगभग 34 करोड़ (कुल पंजीकृत एवं निष्क्रिय खातों सहित) लाभार्थियों के खातों में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज की राशि क्रेडिट करने जा रहा है. सरकार इस बार कुल <strong>1.44 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम ब्याज राशि सीधे सब्सक्राइबर्स के खातों में ट्रांसफर करेगी। </strong></p>
<p><strong>आप घर बैठे कर सकते हैं चेक</strong></p>
<p>आज से ठीक एक हफ्ते बाद यानी अगले बुधवार को 34 करोड़ लोगों के पीएफ खातों में ब्याज क्रेडिट हो जाएगा. अगर आप भी एक पीएफ खाताधारक हैं, तो 15 जुलाई के बाद उमंग ऐप (UMANG App), EPFO पोर्टल या अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से मिस-कॉल/एसएमएस भेजकर अपना पीएफ बैलेंस और क्रेडिट हुई ब्याज राशि की जांच कर सकते हैं। </p>
<p>दरअसल केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की अगुवाई में हुई केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की 239वीं बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 फीसदी की वार्षिक ब्याज दर को बनाए रखने की सिफारिश की गई थी. वित्त मंत्रालय द्वारा इस दर को मंजूरी मिलने के बाद अब सब्सक्राइबर्स के खातों में सीधे पैसे भेजे जा रहे हैं. यह लगातार तीसरा वर्ष है, जब सरकार ने PF पर अपनी ब्याज दर को 8.25% पर स्थिर रखा है, जो बाजार के अन्य निवेश विकल्पों की तुलना में काफी बेहतर रिटर्न प्रदान करता है। </p>
<p><strong>ब्याज क्रेडिट होने का नया सिस्टम</strong><br>
इस बार खाताधारकों को ब्याज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. EPFO द्वारा विकसित किए गए नए तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर और इकोसिस्टम के माध्यम से सरकार द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी होते ही ब्याज की राशि सब्सक्राइबर्स के खातों में तुरंत ट्रांसफर कर दी जाएगी. इससे पहले अक्सर पीएफ खाताधारकों को अपने खातों में ब्याज दिखने के लिए महीनों का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन इस नई डिजिटल व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो गई है। </p>
<p>वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद EPFO खाता धारकों के ब्याज में कोई कटौती नहीं की गई है. संगठन को एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) और अपने मजबूत निवेश पोर्टफोलियो से बेहतरीन रिटर्न प्राप्त हुआ है, जिसके कारण वह बिना किसी वित्तीय दबाव के पिछले कई वर्षों से लगातार 8% से ऊपर ब्याज देने में सफल रहा है. इसके साथ ही, इस बैठक में निष्क्रिय पड़े खातों में जमा छोटी और लावारिस राशियों के निपटान के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई है। </p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>भारत पर लगाए आरोप निकले बेबुनियाद! कनाडा पुलिस की जांच ने खोली पूर्व PM ट्रूडो के दावों की पोल</title>
<link>https://atworldnews.in/9327</link>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली लगभग तीन साल पहले कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संलिप्तता का आरोप लगाया था. लेकिन अब कनाडा की पुलिस का कहना है कि हमारी जांच में निज्जर की हत्या में भारत सरकार के अधिकारियों की संलिप्तता के कोई सबूत नहीं … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 20:31:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भारत, पर, लगाए, आरोप, निकले, बेबुनियाद, कनाडा, पुलिस, की, जांच, ने, खोली, पूर्व, ट्रूडो, के, दावों, की, पोल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>लगभग तीन साल पहले कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संलिप्तता का आरोप लगाया था. लेकिन अब कनाडा की पुलिस का कहना है कि हमारी जांच में निज्जर की हत्या में भारत सरकार के अधिकारियों की संलिप्तता के कोई सबूत नहीं मिले हैं। </p>
<p>यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका ने निज्जर हत्याकांड में भारतीय मूल के गैंगस्टर्स के खिलाफ आरोप तय किए हैं. कनाडाई पुलिस का यह बयान ट्रूडो सरकार के उस पुराने रुख से बिल्कुल अलग है, जिसने भारत और कनाडा के बीच दशकों का सबसे गंभीर कूटनीतिक संकट खड़ा कर दिया था। </p>
<p>ट्रूडो के आरोपों को भारत ने शुरू से ही बेतुका और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था. इन आरोपों के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था, द्विपक्षीय वार्ताएं ठप हो गई थीं और रिश्तों में गहरी तल्खी आ गई थी। </p>
<p>रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) का यह खुलासा अमेरिकी अधिकारियों द्वारा एक आरोपपत्र सार्वजनिक किए जाने के कुछ घंटों बाद आया है. इस आरोपपत्र में जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गोल्डी बरार पर 2023 में कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का निर्देश देने का आरोप लगाया गया है. हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी आरोपपत्र में भी भारतीय सरकार की किसी भूमिका का आरोप नहीं लगाया गया है। </p>
<p>बता दें कि कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर को भारत ने 2020 में आतंकवादी घोषित किया था. वह प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का प्रमुख था. जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सर्रे शहर में एक गुरुद्वारे की पार्किंग में दो नकाबपोश हमलावरों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। </p>
<p>जस्टिन ट्रूडो के पद छोड़ने और मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत और कनाडा ने वर्षों की कड़वाहट के बाद अपने संबंधों को फिर से सामान्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं. दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क और राजनयिक संवाद दोबारा शुरू हुए। </p>
<p>RCMP की डिप्टी कमिश्नर लिसा मोरलैंड ने स्पष्ट किया कि इस मामले में जांच अभी भी जारी है. उन्होंने कहा कि संगठित अपराध सिंडिकेट की इस जांच और अब तक लगाए गए आरोपों के आधार पर ऐसा कोई सबूत नहीं है, जिससे यह कहा जा सके कि भारतीय सरकार के अधिकारी इस मामले में शामिल थे या उनके खिलाफ आरोप लगाए जाएंगे. अब तक ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है जो भारतीय सरकार को इस मामले से जोड़ती हो। </p>
<p>उन्होंने कहा कि गिरफ्तारियों और जब्ती की कार्रवाई के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है. मोरलैंड ने कहा कि भारतीय सरकार इस जांच में सहयोग कर रही थी. RCMP का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह सितंबर 2023 में कनाडाई संसद में ट्रूडो द्वारा किए गए दावों से अलग है. उस समय ट्रूडो ने कहा था कि कनाडाई सुरक्षा एजेंसियां निज्जर की हत्या और भारतीय एजेंटों के बीच संभावित संबंध के विश्वसनीय आरोपों की जांच कर रही हैं। </p>
<p>भारत ने लगातार इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि कनाडा ने अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस या विश्वसनीय सबूत साझा नहीं किया. वहीं, कनाडा पुलिस का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिकी न्याय विभाग ने ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत कई आरोपपत्र सार्वजनिक किए हैं। </p>
<p>आरोपपत्र में बिश्नोई को निज्जर की हत्या के लिए जिम्मेदार बताया गया है. बिश्नोई अगस्त 2023 से गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है. न्याय विभाग के अनुसार, ऑपरेशन हार्ड बॉल का उद्देश्य ऐसे भारतीय संगठित अपराध सिंडिकेटों पर कार्रवाई करना था जो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार रंगदारी, टारगेटेड किलिंग, गोलीबारी, बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं। </p>
<p><strong>ट्रूडो के जाने के बाद पटरी पर लौट रहे भारत-कनाडा संबंध?</strong><br>
लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ आरोपपत्र इस पूरे मामले को संगठित अपराध के दायरे में रखता है, जबकि RCMP का ताजा बयान भारतीय सरकार की संलिप्तता वाले पुराने राजनीतिक दावे को कमजोर करता है। </p>
<p>यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब ओटावा और नई दिल्ली ट्रूडो काल के कूटनीतिक गतिरोध से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं. मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क फिर से शुरू हुए हैं और संबंधों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला है। </p>
<p>मई 2026 के पहले सप्ताह में कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (CSIS) की 2025 की रिपोर्ट में खालिस्तानी उग्रवादियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया था. रिपोर्ट में कहा गया कि एक छोटा लेकिन सक्रिय नेटवर्क कनाडा की जमीन का इस्तेमाल हिंसक गतिविधियों के लिए धन जुटाने और समर्थन देने के आधार के रूप में कर रहा है. इसमें फंडिंग, प्रभाव नेटवर्क और भारत से जुड़े उग्रवादी संगठनों के साथ संबंधों पर चिंता जताई गई थी। </p>
<p><strong>कनाडा के रुख में बड़ा बदलाव</strong><br>
कनाडा के शीर्ष पुलिस अधिकारी की यह टिप्पणी देश के रुख में एक बड़ा बदलाव दिखाती है, जो कनाडा के पूर्व प्रधनमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में लगाए गए आरोपों के उलट है। साल 2023 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा था कि उनके पास खालिस्तानी चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों के संबंधों के विश्वसनीय सबूत हैं।</p>
<p><strong>ट्रूडो के दौर में बिगड़े रिश्ते</strong><br>
भारत में आतंकवादियों की लिस्ट में शामिल कनाडाई नागरिक निज्जर की जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भारत ने हत्या में शामिल होने के ट्रूडो के आरोपों को खारिज कर दिया और इसे मनगढ़ंत और बेबुनियाद कहा था। भारत ने कनाडा से इस बारे में सबूत की भी मांग की थी, जिसे कभी उपलब्ध नहीं कराया गया। ट्रूडो के कार्यकाल में इस मामले ने कूटनीतिक विवाद का रूप लिया और दोनों देशों ने अपने उच्चायुक्तों को वापस बुला लिया। </p>
<p><strong>मार्क कार्नी ने की नई शुरुआत</strong><br>
हालांकि, ट्रूडो के उत्तराधिकारी मार्क कार्नी के नेतृत्व में दोनों देशों के रिश्तों ने गति पकड़ी, जब ओटावा ने इसे सुधारने की पहल की। उच्चायुक्तों को उनके पदों पर बहाल किया गया। वीजा सेवाएं शुरू की गईं। इसी साल फरवरी के आखिर में कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भारत का दौरा किया। इस दौरान दोनों देशों ने एक नई रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>रोपने के लिए प्रदेश की 2600 से अधिक नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार</title>
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<description><![CDATA[ पौधरोपण महायज्ञ- 2026  रोपने के लिए प्रदेश की 2600 से अधिक नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार वन विभाग की 1939, उद्यान विभाग की 146, रेशम विभाग की 55, 499 निजी पौधशालाओं से सभी विभागों, जनपदों व मंडलों में वितरित किए जा रहे पौधे  वन विभाग की नर्सरियों में 52.46 करोड़, उद्यान विभाग में 1.55 … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 20:02:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>रोपने, के, लिए, प्रदेश, की, 2600, से, अधिक, नर्सरियों, में, 57.62, करोड़, पौधे, तैयार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पौधरोपण महायज्ञ- 2026 </strong></p>
<p><strong>रोपने के लिए प्रदेश की 2600 से अधिक नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार</strong></p>
<p><strong>वन विभाग की 1939, उद्यान विभाग की 146, रेशम विभाग की 55, 499 निजी पौधशालाओं से सभी विभागों, जनपदों व मंडलों में वितरित किए जा रहे पौधे </strong></p>
<p><strong>वन विभाग की नर्सरियों में 52.46 करोड़, उद्यान विभाग में 1.55 करोड़, रेशम विभाग में 44 लाख व निजी नर्सरियों में 3.17 करोड़ पौधे हो चुके तैयार </strong></p>
<p><strong>वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग लगाएगा सर्वाधिक 15.50 करोड़ पौधे</strong></p>
<p><strong>ग्राम्य विकास विभाग 10 करोड़, कृषि 3.25 करोड़, उद्यान विभाग 1.50 करोड़, पंचायती राज विभाग 1.22 करोड़ व राजस्व विभाग तरफ से लगेंगे एक करोड़ पौधे</strong></p>
<p><strong>राज्य सरकार के अभियान में शामिल होगा रेलवे व रक्षा मंत्रालय, रेलवे 12 लाख व रक्षा मंत्रालय लगाएगा 7 लाख पौधे  </strong></p>
<p><strong>लखनऊ</strong><br>
पौधरोपण महायज्ञ (12 जुलाई-2026) को 35 करोड़ व अन्य विशिष्ट आयोजनों पर पौधरोपण के लिए वन विभाग ने सारी तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए प्रदेश की 2600 से अधिक नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं। वन विभाग की नर्सरियों में 52.46 करोड़, उद्यान में 1.55 करोड़, रेशम में 44 लाख व निजी नर्सरियों में 3.17 करोड़ पौधे तैयार हो चुके हैं। पौधरोपण के लिए वन विभाग की 1939, उद्यान की 146, रेशम विभाग की 55 पौधशाला, 499 निजी पौधशाला से सभी विभागों, जनपदों, मंडलों को पौधे दिए जा रहे हैं। </p>
<p><strong>राज्य सरकार के साथ केंद्र सरकार के विभाग भी लगाएंगे पौधे </strong><br>
केंद्र व प्रदेश सरकार के विभाग मिलकर इस वर्ष 35 करोड़ पौधरोपण करेंगे। नोडल विभाग (वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन) सर्वाधिक 15 करोड़ से अधिक पौधरोपण करेगा। ग्राम्य विकास विभाग 10 करोड़, कृषि विभाग 3.25 करोड़, उद्यान विभाग 1.50 करोड़, पंचायती राज 1.22 करोड़ व राजस्व विभाग एक करोड़ पौधे रोपित करेगा। वहीं केंद्र सरकार के रेलवे की तरफ से 12 लाख, रक्षा मंत्रालय की तरफ से 7 लाख पौधरोपण किया जाएगा। </p>
<p>
<strong>विभाग     नर्सरी          पौधे</strong></p>
<p><strong>वन       1939   52.46 करोड़    (पुराने- 12.68 करोड़,  नई उगान- 39.78 करोड़)</strong></p>
<p><strong>उद्यान       146             1.55 करोड़ </strong></p>
<p><strong>रेशम विभाग   55              44 लाख </strong></p>
<p><strong>निजी पौधशाला- 499          3.17 करोड़</strong></p>
<p>
<strong>विभाग                   लक्ष्य <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन    15.50 करोड़ <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> ग्राम्य विकास                      10 करोड़ <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> कृषि                  3.25 करोड़ <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> उद्यान                      1.50 करोड़ <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> पंचायती राज            1.22 करोड़ <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> राजस्व              1 करोड़ <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> नगर विकास         45 लाख <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> जलशक्ति            23 लाख <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> उच्च शिक्षा         20 लाख<br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> चिकित्सा, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण    16 लाख <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> पशुपालन                15 लाख <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> रेशम             14 लाख </strong><br>
<strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> लोक निर्माण       14 लाख <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> बेसिक शिक्षा      12 लाख <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> एमएसएमई          12 लाख <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> रेलवे              12 लाख <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> माध्यमिक शिक्षा   11 लाख <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> अवस्थापना व औद्योगिक विकास   10 लाख <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> गृह               10 लाख <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> रक्षा             7 लाख <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> ऊर्जा              6 लाख <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> सहकारिता            6 लाख <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> आवास व शहरी नियोजन    6 लाख <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> प्राविधिक शिक्षा         5 लाख <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> श्रम                     4 लाख <br>
<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/14.0.0/72x72/1f449.png" alt="👉" class="wp-smiley"> परिवहन           3 लाख </strong></p>
<p>
पौधरोपण महायज्ञ-2026 के लिए नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार हो गए हैं। 12 जुलाई को होने वाले उत्सव के लिए मंडल, जनपद व विभागवार निरंतर पौध वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जनसहभागिता और सभी विभागों के संयुक्त प्रयास से यह महायज्ञ अभूतपूर्व होगा। </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मथुरा बना साइबर ठगों का अड्डा, पुलिस की छापेमारी में 40 शातिर गिरफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ मथुरा यूपी का मथुरा जिला मिनी जामताड़ा बन चुका है। मंगलवार को पुलिस ने गोवर्धन, बरसाना, शेरगढ़ और कोसीकलां के करीब डेढ़ दर्जन गांवों में बड़ी छापेमारी की। टीम ने 40 शातिरों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 20 का आपराधिक इतिहास है। इनसे 60 मोबाइल बरामद किए गए हैं। कई के खिलाफ विभिन्न प्रांतों … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 20:02:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मथुरा, बना, साइबर, ठगों, का, अड्डा, पुलिस, की, छापेमारी, में, शातिर, गिरफ्तार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मथुरा</strong><br>
यूपी का मथुरा जिला मिनी जामताड़ा बन चुका है। मंगलवार को पुलिस ने गोवर्धन, बरसाना, शेरगढ़ और कोसीकलां के करीब डेढ़ दर्जन गांवों में बड़ी छापेमारी की। टीम ने 40 शातिरों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 20 का आपराधिक इतिहास है। इनसे 60 मोबाइल बरामद किए गए हैं। कई के खिलाफ विभिन्न प्रांतों में शिकायतें हैं। इनके यूपीआई भी मिले हैं और आठ पासबुक भी बरामद की गई हैं। पुलिस इनके मोबाइलों का डाटा खंगाल रही है।</p>
<p>डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर सुबह पांच बजे एक साथ इन गांवों में पुलिस की छापेमारी से हड़कंप मच गया। शातिर नंगे पांव घरों से भागने लगे। कुछ शातिर छतों से कूद कर जंगल की ओर भाग निकले। इनसे 120 मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप, आधार कार्ड आदि अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरण, एक कार और दो दर्जन दोपहिया वाहन बरामद किए गए। टीमों ने धरपकड़ करते हुए 40 शातिरों को गिरफ्तार कर लिया है।</p>
<p>एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि अधीनस्थों के साथ प्रतिबिंब पोर्टल के जरिए चिह्नित रेड हॉटस्पॉट पर साइबर ठगों की धरपकड़ की रणनीति बनाई थी। मंगलवार सुबह पांच बजे से एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत, एसपी क्राइम श्वेता यादव के नेतृत्व में नौ सीओ, दस-दस पुलिस कर्मियों के साथ 16 थाना प्रभारी व करीब दो कंपनी पीएसी बल के साथ संयुक्त रूप से चारों थाना क्षेत्र के करीब डेढ़ दर्जन गांव में एक साथ छापेमारी की गई। मुख्य व सम्पर्क मार्गों पर भी पुलिस तैनात थी। छापेमारी से ग्रामीण जंगल की ओर भागे लेकिन उन्हें पीछा कर दबोच लिया गया।</p>
<p><strong>100 से ज्यादा हिरासत में</strong><br>
पुलिस व पीएसी बल ने छापेमारी में 100 से अधिक को हिरासत में लेते हुए एक सैकड़ा से अधिक मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप, आधार, इलेक्ट्रोनिक उपकरण बरामद किए। पुलिस उपकरणों का डाटा खंगाल रही है। पुलिस ने शातिरों से पूछताछ के बाद 40 को गिरफ्तार कर लिया। हिरासत में लिए गए अन्य संदिग्धों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।</p>
<p><strong>थाना गोवर्धन क्षेत्र के गांवों में पुलिस की छापेमारी से मचा हड़कंप</strong><br>
थाना गोवर्धन के देवसेरस, मुडसेरस, दौलतपुर, मडौरा थाना शेरगढ़ के गांव जंघावली, विशंभरा, छोंकरवास, थाना बरसाना के गांव हाथिया, नगला इमाम खां, कोसीकलां के नगला उटावड़, नगला चिरौली, शाहपुर में मिले 28 रैड हॉटस्पॉट पुलिस टीमों ने छापेमारी की थी। करीब 130 संदिग्धों को हिरासत में लेकर सत्यापन किया जा रहा है। इनमें दो दर्जन करीब एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत होने वाले शातिर व उनके मोबाइल बरामद किये हैं।</p>
<p><strong>पुलिस द्वारा की गयी कार्रवाई एक नजर</strong><br>
सर्च ऑपरेशन के तहत थाना बरसाना पुलिस ने करीब 22 संदिग्ध, गोवर्धन पुलिस ने 28 संदिग्ध, थाना शेरगढ़ में करीब 32 संदिग्ध और थाना कोसीकलां में 38 संदिग्ध हिरासत में लिये गये। बाद में 40 को गिरफ्तार कर, बाकी को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। कई मोबाइल, इलेक्ट्रानिक डिवाइस के साथ कई दस्तावेज हाथ लगे हैं। थाने लाकर पुलिस ने संदिग्धों का सत्यापन कार्य शुरू किया। पुलिस ने इनके वाइस सैंपल, बैंक के खाते, मोबाइल के आइएमएआइ नंबर का मिलान किया।</p>
<p><strong>दिसंबर और फरवरी में गिरफ्तार किए थे 76 शातिर, 165 हुए थे फरार</strong><br>
एसएसपी श्लोक कुमार के निर्देशन में 11 दिसंबर को थाना गोवर्धन के गांव देवसेरस, मुड़सेरस, मड़़ौरा और नगला अकातिया में एक साथ पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाते हुए साइबर शातिरों पर छापे मारी की गयी थी। इस दौरान 37 शातिरों को गिरफ्तार किया था। करीब 125 से अधिक लोग भागने में सफल हो गए थे। इनमें से एक दर्जन पर एसएसपी श्लोक कुमार ने 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। इसके बाद पुलिस कई इनामियों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। इसके 35 दिन बाद पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से 22 फरवरी सुबह पांच बजे थाना शेरगढ़ के गांव विशम्भरा और जांघवली में छापेमारी की थी। इस दौरान 34 शातिरों को गिरफ्तार किया था। इसमें करीब 45 से अधिक शातिर भाग गये थे। इन पर एसएसपी ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पेयजल सुविधाओं को मिलेगा नया संबल, डीएमएफ से 4.13 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी</title>
<link>https://atworldnews.in/9324</link>
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<description><![CDATA[ स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पेयजल सुविधाओं को मिलेगा नया संबल, डीएमएफ से 4.13 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रयासों से रायगढ़ में आधारभूत सुविधाओं का लगातार हो रहा विस्तार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व तथा वित्त मंत्री ओ.पी. … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:33:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल, विकास, और, पेयजल, सुविधाओं, को, मिलेगा, नया, संबल, डीएमएफ, से, 4.13, करोड़, रुपये, से, अधिक, के, विकास, कार्यों, को, मंजूरी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पेयजल सुविधाओं को मिलेगा नया संबल, डीएमएफ से 4.13 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रयासों से रायगढ़ में आधारभूत सुविधाओं का लगातार हो रहा विस्तार</strong></p>
<p><strong>रायपुर</strong><br>
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व तथा वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के विशेष प्रयासों से रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) द्वारा 4 करोड़ 13 लाख 82 हजार 400 रुपये से अधिक की लागत के विभिन्न विकास कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से जिले के ग्रामीण एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों में जनसुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी।</p>
<p>स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से धरमजयगढ़ क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा के निर्माण एवं उन्नयन कार्य के लिए 2 करोड़ 80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्रवासियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी।</p>
<p>ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पांच पेयजल परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। ग्राम गोरपार एवं नंदगांव में 25 केएल सम्पवेल आधारित पेयजल व्यवस्था के लिए 6 लाख 47 हजार 700 रुपये-रुपये, ग्राम शहपुर में नलकूप खनन, रॉ-वॉटर पंप एवं पाइपलाइन विस्तार के लिए 9 लाख 94 हजार रुपये, ग्राम नवापारा के लिए 5 लाख 32 हजार रुपये तथा ग्राम पुसल्दा के लिए 8 लाख 45 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं से संबंधित गांवों में स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।</p>
<p>युवाओं को बेहतर तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए धर्मजयगढ़ स्थित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) भवन के जीर्णोद्धार हेतु 82 लाख 86 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे संस्थान की अधोसंरचना मजबूत होगी और प्रशिक्षण की गुणवत्ता में वृद्धि होगी।</p>
<p>शिक्षा के क्षेत्र में भी ग्राम पंचायत साम्हारसिंघा में नवीन प्राथमिक शाला भवन निर्माण के लिए 14 लाख 30 हजार रुपये की प्रशासकीय मंजूरी प्रदान की गई है। नए भवन के निर्माण से विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधायुक्त और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।</p>
<p>स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वास्थ्य संबंधी कार्य छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी), पेयजल योजनाएं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, आईटीआई भवन का जीर्णोद्धार छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड तथा प्राथमिक शाला भवन का निर्माण जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के माध्यम से कराया जाएगा।</p>
<p>डीएमएफ से स्वीकृत इन विकास कार्यों के पूरा होने से रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पेयजल सुविधाओं का दायरा और मजबूत होगा। इससे आम नागरिकों को बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध होने के साथ जिले के समग्र एवं संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>​राजस्व सुधारों की नई इबारत लिखता छत्तीसगढ़: ‘ऑटो म्यूटेशन’ और ‘ऑटो डायवर्सन’ से जमीन संबंधी सेवाओं में ऐतिहासिक बदलाव</title>
<link>https://atworldnews.in/9323</link>
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<description><![CDATA[ ​राजस्व सुधारों की नई इबारत लिखता छत्तीसगढ़: ‘ऑटो म्यूटेशन’ और ‘ऑटो डायवर्सन’ से जमीन संबंधी सेवाओं में ऐतिहासिक बदलाव ​99.95 प्रतिशत ऑटो म्यूटेशन सफलता दर ने रचा रिकॉर्ड, ऑटो डायवर्सन में 83.71 प्रतिशत प्रकरणों का हुआ निराकरण ​कोरिया बना नंबर-1, धमतरी ने टॉप-5 में दर्ज कराई दमदार मौजूदगी; जिलों के प्रदर्शन ने दिखाई जवाबदेह प्रशासन … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:33:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>​राजस्व, सुधारों, की, नई, इबारत, लिखता, छत्तीसगढ़:, ‘ऑटो, म्यूटेशन’, और, ‘ऑटो, डायवर्सन’, से, जमीन, संबंधी, सेवाओं, में, ऐतिहासिक, बदलाव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>​राजस्व सुधारों की नई इबारत लिखता छत्तीसगढ़: ‘ऑटो म्यूटेशन’ और ‘ऑटो डायवर्सन’ से जमीन संबंधी सेवाओं में ऐतिहासिक बदलाव</strong></p>
<p><strong>​99.95 प्रतिशत ऑटो म्यूटेशन सफलता दर ने रचा रिकॉर्ड, ऑटो डायवर्सन में 83.71 प्रतिशत प्रकरणों का हुआ निराकरण</strong></p>
<p><strong>​कोरिया बना नंबर-1, धमतरी ने टॉप-5 में दर्ज कराई दमदार मौजूदगी; जिलों के प्रदर्शन ने दिखाई जवाबदेह प्रशासन की तस्वीर</strong></p>
<p><strong>​NGDRS इंटीग्रेशन, मल्टीपल खसरा और रिकवरी मॉड्यूल से राजस्व सेवाओं को मिलेगा नया डिजिटल ढांचा</strong></p>
<p><strong>​आम नागरिक को दफ्तरों के चक्कर से राहत, पारदर्शिता और समयबद्ध निस्तारण के साथ सुशासन का मजबूत मॉडल बन रहा छत्तीसगढ़</strong></p>
<p><strong>​रायपुर</strong><br>
सुशासन के नए डिजिटल युग में राजस्व प्रशासन अब फाइलों और लंबित प्रकरणों के पारंपरिक चक्रव्यूह से बाहर निकल चुका है। राज्य शासन के राजस्व, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग ने तकनीक को माध्यम बनाकर जमीन से जुड़ी सेवाओं का पूरी तरह कायाकल्प कर दिया है। 'ऑटो म्यूटेशन' (स्वतः नामांतरण) और 'ऑटो डायवर्सन' (स्वतः व्यवर्तन) जैसी जन-हितैषी व्यवस्थाओं ने विभाग को तेज, पारदर्शी और मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त बनाया है। इससे आम नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर, लंबे इंतजार और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना से स्थायी मुक्ति मिली है।</p>
<p>     ​पहले रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग से आवेदन और भौतिक सत्यापन की थकाऊ प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति से अब यह स्वतः संपन्न हो रहा है। इसके साथ ही, भूमि उपयोग परिवर्तन (डायवर्सन) के लिए आवेदन, प्रीमियम निर्धारण और शुल्क गणना को भी आधुनिक तकनीक से त्रुटिहीन बनाया गया है। छत्तीसगढ़ का यह डिजिटल गवर्नेंस मॉडल आज देश के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है।</p>
<p><strong>​आंकड़ों की जुबानी: सफलता की एक नई गाथा</strong></p>
<p>       ​राजस्व विभाग द्वारा जारी प्रामाणिक आंकड़े इस ऐतिहासिक परिवर्तन की गवाही देते हैं। राज्य में अब तक कुल 1 लाख 40 हज़ार 607 पंजीकृत विलेखों में से रिकॉर्ड 1 लाख 40 हज़ार 536 मामलों का सफलतापूर्वक ऑटो म्यूटेशन किया जा चुका है। संपूर्ण प्रदेश में केवल 71 प्रकरण प्रक्रियाधीन हैं, जिससे विभाग ने 99.95 प्रतिशत की अभूतपूर्व सफलता दर हासिल की है।</p>
<p>      ​वहीं दूसरी ओर, 'ऑटो डायवर्सन' व्यवस्था के तहत कुल 5 हजार 661 आवेदन दर्ज किए गए, जिनमें से 4 हज़ार 739 मामलों का त्वरित निराकरण किया गया। इस प्रकार 83.71 प्रतिशत प्रकरणों का निस्तारण कर यह साबित कर दिया गया कि जटिल तकनीकी प्रक्रियाओं को भी डिजिटल माध्यम से सुगम और पारदर्शी बनाया जा सकता है। राजस्व सेवाएँ सीधे नागरिक के जीवन, संपत्ति और निवेश से जुड़ी होती हैं; अतः इनमें गति आने से राज्य की आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिली है।</p>
<p><strong>​ऑटो म्यूटेशन ने बदली नामांतरण की तस्वीर</strong></p>
<p>     ​किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद भू-अभिलेखों में नाम दर्ज होना एक अनिवार्य प्रक्रिया है। पुराने दौर में पटवारियों और तहसील कार्यालयों के चक्कर काटना, दस्तावेजों की जांच में महीनों गंवाना और अनिश्चितता का सामना करना आम बात थी, जिसने भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा दिया।</p>
<p>      ​आज छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदल चुकी है। 1 लाख 40 हज़ार 607 पंजीकृत विलेखों में से 1 लाख 40 हज़ार 536 मामलों का स्वतः नामांतरण होना यह दर्शाता है कि अब नागरिक को अपने हक के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ रहा है। इस व्यवस्था से समय और धन की भारी बचत हो रही है और रिकॉर्ड रीयल-टाइम अपडेट होने से जमीनी धोखाधड़ी पर लगाम लगी है।</p>
<p>     ​इस सफलता को बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा एक सख्त तकनीकी लॉक सिस्टम विकसित किया गया है। इसके तहत, यदि किसी संपत्ति का एक भी पुराना ऑटो म्यूटेशन लंबित है, तो संबंधित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में उस संपत्ति की अगली रजिस्ट्री तब तक नहीं हो पाएगी जब तक पिछला म्यूटेशन क्लियर न हो जाए। यह कदम निचले स्तर के प्रशासनिक अमले को जवाबदेह बनाता है।</p>
<p><strong>​ऑटो डायवर्सन से भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया हुई तेज</strong></p>
<p>     ​कृषि भूमि को आवासीय, वाणिज्यिक या औद्योगिक उपयोग में बदलना (डायवर्सन) शहरीकरण, निवेश और रोजगार सृजन की रीढ़ है। पहले आवेदकों को शुल्क, आवश्यक दस्तावेजों और समय सीमा की स्पष्ट जानकारी नहीं होती थी।</p>
<p>      ​फरवरी से जून 2026 के बीच 5 हजार 661 आवेदनों में से 4 हजार 739 का त्वरित निस्तारण यह दिखाता है कि विभाग ने गाइडलाइन दरों के आधार पर प्रीमियम निर्धारण जैसी पेचीदा प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित कर दिया है। वर्तमान में जो 922 लंबित मामले हैं, उनके पीछे अपूर्ण दस्तावेज, चालान राशि में तकनीकी अंतर या नगर तथा ग्राम निवेश (TNCP) के मास्टर प्लान से भिन्न प्रयोजन होना जैसे व्यावहारिक कारण हैं। इन चुनौतियों को सार्वजनिक करना विभाग की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को दर्शाता है।</p>
<p><strong>​जिला-वार प्रदर्शन ने दिखाई नई प्रशासनिक संस्कृति</strong></p>
<p>     ​ऑटो डायवर्सन के क्रियान्वयन में जिलों के बीच एक स्वस्थ और परिणाम-उन्मुख प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है, जो यह प्रमाणित करती है कि सुधार जमीनी स्तर पर लागू हो चुके हैं। कोरिया जिला कुल 59 प्रकरणों में से सभी 59 का शत-प्रतिशत निराकरण कर 100 प्रतिशत सफलता दर के साथ पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर रहा।कोरबा जिला 98.46 प्रतिशत की सफलता दर के साथ अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इसी तरह ​मुंगेली जिला 94.16 प्रतिशत मामलों का निपटारा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।​बालोद जिला 93.72 प्रतिशत निस्तारण दर के साथ शीर्ष जिलों में शामिल रहा।​धमतरी जिला कुल 165 प्रकरणों में से 153 का वैधानिक निराकरण कर 92.73 प्रतिशत सफलता दर के साथ राज्य में पाँचवाँ (शीर्ष-5) स्थान प्राप्त किया। धमतरी का यह प्रदर्शन नियमित समीक्षा और जवाबदेह कार्यशैली का परिणाम है।</p>
<p><strong>​तकनीकी सुधार और नए डिजिटल मॉड्यूल्स</strong></p>
<p>      ​विभाग अपनी वर्तमान उपलब्धियों से आगे बढ़कर एक एकीकृत 'डिजिटल इकोसिस्टम' के निर्माण में जुटा है। ​NGDRS API Integration इसके माध्यम से सरकारी गाइडलाइन दरें सीधे पोर्टल से प्राप्त हो रही हैं, जिससे प्रीमियम का निर्धारण मानवीय हस्तक्षेप के बिना पूरी तरह स्वचालित और पारदर्शी हो गया है।</p>
<p><strong>​'Diverted to Diverted' मॉड्यूल:</strong></p>
<p>      यदि पहले से डायवर्टेड भूमि का आंतरिक उपयोग बदलना हो (जैसे आवासीय से वाणिज्यिक), तो इस मॉड्यूल के तहत निस्तारण के लिए 15 दिवस की समय सीमा तय की गई है।</p>
<p><strong>​'मल्टीपल खसरा' मॉड्यूल </strong></p>
<p>      एक से अधिक खसरों वाली भूमि के लिए अब एक ही आवेदन में अनेक खसरों का चयन, स्वतः शुल्क गणना और ई-चालान की सुविधा मिलेगी। इसके लिए समय सीमा जुलाई 2026 रखा गया है।</p>
<p><strong>​'रिकवरी' मॉड्यूल</strong><br>
 <br>
    पुराने लंबित मामलों के निपटारे के लिए पूर्व भुगतानों की प्रविष्टि, शेष प्रीमियम की गणना, भू-राजस्व/उपकर की मांग और एक उच्च स्तरीय रिकवरी डैशबोर्ड की व्यवस्था की जाएगी।इसके लिए समय सीमा अगस्त 2026 निर्धारित किया गया है।</p>
<p><strong>​सुशासन का नया मॉडल बनता छत्तीसगढ़</strong></p>
<p>     ​यह ऐतिहासिक बदलाव सिर्फ तकनीकी आंकड़ों का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पौने तीन करोड़ नागरिकों के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने का माध्यम है। किसान, गृहस्वामी, व्यापारी और औद्योगिक निवेशक सभी को अब घर बैठे अपने मोबाइल पर पारदर्शी सेवाएँ मिल रही हैं।</p>
<p>     ​दिसंबर 2026 तक के लिए तय किए गए रोडमैप के अनुसार, राज्य के सभी क्षेत्रों की सैटेलाइट/ड्रोन मैपिंग, टीएनसीपी  से एनओसी लिंकिंग और मुख्य भू-अभिलेख पोर्टल का वृहद् अपग्रेडेशन किया जाना है। ये कदम छत्तीसगढ़ को डिजिटल राजस्व प्रशासन के क्षेत्र में एक राष्ट्रीय बेंचमार्क के रूप में स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार कर रहे हैं। तकनीक, संवेदनशीलता और जवाबदेही के इस बेजोड़ संगम से छत्तीसगढ़ ने जन-केंद्रित शासन की एक नई मिसाल पेश की है।</p>
<p><strong>विष्णु प्रसाद वर्मा<br>
  सहायक संचालक</strong></p>]]> </content:encoded>
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<title>छत्तीसगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन, यातायात नियम तोड़ने पर 62 वाहन चालकों के चालान</title>
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<description><![CDATA[ बीजापुर. सड़क सुरक्षा को लेकर बीजापुर पुलिस ने यातायात नियमों के उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। विशेष जांच अभियान के दौरान यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले 62 वाहन चालकों के चालान काटे गए, जिनसे कुल ₹27,200 का समन शुल्क वसूला गया। बता दें कि यह विशेष अभियान पुलिस … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:33:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, पुलिस, का, बड़ा, एक्शन, यातायात, नियम, तोड़ने, पर, वाहन, चालकों, के, चालान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बीजापुर.</strong></p>
<p>सड़क सुरक्षा को लेकर बीजापुर पुलिस ने यातायात नियमों के उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। विशेष जांच अभियान के दौरान यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले 62 वाहन चालकों के चालान काटे गए, जिनसे कुल ₹27,200 का समन शुल्क वसूला गया।</p>
<p>बता दें कि यह विशेष अभियान पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। जिले में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई डीएसपी एवं यातायात नोडल अधिकारी विनीत साहू के नेतृत्व में की गई। अभियान के दौरान यातायात प्रभारी केशव ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक विजय मंडावी सहित यातायात शाखा के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए चालान जारी किए गए। पुलिस ने कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाया।</p>
<p>इस दौरान वाहन चालकों और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा के महत्व और यातायात नियमों की जानकारी दी गई। लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा अन्य यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही सभी को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन करने की शपथ भी दिलाई गई। बीजापुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन कर न केवल अपनी, बल्कि दूसरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह के विशेष जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>तकनीक के प्रभावी उपयोग से नागरिकों को बेहतर, त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं: उप मुख्यमंत्री शुक्ल</title>
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<description><![CDATA[ तकनीक के प्रभावी उपयोग से नागरिकों को बेहतर, त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं: उप मुख्यमंत्री शुक्ल हेल्थ प्रोफेशनल और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन का कार्य समय से पूर्ण कर डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र को करें मजबूत आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रगति की समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:33:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>तकनीक, के, प्रभावी, उपयोग, से, नागरिकों, को, बेहतर, त्वरित, पारदर्शी, एवं, गुणवत्तापूर्ण, स्वास्थ्य, सेवाएं, उपलब्ध, कराई, जाएं:, उप, मुख्यमंत्री, शुक्ल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>तकनीक के प्रभावी उपयोग से नागरिकों को बेहतर, त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं: उप मुख्यमंत्री शुक्ल</strong></p>
<p><strong>हेल्थ प्रोफेशनल और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन का कार्य समय से पूर्ण कर डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र को करें मजबूत<br>
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रगति की समीक्षा की</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अंतर्गत संचालित प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर तक रहने वाले प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाया जाए। उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से नागरिकों को बेहतर, त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा आभा आईडी, हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री के माध्यम से डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत किया जाए। बैठक में सीईओ आयुष्मान अरविंद कुमार शाह सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p>उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य देश में एकीकृत एवं परस्पर जुड़ा हुआ डिजिटल स्वास्थ्य इको सिस्टम विकसित करना है। इसके माध्यम से नागरिकों को विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान आभा आईडी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से प्राप्त एवं साझा कर सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों, चिकित्सकों, नर्सों, आयुष चिकित्सकों, दंत चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का पंजीयन तेजी से कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल सेवाओं के उपयोग को बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता एवं नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से मरीज, चिकित्सक, प्रयोगशाला, फार्मेसी, अस्पताल और बीमा सेवाओं के बीच स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का सुरक्षित एवं निर्बाध आदान-प्रदान संभव होगा। इससे उपचार की निरंतरता, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी।</p>
<p>सीईओ आयुष्मान शाह ने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 5.86 करोड़ एबीएचए आईडी बनाई जा चुकी हैं। साथ ही लगभग 20 हजार स्वास्थ्य संस्थान हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री में पंजीकृत किए गए हैं तथा लगभग 18 हजार स्वास्थ्य पेशेवर हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं।</p>
<p><strong>हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री से स्वास्थ्य पेशेवरों की डिजिटल पहचान</strong></p>
<p>सीईओ आयुष्मान शाह ने बताया कि हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री के अंतर्गत चिकित्सक, नर्स, दंत चिकित्सक, आयुष चिकित्सक तथा अन्य लाइसेंसधारी स्वास्थ्य पेशेवरों का सत्यापित डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक पंजीकृत स्वास्थ्य पेशेवर को विशिष्ट डिजिटल पहचान प्रदान की जाती है। इससे डिजिटल स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित प्रमाणीकरण, टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार तथा विश्वसनीय डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलती है।</p>
<p><strong>हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री से स्वास्थ्य संस्थानों का एकीकरण</strong></p>
<p>हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री के अंतर्गत शासकीय एवं निजी अस्पतालों, क्लीनिकों, प्रयोगशालाओं, फार्मेसियों, इमेजिंग सेंटर और वेलनेस सेंटर का पंजीयन किया जा रहा है। प्रत्येक संस्थान को विशिष्ट हेल्थ फैसिलिटी आईडी प्रदान की जाती है। इससे संस्थानों की जानकारी का मानकीकरण होगा तथा उन्हें एबीएचए, स्कैन एंड शेयर एवं नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज जैसी डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा सकेगा।</p>
<p><strong>स्कैन एंड शेयर से आसान एवं पेपरलेस ओपीडी पंजीयन</strong></p>
<p>समीक्षा में स्कैन एंड शेयर पहल की प्रगति की भी जानकारी दी गई। प्रदेश में वर्तमान में 533 स्वास्थ्य संस्थानों में स्कैन एंड शेयर सुविधा सक्रिय है। इसके माध्यम से अब तक 1 करोड़ 7 लाख 70 हजार 164 से अधिक ओपीडी पंजीयन टोकन जारी किए जा चुके हैं। स्कैन एंड शेयर सुविधा के अंतर्गत मरीज अस्पताल पहुंचकर एबीएचए एप अथवा अन्य एबीडीएम सक्षम एप के माध्यम से अस्पताल का क्यूआर कोड स्कैन करता है। मरीज की सहमति से उसकी मूलभूत जानकारी अस्पताल के डिजिटल सिस्टम में सुरक्षित रूप से साझा होती है और उसे डिजिटल ओपीडी टोकन प्राप्त हो जाता है। इससे मरीजों को लंबी पंजीयन कतारों से राहत मिलती है तथा कागजरहित और त्वरित पंजीयन की सुविधा उपलब्ध होती है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>मुख्यमंत्री ने आषाढ़ में ‘शिक्षा परिवार’ पर की ‘समृद्धि की बारिश’</title>
<link>https://atworldnews.in/9320</link>
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<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री ने आषाढ़ में ‘शिक्षा परिवार’ पर की ‘समृद्धि की बारिश’ सीएम योगी ने किया 12 लाख शिक्षणकर्मियों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ सीएम ने पिछली सरकार पर कसा तंज, कहा- यूपी के एक नेता कहते थे कि नकल हमारा जन्मसिद्ध अधिकार 1.10 करोड़ विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग, … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, ने, आषाढ़, में, ‘शिक्षा, परिवार’, पर, की, ‘समृद्धि, की, बारिश’</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुख्यमंत्री ने आषाढ़ में ‘शिक्षा परिवार’ पर की ‘समृद्धि की बारिश’</strong></p>
<p><strong>सीएम योगी ने किया 12 लाख शिक्षणकर्मियों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ</strong></p>
<p><strong>सीएम ने पिछली सरकार पर कसा तंज, कहा- यूपी के एक नेता कहते थे कि नकल हमारा जन्मसिद्ध अधिकार</strong></p>
<p><strong>1.10 करोड़ विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग, स्टेशनरी के लिए 1200 रुपये प्रति विद्यार्थी के हिसाब से अभिभावकों के खाते में 1320 करोड़ रुपये का अंतरण भी किया सीएम योगी ने </strong></p>
<p><strong>10 लाख शिक्षकों व संविदा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू </strong></p>
<p><strong>सीएम ने अन्य सरकारी विभागों व निजी क्षेत्र से भी अपने कार्मिकों को सामाजिक सुरक्षा गारंटी देने को कहा</strong></p>
<p><strong>सीएम ने पिछली सरकार पर कसा तंज, कहा- यूपी के एक नेता कहते थे कि नकल हमारा जन्मसिद्ध अधिकार</strong></p>
<p><strong>वाराणसी, </strong><br>
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आषाढ़ मास में बाबा विश्वनाथ की धरा से उत्तर प्रदेश के ‘शिक्षा परिवार’ पर ‘समृद्धि की बारिश’ की। उन्होंने शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, उनके आश्रितों, बच्चों, संविदा कर्मियों आदि को बड़ी सौगात दी। सीएम ने इसके साथ ही शिक्षकों से अपील की कि आप अनुशासित वातावरण बनाकर बच्चों को मेहनत व प्यार से पढ़ाकर गढ़िए। देश का भविष्य अच्छा होगा तो हर नागरिक का भविष्य अच्छा हो जाएगा। स्कूल का वातावरण स्वच्छ, सुंदर, अनुशासित और आध्यात्मिक तेज से परिपूर्ण दिखे। आप बच्चों का ध्यान दें, सरकार आपका ध्यान रखेगी। हर बच्चा स्कूल जाए, यह नागरिकों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों का दायित्व है। सीएम ने सरकार के अन्य विभागों व निजी क्षेत्र से भी अपने कार्मिकों को सामाजिक सुरक्षा गारंटी देने को कहा। </p>
<p>सीएम योगी ने बुधवार को 12 लाख शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों व उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाली मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने 1.10 करोड़ विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग, स्टेशनरी के लिए 1200 रुपये प्रति विद्यार्थी के हिसाब से उनके अभिभावकों के खाते में कुल 1320 करोड़ की धनराशि का अंतरण किया। इस अवसर पर 10 लाख शिक्षकों व संविदा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू भी किया गया। यह कार्यक्रम प्रदेश भर में 404 स्थानों पर आयोजित किया गया।</p>
<p><strong>बच्चे अबोध, उन्हें सही राह दिखाना हर शिक्षक का दायित्व  </strong><br>
सीएम योगी ने बच्चों की दो यूनिफॉर्म, बैग, बुक, स्वेटर, जूता-मोजा आदि के लिए अंतरण की गई राशि का जिक्र कर शिक्षकों से कहा कि आपका दायित्व है कि विद्यालय स्वच्छ व अच्छा लगे। विद्यालय के आंतरिक अनुशासन को बनाए रखने के लिए बच्चे निर्धारित यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, सर्दी में स्वेटर आदि पहनकर आएं। कल कुछ जगह छोटे बच्चे यूनिफॉर्म में ही बारिश में नहाते दिखे। बच्चे अबोध हैं, उन्हें सही राह दिखाना शिक्षकों का कर्तव्य और राष्ट्रीय दायित्व भी है। शिक्षक बच्चों को बताएं कि दोनों यूनिफॉर्म 3-3 दिन पहनें। गंदा होने पर इसे धोएं। खेलते समय दूसरे कपड़े पहनें और स्कूल से लौटकर वही जूते-मोजे पहनकर न खेलें। विद्यालयीय व सामान्य कामकाज के बारे में बताएंगे तो यह बच्चों के लिए प्रेरणा होगा, साथ ही स्वच्छ भारत मिशन की सफलता को और ऊंचाई तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। सीएम ने आश्वस्त किया कि नए नामांकन के बाद भी कोई बच्चा इस सुविधा से छूटने नहीं पाएगा। </p>
<p><strong>सरकार दे रही सामाजिक सुरक्षा की गारंटी, कैशलेस सुविधा के लिए 450 करोड़ रुपये का करेगी वार्षिक भुगतान </strong><br>
सीएम ने कहा कि बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू कर हर शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी दी है। यूपी पहला राज्य है, जिसने इसे लागू किया। स्थायी शिक्षक और कार्मिकों, जिनका वेतन 10 हजार रुपये से अधिक है, उन्हें 10 लाख रुपये का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस कवर, जिसमें एक करोड़ रुपये का पर्सनल एक्सीडेंट कवर, एक करोड़ का स्थायी दिव्यांगता कवर, 1.6 करोड़ का एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर और किसी अनहोनी पर बच्चों की शिक्षा व पुत्रियों के विवाह के लिए एड ऑन कवर प्रदान किया जाएगा। संविदाकर्मियों (वेतन 10 हजार से अधिक होने पर) को 30 से 80 लाख तक पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर, स्थायी/आंशिक दिव्यांगता पर 30 से 15 लाख का इंश्योरेंस कवर, एयर एक्सीडेंट पर 30 से 80 लाख तक इंश्योरेंस कवर, अनहोनी की स्थिति में बच्चों की शिक्षा व पुत्रियों के विवाह के लिए एड ऑन कवर प्रदान किया जाएगा। 10 हजार से कम नेट मासिक वेतन वाले कार्मिकों को जीरो बैलेंस अकाउंट के एटीएम कार्ड या पर्सनल एक्सीडेंटल पॉलिसी के आधार पर दो लाख रुपये का कवर प्रदान किया जाएगा। इससे अल्पवेतन भोगियों को भी सुविधाएं प्रदान होंगी। कैशलेस सुविधा के लिए 450 करोड़ रुपये का वार्षिक भुगतान प्रदेश सरकार करेगी। </p>
<p><strong>आप बच्चों पर ध्यान दें, सरकार आपका ध्यान रखेगी</strong><br>
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में पहले भी संभावनाएं थीं। एक समय अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत देश के कई राज्यों में उत्तर प्रदेश से शिक्षक जाते थे। एक बार जब मैंने केंद्रीय मंत्री किरिन रिजिजू से पूछा कि वहां सब लोग बहुत अच्छी हिंदी बोलते हैं तो उन्होंने बताया कि हमारे यहां सभी शिक्षक यूपी से ही आए हैं। मध्य प्रदेश दौरे पर गया तो पता चला कि अलीगढ़, एटा, कासगंज, इटावा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी आदि जनपदों के लोग वहां कार्यरत हैं। जब संवाद किया तो पता चला कि उनके पूर्वज शिक्षक के रूप में यहां आए थे। लेकिन, एक समय ऐसा भी आया, जब <strong>कुछ लोगों ने निजी स्वार्थ के लिए यूपी की शिक्षा को बर्बाद कर दिया था। </strong></p>
<p><strong>शिक्षा की उपेक्षा से यूपी बना था बीमारू</strong><br>
सीएम ने कहा कि शिक्षा समाज की आधारशिला है, इसके बिना कुछ भी हो पाना असंभव है। पीएम मोदी जी ने देशवासियों से कहा है कि विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने की आधारशिला शिक्षा ही बनेगी। इसके लिए उन्होंने भारत की परंपराओं पर आधारित राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की। शिक्षा के बिना कुछ भी नहीं कर सकते। शिक्षा की उपेक्षा से ही यूपी ‘बीमारू’ हो गया था। 9 साल पहले नौकरी के लिए भटकने वालों को यूपी के बाहर हेय दृष्टि से देखा जाता था, लेकिन डबल इंजन सरकार के प्रयास से अब पहचान का संकट नहीं रहा। शिक्षा पर किया गया निवेश कभी व्यर्थ नहीं जाता। शिक्षा का उन्नयन हुआ तो यूपी तेजी से दौड़ता दिख रहा है। </p>
<p><strong>अब यूपी में नकल मुक्त शिक्षा, रोकी गई समय की बर्बादी</strong><br>
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यूपी में नकल विहीन शिक्षा हो रही है, लेकिन पहले बहुत विचित्र स्थिति थी। दो-तीन महीने तक माध्यमिक शिक्षा की परीक्षाएं चलती थीं, फिर दो-तीन महीने में रिजल्ट आता था। इससे आधा साल बर्बाद हो जाता था और कुछ समय त्योहारों आदि में निकल जाता था, पढ़ाई कब होती? लेकिन अब 14 दिन के भीतर परीक्षा होती है और अगले 15 दिन के भीतर परिणाम आ जाता है। एक महीने के अंदर ही सब कुछ हो जाता है। इस परीक्षा में 56 लाख बच्चे शामिल होते हैं।</p>
<p><strong>यूपी था नकल का अड्डा, अन्य राज्यों से आते थे लोग परीक्षा देने </strong><br>
मुख्यमंत्री ने तंज कसा कि पहले हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब आदि दूसरे राज्यों के लोग परीक्षा देने बलिया, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़ आते थे। यह देख लगा कि दाल में कुछ काला है। यूपी व अन्य राज्यों के नौजवानों के  भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे सारे अड्डे हमने बंद कराए। सीएम ने तंज कसा कि यूपी के एक नेता तो कहते थे कि नकल करना हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है। लेकिन, देश के भविष्य और अखंडता के साथ खिलवाड़ का अधिकार किसी को नहीं है। आचार्य चाणक्य, डॉ. राधाकृष्णन, मदन मोहन मालवीय हमारे आदर्श हैं। चाणक्य जैसा गुरु होगा तो देश कभी विपन्न नहीं हो सकता और विदेशी ताकतें आंख उठाकर नहीं देख सकतीं। </p>
<p><strong>9 वर्ष में शिक्षकों ने की मेहनत</strong><br>
सीएम ने शिक्षकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आपने 9 वर्ष में काफी मेहनत और प्रयास किए हैं। ऑपरेशन कायाकल्प, प्रोजेक्ट अलंकार, निपुण भारत आदि योजनाओं के अंतर्गत किए गए प्रयास सराहनीय हैं। स्कूल हमारे लिए मंदिर है। जिन स्कूलों में आपने अध्ययन किया है, वहां यदि सुविधाएं नहीं हो पाई थीं तो अब आपकी भी जिम्मेदारी है कि उन स्कूलों की उन्नति के लिए हरसंभव योगदान दें।</p>
<p><strong>पुराने विद्यालयों के कार्यों की प्रशंसा की </strong><br>
सीएम ने पुराने विद्यालयों का जिक्र कर कहा कि बालक-बालिकाओं के गवर्नमेंट इंटर कॉलेज, शासकीय सहायता प्राप्त निजी क्षेत्र के संचालित विद्यालयों आदि ने कई पीढ़ियां तैयार कीं। किसी समय वहां प्रवेश के लिए सिफारिशें लगानी पड़ती थीं, लेकिन एक समय के बाद उन स्कूल-कॉलेजों की हालत बहुत खराब हो गई। कोई देखभाल नहीं करने वाला रहा। फिर भी शिक्षक, प्रधानाचार्य हिम्मत नहीं हारते थे, बल्कि मनोयोग से जुटे रहते थे। समय के साथ गिरावट आई, शासन ने संसाधन नहीं उपलब्ध कराए तो वे स्कूल-कॉलेज भी जीर्ण-शीर्ण हो गए। प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा परिषद ने लगभग हजार विद्यालयों के लिए पैसा दिलाया, जिससे भव्य भवन, अच्छे फर्नीचर, अच्छी लैब, डिजिटल लाइब्रेरी आदि बनी। जिन संस्थाओं ने पीढ़ियों को गढ़ा, उनके लिए हमारा भी यह दायित्व रहा। </p>
<p>इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, गुलाब देवी, संदीप सिंह, कुंवर ब्रजेश सिंह, महापौर अशोक तिवारी, विधायक नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, अवधेश सिंह, त्रिभुवन राम, सुनील पटेल, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्य़क्ष पूनम मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष रामसकल पटेल आदि मौजूद रहे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>राम मंदिर में बड़े बदलाव! बैंक खाते से दान पेटी तक बदले नियम, जानिए क्या&#45;क्या हुआ नया</title>
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<description><![CDATA[ अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की  चोरी की जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान व्यवस्था और बैंकिंग सिस्टम में बड़े बदलाव किए हैं. अब मंदिर के बैंक खातों का संचालन एक व्यक्ति के बजाय तीन अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं के माध्यम से होगा. इसके साथ ही दान पेटियों से मिले पैसे की गिनती … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:32:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>राम, मंदिर, में, बड़े, बदलाव, बैंक, खाते, से, दान, पेटी, तक, बदले, नियम, जानिए, क्या-क्या, हुआ, नया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>अयोध्या</strong></p>
<p>राम मंदिर में चढ़ावे की  चोरी की जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान व्यवस्था और बैंकिंग सिस्टम में बड़े बदलाव किए हैं. अब मंदिर के बैंक खातों का संचालन एक व्यक्ति के बजाय तीन अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं के माध्यम से होगा. इसके साथ ही दान पेटियों से मिले पैसे की गिनती तक की पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है और पुलिस की तैनाती भी मजबूत की गई है। </p>
<p>राम मंदिर ट्रस्ट ने बैंक खातों के संचालन की व्यवस्था में बदलाव किया है. अब कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन के साथ उनके दो सहयोगियों जगदीश और चंदन राय को भी अधिकृत किया गया है. नई व्यवस्था के तहत मंदिर के बैंक खातों से जुड़े किसी भी वित्तीय लेनदेन के लिए इन तीनों के संयुक्त हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे. यानी अब किसी एक व्यक्ति के हस्ताक्षर से बैंकिंग संबंधी प्रक्रिया पूरी नहीं होगी. अब तक बैंकिंग व्यवस्था की जिम्मेदारी ट्रस्टी अनिल मिश्रा के पास थी और बैंक में उनके हस्ताक्षर ही मान्य थे. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी के केवल डिजिटल हस्ताक्षरों का उपयोग किया जाता था. नई व्यवस्था को वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। </p>
<p><strong>दान गणना स्थल पर बढ़ाई गई सुरक्षा</strong></p>
<p>दान व्यवस्था में सुरक्षा को लेकर भी कई बदलाव किए गए हैं. अब दान गणना स्थल पर कुल 43 लोग मौजूद रहेंगे, ताकि पूरी प्रक्रिया कई स्तरों पर निगरानी में हो. इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए 13 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. जिन स्थानों पर पहले कैमरे नहीं थे, वहां भी नए कैमरे स्थापित कर दिए गए हैं. ट्रस्ट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दान पेटी से लेकर नकदी की गिनती तक हर गतिविधि कैमरों की निगरानी में रहे। </p>
<p><strong>दान पेटी से गणना स्थल तक कड़ी निगरानी</strong><br>
नई व्यवस्था के तहत दान पेटियों से नकदी को गणना स्थल तक पहुंचाने के लिए 27 एसआईएस (SIS) सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. इसके अलावा पुलिस बल की अलग से तैनाती भी की जाएगी. दान पेटी और गणना स्थल के बीच आने वाले विभिन्न पिलरों पर पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे. विशेष रूप से पिलर नंबर 34 के पास तीन अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. ट्रस्ट के अनुसार, इस स्थान पर गुप्त दान पेटी रखी गई है, इसलिए यहां अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। </p>
<p><strong>चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर बड़ा खुलासा</strong><br>
आजतक को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों के पीछे ट्रस्ट के नियमों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कारण भी सामने आया है. सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के नियमों में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि कोई पदाधिकारी या ट्रस्टी किसी गड़बड़ी या अनियमितता का दोषी पाया जाता है, तो उसे पद से हटाया जा सकता है. यही कारण था कि कार्रवाई की संभावना को देखते हुए दोनों ने पहले ही अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। </p>
<p><strong>दो-तिहाई बहुमत से हटाया जा सकता है पदाधिकारी</strong><br>
ट्रस्ट के नियमों के अनुसार, किसी पदाधिकारी या ट्रस्टी को पद से हटाने के लिए ट्रस्ट की बैठक में दो-तिहाई बहुमत आवश्यक होता है. आजतक के पास ट्रस्ट के नियमों की वह प्रति मौजूद है, जिसमें पदाधिकारियों को हटाने से संबंधित प्रावधान दर्ज हैं. हालांकि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी पहले ही सार्वजनिक रूप से यह कह चुके हैं कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दिया था। </p>
<p><strong>पूछताछ में फर्जी रसीद का खुलासा</strong><br>
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में एक और अहम खुलासा हुआ है. सूत्रों के अनुसार, आरोपी केवल दान पेटियों से नकदी चोरी नहीं करते थे, बल्कि श्रद्धालुओं से सीधे पैसे लेकर उन्हें फर्जी रसीद भी देते थे. जांच एजेंसियों को आरोपियों के पास से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नाम से छपी पुरानी फर्जी रसीद बुक भी मिली है। </p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती दौर में टिन्नू यादव, लव कुश, करुणेश, अनुकल्प समेत अन्य गिरफ्तार आरोपी श्रद्धालुओं से दान लेने के बाद उन्हें यही फर्जी रसीद देते थे. इन रसीदों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का लोगो भी छपवाया गया था. देखने में यह रसीद बिल्कुल आधिकारिक रसीद जैसी लगती थी, इसलिए अधिकांश श्रद्धालुओं को धोखाधड़ी का पता नहीं चलता था. इसी वजह से लोगों को यह विश्वास रहता था कि उनका दान सीधे ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज हो रहा है. सूत्रों के अनुसार, मंदिर में ऑनलाइन रसीद व्यवस्था लागू होने के बाद आरोपियों ने कागजी फर्जी रसीदों का इस्तेमाल बंद कर दिया. नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालु सीधे मंदिर के अधिकृत बैंक खाते में दान भेजने लगे या फिर मंदिर परिसर के अधिकृत दान काउंटर से आधिकारिक स्लिप प्राप्त करने लगे. इससे फर्जी रसीदों के जरिए पैसे लेने की गुंजाइश काफी कम हो गई। </p>
<p><strong>जांच अभी जारी</strong><br>
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच अभी जारी है. जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही हैं और दान व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. दूसरी ओर ट्रस्ट ने बैंकिंग व्यवस्था, सुरक्षा और निगरानी प्रणाली में किए गए बदलावों के जरिए भविष्य में ऐसी किसी भी अनियमितता की संभावना को रोकने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं. अब निगाहें जांच की अगली कार्रवाई और अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद दान संग्रह और बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता किस तरह सुनिश्चित की जाती है. वहीं फर्जी रसीदों से जुड़े खुलासे ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है, क्योंकि अब यह केवल दान पेटी से कथित चोरी तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि श्रद्धालुओं से सीधे धन लेने के आरोप भी जांच के केंद्र में आ गए हैं। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भोपाल में रिश्तों की मिसाल! बेटे के निधन के बाद सास&#45;ससुर ने विधवा बहू का कराया पुनर्विवाह, पिता बनकर किया कन्यादान</title>
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<description><![CDATA[  भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से रिश्तों को नई परिभाषा देने वाली एक भावुक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। बेटे के असमय निधन के बाद एक परिवार ने अपनी विधवा बहू को बेटी का दर्जा देते हुए उसका पुनर्विवाह कराया। इतना ही नहीं, ससुर ने स्वयं पिता की भूमिका निभाते हुए कन्यादान किया … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:03:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भोपाल, में, रिश्तों, की, मिसाल, बेटे, के, निधन, के, बाद, सास-ससुर, ने, विधवा, बहू, का, कराया, पुनर्विवाह, पिता, बनकर, किया, कन्यादान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> भोपाल</strong><br>
 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से रिश्तों को नई परिभाषा देने वाली एक भावुक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। बेटे के असमय निधन के बाद एक परिवार ने अपनी विधवा बहू को बेटी का दर्जा देते हुए उसका पुनर्विवाह कराया। इतना ही नहीं, ससुर ने स्वयं पिता की भूमिका निभाते हुए कन्यादान किया और पूरे सम्मान के साथ उसे नए जीवन की ओर विदा किया। इस भावुक पल ने विवाह समारोह में मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं।</p>
<p><strong>बहू का भविष्य संवारने का लिया संकल्प</strong><br>
यह मार्मिक घटना  रात संत हिरदाराम नगर के समीप ग्राम भौंरी स्थित एक विवाह समारोह में देखने को मिली। सभी वैवाहिक रस्में पारंपरिक रीति-रिवाजों से संपन्न हुईं। सबसे भावुक क्षण तब आया, जब किसान दिनेश बैरागी ने अपनी बहू प्रियंका का कन्यादान कर उसे बेटी की तरह आशीर्वाद देते हुए नए जीवन की शुभकामनाएं दीं।</p>
<p>परिवार के अनुसार, वर्ष 2018 में दिनेश बैरागी के पुत्र कपिल का विवाह कुलूखेड़ी गांव निवासी प्रियंका से हुआ था। उस समय प्रियंका की पढ़ाई चल रही थी, इसलिए उसकी विदाई नहीं हुई। वर्ष 2023 में वह ससुराल आई और अपने व्यवहार से पूरे परिवार का दिल जीत लिया।</p>
<p><strong>कैंसर से बेटे की मौत के बाद लिया बड़ा फैसला</strong><br>
इसी बीच कपिल को कैंसर होने का पता चला। लंबे समय तक इलाज चला, लेकिन वर्ष 2024 में उनका निधन हो गया। बेटे को खोने के गहरे दुख के बावजूद परिवार ने प्रियंका का भविष्य संवारने का निर्णय लिया। सोमवार को प्रियंका का विवाह विदिशा जिले के ग्राम अरारी खेजड़ा निवासी गोबिंद बैरागी के साथ संपन्न कराया गया। विवाह की सभी तैयारियों से लेकर हर रस्म तक का दायित्व दिनेश बैरागी और <strong>उनके परिवार ने निभाया।</strong></p>
<p><strong>'बहू नहीं, बेटी का कन्यादान किया'</strong><br>
विवाह के बाद दिनेश बैरागी ने कहा कि उन्होंने हमेशा प्रियंका को बहू नहीं, बेटी माना और उसका कन्यादान करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उनका मानना है कि जीवन कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ना चाहिए और परिवार का दायित्व है कि वह अपने सदस्यों का साथ निभाए।</p>
<p>वहीं, प्रियंका के पिता रामबाबू बैरागी भी इस अवसर पर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि बेटी के ससुराल वाले ही उसके पुनर्विवाह की पूरी जिम्मेदारी उठाकर समाज के सामने इतनी बड़ी मिसाल पेश करेंगे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>योगी का बड़ा बयान: नकल संस्कृति पर वार, बोले&#45; देश के भविष्य से खिलवाड़ मंजूर नहीं</title>
<link>https://atworldnews.in/9317</link>
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<description><![CDATA[ वाराणसी उत्तर प्रदेश के वाराणसी में &#039;मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना&#039; की शुरुआत के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता का संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की भूमिका और नकल संस्कृति पर तीखा संदेश दिया. सीएम योगी ने कहा, &quot;देश के भविष्य और अखंडता के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:02:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>योगी, का, बड़ा, बयान:, नकल, संस्कृति, पर, वार, बोले-, देश, के, भविष्य, से, खिलवाड़, मंजूर, नहीं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वाराणसी</strong><br>
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' की शुरुआत के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता का संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की भूमिका और नकल संस्कृति पर तीखा संदेश दिया. सीएम योगी ने कहा, "देश के भविष्य और अखंडता के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता और आचार्य चाणक्य जैसे आदर्शों से प्रेरणा लेकर ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है."</p>
<p>योगी आदित्यनाथ ने कहा, "एक वक्त ऐसा आया कि उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लोगों ने अपने निहित स्वार्थ के लिए बर्बाद कर दिया. एक नेता ने कहा था कि नकल करना हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है."</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि देश की अखंडता और भविष्य से खिलवाड़ करने का किसी शख्स को कोई अधिकार नहीं होना चाहिए.</p>
<p><strong>'पिछले 9 साल में मेहनत, प्रयास…'</strong><br>
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "हमे देश के भविष्य के साथ और अखंडता के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार किसी भी शख्स को नही होना चाहिए. आपका आदर्श आचार्य चाणक्य हो सकते हैं, मदन मोहन मालवीय हो सकते हैं, डॉ. राधाकृष्णन हो सकते हैं. आपको आदर्श ढूंढने की जरूरत नहीं है."</p>
<p>सीएम योगी ने आगे कहा कि आचार्य चाणक्य जैसा गुरु होगा, तो देश कभी कमजोर नहीं हो सकता, विदेशी ताकतें आपकी तरफ आंखें उठा कर नहीं देख सकतीं. उस प्रकार के माहौल को बनाने के लिए पिछले 9 साल में मेहनत की है, प्रयास किया है.</p>
<p>सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनता को संबोधित करते हुए आगे कहा, "शिक्षा की उपेक्षा हुई तो, आपने उत्तर प्रदेश को देखा होगा कि बीमारू राज्य हो गया. आप जितने शिक्षक यहां हैं, आज से 9 साल पहले जब आप नौकरी के लिए भटक रहे होंगे तो लोग आपको हेय दृष्टि से देखते रहे होंगे. आज आपको पहचान के संकट से गुजरने की जरूरत नहीं है. आज शिक्षा पर किया कोई भी निवेश कभी व्यर्थ नहीं जाता. शिक्षा का उन्नयन हुआ, उत्तर प्रदेश अब तेजी से दौड़ता दिखाई पड़ रहा है."</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>यूपी के 12 लाख शिक्षकों&#45;कर्मचारियों को बड़ी सौगात, अब मिलेगा कैशलेस इलाज और बीमा कवर</title>
<link>https://atworldnews.in/9316</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी से प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी। 12 लाख से ज्यादा शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज का शुभारंभ किया। इसके साथ ही एक करोड़ रुपए तक के बीमा के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के साथ एमओयू पर भी हस्ताक्षर … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:02:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यूपी, के, लाख, शिक्षकों-कर्मचारियों, को, बड़ी, सौगात, अब, मिलेगा, कैशलेस, इलाज, और, बीमा, कवर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी से प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी। 12 लाख से ज्यादा शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज का शुभारंभ किया। इसके साथ ही एक करोड़ रुपए तक के बीमा के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के साथ एमओयू पर भी हस्ताक्षर किया गया। इस मौके पर स्कूली बच्चों के यूनिफार्म के लिए 1.1 करोड़ अभिभावकों के खाते में 1200 रुपए डीबीटी के माध्यम से भी भेजा। मुख्यमंत्री इस मौके पर कहा कि कैशलेस इलाज के लिए साढ़े चार सौ करोड़ रुपए सालाना खर्च होंगे। इसका भुगतान प्रदेश सरकार करेगी। किसी शिक्षक-कर्मचारी से इसके लिए कुछ नहीं लिया जाएगा। गुरु दक्षिणा के रूप में यही मांगते हैं कि बच्चों पर ध्यान दें। स्कूल स्वच्छ और सुंदर हो। वहां देश का भविष्य गढ़ने वाला वातावरण हो।</p>
<p>सीएम योगी ने कहा कि घटना-दुर्घटना किसी के साथ भी हो सकती है। ऐसे में शिक्षकों के परिवार को हर तरह की सुविधा मिलनी चाहिए। इसी के तहत एसबीआई के साथ शिक्षकों के बीमा के लिए समझौता किया गया है। एमओयू के दायरे में विभाग के लगभग 4.50 लाख स्थायी और 5.50 लाख संविदा कार्मिक शामिल होंगे। इनमें शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, समग्र शिक्षा के कार्मिक, मध्याह्न भोजन योजना से जुड़े कर्मचारी, रसोइयां और विभाग के अन्य संबद्ध कर्मचारी शामिल हैं।</p>
<p><strong>बीमा के लिए स्टेट बैंक के साथ एमओयू</strong><br>
सीएम योगी ने कहा कि सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा विभाग ने स्टेट बैंक के साथ एक समझौता (एमओयू) किया है। इसके तहत शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को सामाजिक सुरक्षा दी जाएगी। अगर किसी शिक्षक या कर्मचारी के साथ कोई हादसा हो जाता है, तो उन्हें 10 लाख रुपए का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस, 1 करोड़ रुपए का पर्सनल एक्सीडेंट कवर और 1 करोड़ रुपए का स्थायी दिव्यांगता कवर मिलेगा। इसके अलावा 1.60 करोड़ रुपए तक का अतिरिक्त दुर्घटना बीमा कवर भी दिया जाएगा।</p>
<p><strong>पहली बार सामाजिक सुरक्षा योजना</strong><br>
अगर किसी शिक्षक या कर्मचारी के साथ अनहोनी होती है, तो उनके बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी के लिए भी आर्थिक सहायता मिलेगी। सीएम ने कहा कि यह सामाजिक सुरक्षा की नई योजना है, जिसकी घोषणा पहली बार की जा रही है।</p>
<p>शिक्षकों ने कभी ऐसी सुविधा की मांग नहीं की थी, लेकिन सरकार ने उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि हादसा किसी के साथ भी हो सकता है। इसलिए यह नई सुरक्षा सुविधा दी जा रही है। यूपी पहला राज्य है, जो इसको लागू कर रहा है।</p>
<p><strong>तीन प्रकार की योजनाएं</strong><br>
सीएम योगी ने कहा कि जो योजनाएं शुरू हो रही है, उससे शिक्षा परिवार से जुड़ा हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में शासन की इन योजनाओं से जुड़ रहा है। तीन प्रकार की योजनाएं हैं। एक आपने मांगी नहीं थी, लेकिन आपके स्वास्थ्य की चिंता हम सबको है। इसीलिए कैशलेस चिकित्सा की सुविधा शुरू की गई। इससे 12 लाख शिक्षक लाभान्वित हो रहे हैं। इसमें शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइये भी शामिल हैं।</p>
<p>दूसरा- बेसिक शिक्षा परिषद के 1.10 करोड़ स्कूली बच्चों के खातों में 1,200 रुपए ट्रांसफर किए गए। यह पैसा दो यूनिफॉर्म, बैग, जूते-मोजे के लिए है। पहले इस पर हमारा 800 रुपए खर्च होता था। इसे बढ़ाकर 1,200 रुपए प्रति छात्र कर दिया गया है। हमारा दायित्व बनता है कि हमारा विद्यालय अच्छा लगे। इसके अलावा बीमा मिलने जा रहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक्स को फटकार, कहा&#45; भारतीय कानून से बच नहीं सकते सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म</title>
<link>https://atworldnews.in/9315</link>
<guid>https://atworldnews.in/9315</guid>
<description><![CDATA[ लखनऊ  इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) के सहयोग न करने के रवैये पर नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि बहुराष्ट्रीय डिजिटल मंच भारतीय कानून और जांच एजेंसियों के प्रति जवाबदेही से बच नहीं सकते। स्पष्ट किया कि भारतीय कानून का दायरा इतना व्यापक है कि … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:02:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>इलाहाबाद, हाईकोर्ट, की, एक्स, को, फटकार, कहा-, भारतीय, कानून, से, बच, नहीं, सकते, सोशल, मीडिया, प्लेटफॉर्म</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
 इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) के सहयोग न करने के रवैये पर नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि बहुराष्ट्रीय डिजिटल मंच भारतीय कानून और जांच एजेंसियों के प्रति जवाबदेही से बच नहीं सकते। स्पष्ट किया कि भारतीय कानून का दायरा इतना व्यापक है कि वह किसी भी उल्लंघन तक पहुंच सकता है और दोषियों को न्याय के कटघरे में ला सकता है।</p>
<p>यह टिप्पणी न्यायमूर्ति अजय भनोट एवं न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने साइबर अपराध के एक मामले में सुनवाई के दौरान की। कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया मंच X के अधिकारियों का पुलिस जांच में सहयोग न करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सोशल मीडिया मंच भारतीय कानूनों और कानून के तहत कार्य कर रही जांच एजेंसियों के प्रति जवाबदेही से मुक्त नहीं हैं। भारतीय कानून के हाथ इतने लंबे हैं कि वे किसी भी उल्लंघन तक पहुंच सकते हैं और इतने मजबूत हैं कि दोषियों को न्याय के कठघरे तक ला सकें। मामले में जांच अधिकारी ने कोर्ट में दाखिल हलफनामे में बताया कि एक्स ने उस खाते का यूआरएल पहचान विवरण और आईपी पता उपलब्ध नहीं कराया, जिससे याची मिथिलेश कुमार के अश्लील वीडियो और तस्वीरें साझा की गई थीं।</p>
<p>जांच अधिकारी ने कहा कि इस असहयोग के कारण वह मामले में आगे बढ़ने में असमर्थ हैं और जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि पहली नजर में यह हलफनामा पुलिस व्यवस्था की विफलता स्वीकार करने जैसा प्रतीत होता है। एक ओर एक्स के जिम्मेदार अधिकारियों ने जांच में बाधा उत्पन्न की, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने भी अपने वैधानिक दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। याची मिथिलेश कुमार ने याचिका दाखिल कर गाजियाबाद पुलिस आयुक्त को निर्देश देने की मांग की कि उनकी एफआईआर की निष्पक्ष, प्रभावी और शीघ्र जांच पूरी कराई जाए।</p>
<p><strong>प्रिवेंटिव डिटेंशन का इस्तेमाल जमानत रद्द करने के लिए नहीं किया जा सकता</strong><br>
हाईकोर्ट ने एक अन्य आदेश में कहा है कि जेल में बंद व्यक्ति के खिलाफ नजरबंदी आदेश तभी वैध माना जा सकता है, जब हिरासत लेने वाले अधिकारी के पास ठोस सामग्री हो कि रिहा होने पर व्यक्ति फिर वैसी ही गतिविधियों में लिप्त होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निवारक नजरबंदी को जमानत आदेशों को निष्प्रभावी करने के हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ एवं न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने आगरा निवासी विजय गोयल की निवारक नजरबंदी को रद्द करते हुए दिया है।</p>
<p>कोर्ट ने याची को तत्काल रिहा करने का आदेश देते हुए कहा कि याची के मामले में न तो डीएम, न केंद्र सरकार और न ही सलाहकार बोर्ड ने कोई तर्कसंगत आदेश किया। सभी आदेशों में न्यायिक विवेक के प्रयोग का अभाव पाया गया। विजय गोयल के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट से जुड़े चार मामलों के आधार पर प्रदेश सरकार के गृह सचिव ने निवारक नजरबंदी का आदेश जारी किया था जबकि चारों मामलों में विजय को हाईकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी थी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>नेपाली झोल मैगी: बारिश के मौसम में लें पहाड़ों जैसा तीखा और चटपटा स्वाद, जानें आसान रेसिपी</title>
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<description><![CDATA[  मैगी तो आपने हजारों बार खाई होगी, लेकिन क्या कभी नेपाली झोल मैगी का स्वाद चखा है? अगर आप साधारण सूखी या हल्की सूप वाली मैगी खाकर बोर हो चुके हैं, तो नेपाल के पहाड़ों और कैफे में मिलने वाली यह स्पेशल झोल मैगी आपके लिए बेस्ट चॉइस है. यह सिर्फ मैगी नहीं है, बल्कि … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 18:32:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>नेपाली, झोल, मैगी:, बारिश, के, मौसम, में, लें, पहाड़ों, जैसा, तीखा, और, चटपटा, स्वाद, जानें, आसान, रेसिपी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> मैगी तो आपने हजारों बार खाई होगी, लेकिन क्या कभी नेपाली झोल मैगी का स्वाद चखा है? अगर आप साधारण सूखी या हल्की सूप वाली मैगी खाकर बोर हो चुके हैं, तो नेपाल के पहाड़ों और कैफे में मिलने वाली यह स्पेशल झोल मैगी आपके लिए बेस्ट चॉइस है.</p>
<p>यह सिर्फ मैगी नहीं है, बल्कि देसी मसालों, तिल और मूंगफली के अनोखे ब्लेंड से तैयार होने वाला एक ऐसा सूप यानी झोल है, जो आपको थुक्पा और रामेन दोनों का मिक्स फ्लेवर देता है.रिमझिम बारिश का मौसम हो या शाम की हल्की कड़कड़ाहट, यह तीखी और चटपटी मैगी आपके मूड को एकदम रिफ्रेश कर देगी.</p>
<p>इस रेसिपी की खासियत इसका गाढ़ा और खुशबूदार झोल है, जिसे बनाने के लिए आपको कुछ खास चीज़ों की जरूरत होती है. आइए जानते हैं कि आप घर पर ही एकदम ऑथेंटिक पहाड़ों वाला स्वाद कैसे ला सकते हैं.</p>
<p>नेपाली झोल मैगी के लिए सामग्री<br>
    मैगी नूडल्स – 2 पैकेट (टेस्टमेकर सहित)<br>
    टमाटर – 2 बड़े (बारीक कटे हुए या प्यूरी)<br>
    प्याज़ – 1 (बारीक कटा हुआ)<br>
    हरी मिर्च – 2–3 (लंबाई में चीरी हुई या बारीक कटी हुई)<br>
    अदरक-लहसुन का पेस्ट – 1 छोटा चम्मच<br>
    हल्दी पाउडर – ¼ छोटा चम्मच<br>
    तीखी लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटा चम्मच</p>
<p><strong>झोल को स्पेशल बनाने वाला सीक्रेट पेस्ट</strong><br>
    सफेद तिल – 2 बड़े चम्मच (हल्के भुने हुए)<br>
    मूंगफली – 1 बड़ा चम्मच (भुनी हुई और छिलका उतारी हुई)<br>
    टिमुर (नेपाली सिचुआन पेपरकॉर्न) – ½ छोटा चम्मच (इसी से असली नेपाली पहाड़ी स्वाद आता है. टिमुर न हो तो काली मिर्च का इस्तेमाल कर सकते हैं.)<br>
    भुना जीरा पाउडर – 1 छोटा चम्मच</p>
<p><strong>बनाने का आसान तरीका</strong></p>
<ul>
<li>सबसे पहले एक पैन में सफेद तिल और मूंगफली को ड्राई रोस्ट यानी सूखा भून लें. अब मिक्सी के जार में भुने हुए तिल, मूंगफली, टिमुर (या काली मिर्च) और भुना जीरा पाउडर डालें. थोड़ा सा पानी मिलाकर इसका एक स्मूथ और गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें.</li>
<li>उसके बाद एक कड़ाही में 2 चम्मच तेल गरम करें. इसमें बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च डालकर तब तक भूनें जब तक प्याज हल्के गुलाबी न हो जाएं. इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट डालें और 1 मिनट के लिए चलाएं.</li>
<li>अब कड़ाही में टमाटर की प्यूरी, हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डालें. इसे तब तक मिडियम आंच पर पकाएं जब तक टमाटर का कच्चापन दूर न हो जाए और मसाले से तेल अलग होने लगे.</li>
<li>जब टमाटर अच्छे से पक जाएं, तो इसमें तैयार किया हुआ तिल-मूंगफली का पेस्ट डालें. इसे स्लो आंच पर सिर्फ एक से दो मिनट के लिए भूनें. इसके तुरंत बाद मैगी के साथ मिलने वाला टेस्टमेकर (मैगी मसाला) भी इसमें डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें.</li>
<li>यह झोल मैगी है, इसलिए इसमें पानी की मात्रा आम मैगी से ज्यादा रहेगी. कड़ाही में 3 से 4 कप पानी डालें और तेज आंच पर उबाल आने दें. उबाल आते ही मैगी नूडल्स को तोड़कर इसमें डाल दें.</li>
<li>मैगी नूडल्स डालने के बाद 3-4 मिनट तक पकने दें जब तक नूडल्स सॉफ्ट न हो जाएं. इस बात का ध्यान रहे कि गैस तब बंद करनी है जब इसमें भरपूर गाढ़ा सूप बचा हो.</li>
<li>गैस बंद करने के बाद इसमें ऊपर से 1 चम्मच नींबू का रस और ढेर सारा बारीक कटा हरा धनिया मिलाकर गरमा गरम सर्व करें.</li>
<li>प्रो-टिप: इसे और ज्यादा अट्रैक्टिव और टेस्टी बनाने के लिए एक बड़े बाउल में निकालें और ऊपर से थोड़े बारीक कटे कच्चे प्याज, बारीक कटी हुई हरी मिर्च और हल्का सा मैगी मसाला स्प्रिंकल करें.</li>
</ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ईवी क्रय सब्सिडी योजना से यूपी में इलेक्ट्रिक वाहनों को मिली रफ्तार, आवेदन के मामले में लखनऊ सबसे आगे</title>
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<description><![CDATA[ ईवी क्रय सब्सिडी योजना से यूपी में इलेक्ट्रिक वाहनों को मिली रफ्तार, आवेदन के मामले में लखनऊ सबसे आगे योगी सरकार 5 हजार से लेकर 20 लाख रुपये तक दे रही सब्सिडी, ईवी अपनाने वालों को मिल रहे कई फायदे प्रदेश सरकार से मिल रहे प्रोत्साहन के कारण बड़े शहरों के साथ ही छोटे जिलों … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 18:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ईवी, क्रय, सब्सिडी, योजना, से, यूपी, में, इलेक्ट्रिक, वाहनों, को, मिली, रफ्तार, आवेदन, के, मामले, में, लखनऊ, सबसे, आगे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ईवी क्रय सब्सिडी योजना से यूपी में इलेक्ट्रिक वाहनों को मिली रफ्तार, आवेदन के मामले में लखनऊ सबसे आगे</strong></p>
<p><strong>योगी सरकार 5 हजार से लेकर 20 लाख रुपये तक दे रही सब्सिडी, ईवी अपनाने वालों को मिल रहे कई फायदे</strong></p>
<p><strong>प्रदेश सरकार से मिल रहे प्रोत्साहन के कारण बड़े शहरों के साथ ही छोटे जिलों में भी बढ़ रहा इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रेज<br>
 <br>
वर्ष 2030 तक कच्चे तेल के आयात में एक लाख करोड़ रुपये तक बचत करने की कोशिश</strong></p>
<p><strong>लखनऊ, </strong><br>
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) विनिर्माण एवं मोबिलिटी प्रोत्साहन नीति-2022 का प्रभाव प्रदेशभर में तेजी से दिखाई दे रहा है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक ईवी क्रय सब्सिडी योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों में लोगों की रुचि इलेक्ट्रिक वाहनों में लगातार बढ़ रही है। योजना का लाभ लेने के लिए सबसे अधिक आवेदन राजधानी लखनऊ से मिले हैं। वहीं नोएडा, आगरा, गाजियाबाद और वाराणसी भी शीर्ष स्थानों पर हैं।</p>
<p>परिवहन विभाग के मुताबिक लखनऊ ट्रांसपोर्ट नगर आरटीओ में सबसे ज्यादा 12,520 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके बाद आगरा में 10,752, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में 6,088, गाजियाबाद में 5,556, वाराणसी में 4,059, कानपुर नगर में 3,895, लखनऊ महानगर <strong>एआरटीओ में 3,839, सहारनपुर में 3,768, गोरखपुर में 3,204 और प्रयागराज में 3,110 आवेदन प्राप्त हुए हैं। </strong></p>
<p><strong>छोटे शहरों में भी बढ़ रहा ईवी का चलन</strong><br>
प्रदेश के छोटे जिलों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है। मऊ में ईवी क्रय सब्सिडी योजना के तहत 817 आवेदन, गाजीपुर में 750, कुशीनगर में 547, उन्नाव में 387, संत कबीर नगर में 101, महाराजगंज में 170 और सिद्धार्थनगर में 74 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रदेश के बड़े शहरों के साथ-साथ अन्य जिलों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर लोगों का भरोसा लगातार <strong>बढ़ रहा है।</strong></p>
<p><strong>रोड टैक्स, पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट</strong><br>
प्रदेश सरकार की इस योजना से वाहन मालिकों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिल रहा है। दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 5 हजार रुपये की राज्य सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट भी प्रदान की जा रही है। इतना ही नहीं, स्मार्ट कार्ड आरसी और एचएसआरपी नंबर प्लेट शुल्क में भी राहत मिलने से एक दोपहिया ईवी खरीदने पर कुल करीब 18 हजार रुपये तक की बचत संभव हो रही है।</p>
<p>परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि योजना के तहत गैर सरकारी ई-बसों पर पर 20 लाख रुपये तक, चार पहिया वाहनों पर 1 लाख रुपये तक और दो पहिया वाहन पर 5 हजार रुपये तक छूट दी जा रही है। लोगों को इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ लेना चाहिए। इससे जीरो एमिशन के लक्ष्य को प्राप्त कर पर्यावरण बेहतर बनाया जा सकता है।</p>
<p><strong>पेट्रोल-डीजल की तुलना में ईवी किफायती</strong><br>
परिवहन विभाग के मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने वाले उपभोक्ताओं को केवल खरीद के समय ही नहीं, बल्कि संचालन के दौरान भी लाभ मिलता है। पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में ईवी की प्रति किलोमीटर परिचालन लागत कम होने से रोजाना यात्रा करने वालों को हर वर्ष हजारों रुपये की बचत हो रही है।</p>
<p>सरकार की यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग से पेट्रोल और डीजल की खपत कम हो रही है, जिससे वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में कमी आ रही है। वहीं योगी सरकार का लक्ष्य शून्य उत्सर्जन (जीरो एमिशन) वाले वाहनों को बढ़ावा देकर प्रदेश को स्वच्छ और हरित परिवहन व्यवस्था की ओर अग्रसर करना है।</p>
<p><strong>कच्चे तेल के आयात में आएगी भारी कमी</strong><br>
परिवहन विभाग के मुताबिक यदि वर्ष 2030 तक देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत तक पहुंचती है तो कच्चे तेल के आयात बिल में लगभग एक लाख करोड़ रुपये तक की बचत संभव है। इस लक्ष्य में उत्तर प्रदेश का योगदान भी अहम होगा, जिसके लिए अधिक से अधिक लोगों को ईवी क्रय सब्सिडी योजना का लाभ दिया जा रहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सीएम योगी ने स्वच्छ व हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों/प्रधानाध्यापकों का किया सम्मान</title>
<link>https://atworldnews.in/9312</link>
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<description><![CDATA[ सीएम योगी ने स्वच्छ व हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों/प्रधानाध्यापकों का किया सम्मान  मुख्यमंत्री ने बच्चों द्वारा बनाए गए विभिन्न मॉडलों का किया अवलोकन  सीएम योगी ने बच्चों का बढ़ाया उत्साह, नाम और कक्षा के बारे में ली जानकारी, फिर चॉकलेट भी दी मुख्यमंत्री ने 15 लाभार्थियों को दिया कैशलेस चिकित्सा कार्ड वाराणसी,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 18:32:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सीएम, योगी, ने, स्वच्छ, व, हरित, विद्यालयों, के, प्रधानाचार्योंप्रधानाध्यापकों, का, किया, सम्मान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सीएम योगी ने स्वच्छ व हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों/प्रधानाध्यापकों का किया सम्मान </strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ने बच्चों द्वारा बनाए गए विभिन्न मॉडलों का किया अवलोकन </strong></p>
<p><strong>सीएम योगी ने बच्चों का बढ़ाया उत्साह, नाम और कक्षा के बारे में ली जानकारी, फिर चॉकलेट भी दी</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ने 15 लाभार्थियों को दिया कैशलेस चिकित्सा कार्ड</strong></p>
<p><strong>वाराणसी, </strong><br>
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के 12 प्रधानाचार्यों/प्रधानाध्यापकों का सम्मान किया। स्वच्छ व हरित योजना के तहत स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, शौचालय, हाथ धुलाई, रखरखाव बेहतर विद्यालयीय वातावरण विकसित करने के उत्कृष्ट प्रयासों के लिए यह विद्यालय राष्ट्रीय <strong>स्तर पर चयनित किए गए हैं। </strong></p>
<p><strong>सीएम ने बच्चों से किया संवाद, बढ़ाया उत्साह </strong><br>
मंच पर पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने परिषदीय स्कूलों के बच्चों से संवाद किया। उनका नाम जाना और प्रदर्शनी में उनके द्वारा लगाए गए विभिन्न मॉडलों का अवलोकन किया। मॉडल से जुड़ी जानकारी ली और बच्चों की जिज्ञासाओं के बारे में भी जाना। मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों की भी हौसला अफजाई की। सीएम ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें चॉकलेट भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने मंच से भी बच्चों की प्रशंसा की।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में बच्चों के मॉडल की मंच से की सराहना </strong><br>
सीएम योगी ने प्रदर्शनी में बच्चों के उत्साह की सराहना की। कहा कि निपुण भारत अभियान के तहत कक्षा-3 के बच्चे वाक्य बनाने और पढ़ने में निपुण दिख रहे थे। उनकी भाषा, अंकगणित के ज्ञान की सराहना की। सीएम ने कहाकि पीएम मोदी का विजन है कि निपुण भारत अभियान में हर बच्चे को उसके क्षेत्र में योग्य व पारंगत बना सकें क्योंकि सशक्त भवन सुदृढ़ नींव पर ही तैयार हो सकता है।<br>
  </p>
<p><strong>एसबीआई व शिक्षा विभाग ने आदान-प्रदान किया एमओयू <br>
मुख्यमंत्री के समक्ष सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत बेसिक माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा व भारतीय स्टेट बैंक लखनऊ सर्किल के सीजेएम दीपेश राज ने एमओयू का आदान-प्रदान किया। </strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होने वाले प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक <br>
1- संभल-  प्राथमिक विद्यालय इटैला माफी    कपिल कुमार मलिक <br>
2- पीलीभीत-  प्राथमिक विद्यालय चोखापुरी   मनीष कुमार <br>
3- चित्रकूट   पूर्व माध्यमिक विद्यालय गढ़छापा    हरिशंकर त्रिपाठी <br>
4- बरेली     प्राथमिक विद्यालय सहजनी  राजीव सिंह <br>
5- बदायूं     कंपोजिट विद्यालय आमगांव   संगीता शर्मा <br>
6- रायबरेली   प्राथमिक विद्यालय दौतरा   आशीष प्रताप सिंह <br>
7- सहारनपुर   उच्च प्राथमिक विद्यालय लबडौला कुतुबपुर   संजीव कुमार <br>
8- श्रावस्ती   कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हरिहरपुर रानी   कैसर जहां <br>
9- जालौन    कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कोंच      वंदना वर्मा <br>
10- प्रयागराज  एयरफोर्स स्कूल मनौरी  जावेद खान <br>
11- वाराणसी   जवाहर नवोदय विद्यालय गजोखर      नागेश कुमार मिश्र <br>
12- मेरठ      दयावती मोदी एकेडमी     डॉ. ऋतु दीवान</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ने 15 लाभार्थियों को दिया कैशलेस चिकित्सा कार्ड<br>
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना के 15 लाभार्थियों को चिकित्सा कार्ड प्रदान किया। इनमें एक ही परिवार के चार लोग हैं।</strong></p>
<p><strong>बेसिक शिक्षा विभाग<br>
1- सारिका साकोरिकर सहायक अध्यापक (प्राथमिक विद्यालय डुमरी, काशी विद्यापीठ)<br>
2- अरविंद सिंह (कंपोजिट विद्यालय अइली, चिरईगांव वाराणसी)<br>
3- शिक्षामित्र कुसुम देवी (प्राथमिक विद्यालय परिजनपुर, आराजी लाइन वाराणसी)<br>
4- अनुराधा कुशवाहा (पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुर्दहा, हरहुआ)<br>
5- सोनी रसोइया (प्राथमिक विद्यालय दशनीपुर, हरहुआ) <br>
6- कल्पना (पूर्णकालिक शिक्षिका, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, शिवपुरी, नगर क्षेत्र, वाराणसी) </strong></p>
<p><strong>माध्यमिक शिक्षा<br>
7- शालिनी कुमारी, सहायक अध्यापक (निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कॉलेज, महमूरगंज)<br>
8- दीपक पटेल, सहायक अध्यापक (श्री अंबिका प्रसाद सिंह इंटर कॉलेज, भैरवनाथ)<br>
9- नीरज कुमार, प्रवक्ता (प्रवक्ता, सुभद्रा कुमारी इंटर कॉलेज, बसनी)<br>
10- सरफुद्दीन, सहायक अध्यापक (ए.ओ. मुस्लिम इंटर कॉलेज, लल्लापुरा) <br>
11- आशुतोष मिश्र   (श्री अन्नपूर्णा ब्रह्मचर्य ऋषिकुल आश्रम संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवपुर) </strong></p>
<p><strong>शिक्षक के परिवार के चार सदस्यों को दिया चिकित्सा कार्ड</strong><br>
पारिवारिक लाभ का प्रतीकात्मक संदेश देने के लिए सहायक अध्यापक नरेंद्र कुमार मौर्य (प्राथमिक विद्यालय जाल्हूपुर प्रथम, चिरईगांव) के परिवार का भी चयन किया गया। सीएम ने नरेंद्र मौर्या, उनकी धर्मपत्नी राजकुमारी मौर्या, पिता सुरेश कुमार मौर्य, माता राजेश्वरी मौर्या को भी कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान किया।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>E20 पेट्रोल पर गडकरी का खुला चैलेंज! बोले&#45; ‘एक भी गाड़ी खराब हुई तो नाम बताइए’</title>
<link>https://atworldnews.in/9311</link>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली E20 पेट्रोल पर बहस थमने का नाम नहीं ले रही. कोई कह रहा है माइलेज घट रही है, कोई इंजन की लाइफ पर सवाल उठा रहा है. सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक चर्चा गर्म है. अब इस पूरे मामले पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ऐसा बयान दिया है, जिसने बहस को … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 18:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>E20, पेट्रोल, पर, गडकरी, का, खुला, चैलेंज, बोले-, ‘एक, भी, गाड़ी, खराब, हुई, तो, नाम, बताइए’</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>E20 पेट्रोल पर बहस थमने का नाम नहीं ले रही. कोई कह रहा है माइलेज घट रही है, कोई इंजन की लाइफ पर सवाल उठा रहा है. सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक चर्चा गर्म है. अब इस पूरे मामले पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ऐसा बयान दिया है, जिसने बहस को और तेज कर दिया है. गडकरी ने साफ कहा, अगर E20 पेट्रोल से किसी एक भी कार में खराबी आई है, तो उसका नाम बताइए. साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि E20 के खिलाफ झूठी और पेड मुहिम चलाई जा रही है। </p>
<p>दरअसल, E20 पेट्रोल को लेकर कई लोग दावा कर रहे हैं कि 20 फीसदी इथेनॉल मिले पेट्रोल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है और गाड़ियों के कंपोनेंट पर भी असर पड़ रहा है. इसी बीच केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आलोचकों को सीधी चुनौती दे दी. उन्होंने कहा कि, "अगर E20 पेट्रोल से किसी कार, बाइक या स्कूटर में दिक्कत आई है तो उसका सिर्फ एक उदाहरण सामने लाकर दिखाइए। </p>
<p><strong>'E20 से किसी गाड़ी में दिक्कत नहीं आई'</strong><br>
नितिन गडकरी ने साफ कहा कि देश में अब तक ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है, जिसमें E20 पेट्रोल की वजह से किसी कार में खराबी आई हो. उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास ऐसा कोई मामला है तो उसका नाम बताया जाए. गडकरी ने यह भी आरोप लगाया कि E20 पेट्रोल को लेकर झूठी बातें फैलाई जा रही हैं और इसके खिलाफ पेड कैंपेन चलाए जा रहे हैं। </p>
<p>गडकरी ने कहा कि भारत हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये का फॉसिल फ्यूल आयात करता है. इससे देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा बोझ पड़ता है. साथ ही प्रदूषण भी बढ़ता है. उनका कहना है कि ग्रीन फ्यूल और दूसरे ऑप्शनल फ्यूल को अपनाना देश की जरूरत है. इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। </p>
<p>गडकरी ने कहा कि देश में इथेनॉल का उत्पादन बढ़ने से किसानों को भी बड़ा लाभ मिला है. उन्होंने बताया कि जब सरकार ने मक्के से इथेनॉल बनाने का फैसला लिया था, तब मक्के की बाजार में कीमत करीब 1,200 रुपये प्रति क्विंटल थी, जबकि न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी (MSP) 1,800 रुपये प्रति क्विंटल था. इसके बाद मक्के की कीमत बढ़कर करीब 2,800 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई. उन्होंने दावा किया कि इससे उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों<strong> की आय करीब 45,000 करोड़ रुपये बढ़ी है। </strong></p>
<p><strong>परिवार की कंपनियों पर क्या बोले गडकरी</strong><br>
इथेनॉल उत्पादन में परिवार की कंपनियों के शामिल होने के आरोपों पर गडकरी ने कहा कि उनके परिवार के पास चीनी मिलें जरूर हैं, लेकिन उनकी कंपनियां इथेनॉल के कारोबार पर निर्भर नहीं हैं. उन्होंने कहा कि E20 को बढ़ावा देने का फैसला देश और किसानों के हित में लिया गया है, किसी निजी लाभ के लिए नहीं। </p>
<p>सरकार अब E20 के बाद और ज्यादा इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल को बढ़ाने की तैयारी कर रही है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में बदलाव का प्रस्ताव रखा है. इसके तहत E85, E100, B100 बायोडीजल और हाइड्रोजन-CNG जैसे ऑप्शनल फ्यूल के इस्तेमाल का रास्ता साफ किया जाएगा. इससे भविष्य में फ्लेक्स-फ्यूल और बायो-फ्यूल से चलने वाले वाहनों को बढ़ावा मिलेगा। </p>]]> </content:encoded>
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<title>CG के मुख्य सचिव ने PM आवास 2.0 टास्क फोर्स की बैठक ली, पात्र आवासहीनों को जल्द पक्का घर देने के निर्देश</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में प्रधानमंत्री आवास 2.0 भूमि टाक्स फोर्स की बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय प्रोजेक्ट के लिए भूमि के सर्वेक्षण एवं चिन्हांकन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 18:30:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>के, मुख्य, सचिव, ने, आवास, 2.0, टास्क, फोर्स, की, बैठक, ली, पात्र, आवासहीनों, को, जल्द, पक्का, घर, देने, के, निर्देश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में प्रधानमंत्री आवास 2.0 भूमि टाक्स फोर्स की बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय प्रोजेक्ट के लिए भूमि के सर्वेक्षण एवं चिन्हांकन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।</p>
<p>मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों को प्रधानमंत्री आवास 2.0 के लिए हितग्राही की पहचान कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। उन्होंने आबादी भूमि पर रहने वाले पात्र हितग्राहियों को ढूंढकर सत्यापन करना एवं उन्हें आवास उपलब्ध कराने के लिए समूचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को नगरीय निकायों मेें वर्तमान और भविष्य की आवासीय आवश्यकता का आंकलन कर कार्ययोजना बनाने कहा है। जिससे समय पर हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराये जा सकें।</p>
<p>इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों में योजनांतर्गत हितग्राहियों की पहचान कर आवश्यकतानुसार आवास बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए है। बैठक में नगरीय एवं प्रशासन विकास विभाग की सचिव आर.शंगीता, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>तीस वर्षों से लंबित सरदार सरोवर परियोजना का सर्वसम्मति से समाधान होना बड़ी उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ तीस वर्षों से लंबित सरदार सरोवर परियोजना का सर्वसम्मति से समाधान होना बड़ी उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश को अब डेढ़ हजार करोड़ रूपए के स्थान पर केवल 217 करोड़ रूपए ही देना होंगे मध्यप्रदेश बना वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला पहला राज्य ज्ञान भारतम् योजना में मध्यप्रदेश पूरे देश में प्रथम 34 … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 18:30:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>तीस, वर्षों, से, लंबित, सरदार, सरोवर, परियोजना, का, सर्वसम्मति, से, समाधान, होना, बड़ी, उपलब्धि, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>तीस वर्षों से लंबित सरदार सरोवर परियोजना का सर्वसम्मति से समाधान होना बड़ी उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</strong></p>
<p><strong>मध्यप्रदेश को अब डेढ़ हजार करोड़ रूपए के स्थान पर केवल 217 करोड़ रूपए ही देना होंगे<br>
मध्यप्रदेश बना वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला पहला राज्य<br>
ज्ञान भारतम् योजना में मध्यप्रदेश पूरे देश में प्रथम<br>
34 लाख 45 हजार से अधिक पांडुलिपि पन्नों का पंजीकरण और 12 लाख से अधिक का हुआ सत्यापन<br>
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रयासों से विगत 30 वर्षों से सरदार सरोवर परियोजना को लेकर लंबित जटिल मुद्दे का सर्वसम्मति से समाधान हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री शाह और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह विषय मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच लंबित था। भारत के अटॉर्नी जनरल द्वारा फरवरी 2026 में अभिमत दिया कि पुनर्वास की लागत भागीदार राज्यों के मध्य विभाजित होनी चाहिए। अभिमत के अनुसार मध्यप्रदेश को लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपए का भुगतान करने की स्थिति बन रही थी। नई दिल्ली में हुई बैठक में तय किया गया कि 50% के स्थान पर 75% का खर्चा गुजरात द्वारा ही दिया जाए, और इस प्रकार मध्यप्रदेश को अब केवल रूपये 217 करोड़ की राशि देना होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में दी।</p>
<p><strong>टीकमगढ़ से मिला 10 फीट लंबा जम्बूद्वीप का नक्शा</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में में नये अधिनियम के तहत वक्फ बोर्ड का गठन कर लिया गया है। वक्फ बोर्ड का पुर्नगठन करने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए चलाए जा रही ज्ञान भारतम् योजना में मध्यप्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर आया है। अब तक 34 लाख 45 हजार से अधिक पांडुलिपि पन्नों का पंजीकरण और 12 लाख से अधिक का सत्यापन किया जा चुका है। टीकमगढ़ से 10 फीट लंबा 'जम्बू द्वीप का नक्शा, पन्ना से 'रसिक प्रिया', बुरहानपुर से 220 वर्ष पुराना हस्तलिखित 'श्रीमद्भागवत' और दतिया से ऐतिहासिक ताम्रपत्र जैसी अमूल्य धरोहरें प्राप्त हुई हैं।</p>
<p><strong>जल गंगा संवर्धन अभियान में मध्यप्रदेश ने रचा नया इतिहास</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में मध्यप्रदेश ने नया इतिहास रचा है। प्रदेश में गत तीन वर्षों में 15 हजार 819 करोड़ रूपये लागत के 5 लाख 20 हजार 400 से अधिक कार्य हुए हैं। वर्ष 2024 में 1 हजार 367 करोड़ रूपये लागत से 60 हजार 428 कार्य कराए गए। वर्ष 2025 में 4 हजार करोड़ रूपये लागत के 1 लाख से अधिक कार्य सम्पन्न हुए। वर्ष 2026 में 10 हजार 452 करोड़ रूपये लागत के 3 लाख 60 हजार, कार्य प्रदेश में सम्पन्न हुए। वर्ष 2026 में जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रथम 5 जिले बड़वानी, खण्डवा, नीमच, उज्जैन और खरगोन रहे।</p>
<p><strong>प्रदेश को खेलों में मिली बड़ी सफलता</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश को खेलों में बड़ी सफलता मिली है। जापान में आयोजित अंडर-18 पुरुष और महिला हॉकी एशिया कप-2026 टूर्नामेंट में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 6 स्वर्ण और 4 कांस्य पदक जीते। भारतीय बालक एवं बालिका हॉकी टीम में प्रदेश के कुल 10 खिलाड़ी शामिल रहे। ये खिलाड़ी भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, सिवनी और बड़वानी जिले के साधारण परिवारों से हैं। राज्य सरकार ने हॉकी स्वर्ण पदक विजेता टीम के खिलाड़ियों को 3 लाख रूपए प्रति खिलाड़ी और कांस्य पदक विजेता टीम के खिलाड़ियों को एक लाख रूपए प्रति खिलाड़ी प्रोत्साहत राशि प्रदान की है।</p>
<p><strong>चंबल क्षेत्र में 10 हजार और सतगढ़ी में 15 हजार लोगों को मिलेंगे रोज़गार के नए अवसर</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब मध्यप्रदेश की धरती पर रक्षा उपकरण, मिसाइल और हथियार भी बनेंगे। शिवपुरी जिले के पाली में 103 हेक्टेयर भूमि पर लगभग 2,500 करोड़ रुपये की अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस यूनिट का शिलान्यास हुआ है। यहाँ हथियारों में प्रयुक्त होने वाले सिंगल बेस, डबल बेस और ट्रिपल बेस प्रोपेलेन्ट का निर्माण होगा। चंबल क्षेत्र के 10 हजार से भी अधिक लोगों को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भोपाल के कोलार रोड क्षेत्र में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क, सतगढ़ी का गत दिवस भूमि-पूजन किया गया। यह पुनीत कार्य भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर सम्पन्न हुआ। सतगढ़ी पार्क 150 करोड़ रुपए की लागत से 70 हैक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा। इससे 15 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। सतगढ़ी में 25 एकड़ में 10 हजार क्षमता का कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन सेंटर भी बनेगा। यह परियोजना 'वर्क-लिव-ग्रो' मॉडल पर आधारित है। इसमें गारमेंट, टॉयज, आईटी, एआई, लॉजिस्टिक्स आदि से जुड़े उद्योगों को स्थापित किया जाएगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री योगी ने मां विंध्यवासिनी के दरबार में की पूजा&#45;अर्चना</title>
<link>https://atworldnews.in/9308</link>
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<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री योगी ने मां विंध्यवासिनी के दरबार में की पूजा-अर्चना प्रवेश द्वार पर सदर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने चुनरी ओढ़ाकर किया सीएम का स्वागत मीरजापुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को मां विंध्यवासिनी के दरबार में पहुंचे। उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच मां विंध्यवासिनी का विधिवत दर्शन पूजन किया और उनकी आरती उतारी। सीएम करीब 10 मिनट … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 18:03:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, योगी, ने, मां, विंध्यवासिनी, के, दरबार, में, की, पूजा-अर्चना</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुख्यमंत्री योगी ने मां विंध्यवासिनी के दरबार में की पूजा-अर्चना</strong></p>
<p><strong>प्रवेश द्वार पर सदर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने चुनरी ओढ़ाकर किया सीएम का स्वागत</strong></p>
<p><strong>मीरजापुर</strong><br>
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को मां विंध्यवासिनी के दरबार में पहुंचे। उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच मां विंध्यवासिनी का विधिवत दर्शन पूजन किया और उनकी आरती उतारी। सीएम करीब 10 मिनट मंदिर में रहे। </p>
<p>मुख्यमंत्री माता के दर्शन के लिए करीब सवा बारह बजे पहुंचे। मंदिर के प्रवेश द्वार पर सदर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने चुनरी ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में सभी देवी-देवताओं के दर्शन करने के बाद हवन कुंड की परिक्रमा की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। सीएम को देखने के लिए मंदिर परिसर के आसपास गलियों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। सीएम ने हाथ उठाकर सभी का अभिवादन किया।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>केजरीवाल के ‘शीशमहल’ बंगले को मिलेगा नया रूप, दिल्ली सरकार बनाएगी गेस्ट हाउस</title>
<link>https://atworldnews.in/9307</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली दिल्ली में &#039;शीशमहल&#039; के नाम से चर्चित पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के सरकारी बंगले को अब रेखा गुप्ता सरकार ने नया रूप में देने का फैसला लिया है। अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास 6, फ्लैग स्टाफ रोड सिविल लाइंस स्थित सरकारी बंगले को दिल्ली गेस्ट हाउस और कल्चरल सेंटर बनाने का फैसला लिया … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 18:03:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>केजरीवाल, के, ‘शीशमहल’, बंगले, को, मिलेगा, नया, रूप, दिल्ली, सरकार, बनाएगी, गेस्ट, हाउस</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
दिल्ली में 'शीशमहल' के नाम से चर्चित पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के सरकारी बंगले को अब रेखा गुप्ता सरकार ने नया रूप में देने का फैसला लिया है। अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास 6, फ्लैग स्टाफ रोड सिविल लाइंस स्थित सरकारी बंगले को दिल्ली गेस्ट हाउस और कल्चरल सेंटर बनाने का फैसला लिया गया है। विवादों में रहे इस बंगले में राज्य के CIP गेस्ट के ठहरने की व्यवस्था होने के साथ-साथ सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी जगह उपलब्ध कराएगी। 2023 में भाजपा ने बंगले के कथित 45 करोड़ रुपये के सौंदर्यीकरण और लग्जरी सुविधाओं को लेकर इसे 'शीशमहल' करार किया था। सरकार जल्द ही इसे लेकर औपचारिक घोषणा कर सकती है।</p>
<p>    केजरीवाल के इस्तीफे और बंगले के निर्माण को लेकर शुरू हुई जांच के बाद से ही यह बंगला खाली पड़ा है।<br>
    खाली पड़े इस बंगले का इस्तेमाल कैसे हो, इसे लेकर सरकार में लंबे समय से चर्चा चल रही थी।<br>
    पहले चर्चा थी कि इसे आधिकारिक तौर पर सीएम आवास घोषित किया जाएगा, लेकिन सीएम रेखा गुप्ता ने इसमें रहने से इनकार कर दिया।<br>
    उसके बाद इसे म्यूजियम बनाने को लेकर भी योजना बनाई गई, लेकिन अब उस योजना को भी खारिज कर करके दिल्ली सरकार ने गेस्ट हाउस बनाने का फैसला किया है</p>
<p><strong>दिल्ली को मिलेगा पहला स्टेट गेस्ट हाउस</strong><br>
    दिल्ली में सरकार का अभी तक अपना कोई स्टेट गेस्ट हाउस नहीं है।<br>
    द्वारका में एक स्टेट गेस्ट हाउस बनाने की योजना है, लेकिन अभी तक उस पर काम शुरू नहीं हो पाया है।<br>
    इसलिए सरकार ने फैसला किया है कि राज्य के जो भी VVIP गेस्ट होंगे वह इस बंगले में रुकेंगे।<br>
    देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधिमंडल, विशिष्ट अतिथियों और उच्चस्तरीय अधिकारियों की मेजबानी इस बंगले में की जाएगी।<br>
    सरकारी बंगले को VIP मेहमानों के लिए गेस्ट हाउस के साथ-साथ कला और संस्कृति केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा।<br>
    यहां एक सभागार और आधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम भी विकसित किया जाएगा।<br>
    परिसर में प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, साहित्यिक आयोजन और सरकारी समारोह का भी आयोजन किया जाएगा। क्योंकि इसके अंदर एक बड़ा परिसर भी है जहां इस तरह के आयोजन किए जा सकते हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>हाईकोर्ट से CMHO डॉ. माधव प्रसाद हसानी को बड़ी राहत! 62 नहीं, 65 साल की उम्र में होंगे रिटायर</title>
<link>https://atworldnews.in/9306</link>
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<description><![CDATA[ इंदौर  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी को बड़ी राहत देते हुए उनके 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त किए जाने के आदेश को निरस्त कर दिया है। न्यायमूर्ति संदीप एन. भट्ट की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि डॉ. हसानी 65 वर्ष की आयु तक … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 18:01:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>हाईकोर्ट, से, CMHO, डॉ., माधव, प्रसाद, हसानी, को, बड़ी, राहत, नहीं, साल, की, उम्र, में, होंगे, रिटायर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर </strong></p>
<p>मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी को बड़ी राहत देते हुए उनके 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त किए जाने के आदेश को निरस्त कर दिया है।</p>
<p>न्यायमूर्ति संदीप एन. भट्ट की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि डॉ. हसानी 65 वर्ष की आयु तक सेवा जारी रखने के पात्र हैं। डॉ. हसानी ने याचिका दायर कर 30 जनवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें 31 जुलाई 2026 को 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त करने के निर्देश दिए गए थे। याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि उन्होंने वर्ष 1999 में संविदा ग्रामीण चिकित्सा अधिकारी के रूप में सेवा प्रारंभ की थी और वर्ष 2005 में उनकी सेवाएं नियमित हुई थीं। इसके बाद उन्होंने लंबे समय तक क्लीनिकल सेवाएं दीं और बाद में मुख्य ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी तथा CMHO जैसे प्रशासनिक पदों पर कार्य किया।</p>
<p> याचिका में तर्क दिया गया कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा मेडिकल अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित की गई है तथा पूर्व में डॉ. कांतिलाल साहू सहित कई मामलों में हाईकोर्ट इसी प्रकार का निर्णय दे चुका है। वहीं राज्य सरकार ने दलील दी कि 65 वर्ष तक सेवा का लाभ पाने के लिए नियमों में निर्धारित शर्तों का पालन आवश्यक है और याचिकाकर्ता उन शर्तों को पूरा नहीं करते। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि डॉ. हसानी वर्ष 1999 से लगातार चिकित्सा सेवाएं देते रहे हैं तथा उनके मामले के तथ्य पूर्व में दिए गए न्यायिक निर्णयों से मेल खाते हैं।</p>
<p> अदालत ने यह भी कहा कि मेडिकल अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में अनुभवी डॉक्टरों की उपलब्धता बनाए रखना था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि 30 जनवरी 2026 का सेवानिवृत्ति आदेश विधिसम्मत नहीं है और इसे निरस्त किया जाता है। साथ ही डॉ. माधव प्रसाद हसानी को 65 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहने की अनुमति प्रदान की जाती है। हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>‘वर्दी पुलिस की, दिल अपराधियों के साथ’— हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, DGP को सर्कुलर जारी करने का आदेश</title>
<link>https://atworldnews.in/9305</link>
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<description><![CDATA[ ग्वालियर मध्य प्रदेश में अपराधियों को कानूनी लूपहोल (कमियों) का फायदा पहुंचाकर कोर्ट से छुड़ाने वाले और अपनी ड्यूटी में घोर लापरवाही बरतने वाले पुलिस अफसरों पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बड़ा और कड़ा प्रहार किया है। हाई कोर्ट की डबल बेंच ने तल्ख लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा है … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 18:01:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>‘वर्दी, पुलिस, की, दिल, अपराधियों, के, साथ’—, हाईकोर्ट, की, सख्त, टिप्पणी, DGP, को, सर्कुलर, जारी, करने, का, आदेश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ग्वालियर</strong><br>
मध्य प्रदेश में अपराधियों को कानूनी लूपहोल (कमियों) का फायदा पहुंचाकर कोर्ट से छुड़ाने वाले और अपनी ड्यूटी में घोर लापरवाही बरतने वाले पुलिस अफसरों पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बड़ा और कड़ा प्रहार किया है।</p>
<p>हाई कोर्ट की डबल बेंच ने तल्ख लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा है कि "कुछ पुलिस अधिकारी वर्दी तो कानून की पहनते हैं, लेकिन उनका दिल अपराधियों के साथ धड़कता है।"</p>
<p>न्यायालय ने साफ कर दिया है कि अगर कोई पुलिस अधिकारी किसी आरोपी को गिरफ्तार करते समय उसकी गिरफ्तारी का लिखित आधार नहीं सौंपता है, तो यह माना जाएगा कि उसने आरोपी को कोर्ट से रिहा कराने के उद्देश्य से 'जानबूझकर' ऐसा किया है।</p>
<p>कोर्ट ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक महीने के भीतर सभी थाना प्रभारियों और जांच अधिकारियों के लिए 'सख्त चेतावनी सर्कुलर' जारी करने का अल्टीमेटम दिया है।</p>
<p><strong>सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखा रहे मैदानी अफसर</strong><br>
हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर नाराजगी जताई। कोर्ट ने आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्देशों (मिहिर राजेश शाह मामला) के पालन में पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा इसी साल 13 फरवरी 2026 को एक सर्कुलर जारी किया जा चुका है।</p>
<p>इस सर्कुलर के बावजूद जमीनी स्तर पर थानों में पदस्थ जांच अधिकारी नियमों को सरेआम ठेंगा दिखा रहे हैं और आरोपियों को बिना लिखित कारण बताए गिरफ्तार कर रहे हैं, जिससे शातिर अपराधी तकनीकी आधार पर कोर्ट से बच निकलते हैं।</p>
<p>कोर्ट ने कहा कि यह स्थिति समाज के लिए बेहद खतरनाक है। पुलिस विभाग का काम अपराधियों पर मुकदमा चलाना और निर्दोषों की रक्षा करना है, न कि अपराधियों को कानूनी चोर रास्तों से बचाना।</p>
<p><strong>गांजा तस्करी के आरोपी भाई को बचाने लगाई थी याचिका</strong><br>
जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने यह तल्ख आदेश धर्मेंद्र लोधी द्वारा दायर एक बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया।</p>
<p>याचिकाकर्ता धर्मेंद्र ने दतिया जिले के बसई थाने में दर्ज एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के एक मामले में अपने भाई की गिरफ्तारी को इस आधार पर चुनौती दी थी कि पुलिस ने उसे गिरफ्तारी के कारण लिखित में नहीं दिए थे, इसलिए उसकी गिरफ्तारी अवैध है।</p>
<p>हालांकि, जब कोर्ट ने रिकॉर्ड खंगाला तो पाया कि पुलिस ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 का लिखित नोटिस दिया था और उसके पास से 86.850 किलोग्राम गांजा जब्त हुआ था। कोर्ट ने इसे कानूनी रूप से पर्याप्त मानते हुए तस्कर भाई को राहत देने से इनकार कर दिया और याचिका खारिज कर दी, लेकिन पुलिस की इस आम ढर्रे वाली कार्यप्रणाली पर गहरा रोष जताया।</p>
<p><strong>हाईकोर्ट के आदेश की मुख्य बातें</strong></p>
<p><strong>· नियम: </strong>किसी भी आरोपी को कस्टडी में लेते समय उसे उसकी गिरफ्तारी के पुख्ता कारण लिखित में देना अनिवार्य है।</p>
<p><strong>· लापरवाही का मतलब</strong>: लिखित आधार न देना अब सिर्फ 'लापरवाही' नहीं, बल्कि अपराधी को फायदा पहुंचाने की 'जानबूझकर की गई साजिश' माना जाएगा।</p>
<p><strong>· निशाना</strong>: वर्दी की आड़ में अपराधियों से साठगांठ करने वाले पुलिसकर्मियों को विभाग से बाहर का रास्ता दिखाया जाए।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>US हमले का ईरान ने लिया बदला! कुवैत&#45;बहरीन बने निशाना, 85 सैन्य ठिकानों पर हमला; होर्मुज संकट और गहराया</title>
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<description><![CDATA[ तेहरान  अमेरिका ने बुधवार को ईरान पर बड़े सैन्य हमले किए. अमेरिकी सेना ने इन हमलों को शक्तिशाली बताया है. अमेरिका का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई. इस घटना के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 17:32:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>हमले, का, ईरान, ने, लिया, बदला, कुवैत-बहरीन, बने, निशाना, सैन्य, ठिकानों, पर, हमला, होर्मुज, संकट, और, गहराया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>तेहरान </strong></p>
<p>अमेरिका ने बुधवार को ईरान पर बड़े सैन्य हमले किए. अमेरिकी सेना ने इन हमलों को शक्तिशाली बताया है. अमेरिका का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई. इस घटना के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया था. इसी के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ ठिकानों पर हमले किए. इन सैन्य हमलों से कुछ ही समय पहले अमेरिका ने ईरान को दी गई एक अस्थायी प्रतिबंध छूट भी वापस ले ली. इस छूट के तहत ईरान को जून में हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के आधार पर कच्चे तेल का उत्पादन, बिक्री और आपूर्ति करने की अनुमति मिली हुई थी. यह छूट 21 अगस्त तक लागू रहने वाली थी, लेकिन अमेरिका ने इसे समय से पहले ही समाप्त कर दिया। </p>
<p><strong>अब तक क्या-क्या हुआ?</strong><br>
    होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन जहाजों, जिनमें कतर और सऊदी अरब के तेल टैंकर भी शामिल हैं, पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान पर शक्तिशाली सैन्य हमले शुरू कर दिए। </p>
<p>    ईरानी मीडिया के मुताबिक ईरान के सीरिक बंदरगाह शहर, बंदर अब्बास और केश्म द्वीप में कई धमाकों की आवाज़ें सुनी गई हैं। </p>
<p>    अमेरिका ने 17 जून को वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के तहत ईरान को तेल बेचने की दी गई विशेष छूट (वेवर) भी रद्द कर दी है। </p>
<p><strong>इजरायली लड़ाकू विमानों ने किए लेबनान में हमले</strong><br>
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) के अनुसार, इजरायली लड़ाकू विमानों ने रात के दौरान दक्षिणी लेबनान में तीन चरणों में हवाई हमले किए. रिपोर्ट के मुताबिक, ये हमले बिंत जुबैल जिले के बैत याहून, कुनिन और ब्राचीत कस्बों के बीच के इलाकों को निशाना बनाकर किए गए. फिलहाल इन हमलों में हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। </p>
<p><strong>होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को खतरा, यूएस ने किया अलर्ट</strong><br>
तनाव बढ़ने के बाद अमेरिकी नौसेना की निगरानी में काम करने वाले जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर (JMIC) ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरे का स्तर बढ़ा दिया है. जहाजों को ज्यादा सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं. समुद्री एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस इलाके में नौसैनिक गश्त और सुरक्षा जांच और बढ़ सकती है। </p>
<p>ईरान पहले भी कहता रहा है कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाज उसके तय किए गए रास्ते का ही इस्तेमाल करें. जिन जहाजों पर हमला हुआ, वे ओमान और यूएई के पास वाले वैकल्पिक मार्ग से गुजर रहे थे. इसी वजह से आशंका जताई जा रही है कि यह हमला दूसरे जहाजों को चेतावनी देने के लिए किया गया हो. हालांकि, ईरान ने अब तक इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। </p>
<p>कतर ने अपने टैंकर पर हुए हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है. वहीं बहरीन ने भी सऊदी अरब और कतर के जहाजों पर हमलों की निंदा करते हुए समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। </p>
<p>इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज को लेकर चल रही बातचीत भी फिलहाल रुकती हुई नजर आ रही है. दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने से पूरे खाड़ी क्षेत्र में फिर से अनिश्चितता का माहौल बन गया है. हालांकि, अली खामेनेई के जनाजे के बीच दोनों देशों की बातचीत आधिकारिक रूप से रुकी हुई है। </p>
<p><strong>बहरीन में तीसरी बार बजे एयर रेड सायरन, ईरान अमेरिकी मिलिट्री बेस पर कर रहा हमले</strong><br>
बहरीन में को तीसरी बार एयर रेड सायरन बजाए गए हैं. इसके बाद बहरीन के गृह मंत्रालय ने लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है. इसी बीच, ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने दावा किया है कि बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान ने मिसाइल हमलों का एक नया दौर शुरू कर दिया है. IRIB ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा- बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के नए मिसाइल हमले शुरू हो गए हैं. हालांकि, ईरान के इस दावे की अभी तक <strong>अमेरिका या बहरीन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। </strong></p>
<p><strong> ईरान के बुशेहर शहर के आसपास सुने गए धमाके</strong><br>
ईरान की मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार, बुधवार सुबह दक्षिणी बंदरगाह शहर बुशेहर और उसके आसपास के इलाकों में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं. हालांकि, एजेंसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित खार्ग द्वीप पर हमले की खबरों को खारिज कर दिया है. मेहर ने अपने स्थानीय संवाददाता के हवाले से कहा कि खार्ग द्वीप पर किसी तरह का हमला नहीं हुआ है. फिलहाल धमाकों के कारण और किसी संभावित नुकसान को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। </p>
<p><strong>IRGC ने किया दावा- बहरीन के शेख ईसा एयर बेस को बनाया निशाना</strong><br>
ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया है. ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई दक्षिणी ईरान पर अमेरिका के ताजा हवाई हमलों के जवाब में की गई. ईरानी सेना ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका ने बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है. सेना ने चेतावनी दी कि अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब ईरान के सैन्य ड्रोन के वैध लक्ष्य होंगे. यह बयान ऐसे समय आया है, जब बहरीन में आज सुबह दूसरी बार एयर रेड सायरन बजाए गए. गृह मंत्रालय ने लोगों से शांत रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है. इससे पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सेना के 85 सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों में निशाना बनाया है। </p>
<p><strong> बहरीन में फिर बजे एयर रेड सायरन</strong><br>
बहरीन में आज सुबह दूसरी बार एयर रेड सायरन बजाए गए हैं. इसके बाद गृह मंत्रालय ने लोगों से शांत रहने और तुरंत अपने सबसे नजदीकी सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है. गृह मंत्रालय ने कहा कि सायरन एहतियात के तौर पर बजाए गए हैं और लोगों को सुरक्षा संबंधी सभी सरकारी निर्देशों का पालन करना चाहिए. यह आज सुबह दूसरी बार है, जब पूरे देश में एयर रेड सायरन बजाए गए हैं. अधिकारियों की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे की जानकारी मिलने पर नए अपडेट जारी किए जाएंगे। </p>
<p><strong>ईरान का दावा- बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर किया हमला</strong></p>
<p>ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अपनी नौसेना और एयरोस्पेस बलों के साथ मिलकर मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला किया है. ईरान के अनुसार, इस अभियान में बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सेना के 85 अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया. IRGC का कहना है कि हमले में बहरीन स्थित अमेरिकी पांचवें बेड़े (US Fifth Fleet) के मुख्यालय और <strong>कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस को भी निशाना बनाया गया. ईरान ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका की ओर से संघर्ष विराम और इस्लामाबाद समझौते के कथित उल्लंघन के जवाब में की गई है. IRGC के मुताबिक, अमेरिका ने इससे पहले होर्मोज़गान और माहशहर में तटीय ठिकानों और गैर-सैन्य स्थानों पर हवाई हमले किए थे। </strong></p>
<p><strong>अमेरिका ने फिर किए ईरान पर हमले, ट्रंप के वादे पर उठे सवाल</strong><br>
अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर नए सैन्य हमले किए हैं। ये हमले ऐसे समय हुए हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के सात दिन के शोक और अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिका कोई हमला नहीं करेगा. अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है. वॉशिंगटन के अनुसार, इन जहाजों की सुरक्षा के लिए जवाबी सैन्य कार्रवाई जरूरी थी. इन ताजा हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है। </p>
<p><strong> IRGC का दावा- बुशेहर के ऊपर अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराया</strong><br>
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने बुशेहर प्रांत के खोरमुज क्षेत्र के ऊपर एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है.  ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, IRGC के प्रवक्ता हुसैन मोहबी ने कहा कि अमेरिकी सेना की ओर से कथित हवाई कार्रवाई के बाद ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ड्रोन को निशाना बनाया <strong>और उसे गिरा दिया. हालांकि, इस दावे की अभी तक अमेरिका की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। </strong></p>
<p><strong>अमेरिका ने किया समझौता का बड़ा उल्लंघन: गालिबाफ</strong><br>
ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में अमेरिका पर समझौता ज्ञापन (MoU) के कई बड़े उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.  गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जो दोनों देशों के बीच हुए समझौते के खिलाफ हैं. गालिबाफ का कहना है कि इन कदमों से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है तथा अमेरिका ने समझौते की <strong>भावना का सम्मान नहीं किया। </strong></p>
<p><strong>बहरीन में एयर रेड सायरन बजे, लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील<br>
ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ी टेंशन के बीच बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए </strong>हैं. इसके बाद गृह मंत्रालय ने लोगों से शांत रहने और बिना घबराए अपने सबसे नजदीकी सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। </p>
<p><strong>अमेरिकी सेना ने ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए : अमेरिका</strong></p>
<p>अमरीका का हमला हॉर्मुज जलडमरूमध्य वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है. अमेरिका ने बताया है कि हमले में जिन लक्ष्यों को निशाना बनाया गया, उनमें वायु रक्षा प्रणालियां, कमांड एवं कंट्रोल (C2) नेटवर्क, तटीय रडार, जहाज-रोधी मिसाइलें और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की 60 से अधिक छोटी नौकाएं शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को खतरा पहुंचाने की ईरान की क्षमता को गंभीर रूप से कमजोर किया गया है. हाल ही में मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाला तेल टैंकर M/T Al Rekayyat, सऊदी अरब <strong>का M/T Wedyan और लाइबेरिया के ध्वज वाला M/T Cyprus Prosperity निशाना बने थे। </strong></p>
<p><strong>अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की चेतावनी, कहा- मिलेगा करारा जवाब</strong><br>
अमेरिका की ओर से दक्षिणी ईरान में किए गए ताजा सैन्य हमलों के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. ईरानी सेना ने कहा है कि वह इस कार्रवाई का करारा और निर्णायक जवाब देगी. ईरान के खातम-अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय ने एक बयान जारी कर अमेरिकी हमलों को खुला आक्रमण बताया. सेना का कहना है कि ये हमले ऐसे समय किए गए, जब ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता के पार्थिव शरीर की इराक में अंतिम यात्रा निकाली जा रही थी. ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने हालात को और अधिक गंभीर बना दिया है. साथ ही चेतावनी दी कि वह अपनी संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>शिक्षा मंत्री ने पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के श्रद्धांजलि कार्यक्रम की तैयारियों का लिया जायजा</title>
<link>https://atworldnews.in/9303</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर. प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव पद्म विभूषण से सम्मानित, विश्वविख्यात पंडवानी गायिका एवं छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अमूल्य धरोहर स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के गृहग्राम गनियारी स्थित निवास पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा इस दुःख की घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया। इस अवसर पर … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 17:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>शिक्षा, मंत्री, ने, पद्म, विभूषण, डॉ., तीजन, बाई, के, श्रद्धांजलि, कार्यक्रम, की, तैयारियों, का, लिया, जायजा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव पद्म विभूषण से सम्मानित, विश्वविख्यात पंडवानी गायिका एवं छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अमूल्य धरोहर स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के गृहग्राम गनियारी स्थित निवास पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा इस दुःख की घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया।</p>
<p>इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार 14 जुलाई को आयोजित होने वाले दशगात्र एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में परिवारजनों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर आवश्यक व्यवस्थाओं की चर्चा की। यादव ने कहा कि स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई का निधन केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ और देश की सांस्कृतिक विरासत की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपनी विलक्षण पंडवानी गायन शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका सांस्कृतिक योगदान, व्यक्तित्व और कला सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।</p>
<p>स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि दशगात्र एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिवंगत डॉ. तीजन बाई के प्रशंसकों, कला जगत से जुड़े लोगों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति को देखते हुए बैठक, भोजन, आवागमन सहित सभी व्यवस्थाएं गरिमापूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने परिवारजनों से आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा आश्वस्त किया कि राज्य शासन इस अवसर पर हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। इस अवसर पर महापौर निर्मल कोसरे, ग्रामवासी, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भोपाल नवाब की बेगम की 30.55 एकड़ जमीन बेचने का मामला गरमाया, शत्रु संपत्ति विवाद में EOW को नई शिकायत</title>
<link>https://atworldnews.in/9302</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल तत्कालीन भोपाल रियासत के अंतिम नवाब हमीदुल्ला खां की दूसरी पत्नी आफताब जहां बेगम ने पाकिस्तान में रहते हुए 1994 में भोपाल के बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि बेच दी थी।समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को साक्ष्यों सहित शिकायत देकर पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 17:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भोपाल, नवाब, की, बेगम, की, 30.55, एकड़, जमीन, बेचने, का, मामला, गरमाया, शत्रु, संपत्ति, विवाद, में, EOW, को, नई, शिकायत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
तत्कालीन भोपाल रियासत के अंतिम नवाब हमीदुल्ला खां की दूसरी पत्नी आफताब जहां बेगम ने पाकिस्तान में रहते हुए 1994 में भोपाल के बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि बेच दी थी।समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को साक्ष्यों सहित शिकायत देकर पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शत्रु संपत्ति अधिनियम लागू होने के बावजूद पाकिस्तान निवासी होने का तथ्य छिपाकर करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि का सौदा किया गया, जिससे सरकार को भारी राजस्व हानि भी हो सकती है।</p>
<p><strong>सहकारी आवासीय संस्था को बेची जमीन</strong><br>
शिकायत में दावा किया है कि 31 मई 1994 को आफताब जहां बेगम ने बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि एक सहकारी गृहनिर्माण संस्था को मात्र 30.55 लाख रुपये में बेच दी। सौदे के समय केवल 1.55 लाख रुपये चेक से लिए गए, जबकि शेष 29 लाख रुपये चार किस्तों में लेने का अनुबंध किया गया था।वर्ष 1959 के राजस्व अभिलेखों के अनुसार आफताब जहां बेगम के नाम बेहटा में लगभग 655 एकड़ और बोरबन क्षेत्र में करीब 102 एकड़ भूमि दर्ज थी।</p>
<p><strong>चार किश्तों में लेने का अनुबंध किया गया था</strong><br>
अमिताभ अग्निहोत्री ने दावा किया है कि 31 मई 1994 को आफताब जहां बेगम ने बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि एक सहकारी गृहनिर्माण संस्था को 30.55 लाख रुपये में बेच दी। शिकायत के अनुसार सौदे के समय केवल 1.55 लाख रुपये चेक से लिए गए, जबकि शेष 29 लाख रुपये चार किश्तों में लेने का अनुबंध किया गया था।</p>
<p><strong>स्वीकृतियों की वैधता की जांच की जानी चाहिए</strong><br>
वर्ष 1959 के राजस्व अभिलेखों के अनुसार आफताब जहां बेगम के नाम बेहटा में लगभग 655 एकड़ और बोरबन क्षेत्र में करीब 102 एकड़ भूमि दर्ज थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान निवासी होने के कारण यह संपत्ति शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आ सकती थी। इसलिए इसकी खरीद-बिक्री, नामांतरण, भवन अनुमति और अन्य प्रशासनिक स्वीकृतियों की वैधता की जांच की जानी चाहिए।</p>
<p>शिकायत में यह भी मांग की गई है कि बिक्री के समय आफताब जहां बेगम भारत में मौजूद थीं या नहीं, उनके पासपोर्ट और यात्रा अभिलेखों का सत्यापन किया जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि भूमि सौदे में काले धन का इस्तेमाल या स्टाम्प ड्यूटी की चोरी तो नहीं हुई।</p>
<p>शिकायत की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्रालय, कस्टोडियन विभाग, प्रमुख सचिव राजस्व, कलेक्टर और एडीएम भोपाल को भी भेजी गई है।</p>
<p><strong>शिकायत में उठाए गए प्रमुख सवाल<br>
    क्या पाकिस्तान निवासी होने के बावजूद भूमि की बिक्री वैध थी?<br>
    क्या संबंधित जमीन शत्रु संपत्ति घोषित की जानी चाहिए थी?<br>
    क्या नामांतरण और भवन अनुमति नियमों के अनुरूप जारी हुई?<br>
    क्या सरकार को स्टाम्प ड्यूटी का नुकसान हुआ?<br>
    क्या भूमि सौदे में ब्लैक मनी का इस्तेमाल हुआ?</strong></p>
<p><strong>क्या है शत्रु संपत्ति कानून?</strong><br>
भारत में शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत उन व्यक्तियों की संपत्तियां, जिन्होंने शत्रु देश की नागरिकता ग्रहण कर ली, केंद्र सरकार के कस्टोडियन के नियंत्रण में लाई जा सकती हैं। हालांकि किसी विशेष संपत्ति पर यह कानून लागू होता है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी और न्यायालय उपलब्ध अभिलेखों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर करते हैं।</p>
<p><strong>शिकायत में यह आरोप</strong><br>
उनका आरोप है कि पाकिस्तान निवासी होने के कारण यह संपत्ति शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आ सकती थी, इसलिए इसकी खरीद-बिक्री, नामांतरण, भवन अनुमति और अन्य प्रशासनिक स्वीकृतियों की वैधता की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की है कि जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि बिक्री के समय आफताब जहां बेगम भारत में मौजूद थीं या नहीं, उनके पासपोर्ट और यात्रा अभिलेखों का सत्यापन किया जाए।</p>
<p>यह भी देखा जाए कि भूमि सौदे में काले धन का इस्तेमाल या स्टांप ड्यूटी की चोरी तो नहीं हुई। शिकायत की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्रालय, कस्टोडियन विभाग, प्रमुख सचिव राजस्व, कलेक्टर और एडीएम भोपाल को भी भेजी गई है।</p>
<p><strong>यह है शत्रु संपत्ति कानून</strong><br>
भारत में शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत उन व्यक्तियों की संपत्तियां, जिन्होंने शत्रु देश की नागरिकता ग्रहण कर ली, केंद्र सरकार के कस्टोडियन के नियंत्रण में लाई जा सकती है। हालांकि, किसी विशेष संपत्ति पर यह कानून लागू होता है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी और न्यायालयों द्वारा उपलब्ध अभिलेखों एवं कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सिगरेट या शराब, पहले किसे छोड़ना है जरूरी? जानें सेहत पर पड़ने वाला असर</title>
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<description><![CDATA[ शराब पीना या फिर स्मोकिंग करना दोनों ही सेहत के लिए हानिकारक आदतें हैं। ऑफिस में घंटों काम करने और भागदौड़ भरी कॉर्पोरेट लाइफ से परे कुछ देर चिल करने के लिए लोग खुद को सेहत के लिए नुकसानदायक आदतों की ओर धकेल रहे हैं। लोग शराब और सिगरेट कई अलग-अलग कारणों से पीते हैं। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 17:03:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सिगरेट, या, शराब, पहले, किसे, छोड़ना, है, जरूरी, जानें, सेहत, पर, पड़ने, वाला, असर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>शराब पीना या फिर स्मोकिंग करना दोनों ही सेहत के लिए हानिकारक आदतें हैं। ऑफिस में घंटों काम करने और भागदौड़ भरी कॉर्पोरेट लाइफ से परे कुछ देर चिल करने के लिए लोग खुद को सेहत के लिए नुकसानदायक आदतों की ओर धकेल रहे हैं। लोग शराब और सिगरेट कई अलग-अलग कारणों से पीते हैं। कुछ लोग शराब या सिगरेट तनाव, चिंता कम करने के लिए पीते हैं। बहुत से लोग रोजाना एक-दो सिगरेट पीते हैं तो वहीं कुछ लोग हफ्ते भर शराब से दूर रहते हैं, लेकिन वीकेंड पर दोस्तों के साथ जमकर शराब पीते हैं। बहुत से लोग जो हफ्ते में एक बार शराब पीते हैं या फिर एक से दो सिगरेट वीकेंड पर पीते हैं उन्हें लगता है कि इससे कोई नुकसान नहीं होता। ऐसे में जानते हैं कि आखिर इसका कोई नुकसान है या नहीं और दोनों में से पहले किसे छोड़ना हेल्थ के लिए बेहतर है।</p>
<p><strong>नुकसानदायक हो सकता है सिगरेट पीना</strong><br>
रिपोर्ट्स की मानें तो दिन में एक या दो सिगरेट पीना भी नुकसानदायक होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि निकोटीन दिमाग को बूस्ट करके कुछ समय के लिए एक्टिव होने का एहसास कराता है, लेकिन समय के साथ स्मोकिंग से ब्लड वेसेल्स को नुकसान पहुंचता है, दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ता है और सेहत पर बुरा असर पड़ता है। रिपोर्ट्स कहती हैं कि सिगरेट पीने का कोई भी लेवल सेफ नहीं है। रिपोर्ट्स की मानें तो दिन में एक सिगरेट पीने से भी दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। वहीं स्मोकिंग फेफड़ों के कैंसर और कई अन्य जानलेवा बीमारियों की मुख्य वजहों में से एक है।</p>
<p><strong>वीकेंड पर शराब पीना ठीक है?</strong><br>
बहुत से लोग सिर्फ वीकेंड पर ही शराब पीते हैं। लेकिन एक ही बार में बहुत ज्यादा शराब पी लेते हैं। ऐसी बिंज ड्रिंकिंग से लिवर पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है। इससे फैटी लिवर की बीमारी, लिवर में सूजन और समय के साथ लिवर सिरोसिस का खतरा बढ़ सकता है। वहीं एक बार में बहुत ज्यादा शराब पीने से ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है और दिल की धड़कन की लय बिगड़ सकती है।</p>
<p><strong>पहले कौन सी आदत छोड़ें?</strong><br>
वैसे तो दोनों ही आदतों को समय रहते छोड़ देना सही है क्योंकि न तो स्मोकिंग और न ही बहुत ज्यादा शराब पीना सेफ है। दोनों ही शरीर को अलग-अलग तरह से नुकसान पहुंचाते हैं। लेकिन बात स्मोकिंग की हो तो उससे कैंसर, दिल की बीमारी और फेफड़ों की पुरानी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। वहीं सिगरेट का धुआं शरीर के लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए सिगरेट को तुरंत छोड़ने की सलाह दी जाती है। वहीं बिंज ड्रिंकिंग को कम करने या पूरी तरह बचने की सलाह दी जाती है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>शाजापुर की नई SP प्रियंका शुक्ला का बड़ा फैसला! पद संभालते ही महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर किया अहम ऐलान</title>
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<description><![CDATA[ शाजापुर  जिले की कानून-व्यवस्था में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी प्रियंका शुक्ला ने मंगलवार को शाजापुर जिले के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया है। निवर्तमान एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने उन्हें जिले की कमान सौंपते हुए यहां की भौगोलिक स्थिति, पेंडिंग मामलों और … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 17:01:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>शाजापुर, की, नई, प्रियंका, शुक्ला, का, बड़ा, फैसला, पद, संभालते, ही, महिलाओं, और, बच्चों, की, सुरक्षा, पर, किया, अहम, ऐलान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शाजापुर</strong><br>
 जिले की कानून-व्यवस्था में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी प्रियंका शुक्ला ने मंगलवार को शाजापुर जिले के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया है। निवर्तमान एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने उन्हें जिले की कमान सौंपते हुए यहां की भौगोलिक स्थिति, पेंडिंग मामलों और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी।</p>
<p>कार्यभार संभालते ही नई एसपी ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों के साथ परिचय बैठक की और साफ कर दिया कि अपराधियों के साथ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी।</p>
<p><strong>तीसरी आंख और साइबर सुरक्षा पर फोकस</strong><br>
मीडिया से औपचारिक बातचीत के दौरान एसपी प्रियंका शुक्ला ने जिले को सुरक्षित रखने का अपना मास्टर प्लान साझा किया। उन्होंने बताया कि शाजापुर में पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। जिले में अपराधों पर अंकुश लगाने और अपराधियों को बेनकाब करने के लिए अधिक से अधिक संवेदनशील और प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अलावा, बदलते दौर में बढ़ते साइबर फ्रॉड से जनता को बचाने के लिए साइबर अवेयरनेस और टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन को मजबूत करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।</p>
<p><strong>महिला सुरक्षा और पारदर्शी पुलिसिंग का वादा</strong><br>
ग्राउंड बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाली एसपी शुक्ला ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महिला एवं बाल सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी को कम किया जाएगा ताकि कोई भी पीड़ित बिना झिझक अपनी शिकायत दर्ज करा सके। जिले में जवाबदेह, पारदर्शी और संवेदनशील पुलिसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां हर फरियादी की सुनवाई निष्पक्ष और त्वरित होगी। इसके साथ ही, जिले में पैर पसार रहे किसी भी तरह के अवैध धंधों, माफियाओं और जुआ-सट्टा जैसी गतिविधियों के खिलाफ जल्द ही एक बड़ा जमीनी अभियान शुरू किया जाएगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>PM आवास योजना 2.0 में मिलेगा 2.80 लाख तक लाभ, जानें पूरी प्रक्रिया</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ नगर निगम प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत आवास निर्माण के लिए 2.50 लाख रुपये सरकार देगी। बुजुर्ग व विधवा महिलाओं को 2.80 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यूपी के अलीगढ़ में नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने मंगलवार को पार्षदों व अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए बताया कि … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 16:33:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>आवास, योजना, 2.0, में, मिलेगा, 2.80, लाख, तक, लाभ, जानें, पूरी, प्रक्रिया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
नगर निगम प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत आवास निर्माण के लिए 2.50 लाख रुपये सरकार देगी। बुजुर्ग व विधवा महिलाओं को 2.80 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यूपी के अलीगढ़ में नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने मंगलवार को पार्षदों व अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए बताया कि डूडा कार्यालय में लाभार्थी दस्तावेज के साथ आवास निर्माण के लिए आवेदन कर सकते हैं।</p>
<p>मंगलवार को नगर निगम सेवा भवन सभागार में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें सभी पार्षदों को योजना की पात्रता आवेदन प्रक्रिया सत्यापन एवं लाभार्थियों के चयन की विस्तृत जानकारी दी गई। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि नगर निगम के पार्षद जनता और शासन के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं।</p>
<p>यदि प्रत्येक पार्षद अपने-अपने वार्ड के पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने में सहयोग करें तो कोई भी जरूरतमंद परिवार पक्के आवास के लाभ से वंचित नहीं रहेगा। नगर आयुक्त ने डूडा के परियोजना अधिकारी कौशल कुमार को निर्देश दिए हैं कि सभी लंबित आवेदनों का सत्यापन निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कर पात्र लाभार्थियों को शीघ्र योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए।</p>
<p><strong>प्लाट पर नागरिकों की जाएगी आर्थिक मदद</strong><br>
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत लाभार्थी की स्वयं की भूमि पर नया पक्का मकान बनाने वाले पात्र लाभार्थियों को 2.50 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक एवं विधवा महिला लाभार्थियों को 20,000 की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। एक साल के भीतर निर्माण पूरा करने पर 10 हजार का प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। इस प्रकार पात्र लाभार्थी को अधिकतम 2,80,000 तक की आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकेगी। योजना में सीधे फार्म भरें और किसी बिचौलिए के झांसे में नहीं आएं। आवेदन जनसूचना केंद्र व डूडा कार्यालय में किया जा सकता है। आवेदन के बाद अधिकारियों द्वारा स्थल का जियो टैगिंग एवं भौतिक सत्यापन किया जाएगा।</p>
<p><strong>पात्रता की मुख्य शर्तें</strong><br>
नगर आयुक्त ने बताया कि आवेदक ईडब्ल्यूएस श्रेणी का हो तथा वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख तक हो। आवेदक के पास निर्माण स्थल का वैध स्वामित्व संबंधी दस्तावेज (पट्टा, रजिस्ट्री, खतौनी आदि) उपलब्ध हों तथा भूमि विवादित न हो। परिवार के किसी सदस्य के नाम देश में कहीं भी अन्य पक्का मकान न हो। परिवार ने पूर्व में केंद्र अथवा राज्य सरकार की किसी अन्य आवास योजना का लाभ प्राप्त न किया हो।</p>
<p><strong>यह दस्तावेज आवश्यक रूप से लगेंगे</strong><br>
– परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज</p>
<p>– प्रस्तावित भवन का नक्शा एवं अनुमानित लागत, आय प्रमाण पत्र अथवा स्व घोषणा पत्र</p>
<p>– बैंक पासबुक, कच्चे मकान या खाली प्लॉट की फोटो<br>
<strong>योजना के प्रमुख लाभ</strong></p>
<p>– स्वयं की भूमि पर नया पक्का मकान निर्माण के लिए वित्तीय सहायता</p>
<p>– सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में</p>
<p>– निर्माण की प्रगति के अनुसार चरणबद्ध किस्तों का भुगतान</p>
<p>– पारदर्शी एवं ऑनलाइन प्रक्रिया</p>
<p><strong>नगर निगम में 14 हजार आवेदन आए</strong><br>
नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम को सत्यापन हेतु कुल 14,621 आवेदन प्राप्त हुए हैं, इनमें से अब तक 4,677 पात्र तथा 2,823 अपात्र आवेदनों का परीक्षण किया जा चुका है जबकि 7121 आवेदन सत्यापन की प्रक्रिया में हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर सख्ती! फीस बढ़ाने पर रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा आदेश</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में निजी स्कूलों के मनमाने रवैये और फीस बढ़ोतरी को लेकर मिल रही शिकायतों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाया है। अब निजी स्कूलों की ओर से फीस बढ़ोतरी की जानकारी शिक्षा निदेशालय को देना अनिवार्य कर दिया गया है। शिक्षा निदेशालय ने मंगलवार को एक सर्कुलर जारी … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 16:33:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली, में, प्राइवेट, स्कूलों, की, मनमानी, पर, सख्ती, फीस, बढ़ाने, पर, रेखा, गुप्ता, सरकार, का, बड़ा, आदेश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>राजधानी दिल्ली में निजी स्कूलों के मनमाने रवैये और फीस बढ़ोतरी को लेकर मिल रही शिकायतों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाया है। अब निजी स्कूलों की ओर से फीस बढ़ोतरी की जानकारी शिक्षा निदेशालय को देना अनिवार्य कर दिया गया है।</p>
<p>शिक्षा निदेशालय ने मंगलवार को एक सर्कुलर जारी कर सभी मान्यता प्राप्त और बिना सरकारी सहायता वाले निजी स्कूलों के लिए सूचना साझा करने वाले प्रारूप में बदलाव किया है। स्कूलों को नए प्रारूप में फीस बढ़ोतरी समेत अन्य जानकारियां निदेशालय को देनी होंगी। इनकी जांच निदेशालय कराएगा।</p>
<p><strong>शिक्षकों के पद और योग्यता के बारे में बताना होगा</strong><br>
निदेशालय ने नए फॉर्मेट में स्कूल के टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ से जुड़ी जानकारियां भी मांगी हैं। इसमें स्कूल में मंजूर कुल पद और वर्तमान में भरे हुए पदों की संख्या के साथ शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता के बारे में भी बताना होगा। स्कूल में छात्र और शिक्षक अनुपात और कक्षा और श्रेणी के हिसाब से छात्रों के दाखिले का पूरा विवरण भी देना होगा।</p>
<p><strong>ये सूचनाएं देना अनिवार्य<br>
स्कूलों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के तहत होने वाले दाखिलों और कुल नामांकन की सूचना देनी होगी।</strong></p>
<p><strong>ट्यूशन फीस के साथ अन्य सभी शुल्क, फीस बढ़ोतरी और वित्तीय खातों का पूरा ब्यौरा देना होगा।</strong></p>
<p><strong>स्कूल के इन्फ्रास्ट्रक्चर और अन्य सरकारी आदेशों के पालन की स्थिति स्पष्ट करनी होगी।</strong></p>
<p><strong>18 मानकों पर बताना होगा, क्यों फीस बढ़ाना वाजिब</strong><br>
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पिछले दिनों कहा था कि निजी स्कूलों को अब किसी भी प्रस्तावित शुल्क वृद्धि को 18 निर्धारित मानकों के आधार पर उचित ठहराना होगा और अभिभावकों को संतुष्ट करना होगा कि शुल्क बढ़ोतरी वाजिब है। मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने सभी निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे 15 जुलाई तक दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण और विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025 के तहत स्कूल स्तर पर शुल्क विनियमन समिति (एसएलएफआरसी) का गठन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अनुपालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>मंत्री ने कहा था कि फीस में बदलाव चाहने वाले स्कूलों को अपना प्रस्ताव समिति के सामने रखना होगा और नियमों के तहत निर्धारित 18 मानकों के आधार पर प्रस्तावित वृद्धि को उचित ठहराना होगा। मंत्री ने कहा, ''इन मानकों में बुनियादी ढांचे का विकास, परिवहन सुविधाएं, स्कूल भवन, सुरक्षा उपाय, प्रकाश व्यवस्था, कर्मचारियों की भर्ती और अन्य संस्थागत आवश्यकताओं पर होने वाला खर्च शामिल है। स्कूलों को यह दिखाना होगा कि प्रस्तावित शुल्क वृद्धि वास्तविक सुधारों से जुड़ी है और उसके समर्थन में उनके पास वित्तीय रिकॉर्ड उपलब्ध हैं।'</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कर्नाटक में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन! कृषि अधिकारी पुष्पा के घर छापे में सोना&#45;नकदी बरामद, जांच जारी</title>
<link>https://atworldnews.in/9297</link>
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<description><![CDATA[  बेंगलुरु कर्नाटक लोकायुक्त ने बुधवार को राज्य भर में एक साथ छापेमारी की और 10 सरकारी अफसरों के ठिकानों पर दबिश दी. इन सभी अफसरों पर अपनी आय से कहीं ज्यादा संपत्ति बनाने का आरोप है। अधिकारियों के मुताबिक बेंगलुरु सिटी, बेंगलुरु साउथ, रायचूर, चित्रदुर्ग, तुमकुरु, शिवमोगा और कलबुर्गी में इन अफसरों के घरों और दफ्तरों … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 16:32:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>कर्नाटक, में, लोकायुक्त, का, बड़ा, एक्शन, कृषि, अधिकारी, पुष्पा, के, घर, छापे, में, सोना-नकदी, बरामद, जांच, जारी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> बेंगलुरु</strong></p>
<p>कर्नाटक लोकायुक्त ने बुधवार को राज्य भर में एक साथ छापेमारी की और 10 सरकारी अफसरों के ठिकानों पर दबिश दी. इन सभी अफसरों पर अपनी आय से कहीं ज्यादा संपत्ति बनाने का आरोप है। अधिकारियों के मुताबिक बेंगलुरु सिटी, बेंगलुरु साउथ, रायचूर, चित्रदुर्ग, तुमकुरु, शिवमोगा और कलबुर्गी में इन अफसरों के घरों और दफ्तरों की तलाशी ली गई। </p>
<p>इसी बीच कृषि विभाग की एईओ पुष्पा के घर से बड़ी मात्रा में सोने के गहने और भारी नकदी बरामद हुई है, जिसकी कीमत जानने के लिए सुनार को बुलाया गया है। पुष्पा के घर से मिले गहनों और नकदी की गिनती और वैल्यूएशन का काम अभी जारी है, जिससे पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकेगी। </p>
<p>लोकायुक्त की टीम ने जिन 10 अफसरों के यहां छापेमारी की, उनमें कृष्णा भाग्य जल निगम लिमिटेड रायचूर के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बसनगौड़ पाटिल, कृषि इंजीनियरिंग (बागवानी) यूनिवर्सिटी चित्रदुर्ग के असिस्टेंट प्रोफेसर शंकर एम और वॉटरशेड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट चित्रदुर्ग के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर दुग्गप्पा बी एच शामिल हैं। </p>
<p>इसके अलावा बेंगलुरु पीडब्ल्यूडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नरेंद्र कुमार, केआरआईडीएल बेंगलुरु रेंज ऑफिस के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रवीण बी श्री हरि और बेंगलुरु एपीएमसी में डिप्टी डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) पुष्पा डी आर पर भी छापा पड़ा। </p>
<p>इनके अलावा तुमकुरु के माइनर इरिगेशन डिपार्टमेंट के असिस्टेंट इंजीनियर मधुसूदन एन, बेंगलुरु साउथ के कुंबलगोडु पंचायत के पीडीओ थिम्मे गौड़ा, शिवमोगा फॉरेस्ट रिसर्च डिवीजन के असिस्टेंट कंजरवेटर किरण अंगड़ी और कलबुर्गी की जीईएससीओएम के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) अमृत राव भी इस कार्रवाई में शामिल किए गए। </p>
<p>इन सभी अफसरों की संपत्ति की जांच लोकायुक्त की टीम कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इनके पास मौजूद संपत्ति इनकी सैलरी और कमाई से मेल खाती है या नहीं। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>CM विष्णु देव साय का बड़ा ऐलान, 3D Blast हादसे में मृतकों के परिजनों को ₹30&#45;30 लाख की सहायता</title>
<link>https://atworldnews.in/9296</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला स्थित थ्री डी फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट में 3 मजदूरों की मौत हो गई. घटना के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. वहीं मृतकों के परिवार को कारखना प्रबंधन ने आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा कर दी है. … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 16:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>विष्णु, देव, साय, का, बड़ा, ऐलान, Blast, हादसे, में, मृतकों, के, परिजनों, को, ₹30-30, लाख, की, सहायता</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला स्थित थ्री डी फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट में 3 मजदूरों की मौत हो गई. घटना के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. वहीं मृतकों के परिवार को कारखना प्रबंधन ने आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा कर दी है.</p>
<p>प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उरला स्थित थ्री डी फैक्ट्री में फेरो अलॉय बनाने का काम होता था. मंगलवार की शाम 6 बजे ब्लास्ट की घटना हुई. फेरो एलॉयज डिवीजन में संचालित फर्नेस में लान्सिंग करने के दौरान ऑक्सीजन सिलिंडर में अचानक भीषण विस्फोट होने के कारण दुर्घटना घटित हुई. फैक्ट्री में ब्लास्ट की घटना को लेकर मुख्यमंत्री साय ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हादसे के बाद कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को बंद कर दिया गया है. मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया गया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगे भी उद्योगों में सुरक्षा पर कड़ाई से काम किया जाएगा.</p>
<p><strong>मृतकों के परिजनों को 30 लाख का मुआवजा</strong><br>
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने घटना को लेकर कहा कि उरला के थ्री डी फैक्ट्री में ब्लास्ट की घटना बेहद दुखद है. फैक्ट्री को तत्काल बंद कर दिया गया है. साथ ही घटना की जांच के आदेश भी दिए गए है. उन्होंने बताया कि मृतकों 30-30 लाख मुआवजे का प्रावधान किया गया हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसपर कार्रवाई की जाएगी.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सीएम डॉ. मोहन ने 10 साल बाद दिया प्रमोशन, गदगद हुए कर्मचारी, ढोल&#45;नगाड़ों से किया स्वागत</title>
<link>https://atworldnews.in/9295</link>
<guid>https://atworldnews.in/9295</guid>
<description><![CDATA[ सीएम डॉ. मोहन ने 10 साल बाद दिया प्रमोशन, गदगद हुए कर्मचारी, ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दशक बाद शुरू की पदोन्नति की प्रक्रिया – कर्मचारियों ने मंत्रालय में सीएम डॉ. यादव को भेंट किया गुलदस्ता – वर्षों से इंतजार कर रहे लाखों कर्मचारियों को होगा सीधा लाभ भोपाल  मध्यप्रदेश … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 16:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सीएम, डॉ., मोहन, ने, साल, बाद, दिया, प्रमोशन, गदगद, हुए, कर्मचारी, ढोल-नगाड़ों, से, किया, स्वागत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सीएम डॉ. मोहन ने 10 साल बाद दिया प्रमोशन, गदगद हुए कर्मचारी, ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत</strong></p>
<p><strong>– मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दशक बाद शुरू की पदोन्नति की प्रक्रिया<br>
– कर्मचारियों ने मंत्रालय में सीएम डॉ. यादव को भेंट किया गुलदस्ता<br>
– वर्षों से इंतजार कर रहे लाखों कर्मचारियों को होगा सीधा लाभ</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong><br>
 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों-कर्मचारियों को दस साल से अपेक्षित बड़ी सौगात दी है। उन्होंने एक दशक बाद पदोन्नति प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह प्रक्रिया शुरू होने पर अधिकारियों-कर्मचारियों ने सीएम डॉ. यादव का स्वागत किया। इस बीच कर्मचारियों ने यह भी मांग कर दी कि जिन विभागों में यह प्रक्रिया शुरू नहीं है, वहां भी जल्द शुरू की जाए। इस पर सीएम डॉ. यादव ने उन्हें आश्वासन दिया कि जो भी अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नति का पात्र होगा, उसे वह दी जाएगी। सरकार की इस पहल से लाखों कर्मचारियों को लाभ पहुंचेगा।</p>
<p>गौरतलब है कि, 8 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कैबिनेट बैठक के लिए जैसे ही मंत्रालय पहुंचे, वैसे ही उनके स्वागत में ढोल-नगाड़े बजने लगे। अधिकारी-कर्मचारी उनके स्वागत के लिए उमड़ पड़े। कर्मचारियों ने सीएम डॉ. यादव को गुलदस्ता भेंट किया। इस मौके पर कर्मचारियों ने कहा कि हम पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हैं। </p>
<p><strong>कर्मचारी कल्याण के लिए सीएम डॉ. यादव प्रतिबद्ध</strong><br>
इस अवसर पर कर्मचारी कल्याण समिति, मंत्रालय कर्मचारी संघ और अजाक्स  के पदाधिकारी मौजूद थे। बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कर्मचारी कल्याण के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने इस अवसर पर भी संघों के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि कोई भी पात्र कर्मचारी अन्याय का शिकार नहीं होगा। उन्होंने पद संभालते ही कर्मचारी कल्याण के लिए पहल करनी शुरू कर दी थीं। उसी का परिणाम है कि आज लाखों कर्मचारियों को सीधा फायदा होने जा रहा है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>बिना बेसन और सूजी के बनाएं रुई जैसा सॉफ्ट उड़द दाल ढोकला, जानें आसान हेल्दी रेसिपी</title>
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<description><![CDATA[ ढोकला एक ऐसा गुजराती स्नैक है जो हल्के और टेस्टी ब्रेकफास्ट के लिए हर घर में पहली पसंद होता है. आमतौर पर लोग बेसन या सूजी का इस्तेमाल करके ही ढोकला बनाते हैं लेकिन कई बार बेसन से लोगों को एसिडिटी या भारीपन की शिकायत हो जाती है. अगर आप भी इस बार कुछ अलग … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 16:30:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>बिना, बेसन, और, सूजी, के, बनाएं, रुई, जैसा, सॉफ्ट, उड़द, दाल, ढोकला, जानें, आसान, हेल्दी, रेसिपी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>ढोकला एक ऐसा गुजराती स्नैक है जो हल्के और टेस्टी ब्रेकफास्ट के लिए हर घर में पहली पसंद होता है. आमतौर पर लोग बेसन या सूजी का इस्तेमाल करके ही ढोकला बनाते हैं लेकिन कई बार बेसन से लोगों को एसिडिटी या भारीपन की शिकायत हो जाती है. अगर आप भी इस बार कुछ अलग और सुपर हेल्दी ट्राई करना चाहते हैं तो बिना बेसन और बिना सूजी के सिर्फ उड़द दाल से रुई जैसा सॉफ्ट और जालीदार ढोकला बना सकते हैं.</p>
<p>उड़द दाल से बना यह ढोकला न सिर्फ प्रोटीन से भरपूर होता है बल्कि इसका स्पंज इतना लाजवाब होता है कि यह मुंह में जाते ही घुल जाता है. आइए जानते हैं उड़द दाल से एकदम जालीदार और परफेक्ट ढोकला बनाने की बेहद आसान रेसिपी.</p>
<p><strong>सामग्री (Ingredients)</strong><br>
धुली उड़द दाल: 1 कप</p>
<p>सम्बंधित ख़बरें</p>
<p>अदरक: 1 इंच का टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ)</p>
<p>हरी मिर्च: 2-3 (बारीक कटी हुई)</p>
<p>हींग: एक चुटकी</p>
<p>नींबू का रस: 1 छोटा चम्मच</p>
<p>नमक: स्वादानुसार</p>
<p>तेल: 2 चम्मच (तड़के और ग्रीसिंग के लिए)</p>
<p>राई (सरसों के दाने): 1 छोटा चम्मच</p>
<p>सफेद तिल: 1 छोटा चम्मच</p>
<p>कढ़ी पत्ता: 10-12</p>
<p>हरा धनिया और कद्दूकस किया नारियल: गार्निशिंग के लिए</p>
<p><strong>बनाने की विधि</strong><br>
दाल भिगोएं: सबसे पहले 1 कप धुली उड़द दाल को साफ पानी से 2-3 बार अच्छी तरह धो लें. इसके बाद इसे पर्याप्त पानी में डालकर 4-5 घंटे के लिए भीगने दें.</p>
<p>दाल जब अच्छी तरह फूल जाए, तो उसका अतिरिक्त पानी छान लें. अब दाल को मिक्सर जार में डालें और बिल्कुल कम पानी (लगभग 2 से 3 चम्मच) का इस्तेमाल करते हुए एकदम महीन और गाढ़ा पीस लें.</p>
<p>पिसी हुई दाल को एक बड़े बर्तन में निकालें. अब अपने हाथों की मदद से बैटर को एक ही दिशा में लगातार 4-5 मिनट तक अच्छी तरह फेंटें. फेंटने से बैटर में हवा भरती है जो ढोकले को स्पंजी बनाती है. इसके बाद इसे ढककर 6-7 घंटे या रातभर के लिए किसी गर्म जगह पर खमीर (fermentation) उठने के लिए रख दें.</p>
<p>खमीर उठने के बाद बैटर अच्छी तरह फूल जाएगा. अब इसमें कद्दूकस किया हुआ अदरक, बारीक कटी हरी मिर्च, एक चुटकी हींग, नींबू का रस और स्वादानुसार नमक डालकर हल्के हाथों से मिलाएं.</p>
<p>एक ढोकला टिन या गहरी थाली को थोड़े से तेल से अच्छी तरह ग्रीस कर लें. ढोकला बैटर को इस थाली में डालें. स्टीमर या एक बड़ी कड़ाई में 2 कप पानी उबाले और उसमें स्टैंड रखकर ढोकला थाली को सेट कर दें. इसे ढककर मीडियम से तेज आंच पर 12-15 मिनट तक स्टीम होने दें.</p>
<p>15 मिनट बाद ढोकले के बीच में चाकू या टूथपिक डालकर चेक करें. अगर चाकू साफ बाहर आता है, तो ढोकला पूरी तरह पक चुका है. इसे आंच से उतारें और 5 मिनट के लिए ठंडा होने दें. ठंडा होने के बाद इसे चाकू से चौकोर टुकड़ों में काट लें.</p>
<p><strong>तड़का लगाने का तरीका</strong><br>
एक छोटे पैन में 1-2 चम्मच तेल गर्म करें.</p>
<p>तेल गर्म होने पर इसमें राई, सफेद तिल, हींग, कढ़ी पत्ता और बीच से कटी हरी मिर्च डालकर चटकाएं.</p>
<p>आंच बंद करें और इस गरमा-गरम सूखे तड़के को कटे हुए ढोकले के ऊपर चम्मच से बराबर फैलाएं.</p>
<p>ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया और कद्दूकस किया हुआ ताजा नारियल डालकर गार्निश करें. आपका बिना बेसन-सूजी का रुई जैसा जालीदार ढोकला परोसने के लिए तैयार है. इसे हरी चटनी के साथ सर्व करें.</p>]]> </content:encoded>
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<title>लखनऊ पॉलीटेक्निक चौराहे पर बनेगा 700 मीटर लंबा अंडरपास, 90 करोड़ से मिलेगी जाम से राहत</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ राजधानी के सबसे व्यस्तम चौराहों में शामिल पॉलीटेक्निक पर लगने वाले जाम से अब जल्द राहत मिलेगी। यहां एचएल के सामने से चौराहा पार करते हुए वेब सिनेमा तक 700 मीटर लंबा अंडरपास बनाया जाएगा। इसे बनाने में 90 करोड़ रुपये की लागत आएगी। पॉलिटेक्निक चौराहे पर अंडरपास बन जाने से लखनऊ ही नहीं … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 16:03:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>लखनऊ, पॉलीटेक्निक, चौराहे, पर, बनेगा, 700, मीटर, लंबा, अंडरपास, करोड़, से, मिलेगी, जाम, से, राहत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
राजधानी के सबसे व्यस्तम चौराहों में शामिल पॉलीटेक्निक पर लगने वाले जाम से अब जल्द राहत मिलेगी। यहां एचएल के सामने से चौराहा पार करते हुए वेब सिनेमा तक 700 मीटर लंबा अंडरपास बनाया जाएगा। इसे बनाने में 90 करोड़ रुपये की लागत आएगी। पॉलिटेक्निक चौराहे पर अंडरपास बन जाने से लखनऊ ही नहीं बल्कि अयोध्या, गोरखपुर, बहराइच, गोंडा और बलरामपुर समेत कई जिलों के आने जाने वालों को जाम से राहत मिलेगी। इन जिलों के लोग लखनऊ आकर यहां इस चौराहे पर जाम में फंस जाते थे।</p>
<p>पॉलीटेक्निक चौराहे पर अंडरपास बनाए जाने की मांग लखनऊ पूर्व के विधायक ओपी श्रीवास्तव ने फरवरी में विधानसभा के बजट सत्र में रखी थी। उस दौरान उन्होंने कहा था कि लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर पॉलिटेक्निक चौराहे से वेब सिनेमा की ओर जाने वाले मार्ग पर अंडरपास का शीघ्र निर्माण कराया जाए। इससे रोज लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। लोगों को काफी राहत मिलेगी, उनका समय बचेगा। उनकी इस मांग को सदन ने पास कर दिया था। उसके बाद सेतु निगम ने इस प्रस्ताव को अपनी कार्य योजना में शामिल कर लिया। अब निर्माण कार्य का खाका तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया है। सेतु निगम के अनुसार अंडरपास 700 मीटर लंबा होगा, जिसे बनाने में 90 करोड़ रुपये की लागत आएगी। विभाग के अनुसार शासन से धनराशि स्वीकृति का इंतजार है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।</p>
<p><strong>रोजाना 50 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं-</strong><br>
पॉलीटेक्निक चौराहा पर रोजाना 50 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है। इसमें से एचएलएल की तरफ से ही 15 से 20 हजार वाहन अयोध्या रोड और गोमतीनगर की तरफ जाते हैं। पीक ऑवर में वाहनों की अधिकता के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। इस स्थिति को देखते हुए यहां अंडरपास बनाए जाने की मांग लंबे समय से की जाती रही। अब यहां अंडरपास बनने जा रहा है। इससे लोगों को सफर आसान हो जाएगा।</p>
<p><strong>पॉलीटेक्निक की तरफ भी रास्ता दें तो रहेगी राहत-</strong><br>
एचएएल से पॉलीटेक्निक चौराहा पार करते हुए वेब सिनेमा की तरफ अंडरपास से चौराहे पर गोमतीनगर की तरफ जाने वाले वाहनों का दबाव कम होगा। अयोध्या रोड जाने वाले वाहनों की स्थित यथावत रहेगी। ऐसे में चिकन नेक पर मुंशीपुलिया की तरफ से आने वाले वाहनों के कारण ट्रैफिक फंसने की आशंका बनी रहेगी। यदि अंडरपास के हिस्से की गुंजाइश अयोध्या रोड की तरफ भी रखी जाए तो ट्रैफिक फंसने की आशंका नहीं रहेगी।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>सहारनपुर में सरकारी जमीन पर बने मदरसों और मस्जिदों को नोटिस, 13 जुलाई तक जवाब मांगा</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ सरकारी जमीन पर बने मदरसों, मस्जिदों और मजारों को लेकर यूपी के सहारनपुर में प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। देवबंद तहसील में हुए इन निर्माणों को लेकर 11 मुकदमे दर्ज कर संबंधित प्रबंधकों और मुतवल्लियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें धारा-67 के तहत छह, सार्वजनिक संपत्ति संरक्षण (पीपी) एक्ट के … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 16:03:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सहारनपुर, में, सरकारी, जमीन, पर, बने, मदरसों, और, मस्जिदों, को, नोटिस, जुलाई, तक, जवाब, मांगा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
सरकारी जमीन पर बने मदरसों, मस्जिदों और मजारों को लेकर यूपी के सहारनपुर में प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। देवबंद तहसील में हुए इन निर्माणों को लेकर 11 मुकदमे दर्ज कर संबंधित प्रबंधकों और मुतवल्लियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें धारा-67 के तहत छह, सार्वजनिक संपत्ति संरक्षण (पीपी) एक्ट के तहत तीन और दो अन्य मामले विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 13 जुलाई तक संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए बेदखली सहित अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>सभी को जारी हुआ नोटिस</strong><br>
कार्रवाई के तहत ग्राम सोहनचिड़ा की अक्सा मस्जिद, ग्राम पंडौली की मदीना मस्जिद, ग्राम छलौली स्थित मदरसा दारुस्सलाम, अंबेहटा शेखा स्थित मदरसा, पहाड़पुर की मस्जिद तथा अंबेहटा शेखा की एक अन्य मस्जिद के प्रबंधकों और मुतवल्लियों को नोटिस दिए गए हैं। आरोप है कि इन संस्थानों द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक संपत्ति संरक्षण (पीपी) एक्ट के तहत तीन मामलों में कार्रवाई प्रस्तावित है, जबकि एक मामला अपर जिलाधिकारी न्यायालय और एक तहसीलदार न्यायालय में विचाराधीन है।</p>
<p><strong>13 जुलाई तक जवाब का मौका</strong><br>
सभी संबंधित पक्षों को 13 जुलाई तक अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर प्रशासन एकपक्षीय आदेश पारित करेगा। जिले में इससे पहले भी एटीएस द्वारा कई मकतबों और मदरसों की जांच की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि वर्तमान कार्रवाई पूरी तरह राजस्व अभिलेखों और सरकारी भूमि की जांच के आधार पर की जा रही है तथा इसका उद्देश्य केवल सरकारी संपत्ति को अतिक्रमण मुक्त कराना है।</p>
<p><strong>क्या बोले डीएम अरविंद चौहान</strong><br>
इस बार में डीएम अरविंद चौहान ने कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी मामलों में नियमानुसार नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा, लेकिन यदि निर्धारित समय तक जवाब नहीं मिलता है तो कानून के अनुसार एकपक्षीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</p>
<p><strong>देवबंद में सबसे ज्यादा छह अवैध धार्मिक परिसरों को नोटिस</strong><br>
अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान में देवबंद तहसील सबसे अधिक कार्रवाई वाला क्षेत्र है। तहसील प्रशासन ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के आरोप में छह मदरसों और मस्जिदों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-67 के तहत वाद दर्ज कर नोटिस जारी किए हैं। कार्रवाई के दायरे में ग्राम सोहनचिड़ा की अक्सा मस्जिद, पंडौली की मदीना मस्जिद, छलौली का मदरसा दारुस्सलाम, अंबेहटा शेखा का मदरसा, पहाड़पुर की मस्जिद तथा अंबेहटा शेखा की एक अन्य मस्जिद शामिल हैं।</p>
<p>प्रशासन के अनुसार सभी मामलों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतों और राजस्व अभिलेखों के आधार पर कार्रवाई की गई है। संबंधित प्रबंधकों एवं मुतवल्लियों को 13 जुलाई तक अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय तक जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो प्रशासन एकपक्षीय आदेश जारी कर आगे की विधिक कार्रवाई करेगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>‘राम मंदिर की जगह अस्पताल’ वाले बयान पर BJP का हमला, ढिल्लों बोले&#45; केजरीवाल का मंदिर प्रेम सिर्फ चुनावी दिखावा</title>
<link>https://atworldnews.in/9291</link>
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<description><![CDATA[ चंडीगढ़   भारतीय जनता पार्टी पंजाब के अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले और उसकी जगह अस्पताल बनाने की बात करने वाले अरविंद केजरीवाल के मुंह से आज मंदिरों की बात शोभा नहीं देती। यह केवल उनका &#039;चुनावी हिंदू प्रेम&#039; दिखाने का प्रयास है। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 16:01:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>‘राम, मंदिर, की, जगह, अस्पताल’, वाले, बयान, पर, BJP, का, हमला, ढिल्लों, बोले-, केजरीवाल, का, मंदिर, प्रेम, सिर्फ, चुनावी, दिखावा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>चंडीगढ़</strong><br>
  भारतीय जनता पार्टी पंजाब के अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले और उसकी जगह अस्पताल बनाने की बात करने वाले अरविंद केजरीवाल के मुंह से आज मंदिरों की बात शोभा नहीं देती। यह केवल उनका 'चुनावी हिंदू प्रेम' दिखाने का प्रयास है।</p>
<p><strong>केजरीवाल का मंदिर प्रेम महज़ चुनावी हिंदुत्व है : ढिल्लों</strong><br>
उन्होंने कहा कि पंजाब दौरे के दौरान केजरीवाल द्वारा हिंदू धर्म और मंदिरों का बार-बार उल्लेख करना महज़ चुनावी राजनीति है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक का पूरा राजनीतिक रिकॉर्ड इस बात का गवाह है कि सनातन धर्म और मंदिर उनके लिए केवल वोट हासिल करने का माध्यम रहे हैं। पंजाब के जागरूक लोग अब इस राजनीतिक पाखंड को भली-भांति समझ चुके हैं। ढिल्लों ने कहा कि जो व्यक्ति अयोध्या में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक और पवित्र समारोह में शामिल होने से बचता रहा, वही आज पंजाब आकर हिंदू समाज को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। जब पूरा देश श्रद्धा में डूबा हुआ था, तब केजरीवाल दिल्ली में सुंदरकांड पाठ का राजनीतिक प्रदर्शन कर रहे थे।</p>
<p><strong>पंजाब को नुकसान पहुंचाने वालों के मुंह से धर्म की बातें शोभा नहीं</strong><br>
केजरीवाल के धार्मिक ज्ञान पर सवाल उठाते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जनवरी 2025 में रावण को लेकर विवादित और तथ्यात्मक रूप से गलत बयान देकर 'अधर्मी' कहलाने वाले केजरीवाल आज पंजाब में धार्मिक उपदेश दे रहे हैं। जिस व्यक्ति को रामायण की मूलभूत समझ तक नहीं है, वह आज पंजाब के लोगों को धर्म का पाठ पढ़ाने निकला है। उन्होंने कहा कि जब भी सनातन धर्म के सम्मान की बात आती है तो केजरीवाल असहज हो जाते हैं, लेकिन वोटों के लिए मंदिरों के चक्कर लगाने का दिखावा करना कभी नहीं भूलते। ढिल्लों ने सवाल किया कि दिल्ली में एक दशक तक सत्ता में रहने वाले केजरीवाल बताएं कि उन्होंने वहां किसी एक बड़े मंदिर या हिंदू धार्मिक संस्था के विकास के लिए क्या किया? आज पंजाब में बड़े-बड़े दावे करने से पहले उन्हें दिल्ली की जनता को अपने धर्म और संस्कृति के प्रति योगदान का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों से पंजाब को नुकसान पहुंचाने वालों के मुंह से धर्म की बातें शोभा नहीं देतीं। पंजाब के लोग राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल करने वालों के मंसूबों को कभी सफल नहीं होने देंगे। दिल्ली में सत्ता गंवाने के बाद अब केजरीवाल पंजाब की धार्मिक भावनाओं के सहारे अपना डूबता राजनीतिक भविष्य बचाने की असफल कोशिश कर रहे हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>शेयर बाजार में महातबाही! सेंसेक्स 1900+ अंक टूटा, निफ्टी 462 अंक लुढ़का; ट्रंप बोले&#45; अब ईरान से नहीं होगी बात</title>
<link>https://atworldnews.in/9290</link>
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<description><![CDATA[ मुंबई  शेयर बाजार में अचानक कोहराम (Stock Market Crash) मच गया है. सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को गिरावट के साथ खुलने के बाद आखिरी कारोबारी घंटे में बड़ा भूचाल आया और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1900 अंक से ज्यादा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:33:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>शेयर, बाजार, में, महातबाही, सेंसेक्स, 1900, अंक, टूटा, निफ्टी, 462, अंक, लुढ़का, ट्रंप, बोले-, अब, ईरान, से, नहीं, होगी, बात</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong><br>
शेयर बाजार में अचानक कोहराम (Stock Market Crash) मच गया है. सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को गिरावट के साथ खुलने के बाद आखिरी कारोबारी घंटे में बड़ा भूचाल आया और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1900 अंक से ज्यादा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी 550 अंक से ज्यादा फिसल गया. लार्जकैप, मिडकैप से लेकर स्मॉलकैप तक हर ओर बड़ी गिरावट देखने को मिली है. इस गिरावट का सीधे डोनाल्ड ट्रंप से कनेक्शन नजर आ रहा है, जिन्होंने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है और इसके बाद मार्केट क्रैश हो गया। </p>
<p><strong>रेड में ओपन, फिर क्रैश हुए सेंसेक्स-निफ्टी </strong><br>
शेयर मार्केट में बुधवार को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ लाल निशान पर हुई थी और मार्केट बंद होने से घंटेभर पहले ही सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश हो गए. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,180 की तुलना में गिरावट के साथ खुला और महज पांच मिनट के कारोबार के दौरान ही ये 550 अंक से ज्यादा फिसल गया था. इसके बाद काफी देर तर इस हल्की गिरावट में कारोबार करने के बाद खबर लिखे जाने तक दोपहर 2.37 बजे पर BSE Sensex करीब 1900 गिरकर 76,277 के लेवल पर आ गया। </p>
<p>सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी इंडेक्स का भी बुरा हाल रहा. ये NSE इंडेक्स 24,398 के अपने पिछले बंद के मुकाबले खुलते ही गिरकर 24,259 पर आ गया और खबर लिखे जाने तक इसमें गिरावट की रफ्तार भी तेज हो गई. Nifty 550 अंक की गिरावट लेकर 23,845 पर कारोबार कर रहा था। </p>
<p><strong>अचानक मार्केट में क्यों चलने लगी गिरावट की आंधी</strong><br>
मार्केट में गिरावट के पीछे अमेरिका और ईरान में बढ़ता तनाव के साथ ग्लोबल मार्केट भी है। अमेरिकी सेना ने ईरान में 80 से अधिक ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसके अलावा, अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति देने वाली छूट को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया। इनके चलते ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 2.2% बढ़कर 75.84 डॉलर प्रति बैरल हो गई।</p>
<p>इस भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक शेयर बाजारों पर भी साफ दिखा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) 5% से अधिक गिरकर तकनीकी मंदी में प्रवेश कर गया, क्योंकि यह जून के रिकॉर्ड हाई से 20% से अधिक नीचे आ गया। एआई से संबंधित शेयरों से निवेशकों के पलायन ने इस गिरावट को और तेज किया। अमेरिकी बाजारों की बात करें तो S&P 500 और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में गिरावट जारी रही। यूरोप का स्टॉक्स 600 (Stoxx 600) सूचकांक भी लगातार तीसरे दिन गिरकर 0.7% नीचे आ गया। हालांकि, इसके विपरीत हांगकांग में अलीबाबा के शेयरों में 11.5% तक की तेजी दर्ज की गई, जबकि चीनी बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली।</p>
<p><strong>Trump ने ईरान पर क्या कहा? </strong><br>
शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मैं ईरान के साथ किसी भी तरह की नई डील नहीं करना चाहता हूं. ईरान के साथ समझौते का दौर अब खत्म हो चुका है और उसके साथ बातचीत समय की बर्बादी है. Donald Trump यहीं नहीं रुके, बल्कि उन्होंने अपने बयान में ये तक कह दिया कि ईरानी बीमार लोग हैं. मैं उनसे कोई डील नहीं करना चाहता. ईरान के साथ किसी नए समझौते की उनकी कोई ख्वाहिश नहीं है. मेरा मानना है कि यह मुद्दा अब खत्म हो चुका है। </p>
<p><strong>कच्चे तेल में भी लगी आग</strong><br>
ट्रंप के ईरान को लेकर दिए गए बड़े बयान का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत पर भी देखने को मिला है. ब्रेंट क्रूड की कीमत अचानक 6.50 फीसदी की तगड़ी उछाल के साथ 79 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई, तो वहीं WTI Crude Price भी इस तेजी के साथ 75 डॉलर का स्तर एक बार फिर पार कर गया है।  </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>शाम की चाय का मजा दोगुना करेंगे ये 5 झटपट स्नैक्स, 10 मिनट में होंगे तैयार</title>
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<description><![CDATA[ दिनभर की थकावट के बाद अगर एक कप कड़क चाय और उसके साथ कुछ गर्मागर्म स्नैक्स मिल जाएं, तो बात ही कुछ और होती है. चाय की पहली चुस्की और स्नैक्स की पहली बाइट लेते ही हम पूरे दिन की थकान को कुछ ही पलों में भूल जाते हैं. लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:33:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>शाम, की, चाय, का, मजा, दोगुना, करेंगे, ये, झटपट, स्नैक्स, मिनट, में, होंगे, तैयार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>दिनभर की थकावट के बाद अगर एक कप कड़क चाय और उसके साथ कुछ गर्मागर्म स्नैक्स मिल जाएं, तो बात ही कुछ और होती है. चाय की पहली चुस्की और स्नैक्स की पहली बाइट लेते ही हम पूरे दिन की थकान को कुछ ही पलों में भूल जाते हैं. लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि दिनभर की थकावट की वजह से न तो हमारे पास स्नैक्स तैयार करने की एनर्जी होती है और न ही किचन में देने के लिए ज़्यादा समय. ऐसा होने पर अक्सर हम मन मारकर पैकेट से कुछ भी निकालकर चाय के साथ खा लेते हैं. अगर आपकी कहानी भी ठीक ऐसी ही है और आप हर दिन एक ही तरह के स्नैक्स खाकर ऊब चुके हैं, तो आज का यह आर्टिकल आपके लिए ही है. आज हम आपको कुछ बेहद टेस्टी और इजी स्नैक्स की रेसिपी बताने जा रहे हैं, जिन्हें तैयार करने में आपको ज्यादा से ज्यादा 10 मिनट का समय लगेगा. लेकिन, जब ये स्नैक्स एक बार तैयार हो जाएंगे, तो ये आपकी शाम की चाय का मज़ा आसानी से दोगुना कर देंगे. तो चलिए, इन स्नैक्स के बारे में विस्तार से जानते हैं.</p>
<p><strong>शाम के नाश्ते में ट्राय करें सूजी की इंस्टेंट इडली</strong><br>
अगर आप शाम की चाय के साथ कुछ लाइट और हेल्दी खाना चाहते हैं, तो सूजी की इडली एक बेहतरीन चॉइस बन जाता है. इसे बनाने के लिए आपको घंटों तक बैटर को फर्मेंट करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक कटोरी सूजी में आधा कटोरी दही, थोड़ा सा पानी और नमक मिलाकर एक गाढ़ा घोल तैयार कर लें. अब इसमें एक छोटा चम्मच इनो पाउडर मिलाएं और इडली स्टैंड में डालकर 5 से 7 मिनट के लिए स्टीम कर लें. आपकी एकदम सॉफ्ट और स्पंजी इडली चाय के साथ खायी जाने के लिए तैयार है। इसे हरी चटनी या नारियल की चटनी के साथ गर्मागर्म सर्व करें.</p>
<p>बच्चों से लेकर बड़ों का फेवरेट क्रिस्पी ब्रेड पिज्जा<br>
क्रिस्पी ब्रेड पिज्जा एक ऐसी डिश है जिसे बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी खूब पसंद करते हैं. आप इसे उनका ऑल टाइम फेवरेट स्नैक भी मान सकते हैं. बिना ओवन के तवे पर बनने वाला यह ब्रेड पिज्जा सिर्फ 5 से 7 मिनट में बनकर तैयार हो जाता है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले ब्रेड की स्लाइस पर थोड़ा सा पिज्जा सॉस या टोमैटो केचप लगाएं. इसके बाद ऊपर से अपनी पसंद की बारीक कटी सब्जियां जैसे कि प्याज, शिमला मिर्च, टमाटर और कॉर्न डालें. अब इसके ऊपर से खूब सारा मोजेरेला चीज और थोड़ा सा ऑरेगैनो और चिली फ्लेक्स छिड़कें. इसके बाद एक तवे पर थोड़ा सा बटर लगाकर ब्रेड को ढककर तब तक सेंकें जब तक चीज पूरी तरह पिघल न जाए. शाम के चाय साथ खाने के लिए आपका क्रिस्पी ब्रेड पिज्जा तैयार है.</p>
<p><strong>शाम की भूख को मिटाने में फायदेमंद चटपटी भेलपूरी</strong><br>
अगर आपको शाम के समय जोरों की भूख लगी हुई है, लेकिन गैस जलाने का मन बिलकुल भी नहीं है, तो ऐसे सिचुएशन में भेलपुरी आपके लिए सबसे बेस्ट चॉइस बन जाता है. चटपटी भेलपुरी को घर पर बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में मुरमुरा लें. इसके बाद इसमें बारीक कटा हुआ प्याज, टमाटर, उबले आलू के टुकड़े और हरी मिर्च डालें. अगर आप इसका स्वाद और भी ज्यादा बढ़ाना चाहते हैं, तो इसमें थोड़ी सी नमकीन, भुनी हुई मूंगफली और पापड़ी को क्रश करके मिक्स कर दें. अब इसके ऊपर से हरी चटनी, मीठी इमली की चटनी, नींबू का रस, चाट मसाला और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह मिक्स करें. लास्ट में ऊपर से बारीक वाले सेव और हरे धनिये से गार्निश करके सर्व करें.</p>
<p><strong>मिनटों में तैयार हो जाएगा कैफे स्टाइल चीज गार्लिक टोस्ट</strong><br>
अगर आप चाहें तो शाम की चाय के साथ कैफे स्टाइल चीज गार्लिक टोस्ट को भी घर पर मिनटों में तैयार कर सकते हैं. इसे बनाना बेहद ही आसान है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक कटोरी में दो चम्मच बटर लें. इसके बाद इसमें कद्दूकस किया हुआ लहसुन, बारीक कटा हरा धनिया और चिली फ्लेक्स मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें. अब इस गार्लिक बटर को ब्रेड की स्लाइस पर अच्छी तरह लगाएं और फिर ऊपर से थोड़ा सा कद्दूकस की हुई चीज इसपर डाल दें. इसके बाद एक तवे को हल्का गर्म करें और ब्रेड को धीमी आंच पर ढककर 2 मिनट के लिए सेक लें. जैसे ही चीज मेल्ट हो जाए और ब्रेड नीचे से क्रिस्पी हो जाए, इसे तवे से उतार लें और चाय के साथ इसके मजे लें.</p>
<p><strong>क्रिस्पी आलू पोहा कट्स भी है एक बेहतरीन चॉइस</strong><br>
अगर आपके घर पर अचानक से मेहमान आ गए हैं, तो उन्हें सर्व करने के लिए क्रिस्पी पोहा कट्स भी एक शानदार चॉइस है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले आधे कप पोहे को पानी से धोकर 2 मिनट के लिए छोड़ दें ताकि वह पूरी तरह से सॉफ्ट हो जाए. अब इस पोहे में एक उबला और मैश किया हुआ आलू, बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया, आधा चम्मच चाट मसाला, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालें. सभी चीजों को हाथ से अच्छी तरह मिलाकर एक आटा जैसा तैयार कर लें. अब इसकी छोटी-छोटी टिक्कियां बना लें और तवे पर थोड़े से तेल में दोनों तरफ से गोल्डन और क्रिस्पी होने तक शैलो फ्राई कर लें.</p>]]> </content:encoded>
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<title>बिलासपुर में जल जीवन मिशन की सुस्ती पर भड़के केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, बिजली कटौती पर भी अधिकारियों को लगाई फटकार</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर. जनप्रतिनिधियों ने लगातार बिजली कटौती और ट्रांसफार्मर क्षमता की समस्या उठाई, जिस पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्थायी समाधान तैयार करने को कहा. जल जीवन मिशन की सुस्ती और आत्मा योजना की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने योजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया. कलेक्टोरेट के … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:31:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>बिलासपुर, में, जल, जीवन, मिशन, की, सुस्ती, पर, भड़के, केंद्रीय, मंत्री, तोखन, साहू, बिजली, कटौती, पर, भी, अधिकारियों, को, लगाई, फटकार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बिलासपुर.</strong></p>
<p>जनप्रतिनिधियों ने लगातार बिजली कटौती और ट्रांसफार्मर क्षमता की समस्या उठाई, जिस पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्थायी समाधान तैयार करने को कहा. जल जीवन मिशन की सुस्ती और आत्मा योजना की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने योजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया.</p>
<p>कलेक्टोरेट के सभागार मंथन में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सिर्फ विभागीय समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह जिले की बुनियादी समस्याओं पर खुली चर्चा का मंच बन गई. केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने बिजली, पेयजल, शिक्षा और कृषि से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. बैठक में सबसे ज्यादा चिंता बिजली व्यवस्था को लेकर सामने आई. कई जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वर्षों बाद इस बार आम लोगों से लेकर उद्योग और व्यवसाय तक बिजली संकट से प्रभावित हुए. मंत्री ने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि आगे ऐसी स्थिति न बने, जहां ट्रांसफार्मर क्षमता कम होने से समस्या आ रही है, वहां क्षमता बढ़ाने और स्वीकृत कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए.</p>
<p>इसके बाद जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान भी मंत्री ने कहा कि पिछले कई वर्षों से कार्यों की रफ्तार वहीं की वहीं रूकी हुई है. जिससे केंद्र की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल इस मिशन का लक्ष्य प्रभावित हो रहा है. अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए. कृषि विभाग की समीक्षा में सामने आया कि आत्मा योजना के तहत लंबे समय से बैठक नहीं हुई. इस पर मंत्री ने नियमित बैठकें आयोजित करने और किसानों के बीच जैविक खेती, उन्नत तकनीक तथा योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए. बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, ग्रामीण आवास, स्मार्ट सिटी, जल संरक्षण, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, कौशल विकास और अन्य विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई.</p>
<p><strong>अपोलो में सरकारी योजनाएं क्यों लागू नहीं?</strong><br>
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान सीएमएचओ से कहा कि जिले में बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. इस दौरान उन्होने कहा कि अपोलो अस्पताल के लिए सरकारी जमीन मात्र एक रुपये प्रति वर्गफीट की दर से उपलब्ध कराई गई थी. इसके बावजूद अस्पताल में शासकीय स्वास्थ्य योजनाओं का समुचित लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा है. उन्होंने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी की जाए.</p>
<p><strong>शिक्षा की बुनियाद मजबूत करने की जरूरत</strong><br>
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी मंत्री ने चिंता जताई. उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से कहा कि प्राथमिक कक्षाओं से ही शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के जरूरत है. उनका कहना था कि यदि शुरुआती शिक्षा मजबूत नहीं होगी तो विद्यार्थियों का भविष्य भी प्रभावित होगा. उन्होंने प्राचार्यों और पालकों के साथ नियमित संवाद बढ़ाने के निर्देश दिए. वहीं शिक्षा विभाग को प्राथमिक कक्षाओं से गुणवत्ता सुधारने को कहा.</p>
<p><strong>सड़कों से मवेशी हटाने बनेगी रणनीति</strong><br>
दिशा बैठक में सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों की समस्या भी उठी. केंद्रीय राज्य मंत्री श्री साहू ने जनपद पंचायत के सीईओ और सरपंचों को समन्वय बनाकर अभियान चलाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि पशुपालकों को जागरूक करने, आवश्यक दिशा-निर्देश देने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर तय की जाए, ताकि सड़कों से मवेशियों को हटाकर दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके.</p>
<p><strong>ये रहे बैठक में उपस्थित</strong><br>
जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में विधायक धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी, सहित जनपद पंचायत, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष उपस्थित थे. कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया.</p>]]> </content:encoded>
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<title>MP SI भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी! 436 अभ्यर्थियों का चयन, संजय परमार बने प्रदेश टॉपर</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने उपनिरीक्षक और सूबेदार भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया। 500 रिक्त पदों के लिए आयोजित भर्ती प्रक्रिया में केवल 436 अभ्यर्थियों का चयन हो सका। महिला और अन्य आरक्षित वर्गों में पर्याप्त पात्र उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होने के कारण 64 पद खाली रह गए। अंतिम मेरिट सूची … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भर्ती, का, फाइनल, रिजल्ट, जारी, 436, अभ्यर्थियों, का, चयन, संजय, परमार, बने, प्रदेश, टॉपर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने उपनिरीक्षक और सूबेदार भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया। 500 रिक्त पदों के लिए आयोजित भर्ती प्रक्रिया में केवल 436 अभ्यर्थियों का चयन हो सका। महिला और अन्य आरक्षित वर्गों में पर्याप्त पात्र उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होने के कारण 64 पद खाली रह गए। अंतिम मेरिट सूची में ओबीसी वर्ग के संजय परमार ने 595.98 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। शीर्ष-10 सफल अभ्यर्थियों में पांच उम्मीदवार ओबीसी वर्ग से हैं।</p>
<p><strong>5,113 अभ्यर्थी पहुंचे दूसरे चरण तक</strong><br>
कर्मचारी चयन मंडल के अनुसार लिखित परीक्षा के बाद कुल 5,113 अभ्यर्थी अगले चरण के लिए पात्र घोषित किए गए थे। इनमें से रिक्त पदों के तीन गुना यानी 1,692 अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा और साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। अंतिम चयन सूची लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की गई।</p>
<p><strong>64 पद खाली रह गए</strong><br>
भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी सभी 500 पद नहीं भर सके। महिला एवं अन्य आरक्षित वर्गों में पर्याप्त योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने से केवल 436 पदों पर ही चयन हो पाया। मंडल ने नियमों के अनुसार कुछ रिक्त पदों का वर्ग परिवर्तन भी किया, लेकिन इसके बावजूद सभी पद नहीं भरे जा सके।</p>
<p><strong>समान अंक मिलने पर ऐसे तय हुई वरीयता</strong><br>
मंडल के अधिकारियों ने बताया कि समान अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की वरीयता आयु और आरक्षण संबंधी नियमों के आधार पर तय की गई। वहीं पूर्व सैनिकों को शासन के प्रावधानों के अनुसार मुख्य चरण की प्रारंभिक परीक्षा में 5 प्रतिशत अतिरिक्त अंकों का लाभ दिया गया।</p>
<p><strong>ऐसा रहा कटऑफ<br>
सूबेदार : 571.16 अंक<br>
विशेष सशस्त्र बल उपनिरीक्षक : 497.27 अंक<br>
जिला पुलिस बल उपनिरीक्षक : 505.206 अंक</strong></p>
<p><strong>शीर्ष-10 में ओबीसी वर्ग का दबदबा</strong><br>
अंतिम मेरिट सूची में पहले दस स्थानों में पांच अभ्यर्थी ओबीसी वर्ग से हैं। इसके अलावा तीन उम्मीदवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दो उम्मीदवार अनारक्षित वर्ग से चयनित हुए हैं। </p>
<p><strong>अब होगी दस्तावेज जांच और चिकित्सकीय परीक्षण</strong><br>
कर्मचारी चयन मंडल ने परिणाम के साथ पदवार, श्रेणीवार और संवर्गवार कटऑफ भी जारी कर दिया है। चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, चिकित्सकीय परीक्षण और नियुक्ति की आगे की प्रक्रिया पुलिस विभाग द्वारा पूरी की जाएगी। अभ्यर्थी कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट से अपना परिणाम देख सकते हैं। मंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि परिणाम में किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि सामने आती है, तो आवश्यक संशोधन करने का अधिकार उसके पास सुरक्षित रहेगा। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>MP Weather: मध्यप्रदेश में मानसून मेहरबान, कई जिलों में झमाझम बारिश; गुना&#45;शिवपुरी समेत 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट</title>
<link>https://atworldnews.in/9286</link>
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<description><![CDATA[  भोपाल  दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता के चलते पूरा प्रदेश इस समय वर्षा में भीग रहा है। मंगलवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं रिमझिम बौछारें पड़ीं तो कहीं तेज वर्षा हुई। छतरपुर जिले के खजुराहो में सबसे अधिक 43 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। इसके अलावा धार में 39 मिलीमीटर और राजगढ़ में 30 … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:31:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Weather:, मध्यप्रदेश, में, मानसून, मेहरबान, कई, जिलों, में, झमाझम, बारिश, गुना-शिवपुरी, समेत, जिलों, में, भारी, बारिश, का, अलर्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> भोपाल</strong><br>
 दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता के चलते पूरा प्रदेश इस समय वर्षा में भीग रहा है। मंगलवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं रिमझिम बौछारें पड़ीं तो कहीं तेज वर्षा हुई। छतरपुर जिले के खजुराहो में सबसे अधिक 43 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। इसके अलावा धार में 39 मिलीमीटर और राजगढ़ में 30 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।</p>
<p>मंगलवार को बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं ने भी अपना असर दिखाया। ग्वालियर और गुना समेत कई जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। शाम होते-होते छिंदवाड़ा, सिवनी और सीधी समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा हुई। लगातार हो रही इस झमाझम और रिमझिम वर्षा के कारण प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।</p>
<p>पश्चिमी मध्य प्रदेश के तापमान में एक से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई। अधिकतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस से 33.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस से 28.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश के तापमान में एक से सात डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हुई। इस क्षेत्र में अधिकतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस से 32.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस से 25.8 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकार्ड हुआ।</p>
<p>मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले पांच दिनों के दौरान प्रदेश के मौसम में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने वाला है, यानी बारिश का यह दौर लगातार जारी रहेगा। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में आरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।</p>
<p><strong>इन इलाकों के लिए अलर्ट जारी</strong><br>
<strong>ऑरेंज अलर्ट</strong> : गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सागर और टीकमगढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी वर्षा के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है।</p>
<p><strong>येलो अलर्ट :</strong> विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, झाबुआ, धार, इंदौर, उज्जैन, आगर, मंदसौर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, दमोह, छतरपुर और निवाड़ी में बारिश व वज्रपात की चेतावनी दी गई है।</p>
<p><strong>तेज आंधी व वज्रपात की चेतावनी</strong><br>
भोपाल, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, रतलाम, देवास, शाजापुर, नीमच, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, मैहर और पांढ़ुर्णा में तेज आंधी और गरज चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी दी गई है।</p>
<p><strong>मंगलवार को कहां कितनी हुई बारिश<br>
(तड़के चार बजे से शाम छह बजे तक)<br>
शहर — बारिश(मिलीमीटर में)<br>
बैतूल — 0.6<br>
भोपाल — 10.0<br>
धार — 39.0<br>
गुना — 4.0<br>
नर्मदापुरम – 6.0<br>
इंदौर — 8.0<br>
खंडवा — 5.0<br>
खरगोन — 13.0<br>
रायसेन — 8.0<br>
रतलाम — 23.0<br>
उज्जैन — 17.0<br>
सागर — 15.0<br>
छिंदवाड़ा — 8.0<br>
दमोह — 5.0<br>
जबलपुर — 0.6<br>
सागर — 15.0<br>
सतना — 6.0<br>
सीधी — 4.0<br>
टीकमगढ़ — 6.0</strong></p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>घर पर बनाएं हलवाई जैसे आटे के लड्डू, बिना चाशनी के आसान और स्वादिष्ट रेसिपी</title>
<link>https://atworldnews.in/9285</link>
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<description><![CDATA[ अक्सर त्योहारों पर या कुछ मीठा खाने की क्रेविंग होने पर हम बेसन या बूंदी के लड्डू बाजार से मंगवाते हैं. लेकिन अगर आप इस बार कुछ अलग, बेहद स्वादिष्ट और सेहतमंद ट्राई करना चाहते हैं तो आटे के लड्डू एक बेहतरीन विकल्प हैं. गेहूं के आटे और देशी घी की सोंधी-सोंधी खुशबू से भरपूर … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:03:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>घर, पर, बनाएं, हलवाई, जैसे, आटे, के, लड्डू, बिना, चाशनी, के, आसान, और, स्वादिष्ट, रेसिपी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>अक्सर त्योहारों पर या कुछ मीठा खाने की क्रेविंग होने पर हम बेसन या बूंदी के लड्डू बाजार से मंगवाते हैं. लेकिन अगर आप इस बार कुछ अलग, बेहद स्वादिष्ट और सेहतमंद ट्राई करना चाहते हैं तो आटे के लड्डू एक बेहतरीन विकल्प हैं. गेहूं के आटे और देशी घी की सोंधी-सोंधी खुशबू से भरपूर ये लड्डू इतने सॉफ्ट बनते हैं कि मुंह में जाते ही मखमली अंदाज में घुल जाते हैं.</p>
<p>इन्हें बनाना बेहद आसान है और सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको किसी चाशनी बनाने के झंझट में भी नहीं पड़ना पड़ता. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक यह पारंपरिक मिठाई हर किसी को बेहद पसंद आती है. आइए जानते हैं घर पर हलवाई जैसे परफेक्ट आटे के लड्डू बनाने की सबसे आसान रेसिपी.</p>
<p><strong>आवश्यक सामग्री</strong><br>
गेहूं का आटा: 2 कप</p>
<p>देशी घी: 3/4 कप (पौना कप)</p>
<p>बूरा या गुड़: 1 कप</p>
<p>इलायची पाउडर: 1 छोटा चम्मच</p>
<p>बादाम और काजू: 2-3 चम्मच (बारीक कतरन)</p>
<p>गोंद या खरबूजे के बीज: 1 चम्मच (वैकल्पिक)</p>
<p><strong>बनाने की विधि</strong><br>
सबसे पहले एक भारी तले की कढ़ाई में आधा कप देशी घी डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें. जब घी पिघल जाए, तो इसमें गेहूं का आटा डालें. गैस की आंच को बिल्कुल धीमा कर दें और आटे को लगातार चलाते हुए भूनें.</p>
<p>आटे को धीमी आंच पर करीब 12-15 मिनट तक भूनना है. जैसे-जैसे आटा भुनेगा, इसका रंग हल्का गोल्डन-ब्राउन होने लगेगा और पूरे घर में घी-आटे की सोंधी खुशबू आने लगेगी. अगर मिश्रण ज्यादा सूखा लगे, तो बचा हुआ घी भी थोड़ा-थोड़ा करके मिला दें.</p>
<p>जब आटा लगभग भुनने वाला हो, तब इसमें बारीक कटे हुए काजू और बादाम डाल दें. आटे की गर्मी से ही ड्राई फ्रूट्स भी अच्छी तरह क्रंची हो जाएंगे. अब गैस बंद कर दें और कढ़ाई गर्म होने के कारण मिश्रण को 2 मिनट और चलाएं.</p>
<p>भुने हुए आटे के मिश्रण को एक बड़ी परात या चौड़े बर्तन में निकाल लें और इसे हल्का गुनगुना होने के लिए छोड़ दें. ध्यान रहे, इसे पूरी तरह ठंडा नहीं करना है और न ही बहुत गर्म में चीनी मिलानी है.</p>
<p>जब मिश्रण हल्का गुनगुना (हाथ से छूने लायक) हो जाए, तब इसमें चीनी पाउडर (या बूरा) और इलायची पाउडर डालें. अपने हाथों की मदद से सभी चीजों को अच्छी तरह आपस में रगड़ते हुए मिक्स कर लें.</p>
<p>अब थोड़ा-थोड़ा मिश्रण हाथों में लेकर गोल-गोल दबाते हुए परफेक्ट शेप के लड्डू तैयार कर लें. तैयार लड्डू को पिस्ता या बादाम के टुकड़ों से गार्निश करें. आपके मुंह में घुल जाने वाले टेस्टी आटे के लड्डू तैयार हैं.</p>]]> </content:encoded>
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<title>वजन घटाने के लिए खाएं हाई प्रोटीन सोया पराठा, स्वाद भी और सेहत भी भरपूर</title>
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<description><![CDATA[  वजन घटाने के सफर में सबसे बड़ी चुनौती होती है एक ऐसा खाना ढूंढना, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखे और प्रोटीन से भरपूर हो. अगर आप रोज-रोज वही उबला हुआ खाना या फीका सलाद खाकर बोर हो चुके हैं, तो सोया पराठा आपके लिए एक परफेक्ट ऑप्शन है. यह खाने में काफी … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:03:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>वजन, घटाने, के, लिए, खाएं, हाई, प्रोटीन, सोया, पराठा, स्वाद, भी, और, सेहत, भी, भरपूर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> वजन घटाने के सफर में सबसे बड़ी चुनौती होती है एक ऐसा खाना ढूंढना, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखे और प्रोटीन से भरपूर हो. अगर आप रोज-रोज वही उबला हुआ खाना या फीका सलाद खाकर बोर हो चुके हैं, तो सोया पराठा आपके लिए एक परफेक्ट ऑप्शन है. यह खाने में काफी टेस्टी होता है और इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है. सही तरीके से बनाया गया सोया पराठा नाश्ते, लंच या डिनर में आसानी से शामिल किया जा सकता है. आइए जानते हैं इसकी (High Protein Soya Paratha Recipe) आसान रेसिपी.</p>
<p><strong>सोया पराठा बनाने के लिए जरूरी सामग्री</strong><br>
    सोया चंक्स: 1 कप (उबले और पिसे हुए)<br>
    गेहूं का आटा (या मल्टीग्रेन आटा): 1 कप<br>
    बारीक कटा प्याज: 1 छोटा<br>
    हरी मिर्च: 1-2 (बारीक कटी हुई)<br>
    अदरक-लहसुन का पेस्ट: 1 छोटा चम्मच<br>
    मसाले: आधा चम्मच हल्दी, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, आधा चम्मच गरम मसाला, और आधा चम्मच अजवाइन<br>
    बारीक कटा हरा धनिया: आधा कप<br>
    नमक: स्वादानुसार<br>
    तेल या घी: पराठा सेकने के लिए (बिल्कुल कम मात्रा में)</p>
<p><strong>पराठा बनाने की आसान विधि</strong><br>
स्टेप 1: सोया कीमा तैयार करें<br>
सबसे पहले सोया चंक्स को गर्म पानी में थोड़ा सा नमक डालकर 10 मिनट के लिए भिगो दें. जब ये सॉफ्ट हो जाएं, तो इनका सारा पानी अच्छी तरह निचोड़ लें. अब इन्हें मिक्सी में डालकर हल्का दरदरा (कीमा जैसा) पीस लें.<br>
<strong>स्टेप 2: चटपटी स्टफिंग बनाएं</strong></p>
<p>एक पैन में बस आधा चम्मच तेल गर्म करें. इसमें अजवाइन, अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डालकर भूनें. अब बारीक कटा प्याज डालें और हल्का गुलाबी होने तक पकाएं. इसके बाद पिसा हुआ सोया, हल्दी, लाल मिर्च, गरम मसाला और नमक डालें. सब कुछ 3-4 मिनट तक भूनें और आखिर में हरा धनिया मिलाकर गैस बंद कर दें. आपकी हाई-प्रोटीन स्टफिंग तैयार है.</p>
<p><strong>स्टेप 3: आटा गूंथें और पराठा बेलें</strong><br>
गेहूं के आटे में थोड़ा सा नमक और पानी डालकर एक सॉफ्ट डो (आटा) गूंथ लें. अब आटे की एक लोई लें, उसे थोड़ा सा बेलें और बीच में 2 चम्मच सोया की स्टफिंग भरें. इसे चारों तरफ से बंद करके पोटली जैसा बना लें और सूखे आटे की मदद से हल्के हाथों से गोल पराठा बेल लें.</p>
<p><strong>लॉस में क्यों फायदेमंद है सोया पराठा?</strong><br>
    प्रोटीन का पावरहाउस: सोयाबीन को शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है. यह मांसपेशियों (Muscles) को मजबूत बनाता है और फैट बर्न करने में मदद करता है.</p>
<p>    लंबे समय तक नहीं लगेगी भूख: इसमें फाइबर की मात्रा अच्छी होती है, जिससे इसे खाने के बाद दोपहर के लंच तक आपको बार-बार भूख नहीं लगती और आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं.</p>
<p>    मेटाबॉलिज्म बूस्ट करता है: हाई प्रोटीन डाइट लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होती है.</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>दिल्ली के रिज क्षेत्र की बदलेगी तस्वीर, 70 लाख पौधों से बनेगा राजधानी का हरित फेफड़ा</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  तीन-चार वर्षों में दिल्ली के रिज क्षेत्र की सूरत बदलने वाली है। यहां से विलायती कीकर और बबूल जैसे पेड़ों को हटाकर उनकी जगह पर्यावरण के अनुकूल और ज्यादा ऑक्सीजन देने वाले पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन, जामुन जैसे देसी प्रजाति के पेड़ लगाए जाएंगे। इस तरह पूरे रिज क्षेत्र को &#039;दिल्ली का लंग्स&#039; … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:03:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली, के, रिज, क्षेत्र, की, बदलेगी, तस्वीर, लाख, पौधों, से, बनेगा, राजधानी, का, हरित, फेफड़ा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 तीन-चार वर्षों में दिल्ली के रिज क्षेत्र की सूरत बदलने वाली है। यहां से विलायती कीकर और बबूल जैसे पेड़ों को हटाकर उनकी जगह पर्यावरण के अनुकूल और ज्यादा ऑक्सीजन देने वाले पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन, जामुन जैसे देसी प्रजाति के पेड़ लगाए जाएंगे। इस तरह पूरे रिज क्षेत्र को 'दिल्ली का लंग्स' यानी फेफड़ा बनाया जाएगा, जो शहर को स्वच्छ हवा मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाएगा।</p>
<ul>
<li>आम लोगों को प्रकृति से जोड़ने के लिए रिज एरिया में खास तरह के 8 वन भी बनाए जाएंगे और उनमें अलग-अलग तरह के देसी प्रजाति के पेड़-पौधे लगाए जाएंगे।</li>
<li>साथ ही रिज एरिया में मौजूद वॉटर बॉडीज और पुरातात्विक संरचनाओं का संरक्षण भी किया जाएगा।</li>
<li>यहां 70 से अधिक छोटे तालाब और कुछ छोटे रेस्तरां भी बनाए जाएंगे।</li>
<li>केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दिल्ली में पौधरोपण महाअभियान की शुरुआत करते हुए ये जानकारियां साझा कीं।</li>
<li>इस अभियान के तहत दिल्ली में 70 लाख पौधे लगाए जाएंगे।</li>
</ul>
<p><strong>प्रदूषण कम करने पर जोर</strong><br>
अभियान के तहत दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सरकारी विभागों, स्कूलों, स्थानीय निकायों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। इसका उद्देश्य सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करना भी है। सरकार का कहना है कि इससे राजधानी का हरित क्षेत्र बढ़ेगा, वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और आने वाले वर्षों में दिल्ली को प्रदूषण से राहत दिलाने में मदद मिलेगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>उमरिया का जोहिला बांध ओवरफ्लो! 2 गेट खुले, धुआंधार बहाव देखने उमड़ी लोगों की भारी भीड़</title>
<link>https://atworldnews.in/9282</link>
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<description><![CDATA[ उमरिया  उमरिया में बीते कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसकी वजह से नाले और नद‍ियां लगातार उफान पर होने को आतुर हैं. शहडोल संभाग के अलग-अलग हिस्सों में अच्छी खासी बारिश के चलते संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र स्थित जोहिला बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. स्थिति को देखते हुए … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:01:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>उमरिया, का, जोहिला, बांध, ओवरफ्लो, गेट, खुले, धुआंधार, बहाव, देखने, उमड़ी, लोगों, की, भारी, भीड़</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उमरिया</strong><br>
 उमरिया में बीते कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसकी वजह से नाले और नद‍ियां लगातार उफान पर होने को आतुर हैं. शहडोल संभाग के अलग-अलग हिस्सों में अच्छी खासी बारिश के चलते संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र स्थित जोहिला बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. स्थिति को देखते हुए मंगलवार को बांध के दो गेट लगभग दो-दो मीटर तक खोल दिए गए। </p>
<p><strong>जोहिला बांध के दो गेट खोले</strong><br>
उमरिया में भी झमाझम बारिश का दौर देखने को मिल रहा है. इसका असर अब नदी नालों पर भी दिख रहा है. नदी नाले उफान पर आ रहे हैं, उमरिया के संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र स्थित जोहिला बांध का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है, मंगलवार को जोहिला बांध के दो गेट लगभग एक-एक मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा गया है। </p>
<p><strong>सुरक्षा के कड़े इंतेजाम</strong><br>
ताप विद्युत केंद्र के अधिकारी मनोज त्रिपाठी ने कहा, "बढ़ते जल स्तर को देखते हुए दो गेट खोले गए हैं. स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. बांध से पानी छोड़े जाने के बाद अब जिला प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया गया है. प्रशासन ने आम जनता को नदी नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्र के नजदीक न जाने की सलाह दी है. अनावश्यक रिस्क लेने से भी मना किया है। </p>
<p><strong>पुलिस बल और बांध कर्मचारियों की तैनात</strong><br>
जोहिला बांध के जो दो गेट खोले गए हैं. यह कदम सुरक्षा सुनिश्चित करने जलस्तर को कंट्रोल करने के मकसद से उठाया गया है. लगातार हो रही बारिश के कारण जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है, गेट खोलने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग बांध का नजारा देखने पहुंचने लगे, इस दौरान कई लोग अपने मोबाइल फोन से वीडियो तस्वीर बनाते भी देखे गए। </p>
<p>सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर बांध परिसर में बैरिकेडिंग की गई है. इसके साथ पुलिस बल और बांध कर्मचारियों को भी तैनात किया गया था, जिससे किसी भी तरह के अप्रिय घटना से बचा जा सके. अधिकारियों ने बताया कि अगर बारिश का दौर जारी रहता है और बांध के जलस्तर में और वृद्धि होती है तो और भी गेट खोले जा सकते हैं। </p>
<p>उमरिया में अधीक्षक भू अभिलेख ने बताया है कि, बीते 24 घंटे में 51.8 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई है. जिले में 1 जून से लेकर के 7 जुलाई तक 215.8 मिली मीटर वर्षा रिकार्ड की गई है। </p>
<p>मध्य प्रदेश के विदिशा शहर में मानसून की शुरुआती जोरदार बारिश ने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका के दावों की जमीनी हकीकत सामने ला दी है. मंगलवार रात को हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई मुख्य मार्ग और चौराहे जलमग्न हो गए. ड्रेनेज सिस्टम की नाकामी के चलते सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>पहली ही बारिश में नगर पालिका के दावे फेल</strong><br>
विदिशा शहर के बीचों-बीच स्थित सड़कों पर पानी का भराव इतना ज्यादा है कि, नीचे के गहरे गड्ढे वाहन चालकों को नजर नहीं आ रहे हैं. साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पानी से लबालब भरी सड़कों पर गाड़ियां और मोटरसाइकिलें अनियंत्रित होकर कूद रही हैं. कई दोपहिया वाहन चालक इन गड्ढों के कारण संतुलन खो रहे हैं, जिससे हर वक्त किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। </p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>अब चैट खोले बिना पता चलेगा कौन है ऑनलाइन, WhatsApp ला रहा नया ग्रीन डॉट फीचर</title>
<link>https://atworldnews.in/9281</link>
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<description><![CDATA[ WhatsApp ने हाल ही में यूजरनेम फीचर का ऐलान किया था. तब से अब तक ये फीचर विवादों में बना हुआ है और रोल आउट नहीं हुआ है. बहरहाल, अब एक और फीचर आ रहा है जो काफी यूजर्स को पसंद भी आएगा. वॉट्सऐप के इस अपकमिंग फीचर मदद से यूजर्स को यह जानने के … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 14:33:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>अब, चैट, खोले, बिना, पता, चलेगा, कौन, है, ऑनलाइन, WhatsApp, ला, रहा, नया, ग्रीन, डॉट, फीचर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>WhatsApp ने हाल ही में यूजरनेम फीचर का ऐलान किया था. तब से अब तक ये फीचर विवादों में बना हुआ है और रोल आउट नहीं हुआ है. बहरहाल, अब एक और फीचर आ रहा है जो काफी यूजर्स को पसंद भी आएगा.</p>
<p>वॉट्सऐप के इस अपकमिंग फीचर मदद से यूजर्स को यह जानने के लिए चैट खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि सामने वाला ऑनलाइन है या नहीं. वॉट्सऐप अब कॉन्टैक्ट की प्रोफाइल फोटो पर एक छोटा ग्रीन डॉट दिखाने की तैयारी कर रहा है. यह डॉट इस बात का साइन होगा कि वह यूजर उस समय वॉट्सऐप इस्तेमाल कर रहा है.</p>
<p>
फिलहाल यह फीचर एंड्रॉयड और आईफोन दोनों के बीटा वर्जन में कुछ चुनिंदा यूजर्स के लिए जारी किया गया है. वॉट्सऐप के नए अपडेट में जब आप किसी कॉन्टैक्ट की चैट इनफो स्क्रीन खोलेंगे, तो अगर वह यूजर ऑनलाइन होगा तो उसकी प्रोफाइल फोटो पर हरे रंग का छोटा डॉट दिखाई देगा. जैसे ही वह वॉट्सऐप से बाहर जाएगा, यह डॉट अपने आप गायब हो जाएगा.</p>
<p>अभी तक वॉट्सऐप में किसी के ऑनलाइन होने की जानकारी सिर्फ Online लिखकर दिखाई जाती थी. इसके लिए चैट खोलनी पड़ती थी. अब कंपनी इस टेक्स्ट की जगह ग्रीन डॉट देने जा रही है, जिससे एक नजर में ही पता चल जाएगा कि सामने वाला एक्टिव है या नहीं. कंपनी का मानना है कि इससे यूजर्स का एक्स्पीरिएंस पहले से बेहतर होगा.</p>
<p>हालांकि यह फीचर सभी लोगों के लिए नहीं दिखेगा. अगर किसी यूजर ने अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स में ऑनलाइन छिपा रखा है, तो उसके प्रोफाइल पर ग्रीन डॉट दिखाई नहीं देगा.</p>
<p>वॉट्सऐप ने इस फीचर को मौजूदा प्राइवेसी सेटिंग्स के साथ ही जोड़ा है. अगर आपने किसी को अपना ऑनलाइन स्टेटस देखने की अनुमति नहीं दी है, तो यह नया साइन भी दिखाई नहीं देगा.</p>
<p>फिलहाल ग्रीन डॉट सिर्फ चैट इनफो स्क्रीन तक सीमित है. यह अभी चैट लिस्ट या होम स्क्रीन पर नहीं दिखता. लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक वॉट्सऐप फ्यूचर में इसे ऐप के दूसरे हिस्सों में भी ला सकता है, ताकि ऑनलाइन कॉन्टैक्ट को पहचानना और आसान हो जाए.</p>
<p>गौरतलब है कि ये फीचर फेसबुक मैसेंजर, टेलीग्राम, डिस्कॉर्ड और कई दूसरे मैसेजिंग ऐप्स में पहले से मौजूद है. फिलहाल ये फीचर बीटा टेस्टिंग फेज में है. इसलिए ये कह पाना कि ये लॉन्च कब होगा मुश्किल है. कई बार कंपनी बीटा टेस्टिंग के बाद कभी फीचर लॉन्च ही नहीं करती है. देखना दिलचस्प होगा कि ये फीचर कंपनी कब ऑफिशियली रोलआउट करती है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>5 दिन तक सुरक्षाबलों को चकमा देता रहा लश्कर आतंकी जाकिर गनई ढेर, पुलिस बोली&#45; ‘भाग सकते हो, बच नहीं सकते’</title>
<link>https://atworldnews.in/9280</link>
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<description><![CDATA[ श्रीनगर  जम्मू-कश्मीर के दक्षिणी इलाके में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी जाकिर गनई (Zakir Ganai) को मार गिराया है। यह आतंकवादी पिछले पांच दिनों से सुरक्षा बलों के कड़े चक्रव्यूह में फंसा हुआ था। सुरक्षा बलों ने सैदपोरा इलाके के मुठभेड़ स्थल से आतंकी का शव बरामद … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 14:32:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दिन, तक, सुरक्षाबलों, को, चकमा, देता, रहा, लश्कर, आतंकी, जाकिर, गनई, ढेर, पुलिस, बोली-, ‘भाग, सकते, हो, बच, नहीं, सकते’</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>श्रीनगर </strong></p>
<p>जम्मू-कश्मीर के दक्षिणी इलाके में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी जाकिर गनई (Zakir Ganai) को मार गिराया है। यह आतंकवादी पिछले पांच दिनों से सुरक्षा बलों के कड़े चक्रव्यूह में फंसा हुआ था। सुरक्षा बलों ने सैदपोरा इलाके के मुठभेड़ स्थल से आतंकी का शव बरामद कर लिया है। इसके साथ ही मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किया गया है।</p>
<p>जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस सफलता की जानकारी देते हुए एक्स पर लिखा, 'तुम भाग तो सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते! SOG शोपियां ने राष्ट्रीय राइफल और सीआरपीएफ के साथ मिलकर चलाए एक जॉइंट ऑपरेशन में लश्कर के एक आतंकवादी को मार गिराया।'</p>
<p>आपको बता दें कि यह पूरा ऑपरेशन पांच दिन पहले शुरू हुआ था। सुरक्षा बलों के निगरानी कैमरों ने इस इलाके के एक घने बाग में दो संदिग्ध आतंकवादियों की हलचल को रिकॉर्ड किया था। इसके तुरंत बाद ये आतंकवादी सुरक्षा बलों के रडार पर आ गए।</p>
<p><strong>CCTV में कैद हुए थे आतंकी</strong><br>
सुरक्षाबलों को इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जाकिर गनई और उसके सहयोगी लतीफ भट (Latief Bhat) की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिली थी। ये दोनों सैदपोरा के छन्नापोरा इलाके में घूमते हुए सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गए थे। आतंकियों की लाइव लोकेशन मिलते ही बिना वक्त गंवाए सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और एक बड़ा सर्च ऑपरेशन लॉन्च किया।</p>
<p><strong>विक्टर फोर्स के चक्रव्यूह में फंसे आतंकी</strong><br>
इस ऑपरेशन का नेतृत्व भारतीय सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से किया। आतंकवादियों को भागने का कोई मौका न मिले इसके लिए सेना की विशिष्ट काउंटर इंसर्जेंसी यूनिट विक्टर फोर्स (Victor Force) को मैदान में उतारा गया।</p>
<p>विक्टर फोर्स के जवानों ने भागने के सभी संभावित रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया। ऑपरेशन पांच दिनों तक खिंच गया, इसलिए रात के अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकियों के भागने के प्रयास को विफल करने के लिए पूरे इलाके को फ्लड लाइट्स से रोशन किया गया था। हर पल निगरानी की जा रही थी।</p>
<p>जैसे ही सुरक्षा बल बाग के भीतर आतंकियों के बिल्कुल करीब पहुंचे खुद को घिरा देख आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई। इस आमने-सामने की भीषण मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 19 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के तबादले, इंद्रजीत बर्मन बने स्वास्थ्य संचालक</title>
<link>https://atworldnews.in/9279</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर. छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला किया गया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने 19 अधिकारियों के ताबदले का आदेश जारी किया है. इस फेरबदल में नगर निगमों के आयुक्तों सहित विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है. जारी आदेश के अनुसार अरुण कुमार … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 14:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, में, बड़ा, प्रशासनिक, फेरबदल:, राज्य, प्रशासनिक, सेवा, अधिकारियों, के, तबादले, इंद्रजीत, बर्मन, बने, स्वास्थ्य, संचालक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला किया गया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने 19 अधिकारियों के ताबदले का आदेश जारी किया है. इस फेरबदल में नगर निगमों के आयुक्तों सहित विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है.</p>
<p>जारी आदेश के अनुसार अरुण कुमार वर्मा को नगर निगम धमतरी का आयुक्त बनाया गया है. वहीं शशांक पांडे को अतिरिक्त प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा जी. आर. मरकाम को नगर निगम राजनांदगांव का आयुक्त, विजेंद्र सिंह को नगर निगम चिरमिरी का आयुक्त और इंद्रजीत बर्मन को संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें में अपर संचालक नियुक्त किया गया है.</p>
<p><strong>जिला पंचायतों और नगर निगमों में भी बदलाव</strong><br>
इसके अलावा नयनतारा सिंह तोमर को अपर संचालक, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय, प्रमाकर पाण्डेय को संयुक्त संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, अभिषेक कुमार गुप्ता को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी और विनय कुमार पोयाम को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जांजगीर चांपा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। योगेंद्र श्रीवास्तव को जिला पंचायत कोरिया का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह ट्रांसफर आदेश जारी किया है।</p>
<p><strong>अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव</strong></p>
<ul>
<li>अरुण कुमार वर्मा: नगर निगम धमतरी का आयुक्त</li>
<li>शशांक पांडे: अतिरिक्त प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन</li>
<li>जी. आर. मरकाम: नगर निगम राजनांदगांव का आयुक्त</li>
<li>विजेंद्र सिंह: नगर निगम चिरमिरी का आयुक्त</li>
<li>इंद्रजीत बर्मन: संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें में अपर संचालक</li>
<li>राजीव कुमार पाण्डेय : अपर संचालक, उच्च शिक्षा संचालनालय</li>
<li>भारती चन्द्राकर: अतिरिक्त प्रबंध संचालक, मार्कफेड</li>
<li>दिनेश कुमार नागा: छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लिमिटेड में महाप्रबंधक</li>
<li>नयनतारा सिंह तोमर: अपर संचालक, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय</li>
<li>प्रमाकर पाण्डेय: संयुक्त संचालक, खेल एवं युवा कल्याण</li>
<li>अभिषेक कुमार गुप्ता: मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी</li>
<li>विनय कुमार पोयाम: मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जांजगीर चांपा</li>
<li>योगेंद्र श्रीवास्तव: जिला पंचायत कोरिया का मुख्य कार्यपालन अधिकारी</li>
</ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>यूपी में खत्म होगा शॉप एक्ट, अब 10 कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों का पंजीकरण अनिवार्य होगा</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ यूपी में छह दशक से अधिक पुराना दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम (शॉप एक्ट) जल्द खत्म हो जाएगा। इसका स्थान व्यवसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य (ओएसएच) कोड लेगा। इस बदलाव का असर प्रदेश के लाखों दुकान, प्रतिष्ठान, ऑफिस, होटल, रेस्टोरेंट आदि पर पड़ेगा। इन सभी को नये ओएसएच कोड के तहत पंजीकरण कराना होगा। इसमें … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 14:03:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यूपी, में, खत्म, होगा, शॉप, एक्ट, अब, कर्मचारियों, वाले, प्रतिष्ठानों, का, पंजीकरण, अनिवार्य, होगा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
यूपी में छह दशक से अधिक पुराना दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम (शॉप एक्ट) जल्द खत्म हो जाएगा। इसका स्थान व्यवसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य (ओएसएच) कोड लेगा। इस बदलाव का असर प्रदेश के लाखों दुकान, प्रतिष्ठान, ऑफिस, होटल, रेस्टोरेंट आदि पर पड़ेगा। इन सभी को नये ओएसएच कोड के तहत पंजीकरण कराना होगा। इसमें 10 कर्मचारियों वाले वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए श्रम विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। अभी शॉप एक्ट संशोधन के तहत 20 से कम कर्मचारी वाले प्रतिष्ठानों को पंजीकरण से छूट थी।</p>
<p>प्रदेश में शॉप एक्ट 1962 से लागू है। इसके तहत पहले ऐसे सभी दुकानों व प्रतिष्ठानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य था, जहां कोई भी कर्मचारी काम करता हो। इसी साल दो जनवरी को एक्ट में संशोधन को मंजूरी देते हुए एक से 19 कर्मियों वाले प्रतिष्ठानों को श्रम विभाग में पंजीकरण से मुक्त कर दिया गया था। राज्य सरकार ने 20 या उससे अधिक कर्मचारी वाले प्रतिष्ठानों के लिए ही पंजीकरण की अनिवार्यता को मंजूरी दी थी। अब देश में नई श्रम संहिताएं लागू हो गई हैं। राज्यों को भी इन्हें लागू करना है।</p>
<p><strong>विरोधाभासी परिस्थिति के चलते फैसला</strong><br>
नये ओएसएच कोड और शॉप एक्ट संशोधन के बाद मौजूदा व्यवस्था में पंजीकरण की शर्तों को लेकर विरोधाभासी स्थितियां हैं। फिलवक्त 20 से कम कर्मियों पर पंजीकरण की छूट है, मगर ओएसएच एक्ट में 10 कर्मी वाले प्रतिष्ठानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। केंद्र सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यापारी को दोहरा पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐसे में शॉप एक्ट को खत्म करने का फैसला किया गया है। श्रमायुक्त कार्यालय ने इस संबंध में प्रस्ताव भी शासन को भेज दिया है। इसकी स्वीकृति होते ही प्रदेश में शॉप एक्ट खत्म हो जाएगा।</p>
<p><strong>महिला मजदूरों के बच्चों की देखरेख होगी</strong><br>
लखनऊ (शैलेंद्र श्रीवास्तव)। वीबी जीरामजी योजना में काम करने वाली महिला मजदूरों को अब अपने छोटे बच्चों की देखभाल के लिए किसी के सहारे नहीं छोड़ना पड़ेगा। अब वे अपने बच्चों को कार्यस्थल पर लेकर आ सकेंगी और वहीं पर उनके देखभाल की सुविधा होगी। यह व्यवस्था न्यूनतम पांच साल से कम पांच बच्चों के होने पर की जाएगी। महिला मजदूरों में ही किसी को इसकी जिम्मेदारी दी जाएगी और उसके एवज में उसे पूरी दिहाड़ दी जाएगी।</p>
<p>वीबी जीरामजी योजना में इसका प्रावधान कर दिया गया है। यूपी में मनरेगा के स्थान पर वीबी जीरामजी योजना शुरू की गई है। गांवों में अभी तक सबसे बड़ी समस्या महिला मजदूरों को लेकर हो रही थी। इसीलिए वीबी जीरामजी में यह सुविधा दी गई है कि पांच साल से छोटे बच्चों को कार्यस्थल पर ही देखभाल की सुविधा होगी। इसके लिए पांच बच्चे होने अनिवार्य होगा। इसमें बच्चों के पीने के लिए साफ पानी व मामूली उपचार के सामान रखे जाएंगे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>PM आवास योजना: डिप्टी CM विजय शर्मा ने शिवराज चौहान को लिखा पत्र, पात्र हितग्राहियों को जल्द लाभ दिलाने की मांग</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने की मांग की है. उन्होंने आवास प्लस 2.0 सर्वे के दौरान आई तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं का उल्लेख करते हुए सर्वे से छूटे पात्र हितग्राहियों को योजना में … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 13:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>आवास, योजना:, डिप्टी, विजय, शर्मा, ने, शिवराज, चौहान, को, लिखा, पत्र, पात्र, हितग्राहियों, को, जल्द, लाभ, दिलाने, की, मांग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने की मांग की है.</p>
<p>उन्होंने आवास प्लस 2.0 सर्वे के दौरान आई तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं का उल्लेख करते हुए सर्वे से छूटे पात्र हितग्राहियों को योजना में शामिल करने का आग्रह किया है. साथ ही भारत सरकार से इस संबंध में आवश्यक निर्णय और पहल करने की अपील की है.</p>
<p><strong>राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन का किया उल्लेख</strong><br>
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने पत्र में लिखा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई देते हुए ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन की सराहना की. साथ ही उनके प्रति आभार भी व्यक्त किया. पत्र में सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिए उस आश्वासन का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित नहीं रहेगा. विजय शर्मा ने इस संदर्भ में छत्तीसगढ़ में योजना के क्रियान्वयन के दौरान सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया.</p>
<p><strong>आवास प्लस 2.0 की सूची में सामने आईं दिक्कतें</strong><br>
विजय शर्मा ने पत्र में बताया कि 24 जून को प्रदेशभर की ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की पात्रता सूची प्रस्तुत की गई थी. इस प्रक्रिया के दौरान कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आईं. उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण के समय कुछ पात्र परिवार पलायन या अन्य कारणों से अपने गांव में मौजूद नहीं थे, जिसके चलते उनका सर्वे नहीं हो सका और उनका नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं हो पाया. इसके अलावा कुछ ऐसे परिवार भी रहे, जिनका सर्वेक्षण तो किया गया, लेकिन तकनीकी अथवा अन्य कारणों से उनकी जानकारी पोर्टल पर अपडेट या प्रदर्शित नहीं हो सकी. परिणामस्वरूप ग्राम सभा में उनकी पात्रता दर्ज नहीं हो पाई, जबकि वे योजना के लाभ के पात्र हैं.</p>
<p><strong>उपमुख्यमंत्री शर्मा ने समाधान निकालने का किया आग्रह</strong><br>
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने पत्र में कहा कि इन दोनों कारणों से प्रदेश के बड़ी संख्या में पात्र परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभ से वंचित रह गए हैं. उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि इस समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार स्तर पर आवश्यक निर्णय लिए जाएं और उचित पहल की जाए, ताकि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार आवास योजना के लाभ से वंचित न रहे. पत्र के अंत में विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभी पात्र परिवारों को आवास के संकल्प को पूरी तरह साकार करने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया. साथ ही छत्तीसगढ़ के प्रति केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिए जा रहे निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग के लिए उनका पुनः आभार व्यक्त किया है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>UP Teachers News: चुनाव से पहले CM योगी का बड़ा दांव, शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग होगी पूरी</title>
<link>https://atworldnews.in/9276</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ  उत्तर प्रदेश के करीब 12 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रितों के लिए बड़ी राहत की खबर है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई को सुबह 10 बजे वाराणसी से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे. इस योजना के शुरू होते ही सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 13:03:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Teachers, News:, चुनाव, से, पहले, योगी, का, बड़ा, दांव, शिक्षकों, की, वर्षों, पुरानी, मांग, होगी, पूरी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
 उत्तर प्रदेश के करीब 12 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रितों के लिए बड़ी राहत की खबर है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई को सुबह 10 बजे वाराणसी से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे. इस योजना के शुरू होते ही सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने लगेगी। </p>
<p>इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इलाज के समय शिक्षकों और उनके परिवारों को अपनी जेब से पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा. तय अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी, जिससे आर्थिक बोझ काफी कम होगा. लंबे समय से शिक्षक इस तरह की स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की मांग कर रहे थे। </p>
<p>इसके साथ ही प्रदेश के करीब 1.10 करोड़ परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 1,200 रुपये भी भेजे जाएंगे. यह राशि यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग, स्वेटर और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्री के लिए दी जाएगी. इसके अलावा करीब 10 लाख शिक्षकों और संविदा कर्मचारियों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के साथ सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अन्य लाभ भी दिए जाएंगे, जिससे भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और मजबूत होगी। </p>
<p>वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई को दोपहर 2 बजे चित्रकूट और मानिकपुर में 951 करोड़ रुपये की लागत वाली 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे. इन परियोजनाओं के जरिए सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकमंगल की कामना के साथ काल भैरव व काशी विश्वनाथ मंदिर में किए दर्शन</title>
<link>https://atworldnews.in/9275</link>
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<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकमंगल की कामना के साथ काल भैरव व काशी विश्वनाथ मंदिर में किए दर्शन सीएम योगी ने चौकाघाट स्थित विद्युत सब स्टेशन का किया स्थलीय निरीक्षण  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे वाराणसी  मंदिर में मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का अभिवादन हाथ जोड़कर स्वीकारा, बच्चों को दुलारा … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 13:03:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, ने लोकमंगल, की, कामना, के, साथ, काल, भैरव, व, काशी, विश्वनाथ मंदिर में, किए दर्शन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकमंगल की कामना के साथ काल भैरव व काशी विश्वनाथ मंदिर में किए दर्शन</strong></p>
<p><strong>सीएम योगी ने चौकाघाट स्थित विद्युत सब स्टेशन का किया स्थलीय निरीक्षण </strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे वाराणसी </strong></p>
<p><strong>मंदिर में मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का अभिवादन हाथ जोड़कर स्वीकारा, बच्चों को दुलारा</strong></p>
<p><strong>एक मांगलिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ</strong></p>
<p><strong>वाराणसी, </strong><br>
विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकमंगल की कामना के साथ काशी कोतवाल काल भैरव व बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और विधि विधान से पूजन-अर्चन किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने काल भैरव मंदिर में आरती के साथ विधि विधान से पूजा कर बाबा का आशीर्वाद लिया। उन्होंने मंदिर प्रांगण में मौजूद श्रद्धालुओं का अभिवादन हाथ जोड़कर स्वीकार किया और बच्चों को दुलारा। इसके पश्चात सीएम ने काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के दरबार में गर्भगृह में जाकर षोडशोपचार पूजन कर लोक कल्य़ाण की कामना की। यहां बाबा के दर्शन करने आए भक्तों ने मुख्यमंत्री को देखकर 'हर-हर महादेव' का जयकारा लगाया।</p>
<p>मुख्यमंत्री वाराणसी में आयुष एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ दयाशंकर मिश्र 'दयालु' के बेटे के विवाह समारोह में भी शामिल हुए। उन्होंने इस मांगलिक वेला पर वर-वधू एवं परिजनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।</p>
<p>काल भैरव व बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंचने से पहले सीएम योगी ने चौकाघाट स्थित विद्युत सब स्टेशन का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान विद्युत सब स्टेशन पर चल रहे कार्य की प्रगति के संबंध में विभाग के अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने सभी कार्य समय से पूरा कराए जाने हेतु निर्देशित किया।</p>
<p>इस मौके पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, खादी ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, महापौर अशोक तिवारी, सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>110 साल पुराने सबूत पेश किए’! मंत्री प्रतिमा बागरी बोलीं&#45; मेरा जाति प्रमाण पत्र सही, अब जांच समिति के फैसले का इंतजार</title>
<link>https://atworldnews.in/9274</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्य प्रदेश की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने मंगलवार को अपने अनुसूचित जाति (एससी) प्रमाण पत्र को लेकर लगे आरोपों को खारिज किया। बागरी ने कहा कि उन्होंने राज्य की उच्च स्तरीय जाति जांच समिति के समक्ष सभी दस्तावेजी सबूत प्रस्तुत कर दिए हैं और उनका जाति प्रमाण पत्र वैध है। विवाद तब शुरू … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 13:01:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>110, साल, पुराने, सबूत, पेश, किए’, मंत्री, प्रतिमा, बागरी, बोलीं-, मेरा, जाति, प्रमाण, पत्र, सही, अब, जांच, समिति, के, फैसले, का, इंतजार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
 मध्य प्रदेश की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने मंगलवार को अपने अनुसूचित जाति (एससी) प्रमाण पत्र को लेकर लगे आरोपों को खारिज किया। बागरी ने कहा कि उन्होंने राज्य की उच्च स्तरीय जाति जांच समिति के समक्ष सभी दस्तावेजी सबूत प्रस्तुत कर दिए हैं और उनका जाति प्रमाण पत्र वैध है। विवाद तब शुरू हुआ जब मध्य प्रदेश कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने आरोप लगाया कि बागरी अनुसूचित जाति श्रेणी से नहीं आती हैं और उन्होंने गलत जानकारी के आधार पर अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किया था।</p>
<p><strong>क्या लगा था आरोप</strong><br>
उन्होंने दावा किया कि प्रतिमा बागरी राजपूत समुदाय से हैं और आरोप लगाया कि उन्होंने आरक्षित रैगांव निर्वाचन क्षेत्र से 2023 का विधानसभा चुनाव लड़ा और बाद में एक अमान्य जाति प्रमाण पत्र का उपयोग करके मंत्री बनीं। अहिरवार ने उनका जाति प्रमाण पत्र रद्द करने, विधानसभा से अयोग्य घोषित करने और राज्य मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की थी।</p>
<p><strong>सोमवार को जांच समिति के सामने पेश हुईं</strong><br>
प्रतिमा बागरी ने बताया कि वह सोमवार को जाति जांच समिति के सामने पेश हुईं और अपने दावे के समर्थन में सभी दस्तावेज प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि समिति के साथ बैठक हुई थी और उन्होंने 110 साल से अधिक पुराने सबूतों सहित सभी दस्तावेज समिति के समक्ष प्रस्तुत किए। दस्तावेजों की जांच के बाद किसी को भी कोई अनियमितता नहीं मिली और उनका जाति प्रमाण पत्र असली है।</p>
<p><strong>मंत्री ने दर्ज कराया था बयान</strong><br>
सोमवार को बागरी ने समिति के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया और ऐतिहासिक रिकॉर्ड और अनुसूचित जाति सूची में बागड़ी समुदाय के शामिल होने से संबंधित दस्तावेज सहित दस्तावेजी सबूत प्रस्तुत किए। अहिरवार भी समिति के समक्ष पेश हुए और उनकी जातिगत स्थिति को चुनौती देने वाले दस्तावेज प्रस्तुत किए।</p>
<p><strong>    प्रतिमा बागरी ने कहा- मेरा जाति प्रमाण पत्र सही<br>
    जांज समिति को मेरे जाति प्रमाण पत्र पर आपत्ति नहीं<br>
    मंत्री ने कहा- 110 साल पुराने दस्तावेज समिति को सौंपे<br>
    जांच समिति का फैसला आना अभी बाकी है</strong></p>
<p>
<strong>जांज समिति का फैसला आना बाकी</strong><br>
कांग्रेस नेता के आरोपों को खारिज करते हुए मंत्री प्रतिमा बागरी ने उन पर राजनीतिक कारणों से झूठे दावे करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनका जाति प्रमाण पत्र फर्जी नहीं है और यह साबित हो चुका है। उन्होंने कहा कि अहिरवार ने झूठे आरोप लगाए हैं और मीडिया के सामने गलत तथ्य पेश किए हैं, और अब सच्चाई सामने आ गई है। जांच समिति दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच कर रही है और अपनी जांच पूरी करने के बाद इस मामले पर फैसला सुनाएगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>चार दशक, अनगिनत बदलाव : ग्रामीण भारत में आईसेक्ट इंडिया की परिवर्तनकारी पहल</title>
<link>https://atworldnews.in/9273</link>
<guid>https://atworldnews.in/9273</guid>
<description><![CDATA[ भोपाल  भारत के विकास का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होता है, जब उसके लाभ गांवों, कस्बों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचें। शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भी यही चुनौती लंबे समय तक बनी रही। एक समय ऐसा था, जब कंप्यूटर शिक्षा केवल महानगरों और चुनिंदा संस्थानों तक सीमित थी। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 13:01:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>चार, दशक, अनगिनत, बदलाव, ग्रामीण, भारत, में, आईसेक्ट, इंडिया, की, परिवर्तनकारी, पहल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p> भारत के विकास का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होता है, जब उसके लाभ गांवों, कस्बों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचें। शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भी यही चुनौती लंबे समय तक बनी रही। एक समय ऐसा था, जब कंप्यूटर शिक्षा केवल महानगरों और चुनिंदा संस्थानों तक सीमित थी। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के अधिकांश युवाओं के लिए आधुनिक तकनीकी शिक्षा तक पहुंचना एक कठिन सपना था। ऐसे समय में कुछ लोगों ने केवल परिस्थितियों को स्वीकार नहीं किया, बल्कि उन्हें बदलने का संकल्प लिया।<br>
ऐसे ही दूरदर्शी व्यक्तित्व थे वरिष्ठ शिक्षाविद्, साहित्यकार और चिंतक संतोष चौबे। वर्ष 1985 में उन्होंने ऑल इंडिया सोसाइटी फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कंप्यूटर टेक्नोलॉजी (आईसेक्ट) की स्थापना इस विश्वास के साथ की कि भारत का भविष्य तभी सशक्त होगा, जब शिक्षा, तकनीक और कौशल का लाभ गांवों और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। उनके लिए शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भरता, सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण का आधार थी। यही सोच आगे चलकर आईसेक्ट की कार्यसंस्कृति, विस्तार और विकास यात्रा की मूल प्रेरणा बनी।</p>
<p>इस सोच को व्यवहार में उतारते हुए वर्ष 1986 में भोपाल में पहला प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया गया। यह केवल एक शिक्षण केंद्र नहीं था, बल्कि ग्रामीण भारत में तकनीकी शिक्षा के लोकतांत्रीकरण की दिशा में उठाया गया एक महत्त्वपूर्ण कदम था। संस्था ने स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें ही प्रशिक्षक बनाया, जिससे शिक्षा के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार, नेतृत्व और आत्मविश्वास के नए अवसर विकसित हुए।</p>
<p>धीरे-धीरे यह प्रयास एक व्यापक सामाजिक पहल में बदलने लगा। आईसेक्ट ने यह सिद्ध किया कि यदि आधुनिक शिक्षा को स्थानीय आवश्यकताओं और समुदाय की भागीदारी से जोड़ा जाए, तो परिवर्तन दूरस्थ क्षेत्रों तक भी पहुंच सकता है।<br>
 <br>
<strong>शिक्षा से कौशल, कौशल से आत्मनिर्भरता</strong></p>
<p>वर्ष 1995 आईसेक्ट की विकास यात्रा का महत्त्वपूर्ण पड़ाव सिद्ध हुआ। इसी अवधि में संस्था ने अपने कार्यों का विस्तार करते हुए बहुउद्देशीय प्रशिक्षण केंद्र की अवधारणा विकसित की। इन केंद्रों में शिक्षा के साथ कौशल प्रशिक्षण, रोजगार मार्गदर्शन और सामुदायिक विकास की गतिविधियों को एक साथ जोड़ा गया। इससे प्रशिक्षण केंद्र केवल शिक्षण संस्थान नहीं रहे, बल्कि स्थानीय विकास के केंद्र के रूप में विकसित होने लगे।</p>
<p>इसी समय अधिकृत केंद्र मॉडल को अपनाकर स्थानीय उद्यमियों और युवाओं को संस्था के साथ जोड़ा गया। इससे शिक्षा के विस्तार में जनभागीदारी बढ़ी और अनेक क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के नए अवसर भी बने। जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से तकनीकी शिक्षा के प्रति समाज का विश्वास बढ़ा और ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक शिक्षा की स्वीकार्यता मजबूत हुई।</p>
<p>संस्था के बढ़ते कार्यक्षेत्र को अधिक व्यवस्थित स्वरूप देने के उद्देश्य से वर्ष 2003 में आईसेक्ट लिमिटेड की स्थापना की गई। इसके साथ शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रमों का विस्तार और अधिक संगठित रूप में आगे बढ़ा। यही वह दौर था, जब आईसेक्ट ने प्रशिक्षण संस्था की सीमाओं से आगे बढ़कर शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास को एक-दूसरे से जोड़ने वाले व्यापक मॉडल के रूप में अपनी पहचान स्थापित की।<br>
 <br>
<strong>उच्च शिक्षा, नवाचार और भविष्य की तैयारी</strong></p>
<p>तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास के क्षेत्र में मजबूत आधार तैयार करने के बाद आईसेक्ट ने उच्च शिक्षा को भी अपनी विकास यात्रा का महत्त्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उद्देश्य स्पष्ट था कि महानगरों तक सीमित गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को राज्यों और क्षेत्रीय स्तर तक पहुंचाना, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर अवसर अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकें।</p>
<p>इस दिशा में वर्ष 2005 में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय की स्थापना हुई। इसके बाद वर्ष 2010 में भोपाल में रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, 2016 में झारखंड के हजारीबाग में आईसेक्ट विश्वविद्यालय, 2018 में बिहार के वैशाली तथा मध्य प्रदेश के खंडवा में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई। आगे बढ़ते हुए वर्ष 2023 में भोपाल में स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय की स्थापना ने कौशल आधारित उच्च शिक्षा को नई दिशा प्रदान की।</p>
<p>इन विश्वविद्यालयों के माध्यम से शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रखकर कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार, उद्योग-शिक्षा समन्वय और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया गया। बदलते समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे शैक्षणिक वातावरण के निर्माण का प्रयास किया गया, जो विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ व्यवहारिक दक्षता भी प्रदान कर सके।</p>
<p>इसी अवधि में डिजिटल प्रौद्योगिकी ने देश के सामाजिक और आर्थिक जीवन में व्यापक परिवर्तन किए। शिक्षा और सेवाओं का स्वरूप भी तेजी से बदला। आईसेक्ट ने इस परिवर्तन के साथ कदम मिलाते हुए डिजिटल माध्यमों, तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों तक आधुनिक सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया। इससे अनेक युवाओं को नई तकनीकों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का अवसर मिला।<br>
 <br>
<strong>चार दशक, एक सतत संकल्प</strong></p>
<p>चार दशकों की इस यात्रा का सबसे उल्लेखनीय पक्ष यह रहा कि आईसेक्ट ने विकास का केंद्र ग्रामीण भारत को बनाया। जहां अनेक शैक्षणिक पहले बड़े शहरों तक सीमित रहीं, वहीं संस्था ने गांवों, छोटे कस्बों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में शिक्षा और कौशल विकास का आधार तैयार करने का प्रयास किया। स्थानीय युवाओं को अवसर देना, समुदाय की भागीदारी बढ़ाना और शिक्षा को आत्मनिर्भरता से जोड़ना इस यात्रा की प्रमुख विशेषताएं रहीं।</p>
<p>वर्ष 2026 में आईसेक्ट इंडिया के रूप में नई पहचान अपनाना इसी निरंतर विकास का अगला चरण है। यह परिवर्तन केवल नाम का नहीं, बल्कि उस व्यापक दृष्टि का प्रतीक है, जिसके केंद्र में भविष्य उन्मुख शिक्षा, कौशल, नवाचार, अनुसंधान और डिजिटल सशक्तीकरण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प है।</p>
<p>आज भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में शिक्षा, कौशल और तकनीक की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण हो गई है। चार दशकों की यह यात्रा इस विश्वास को सशक्त करती है कि जब शिक्षा समाज की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़ती है, जब अवसर गांवों तक पहुंचते हैं और जब युवा अपनी प्रतिभा को विकसित करने का अवसर पाते हैं, तब परिवर्तन केवल व्यक्तियों के जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला बन जाता है।<br>
इसी विश्वास के साथ आईसेक्ट इंडिया की चालीस वर्षों की यात्रा आज एक नए पड़ाव पर खड़ी है – जहां अनुभव की समृद्ध विरासत, वर्तमान की आवश्यकताएं और भविष्य की संभावनाएं एक साथ दिखाई देती हैं। यह यात्रा केवल एक संस्था के विकास की कहानी नहीं, बल्कि उस भारत की भी कहानी है, जो शिक्षा, कौशल और नवाचार के सहारे आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य का निर्माण कर रहा है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>Silver Price Crash: 3 दिन में ₹8,400 टूटी चांदी, जानिए आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का ताजा भाव</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट (Gold-Silver Rate Fall) का सिलसिला थम नहीं रहा है. साल की शुरुआत में जहां इनके भाव गदर मचा रहे थे, तो अब हाल ये हैं कि हर रोज ये कीमती धातुएं सस्ती होती जा रही हैं. बुधवार को भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर वायदा कारोबार की … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 12:33:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Silver, Price, Crash:, दिन, में, ₹8, 400, टूटी, चांदी, जानिए, आज, ग्राम, कैरेट, सोने, का, ताजा, भाव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट (Gold-Silver Rate Fall) का सिलसिला थम नहीं रहा है. साल की शुरुआत में जहां इनके भाव गदर मचा रहे थे, तो अब हाल ये हैं कि हर रोज ये कीमती धातुएं सस्ती होती जा रही हैं. बुधवार को भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही गोल्ड-सिल्वर रेट फिसल गए। </p>
<p>चांदी का तो मानो बुलबुला सा फूटता (Silver Bubble Burst) जा रहा है. जनवरी महीने में 4 लाख के पार निकलकर गदर मचा रही चांदी की कीमत करीब आधी 2.28 लाख रुपये प्रति किलो रह गई है. वहीं सोना भी चांदी के कदम से कदम मिलाकर फिसलता जा रहा है। </p>
<p><strong>चांदी की कीमत में जारी गिरावट</strong><br>
एमसीएक्स पर चांदी की कीमत के ताजा हाल की बात करें, तो वायदा कारोबार में 4 सितंबर की एक्सपायरी वाली चांदी का दाम बीते कारोबारी दिन मंगलवार को 2,30,857 रुपये पर क्लोज हुआ था और बुधवार को ओपनिंग के साथ ही ये फिसलकर 2,28,925 रुपये प्रति किलो पर आ गया. वहीं इस सप्ताह की तीन कारोबारी दिनों में अब तक ये 8,485 रुपये सस्ती हो गई है. बता दें कि बीते शुक्रवार को 1 Kg Silver Price 2,37,410 रुपये था। </p>
<p><strong>तीन दिन में सोना इतना सस्ता</strong><br>
<strong>चांदी ही नहीं, बल्कि वायदा कारोबार में </strong>सोने की कीमत भी फिसलती जा रही है. 5 अगस्त की एक्सपायरी वाली ये कीमती पीली धातु इस सप्ताह के तीन कारोबारी दिनों में अब तक 2578 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ती हो चुकी है. दरअसल, बीते सप्ताह शुक्रवार को 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,47,378 रुपये था, जो बुधवार को गिरावट के साथ 1,44,800 रुपये के लेवल पर आ गया। </p>
<p>सोना भी अपने हाई लेवल से लगातार फिसला है. चांदी की तरह Gold Rate ने भी एमसीएक्स पर बीते जनवरी महीने में ही अपना लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था और पहली बार 2 लाख रुपये के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया था. लेकिन अपने हाई को छूने के बाद ये लगातार टूटा है और अब इसकी कीमत में करीब 50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। </p>
<p><strong>घरेलू मार्केट में सोना-चांदी के दाम</strong><br>
MCX Gold-Silver Rates अपडेट के बाद अगर बात करें, घरेलू बाजारों में इन कीमती धातुओं के भाव के बारे में, तो इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com के मुताबिक, बीते कारोबारी दिन मंगलवार तक ही 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,46,344 रुपये से गिरकर 1,44,083 रुपये पर आ गया है यानी सोना दो दिन में 2261 रुपये सस्ता हुआ है. वहीं इस अवधि में चांदी की कीमत 6658 रुपये प्रति किलो घट गई है. इसका भाव बीते शुक्रवार के 2,33,858 रुपये से 2,27,200 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। </p>
<p>सोना-चांदी की ज्वेलरी खरीदते समय इस बात को ध्यान में रखना जरूरी है कि आईबीजेए के अपडेटेड रेट देशभर में समान होते हैं, लेकिन आभूषण खरीदने पर ग्राहकों को इन पर लागू जीएसटी के साथ ही मेकिंग चार्ज भी देना होता है, जिससे इनकी कीमत बढ़ जाती है। </p>
<p><strong>(नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ खरीदने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.)</strong></p>]]> </content:encoded>
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<title>मारा गया बंगाल का दरिंदा! दुष्कर्म के आरोपी का एनकाउंटर, महुआ मोइत्रा ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल</title>
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<description><![CDATA[  बारुईपुर  पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी का एक आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। कहा जा रहा है कि भागने की कोशिश के दौरान वह मारा गया। पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है। इस वारदात में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 12:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मारा, गया, बंगाल, का, दरिंदा, दुष्कर्म, के, आरोपी, का, एनकाउंटर, महुआ, मोइत्रा, ने, पुलिस, कार्रवाई, पर, उठाए, सवाल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> बारुईपुर </strong></p>
<p>पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी का एक आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। कहा जा रहा है कि भागने की कोशिश के दौरान वह मारा गया। पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है। इस वारदात में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। खबरें थीं कि अधिकारियों को चौथे संदिग्ध की भी तलाश थी।</p>
<p>बुधवार को बारुईपुर एसपी ने जानकारी दी, 'बारुईपुर दुष्कर्म और मर्डर केस का आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। जब क्राइम सीन रीक्रिएट किया जा रहा था, तब उसने पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश की और गोलियां भी चला दी थीं। इसके जवाब में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और प्रभास को मार गिराया। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।'</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि आरोपी इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक था और लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या से पहले आरोपी को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में जांच जारी है।</p>
<p><strong>72 घंटे में मांगी थी रिपोर्ट</strong><br>
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को इस केस की रिपोर्ट तलब की थी। उन्होंने पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता को इसके लिए 72 घंटों का समय दिया था। इससे पहले मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पीड़िता के परिवार से कहा था कि आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे। वह मंगलवार को परिवार से मिलने पहुंचीं थीं।</p>
<p><strong>आरोपियों ने कर रखी थी प्लानिंग</strong><br>
पीटीआई भाषा से बातचीत में अधिकारियों ने मंगलवार को बताया था कि आशंका है कि आरोपियों में से एक बच्ची को एक झोपड़ी में ले गया था, जहां दो अन्य आरोपी पहले से मौजूद थे और इसके बाद कथित रूप से वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया, 'प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि ये चोटें कैसे लगीं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।'</p>
<p><strong>शव को ठिकाने लगाने की हुई कोशिश</strong><br>
जांच दल के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर शनिवार देर रात पीड़िता को ठिकाने लगाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, 'आशंका है कि ठिकाने लगाने से पहले पीड़िता को झोपड़ी में रखा गया था। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि आरोपियों ने उसे प्लास्टिक की बोरी में भरकर ले जाने की कोशिश की, लेकिन बोरी फट जाने पर उसे पास के एक तालाब में फेंक दिया।' इस बीच, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 'एंटे-मॉर्टम डूबने' के संकेत मिले हैं जिसका अर्थ है कि तालाब में फेंके जाने के समय बच्ची जीवित थी।</p>
<p><strong>एनकाउंटर पर भड़कीं महुआ मोइत्रा</strong></p>
<p> बारुईपुर में एक लड़की से दुष्कर्म और उसके बाद हत्या करने के मामले का आरोपी प्रभाष मंडल बुधवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। इस एनकाउंटर के बाद राजनीति तेज हो गई है। ममता बनर्जी की करीबी और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने पश्चिम बंगाल को उत्तर प्रदेश 2.O करार दिया है।</p>
<p>महुआ मोइत्रा ने एक्स पर लिखा, ''बारुईपुर रेप और मर्डर केस का आरोपी प्रभाष मंडल एनकाउंटर में मारा गया। पश्चिम बंगाल पुलिस यह क्या हो रहा है? बंगाल के लोगों नए बंगाल यानी कि उत्तर प्रदेश 2.0 का स्वागत करें। बंगाल भाजपा यह कोई सरकार नहीं है, यह जंगल राज है।''</p>
<p>न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारी ने बताया कि पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए आरोपी को मंगलवार रात बारुईपुर के सूर्यपुर ले जाया गया था। पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी से हथियार छीन लिया और भागने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि उसने पुलिस टीम पर कथित तौर पर गोलियां भी चलाईं, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि इस दौरान गोली लगने से आरोपी घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि आरोपी इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक था और लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या से पहले आरोपी को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था।</p>
<p><strong>शुभेंदु ने 72 घंटे में मांगी थी रिपोर्ट</strong><br>
इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता को बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ ष्कर्म और हत्या से जुड़े मामले में 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। शुभेंदु ने कहा कि घटना के बाद भीड़ हत्या का शिकार हुआ व्यक्ति बेकसूर था। उन्होंने कहा कि बीते रविवार को पीड़िता का शव मिलने के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति की तोड़फोड़ करने और पुलिस वाहन तथा रेलवे पटरियों को नुकसान पहुंचाने वाले लगभग 200 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात के बाद शुभेंदु ने कहा, “हमने पूरे मामले की जांच की है। मैंने शुरुआती विश्लेषण किया है। मैंने डीजीपी को 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। हम उसी के हिसाब से सख्त कार्रवाई करेंगे। अगर शिकायत दर्ज होने के बाद उचित कदम उठाने में कोई देरी या लापरवाही हुई है, भले ही वह एक प्रतिशत ही क्यों न हो, तो कार्रवाई की जाएगी।”</p>
<p>उन्होंने कहा, "भीड़ हत्या के शिकार हुए इंद्रजीत मंडल बेकसूर थे। पुलिस ने मुझे यही बताया; ये मेरे शब्द नहीं हैं। मंडल को भी न्याय मिलेगा। मैंने उनके परिवार वालों से भी मुलाकात की है।"</p>
<p><strong>बोरी में मिला था लड़की का शव</strong><br>
आपको बता दें कि लड़की का शव रविवार को सुर्ज्यपुर हाट इलाके में एक बोरी में मिला था, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बारुईपुर-जयनगर मार्ग अवरुद्ध किया, टायर जलाए और पुलिस के कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की। शव मिलने के कुछ घंटों बाद गुस्साई भीड़ ने लड़की की मौत में शामिल होने के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी।</p>
<p>मामले के सिलसिले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। राज्य सरकार ने घटना की तहकीकात के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>CM विष्णु देव साय आज कवर्धा में BJP के नए जिला कार्यालय का करेंगे लोकार्पण, कार्यकर्ताओं को देंगे बड़ी सौगात</title>
<link>https://atworldnews.in/9270</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुबह 11:10 बजे रायपुर से कवर्धा के लिए रवाना होंगे. कवर्धा में वे नवीन भाजपा कार्यालय का लोकार्पण करेंगे. इसके बाद दोपहर 1:30 बजे कवर्धा से रायपुर लौटेंगे. दोपहर 2:10 बजे से शाम 4 बजे तक मुख्यमंत्री नया रायपुर स्थित मंत्रालय में कार्यालयीन कार्य करेंगे. इसके बाद शाम 4 बजे … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 12:31:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>विष्णु, देव, साय, आज, कवर्धा, में, BJP, के, नए, जिला, कार्यालय, का, करेंगे, लोकार्पण, कार्यकर्ताओं, को, देंगे, बड़ी, सौगात</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुबह 11:10 बजे रायपुर से कवर्धा के लिए रवाना होंगे. कवर्धा में वे नवीन भाजपा कार्यालय का लोकार्पण करेंगे. इसके बाद दोपहर 1:30 बजे कवर्धा से रायपुर लौटेंगे. दोपहर 2:10 बजे से शाम 4 बजे तक मुख्यमंत्री नया रायपुर स्थित मंत्रालय में कार्यालयीन कार्य करेंगे.</p>
<p>इसके बाद शाम 4 बजे से 5:30 बजे तक साय कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता करेंगे. 5:30 बजे से 6:00 बजे तक मंत्रिमंडल उप समिति की बैठक में शामिल होंगे. शाम 6 बजे से 6:15 बजे तक मुख्यमंत्री शासकीय कर्मचारियों के लिए अल्पकालीन ऋण सुविधा योजना कार्यक्रम में भाग लेंगे. वहीं, रात 7:30 बजे डुमरतराई फेस-2 स्थित थोक बाजार में आयोजित नामकरण एवं लोकार्पण समारोह में शामिल होंगे. कार्यक्रमों के बाद रात 8:30 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे.</p>
<p><strong>मानसून सत्र से पहले आज होगी साय कैबिनेट की अहम बैठक<br>
रायपुर. </strong>मानसून सत्र से पहले आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी. शाम 4 बजे मंत्रालय महानदी भवन में होने वाली इस बैठक में 13 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा की जाएगी. बैठक में जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा. साथ ही प्रदेशहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और फैसलों पर कैबिनेट की मुहर लगने की संभावना है.</p>
<p><strong>उद्योगों के वृक्षारोपण कार्यों की आज होगी समीक्षा</strong><br>
<strong>रायपुर. </strong>आज पर्यावरण संरक्षण मंडल की अहम बैठक आयोजित की जाएगी. बैठक की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद करेंगे. बैठक में उद्योगों को दिए गए वृक्षारोपण लक्ष्यों और उनकी प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी. इसके साथ ही लगाए गए पौधों के संरक्षण और रखरखाव की व्यवस्था पर चर्चा होगी. उद्योगवार वृक्षारोपण कार्ययोजना की समीक्षा कर आगामी रणनीति भी तय की जाएगी.</p>
<p><strong>स्व. तीजन बाई को मुक्ताकाशी मंच से  दी जाएगी श्रद्धांजलि</strong><br>
<strong>रायपुर. </strong>आज पद्म विभूषण स्वर्गीय तीजन बाई को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी. दोपहर 2 बजे महंत घासीदास संग्रहालय परिसर स्थित मुक्ताकाशी मंच में आयोजित कार्यक्रम में लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्हें नमन करेंगे. श्रद्धांजलि समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, संस्कृति मंत्री, सांसद, विधायक सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल होंगे. इसके अलावा पद्मश्री और राज्य अलंकरण से सम्मानित अनेक कलाकार भी कार्यक्रम में उपस्थित रहकर स्व. तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 5 जिला पंचायत CEO के तबादले, एक्का को SUDA का अतिरिक्त प्रभार</title>
<link>https://atworldnews.in/9269</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल करते हुए कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के तहत पांच जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) का तबादला किया गया है। इसके अलावा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक रेमिजियुस … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 12:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, में, बड़ा, प्रशासनिक, फेरबदल:, जिला, पंचायत, CEO, के, तबादले, एक्का, को, SUDA, का, अतिरिक्त, प्रभार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल करते हुए कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के तहत पांच जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) का तबादला किया गया है।</p>
<p>इसके अलावा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक रेमिजियुस एक्का को राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। आदेश के अनुसार, रेमिजियुस एक्का (भा.प्र.से. 2011) अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ SUDA के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।</p>
<p><strong>इसके अलावा निम्न अधिकारियों के तबादले किए गए हैं –</strong></p>
<ul>
<li>गजेन्द्र सिंह ठाकुर। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धमतरी को उप सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा पुनर्वास विभाग में पदस्थ किया गया है।</li>
<li>प्रतीक जैन को जिला पंचायत बस्तर से जिला पंचायत कोरबा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है।</li>
<li>सुरुचि सिंह को जिला पंचायत राजनांदगांव से आयुक्त, नगर पालिक निगम भिलाई पदस्थ किया गया है।</li>
<li>जयंत नाहटा को जिला पंचायत दंतेवाड़ा से जिला पंचायत धमतरी का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है।</li>
<li>एम. भार्गव अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), डोंगरगढ़ को जिला पंचायत दंतेवाड़ा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है।</li>
<li>तनय खत्रा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), कटघोरा को जिला पंचायत बस्तर का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है।</li>
<li>दुर्गा प्रसाद अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), घरघोड़ा को जिला पंचायत राजनांदगांव का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है।</li>
</ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की मौजूदगी में ऐतिहासिक समझौता, महाराष्ट्र&#45;गुजरात&#45;राजस्थान&#45;एमपी के बीच सुलझा सरदार सरोवर डैम का मुद्दा</title>
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<description><![CDATA[ केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की मौजूदगी में ऐतिहासिक समझौता, महाराष्ट्र-गुजरात-राजस्थान-एमपी के बीच सुलझा सरदार सरोवर डैम का मुद्दा – सरदार सरोवर परियोजना का दीर्घकालिक मसला समाप्ति की ओर – परियोजना की निर्माण की लागत साझाकरण के मुद्दों पर था विवाद – चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने किए हस्ताक्षर भोपाल/नई दिल्ली  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 12:01:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>केन्द्रीय, गृह, मंत्री, शाह, की, मौजूदगी, में, ऐतिहासिक, समझौता, महाराष्ट्र-गुजरात-राजस्थान-एमपी, के, बीच, सुलझा, सरदार, सरोवर, डैम, का, मुद्दा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की मौजूदगी में ऐतिहासिक समझौता, महाराष्ट्र-गुजरात-राजस्थान-एमपी के बीच सुलझा सरदार सरोवर डैम का मुद्दा</strong></p>
<p><strong>– सरदार सरोवर परियोजना का दीर्घकालिक मसला समाप्ति की ओर<br>
– परियोजना की निर्माण की लागत साझाकरण के मुद्दों पर था विवाद<br>
– चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने किए हस्ताक्षर</strong></p>
<p><strong>भोपाल/नई दिल्ली</strong><br>
 केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बीच नर्मदा अवार्ड लाभार्थी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबित भुगतान के निपटारे पर ऐतिहासिक समझौता हो गया है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह और केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की उपस्थिति में 7 जुलाई को नई दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। बैठक में केन्द्र एवं चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।</p>
<p>यह समझौता मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र राज्यों द्वारा सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण के लागत साझाकरण के मुद्दों से जुड़े दीर्घकालिक विवादों को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जिसके तहत लंबित देयों के अंतिम निपटान के रूप में किए जाने वाले भुगतानों को एकमुश्त निपटान (वन-टाइम सेटलमेंट) के रूप में हल किया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबे समय से नर्मदा अवॉर्ड के लंबित भुगतान का विवाद चल रहा था, जिसका आज सौहार्दपूर्ण समाधान निकल गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को मजबूत करने और जल क्षेत्र में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए कई ऐतिहासिक पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अनेक राज्यों में डबल इंजन सरकार बनने का लाभ यह हुआ है कि हम में एक-दूसरे को समझने की क्षमता बढ़ी है, राजनीतिक मुद्दे कम हुए हैं और देश के अनेक विवाद अब तेजी से सुलझाए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>सरकारों के रचनात्मक सहयोग की सराहना </strong><br>
केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने इस महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय परियोजना पर आम सहमति बनाने में मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र की सरकारों द्वारा दिए गए रचनात्मक सहयोग की सराहना की। मंत्री शाह ने कहा कि इस परियोजना से विशेषकर मध्यप्रदेश, गुजरात तथा राजस्थान को बहुत लाभ हुआ। बांध पूरा होने से इन राज्यों में हर जगह पानी और बिजली पहुंची। उन्होंने कहा कि राजस्थान को हुआ लाभ दिखने में छोटा लग सकता है, पर जिस भूमि तक नर्मदा का पानी पहुंचा है, वहां भूमि का मूल्य और किसान की किस्मत दोनों बदल गई है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल के नेतृत्व में देश में चल रहे जल विवाद या जल वितरण से जुड़े विवाद एक-एक कर सुलझाए जा रहे हैं। </p>
<p><strong>राष्ट्रीय नुकसान को ध्यान में रख कर सुलझाएं मसले</strong><br>
गृह मंत्री शाह ने कहा कि पिछले दिनों हरियाणा और राजस्थान के बीच का जल विवाद सुलझाया गया। चाहे किशाऊ बांध परियोजना का मुद्दा हो या राजस्थान, हरियाणा के बीच जल विवाद हो या आज का यह समझौता, ये सभी सहकारी संघवाद के स्वर्णिम उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि चाहे गुजरात हो, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा या महाराष्ट्र, पानी देश के लोगों, खासकर किसानों के ही काम आता है। मंत्री शाह ने कहा कि पानी का उपयोग चाहे देश के किसी भी हिस्से में हो उससे लाभान्वित होने वाला एक भारतीय ही होगा। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि किसी भी विवाद से होने वाले राष्ट्रीय नुकसान को ध्यान में रख कर उसे सुलझाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पड़ोसी राज्य समृद्ध होता है, तो उसका लाभ अपने राज्य को भी मिलता है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>US&#45;Iran तनाव और होर्मुज संकट से शेयर बाजार में हाहाकार! खुलते ही Sensex 550 अंक लुढ़का, Nifty भी टूटा</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई  शेयर बाजार में फिर से खौफ देखने को मिल रहा है और खुलने के साथ ही बड़ी गिरावट आई है. बुधवार को कारोबार की शुरुआत होते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही 550 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 11:33:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>US-Iran, तनाव, और, होर्मुज, संकट, से, शेयर, बाजार, में, हाहाकार, खुलते, ही, Sensex, 550, अंक, लुढ़का, Nifty, भी, टूटा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong></p>
<p>शेयर बाजार में फिर से खौफ देखने को मिल रहा है और खुलने के साथ ही बड़ी गिरावट आई है. बुधवार को कारोबार की शुरुआत होते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही 550 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी करीब 150 अंक फिसल गया. इससे पहले बीते कारोबारी दिन भी दोनों रेड जोन में बंद हुए थे। Stock Market में इस गिरावट की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी और इसका कनेक्शन सीधे होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ा हुआ है, जो दुनिया की कुल तेल जरूरत के करीब 20 फीसदी को पूरा करने के लिए अहम है. यहां फिर से अमेरिका और ईरान आमने-सामने आ गए हैं और दोनों ओर से हमले किए जा रहे हैं. इससे न सिर्फ भारत, बल्कि जापान-कोरिया समेत अन्य एशियाई देशों के शेयर बाजार बुरी तरह टूटे हैं। </p>
<p><strong>सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही धड़ाम </strong><br>
शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,180 की तुलना में गिरावट के साथ खुला और महज पांच मिनट के कारोबार के दौरान ही ये 550 अंक से ज्यादा फिसलकर 77,611 के लेवल पर आ गया। </p>
<p>सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी इंडेक्स में भी गिरावट बढ़ती हुई नजर आई. ये इंडेक्स 24,398 के अपने पिछले बंद के मुकाबले खुलते ही गिरकर 24,259 पर आ गया और फिर सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर चलते हुए 150 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 24,229 पर ट्रेड करता हुआ दिखा। </p>
<p><strong>बाजार में इसलिए फिर खौफ </strong><br>
शेयर बाजार फिर से खौफ में नजर आ रहा है और इसके तार सीधे मिडिल ईस्ट से जुड़े हुए हैं. पहला कारण अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ना है. पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाजों पर मिसाइल अटैक किए, तो पलटवार करते हुए अमेरिक की ओर से भी तगड़ी स्ट्राइक ईरानी ठिकानों पर शुरू कर दी गई। </p>
<p>दूसरे कारण की बात करें, तो दोनों देशों के बीच फिर तनातनी ने दुनियाभर के शेयर मार्केट में हलचल बढ़ा दी और US-Japan से South Korea तक के शेयर बाजार गिरावट में कारोबार करते हुए नजर आए, जिनसे भारतीय बाजार का सेंटीमेंट खराब हुआ. जापान का निक्केई खुलते ही 500 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो साउथ कोरिया का कोस्पी भी 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट लेकर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं Gift Nifty भी रेड जोन में था। </p>
<p><strong>फिर से डराने लगा कच्चा तेल<br>
बाजार में गिरावट का तीसरा कारण</strong> देखें, तो US-Iran Attacks की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर असर डाला और अचानक इसमें तेज उछाल आ गया. Brent Crude Oil Price 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 76 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया, तो वहीं WTI Crude Oil Price भी 72 डॉलर के पार कारोबार कर रहा था. तेल की कीमतों में फिर से लगी आग ने दुनिया में महंगाई का जोखिम बढ़ाने का डर पैदा किया है और शेयर बाजार भी इसके दबाव में नजर आ रहे हैं। </p>
<p><strong>हर ओर मची दिखी भगदड़</strong><br>
शेयर बाजार में इस बड़ी गिरावट के बीच सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की बात करें, तो BSE की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल IndiGo Share (2.50%), Asian Paints Share (2.42%), Reliance Share (2.10%), Bajaj Finance Share (1.70%), ITC Share (1.60%), M&M Share (1.50%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Hindustan Petroleum Share (3.60%), Ashok Leyland Share (2.60%) की गिरावट में कारोबार कर रहा था. स्मॉलकैप लिस्ट में NBCC Share (2.20%), PNB Housing Finance Share (2.10%) टूटकर कारोबार करता दिखा। </p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>होर्मुज पर अमेरिका का महाअटैक! ईरान के 80 सैन्य ठिकानों पर बरसे बम, केशम&#45;बंदर अब्बास दहले</title>
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<description><![CDATA[ वाशिंगटन/ तेहरान  होर्मुज में एक दिन पहले तीन जहाजों पर हुए हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए अमेरिका ने ईरान को गंभीरत नतीजे भुगतने की चेतावनी दी थी. होर्मुज में हुए इन हमलों ने पश्चिम एशिया में जंग की आग फिर से भड़का दी है. अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले फिर से शुरू कर दिए … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 11:32:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>होर्मुज, पर, अमेरिका, का, महाअटैक, ईरान, के, सैन्य, ठिकानों, पर, बरसे, बम, केशम-बंदर, अब्बास, दहले</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन/ तेहरान </strong><br>
होर्मुज में एक दिन पहले तीन जहाजों पर हुए हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए अमेरिका ने ईरान को गंभीरत नतीजे भुगतने की चेतावनी दी थी. होर्मुज में हुए इन हमलों ने पश्चिम एशिया में जंग की आग फिर से भड़का दी है. अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले फिर से शुरू कर दिए हैं. अमेरिकी सेना ने केशम द्वीप, बंदर अब्बास और सीरिक में हवाई हमले किए हैं। </p>
<p>ईरानी मीडिया के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के केशम द्वीप और बंदर अब्बास में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं. ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक सीरिक में भी सात विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं. ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी के मुताबिक दक्षिणी पोर्ट सिटी सीरिक में कई धमाके हुए हैं. सीरिक के ताहेरुई पियर इलाके में छह् प्रोजेक्टाइल गिरे हैं। </p>
<p>अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हमलों की पुष्टि की है. सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू कर दिए गए हैं. सेंटकॉम ने इन हमलों की वजह होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमले को बताया है. सेंटकॉम ने कहा है कि होर्मुज से गुजर रहे तीन जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में ये हमले किए जा रहे हैं। </p>
<p>सेंटकॉम ने ईरान की ओर से जहाजों पर हुए हमलों को अनुचित, खतरनाक और सीजफायर का उल्लंघन बताया है. वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका हमलों को इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के प्रावधानों का उल्लंघन बताया है. ईरानी विदेश मंज्ञालय ने इसके लिए अमेरिकी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। </p>
<p>ईरान ने कहा है कि हम अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे. गौरतलब है कि होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिकी वित्त विभाग ने ईरानी तेल के उत्पादन और बिक्री के लिए जारी किया जनरल लाइसेंस रद्द कर दिया था। </p>
<p><strong>US ने ईरान में 80 ठिकानों पर बरसाए बम</strong><br>
एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. हॉर्मुज स्ट्रेट में तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए की गई. इन ताजा हमलों के बाद ईरान ने भी पलटवार करने की चेतावनी दी है। </p>
<p>अमेरिकी सेना के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, तटीय रडार स्टेशन, एंटी-शिप मिसाइल लॉन्चर, ड्रोन लॉन्च साइट और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से ज्यादा तेज स्पीड बोट्स को निशाना बनाया गया. इसके अलावा बंदर अब्बास, केश्म द्वीप और सीरिक के आसपास मौजूद कई सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए गए. बंदर अब्बास में शहीद हक्कानी पोर्ट पर भी हमला किया गया है। </p>
<p>अमेरिका का कहना है कि कुछ घंटे पहले हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कॉमर्शियल जहाजों, मार्शल आइलैंड्स के एम/टी अल रेकय्यात, सऊदी अरब के एम/टी वेदयान और लाइबेरिया के एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी पर हमला किया गया था. वॉशिंगटन ने इन हमलों के लिए सीधे ईरान को जिम्मेदार ठहराया और इसे युद्धविराम का उल्लंघन माना। </p>
<p><strong>ईरान में अमेरिका ने कहां-कहां किए हमले?</strong><br>
हमलों के दौरान एक टैंकर में आग लग गई, जबकि बाकी दो जहाजों को भी नुकसान पहुंचा. हालांकि, किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है. ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, सभी हमले ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के तट के पास हुए। </p>
<p>उधर, ईरानी सरकारी मीडिया ने बंदर अब्बास, केश्म और सीरिक में जोरदार धमाकों की पुष्टि की है. ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरिम समझौते का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है. वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस कार्रवाई के परिणामों की पूरी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी। </p>
<p>
<strong>अमेरिका ने फिर ईरान के तेल बेचने पर लगाया बैन</strong><br>
तनाव बढ़ने के साथ ही अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री से जुड़ी अस्थायी अनुमति भी रद्द कर दी है, जिसे युद्धविराम समझौते के तहत दिया गया था. इसके अलावा अमेरिकी नौसेना के नेतृत्व वाले संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र (JMIC) ने हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरे का स्तर बढ़ाकर 'सीवियर' कर दिया है। </p>
<p>इस पूरी घटनी के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे का कार्यक्रम भी जारी है. उनका पार्थिव शरीर तेहरान से क़ोम और फिर इराक के नजफ ले जाया गया, जहां हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. अंतिम संस्कार में ईरान और इराक के कई शीर्ष नेता शामिल हुए. ईरान की तरफ से राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, फॉरेन मिनिस्टर अब्बास अराकची, मरहूम लीडर के बेटे मुस्तफा खामेनेई, ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के ससुर घोलामाली हद्दाद अदेल और सुप्रीम लीडर के एडवाइजर मोहसेन रेजाई शामिल थे। </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>समोसे के लिए रोकी ट्रेन? इंदौर में लोको पायलट का VIDEO वायरल, रेलवे ने शुरू की जांच</title>
<link>https://atworldnews.in/9265</link>
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<description><![CDATA[ इंदौर बारिश का मौसम हो और गरमा-गरम समोसे की खुशबू आए, तो किसी का भी मन ललचा सकता है. लेकिन अगर यही लालच चलती ट्रेन को बीच रास्ते में रोकने का हो तो मामला सिर्फ स्वाद का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का बन जाता है. ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश से आया है. यहां इंदौर … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 11:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>समोसे, के, लिए, रोकी, ट्रेन, इंदौर, में, लोको, पायलट, का, VIDEO, वायरल, रेलवे, ने, शुरू, की, जांच</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर</strong><br>
बारिश का मौसम हो और गरमा-गरम समोसे की खुशबू आए, तो किसी का भी मन ललचा सकता है. लेकिन अगर यही लालच चलती ट्रेन को बीच रास्ते में रोकने का हो तो मामला सिर्फ स्वाद का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का बन जाता है. ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश से आया है. यहां इंदौर और महू के बीच चलने वाली डेमू ट्रेन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। </p>
<p>वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि लोको पायलट ने बीच रास्ते में समोसे खरीदने के लिए ट्रेन रोक दी. हालांकि, वीडियो सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. रेलवे का कहना है कि अगर लोको पायलट की तरफ से बीच रास्ते ट्रेन रोककर अपना पर्सनल कार्य किया गया है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।   </p>
<p><strong>समोसे खरीदने की वजह से लेट हो जाती है ट्रेन</strong><br>
वायरल वीडियो राऊ के रंगवासा रोड क्षेत्र का बताया जा रहा है. स्थानीय लोगों का दावा है कि इंदौर-महू डेमू ट्रेन यहां नियमित रूप से कुछ मिनट के लिए रुकती है. आरोप है कि लोको पायलट ट्रेन से नीचे उतरकर पास की दुकान से समोसे खरीदता है, जिससे ट्रेन करीब 10 मिनट या उससे ज्यादा लेट हो जाती है. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो क्षेत्र के लोगों ने बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। </p>
<p>वहीं इस मामले पर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने कहा कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है और इसे वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया गया है. पूरे मामले की जांच कराई जा रही है. यदि जांच में यह सामने आता है कि लोको पायलट ने बिना किसी अधिकृत कारण, सिग्नल या परिचालन संबंधी आवश्यकता के ट्रेन रोकी और केबिन से उतरकर निजी कार्य किया, तो रेलवे नियमों के अनुसार उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल रेलवे जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भारत में ‘तेल वाली दिवाली’! होर्मुज के बाद सऊदी अरब से आई बड़ी खुशखबरी, पेट्रोल&#45;डीजल पर मिल सकती है राहत</title>
<link>https://atworldnews.in/9264</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली ग्‍लोबल एनर्जी मार्केट में सऊदी अरब के एक बड़े फैसले ने हलचल मचा दी है. दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातकों में शामिल सऊदी अरब ने एशियाई ग्राहकों के लिए अपने प्रमुख अरब लाइट (Arab Light) कच्चे तेल की आधिकारिक बिक्री कीमत (Official Selling Price-OSP) में अगस्त की आपूर्ति के लिए प्रति बैरल … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 11:03:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भारत, में, ‘तेल, वाली, दिवाली’, होर्मुज, के, बाद, सऊदी, अरब, से, आई, बड़ी, खुशखबरी, पेट्रोल-डीजल, पर, मिल, सकती, है, राहत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>ग्‍लोबल एनर्जी मार्केट में सऊदी अरब के एक बड़े फैसले ने हलचल मचा दी है. दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातकों में शामिल सऊदी अरब ने एशियाई ग्राहकों के लिए अपने प्रमुख अरब लाइट (Arab Light) कच्चे तेल की आधिकारिक बिक्री कीमत (Official Selling Price-OSP) में अगस्त की आपूर्ति के लिए प्रति बैरल 11 डॉलर की भारी कटौती की है. यह पिछले 26 वर्षों में एशिया के लिए की गई सबसे बड़ी मंथली कटौती मानी जा रही है. इतना ही नहीं साल 2020 के बाद पहली बार सऊदी अरब ने अपने इस प्रमुख ग्रेड को ओमान-दुबई बेंचमार्क के मुकाबले 1.50 डॉलर प्रति बैरल की छूट पर उपलब्ध कराया है. एक्‍सपर्ट का मानना है कि यह फैसला केवल कीमत घटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एशियाई बाजार में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है. खासकर ऐसे समय में जब रूस रियायती दरों पर तेल बेचकर भारत और चीन जैसे बड़े आयातकों के बीच अपनी मजबूत पकड़ बना चुका है. सऊदी अरब के इस ‘प्राइस वॉर’ से भारत के ऑयल इंपोर्ट बिल पर पॉजिटिव असर तय माना जा रहा है. भारत अपनी कुल जरूरतों का 85 फीसद तक आयात करता है. ‘मनीकंट्रोल’ रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-मई 2026 के दौरान भारत ने 35.5 अरब डॉलर (₹337970 करोड़) मूल्‍य का कच्‍चा तेल आयात किया था. सऊदी अरब की ओर से किए गए प्राइस कट और होर्मुज से जहाजों की आवाजाही सुचारू होने के बाद इंपोर्ट बिल में कमी आने की संभावना है. आगे चलकर कंज्‍यूमर को भी इसका फायदा मिलना तय माना जा रहा है। </p>
<p>दरअसल, कुछ सप्ताह पहले तक वैश्विक तेल बाजार में चिंता का माहौल था. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव तथा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में शिपिंग प्रभावित होने की आशंका के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया था. दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत समुद्री तेल व्यापार का रास्ता इसी स्‍ट्रेट से होकर गुजरता है. ऐसे में किसी भी तरह के खलल से ग्‍लोबल सप्‍लाई प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया था. हालांकि, अब हालात काफी हद तक सामान्य हो चुके हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही फिर से सुचारु हो गई है, खाड़ी देशों का निर्यात सामान्य स्तर पर लौट आया है और बाजार में तत्काल आपूर्ति संकट की आशंका काफी कम हो गई है. इसके साथ ही तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक प्लस (OPEC+) ने अगस्त से प्रतिदिन 1.88 लाख बैरल अतिरिक्त उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सहित अन्य उत्पादक देशों ने भी उत्पादन बढ़ाया है। </p>
<p><strong>भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है सऊदी का फैसला?</strong><br>
भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत आयात करता है. इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक कम रहती हैं तो भारत का इंपोर्ट बिल घट सकता है, चालू खाते का घाटा नियंत्रित रह सकता है और महंगाई पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. कम कीमतों का लाभ केवल सरकार तक सीमित नहीं रहेगा. विमानन, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, मैन्‍यूफैक्‍चरिंग और पेट्रोकेमिकल जैसे उद्योगों की लागत भी घट सकती है, क्योंकि ये सभी क्षेत्र पेट्रोलियम उत्पादों पर काफी हद तक निर्भर हैं. इससे उत्पादन लागत कम होने और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना रहती है. इसका सीधा फायदा आम उपभोक्‍ताओं को मिलने की संभावन है। </p>
<p><strong>क्या सस्ता होगा पेट्रोल और डीजल?</strong><br>
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमत कम होने का मतलब यह नहीं है कि पेट्रोल और डीजल तुरंत सस्ते हो जाएंगे. भारत में खुदरा ईंधन की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं. इनमें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, रिफाइनिंग मार्जिन, मालभाड़ा, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले कर तथा सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के मूल्य निर्धारण संबंधी निर्णय शामिल हैं. इसलिए यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल लंबे समय तक सस्ता बना रहता है और तेल कंपनियां इसका लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाती हैं, तभी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने की संभावना होगी। </p>
<p><strong>भारत और चीन पर फोकस</strong><br>
एशिया दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक क्षेत्र है. भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश सऊदी अरब के सबसे बड़े ग्राहक हैं. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस बाजार में रूस की मौजूदगी तेजी से बढ़ी है. यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के चलते रूस ने रियायती कीमतों पर अपना तेल एशियाई देशों को बेचना शुरू किया. भारत और चीन रूस के सबसे बड़े खरीदार बनकर उभरे. ऐसे में सऊदी अरब पर दबाव बढ़ा. विश्लेषकों का मानना है कि कीमतों में इतनी बड़ी कटौती का उद्देश्य एशियाई रिफाइनरियों को आकर्षित करना और उन्हें रूस या अन्य सप्‍लायर्स की बजाय सऊदी तेल खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना है. इसके अलावा चीन की धीमी आर्थिक वृद्धि के कारण वहां तेल की मांग में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो रही है, जिससे भी कीमतों पर दबाव बना हुआ है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>भोपाल&#45;दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस नए रंग&#45;रूप में दौड़ेगी, 7.30 घंटे में तय करेगी 708 किमी का सफर</title>
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<description><![CDATA[ ग्वालियर  रानी कमलापति (भोपाल) से ग्वालियर होते हुए हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द ही बिल्कुल नए रंग-रूप में नजर आएगी। ट्रेन का बाहरी रंग पारंपरिक नीले-सफेद की जगह अब आकर्षक केसरिया होगा। इसके लिए ट्रेन को झांसी की वैगन रिपेयर वर्कशॉप भेजा गया है, जहां अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक से पेंटिंग और … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 11:01:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भोपाल-दिल्ली, वंदे, भारत, एक्सप्रेस, नए, रंग-रूप, में, दौड़ेगी, 7.30, घंटे, में, तय, करेगी, 708, किमी, का, सफर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ग्वालियर </strong><br>
रानी कमलापति (भोपाल) से ग्वालियर होते हुए हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द ही बिल्कुल नए रंग-रूप में नजर आएगी। ट्रेन का बाहरी रंग पारंपरिक नीले-सफेद की जगह अब आकर्षक केसरिया होगा। इसके लिए ट्रेन को झांसी की वैगन रिपेयर वर्कशॉप भेजा गया है, जहां अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक से पेंटिंग और यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े कई तकनीकी बदलाव किए जा रहे है। झांसी मंडल में पहली बार इस स्तर पर वंदे भारत का ऐसा मेकओवर किया जा रहा है।</p>
<p><strong>रोबोटिक तकनीक से तैयार हो रहा नया लुक</strong><br>
झांसी की वैगन रिपेयर वर्कशॉप में वंदे भारत के कोचों की पेंटिंग अत्याधुनिक रोबोट कर रहे हैं। इससे पेंट की गुणवत्ता बेहतर होगी, पूरी ट्रेन को एक समान फिनिश रंग लंबे समय तक टिकेगा और मिलेगी। रेलवे के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया आधुनिक तकनीक के जरिए तेज और अधिक सटीक तरीके से पूरी की जा रही है।</p>
<p><strong>7.30 घंटे में 708 किमी. का सफर</strong><br>
रानी कमलापति से हजरत निजामुद्दीन के बीच 708 किलोमीटर का सफर वंदे भारत महज 7 घंटे 30 मिनट में पूरा करती है। यही दूरी अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों को तय करने में करीब 9 से 10 घंटे लगते हैं। यह ट्रेन भोपाल, झांसी, ग्वालियर और आगरा कैंट स्टेशन पर ठहराव लेते हुए दिल्ली पहुंचती है।</p>
<p><strong>मेक इन इंडिया की पहचान</strong><br>
वंदे भारत एक्सप्रेस पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से डिजाइन और निर्मित ट्रेन है। आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, बेहतर रफ्तार और यात्री सुविधाओं के कारण यह भारतीय रेलवे की सबसे प्रतिष्ठित ट्रेनों में शामिल है। रेलवे का मानना है कि नए स्वरूप और बेहतर सुविधाओं से यात्रियों का सफर और अधिक आरामदायक होगा।</p>
<p><strong>क्या-क्या बदलेगा</strong></p>
<p><strong>-वॉश बेसिन की गहराई बढ़ाई गई है।<br>
-टॉयलेट में अब अधिक रोशनी वाली एलईडी लाइटिंग।<br>
-चार्जिंग पॉइंट तक आसान पहुंच।<br>
-सीटों में अधिक कुशनिंग, लंबी यात्रा में आराम बढ़ेगा एग्जीक्यूटिव चेयर कार में बड़ा फुटरेस्ट।<br>
अंदर भी बदलेगा…</strong></p>
<p><strong>केवल बाहरी रंग ही नहीं, ट्रेन के इंटीरियर में भी कई बदलाव किए जा रहे हैं ताकि यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा मिल सके।</strong></p>
<p><strong>अधिकारी बोले….. अब पहले से बेहतर अनुभव</strong><br>
रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत को केसरिया रंग में तैयार किया जा रहा है। झांसी कारखाने में रोबोटिक पेंटिंग के साथ यात्रियों की सुविधा से जुड़े कई तकनीकी सुधार भी किए जा रहे हैं, ताकि यात्रा का अनुभव पहले से बेहतर हो। – मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, झांसी रेल मंडल</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गैर&#45;मुस्लिम से निकाह पर नई शर्त, वक्फ बोर्ड की अनुमति होगी अनिवार्य; जानें कहां लागू हुआ नियम</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने निकाह व्यवस्था में पारदर्शिता लिए एक नई पहल करने जा रहा है, जिसमें अगर कोई मुस्लिम युवक या युवती किसी गैर-मुस्लिम से निकाह करना चाहता है, तो पहले वक्फ बोर्ड से अनुमति लेना अनिवार्य होगा. इसके लिए दोनों पक्षों की सहमति, आवश्यक दस्तावेज और कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. बिना … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:31:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>गैर-मुस्लिम, से, निकाह, पर, नई, शर्त, वक्फ, बोर्ड, की, अनुमति, होगी, अनिवार्य, जानें, कहां, लागू, हुआ, नियम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong><br>
 छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने निकाह व्यवस्था में पारदर्शिता लिए एक नई पहल करने जा रहा है, जिसमें अगर कोई मुस्लिम युवक या युवती किसी गैर-मुस्लिम से निकाह करना चाहता है, तो पहले वक्फ बोर्ड से अनुमति लेना अनिवार्य होगा. इसके लिए दोनों पक्षों की सहमति, आवश्यक दस्तावेज और कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. बिना अनुमति निकाह पढ़ाने वाले मौलानाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है. इसके अलावा मौलानाओं का रजिस्ट्रेशन भी होगा. नई व्यवस्था के तहत प्रदेश में निकाह कराने वाले सभी मौलानाओं का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा. केवल रजिस्टर्ड मौलाना ही निकाह करा सकेंगे। </p>
<p>बोर्ड का कहना है कि इससे फर्जी पहचान, दस्तावेज छिपाकर विवाह कराने और विवादित मामलों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी. हर निकाह का पूरा रिकॉर्ड वक्फ बोर्ड के पास सुरक्षित रखा जाएगा. निकाह के बाद जारी होने वाला प्रमाणपत्र भी बोर्ड के माध्यम से जारी किया जाएगा. वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों का कहना है कि आदिवासी क्षेत्रों से महिलाओं को बहला-फुसलाकर विवाह करने और संपत्ति विवाद से जुड़े कुछ मामलों की शिकायतें मिली हैं, इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए ऐसे मामलों की निगरानी बढ़ाने और सभी निकाह <strong>का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की योजना बनाई गई है। </strong></p>
<p><strong>वक्फ बोर्ड के पास रहेगा रिकॉर्ड</strong><br>
बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के अनुसार, वर्तमान में कई स्थानों पर निकाह का कोई केंद्रीकृत रिकॉर्ड नहीं रखा जाता, जिससे बाद में वैवाहिक स्थिति, पहचान और कानूनी मामलों में विवाद पैदा होते हैं. नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रत्येक निकाह का रिकॉर्ड वक्फ बोर्ड के पास सुरक्षित रहेगा और प्रमाणपत्र भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी किया जाएंगे। </p>
<p><strong>वक्फ बोर्ड क्या होता है?</strong><br>
वक्फ बोर्ड एक वैधानिक संस्था है, जो मुस्लिम समुदाय द्वारा धार्मिक, सामाजिक या जनकल्याण के उद्देश्य से दान की गई संपत्तियों का प्रबंधन और संरक्षण करती है. इसका गठन वक्फ अधिनियम, 1995 (बाद में संशोधित) के तहत किया जाता है। </p>
<p><strong>भारत में वक्फ बोर्ड</strong><br>
<strong>लगभग हर राज्य का अपना राज्य वक्फ बोर्ड होता है.</strong>इनके अलावा एक केंद्रीय वक्फ परिषद भी है, जो केंद्र सरकार के अधीन सलाहकार निकाय के रूप में कार्य करती है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>सिंहस्थ 2028 बनेगा ‘ग्रीन कुंभ’, उज्जैन में 114 किमी हरित कॉरिडोर होगा तैयार</title>
<link>https://atworldnews.in/9261</link>
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<description><![CDATA[ उज्जैन  सिंहस्थ-2028 को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की नई पहचान देने की दिशा में उज्जैन प्रशासन ने व्यापक हरित अभियान शुरू कर दिया है। पहली बार सिंहस्थ महापर्व को &#039;ग्रीन कुंभ&#039; की अवधारणा के साथ आयोजित किया जाएगा। इसके तहत पूरे शहर और सिंहस्थ क्षेत्र में 10 लाख पौधे लगाए जाएंगे, जबकि 114 किलोमीटर … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सिंहस्थ, 2028, बनेगा, ‘ग्रीन, कुंभ’, उज्जैन, में, 114, किमी, हरित, कॉरिडोर, होगा, तैयार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उज्जैन</strong><br>
 सिंहस्थ-2028 को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की नई पहचान देने की दिशा में उज्जैन प्रशासन ने व्यापक हरित अभियान शुरू कर दिया है। पहली बार सिंहस्थ महापर्व को 'ग्रीन कुंभ' की अवधारणा के साथ आयोजित किया जाएगा। इसके तहत पूरे शहर और सिंहस्थ क्षेत्र में 10 लाख पौधे लगाए जाएंगे, जबकि 114 किलोमीटर लंबी सड़कों को हरित कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।</p>
<p>प्रशासन ने इस महाअभियान की शुरुआत कर दी है और अब तक तीन लाख से अधिक गड्ढों की खुदाई पूरी की जा चुकी है। लक्ष्य है कि सिंहस्थ-2028 से पहले पूरे क्षेत्र को हरियाली से आच्छादित कर श्रद्धालुओं को स्वच्छ, छायादार और पर्यावरण अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए।</p>
<p><strong>84 हजार बड़े छायादार पेड़ों से सजेगा सिंहस्थ मार्ग</strong><br>
योजना के तहत सिंहस्थ क्षेत्र की प्रमुख सड़कों के दोनों ओर 84 हजार बड़े और छायादार पौधे लगाए जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से नीम, करंज, जामुन सहित ऐसी प्रजातियों को शामिल किया गया है, जिनकी ऊंचाई 10 से 12 फीट होगी और जो कम समय में तेजी से विकसित होकर पर्याप्त छाया प्रदान कर सकें।</p>
<p>प्रशासन का मानना है कि बढ़ते तापमान और हीटवेव की चुनौती को देखते हुए यह पहल केवल सुंदरीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए पर्यावरण अनुकूल अधोसंरचना तैयार करने की रणनीति का हिस्सा है।</p>
<p><strong>नीम, करंज और जामुन के 10 से 12 फीट ऊंचे पौधे श्रद्धालुओं को देंगे प्राकृतिक छाया</strong><br>
इनमें मुख्य रूप से नीम, करंज, जामुन और अन्य छायादार प्रजातियों के 10 से 12 फीट ऊंचे पौधे लगाए जाएंगे। इन प्रजातियों का चयन इसलिए किया गया है कि ये कम समय में अच्छी वृद्धि कर सकें और सिंहस्थ-2028 तक श्रद्धालुओं को प्राकृतिक छाया उपलब्ध करा सकें। बढ़ते तापमान और हीटवेव को देखते हुए यह चयन केवल सुंदरीकरण के लिए नहीं, बल्कि जलवायु अनुकूल अधोसंरचना विकसित करने की रणनीति का हिस्सा है।</p>
<p><strong>कितने हेक्टेयर मे फैलेगा वन क्षेत्र</strong><br>
उज्जैन की पहचान अब सिर्फ महाकाल नगरी तक सीमित नहीं रहेगी.शहर के नवलखी आरक्षित वन क्षेत्र में करीब 200 हेक्टेयर में विश्वस्तरीय फॉरेस्ट जू विकसित किया जाएगा. यह आधुनिक जू पर्यटकों को वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में बेहद करीब से देखने का अनूठा अनुभव देगा. उज्जैन वन मंडल के डीएफओ अनुराग तिवारी के अनुसार, यहां 300 से अधिक वन्यजीव प्रजातियों को बसाने की योजना है.परियोजना को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से मंजूरी मिल चुकी है, जबकि प्रशासनिक के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है. पहला चरण सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। </p>
<p><strong>पहले चरण में लगभग 60 हेक्टेयर क्षेत्र काम</strong><br>
यह फॉरेस्ट जू दो चरणों में तैयार होगा. पहले चरण में करीब 60 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष ‘इंडिया ज़ोन’ विकसित किया जाएगा, जहां केवल भारत में पाए जाने वाले वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास जैसे माहौल में रखा जाएगा. यहां विशाल ड्राइव-थ्रू सफारी, खुले प्राकृतिक बाड़े और अत्याधुनिक विजिटर सुविधाएं होंगी. पर्यटक बिना जंगल जैसा रोमांचक अनुभव ले सकेंगे, जिससे वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी। </p>
<p><strong>दूसरे चरण मे दिखेंगे दुर्लभ वन्यजीव</strong><br>
फॉरेस्ट जू के दूसरे चरण में इसे ‘फॉरेस्ट ऑफ द वर्ल्ड’ थीम के आधार पर विकसित किया जाएगा. इस चरण में अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया के दुर्लभ वन्यजीवों को शामिल करने की योजना है. उद्देश्य यह है कि उज्जैन का यह फॉरेस्ट जू केवल देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने। </p>
<p><strong>अनोखी डिजाइन मे दिखेगा जू </strong><br>
उज्जैन में बनने वाला विश्वस्तरीय फॉरेस्ट जू अपनी अनोखी डिजाइन के कारण खास होगा. जू का क्षेत्र फोरलेन और पंचकोशी मार्ग से दो हिस्सों में बंटा होने के बावजूद, 35 मीटर चौड़ा ग्रीन ओवरब्रिज और अंडरपास दोनों हिस्सों को जोड़ेंगे. ओवरब्रिज पर बैटरी संचालित इलेक्ट्रिक सफारी और पैदल पर्यटकों के लिए अलग रास्ते होंगे, जबकि घने पेड़-पौधे वन्यजीवों को प्राकृतिक वातावरण का एहसास कराएंगे. परियोजना के पहले चरण में 60 हेक्टेयर में ‘इंडिया ज़ोन’ विकसित होगा, जहां केवल भारत के वन्यजीव प्राकृतिक आवास जैसे खुले वातावरण में नजर आएंगे. ड्राइव-थ्रू सफारी और आधुनिक सुविधाएं पर्यटकों को असली जंगल जैसा रोमांचक अनुभव देंगी। </p>
<p><strong>घाट, उद्यान और जलाशय भी होंगे अभियान का हिस्सा</strong><br>
निर्माणाधीन 29 किलोमीटर लंबे घाटों और संपर्क मार्गों के किनारे भी बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा। इसके अलावा शहर के 400 से अधिक उद्यान, प्रमुख जलाशयों के तट, शासकीय परिसरों और विभिन्न संस्थागत क्षेत्रों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है।</p>
<p><strong>पौधों की जियो-टैगिंग की जाएगी, ताकि उनके संरक्षण, देखभाल और जीवित रहने की नियमित निगरानी की जा सके।</strong></p>
<p><strong>आस्था और प्रकृति संरक्षण का साझा संकल्प</strong><br>
सनातन परंपरा में पीपल, बरगद, नीम और बेल जैसे वृक्षों को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। धार्मिक ग्रंथों में पौधारोपण को पुण्य और यज्ञ के समान बताया गया है। ऐसे में सिंहस्थ-2028 के लिए प्रस्तावित यह 10 लाख पौधों का अभियान केवल हरियाली बढ़ाने की योजना नहीं, बल्कि आस्था, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर प्राकृतिक विरासत तैयार करने का सामूहिक संकल्प भी माना जा रहा है।</p>
<p>प्रशासन निर्माणाधीन 29 किलोमीटर लंबे घाटों और मार्गों के किनारे भी बड़े पैमाने पर पौधारोपण करेगा। इसके अलावा शहर के 400 से अधिक उद्यान, प्रमुख जलाशयों के किनारे, शासकीय परिसरों और संस्थागत क्षेत्रों को भी इस हरित अभियान से जोड़ा गया है।</p>
<p><strong>पौधों की होगी जियो-टैगिंग, सनातन परंपरा और प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प</strong><br>
पौधों की जियो-टैगिंग की जाएगी, ताकि संरक्षण और जीवित रहने की भी लगातार निगरानी की जा सके। सनातन परंपरा में पीपल, बरगद, नीम और बेल जैसे पेड़ों को देवतुल्य माना गया है। पुराणों में पौधारोपण को यज्ञ और पुण्य का कार्य बताया गया है।</p>
<p>ऐसे में सिंहस्थ-2028 के लिए 10 लाख पौधों का अभियान केवल हरियाली बढ़ाने की योजना नहीं, बल्कि आस्था, प्रकृति संरक्षण और भावी पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण का सामूहिक संकल्प भी है।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong></p>
<p><strong>    3 लाख से ज्यादा गड्ढों की खोदाई पूरी।<br>
    10 से 12 फीट ऊंचे होंगे लगाए जाने वाले पौधे। <br>
    29 किमी निर्माणाधीन घाट और मार्गों पर भी पौधारोपण होगा। <br>
    400 से ज्यादा उद्यान भी हरित अभियान से जुड़ेंगे। </strong></p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>पालतू कुत्ते के काटने पर मालिक को सजा, कोर्ट ने सुनाई कारावास और ₹1,000 जुर्माने की सजा</title>
<link>https://atworldnews.in/9260</link>
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<description><![CDATA[ जबलपुर  पड़ोसी के 8 वर्षीय बच्चे को पालतू कुत्ते के काटने के मामले में न्यायालय ने करीब छह साल बाद कुत्ते के मालिक को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) दीप्ती चौहान ने आरोपी को कोर्ट उठने तक के साधारण कारावास और 1,000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>पालतू, कुत्ते, के, काटने, पर, मालिक, को, सजा, कोर्ट, ने, सुनाई, कारावास, और, ₹1, 000, जुर्माने, की, सजा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जबलपुर</strong><br>
 पड़ोसी के 8 वर्षीय बच्चे को पालतू कुत्ते के काटने के मामले में न्यायालय ने करीब छह साल बाद कुत्ते के मालिक को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) दीप्ती चौहान ने आरोपी को कोर्ट उठने तक के साधारण कारावास और 1,000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।</p>
<p>अभियोजन के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित कौशल्या अपार्टमेंट के पास रहने वाले सलीम रहमान 27 अक्टूबर 2020 को अपनी पंचर मोटरसाइकिल को पैदल मरम्मत के लिए ले जा रहे थे। उनका 8 वर्षीय बेटा अतौर रहीम रहमान पीछे-पीछे दौड़ रहा था। इसी दौरान पड़ोसी गैविन डिसूजा के पालतू कुत्ते ने बच्चे को काट लिया।</p>
<p>घटना के बाद आरोपी के घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब बच्चे का इलाज कराने और कुत्ते को बांधकर रखने की बात कही गई तो गैविन डिसूजा ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।</p>
<p>सलीम रहमान ने घटना की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 289, 294 और 506 (भाग-बी) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया।</p>
<p>सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को धारा 294 और 506 (भाग-बी) के आरोपों से बरी कर दिया। हालांकि, जानवर को लापरवाही से छोड़ने (धारा 289) के अपराध में दोषी मानते हुए कोर्ट उठने तक के कारावास और 1,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एसडीओपी रवि कुमार मौर्य ने पैरवी की।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कृत्रिम पैर से बबीता के जीवन को मिली नई दिशा, प्रशासन की संवेदनशील पहल बनी सहारा</title>
<link>https://atworldnews.in/9259</link>
<guid>https://atworldnews.in/9259</guid>
<description><![CDATA[ रायपुर  संवेदनशील प्रशासन और समय पर मिली सहायता ने रायगढ़ जिले की 27 वर्षीय बबीता यादव के जीवन में नई उम्मीद का संचार किया है। एक गंभीर दुर्घटना के बाद अपना बायां पैर गंवाने वाली बबीता अब आधुनिक कृत्रिम पैर की सहायता से आत्मविश्वास के साथ सामान्य जीवन जी रही हैं। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:01:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>कृत्रिम, पैर, से, बबीता, के, जीवन, को, मिली, नई, दिशा, प्रशासन, की, संवेदनशील, पहल, बनी, सहारा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p> संवेदनशील प्रशासन और समय पर मिली सहायता ने रायगढ़ जिले की 27 वर्षीय बबीता यादव के जीवन में नई उम्मीद का संचार किया है। एक गंभीर दुर्घटना के बाद अपना बायां पैर गंवाने वाली बबीता अब आधुनिक कृत्रिम पैर की सहायता से आत्मविश्वास के साथ सामान्य जीवन जी रही हैं। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रयास और जिला प्रशासन की त्वरित पहल से उन्हें दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे उनका कृत्रिम पैर लगवाया जा सका।</p>
<p>रायगढ़ जिले के ग्राम मुरालपाली निवासी बबीता यादव के साथ वर्ष 2025 में हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद उनके बाएं पैर में गंभीर संक्रमण हो गया। संक्रमण हड्डियों तक फैल जाने के कारण चिकित्सकों को 27 जनवरी 2025 को उनका बायां पैर काटना पड़ा। इस घटना के बाद बबीता के सामने शारीरिक, मानसिक और सामाजिक चुनौतियां खड़ी हो गईं और उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो गया।</p>
<p>विपरीत परिस्थितियों में भी बबीता ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी तथा कलेक्टर से कृत्रिम पैर लगवाने के लिए सहायता की मांग की। उनकी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल दो लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।</p>
<p>जिला प्रशासन के समन्वय से रायपुर स्थित इंडो लाइट्स संस्थान में बबीता को आधुनिक कृत्रिम पैर लगाया गया। कृत्रिम पैर लगने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। अब वे सहज रूप से चल-फिर रही हैं, अपने दैनिक कार्य स्वयं कर रही हैं तथा आत्मनिर्भर होकर पहले की तरह सामान्य जीवन व्यतीत कर रही हैं।</p>
<p>बबीता यादव ने कहा कि कृत्रिम पैर मिलने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उनका जीवन फिर से पटरी पर लौट आया हो। उन्होंने इस मानवीय सहयोग और संवेदनशील पहल के लिए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राज्य शासन तथा जिला प्रशासन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपर कलेक्टर से भेंट कर भी इस सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि समय पर मिली सहायता ने उन्हें नया जीवन और नई उम्मीद प्रदान की है।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>गौरेला&#45;पेंड्रा&#45;मरवाही : अरपा&#45;बिहान के विष्णुभोग चावल को मिला जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का भरपूर समर्थन</title>
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<description><![CDATA[ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : अरपा-बिहान के विष्णुभोग चावल को मिला जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का भरपूर समर्थन महज 30 मिनट में 45 हजार रुपये से अधिक के विष्णुभोग चावल की हुई बिक्री गौरेला-पेंड्रा-मरवाही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा उत्पादित एवं प्रसंस्कृत अरपा-बिहान विष्णुभोग चावल को जिले में लगातार प्रोत्साहन मिल रहा … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:01:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, अरपा-बिहान, के, विष्णुभोग, चावल, को, मिला, जनप्रतिनिधियों, और, नागरिकों, का, भरपूर, समर्थन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : अरपा-बिहान के विष्णुभोग चावल को मिला जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का भरपूर समर्थन</strong></p>
<p><strong>महज 30 मिनट में 45 हजार रुपये से अधिक के विष्णुभोग चावल की हुई बिक्री</strong></p>
<p><strong>गौरेला-पेंड्रा-मरवाही</strong></p>
<p>राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा उत्पादित एवं प्रसंस्कृत अरपा-बिहान विष्णुभोग चावल को जिले में लगातार प्रोत्साहन मिल रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के जिले के प्रवास एवं असेंबली हॉल पेण्ड्रा में आयोजित स्थानीय जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों ने विष्णुभोग चावल की सराहना करते हुए उत्साहपूर्वक इसकी खरीदी की।</p>
<p>           कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपची, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से विष्णुभोग चावल खरीदकर उनका उत्साहवर्धन किया। स्थानीय निवासी पंकज तिवारी ने 200 किलोग्राम विष्णुभोग चावल खरीदकर अब तक के सबसे बड़े खरीदार बनने का गौरव प्राप्त किया। इसके अलावा रायपुर एवं जिले के अन्य जनप्रतिनिधियों तथा नागरिकों ने भी चावल खरीदकर महिलाओं के उत्पादों को बढ़ावा दिया। कार्यक्रम के दौरान मात्र 30 मिनट में महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) द्वारा 45 हजार रुपये से अधिक मूल्य के विष्णुभोग चावल की बिक्री की गई, जिसे महिलाओं के आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया।</p>
<p>           उल्लेखनीय है कि विष्णुभोग धान का उत्पादन स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा जैविक पद्धति से किया जाता है। बिहान के अंतर्गत गठित महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से धान का प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं विपणन किया जाता है, जिससे उत्पाद को बेहतर बाजार और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है। कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुकेश रावटे द्वारा जिले के विभिन्न कार्यक्रमों एवं मंचों पर विष्णुभोग चावल को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे इसकी मांग और उत्पादन दोनों में वृद्धि हो रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक दुर्गाशंकर सोनी ने बताया कि मिशन के अंतर्गत 179 सीएमएसए ग्रामों का चयन किया गया है। इस वर्ष 250 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विष्णुभोग धान का उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर लखपति दीदी अभियान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>डिंडौरी में आदिवासियों ने चंदा जुटाकर बना दिया सरकारी स्कूल, 3 साल तक नहीं मिली सरकारी मदद</title>
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<description><![CDATA[ डिंडौरी सरकारी दावों और खोखले आश्वासनों से जब मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के आदिवासियों का सब्र टूट गया, तो उन्होंने सिस्टम के भरोसे बैठना छोड़ दिया। जिले के समनापुर ब्लॉक के एक आदिवासी बहुल गांव में ग्रामीणों ने मिलकर खुद ही अपने बच्चों के लिए स्कूल की इमारत खड़ी करने का फैसला कर लिया। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:01:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>डिंडौरी, में, आदिवासियों, ने, चंदा, जुटाकर, बना, दिया, सरकारी, स्कूल, साल, तक, नहीं, मिली, सरकारी, मदद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>डिंडौरी</strong><br>
सरकारी दावों और खोखले आश्वासनों से जब मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के आदिवासियों का सब्र टूट गया, तो उन्होंने सिस्टम के भरोसे बैठना छोड़ दिया। जिले के समनापुर ब्लॉक के एक आदिवासी बहुल गांव में ग्रामीणों ने मिलकर खुद ही अपने बच्चों के लिए स्कूल की इमारत खड़ी करने का फैसला कर लिया। इसके लिए न केवल फंड जुटाया गया, बल्कि गांव के पुरुष, महिलाएं और बुजुर्ग खुद राजमिस्त्री और मजदूर बनकर तगाड़ी-फावड़ा उठाए नजर आ रहे हैं।</p>
<p>दरअसल, इस आदिवासी टोले में एकमात्र सरकारी प्राथमिक स्कूल था, जिसे स्कूल शिक्षा विभाग ने तीन साल पहले 'जर्जर और असुरक्षित' घोषित कर जमींदोज कर दिया था। अधिकारियों ने तब जल्द ही नया भवन बनाने का वादा किया था, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी वहां एक ईंट तक नहीं रखी गई।</p>
<p><strong>100 परिवारों ने जोड़े 500-500 रुपये</strong><br>
सरकारी फाइलों में बजट की लेट-लतीफी से बच्चों की पढ़ाई दांव पर लगी देख, इस महीने गांव के करीब 100 परिवारों ने एक आपात बैठक बुलाई। तय हुआ कि हर घर से 500-500 रुपये का योगदान दिया जाएगा ताकि निर्माण सामग्री खरीदी जा सके। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे पूरा गांव मिलकर सीमेंट का मसाला तैयार कर रहा है, ईंटें ढो रहा है और स्कूल की नींव तैयार कर रहा है।</p>
<p><strong>प्रशासन को 'गिफ्ट' करेंगे स्कूल</strong><br>
ग्रामीणों का कहना है कि दर्जनों अर्जियां और अफसरों के साथ कई बैठकें बेनतीजा रहने के बाद उन्होंने यह सामूहिक कदम उठाया है। ताज्जुब की बात यह है कि ग्रामीणों ने तय किया है कि वे स्कूल तैयार होने के बाद इसे जिला प्रशासन को 'गिफ्ट' कर देंगे ताकि वहां शिक्षक भेजे जा सकें।</p>
<p>उधर, इस पूरे मामले पर जिला परियोजना समन्वयक (DPC) दिवाकर तिवारी ने ग्रामीणों के गुस्से को जायज ठहराया है। उन्होंने दबी जुबान में अपनी लाचारी कबूल करते हुए कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग को अभी तक स्कूल के पुनर्निर्माण के लिए जरूरी फंड ही प्राप्त नहीं हुआ है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>वाराणसी रोप&#45;वे परियोजना को बड़ी राहत, VDA को 90 साल की लीज पर ₹1 प्रीमियम में मिली जमीन</title>
<link>https://atworldnews.in/9256</link>
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<description><![CDATA[  वाराणसी वाराणसी रोप-वे पायलट परियोजना के निर्माण की राह अब और आसान हो गई है। टावर संख्या-29 एवं स्टेशन संख्या-5 के निर्माण के लिए कोतवालपुरा स्थित एक बिस्वा 19 धूर नजूल भूमि को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) को 90 वर्ष की लीज पर प्रतीकात्मक एक रुपये प्रीमियम के साथ आवंटित करने का प्रस्ताव मंत्रिपरिषद के … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 09:33:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>वाराणसी, रोप-वे, परियोजना, को, बड़ी, राहत, VDA, को, साल, की, लीज, पर, ₹1, प्रीमियम, में, मिली, जमीन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> वाराणसी</strong><br>
वाराणसी रोप-वे पायलट परियोजना के निर्माण की राह अब और आसान हो गई है। टावर संख्या-29 एवं स्टेशन संख्या-5 के निर्माण के लिए कोतवालपुरा स्थित एक बिस्वा 19 धूर नजूल भूमि को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) को 90 वर्ष की लीज पर प्रतीकात्मक एक रुपये प्रीमियम के साथ आवंटित करने का प्रस्ताव मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा गया है। इस प्रस्ताव को नगर विकास, वित्त और राजस्व विभाग की सहमति प्राप्त है।</p>
<p>भूमि का उपयोग केवल रोप-वे परियोजना के लिए किया जाएगा और यदि तीन वर्ष तक इसका उपयोग नहीं होता या उद्देश्य बदलता है, तो भूमि वापस ले ली जाएगी। प्रस्ताव के अनुसार, कोतवालपुरा स्थित नजूल आराजी संख्या-88 के कुल चार बिस्वा 19 धूर क्षेत्रफल में से एक बिस्वा 19 धूर भूमि रोप-वे परियोजना के टावर संख्या-29 और स्टेशन संख्या-5 के निर्माण के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण को 90 वर्ष की लीज पर प्रतीकात्मक एक रुपये प्रीमियम के साथ दी जाएगी।</p>
<p>लीज का प्रत्येक 30 वर्ष पर नवीनीकरण होगा। सरकार ने वीडीए को सार्वजनिक इकाई मानते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव में यह शर्त रखी गई है कि भूमि का उपयोग केवल रोप-वे परियोजना के लिए होगा। यदि तीन वर्ष तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होता या भूमि का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए किया जाता है, तो उसे वापस लिया जा सकेगा।</p>
<p>यह भी स्पष्ट किया गया है कि भूमि को किसी निजी संस्था या व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा और भविष्य में इस आवंटन को अन्य मामलों के लिए उदाहरण भी नहीं माना जाएगा। इस प्रकार, वाराणसी में रोप-वे परियोजना के लिए आवश्यक भूमि आवंटन की प्रक्रिया में तेजी आई है, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के कार्यान्वयन में मदद मिलेगी।</p>
<p>इस परियोजना के माध्यम से वाराणसी में परिवहन की सुविधा में सुधार होगा और यह शहर के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा इस भूमि आवंटन के साथ ही रोप-वे परियोजना की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित हुआ है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मलक्का में भारत की रणनीतिक एंट्री, सबांग पोर्ट बनेगा हिंद महासागर का नया गेमचेंजर</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली 32 किलोमीटर का एक समुद्री पैसेज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की राजनीति और कूटनीति में कैसे उथल-पुथल मचा सकता है. ईरान वॉर के दौरान इसे पूरी दुनिया ने देख लिया. ईरानी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर के मुल्कों का ईंधन सप्लाई चोक कर दिया. कच्चे तेल की कीमतें दनादन बढ़ने लगी. … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 09:32:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मलक्का, में, भारत, की, रणनीतिक, एंट्री, सबांग, पोर्ट, बनेगा, हिंद, महासागर, का, नया, गेमचेंजर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>32 किलोमीटर का एक समुद्री पैसेज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की राजनीति और कूटनीति में कैसे उथल-पुथल मचा सकता है. ईरान वॉर के दौरान इसे पूरी दुनिया ने देख लिया. ईरानी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर के मुल्कों का ईंधन सप्लाई चोक कर दिया. कच्चे तेल की कीमतें दनादन बढ़ने लगी. आखिर दुनिया की 20 फीसदी इंधन सप्लाई इसी होर्मुज से होती है। </p>
<p>अब भारत और इंडोनेशिया मिलकर हिंद महासागर में अपना 'होर्मुज' बनाएंगे. ये 'होर्मुज' स्ट्रेट ऑफ मलक्का के एंट्री पॉइंट पर स्थित है. यहां से भारत के अंडमान निकोबार द्वीप समूह में स्थित इंदिरा पॉइंट मात्र 100 मील की दूरी पर है. इस कदम के साथ भारत और इंडोनेशिया हिंद महासागर में चीन का सारा गेम प्लान बदल देंगे। </p>
<p>दरअसल हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी समुद्री रणनीति को नई धार देते हुए भारत और इंडोनेशिया ने सबांग पोर्ट के संयुक्त विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है.  सूत्रों के अनुसार दोनों देशों ने इंडोनेशिया के सबांग बंदरगाह को विकसित करने पर सहमति बनाई है. इसे आधुनिक रूप दिया जाएगा और इस द्वाप पर भारत का दखल बढ़ेगा। </p>
<p>इंडोनेशिया दौरे पर गए पीएम नरेंद्र मोदी ने वहां के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर किया है। सबांग बंदरगाह दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक मलक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) के प्रवेश द्वार पर स्थित है.खास बात यह है कि सबांग पोर्ट भारत के महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट से लगभग 100 मील की दूरी पर है। </p>
<p><strong>आइए मलक्का स्ट्रेट को थोड़ा विस्तार से समझें और इसकी अहमियत को जानें</strong></p>
<p>चन्नई से दक्षिण पूर्व में आगे बढ़ते चले जाएं. एकदम आगे. चेन्नई के तट से समुद्री रास्ते पर आगे बढ़ें, तो जहाज पहले बंगाल की खाड़ी पार करता है, फिर अंडमान सागर की ओर जाता हुआ मलक्का जलडमरूमध्य तक पहुंचता है। </p>
<p>हजारों साल पहले, जब भारत, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच मसालों की खुशबू समुद्री हवाओं के साथ फैल रही थी, तब नाविकों ने एक संकरे लेकिन बेहद अहम समुद्री रास्ते को पहचानना शुरू किया. यह स्ट्रेट यानी कि जलडमरूमध्य हिंद महासागर को दक्षिण चीन सागर से जोड़ता है। </p>
<p>आज यहां से दुनिया का लगभग 25 प्रतिशत व्यापार होता है. इसमें तेल, चीनी सामान, कोयला और पाम ऑयल अहम है. सिंगापुर इसके दक्षिणी छोर पर स्थित विश्व का प्रमुख बंदरगाह है। </p>
<p>सबांग पोर्ट मलक्का स्ट्रेट के मुहाने पर स्थित है.<br>
भारत के लिए इसका महत्व अत्यंत रणनीतिक और आर्थिक है. भारत का पूर्वी एशिया जैसे चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ होने वाला बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है. भारत के पेट्रोलियम उत्पादों, कोयले, मशीनरी और कंटेनर व्यापार के लिए यह समुद्री जीवनरेखा जैसा है. साथ ही “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया से संपर्क मजबूत करने में भी इसकी अहम भूमिका है। </p>
<p>वैश्विक स्तर पर यह स्ट्रेट ऊर्जा आपूर्ति की प्रमुख धमनियों में गिना जाता है. पश्चिम एशिया से निकलने वाला कच्चा तेल और गैस बड़ी मात्रा में इसी रास्ते से पूर्वी एशियाई देशों तक पहुंचता है। </p>
<p>Strait of Malacca से हर साल करीब 2.8 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग 2,800 अरब डॉलर का माल हर वर्ष गुजरता है.</p>
<p>चीन के लिए क्या अहमियत है?<br>
चीन के लिए मलक्का जलडमरूमध्य उसकी अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा की सबसे अहम समुद्री लाइफलाइन है. हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर को जोड़ने वाला यह संकरा समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त व्यापारिक रास्तों में से एक है. चीन के आयातित तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया और अफ्रीका से इसी रास्ते होकर चीन पहुंचता है. इसके अलावा चीन के निर्यात-आधारित व्यापार का भी बड़ा हिस्सा मलक्का स्ट्रेट पर निर्भर है।  </p>
<p>पूर्व चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ ने 2003 में "मलक्का दुविधा" का जिक्र करते हुए कहा था कि यदि किसी संकट या युद्ध की स्थिति में यह मार्ग बाधित हो जाए, तो चीन की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है। </p>
<p>अब समझिए इसी मलक्का स्ट्रेट के मुहाने पर सबांग द्वीप है और इसकी द्वीप को भारत इंडोनेशिया के साथ मिलकर विकसित करेगा। </p>
<p>रणनीतिक दृष्टि से देखें तो यह समझौता केवल एक बंदरगाह विकास परियोजना नहीं, बल्कि हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की बढ़ती समुद्री उपस्थिति का संकेत है। </p>
<p>सबांग पोर्ट इंडोनेशिया के आचेह प्रांत में स्थित है और मलक्का जलडमरूमध्य के पश्चिमी मुहाने पर नजर रखता है. यहां से गुजरने वाले जहाजों की गतिविधियों पर निगरानी रखना अपेक्षाकृत आसान है. भारत लंबे समय से इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. 2018 में भी भारत और इंडोनेशिया के बीच सबांग पोर्ट को लेकर सहयोग की रूपरेखा बनी थी, लेकिन अब दोनों देशों के संबंधों और इंडो-पैसिफिक की बदलती भू-राजनीति को देखते हुए इस परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद है। </p>
<p><strong>एक और ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट दूसरी ओर सबांग बंदरगाह</strong><br>
बता दें कि भारत अंडमान निकोबार में ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है. यह भारत की एक महत्वाकांक्षी बहु-आयामी विकास योजना है, इसमें एक अंतरराष्ट्रीय ट्रांस-शिपमेंट पोर्ट, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, बिजली संयंत्र और आधुनिक टाउनशिप का निर्माण शामिल है, ताकि भारत मलक्का जलडमरूमध्य के पास एक प्रमुख समुद्री और लॉजिस्टिक्स हब बन सके।  </p>
<p>यह परियोजना भारत की व्यापारिक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उसकी रणनीतिक मौजूदगी को भी मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। </p>
<p><strong>अब भारत ने इंडोनेशिया के साथ मिलकर सबांग पोर्ट को डेवलप करने की योजना बनाई है। </strong><br>
विशेषज्ञों का मानना है कि सबांग और ग्रेट निकोबार परियोजनाओं का संयुक्त प्रभाव भारत को मलक्का जलडमरूमध्य के दोनों ओर रणनीतिक पहुंच प्रदान कर सकता है.  ग्रेट निकोबार द्वीप भारत के अंडमान-निकोबार समूह का सबसे दक्षिणी हिस्सा है और वहां विकसित हो रहा ट्रांस-शिपमेंट पोर्ट भारत की समुद्री महत्वाकांक्षाओं का अहम हिस्सा माना जाता है. दूसरी ओर सबांग पोर्ट में भारत की भागीदारी उसे इंडोनेशिया के साथ मिलकर क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों में बड़ी भूमिका निभाने का अवसर देगी। </p>
<p><strong>चीन के स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स को भारत का जवाब</strong><br>
इस समझौते का एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक पहलू भी है. पिछले एक दशक में चीन ने "बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव" और "स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स" रणनीति के तहत हिंद महासागर क्षेत्र में कई बंदरगाहों और समुद्री परियोजनाओं में निवेश किया है. पाकिस्तान का ग्वादर, श्रीलंका का हम्बनटोटा और म्यांमार का क्याउकफ्यू बंदरगाह अक्सर इसी संदर्भ में चर्चा में रहते हैं. ऐसे में सबांग पोर्ट का विकास भारत को क्षेत्रीय संतुलन बनाने और अपने समुद्री हितों की रक्षा करने में मदद कर सकता है। </p>
<p>भारत और इंडोनेशिया दोनों ही मुक्त, सुरक्षित और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक व्यवस्था के समर्थक हैं. समुद्री व्यापार, आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के हित एक-दूसरे से मेल खाते हैं. सबांग पोर्ट परियोजना इसी साझा दृष्टिकोण का विस्तार मानी जा रही है। आने वाले वर्षों में यदि सबांग और ग्रेट निकोबार परियोजनाएं पूरी क्षमता से विकसित होती हैं, तो भारत को हिंद महासागर से लेकर मलक्का जलडमरूमध्य तक एक मजबूत रणनीतिक श्रृंखला मिल सकती है. यह न केवल व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा, बल्कि भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की शक्ति-संतुलन राजनीति में भी अधिक प्रभावशाली भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करेगा। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>EPFO Interest Update: 8 करोड़ PF खाताधारकों के लिए खुशखबरी, जल्द खाते में आएगा ब्याज का पैसा</title>
<link>https://atworldnews.in/9254</link>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली 8 करोड़ लोगों के लिए गुड न्यूज आई है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ (EPFO) के सदस्यों के पीएफ खातों में जमा रकम (PF Account Balance) में बढ़ोतरी होने वाली है. दरअसल, ताजा अपडेट की बात करें, तो ईपीएफओ ने संगठन के सदस्यों के खातों में 8.25% ब्याज क्रेडिट करने का आदेश … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 09:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>EPFO, Interest, Update:, करोड़, खाताधारकों, के, लिए, खुशखबरी, जल्द, खाते, में, आएगा, ब्याज, का, पैसा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>8 करोड़ लोगों के लिए गुड न्यूज आई है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ (EPFO) के सदस्यों के पीएफ खातों में जमा रकम (PF Account Balance) में बढ़ोतरी होने वाली है. दरअसल, ताजा अपडेट की बात करें, तो ईपीएफओ ने संगठन के सदस्यों के खातों में 8.25% ब्याज क्रेडिट करने का आदेश दिया है. क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश जारी किए गए हैं, इसके अलााव नए सिस्टम अपग्रेड के साथ ट्रांसफर प्रोसेस तेजी से होने की संभावना है। </p>
<p><strong>8 करोड़ लोगों को फायदा</strong><br>
ईपीएफ के करीब 8 करोड़ सदस्यों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भविष्य निधि अंशदान पर 8.25% ब्याज दर की आधिकारिक घोषणा करने के बाद क्षेत्रीय कार्यालयों को PF Interest Money सदस्य खातों में जमा करने का निर्देश दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, EPF Scheme के अनुच्छेद 60(1) के तहत केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल गई है कि 2025-26 के लिए ईपीएफ योजना के प्रत्येक सदस्य के खाते में इस दर से ब्याज का पैसा जमा किया जाएगा. EPFO के हाल ही में जारी एक सर्कुलर ये सामने आया है। </p>
<p><strong>तेजी से ट्रांसफर होगा PF का पैसा </strong><br>
EPFO से जुड़ा ये बड़ा अपडेट ऐसे समय में सामने आया है, जबकि रिटायरमेंट फंड मैनेजर ने बीते एक सप्ताह में डेटाबेस के एकीकरण और सॉफ्टवेयर अपग्रेड का एक बड़ा काम पूरा कर लिया है. इससे उम्मीद है कि करोड़ों सदस्यों के खातों में पीएफ ब्याज का भुगतान पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से ट्रांसफर किया जाएगा. यानी अब यह प्रोसेस पहले की तरह धीमा नहीं होगा, जिसमें सभी सदस्यों के लिए भुगतान पूरा होने में एक या दो महीने का समय लग जाता था। </p>
<p>गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में लिए गए फैसले के बाद से ईपीएफओ सदस्य अपने पीएफ खातों में ब्याज जमा होने का इंतजार कर रहे हैं. EPFO के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने इस साल मार्च में 8 करोड़ से अधिक ईपीएफओ ग्राहकों के लिए वित्त वर्ष 2026 के लिए 8.25% की ब्याज दर को मंजूरी दी थी. बता दें कि यह लगातार तीसरा वर्ष है जब इस PF Interest Rate को इस दर को बरकरार रखा गया है. ईपीएफओ द्वारा मंजूरी के बाद, प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा जाता है, जो इसे अनुमोदित करता है, वित्त मंत्रालय ने इस साल जून में ब्याज दर को अपनी मंजूरी दे दी थी। </p>
<p><strong>इन तरीकों से जानें, जमा हुआ ब्याज</strong><br>
EPF खाते में जमा राशि को आप कई तरह से चेक कर सकते हैं. अगर आपका UAN और मोबाइल नंबर EPFO के साथ रजिस्टर्ड है, तो आप सिर्फ एक SMS भेजकर अपने खाते की जानकारी हासिल कर सकते हैं. इसके अलावा उमंग ऐप (Umang App), ईपीएफओ सदस्य ई-सेवा पोर्टल (EPFO E-Service Portal), मिस्ड कॉल सेवा (Missed Call Service) के जरिए स्टेटस जांच सकते हैं। </p>
<p>SMS भेजकर जानें बैलेंस: एसएमएस के जरिए पीएफ खाते का बैलेंस चेक करने के लिए आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के मैसेज बॉक्स में जाकर EPFOHO और UAN फिर भाषा लिखकर मोबाइल नंबर 7738299899 पर SMS करना होगा. इसके तरीके को उदाहरण के तौर पर समझें, तो आप इंग्लिश में अपने EPF की खाते की डिटेल्स पाने के लिए EPFOHO UAN ENG टाइप करेंगे. इसके बाद मैसेज के जरिए आपके पीएफ खाते के बैलेंस की जानकारी आपको मिल जाएगी। </p>
<p>ऑनलाइन बैलेंस चेक: ऑनलाइन पीएफ बैलेंस चेक के लिए https://passbook.epfindia.gov.in/MemberPassBook/Login को अपने मोबाइल या लैपटॉप के ब्राउजर में ओपन करें. इसके बाद अब UAN नंबर और पासवर्ड डाले. फिर कैप्चा कोड भरें. अब आपके सामने एक नया पेज खुलकर आएगा. इस पेज पर ड्रॉप डाउन लिस्ट से अपना पीएफ नंबर सेलेक्ट करें. इसके बाद आपके सामने पीएफ अकाउंट की डिटेल्स खुल जाएगी। </p>
<p>UMANG App में चेक करें: इसके लिए सबसे पहले UMANG App डाउनलोड करना होगा. लॉगइन करके ऑल सर्विस सेक्शन में जाएं. अब EPFO सर्च करके, एम्प्लॉई सेंट्रिक सर्विसेस ऑप्शन चुनें, इसके बाद दिख रहे View Passbook विकल्प पर क्लिक करें, इसके बाद अपना UAN भरें और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP को डालें, फिर बैलेंस सामने दिख जाएगा। </p>
<p>मिस्ड कॉल से PF बैलेंस: अगर मिस्ड कॉल करके भी पीएफ खाते में मौजद रकम के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं. इसके लिए आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9966044425 नंबर मिलाएं, दो घंटी के बाद ऑटोमटिक कॉल कट हो जाएगी और इस मिस्ड कॉल प्रोसेस के बाद आपके फोन पर SMS के जरिए पीएफ खाते का बैलेंस बता दिया जाएगा। </p>]]> </content:encoded>
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<title>2053 तक स्वच्छ रहेगी बेतवा नदी, 30 साल का मास्टर प्लान तैयार; पहले रुकेंगे नाले, फिर पहुंचेगा साफ पानी</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  बेतवा नदी पुनर्जीवन परियोजना को दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ तैयार किया जा रहा है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) केवल वर्तमान आवश्यकताओं पर आधारित नहीं होगी, बल्कि वर्ष 2053 तक की अनुमानित आबादी, सीवेज उत्पादन और शहरी विस्तार को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी। इसका उद्देश्य भविष्य में बढ़ती आबादी और नई कॉलोनियों … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 09:31:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>2053, तक, स्वच्छ, रहेगी, बेतवा, नदी, साल, का, मास्टर, प्लान, तैयार, पहले, रुकेंगे, नाले, फिर, पहुंचेगा, साफ, पानी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong><br>
बेतवा नदी पुनर्जीवन परियोजना को दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ तैयार किया जा रहा है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) केवल वर्तमान आवश्यकताओं पर आधारित नहीं होगी, बल्कि वर्ष 2053 तक की अनुमानित आबादी, सीवेज उत्पादन और शहरी विस्तार को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी। इसका उद्देश्य भविष्य में बढ़ती आबादी और नई कॉलोनियों के बावजूद नदी को प्रदूषण से मुक्त रखना और बार-बार नई परियोजनाओं की आवश्यकता को कम करना है।</p>
<p>डीपीआर में इंटरसेप्शन नेटवर्क, सीवर लाइन, पंपिंग स्टेशन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की क्षमता भविष्य की जरूरतों के अनुसार तय की जाएगी। इसके साथ ही अतिरिक्त क्षमता और विस्तार की व्यवस्था भी डिजाइन का हिस्सा होगी, ताकि आने वाले वर्षों में सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।</p>
<p><strong>नदी में मिलने से पहले रोका जाएगा हर गंदा नाला</strong></p>
<p>परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इंटरसेप्शन और डायवर्जन सिस्टम होगा। इसके तहत बेतवा नदी में मिलने वाले सभी नालों की पहचान और मैपिंग की जाएगी। प्रत्येक नाले के प्रवाह का आकलन करने के बाद नदी में मिलने से पहले इंटरसेप्शन स्ट्रक्चर बनाकर गंदे पानी को रोक लिया जाएगा।</p>
<p>इसके बाद सीवेज को सीवर नेटवर्क या राइजिंग मेन के माध्यम से एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा। जहां गुरुत्वाकर्षण आधारित प्रवाह संभव नहीं होगा, वहां पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। वहीं, बारिश के दौरान अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए अलग बायपास सिस्टम बनाया जाएगा, जिससे एसटीपी पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।</p>
<p>
<strong>मंडीदीप और विदिशा बने प्रमुख प्रदूषण स्रोत</strong><br>
प्रस्तुति में बेतवा नदी की मौजूदा स्थिति का भी विस्तृत विश्लेषण किया गया है। इसके अनुसार मंडीदीप क्षेत्र से घरेलू सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट और खुले नालों का गंदा पानी सीधे नदी में पहुंच रहा है। मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र में अभी तक कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) नहीं होने से प्रदूषण की समस्या और गंभीर बनी हुई है।</p>
<p>इसके अलावा विदिशा के तीन प्रमुख नालों का बिना उपचार किया गया सीवेज भी सीधे बेतवा नदी में छोड़ा जा रहा है। कोलार जलशोधन संयंत्र का बैकवॉश पानी भी नदी की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहा है। कई स्थानों पर जलकुंभी (वाटर हायसिंथ) और अत्यधिक जैविक प्रदूषण (यूट्रोफिकेशन) की स्थिति भी सामने आई है।</p>
<p><strong>15 वर्ष तक संचालन और ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था</strong><br>
परियोजना में केवल निर्माण ही नहीं, बल्कि 15 वर्षों तक संचालन एवं रखरखाव (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) की जिम्मेदारी भी शामिल की जाएगी। एससीएडीए (SCADA) और ऑनलाइन कंटीन्यूअस एफ्लुएंट मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) के माध्यम से संयंत्रों के प्रदर्शन और जल गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जाएगी। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकेगी।</p>
<p><strong>सर्वे से लागत तक हर चरण होगा तय</strong><br>
डीपीआर चरणबद्ध तरीके से तैयार होगी। सबसे पहले नदी, नालों, जलग्रहण क्षेत्र, मिट्टी और भू-आकृति का विस्तृत सर्वे किया जाएगा। इसके बाद सीवेज की मात्रा का आकलन, उपचार तकनीक का चयन, इंजीनियरिंग डिजाइन, ड्रॉइंग, परियोजना लागत, वित्तीय व्यवहार्यता और पर्यावरणीय स्वीकृतियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।</p>
<p>परियोजना लागत का निर्धारण नवीनतम शेड्यूल ऑफ रेट (एसओआर) के आधार पर किया जाएगा। प्रस्तुति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृति के बाद लागत बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त वित्तीय भार परियोजना लागू करने वाली एजेंसी को उठाना पड़ सकता है, इसलिए प्रारंभिक लागत का सटीक आकलन किया जाएगा।</p>
<p><strong>दीर्घकालिक नदी संरक्षण पर रहेगा फोकस</strong><br>
बेतवा नदी पुनर्जीवन परियोजना को केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे दीर्घकालिक नदी संरक्षण योजना के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के चार प्रमुख आधार—पर्यावरण संरक्षण, वित्तीय स्थिरता, संस्थागत जवाबदेही और सामाजिक भागीदारी—रहेंगे।</p>
<p>परियोजना का उद्देश्य नदी की जल गुणवत्ता में सुधार, प्रदूषण भार को कम करना, स्थानीय निकायों के लिए संचालन को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना तथा आम लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पूरी योजना को वर्ष 2053 तक प्रभावी बनाए रखने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।</p>
<p>.</p>]]> </content:encoded>
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<title>ग्वालियर की धरोहर को मिलेगी वैश्विक पहचान, 10 जुलाई को एक्शन प्लान पर होगा मंथन</title>
<link>https://atworldnews.in/9252</link>
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<description><![CDATA[ ग्वालियर मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा ग्वालियर किले और राज्य पुरातत्व संरक्षित स्मारकों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। यह बैठक आगामी 10 जुलाई को दोपहर 12 बजे आयोजित की जाएगी। टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉक्टा अभय अरविंद बेड़ेकर द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह बैठक इंडिगो और आगाखान हेरिटेज … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 09:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ग्वालियर, की, धरोहर, को, मिलेगी, वैश्विक, पहचान, जुलाई, को, एक्शन, प्लान, पर, होगा, मंथन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ग्वालियर</strong><br>
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा ग्वालियर किले और राज्य पुरातत्व संरक्षित स्मारकों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। यह बैठक आगामी 10 जुलाई को दोपहर 12 बजे आयोजित की जाएगी। टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉक्टा अभय अरविंद बेड़ेकर द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह बैठक इंडिगो और आगाखान हेरिटेज ट्रस्ट के साथ चल रहे प्रोजेक्ट के सिलसिले में होगी।</p>
<p>इस बैठक का आयोजन वर्चुअली (आनलाइन) किया जाएगा, जिसमें जिला कलेक्टर सहित प्रोजेक्ट कमेटी के सदस्य भाग लेंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा ग्वालियर किले के संरक्षण, आकर्षक लाइटिंग और अन्य प्रस्तावित कार्यों की योजना तैयार करना है। बैठक के दौरान पिछली प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और इम्प्लीमेंटेशन कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णयों और एक्शन टेकन रिपोर्ट की भी समीक्षा की जाएगी। यह पूरी योजना इंडिगो और आगाखान हेरिटेज ट्रस्ट के साथ 21 फरवरी 2025 को हुए एमओयू के तहत बनाई गई है, जिससे ग्वालियर के ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिल सके।</p>
<p>ग्वालियर किले पर एमओयू के बाद की प्रक्रिया शुरू करने से पहले मप्र टूरिज्म, इंडिगो एयरलाइंस और एकेसीएसएफ की टीम निरीक्षण कर चुकी है। इस एमओयू में ग्वालियर किले के कर्ण महल, गूजरी महल, जहांगीर महल, शाहजहां महल, हुमायू महल और जौहर कुंड सहित कई ऐतिहासिक संरचनाओं के दस्तावेजीकरण और संरक्षण शामिल है।</p>
<p>राज्य पुरातत्व विभाग की ओर से संरक्षित स्मारकों के संरक्षण का कार्य पूर्व में भी किया गया है। राज्य पुरातत्व विभाग ने 2016-17 में करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए खर्च कर यहां संरक्षण कार्य किए थे। वहीं अब यहां लगभग 75 लाख रुपए से अधिक खर्च कर रिनोवेशन कार्य किए जा रहे हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>पश्चिम बंगाल राज्यसभा चुनाव: क्या ममता से 3 सीटें छीन पाएगी BJP? जानें NDA का पूरा गणित</title>
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<description><![CDATA[ कलकत्ता पश्चिम बंगाल की सत्ता परिवर्तन के बाद अब तीन राज्यसभा पर चुनाव की बारी है. निर्वाचन आयोग ने तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है. ये तीनों सीटें बंगाल के सत्ता बदलने के बाद टीएमसी के तीन राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे से खाली हुई हैं. अब सवाल है … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 09:31:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>पश्चिम, बंगाल, राज्यसभा, चुनाव:, क्या, ममता, से, सीटें, छीन, पाएगी, BJP, जानें, NDA, का, पूरा, गणित</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कलकत्ता</strong></p>
<p>पश्चिम बंगाल की सत्ता परिवर्तन के बाद अब तीन राज्यसभा पर चुनाव की बारी है. निर्वाचन आयोग ने तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है. ये तीनों सीटें बंगाल के सत्ता बदलने के बाद टीएमसी के तीन राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे से खाली हुई हैं. अब सवाल है कि बीजेपी क्या टीएमसी के बागियों पर दांव खेलेगी या फिर अपने किसी नए चेहरों पर जताएगी भरोसा? </p>
<p>ममता बनर्जी के सत्ता से बाहर होते ही टीएमसी के तीन राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुस्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाईक ने इस्तीफा दे दिया था. राज्यसभा सदस्यता के साथ टीएमसी को भी अलविदा कह दिया था, जिसके चलते खाली हुई तीनों राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव आयोग ने 24 जुलाई को मतदान कराने का फैसला किया है। </p>
<p>बंगाल के बदले हुए सियासी समीकरण के बाद राज्यसभा चुनाव हो रहे हैं. बीजेपी के पास 207 विधायक हैं तो टीएमसी दो गुटों में बंट चुकी है. इस लिहाज से बीजेपी तीनों राज्यसभा सीटें ममता बनर्जी के हाथों से छीन लेगी, लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि बीजेपी राज्यसभा चुनाव में ममता बनर्जी को उनके ही बागियों के जरिए मात देगी या फिर नए चेहरों को सांसद भेजेगी?</p>
<p><strong>बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव</strong><br>
पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव की सियासी सरगर्मी बढ़ गई है. चुनाव आयोग के मुताबिक राज्यसभा चुनाव के लिए मंगलवार से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो रही है और 14 जुलाई तक नॉमिनेशन किए जाएंगे. इसके बाद नामांकन पत्रों की  स्क्रूटनी 15 जुलाई को होगी और 17 जुलाई नाम वापस लेने की आखिरी तारीख है. इसके बाद अगर सीटों की संख्या से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में रहते हैं तो फिर 24 जुलाई को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी और उसी दिन पांच बजे के बाद नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। </p>
<p>राज्यसभा की ये तीन सीटें सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे के बाद खाली हुई हैं, लेकिन तीनों सीटों का कार्यकाल अलग-अलग हैं. सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक का कार्यकाल 18 अगस्त 2029 तक था तो सुष्मिता देव का कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक था. इस लिहाज से दो सीटें के एक साथ मतदान होंगे तो एक सीट के लिए अलग से वोटिंग होगी। </p>
<p><strong>ममता बनर्जी से तीनों सीटें छीन लेगी बीजेपी</strong><br>
राज्यसभा की तीनों ही सीटों पर टीएमसी का कब्जा था, लेकिन अब ममता बनर्जी के हाथों से तीनों ही राज्यसभा सीटें बीजेपी छीन लेगी. बंगाल विधानसभा की कुल 294 सीटों में से बीजेपी के पास इस समय 207 विधायक हैं, जबकि ममता बनर्जी की टीएमसी महज 80 विधायक हैं, लेकिन दो गुटों में बंटे हुए हैं. टीएमसी के 80 में से 60 से 65 विधायक ऋतब्रत बनर्जी के साथ हैं और 15 विधायक ममता बनर्जी के साथ हैं।  </p>
<p>राज्यसभा उपचुनाव के लिए अलग-अलग वोटिंग होनी, इसलिए बहुमत के आंकड़े के लिहाज से बीजेपी बिना किसी अड़चन के तीनों राज्यसभा सीटों पर कब्जा करने की स्थिति में है. यह ममता बनर्जी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है, क्योंकि उच्च सदन में उनकी पार्टी की ताकत सीधे तौर पर कम होने जा रही है. यही नहीं टीएमसी के विधायक अगर एकजुट भी हो जाते हैं तो भी नहीं जीत पाएंगे. इसकी वजह यह है कि प्रथम वारियता के आधार पर भी बीजेपी की संख्या टीएमसी से ज्यादा हो रही है। <br>
 <br>
<strong>टीएमसी के 'बागियों' पर दांव खेलेगी भाजपा?</strong><br>
राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि जिन तीन नेताओं ने टीएमसी नेतृत्व से नाराज होकर राज्यसभा से इस्तीफा दिया है, क्या बीजेपी उन्हें ही राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार बनाएगी. सुखेंदु शेखर रॉय टीएमसी का एक बड़ा और अनुभवी चेहरा रहे हैं तो सुस्मिता देव असम की कद्दावर महिला नेता के रूप में जानी जाती हैं. माना जा रहा है कि जिस तरह से टीएमसी के नेताओं ने बीच कार्यकाल में इस्तीफा दिया है, उसके चलते माना जा रहा है कि बीजेपी बागियों पर भरोसा जता सकती है। </p>
<p>सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक ने टीएमसी छोड़ दी है, लेकिन अधिकारिक तौर पर बीजेपी का दामन नहीं थामा है. ऐसे में अब सभी की निगाहें लगी हुई हैं कि बीजेपी राज्यसभा चुनाव में किसे उम्मीदवार बनाएगी. सूत्रों की माने तो सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक पर बीजेपी दांव खेल सकती है, लेकिन सुष्मिता देव को राज्यसभा के बजाय असम से लोकसभा उपचुनाव लड़ाया जा सकता है।  </p>
<p><strong>बीजेपी क्या नए और युवा चेहरों को देगी मौका</strong><br>
बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से बीजेपी के हौसले बुलंद है. बीजेपी ने आलाकमान का एक धड़ा यह मान रहा है कि विधानसभा चुनाव में मिली बंपर जीत के बाद अब पार्टी को किसी बैसाखी या बाहरी नेताओं की जरूरत नहीं है. ऐसे में बीजेपी किसी स्थानीय नेताओं को मौका दे सकती है. सूत्रों के मुताबिक आरएसएस और भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी इस पक्ष में है कि जिन्होंने संकट के दिनों में बंगाल में भाजपा का झंडा थामे रखा, उन्हें पुरस्कृत किया जाए। </p>
<p> पार्टी उत्तर बंगाल से किसी मजबूत राजवंशी या आदिवासी चेहरे और दक्षिण बंगाल से किसी मतुआ समुदाय या सांगठनिक पृष्ठभूमि के नेता को मौका दे सकती है. इस तरह बीजेपी नए चेहरों को उतारकर 2029 के आम चुनाव के लिए राज्य में अपनी एक नई और कड़क लीडरशिप लाइन तैयार करना चाहती है. अब देखना है कि बीजेपी अपनी जीत के लिए कन्फर्म है, लेकिन किस चेहरे पर दांव खेलती है, यह देखना होगा? </p>
<p><strong>दो-तिहाई बहुमत के कितनी दूर बीजेपी</strong><br>
राज्यसभा की इन तीन सीटें जीतने के बाद मॉनसून सत्र के बीच में यानी जुलाई के आखिरी सप्ताह में ही उच्च सदन में बीजेपी की संख्या में इजाफा हो जाएगा. सरकार यदि मॉनसून सत्र में फिर से महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक लाती है तो राज्यसभा में दो तिहाई बहुमत हासिल करने में आसानी रहेगी. जुलाई के आखिरी सप्ताह में राज्यसभा में 245 सदस्यों के सदन में दो तिहाई बहुमत के लिए 162 सांसदों की जरूरत होगी। </p>
<p>बीजेपी तीन राज्यसभा सीटें जीतने के बाद उसका आंकड़ा 117 हो जाएगा. एनजीए के पास राज्यसभा सांसदों की संख्या 145 हो जाएगी.  इस तरह दो तिहाई के लिए 17 राज्यसभा सांसदों के अतरिक्त समर्थन की जरूरत होगी. ऐसे में वाईएसआरसीपी के चार, मनोनीत सात और चार निर्दलीय सांसदों का समर्थन मिल सकता है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>उच्च शिक्षा विभाग ने 29 अंशकालीन जिला संगठकों की सूची की जारी</title>
<link>https://atworldnews.in/9250</link>
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<description><![CDATA[ ​रायपुर छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की गतिविधियों को और अधिक सुचारू, प्रभावी और गतिशील बनाने के लिए राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में 29 अंशकालीन जिला संगठकों  की नियुक्ति की गई है, जिसमें संबंधित प्राध्यापकों व व्याख्याताओं को उनके वर्तमान शैक्षणिक … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 09:01:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>उच्च, शिक्षा, विभाग, ने, अंशकालीन, जिला, संगठकों, की, सूची, की, जारी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>​रायपुर</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की गतिविधियों को और अधिक सुचारू, प्रभावी और गतिशील बनाने के लिए राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में 29 अंशकालीन जिला संगठकों  की नियुक्ति की गई है, जिसमें संबंधित प्राध्यापकों व व्याख्याताओं को उनके वर्तमान शैक्षणिक दायित्वों के साथ-साथ आगामी 02 वर्षों के लिए जिला संगठक की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।  </p>
<p>कलेक्टरों के समन्वय से गठित होगी 'जिला स्तरीय सलाहकार समिति'</p>
<p>उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी सूची में राज्य के सभी प्रमुख जिलों और अंचलों को शामिल किया गया है। सभी नवनियुक्त जिला संगठकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों के कलेक्टर से तत्काल संपर्क स्थापित कर 'जिला स्तरीय सलाहकार समिति' का गठन सुनिश्चित करें और नियमानुसार बैठकों का आयोजन करें। सभी संगठकों को हर महीने अपना दौरा कार्यक्रम, कार्यों का संकलित प्रतिवेदन और निरीक्षण रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में संबंधित विश्वविद्यालयीन रासेयो प्रकोष्ठ और राज्य एनएसएस प्रकोष्ठ को अनिवार्य रूप से भेजनी होगी।  </p>
<p>जिला संगठक अपने क्षेत्र में आने वाले सभी प्रकार के रासेयो इकाईयों, जिसमें कृषि व तकनीकी शिक्षा से संबंधित इकाईयां भी शामिल हैं,के सुचारू संचालन में सहयोग करेंगे और इसकी रिपोर्ट संबंधित विश्वविद्यालयीन प्रकोष्ठ को देंगे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>यूपीईएसएससी ने घोषित किया प्रवक्ता भर्ती&#45;2022 का अंतिम परिणाम, 18 विषयों के 624 पदों पर चयन</title>
<link>https://atworldnews.in/9249</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ  योगी सरकार की मंशा के अनुरूप प्रदेश में खाली विभिन्न पदों पर भर्ती अभियान जारी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता (बालक/बालिका) भर्ती-2022 का अंतिम चयन परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि18 विषयों … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 00:03:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यूपीईएसएससी, ने, घोषित, किया, प्रवक्ता, भर्ती-2022, का, अंतिम, परिणाम, विषयों, के, 624, पदों, पर, चयन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p> योगी सरकार की मंशा के अनुरूप प्रदेश में खाली विभिन्न पदों पर भर्ती अभियान जारी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता (बालक/बालिका) भर्ती-2022 का अंतिम चयन परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि18 विषयों के कुल 624 प्रवक्ता पदों के लिए लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के उपरांत चयनित अभ्यर्थियों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है।</p>
<p>अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के युवाओं को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सरकारी सेवा में अवसर उपलब्ध कराना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में प्रवक्ता भर्ती-2022 की पूरी प्रक्रिया निष्पक्षता और शुचिता के साथ संपन्न कराई गई। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।</p>
<p>डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि प्रवक्ता भर्ती की लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की गई थी। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 15 जून से 27 जून 2026 तक संपन्न कराया गया। लिखित परीक्षा, अभिलेख सत्यापन एवं साक्षात्कार की समस्त प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग ने अंतिम चयन परिणाम घोषित कर दिया है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि भौतिकी, जीवविज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास, शिक्षा, अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य, समाजशास्त्र, नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत, मनोविज्ञान, रसायन विज्ञान, भूगोल, हिंदी तथा कला सहित कुल 18 विषयों के चयनित अभ्यर्थियों का विषयवार एवं श्रेणीवार विवरण आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है। अभ्यर्थी कटऑफ अंक एवं चयन संबंधी विस्तृत जानकारी भी वेबसाइट के माध्यम से देख सकते हैं।</p>
<p>अभ्यर्थी अपने अनुक्रमांक एवं जन्मतिथि के माध्यम से आयोग की वेबसाइट www.upessc.up.gov.in पर उपलब्ध लिंक से एक सप्ताह तक अपने प्राप्तांक देख सकेंगे। इसके अतिरिक्त प्राप्तांकों से संबंधित कोई भी सूचना सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।</p>
<p>उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड नियमावली, 1998 के नियम 12(9) के अनुसार अभ्यर्थियों द्वारा साक्षात्कार पत्र डाउनलोड करते समय ऑनलाइन भरी गई संस्थाओं की अधिमानता तथा घोषित चयन पैनल के आधार पर नियम 12(10) के प्रावधानों के अनुरूप संस्था आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाएगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>श्रावण मास में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में काशीवासियों के दर्शन के लिए होगी अलग मार्ग की व्यवस्था: सीएम योगी</title>
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<description><![CDATA[ ​वाराणसी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को वाराणसी पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की प्रगति और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ​वाराणसी में गतिमान निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 00:03:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>श्रावण, मास, में, श्री, काशी, विश्वनाथ, मंदिर, में, काशीवासियों, के, दर्शन, के, लिए, होगी, अलग, मार्ग, की, व्यवस्था:, सीएम, योगी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>​वाराणसी</p>
<p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को वाराणसी पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की प्रगति और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।</p>
<p>​वाराणसी में गतिमान निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण कार्य 18 माह में पूरा कराने का हर संभव प्रयास किया जाए। उन्होंने गंगा नदी में नावों के सुचारु संचालन के संबंध में नाविकों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए। साथ ही स्थानीय स्तर पर नगर निगम के माध्यम से छोटी नावों का पंजीकरण कराकर उन्हें लाइफ जैकेट आदि आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने को कहा। दालमंडी सड़क चौड़ीकरण के संबंध में उन्होंने अवशेष भवनों का नियमानुसार मुआवजा वितरित कर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शीघ्रता से कराने के निर्देश दिए।</p>
<p>​जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में फंड की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी भी स्तर पर हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। पेयजल पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों का साथ-ही-साथ मरम्मत कार्य भी अवश्य कराया जाए। इसमें कहीं से भी शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।</p>
<p>​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में बन रहे रोप-वे की प्रगति की जानकारी लेते हुए उसे तय समय-सीमा में पूर्ण कराने का निर्देश दिया। इस दौरान मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने मुख्यमंत्री को बताया कि अगस्त माह तक रोप-वे का कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।</p>
<p>​शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग के दौरान जगह-जगह सड़कें खोदकर छोड़ दिए जाने और उनकी ठीक से मरम्मत न होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि संबंधित कार्य से पहले अंतर्विभागीय बैठकें अवश्य कर ली जाएं, ताकि संबंधित विभाग सड़कों की मरम्मत का कार्य समय से करा सके। उन्होंने ऐसी सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए।</p>
<p>​बैठक के दौरान वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष द्वारा विकसित की जा रही टाउनशिप 'आनंद काशी', 'रुद्र काशी' और 'काशी स्पोर्ट्स सिटी' की प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने समस्त आवश्यक कार्यवाहियों को समय से पूरा करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने शहर में पेयजल एवं सीवर पाइपलाइन बिछाने के दौरान रोड कटिंग के रेस्टोरेशन कार्यों को साथ-ही-साथ कराने पर विशेष जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने निर्माणाधीन यूनिटी मॉल के कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।</p>
<p>​मुख्यमंत्री ने पौधरोपण महाअभियान की पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए। साथ ही बॉर्डर एरिया में पुलिस द्वारा विशेष सतर्कता बरतने, पेट्रोलिंग बढ़ाने और प्रत्येक 6 माह में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन आदि माध्यमों से प्राप्त होने वाले शिकायती प्रार्थना पत्रों का मेरिट के आधार पर त्वरित निस्तारण करने को कहा।</p>
<p>​जिले की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने तय समय में प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रावण मास की तैयारियों की समीक्षा के दौरान उन्होंने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में काशीवासियों को दर्शन के लिए अलग मार्ग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। इस पर पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने काशीवासियों की इस बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करने के लिए जनता की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आगामी श्रावण मास के दौरान मैदागिन से गोदौलिया तक की जाने वाली बैरिकेडिंग से स्थानीय व्यापारियों को समस्या न होने देने तथा उक्त मार्ग पर पर्याप्त एम्बुलेंस की व्यवस्था रखने का आग्रह किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।</p>
<p>​बैठक में श्रावण मास के दौरान प्रशासन तथा पुलिस विभाग की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम द्वारा काशी विश्वनाथ धाम तथा वाराणसी परिक्षेत्र में स्थित विभिन्न शिवालयों में की जा रही तैयारियों का विस्तृत विवरण मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि श्रावण मास के दौरान प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और विद्युत विभाग आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करके कार्य करें। परिवहन व रेलवे के साथ भी बेहतर तालमेल हो ताकि भीड़ नियंत्रण व श्रद्धालुओं को बेहतर सुरक्षा मिल सके। श्रद्धालुओं को सभी बुनियादी सुविधाएं जैसे साफ-सफाई, पेयजल, खोया-पाया केंद्र, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और निःशुल्क लॉकर आदि सुलभ कराए जाएं।</p>
<p>​मुख्यमंत्री ने गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने, लाइफ जैकेट का अनिवार्य प्रयोग करने, सीसीटीवी से लगातार मॉनिटरिंग करने समेत जल पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदागिन से गोदौलिया के बीच बैरिकेड्स को दुरुस्त करने को कहा ताकि किसी भी श्रद्धालु को चोट न लगे, साथ ही जर्जर भवनों के पास बैरिकेड्स लगाने में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में पूरे महीने भीड़ रहेगी, जिसके दृष्टिगत बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। मंदिर व्यवस्था में लगे कर्मियों की ड्यूटी रोटेशन के आधार पर बदली जाए ताकि वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं के साथ कोई धोखाधड़ी न हो। होटल, रेस्तरां तथा बस स्टैंडों पर मनमाना शुल्क न वसूला जाए, इस पर भी लगातार नजर रखने की जरूरत है।</p>
<p>​जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया कि वर्ष 2014 से अब तक कुल 36,210 करोड़ रुपये की लागत के 536 प्रोजेक्ट्स पूरे हो चुके हैं। वर्तमान में 25,007 करोड़ रुपये की 191 परियोजनाएं गतिमान हैं। उन्होंने जिले के सभी लाइव प्रोजेक्ट्स को एक-एक करके मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया।</p>
<p>​समीक्षा बैठक में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने वाराणसी कमिश्नरेट की कानून-व्यवस्था समेत आगामी श्रावण मास के दौरान पुलिस विभाग की तैयारियों को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया। एडीजी पीयूष मोर्डिया ने जोन के सभी नौ जिलों में पुलिस कार्रवाई समेत गो-तस्करी, अवैध शराब तस्करी और 'ऑपरेशन वज्रपात' के दौरान की गई कार्रवाइयों का विवरण दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने और बेहतर कार्य करने, फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने, जनता से उचित व्यवहार करने, सदैव सजग रहने तथा बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>
<p>​बैठक के दौरान श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, खादी ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, विधान परिषद सदस्य राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, डॉ. सुनील पटेल, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा, डीआईजी वैभव कृष्णा, पूर्वांचल विद्युत वितरण के एमडी शंभू कुमार, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, सीडीओ प्रखर कुमार, डीएफओ श्रीमती निधि चौहान सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>रायपुर विकास प्राधिकरण की संपत्तियों की बुकिंग अब पूरी तरह ऑनलाइन</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर रायपुर विकास प्राधिकरण (आर.डी.ए.) ने नागरिकों की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए अपनी संपत्तियों की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब इच्छुक नागरिक बिना कार्यालय आए घर बैठे ही प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपत्तियों की जानकारी प्राप्त कर ऑनलाइन आवेदन एवं … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 00:01:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>रायपुर, विकास, प्राधिकरण, की, संपत्तियों, की, बुकिंग, अब, पूरी, तरह, ऑनलाइन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>रायपुर विकास प्राधिकरण (आर.डी.ए.) ने नागरिकों की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए अपनी संपत्तियों की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब इच्छुक नागरिक बिना कार्यालय आए घर बैठे ही प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपत्तियों की जानकारी प्राप्त कर ऑनलाइन आवेदन एवं बुकिंग कर सकेंगे।</p>
<p>प्राधिकरण ने प्रथम चरण में लगभग 121 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों को ऑनलाइन बुकिंग के लिए उपलब्ध कराया है। इनमें कमल विहार तथा रावभाटा सहित प्राधिकरण की प्रमुख योजनाओं की संपत्तियां शामिल हैं। कमल विहार में आवासीय फ्लैट, आवासीय एवं व्यावसायिक भूखंड उपलब्ध हैं, जबकि रावभाटा में व्यावसायिक संपत्तियां बुकिंग के लिए उपलब्ध कराई गई हैं।</p>
<p>प्राधिकरण द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के हितग्राहियों के लिए भी आवासीय संपत्तियों का निर्माण किया गया है, ताकि प्रत्येक वर्ग के नागरिकों को उनकी आवश्यकता और सामर्थ्य के अनुरूप आवास उपलब्ध कराया जा सके।</p>
<p>ऑनलाइन बुकिंग सुविधा के साथ अब हितग्राही घर बैठे ही वेबसाइट के माध्यम से मेंटेनेंस शुल्क का ऑनलाइन भुगतान भी कर सकेंगे। इससे नागरिकों को कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी और सेवाएं अधिक सुविधाजनक, समयबद्ध तथा पारदर्शी बनेंगी।</p>
<p>रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंदे साहू ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य नागरिकों को आधुनिक, पारदर्शी एवं जनहितैषी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था से समय की बचत होगी, प्रक्रिया सरल बनेगी तथा संपत्तियों के आवंटन में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित होगी। डिजिटल भुगतान की सुविधा से हितग्राहियों को त्वरित एवं बेहतर सेवाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने नागरिकों से इस ऑनलाइन व्यवस्था का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।</p>
<p>प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अवनीश कुमार शरण ने बताया कि लंबे समय से संपत्तियों की बुकिंग प्रक्रिया बंद थी। अब उपलब्ध सभी संपत्तियों को एक साथ ऑनलाइन पोर्टल पर लाइव कर दिया गया है, जिससे नागरिक पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक तरीके से संपत्तियों की बुकिंग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य अधिकाधिक सेवाओं का डिजिटलीकरण कर नागरिकों को सहज, सरल और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है।</p>
<p>रायपुर विकास प्राधिकरण की यह पहल डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने के साथ-साथ नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऑनलाइन आवेदन, बुकिंग और डिजिटल भुगतान की सुविधा से संपत्तियों के आवेदन, भुगतान एवं आवंटन की पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, तेज और पारदर्शी हो जाएगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मानसून के दौरान उद्योगों द्वारा किए जा रहे वृक्षारोपण कार्यों की होगी समीक्षा</title>
<link>https://atworldnews.in/9246</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा मानसून 2026 के दौरान राज्य की औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित वृक्षारोपण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा, समन्वय तथा आगामी कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से 08 जुलाई 2026 (बुधवार) को प्रातः 11:30 बजे न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस, रायपुर स्थित न्यू कन्वेंशन हॉल में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। … ]]></description>
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<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 00:01:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मानसून, के, दौरान, उद्योगों, द्वारा, किए, जा, रहे, वृक्षारोपण, कार्यों, की, होगी, समीक्षा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा मानसून 2026 के दौरान राज्य की औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित वृक्षारोपण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा, समन्वय तथा आगामी कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से 08 जुलाई 2026 (बुधवार) को प्रातः 11:30 बजे न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस, रायपुर स्थित न्यू कन्वेंशन हॉल में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।</p>
<p>बैठक की अध्यक्षता सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल अंकित आनंद करेंगे। बैठक में राज्य की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के अधिकृत प्रतिनिधि, मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।</p>
<p>छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव राजू अगसिमनी ने बताया कि बैठक में उद्योगों द्वारा प्रस्तावित एवं संचालित वृक्षारोपण कार्यों की प्रगति, पौधों के संरक्षण एवं रखरखाव की व्यवस्था, निगरानी तंत्र तथा उद्योगवार कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। साथ ही वृक्षारोपण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पर्यावरण संरक्षण के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित औद्योगिक इकाइयों को अपने वृक्षारोपण लक्ष्य, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना के साथ बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राज्य में हरित आवरण बढ़ाने के अभियान को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाया जा सके।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत हो रहा पेयजल अधोसंरचना का नेटवर्क</title>
<link>https://atworldnews.in/9245</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के संकल्प को तेजी से धरातल पर उतार रही है। इसी दिशा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गौरेला-पेंड्रा-मारवाही जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य मद से 25 नए हैंडपंपों का सफलतापूर्वक खनन किया गया है। इससे लंबे … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 23:31:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, विष्णुदेव, साय, के, सुशासन, में, ग्रामीण, क्षेत्रों, में, मजबूत, हो, रहा, पेयजल, अधोसंरचना, का, नेटवर्क</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p> छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के संकल्प को तेजी से धरातल पर उतार रही है। इसी दिशा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गौरेला-पेंड्रा-मारवाही जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य मद से 25 नए हैंडपंपों का सफलतापूर्वक खनन किया गया है। इससे लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे ग्रामीण क्षेत्रों में राहत पहुंची है और हजारों लोगों को घर के समीप स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने लगा है।</p>
<p>राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण अंचलों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करते हुए प्रत्येक परिवार को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इसी सोच के अनुरूप लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले के ऐसे गांवों और बस्तियों को प्राथमिकता दी गई, जहां पेयजल की आवश्यकता अधिक थी। नए हैंडपंपों के संचालन से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को दूर-दराज के जलस्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा तथा उनके समय और श्रम की भी बचत होगी।</p>
<p>लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यपालन अभियंता श्रीमती प्रिया सोनी ने बताया कि जिले में गौरेला विकासखंड में 14, मरवाही विकासखंड में 7 तथा पेंड्रा विकासखंड में 4 नए हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। इन हैंडपंपों के लिए वैज्ञानिक सर्वेक्षण और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर ऐसे स्थानों का चयन किया गया, जहां पेयजल की समस्या सबसे अधिक थी।</p>
<p>नवस्थापित हैंडपंपों का लाभ बस्ती, लमना, कोटमीखुर्द, सधवानी, उमरखोही, धनगंवा, अंजनी, पीपरखुटी, खोडरी, तेंदुमुड़ा, धनौली, देवरगांव, पड़वनिया, ठाडपथरा, कोडगार, बम्हनी, अमारू, भर्रीडांड, बंधौरी, कटरा, निमधा, मड़वाही, दानिकुंडी सहित अनेक ग्राम पंचायतों तथा पेंड्रा नगर क्षेत्र में विद्यालय के समीप रहने वाले नागरिकों को मिल रहा है। इससे विद्यार्थियों, ग्रामीण परिवारों और स्थानीय समुदाय को स्वच्छ पेयजल की बेहतर सुविधा उपलब्ध हुई है।</p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास को जनकल्याण का आधार मानते हुए पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष बल दे रही है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग इन प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करते हुए प्रदेश के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों तक पेयजल सुविधाओं का निरंतर विस्तार कर रहा है। विभाग की योजनाओं का उद्देश्य केवल जल उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना और जलजनित बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित करना भी है।</p>
<p>जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समन्वित प्रयासों से जिले में पेयजल संबंधी अधोसंरचना लगातार मजबूत हो रही है। नई जल सुविधाओं के विकसित होने से ग्रामीणों का विश्वास शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति और सुदृढ़ हुआ है। आने वाले समय में भी आवश्यकता आधारित सर्वेक्षण के माध्यम से पेयजल संकट वाले अन्य क्षेत्रों में इसी प्रकार के कार्य किए जाएंगे, ताकि जिले का कोई भी गांव स्वच्छ पेयजल सुविधा से वंचित न रहे।</p>
<p>ग्रामीणों ने नए हैंडपंप स्थापित किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नए हैंडपंपों के खनन से उनका दैनिक जीवन अधिक सुगम, सुरक्षित और स्वस्थ हुआ है। साय सरकार की यह पहल ग्रामीण विकास, जनस्वास्थ्य और सुशासन के प्रति उसकी संवेदनशील एवं जनहितैषी सोच का प्रभावी उदाहरण है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली सोमारी बाई की जिंदगी</title>
<link>https://atworldnews.in/9244</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर अपने सिर पर पक्की छत होना हर परिवार का सपना होता है। बस्तर जिले के विकासखंड तोकापाल के ग्राम पंचायत सिंगनपुर की रहने वाली सोमारी बाई के लिए यह सपना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से साकार हुआ है। कभी कच्ची झोपड़ी में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाला उनका परिवार आज एक … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 23:31:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>प्रधानमंत्री, आवास, योजना, ने, बदली, सोमारी, बाई, की, जिंदगी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>अपने सिर पर पक्की छत होना हर परिवार का सपना होता है। बस्तर जिले के विकासखंड तोकापाल के ग्राम पंचायत सिंगनपुर की रहने वाली सोमारी बाई के लिए यह सपना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से साकार हुआ है। कभी कच्ची झोपड़ी में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाला उनका परिवार आज एक सुरक्षित और सुविधायुक्त पक्के घर में सम्मान के साथ रह रहा है।</p>
<p>हर वर्ष मकान की मरम्मत का अतिरिक्त खर्च थी बड़ी परेशानी      </p>
<p>अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंध रखने वाली सोमारी बाई का पांच सदस्यीय परिवार वर्षों तक कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। बरसात में टपकती छत, गर्मी और सर्दी की मार के साथ हर वर्ष मकान की मरम्मत का अतिरिक्त खर्च उनके लिए बड़ी परेशानी थी। वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें तीन किश्तों में 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली। इस राशि से उन्होंने 27 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अपना पक्का मकान तैयार किया।</p>
<p><strong>जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना अवसम स्वच्छ भारत मिशन का भी मिला लाभ</strong><br>
         <br>
सोमारी बाई के घर को विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेंस) के माध्यम से ‘पूर्ण घर’ के रूप में विकसित किया गया। जल जीवन मिशन के तहत नल से स्वच्छ पेयजल की सुविधा, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय का निर्माण कराया गया। वहीं, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से मकान निर्माण के लिए 90 दिनों की मजदूरी का भुगतान भी किया गया, जिससे परिवार को अतिरिक्त आर्थिक संबल मिला।</p>
<p><strong>बचत से हो रही बच्चों की पढ़ाई</strong><br>
         <br>
नए पक्के घर ने सोमारी बाई के परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। अब उन्हें हर वर्ष मकान की मरम्मत पर खर्च नहीं करना पड़ता, जिससे होने वाली बचत का उपयोग वे बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यक कार्यों में कर पा रहे हैं। सुरक्षित आवास मिलने से परिवार को मौसम की मार और बीमारियों से भी राहत मिली है, साथ ही सामाजिक सम्मान और आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है।अपनी खुशी साझा करते हुए सोमारी बाई ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उनके परिवार का वर्षों पुराना सपना पूरा कर दिया। उन्होंने सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के कर्मचारियों को उपहार</title>
<link>https://atworldnews.in/9243</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के नवा रायपुर स्थित मुख्यालय भवन में निगम के अध्यक्ष  चंदूलाल साहू, की उपस्थिति में स्टेट वेयरहाउसिंग एवं ऐक्सिस बैंक के मध्य सैलरी एम ओ यू (समझौता ज्ञापन) निष्पादित किया गया। इस अवसर पर निगम के प्रबंध संचालक  आषीष कुमार टिकरिहा साथ ही निगम एवं ऐक्सिस बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 23:31:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, स्टेट, वेयरहाउसिंग, कार्पोरेशन, के, कर्मचारियों, को, उपहार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के नवा रायपुर स्थित मुख्यालय भवन में निगम के अध्यक्ष  चंदूलाल साहू, की उपस्थिति में स्टेट वेयरहाउसिंग एवं ऐक्सिस बैंक के मध्य सैलरी एम ओ यू (समझौता ज्ञापन) निष्पादित किया गया। इस अवसर पर निगम के प्रबंध संचालक  आषीष कुमार टिकरिहा साथ ही निगम एवं ऐक्सिस बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।      </p>
<p>एम ओ यू (समझौता ज्ञापन) के तहत ऐक्सिस बैंक में निगम कर्मियों के सैलरी एकाउंट खोलने पर निगम के नियमित कर्मचारियों एवं दैनिक वेतन श्रमिकों को 1.10 करोड़ रूपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा तथा 10 लाख का प्राकृतिक मृत्यु बीमा निःशुल्क कवर किया जाएगा। निगम कर्मचारियों की मृत्यु की स्थिति में परिवार को 8 लाख रूपये तक की शिक्षा सहायता राशि प्रदान की जायेगी। साथ ही मात्र रूपये 2499/- के वार्षिक प्रीमियम पर रूपये 30 लाख तक का हेल्थ टॉप-अप कवर एवं 30 लाख का पर्सनल ऐक्सिडेंट कवर की सुविधा का लाभ भी मिलेगा। निगम के अध्यक्ष  चंदूलाल साहू ने बताया की इस एम ओ यू से कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को बेहतर बैंकिंग, बीमा सुरक्षा तथा वित्तीय सुविधाएं प्राप्त होगी। </p>
<p>इस एम ओ यू से निगम कर्मियों में हर्ष की लहर व्याप्त है तथा कर्मचारियों ने अध्यक्ष  चंदूलाल साहू का आभार व्यक्त किया है। आज ही निगम मुख्यालय में अध्यक्ष  चंदूलाल साहू द्वारा बैकुण्ठपुर (जिला-कोरिया) निवासी मती पूनम कूजुर को सी0सी0एच0 (चतुर्थ श्रेणी) पद पर अनुकम्पा निुयक्ति आदेश प्रदान किया गया।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>निवाड़ी के डायल&#45;112 हीरोज रेलवे पटरी पर संकटग्रस्त महिला को सुरक्षित बचाकर परिजनों के सुपुर्द किया</title>
<link>https://atworldnews.in/9242</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  निवाड़ी जिले के थाना ओरछा क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्यवाही से रेलवे पटरी पर संकटपूर्ण स्थिति में मिली एक महिला को सुरक्षित बचाकर परामर्श (काउंसलिंग) के उपरांत उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। समय पर की गई इस कार्रवाई से महिला का जीवन सुरक्षित रहा और एक संभावित अप्रिय घटना … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 23:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>निवाड़ी, के, डायल-112, हीरोज, रेलवे, पटरी, पर, संकटग्रस्त, महिला, को, सुरक्षित, बचाकर, परिजनों, के, सुपुर्द, किया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>निवाड़ी जिले के थाना ओरछा क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्यवाही से रेलवे पटरी पर संकटपूर्ण स्थिति में मिली एक महिला को सुरक्षित बचाकर परामर्श (काउंसलिंग) के उपरांत उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। समय पर की गई इस कार्रवाई से महिला का जीवन सुरक्षित रहा और एक संभावित अप्रिय घटना टल गई।</p>
<p>06 जुलाई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना ओरछा क्षेत्र अंतर्गत कुमर्रा गाँव के पास रेलवे पटरी पर एक महिला संकटपूर्ण स्थिति में है तथा तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही थाना ओरछा क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।</p>
<p>डायल-112 स्टाफ आरक्षकश्री अवनीश यादव एवं पायलट श्री अनिल रजक ने मौके पर पहुँचकर महिला को सुरक्षित रेलवे पटरी से हटाकर अपने संरक्षण में लिया। इसके उपरांत महिला से शांतिपूर्वक संवाद कर उसकी काउंसलिंग की गई तथा उसे संबल प्रदान किया गया।</p>
<p>स्थिति सामान्य होने के बाद आवश्यक समझाइश एवं पहचान की प्रक्रिया पूर्ण कर महिला को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। डायल-112 जवानों की तत्परता, संवेदनशीलता एवं मानवीय व्यवहार से महिला का जीवन सुरक्षित रहा। परिजनों ने डायल-112 सेवा एवं पुलिस जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया।</p>
<p>डायल-112 हीरोजश्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ संकटग्रस्त नागरिकों को समय पर सहायता एवं सुरक्षा प्रदान कर हर परिस्थिति में उनके जीवन की रक्षा के लिए निरंतर तत्पर है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>योगी सरकार अपराध पर अंकुश के लिए अपना रही उन्नत तकनीक, अधिकारियों को दिला रही प्रशिक्षण</title>
<link>https://atworldnews.in/9241</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक क्षमता को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस  में रक्षा लेखा विभाग, क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, लखनऊ के 40 अधिकारियों को साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 23:30:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>योगी, सरकार, अपराध, पर, अंकुश, के, लिए, अपना, रही, उन्नत, तकनीक, अधिकारियों, को, दिला, रही, प्रशिक्षण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक क्षमता को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस  में रक्षा लेखा विभाग, क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, लखनऊ के 40 अधिकारियों को साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने कहा कि भौतिक दुनिया से निकलकर अपराध अब डिजिटल दुनिया में पैर पसार चुका है। तकनीक के इस दौर में यदि हम सतर्क नहीं रहे, तो कभी भी साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज जिसके पास जितना अधिक डेटा है, वह उतना ही शक्तिशाली है। दुनिया के कई देश सिर्फ इसलिए ताकतवर हैं, क्योंकि वे अपनी तकनीक और डेटा किसी से साझा नहीं करते।</p>
<p><strong>डीएनए और एआई लैब में देखीं फॉरेंसिक की बारीकियां</strong></p>
<p>लिस उप महानिरीक्षक हेमराज मीना ने अधिकारियों को साइबर फॉरेंसिक के बढ़ते महत्व से रूबरू कराया। इन अफसरों ने संस्थान की अत्याधुनिक डीएनए और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब का भी भ्रमण किया, जहां उन्होंने देखा कि कैसे आधुनिक तकनीक और फॉरेंसिक साइंस मिलकर पेचीदा मामलों को सुलझाते हैं।</p>
<p>डॉ. इंद्रजीत ने साइबर सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं पर विशेष व्याख्यान दिया और जनसंपर्क अधिकारी संतोष तिवारी ने संचालन किया। वहीं, उप निदेशक जितेन्द्र श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस विशेष सत्र के दौरान संस्थान के उप निदेशक चिरंजीब मुखर्जी, अतुल यादव, डॉ. आनंद प्रकाश, अमित मिश्र, राहुल द्विवेदी, डॉ. पलक, शैलेन्द्र सिंह और कार्तिकेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>रायगढ़ में स्वास्थ्य, पर्यटन और शहरी अधोसंरचना विकास को मिलेगी नई रफ्तार : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी</title>
<link>https://atworldnews.in/9240</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने मंगलवार को रायगढ़ जिले में प्रस्तावित विभिन्न विकास परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विजयपुर में प्रस्तावित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, केलो नदी के खर्रा घाट पर विकसित किए जा रहे मैरीन ड्राइव … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 23:01:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>रायगढ़, में, स्वास्थ्य, पर्यटन, और, शहरी, अधोसंरचना, विकास, को, मिलेगी, नई, रफ्तार, वित्त, मंत्री, ओ.पी., चौधरी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने मंगलवार को रायगढ़ जिले में प्रस्तावित विभिन्न विकास परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विजयपुर में प्रस्तावित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, केलो नदी के खर्रा घाट पर विकसित किए जा रहे मैरीन ड्राइव तथा पुराने जेल परिसर में प्रस्तावित व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की।</p>
<p>विजयपुर में लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने अधिकारियों को भवन की ड्राइंग एवं डिजाइन में आवश्यक सुधार कर इसे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अधिक उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संशोधित प्रस्ताव शीघ्र अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाए, ताकि निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ हो सके। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से रायगढ़ जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी।</p>
<p>इसके बाद वित्त मंत्री ने केलो नदी के खर्रा घाट पर लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे मैरीन ड्राइव परियोजना का निरीक्षण किया। लगभग दो किलोमीटर लंबी इस परियोजना का कार्यादेश जारी हो चुका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह परियोजना रायगढ़ की नई पहचान बनेगी, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।</p>
<p>मैरीन ड्राइव परियोजना के अंतर्गत घाट का सौंदर्यीकरण, गज़ीबो, आरसीसी पाथवे, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, प्रोमेनेड, फूड कोर्ट, बाह्य विद्युतीकरण सहित विभिन्न आधुनिक अधोसंरचनात्मक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके पूर्ण होने से शहरवासियों को मनोरंजन, पर्यटन और सार्वजनिक उपयोग की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने पुराने जेल परिसर का भी अवलोकन किया, जहां जर्जर भवन को हटाकर आधुनिक व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>
<p>इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, विजय अग्रवाल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>जीपीएम का ‘विष्णुभोग’ चावल बना महिलाओं की समृद्धि का नया ब्रांड, आधे घंटे में 45 हजार रुपये से अधिक की रिकॉर्ड बिक्री</title>
<link>https://atworldnews.in/9239</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर  छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) का प्रयास लगातार सफल हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा जैविक पद्धति से उत्पादित और प्रसंस्कृत अरपा-बिहान विष्णुभोग चावल को अब जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों का भरपूर … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 23:01:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>जीपीएम, का, ‘विष्णुभोग’, चावल, बना, महिलाओं, की, समृद्धि, का, नया, ब्रांड, आधे, घंटे, में, हजार, रुपये, से, अधिक, की, रिकॉर्ड, बिक्री</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर </strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) का प्रयास लगातार सफल हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा जैविक पद्धति से उत्पादित और प्रसंस्कृत अरपा-बिहान विष्णुभोग चावल को अब जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। इसका ताजा उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले के पेंड्रा स्थित असेंबली हॉल में आयोजित स्थानीय जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान महज 30 मिनट में 45 हजार रुपये से अधिक मूल्य के विष्णुभोग चावल की बिक्री हुई।</p>
<p>यह उपलब्धि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, गुणवत्ता आधारित उत्पादन और राज्य सरकार की आजीविका उन्मुख योजनाओं पर बढ़ते जनविश्वास का प्रमाण है। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से सीधे चावल खरीदकर उनके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी।</p>
<p>कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, मरवाही विधायक  प्रणव कुमार मरपची तथा कोटा विधायक  अटल वास्तव ने स्वयं विष्णुभोग चावल खरीदकर महिलाओं के प्रयासों की सराहना की और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश दिया। वहीं स्थानीय निवासी  पंकज तिवारी ने एक साथ 200 किलोग्राम विष्णुभोग चावल खरीदकर अब तक के सबसे बड़े खरीदार बनने का गौरव प्राप्त किया। उनके इस कदम ने अन्य नागरिकों को भी स्थानीय उत्पादों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गठित महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) इस पहल की प्रमुख कड़ी बनकर उभरी है। महिलाओं द्वारा जैविक पद्धति से उत्पादित विष्णुभोग धान का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण, आकर्षक ब्रांडिंग, गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग और व्यवस्थित विपणन किया जा रहा है। इससे उत्पाद को बेहतर बाजार मिलने के साथ-साथ किसानों और महिला उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य भी प्राप्त हो रहा है।</p>
<p>जिले में इस पहल को आगे बढ़ाने में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  मुकेश रावटे की सक्रिय भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। उनके मार्गदर्शन में विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और सार्वजनिक मंचों पर लगातार विष्णुभोग चावल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। परिणामस्वरूप इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है और अधिक महिलाएं इस मॉडल से जुड़कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं।</p>
<p>राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक  दुर्गाशंकर सोनी ने बताया कि जिले में मिशन के अंतर्गत 179 सीएमएसए (कम्युनिटी मैनेज्ड सस्टेनेबल एग्रीकल्चर) ग्रामों का चयन किया गया है। इस वर्ष 250 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विष्णुभोग धान के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, ताकि जैविक खेती को बढ़ावा मिले, किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो और स्व-सहायता समूहों की महिलाएं लखपति दीदी अभियान के तहत आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर सकें।</p>
<p>ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, जैविक खेती की गुणवत्ता, आधुनिक विपणन व्यवस्था और सामुदायिक भागीदारी के समन्वय से अरपा-बिहान विष्णुभोग अब केवल एक कृषि उत्पाद नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की महिला शक्ति, स्थानीय उद्यमिता और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है। जिस गति से इस उत्पाद को बाजार और उपभोक्ताओं का विश्वास मिल रहा है, उससे यह आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की विशिष्ट कृषि पहचान के रूप में स्थापित होने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>स्वयं पोर्टल के कोर्स से विद्यार्थियों को मिलेंगे 40% तक क्रेडिट पॉइंट</title>
<link>https://atworldnews.in/9238</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए महत्‍वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। यूजीसी ने कहा है कि जुलाई 2026 सेमेस्टर से स्वयं (SWAYAM) पोर्टल पर शुरू होने वाले MOOC कोर्स को शैक्षणिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए। यूजीसी का मानना है कि इससे दूरदराज के विद्यार्थियों को भी देश के … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 23:01:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>स्वयं, पोर्टल, के, कोर्स, से, विद्यार्थियों, को, मिलेंगे, 40, तक, क्रेडिट, पॉइंट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए महत्‍वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। यूजीसी ने कहा है कि जुलाई 2026 सेमेस्टर से स्वयं (SWAYAM) पोर्टल पर शुरू होने वाले MOOC कोर्स को शैक्षणिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए। यूजीसी का मानना है कि इससे दूरदराज के विद्यार्थियों को भी देश के श्रेष्ठ शिक्षकों से पढ़ने का मौका मिलेगा। साथ ही यह शिक्षा को सस्ती और सुलभ भी बनाएगा।</p>
<p>आयोग ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और यूजीसी के क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत कोई भी उच्च शिक्षा संस्थान अपने किसी भी डिग्री या डिप्लोमा प्रोग्राम में 40 प्रतिशत तक क्रेडिट पॉइंट ऑनलाइन कोर्स के माध्यम से दे सकता है। इसका मतलब है कि अगर कोई छात्र 4 साल की डिग्री कर रहा है तो उसके 160 क्रेडिट में से 64 क्रेडिट पॉइंट तक वह SWAYAM के कोर्स करके पूरा कर सकता है।</p>
<p>क्यों जरूरी है स्वयं पोर्टल से ऑनलाइन पढ़ाई</p>
<p>स्वयं पोर्टल (एसडब्ल्यूवायएएम-स्टडी वेव्स ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स) भारत सरकार का राष्ट्रीय ऑनलाइन शिक्षा मंच है। इस पर आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के फैकल्‍टी पढ़ाते हैं। कोरोना के बाद से स्वयं जैसे पोर्टल के माध्‍यम से ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिला है।</p>
<p>क्‍या है यूजीसी पत्र में</p>
<p>यूजीसी ने शैक्षणिक संस्‍थानों को स्वयं पर जुलाई 2026 सेमेस्टर में आने वाले कोर्सो की सूची अनुसार पाठयक्रम का चयन‍करने के निर्देश दिए है। निर्देशानुसार बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक बुलाकर इन कोर्स को मंजूरी और सिलेबस में शामिल किया जाना है।</p>
<p>आयोग ने कहा कि छात्र स्वयं कोर्स के क्रेडिट पॉइंट को एबीसी यानी एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट में जमा कर सकेंगे। विश्वविद्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्र द्वारा अर्जित क्रेडिट को डिग्री में जोड़ा जाए और ट्रांसक्रिप्ट में दर्शाया जाए।</p>
<p>कॉलेज और विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को स्वयं के फायदे बताएं। उन्हें बताएं कि वे अपने मुख्य विषय के अलावा अतिरिक्त स्किल वाले कोर्स भी कर सकते हैं। इससे उनकी प्लेसमेंट और उच्च शिक्षा की संभावनाएं बढ़ेंगी।</p>
<p>    यूजीसी ने यह भी कहा कि स्वयं कोर्स को अपनाते समय संस्थान यह देखें कि कोर्स की गुणवत्ता, अवधि और मूल्यांकन प्रणाली यूजीसी के मानकों के अनुरूप हो।</p>
<p><strong>विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभ</strong></p>
<ul>
<li>    आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मद्रास, आईआईएम बैंगलोर जैसे संस्थानों के फैकल्टी से ऑनलाइन पढ़ाई</li>
<li>    लचीलापन (फ्लेक्सिबिलिटी) अपनी सुविधानुसार पढ़ाई कर सकते हैं</li>
<li>    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, डिजिटल मार्केटिंग जैसे नए कोर्स</li>
</ul>
<p><strong>संस्थानों की जिम्मेदारी</strong></p>
<p>विश्वविद्यालयों के कुलपति और कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जुलाई से पहले अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर स्वयं पोर्टल से कोर्स की जानकारी दें। साथ ही विद्यार्थियों की काउंसलिंग करके उन्हें सही कोर्स चुनने में मदद करें।यूजीसी का यह कदम भारत को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था बनाने और युवाओं को 21वीं सदी के कौशल से लैस करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>मख्यमंत्री योगी बुधवार को वाराणसी से करेंगे ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना’ का शुभारंभ</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कार्मिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देने जा रही है। मुख्यमंत्री बुधवार को वाराणसी से &#039;मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना&#039; का शुभारंभ करेंगे। इसी कार्यक्रम में परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी से धनराशि … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 23:00:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मख्यमंत्री, योगी, बुधवार, को, वाराणसी, से, करेंगे, ‘मुख्यमंत्री, शिक्षक, कैशलेस, चिकित्सा, सुविधा, योजना’, का, शुभारंभ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कार्मिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देने जा रही है। मुख्यमंत्री बुधवार को वाराणसी से 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना' का शुभारंभ करेंगे। इसी कार्यक्रम में परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी से धनराशि हस्तांतरित की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच सामाजिक सुरक्षा संबंधी समझौता (एमओयू) का आदान-प्रदान होगा। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों को भी सम्मानित किया जाएगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक, सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डेन, पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक-शिक्षिकाएं, प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइये तथा अन्य पात्र कार्मिक और उनके परिवार लाभान्वित होंगे। इस योजना से लगभग 12 लाख शिक्षक, रसोइये एवं अन्य कार्मिक परिवार सहित स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में आएंगे।</p>
<p>योजना में प्रति शिक्षक ₹3000 वार्षिक प्रीमियम का पूरा भुगतान राज्य सरकार करेगी। इसके लिए प्रतिवर्ष लगभग ₹447 करोड़ का व्यय किया जाएगा। योजना का संचालन स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेन्सिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज के माध्यम से होगा। लाभार्थियों को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रति परिवार पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। योजना में लगभग 1900 उपचार पैकेज शामिल किए गए हैं। इनमें सामान्य उपचार से लेकर गंभीर बीमारियों, जटिल सर्जरी, हृदय रोग, कैंसर, किडनी रोग सहित अनेक उपचार शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री प्रतीकात्मक रूप से शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित करेंगे।</p>
<p><strong>अभिभावकों के खातों में ₹1320 करोड़ की धनराशि डीबीटी से भेजी जाएगी </strong></p>
<p>कार्यक्रम में शैक्षिक सत्र 2026-27 के प्रथम चरण में 1 करोड़ 10 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में ₹1320 करोड़ की धनराशि डीबीटी से भेजी जाएगी। यह राशि यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, स्वेटर, जूते-मोजे और स्टेशनरी की खरीद के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इससे अभिभावकों को बच्चों की आवश्यक शैक्षणिक सामग्री समय पर उपलब्ध कराने में सुविधा मिलेगी।</p>
<p>
<strong>शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच होगा एमओयू </strong><br>
 <br>
समारोह के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच सामाजिक सुरक्षा संबंधी एमओयू भी होगा। इससे लगभग 10 लाख शिक्षक एवं अन्य कार्मिक सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं से जुड़ेंगे। उन्हें समूह जीवन बीमा, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, स्थायी एवं आंशिक दिव्यांगता कवर, एयर एक्सीडेंट कवर तथा आकस्मिक परिस्थितियों में बच्चों की शिक्षा और पुत्रियों के विवाह के लिए अतिरिक्त सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जिन कार्मिकों के वेतन खाते पहले से भारतीय स्टेट बैंक में हैं, उन्हें इन सुविधाओं का लाभ स्वतः मिलेगा। अन्य पात्र कार्मिकों को भी बैंक में वेतन खाता खोलने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।</p>
<p><strong>राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 12 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक होंगे सम्मानित </strong></p>
<p>कार्यक्रम में स्वच्छ एवं हरित विद्यालय (एसएचवीआर) योजना के राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 12 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान विद्यालयों में स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, शौचालय, हाथ धुलाई और बेहतर विद्यालयी वातावरण विकसित करने के उत्कृष्ट प्रयासों के लिए दिया जाएगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए अयोध्या जैसी कार सेवा का ऐलान, जानें कब और कैसे होगा आयोजन</title>
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<description><![CDATA[ मथुरा  राम मंदिर में दान चोरी का मामला जहां गर्माया हुआ है, वहीं मथुरा से एक नया विवाद उभरने की आहट दिख रही है. मामला श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा हुआ है. अयोध्‍या की तरह ही यहां भी विवादित ढांचे/गुबंद को तोड़ने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए बाकायदा बैठक, मुलाकातें भी हो रही … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:33:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मथुरा, श्रीकृष्ण, जन्मभूमि, के, लिए, अयोध्या, जैसी, कार, सेवा, का, ऐलान, जानें, कब, और, कैसे, होगा, आयोजन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मथुरा </strong><br>
राम मंदिर में दान चोरी का मामला जहां गर्माया हुआ है, वहीं मथुरा से एक नया विवाद उभरने की आहट दिख रही है. मामला श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा हुआ है. अयोध्‍या की तरह ही यहां भी विवादित ढांचे/गुबंद को तोड़ने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए बाकायदा बैठक, मुलाकातें भी हो रही हैं. चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक ठाकुर देवकीनंदन से जन्मभूमि आंदोलन को लेकर मुलाकात की है. सच्चिदानंद महाराज ने श्रीकृष्‍ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए विवादित गुंबद तोड़ने की घोषणा की है और देवकीनंदन ठाकुर ने उन्‍हें अपना समर्थन भी दे दिया है. ऐसे में दिन और तारीख भी तय कर दी है, ताकि वहां कूच की जा सके। </p>
<p><strong>मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए कार सेवा का ऐलान</strong><br>
दरअसल, मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए चित्र गुप्त पीठाधीश्वर सच्चिदानंद महाराज ने अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक ठाकुर देवकीनंदन महाराज से मुलाक़ात की और 9 अगस्त क्रांति दिवस के दिन विवादित गुंबद तोड़ने के लिए समर्थन मांगा. इस पर ठाकुर देवकीनंदन महाराज ने कार सेवा के लिए समर्थन दिया। </p>
<p>स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए 9 अगस्त को एक और कार सेवा की जाएगी. इस कार सेवा के लिए ब्रजवासी, साधु संत और धर्म गुरुओं से सम्पर्क कर कार सेवा में शामिल होने की अपील की जा रही है. कार सेवा के लिए अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक ठाकुर देवकीनंदन महाराज ने भी अपना समर्थन दिया है। </p>
<p><strong>शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी क्‍या बोली?</strong><br>
स्वामी सच्चिदानंद महाराज की इस घोषणा के बाद शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी की तरफ से भी बयान आया है. कमेटी के सचिव एवं पक्षकार तनवीर अहमद ने कहा कि जहां मामले न्यायालय में लंबित हों, वहां इस तरह की बयानबाजी ठीक नहीं है. न्यायालय पर ही सबको भरोसा है. संविधान पर सबको भरोसा है. राम मंदिर का मामला अलग है. वहां तो रामलला तिरपाल में बैठे थे. यहां तो मंदिर अलग है, मस्जिद अलग है. दोनों के रास्ते भी अलग हैं. मस्जिद में पांच टाइम की नमाज होती है और वहां भजन-पूजन. ये दोनों आपसी भाईचारे के प्रतीक हैं। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>रामभक्तों के सहयोग से भव्य राममंदिर निर्माण सहन नहीं हो रहा सपा व कांग्रेस से: सीएम योगी</title>
<link>https://atworldnews.in/9235</link>
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<description><![CDATA[ सुल्तानपुर  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या धाम और राम जन्मभूमि मंदिर को लेकर विपक्ष के दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रामभक्तों के सहयोग से प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनना समाजवादी पार्टी व कांग्रेस से सहन नहीं हो रहा है। रामभक्तों पर गोलियां चलाने वाले और बाबरी ढांचे के … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:33:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>रामभक्तों, के, सहयोग, से, भव्य, राममंदिर, निर्माण, सहन, नहीं, हो, रहा, सपा, व, कांग्रेस, से:, सीएम, योगी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सुल्तानपुर</strong></p>
<p> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या धाम और राम जन्मभूमि मंदिर को लेकर विपक्ष के दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रामभक्तों के सहयोग से प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनना समाजवादी पार्टी व कांग्रेस से सहन नहीं हो रहा है। रामभक्तों पर गोलियां चलाने वाले और बाबरी ढांचे के लिए घड़ियाली आंसू बहाने वाले आस्था पर उपदेश दे रहे हैं। एसआईटी की रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बावजूद अयोध्या को टारगेट किया जा रहा है। ये लोग चाहते हैं कि वक्फ के नाम पर लूट मची रहे और वे मंदिरों को बदनाम करते रहें। यह दोहरा चरित्र जनता को स्वीकार नहीं।</p>
<p>मुख्यमंत्री मंगलवार को जनपद सुल्तानपुर में ₹819 करोड़ से अधिक लागत वाली 99 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सुल्तानपुर व इसौली विधानसभा क्षेत्रों समेत पूरे जनपद के नागरिकों को इन कल्याणकारी योजनाओं के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। रामायण कालीन स्मृतियों से जुड़ी सुल्तानपुर की पावन धरा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का नया उत्तर प्रदेश 'विरासत और विकास' के अद्भुत समन्वय के साथ आगे बढ़ रहा है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और भारी बारिश के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में जनता का उमड़ना इस बात का प्रमाण है कि लोग विकास की राजनीति के साथ मजबूती से खड़े हैं।</p>
<p><strong>राम जन्मभूमि को बदनाम करने का प्रयास</strong></p>
<p>सीएम ने कहा कि अयोध्या में एक घटना घटित हुई। ट्रस्ट के विनम्र अनुरोध पर एसआईटी गठित की गई। जब तक यह नहीं गठित हुई थी, सपा-कांग्रेस व अन्य सेक्युलर दल इसकी मांग करते थे। एसआईटी की रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई, लेकिन सपा-कांग्रेस ने पावन धाम आयोध्या को बदमान करने की मुहिम चला रखी है। राम जन्मभूमि को बदमान करने और आस्था पर प्रहार करने का कार्य किया जा रहा है। सपा के लोग कह रहे हैं कि अयोध्या की घटना से आस्था आहत हुई है। जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलाई हों, वे किस मुंह से आस्था की बात करते हैं?</p>
<p><strong>तुष्टीकरण की राजनीति पर कड़ा प्रहार</strong></p>
<p>सीएम ने तुष्टिकरण की राजनीति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा-कांग्रेस ने वक्फ कानून का विरोध किया, नागरिकता कानून का विरोध किया। ये लोग विकास का पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल के निर्माण में खर्च करते थे, जबकि आज वही पैसा बथुआ धाम (बिजेथुआ महावीरन धाम) जैसे पवित्र मंदिरों के सौंदर्यीकरण और विकास पर खर्च हो रहा है। पहले 'चाचा-भतीजे' की जोड़ी युवाओं की नियुक्तियों और जमीनों पर डकैती डालती थी, जबकि वर्तमान सरकार ने बिना भेदभाव पूरी पारदर्शिता के साथ 9 वर्षों में 9 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरियां दी हैं। गत वर्ष पुलिस भर्ती में सुल्तानपुर के भी सैकड़ों युवाओं को भी नौकरी मिली है।</p>
<p><strong>माफिया राज बनाम मेडिकल कॉलेज</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कोई भी सार्वजनिक जमीन दिखने पर सपा का गुंडा पार्टी का झंडा लगाकर कब्जा कर लेता था। हमारी सरकार आई तो गुंडों के कब्जे से 64 हजार एकड़ जमीन खाली कराई गई। पिछली सरकार हर जनपद में एक माफिया और हर थाना क्षेत्र में गुंडा पालती थी, जो गरीबों, व्यापारियों और बेटियों को प्रताड़ित करते थे। लेकिन हमारी डबल इंजन सरकार हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज दे रही है। सुल्तानपुर में अब अपना मेडिकल कॉलेज संचालित हो चुका है और आज यहां नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए शिलान्यास भी किया गया है, जो बेटियों के लिए शत-प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी बनेगा।<br>
 <br>
<strong>शानदार कनेक्टिविटी और इंडस्ट्रियल क्लस्टर</strong></p>
<p>2017 से पहले की बदहाल कानून-व्यवस्था और ठप पड़े विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सुल्तानपुर बेहतरीन कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, अयोध्या फोर-लेन, और प्रयागराज-वाराणसी मार्गों के सुदृढ़ीकरण से सुल्तानपुर की दूरी अब अयोध्या एयरपोर्ट से मात्र 45 मिनट और लखनऊ-प्रयागराज से महज डेढ़ घंटे की रह गई है। इसके साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक इंडस्ट्रियल क्लस्टर भी विकसित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय नौजवानों को उनके गृह जनपद में ही रोजगार और नौकरी के पर्याप्त अवसर मिलेंगे।  <br>
 <br>
खेल और युवा शक्ति को प्रोत्साहन<br>
मुख्यमंत्री ने खेल क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि ओलंपिक में मेडल जीतने वाले उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल को सीधे डिप्टी एसपी पद पर नियुक्त किया गया है। राज्य में इंडोर स्टेडियम, ग्रामीण स्टेडियम और खेल के मैदानों का निर्माण कर युवाओं को एक बड़ा प्लेटफॉर्म दिया जा रहा है।  </p>
<p><strong>डबल इंजन सरकार ही करेगी विकास</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने इसौली विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां डबल इंजन सरकार का प्रतिनिधि नहीं है, वहां विकास कार्यों में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। उन्होंने सुल्तानपुर की जनता से आह्वान किया कि सुरक्षित, समृद्ध और सुशासन युक्त व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार पर अपना आशीर्वाद और विश्वास इसी तरह बनाए रखें। इस सरकार ने बेटी-बहन, व्यापारी, आम नागरिक सबको समान सुरक्षा उपलब्ध कराई है। सुरक्षा का वातावरण बना तो निवेश आया, विकास के काम हुए, रेलवे लाइन-फ्लाइओवर बने। हाईवे, ब्रिज, फोर-सिक्स लेन सड़कें व बाईपास आदि बन रहे हैं।</p>
<p><strong>मासूम बच्ची ने छुए सीएम के पैर</strong></p>
<p>कार्यक्रम की शुरूआत में सीएम ने महिलाओं को पोषण पोटली दी और बच्चों का अन्नप्राशन कराया। इस दौरान मां के साथ मौजूद एक बच्ची ने सीएम के हाथ से चॉकलेट मिलने पर उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। सीएम ने यहां आयोजित प्रदर्शनी में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, निषाद राज वोट सब्सिडी योजना समेत कई स्टॉल्स पर जाकर जानकारी ली। उन्होंने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्टॉल पर मौजूद छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्हें चॉकलेट व स्कूल बैग किट भी प्रदान की।</p>
<p>इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री और जनपद के प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव, विधायक विनोद सिंह, राज प्रसाद उपाध्याय, सीताराम वर्मा, राजेश गौतम, सुरेश पासी, एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उषा सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल, पूर्व मंत्री ओम प्रकाश पांडेय, भाजपा जिला अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>Microsoft Layoffs: AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच 4,800 कर्मचारियों की छंटनी, हजारों नौकरियां गईं</title>
<link>https://atworldnews.in/9234</link>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली Microsoft ने एक बार फिर बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी की है. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर करीब 4,800 कर्मचारियों की नौकरी खत्म करने का ऐलान किया है। यह कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग 2.1 प्रतिशत है. सबसे ज्यादा असर कंपनी के कमर्शियल सेल्स और Xbox डिवीजन पर पड़ा है. माइक्रोसॉफ्ट का … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Microsoft, Layoffs:, के, बढ़ते, इस्तेमाल, के, बीच, 4, 800, कर्मचारियों, की, छंटनी, हजारों, नौकरियां, गईं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>Microsoft ने एक बार फिर बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी की है. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर करीब 4,800 कर्मचारियों की नौकरी खत्म करने का ऐलान किया है। यह कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग 2.1 प्रतिशत है. सबसे ज्यादा असर कंपनी के कमर्शियल सेल्स और Xbox डिवीजन पर पड़ा है. माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि यह फैसला कंपनी को तेजी से बदल रही AI दुनिया के हिसाब से तैयार करने के लिए लिया गया है। </p>
<p>इस छंटनी के बाद भारतीय मूल की टेक लीडर आशा शर्मा भी चर्चा में हैं. आशा शर्मा फिलहाल Xbox की CEO हैं. उन्होंने कर्मचारियों को भेजे गए एक इंटरनल मैसेज में कहा कि Xbox अपने इतिहास के सबसे बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. उन्होंने माना कि यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन कंपनी को लंबे समय के लिए मजबूत बनाने के लिए यह जरूरी है। </p>
<p>माइक्रोसॉफ्ट की चीफ पीपल ऑफिसर एमी कोलमैन ने कर्मचारियों को भेजे मैसेज में कहा कि टेक्नोलॉजी की दुनिया तेजी से बदल रही है. आर्टिफिशियल इंटेेलिजेंस की वजह से काम करने का तरीका बदल रहा है और इसी के हिसाब से कंपनी को अपने संसाधन, निवेश और टीम की प्रायॉरिटी बदलनी पड़ रही हैं। </p>
<p><strong>कंपनी का कहना है कि यह सिर्फ लागत कम करने का मामला नहीं है, बल्कि आने वाले समय की जरूरतों के मुताबिक खुद को तैयार करने की प्रक्रिया है। </strong></p>
<p>Xbox डिवीजन पर इस फैसले का सबसे ज्यादा असर पड़ा है. आशा शर्मा ने बताया कि वित्त वर्ष 2027 तक Xbox में करीब 3,200 पद पोस्ट खत्म किए जाएंगे. इनमें से लगभग 1,600 कर्मचारियों की छंटनी अभी की गई है. साथ ही Xbox के चार स्टूडियो नए मैनेजमेंट के तहत काम करेंगे। </p>
<p>कंपनी का कहना है कि उसका मकसद गेमिंग बिजनेस को फिर से मजबूत करना और निवेश को उन प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित करना है जिनसे भविष्य में बेहतर कमाई हो सकती है। </p>
<p>हाल के महीनों में माइक्रोसॉफ्ट ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर का निवेश किया है. कंपनी Copilot और दूसरे AI प्रोडक्ट्स पर तेजी से काम कर रही है. इसी वजह से कंपनी अपने कई पुराने बिजनेस और टीमों की फिर से रिव्यू कर रही है। </p>
<p>रिपोर्ट्स के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट निवेश को AI की तरफ शिफ्ट कर रहा है, जबकि कई दूसरे टेक दिग्गज भी इसी तरह की स्ट्रैटिजी अपना रहे हैं।  </p>
<p>आशा शर्मा का नाम भारत से भी जुड़ा है. वह भारतीय मूल की टेक एग्जीक्यूटिव हैं और इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट में AI, क्लाउड और प्रोडक्ट से जुड़े कई बड़े पदों पर काम कर चुकी हैं। </p>
<p>हाल ही में उन्हें Xbox की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. अब उनके नेतृत्व में माइक्रोसॉफ्ट का गेमिंग डिविजन Xbox अपने इतिहास के सबसे बड़े बदलाव से गुजर रहा है, इसलिए पूरी टेक इंडस्ट्री की नजर इस फैसले पर है।   </p>
<p>बता दें कि ये माइक्रोसॉफ्ट की पहली बड़ी छंटनी नहीं है. पिछले कुछ सालों में भी कंपनी कई बार हजारों कर्मचारियों की नौकरी खत्म कर चुकी है. हालांकि इस बार कंपनी का साफ कहना है कि उसका फोकस AI, नए <br>
बिजनेस मॉडल और भविष्य की तकनीकों पर निवेश बढ़ाने का है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>महिलाओं की आर्थिक सशक्तता की नई पहचान बना जीपीएम, लखपति दीदी अभियान में लक्ष्य का 90 प्रतिशत हासिल</title>
<link>https://atworldnews.in/9233</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की पहल लगातार प्रभावी परिणाम दे रही है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत संचालित लखपति दीदी अभियान में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के निर्धारित लक्ष्य का 90 प्रतिशत प्राप्त … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:31:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>महिलाओं, की, आर्थिक, सशक्तता, की, नई, पहचान, बना, जीपीएम, लखपति, दीदी, अभियान, में, लक्ष्य, का, प्रतिशत, हासिल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की पहल लगातार प्रभावी परिणाम दे रही है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत संचालित लखपति दीदी अभियान में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के निर्धारित लक्ष्य का 90 प्रतिशत प्राप्त कर लिया है। यह उपलब्धि महिलाओं के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने की दिशा में जिले की बड़ी सफलता है।</p>
<p>वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को 10 हजार 124 लखपति दीदी तैयार करने का लक्ष्य मिला था। इसके विरुद्ध अब तक 9 हजार 95 महिलाएं लखपति दीदी बनने का लक्ष्य हासिल कर चुकी हैं। यह उपलब्धि राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति, बिहान मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जिला प्रशासन के सतत मार्गदर्शन का प्रत्यक्ष परिणाम है।</p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का संकल्प है कि प्रदेश की महिलाएं केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित न रहें, बल्कि आर्थिक रूप से सशक्त बनकर अपने परिवार, समाज और राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। इसी सोच को साकार करने के लिए राज्य सरकार स्व-सहायता समूहों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, विपणन सुविधा और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है।</p>
<p>जिले में वर्तमान में 6 हजार 10 स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं। इन समूहों को औसतन 1 लाख 92 हजार रुपये प्रति समूह का ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिससे कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन, लघु उद्यम, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, सेवा क्षेत्र और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को नई गति मिली है। इससे हजारों ग्रामीण महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।</p>
<p>जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के समन्वित प्रयासों से महिलाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि उद्यमिता विकास, कौशल प्रशिक्षण, बैंकिंग सेवाओं से जुड़ाव तथा बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। यही कारण है कि जिले की बड़ी संख्या में महिलाएं आज सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं।</p>
<p>लखपति दीदी अभियान ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इस अभियान ने न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की शक्ति का भी विकास किया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिल रही है और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में मजबूत आधार तैयार हो रहा है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड एवं अन्य संस्थाओं में नियुक्तियों पर दी बधाई</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड, समिति एवं अन्य संस्थाओं में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के आदेश जारी होने पर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर गौरीशंकर श्रीवास तथा … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:31:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, विष्णु, देव, साय, ने, विभिन्न, निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड, एवं, अन्य, संस्थाओं, में, नियुक्तियों, पर, दी, बधाई</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर </strong></p>
<p> मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड, समिति एवं अन्य संस्थाओं में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के आदेश जारी होने पर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर गौरीशंकर श्रीवास तथा सदस्य पद पर देवशरण सेन, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में डॉ. श्रीमती ममता साहू तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पद पर रामलाल चौहान, उपाध्यक्ष पद पर वेदराम मनहरे एवं सदस्य के रूप में सौरभसिंह जागृत, दुर्गा महेश्वर तथा दयावंत धर बांधे की नियुक्ति की गई है।</p>
<p>छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर आनंद निषाद तथा सदस्य पद पर नेतराम निषाद, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डल रायपुर के अध्यक्ष पद पर राजेश कुमार राजपूत तथा सदस्य पद पर श्रीमती सुमन मुथा एवं शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष पद पर राजेन्द्र नायक तथा सदस्य के रूप में बसंत पटेल, प्रेमलाल पटेल, संतोष पटेल और प्रेम पटेल की नियुक्ति की गई है।</p>
<p>छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष पद पर सुधीर गौतम, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य पद पर मनमथ नाथ शर्मा तथा छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के सदस्य पद पर श्रीमती प्रसन्ना अवस्थी की नियुक्ति की गई है। रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर डॉ. जे.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष पद पर किशोर महानंद, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष पद पर आनंद कुमार तिवारी (राजीव लोचन दास महाराज) तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष पद पर मंगल दास ठाकुर को दायित्व सौंपा गया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवनियुक्त पदाधिकारी जनसेवा, सुशासन और लोककल्याण के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई गति प्रदान करेंगे।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नर्मदा अवार्ड लाभार्थी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबित भुगतान के निपटारे पर ऐतिहासिक समझौता हुआ</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बीच नर्मदा अवार्ड लाभार्थी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबित भुगतान के निपटारे पर ऐतिहासिक समझौता हो गया है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की उपस्थिति में आज नई दिल्ली में … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:31:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>केन्द्रीय, गृह, एवं, सहकारिता, मंत्री, अमित, शाह, की, मौजूदगी, में, नर्मदा, अवार्ड, लाभार्थी, राज्यों, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, और, मध्य, प्रदेश, के, बीच, लंबित, भुगतान, के, निपटारे, पर, ऐतिहासिक, समझौता, हुआ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बीच नर्मदा अवार्ड लाभार्थी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबित भुगतान के निपटारे पर ऐतिहासिक समझौता हो गया है।</p>
<p>केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की उपस्थिति में आज नई दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। बैठक में केन्द्र एवं चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।</p>
<p>यह समझौता मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र राज्यों द्वारा सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण के लागत साझाकरण के मुद्दों से जुड़े दीर्घकालिक विवादों को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जिसके तहत लंबित देयों के अंतिम निपटान के रूप में किए जाने वाले भुगतानों को एकमुश्त निपटान (वन-टाइम सेटलमेंट) के रूप में हल किया गया है।</p>
<p>गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबे समय से नर्मदा अवॉर्ड के लंबित भुगतान का विवाद चल रहा था, जिसका आज सौहार्दपूर्ण समाधान निकल गया है।</p>
<p>अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को मजबूत करने और जल क्षेत्र में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए कई ऐतिहासिक पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अनेक राज्यों में डबल इंजन सरकार बनने का लाभ यह हुआ है कि हम में एक-दूसरे को समझने की क्षमता बढ़ी है, राजनीतिक मुद्दे कम हुए हैं और देश के अनेक विवाद अब तेजी से सुलझाए जा रहे हैं।</p>
<p>केन्द्रीय गृह मंत्री ने इस महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय परियोजना पर आम सहमति बनाने में मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र की सरकारों द्वारा दिए गए रचनात्मक सहयोग की सराहना की। शाह ने कहा कि इस परियोजना से विशेषकर मध्य प्रदेश, गुजरात तथा राजस्थान को बहुत लाभ हुआ। बांध पूरा होने से इन राज्यों में हर जगह पानी और बिजली पहुंची। उन्होंने कहा कि राजस्थान को हुआ लाभ दिखने में छोटा लग सकता है, पर जिस भूमि तक नर्मदा का पानी पहुंचा है, वहां भूमि का मूल्य और किसान की किस्मत दोनों बदल गई है।</p>
<p>गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल जी के नेतृत्व में देश में चल रहे जल विवाद या जल वितरण से जुड़े विवाद एक-एक कर सुलझाए जा रहे हैं। पिछले दिनों हरियाणा और राजस्थान के बीच का जल विवाद सुलझाया गया। शाह ने कहा कि चाहे किशाऊ बांध परियोजना का मुद्दा हो या राजस्थान, हरियाणा के बीच जल विवाद हो या आज का यह समझौता, ये सभी सहकारी संघवाद के स्वर्णिम उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि चाहे गुजरात हो, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा या महाराष्ट्र, पानी देश के लोगों, खासकर किसानों के ही काम आता है। शाह ने कहा कि पानी का उपयोग चाहे देश के किसी भी हिस्से में हो उससे लाभान्वित होने वाला एक भारतीय ही होगा</p>
<p>केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि किसी भी विवाद से होने वाले राष्ट्रीय नुकसान (National Loss) को ध्यान में रख कर उसे सुलझाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पड़ोसी राज्य समृद्ध होता है, तो उसका लाभ अपने राज्य को भी मिलता है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>मेरा कचरा&#45;मेरी जिम्मेदारी के संकल्प से मध्यप्रदेश बनेगा देश का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मध्यप्रदेश के जागरूक नागरिकों के अमूल्य और अनुकरणीय सहयोग से राज्य ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां अर्जित की हैं। पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026&#039; … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:31:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मेरा, कचरा-मेरी, जिम्मेदारी, के, संकल्प, से, मध्यप्रदेश, बनेगा, देश, का, अग्रणी, राज्य, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मध्यप्रदेश के जागरूक नागरिकों के अमूल्य और अनुकरणीय सहयोग से राज्य ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां अर्जित की हैं। पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026' को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नवीन नियम केवल नगरीय निकायों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें राज्य के सभी शासकीय विभागों में समान रूप से लागू किया गया है। इसके अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों से निकलने वाले कचरे को भी समेकित कर वैज्ञानिक पद्धति से प्रबंधित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दूरगामी नियम का सफल क्रियान्वयन केवल शासकीय प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए राज्य के प्रत्येक नागरिक, संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान को आगे आकर अपनी महती भूमिका निभानी होगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य को रेखांकित करते हुए प्रदेशवासियों से अपनी दैनिक दिनचर्या में विशेष आदतों को सम्मिलित करने के लिए कहा कि पर्यावरण को अक्षुण्ण रखने के लिए हमें यह दृढ़ संकल्प लेना होगा कि हम किसी भी प्रकार का कचरा न तो खुले में फेंकेंगे और न ही उसे जलाएंगे। अपने घर, गली, मोहल्ले और नगर को कचरा मुक्त बनाने के लिए यह आवश्यक है कि नागरिक अपने घरों से निकलने वाले अपशिष्ट को चार श्रेणियों— 'गीला, सूखा, सैनिटरी एवं स्पेशल केयर' में अनिवार्य रूप से अलग-अलग करके ही अधिकृत कचरा संग्रहण वाहन को सौंपें।</p>
<p>कचरे को संपदा में बदलने और पुनर्चक्रण के सिद्धांतों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से गृह-स्तर पर जैविक खाद निर्माण (होम कम्पोस्टिंग) अपनाने की अपील की है। उन्होंने आह्वान किया कि पुराने कपड़े, पुस्तकें और अन्य उपयोगी वस्तुओं को फेंकने के बजाय स्थानीय 'रिड्यूस, रियूस, रिसाईकल' (आरआरआर) केंद्रों में जमा करें। इसके साथ ही, पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली विकसित करने के लिए बाजार जाते समय हमेशा अपना कपड़े का झोला और पानी की व्यक्तिगत बोतल साथ रखने की आदत डालें, जिससे एकल-उपयोग प्लास्टिक और अपशिष्ट की उत्पत्ति को प्राथमिक स्तर पर ही न्यूनतम किया जा सके।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के समस्त नगरीय निकायों को प्रदेश के प्रत्येक घर, व्यावसायिक दुकान और झुग्गी बस्तियों से नियमित, समयबद्ध और निर्बाध रूप से कचरे का संग्रहण करने के निर्देश दिए। इस जन-सरोकार के कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वच्छता हमारे सामूहिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संतुलन और जीवन की समग्र गुणवत्ता का आधार स्तंभ है। हम आज यदि पूर्ण उत्तरदायित्व के साथ कार्य करेंगे, तभी अपनी भावी पीढ़ी को एक स्वच्छ, समृद्ध और सुरक्षित मध्यप्रदेश सौंप पाएंगे। उन्होंने आह्वान किया कि आइए, हम सब मिलकर "मेरा कचरा – मेरी जिम्मेदारी" के मंत्र को आत्मसात करें और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के सफल क्रियान्वयन में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराकर मध्यप्रदेश को देश का सबसे स्वच्छ, सुंदर और संवहनीय (सस्टेनेबल) राज्य बनाएं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मध्यप्रदेश पुलिस की मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई</title>
<link>https://atworldnews.in/9229</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देशन में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में नशे के अवैध कारोबार पर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही हैं। इसी क्रम में रीवा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 10 करोड़ रुपये अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य की 3.087 किलोग्राम अवैध एमडी ड्रग्स बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मध्यप्रदेश, पुलिस, की, मादक, पदार्थों, के, विरुद्ध, बड़ी, कार्रवाई</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देशन में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में नशे के अवैध कारोबार पर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही हैं। इसी क्रम में रीवा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 10 करोड़ रुपये अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य की 3.087 किलोग्राम अवैध एमडी ड्रग्स बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई प्रदेश में नशे के अवैध नेटवर्क के विरुद्ध चलाए जा रहे सतत अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता है।</p>
<p>पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत एवं पुलिस उप महानिरीक्षक रीवा रेंज हेमन्त सिंह चौहान के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह के नेतृत्व में यह सफलता प्राप्‍त हुई है।</p>
<p>जिले में संचालित "ऑपरेशन प्रहार 2.0" के तहत थाना गढ़ पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम सोनवर्षा निवासी दो व्यक्ति भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स लेकर बिक्री के उद्देश्य से जाने वाले हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को पकड़ा। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 3.087 किलोग्राम अवैध एमडी ड्रग्स, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये है, जब्‍त की गई। इसके अतिरिक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध थाना गढ़ में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण की विवेचना की जा रही है।</p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस एक ओर जहां अवैध मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, तस्करी और बिक्री में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस आगामी 15 जुलाई से "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" राज्यव्यापीजनजागरूकता अभियान भी प्रारंभ करने जा रही है। इस अभियान के माध्यम से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्रामों, नगरीय क्षेत्रों, सामाजिक संस्थाओं तथा विभिन्न विभागों के सहयोग से व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए युवाओं को नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित किया जाएगा।</p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध निर्माण, तस्करी एवं कारोबार के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कठोर कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता आधारित प्रयासों को भी समान प्राथमिकता देते हुए पुलिस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और समाज की सहभागिता के माध्यम से नशामुक्त एवं सुरक्षित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह सहित अन्य केंद्रीय मंत्रियों से की भेंट</title>
<link>https://atworldnews.in/9228</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो दिवसीय नई दिल्ली भ्रमण में मध्यप्रदेश के हितों से संबंधित विषयों पर विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट एवं चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्रीगण को पुष्प-गुच्छ, अंगवस्त्रम और प्रतीक चिन्ह भेंट किये। नर्मदा परियोजनाओं के लंबित मुद्दों पर उच्च स्तरीय … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, डॉ., यादव, ने, केंद्रीय, गृह, मंत्री, शाह, सहित, अन्य, केंद्रीय, मंत्रियों, से, की, भेंट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो दिवसीय नई दिल्ली भ्रमण में मध्यप्रदेश के हितों से संबंधित विषयों पर विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट एवं चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्रीगण को पुष्प-गुच्छ, अंगवस्त्रम और प्रतीक चिन्ह भेंट किये।</p>
<p><strong>नर्मदा परियोजनाओं के लंबित मुद्दों पर उच्च स्तरीय बैठक</strong></p>
<p>केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल के अतिरिक्त अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से नर्मदा परियोजनाओं के लंबित मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने भी हिस्सा लिया । बैठक में नर्मदा परियोजनाओं से संबंधित अंतर्राज्यीय मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। परियोजनाओं के कार्यों की गति को तीव्र करने के संबंध में भी चर्चा हुई।</p>
<p><strong>अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भेंट</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से पृथक-पृथक भेंट कर मध्यप्रदेश के हितों से संबंधित चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों से भी अलग-अलग मुलाकातों में अंतर्राज्यीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में बातचीत की।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत किए जाने पर दी बधाई</title>
<link>https://atworldnews.in/9227</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री  मोदी जी का नहीं, बल्कि पूरे 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान, भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्व मंच पर … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:01:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, विष्णु, देव, साय, ने, प्रधानमंत्री, नरेंद्र, मोदी, को, इंडोनेशिया, के, सर्वोच्च, नागरिक, सम्मान, से, अलंकृत, किए, जाने, पर, दी, बधाई</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>रायपुर</p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री  मोदी जी का नहीं, बल्कि पूरे 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान, भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्व मंच पर सशक्त होती उसकी भूमिका का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी कूटनीति ने भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है तथा मित्र देशों के साथ संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व समुदाय में अपनी भूमिका को और अधिक सशक्त बनाएगा तथा 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना के साथ वैश्विक शांति, सहयोग और साझा समृद्धि के लिए निरंतर योगदान देता रहेगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>रायपुर के उरला में 3डी फैक्ट्री में सिलेंडर ब्लास्ट, कई मजदूर घायल</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर राजधानी के उरला थाना क्षेत्र के बेंद्री स्थित 3डी फैक्ट्री में मंगलवार शाम ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से भीषण विस्फोट हो गया। हादसे में दो मजदूरों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कई अन्य मजदूरों के लापता होने की आशंका है। … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:01:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>रायपुर, के, उरला, में, 3डी, फैक्ट्री, में, सिलेंडर, ब्लास्ट, कई, मजदूर, घायल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>राजधानी के उरला थाना क्षेत्र के बेंद्री स्थित 3डी फैक्ट्री में मंगलवार शाम ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से भीषण विस्फोट हो गया। हादसे में दो मजदूरों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कई अन्य मजदूरों के लापता होने की आशंका है। मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, 108 एंबुलेंस और बचाव दल राहत एवं सर्च ऑपरेशन में जुटे हुए हैं।</p>
<p><strong>फैक्ट्री के भीतर अचानक हुआ तेज धमाका</strong></p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फैक्ट्री के भीतर अचानक तेज धमाका हुआ, जिससे पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई। धमाके के बाद कई मजदूर बाहर निकल आए, जबकि कुछ के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया है और लापता मजदूरों की तलाश जारी है।</p>
<p><strong>परिजनों में भारी आक्रोश का माहौल</strong></p>
<p>घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उरला स्थित फैक्ट्री पहुंच गए और राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। हादसे के बाद फैक्ट्री के बाहर बड़ी संख्या में मजदूरों के परिजन पहुंच गए, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। मौके पर परिजनों में भारी आक्रोश का माहौल है।</p>
<p>यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में जंगल के बीच चलती बस में गूंजी किलकारी, यात्रियों ने कराया प्रसव, चंदा देकर की मदद</p>
<p><strong>हादसे के कारणों की जांच शुरू</strong></p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के काफी देर बाद तक फैक्ट्री प्रबंधन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया। पुलिस ने पूरे परिसर को घेर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बेटियों के सपनों को मिली नई उड़ान, शाला प्रवेश उत्सव में शामिल हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (अंग्रेजी माध्यम), ब्रम्हरोड अंबिकापुर में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ नए शैक्षणिक सत्र का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं को साइकिल वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:01:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>बेटियों, के, सपनों, को, मिली, नई, उड़ान, शाला, प्रवेश, उत्सव, में, शामिल, हुए, पर्यटन, एवं, संस्कृति, मंत्री, राजेश, अग्रवाल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p> पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (अंग्रेजी माध्यम), ब्रम्हरोड अंबिकापुर में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ नए शैक्षणिक सत्र का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं को साइकिल वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं तथा शिक्षा को जीवन में सफलता का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने और बेटियों को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। छात्राओं को साइकिल वितरण केवल एक योजना नहीं, बल्कि उनकी शिक्षा, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे बेटियों की विद्यालय तक सुरक्षित और सुगम पहुँच सुनिश्चित होगी तथा वे अपने सपनों को साकार करने की दिशा में और अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगी।</p>
<p>उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि विद्यालय ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है। विद्यार्थी पूरे मनोयोग से अध्ययन करें, अनुशासन और मेहनत को अपना जीवन मंत्र बनाएं तथा अपने माता-पिता, शिक्षकों और प्रदेश का नाम रोशन करें। आज का परिश्रम ही कल की सफलता का आधार बनेगा।</p>
<p>मंत्री  अग्रवाल ने शिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि एक शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है। शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक नवाचार कर रही है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना के माध्यम से प्रदेश के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो रहे हैं।</p>
<p>कार्यक्रम के अंत में मंत्री  राजेश अग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को नए शैक्षणिक सत्र के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के विद्यार्थी शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा के बल पर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने आवश्यक पहल का किया आग्रह</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित न रहे, इसके लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर नई दिल्ली में 28 एवं 29 जून 2026 … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:01:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>प्रधानमंत्री, आवास, योजना, ग्रामीण, के, पात्र, हितग्राहियों, को, लाभ, दिलाने, आवश्यक, पहल, का, किया, आग्रह</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p> उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित न रहे, इसके लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर नई दिल्ली में 28 एवं 29 जून 2026 को आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।  शर्मा ने अपने पत्र में लिखा कि राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में  चौहान के नेतृत्व की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।<br>
          <br>
उपमुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि सम्मेलन के दौरान केन्द्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी पात्र व्यक्ति प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से वंचित नहीं रहेगा। इसी संदर्भ में उन्होंने छत्तीसगढ़ में सामने आई कुछ महत्वपूर्ण व्यावहारिक समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने बताया कि 24 जून को प्रदेशभर में आयोजित ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की सूची प्रस्तुत की गई, जिसके दौरान कुछ समस्याएं भी सामने आईं, जिसमें सर्वेक्षण के समय कुछ पात्र व्यक्ति पलायन अथवा अन्य कारणों से उपलब्ध नहीं हो सके, जिसके कारण उनका सर्वे नहीं हो पाया और उनका नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं हो सका। साथ ही कुछ पात्र परिवारों का सर्वे तो हुआ, लेकिन तकनीकी अथवा अन्य कारणों से उनकी जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो सकी, जिससे ग्राम सभा में उनकी पात्रता प्रदर्शित नहीं हो पाई।<br>
        <br>
 शर्मा ने कहा कि इन दोनों कारणों से प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे पात्र परिवार आवास स्वीकृति से वंचित रह गए हैं, जो वास्तव में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभ के हकदार हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इन समस्याओं के समाधान हेतु भारत सरकार स्तर पर आवश्यक निर्णय एवं पहल की जाए, ताकि माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सभी पात्र परिवारों को आवास के संकल्प को पूर्ण रूप से साकार किया जा सके। अंत में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ के प्रति  शिवराज सिंह चौहान के निरंतर मार्गदर्शन, सहयोग के लिए उनका पुनः आभार व्यक्त किया है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मंत्री भूरिया</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि सरकार बच्चों के सर्वांगीण विकास और उन्हें एक सुरक्षित, सकारात्मक एवं प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों के भीतर छिपी रचनात्मक प्रतिभा को सही मंच देना समाज और सरकार दोनों की साझी जिम्मेदारी … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:01:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>बच्चों, के, सर्वांगीण, विकास, के, लिए, सरकार, प्रतिबद्ध, मंत्री, भूरिया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि सरकार बच्चों के सर्वांगीण विकास और उन्हें एक सुरक्षित, सकारात्मक एवं प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों के भीतर छिपी रचनात्मक प्रतिभा को सही मंच देना समाज और सरकार दोनों की साझी जिम्मेदारी है।</p>
<p>मंत्री भूरिया मंगलवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित 'जवाहर बाल भवन, भोपाल' के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक प्रतियोगिताओं के गरिमामय समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने विभिन्न रचनात्मक विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया।</p>
<p>दशकों से प्रतिभाओं को निखार रहा है जवाहर बाल भवन</p>
<p>समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री भूरिया ने बच्चों की अद्भुत और बहुमुखी प्रतिभा की जमकर सराहना की। जवाहर बाल भवन वर्ष 1987 (स्थापना 3 जुलाई 1987) से ही लगातार 5 से 16 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों की रचनात्मकता और उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं को बाहर लाने का एक सशक्त और विश्वसनीय माध्यम बना हुआ है। इस वर्ष आयोजित 'समर कैम्प 2026' के अंतर्गत बच्चों के कौशल विकास के लिए विशेष और अत्याधुनिक कार्यशालाएं आयोजित की गई थीं, जिससे बच्चों को अपनी कला को नया आयाम देने का मौका मिला।</p>
<p>10 से अधिक विधाओं में बच्चों ने दिखाया हुनर</p>
<p>स्थापना दिवस के उपलक्ष में 3 जुलाई से लगातार संगीत, नृत्य, चित्रकला, नाटक, गृह-विज्ञान, मूर्तिकला, हस्तकला, कम्प्यूटर, खेलकूद और आधुनिक अभिनय कला जैसी 10 से अधिक विभिन्न विधाओं के अंतर्गत साप्ताहिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा था। इन प्रतियोगिताओं में शहर के सैकड़ों बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी कलात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया। समारोह में प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभावान बच्चों को मंच पर सम्मानित किया गया।</p>
<p>महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, विभाग की आयुक्त श्रीमती निधि निवेदिता तथा जवाहर बाल भवन भोपाल की संचालक श्रीमती उषा सोलंकी ने संयुक्त रूप से सभी विजेता बच्चों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम में रविंद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर, अभिजीत सोलंकी भी उपस्थित रहे। मंत्री भूरिया ने सभी पुरस्कार विजेताओं और सहभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मध्यप्रदेश पुलिस ने 2,095गुम एवं चोरी हुए मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में &quot;सेफ क्लिक 2.0&quot; अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। 24 जून 2026 से प्रारंभ इस विशेष अभियान का उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना है। अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में स्कूलों, महाविद्यालयों, बैंकों, … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:01:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मध्यप्रदेश, पुलिस, ने, 2, 095गुम, एवं, चोरी, हुए, मोबाइल, उनके, वास्तविक, स्वामियों, को, लौटाए</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में "सेफ क्लिक 2.0" अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। 24 जून 2026 से प्रारंभ इस विशेष अभियान का उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना है। अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में स्कूलों, महाविद्यालयों, बैंकों, अस्पतालों, शासकीय एवं निजी संस्थानों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आमजन को संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, डिजिटल भुगतान के दौरान सतर्कता बरतने, ओटीपी एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करने तथा साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।</p>
<p>साइबर अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ मध्यप्रदेश पुलिस आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग के माध्यम से गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाने का कार्य भी निरंतर कर रही है। CEIR पोर्टल, तकनीकी विश्लेषण तथा विभिन्न जिलों की साइबर टीमों के समन्वित प्रयासों से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद कर नागरिकों को लौटाए जा रहे हैं, जिससे आमजन का पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।13 जूनसे अब तक प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं जीआरपी इकाइयों द्वारा कुल 2,094 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोनबरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए हैं। इनमें "सेफ क्लिक 2.0" अभियान प्रारंभ होने के बाद अब तक प्रदेश के 12 जिलों एवं 02 जीआरपी में कुल 1461 गुम मोबाइल फोनउनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए गए हैं।</p>
<p>इनमें भिंड ने 325, देवास ने 210,शाजापुर ने 179, नरसिंहपुर ने 175, छतरपुर ने 149,रायसेन ने 149,बड़वानी ने 129, भोपाल जीआरपी ने 124, खंडवा ने 123, खरगोन ने 100, बुरहानपुर ने 100,झाबुआ ने 80,सिंगरौली ने 70, गुना ने 65,भोपाल ग्रामीण ने 53, उज्जैन ने 40,कटनी ने 10,जबलपुर जीआरपी ने 7, इंदौर जीआरपी ने 5, सिवनी ने 1 तथा छतरपुर ने 1 मोबाइलशामिल है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 24 जून 2026 से संचालित "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के अंतर्गत पूरे प्रदेश में नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्कूलों, महाविद्यालयों, बैंकों, अस्पतालों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करने तथा साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।</p>
<p>यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पुलिस की तकनीक आधारित कार्यप्रणाली, साइबर अपराधों के प्रति संवेदनशीलता तथा नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है। एक ओर "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गुम एवं चोरी हुए मोबाइलों की त्वरित बरामदगी कर उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाकर पुलिस आमजन का विश्वास भी लगातार मजबूत कर रही है।</p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तत्काल CEIR पोर्टलअथवा निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी, बैंकिंग जानकारी अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा करने से बचें तथा किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>जबलपुर के बड़ा फुहारा में तीन मंजिला इमारत ढही, क्षेत्र सील</title>
<link>https://atworldnews.in/9221</link>
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<description><![CDATA[  जबलपुर  शहर के पुराने बाजार क्षेत्र बड़ा फुहारा में एक तीन मंजिला जर्जर इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। सोमवार की बरिश के चलते भरभराकर गिरी इमारत से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। चंद सेकंड में इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में धूल का … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:01:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>जबलपुर, के, बड़ा, फुहारा, में, तीन, मंजिला, इमारत, ढही, क्षेत्र, सील</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> जबलपुर</strong></p>
<p> शहर के पुराने बाजार क्षेत्र बड़ा फुहारा में एक तीन मंजिला जर्जर इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। सोमवार की बरिश के चलते भरभराकर गिरी इमारत से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। चंद सेकंड में इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई।</p>
<p>घटना के बाद पूरे इलाके में धूल का घना गुबार छा गया और कुछ देर तक लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। गनीमत रही कि मंगलवार को बाजार बंद रहता है इसलिए सभी दुकानें बंद थी नहीं लिहाजा कोई जनहानि नहीं हुई, वरना बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।</p>
<p><strong>हादसा हुआ अचानक, किसी को संभलने का मौका नहीं मिला</strong></p>
<p>बताया जाता है कि उक्त इमारत में साड़ी की दुकान संचालित होती थी। ये तीन मंजिला इमारत जर्जर हो चुकी थी। आस-पास की जगह अन्य भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे इमारत को सपोर्ट नहीं मिला और सोमवार को तीन मंजिला इमारत ढह गई।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इमारत गिरते ही आसपास की दुकानों और सड़कों पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।</p>
<p><strong>पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से घेर लिया गया</strong></p>
<p>सूचना मिलते ही नगर निगम का राहत दल मौके पर पहुंच गया। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से घेर लिया गया। मलबे के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घटना के कई वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें तीन मंजिला इमारत के ढहने के बाद चारों ओर फैला मलबा, उड़ती धूल और दहशत में भागते लोग साफ दिखाई दे रहे हैं।</p>
<p>हादसे ने शहर में जर्जर और पुराने भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन द्वारा इमारत गिरने के कारणों की जांच की जा रही है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>योगी सरकार 13 प्रमुख नदियों के तट क्षेत्र पर रोपेगी 3.83 करोड़ से अधिक पौधे</title>
<link>https://atworldnews.in/9220</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ  योगी सरकार पौधरोपण महायज्ञ-2026 के तहत उत्तर प्रदेश में 13 प्रमुख नदियों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण करेगी। गंगा, यमुना, गोमती, सरयू, समेत कई प्रमुख नदियों के किनारे पौधरोपण होगा। गंगा के किनारे 4495.72 हेक्टेयर में 79.86 लाख से अधिक पौधरोपण होगा तो यमुना किनारे सर्वाधिक 647 स्थल चिह्नित किए गए हैं, जहां … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:00:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>योगी, सरकार, प्रमुख, नदियों, के, तट, क्षेत्र, पर, रोपेगी, 3.83, करोड़, से, अधिक, पौधे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p> योगी सरकार पौधरोपण महायज्ञ-2026 के तहत उत्तर प्रदेश में 13 प्रमुख नदियों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण करेगी। गंगा, यमुना, गोमती, सरयू, समेत कई प्रमुख नदियों के किनारे पौधरोपण होगा। गंगा के किनारे 4495.72 हेक्टेयर में 79.86 लाख से अधिक पौधरोपण होगा तो यमुना किनारे सर्वाधिक 647 स्थल चिह्नित किए गए हैं, जहां पौधरोपण कराए जाएंगे। नदियों के तट से पांच किमी. की परिधि में कुल 2673 स्थल चिह्नित किए गए हैं, इनके किनारे 22240 हेक्टेयर से अधिक में 3.83 करोड़ से अधिक पौधरोपण होगा। </p>
<p><strong>यमुना नदी के तट क्षेत्र पर होंगे सर्वाधिक पौधरोपण </strong></p>
<p>सीएम योगी के निर्देश पर नदियों के किनारे पौधरोपण होंगे। अविरल धारा पौधरोपण कार्यक्रम के तहत यमुना नदी के तट पर सर्वाधिक पौधे रोपित किए जाएंगे। यमुना के कैचमेंट एरिया में 647 स्थलों पर 6531.77 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 1 करोड़, 8 लाख, 18 हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। वहीं गंगा नदी के किनारे 603 स्थलों पर 4495.72 हेक्टेयर में पौधे लगाए जाएंगे। इसके किनारे 79.86 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। गंगा किनारे के वन प्रभागों प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर, वाराणसी, गाजीपुर, मीरजापुर, भदोही, काशी वन्यजीव व बलिया आदि में यह पौधरोपण प्रस्तावित है। </p>
<p><strong>इन 13 नदियों के समीप होगा अविरल धारा पौधरोपण</strong></p>
<p>क्रम  नदी    स्थल   क्षेत्रफल (हेक्टेयर)   पौधों की संख्या <br>
1  यमुना       647      6531.77         1,08,18,731<br>
2 गंगा         603       4495.72          79,86,512<br>
3 गोमती        297      1521.5          31,37,845<br>
4 सरयू/घाघरा   254      1635.58         27,75,860<br>
5  सई        238      1032.52          23,29,609<br>
6  बेतवा       171       3281.76         52,35,132<br>
7 राप्ती       155          1037.67         16,60,272<br>
8 छोटी गंडक   105       513.00          8,20,800<br>
9  सोन        67        970.63         14,77,158 <br>
10  रामगंगा    51        268.51         4,49,978<br>
11  केन       39       667.9            10,68,381<br>
12  हिंडन     33        131.55          3,16,480<br>
13  चंबल     13         152.00           2,28,200</p>
<p>कुल–     2673        22240.11        3,83,04,958</p>
<p>
पौधरोपण महायज्ञ-2026 के दौरान वन विभाग की तरफ से प्रदेश में 13 नदियों के किनारे अविरल धारा पौधरोपण कराया जाएगा। इसमें मां गंगा, मां यमुना, मां सरयू आदि के नदियों के तट से 5 किमी. की परिधि में पौधरोपण होगा। नदियों के किनारे 3.83 करोड़ से अधिक पौधरोपण को लेकर भी विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री जी के दिशा-निर्देशन में पौधरोपण महायज्ञ उत्सव के साथ मनाया जाएगा। </p>
<p>अदिति शर्मा <br>
मुख्य वन संरक्षक (प्रचार/प्रसार), वन विभाग</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>यूपी में तीन नए एक्सप्रेसवे की तैयारी तेज, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू</title>
<link>https://atworldnews.in/9219</link>
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<description><![CDATA[  लखनऊ  प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव से पहले तीन नई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी में है। इसके तहत प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। संबंधित जिलाधिकारियों को अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि का सत्यापन जल्द पूरा करने के … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:00:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यूपी, में, तीन, नए, एक्सप्रेसवे, की, तैयारी, तेज, भूमि, अधिग्रहण, प्रक्रिया, शुरू</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> <strong>लखनऊ</strong><br>
 प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव से पहले तीन नई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी में है। इसके तहत प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।</p>
<p>संबंधित जिलाधिकारियों को अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि का सत्यापन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा। साथ ही औद्योगिक, व्यापारिक और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p><strong>गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे</strong><br>
प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे लगभग 150 किलोमीटर लंबा होगा। यह मेरठ, अमरोहा, बिजनौर और उत्तराखंड के हरिद्वार जिलों के 185 गांवों से होकर गुजरेगा।</p>
<p>परियोजना के लिए करीब 2000 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा।</p>
<p><strong>विंध्य एक्सप्रेसवे 341 गांवों से होकर गुजरेगा</strong><br>
करीब 330 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे से प्रयागराज, भदोही, मीरजापुर और सोनभद्र जिले जुड़ेंगे। यह लगभग 341 गांवों से होकर गुजरेगा और इसके लिए करीब 4600 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है। प्रयागराज में इसका संपर्क गंगा एक्सप्रेसवे से होगा, जिससे विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।</p>
<p><strong>विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे 135 गांवों से होकर गुजरेगा</strong><br>
वहीं विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लगभग 130 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है। यह गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी तथा मीरजापुर के लगभग 135 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके लिए करीब 2800 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी।</p>
<p>स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया है कि इन तीनों एक्सप्रेसवे से जुड़े जिलों के जिलाधिकारियों को भूमि अधिग्रहण प्लान भेजते हुए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का सत्यापन जल्द करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p><strong>एक्सप्रेसवे का काम जल्द शुरू होगा</strong><br>
भूमि अधिग्रहण के साथ ही इन एक्सप्रेसवे का काम जल्द शुरू कराने का लक्ष्य है। इनके बन जाने पर प्रदेश का बहुत बड़ा हिस्सा एक्सप्रेसवे नेटवर्क से आपस में जुड़ जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में इस समय जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित चार नए लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है। सरकार इन लिंक एक्सप्रेसवे का काम भी जल्द शुरू कराने जा रही है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>यूपी में ऑर्गेनिक खेती से बदलेगी किसानों की तस्वीर, युवाओं के लिए खुलेंगे एग्री&#45;बिजनेस के नए रास्ते</title>
<link>https://atworldnews.in/9218</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ आज का यूथ खेती को पहले जैसी नज़र से नहीं देख रहा है। वह खेत को केवल हल, बीज और फसल तक सीमित नहीं मानता, बल्कि खेती में ब्रांड, पैकेजिंग, ऑनलाइन सेल, फार्म विजिट, प्रोसेसिंग और हेल्दी फूड मार्केट भी देख रहा है। यही सोच यूपी में ऑर्गेनिक खेती को नया मौका दे सकती … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:33:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यूपी, में, ऑर्गेनिक, खेती, से, बदलेगी, किसानों, की, तस्वीर, युवाओं, के, लिए, खुलेंगे, एग्री-बिजनेस, के, नए, रास्ते</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
आज का यूथ खेती को पहले जैसी नज़र से नहीं देख रहा है। वह खेत को केवल हल, बीज और फसल तक सीमित नहीं मानता, बल्कि खेती में ब्रांड, पैकेजिंग, ऑनलाइन सेल, फार्म विजिट, प्रोसेसिंग और हेल्दी फूड मार्केट भी देख रहा है। यही सोच यूपी में ऑर्गेनिक खेती को नया मौका दे सकती है</p>
<p>ऑर्गेनिक खेती का मतलब ऐसी खेती से है, जिसमें मिट्टी, पानी, बीज, खाद और फसल की सेफ्टी पर ज्यादा ध्यान दिया जाए। इसमें केमिकल पर निर्भरता कम करने, जैविक खाद, कंपोस्ट, वर्मी-कंपोस्ट, गोबर, गोमूत्र आधारित इनपुट, फसल चक्र और नेचुरल तरीके अपनाने पर जोर रहता है।</p>
<p>यूपी जैसे बड़े कृषि राज्य में यह बदलाव केवल खेती का तरीका नहीं बदलता, बल्कि यूथ के लिए नया एग्री-बिजनेस मॉडल भी बना सकता है। खेत में फसल उगेगी, गांव में प्रोसेसिंग होगी, ऑनलाइन सेल होगी और शहर के ग्राहक तक हेल्दी प्रोडक्ट पहुंचेगा।</p>
<p><strong>मिट्टी की सेहत, खेती की असली वेल्थ</strong><br>
खेती की सबसे बड़ी पूंजी मिट्टी है। अगर मिट्टी कमजोर हो जाए, तो बीज, पानी और मेहनत का असर भी कम हो जाता है। इसलिए ऑर्गेनिक खेती की बात मिट्टी से शुरू होती है।</p>
<p>नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग का फोकस मिट्टी की सेहत सुधारने, खेती की लागत घटाने और खेती को ज्यादा टिकाऊ बनाने पर है। यह सोच किसानों को बताती है कि खेत को सिर्फ उत्पादन की जगह न मानें, बल्कि एक जीवित सिस्टम की तरह संभालें।</p>
<p><strong>मिट्टी हेल्दी, फसल रेडी, किसान की तैयारी हुई स्टेडी।</strong><br>
लागत कम, भरोसा ज्यादा<br>
कई किसानों की बड़ी चिंता खेती की बढ़ती लागत है। बीज, खाद, दवा, मजदूरी और सिंचाई का खर्च फसल बेचने से पहले ही शुरू हो जाते हैं। ऑर्गेनिक और नेचुरल फार्मिंग का एक बड़ा फायदा यह हो सकता है कि किसान धीरे-धीरे लोकल इनपुट पर भरोसा बढ़ाए।</p>
<p>अगर गांव में ही कंपोस्ट बने, गोबर से खाद बने, जैविक घोल तैयार हो और फसल चक्र अपनाया जाए, तो बाहर से खरीदे जाने वाले इनपुट पर निर्भरता कम हो सकती है। इससे छोटे किसान को राहत मिलती है।</p>
<p>पीकेवीवाई यानी परंपरागत कृषि विकास योजना ऑर्गेनिक फार्मिंग को क्लस्टर मॉडल से बढ़ावा देती है।इसमें उत्पादन, प्रोसेसिंग, सर्टिफिकेशन और मार्केटिंग जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है।</p>
<p><strong>क्लस्टर मॉडल से टीम वर्क</strong><br>
ऑर्गेनिक खेती अकेले किसान के लिए कठिन लग सकती है, लेकिन अगर कई किसान मिलकर काम करें, तो ट्रेनिंग, इनपुट, सर्टिफिकेशन और मार्केटिंग आसान हो सकती हैं। यही क्लस्टर मॉडल की ताकत है।</p>
<p>क्लस्टर में किसान एक जैसे तरीके अपनाते हैं। वे मिलकर सीखते हैं, एक-दूसरे के खेत देखते हैं, कॉमन ट्रेनिंग लेते हैं, एक साथ सर्टिफिकेशन की तैयारी करते हैं और फिर मिलकर मार्केट तक पहुंच बनाते हैं।</p>
<p>यूथ इस मॉडल में मैनेजमेंट संभाल सकते हैं। कोई किसान डेटा रखेगा, कोई खरीदार से बात करेगा, कोई पैकेजिंग देखेगा, कोई सोशल मीडिया संभालेगा और कोई ऑनलाइन ऑर्डर लेगा। इससे खेती में टीम वर्क आता है</p>
<p><strong>क्लस्टर से कनेक्ट, मार्केट पर इफेक्ट, यूथ को मिला एग्री मैनेजमेंट सेट।</strong><br>
गंगा किनारे ग्रीन खेती की राह</p>
<p>यूपी में गंगा किनारे खेती की बड़ी भूमिका है। यहां ऑर्गेनिक और नेचुरल खेती का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह नदी, मिट्टी और गांव की इकॉनमी से भी जुड़ता है।</p>
<p>पीआईबी के अनुसार, गंगा किनारे ऑर्गेनिक फार्मिंग और एग्रो-फॉरेस्ट्री का क्षेत्र बढ़ा है। इसमें यूपी में 42,180 हेक्टेयर क्षेत्र का जिक्र किया गया है। यह दिखाता है कि गंगा बेल्ट में केमिकल कम खेती को नई दिशा दी जा रही है।</p>
<p>ऐसे इलाकों में यूथ किसान ऑर्गेनिक गेहूं, दाल, सब्जी, मोटे अनाज, मसाले, और लोकल फूड प्रोडक्ट्स पर काम कर सकते हैं। इससे खेत भी संभलेगा और बाजार में हेल्दी प्रोडक्ट की डिमांड भी पूरी होगी।</p>
<p><strong>सर्टिफिकेशन से भरोसा, ग्राहक से कनेक्ट</strong><br>
ऑर्गेनिक प्रोडक्ट बेचने में सबसे बड़ा सवाल भरोसे का होता है। ग्राहक जानना चाहता है कि जो सामान वह खरीद रहा है, वह सच में ऑर्गेनिक है या नहीं। इसलिए सर्टिफिकेशन जरूरी बनता है।</p>
<p>पीजीएस इंडिया छोटे किसान समूहों के लिए एक लोकल क्वालिटी एश्योरेंस सिस्टम है। इससे किसान समूह ऑर्गेनिक तरीके से खेती करने और उसका भरोसेमंद रिकॉर्ड रखने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।</p>
<p>यूथ यहां खेत का रिकॉर्ड रख सकते हैं, फोटो, वीडियो, इनपुट डिटेल, फसल डिटेल और बिक्री का डेटा संभाल सकते हैं। यह सब आगे चलकर सर्टिफिकेशन और मार्केटिंग में मदद करता है।</p>
<p><strong>सर्टिफिकेट से ट्रस्ट, ग्राहक को भरोसा फर्स्ट।</strong><br>
फार्म से ब्रांड, यूथ का नया एग्री स्टार्टअप<br>
ऑर्गेनिक खेती तभी ज्यादा कमाई दे सकती है, जब फसल को सही तरह से बेचा जाए। केवल मंडी में सामान्य दाम पर बेचने से किसान को पूरा फायदा नहीं मिल पाता। इसलिए ऑर्गेनिक खेती के साथ ब्रांडिंग और वैल्यू एडिशन जरूरी हैं।</p>
<p>किसान यहां नया मॉडल बना सकते हैं। कोई ऑर्गेनिक आटा बेच सकता है, कोई दाल की पैकिंग कर सकता है, कोई गुड़, सरसों तेल, हल्दी, चना, बाजरा, सब्जी बॉक्स या फार्म फ्रेश किट बना सकता है और कोई सब्सक्रिप्शन मॉडल से शहरों में साप्ताहिक ऑर्गेनिक बॉक्स भेज सकता है।</p>
<p>जैविक खेती पोर्टल जैसे प्लेटफॉर्म किसानों, लोकल ग्रुप्स, खरीदारों और इनपुट सप्लायर्स को जोड़ने की दिशा में काम करते हैं। इससे किसान को अपने प्रोडक्ट को बड़े ग्राहक बेस तक दिखाने का मौका मिलता है।</p>
<p><strong>फार्म से ब्रांड, यूथ का नया एग्री स्टार्टअप</strong><br>
ऑर्गेनिक खेती तभी ज्यादा कमाई दे सकती है, जब फसल को सही तरह से बेचा जाए। केवल मंडी में सामान्य दाम पर बेचने से किसान को पूरा फायदा नहीं मिल पाता। इसलिए ऑर्गेनिक खेती के साथ ब्रांडिंग और वैल्यू एडिशन जरूरी हैं।</p>
<p>किसान यहां नया मॉडल बना सकते हैं। कोई ऑर्गेनिक आटा बेच सकता है, कोई दाल की पैकिंग कर सकता है, कोई गुड़, सरसों तेल, हल्दी, चना, बाजरा, सब्जी बॉक्स या फार्म फ्रेश किट बना सकता है और कोई सब्सक्रिप्शन मॉडल से शहरों में साप्ताहिक ऑर्गेनिक बॉक्स भेज सकता है।</p>
<p>जैविक खेती पोर्टल जैसे प्लेटफॉर्म किसानों, लोकल ग्रुप्स, खरीदारों और इनपुट सप्लायर्स को जोड़ने की दिशा में काम करते हैं। इससे किसान को अपने प्रोडक्ट को बड़े ग्राहक बेस तक दिखाने का मौका मिलता है।</p>
<p>फार्म से ब्रांड, यूथ के हाथ में कमांड।<br>
<strong>महिलाएं और FPO, गांव की नई टीम</strong><br>
ऑर्गेनिक खेती में महिलाओं की भूमिका बहुत मजबूत हो सकती है। गांव में कंपोस्ट बनाना, बीज संभालना, सब्जी उगाना, अचार-मसाला बनाना, पैकिंग करना और लोकल सेल संभालना, ये सारे काम महिलाओं के अनुभव से जुड़े हैं।</p>
<p>अगर महिला समूह और FPO इस मॉडल से जुड़ें, तो गांव में छोटा प्रोसेसिंग और पैकिंग सिस्टम बन सकता है। किसान फसल उगाएगा, महिला समूह उसे साफ करेगा, सुखाएगा, पैक करेगा और ब्रांडिंग में भी मदद करेगा, वहीं यूथ ऑनलाइन सेल और डिलीवरी संभालेंगे।</p>
<p>इस तरह ऑर्गेनिक खेती केवल खेत का काम नहीं रहेगी, बल्कि यह गांव की पूरी टीम का बिजनेस भी बन सकती है।</p>
<p><strong>ऑर्गेनिक खेती से रोजगार की नई राह</strong><br>
ऑर्गेनिक खेती यूथ को खेती से जोड़ने का नया रास्ता इसलिए बन सकती है, क्योंकि इसमें सिर्फ फसल उगाने का काम नहीं है। इसमें कंपोस्ट यूनिट, वर्मी-कंपोस्ट, नर्सरी, बीज बैंक, पैकेजिंग, प्रोसेसिंग, फार्म विजिट, ट्रेनिंग, डिजिटल मार्केटिंग और होम डिलीवरी जैसे कई काम जुड़ते हैं।</p>
<p>आज यूथ नौकरी के साथ-साथ अपना छोटा बिजनेस भी चाहता है। ऑर्गेनिक खेती उसे गांव में रहकर ऐसा मौका दे सकती है। वह परिवार की जमीन को नई सोच से जोड़ सकता है, पुराने खेत को नए ब्रांड में बदल सकता है और ग्राहक को यह बता सकता है कि उसका खाना कहां से आया है और कैसे उगा है।</p>
<p>यही ट्रेसबिलिटी और भरोसा आने वाले समय में एग्री-बिजनेस की बड़ी ताकत बन सकते है।</p>
<p><strong>ग्रीन खेती, नया भरोसा</strong><br>
ऑर्गेनिक खेती यूपी के लिए केवल खेती की नई तकनीक नहीं है, बल्कि यह मिट्टी बचाने, किसान की लागत घटाने, यूथ को गांव से जोड़ने और हेल्दी फूड मार्केट तक पहुंच बनाने की नई सोच है।</p>
<p>जब खेत में जैविक इनपुट बढ़ेंगे, क्लस्टर बनेंगे, सर्टिफिकेशन मिलेगा, पैकेजिंग बेहतर होगी और ऑनलाइन मार्केट से कनेक्ट बनेगा, तो किसान को नई पहचान मिल सकती है। यूथ खेती को फिर से करियर और बिजनेस की नजर से देख सकते हैं।</p>
<p>यूपी की खेती का भविष्य केवल ज्यादा उत्पादन में नहीं, बल्कि बेहतर क्वालिटी, कम लागत, मजबूत मिट्टी और भरोसेमंद मार्केट में भी है। ऑर्गेनिक खेती इसी दिशा में एक नया मॉडल बन सकती है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ज्ञानवापी केस से जुड़े जज रवि कुमार दिवाकर चर्चा में, 3 महीने में 13 दोषियों को सुनाई फांसी की सजा</title>
<link>https://atworldnews.in/9217</link>
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<description><![CDATA[  मुजफ्फरनगर  ज्ञानवापी प्रकरण में अपने फैसले को लेकर देशभर में चर्चा में रहे जज रवि कुमार दिवाकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वजह उनके हालिया आपराधिक मामलों में दिए गए फैसले हैं. बीते 6 अप्रैल से 6 जुलाई 2026 के बीच उन्होंने मुजफ्फरनगर में विभिन्न हत्या के मामलों में 13 दोषियों को … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:33:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ज्ञानवापी, केस, से, जुड़े, जज, रवि, कुमार, दिवाकर, चर्चा, में, महीने, में, दोषियों, को, सुनाई, फांसी, की, सजा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> मुजफ्फरनगर </strong></p>
<p>ज्ञानवापी प्रकरण में अपने फैसले को लेकर देशभर में चर्चा में रहे जज रवि कुमार दिवाकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वजह उनके हालिया आपराधिक मामलों में दिए गए फैसले हैं. बीते 6 अप्रैल से 6 जुलाई 2026 के बीच उन्होंने मुजफ्फरनगर में विभिन्न हत्या के मामलों में 13 दोषियों को मृत्युदंड (फांसी की सजा) सुनाई है. लगातार आए इन फैसलों ने न्यायिक हलकों के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा छेड़ दी है। </p>
<p>लगभग तीन महीने की अवधि में अलग-अलग हत्याकांडों में सुनाए गए इन फैसलों को लेकर अभियोजन पक्ष का कहना है कि इससे पीड़ित परिवारों को न्याय मिला है और गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश गया है. हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि भारतीय न्याय व्यवस्था में मृत्युदंड की सजा अंतिम नहीं होती. ऐसे मामलों में दोषियों को उच्च न्यायालय में अपील का अधिकार होता है और फांसी की सजा पर अमल से पहले उच्च न्यायालय की पुष्टि आवश्यक होती है। </p>
<p><strong> इन मामलों में सुनाई गई मृत्युदंड की सजा</strong></p>
<p>6 अप्रैल 2026: अधिवक्ता समीर सैफी हत्याकांड में अदालत ने सिंगोल अल्वी, सोनू उर्फ रिजवान और शालू उर्फ अरबाज को मृत्युदंड सुनाया.</p>
<p>28 अप्रैल 2026 : शेखर हत्याकांड में मुकेश और उसके तीन बेटों प्रदीप, संदीप और सोनू को फांसी की सजा सुनाई गई.</p>
<p>30 मई 2026: राजेश देवी हत्याकांड में आरोपी रईस को मृत्युदंड दिया गया.</p>
<p>20 जून 2026: राजेंद्र सैनी हत्याकांड में रामकरण उर्फ सावन गिरी और गीलू को फांसी की सजा सुनाई गई.</p>
<p>2 जुलाई 2026: होमगार्ड रतिराम हत्याकांड में आरोपी दीपक को मृत्युदंड दिया गया. </p>
<p>6 जुलाई 2026: राजबीर सिंह हत्याकांड में पूर्व प्रधान प्रमोद कुमार और सहदेव उर्फ पप्पू को फांसी की सजा सुनाई गई.</p>
<p><strong>अभियोजन पक्ष ने क्या कहा</strong><br>
मुजफ्फरनगर के जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) राजीव शर्मा का कहना है कि अदालत के इन फैसलों से पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने का भरोसा मजबूत हुआ है. उनके अनुसार, कठोर सजा से गंभीर अपराधों के प्रति समाज में स्पष्ट संदेश जाता है और कानून का भय भी बना रहता है। </p>
<p><strong>क्यों चर्चा में हैं ये फैसले?</strong><br>
एक ही न्यायाधीश द्वारा कम समय में कई चर्चित हत्या मामलों में मृत्युदंड सुनाए जाने के कारण ये फैसले व्यापक चर्चा का विषय बने हुए हैं. कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि हर मामले में अदालत उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों और कानून के आधार पर स्वतंत्र रूप से फैसला सुनाती है. वहीं, अंतिम कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक दोषियों को अपील सहित सभी संवैधानिक अधिकार प्राप्त रहते हैं. फिलहाल, न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर के ये फैसले मुजफ्फरनगर की न्यायिक कार्यवाही में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखे जा रहे हैं और इन पर कानूनी तथा सामाजिक स्तर पर लगातार चर्चा जारी है। </p>
<p><strong>16 साल बाद मिला इंसाफ </strong><br>
16 साल बाद एक किसान की हत्या के मामले में पूर्व प्रधान सहित दो अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाते हुए एक- एक लाख रुपये का भी जुर्माना लगाया है. दरसअल तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव में प्रधानी चुनाव की रंजिश के चलते 16 साल पूर्व 24 अगस्त 2010 को किसान राजबीर सिंह की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वह अपने खेत पर काम कर रहे थे. इस मामले में मृतक किसान राजबीर सिंह के बेटे प्रदीप ने उस समय तितावी थाने में अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया था. जिसके चलते विवेचना के दौरान इस हत्या में गांव के ही सहदेव, प्रमोद, अमित और विपिन शर्मा के नाम प्रकाश में आए थे. लेकिन इस मामले में जहाँ ट्रायल के दौरान अमित और विपिन शर्मा नाम के दो अभियुक्त की पुलिस मुठभेड़ के दौरान मौत हो चुकी है तो वही आज जनपद की फास्ट ट्रैक ने इस मामले में 16 साल बाद फैसला सुनाते हुए अभियुक्त सहदेव और प्रमोद को मृत्युदंड की सजा सुनाई है साथ ही न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों पर एक एक लाख रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया है. जिसके बाद दोनों अभियुक्तों को पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय द्वारा जेल भेज दिया गया है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों एवं नवाचारों से राजस्व प्रशासन में आया सकारात्मक बदलाव : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने विभाग द्वारा किए जा रहे प्रशासनिक सुधारों, तकनीक आधारित नवाचारों तथा नागरिकों एवं किसानों को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन के … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:31:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>राज्य, सरकार, के, नीतिगत, सुधारों, एवं, नवाचारों, से, राजस्व, प्रशासन, में, आया, सकारात्मक, बदलाव, मुख्यमंत्री, विष्णुदेव, साय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p> मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने विभाग द्वारा किए जा रहे प्रशासनिक सुधारों, तकनीक आधारित नवाचारों तथा नागरिकों एवं किसानों को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह एवं भ्रष्टाचारमुक्त बनाना है। राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा नागरिकों को बिना अनावश्यक कार्यालयीन आवागमन के गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।</p>
<p>बैठक में डिजिटल किसान किताब एवं भूमि संबंधी दस्तावेजों के डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों को बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका तथा भूमि संबंधी अन्य जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से सहज रूप से उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि उन्हें तहसील अथवा पटवारी कार्यालय जाने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आमजन एवं किसानों के जीवन से जुड़ा विभाग है, इसलिए शासन के सभी सुधारों एवं नवाचारों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचना चाहिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने आरबीसी 6-4 के प्रकरणों का त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरबीसी 6-4 की ऑनलाइन व्यवस्था एक महत्वपूर्ण सुधार है, जिसके लागू होने पर आवेदक स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे तथा संपूर्ण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध होगी। उन्होंने अविवादित फौती नामांतरण की प्रक्रिया पंचायतों के माध्यम से संपादित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर विशेष बल देते हुए सीमांकन प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निपटारा सुनिश्चित करने तथा समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों की जिला-वार नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।</p>
<p>बैठक में VASUNDHARA (Verified Accessible System for Unified Digital Land Records & Historical Archives) परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने नकल शाखा को पूर्णतः ऑनलाइन करने के लिए इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत राज्य के सभी जिला एवं तहसील कार्यालयों के महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों का एकीकृत डिजिटल अभिलेखागार विकसित किया जाएगा। इससे प्रमाणित अभिलेखों का निर्गमन कुछ ही मिनटों में संभव होगा तथा अभिलेखों में छेड़छाड़ की संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने असर्वेक्षित ग्रामों, विशेषकर अबूझमाड़ क्षेत्र में सर्वेक्षण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि राजस्व अभिलेख तैयार हो सकें, भूमि अभिलेख अद्यतन हों तथा स्थानीय नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।</p>
<p>बैठक में स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टों की प्रविष्टि एवं नामांतरण, पट्टाधृति अधिनियम-2023 के प्रभावी क्रियान्वयन, एग्री स्टैक, फार्मर रजिस्ट्री एवं एक्सेम्प्टेड कैटेगरी फार्मर रजिस्ट्री की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन के डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं गिरदावरी की सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण नहीं, बल्कि नागरिकों को तेज, पारदर्शी, जवाबदेह एवं विश्वासपूर्ण राजस्व व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों एवं नवाचारों से राजस्व प्रशासन में सकारात्मक परिवर्तन आया है और इसे और अधिक प्रभावी बनाना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।</p>
<p>बैठक में साइबर तहसील व्यवस्था लागू करने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस व्यवस्था के माध्यम से अविवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा सहित विभिन्न राजस्व सेवाएं केंद्रीकृत एवं पूर्णतः ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा सकेंगी। मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों के अनुभवों का अध्ययन कर नागरिक हित में आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने के निर्देश दिए।</p>
<p>बैठक में ई-कोर्ट प्रणाली, रेवेन्यू बोर्ड एवं संभागीय आयुक्त कार्यालयों में ऑनलाइन साक्ष्य प्रस्तुत करने की व्यवस्था, नक्शा डिजिटाइजेशन, ऑटो म्यूटेशन, ऑटो डायवर्सन तथा भू-अर्जन से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि धमतरी, अंबिकापुर एवं जगदलपुर में नक्शा परियोजना का पायलट कार्य प्रारंभ किया गया है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में पटवारी, राजस्व निरीक्षक, लिपिक एवं अन्य रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, तहसीलों के अधोसंरचना विकास तथा तहसीलदारों के लिए आवश्यक वाहन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।</p>
<p>बैठक में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव  प्रभात मलिक, राजस्व विभाग की सचिव मती शम्मी आबिदी, विशेष सचिव मती इफ़्फत आरा, संचालक भू-अभिलेख  विनीत नंदनवार, संयुक्त सचिव  अरविन्द एक्का सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>पद्म  विभूषण स्व. तीजन बाई को 8 जुलाई को मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ के लोक कलाकार देंगे श्रद्धांजलि</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  पंडवानी की अप्रतिम साधिका, पद्मविभूषण एवं डी.लिट. से सम्मानित डॉ. मती तीजन बाई को 8 जुलाई को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। संस्कृति विभाग द्वारा स्व. तीजन बाई को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पण का यह कार्यक्रम दोपहर 2 बजे महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, स्थित मुक्ताकाशी मंच में आयोजित होगा।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय, संस्कृति … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:31:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>पद्म, विभूषण, स्व., तीजन, बाई, को, जुलाई, को, मुक्ताकाशी, मंच, से, छत्तीसगढ़, के, लोक, कलाकार, देंगे, श्रद्धांजलि</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p> पंडवानी की अप्रतिम साधिका, पद्मविभूषण एवं डी.लिट. से सम्मानित डॉ. मती तीजन बाई को 8 जुलाई को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। संस्कृति विभाग द्वारा स्व. तीजन बाई को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पण का यह कार्यक्रम दोपहर 2 बजे महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, स्थित मुक्ताकाशी मंच में आयोजित होगा। <br>
इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय, संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल सहित मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधियों के साथ छत्तीसगढ़ के पद्म एवं राज्य अलंकरण से सम्मानित कलाकार, साहित्यकार, संस्कृति कर्मी तथा बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित रहेंगे।</p>
<p>कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित लोक कलाकार अपनी-अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उस महान विभूति को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे, जिन्होंने पंडवानी जैसी लोकवाचिक परंपरा को गांव के चौपाल से उठाकर विश्व के प्रतिष्ठित   सांस्कृतिक मंचों तक पहुंचाया। गीत, संगीत, पंडवानी, लोकगायन और अन्य लोककलाओं की प्रस्तुतियों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण किया जाएगा। यह आयोजन केवल एक श्रद्धांजलि समारोह नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की  सांस्कृतिक चेतना के उस स्वर्णिम अध्याय को नमन है, जिसे डॉ. मती तीजन बाई ने अपने संपूर्ण जीवन की साधना से रचा।</p>
<p>पद्मविभूषण मती तीजन बाई का निधन 5 जुलाई 2026 को हुआ। उनके निधन से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश और विश्व के कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके साथ भारतीय लोककला का एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय समाप्त हुआ, जिसने पंडवानी को नई प्रतिष्ठा, नई पहचान और वैश्विक सम्मान दिलाया।<br>
24 अप्रैल 1956 को दुर्ग जिले के गनियारी गांव में जन्मी पद्मविभूषण मती तीजन बाई का बचपन अत्यंत साधारण परिस्थितियों में बीता। महज 13 वर्ष की आयु में उन्होंने अपना पहला सार्वजनिक मंच प्रदर्शन किया और उसी समय यह संकल्प लिया कि वे पंडवानी को ही अपने जीवन का लक्ष्य बनाएंगी। उस दौर में महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेदमती शैली में बैठकर पंडवानी प्रस्तुत करने की परंपरा थी, लेकिन उन्होंने साहस के साथ कपालिक शैली में खड़े होकर पंडवानी प्रस्तुत की। अपनी दमदार आवाज, सशक्त अभिनय और प्रभावशाली भावाभिव्यक्तियों से उन्होंने पंडवानी को नई पहचान दिलाई और इसे जन-जन तक पहुंचाया।</p>
<p>प्रख्यात रंगकर्मी हबीब तनवीर ने उनकी असाधारण प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद डॉ. तीजन बाई ने 17 से अधिक देशों में पंडवानी की प्रस्तुति देकर न केवल इस लोककला को वैश्विक पहचान दिलाई। वे विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान बन गईं।<br>
पांच दशक से अधिक समय तक उन्होंने महाभारत की कथाओं को अपनी अनूठी शैली में जीवंत किया। उनके मंचन में गायन, अभिनय, संवाद, भावाभिव्यक्ति और लोकभाषा का अद्भुत समन्वय था। उन्होंने सिद्ध किया कि लोककला किसी क्षेत्र विशेष की धरोहर नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता की सांस्कृतिक विरासत है।<br>
उनकी अनुपम कला साधना के लिए उन्हें पद्म (1988), संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1995), पद्मभूषण (2003), जापान का प्रतिष्ठित फुकुओका पुरस्कार (2018), पद्मविभूषण (2019) तथा डी.लिट. (मानद उपाधि) सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले। इन सम्मानों ने उनके गौरवशाली सांस्कृतिक योगदान को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मान्यता प्रदान की।</p>
<p>संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह सांगीतिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम वास्तव में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण है। लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उनकी कला साधना, संघर्ष और पंडवानी की गौरवशाली परंपरा को साकार करेंगे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>साइबर सिक्योर 2026 अभियान के तहत एमपी ट्रांसको में हुआ साइबर जागरूकता कार्यक्रम</title>
<link>https://atworldnews.in/9214</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के शक्ति भवन मुख्यालय में &quot;साइबर सिक्योर 2026&quot; अभियान के अंतर्गत साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश साइबर पुलिस के विशेषज्ञों ने पावर सेक्टर में बढ़ते साइबर खतरों, साइबर अपराधों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उप पुलिस अधीक्षक राज्य साइबर पुलिस … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:31:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>साइबर, सिक्योर, 2026, अभियान, के, तहत, एमपी, ट्रांसको, में, हुआ, साइबर, जागरूकता, कार्यक्रम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के शक्ति भवन मुख्यालय में "साइबर सिक्योर 2026" अभियान के अंतर्गत साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश साइबर पुलिस के विशेषज्ञों ने पावर सेक्टर में बढ़ते साइबर खतरों, साइबर अपराधों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी।</p>
<p>उप पुलिस अधीक्षक राज्य साइबर पुलिस श्रीमती उमाकांती आर्मो के नेतृत्व में विशेषज्ञों ने एम पी ट्रांसको के कार्मिकों को सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार, मोबाइल एप्स के सुरक्षित उपयोग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड तथा साइबर ठगी के नए तरीकों से बचाव के बारे में प्रशिक्षित किया। साथ ही संदिग्ध कॉल, फर्जी लिंक, ई-मेल और डिजिटल लेनदेन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी प्रकाश डाला गया।</p>
<p>पावर सेक्टर में साइबर खतरों से किया सचेत</p>
<p>साइबर विशेषज्ञ श्री मोहित पांडे ने पावर सेक्टर पर बढ़ते साइबर खतरों की चर्चा करते हुए साइबर सुरक्षा को ऊर्जा अवसंरचना की सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। साइबर फ्रॉड की स्थिति में त्वरित रिपोर्टिंग और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। वहीं साइबर विशेषज्ञ श्री राज शर्मा ने एआई युग में साइबर सुरक्षा की चुनौतियों, फर्जी ई-मेल से बचाव, प्रमाणित वेबसाइटों के उपयोग और संचार साथी ऐप की उपयोगिता पर जानकारी साझा की। इस अवसर पर लगभग 150 कार्मिकों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर एवं सेमी कंडक्टर क्षेत्र में निवेश पर होगा मंथन</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीकी विकास के लिये निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 13 जुलाई 2026 को भोपाल में एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 : जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमी कंडक्टर एडिशन का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उच्च-विकास वाले प्रौद्योगिकी … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ग्लोबल, कैपेबिलिटी, सेंटर, डेटा, सेंटर, एवं, सेमी, कंडक्टर, क्षेत्र, में, निवेश, पर, होगा, मंथन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीकी विकास के लिये निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 13 जुलाई 2026 को भोपाल में एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 : जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमी कंडक्टर एडिशन का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उच्च-विकास वाले प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में निवेश को गति देना और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), डेटा सेंटर एवं सेमी कंडक्टर क्षेत्र में प्रदेश को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में स्थापित करना है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार के प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक विकास के विजन को साझा करेंगे और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर निवेश, परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं भावी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।</p>
<p>एमपी टेक ग्रोथ संबंधी पहली 2 कॉन्क्लेव ने प्रदेश में प्रौद्योगिकी निवेश को नई गति प्रदान की है। कॉन्क्लेव 1.0 में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 75 हजार रोजगार के अवसर सृजित हुए। कॉन्क्लेव 2.0 में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 48 हजार रोजगार के अवसर सृजित हुए। कॉन्क्लेव 3.0 का उद्देश्य इस निवेश यात्रा को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाते हुए रणनीतिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में उद्योगों की भागीदारी को और सुदृढ़ बनाना है।</p>
<p>उद्योग-अनुकूल नीतियों, विश्वस्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, कुशल मानव संसाधन और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण के कारण मध्यप्रदेश देश के उभरते प्रौद्योगिकी निवेश केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है। कॉन्क्लेव में देश-विदेश की अग्रणी कंपनियों, उद्योग संगठनों, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के संचालकों, डेटा सेंटर डेवलपर्स, सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों, निवेशकों और नीति विशेषज्ञों की सहभागिता रहेगी। सीटीआरएलएस डेटासेंटर्स, केन्स टेक्नोलॉजीस, फुजियामा पॉवर और न्योबोल्ट लिमिटेड सहित अनेक अग्रणी कंपनियों एवं इको सिस्टम साझेदारों के प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल होंगे।</p>
<p>कॉन्क्लेव स्टार्ट-अप, नवाचार आधारित उद्यमों, इनक्यूबेटर्स और इको सिस्टम से जुड़े विभिन्न संगठनों को भी सहभागिता का मंच प्रदान करेगी। आईआईएसईआर और आईआईएम इंदौर सहित प्रमुख शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थान नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ बनाने संबंधी अपने विचार साझा करेंगे।कार्यक्रम के दौरान विभिन्न घोषणाएं, लोकार्पण और रणनीतिक साझेदारियों एवं समझौतों का आदान-प्रदान किया जाएगा, जिससे प्रदेश के प्रौद्योगिकी इको सिस्टम को और अधिक मजबूती मिलेगी।</p>
<p>एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश में प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक विकास को नई गति देने के साथ ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर एवं सेमी कंडक्टर क्षेत्र में निवेश के नए अवसर सृजित करेगी। यह आयोजन प्रदेश को देश के अग्रणी प्रौद्योगिकी निवेश गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>नवनियुक्त इंजीनियरों को आधुनिक तकनीकों और पॉवर प्लांट निर्माण का मिला प्रशिक्षण</title>
<link>https://atworldnews.in/9212</link>
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<description><![CDATA[ नवनियुक्त इंजीनियरों को आधुनिक तकनीकों और पॉवर प्लांट निर्माण का मिला प्रशिक्षण भोपाल  मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के नवनियुक्त 10 कनिष्ठ अभियंताओं (सिविल) का छह सप्ताह का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान, नागपुर में आयोजित किया गया। अभियंताओं को ताप एवं जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण, संधारण तथा आधुनिक सिविल इंजीनियरिंग तकनीकों … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>नवनियुक्त, इंजीनियरों, को, आधुनिक, तकनीकों, और, पॉवर, प्लांट, निर्माण, का, मिला, प्रशिक्षण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नवनियुक्त इंजीनियरों को आधुनिक तकनीकों और पॉवर प्लांट निर्माण का मिला प्रशिक्षण</strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के नवनियुक्त 10 कनिष्ठ अभियंताओं (सिविल) का छह सप्ताह का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान, नागपुर में आयोजित किया गया। अभियंताओं को ताप एवं जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण, संधारण तथा आधुनिक सिविल इंजीनियरिंग तकनीकों का गहन सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।</p>
<p>छह सप्ताह तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नवनियुक्त अभियंताओं को विद्युत उत्पादन परियोजनाओं की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराते हुए उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना था। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सिविल इंजीनियरिंग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों जैसे कंक्रीट टेक्नोलॉजी, मटेरियल टेस्टिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, कार्य मापन, निर्माण पर्यवेक्षण तथा नवीनतम इंजीनियरिंग तकनीकों के अनुप्रयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का प्रमुख आकर्षण महाराष्ट्र के चंद्रपुर और कोराडी स्थित 2×600 मेगावाट सुपर क्रिटिकल ताप विद्युत इकाइयों का औद्योगिक भ्रमण रहा। इस दौरान प्रशिक्षु अभियंताओं ने निर्माणाधीन विद्युत परियोजनाओं में फाउंडेशन, संरचनात्मक निर्माण एवं परियोजना निष्पादन की प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>UP Startup Policy 2026: योगी सरकार ने मंजूर किया 1000 करोड़ का स्टार्टअप फंड</title>
<link>https://atworldnews.in/9211</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ  उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा नवाचार और स्टार्टअप हब बनाने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन को स्वीकृति दे दी गई। नई नीति के तहत 1000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड, 400 करोड़ … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:30:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Startup, Policy, 2026:, योगी, सरकार, ने, मंजूर, किया, 1000, करोड़, का, स्टार्टअप, फंड</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
 उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा नवाचार और स्टार्टअप हब बनाने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन को स्वीकृति दे दी गई।</p>
<p>नई नीति के तहत 1000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड, 400 करोड़ रुपये का एकेटीयू कार्पस फंड और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन स्थापित किया जाएगा।</p>
<p>इससे प्रदेश में नवाचार आधारित उद्योगों को गति मिलेगी, 50 हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बनेंगे और ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी। कैबिनेट में 28 प्रस्तावों में से 27 को स्वीकृति मिली, जबकि मदरसा शिक्षकों की ग्रेच्युटी से संबंधित प्रस्ताव वापस ले लिया गया</p>
<p>कैबिनेट के बाद आइटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 17 हजार से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। नई नीति में स्टार्टअप्स को आइडिया से लेकर विस्तार तक हर चरण में वित्तीय और संस्थागत सहायता मिलेगी।</p>
<p>भरण पोषण भत्ता (सस्टेनेंस अलाउंस) 17,500 रुपये प्रतिमाह (एक वर्ष) से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रतिमाह (दो वर्ष) कर दिया गया है। प्रोटोटाइप अनुदान पांच लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये, जबकि सीड फंडिंग 7.5 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है।</p>
<p>विशेष परिस्थितियों में यह सहायता 50 लाख रुपये तक दी जा सकेगी। स्टार्टअप्स के लिए पांच करोड़ रुपये तक की मैचिंग ग्रांट, दो करोड़ रुपये तक के टर्म लोन पर चार प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, ईपीएफ एवं ईएसआइ अंशदान की प्रतिपूर्ति, क्लाउड सेवाओं पर दो लाख रुपये तक सहायता व पेटेंट और गुणवत्ता प्रमाणन के लिए दो करोड़ रुपये तक की प्रतिपूर्ति का प्रविधान किया गया है।</p>
<p>इसके साथ ही फंड आफ फंड्स, बैंक फंडिंग और निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। नई नीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलाजी, हेल्थटेक, एग्रीटेक सहित अन्य उभरती तकनीकों पर आधारित डीप-टेक स्टार्टअप्स को विशेष पैकेज मिलेगा।</p>
<p>ऐसे स्टार्टअप्स को 20 लाख रुपये तक प्रोटोटाइप सहायता, 30 लाख रुपये तक सीड फंडिंग, 100 करोड़ रुपये तक पेशेंस कैपिटल व अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) गतिविधियों के लिए 40 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। 20 नए सेंटर आफ एक्सीलेंस (सीओई) स्थापित किए जाएंगे। इनकी सहायता राशि 10 करोड़ से बढ़ाकर 12 करोड़ रुपये कर दी गई है।</p>
<p>साथ ही राज्य स्तरीय डीप-टेक यू-हब स्थापित होगा, जो स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेशन, उद्योग सहयोग, निवेश, मेंटरशिप और अत्याधुनिक प्रयोगशाला सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।</p>
<p>इन्क्यूबेटर्स के लिए पूंजीगत अनुदान एक करोड़ से बढ़ाकर 1.25 करोड़ रुपये व पूर्वांचल और बुंदेलखंड के इन्क्यूबेटर्स के लिए 1.50 करोड़ रुपये किया गया है। परिचालन अनुदान 30 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है।</p>
<p>उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन्क्यूबेटर्स और उनके माध्यम से निवेश जुटाने वाले स्टार्टअप्स को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलेगा। प्रदेश में एंजेल निवेशकों, वेंचर कैपिटल फंड, हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (एचएनआई) और हाई नेटवर्थ फैमिली (एचएनएफ) को जोड़कर राज्य स्तरीय निवेशक नेटवर्क बनाया जाएगा। इसके माध्यम से लगभग 100 करोड़ रुपये की निजी पूंजी स्टार्टअप्स तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>एकेटीयू इनोवेशन हब को सुदृढ़ करने, ओडीओपी को स्टार्टअप्स से जोड़ने तथा एनआरआई कनेक्ट के जरिये निवेश और वैश्विक नेटवर्किंग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। स्टार्टअप वीक, स्टार्टअप सिंपोजियम, ग्रैंड चैलेंज, बिजनेस प्लान प्रतियोगिताएं, स्टार्टअप मेले, हैकाथान और नवाचार जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि स्टार्टअप संस्कृति गांवों और छोटे शहरों तक पहुंच सके।</p>
<p>नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार स्तरीय व्यवस्था बनाई गई है। स्टीयरिंग कमेटी नीति को दिशा देगी, सशक्त समिति वित्तीय एवं नीतिगत निर्णय लेगी, पालिसी इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (पीआईयू) अनुदान वितरण और निगरानी करेगी व स्टार्टअप रिव्यू कमेटी आफ एक्सपर्ट्स (एसआरसीई) तकनीकी मूल्यांकन करेगी।</p>
<p>इसके अलावा सलाहकार समिति और स्टार्टअप मिशन निदेशालय का गठन भी होगा। अधिसूचना जारी होने के बाद नीति लागू कर दी जाएगी।</p>
<p><strong>स्टार्टअप मिशन होगा नोडल एजेंसी</strong><br>
उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन को सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत स्वायत्त संस्था के रूप में स्थापित किया जाएगा।</p>
<p>आइटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करने वाला यह मिशन स्टार्टअप नीति के क्रियान्वयन, स्टार्टअप्स, इन्क्यूबेटर्स और सेंटर आफ एक्सीलेंस के समन्वय, अनुदान वितरण, स्टार्टइनयूपी पोर्टल, एमआईएस व डिजिटल प्लेटफार्म के संचालन, निवेश आकर्षित करने, उद्योग और शिक्षण संस्थानों से साझेदारी, शिकायत निवारण तथा नवाचार और बौद्धिक संपदा संरक्षण का कार्य करेगा।</p>
<p>मिशन के प्रशासनिक ढांचे में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाला गवर्निंग बोर्ड, कार्यकारी समिति, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), महाप्रबंधक, प्रशासनिक टीम और परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) शामिल होंगे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर योगी का सपा&#45;कांग्रेस पर तीखा हमला</title>
<link>https://atworldnews.in/9210</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने अयोध्‍या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सवाल उठाने पर सपा और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। प्रतापगढ़ में राम मंदिर को लेकर सपा और कांग्रेस पर सीएम योगी खूब बरसे। योगी ने कहा कि कांग्रेस और सपा ने एक घटना को बढ़ाकर हिंदुओं को अपमानित कर आस्था के साथ … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:03:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>राम, मंदिर, चढ़ावा, विवाद, पर, योगी, का, सपा-कांग्रेस, पर, तीखा, हमला</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने अयोध्‍या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सवाल उठाने पर सपा और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। प्रतापगढ़ में राम मंदिर को लेकर सपा और कांग्रेस पर सीएम योगी खूब बरसे। योगी ने कहा कि कांग्रेस और सपा ने एक घटना को बढ़ाकर हिंदुओं को अपमानित कर आस्था के साथ खिलवाड़ किया। योगी ने कहा कि वक्फ के नाम पर देश-प्रदेश में हजारों हेक्टेयर जमीन बेची गई, एक भी बार सपा-कांग्रेस नहीं बोली। अयोध्या में एसआईटी ने जांच की, प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट ने कार्रवाई की। लेकिन वक्फ के नाम पर सपा-कांग्रेस के लोगों के मुंह पर फेविकोल क्यों लग जाता है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ जिले के सदर और विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्रों में 384 करोड़ की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में सपा और कांग्रेस की तीखी आलोचना करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि अयोध्या के मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है, मगर वक्फ के मुद्दे पर सपा और कांग्रेस के लोगों के मुंह पर 'फेविकोल' क्यों लग जाता है।</p>
<p>आदित्यनाथ ने कहा कि राम के अस्तित्व को नकारने वाले, अयोध्या में राम भक्तों पर गोली चलाने वाले और हिंदू विरासत से जुड़े धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार से संबंधित रकम को कब्रिस्तान की चहारदीवारी पर खर्च करने वाले लोग अयोध्या के प्रति कब से आस्थावान हो गए? उन्होंने कहा कि इन दोनों दलों के लोगों को राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि अब तो इन सपाइयों से और कांग्रेसियों से गिरगिट भी शरमा रहा होगा कि भाई देखो कम से कम एक नई प्रजाति आ गई है जो हमसे ज्यादा तेजी से रंग बदलती है।</p>
<p><strong>हर जागरूक नागरिक को सपा और कांग्रेस से यह प्रश्न करने चाहिए</strong><br>
उन्होंने कहा कि जब सपा और कांग्रेस के लोग अयोध्या में राम भक्तों पर गोलियां और लाठी चलवाते थे, भगवान राम और कृष्ण को काल्पनिक कहते थे, कांवड़ यात्रा को प्रतिबंधित करते थे, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन पर रोक लगाते थे, दुर्गा पूर्जा पंडालों पर रोक लगाते थे और अवैध बूचड़खानों में गौमाता की हत्या करवाते थे, क्या तब हिंदुओं की आस्था आहत नहीं होती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जागरूक नागरिक को सपा और कांग्रेस से यह प्रश्न करने चाहिये।</p>
<p><strong>राम का दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर खड़ा है, यही समाजवादी पार्टी की पीड़ा</strong><br>
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जहां पर वे बाबरी का 'गुलामी का ढांचा' (स्पष्ट रूप से मुगल शासन के संदर्भ में)देखना चाहते थे, आज आप सबके पुरुषार्थ से वहां भगवान राम का दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर खड़ा है, यही समाजवादी पार्टी की पीड़ा है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>माननीय मुख्यमंत्री महोदय की गरिमामयी उपस्थिति में मनाया जाएगा “दीदी के गोठ” का वार्षिकोत्सव</title>
<link>https://atworldnews.in/9209</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन – बिहान अंतर्गत संचालित “दीदी के गोठ” कार्यक्रम ने अपनी एक वर्ष की सफल, प्रेरणादायक एवं जनभागीदारी से परिपूर्ण यात्रा पूर्ण कर ली है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में “दीदी के गोठ वार्षिकोत्सव–2026” सह संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन का भव्य आयोजन … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:01:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>माननीय, मुख्यमंत्री, महोदय, की, गरिमामयी, उपस्थिति, में, मनाया, जाएगा, “दीदी, के, गोठ”, का, वार्षिकोत्सव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन – बिहान अंतर्गत संचालित “दीदी के गोठ” कार्यक्रम ने अपनी एक वर्ष की सफल, प्रेरणादायक एवं जनभागीदारी से परिपूर्ण यात्रा पूर्ण कर ली है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में “दीदी के गोठ वार्षिकोत्सव–2026” सह संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन का भव्य आयोजन 09 जुलाई 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में किया जा रहा है।</p>
<p>कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की प्रेरक कहानियों, उनके संघर्ष, नेतृत्व क्षमता एवं आजीविका में प्राप्त उपलब्धियों को मंच प्रदान करते हुए उन्हें सम्मा…h</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>आधुनिक तकनीक से वन संरक्षण को नई दिशा</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर      ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम एक उन्नत तकनीक है जो जंगलों में आग लगने की घटनाओं का तुरंत पता लगाकर संबंधित अधिकारियों को सूचित करती है। भारत में, भारतीय वन सर्वेक्षण और विभिन्न राज्य वन विभाग फोरेस्ट फायर अलर्ट एंड मानिटरिंग सिस्टम सैटेलाइट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों का उपयोग कर रहे … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:01:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>आधुनिक, तकनीक, से, वन, संरक्षण, को, नई, दिशा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>    <br>
ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम एक उन्नत तकनीक है जो जंगलों में आग लगने की घटनाओं का तुरंत पता लगाकर संबंधित अधिकारियों को सूचित करती है। भारत में, भारतीय वन सर्वेक्षण और विभिन्न राज्य वन विभाग फोरेस्ट फायर अलर्ट एंड मानिटरिंग सिस्टम सैटेलाइट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। जंगल की आग को ध्यान में रखते हुए श्फोरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम संस्करण 2.0श् लाया गया है और पूरी प्रक्रिया को स्वचालित बना दिया गया है।<br>
        <br>
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग कर रही है। इसी दिशा में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा विकसित ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम जंगलों में लगने वाली आग की घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण सुनिश्चित कर रहा है।<br>
      <br>
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में विकसित यह तकनीक वन विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक तेज, प्रभावी और पारदर्शी बना रही है। इससे वन संपदा, वन्यजीवों और जैव विविधता की सुरक्षा को नई मजबूती मिली है।</p>
<p><strong>अब कुछ ही मिनटों में मिलती है आग लगने की सूचना</strong><br>
        <br>
पहले वनाग्नि की जानकारी प्राप्त करने और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में एक से दो घंटे का समय लग जाता था। इस दौरान आग कई बार बड़े क्षेत्र में फैल जाती थी। अब नई स्वचालित प्रणाली के माध्यम से यह पूरी प्रक्रिया केवल 5 से 10 मिनट में पूरी हो जाती है। इससे समय रहते आग पर नियंत्रण संभव हो रहा है।</p>
<p><strong>उपग्रह तकनीक से होती है सटीक निगरानी</strong><br>
     <br>
यह प्रणाली अत्याधुनिक उपग्रह तकनीक पर आधारित है। उपग्रह जंगलों में तापमान में होने वाले असामान्य बदलाव की पहचान करता है। वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद आग की पुष्टि होने पर संबंधित वन मंडल, रेंज और बीट स्तर के अधिकारियों को तत्काल एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से अलर्ट भेज दिया जाता है।</p>
<p><strong>रियल टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ी कार्यक्षमता<br>
     </strong><br>
वन विभाग ने इस प्रणाली को जीआईएस आधारित रियल टाइम डैशबोर्ड से जोड़ा है। इसके माध्यम से अधिकारी वनाग्नि की घटनाओं पर लगातार निगरानी रखते हैं। सूचना मिलते ही फील्ड स्टाफ मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कार्रवाई करता है और उसकी ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करता है। इससे भविष्य की रणनीति बनाने और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने में भी सहायता मिलती है।</p>
<p><strong>जनजागरूकता और पूर्व तैयारी पर विशेष जोर<br>
     </strong><br>
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग केवल तकनीक पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए जनभागीदारी को भी बढ़ावा दे रहा है। हर वर्ष वनाग्नि सीजन से पहले फायर लाइन निर्माण, जनजागरूकता अभियान, प्रशिक्षण तथा मॉक ड्रिल आयोजित किए जाते हैं, ताकि आग की घटनाओं को न्यूनतम किया <strong>जा सके।</strong></p>
<p><strong>सरकार की प्राथमिकता है सुरक्षित वन<br>
     </strong><br>
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप का कहना है कि राज्य सरकार आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से वन संपदा की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। उनका मानना है कि यह प्रणाली वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है तथा भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी मॉडल साबित होगी।</p>
<p><strong>वन संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी पहल</strong>   </p>
<p>छत्तीसगढ़ का ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम आधुनिक तकनीक, त्वरित सूचना प्रणाली और प्रभावी प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। इससे वनाग्नि पर समय रहते नियंत्रण संभव हो रहा है और राज्य की अमूल्य वन संपदा, वन्यजीवों तथा पर्यावरण की सुरक्षा को नई मजबूती मिल रही है। यह पहल विकसित छत्तीसगढ़ और सुरक्षित पर्यावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गैर&#45;मुस्लिम महिला से निकाह पर नए नियम, वक्फ बोर्ड में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य; उल्लंघन पर मौलाना पर कार्रवाई संभव</title>
<link>https://atworldnews.in/9207</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर. छत्तीसगढ़ में फर्जी निकाह रोकने छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने नए नियम बनाए हैं. गैर मुस्लिम महिला से निकाह के लिए अब वक्फ बोर्ड से रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है. वहीं बिना अनुमति निकाह पढ़ाने वाले मौलाना पर कार्रवाई हो सकती है. वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा, नए नियम के … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 20:31:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>गैर-मुस्लिम, महिला, से, निकाह, पर, नए, नियम, वक्फ, बोर्ड, में, रजिस्ट्रेशन, अनिवार्य, उल्लंघन, पर, मौलाना, पर, कार्रवाई, संभव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ में फर्जी निकाह रोकने छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने नए नियम बनाए हैं. गैर मुस्लिम महिला से निकाह के लिए अब वक्फ बोर्ड से रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है. वहीं बिना अनुमति निकाह पढ़ाने वाले मौलाना पर कार्रवाई हो सकती है.</p>
<p>वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा, नए नियम के तहत अब वक्फ बोर्ड से रजिस्टर्ड मौलाना ही निकाह करा पाएंगे. अगर कोई मुस्लिम युवक या युवती किसी गैर-मुस्लिम से निकाह करना चाहता है तो पहले वक्फ बोर्ड से रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा. इसके लिए दोनों पक्षों की सहमति, आवश्यक दस्तावेज और कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. डॉ. सलीम राज ने कहा, बिना अनुमति निकाह पढ़ाने वाले मौलानाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. इसके अलावा नई व्यवस्था के तहत प्रदेश में निकाह कराने वाले सभी मौलानाओं का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा. केवल रजिस्टर्ड मौलाना ही निकाह करा सकेंगे.</p>
<p>वक्फ बोर्ड का कहना है कि इससे फर्जी पहचान, दस्तावेज छिपाकर विवाह कराने और विवादित मामलों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी. हर निकाह का पूरा रिकॉर्ड वक्फ बोर्ड के पास सुरक्षित रखा जाएगा. निकाह के बाद जारी होने वाला प्रमाणपत्र भी बोर्ड के माध्यम से जारी किया जाएगा. वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों का कहना है कि आदिवासी क्षेत्रों से महिलाओं को बहला-फुसलाकर विवाह करने और संपत्ति विवाद से जुड़े कुछ मामलों की शिकायतें मिली हैं, इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए ऐसे मामलों की निगरानी बढ़ाने और सभी निकाह का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की योजना बनाई गई है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से झारखंड के वित्त मंत्री  राधाकृष्ण किशोर ने की सौजन्य भेंट</title>
<link>https://atworldnews.in/9206</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में झारखंड के वित्त मंत्री  राधाकृष्ण किशोर ने सौजन्य भेंट की।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और झारखंड केवल भौगोलिक रूप से पड़ोसी राज्य ही नहीं हैं, बल्कि दोनों राज्यों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों की मजबूत परंपरा रही है। … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 20:31:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, विष्णु, देव, साय, से, झारखंड, के, वित्त, मंत्री, राधाकृष्ण, किशोर, ने, की, सौजन्य, भेंट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में झारखंड के वित्त मंत्री  राधाकृष्ण किशोर ने सौजन्य भेंट की। </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और झारखंड केवल भौगोलिक रूप से पड़ोसी राज्य ही नहीं हैं, बल्कि दोनों राज्यों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों की मजबूत परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से जशपुर क्षेत्र का झारखंड से वर्षों पुराना आत्मीय जुड़ाव रहा है, जिसने दोनों राज्यों के लोगों के बीच विश्वास और निकटता को निरंतर मजबूत किया है।</p>
<p>बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा परस्पर अनुभवों के आदान-प्रदान जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों राज्यों के बीच सहयोग से विकास के नए अवसर सृजित होंगे तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों को इसका व्यापक लाभ मिलेगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>MP में 10 साल बाद प्रमोशन प्रक्रिया को मिली रफ्तार, 190 तहसीलदार बने डिप्टी कलेक्टर; देखें पूरी सूची</title>
<link>https://atworldnews.in/9205</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने करीब एक दशक से लंबित तहसीलदारों की नियमित पदोन्नति प्रक्रिया को पूरा करते हुए 190 तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख (एसएलआर) और प्रभारी डिप्टी कलेक्टरों को राज्य प्रशासनिक सेवा में डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नत कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने 7 जुलाई … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 20:31:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>में, साल, बाद, प्रमोशन, प्रक्रिया, को, मिली, रफ्तार, 190, तहसीलदार, बने, डिप्टी, कलेक्टर, देखें, पूरी, सूची</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
 मध्य प्रदेश सरकार ने करीब एक दशक से लंबित तहसीलदारों की नियमित पदोन्नति प्रक्रिया को पूरा करते हुए 190 तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख (एसएलआर) और प्रभारी डिप्टी कलेक्टरों को राज्य प्रशासनिक सेवा में डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नत कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने 7 जुलाई को इस संबंध में आदेश जारी किए।</p>
<p>इस फैसले के साथ वर्षों से रुकी पदोन्नतियों का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, फिलहाल पदोन्नत अधिकारियों की पदस्थापना में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वे अपने वर्तमान कार्यस्थल पर ही कार्य करते रहेंगे।</p>
<p><strong>राजस्व विभाग से जीएडी के अधीन आए अधिकारी</strong></p>
<p>सरकार के आदेश के अनुसार, कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से सभी पदोन्नत अधिकारियों को राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही वे अब राजस्व विभाग के बजाय सामान्य प्रशासन विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में माने जाएंगे।</p>
<p>आदेश में उन अधिकारियों को भी पदोन्नति का लाभ दिया गया है, जिन्होंने पहले प्रभारी डिप्टी कलेक्टर अथवा अधीक्षक भू-अभिलेख के रूप में कार्य करने की स्वीकृति दी थी, लेकिन कार्यवाहक उच्च पद का प्रभार ग्रहण नहीं किया था।</p>
<p><strong>5400 ग्रेड पे पर होंगे पदोन्नत</strong><br>
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश के साथ ही एक बड़ा ढांचागत बदलाव भी हुआ है. अब तक ये अधिकारी राजस्व विभाग के अधीन कार्यरत थे लेकिन इस नियमित पदोन्नति के बाद इन सभी 190 अधिकारियों को सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) का अधिकारी माना जाएगा. जारी आदेश के अनुसार संबंधित अधिकारियों को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान (पे-मैट्रिक्स लेवल-12, 15600-39100 + 5400 ग्रेड पे) में पदोन्नत किया गया है। </p>
<p><strong>प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती</strong><br>
सरकार के इस निर्णय से लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही जिला प्रशासन में वरिष्ठ अधिकारियों की उपलब्धता बढ़ने से प्रशासनिक कार्यों में भी गति आएगी।</p>
<p><strong>अब नायब तहसीलदारों की पदोन्नति की तैयारी</strong><br>
सूत्रों के मुताबिक अब राजस्व विभाग नायब तहसीलदारों की पदोन्नति प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर सकता है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि वर्तमान में प्रभारी तहसीलदार के रूप में कार्यरत करीब 200 नायब तहसीलदारों को नियमित तहसीलदार पद पर पदोन्नत करने के आदेश अगले एक-दो दिनों में जारी हो सकते हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीथमपुर में लियूगोंग इंडिया के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का 8 जुलाई को करेंगे शुभारंभ</title>
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<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीथमपुर में लियूगोंग इंडिया के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का 8 जुलाई को करेंगे शुभारंभ परियोजना 20 एकड़ क्षेत्र में होगी विकसित 2.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर का होगा निवेश पीथमपुर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 8 जुलाई को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नए विनिर्माण संयंत्र का … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 20:31:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, डॉ., यादव, पीथमपुर, में, लियूगोंग, इंडिया, के, मैन्युफैक्चरिंग, यूनिट, का, जुलाई, को, करेंगे, शुभारंभ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीथमपुर में लियूगोंग इंडिया के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का 8 जुलाई को करेंगे शुभारंभ</strong></p>
<p><strong>परियोजना 20 एकड़ क्षेत्र में होगी विकसित<br>
2.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर का होगा निवेश</strong></p>
<p><strong>पीथमपुर </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 8 जुलाई को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नए विनिर्माण संयंत्र का भूमि-पूजन करेंगे। चीन की अग्रणी बहुराष्ट्रीय निर्माण उपकरण निर्माता कंपनी गुआंग्शी लियुगोंग मशीनरी कंपनी लिमिटेड की भारतीय इकाई द्वारा किया जा रहा यह विस्तार मध्यप्रदेश को निर्माण उपकरण विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।</p>
<p>पीथमपुर में स्थापित होने वाला नया संयंत्र लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में लगभग 2.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश किया जा रहा है। संयंत्र में प्रारंभिक चरण में प्रतिवर्ष 6,500 निर्माण उपकरणों के उत्पादन की क्षमता विकसित की जाएगी, जिसमें मुख्य रूप से एक्सकेवेटर का निर्माण किया जाएगा। इससे घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलने के साथ आयात पर निर्भरता कम होगी तथा क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।</p>
<p>लियुगोंग विश्व की अग्रणी निर्माण उपकरण निर्माता कंपनियों में शामिल है तथा व्हील लोडर निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी पहचान रखती है। कंपनी व्हील लोडर, एक्सकेवेटर, मोटर ग्रेडर, माइनिंग डंप ट्रक, बुलडोजर, स्किड-स्टियर लोडर, फोर्कलिफ्ट, कोल्ड प्लेनर तथा अन्य आधुनिक निर्माण एवं खनन उपकरणों का निर्माण करती है।</p>
<p>कंपनी वर्ष 2008 से पीथमपुर में अपनी विनिर्माण इकाई का संचालन कर रही है। 44 एकड़ से अधिक क्षेत्र में स्थापित इस संयंत्र में प्रतिवर्ष 3 हजार व्हील लोडर एवं मोटर ग्रेडर के निर्माण की क्षमता है। वर्ष 2009 में इसी इकाई से पहला मेड इन इंडिया व्हील लोडर तैयार किया गया था। पीथमपुर स्थित इकाई में अनुसंधान एवं विकास केंद्र तथा प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित हैं, जहां 500 से अधिक भारतीय युवा पेशेवर कार्यरत हैं। यह इकाई मेक इन इंडिया एवं आत्मनिर्भर भारत अभियान के उद्देश्यों को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।</p>
<p>देशभर में सड़क निर्माण, खनन, जलविद्युत एवं पाइपलाइन परियोजनाओं सहित विभिन्न आधारभूत संरचना कार्यों में कंपनी के 4 हजार से अधिक निर्माण उपकरण उपयोग में लाए जा रहे हैं। पीथमपुर में प्रस्तावित नया संयंत्र इस बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण, उत्कृष्ट औद्योगिक अधोसंरचना, सरल प्रक्रियाओं तथा निवेशक हितैषी नीतियों के माध्यम से मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक निवेश केंद्र बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। लियुगोंग इंडिया का यह विस्तार राज्य में बढ़ते वैश्विक निवेशकों के विश्वास की एक और बड़ी मिसाल बनेगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ियों से टी.टी. नगर स्टेडियम में मिले मंत्री सारंग</title>
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<description><![CDATA[ एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ियों से टी.टी. नगर स्टेडियम में मिले मंत्री सारंग खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन कहा – मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर रचेंगे नया इतिहास सरकार खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 20:31:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>एशियन, गेम्स, के, लिए, क्वालीफाई, करने, वाले, खिलाड़ियों, से, टी.टी., नगर, स्टेडियम, में, मिले, मंत्री, सारंग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ियों से टी.टी. नगर स्टेडियम में मिले मंत्री सारंग</strong></p>
<p><strong>खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन कहा – मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर रचेंगे नया इतिहास<br>
सरकार खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को टी.टी. नगर स्टेडियम में आगामी एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से आत्मीय संवाद कर उनकी तैयारियों, प्रशिक्षण, फिटनेस और आगामी प्रतियोगिताओं को लेकर विस्तार से चर्चा की तथा उन्हें शुभकामनाएं देते हुए पूरी निष्ठा और आत्मविश्वास के साथ देश का प्रतिनिधित्व करने का आह्वान किया।</p>
<p>मंत्री सारंग ने कहा कि एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय आयोजन के लिए मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों का बड़ी संख्या में चयन होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। यह उपलब्धि खिलाड़ियों के अथक परिश्रम, प्रशिक्षकों के समर्पण तथा प्रदेश सरकार द्वारा खेलों के विकास के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश देश के अग्रणी खेल राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है और यहां के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं।</p>
<p>मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। खिलाड़ियों को आधुनिक खेल अधोसंरचना, उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, वैज्ञानिक कोचिंग, खेल विज्ञान, पोषण, आवास एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हर स्तर पर आवश्यक सहयोग और अवसर प्राप्त हों।</p>
<p>मंत्री सारंग ने कहा कि एशियन गेम्स केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश के लिए गौरव अर्जित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्हें पूरा विश्वास है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत के लिए अधिक से अधिक पदक जीतेंगे और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।</p>
<p>उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि वे अनुशासन, समर्पण और सकारात्मक सोच के साथ अपनी तैयारियां जारी रखें। पूरे प्रदेश की शुभकामनाएं और विश्वास उनके साथ हैं। उन्होंने प्रशिक्षकों और खेल विभाग के अधिकारियों की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और समर्पण का ही परिणाम है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी लगातार नई सफलताएं प्राप्त कर रहे हैं।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि आगामी एशियन गेम्स के लिए मध्यप्रदेश के 22 खिलाड़ियों ने विभिन्न खेल विधाओं में क्वालिफाई किया है। इनमें एथलेटिक्स, शूटिंग, रायफल, कैनो स्लालम, कैनोइंग, कायाक, शॉटगन, क्लाउड जुडो, घुड़सवारी सहित विभिन्न खेलों के खिलाड़ी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों से प्रदेश को उत्कृष्ट प्रदर्शन और पदक जीतने की बड़ी उम्मीदें हैं।</p>
<p>इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव संजीव सिंह, संचालक अंशुमन यादव, उपसचिव अजय श्रीवास्तव, खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षक, खेल अकादमियों के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। मंत्री सारंग ने सभी चयनित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूरा मध्यप्रदेश उनके साथ खड़ा है और उन्हें विश्वास है कि वे अपने प्रदर्शन से देश और प्रदेश को गौरवान्वित करेंगे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीथमपुर में लियूगोंग इंडिया के मेन्युफेक्चरिंग यूनिट का 8 जुलाई को करेंगे भूमि&#45;पूजन</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 8 जुलाई को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नए विनिर्माण संयंत्र का भूमि-पूजन करेंगे। चीन की अग्रणी बहुराष्ट्रीय निर्माण उपकरण निर्माता कंपनी गुआंग्शी लियुगोंग मशीनरी कंपनी लिमिटेड की भारतीय इकाई द्वारा किया जा रहा यह विस्तार मध्यप्रदेश को निर्माण उपकरण विनिर्माण के … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 20:31:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, डॉ., यादव, पीथमपुर, में, लियूगोंग, इंडिया, के, मेन्युफेक्चरिंग, यूनिट, का, जुलाई, को, करेंगे, भूमि-पूजन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 8 जुलाई को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नए विनिर्माण संयंत्र का भूमि-पूजन करेंगे। चीन की अग्रणी बहुराष्ट्रीय निर्माण उपकरण निर्माता कंपनी गुआंग्शी लियुगोंग मशीनरी कंपनी लिमिटेड की भारतीय इकाई द्वारा किया जा रहा यह विस्तार मध्यप्रदेश को निर्माण उपकरण विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।</p>
<p>पीथमपुर में स्थापित होने वाला नया संयंत्र लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में 272 करोड़ रूपये का निवेश किया जा रहा है। संयंत्र में प्रारंभिक चरण में प्रतिवर्ष 6,500 निर्माण उपकरणों के उत्पादन की क्षमता विकसित की जाएगी, जिसमें मुख्य रूप से एक्सकेवेटर का निर्माण किया जाएगा। इससे घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलने के साथ आयात पर निर्भरता कम होगी तथा क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।</p>
<p>लियुगोंग विश्व की अग्रणी निर्माण उपकरण निर्माता कंपनियों में शामिल है तथा व्हील लोडर निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी पहचान रखती है। कंपनी व्हील लोडर, एक्सकेवेटर, मोटर ग्रेडर, माइनिंग डंप ट्रक, बुलडोजर, स्किड-स्टियर लोडर, फोर्कलिफ्ट, कोल्ड प्लेनर तथा अन्य आधुनिक निर्माण एवं खनन उपकरणों का निर्माण करती है।</p>
<p>कंपनी वर्ष 2008 से पीथमपुर में अपनी विनिर्माण इकाई का संचालन कर रही है। 44 एकड़ से अधिक क्षेत्र में स्थापित इस संयंत्र में प्रतिवर्ष 3 हजार व्हील लोडर एवं मोटर ग्रेडर के निर्माण की क्षमता है। वर्ष 2009 में इसी इकाई से पहला मेड इन इंडिया व्हील लोडर तैयार किया गया था। पीथमपुर स्थित इकाई में अनुसंधान एवं विकास केंद्र तथा प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित हैं, जहां 500 से अधिक भारतीय युवा पेशेवर कार्यरत हैं। यह इकाई मेक इन इंडिया एवं आत्मनिर्भर भारत अभियान के उद्देश्यों को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।</p>
<p>देशभर में सड़क निर्माण, खनन, जलविद्युत एवं पाइपलाइन परियोजनाओं सहित विभिन्न आधारभूत संरचना कार्यों में कंपनी के 4 हजार से अधिक निर्माण उपकरण उपयोग में लाए जा रहे हैं। पीथमपुर में प्रस्तावित नया संयंत्र इस बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण, उत्कृष्ट औद्योगिक अधोसंरचना, सरल प्रक्रियाओं तथा निवेशक हितैषी नीतियों के माध्यम से मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक निवेश केंद्र बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। लियुगोंग इंडिया का यह विस्तार राज्य में बढ़ते वैश्विक निवेशकों के विश्वास की एक और बड़ी मिसाल बनेगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>इंडोनेशिया की संसद में PM मोदी का बड़ा संदेश, बोले&#45; ‘भारत विस्तारवाद नहीं, विकासवाद की नीति पर चलता है’</title>
<link>https://atworldnews.in/9201</link>
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<description><![CDATA[ जाकर्ता  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इंडोनेशिया की संसद को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि इं​डोनेशिया की संसद में आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. मैं यहां मिले भव्य स्वागत से अभिभूत हूं. पीएम मोदी ने कहा, &#039;मेरे लिए आप सभी के बीच उपस्थित होना बहुत बड़े सौभाग्य की बात है. 140 करोड़ … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 19:32:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>इंडोनेशिया, की, संसद, में, मोदी, का, बड़ा, संदेश, बोले-, ‘भारत, विस्तारवाद, नहीं, विकासवाद, की, नीति, पर, चलता, है’</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जाकर्ता</strong></p>
<p> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इंडोनेशिया की संसद को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि इं​डोनेशिया की संसद में आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. मैं यहां मिले भव्य स्वागत से अभिभूत हूं. पीएम मोदी ने कहा, 'मेरे लिए आप सभी के बीच उपस्थित होना बहुत बड़े सौभाग्य की बात है. 140 करोड़ भारतीयों के प्रतिनिधि के रूप में, लोकतंत्र की जननी भारत के एक सौभाग्यशाली नागरिक के रूप में, मैं आप सभी को समस्त भारतवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। </p>
<p>पीएम मोदी ने कहा' 'इंडोनेशिया के लोगों, यहां के प्यारे बच्चों, युवाओं और मातृशक्ति ने आज के इस दिन को मेरे जीवन के सबसे यादगार दिनों में से एक बना दिया है. आज सुबह इंडोनेशिया के लोगों ने जिस तरह मुझ पर स्नेह और प्रेम बरसाया, जिस आत्मीयता के साथ मेरा स्वागत और अभिनंदन किया, उसे मैं जीवन भर कभी नहीं भूल पाऊंगा। </p>
<p><strong>भारत की नीति विस्तारवाद नहीं विकासवाद</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ अपने प्रगाढ़ संबंधों का जिक्र करते हुए कहा, 'राष्ट्रपति प्रबोवो ने कॉपीराइट की बात की. मैं कहना चाहता हूं कि सम्मान पर किसी का कॉपीराइट नहीं हो सकता. राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ मेरी मित्रता भी किसी कॉपीराइट की सीमाओं में बंधी नहीं है.' उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का वह देश है, जो विस्तारवाद नहीं, बल्कि विकासवाद की नीति में विश्वास रखता है. इसलिए भारत का मंत्र है, 'सबका साथ, सबका विकास है. इसी मंत्र और इसी भावना के साथ मैं आज इंडोनेशिया की संसद के सभी सम्मानित सदस्यों के बीच उपस्थित हुआ हूं। </p>
<p><strong>इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान पाना सौभाग्य</strong><br>
इंडोनेशिया ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक व सैन्य सम्मान 'बिंतांग आदिपूर्णा' से सम्मानित किया. राष्ट्रपति प्रबोवो  ने उन्हें यह सम्मान दिया. पीएम मोदी ने इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए कहा, 'आज सुबह मुझे इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करने का भी सौभाग्य मिला. मैं करोड़ों भारतीयों की ओर से इंडोनेशिया के लोगों के इस स्नेह और सम्मान को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करता हूं. यह सम्मान हमारे दोनों देशों के लोकतांत्रिक मूल्यों, हमारी साझा विरासत और भारत-इंडोनेशिया के बीच लगातार मजबूत होते संबंधों का सम्मान है. मैं आप सभी साथियों, इंडोनेशिया की सरकार और यहां की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। </p>
<p><strong>समुद्र भारत-इंडोनेशिया के बीच सेतु का प्रतीक</strong><br>
पीएम मोदी ने कहा कि भले ही हमारी राजधानियों के बीच हजारों किलोमीटर की दूरी हो, लेकिन समुद्र के रास्ते हमारे बीच की दूरी महज 150 किलोमीटर है. दुनिया के कई देशों में समुद्र, सीमाओं और दूरियों का प्रतीक रहा है, लेकिन भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्र कभी दूरी का नहीं, बल्कि एक सेतु का प्रतीक रहा है. यही समुद्र हमारे साझा भविष्य का भी केंद्र है. भारत और इंडोनेशिया केवल समुद्र ही साझा नहीं करते, बल्कि हमारा इतिहास भी एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा हुआ है. हमारे रिश्तों की जड़ें रामायण और महाभारत की विरासत में हैं. सदियों पहले नालंदा के ज्ञान से भी हमारा जुड़ाव रहा है. हमारा संबंध वायांग की नृत्य और संगीत परंपरा से भी जुड़ा है. हम बोरोबुदुर और प्रम्बानन जैसे भव्य स्मारकों से जुड़े हैं. हम इंडोनेशिया के राष्ट्रीय प्रतीक गरुड़ से जुड़े हैं. हम बाली की यात्राओं और वहां के उत्सवों की उमंग से भी जुड़े हुए हैं। </p>
<p>इंडोनेशियाई संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर स्वाद की बात करें, तो यहां केरुपुक है और भारत में पापड़. यह कहना मुश्किल है कि दोनों में ज्यादा कुरकुरापन किसमें है, लेकिन इतना तय है कि भारत के मसाले और इंडोनेशिया के बुम्बु (मसाला मिश्रण) दोनों ही हमारे जीवन में स्वाद घोलते हैं. पिछले दो दशकों में इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ी है और करोड़ों लोग गरीबी से बाहर आए हैं. आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है. पिछले एक दशक में हमारे यहां 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं. जब भारत और इंडोनेशिया साथ खड़े होते हैं, तो दुनिया का यह विश्वास और मजबूत होता है कि लोकतंत्र अवसर देता है, लोकतंत्र विश्वास देता है और लोकतंत्र भविष्य का निर्माण करता है। </p>
<p><strong>भारत और इंडोनेशिया प्रमुख समुद्री शक्तियां</strong><br>
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और लोकतंत्र की जननी है, जबकि इंडोनेशिया दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा लोकतंत्र है. भारत में सैकड़ों भाषाएं और अनेक परंपराएं हैं, ठीक उसी तरह इंडोनेशिया भी सैकड़ों भाषाओं और विविध सांस्कृतिक परंपराओं का देश है. भारत का मंत्र 'वसुधैव कुटुंबकम्' है, जबकि इंडोनेशिया का राष्ट्रीय दर्शन 'भिन्नेका तुंग्गल इका' (विविधता में एकता) है. हम दोनों ने अपनी इस विविधता को लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत और एकता का आधार बनाया है. हम दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले समाजों में शामिल हैं. हम दोनों प्रमुख समुद्री शक्तियां हैं. हम दोनों ग्लोबल साउथ की सशक्त आवाज हैं. हम प्राचीन सभ्यताएं हैं और भविष्य के लिए स्वाभाविक साझेदार भी हैं। </p>
<p><strong>दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम कर रहे</strong><br>
पीएम मोदी ने बताया कि पिछले वर्ष भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 25 अरब डॉलर तक पहुंच गया. आज 100 से अधिक भारतीय कंपनियां इंडोनेशिया में कार्यरत हैं. हम साथ मिलकर लगातार आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन हमारे सामने सहयोग की अभी भी असीम संभावनाएं मौजूद हैं. भारत स्वतंत्र, खुला और समावेशी इंडो-पैसिफिक का प्रबल समर्थक है. भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नेविगेशन की स्वतंत्रता का समर्थन करता है. इसके लिए हमने आसियान (ASEAN) को केंद्र में रखा है. हमारी एक्ट ईस्ट नीति (Act East Policy) भी आसियान-केंद्रित है. आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भारत और इंडोनेशिया हमेशा एक साथ खड़े रहे हैं. पिछले वर्ष भारत के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद इंडोनेशिया ने मजबूती से भारत का समर्थन किया. इसके लिए मैं इंडोनेशिया का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं. हमारे दोनों देश संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम कर रहे हैं। </p>
<p><strong>भारत-इंडोनेशिया सभ्यता संवाद शुरू करने का प्रस्ताव</strong><br>
पिछले वर्ष इंडोनेशिया ब्रिक्स (BRICS) का पूर्ण सदस्य बना और इस वर्ष भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है. हम दोनों मिलकर ब्रिक्स के इस मंच को और अधिक व्यावहारिक, अधिक संतुलित तथा ग्लोबल साउथ की आवश्यकताओं के प्रति और अधिक संवेदनशील बना सकते हैं. मैं आप सभी के समक्ष 'गंगा-महाकम विजन' प्रस्तुत करना चाहता हूं. यह विजन हमारी साझेदारी को केवल आज की जरूरतों तक सीमित नहीं रखता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा, समृद्धि और साझा प्रगति का मार्ग भी प्रशस्त करता है. हम अपनी साझा सभ्यतागत विरासत को नई पीढ़ी की चेतना और सोच से जोड़ेंगे. रामायण से लेकर बोरोबुदुर तक, हम अपने साझा इतिहास को भविष्य की ताकत में बदलेंगे. इसी उद्देश्य से हमें भारत-इंडोनेशिया सभ्यता संवाद (India-Indonesia Civilisation Dialogue) की शुरुआत करनी चाहिए। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>छत्तीसगढ़ में बैकलॉग भर्ती होगी तेज, मुख्य सचिव ने सचिवों को दिए खाली पद भरने के निर्देश</title>
<link>https://atworldnews.in/9200</link>
<guid>https://atworldnews.in/9200</guid>
<description><![CDATA[ रायपुर. मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों में बैकलॉग के रिक्त पदों की भर्ती के लिए शीघ्र कार्रवाई शुरू करने … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 19:31:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, में, बैकलॉग, भर्ती, होगी, तेज, मुख्य, सचिव, ने, सचिवों, को, दिए, खाली, पद, भरने, के, निर्देश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों में बैकलॉग के रिक्त पदों की भर्ती के लिए शीघ्र कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए है।</p>
<p>मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, डी रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने शासन के महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों के अंतर्गत भू-अर्जन के प्रकरणों को तेजी से निपटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।</p>
<p>बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋर्चा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, गृह विभाग की सचिव नेहा चम्पावत, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर.शंगीता, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) सचिव भुवनेश यादव सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>इंदौर के चर्चित ‘कोबरा कांड’ में बड़ा फैसला, पत्नी की हत्या करने वाले बैंककर्मी को उम्रकैद</title>
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<description><![CDATA[ इंदौर इंदौर के बहुचर्चित शिवानी हत्याकांड में जिला अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी पति अमितेष उर्फ शालू पटेरिया को उम्रकैद की सजा दी है। साल 2019 में बैंक अधिकारी अमितेष ने अपनी पत्नी शिवानी की हत्या के लिए एक बेहद खौफनाक और सुनियोजित साजिश रची थी। वह इंदौर से लगभग 620 किलोमीटर दूर … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 19:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>इंदौर, के, चर्चित, ‘कोबरा, कांड’, में, बड़ा, फैसला, पत्नी, की, हत्या, करने, वाले, बैंककर्मी, को, उम्रकैद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर</strong></p>
<p><strong>इंदौर के बहु</strong>चर्चित शिवानी हत्याकांड में जिला अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी पति अमितेष उर्फ शालू पटेरिया को उम्रकैद की सजा दी है। साल 2019 में बैंक अधिकारी अमितेष ने अपनी पत्नी शिवानी की हत्या के लिए एक बेहद खौफनाक और सुनियोजित साजिश रची थी। वह इंदौर से लगभग 620 किलोमीटर दूर राजस्थान के अलवर जिले से ब्लैक डेजर्ट प्रजाति का एक खतरनाक कोबरा 30 हजार रुपए में खरीदकर लाया था। आरोपी ने इस सांप को 11 दिनों तक अपने घर में छिपाकर रखा।</p>
<p>इसके बाद जब उसे सही मौका मिला, तो उसने तकिए से अपनी पत्नी का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या को प्राकृतिक रूप देने के लिए उसने कोबरा को मार डाला और उसके दांतों को अपनी मृत पत्नी के हाथ में जबरन गड़ा दिए, ताकि पुलिस और डॉक्टर्स इसे सर्पदंश से हुई सामान्य मौत समझें। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने इस पूरी साजिश का भंडाफोड़ कर दिया और फोरेंसिक साक्ष्यों के साथ डॉक्टरों के बयानों ने अदालत के सामने सच्चाई लाकर रख दी।</p>
<p>करीब साढ़े छह साल तक चली लंबी अदालती सुनवाई के बाद कोर्ट ने अमितेष को हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा संरक्षित वन्यजीव कोबरा की हत्या करने के मामले में तीन साल के कारावास व 25 हजार रुपए के जुर्माने और साक्ष्य मिटाने के जुर्म में दो साल की सजा भी सुनाई गई है।</p>
<p><strong>सर्पदंश की झूठी कहानी रची</strong><br>
यह पूरी घटना इंदौर के संचार नगर में 1 दिसंबर 2019 को घटित हुई थी। 35 वर्षीय शिवानी पटेरिया को उसका पति अमितेष और उनका एक किरायेदार निखिल गंभीर हालत में एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों को ससुराल पक्ष द्वारा यह जानकारी दी गई कि शिवानी की मौत सांप के काटने की वजह से हुई है लेकिन शिवानी के मायके पक्ष के लोगों ने घटना की सूचना मिलते ही इसे पूरी तरह संदेहास्पद बताया। जब कनाडिया थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर जांच के लिए पहुंचे, तो उन्हें घर के अंदर एक मरा हुआ कोबरा सांप पड़ा मिला। उस दौरान शिवानी के चाचा प्रभात दीक्षित ने पुलिस के सामने सीधे तौर पर आरोप लगाया था कि उनकी भतीजी की सोची-समझी रणनीति के तहत हत्या की गई है।</p>
<p><strong>बिस्तर पर ही मरा हुआ था सांप</strong><br>
शिवानी अपने घर के पलंग पर मृत अवस्था में पाई गई थी और उसी बिस्तर पर वह सांप भी मरा हुआ मिला था। चाचा का कहना था कि कुछ समय पहले अमितेष ने शिवानी से तलाक लेने का प्रयास किया था, क्योंकि वह दिल्ली की किसी अन्य युवती के लगातार संपर्क में था और हर हाल में शिवानी को अपने जीवन से हटाना चाहता था। मायके पक्ष का यह भी आरोप था कि पति ने पहले भी हत्या का प्रयास किया था, जिसमें एक बार गला दबाने और घटना से दो दिन पहले जहर देने की कोशिश शामिल थी। घटना की सुबह भी यह अफवाह फैलाई गई कि पार्लर में सांप ने काटा है, लेकिन जब बात कराने को कहा गया तो मना कर दिया गया और शाम को मौत की सूचना दी गई। उस वक्त घर में ससुर ओमप्रकाश और ननद ऋचा भी मौजूद थे।</p>
<p><strong>बहन भी साजिश में शामिल थी</strong><br>
शिवानी के पिता आनंद दीक्षित ने पुलिस को दिए अपने बयानों में स्पष्ट कहा था कि उनके दामाद ने अपनी बहन के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सुनियोजित योजना के तहत घटना वाले दिन आरोपी की बहन दोनों बच्चों को अपने साथ लेकर मॉल चली गई थी ताकि घर खाली रहे। शाम को जब बच्चे वापस लौटे तब तक शिवानी को अस्पताल ले जाया जा चुका था।</p>
<p><strong>दिल्ली में दूसरी महिला के साथ रहता था </strong><br>
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने पिता को बताया कि शिवानी की मृत्यु लगभग 10 से 12 घंटे पहले ही हो चुकी थी। पिता ने एक महत्वपूर्ण बिंदु उठाया कि बेटी का शरीर जहर के कारण काला पड़ने के बजाय पूरी तरह पीला था, जिससे साफ था कि मौत सांप के काटने से नहीं हुई थी। पिता ने बताया कि 9 साल पहले उन्होंने बड़े अरमानों से बेटी की शादी की थी, लेकिन शादी के बाद से ही दामाद दिल्ली में किसी दूसरी महिला के साथ पति-पत्नी की तरह रह रहा था।</p>
<p>इस बात की जानकारी मिलने पर जब वे दिल्ली गए तो दामाद उस महिला के साथ ही मिला, जिसके बाद वे उसे समझा-बुझाकर वापस इंदौर लेकर आए थे। इसके बावजूद वह लगातार दहेज के नाम पर शिवानी को प्रताड़ित करता रहा और मायके पक्ष की ओर से समय-समय पर करीब 25 लाख रुपए दिए जा चुके थे। पिता ने शुरुआत में ही मांग की थी कि जिस सांप के डसने का दावा किया जा रहा है, उसका किसी वेटरनरी डॉक्टर से पोस्टमॉर्टम कराया जाए ताकि सच सामने आ सके।</p>
<p><strong>पुलिस तफ्तीश के बाद अदालत ने सजा सुनाई</strong><br>
इन बयानों और घटनास्थल के परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को देखते हुए पुलिस का शक गहराता चला गया। कनाड़िया पुलिस ने अमितेष पटेरिया को हिरासत में लेकर दो दिनों तक कड़ी पूछताछ की। शुरुआती दौर में वह पुलिस को लगातार गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती बरतने पर वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने स्वीकार किया कि शिवानी से उसका आए दिन विवाद होता था, जिससे तंग आकर उसने तकिए से उसका मुंह दबाकर उसे मार डाला।</p>
<p>इससे पहले वह योजना के मुताबिक अलवर से कोबरा लाया था, जिसे मारकर उसने पत्नी के शव के पास रख दिया ताकि यह एक हादसा लगे। पुलिस ने जांच पूरी कर अमितेष, उसके पिता ओमप्रकाश पटेरिया और बहन ऋचा चतुर्वेदी के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था। 24 जून 2026 को अदालत ने अपने फैसले में माना कि अमितेष ने ही तकिए से मुंह दबाकर हत्या की और इसे प्राकृतिक रूप देने के लिए सांप के काटने का नाटक रचा था।</p>
<p><strong>पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक जांच से खुला राज</strong><br>
इस पूरे आपराधिक मामले में सबसे निर्णायक मोड़ पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की जांच रिपोर्ट से आया। डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने साफ कर दिया कि शिवानी के शरीर में सांप के जहर का कोई अंश नहीं था, बल्कि उसकी मृत्यु तकिए या किसी भारी वस्तु से मुंह और नाक दबाए जाने के कारण दम घुटने से हुई थी। शव पर पाए गए अंदरूनी और बाहरी चोटों के निशान, बिस्तर की बिखरी हुई स्थिति और घटनास्थल से संकलित किए गए भौतिक साक्ष्यों ने हत्या की पुष्टि की।</p>
<p>फोरेंसिक विशेषज्ञों को बिस्तर की चादर, तकिए के कवर और मृत कोबरा से कई महत्वपूर्ण सबूत मिले। घटनास्थल पर चादर का बहुत ज्यादा अस्त-व्यस्त होना और तकिए के कवर पर लार के धब्बे मिलना इस बात का गवाह थे कि मौत से पहले संघर्ष हुआ था, जिसने पुलिस <strong>की तफ्तीश को सही दिशा दी।</strong></p>
<p><strong>कॉल रिकॉर्डिंग और डिजिटल साक्ष्य बने आधार</strong><br>
अदालती कार्यवाही के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी अमितेष और उसकी बहन के बीच हुई मोबाइल फोन की बातचीत की रिकॉर्डिंग को एक मुख्य सबूत के तौर पर पेश किया। इस ऑडियो रिकॉर्डिंग में घटना को अंजाम देने और उसके बाद साक्ष्यों को छुपाने की पूरी साजिश के पुख्ता संकेत मिले थे। अदालत ने कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड, वॉइस सैंपल्स की मैचिंग रिपोर्ट, फोरेंसिक रिपोर्ट और चश्मदीद गवाहों के बयानों को बेहद अहम कड़ी माना। आस-पड़ोस के लोगों ने भी गवाही दी कि घटना के वक्त घर में केवल शिवानी और उसका पति अमितेष ही मौजूद थे, जिसके बाद पति ने अचानक शोर मचाकर लोगों को इकट्ठा किया और कोबरा के डसने की झूठी कहानी सुनाई।</p>
<p><strong>वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अतिरिक्त सजा</strong><br>
इस हत्याकांड का एक और गंभीर कानूनी पहलू यह था कि इसमें एक संरक्षित वन्यजीव यानी कोबरा सांप का क्रूरता से इस्तेमाल किया गया था। जांच में यह पूरी तरह साबित हुआ कि अमितेष ने अपनी पत्नी की हत्या को छुपाने के लिए कोबरा को तड़पाकर मारा और उसके दांतों का इस्तेमाल किया।</p>
<p>इसी वजह से कनाड़िया पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 51 को भी मामले में जोड़ा था। अदालत ने अपने फैसले में टिप्पणी की कि एक मूक और संरक्षित वन्यजीव की तस्करी करना, उसे मारना और एक जघन्य अपराध में उसका इस्तेमाल करना बेहद गंभीर श्रेणी का अपराध है। </p>
<p><strong>पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सांप के काटने का कोई जैविक साक्ष्य नहीं मिला  </strong><br>
कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय के वेटरनरी विशेषज्ञ डॉ. उत्तम यादव ने अदालत में अपनी रिपोर्ट और बयान में स्पष्ट किया था कि वह सांप अत्यधिक विषैली कोबरा प्रजाति का ही था, जिसके पास जहर ग्रंथि और दांत मौजूद थे, जिसका काटना किसी भी इंसान को पंगु बना सकता है या उसकी जान ले सकता है।</p>
<p>हालांकि, शिवानी के शरीर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सांप के काटने का कोई जैविक साक्ष्य नहीं मिला और यह पूरी तरह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हुआ कि मौत सिर्फ और सिर्फ गला दबाने से हुई थी। विशेषज्ञों के अनुसार, एक जीवित व्यक्ति को सांप के काटने और एक मृत शरीर पर सांप के दांत गड़ाने के वैज्ञानिक साक्ष्यों में जमीन-आसमान का अंतर होता है, जिसे फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स आसानी से पकड़ लेते हैं। भले ही शिवानी की मौत सांप से नहीं हुई, लेकिन आरोपी द्वारा कोबरा की हत्या करने का जुर्म साबित होने पर कोर्ट ने उसे इस कानून के तहत तीन साल की सश्रम सजा भुगतने का आदेश दिया। </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्तायुक्त दवाओं की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए: उप मुख्यमंत्री शुक्ल</title>
<link>https://atworldnews.in/9198</link>
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<description><![CDATA[ स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्तायुक्त दवाओं की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए: उप मुख्यमंत्री शुक्ल दवाओं की मांग, भंडारण, गुणवत्ता परीक्षण, वितरण एवं मरीज तक वास्तविक उपलब्धता को प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के दिए निर्देश मेडिकल सप्लाई चेन कार्ययोजना की समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश की मेडिकल सप्लाई … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 19:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>स्वास्थ्य, संस्थाओं, में, गुणवत्तायुक्त, दवाओं, की, समयबद्ध, उपलब्धता, सुनिश्चित, की, जाए:, उप, मुख्यमंत्री, शुक्ल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्तायुक्त दवाओं की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए: उप मुख्यमंत्री शुक्ल</strong></p>
<p><strong>दवाओं की मांग, भंडारण, गुणवत्ता परीक्षण, वितरण एवं मरीज तक वास्तविक उपलब्धता को प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के दिए निर्देश<br>
मेडिकल सप्लाई चेन कार्ययोजना की समीक्षा की</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश की मेडिकल सप्लाई चेन व्यवस्था की कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तायुक्त दवाओं की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। दवाओं की मांग, भंडारण, गुणवत्ता परीक्षण, वितरण एवं मरीज तक वास्तविक उपलब्धता की पूरी प्रक्रिया को प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि दवाओं की समय पर टेस्टिंग सुनिश्चित की जाए तथा गुणवत्ता परीक्षण उपरांत ही दवाओं का वितरण किया जाए। सभी स्तरों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहे और डिमांड-सप्लाई गैप की स्थिति निर्मित न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों को दवाओं का वितरण सहजता से हो तथा दवा उपलब्धता के संबंध में किसी भी स्तर पर अनावश्यक कठिनाई न आए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि तकनीक आधारित मेडिकल सप्लाई चेन व्यवस्था से दवाओं की उपलब्धता और वितरण की सतत निगरानी संभव होगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय की गुणवत्ता सुदृढ़ और अधिक प्रभावी होगी।</p>
<p>आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस ने मेडिकल सप्लाई चेन व्यवस्था की प्रस्तावित कार्ययोजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों पर 10 वेयरहाउस स्थापित किए जाएंगे। इन वेयरहाउसों में दवाओं के सुरक्षित एवं व्यवस्थित भंडारण की व्यवस्था की जाएगी। हाई-एंड टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का उपयोग कर दवाओं की रियल टाइम ट्रैकिंग तथा स्टॉक की स्थिति की सतत निगरानी की जाएगी। इससे मेडिकल सप्लाई चेन में एंड-टू-एंड इंटीग्रेशन सुनिश्चित होगा। दवाओं की उपलब्धता, स्टॉक की स्थिति, मांग एवं वितरण की जानकारी वास्तविक समय में प्राप्त हो सकेगी।</p>
<p>आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस ने बताया कि यह व्यवस्था क्षेत्रवार, केंद्रवार एवं स्वास्थ्य संस्था स्तर पर दवाओं की मांग का आकलन करने में भी सहायक होगी। इसके आधार पर आवश्यकता अनुरूप बेहतर योजना बनाते हुए दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे अंतिम उपयोगकर्ता अर्थात मरीज तक गुणवत्तायुक्त दवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होगी। मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा दवाओं की खरीदी की जाएगी। आपूर्तिकर्ताओं द्वारा दवाएं वेयरहाउस तक पहुंचाई जाएंगी। वेयरहाउस में दवाओं का उचित भंडारण सुनिश्चित किया जाएगा और दवाओं की समय पर गुणवत्ता जांच कराई जाएगी। एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में परीक्षण उपरांत ही दवाओं को वितरण के लिए भेजा जाएगा।</p>
<p>गुणवत्ता परीक्षण के बाद दवाओं का वितरण मेडिकल कॉलेजों, जिला चिकित्सालयों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालयों के औषधि भंडार, सिविल अस्पतालों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक किया जाएगा। आगामी चरण में इस व्यवस्था का एकीकरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक किया जाएगा। साथ ही मरीज को दवा के वास्तविक वितरण की जानकारी भी रियल टाइम में दर्ज करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। बैठक में मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक मयंक अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दिल्ली की 1511 कॉलोनियों में मालिकाना हक योजना धीमी, शुल्क घटाने पर DDA करेगा विचार</title>
<link>https://atworldnews.in/9197</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  1511 अनाधिकृत कॉलोनियों में जैसा है वैसे ही के आधार पर लोगों को उनकी प्रॉपर्टी का मालिकाना हक देने के लिए नए सिरे से पीएम उदय योजना की शुरुआत की गई थी। नियमों को आसान बनाते हुए यह प्रक्रिया DDA की बजाय MCD को दी गई थी। इसके बावजूद इसे रिस्पांस नहीं मिल … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 19:00:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली, की, 1511, कॉलोनियों, में, मालिकाना, हक, योजना, धीमी, शुल्क, घटाने, पर, DDA, करेगा, विचार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 1511 अनाधिकृत कॉलोनियों में जैसा है वैसे ही के आधार पर लोगों को उनकी प्रॉपर्टी का मालिकाना हक देने के लिए नए सिरे से पीएम उदय योजना की शुरुआत की गई थी। नियमों को आसान बनाते हुए यह प्रक्रिया DDA की बजाय MCD को दी गई थी। इसके बावजूद इसे रिस्पांस नहीं मिल रहा है। अब MCD की मांग पर DDA इस योजना के तहत रेगुलराइजेशन शुल्क कम करने पर विचार कर रही है। अधिकारी के अनुसार MCD की तरफ से यह मांग मिली है जिस पर अधिकारी विचार कर रहे हैं।</p>
<p>अभी तक पीएम उदय योजना को कोई खास रिस्पांस नहीं मिला है। पोर्टल पर दी जा रही जानकारी के अनुसार अभी तक 50 से भी कम आवेदन मिले हैं। हालांकि प्रक्रिया को सरल करने के बाद इसमें बड़ी संख्या में आवेदन आने की उम्मीद थी। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि इसके नियमतीकरण का शुल्क अधिक है। आवेदन न मिलने और इस शुल्क में कमी के लिए अप्रैल में MCD ने DDA को पत्र लिखकर यह मांग की थी कि इस शुल्क को कम किया जाए। MCD को उम्मीद है कि DDA इस शुल्क को कम करे तो बड़ी संख्या में लोग अप्लाई कर सकते हैं।</p>
<p><strong>2019 में शुरु हुई पीएम उदय योजना</strong><br>
दिल्ली में पीएम उदय योजना 2019 में लाई गई थी। शुरुआत में इसका उद्देश्य 1731 कॉलोनियों में रहने वाले करीब 45 लाख प्रॉपर्टी मालिकों को उनके घर का स्वामित्व का अधिकार देना था। हालांकि तय मानकों से अतिरिक्त निर्माण करने के व दूसरी प्रक्रियाएं जटिल होने की वजह से छह साल में मात्र 40 हजार लोग ही इसका लाभ ले सके थे। DDA से मिले कम रिस्पांस के बाद केंद्र सरकार ने नए बदलावों व आसान प्रक्रिया के साथ अप्रैल 2026 में इन कॉलोनियों को नियमित करने की घोषणा कर मालिकाना हक देने की बात कही थी। इस बार प्रक्रिया को आसान किया गया और MCD को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि कोर्ट में चल रहे मामलों की वजह से करीब 200 कॉलोनियों को इसमें से हटा लिया गया।</p>
<p><strong>फिलहाल 350 AFR की ही अनुमति</strong><br>
फिलहाल यहां पर संपत्तियों की खरीद फरोख्त जनरल पावर अटॉर्नी के आधार पर होती है। इसलिए MCD ने DDA से अपील की है कि इसके रेगुलराइजेशन का शुल्क एक तिहाई कम करे। अभी तक 350 फ्लोर एरिया रेशियो (AFR) की ही अनुमति है। अभी तक रेगुलराइजेशन के लिए यदि किसी 100 गज की जमीन पर बनी चार मंजिला इमारत के ऊपर किसी ने दो मंजिल और बना रखी है तो उसे करीब सात से 10 लाख रुपये अतिरिक्त देने होंगे। बाकी खर्चे अलग हैं। ऐसे में निगम ने मांग की है कि इस शुल्क को भी घटाया जाए। क्योंकि अतिरिक्त FAR लेने पर 11 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर का शुल्क है, वह तीन गुणा अधिक देना पड़ता है। यही वजह है कि लोग अप्लाई नहीं कर रहे हैं। अनधिकृत कॉलोनियों में अधिकांश निर्माण नियमों के तहत नहीं है। इसलिए तीन गुणा अतिरिक्त शुल्क देना पड़ रहा है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>TMC फंड केस में ED का बड़ा एक्शन, कोलकाता के 5 ठिकानों पर छापेमारी; अभिषेक बनर्जी की चार्टर्ड फ्लाइट जांच के घेरे में</title>
<link>https://atworldnews.in/9196</link>
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<description><![CDATA[ कोलकाता  तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बैंक खातों और चुनावी चंदे में मचे घमासान के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। केंद्रीय जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमें कोलकाता और उसके आसपास सॉल्ट लेक, राजारहाट और राधाबाजार समेत पांच ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। ईडी के अधिकारी … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 18:32:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>TMC, फंड, केस, में, का, बड़ा, एक्शन, कोलकाता, के, ठिकानों, पर, छापेमारी, अभिषेक, बनर्जी, की, चार्टर्ड, फ्लाइट, जांच, के, घेरे, में</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कोलकाता </strong></p>
<p>तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बैंक खातों और चुनावी चंदे में मचे घमासान के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। केंद्रीय जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमें कोलकाता और उसके आसपास सॉल्ट लेक, राजारहाट और राधाबाजार समेत पांच ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। ईडी के अधिकारी केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों को साथ लेकर एक चार्टर्ड एविएशन कंपनी के डायरेक्टरों के घर और दफ्तरों को खंगाल रहे हैं। पूरा मामला टीएमसी के खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है।</p>
<p><strong>अभिषेक बनर्जी की चार्टर्ड फ्लाइट्स जांच के दायरे में</strong><br>
मंगलवार की सुबह ईडी की टीम सबसे पहले 'केयरवेल एविएशन' नाम की कंपनी के निदेशकों के घर पहुंची। जांच में यह बात सामने आई है कि इसी कंपनी के प्राइवेट विमानों और हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल टीएमसी के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और पार्टी के अन्य बड़े नेता दौरों के लिए करते रहे हैं। सॉल्ट लेक में रहने वाले कंपनी के दो निदेशकों, पवन जाजू और राजेश जाजू के घर पर टीम मौजूद है और उनसे बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है।</p>
<p>इसके साथ ही राजारहाट और राधाबाजार स्थित केयरवेल एविएशन के दफ्तरों पर भी छापेमारी चल रही है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या नेताओं के लिए बुक होने वाले इन महंगे चार्टर्ड विमानों का भुगतान टीएमसी के उन्हीं खातों से किया जा रहा था, जिन्हें लेकर शिकायत दर्ज है।<br>
<strong>पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास ने खुद की थी बैंक खाते फ्रीज करने की मांग</strong></p>
<p>दरअसल, टीएमसी के इन बैंक खातों को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास ने खुद बैंक अधिकारियों को एक चिट्ठी भेजी थी। इस चिट्ठी में उन्होंने खुद को पार्टी का अधिकृत कोषाध्यक्ष बताते हुए इन खातों से होने वाले लेन-देन पर रोक लगाने और इन्हें फ्रीज करने का अनुरोध किया था। इसके अलावा साइबर क्राइम ब्रांच में भी वित्तीय गबन को लेकर एक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद से ही ये खाते केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर आ गए थे।</p>
<p><strong>भाजपा विधायक की शिकायत पर पुलिस ने की थी कार्रवाई</strong><br>
इस मामले में राजनीतिक मोड़ तब आया जब जयनगर से भाजपा विधायक ने निजी बैंक के तीन खातों में भारी गड़बड़ी और संदिग्ध लेन-देन का आरोप लगाते हुए बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में साफ कहा गया था कि इन खातों के जरिए बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग का खेल चल रहा है। इसी आधार पर पुलिस ने बैंक को पत्र लिखकर तीनों खातों को तुरंत फ्रीज करवा दिया था, जिसकी कड़ियां जोड़ते हुए अब ईडी ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया है।</p>
<p><strong>"चार्टर्ड फ्लाइट का किराया इसी संदिग्ध पैसे से दिया गया"</strong><br>
पार्टी के भीतर और बाहर इस भारी खर्च को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रीतब्रत बनर्जी ने इस पूरे विवाद पर तीखा दावा करते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी की चार्टर्ड फ्लाइट्स के लिए जो मोटी रकम पानी की तरह बहाई गई, वह इसी फंड से निकली थी।</p>
<p>उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा, "हमारे लिए अब यह साबित कर पाना नामुमकिन है कि इस खाते में जमा किया गया करोड़ों रुपया किसी घोटाले, डकैती, जबरन वसूली या भ्रष्टाचार की कमाई का हिस्सा नहीं है। साफ दिख रहा है कि वीआईपी चार्टर्ड फ्लाइट्स का लाखों-करोड़ों का किराया इसी संदिग्ध पैसे से चुकाया जा रहा था।"</p>
<p>फिलहाल ईडी की टीमें दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाने में लगी हैं, जिससे आने वाले दिनों में टीएमसी के कई बड़े नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>Amarnath Yatra 2026: 5 दिन में पिघले बाबा बर्फानी, श्रद्धालुओं के लिए बड़ा झटका; देखें कैसे बदला स्वरूप</title>
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<description><![CDATA[ श्रीनगर  अमरनाथ यात्रा शुरू होने के महज पांच दिन बाद ही बाबा बर्फानी का प्राकृतिक हिमलिंग पूरी तरह पिघल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु गुफा में दर्शन कर चुके हैं। हिमलिंग के इतनी जल्दी पिघलने के बाद अमरनाथ श्राइन बोर्ड की व्यवस्थाओं और पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 18:32:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Amarnath, Yatra, 2026:, दिन, में, पिघले, बाबा, बर्फानी, श्रद्धालुओं, के, लिए, बड़ा, झटका, देखें, कैसे, बदला, स्वरूप</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>श्रीनगर</strong><br>
 अमरनाथ यात्रा शुरू होने के महज पांच दिन बाद ही बाबा बर्फानी का प्राकृतिक हिमलिंग पूरी तरह पिघल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु गुफा में दर्शन कर चुके हैं। हिमलिंग के इतनी जल्दी पिघलने के बाद अमरनाथ श्राइन बोर्ड की व्यवस्थाओं और पर्यावरणीय प्रभावों <strong>को लेकर चर्चा तेज हो गई है।</strong>अमरनाथ यात्रियों के लिए दुख वाली खबर सामने आई है. यात्रा शुरू होने के महज पांच दिन बाद ही हिमलिंग पूरी तरह पिघल गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु गुफा तक पहुंचकर दर्शन कर चुके हैं. अमरनाथ यात्रा इस बार 3 जुलाई से शुरू हुई थी और 7 जुलाई को बाबा बर्फानी पूरी तरह से अंतर्ध्यान हो गए. हर वर्ष 57 दिन तक चलने वाली बाबा अमरनाथ यात्रा का रक्षाबंधन के दिन यानी सावन पूर्णिमा पर समापन होता है. लेकिन महज पांच दिन में ही बाबा बर्फानी के अंतर्ध्यान होने से अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड पर सवाल खड़े हो रहे हैं। </p>
<p><strong>3 जुलाई से शुरू हुई थी यात्रा</strong><br>
इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी। बताया जा रहा है कि 7 जुलाई तक प्राकृतिक हिमलिंग पूरी तरह पिघल गया। जबकि यह यात्रा हर साल 57 दिनों तक चलती है और इस बार इसका समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन (सावन पूर्णिमा) के दिन होना है।</p>
<p><strong>श्राइन बोर्ड ने क्या कहा?</strong><br>
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि हिमलिंग का बनना और पिघलना पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया है। उन्होंने इसे मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों से जुड़ी सामान्य घटना बताया है।अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड के अधिकारियों से जब इस बारे में बात कई गई तो उन्होने इस स्थिति को प्राकृतिय प्रकिया का हवाला देते हुए पल्ला झाड़ लिया. लेकिन कश्मीर के पर्यावरणविदों का मानना है कि क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति देना इसका सबसे बड़ा कारण है. उनका कहना है कि लाखों भक्तों की गर्म सांस हिमलिंग सहन नहीं कर पा रहा है और श्राइन बोर्ड के अधिकारी भी यह मानते हैं लेकिन उन्होंने इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की. साथ ही हिमलिंग के पिघलने से रोकने के लिए किए गए सभी उपाय भी इनको नाकाफी साबित हुए। </p>
<p><strong>पर्यावरणविदों ने जताई चिंता</strong><br>
कश्मीर के कुछ पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से गुफा के आसपास का तापमान बढ़ता है, जिससे हिमलिंग तेजी से पिघल सकता है। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की संख्या और पर्यावरणीय परिस्थितियों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। हालांकि, इस दावे पर सभी विशेषज्ञों की एक जैसी राय नहीं है और हिमलिंग के जल्दी पिघलने के पीछे मौसम और जलवायु भी अहम कारण माने जाते हैं।</p>
<p><strong>मौसम और तापमान का भी असर</strong><br>
विशेषज्ञों के अनुसार, अमरनाथ गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिम शिवलिंग हर साल तापमान, बर्फबारी और मौसम की स्थिति के अनुसार आकार लेता है। ऊंचाई वाले इलाकों में बढ़ता तापमान, कम बर्फबारी और जलवायु परिवर्तन जैसी स्थितियां इसके बनने और पिघलने की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं।</p>
<p><strong> अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड ने झाड़ा पल्ला</strong><br>
अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने इसके पिघलने की प्रक्रिया से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि यह प्राकृतिक प्रक्रिया है। हालांकि कश्मीर के पर्यावरणविद इसे मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना था कि क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को यात्रा में शामिल होने की अनुमति देने से ऐसा हुआ है। </p>
<p><strong>भक्तों की गर्म सांसों से पिघल रहा है हिमलिंग!</strong><br>
पिछले कई सालों से जिस तेजी से हिमलिंग पिघल रहा है उसे रोकने की खातिर किए जाने वाले उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं। दरअसल गुफा में क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने से हिमलिंग को नुकसान पहुंच रहा है क्योंकि लाखों भक्तों की गर्म सांसों को हिमलिंग सहन नहीं कर पा रहा है। श्राइन बोर्ड के अधिकारी अप्रत्यक्ष तौर पर भक्तों की सांसों की थ्योरी को मानते हैं पर प्रत्यक्ष तौर पर वे इसे कुदरती प्रक्रिया करार देते थे। </p>
<p><strong>पहले भी जल्दी पिघल चुका है हिमलिंग</strong><br>
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 मई को हिमलिंग की ऊंचाई करीब 7 फीट थी। 29 जून तक यह घटकर करीब 5 फीट रह गई और अब इसके पूरी तरह पिघलने की जानकारी सामने आई है। यह पहली बार नहीं है जब हिमलिंग यात्रा के दौरान जल्दी पिघला हो। वर्ष 2016 में यात्रा शुरू होने के करीब 10 दिन बाद ही हिमलिंग पिघल गया था। वहीं, 2013 में भी यात्रा समाप्त होने से पहले ही हिमलिंग अंतर्ध्यान हो गया था।</p>
<p><strong>28 अगस्त तक चलेगी अमरनाथ यात्रा</strong><br>
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए इस पवित्र गुफा तक पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अमरनाथ गुफा वही स्थान है जहां भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुनाया था। इसी वजह से यह हिंदू धर्म की सबसे पवित्र तीर्थयात्राओं में से एक मानी जाती है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>पाकिस्तान में बड़ा आतंकी हमला, पुलिस चौकी पर अंधाधुंध फायरिंग; 9 जवानों की मौत</title>
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<description><![CDATA[ इस्लामाबाद आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान से बड़ी खबर सामने आई है। यहां के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में बड़ा आतंकी हमला हुआ है। बताया जा रहा है कि जियारत जिले में सोमवार देर रात आतंकवादियों ने एक पुलिस चौकी पर हमला बोल दिया और ताबड़तोड़ गोलीबारी करने लगे। इस हमले में दो एसएचओ समेत … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 18:32:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>पाकिस्तान, में, बड़ा, आतंकी, हमला, पुलिस, चौकी, पर, अंधाधुंध, फायरिंग, जवानों, की, मौत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इस्लामाबाद</strong></p>
<p>आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान से बड़ी खबर सामने आई है। यहां के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में बड़ा आतंकी हमला हुआ है। बताया जा रहा है कि जियारत जिले में सोमवार देर रात आतंकवादियों ने एक पुलिस चौकी पर हमला बोल दिया और ताबड़तोड़ गोलीबारी करने लगे। इस हमले में दो एसएचओ समेत 9 पुलिसकर्मी मारे गए। बताया जा रहा है कि आतंकवादियों ने पांच जवानों को अगवा भी कर लिया है। वहीं, हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला और संयुक्त अभियान शुरू किया, जिसमें 15 आतंकवादी मारे गए।</p>
<p>घटना की पुष्टि करते हुए जियारत के पुलिस अधीक्षक अब्दुल कुदूस ने बताया कि हमलावरों ने मांगी फेज-तीन क्षेत्र में स्थित पुलिस चौकी को निशाना बनाया। रात भर चली गोलीबारी बेहद भीषण रही, जिसमें दोनों तरफ से भारी मात्रा में हथियारों का इस्तेमाल हुआ। मारे गए पुलिस अधिकारियों में मांगी थाने के एसएचओ मोहम्मद हुसैन, कोवास थाने के एसएचओ सोहबत खान और एंटी-टेररिस्ट फोर्स के इंचार्ज हेड कांस्टेबल सैफुल्लाह शामिल हैं। मारे गए जवानों के शवों को जियारत जिला मुख्यालय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।</p>
<p><strong>हमले में टीटीपी का हाथ?</strong><br>
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार शाहिद रिंद ने बताया कि मांगी इलाके में आतंकवादियों के खिलाफ चलाया गया क्लियरेंस ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है। इस अभियान में फ्रंटियर कॉर्प्स, बलूचिस्तान पुलिस, काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट, स्पेशल ऑपरेशंस विंग और एंटी-टेररिज्म फोर्स ने भाग लिया। शाहिद रिंद ने आगे बताया कि अभियान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के 15 आतंकवादी मारे गए। रिंद ने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ इंटेलिजेंस आधारित अभियान और तेज किए जाएंगे। वहीं, अगवा किए गए पांच पुलिसकर्मियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने की घटना की निंदा</strong><br>
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी हमले की निंदा की और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शरीफ ने कहा कि हम बलूचिस्तान की शांति को नुकसान पहुंचाने की किसी को इजाजत नहीं देंगे। शांति के दुश्मनों को पूरी तरह समाप्त किए बिना हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। वहीं, गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि ऐसे कायराना हमले न तो शांति भंग कर सकते हैं और न ही आतंकवाद के खिलाफ देश के दृढ़ संकल्प को कमजोर कर सकते हैं।</p>
<p><strong>इलाके में तनाव, सड़कें जाम</strong><br>
हमले की खबर फैलते ही जियारत और आसपास के इलाकों में गुस्सा भड़क उठा। स्थानीय कबीलों, ट्रांसपोर्टरों, व्यापारियों और मारे गए पुलिसकर्मियों के परिजनों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बलूचिस्तान को पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा से जोड़ने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को पूरी तरह जाम कर दिया। इस कारण सैकड़ों यात्री बसें और माल ढोने वाले वाहन सड़कों पर फंस गए। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। जियारत के डिप्टी कमिश्नर अब्दुल कुदूस अचकजई ने कहा कि लापता जवानों की तलाश के लिए विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और इलाके में अतिरिक्त सैन्य व पुलिस बल भेजे गए हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>रायपुर में फर्जी अंकसूची के सहारे GST विभाग में मिली नौकरी, दो कर्मचारी बर्खास्त</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. फर्जी अंकसूची के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी विभाग ने दो कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। जीएसटी आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा ने मंगलवार को किशोर पटेल और भागवत पटेल को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए। दोनों कर्मचारियों पर वर्ष … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 18:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>रायपुर, में, फर्जी, अंकसूची, के, सहारे, GST, विभाग, में, मिली, नौकरी, दो, कर्मचारी, बर्खास्त</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>फर्जी अंकसूची के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी विभाग ने दो कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। जीएसटी आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा ने मंगलवार को किशोर पटेल और भागवत पटेल को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए।</p>
<p>दोनों कर्मचारियों पर वर्ष 2013 की भृत्य भर्ती में कक्षा आठवीं की फर्जी अंकसूची प्रस्तुत कर नौकरी हासिल करने का आरोप था। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2013 में हुई भृत्य भर्ती के दौरान दोनों अभ्यर्थियों ने कक्षा आठवीं की अंकसूची में 96 प्रतिशत से अधिक अंक दर्शाए थे। इसी मेरिट के आधार पर उनका चयन हुआ। बाद में दोनों की पदोन्नति होकर सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्ति हो गई। मामले में किशोर पटेल का नाम उस समय भी चर्चा में आया था, जब वह कर्मचारी संघ का नेता बन गया था। बताया जाता है कि तत्कालीन विशेष आयुक्त टी.एल. ध्रुव के समन्वय कक्ष में पदस्थापना के दौरान टाइपिंग कार्य को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद किशोर पटेल ने कर्मचारी संघ और प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत भेजी थी। यह मामला मीडिया में भी प्रमुखता से सामने आया था।</p>
<p>बलौदाबाजार के कुछ लोगों ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि किशोर पटेल और भागवत पटेल की कक्षा आठवीं की अंकसूचियां फर्जी हैं। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित मिडिल स्कूल की परीक्षा परिणाम पंजी को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों में सामने आया कि समतुल्यता परीक्षा में अनुपस्थित परीक्षार्थियों के रोल नंबर का उपयोग कर कथित रूप से फर्जी अंकसूचियां तैयार की गई थीं। आरोप है कि इस पूरे मामले में तत्कालीन प्रधान पाठक, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सारंगढ़ और जिला शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा किया गया।</p>
<p>शिकायत मिलने पर जीएसटी आयुक्त की ओर से अंकसूचियों के सत्यापन के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा गया था। उस समय अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में अंकसूचियों को सही बताया था। हालांकि बाद में विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के दौरान पूरे मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद जांच आगे बढ़ी और अंततः दोनों कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि जिन शिक्षा अधिकारियों पर फर्जी दस्तावेजों को सत्यापित करने और कथित संरक्षण देने के आरोप हैं, उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल बर्खास्तगी ही नहीं, बल्कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त करने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज करने का भी प्रावधान है। फिलहाल इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>MP सरकार ने फिर लिया ₹3,600 करोड़ का कर्ज, राज्य पर कुल देनदारी ₹5.61 लाख करोड़ के पार</title>
<link>https://atworldnews.in/9192</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने मंगलवार को बाजार से 3,600 करोड़ रुपए का नया कर्ज उठाया है। यह राशि दो अलग-अलग किश्तों में 18 वर्ष और 30 वर्ष की अवधि के लिए जुटाई गई है। इस नई उधारी के बाद चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज 17,400 … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 18:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सरकार, ने, फिर, लिया, ₹3, 600, करोड़, का, कर्ज, राज्य, पर, कुल, देनदारी, ₹5.61, लाख, करोड़, के, पार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने मंगलवार को बाजार से 3,600 करोड़ रुपए का नया कर्ज उठाया है। यह राशि दो अलग-अलग किश्तों में 18 वर्ष और 30 वर्ष की अवधि के लिए जुटाई गई है। इस नई उधारी के बाद चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज 17,400 करोड़ रुपए हो गया है, जबकि प्रदेश पर कुल देनदारी बढ़कर करीब 5.6114 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई है।</p>
<p>वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह राशि बॉन्ड जारी कर और सरकारी प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की नीलामी के माध्यम से जुटाई जाएगी। ऋण की राशि का उपयोग राज्य में उत्पादक विकास कार्यक्रमों और विभिन्न सार्वजनिक विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण में किया जाएगा। इस उधारी के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक स्वीकृति भी प्राप्त कर ली गई है।</p>
<p><strong>18 और 30 वर्ष की अवधि के लिए लिया गया ऋण</strong><br>
अधिसूचना के मुताबिक, पहली किश्त 1,600 करोड़ रुपए की है, जिसे 18 वर्ष की अवधि के लिए लिया गया है। इस पर ब्याज का भुगतान निर्धारित अवधि तक प्रत्येक वर्ष किया जाएगा।</p>
<p>दूसरी किश्त 2,000 करोड़ रुपए की है, जिसकी परिपक्वता अवधि वर्ष 2056 तक रहेगी। दोनों ऋणों पर राज्य सरकार 7.90 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर का भुगतान करेगी। ब्याज का भुगतान प्रत्येक वर्ष 15 अप्रैल और 15 अक्टूबर को किया जाएगा, जबकि ऋण राशि का भुगतान बुधवार को होगा।</p>
<p><strong>ई-कुबेर प्लेटफॉर्म के जरिए हुई नीलामी</strong><br>
राजपत्र के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ई-कुबेर प्रणाली के माध्यम से सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी आयोजित की गई, जिसमें पात्र और संस्थागत निवेशकों ने भाग लिया। गैर-प्रतिस्पर्धी निवेशकों के लिए भी निर्धारित सीमा तक निवेश की सुविधा उपलब्ध कराई गई।</p>
<p><strong>31 मार्च तक प्रदेश पर था 4.88 लाख करोड़ का कर्ज</strong><br>
सरकार के अनुसार, 31 मार्च 2026 की स्थिति में मध्यप्रदेश पर कुल 4,88,714.17 करोड़ रुपए का ऋण था। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा 3,33,278.21 करोड़ रुपए के मार्केट लोन का है। इसके अलावा वित्तीय संस्थानों, केंद्र सरकार, राष्ट्रीय लघु बचत निधि और अन्य स्रोतों से लिए गए ऋण भी कुल देनदारियों में शामिल हैं।</p>
<p><strong>विकास कार्यों पर खर्च होगा ऋण</strong><br>
राज्य सरकार का कहना है कि इस ऋण का उपयोग सिंचाई, कृषि, ऊर्जा, सड़क, संचार, पेयजल, सहकारी संस्थाओं के विकास और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए किया जाएगा। सरकार ने यह भी दावा किया है कि राज्य की परिसंपत्तियों का मूल्य उसकी कुल देनदारियों से अधिक है, जिससे वित्तीय स्थिति संतुलित बनी हुई है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>राम गोपाल यादव के WhatsApp पर लगी रोक, रोज 5 हजार लोगों को भेजते थे</title>
<link>https://atworldnews.in/9191</link>
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<description><![CDATA[  लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव हर सुबह करीब 5 हजार लोगों को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजते हैं. लेकिन अब यह सिलसिला कुछ समय के लिए रुक गया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि 31 जुलाई तक वह अपने नियमित व्हाट्सएप संदेश नहीं भेज पाएंगे, क्योंकि व्हाट्सऐप ने उनके अकाउंट … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 18:01:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>राम, गोपाल, यादव, के, WhatsApp, पर, लगी, रोक, रोज, हजार, लोगों, को, भेजते, थे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> लखनऊ</strong></p>
<p>समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव हर सुबह करीब 5 हजार लोगों को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजते हैं. लेकिन अब यह सिलसिला कुछ समय के लिए रुक गया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि 31 जुलाई तक वह अपने नियमित व्हाट्सएप संदेश नहीं भेज पाएंगे, क्योंकि व्हाट्सऐप ने उनके अकाउंट से संदेश भेजने पर अस्थायी रोक लगा दी है। </p>
<p>रामगोपाल यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि वह प्रतिदिन सुबह लगभग पांच हजार लोगों को सुप्रभात संदेश भेजते थे और उनके अच्छे दिन की कामना करते थे. उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप ने 31 जुलाई तक उनके द्वारा भेजे जाने वाले संदेशों पर रोक लगा दिया है. इसी वजह से वह इस अवधि में अपने शुभचिंतकों तक रोजाना पहुंचने वाला संदेश नहीं भेज सकेंगे। </p>
<p>रामगोपाल यादव की इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई. कई समर्थकों ने उनके पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए जल्द प्रतिबंध हटने की उम्मीद जताई, जबकि कुछ यूजर्स ने यह जानने की उत्सुकता दिखाई कि व्हाट्सऐप ने इतनी बड़ी संख्या में संदेश भेजने पर यह अस्थायी रोक क्यों लगाई। </p>
<p>गौरतलब है कि व्हाट्सएप की नीतियों के तहत एक साथ बड़ी संख्या में संदेश भेजने या असामान्य गतिविधि पाए जाने पर सुरक्षा कारणों से कुछ अकाउंट्स पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया जा सकता है. हालांकि, रामगोपाल यादव के मामले में व्हाट्सएप की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, इसलिए प्रतिबंध का सटीक कारण स्पष्ट नहीं है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>दिल्ली में आज उतरेंगी 300 नई इलेक्ट्रिक बसें, 2028 तक होगा पूरा ईवी परिवहन</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  दिल्ली की सड़कों पर आज मंगलवार को 300 नई इलेक्ट्रिक बसें उतरेंगी। दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा 5000 के पार पहुंच जाएगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का दावा है कि 2028 तक दिल्ली के पब्लिक ट्रांसपोर्ट में 100 फीसदी बसें इलेक्ट्रिक होंगी। इसके लिए वह अभी से पीएम ई-ड्राइव के तहत … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 18:00:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली, में, आज, उतरेंगी, 300, नई, इलेक्ट्रिक, बसें, 2028, तक, होगा, पूरा, ईवी, परिवहन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 दिल्ली की सड़कों पर आज मंगलवार को 300 नई इलेक्ट्रिक बसें उतरेंगी। दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा 5000 के पार पहुंच जाएगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का दावा है कि 2028 तक दिल्ली के पब्लिक ट्रांसपोर्ट में 100 फीसदी बसें इलेक्ट्रिक होंगी। इसके लिए वह अभी से पीएम ई-ड्राइव के तहत ऑर्डर प्लेस कर चुकी हैं। सूत्रों का कहना है कि 2028 तक डीटीसी के पास कुल 13 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक बसें होंगी।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री इन 300 बसों को आज हरी झंडी दिखाएंगी</strong><br>
आज मंगलवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री इन 300 बसों को हरी झंडी दिखाएंगी। अभी DTC के पास 6223 बसें हैं, जिनमें 4680 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। इसमें 12 मीटर वाली स्टैंडर्ड बसों के अलावा 9 मीटर वाली देवी बसें भी शामिल हैं।</p>
<p><strong>DTC चाहकर भी अब सीएनजी चालित बसें नहीं खरीद पाएगी</strong><br>
ईवी पॉलिसी आने के बाद सरकार ने अब दिल्ली में सिर्फ इलेक्ट्रिक बसें लाने का प्रावधान किया है। यानी DTC चाहकर भी अब सीएनजी चालित बसें नहीं खरीद पाएगी। दिल्ली सरकार के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली सरकार ने पीएम ई-ड्राइव के तहत 2800 नई बसें खरीदने को लेकर एक और कैबिनेट प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें 9 मीटर वाली 1400 बसें भी शामिल हैं। ये नई बसें 2027 से आनी शुरू हो जाएंगी और अप्रैल 2027 तक सड़कों पर चलाने की तैयारी है। यानी 2027 तक डीटीसी के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों का आंकड़ा 8000 को पार कर जाएगा। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कैबिनेट नोट तैयार कर वित्तीय मंजूरी के लिए भेज दिया गया है।</p>
<p><strong>महाकाल से अयोध्या तक पदयात्रा करेंगे दिग्विजय सिंह, 2 अक्टूबर से होगी शुरुआत</strong><br>
    5,000 के पार इलेक्ट्रिक बसों की संख्या दिल्ली में<br>
    13,000 इलेक्ट्रिक बसें होगी DTC के पास 2028 तक<br>
    पीएम ई-ड्राइव के तहत किया जा चुका है ऑर्डर प्लेस<br>
    नई बसें 2027 से आनी शुरू हो जाएगी, अप्रैल 2027 तक चलाने की तैयारी</p>
<p><strong>आप पर असर</strong><br>
दिल्ली में बसों की संख्या बढ़ने से सबसे ज्यादा फायदा उसमें सफर करने वाले लाखों यात्रियों को होगा। बसों की फ्रीक्वेंसी बेहतर होगी। जिन रूटों पर अभी भीड़ ज्यादा है, वहां बसों की संख्या भी बढ़ाई जा सकेगी। छोटी बसें आने से संकरी सड़कों पर बसों की आवाजाही बढ़ेगी। इसके लिए सरकार IIT दिल्ली के साथ मिलकर दिल्ली को तीन जोन में बांटकर बस रूट रेशनलाइजेशन का काम भी कर रही है, जिससे कनेक्टिविटी को बेहतर किया जा सके। वर्तमान में दिल्ली में मांग के हिसाब से बसों की संख्या करीब 6500 है। अगले साल यह संख्या 8 हजार करने के साथ-साथ 2028 तक 13 हजार से अधिक करना है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>यूपी चुनाव से पहले योगी सरकार एक्टिव, मंत्रियों को जनता तक योजनाएं पहुंचाने का निर्देश</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ   उत्तर प्रदेश में अगले छह महीने में विधानसभा चुनाव होना है। इससे पहले योगी सरकार चुनावी मोड में आ गई हैं। सीएम योगी ने सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रिपरिषद की बैठक ली। मंत्रियों को शासन की योजनाओं को अंतिम पायदान पर खड़े लोगों और जरूरतमंदों तक पहुंचाने का निर्देश दिया। … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 18:00:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यूपी, चुनाव, से, पहले, योगी, सरकार, एक्टिव, मंत्रियों, को, जनता, तक, योजनाएं, पहुंचाने, का, निर्देश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ  </strong><br>
उत्तर प्रदेश में अगले छह महीने में विधानसभा चुनाव होना है। इससे पहले योगी सरकार चुनावी मोड में आ गई हैं। सीएम योगी ने सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रिपरिषद की बैठक ली। मंत्रियों को शासन की योजनाओं को अंतिम पायदान पर खड़े लोगों और जरूरतमंदों तक पहुंचाने का निर्देश दिया। इसके बाद विधायकों और जनप्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक करके पौधरोपण महाभियान-2026' के लिए निर्देश दिया। कहा कि दो दिनों के अंदर अपने-अपने इलाके में अधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय संस्थाओं के साथ बैठक करके स्थान तय करें।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की 25 करोड़ जनता हमारा परिवार है। प्रदेश सरकार द्वारा अन्तिम पायदान पर खड़े समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि प्रत्येक जरुरतमन्द तक आवश्यक सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जाए।</p>
<p><strong>प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी रहे मौजूद</strong><br>
मुख्यमंत्री सोमवार को यहां अपने सरकारी आवास पर मंत्रिमण्डल के सदस्यों के साथ बैठक कर रहे थे। बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि राज्य का चहुंमुखी विकास प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लेते रहें।</p>
<p>स्थानीय जनप्रतिनिधियों से प्रत्येक मुद्दे पर विचार-विमर्श करते हुए गांवों तथा कस्बों में विद्यालयों, अस्पतालों आदि की स्थिति और वहां प्रदान की जा रही जनसुविधाओं की पड़ताल करें। प्रत्येक जनपद के महिला स्वयं सहायता समूहों से संवाद बनायें। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत रोड कटिंग से जुड़े मामलों का तय समय में निस्तारण किया जाना चाहिए।</p>
<p><strong>अभिभावकों के साथ बैठक करें मंत्री</strong><br>
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनीफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे आदि प्रदान कर रही है। मंत्री इन स्कूलों में जाकर अभिभावकों के साथ बैठक करें। बच्चों के रिपोर्ट कार्ड देखते हुए स्कूलों में प्रदान की जा रही अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करें।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 जुलाई को वाराणसी में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारम्भ किया जाएगा। इस योजना से बेसिक तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक आदि तथा उनके परिवार के सदस्य पांच लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवर प्राप्त कर सकेंगे। जनपद स्तर पर मंत्री तथा प्रत्येक विधान सभा स्तर पर विधायक इस कार्यक्रम को सम्पन्न कराएंगे।</p>
<p><strong>12 जुलाई को वृक्षारोपण अभियान</strong><br>
मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 जुलाई को प्रदेश में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृक्षारोपण महाअभियान संचालित किया जाएगा। इस वृक्षारोपण महाअभियान के पश्चात प्रदेश 275 करोड़ पौधे रोपित करने का रिकार्ड बनाने जा रहा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के सकारात्मक प्रयासों से प्रदेश की आधी आबादी राज्य के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रही है। जनपद सिद्धार्थनगर की एक महिला उद्यमी ने मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का लाभ उठाकर दो वर्षों में छह लाख रुपये की आमदनी प्राप्त की है। वह अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बनी हैं। कोविड कालखण्ड में आशा वर्करों ने अच्छा कार्य किया है, उनका मानदेय बढ़ाने की आवश्यकता है।</p>
<p><strong>दो दिनों में बैठक करें विधायक और सभी जनप्रतिनिधि</strong><br>
मुख्यमंत्री ने पौधे लगाने और उसकी सुरक्षा पर भी ध्यान देने की अपील की है। सोमवार को 'पौधरोपण महाभियान-2026' को लेकर जनप्रतिनिधियों से वर्चुअली संवाद के दौरान सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अगले दो दिनों में अपने-अपने क्षेत्रों में अधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय संस्थाओं के साथ बैठक कर वृक्षारोपण स्थलों का चयन करें तथा पौधों की आवश्यकता का प्रस्ताव जिला प्रशासन एवं वन विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते सभी तैयारियां पूरी की जा सकें।</p>
<p>इस संवाद में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, महापौर, जिला पंचायत अध्य़क्षों, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत के अध्यक्षों, ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, निवर्तमान ग्राम प्रधानों, पंचायत सदस्यों, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायतों के पार्षद भी जुड़े। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों, संगठनों और नागरिकों से इसमें बढ़-चढ़कर सहभागिता का आह्वान किया।</p>]]> </content:encoded>
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<title>सिया गोयल केस में बड़ा खुलासा, शादी के 4 महीने बाद सामने आई WhatsApp चैट ने खोले कई राज</title>
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<description><![CDATA[ पुणे पुणे के लोहगढ़ किले से धक्का देकर केतन अग्रवाल की कथित हत्या के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ आया है। पुलिस जांच और डिजिटल सबूतों से खुलासा हुआ है कि मामले की मुख्य आरोपी और केतन की मंगेतर सिया गोयल ने सह-आरोपी चेतन चौधरी से गुपचुप तरीके से शादी रचा ली थी। … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 17:33:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सिया, गोयल, केस, में, बड़ा, खुलासा, शादी, के, महीने, बाद, सामने, आई, WhatsApp, चैट, ने, खोले, कई, राज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पुणे</strong></p>
<p>पुणे के लोहगढ़ किले से धक्का देकर केतन अग्रवाल की कथित हत्या के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ आया है। पुलिस जांच और डिजिटल सबूतों से खुलासा हुआ है कि मामले की मुख्य आरोपी और केतन की मंगेतर सिया गोयल ने सह-आरोपी चेतन चौधरी से गुपचुप तरीके से शादी रचा ली थी। पुलिस का मानना है कि यह शादी सगाई से महीनों पहले ही हो चुकी थी।</p>
<p><strong>परिवार से छिपाकर की थी 'सीक्रेट मैरिज'</strong><br>
न्यूज18 मराठी की एक रिपोर्ट के हवाले से सामने आया है कि जांचकर्ताओं का मानना है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने करीब चार महीने पहले अपने-अपने परिवारों को बिना बताए गुपचुप शादी कर ली थी। इस बात का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन से रिकवर की गई वॉट्सऐप चैट्स को खंगाला।</p>
<p><strong>डिजिटल सबूतों से खुली साजिश की पोल</strong><br>
जांचकर्ताओं ने मामले की तह तक जाने के लिए आरोपियों के पिछले 6 से 7 महीने के कॉल रिकॉर्ड्स, लोकेशन डेटा, वॉट्सऐप चैट और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री की गहन जांच की है। पुलिस का दावा है कि इस डिजिटल एक्टिविटी से साफ होता है कि दोनों ने अपनी शादी की बात परिवारों से छिपाकर रखी थी। पुलिस को संदेह है कि सीक्रेट मैरिज के बाद ही केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची गई।</p>
<p><strong>14 जून को फेल हो गया था हत्या का पहला प्लान</strong><br>
पुलिस के मुताबिक, केतन अग्रवाल की हत्या की पहली कोशिश 14 जून को की गई थी, लेकिन वह नाकाम रही। जांचकर्ताओं का दावा है कि सिया ऐन मौके पर डर गई और पीछे हट गई, जिसकी वजह से वह प्लान फेल हो गया था। पुलिस का कहना है कि इसके बाद दोनों आरोपियों के बीच कई मैसेज का आदान-प्रदान हुआ, जिसमें आगे की साजिश पर चर्चा की गई।</p>
<p><strong>वॉट्सऐप चैट में लिखा- 'तुम भी आ जाओ, मिलकर धक्का दे देंगे'</strong><br>
पुलिस के हाथ एक ऐसी अहम वॉट्सऐप चैट लगी है, जिसने इस हत्याकांड की पूरी कहानी साफ कर दी है। रिकवर किए गए एक मैसेज में कथित तौर पर सिया ने चेतन से कहा कि वह अकेले इस काम को अंजाम देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है, इसलिए उसने चेतन को अपने साथ आने के लिए कहा।</p>
<p><strong>पुणे मर्डर केस</strong><br>
जांचकर्ताओं के मुताबिक, सिया ने मैसेज में लिखा था: "मुझमें इसे करने की हिम्मत नहीं है, तुम भी आ जाओ- हम दोनों मिलकर उसे चट्टान से धक्का दे देंगे।" पुलिस का दावा है कि इस खौफनाक बातचीत के बाद 18 जून को कथित तौर पर दोनों ने मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच लगातार जारी है और यह पूरा केस कोर्ट के विचाराधीन है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस: 38 आतंकियों की फांसी की सजा बरकरार, 56 मौतों के मामले में बड़ा फैसला</title>
<link>https://atworldnews.in/9187</link>
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<description><![CDATA[ अहमदाबाद साल 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के निर्णय को बरकरार रखा है. हाईकोर्ट ने 38 दोषियों को दी गई फांसी की सजा और 11 अन्य दोषियों को सुनाई गई उम्रकैद की सजा को कायम रखा है. इसके साथ ही दोषियों की ओर से … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 17:33:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>अहमदाबाद, सीरियल, ब्लास्ट, केस:, आतंकियों, की, फांसी, की, सजा, बरकरार, मौतों, के, मामले, में, बड़ा, फैसला</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>अहमदाबाद</strong></p>
<p>साल 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के निर्णय को बरकरार रखा है. हाईकोर्ट ने 38 दोषियों को दी गई फांसी की सजा और 11 अन्य दोषियों को सुनाई गई उम्रकैद की सजा को कायम रखा है. इसके साथ ही दोषियों की ओर से दायर सभी अपीलों को खारिज कर दिया गया. अदालत ने विस्फोटों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। </p>
<p>यह फैसला गुजरात हाईकोर्ट की विशेष पीठ ने सुनाया. मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने इस केस की सुनवाई के लिए विशेष बेंच का गठन किया था. मार्च 2025 से इस मामले की नियमित आधार पर सुनवाई चल रही थी. राज्य सरकार की ओर से फांसी की सजा की पुष्टि करने की याचिका और दोषियों द्वारा सजा के खिलाफ दाखिल अपीलों पर संयुक्त सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है। </p>
<p>दरअसल, अहमदाबाद की विशेष अदालत ने 18 फरवरी 2022 को इस मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 38 दोषियों को फांसी और 11 अन्य दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. भारतीय कानून के अनुसार किसी भी निचली अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा तब तक लागू नहीं की जा सकती, जब तक संबंधित हाईकोर्ट उसकी पुष्टि न कर दे. इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत यह मामला गुजरात हाईकोर्ट में विचाराधीन था। </p>
<p>इसके साथ ही हाईकोर्ट ने पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश भी दिया है. धमाकों में मारे गए 56 लोगों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये और 200 से ज्यादा घायलों को 1-1 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। यह पूरा मामला 26 जुलाई 2008 का है, जब अहमदाबाद में एक के बाद एक करीब 70 मिनट के भीतर कुल 21 बम धमाके हुए थे. इन धमाकों में 56 लोगों की जान चली गई थी और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. बम को साइकिल पर रखे टिफिन बॉक्स में छिपाया गया था। </p>
<p><strong>20 धमाके, 59 लोगों की गई थी जान<br>
26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में महज 49 </strong>मिनट के अंदर एक के बाद एक 20 धमाके हुए थे। इस सीरियल ब्लास्ट में 59 लोगों की जान चली गई थी। हमलावरों ने नरोदा, बापू नगर, सरखेज और हटकेश्वर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाया था। अस्पतालों, बसों, सार्वजनिक स्थानों और बाजारों में बम लगाए थे।</p>
<p><strong>38 आरोपियों को फांसी, 11 को उम्रकैद</strong><br>
इस केस के 14 साल बाद 2022 में सेशन कोर्ट ने 38 आरोपियों को फांसी और 11 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अदालत ने इस मामले को सबसे दुर्लभ बताया और कहा कि मौत की सजा देना उचित है। साथ ही, मारे गए और घायल लोगों के परिवारों को मुआवजा देने का भी आदेश दिया। यह पहला मामला है, जब किसी भी केस में एक साथ 38 आरोपियों को दोषी मानते हुए अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी।</p>
<p><strong>राज्य सरकार ने भी दायर की थी याचिका</strong><br>
इसके बाद, सभी दोषियों ने निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ गुजरात हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। वहीं, राज्य सरकार ने भी हाई कोर्ट के समक्ष मौत की सजा के लिए याचिका दायर की थी।</p>
<p><strong>हाई कोर्ट क्यों पहुंचा मामला?</strong><br>
कानून के मुताबिक, किसी भी अपराधी को फांसी देने के लिए हाई कोर्ट की मंजूरी मिलना जरूरी होता है, इसीलिए सजा पाए दोषियों ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की। दोषियों के वकीलों ने पुलिस की जांच, सबूतों और कबूलनामों पर सवाल उठाए।</p>
<p>हमलावरों ने शहर की बसों, बाजारों और अस्पताल तक को निशाना बनाया था. धमाकों के बाद अहमदाबाद और सूरत से भी बम बरामद हुए थे. आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन ने इन धमाकों की जिम्मेदारी ली थी. बताया जाता है कि यह धमाके साल 2002 में हुए गुजरात दंगों का बदला लेने के लिए किए गए थे। </p>
<p>इस मामले में सरकार ने 78 लोगों को आरोपी बनाकर 35 अलग-अलग केस दर्ज किए थे, जिनकी सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट बनाई गई थी. करीब 14 साल की लंबी सुनवाई के बाद फरवरी 2022 में स्पेशल कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था। </p>
<p>उस समय 49 दोषियों में से 38 को फांसी और 11 को उम्रकैद की सजा दी गई थी, जबकि सबूतों की कमी के चलते 28 लोगों को बरी कर दिया गया था. भारत के न्यायिक इतिहास में यह पहला मौका था जब एक साथ 38 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई थी। </p>
<p>इस मामले में स्पेशल कोर्ट में 1150 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे और 8 फरवरी 2022 को 6700 से ज्यादा पन्नों का फैसला सुनाया गया था. स्पेशल कोर्ट के इस फैसले को दोषियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। </p>
<p> </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>जब्त मवेशियों की कस्टडी पर बड़ा फैसला आएगा, हाईकोर्ट तय करेगी कोर्ट के अधिकार</title>
<link>https://atworldnews.in/9186</link>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर. हाईकोर्ट ने गोवंश की जब्ती और उनकी अंतरिम कस्टडी को लेकर एक कानूनी सवाल पर सुनवाई शुरू की है। हाईकोर्ट यह तय करने जा रहा है कि क्या गोवंश तस्करी या अवैध परिवहन के मामलों में दर्ज एफआईआर के बाद, ट्रायल आपराधिक अदालतों को जब्त मवेशियों को अंतरिम कस्टडी में सौंपने का अधिकार है, … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 17:32:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>जब्त, मवेशियों, की, कस्टडी, पर, बड़ा, फैसला, आएगा, हाईकोर्ट, तय, करेगी, कोर्ट, के, अधिकार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बिलासपुर.</strong></p>
<p>हाईकोर्ट ने गोवंश की जब्ती और उनकी अंतरिम कस्टडी को लेकर एक कानूनी सवाल पर सुनवाई शुरू की है। हाईकोर्ट यह तय करने जा रहा है कि क्या गोवंश तस्करी या अवैध परिवहन के मामलों में दर्ज एफआईआर के बाद, ट्रायल आपराधिक अदालतों को जब्त मवेशियों को अंतरिम कस्टडी में सौंपने का अधिकार है, या विशेष कानून के चलते इस पर कोई पाबंदी है।</p>
<p>मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने की। कोर्ट ने इस संवेदनशील और जटिल कानूनी विषय पर अदालत की सहायता के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता नौशीना आफरीन अली को न्याय मित्र नियुक्त किया है। साथ ही राज्य के महाधिवक्ता को भी कोर्ट में उपस्थित रहकर इस मामले में विशेष सहयोग देने के लिए कहा है। मामले किनअगली सुनवाई15 जुलाई को होगी। हाई कोर्ट ने 18 मार्च 2021 को इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न के उत्तर के लिए मामले को लार्जर बेंच को रेफर किया था। यदि पुलिस गोवंश से जुड़े किसी मामले में मवेशियों को जब्त करती है, तो क्या मजिस्ट्रेट कोर्ट को उन मवेशियों को अंतरिम रूप से किसी को सौंपने का अधिकार है, या ‘छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004’ की विशेष धाराएं अदालत के इस अधिकार को पूरी तरह रोक देती हैं।</p>
<p>2 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता मोहम्मद वासिम कुरैशी के अधिवक्ता ऋषिकांत महोबिया ने कोर्ट को बताया, मूल मामले में याचिकाकर्ता के खिलाफ चल रहा मुकदमा ट्रायल कोर्ट में पहले ही पूरा हो चुका है और उसे दोषमुक्त किया जा चुका है। इस लिहाज से व्यक्तिगत तौर पर इस याचिका में अब कुछ शेष नहीं बचा है। डिवीजन बेंच ने कहा, भले ही मुख्य आरोपी बरी हो चुका हो, लेकिन सिंगल जज द्वारा ‘लार्जर बेंच’ के सामने जो बुनियादी कानूनी सवाल भेजा गया है, उसका जवाब तय होना राज्य के अन्य सभी मामलों के लिए अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य के लिए स्थिति साफ हो सके।</p>
<p>राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने डिवीजन बेंच के सामने पक्ष रखते हुए कहा कि यह विषय काफी महत्वपूर्ण कानूनी बारीकियों से जुड़ा है, इसलिए उन्हें इस केस का अध्ययन करने और अपनी तैयारी पूरी करने के लिए कुछ समय की आवश्यकता है। डिवीजन बेंच ने महाधिवक्ता के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है, न्याय मित्र नौशीना आफरीन अली को पूरी याचिका, संलग्न दस्तावेजों और अब तक की सभी ऑर्डर शीट्स का एक पूरा सेट तत्काल उपलब्ध कराया जाए।</p>]]> </content:encoded>
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<title>दुर्लभ वन्यजीव सेंडबोआ तस्करी मामले में आरोपियों को 2 वर्ष का सश्रम कारावास</title>
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<description><![CDATA[ दुर्लभ वन्यजीव सेंडबोआ तस्करी मामले में आरोपियों को 2 वर्ष का सश्रम कारावास 10 वर्ष पुराने प्रकरण में अदालत ने सुनाया फैसला, प्रत्येक पर ₹5 हजार का जुर्माना भोपाल  भोपाल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दुर्लभ वन्यजीव सेंडबोआ की तस्करी से जुड़े लगभग 10 वर्ष पुराने मामले में 2 आरोपियों को 2 वर्ष के सश्रम … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 17:32:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दुर्लभ, वन्यजीव, सेंडबोआ, तस्करी, मामले, में, आरोपियों, को, वर्ष, का, सश्रम, कारावास</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>दुर्लभ वन्यजीव सेंडबोआ तस्करी मामले में आरोपियों को 2 वर्ष का सश्रम कारावास</strong></p>
<p><strong>10 वर्ष पुराने प्रकरण में अदालत ने सुनाया फैसला, प्रत्येक पर ₹5 हजार का जुर्माना</strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>भोपाल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दुर्लभ वन्यजीव सेंडबोआ की तस्करी से जुड़े लगभग 10 वर्ष पुराने मामले में 2 आरोपियों को 2 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह निर्णय अपराध क्रमांक 59/2016 (दिनांक 22 अगस्त 2016) में 29 जून 2026 को सुनाया गया।</p>
<p>स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, मध्यप्रदेश तथा क्राइम ब्रांच भोपाल को प्राप्त सूचना के आधार पर 22 अगस्त 2016 को राहुल नगर झुग्गी बस्ती स्थित मंदिर के पास मुख्य मार्ग से 2 संदिग्धों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में उनकी पहचान भोपाल निवासी अमन वामने और वरुण विश्वकर्मा के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके पास मौजूद कपड़े के थैले से एक जीवित दुर्लभ वन्यजीव सेंडबोआ बरामद किया गया। क्राइम ब्रांच ने वन्यजीव को विधिवत जब्त कर दोनों आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p>सुनवाई के दौरान क्राइम ब्रांच के साथ स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, मध्यप्रदेश के तीन शासकीय अधिकारियों ने अभियोजन पक्ष के साक्षी के रूप में न्यायालय में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए। विशेष लोक अभियोजकों की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 2 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>राज्य शिक्षा केंद्र ने 5वीं व 8वीं की पुन: परीक्षा के परिणाम किए घोषित</title>
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<description><![CDATA[ राज्य शिक्षा केंद्र ने 5वीं व 8वीं की पुन: परीक्षा के परिणाम किए घोषित 5वीं में 80% और 8वीं में 74 % से अधिक विद्यार्थी उत्तीर्ण सत्र 2025-26 में पांचवीं में कुल 98.89 और आठवीं में 98.19 % हुआ परीक्षा फल भोपाल मध्यप्रदेश राज्य शिक्षा केन्द्र, स्कूल शिक्षा विभाग ने मंगलवार को कक्षा 5वीं व … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 17:32:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>राज्य, शिक्षा, केंद्र, ने, 5वीं, व, 8वीं, की, पुन:, परीक्षा, के, परिणाम, किए, घोषित</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>राज्य शिक्षा केंद्र ने 5वीं व 8वीं की पुन: परीक्षा के परिणाम किए घोषित</strong></p>
<p><strong>5वीं में 80% और 8वीं में 74 % से अधिक विद्यार्थी उत्तीर्ण<br>
सत्र 2025-26 में पांचवीं में कुल 98.89 और आठवीं में 98.19 % हुआ परीक्षा फल</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश राज्य शिक्षा केन्द्र, स्कूल शिक्षा विभाग ने मंगलवार को कक्षा 5वीं व 8वीं की पुन: परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए। विद्यार्थी व अभिभावक राज्य शिक्षा केन्द्र के परीक्षा पोर्टल पर परिणाम देख सकते हैं। शैक्षणिक सत्र 2025-26 की पुन: परीक्षा में कक्षा 5वीं में 80.42 एवं कक्षा 8वीं में 74.16 % परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। वहीं, मुख्य वार्षिक परीक्षा और पुन: परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या को मिलाकर इस सत्र में कक्षा 5वीं का कुल परीक्षा परिणाम 98.89 एवं कक्षा 8वीं का कुल परीक्षा परिणाम 98.19 प्रतिशत रहा है।</p>
<p>राज्य शिक्षा केन्द्र के अपर संचालक डॉ. अरूण सिंह ने बताया कि विद्यार्थी, अभिभावक एवं शिक्षकगण उक्त परिणामों को राज्य शिक्षा केन्द्र के https://www.rskmp.in/result.aspx पर अपना रोल नम्बर डालकर देख सकते हैं। साथ ही शिक्षक, संस्था प्रमुख भी अपनी शाला का विद्यार्थीवार परिणाम इसी पोर्टल पर देख सकते हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा 16 से 23 जून के बीच कक्षा 5वीं व 8वीं की पुन: परीक्षाओं का आयोजन किया गया था। इसमें प्रदेश की शासकीय, अशासकीय शालाओं एवं पंजीकृत मदरसों के कक्षा 5वीं के 71, 548 तथा कक्षा 8वीं के 76, 274 विद्यार्थी सम्मिलित हुए थे। इन विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए प्रदेश में कुल 322 केन्द्र बनाए गए थे। 17, 000 से अधिक मूल्यांकनकर्ताओं के द्वारा अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि पोर्टल पर दर्ज की गई थी।</p>
<p>वहीं कक्षा पांचवीं में शासकीय स्कूलों के कुल 46, 665 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें 36, 217 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। मदरसा में 581 में से 352 विद्यार्थी पास हुए हैं, तो वहीं अशासकीय स्कूलों के 24, 302 विद्यार्थियों में से 20, 971 विद्यार्थी परीक्षा में पास हुए हैं। इसी प्रकार कक्षा 8वीं में शासकीय स्कूलों के कुल 56,738 विद्यार्थियों में से 40, 315 उत्तीर्ण हुए हैं। मदरसा के 423 में से 268 और अशासकीय विद्यालयों के 19, 113 में से 15,978 विद्यार्थी पास हुए हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में बड़ा बदलाव, अब पुजारी पहनेंगे बिना जेब वाले कुर्ते</title>
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<description><![CDATA[  हरिद्वार उत्तराखंड के प्रसिद्ध मां मनसा देवी मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए मंदिर ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है. अब मंदिर में सेवा देने वाले सभी पुजारी बिना जेब वाले कुर्ते पहनेंगे. इसके साथ ही मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे की निगरानी के लिए सात सदस्यीय पर्यवेक्षण … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 16:33:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>हरिद्वार, के, मनसा, देवी, मंदिर, में, बड़ा, बदलाव, अब, पुजारी, पहनेंगे, बिना, जेब, वाले, कुर्ते</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> हरिद्वार</strong></p>
<p>उत्तराखंड के प्रसिद्ध मां मनसा देवी मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए मंदिर ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है. अब मंदिर में सेवा देने वाले सभी पुजारी बिना जेब वाले कुर्ते पहनेंगे. इसके साथ ही मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे की निगरानी के लिए सात सदस्यीय पर्यवेक्षण समिति का भी गठन किया गया है. मंदिर प्रशासन का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य श्रद्धालुओं के विश्वास को और मजबूत करना तथा चढ़ावे के प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। </p>
<p>यह निर्णय हाल के दिनों में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर सामने आए विवाद के बाद लिया गया है. हालांकि मंदिर ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका को खत्म करने और जवाबदेही बढ़ाने के लिए लागू की जा रही है. नई व्यवस्था के तहत पुजारियों के कुर्तों में किसी प्रकार की जेब नहीं होगी. वहीं, सात सदस्यीय समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान और चढ़ावे की नियमित निगरानी करेगी. यदि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. समिति के सभी सदस्यों को इस जिम्मेदारी के निर्वहन के लिए शपथ भी दिलाई गई है। </p>
<p>मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने मंदिर परिसर में इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है. इसलिए चढ़ावे के प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाने के लिए यह पहल की गई है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 जुलाई को करेंगे डूमरतराई के नवीन थोक बाजार का नामकरण एवं लोकार्पण</title>
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<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 जुलाई को करेंगे डूमरतराई के नवीन थोक बाजार का नामकरण एवं लोकार्पण  आधुनिक अधोसंरचना से व्यापार, रोजगार तथा आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति रायपुर  छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा डूमरतराई, रायपुर में विकसित अत्याधुनिक नवीन थोक बाजार का लोकार्पण अब 8 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ के … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 16:32:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, विष्णु, देव, साय, जुलाई, को, करेंगे, डूमरतराई, के, नवीन, थोक, बाजार, का, नामकरण, एवं, लोकार्पण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 जुलाई को करेंगे डूमरतराई के नवीन थोक बाजार का नामकरण एवं लोकार्पण </strong></p>
<p><strong>आधुनिक अधोसंरचना से व्यापार, रोजगार तथा आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति</strong></p>
<p><strong>रायपुर </strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा डूमरतराई, रायपुर में विकसित अत्याधुनिक नवीन थोक बाजार का लोकार्पण अब 8 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री इस आधुनिक व्यावसायिक परिसर का नामकरण भी करते हुए इसे प्रदेशवासियों एवं व्यापारियों को समर्पित करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मंत्री आवास एवं पर्यावरण ओ पी चौधरी करेंगे।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम पूर्व में 5 जुलाई 2026 को आयोजित होना था, किन्तु छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण तीजन बाई जी के निधन के कारण घोषित राजकीय शोक के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। अब यह कार्यक्रम 8 जुलाई को आयोजित किया जाएगा।</p>
<p>राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर लगभग 36 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह आधुनिक थोक बाजार सुव्यवस्थित व्यापारिक गतिविधियों, चौड़ी सड़कों, पर्याप्त पार्किंग, बेहतर यातायात प्रबंधन तथा आवश्यक नागरिक सुविधाओं से सुसज्जित है। यह बाजार रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापारिक विकास को नई दिशा देने के साथ प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगा।</p>
<p>डूमरतराई व्यापारिक परिसर का विकास चरणबद्ध रूप से किया गया है। फेज-1 में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से 536 व्यावसायिक दुकान एवं हॉल निर्मित किए गए, जिससे प्रदेश के व्यापारियों को सुव्यवस्थित एवं आधुनिक व्यवसायिक सुविधाएँ उपलब्ध हुईं। वहीं फेज-2 के अंतर्गत लगभग 145 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति से विभिन्न श्रेणियों की 154 स्वतंत्र व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया गया है। व्यापारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का समुचित प्रावधान किया गया है। दोनों चरणों के पूर्ण होने से प्रदेश को एक आधुनिक एवं सुव्यवस्थित थोक व्यवसायिक परिसर उपलब्ध होगा।</p>
<p>प्रदेशवासियों एवं व्यापारियों को समर्पित किए जाने वाले इस आधुनिक व्यापारिक परिसर को राज्य के व्यापार, विकास और समृद्धि का नया प्रतीक माना जा रहा है यह ‘थोक बाजार' प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा, रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा तथा रायपुर को एक सुव्यवस्थित व्यापारिक केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगा। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल प्रदेश में आधुनिक शहरी अधोसंरचना के विकास का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। डूमरतराई का यह नवीन थोक बाजार व्यापारियों की वर्षों पुरानी आवश्यकता को पूरा करेगा तथा उन्हें सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक व्यापारिक वातावरण उपलब्ध कराएगा।</p>
<p>लोकार्पण  एवं नामकरण समारोह में माननीय मंत्री वन एवं जलवायु केदार कश्यप, मानिए मंत्री कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोज़गार गुरु खुशवंत साहेब, माननीय सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल, माननीय सांसद राज्यसभा श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक राजेश मूणत, माननीय अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल अनुराग सिंह देव, माननीय विधायक   मोतीलाल साहू, पुरन्दर मिश्रा, सुनील सोनी, माननीय महापौर रायपुर श्रीमती मीनल चौबे, माननीय अध्यक्ष जिला पंचायत रायपुर नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, व्यापारी, नागरिक तथा मंडल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे।</p>
<p>नवीन थोक बाजार' छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की गुणवत्ता, नवाचार एवं जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है । यह परियोजना आने वाले वर्षों में प्रदेश के व्यापार, निवेश, रोजगार सृजन तथा आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>छत्तीसगढ़ में नकली खाद&#45;बीज पर बड़ा एक्शन, 28 दुकानों की बिक्री पर रोक, 33 को नोटिस</title>
<link>https://atworldnews.in/9181</link>
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<description><![CDATA[ जगदलपुर. खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद और बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने नकली और संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद-बीज के कारोबार पर सख्त रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने जिलेभर में व्यापक जांच अभियान शुरू किया, जिसमें कई दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाए … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 16:32:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, में, नकली, खाद-बीज, पर, बड़ा, एक्शन, दुकानों, की, बिक्री, पर, रोक, को, नोटिस</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जगदलपुर.</strong></p>
<p>खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद और बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने नकली और संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद-बीज के कारोबार पर सख्त रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने जिलेभर में व्यापक जांच अभियान शुरू किया, जिसमें कई दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की गई है।</p>
<p><strong>33 दुकानों को नोटिस, 28 की बिक्री पर तत्काल रोक</strong><br>
जांच के दौरान अब तक 33 खाद-बीज विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं नियमों के उल्लंघन और अनियमितता पाए जाने पर 28 दुकानों में खाद-बीज के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है, ताकि किसानों तक केवल प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद ही पहुंच सकें।</p>
<p><strong>6 दुकानों से खाद-बीज जब्त, एक विक्रेता पर एफआईआर</strong><br>
कार्रवाई के तहत 6 दुकानों से खाद-बीज जब्त कर संबंधित प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं। वहीं गंभीर अनियमितता के एक मामले में संबंधित विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा दो दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि दो अन्य दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर प्रशासन ने कड़ा संदेश दिया है।</p>
<p><strong>स्टॉक और मूल्य सूची प्रदर्शित करना होगा अनिवार्य</strong><br>
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, नकली खाद-बीज की बिक्री या नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने सभी खाद-बीज विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक की स्थिति और निर्धारित बिक्री मूल्य को अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें।</p>
<p><strong>किसानों के हितों की रक्षा के लिए जारी रहेगा अभियान</strong><br>
साथ ही कृषि विभाग के अधिकारियों को जिलेभर में लगातार निरीक्षण और जांच अभियान जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नकली या अमानक खाद-बीज की बिक्री करने वाले कारोबारियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर CM योगी का विपक्ष पर हमला, बोले&#45; ‘बाबरी पर आंसू बहाने वाले अब आस्था की बात कर रहे’</title>
<link>https://atworldnews.in/9180</link>
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<description><![CDATA[ प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ में 384 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के पास कोई नया मुद्दा नहीं है, इसलिए वे समाज को जाति और आस्था के आधार … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 16:31:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>राम, मंदिर, चढ़ावा, चोरी, पर, योगी, का, विपक्ष, पर, हमला, बोले-, ‘बाबरी, पर, आंसू, बहाने, वाले, अब, आस्था, की, बात, कर, रहे’</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>प्रतापगढ़ </strong><br>
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ में 384 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के पास कोई नया मुद्दा नहीं है, इसलिए वे समाज को जाति और आस्था के आधार पर बांटने की राजनीति कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पहले भगवान राम और भगवान कृष्ण के अस्तित्व को नकारती थी, लेकिन अब खुद को आस्तिक बताने लगी है.</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकारें धार्मिक स्थलों के पुनरुत्थान के लिए मिलने वाले धन को कब्रिस्तानों पर खर्च करती थीं और रामभक्तों पर गोलियां चलवाती थीं. योगी ने कहा कि देश अब कांग्रेस और सपा के चंगुल में फंसने वाला नहीं है। </p>
<p><strong>हिंदू आस्था पर प्रहार की कोशिश- योगी</strong><br>
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस कथित चोरी को आधार बनाकर हिंदू आस्था पर प्रहार करने की कोशिश की जा रही है, उसकी जांच के लिए पहले ही एसआईटी गठित की जा चुकी है और उन्होंने पहले ही कहा था कि एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी. उन्होंने सवाल उठाया कि वक्फ की उन जमीनों पर, जो गरीबों और कमजोर तबकों के हित में इस्तेमाल होनी चाहिए थीं, कथित कब्जों और अनियमितताओं पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कभी क्यों नहीं बोलतीं। </p>
<p>CM योगी ने आरोप लगाया कि वक्फ की जमीनों की कथित लूट पर सपा और कांग्रेस के मुंह में फेविकॉल लग जाता है. उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस भगवान राम और भगवान कृष्ण को काल्पनिक बताती थी, तब क्या हिंदुओं की आस्था आहत नहीं होती थी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब रामभक्तों पर गोलियां चलाई गईं, कांवड़ यात्रा रोकी गई और कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन में बाधाएं डाली गईं, तब भी हिंदू आस्था पर चोट पहुंची थी, लेकिन उस समय विपक्ष मौन रहा। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शंखनाद की भूमि है और पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय, बाबू लाल गौड़ तथा हरिवंश राय बच्चन जैसी विभूतियों की कर्मभूमि रही है. उन्होंने <strong>कहा कि प्रतापगढ़ कभी पिछड़े जिलों में गिना जाता था, लेकिन अब तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। </strong></p>
<p><strong>2017 से पहले किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे- सीएम</strong><br>
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे, नौजवान पलायन करते थे, बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं थीं और गरीबों की सुनवाई नहीं होती थी. उन्होंने कहा कि पहले वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया की स्थिति थी, जबकि उनकी सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में काम किया है. उन्होंने बताया कि प्रतापगढ़ में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद अब नर्सिंग कॉलेज का भी शिलान्यास किया जा रहा है और गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से जिले की कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है। </p>
<p>योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर काम करते हुए गरीबों को आवास, मुफ्त इलाज और गैस सिलेंडर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराईं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस की 60 हजार भर्तियों में प्रतापगढ़ के युवाओं को भी अवसर मिला है और अब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती प्रक्रियाओं में भी जिले के युवा सफल हो रहे हैं. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में नौकरियों की नीलामी होती थी और सैफई घराना भर्ती प्रक्रिया पर कब्जा जमाए रहता था, जिससे प्रतिभाशाली गरीब युवाओं को अवसर नहीं मिलता था. उन्होंने कहा कि अब काम करने का तरीका बदल गया है और उत्तर प्रदेश की प्रगति तथा युवाओं को मिल रहे रोजगार के अवसर विपक्ष को रास नहीं आ रहे हैं। </p>]]> </content:encoded>
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<title>सफेद बालों से राहत के लिए करी पत्ते का तेल, जानें फायदे और इस्तेमाल का तरीका</title>
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<description><![CDATA[  आजकल कम उम्र में बालों का सफेद होना एक आम समस्या बन गई है. पहले जहां लोगों के बाद उम्र बढ़ने पर सफेद होते थे, वहीं अब 20-30 साल के युवाओं में भी ये परेशानी तेजी से देखने को मिल रही है. ऐसे में युवाओं से लेकर बड़े लोग तक बार-बार अपने सफेद बालों को … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 16:01:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सफेद, बालों, से, राहत, के, लिए, करी, पत्ते, का, तेल, जानें, फायदे, और, इस्तेमाल, का, तरीका</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> आजकल कम उम्र में बालों का सफेद होना एक आम समस्या बन गई है. पहले जहां लोगों के बाद उम्र बढ़ने पर सफेद होते थे, वहीं अब 20-30 साल के युवाओं में भी ये परेशानी तेजी से देखने को मिल रही है. ऐसे में युवाओं से लेकर बड़े लोग तक बार-बार अपने सफेद बालों को काला करने के लिए हेयर डाई या केमिकल वाले हेयर कलर का इस्तेमाल करते हैं. केमिकल वाली हेयर डाई से बाल काले तो हो सकते हैं, लेकिन लगातार इनका इस्तेमाल बालों को नुकसान भी पहुंचा सकता है. यही वजह है कि आजकल लोग प्राकृतिक और घरेलू उपायों की तलाश में रहते हैं.</p>
<p>अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जो केमिकल हेयर डाई लगाना पसंद नहीं करते हैं और बालों को काला करने के लिए किसी नेचुरल नुस्खे की तलाश में रहते हैं, तो ये खबर आपके लिए है. आपने करी पत्ते की मदद से सफेद बालों को काला करने के बारे में जरूर सुना होगा. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सच में करी पत्ता सफेद बालों पर असर करता है या ये सिर्फ एक घरेलू नुस्खा भर है? आइए जानते हैं कि सफेद बालों के लिए करी पत्ते का इस्तेमाल कैसे किया जाता है, इससे बालों को क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं.</p>
<p><strong>कम उम्र में बाल सफेद क्यों हो रहे हैं?</strong><br>
पहले सफेद बाल सिर्फ बढ़ती उम्र की निशानी माने जाते थे, लेकिन अब छोटी उम्र के लोगों में भी ये समस्या तेजी से बढ़ रही है. 20-30 साल के कई लड़के-लड़कियों के बाल उम्र से पहले ही सफेद होने से परेशान हैं. इसके पीछे तनाव, खराब खानपान, प्रदूषण, जेनेटिक्स और बालों पर बार-बार केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल जैसी कई वजहें होती हैं. यही कारण है कि आजकल लोग बालों की देखभाल के लिए नेचुरल और घरेलू उपायों की ओर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं.</p>
<p><strong>बालों के लिए क्यों फायदेमंद माना जाता है करी पत्ता?</strong><br>
करी पत्ता बालों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. इसमें विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बालों और स्कैल्प के लिए बढ़िया माने जाते हैं. इनका नियमित इस्तेमाल बालों की जड़ों को मजबूत बनाने, स्कैल्प को पोषण देने, ड्राईनेस को कम करने और बालों की चमक बनाए रखने में मदद कर सकता है. साथ ही, ये समय से पहले बाल सफेद होने की एक वजह माने जाने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भी मददगार हो सकता है.</p>
<p><strong>क्या करी पत्ता सफेद बालों को दोबारा काला कर सकता है?</strong><br>
इसका सटीक जवाब मिल पाना मुश्किल है क्योंकि ऐसा कोई पक्का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, जो ये साबित करे कि करी पत्ता सफेद बालों को फिर से काला कर सकता है. अगर बालों की नेचुरल तरीके से रंग बनाने वाले सेल्स काम करना बंद कर चुके हैं, तो सिर्फ करी पत्ते से बालों का काला हो पाना संभव नहीं है. हालांकि, ये बालों को हेल्दी रखने और समय से पहले सफेद होने की रफ्तार को कुछ हद तक धीमा करने में मदद कर सकता है.</p>
<p><strong>सफेद बालों के लिए करी पत्ते का तेल कैसे बनाएं?</strong><br>
अगर आप इसे आजमाना चाहते हैं, तो घर पर आसानी से करी पत्ते का तेल तैयार कर सकते हैं.</p>
<p><strong>तेल बनाने के लिए आपके चाहिए:</strong><br>
    15-20 ताजे करी पत्ते<br>
    2 बड़े चम्मच नारियल का तेल</p>
<p><strong>बनाने का तरीका</strong><br>
    सबसे पहले नारियल का तेल हल्का गर्म करें.<br>
    इसमें करी पत्ते डाल दें.<br>
    पत्तों का रंग गहरा होने तक धीमी आंच पर पकाएं.<br>
    अब गैस बंद करके तेल को ठंडा होने दें.<br>
    ठंडा होने के बाद तेल छानकर किसी साफ बोतल में भर लें.</p>
<p><strong>इस्तेमाल करने का सही तरीका</strong><br>
    तेल को स्कैल्प और बालों की जड़ों में अच्छी तरह लगाएं.<br>
    5-10 मिनट हल्के हाथों से मसाज करें.<br>
    करीब 2 घंटे तक तेल लगा रहने दें.<br>
    इसके बाद माइल्ड शैंपू से बाल धो लें.<br>
    बेहतर रिजल्ट के लिए इसे हफ्ते में 2 से 3 बार इस्तेमाल किया जा सकता है.</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>PM मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान, जानिए अब तक कितने देशों ने किया सम्मानित</title>
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<description><![CDATA[ जाकर्ता  पीएम मोदी को एक और देश का सर्वोच्च सम्मान मिला है. जी हां, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच सम्मान से नवाजा गया है. इस बाबत इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने आज यानी मंगलवार को घोषणा की. उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 15:33:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मोदी, को, इंडोनेशिया, का, सर्वोच्च, सम्मान, जानिए, अब, तक, कितने, देशों, ने, किया, सम्मानित</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जाकर्ता </strong></p>
<p>पीएम मोदी को एक और देश का सर्वोच्च सम्मान मिला है. जी हां, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच सम्मान से नवाजा गया है. इस बाबत इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने आज यानी मंगलवार को घोषणा की. उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ मेडल ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया है। </p>
<p>यह सम्मान पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दिया गया. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने बताया कि यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को मजबूत करने में दिए गए योगदान के लिए दिया जा रहा है। </p>
<p><strong>भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदेगा इंडोनेशिया</strong></p>
<p>भारत-इंडोनेशिया के बीच मंगलवार को जकार्ता में 20 समझौते हुए। सबसे अहम ब्रह्मोस डील रही। इसको लेकर दोनों देशों के बीच पिछले 4 महीने से बातचीत चल रही थी।</p>
<p>भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट देगा। इसी के साथ फिलीपींस, वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है।</p>
<p>इंडोनेशिया ने ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल भारतीय 'अस्त्र' एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का भी फैसला किया है। वहीं भारत इंडोनेशिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में भी मदद करेगा।</p>
<p>ये समझौते पीएम मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच द्विपक्षीय बैठक के दौरान हुए।</p>
<p>मंगलवार को पीएम मोदी के इंडोनेशिया दौरे का दूसरा दिन है। राष्ट्रपति प्रबोवो ने उन्हें इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान दिया।</p>
<p>पीएम शाम को जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। वे बुधवार को इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन जाएंगे। यह मंदिर 1000 साल से ज्यादा पुराना है।</p>
<p><strong>किसे मिलता है इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान?</strong><br>
गौरतलब है कि ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ मेडल ऑफ ऑनर इंडोनेशिया गणराज्य का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. यह सम्मान उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने इंडोनेशिया गणराज्य की एकता, निरंतरता और समृद्धि के लिए असाधारण योगदान दिया हो। </p>
<p><strong>पीएम मोदी इंडोनेशिया यात्रा पर हैं</strong><br>
यह सम्मान उन अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की सूची में एक और नाम है, जो पीएम मोदी को विदेशी सरकारों से मिले हैं. ये पुरस्कार भारत के राजनयिक संबंधों और रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने के उनके प्रयासों के लिए दिए गए हैं. पीएम मोदी सोमवार को अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे. इस यात्रा का उद्देश्य भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’, ‘महासागर विजन’ और एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है। </p>
<p><strong>मोदी बोले- दुनिया में उथल-पुथल, हम शांति के समर्थन में</strong></p>
<p>    दुनिया में मची उथल-पुथल के इस दौर में भारत का मानना ​​है कि बातचीत और कूटनीति की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गई है। फिलिस्तीन के मुद्दे पर, हम 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' (दो-देश समाधान) और लंबे समय तक शांति का समर्थन करते हैं।</p>
<p>    हमारे दोनों देशों के लिए एक सुनहरा दौर आने वाला है। हमारे इतिहास में एक जैसी संस्कृति, वर्तमान में आपसी भरोसा और भविष्य में साझा समृद्धि है। मुझे पूरा भरोसा है कि हम मिलकर 'इंडोनेशिया एमास' (स्वर्ण इंडोनेशिया) और एक विकसित भारत के सपने को साकार करेंगे।</p>
<p>    लोकतांत्रिक मूल्य और विविधता में एकता, भारत और इंडोनेशिया दोनों की साझा ताकत रही है। हम दोनों देशों के चुनाव आयोगों के बीच MoU के जरिए अपने लोकतांत्रिक सहयोग को और मजबूत करने जा रहे हैं।</p>
<p>    वैश्विक मुद्दों पर भी भारत और इंडोनेशिया के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इंडो-पैसिफिक को लेकर भी हमारे नजरिए में तालमेल है। भारत ने हमेशा आसियान (ASEAN) की केंद्रीय भूमिका को खास अहमियत दी है।</p>
<p><strong>पीएम मोदी ने कहा</strong>– तकनीक के दौर में सप्लाई चेन मजबूत करना बेहद जरूरी है। भारत और इंडोनेशिया ने क्रिटिकल मिनरल्स और स्टील सेक्टर की सप्लाई चेन को मजबूत करने पर अहम समझौता किया है।</p>
<p>साथ ही स्टेनलेस स्टील और रेयर अर्थ मैग्नेट के क्षेत्र में दोनों देशों की कंपनियां नई साझेदारी करेंगी। भारत का UPI जल्द ही इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम से जुड़ेगा। इससे दोनों देशों के बीच कारोबार करना और यात्रा करना आसान होगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि वे बुधवार को राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रांबानन मंदिर जाएंगे। एक हजार साल से अधिक पुराना यह मंदिर भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।</p>
<p><strong>मोदी बोले- इंडोनेशिया से सम्मान मिला, यहां की सरकार का शुक्रिया</strong><br>
मोदी ने द्विपक्षीय मीटिंग के बाद कहा, आज सुबह मुझे बहुत प्यार और सम्मान के साथ इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान करोड़ों भारतीयों का है। यह इंडोनेशिया के लोगों की भावनाओं और हमारे दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, गहरे संबंधों को दर्शाता है। मैं राष्ट्रपति प्रबोवो, इंडोनेशिया सरकार और यहां के लोगों का दिल से धन्यवाद करता हूं।"</p>
<p>हाल के साल में, भारत और इंडोनेशिया के संबंधों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और गहराई आई है। 2018 में शुरू हुई हमारी 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' अब नई ऊंचाइयों को छू रही है। हम विकास, सुरक्षा, तकनीक, संस्कृति और शिक्षा जैसे सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।"</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>CG Weather Update: अवदाब के असर से रायपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट</title>
<link>https://atworldnews.in/9177</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर. छत्तीसगढ़ में आषाढ़ लगने के बाद झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है. नदी-नाले उफान पर हैं. बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश हुई है. फिलहाल मानसून की स्थिति सामान्य बनी हुई है. आज यानी 7 जुलाई को झारखण्ड और ओडिशा के पास बने अवदाब के कारण मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 15:32:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Weather, Update:, अवदाब, के, असर, से, रायपुर, समेत, कई, जिलों, में, भारी, बारिश, का, अलर्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ में आषाढ़ लगने के बाद झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है. नदी-नाले उफान पर हैं. बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश हुई है. फिलहाल मानसून की स्थिति सामान्य बनी हुई है. आज यानी 7 जुलाई को झारखण्ड और ओडिशा के पास बने अवदाब के कारण मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.</p>
<p>वहीं 8 जुलाई के बाद पूरे प्रदेश में बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है. मौसम विभाग ने जानकारी दी कि सोमवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा हुई. इस दौरान अधिकतम तापमान पेंड्रा रोड में 30.8 डिग्री सेल्सियस और राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. </p>
<p><strong>इन इलाकों में जमकर बसरे बादल</strong><br>
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पहले दिन 15 सेंटीमीटर वर्षा के बाद दूसरे दिन रायपुर में 8 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई है. वहीं बलौदा बाजार में 20 सेंटीमीटर, राजिम में 18, लवन में 17, गिधौरी टुंड्रा, भाटापारा में 16-16, बलौदा, गोबरा नवापारा, बिलाईगढ़ में 15-15, राजनांदगांव, भटगांव, अकलतरा, पौड़ी उपरोड़ा, तिल्दा, चंद्रपुर, खरोरा में 14-14, पिथौरा, रायगढ़, सिमगा में 13-13, तमनार, सोनाखान, मगरलोड, मस्तूरी, भैसमा, बोदरी, पथरिया में 12 12, डभरा, मरीं बंगला देवरी, मंदिरहसौद, सीपत, बिल्हा, तखतपुर, पाली, बम्हनीडीह, कोरबा, बोराई, पलारी, सकरी, सारंगढ़, सुहेला, अड़भार, पामगढ़ में 11-11, बरमकेला, सरसीवा, धारासींव, शिवरीनारायण, सरायपाली, कसडोल, नवागढ़, लोरमी में 10-10, थानखमरिया, पुसौर, सरिया, दर्री, बसना, जांजगीर, डोंगरगढ़, मालखरौदा, पिपरिया, भोथिया, मैनपुर, खैरागढ़ में9-9, कुरूद, धमतरी, कुकरेल, साजा, बिलासपुर, आरंग, बेलारगांव, डौंडीलोहारा, रायपुर शहर, चांपा, मुंगेली, सक्ती, दाढ़ी में 8-8 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई है.</p>
<p><strong>रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम? </strong><br>
राजधानी रायपुर में आज आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है. वहीं बादल के गरजने-चकमने के साथ ही वर्ष और तेज हवा चल सकती है. अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आपसास दर्ज हो सकता है.  </p>
<p><strong>मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में आज बारिश के आसार </strong><br>
प्रदेश के मध्य और उत्तरी क्षेत्रों के अधिकांश इलाकों में आज मौसम विभाग ने हल्की से माध्यम बारिश होने की संभावना जताई है. एक-दो स्थानों में भारी वर्षा और बिजली गिरने की चेतवानी है. दो दिन बाद भी इसी तरह का मौसम बने रहने के आसार हैं.</p>]]> </content:encoded>
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<title>Gold&#45;Silver Rate Today: चांदी में बड़ी गिरावट, 2 दिन में ₹6,600 टूटी; सोना भी हुआ सस्ता</title>
<link>https://atworldnews.in/9176</link>
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<description><![CDATA[ इंदौर  घरेलू फ्यूचर्स मार्केट MCX में सोने और चांदी के भाव मंगलवार (7 जुलाई) सुबह गिर गए। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जून नीति बैठक के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं, ताकि केंद्रीय बैंक की मोनेटरी पॉलिसी की दिशा के बारे में और सुराग मिल सकें। सुबह 9:05 बजे तक MCX पर अगस्त गोल्ड … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 15:31:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Gold-Silver, Rate, Today:, चांदी, में, बड़ी, गिरावट, दिन, में, ₹6, 600, टूटी, सोना, भी, हुआ, सस्ता</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर </strong></p>
<p>घरेलू फ्यूचर्स मार्केट MCX में सोने और चांदी के भाव मंगलवार (7 जुलाई) सुबह गिर गए। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जून नीति बैठक के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं, ताकि केंद्रीय बैंक की मोनेटरी पॉलिसी की दिशा के बारे में और सुराग मिल सकें। सुबह 9:05 बजे तक MCX पर अगस्त गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट 0.52% यानी 767 रुपये की गिरावट के साथ ₹1,46,148 प्रति 10 ग्राम पर आ गए, जबकि सितंबर सिल्वर फ्यूचर्स 1.14% यानी 2859 रुपये टूटकर ₹2,33,416 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहे थे।सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट (Gold-Silver Rate Fall) लगातार दूसरे कारोबारी दिन भी जारी है. सोमवार को फिसलने के बाद मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज का चांदी की वायदा कीमत मंगलवार को भी ओपनिंग के साथ ही तेजी से गिरी है. MCX पर कारोबार शुरू होते ही 1 Kg Silver Price झटके में 5200 रुपये से ज्यादा कम होकर 2.31 लाख रुपये के लेवल पर आ गया. दूसरी ओर सोना भी फिसला है और इसकी वायदा कीमत में 1500 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई है। </p>
<p><strong>चांदी अचानक हुई इतनी सस्ती</strong><br>
सबसे पहले बताते हैं चांदी की कीमत में लगातार जारी गिरावट और ताजा सिल्वर प्राइस अपडेट के बारे में, तो एमसीएक्स वायदा कारोबार में 4 सितंबर की एक्सपायरी वाली चांदी की कीमत खुलते ही गिरकर 2,30,803 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जबकि बीते कारोबारी दिन ये फिसलते हुए 2,36,099 रुपये पर क्लोज हुई थी. इस हिसाब से 1 किलो चांदी अचानक 5296 रुपये सस्ती (Silver Cheaper) हो गई है।       </p>
<p><strong>दो दिन से लगातार टूट रही Silver</strong><br>
इस सप्ताह की शुरुआत से ही चांदी के भाव में गिरावट का सिलसिला शुरू हुआ और ये लगातार दूसरे दिन भी जारी है. बता दें कि बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को वायदा चांदी 2,37,410 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी और दो दिन की गिरावट में ये 6607 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो चुकी है. इस ताजा गिरावट के बाद अब चांदी अपने लाइफ टाइम हाई 4.20 लाख रुपये की तुलना में <strong>करीब आधी कीमत (Silver Price Half From High) पर मिल रही है। </strong></p>
<p><strong>सोने-चांदी में गिरावट के 3 अहम कारण</strong><br>
<strong>फेड के मिनट्स और ब्याज दरों पर अटकलें</strong>: अमेरिकी फेड की जून बैठक के मिनट्स 8 जुलाई को जारी होंगे। अधिकतर एक्सपर्ट्स का मानना है कि फेड इस साल कम से कम एक बार ब्याज दरें बढ़ाएगा, क्योंकि मुद्रास्फीति अभी भी 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है।</p>
<p><strong>जून में बाजार को इस साल तीन बार </strong>दर बढ़ोतरी की उम्मीद थी, क्योंकि अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण कच्चे तेल के दाम आसमान छू गए थे और मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ गया था। हालांकि, जून के पेरोल डेटा के उम्मीद से कमजोर आने ने इस साल आक्रामक मौद्रिक सख्ती की उम्मीदों को कम कर दिया है।</p>
<p><strong>निवेशकों की नजर मिनट्स पर:</strong> मास्टर कैपिटल सर्विसेज के मुख्य शोध अधिकारी रवि सिंह ने कहा कि निवेशक अब फेड की जून बैठक के मिनट्स जारी होने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे भविष्य की ब्याज दरों के रास्ते पर स्पष्टता मिल सकती है और सोने में अगली दिशात्मक चाल तय होगी।</p>
<p><strong>भू-राजनीतिक तनाव का असर:</strong> इधर, ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को निशाना बनाने की खबरों ने भू-राजनीतिक चिंताओं को बढ़ा दिया है, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा है। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि ईरान की सेना ने सोमवार रात होर्मुज से गुजर रहे व्यापारिक जहाजों पर दो मिसाइलें दागीं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि वाशिंगटन संभवतः ईरानी ठिकानों पर हमले करके जवाबी कार्रवाई कर सकता है।</p>
<p><strong>सोने-चांदी के लिए क्या हैं टिप्स</strong><br>
रवि सिंह ने बताया कि तकनीकी ढांचा अभी भी मजबूत बना हुआ है, और कीमतें ₹1,40,500 के अहम सपेार्ट जोन से ऊपर बनी हुई हैं। ऊपर की ओर तत्काल रेजिस्टेंस 21-दिवसीय EMA के करीब ₹1,48,000 पर है, और इस स्तर के ऊपर स्पष्ट ब्रेकआउट रिकवरी को ₹1,50,000–₹1,51,000 के जोन तक ले जा सकता है।</p>
<p>पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, आज के सत्र में सोने को $4,135 और $4,100 पर सपेार्ट तथा $4,194 और $4,220 पर रेजिस्टेंस है, जबकि चांदी को $61.20 और $59.80 पर सपोर्ट तथा $63.40 और $64.20 पर रेजिस्टेंस है। MCX सोने के लिए सपेार्ट ₹1,46,100 और ₹1,45,500 है, जबकि रेजिस्टेंस ₹1,47,400 और ₹1,48,200 पर है। चांदी के लिए समर्थन ₹2,33,300 और ₹2,30,000 तथा रेजिस्टेंस ₹2,38,800 और ₹2,41,000 पर है।</p>
<p><strong>2026 में अब तक चांदी में बदलाव</strong><br>
Gold-Silver Rate में इस साल 2026 में अब तक आए उतार-चढ़ाव पर नजर डालें, तो 31 दिसंबर 2025 को वायदा चांदी की कीमत 2,54,082 रुपये प्रति किलोग्राम थी, इसके बाद जनवरी में ये रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 4 लाख रुपये के ऐतिहासिक स्तर के पार निकल गई. हालांकि, इसके बाद चांदी जमकर टूटी भी और फिलहाल के रेट से तुलना करें, तो ये 23,279 रुपये सस्ती है। <br>
      <br>
<strong>Gold रेट भी लगातार फिसल रहा</strong><br>
न सिर्फ चांदी, बल्कि वायदा कमोडिटी मार्केट में कीमती पीली धातु (Yellow Metal) भी सस्ती होती जा रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मंगलवार को सोने की कीमत में भी गिरावट आई है. ये बीते कारोबारी दिन 1,46,917 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुई थी और मंगलवार को खुलने के साथ ही फिसलकर 1,45,351 रुपये पर आ गई. इस हिसाब से 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1566 रुपये कम हो गया।        </p>
<p><strong>हाई से अब काफी सस्ती मिल रहा सोना</strong><br>
सोने की कीमत में इस सप्ताह लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. सोना बीते सप्ताह शुक्रवार को 147,378 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था और अब तक 2027 रुपये सस्ता हो चुका है. वहीं चांदी की तरह सोना भी अपने हाई लेवल से काफी सस्ता हो चुका है, इस कीमती धातु ने भी जनवरी महीने में पहली बार 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा पार किया था.</p>]]> </content:encoded>
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<title>मोरिंगा ऑयल से पाएं जवां त्वचा, झुर्रियां और फाइन लाइन्स होंगी कम</title>
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<description><![CDATA[ आज के समय में खराब खानपान, प्रदूषण और लगातार बढ़ते तनाव के कारण लोग उम्र से पहले ही बूढ़े दिखने लगे हैं. चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां, फाइन लाइन्स और डार्क सर्कल्स आना बेहद आम हो गया है. अपनी त्वचा को वापस जवां और ग्लोइंग बनाने के लिए लोग महंगे स्किन केयर ट्रीटमेंट्स का … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 15:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मोरिंगा, ऑयल, से, पाएं, जवां, त्वचा, झुर्रियां, और, फाइन, लाइन्स, होंगी, कम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आज के समय में खराब खानपान, प्रदूषण और लगातार बढ़ते तनाव के कारण लोग उम्र से पहले ही बूढ़े दिखने लगे हैं. चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां, फाइन लाइन्स और डार्क सर्कल्स आना बेहद आम हो गया है. अपनी त्वचा को वापस जवां और ग्लोइंग बनाने के लिए लोग महंगे स्किन केयर ट्रीटमेंट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन उनमें मौजूद केमिकल्स त्वचा को लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकते हैं.</p>
<p>अगर आप भी बुढ़ापे से पहले बूढ़ा नहीं दिखना चाहते और नेचुरल तरीके से अपनी स्किन को टाइट और ग्लोइंग बनाना चाहते हैं तो मोरिंगा का तेल आपके लिए एक जादुई वरदान साबित हो सकता है. सहजन के बीजों से निकलने वाला यह तेल एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिंस का पावरहाउस है, जो आपकी त्वचा को अंदर से पोषण देकर उसे हमेशा यूथफुल बनाए रखता है. आइए जानते हैं त्वचा के लिए इसके फायदे और इस्तेमाल करने का सही तरीका.</p>
<p><strong>इस्तेमाल करने का सही तरीका:</strong><br>
रात का नाइट सीरम: रोज रात को सोने से पहले अपने चेहरे को माइल्ड फेस वॉश से अच्छी तरह साफ कर लें. अब अपनी हथेलियों पर मोरिंगा के तेल की 3-4 बूंदें लें और उन्हें आपस में रगड़कर हल्का गुनगुना करें. इसके बाद चेहरे और गर्दन पर सर्कुलर मोशन में हल्के हाथों से 2-3 मिनट तक मसाज करें और रातभर के लिए छोड़ दें.</p>
<p>गुआ शा या रोलर के साथ: अगर आप चेहरे की पफिनेस कम करना चाहते हैं और फेस को परफेक्ट शेप देना चाहते हैं, तो मोरिंगा ऑयल लगाकर फेस रोलर या गुआ शा टूल से मसाज कर सकते हैं.</p>
<p>फेस पैक में मिलाकर: आप अपने रेगुलर होममेड फेस पैक (जैसे मुल्तानी मिट्टी या चंदन पाउडर) में भी इस तेल की 4-5 बूंदें मिलाकर चेहरे पर लगा सकते हैं.</p>
<p><strong>मोरिंगा के फायदे</strong><br>
मोरिंगा के तेल में भरपूर मात्रा में साइटोकिनिन और मुख्य रूप से ज़ियाटिन पाया जाता है, जो त्वचा की कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा देते हैं और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं.</p>
<p>इसमें मौजूद विटामिन ए, सी और ई त्वचा को डीप हाइड्रेशन देते हैं, जिससे चेहरे का रूखापन खत्म होता है और एक नेचुरल गुलाबी निखार आता है.</p>
<p>एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होने के कारण यह तेल मुंहासों को रोकता है और ब्लैकहेड्स व डार्क स्पॉट्स को तेजी से हल्का करता है.</p>
<p>यह तेल त्वचा में कोलेजन के प्रोडक्शन को बढ़ाता है, जिससे ढीली पड़ चुकी त्वचा में कसाव आता है</p>]]> </content:encoded>
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<title>क्या ऐप से बंद हो सकता है ATM? वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता, एक्सपर्ट्स ने बताया सच</title>
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<description><![CDATA[ पिछले दिनों जिस तरह से BAT-BMS नाम की ऐप सड़क चलते ई-रिक्शा बंद कर रही थी, कुछ वैसा ही अब ATM मशीनों के साथ होता दिख रहा है। दरअसल इंटरनेट पर एक वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि एक ऐप की मदद से ATM मशीन को बंद या चालू किया जा सकता … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 15:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>क्या, ऐप, से, बंद, हो, सकता, है, ATM, वायरल, वीडियो, ने, बढ़ाई, चिंता, एक्सपर्ट्स, ने, बताया, सच</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>पिछले दिनों जिस तरह से BAT-BMS नाम की ऐप सड़क चलते ई-रिक्शा बंद कर रही थी, कुछ वैसा ही अब ATM मशीनों के साथ होता दिख रहा है। दरअसल इंटरनेट पर एक वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि एक ऐप की मदद से ATM मशीन को बंद या चालू किया जा सकता है। हालांकि तेजी से फैल रहे इस वीडियो की प्रमाणिकता को पुष्टि नहीं की जा सकती लेकिन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि फोन में मौजूद ऐप की मदद से ATM को बंद और चालू किया जा रहा है।</p>
<p>वीडियो में ऐसा करने वालों के चेहरे नहीं दिख रहे लेकिन इतना साफ है कि वे बैंक या ATM मशीन को मैनेज करने वाला स्टाफ नहीं है। इसके अलावा वीडियो में दिख रहे ऐप का इंटरफेस काफी हद तक उस ऐप से मेल खाता है, जो कि पिछले दिनों ई-रिक्शों को बंद करने की वजह बनी थी। इसके बाद सरकार ने इन ऐप्स पर सख्त कदम उठाते हुए इन्हें ब्लॉक कर दिया था</p>
<p><strong>ई-रिक्शों के बाद निशाने पर ATM?</strong><br>
    पिछले दिनों ई-रिक्शों को बंद करने वाली BAT-BMS ऐप की तर्ज पर अब एक ऐसी ऐप का वीडियो इंटनरेट पर फैल रहा है, जिससे ATM की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि किसी ऐप की मदद से ATM को बंद और फिर रीस्टार्ट किया जा सकता है।<br>
    इससे पहले BAT-BMS और Lossigy जैसे चीनी मोबाइल ऐप्स का गलत इस्तेमाल कर चलते हुए ई-रिक्शा को दूर से बंद करने के कई मामले देखने को मिले थे। अब जिस ऐप से ATM को कंट्रोल करते हुए दिखाया जा रहा है उसका इंटरफेस बी BAT-BMS जैसी ही है।</p>
<p><strong>इतनी आसानी से हैक हो सकते हैं ATM?</strong><br>
    एक्सपर्ट्स के अनुसार ई-रिक्शा को उसके असुरक्षित BMS सिस्टम की वजह से चीनी ऐप द्वारा कंट्रोल किया जाना संभव था लेकिन ATM एक बेहद सुरक्षित मशीन होती है। यह मशीनें बैंकों के नेटवर्क, वीपीएन (VPN) और मल्टी-लेयर सिक्योरिटी फायरवॉल पर काम करती हैं। इन्हें किसी ऐप या ब्लूटूथ की मदद से कंट्रोल किया जाना नामुमकिन है।<br>
    इस वीडियो को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि संभव है कि मशीन खुद ही रीबूट हो रही हो और वीडियो बनाने वाले ने सिर्फ टाइमिंग को मैच कर ऐसा दिखाने की कोशिश की है कि वह खुद मशीन को ऐप की मदद से बंद या चालू कर रहा है।<br>
    वीडियो में BAT BMS ऐप जैसे इंटरफेस की वजह से यह शक और पुख्ता हो जाता है कि यह सिर्फ व्यूज बटोरने की एक कोशिश भर है। हालांकि फिलहाल इस पर किसी बैंक की ओर से कोई जवाब नहीं आया है</p>
<p><strong>सरकार ने किया था ब्लॉक</strong><br>
BAT BMS ऐप के जरिए ई-रिक्शा बंद किए जाने के मामले सामने आने के बाद पिछले दिनों भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर को कड़े आदेश दिए थे।</p>
<p>इसके बाद दोनों ही ऐप स्टोर्स से BAT BMS ऐप जैसे एप्लिकेशन डाउन कर दिए गए थे। हालांकि फिल्हाल गूगल प्ले स्टोर पर BAT BMS नाम से कई फर्जी ऐप्स मौजूद हैं, जिन्हें लोग डाउनलोड भी कर रहे हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने रचा इतिहास, 6 दिन में बनाए 17 हजार से ज्यादा टैबलेट</title>
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<description><![CDATA[ चीनी रोबोटिक्स कंपनी एजीबॉट ने इतिहास रच दिया है। दरअसल इस कंपनी के ह्यूमनॉइड रोबोट्स को एक फैक्ट्री में टैबलेट बनाने और उनकी जांच करने वाली लाइव प्रोडक्शन लाइन पर काम करते हुए लाइव दिखाया गया। खास बात रही कि ऐसा पूरे 6 दिन लाइव स्ट्रीम के जरिए पूरी दुनिया के सामने चला। इस दौरान … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 15:02:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>चीनी, ह्यूमनॉइड, रोबोट्स, ने, रचा, इतिहास, दिन, में, बनाए, हजार, से, ज्यादा, टैबलेट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>चीनी रोबोटिक्स कंपनी एजीबॉट ने इतिहास रच दिया है। दरअसल इस कंपनी के ह्यूमनॉइड रोबोट्स को एक फैक्ट्री में टैबलेट बनाने और उनकी जांच करने वाली लाइव प्रोडक्शन लाइन पर काम करते हुए लाइव दिखाया गया। खास बात रही कि ऐसा पूरे 6 दिन लाइव स्ट्रीम के जरिए पूरी दुनिया के सामने चला। इस दौरान 8 रोबोट्स ने बिना रुके ठीक वैसे ही काम किया जैसे कि इंसान किसी फैक्ट्री में करते। हालांकि, फर्क यह रहा कि ये रोबोट्स इंसानों की उल्ट बिना थके लगातार काम करते रहे।</p>
<p><strong>99.99% की सक्सेस रेट से किया काम</strong><br>
6 दिन तक लाइव स्ट्रीमिंग नानचांग में लॉन्गचीयर टेक्नोलॉजी की फैक्ट्री से हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन रोबोट्स ने फैक्ट्री में बिना रुके 64 घंटे से ज्यादा समय तक लगातार काम किया।</p>
<p>इन रोबोट्स ने 6 दिनों की लाइव स्ट्रीमिंग में कुल 17,625 टैबलेट तैयार किए। इससे भी ज्यादा मजेदार बात रही कि रोबोट्स का सक्सेस रेट यानी कि काम को सही तरह से करने की दर 99.99% रही। कहने का मतलब है कि रोबोट्स से ना के बराबर गलतियां हुईं।</p>
<p><strong>रोबोट्स ने किए क्या-क्या काम?</strong></p>
<ul>
<li>फैक्ट्री में जिन रोबोट्स को काम पर लगाया गया था वे एजीबॉट के G2 ह्यूमनॉइड मॉडल थे।</li>
<li>इन रोबोट्स ने 6 दिनों तक इंसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। काम की बात करें, तो इन रोबोट्स ने बलेट की जांच करने यानी कि इन्स्पेक्शन, खराब पीस को अलग करने यानी कि डिफेक्ट सॉर्टिंग और सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने यानी कि मटेरियल ट्रांसपोर्ट का काम किया।</li>
<li>इस तरह से 6 दिनों में इन रोबोट्स ने कुल 64,828 काम पूरे किए।</li>
</ul>
<p><strong>लैब नहीं असल दुनिया में किया कमाल</strong></p>
<ul>
<li>इन रोबोट्स के प्रदर्शन की तारीफ इसलिए की गई क्योंकि 6 दिनों तक रोबोट्स ने किसी लैब में नहीं बल्कि असल दुनिया में काम किया।</li>
<li>इसके साथ ही ये रोबोट्स समय-समय पर जरूरत के अनुसार खुद ढालते रहे।</li>
<li>रिपोर्ट्स के अनुसार(REF.), कंपनी का कहना है कि वे दुनिया को यह दिखाना चाहती थी कि असल इंडस्ट्रियल माहौल में रोबोट्स के शरीर में मौजूद AI से काम लेने कि लिए किस दर्जे की तैयारी और ट्रांसपेरेंसी चाहिए होती है।</li>
<li>फैक्ट्रियों में काम संभालने को तैयार रोबोट्स</li>
<li>इस कंपनी ने लाइव स्ट्रीमिंग में रोबोट्स के सफल प्रदर्शन के बाद एलान किया है कि उनका 15,000 वां रोबोट बनकर तैयार है और उसे पार्टनर कपनी लॉन्गचीयर को सौंप दिया है।</li>
<li>खास बात है कि जहां पहले 1 से 5 हजार रोबोट्स बनाने में एक साल लगता था वहीं अब 5 से 10 हजार रोबोट तीन महीने में बनाए जा सकते हैं।</li>
<li>यह इवेंट Figure AI कंपनी के उस लाइव-स्ट्रीम के कुछ महीनों बाद हुआ है, जिसमें उनके फिगर 03 रोबोट्स ने बिना किसी खराबी के करीब 2.5 लाख पैकेजों को प्रोसेस किए थे।</li>
</ul>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ग्रीन टी से बनाएं नेचुरल एंटी&#45;एजिंग टोनर, झुर्रियां और दाग&#45;धब्बों में मिलेगी राहत</title>
<link>https://atworldnews.in/9172</link>
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<description><![CDATA[ उम्र बढ़ना एक नेचुरल प्रोसेस है, जिसे रोका नहीं जा सकता. बढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर झुर्रियां, फाइन लाइन्स और स्किन में ढीलापन आना आम बात है. इन्हें कम करने के लिए कई लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स या पार्लर ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में रखी … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 15:01:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ग्रीन, टी, से, बनाएं, नेचुरल, एंटी-एजिंग, टोनर, झुर्रियां, और, दाग-धब्बों, में, मिलेगी, राहत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>उम्र बढ़ना एक नेचुरल प्रोसेस है, जिसे रोका नहीं जा सकता. बढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर झुर्रियां, फाइन लाइन्स और स्किन में ढीलापन आना आम बात है. इन्हें कम करने के लिए कई लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स या पार्लर ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में रखी ग्रीन टी भी आपकी स्किन को ग्लोइंग और यंग बनाए रखने में मदद कर सकती है.</p>
<p>आज हम आपको घर पर ग्रनी टी से नेचुरल एंटी-एजिंग टोनर बनाना बताएंगे, जिसे आप बेहद आसानी से घर पर तैयार कर सकते हैं. यह टोनर न सिर्फ आपकी लटकती स्किन को टाइट करने में मदद करेगा, बल्कि दाग-धब्बों को दूर कर चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाने में मदद करेगा.</p>
<p><strong>ग्रीन टी से टोनर बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है?</strong><br>
2 कप पानी<br>
2 छोटे चम्मच ग्रीन टी की पत्तियां<br>
1 बड़ा चम्मच गुलाब जल</p>
<p><strong>ग्रीन टी से एंटी-एजिंग टोनर कैसे बनाएं?</strong><br>
    सबसे पहले एक पैन में 2 कप पानी डालकर उबाल लें.<br>
    जब पानी अच्छी तरह उबलने लगे, तब उसमें ग्रीन टी की पत्तियां डाल दें.<br>
    अब पैन को ढक दें और तब तक उबालें, जब तक पानी घटकर लगभग आधा रह जाए.<br>
    इसके बाद मिश्रण को छान लें और पूरी तरह ठंडा होने दें. जब यह ठंडा हो जाए, तब इसमें गुलाब जल डालकर अच्छी तरह मिला लें.<br>
    अब तैयार टोनर को एक साफ स्प्रे बोतल में भरकर फ्रिज में रख लें. आपका नेचुरल एंटी-एजिंग टोनर इस्तेमाल के लिए तैयार है.</p>
<p><strong>टोनर का इस्तेमाल चेहरे पर कैसे करें?</strong><br>
सबसे पहले चेहरे को किसी अच्छे फेसवॉश से अच्छी तरह साफ करें. इसके बाद टोनर को सीधे चेहरे पर स्प्रे करें. अगर चाहें तो कॉटन पैड की मदद से भी इसे लगा सकते हैं. बेहतर रिजल्ट के लिए इसका इस्तेमाल दिन में दो बार करें.</p>
<p><strong>ग्रीन टी से बने टोनर क्यों है इतना खास</strong><br>
ग्रीन टी से बना यह टोनर नेचुरल एंटी-एजिंग की तरह काम करता है. यह स्किन को लंबे समय तक रिफ्रेश और हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है. इसके रेगुलर इस्तेमाल से फाइन लाइन्स, झुर्रियों, पिग्मेंटेशन और डार्क स्पॉट्स की समस्या कम होती है. साथ ही यह चेहरे पर नेचुरल ग्लो बनाए रखने में भी मदद करता है.</p>
<p><strong>इन बातों का रखें ध्यान</strong><br>
    टोनर को हमेशा साफ और सूखी स्प्रे बोतल में रखें.<br>
    इसे फ्रिज में स्टोर करें और 5 से 7 दिनों के भीतर इस्तेमाल कर लें.<br>
    अगर आपकी काफी सेंसिटिव है तो पहले पैच टेस्ट जरूर करें.<br>
    अगर टोनर लगाने के बाद जलन, खुजली या एलर्जी महसूस हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें.</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>दिल्ली के 5633 स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए बाल संरक्षण समिति का होगा गठन</title>
<link>https://atworldnews.in/9171</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली राजधानी में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते 5633 स्कूलों में बाल संरक्षण समिति का गठन होगा। एलजी तरनजीत सिंह संधू और सीएम रेखा गुप्ता ने सोमवार को बाल संरक्षण के तहत यह फैसला किया है। जुलाई के दौरान बाल संरक्षण माह के तहत विभिन्न कार्यक्रमों, सुरक्षा उपायों और जागरूकता अभियान को … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 15:01:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली, के, 5633, स्कूलों, में, बच्चों, की, सुरक्षा, के, लिए, बाल, संरक्षण, समिति, का, होगा, गठन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
राजधानी में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते 5633 स्कूलों में बाल संरक्षण समिति का गठन होगा। एलजी तरनजीत सिंह संधू और सीएम रेखा गुप्ता ने सोमवार को बाल संरक्षण के तहत यह फैसला किया है। जुलाई के दौरान बाल संरक्षण माह के तहत विभिन्न कार्यक्रमों, सुरक्षा उपायों और जागरूकता अभियान को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में बच्चों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग, दिल्ली पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई।</p>
<p>    शिक्षा विभाग ने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग और पॉक्सो अधिनियम के निर्देशों के अनुसार दिल्ली के सभी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत सुरक्षा जांच सूची (चेक लिस्ट) लागू की जा रही है।<br>
    इनमें 1,077 दिल्ली सरकार के स्कूल, 198 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल, 2612 एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली छावनी बोर्ड और 1,746 प्राइवेट स्कूल शामिल हैं। विभाग शिक्षकों, स्कूल कर्मचारियों और मुख्य प्रशिक्षकों को पॉक्सो अधिनियम के तहत प्रशिक्षण दे रहा है।</p>
<p><strong>जुलाई के बाद भी जारी रहेगा अभियान</strong><br>
दिल्ली पुलिस ने बताया कि स्कूलों, पार्कों, खेल परिसरों, बाल भवन, अनाथालयों और बाल देखभाल संस्थानों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में एक अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। एलजी और सीएम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यक्रम जुलाई तक सीमित न रहें, वह संस्थानों की नियमित और स्थायी व्यवस्था का हिस्सा बनें।</p>
<p><strong>POCSO मामलों के लिए नई व्यवस्था</strong><br>
सीएम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यक्रमों और गतिविधियों का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित जरूरी है। सभी स्कूलों में पॉक्सो मामलों के निस्तारण के लिए एसओपी लागू की जाए। अभिभावकों के प्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, दिल्ली पुलिस और विद्यालय प्रमुखों को शामिल करते हुए संयुक्त निरीक्षण दल गठित कर सभी स्कूलों का निरीक्षण किया जाए।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>जंगल से 10 KM दायरे में आरा मिलों पर रोक बरकरार, बिलासपुर हाईकोर्ट ने 19 याचिकाएं खारिज कीं</title>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर. हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला देते हुए राज्य सरकार के उस निर्णय को सही माना है, जिसमें अधिसूचित जंगलों या संरक्षित क्षेत्रों से हवाई दूरी के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी क्षेत्रों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया था. कोर्ट के इस निर्णय के बाद अब इस क्षेत्र में … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 14:32:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>जंगल, से, दायरे, में, आरा, मिलों, पर, रोक, बरकरार, बिलासपुर, हाईकोर्ट, ने, याचिकाएं, खारिज, कीं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बिलासपुर.</strong></p>
<p>हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला देते हुए राज्य सरकार के उस निर्णय को सही माना है, जिसमें अधिसूचित जंगलों या संरक्षित क्षेत्रों से हवाई दूरी के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी क्षेत्रों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया था.</p>
<p>कोर्ट के इस निर्णय के बाद अब इस क्षेत्र में सभी आरा मिलें बंद रहेंगी. कोर्ट ने इस संबंध में दायर कुल 19 याचिकाओं को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि हमें दिल्ली जैसा प्रदूषण नहीं चाहिए. कोर्ट ने 10 किलोमीटर के दायरे में बफर जोन के शासन के निर्णय को उचित ठहराया है. बता दें, कि राज्य सरकार ने 25 सितंबर 2025 को एक अधिसूचना जारी कर छत्तीसगढ़ काष्ठ चिरान अधिनियम,1984 की धारा 5(1) का उपयोग करते हुए जंगली क्षेत्र के आसपास 10 किमी के दायरे को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया था.</p>
<p>इस अधिसूचना के प्रभावी होने के बाद वन विभाग ने इस दायरे में आने वाली सभी आरा मिलों को बंद करने और उनके लाइसेंस नवीनीकरण पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे, इस आदेश के खिलाफ कई आरा मिल संचालकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.</p>]]> </content:encoded>
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<title>बिना तंदूर, मैदा और यीस्ट के घर पर बनाएं स्वादिष्ट हेल्दी आटा तंदूरी नान।</title>
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<description><![CDATA[ जब भी कोई रेस्टोरेंट या ढाबे में खाना खाने जाता है, तो तंदूरी नान जरूर ऑर्डर करता है. शायद ही कोई हो जो गरमा-गरम तंदूरी नान ऑर्डर न करें. मुलायम, हल्का क्रिस्पी और मक्खन से लबालब तंदूरी नान का स्वाद हर किसी को पसंद आता है. लेकिन जब बात घर पर तंदूरी नान बनाने की … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 14:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>बिना, तंदूर, मैदा, और, यीस्ट, के, घर, पर, बनाएं, स्वादिष्ट, हेल्दी, आटा, तंदूरी, नान।</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>जब भी कोई रेस्टोरेंट या ढाबे में खाना खाने जाता है, तो तंदूरी नान जरूर ऑर्डर करता है. शायद ही कोई हो जो गरमा-गरम तंदूरी नान ऑर्डर न करें. मुलायम, हल्का क्रिस्पी और मक्खन से लबालब तंदूरी नान का स्वाद हर किसी को पसंद आता है. लेकिन जब बात घर पर तंदूरी नान बनाने की आती है, तो ज्यादातर लोग आलस कर जाते हैं. दरअसल, वो सोचते हैं कि इसके लिए तंदूर, यीस्ट और मैदा की जरूरत होगी. वहीं, कई लोग सेहत का ध्यान रखते हुए मैदा से बनी चीजें खाने से भी बचते हैं.</p>
<p>अगर आप भी उन्हीं लोगों में शामिल हैं जो तंदूरी नान घर पर बनाने में आलस करते हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. आज हम आपको तंदूरी नान बनाने का एक ऐसा तरीका बताने वाले हैं, जिसमें आपको ना तंदूर की जरूरत पड़ेगी और ना ही यीस्ट या मैदा की. जी हां, अब आप बिना मैदा, बिना यीस्ट और बिना तंदूर के भी घर पर बिल्कुल रेस्टोरेंट जैसा सॉफ्ट और स्वादिष्ट तंदूरी नान बना सकते हैं. इसके लिए आपको सिर्फ गेहूं का आटा और एक साधारण लोहे का तवा चाहिए होगा. खास बात ये है कि इसका स्वाद बिल्कुल रेस्टोरेंट और ढाबे जैसा होगा. चलिए जानते हैं बिना तंदूर और मैदा के घर पर हेल्दी और टेस्टी आटा तंदूरी नान कैसे बना सकते हैं.</p>
<p><strong>घर पर आटा तंदूरी नान बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए?</strong><br>
    2 कप गेहूं का आटा<br>
    ½ कप ताजा दही<br>
    ½ छोटा चम्मच बेकिंग पाउडर<br>
    ¼ छोटा चम्मच बेकिंग सोडा<br>
    1 छोटा चम्मच चीनी<br>
    स्वादानुसार नमक<br>
    2 बड़े चम्मच तेल या पिघला हुआ घी<br>
    कलौंजी और बारीक कटा हरा धनिया<br>
    ऊपर से लगाने के लिए बटर या देसी घी</p>
<p><strong>बनाने का तरीका:</strong><br>
1. एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें. इसमें नमक, चीनी, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह मिला दें. अब दही और तेल डालें और गुनगुने पानी की मदद से सॉफ्ट और लचीला आटा गूंथ लें. ध्यान रखें कि आटा ज्यादा टाइट न हो, तभी नान मुलायम बनेगी.</p>
<p>2. रोटी हो या नान तभी अच्छी और मुलायम बनती हैं, जब आप आटा गूंथने के बाद उसे थोड़ी देर रेस्ट करने के लिए रखे. ऐसे में नान के लिए गूंथे आटे पर थोड़ा सा तेल या घी लगाकर उसे गीले कपड़े से ढक दें. इसे लगभग 30 से 45 मिनट तक किसी गर्म जगह पर रख दें. इससे आटा अच्छी तरह सेट हो जाएगा और बिना यीस्ट के भी नान फूली-फूली बनेंगी.</p>
<p>3. जब आटा अच्छे से रेस्ट कर ले तब उसकी मीडियम शेप की लोइयां बनाएं. हल्का सूखा आटा लगाकर इन्हें थोड़ा मोटा और लंबा बेल लें. ऊपर से कलौंजी और बारीक कटा हरा धनिया छिड़कें और बेलन से हल्का दबा दें ताकि ये सेंकने के वक्त हटे नहीं और अच्छी तरह चिपक जाएं.</p>
<p>4. नान की एक तरफ थोड़ा पानी लगाएं. अब लोहे का तवा अच्छी तरह गर्म करें और पानी वाली साइड को तवे पर चिपका दें. कुछ ही सेकंड में नान पर छोटे-छोटे बुलबुले दिखाई देने लगेंगे. इन बुलबुलों को देखकर घबराना नहीं है. ये बताते हैं कि नान सही तरीके से पक रही है.</p>
<p>5. जब नान नीचे से पक जाए, तो तवे को ध्यान से उल्टा करके गैस की सीधी आंच पर रखें. तवे को हल्का-हल्का घुमाते रहें ताकि नान पर तंदूर जैसी सुनहरी और हल्की जली हुई परत आ जाए.</p>
<p>6. तैयार नान को तवे से उतारते ही उस पर बटर या देसी घी लगाएं. आप इसे दाल मखनी, शाही पनीर, कड़ाही पनीर या अपनी पसंद की किसी भी ग्रेवी वाली सब्जी के साथ खा सकते हैं.</p>]]> </content:encoded>
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<title>PM2.5 प्रदूषण से सिर्फ सांस नहीं, बाल भी खतरे में, डॉक्टरों ने दी चेतावनी</title>
<link>https://atworldnews.in/9168</link>
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<description><![CDATA[ अक्सर माना जाता है कि हवा प्रदूषण के कारण खांसने, दम घुटने और सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स ने अब एक ऐसी चेतावनी दी है जो आपकी चिंताएं बढ़ा सकती है. हालिया रिसर्च में पाया गया है कि हवा में मौजूद PM2.5 जैसे बारीक कण न सिर्फ हमारे रेस्पिरेटरी … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 14:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>PM2.5, प्रदूषण, से, सिर्फ, सांस, नहीं, बाल, भी, खतरे, में, डॉक्टरों, ने, दी, चेतावनी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>अक्सर माना जाता है कि हवा प्रदूषण के कारण खांसने, दम घुटने और सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स ने अब एक ऐसी चेतावनी दी है जो आपकी चिंताएं बढ़ा सकती है. हालिया रिसर्च में पाया गया है कि हवा में मौजूद PM2.5 जैसे बारीक कण न सिर्फ हमारे रेस्पिरेटरी सिस्टम को प्रभावित कर रहे हैं बल्कि इनका सीधा असर हमारे बालों और स्कैल्प पर भी पड़ रहा है. ये महीन कण इतने छोटे होते हैं कि ये आसानी से स्कैल्प की त्वचा के रोमछिद्रों में घुस जाते हैं जिससे बालों का गिरना और उनकी क्वालिटी खराब होना एक बड़ी समस्या बन गया है. इस बारे में डॉक्टर ने कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है जो सभी को मानना चाहिए.</p>
<p><strong>ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और बालों की कमजोरी</strong><br>
बेंगलुरु के अपोलो हॉस्पिटल में पल्मोनोलॉजी और रेस्पिरेटरी मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. समीर बंसल का कहना है, 'PM2.5 सामान्य धूल नहीं है. इसका आकार इतना छोटा होता है कि यह नाक और ऊपरी एयरवे के सुरक्षा कवच को पार करके फेफड़ों के गहरे हिस्सों तक पहुंच जाता है. उन्होंने बताया कि प्रदूषण को केवल खांसी या सांस की तकलीफ तक सीमित नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इसका 'इन्फ्लेमेटरी बोझ' शरीर के अन्य अंगों पर भी पड़ता है जिससे शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और इन्फ्लेमेटरी रिस्पॉन्स पैदा होते हैं.'</p>
<p>बेंगलुरु के फोर्टिस हॉस्पिटल में पल्मोनोलॉजी डायरेक्टर डॉ. विवेक आनंद पडेगल का कहना है, 'लोग PM2.5 को फेफड़ों के लिए हानिकारक मानते हैं लेकिन अब यह स्पष्ट हो रहा है कि इसका प्रभाव हेयर फॉलिकल्स यानी बालों की जड़ों पर भी पड़ रहा है. लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से स्कैल्प में इन्फ्लेमेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा होता है जो बालों के झड़ने, उनके पतले होने और स्कैल्प के अस्वस्थ होने का कारण बन सकता है.'</p>
<p><strong>स्कैल्प का इन्फ्लेमेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस</strong><br>
नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदूषण के सूक्ष्म कण शरीर में फ्री रेडिकल्स को बढ़ाते हैं, जो बालों की जड़ों की प्रोटीन संरचना को नुकसान पहुंचाते हैं. इससे बाल न केवल कमजोर और रूखे हो जाते हैं, बल्कि उनके टूटने की रफ्तार भी बढ़ जाती है.</p>
<p>द मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदूषण की मार सिर्फ बालों की लंबाई तक सीमित नहीं है. विशेषज्ञों के मुताबिक, वायु प्रदूषण में मौजूद हानिकारक तत्व स्कैल्प में सूजन या इन्फ्लेमेशन पैदा करते हैं. जब स्कैल्प पर गंदगी और टॉक्सिन्स की परत जमती है तो यह बालों के रोमछिद्रों को प्रभावित करती है जिससे बालों को जरूरी ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते. इसका नतीजा ये होता है कि बाल समय से पहले पतले होने लगते हैं और स्कैल्प में खुजली व डैंड्रफ की समस्या आम हो जाती है.</p>
<p><strong>सिस्टमिक हेल्थ रिस्क</strong><br>
डॉ. बंसल और डॉ. पडेगल इस बात पर पूरी तरह सहमत हैं कि वायु प्रदूषण अब केवल एक अंग की समस्या न होकर एक 'सिस्टमिक हेल्थ रिस्क' बन गया है जो बालों सहित पूरे शरीर को प्रभावित कर रहा है. प्रदूषण की वजह से स्कैल्प पर जो गंदगी की परत जमती है वह स्कैल्प को सेंसिटिव बनाती है. यदि इसे समय रहते साफ न किया जाए तो यह बालों के पतले होने और बालों की जड़ों की मजबूती कम होने का कारण बनती है.</p>
<p><strong>बचाव के लिए क्या करें?</strong><br>
इस समस्या से निपटने के लिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बाहर निकलते समय बालों को स्कार्फ या कैप से जरूर ढकें. प्रदूषण वाली जगहों पर जाने के बाद बालों को माइल्ड सल्फेट-फ्री शैम्पू से धोना चाहिए ताकि गंदगी जमा न हो. इसके अलावा, एंटीऑक्सीडेंट युक्त हेयर केयर प्रोडक्ट्स और संतुलित डाइट का सेवन बालों की जड़ों को प्रदूषण के असर से बचाने में मददगार साबित हो सकता है.</p>]]> </content:encoded>
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<title>मुख्य सचिव की उच्च स्तरीय बैठक, विभागों की प्रमुख योजनाओं और कार्यों की प्रगति की समीक्षा</title>
<link>https://atworldnews.in/9167</link>
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<description><![CDATA[ मुख्य सचिव ने सचिवों की ली उच्च स्तरीय बैठक विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 14:02:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्य, सचिव, की, उच्च, स्तरीय, बैठक, विभागों, की, प्रमुख, योजनाओं, और, कार्यों, की, प्रगति, की, समीक्षा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुख्य सचिव ने सचिवों की ली उच्च स्तरीय बैठक</strong></p>
<p><strong>विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की</strong></p>
<p><strong>रायपुर</strong><br>
मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों में बैकलॉग के रिक्त पदों की भर्ती के लिए शीघ्र कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए है।<br>
मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, डी रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने शासन के महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों के अंतर्गत भू-अर्जन के प्रकरणों को तेजी से निपटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।</p>
<p>बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋर्चा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग की सचिव सुरीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुआर.शंगीता, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) सचिव भुवनेश यादव सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>स्वेच्छानुदान मद से सुदूर वनांचल स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल, मांझीगुडा को 10 कंप्यूटर प्रदत्त</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल संसाधनों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपने स्वेच्छानुदान मद से बस्तर जिले के विकासखंड दरभा के सुदूर वनांचल क्षेत्र में स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मांझीगुडा चिंगपाल को 10 कंप्यूटर प्रदान किए। इसके लिए राज्यपाल द्वारा पूर्व में … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 14:02:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>स्वेच्छानुदान, मद, से, सुदूर, वनांचल, स्थित, स्वामी, आत्मानंद, स्कूल, मांझीगुडा, को, कंप्यूटर, प्रदत्त</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong><br>
 राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल संसाधनों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपने स्वेच्छानुदान मद से बस्तर जिले के विकासखंड दरभा के सुदूर वनांचल क्षेत्र में स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मांझीगुडा चिंगपाल को 10 कंप्यूटर प्रदान किए। इसके लिए राज्यपाल द्वारा पूर्व में स्वीकृति प्रदान की गई थी।</p>
<p>       लोक भवन  में आज राज्यपाल ने विद्यालय के लिए कंप्यूटरों का औपचारिक रूप से हस्तांतरण किया। इन कंप्यूटरों के माध्यम से सुदूर वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके ज्ञान और कौशल का विकास होगा। </p>
<p>          इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, उप सचिव सुश्री निधि साहू तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मांझीगुडा (जिला बस्तर) के प्राचार्य उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>छोले का पानी न फेंकें, इससे बनाएं बेकरी जैसी एगलेस व्हिप्ड क्रीम घर पर</title>
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<description><![CDATA[ घर पर जब भी कुछ स्पेशल खाने का मन करता है, कोई मेहमान आने वाला होता है या फिर कोई पार्टी होती है, तो अक्सर छोले बनाए जाते हैं. छोले खाने में स्वादिष्ट लगते हैं. छोले बनाने के लिए पहले इन्हें उबाला जाता है. लेकिन अक्सर घर में छोले उबालने के बाद उनका पानी बेकार … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 14:01:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>छोले, का, पानी, न, फेंकें, इससे, बनाएं, बेकरी, जैसी, एगलेस, व्हिप्ड, क्रीम, घर, पर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>घर पर जब भी कुछ स्पेशल खाने का मन करता है, कोई मेहमान आने वाला होता है या फिर कोई पार्टी होती है, तो अक्सर छोले बनाए जाते हैं. छोले खाने में स्वादिष्ट लगते हैं. छोले बनाने के लिए पहले इन्हें उबाला जाता है. लेकिन अक्सर घर में छोले उबालने के बाद उनका पानी बेकार समझकर सिंक में बहा दिया जाता है. आपके घर में भी ऐसा ही होता होगा, है ना? अगर आप ऐसा कर रहे हैं, तो ये आपकी बहुत बड़ी भूल है.</p>
<p>आपको जानकर हैरानी होगी कि छोले उबालने के बाद बचा यही पानी आपकी रसोई का एक ऐसा इंग्रीडिएंट है, जिससे घर पर ही हल्की, फूली-फूली और एगलेस व्हिप्ड क्रीम तैयार की जा सकती है? सोशल मीडिया पर इन दिनों ये हैक बहुत वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि छोले के पानी में सिर्फ दो चीजें मिलाकर और एक मिनट तक व्हिस्क करके बेकरी जैसी क्रीम बनाई जा सकती है. आइए जानते हैं इसे बनाने का तरीका.</p>
<p><strong>क्या है छोले के पानी का कमाल?</strong><br>
छोले उबालने के बाद जो गाढ़ा पानी बचता है, उसे एक्वाफाबा (Aquafaba) कहा जाता है. इसमें मौजूद नेचुरल प्रोटीन और स्टार्च इसे व्हिप करने पर झागदार और लाइट बना देते हैं. यही वजह है कि इसे एगलेस रेसिपीज में अंडे के सफेद हिस्से के ऑप्शन के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है.</p>
<p><strong>घर पर छोले के पानी से बनाएं एगलेस बेकरी क्रीम</strong><br>
इंग्रेडिएंट्स:<br>
    ½ कप ठंडा छोले का पानी<br>
    2-3 बड़े चम्मच चीनी<br>
    ½ छोटा चम्मच वैनिला एसेंस</p>
<p><strong>बनाने का तरीका</strong><br>
    छोले के पानी से व्हिप्ड क्रीम बनाने के लिए सबसे पहले छोले के पानी को अच्छी तरह छान लें.<br>
    इसे कुछ देर फ्रिज में ठंडा कर लें.<br>
    जब ये अच्छे से ठंडा हो जाए तब इसमें चीनी और वैनिला एसेंस डालें.<br>
    इलेक्ट्रिक व्हिस्कर की मदद से करीब 5-10 मिनट तक फेंटें. अगर आप हाथ वाले व्हिस्कर से फेंटते हैं, तो टाइम ज्यादा लगता है.<br>
    कुछ ही देर में ये गाढ़ी, सफेद और फूली-फूली क्रीम जैसी बन जाएगी.</p>
<p>टिप: एक मिनट में पूरी तरह बाजार जैसी क्रीम बनना हर बार मुमकिन नहीं होता है. अगर आप चाहते हैं कि रिजल्ट अच्छा आए तो उसके लिए इलेक्ट्रिक बीटर का इस्तेमाल करें.</p>
<p><strong>किन चीजों में कर सकते हैं इस्तेमाल?</strong><br>
तैयार व्हिप्ड क्रीम का इस्तेमाल आप कई तरह की मिठाइयों में कर सकते हैं, जैसे:</p>
<p>    केक की फ्रॉस्टिंग<br>
    कपकेक फ्रॉस्टिंग<br>
    मूस<br>
    ट्राइफल<br>
    फ्रूट डेजर्ट<br>
    हॉट चॉकलेट या कॉफी की टॉपिंग</p>
<p><strong>बहुत खास है ये क्रीम</strong><br>
    पूरी तरह एगलेस और वीगन ऑप्शन है.<br>
    बचे हुए छोले के पानी का बेहतर इस्तेमाल हो जाता है.<br>
    महंगी व्हिपिंग क्रीम खरीदे बिना घर पर क्रीम तैयार की जा सकती है.<br>
    फूड वेस्टेज भी कम होती है.</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>यूपी में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना हुआ सस्ता, रोड टैक्स माफ और ₹2.56 लाख तक लाभ</title>
<link>https://atworldnews.in/9164</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ यूपी में नए ई-वाहन (ईवी) खरीदने पर योगी सरकार ने बड़ी राहत दे दी है। अब ईवी खरीदने पर रोड टैक्स का नहीं देना होगा। ईवी पर 2.56 लाख रुपये तक का लाभ प्रदान किया जाएगा। कैबिनेट बैठक में सोमवार को वायु प्रदूषण से निपटने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एनसीआर … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 14:01:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यूपी, में, इलेक्ट्रिक, वाहन, खरीदना, हुआ, सस्ता, रोड, टैक्स, माफ, और, ₹2.56, लाख, तक, लाभ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
यूपी में नए ई-वाहन (ईवी) खरीदने पर योगी सरकार ने बड़ी राहत दे दी है। अब ईवी खरीदने पर रोड टैक्स का नहीं देना होगा। ईवी पर 2.56 लाख रुपये तक का लाभ प्रदान किया जाएगा। कैबिनेट बैठक में सोमवार को वायु प्रदूषण से निपटने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एनसीआर क्षेत्र में परिवर्तन योजना लागू किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।</p>
<p>योजना के तहत एनसीआर में बीएस-वन से बीएस-फोर तक के पुराने ट्रकों और बसों को स्क्रैप कर नई बीएस-सिक्स अथवा इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर वाहन स्वामियों को मोटरयान कर और रजिस्ट्रेशन शुल्क में 10 वर्ष तक भारी छूट प्रदान की जाएगी। नए बीएस-सिक्स या इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर 100 फीसद रोड टैक्स माफ होगा।</p>
<p><strong>पुराने वाहनों पर 50 प्रतिशत की छूट</strong><br>
वहीं पुराने/प्रयुक्त बीएस-सिक्स/ईवी वाहनों पर रोड टैक्स में 50 फीसद छूट दी जाएगी। यह छूट 10 वर्षों तक वैध रहेगी। नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रजिस्ट्रेशन शुल्क शत-प्रतिशत माफ होगा। सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को विशेष प्रोत्साहन दिया है। डीजल-सीएनजी गाड़ियों पर पांच प्रतिशत ब्याज छूट और ईंधन वाउचर मिलेगा जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों पर गाड़ी की श्रेणी के अनुसार 64 हजार रुपये से 2.56 हजार रुपये तक का एकमुश्त लाभ दिया जाएगा।</p>
<p>इसके अलावा नई गाड़ी खरीदने पर ओईएम यानी वाहन कंपनियों की ओर से 8% की शुरुआती छूट भी मिलेगी। भारत सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए परिवर्तन योजना शुरू की है। यूपी सरकार ने अब इसे राज्य के एनसीआर जिलों में प्रभावी रूप से लागू करने का फैसला किया है। योजना का मकसद प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को चरणबद्ध ढंग से हटाना है।</p>
<p><strong>बस-ट्रक पर माफ होगा बकाया टैक्स</strong><br>
यूपी एनसीआर में पंजीकृत बीएस-वन, टू, थ्री व फोर श्रेणी की बसों-ट्रकों पर यदि एक वर्ष से अधिक का टैक्स बकाया है तो उसे भी खत्म कर दिया जाएगा। इसके लिए पुराने वाहन को अधिकृत रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (आरवीएसएफ) के जरिए स्क्रैप कराना होगा और उसके बाद ही नए वाहन का पंजीकरण कराना होगा। वाहन स्वामियों को अपने पुराने वाहन आरवीएसएफ केंद्र पर जमा कर स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट लेना होगा। इसी सर्टिफिकेट के आधार पर नई गाड़ी खरीदते समय रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में छूट मिलेगी। बकाया टैक्स माफी का लाभ भी इसी प्रक्रिया से मिलेगा।</p>
<p><strong>डाटा सेंटर नीति में बुंदेलखंड और पूर्वांचल को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा</strong><br>
कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी दी गई। यह नीति 27 जनवरी 2026 को समाप्त हो गई थी, इसलिए सरकार नई उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2026 लेकर आई है। डाटा सेंटर नीति में बुंदेलखंड और पूर्वांचल को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा।</p>
<p>इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को ग्रीन, एआई-रेडी और वैश्विक प्रतिस्पर्धी डाटा सेंटर हब के रूप में विकसित करना है। नीति के तहत दो गीगावाट अतिरिक्त क्षमता विकसित करने और दो लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि नई नीति में जीपीयू आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा दक्षता और टिकाऊ विकास पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रस्तावित किए गए हैं। टियर/रेटिंग-3 व 4 वाले डाटा सेंटर्स को प्रोत्साहन, एआई कंप्यूट बूस्टर प्रोत्साहन तथा ग्रीन एवं सस्टेनेबल परिचालन प्रोत्साहन जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।</p>
<p><strong>50 हजार को रोजगार मिलने की संभावना</strong><br>
डाटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में विश्वस्तरीय डाटा सेंटर इकोसिस्टम विकसित होगा। डाटा सेंटर इकाइयों के आसपास सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी आधारित अन्य इकाइयों की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रस्तावित नीति से 7500 लोगों को दीर्घकालीन प्रत्यक्ष रोजगार और निर्माण अवधि में लगभग 50 हजार लोगों को अल्पकालीन प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।</p>
<p><strong>सुनियोजित नीति से मिले ठोस परिणाम</strong><br>
मंत्री ने बताया कि योगी सरकार ने जनवरी 2021 में उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2021 लागू की थी, जिसे बाद में 7 नवंबर 2022 को संशोधित किया गया। उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2021 (प्रथम संशोधन-2022) के तहत लगभग 21,343 करोड़ रुपये के निवेश से 6 डाटा सेंटर पार्क तथा 40 मेगावाट से कम क्षमता वाली दो डाटा सेंटर इकाइयों में से 7 परियोजनाएं परिचालन में आ चुकी हैं।</p>
<p><strong>210 करोड़ की सब्सिडी दी गई</strong><br>
वहीं, प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है। योगी सरकार ने 210 करोड़ रुपये से अधिक सब्सिडी के रूप में ईवी वाहन मालिकों को वितरित किए हैं। कहा कि खाड़ी देशों में गंभीर हालात और तेल संकट के बीच ईवी वाहनों की तरफ रुख करना ही बेहतर है। ईवी खरीद सब्सिडी योजना शानदार सहयोग दे रही है। इससे पेट्रोल-डीजल पर लोगों की निर्भरता कम होगी और बेहतर पर्यावरण से लोगों का स्वास्थ्य अच्छा होगा।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी सचिव हटाए गए, दो अन्य अधिकारियों पर भी गिरी गाज</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली पर्यावरण मंत्रालय ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी सचिव अमर सिंह को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है. साथ ही उनके साथ काम कर रहे दो अन्य अधिकारियों आयुष शरण और शैलेश कुमार सिंह को भी उनकी ड्यूटी से रिलीव कर दिया गया है. इस बारे में पर्यावरण, वन … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 13:33:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>केंद्रीय, मंत्री, भूपेंद्र, यादव, के, निजी, सचिव, हटाए, गए, दो, अन्य, अधिकारियों, पर, भी, गिरी, गाज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>पर्यावरण मंत्रालय ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी सचिव अमर सिंह को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है. साथ ही उनके साथ काम कर रहे दो अन्य अधिकारियों आयुष शरण और शैलेश कुमार सिंह को भी उनकी ड्यूटी से रिलीव कर दिया गया है. इस बारे में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की तरफ से 3 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। </p>
<p>मंत्रालय की तरफ से जारी इस ऑफिस ऑर्डर में बताया गया है कि कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के 2 जुलाई के आदेश के तहत और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद यह फैसला लिया गया है। <br>
 <br>
आदेश के मुताबिक अमर सिंह, जो आईआरएस अधिकारी हैं और 2010 बैच के हैं, उन्हें प्रशासनिक आधार पर उनके मूल कैडर यानी राजस्व विभाग में वापस भेज दिया गया है. उन्हें तत्काल प्रभाव से उनकी ड्यूटी से हटा दिया गया है और उन्हें अपने मूल कैडर राजस्व विभाग में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। </p>
<p><strong>3 जुलाई के आदेश में बड़ा प्रशासनिक बदलाव</strong><br>
यह आदेश उप सचिव विभूति पंजियार के हस्ताक्षर से जारी हुआ है. आदेश की कॉपी प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग सहित कई अहम दफ्तरों को भी भेजी गई है, जिससे यह साफ है कि यह बदलाव प्रशासनिक स्तर पर काफी अहमियत रखता है। </p>
<p>अमर सिंह के साथ ही उनकी टीम के दो और अधिकारी आयुष शरण और शैलेश कुमार सिंह को भी उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है. हालांकि इन दोनों अधिकारियों को लेकर अलग से कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि नए निजी सचिव के तौर पर किसे जिम्मेदारी दी जाएगी. मंत्रालय की तरफ से आगे इस बारे में जानकारी दी जा सकती है। </p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>चलती बस में गूंजी किलकारी! सफर के दौरान महिला ने बच्चे को दिया जन्म, यात्रियों ने की मदद</title>
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<description><![CDATA[ कोरबा. छत्तीसगढ़ में कोरबा से पटना जा रही यात्री बस में सफर के दौरान महिला के प्रसव का अनोखा मामला सामने आया है. यात्रियों की मदद से गर्भवती महिला ने रास्ते में ही स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया. दोनों को बलरामपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल दोनों का स्वास्थ्य अच्छा है. जानकारी … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 13:32:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>चलती, बस, में, गूंजी, किलकारी, सफर, के, दौरान, महिला, ने, बच्चे, को, दिया, जन्म, यात्रियों, ने, की, मदद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कोरबा.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ में कोरबा से पटना जा रही यात्री बस में सफर के दौरान महिला के प्रसव का अनोखा मामला सामने आया है. यात्रियों की मदद से गर्भवती महिला ने रास्ते में ही स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया. दोनों को बलरामपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल दोनों का स्वास्थ्य अच्छा है.</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की रात जोरदार बारिश के बीच राजहसन बस कोरबा से पटना जा रही थी. गर्भवती महिला अपने पति के साथ बस में सफर कर रही थी. रात करीब 11 बजे अंबिकापुर पार करने के बाद गर्भवती महिला को तेज प्रसव पीड़ा हुई. स्थिति को देखते हुए चालक ने बस को सड़क किनारे रोक दिया. इसके बाद बस में सवार महिला यात्री सुनती देवी समेत अन्य महिलाओं ने प्रसूता की मदद की और सुरक्षित प्रसव कराया. प्रसव के बाद बस बलरामपुर पहुंची, जहां करीब आधे घंटे बाद महिला और नवजात को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल में दोनों का उपचार जारी है. चिकित्सकों के अनुसार, मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं.</p>
<p><strong>यात्रियों के बीच खुशी का माहौल</strong><br>
बताया जा रहा है कि प्रसूता कोरबा की रहने वाली है और यह उसका पहला बच्चा है. बस में उस समय करीब 30 से 35 यात्री सवार थे. घटना के बाद बस में मौजूद यात्रियों के बीच खुशी का माहौल रहा. साथ ही कई यात्रियों ने स्वेच्छा से आर्थिक मदद भी की.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>MP Weather Update: 35 जिलों में झमाझम बारिश, भोपाल&#45;राजगढ़ वैकल्पिक मार्ग बंद; खजुराहो&#45;मंडला में 4.2 इंच पानी</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल आज कई जिलों में बारिश हो रही है। बड़वानी जिले के सेंधवा में हादसा हो गया। यहां सांदीपनि स्कूल में छत का प्लास्टर गिर गया, जिससे नौवीं की दो छात्राएं घायल हो गईं, वहीं इंदौर के पास एक सड़क धंस गई। मध्य प्रदेश में जुलाई की शुरुआत के साथ ही मानसून पूरी तरह सक्रिय … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 13:32:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Weather, Update:, जिलों, में, झमाझम, बारिश, भोपाल-राजगढ़, वैकल्पिक, मार्ग, बंद, खजुराहो-मंडला, में, 4.2, इंच, पानी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>आज कई जिलों में बारिश हो रही है। बड़वानी जिले के सेंधवा में हादसा हो गया। यहां सांदीपनि स्कूल में छत का प्लास्टर गिर गया, जिससे नौवीं की दो छात्राएं घायल हो गईं, वहीं इंदौर के पास एक सड़क धंस गई।</p>
<p>मध्य प्रदेश में जुलाई की शुरुआत के साथ ही मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। 24 घंटे में प्रदेश के 35 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। खजुराहो और मंडला में सबसे ज्यादा 4.2-4.2 इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार छह दिनों से हो रही बारिश। </p>
<p><strong>इन जिलों में हुई अच्छी बारिश</strong><br>
मौसम विभाग के मुताबिक, सतना, रतलाम, सीधी, उमरिया, पन्ना, पचमढ़ी, रीवा, श्योपुर, नौगांव, भोपाल, नरसिंहपुर, दमोह, टीकमगढ़, बैतूल, नर्मदापुरम, इंदौर, सिवनी, सागर, शिवपुरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, रायसेन, धार, जबलपुर, गुना, उज्जैन, खंडवा, खरगोन, दतिया, मैहर, शाजापुर, सीहोर, छतरपुर, बुरहानपुर, बड़वानी और पांढुर्णा में भी बारिश का दौर रहा।</p>
<p><strong>बारिश से जनजीवन भी प्रभावित</strong><br>
बड़वानी जिले के सेंधवा स्थित सांदीपनि (सीएम राइज) स्कूल में कक्षा 9 की छत का प्लास्टर गिरने से दो छात्राएं घायल हो गईं। दोनों के सिर में मामूली चोट आई और उनका सिविल अस्पताल में इलाज कराया गया।</p>
<p>वहीं, इंदौर के पास खुड़ैल रोड स्थित जेतकारण गांव में सड़क धंसने से स्कूली बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया। उफनते नाले को पार कराने के लिए ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाई और बच्चों को सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया। घटना का वीडियो भी सामने आया है।</p>
<p><strong> बैरसिया-नरसिंहगढ़ के बीच पार्वती नदी पर  …..</strong></p>
<p>भोपाल और राजगढ़ जिले को जोड़ने वाले पार्वती नदी के अस्थायी वैकल्पिक मार्ग से गुजरने पर रोक लगा दी गई है। सोमवार देर रात बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा ने यह आदेश जारी किए। नदी में जल स्तर बढ़ने की वजह से यह फैसला लिया गया।</p>
<p>एसडीएम शर्मा के आदेश में लिखा है कि बारिश के कारण पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे बैरसिया-नरसिंहगढ़ मार्ग पर नदी के मध्य निर्मित अस्थायी वैकल्पिक मार्ग जलमग्न हो गया है। तेज बहाव के कारण आवागमन अत्यंत जोखिमपूर्ण है। इसलिए आवागमन पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।</p>
<p>एसडीएम ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंधित क्षेत्र में आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड एवं सुरक्षा संकेतक स्थापित किए जाएं। ताकि कोई भी व्यक्ति जोखिम उठाकर मार्ग का उपयोग न कर सके।</p>
<p>तहसीलदार, पुलिस को जिम्मा आदेश के पालन के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जनपद पंचायत, पीडब्ल्यूडी और पुलिस विभाग के अधिकारियों को सतत निगरानी रखने और आवश्यकता अनुसार सुरक्षा बल तैनात कर नागरिकों को सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कराने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>उल्लंघन करने पर यह कार्रवाई आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जो आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 तथा अन्य प्रचलित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>वैकल्पिक रास्ते में पानी, इसलिए वाहन फंस रहे साल 1976 में रुनाहा से नरसिंहगढ़ तक सड़क MPRDC यानी मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने बनाई थी। वहीं, ब्रिज पीडब्ल्यूडी ने बनाया था। 17 जनवरी 2025 को ब्रिज एक जगह से धंस गया था। एहतियातन बैरसिया एसडीएम शर्मा ने ब्रिज से आने-जाने पर रोक लगा दी थी। कुछ दिन बाद स्टॉपडैम से पानी खाली कर डायवर्सन रूट तैयार किया गया था।</p>
<p>बारिश से पहले तक इसी रूट से बस, ट्रक समेत चार पहिया और टू-व्हीलर गुजर रहे थे, लेकिन पानी बढ़ गया है। बावजूद कई वाहन चालक खतरा लेते हुए इसके ऊपर से गुजर रहे हैं। पिछले साल अक्टूबर में एक बस तिरछी हो गई थी। इसे जैसे-तैसे निकाला तो एक दिन पहले ही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क से स्टॉपडैम के पानी में गिर गई। ट्रैक्टर में चार लोग सवार थे, जो बच गए।</p>
<p>नेशनल हाईवे से जोड़ता है ब्रिज बैरसिया-नरसिंहगढ़ रोड पर बना यह ब्रिज मेघरा नवीन गांव में है। यह भोपाल जिले का गांव है जबकि दूसरी तरफ राजगढ़ जिले का बरायठा गांव है। भोपाल, राजगढ़ के अलावा गुना, विदिशा, शिवपुरी, अशोकनगर, आगर-मालवा, शाजापुर, इंदौर, उज्जैन आने-जाने के लिए भी ब्रिज का उपयोग किया जाता है।</p>
<p>जब ब्रिज ठीक था, तब एक दिन में डेढ़ से 2 लाख तक लोग गुजरते थे। वर्तमान में 8 से 10 हजार लोग गुजर रहे हैं। यह ब्रिज आगरा-बंबई राष्ट्रीय राजमार्ग को भी जोड़ता है।</p>
<p>49 साल में सिर्फ 2 बार हुई थी मरम्मत करीब 49 साल पुराने ब्रिज की आखिरी बार मरम्मत साल 2019-20 में की गई थी। इसके पहले भी एक बार मरम्मत की गई थी। मेंटेनेंस नहीं होने की वजह से ब्रिज जर्जर हालत में पहुंच गया था।</p>
<p><strong>भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट</strong><br>
मंगलवार को बड़वानी, धार, बुरहानपुर, रतलाम, टीकमगढ़ और पन्ना समेत कई जिलों में बारिश जारी है। मौसम विभाग ने गुना, अशोक नगर, विदिशा, सागर और छतरपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है।</p>
<p>लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मलेशिया एशिया पैसिफिक डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए मध्यप्रदेश की गौरांशी शर्मा का भारतीय टीम में चयन</title>
<link>https://atworldnews.in/9160</link>
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<description><![CDATA[ मलेशिया एशिया पैसिफिक डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए मध्यप्रदेश की गौरांशी शर्मा का भारतीय टीम में चयन गौरांशी शर्मा अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन मंच पर करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व ग्वालियर बैडमिंटन अकादमी की खिलाड़ी गौरांशी शर्मा दिखाएंगी अपनी प्रतिभा का दमखम मलेशिया में प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारतीय दल का होंगी हिस्सा भोपाल मध्यप्रदेश राज्य बैडमिंटन अकादमी की … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 13:32:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मलेशिया, एशिया, पैसिफिक, डेफ, बैडमिंटन, चैंपियनशिप, के, लिए, मध्यप्रदेश, की, गौरांशी, शर्मा, का, भारतीय, टीम, में, चयन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मलेशिया एशिया पैसिफिक डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए मध्यप्रदेश की गौरांशी शर्मा का भारतीय टीम में चयन</strong></p>
<p><strong>गौरांशी शर्मा अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन मंच पर करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व</strong></p>
<p><strong>ग्वालियर बैडमिंटन अकादमी की खिलाड़ी गौरांशी शर्मा दिखाएंगी अपनी प्रतिभा का दमखम</strong></p>
<p><strong>मलेशिया में प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारतीय दल का होंगी हिस्सा</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश राज्य बैडमिंटन अकादमी की प्रतिभावान खिलाड़ी गौरांशी शर्मा का चयन Malaysia Asia Pacific Deaf Badminton Championship के लिए भारतीय टीम में हुआ है। इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में गौरांशी शर्मा भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगी। उनका चयन प्रदेश की खेल प्रतिभाओं एवं समावेशी खेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।</p>
<p><strong>अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश की सशक्त उपस्थिति</strong></p>
<p>गौरांशी शर्मा का भारतीय टीम में चयन मध्यप्रदेश में खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण व्यवस्था तथा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनका प्रतिनिधित्व प्रदेश के लिए गर्व का विषय है और यह दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी नई प्रेरणा लेकर आया है।</p>
<p><strong>निरंतर परिश्रम और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रतिफल</strong></p>
<p>गौरांशी शर्मा ने अपने अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के बल पर भारतीय टीम में स्थान अर्जित किया है। कठिन प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा सिद्ध की, जिसके आधार पर उन्हें इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ है।</p>
<p><strong>प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि</strong></p>
<p>गौरांशी शर्मा की यह उपलब्धि प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों, विशेष रूप से दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। यह सफलता दर्शाती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, नियमित अभ्यास और उचित मार्गदर्शन के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है।</p>
<p><strong>खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी शुभकामनाएँ</strong></p>
<p>खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गौरांशी शर्मा को भारतीय टीम में चयनित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गौरांशी शर्मा मलेशिया में आयोजित एशिया पैसिफिक डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत और मध्यप्रदेश का नाम रोशन करेंगी।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>यूपी में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, एक लाख के इनामी आसिफ एनकाउंटर में ढेर</title>
<link>https://atworldnews.in/9159</link>
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<description><![CDATA[ नॉएडा यूपी में एसटीएफ और बदमाशों के बीच एक बार फिर एनकाउंटर हुआ है। आम्बेडकरनगर के बेवाना थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह नोएडा एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक लाख के इनामी बदमाश आसिफ उर्फ विक्की को मार गिराया गया। आसिफ मूल रूप से कानपुर नगर के धुरैया मरकरपुर का निवासी था और … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 13:31:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यूपी, में, एसटीएफ, की, बड़ी, कार्रवाई, एक, लाख, के, इनामी, आसिफ, एनकाउंटर, में, ढेर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नॉएडा</strong><br>
यूपी में एसटीएफ और बदमाशों के बीच एक बार फिर एनकाउंटर हुआ है। आम्बेडकरनगर के बेवाना थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह नोएडा एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक लाख के इनामी बदमाश आसिफ उर्फ विक्की को मार गिराया गया। आसिफ मूल रूप से कानपुर नगर के धुरैया मरकरपुर का निवासी था और लंबे समय से पुलिस उसके पीछे पड़ी थी।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, मारे गए अपराधी पर हत्या, लूट, गैंगस्टर समेत 25 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे विभिन्न जनपदों में दर्ज थे। वह लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों की तलाश में था। एनकाउंटर में दोनों ओर से हुई फायरिंग में यूपी एसटीएफ के सिपाही ओमनाथ चौहान भी घायल हो गए हैं। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से एक .32 बोर की पिस्तौल, 12 बोर का देसी हथियार, भारी मात्रा में कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।</p>
<p>बताया जाता है कि एसटीएफ ने मुखबिर की सूचना पर बदमाश की घेराबंदी की थी। खुद को घिरा देख विक्की ने टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ की गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से हथियार और अन्य सामान भी बरामद किया।</p>
<p><strong>विक्की का लंबा आपराधिक इतिहास</strong><br>
विक्की उर्फ आसिफ अली पर हत्या, डकैती और लूट की कई सनसनीखेज वारदातों के आरोप थे। वर्ष 2013 में सुल्तानपुर में साथियों के साथ घर में घुसकर डकैती के दौरान एक व्यक्ति की हत्या की। वर्ष 2014 में जौनपुर के शाहगंज में परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की और धारदार हथियार से हमला किया, जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई। वर्ष 2015 में कौशांबी में दंपती की हत्या कर डकैती की वारदात को अंजाम दिया।</p>
<p>2015 में ही मुजफ्फरनगर में कई घरों में सिलसिलेवार डकैतियां डालीं और महिलाओं पर जानलेवा हमला किया। वर्ष 2021 में कानपुर देहात के रसूलाबाद में घर में घुसकर तासीम की हत्या करने का भी आरोप था। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ विभिन्न जनपदों में 25 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।</p>
<p><strong>25 हजार के इनामी का हाफ एनकाउंटर</strong><br>
उधर, बहराइच में सोमवार की रात गोकशी के आरोपी व थाना कैसरगंज के 25 हजार के इनामी बदमाश अशरफ उर्फ टन्ने के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई। इस घटना में वांछित अपराधी के पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।</p>
<p>पुलिस को उसके हरनी गांव की रोड से प्यारेपुर जाने वाले रास्ते में पुलिया पर बैठे होने की जानकारी मिली थी। सूचना पर थाना कैसरगंज की पुलिस टीम द्वारा पुलिया के नजदीक पहुंच कर घेरेबंदी की। पुलिस टीम से घिरता देख बदमाश ने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। पुलिस ने फायर किया तो उसके दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी से उसके पास एक देशी तमंचा, कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>शासकीय छात्रावासों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 20 जुलाई तक</title>
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<description><![CDATA[ शासकीय छात्रावासों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 20 जुलाई तक स्‍थान रिक्‍त होने पर अंतिम चरण में 20 जुलाई तक कर सकेंगे आवेदन भोपाल राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र, स्‍कूल शिक्षा विभाग ने संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक/बालिका शासकीय छात्रावासों में रिक्‍त स्‍थानों पर प्रवेश के लिए अंतिम चरण में … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 13:02:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>शासकीय, छात्रावासों, में, प्रवेश, के, लिए, ऑनलाइन, आवेदन, जुलाई, तक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शासकीय छात्रावासों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 20 जुलाई तक</strong></p>
<p><strong>स्‍थान रिक्‍त होने पर अंतिम चरण में 20 जुलाई तक कर सकेंगे आवेदन</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र, स्‍कूल शिक्षा विभाग ने संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक/बालिका शासकीय छात्रावासों में रिक्‍त स्‍थानों पर प्रवेश के लिए अंतिम चरण में 20 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे। इस वर्ष से प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की गई है। इसके लिए विभाग ने एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्‍यम से विशेष होस्‍टल प्रबंधन प्रणाली विकसित की है।</p>
<p>संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र हरजिंदर सिंह ने बताया कि, प्रदेश में संचालित छात्रावासों में विशेष रूप से वंचित वर्गों की बालिका/बालक को उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए पारदर्शी ऑनलाइन प्रवेश प्रणाली प्रारंभ की गई है। यह ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली एक समेकित (Integrated) डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया, सीट आवंटन, अभिलेख संधारण तथा प्रशासनिक कार्यों को ऑनलाइन एवं पारदर्शिता के साथ संचालित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह प्रणाली विशेष रूप से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) टाइप-I एवं III एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास (एनएससीबी) बालक/बालिका छात्रावासों के पारदर्शी प्रबंधन एवं उनमें प्रवेश की सुविधा के लिए विकसित की गई है।</p>
<p><strong>आवेदन की अंतिम तिथि एवं प्रक्रिया</strong></p>
<p>राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार छात्रावासों में कक्षा 6वीं एवं अन्‍य कक्षाओं की रिक्‍त सीटों पर प्रवेश के लिए विद्यार्थी अंतिम चरण में 20 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। हॉस्टल में भर्ती के लिए अभिभावक/पालक/विद्यार्थी द्वारा ऑनलाइन आवेदन नजदीकी एमपी ऑनलाइन कियोस्क केंद्र से स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट https://educationportal3.in के माध्यम से भरा जा सकता है। यदि अभिभावक/पालक/विद्यार्थी को फॉर्म भरने में कोई समस्या आती है तो आवेदन वार्डन के सहयोग से भी भरा जा सकेगा।</p>
<p><strong>छात्रावासों में प्रवेश प्रात्रता</strong></p>
<p>छात्रावासों में लक्ष्‍य अनुसार 50/100/150/ 175/200/220/275 स्‍थान उपलब्‍ध हैं। कक्षा 6 से 8 की बालिका को (कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (टाईप-I) में तथा नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस बालिका छात्रावास प्रवेश दिया जाता है। वहीं कक्षा 6 से 12 की बालिका को (कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (टाईप- III) में प्रवेश की पात्रता है। कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्रावास की मार्गदर्शिका के अनुसार 75 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग की बालिकाओं के लिए एवं 25 प्रतिशत स्‍थान गरीबी रेखा के नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले परिवारों की बालिकाओं के लिए नियत हैं। इनमें अस्थि बाधित, अनाथ व बेसहारा किसी भी वर्ग की बालिकाओं को चयन में प्राथमिकता दी जाती है।</p>
<p>इसके अतिरिक्‍त प्रदेश में संचालित 66 नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस बालक छात्रावासों में कक्षा 3 से कक्षा 8 तक में पात्र बालकों को प्रवेश दिया जाता है। ये बालक छात्रावास, शाला अप्रवेशी एवं शाला त्‍यागी बालकों के लिए उनकी आयु के अनुरूप कक्षा में दर्ज करवाकर विशेष प्रशिक्षण के माध्‍यम से कक्षा अनुसार दक्षताएं विकसित कर शिक्षा की मुख्‍य धारा से जोड़े जाने के लिए संचालित हैं। इनमें विशेष रूप से ऐसे बच्‍चे जो रेल्‍वे स्‍टेशन एवं बस स्‍टैण्‍ड के प्‍लेट फार्म पर रहने वाले, पन्‍नी बीनने वाले, पलायन करने वाले परिवारों के बच्‍चे अथवा घर से भटके हुए विमुक्‍त (Denotified Tribal) एवं प्रिमिटिव ट्राइबल परिवार के बच्‍चे, वन ग्राम पटटा धारी परिवारों के बच्‍चों को आवासीय सुविधाएं प्रदान कर शिक्षा की मुख्‍य धारा से जोडकर प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण कराई जाती है।</p>
<p><strong>प्रदेश में संचालित छात्रावासों की संख्‍या</strong></p>
<p>प्रदेश में राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र अंतर्गत 207 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, 324 नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस बालिका एवं 66 नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस बालक छात्रावास संचालित है। सभी छात्रावासों में ऐसे बालिका/बालक जो शाला से बाहर हैं अथवा जो प्रारंभिक शिक्षा से वंचित हैं एवं पारिवारिक कारणों से परिवार में रहते हुए प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकते हैं उन्हें छात्रावास में रखकर प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाती हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए उच्च शिक्षा विभाग का तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रारंभ</title>
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<description><![CDATA[ विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए उच्च शिक्षा विभाग का तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रारंभ सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप उच्च शिक्षण संस्थानों में संवेदनशील और सहयोगात्मक वातावरण निर्माण पर जोर भोपाल  उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के संबंध में विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के फैकल्टी … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 13:02:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>विद्यार्थियों, के, मानसिक, स्वास्थ्य, एवं, कल्याण, के, लिए, उच्च, शिक्षा, विभाग, का, तीन, दिवसीय, ऑनलाइन, प्रशिक्षण, प्रारंभ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए उच्च शिक्षा विभाग का तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रारंभ</strong></p>
<p><strong>सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप उच्च शिक्षण संस्थानों में संवेदनशील और सहयोगात्मक वातावरण निर्माण पर जोर</strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के संबंध में विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के फैकल्टी सदस्यों और कर्मचारियों के लिए तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 से 8 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना, विद्यार्थियों की भावनात्मक आवश्यकताओं को समझना तथा आत्महत्या की रोकथाम के लिए सहयोगात्मक एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण विकसित करना है। स्वस्थ मन, सशक्त शिक्षण और सुरक्षित भविष्य”के उद्देश्य के साथ यह पहल उच्च शिक्षण संस्थानों में सकारात्मक एवं संवेदनशील वातावरण निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिवस विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, आत्महत्या रोकथाम, मनोवैज्ञानिक सहयोग, जीवन कौशल एवं संस्थागत जिम्मेदारियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रथम तकनीकी सत्र में एम्स भोपाल के सहायक प्राध्यापक एवं मनोचिकित्सक डॉ. तन्मय जोशी ने “सुसाइड प्रिवेंशन : इंटीग्रेटेड फ्रेमवर्क फॉर हायर एजुकेशन”विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि आत्महत्या केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं संस्थागत उत्तरदायित्व से जुड़ा विषय है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में तनाव, अवसाद, सामाजिक अलगाव, व्यवहार परिवर्तन एवं अन्य चेतावनी संकेतों की समय रहते पहचान करने तथा सहयोगात्मक वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p>द्वितीय तकनीकी सत्र में शासकीय एम.एल.बी. कन्या महाविद्यालय भोपाल की प्राध्यापक डॉ. अनीता पुरी सिंह ने विद्यार्थियों में मानसिक संवेदनशीलता के संकेतों एवं “साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड”विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल अध्यापन तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की भावनात्मक स्थिति को समझना और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उचित सहयोग एवं परामर्श से जोड़ना भी महत्वपूर्ण है।</p>
<p>तृतीय तकनीकी सत्र में डॉ. अमित सोनी ने “मेंटल हेल्थ एंड राइट्स बेस्ड प्रिंसिपल्स एवं स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स (एसओपी)”विषय पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य संकट, अत्यधिक तनाव, रैगिंग, यौन उत्पीड़न जैसी परिस्थितियों में संस्थानों द्वारा संवेदनशील, त्वरित एवं गोपनीय प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।</p>
<p>चतुर्थ तकनीकी सत्र में बी.एस.एस.एस. महाविद्यालय भोपाल के मनोविज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. विनय मिश्रा ने विद्यार्थियों के मनोवैज्ञानिक कल्याण, जीवन कौशल एवं सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण पर विचार रखे। उन्होंने आत्म-जागरूकता, तनाव प्रबंधन, संवाद क्षमता, सहानुभूति एवं निर्णय क्षमता जैसे जीवन कौशल को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया।</p>
<p>प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों के फैकल्टी सदस्यों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। आगामी दो दिनों में निजी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के शिक्षकों तथा कर्मचारियों के लिए भी प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>होर्मुज जलडमरूमध्य में बड़ा हमला! दो कमर्शियल जहाजों पर मिसाइलें, ईरान पर लगे गंभीर आरोप</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने मंगलवार तड़के होर्मुज के पास दो व्यापारिक जहाजों पर मिसाइलें दागी हैं. यह जानकारी अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है. इस हमले से अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने की बातचीत पर असर पड़ने की आशंका है।  यह हमला ऐसे समय हुआ … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:33:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>होर्मुज, जलडमरूमध्य, में, बड़ा, हमला, दो, कमर्शियल, जहाजों, पर, मिसाइलें, ईरान, पर, लगे, गंभीर, आरोप</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने मंगलवार तड़के होर्मुज के पास दो व्यापारिक जहाजों पर मिसाइलें दागी हैं. यह जानकारी अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है. इस हमले से अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने की बातचीत पर असर पड़ने की आशंका है। </p>
<p>यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान में लोग पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का शोक मना रहे हैं. खामेनेई की मौत ईरान युद्ध की शुरुआत में हुई थी। </p>
<p>रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर पिछले कुछ समय से इस इलाके में जहाजों को धमकी दे रहा था. यह पैरामिलिट्री फोर्स बातचीत की कोशिशों को कमजोर करने में जुटा है. गार्ड कोर ने जहाजों को चेतावनी दी थी कि वे उस रास्ते से न गुजरें जिसे अमेरिकी सेना ने ओमान के तट के पास सुरक्षित घोषित किया है। </p>
<p>मंगलवार का हमला इसी चेतावनी के बाद हुआ है और इससे इलाके में तनाव और बढ़ गया है. इस बीच यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी यूकेएमटीओ ने भी एक घटना की जानकारी दी है। </p>
<p>UKMTO ने बताया है कि टैंकर ओमान के लिमाह के पास दक्षिण की ओर जा रहा था, तभी उसके बाईं ओर (पोर्ट साइड) टक्कर हुई, जिससे तुरंत ही आग लग गई। हालांकि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ और ना ही पर्यावरण को कोई नुकसान पहुंचा है। अधिकारी फिलहाल इस घटना की जांच कर रहे हैं।</p>
<p><strong>ईरान ने किया हमला: अमेरिका</strong><br>
अमेरिका ने हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार माना है। एक्सियोस अनुसार, दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ईरान की IRGC ने सोमवार रात होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों पर दो मिसाइलें दागीं। एक ऑयल टैंकर और एक कमर्शियल जहाज इसकी चपेट में आया। दोनों जहाजों को नुकसान पहुंचा लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।</p>
<p>होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। US एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, 2024 में यहां से हर दिन तकरीबन 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल गुजरा, जो दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा है। यह जलमार्ग हालिया अमेरिका-ईरान संघर्ष का केंद्र बना हुआ है।</p>
<p><strong>होर्मुज स्ट्रेट में तनाव</strong><br>
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से यातायात को नियंत्रित करना शुरू किया था। इसके बाद से यहां तनाव चल रहा है। हालांकि अमेरिका-ईरान के समझौते में होर्मुज को खोलने की बात कही गई है लेकिन इस समुद्री गलियारे में चीजें सामान्य होती नहीं दिख रही हैं।</p>
<p>यूकेएमटीओ के मुताबिक ओमान के लीमाह से करीब आठ नॉटिकल मील पूर्व में एक घटना हुई है. एक टैंकर जहाज दक्षिण दिशा में जा रहा था तभी उसे किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल ने बाईं ओर से टक्कर मारी. इस टक्कर से जहाज में आग लग गई. राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. संबंधित अधिकारी इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। </p>
<p>यूकेएमटीओ ने सभी जहाजों को सावधानी से यात्रा करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत देने की सलाह दी है। </p>
<p>इन दोनों घटनाओं ने होर्मुज में सुरक्षा को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है. यह रास्ता दुनिया के लिए बेहद अहम माना जाता है क्योंकि यहां से बड़ी मात्रा में तेल का व्यापार होता है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>CM साय आज करेंगे दो विभागों की समीक्षा, विधानसभा सत्र से पहले अध्यक्ष से करेंगे अहम मुलाकात</title>
<link>https://atworldnews.in/9155</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री निवास से रवाना होकर स्पीकर हाउस पहुचेंगे, जहां वह विधानसभा सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात करेंगे. इसके बाद वे मंत्रालय महानदी भवन पहुंचकर झारखंड सरकार के मंत्री राधाकृष्ण किशोर … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:32:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>साय, आज, करेंगे, दो, विभागों, की, समीक्षा, विधानसभा, सत्र, से, पहले, अध्यक्ष, से, करेंगे, अहम, मुलाकात</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री निवास से रवाना होकर स्पीकर हाउस पहुचेंगे, जहां वह विधानसभा सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात करेंगे.</p>
<p>इसके बाद वे मंत्रालय महानदी भवन पहुंचकर झारखंड सरकार के मंत्री राधाकृष्ण किशोर के साथ बैठक करेंगे. दोपहर में मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करेंगे, जिनमें वाणिज्य एवं उद्योग विभाग और राजस्व एंवआपदा प्रबंधन विभाग की बैठक शामिल है. वहीं नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में बुलाई गई भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे.</p>
<p><strong>BJP विधायक दल की होगी बैठक<br>
रायपुर. </strong>छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी आज विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करेगी. बैठक शाम 7 बजे नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में होगी. इसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. पार्टी ने सभी भाजपा विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य की है. बैठक में मानसून सत्र की रणनीति, सरकार के एजेंडे और विपक्ष के मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सांसद बृजमोहन अग्रवाल की बैठक में शिक्षा&#45;स्वास्थ्य समेत कई विकास योजनाओं को मिली मंजूरी</title>
<link>https://atworldnews.in/9154</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर. नकटी गांव में हालिया प्रशासनिक कार्रवाई के बाद आज जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) राशि परिषद के सदस्यों के बीच कलेक्ट्रेट स्थित रेड क्रॉस सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। बैठक में करीब 37 करोड़ रुपये के DMF फंड के … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:32:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सांसद, बृजमोहन, अग्रवाल, की, बैठक, में, शिक्षा-स्वास्थ्य, समेत, कई, विकास, योजनाओं, को, मिली, मंजूरी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>नकटी गांव में हालिया प्रशासनिक कार्रवाई के बाद आज जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) राशि परिषद के सदस्यों के बीच कलेक्ट्रेट स्थित रेड क्रॉस सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई।</p>
<p>बैठक में करीब 37 करोड़ रुपये के DMF फंड के उपयोग को लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण और ग्रामीण विकास से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि DMF का प्रत्येक रुपया जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसका उपयोग केवल जनहित तथा बुनियादी सुविधाओं के विकास में हो। सांसद ने अधिकारियों को सभी स्वीकृत कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>शिक्षा के लिए 13 करोड़ रुपये का प्रावधान</strong><br>
इस बैठक में आत्मानंद स्कूलों के संचालन के लिए अतिथि शिक्षकों के वेतन मद में 8 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। वहीं सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था विकसित करने के लिए 5 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 8.30 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। अधिकारियों को अधूरी पाइपलाइन परियोजनाएं जल्द पूरी करने तथा गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए वाटर रिचार्ज कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। पर्यावरण संरक्षण को लेकर सांसद ने सख्त रुख अपनाते हुए इस मद की राशि 60 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले की बंद पड़ी खदानों की फेंसिंग और व्यवस्थितीकरण कर दुर्घटनाओं पर रोक लगाने की बात कही। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 6 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके तहत जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी। मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों की दवाइयों के लिए 50 लाख रुपये अलग से मंजूर किए गए।</p>
<p><strong>ग्रामीण विकास और अन्य योजनाओं को भी मिली मंजूरी</strong><br>
बैठक में 348 गांवों में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट लगाने में सहायता, लंबित 14 हजार मामलों के त्वरित निराकरण, अस्पतालों में निर्बाध बिजली आपूर्ति, मॉडल महतारी सदन के निर्माण, आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार, कौशल विकास तथा पशुपालन विभाग के लिए भी वित्तीय प्रावधान किए गए। बैठक में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, पुरंदर मिश्रा, इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, DMF शासी परिषद के नवनियुक्त सदस्य, कलेक्टर गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मैहर&#45;रीवा हाईवे पर भीषण हादसा, ट्रक में घुसी कार; पूर्व MLA के परिवार के 5 लोगों की मौत</title>
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<description><![CDATA[  मैहर  मैहर-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर  देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। नादन थाना क्षेत्र के ग्राम रीघरा के पास रात करीब एक बजे हुए इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:32:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मैहर-रीवा, हाईवे, पर, भीषण, हादसा, ट्रक, में, घुसी, कार, पूर्व, MLA, के, परिवार, के, लोगों, की, मौत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> मैहर</strong><br>
 मैहर-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर  देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। नादन थाना क्षेत्र के ग्राम रीघरा के पास रात करीब एक बजे हुए इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।</p>
<p>तेज रफ्तार से चल रही एक्सयूवी कार सामने चल रहे ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। उसमें सवार लोग कार के अंदर ही फंस गए। बताया जा रहा है कि ये सभी लोग किसी रिश्तेदार के यहां से जन्मदिन मनाकर वापस मैहर लौट रहे थे।</p>
<p><strong>घायल को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया</strong><br>
घायल को प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान अंकुर पटेल, मृदुन पटेल, विशेष पटेल, हरिशंकर पटेल तथा एक अन्य परिजन के रूप में हुई है।</p>
<p><strong>संजीव कुमार पटेल की हालत चिंताजनक बताई जा रही है</strong><br>
सभी मृतक पूर्व विधायक स्वर्गीय लालजी पटेल के परिवार से जुड़े बताए जा रहे हैं। हादसे में संजीव कुमार पटेल गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल भी अस्पताल पहुंचे और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ईमानदारी और सत्यनिष्ठा एक युवा अधिकारी की सबसे बड़ी पूंजी है&#45; डीजीपी मकवाणा</title>
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<description><![CDATA[ ईमानदारी और सत्यनिष्ठा एक युवा अधिकारी की सबसे बड़ी पूंजी है- डीजीपी मकवाणा नवचयनित राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को डीजीपी का मार्गदर्शन मध्‍यप्रदेश संवर्ग के 8 प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने की सौजन्‍य भेंट भोपाल  मध्‍यप्रदेश संवर्ग 2025 बैच के 08 परिवीक्षाधीन भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने आज पुलिस मुख्‍यालय में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ईमानदारी, और, सत्यनिष्ठा, एक, युवा, अधिकारी, की, सबसे, बड़ी, पूंजी, है-, डीजीपी, मकवाणा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ईमानदारी और सत्यनिष्ठा एक युवा अधिकारी की सबसे बड़ी पूंजी है- डीजीपी मकवाणा</strong></p>
<p><strong>नवचयनित राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को डीजीपी का मार्गदर्शन<br>
मध्‍यप्रदेश संवर्ग के 8 प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने की सौजन्‍य भेंट</strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्‍यप्रदेश संवर्ग 2025 बैच के 08 परिवीक्षाधीन भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने आज पुलिस मुख्‍यालय में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से सौजन्‍य भेंट की। डीजीपी मकवाणा ने सभी अधिकारियों से परिचय प्राप्‍त कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्‍होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरी तन्‍मयता से प्राप्‍त करें ताकि शासन की जनकल्‍याणकारी योजनाओं का उत्‍कृष्‍ट निष्‍पादन कर सकें। उन्होंने कहा कि वे अपने अधीनस्थ अमले से भी सीखने में संकोच न करें।</p>
<p>पुलिस महानिदेशक ने नवचयनित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल एक पद नहीं, बल्कि जनता की सेवा का दायित्व है। उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नए आपराधिक कानून, साइबर सुरक्षा, साइबर फ्रॉड, नारकोटिक्स एवं नशा मुक्ति जैसे विषय प्रशासनिक अधिकारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बदलती चुनौतियों को देखते हुए अधिकारियों को निरंतर सीखते रहने और तकनीक का प्रभावी उपयोग करने की आवश्यकता है।</p>
<p>डीजीपी ने अपने सेवाकाल के अनेक अनुभव साझा किए। उन्होंने मंदसौर की एक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य, संवाद और सही नेतृत्व से बड़ी से बड़ी भीड़ को भी शांतिपूर्वक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने मुरैना में पदस्थापना के दौरान सड़क सुरक्षा अभियान और निष्पक्ष जांच के अनुभव भी साझा किए।</p>
<p>उन्होंने बताया कि डायल-100 से 112 आपातकालीन सेवा में परिवर्तन आसान नहीं था। लगभग छह से सात महीने के अथक प्रयासों, टीमवर्क और समर्पण से इस व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू किया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े परिवर्तन के लिए धैर्य और सतत प्रयास आवश्यक हैं। नक्सल चुनौती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ने वर्ष 2025 में नक्सल समस्या से मुक्ति प्राप्त की। यह सुरक्षा बलों, प्रशासन और जनता के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।</p>
<p>डीजीपी ने अधिकारियों को सलाह दी कि किसी भी सूचना पर तुरंत विश्वास करने के बजाय पहले उसका सत्यापन करें और उसके बाद ही निर्णय लें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक निर्णय हमेशा तथ्यों और निष्पक्षता पर आधारित होने चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ईमानदारी (Honesty) और सत्यनिष्ठा (Integrity) एक युवा अधिकारी की सबसे बड़ी पूंजी है। अधिकारियों को भ्रष्टाचार, भौतिकवादी सोच और व्यक्तिगत स्वार्थ से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि कभी भी पद का अहंकार अपने ऊपर हावी न होने दें और प्रत्येक नागरिक की समस्या को स्वयं की समस्या समझकर उसका समाधान करने का प्रयास करें।</p>
<p>डीजीपी ने कहा कि प्रशिक्षण अवधि सीखने का सर्वोत्तम अवसर होती है। इस दौरान किसी भी विषय पर प्रश्न पूछने में संकोच नहीं करना चाहिए, चाहे वह जूनियर से पूछना हो या सीनियर से। निरंतर सीखने की भावना ही एक सफल अधिकारी की पहचान है।</p>
<p><strong>साहबगिरी' नहीं, जनसेवा का भाव रखें</strong></p>
<p>डीजीपी ने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि चयन के बाद कभी भी 'साहबगिरी' को अपने सिर पर न चढ़ने दें। उन्होंने अधिकारियों को सकारात्मक सोच अपनाने, विनम्र बने रहने और अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ऐसा कैडर है जहां वरिष्ठ अधिकारी सहज उपलब्ध रहते हैं और सीखने का अनुकूल वातावरण मिलता है। उन्होंने नवचयनित अधिकारियों को इस प्रतिष्ठित सेवा में चयन पर बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।</p>
<p>इसी दौरान पुलिस महानिदेशक ने वर्तमान में प्रदेशभर में संचालित "सेफ क्लिक 2.0" साइबर जागरूकता अभियान तथा आगामी 15 जुलाई से प्रारंभ होने वाले "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और नशा मुक्त समाज के निर्माण में प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अधिकारियों को इन अभियानों को जनभागीदारी के माध्यम से प्रभावी बनाते हुए अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाना चाहिए, ताकि समाज को साइबर अपराधों और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से सुरक्षित रखा जा सके।</p>
<p> इस अवसर पर आर.सी.व्‍ही.पी. नरोन्‍हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी की कोर्स एसोसिएट डायरेक्‍टर सुप्रिया शर्मा, पीएसओटू डीजीपी विनीत कपूर, एसओटू डीजीपी मलय जैन, प्रशिक्षु आईएएस खोत पुष्पराज नानासाहेब, सुआयुषी बंसल, माधव अग्रवाल, श्लोक वाइकर, सुआशी शर्मा, शैलेंद्र चौधरी, सुशिल्पा चौहान, सुसौम्या मिश्रा उपस्थित रहीं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>उत्सवपूर्ण माहौल में 12 जुलाई को एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाएगा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी</title>
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<description><![CDATA[ उत्सवपूर्ण माहौल में 12 जुलाई को एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाएगा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी जनसहभागिता से 2030 तक 15 प्रतिशत और 2047 तक 20 प्रतिशत हरित आवरण का लक्ष्य हासिल करेगा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी औपचारिकता नहीं प्रतिबद्धता के भाव के साथ सफल होगा वृक्षारोपण महायज्ञ: मुख्यमंत्री योगी 12 जुलाई का वृक्षारोपण … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:31:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>उत्सवपूर्ण, माहौल, में, जुलाई, को, एक, दिन, में, करोड़, पौधे, लगाएगा, उत्तर, प्रदेश:, मुख्यमंत्री, योगी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उत्सवपूर्ण माहौल में 12 जुलाई को एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाएगा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी</strong></p>
<p><strong>जनसहभागिता से 2030 तक 15 प्रतिशत और 2047 तक 20 प्रतिशत हरित आवरण का लक्ष्य हासिल करेगा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी</strong></p>
<p><strong>औपचारिकता नहीं प्रतिबद्धता के भाव के साथ सफल होगा वृक्षारोपण महायज्ञ: मुख्यमंत्री योगी</strong></p>
<p><strong>12 जुलाई का वृक्षारोपण महायज्ञ बने जनभागीदारी का नया कीर्तिमान, सभी विभाग पूरी तैयारी के साथ जुटें: मुख्यमंत्री योगी</strong></p>
<p><strong>हरित उत्तर प्रदेश की दिशा में तेज कदम, मुख्यमंत्री ने की वृक्षारोपण महाभियान 2026 की तैयारियों की समीक्षा</strong></p>
<p><strong>वन एवं वृक्षावरण बढ़ाने में उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक उपलब्धि, अब हरित विकास के नए लक्ष्य की ओर बढ़ा प्रदेश</strong></p>
<p><strong>लखनऊ</strong><br>
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वृक्षारोपण केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, जल सुरक्षा, जलवायु संतुलन और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का व्यापक जनआंदोलन है। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को जनभागीदारी का महायज्ञ बनाते हुए आगामी 12 जुलाई को उत्साह और उत्सवपूर्ण वातावरण में इस वर्ष वृक्षारोपण महायज्ञ आयोजित किया जा रहा है, इसमें प्रत्येक नागरिक, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी, किसान, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा सभी सरकारी विभागों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान की सफलता केवल लक्ष्य प्राप्त करने से नहीं, बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे के संरक्षण और उसके वृक्ष बनने से तय होगी। यह औपचारिकता नहीं प्रतिबद्धता के भाव के साथ सफल होगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री सोमवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वृक्षारोपण महाभियान 2026 की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने में हरित विकास की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पर्यावरण संरक्षण को जनसहभागिता से जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को हरित विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनाया जाए तथा प्रत्येक विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य को पूरी गंभीरता और उत्तरदायित्व के साथ पूरा करे। उन्होंने निर्देश दिए कि 12 जुलाई को प्रस्तावित वृहद वृक्षारोपण अभियान को पूरी तैयारी, समन्वय और जवाबदेही के साथ संपन्न कराया जाए। पौधरोपण स्थलों का पूर्व सत्यापन, गड्ढों की तैयारी, पौधों की उपलब्धता, स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रजातियों का चयन, सिंचाई, जियो टैगिंग तथा नियमित अनुश्रवण की समुचित व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पौधरोपण के समय प्रत्येक एक घंटे के अंतराल पर प्रगति रिपोर्ट जारी की जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश ने वर्ष 2030 तक हरित आवरण को 15 प्रतिशत तथा वर्ष 2047 तक 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए आगामी पांच वर्षों में प्रतिवर्ष 35 करोड़ पौधों के रोपण की कार्ययोजना बनाई गई है, जिससे लगभग 72 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड के अवशोषण की क्षमता विकसित होगी।</p>
<p>बैठक में प्रस्तुत विवरण के अनुसार उत्तर प्रदेश ने हरित क्षेत्र बढ़ाने में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। वर्ष 2017 से 2023 के बीच वन एवं वृक्षावरण में लगभग 3.38 लाख एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश का वन एवं वृक्षावरण वर्ष 2017 के 9.18 प्रतिशत से बढ़कर 9.96 प्रतिशत हो गया है। वन क्षेत्र के बाहर वृक्षावरण का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से अधिक है तथा कार्बन स्टॉक में वृद्धि की दर भी राष्ट्रीय औसत से बेहतर दर्ज की गई है। वर्ष 2017 से 2025 के बीच प्रदेश में 242 करोड़ पौधों का रोपण किया गया, जबकि वर्ष 2009 से 2016 के बीच यह संख्या 51.48 करोड़ थी।</p>
<p>बैठक में बताया गया कि पौधों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में पौधशालाओं का व्यापक विस्तार किया गया है। वर्तमान में 1,939 विभागीय पौधशालाओं के साथ उद्यान, रेशम तथा निजी पौधशालाओं के माध्यम से 50 करोड़ से अधिक पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त 38 नई पौधशालाएं भी स्थापित की गई हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने 12 जुलाई के महाअभियान के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, ग्राम्य विकास, कृषि, उद्यान, पंचायतीराज, राजस्व, नगर विकास सहित सभी संबंधित विभागों से उन्हें आवंटित लक्ष्यों के अनुरूप विभागीय माइक्रोप्लान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के सभी लाभार्थी किसानों को इस अभियान से जोड़ा जाए। रोपे जाने वाले पौधों में अधिकतम जैव विविधता सुनिश्चित की जाए तथा फलदार, छायादार, औषधीय और इमारती प्रजातियों का संतुलित समावेश हो। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान में रेलवे, रक्षा मंत्रालय, हाईकोर्ट सहित सभी न्यायालयों, जनप्रतिनिधियों, सरकारी कार्मिकों, किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, विद्यार्थियों, अधिवक्ताओं तथा स्वयंसेवी संस्थाओं की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में अगले तीन दिनों के भीतर सभी स्तरों पर संवाद और समन्वय की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाए।</p>
<p>बैठक में आगामी विशेष पहलों की भी जानकारी दी गई। इसके अंतर्गत मिशन छाया, समरस वन, समृद्धि वन, सिटी वन, कपि वन, महर्षि चरक औषधि वन, ऊर्जा वन, पौराणिक वन तथा अविरल धारा वन जैसी अभिनव अवधारणाओं पर कार्य किया जा रहा है। हीट वेव के प्रभाव को कम करने के लिए सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों पर छायादार वृक्ष लगाने हेतु मिशन छाया संचालित किया जाएगा। खेतों की मेड़ों पर वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने के लिए समृद्धि वन, सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने के लिए समरस वन तथा मानव और वानर संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से नगर क्षेत्रों के बाहर कपि वन विकसित किए जाएंगे।</p>
<p>बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिव स्तर के अधिकारी, सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, उप महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक तथा संबंधित विभागों के मंडल एवं जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सीएम योगी ने प्रयागराज मंडल में प्रस्तावित 3194 कार्यों को दी स्वीकृति, चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की</title>
<link>https://atworldnews.in/9150</link>
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<description><![CDATA[ सीएम योगी ने प्रयागराज मंडल में प्रस्तावित 3194 कार्यों को दी स्वीकृति, चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की सावन में शिव भक्तों की सुविधा के लिए आए प्रस्ताव, कांवड़ पथ विकसित करने के निर्देश 15 अगस्त तक सभी स्वीकृत विकास परियोजनाओं का शिलान्यास कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का सीएम ने दिया निर्देश … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:01:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सीएम, योगी, ने, प्रयागराज, मंडल, में, प्रस्तावित, 3194, कार्यों, को, दी, स्वीकृति, चल, रहे, कार्यों, की, प्रगति, की, समीक्षा, की</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सीएम योगी ने प्रयागराज मंडल में प्रस्तावित 3194 कार्यों को दी स्वीकृति, चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की</strong></p>
<p><strong>सावन में शिव भक्तों की सुविधा के लिए आए प्रस्ताव, कांवड़ पथ विकसित करने के निर्देश</strong></p>
<p><strong>15 अगस्त तक सभी स्वीकृत विकास परियोजनाओं का शिलान्यास कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का सीएम ने दिया निर्देश</strong></p>
<p><strong>मंडल से प्राप्त प्रस्तावों की क्रमवार समीक्षा करने और सभी जनप्रतिनिधियों से उनके महत्वपूर्ण सुझाव एवं फीडबैक लेने के सीएम ने दिए निर्देश</strong></p>
<p>
<strong>प्रयागराज</strong><br>
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा की। सीएम ने विकास कार्यों की परियोजनाओं को स्वीकृति देने के बाद 15 अगस्त तक सभी परियोजनाओं में निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने सावन में कांवड़ यात्रियों के साथ-साथ सामान्य नागरिकों की सुविधा के लिए अलग कांवड़ पथ बनाने के निर्देश दिये।</p>
<p><strong>मंडल के 3194 विकास कार्य की परियोजनाओं को सीएम ने दी स्वीकृति</strong></p>
<p>संगम नगरी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2026-27 के लिए मंडल के 3194 विकास कार्य की परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की है। इसमें प्रयागराज जनपद के 1168 प्रतापगढ़ के लिए 1,092 , फतेहपुर के लिए 521 कार्यों और कौशाम्बी में लगभग 313 विकास कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सोमवार को मेला प्राधिकरण स्थित आईसीसीसी सभागार में लोक निर्माण विभाग के प्रयागराज मंडल के कार्यों की समीक्षा बैठक में इसका अनुमोदन किया गया।</p>
<p>बैठक में सबसे पहले प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग ने गत वर्ष स्वीकृत परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति से अवगत कराते हुए वर्ष 2026-27 के लिए विधानसभा क्षेत्रवार प्रस्तावित विकास कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने मंडल की कुल 28 विधानसभा क्षेत्रों-प्रयागराज के 12, प्रतापगढ़ के 7, फतेहपुर के 6 तथा कौशाम्बी के 3 विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त प्रस्तावों की क्रमवार समीक्षा की तथा सभी जनप्रतिनिधियों से उनके सुझाव एवं फीडबैक लिया। </p>
<p> समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री की तरफ से वर्ष 2026-27 के लिए प्रयागराज जनपद में लगभग ₹9,668.27 करोड़ की लागत से प्रस्तावित 1,168 कार्यों, प्रतापगढ़ में लगभग ₹2,053.36 करोड़ की लागत के 1,092 कार्यों, फतेहपुर में लगभग ₹3,378.37 करोड़ की लागत के 521 कार्यों तथा कौशाम्बी में लगभग ₹915.13 करोड़ की लागत के 313 विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई।</p>
<p><strong>सावन में कांवड़ पथ विकसित करने के निर्देश</strong></p>
<p>सावन का महीना निकट है इसे देखते हुए शिव भक्तों की सुविधा के लिए समीक्षा के दौरान कांवड़ यात्रा के समय शास्त्री पुल पर बढ़ने वाले यातायात दबाव को कम करने के उद्देश्य से पुल के समानांतर कांवड़ पथ विकसित करने का प्रस्ताव बैठक में दिया गया। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए, जिससे कांवड़ यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित होने के साथ-साथ सामान्य यातायात एवं व्यापारिक गतिविधियां भी निर्बाध रूप से संचालित रह सकें।</p>
<p><strong>जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों की परियोजनाओं को लेकर न हो विलंब</strong></p>
<p>इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी ने विधानसभा क्षेत्रवार प्राप्त विकास प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करें। स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का चयन किया जाए। जो निर्माण कार्य सबसे ज्यादा जरूरी हो उसका प्रस्ताव सबसे पहले दें। यदि किसी प्रस्ताव में संशोधन या नया सुझाव देना हो तो उसे तत्काल उपलब्ध कराया जाए, ताकि समय पर मंजूरी दी जा सके। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और सभी प्रक्रियाएं तय समय सीमा में पूरी हों।<br>
 सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी 15 अगस्त तक सभी स्वीकृत विकास परियोजनाओं का शिलान्यास कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। साथ ही उन्होंने परियोजनाओं की नियमित और प्रभावी मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने के लिए कहा ताकि सभी कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जा सकें।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को प्रतापगढ़, सुल्तानपुर और वाराणसी दौरे पर</title>
<link>https://atworldnews.in/9149</link>
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<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को प्रतापगढ़, सुल्तानपुर और वाराणसी दौरे पर प्रतापगढ़ में 384 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास व जनसभा को करेंगे संबोधित सीएम योगी सुल्तानपुर में पीडब्ल्यूडी कार्यों की समीक्षा बैठक के साथ 819 करोड़ की परियोजनाओं की देंगे सौगात वाराणसी में विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद करेंगे … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:01:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, योगी, आदित्यनाथ, मंगलवार, को, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, और, वाराणसी, दौरे, पर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को प्रतापगढ़, सुल्तानपुर और वाराणसी दौरे पर</strong></p>
<p><strong>प्रतापगढ़ में 384 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास व जनसभा को करेंगे संबोधित</strong></p>
<p><strong>सीएम योगी सुल्तानपुर में पीडब्ल्यूडी कार्यों की समीक्षा बैठक के साथ 819 करोड़ की परियोजनाओं की देंगे सौगात</strong></p>
<p><strong>वाराणसी में विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद करेंगे बाबा कालभैरव और काशी विश्वनाथ के दर्शन करेंगे</strong></p>
<p><strong>लखनऊ, </strong><br>
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार 7 जुलाई को प्रतापगढ़, सुल्तानपुर और वाराणसी के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री पहले प्रतापगढ़ पहुंचेंगे, जहां राजकीय इंटर कॉलेज में 384 करोड़ रुपए से अधिक की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करेंगे। यहां वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे। </p>
<p>प्रतापगढ़ दौरे के बाद मुख्यमंत्री सुल्तानपुर पहुंचेंगे, जहां कलेक्ट्रेट सभागार में वह अयोध्या मंडल के लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यों की समीक्षा व नये कार्यों की कार्य योजना के संबंध में बैठक करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री सुल्तानपुर व इसौली विधानसभा क्षेत्रों में 819 करोड़ रुपए से अधिक की 99 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करेंगे। सीएम यहां विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को चेक/प्रशस्ति पत्र प्रदान करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे।</p>
<p>सुल्तानपुर दौरे के बाद मुख्यमंत्री वाराणसी के सर्किट हाउस पहुंचेंगे, जहां वाराणसी के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक करेंगे। इसके बाद वह पहले कालभैरव मंदिर में और इसके बाद काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन/पूजन करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' के बेटे के वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। सीएम सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>उन्नत खेती व पशुपालन से बढ़ायेंगे किसानों की आमदनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ उन्नत खेती व पशुपालन से बढ़ायेंगे किसानों की आमदनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को बनायेंगे देश का अव्वल राज्य प्रदेश में प्राकृतिक खेती के साथ-साथ पशुपालन को विशेष बढ़ावा मुख्यमंत्री ने ग्वालियर में उन्नत कृषि कार्यशाला में किसानों से किया संवाद अत्याधुनिक हाईटेक नर्सरी एवं फ्लोरीकल्चर गार्डन का किया भूमिपूजन ग्वालियर … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 11:32:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>उन्नत, खेती, व, पशुपालन, से, बढ़ायेंगे, किसानों, की, आमदनी, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उन्नत खेती व पशुपालन से बढ़ायेंगे किसानों की आमदनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</strong></p>
<p><strong>दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को बनायेंगे देश का अव्वल राज्य<br>
प्रदेश में प्राकृतिक खेती के साथ-साथ पशुपालन को विशेष बढ़ावा<br>
मुख्यमंत्री ने ग्वालियर में उन्नत कृषि कार्यशाला में किसानों से किया संवाद<br>
अत्याधुनिक हाईटेक नर्सरी एवं फ्लोरीकल्चर गार्डन का किया भूमिपूजन</strong></p>
<p><strong>ग्वालियर</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की आमदनी केवल एक फसल से नहीं बल्कि बहु फसलों एवं उन्नत पशुपालन से बढ़ेगी। इस बात को ध्यान में रखकर सरकार द्वारा उन्नत व प्राकृतिक खेती के साथ-साथ पशुपालन को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है। हम अगले पाँच वर्षों में मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन में नम्बर वन राज्य बनायेंगे। इसी कड़ी में सरकार नेशनल डेयरी विकास योजना के तहत ग्वालियर दुग्ध संघ सहित साँची दुग्ध उत्पादन संघ को भरपूर मदद दे रही है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को ग्वालियर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्नत कृषि पर हुई संभागीय कार्यशाला में मौजूद किसानों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कार्यशाला में किसानों से सीधा संवाद करते हुए जैविक व प्राकृतिक खेती पर अनुभव सुने।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में मूर्तरूप लेने जा रही अत्याधुनिक हाईटेक नर्सरी एवं फ्लोरीकल्चर गार्डन का भी रिमोट से भूमिपूजन किया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत लगभग 13 करोड़ रुपए की लागत से ग्वालियर के खुरैरी एवं ग्राम जहांगीरपुर में इस हाईटेक नर्सरी के प्रथम चरण का कार्य होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उद्यानिकी, मत्स्य पालन एवं कृषि से जुड़े अन्य विभागों की योजनाओं के तहत विभिन्न किसानों को हितलाभ भी वितरित किए।</p>
<p>कार्यक्रम में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्क्रण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर व श्रीमती सरला रावत, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव, अपेक्स बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव, पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के अध्यक्ष केशव सिंह बघेल, साडा अध्यक्ष अशोक शर्मा, मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक जादौन, नगर निगम सभापति मनोज तोमर, जयप्रकाश राजौरिया, किसान मोर्चा के पदाधिकारी गिर्राज व्यास व अमरदीप सिंह औलख सहित जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल रहे।</p>
<p><strong>सिंचाई रकबा होगा 100 लाख हैक्टेयर तक</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2023 के बाद सिंचाई रकबे में बड़ी बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2003 में प्रदेश का सिंचाई रकबा मात्र साढ़े 7 लाख हैक्टेयर था जो अब बढ़कर लगभग 50 लाख हैक्टेयर हो गया है। इसे हम 100 लाख हैक्टैयर तक ले जायेंगे। चंबल-पार्वती-काली सिंध एवं केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजनाओ के माध्यम से यह संभव हुआ। उन्होंने इन परियोजनाओं की मंजूरी के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।</p>
<p><strong>किसान अब चिंता मुक्त होकर जमा कर सकते हैं कृषि ऋण</strong></p>
<p>किसानों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब प्रदेश के कृषकों को 31 मार्च तक ऋण जमा करने की चिंता नहीं रही है। सरकार ने अब उन्हें ऋण जमा करने के लिये पूरे एक साल का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में सरकार द्वारा सभी प्रकार के कृषि उत्पादों व पशुपालन को बढ़ावा देने के साथ किसानों की सहूलियतों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।</p>
<p><strong>खिड़क प्रणाली के स्थान पर गौ-शालाओं की स्थापना</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ माता कभी आवारा नहीं हो सकती। इसी भाव के साथ प्रदेश सरकार द्वारा गौ संरक्षण एवं स्वदेशी गाय पालन को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ने इसी कड़ी में नगरीय क्षेत्रों में निराश्रित गायों को बंद करने के लिये कार्यरत खिड़क प्रणाली को समाप्त कर दिया है और बड़े पैमाने पर गौशालायें स्थापित की जा रही हैं। साथ ही देशी गायों में नस्ल सुधार के प्रयास भी प्रमुखता से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्वालियर की लाल टिपारा गौशाला की तरह प्रदेश के महानगर इंदौर, उज्जैन, जबलपुर व भोपाल में बड़ी गौशालाओं की स्थापना की जा रही है।</p>
<p><strong>जैविक व प्राकृतिक खेती पर किसानों ने किए अनुभव साझा</strong></p>
<p>उन्नत कृषि पर आयोजित हुई संभागीय कार्यशाला में कृषकों ने भी अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सभी कृषकों को अपने पास बुलाया और उत्साहवर्धन किया। ग्वालियर जिले के ग्राम बिलौआ निवासी उन्नत कृषक प्राण सिंह माथुर ने अपने अनुभव सुनाते हुए कहा कि वे अपने छोटे से कृषि फार्म में सफलतापूर्वक प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। उन्होंने पाँच नए किस्म के पौधों की खोज की है, जिसे वैज्ञानिक स्तर पर मान्यता मिल चुकी है। उनके द्वारा ईजाद किए गए अमरूद की “बिलौआ-22” व “बिलौआ-रेड” किस्म पेटेंट हो चुकी हैं। प्राण सिंह अब तक 50 हजार से अधिक कृषकों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दे चुके हैं। इसी तरह ग्राम देवरा निवासी बृजेन्द्र रावत ने बताया कि उन्होंने रासायनिक खेती छोड़कर पूरी तरह प्राकृतिक खेती को अपना लिया है। उन्नत प्राकृतिक खेती के लिये उनकी धर्मपत्नी को राष्ट्रीय स्तर पर पाँच अवार्ड मिल चुके हैं।</p>
<p><strong>भगवानपुरा मुरार निवासी कृषक देवराज कुशवाह का कहना था कि वे अब प्राकृतिक पद्धति से गेहूँ व सरसों जैसी खाद्यान्न फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। इसके अलावा वे भिंडी, गेहूँ, मिर्च व आलू जैसी फसलें भी पैदा करते हैं।</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ने समन्वित कृषि प्रणाली एवं बहु-स्तरीय कृषि पद्धति इकाइयों का किया लोकार्पण</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में समन्वित कृषि प्रणाली इकाई एवं बहु-स्तरीय कृषि पद्धति इकाई का लोकार्पण भी किया। किसानों के लिए आधुनिक, टिकाऊ एवं लाभकारी खेती का व्यावहारिक मॉडल कृषि विश्वविद्यालय ने विकसित किया है।</p>
<p>इस “समन्वित कृषि प्रणाली इकाई” में फसल उत्पादन, बागवानी, डेयरी, बकरी पालन, कुक्कुट पालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन तथा जैविक खाद निर्माण जैसी गतिविधियों को एकीकृत किया गया है। इस मॉडल में एक गतिविधि का अपशिष्ट दूसरी गतिविधि के लिए रॉ मटेरियल बनता है, जिससे लागत घटती है। साथ ही संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है और किसानों को आय के अनेक स्रोत प्राप्त होते हैं।</p>
<p>इसी तरह “बहु-स्तरीय कृषि पद्धति इकाई” में एक ही खेत में विभिन्न ऊँचाई वाली फसलों का वैज्ञानिक संयोजन विकसित किया गया है। इससे भूमि, जल, पोषक तत्वों और सूर्य के प्रकाश का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होता है। किसान एक ही खेत से पूरे वर्ष विविध फसलों का उत्पादन लेकर अधिक आय अर्जित कर सकते हैं।</p>
<p>कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला ने बताया कि विश्वविद्यालय ने इन दोनों इकाइयों को जीवंत प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन मॉडल के रूप में विकसित किया है। यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर किसान अपने खेतों में इन तकनीकों को अपना सकेंगे।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वितरित किये हेलमेट</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सड़क सुरक्षा के उपहार स्वरूप जिले के लगभग 50 लोगों को हेलमेट वितरित किए। साथ ही सभी से आग्रह किया कि हेलमेट पहनकर वाहन चलाएं और दूसरों को भी इसके लिये प्रेरित करें। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा के लिये अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा हेलमेट वितरित किए गए।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ने डाले दाने और बतखों ने चाव से खाए</strong></p>
<p>कृषि विश्वविद्यालय परिसर में समन्वित कृषि प्रणाली के तहत मॉडल स्वरूप बनाए गए बहुउद्देश्यीय तालाब में जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दाने डालकर तालाब के दूसरे छोर पर तैर रहीं बतखों को पुकारा तो बतखें उनके नजदीक आ गईं और बड़े चाव के साथ दानों को खाया। उल्लेखनीय है कि इस तालाब को कृषि विश्वविद्यालय परिसर के भवनों से जुड़ीं वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं से भरा जाता है। तालाब के ऊपर एक बड़ा मुर्गी पालन बॉक्स बनाया गया है। मुर्गियों के चूज़ों की बीट इस तालाब में गिरती है जिसे मछलियां व बतखें खाती हैं। इस प्रकार एक संरचना से सफलतापूर्वक मुर्गी, मछली व बतख पालन किया जा रहा है।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत रोपा आम का पौधा</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि विश्वविद्यालय परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत आम का पौधा रोपा। उन्होंने इस अवसर पर वृहद स्तर पर पौधे रोपने और उनकी सुरक्षा करने का आह्वान किया। मंत्रिगण ऐदल सिंह कंषाना व प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह व विधायक मोहन सिंह राठौर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पौधे रोपे।</p>
<p>कार्यक्रम में संभाग भर से आए प्रगतिशील किसान, जनप्रतिनिधिगण एवं संभाग आयुक्त मनोज खत्री, पुलिस महानिरीक्षक अरविंद कुमार सक्सेना, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। </p>]]> </content:encoded>
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<title>यूपी के पशुपालकों को मिलेगा सुरक्षा कवच, मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को कैबिनेट की मंजूरी</title>
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<description><![CDATA[ यूपी के पशुपालकों को मिलेगा सुरक्षा कवच, मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को कैबिनेट की मंजूरी 60 करोड़ रुपये से लागू होगी बीमा योजना, 85 प्रतिशत प्रीमियम देगी सरकार और 15 प्रतिशत लाभार्थी का अंशदान महामारी, दैविक आपदा और आकास्मिक दुर्घटना से होने वाले नुकसान पर मिलेगा बीमा, 2.28 लाख से अधिक पशु … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 11:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यूपी, के, पशुपालकों, को, मिलेगा, सुरक्षा, कवच, मुख्यमंत्री, जोखिम, प्रबंधन, एवं, पशुधन, बीमा, योजना, को, कैबिनेट, की, मंजूरी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>यूपी के पशुपालकों को मिलेगा सुरक्षा कवच, मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को कैबिनेट की मंजूरी</strong></p>
<p><strong>60 करोड़ रुपये से लागू होगी बीमा योजना, 85 प्रतिशत प्रीमियम देगी सरकार और 15 प्रतिशत लाभार्थी का अंशदान</strong></p>
<p><strong>महामारी, दैविक आपदा और आकास्मिक दुर्घटना से होने वाले नुकसान पर मिलेगा बीमा, 2.28 लाख से अधिक पशु आएंगे दायरे में</strong></p>
<p><strong>पशुओं की मौत या अपंगता पर नहीं होगा आर्थिक संकट, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती</strong></p>
<p><strong>लखनऊ, </strong><br>
 सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना (राज्य योजना) की कार्ययोजना एवं वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दे दी गई। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के किसानों, पशुपालकों और डेयरी संचालकों को पशुओं की मृत्यु या दुर्घटना से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाना और उन्हें वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के संचालन के लिए 60 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी।</p>
<p>पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन है। अगर किसी वजह से पशु की मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से काम करने योग्य नहीं रहता, तो इससे पशुपालक की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ता है। ऐसे संकट से बचाने के लिए राज्य सरकार ने इस नई योजना को मंजूरी दी है।</p>
<p><strong>इन स्थितियों में मिलेगा बीमा का लाभ</strong><br>
योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसान, भूमिहीन पशुपालक, डेयरी फार्म के पशुपालकों तथा अन्य पात्र पशुपालकों के पशुओं का बीमा कराया जाएगा। यदि किसी पशु की महामारी, दैविक आपदा, आकस्मिक दुर्घटना के कारण मृत्यु हो जाती है या वह अनुपयोगी हो जाता है, तो बीमा के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।</p>
<p><strong>पशु की स्थायी विकलांगता पर 75 प्रतिशत तक भुगतान</strong><br>
प्रदेश सरकार ने योजना में दावा निस्तारण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। पशु की मृत्यु होने पर बीमा दावा स्वीकृत होने के बाद क्लेम की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। वहीं, यदि कोई पशु स्थायी रूप से विकलांग (पीटीडी) हो जाता है, तो बीमा कंपनी बीमित राशि का 75 प्रतिशत तक भुगतान करेगी। योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न पशुपालन एवं डेयरी विकास योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित पशुओं के बीमा को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलने के साथ-साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p><strong>2.28 लाख से अधिक पशुओं को होगा बीमा</strong><br>
कैबिनेट द्वारा स्वीकृत प्रस्ताव में वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के संचालन के लिए 60 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। इस बजट के माध्यम से प्रदेश में कुल 2,28,350 पशुओं का बीमा कराया जाएगा। इनमें 1,86,800 पशुओं का बीमा सामान्य मद और 41,550 पशुओं का बीमा एससीएसपी कम्पोनेंट के अंतर्गत किया जाएगा। योजना के तहत बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि 15 प्रतिशत राशि लाभार्थी को अंशदान के रूप में देनी होगी।</p>
<p>धर्मपाल सिंह ने बताया कि यूपी पशुधन की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा प्रदेश है। जीडीपी के संदर्भ में पशुधन का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में 5.50 प्रतिशत का योगदान है। प्रदेश में कृषि एवं संबंध क्षेत्र की कुल जीडीपी 30 प्रतिशत से अधिक है। पशुधन का इसमें विशेष योगदान है। पशुधन के माध्यम से यह क्षेत्र विदेशी मुद्रा का स्रोत भी है। मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना 75 जिलों में लागू होगी। राज्यांश 85 प्रतिशत (इसमें केंद्र का हिस्सा 51 प्रतिशत और राज्य का 34 प्रतिशत शामिल) और लाभार्थी का अंश 15 प्रतिशत होगा। योजना के तहत एक महीने के अंदर बीमा राशि का भुगतान बीमा कंपनी द्वारा कराया जाएगा। इस बीमा योजना से पशुपालकों को बड़ा लाभ होगा।</p>
<p><strong>यूपी के गोरसंरक्षण केंद्रों में 13.50 लाख गाय संरक्षित</strong><br>
मंत्री ने बताया कि निराश्रित पशुओं को गो संरक्षण केंद्रों में लाया जा रहा है। प्रदेश में 7,500 गोसंरक्षण केंद्र हैं, जिसमें लगभग 13.50 लाख गायें संरक्षित हैं। इन पर प्रतिदिन 8 करोड़ रुपये सरकार खर्च कर रही है। उत्तर प्रदेश चारा नीति के तहत ग्राम समाज, वन विभाग की जमीन पर हरा चारा उगाकर गोशालाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है।</p>
<p><strong>शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम होगा 'परशुरामपुरी'</strong></p>
<p><strong>नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्र के अंतर्गत कस्बा/नगर को मिलेगी नई आधिकारिक पहचान</strong></p>
<p><strong>अधिसूचना जारी होने के बाद प्रभावी होगा नाम परिवर्तन का निर्णय</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में जनपद शाहजहांपुर की नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्र के अंतर्गत कस्बा/नगर जलालाबाद का नाम परिवर्तित कर 'परशुरामपुरी' किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इस निर्णय के साथ राज्य सरकार ने नगर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप उसका नाम परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। कैबिनेट के इस निर्णय से जनपद शाहजहांपुर के नगर जलालाबाद को 'परशुरामपुरी' के रूप में नई आधिकारिक पहचान प्राप्त होगी। अधिसूचना जारी होने के बाद नाम परिवर्तन का निर्णय प्रभावी हो जाएगा।</p>
<p>वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत प्रस्ताव में जनपद शाहजहांपुर की नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्र के अंतर्गत स्थित कस्बा जलालाबाद का नाम 'परशुरामपुरी' किए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। प्रस्ताव पर विचार करने के उपरांत मंत्रिपरिषद ने इसे स्वीकृति प्रदान कर दी। इस निर्णय के बाद संबंधित विभाग द्वारा नाम परिवर्तन के संबंध में आवश्यक प्रशासनिक एवं विधिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद सभी शासकीय अभिलेखों, विभागीय दस्तावेजों तथा अन्य आधिकारिक अभिलेखों में नगर का नाम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परिवर्तित किया जाएगा।</p>
<p><strong>भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है जलालाबाद</strong><br>
जनपद शाहजहांपुर स्थित नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्रान्तर्गत कस्बा जलालाबाद भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। पौराणिक कथाओं एवं विभिन्न ग्रंथों में भी इस स्थान का प्रमुखता से उल्लेख मिलता है। इसी ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व को देखते हुए जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय निवासियों द्वारा लंबे समय से नगर का नाम भगवान परशुराम के नाम पर 'परशुरामपुरी' किए जाने की मांग की जा रही थी। भारत सरकार द्वारा भी इस प्रस्ताव पर अनापत्ति प्रदान किए जाने के बाद राज्य सरकार ने नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्रान्तर्गत नगर जलालाबाद का नाम परिवर्तित कर 'परशुरामपुरी' किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है।</p>
<p><strong>अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधी भर्ती में मिलेंगे अधिक अवसर</strong></p>
<p><strong>विभागों के चिह्नित पदों को शामिल किया जाएगा नियमावली-2022 में</strong></p>
<p>लखनऊ, 6 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022 में विभागों के चिह्नित पदों को नियमावली में शामिल किया जाएगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों के सेवायोजन के लिए अधिक अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।</p>
<p>मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा खेल गतिविधियों को लगातार प्रोत्साहन, खेल अवसंरचना के विकास तथा खेलों के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि के परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों की भागीदारी और पदक प्राप्ति में निरंतर वृद्धि हुई है। इसी के दृष्टिगत खिलाड़ियों के सेवायोजन के लिए वर्तमान नियमावली में शामिल पदों एवं उनकी संख्या को और पर्याप्त बनाए जाने की आवश्यकता महसूस की गई। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार संशोधित नियमावली के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों के चिह्नित पदों पर नियुक्ति प्रदान की जाएगी। ये नियुक्तियां लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर रहेंगी। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के अनुरूप सेवायोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।</p>
<p><strong>योगी कैबिनेट की बैठक में डेटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी</strong></p>
<p><strong>2 गीगावाट की अतिरिक्त क्षमता के साथ यूपी को ग्रीन व एआई-रेडी डेटा सेंटर हब बनाने की तैयारी</strong></p>
<p><strong>बुंदेलखंड और पूर्वांचल को मिलेगा अतिरिक्त प्रोत्साहन, 2 लाख करोड़ से अधिक निवेश का लक्ष्य</strong></p>
<p><strong>50 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी दी गई। यह नीति 27 जनवरी 2026 को समाप्त हो गई थी, इसलिए सरकार नई उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2026 लेकर आई है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को ग्रीन, एआई-रेडी और वैश्विक प्रतिस्पर्धी डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित करना है। नीति के तहत 2 गीगावाट अतिरिक्त क्षमता विकसित करने और 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि नई नीति में जीपीयू आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा दक्षता और टिकाऊ विकास पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रस्तावित किए गए हैं। टियर/रेटिंग-3 व 4 वाले डेटा सेंटर्स को प्रोत्साहन, एआई कंप्यूट बूस्टर प्रोत्साहन तथा ग्रीन एवं सस्टेनेबल परिचालन प्रोत्साहन जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।</p>
<p><strong>50 हजार को रोजगार मिलने की संभावना</strong><br>
डेटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में विश्वस्तरीय डेटा सेंटर इकोसिस्टम विकसित होगा। डेटा सेंटर इकाइयों के आसपास सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी आधारित अन्य इकाइयों की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रस्तावित नीति से 7500 लोगों को दीर्घकालीन प्रत्यक्ष रोजगार और निर्माण अवधि में लगभग 50 हजार लोगों को अल्पकालीन प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।</p>
<p><strong>सुनियोजित नीति से मिले ठोस परिणाम</strong><br>
मंत्री ने बताया कि योगी सरकार ने जनवरी 2021 में उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2021 लागू की थी, जिसे बाद में 7 नवंबर 2022 को संशोधित किया गया। उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2021 (प्रथम संशोधन-2022) के तहत लगभग 21,343 करोड़ रुपये के निवेश से 6 डेटा सेंटर पार्क तथा 40 मेगावाट से कम क्षमता वाली 2 डेटा सेंटर इकाइयों में से 7 परियोजनाएं परिचालन में आ चुकी हैं।</p>
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<strong>त्रिस्तरीय पंचायती संस्थाओं के लिए वित्तीय प्रस्ताव स्वीकृत</strong></p>
<p>लखनऊ, 6 जुलाई। कैबिनेट बैठक में पंचायती राज्य संस्थाओं की वित्तीय आवश्यकताओं से संबंधित प्रस्ताव पर भी सहमति दी गई। इसके अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत तीनों स्तर की पंचायतों के लिए 14,988.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसकी 10 प्रतिशत धनराशि यानी लगभग 1,498 करोड़ रुपये प्रशासनिक, परिचालन एवं रख-रखाव पर खर्च होंगे। इसी राशि में से 495.89 करोड़ रुपये पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय व बैठक भत्तों पर व्यय किए जाएंगे। </p>
<p>गौरतलब है कि तीनों स्तरों की पंचायतों को राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि का 01.05 प्रतिशत निदेशालय स्तर पर रोककर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) तथा वित्त आयोग कार्मिकों के मानदेय, तकनीकी/प्रशासनिक/सिविल व अन्य आवश्यकताओं हेतु व्यय किए जाने के निर्देश हैं। इसे देखते लगभग 157.38 करोड़ रुपये स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) तथा वित्त आयोग के अंतर्गत गठित वित्त प्रकोष्ठ में राज्य, मंडल, जनपद और विकास खंड स्तर पर कार्यरत कार्मिकों के मानदेय एवं तकनीकी, प्रशासनिक और अन्य आवश्यकताओं पर खर्च होने का अनुमान है। यह राज्य वित्त आयोग की वर्तमान किस्त (14,988.50 करोड़ रुपये) का लगभग 1.05 प्रतिशत है और शासनादेश 12 दिसंबर 2024 के अनुरूप ही है। यह धनराशि निदेशक, पंचायती राज के निर्देश पर नियमानुसार व आवश्यकतानुसार खर्च की जाएगी।</p>
<p><strong>रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना का रास्ता साफ, 22 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को मंजूरी</strong></p>
<p><strong>चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के अंतर्गत खुलेगा नया महाविद्यालय</strong></p>
<p><strong>पूर्वी उत्तर प्रदेश में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और उद्यानिकी को मिलेगा नया विस्तार</strong></p>
<p> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में जनपद रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना के लिए कृषि विभाग की 22 हेक्टेयर भूमि कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। यह महाविद्यालय चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के अंतर्गत स्थापित किया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश में कृषि एवं उद्यान शिक्षा के विस्तार को नई गति मिलेगी।</p>
<p>उद्यान महाविद्यालय की स्थापना के लिए जिलाधिकारी रायबरेली द्वारा ग्राम पड़ेरा, परगना एवं तहसील सदर स्थित उपलब्ध भूमि चिन्हित की गई थी। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार उपलब्ध 44.888 हेक्टेयर भूमि में से 22 हेक्टेयर भूमि कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। इससे रायबरेली सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश में उद्यानिकी शिक्षा, अनुसंधान तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के विकास को नई मजबूती मिलेगी।</p>
<p>कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय अयोध्या, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय बांदा, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय मेरठ तथा निजी क्षेत्र का सैम हिग्गिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिक एवं विज्ञान विश्वविद्यालय प्रयागराज में संचालित हैं। इसके अतिरिक्त पूर्वी उत्तर प्रदेश में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुशीनगर की स्थापना की जा रही है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों में उद्यान विभाग संचालित हैं, जहां उद्यान विषयक अध्ययन-अध्यापन का कार्य किया जाता है। इसी क्रम में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के अंतर्गत रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस परियोजना पर लगभग 50 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। महाविद्यालय की स्थापना से प्रदेश में औद्यानिक शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे।</p>
<p><strong>रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना का रास्ता साफ, 22 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को मंजूरी</strong></p>
<p><strong>चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के अंतर्गत खुलेगा नया महाविद्यालय</strong></p>
<p><strong>पूर्वी उत्तर प्रदेश में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और उद्यानिकी को मिलेगा नया विस्तार</strong></p>
<p> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में जनपद रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना के लिए कृषि विभाग की 22 हेक्टेयर भूमि कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। यह महाविद्यालय चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के अंतर्गत स्थापित किया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश में कृषि एवं उद्यान शिक्षा के विस्तार को नई गति मिलेगी।</p>
<p>उद्यान महाविद्यालय की स्थापना के लिए जिलाधिकारी रायबरेली द्वारा ग्राम पड़ेरा, परगना एवं तहसील सदर स्थित उपलब्ध भूमि चिन्हित की गई थी। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार उपलब्ध 44.888 हेक्टेयर भूमि में से 22 हेक्टेयर भूमि कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। इससे रायबरेली सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश में उद्यानिकी शिक्षा, अनुसंधान तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के विकास को नई मजबूती मिलेगी।</p>
<p>कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय अयोध्या, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय बांदा, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय मेरठ तथा निजी क्षेत्र का सैम हिग्गिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिक एवं विज्ञान विश्वविद्यालय प्रयागराज में संचालित हैं। इसके अतिरिक्त पूर्वी उत्तर प्रदेश में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुशीनगर की स्थापना की जा रही है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों में उद्यान विभाग संचालित हैं, जहां उद्यान विषयक अध्ययन-अध्यापन का कार्य किया जाता है। इसी क्रम में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के अंतर्गत रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस परियोजना पर लगभग 50 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। महाविद्यालय की स्थापना से प्रदेश में औद्यानिक शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे।</p>
<p><strong>योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: गोरखपुर और मुरादाबाद में बनेंगे 100-100 बेड के आधुनिक ईएसआई अस्पताल</strong></p>
<p><strong>वाराणसी में स्थापित होगा ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज, श्रमिकों व उनके परिजनों को मिलेगा बेहतर इलाज<br>
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वाराणसी ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में 50 फीसदी एमबीबीएस सीटों पर श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिलेगा प्रवेश</strong></p>
<p> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक मजबूत करने के लिए अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पतालों तथा वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि आवंटन को स्वीकृति प्रदान की। योगी सरकार की ओर से इन परियोजनाओं के लिए भारत सरकार को निःशुल्क और रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। </p>
<p><strong>बीमांकित श्रमिकों व परिजनों को मिलेगी चिकित्सा सुविधा</strong><br>
मुरादाबाद में अस्पताल निर्माण के लिए ग्राम हरथला, तहसील एवं जनपद मुरादाबाद स्थित गाटा संख्या-1336/9.984 हेक्टेयर में से 2.025 हेक्टेयर राज्य सरकार की भूमि ईएसआईसी, श्रम एवं रोजगार विभाग, भारत सरकार को निःशुल्क आवंटित की जाएगी। यह भूमि राजस्व अभिलेखों में श्रेणी-1 राज्य सरकार की संपत्ति के रूप में दर्ज है। मुरादाबाद में प्रस्तावित 100 शैय्या अस्पताल से लगभग 93,591 बीमांकित श्रमिकों और उनके 3,55,646 परिजनों को चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। अस्पताल का निर्माण कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा कराया जाएगा, जिससे राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। इसके संचालन से चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।</p>
<p>इसी प्रकार गोरखपुर में गीडा सेक्टर-09 स्थित संस्थागत भूखंड संख्या एएल-7, क्षेत्रफल 21,427 वर्ग मीटर (करीब 5.249 एकड़) भूमि पर 100 बेड का ईएसआईसी अस्पताल बनाया जाएगा। परियोजना को प्रोत्साहन देने के लिए भूमि की दर 8720 रुपये प्रति वर्ग मीटर के स्थान पर रियायती 2000 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित की गई है। नियमानुसार अन्य शुल्क अलग से देय होंगे। इस अस्पताल की स्थापना से चिकित्सकीय सुविधाओं के विस्तार के साथ ही प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से नए रोजगार अवसर भी सृजित होंगे। </p>
<p>श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि वाराणसी में बनने वाले ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के लिए पिंडरा तहसील के ग्राम पिंडरा में लगभग 13 एकड़ भूमि शिक्षण संकाय के लिए भारत सरकार को निशुल्क दी जाएगी। प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की स्थापना में लगभग 800 करोड़ रुपये का व्यय होने का अनुमान है, जिससे बड़े पैमाने पर चिकित्सकों, पैरामेडिकल तथा संविदा स्टाफ के लिए रोजगार अवसर सृजित होंगे। कॉलेज में एमबीबीएस की अधिसंख्य सीटें उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों को उपलब्ध होंगी। 50 प्रतिशत एमबीबीएस सीटें बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। इसके अलावा 18 प्रतिशत सीटों पर राज्य सरकार व 7 प्रतिशत सीटों पर केंद्र सरकार के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा।</p>
<p>अनिल राजभर ने बताया कि प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में भविष्य में नर्सिंग व पैरामेडिकल कोर्सेज भी प्रारंभ किए जा सकेंगे। राज्य सरकार का यह कदम प्रदेश में श्रमिकों व उनके आश्रितों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे वाराणसी एवं आसपास के जनपदों के संगठित क्षेत्र के 1.45 लाख ईएसआई कार्डधारक श्रमिकों तथा उनके 5.50 लाख परिजनों को बेहतर चिकित्सा एवं चिकित्सा शिक्षा मिलेगी।</p>
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<strong>कैबिनेट की मंजूरी: गोरखपुर नगर निगम 80 करोड़ और मुरादाबाद नगर निगम 50 करोड़ का जारी करेंगे म्युनिसिपल बॉण्ड</strong></p>
<p><strong>शहरी विकास परियोजनाओं के लिए जुटेगा बाजार से वित्त, क्रेडिट रेटिंग सुदृढ़ करने के लिए मिलेगी सहायता</strong></p>
<p><strong>अमृत 2.0 के अंतर्गत नगर निकायों की वित्तीय क्षमता और आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल</strong></p>
<p> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में नगर निगम गोरखपुर एवं मुरादाबाद द्वारा म्युनिसिपल बॉण्ड जारी किए जाने तथा अवस्थापना विकास निधि (इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड) से क्रेडिट रेटिंग बढ़ाने के लिए धनराशि उपलब्ध कराए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इस निर्णय से दोनों नगर निगमों को शहरी अवसंरचना विकास के लिए बाजार से संसाधन जुटाने में सहायता मिलेगी।</p>
<p>वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य नगर निकायों को वित्तीय रूप से अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है। शहरी अवसंरचना एवं नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए विभिन्न वित्तीय स्रोतों से धन जुटाने की आवश्यकता को देखते हुए नगर निकायों में सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन, मार्केट ओरिएंटेशन तथा क्रेडिट वर्थनेस बढ़ाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। भारत सरकार भी अपनी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत म्युनिसिपल बॉण्ड जारी करने वाले निकायों को प्रोत्साहन उपलब्ध करा रही है।</p>
<p>वित्तमंत्री ने बताया कि म्युनिसिपल बॉण्ड के माध्यम से बाजार से धन जुटाने पर भारत सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अंतर्गत 100 करोड़ रुपये तक के बॉण्ड निर्गम पर 13 करोड़ रुपये तथा 200 करोड़ रुपये तक के बॉण्ड निर्गम पर अधिकतम 26 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किए जाने का प्रावधान है। म्युनिसिपल बॉण्ड जारी करने के लिए सभी नगर निगम भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निर्धारित प्रावधानों का अनुपालन करेंगे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि अमृत 2.0 की गाइडलाइंस के अंतर्गत नगर निकायों को म्युनिसिपल बॉण्ड जारी करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है और इसे राज्य स्तरीय सुधारों में भी शामिल किया गया है। इसी क्रम में नगर निगम गोरखपुर द्वारा 80 करोड़ रुपये तथा नगर निगम मुरादाबाद द्वारा 50 करोड़ रुपये तक के म्युनिसिपल बॉण्ड जारी किए जाने के प्रस्ताव हैं। दोनों नगर निगमों ने नगर निगम सदन से अनुमोदन प्राप्त करते हुए संबंधित परियोजनाओं का चयन भी कर लिया है। इससे इन दोनों शहरों में आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति मिलेगी तथा नगर निकायों की वित्तीय क्षमता और सुदृढ़ होगी।</p>
<p><strong>उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 में प्रोत्साहन की बौछार </strong></p>
<p><strong>यूपी बनेगा देश का स्टार्टअप हब, कैबिनेट से मंजूर नई नीति में एआई और डीप-टेक स्टार्टअप्स पर विशेष फोकस</strong></p>
<p><strong>सीड फंडिंग 15 लाख और विशेष परिस्थितियों में इसे 50 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकेगा</strong></p>
<p><strong>100 करोड़ तक पेशेंस कैपिटल का प्रावधान, पूर्वांचल-बुंदेलखंड के इन्क्यूबेटर्स के लिए विशेष अनुदान</strong></p>
<p><strong>एआई, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में नवाचार को मिलेगा बढ़ावा</strong></p>
<p><strong>वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मिलेगी नई रफ्तार, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के असीमित अवसर</strong></p>
<p><strong>उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन को कैबिनेट की मंजूरी, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के तहत बनेगा मिशन</strong></p>
<p><strong>हाईटेक रिसर्च व इनोवेशन के लिए योगी सरकार स्थापित करेगी 20 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस</strong></p>
<p> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 के साथ उत्तर प्रदेश प्रदेश स्टार्टअप मिशन को भी मंजूरी दे दी गई। नई नीति का उद्देश्य प्रदेश में नवाचार, उद्यमिता और निवेश को बढ़ावा देना, युवाओं के लिए नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करना तथा उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर का मजबूत, समावेशी स्टार्टअप इकोसिस्टम उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि यह नीति प्रदेश को नवाचार और उद्यमिता का अग्रणी केंद्र बनाने के साथ-साथ वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<p>आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने नई नीति के तहत स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण से लेकर विस्तार (स्केल-अप) तक व्यापक वित्तीय और संस्थागत सहायता देने का प्रावधान किया है। इसके तहत सस्टेनेंस अलाउंस (भरण-पोषण भत्ता) 17,500 रुपये प्रतिमाह (एक वर्ष) से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रतिमाह (दो वर्ष) कर दिया गया है। वहीं प्रोटोटाइप अनुदान 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये और सीड फंडिंग 7.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है। विशेष परिस्थितियों में यह सहायता 50 लाख रुपये तक बढ़ाई जा सकेगी।</p>
<p><strong>स्टार्टअप्स को मिलेंगे कई नए वित्तीय प्रोत्साहन</strong><br>
नई नीति में स्टार्टअप्स को मजबूत बनाने के लिए कई वित्तीय प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। इसके तहत पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन के लिए 2 करोड़ रुपये तक की प्रतिपूर्ति, 5 करोड़ रुपये तक की मैचिंग ग्रांट, 2 करोड़ रुपये तक के टर्म लोन पर 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, ईपीएफ और ईएसआई की प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्टार्टअप्स की शुरुआती वित्तीय चुनौतियां कम होंगी और उन्हें तेजी से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।</p>
<p><strong>डीप-टेक स्टार्टअप्स को मिलेगा विशेष पैकेज</strong><br>
सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और अन्य उभरती तकनीकों पर आधारित डीप-टेक स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है। ऐसे स्टार्टअप्स को 20 लाख रुपये तक प्रोटोटाइप सहायता, 30 लाख रुपये तक सीड फंडिंग, 100 करोड़ रुपये तक पेशेंस कैपिटल सहायता तथा अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के लिए 40 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।</p>
<p><strong>इन्क्यूबेटर्स को मिलेगा अधिक सहयोग</strong><br>
नई नीति में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए इन्क्यूबेटर्स को भी अधिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इन्क्यूबेटर्स के लिए पूंजीगत अनुदान 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.25 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि पूर्वांचल और बुंदेलखंड के इन्क्यूबेटर्स के लिए यह राशि बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये कर दी गई है। इसके अलावा परिचालन व्यय अनुदान 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये प्रतिवर्ष किया गया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन्क्यूबेटर्स और उनके माध्यम से निवेश जुटाने वाले स्टार्टअप्स को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।</p>
<p><strong>20 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और डीप-टेक यू-हब की स्थापना</strong><br>
प्रदेश में अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 20 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) स्थापित किए जाएंगे। इनका फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, हेल्थटेक, एग्रीटेक, रोबोटिक्स सहित अन्य उभरती तकनीकों पर रहेगा। साथ ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए वित्तीय सहायता 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 12 करोड़ रुपये कर दी गई है। सरकार राज्य स्तरीय डीप-टेक यू-हब की स्थापना करेगी, जो स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेशन, निवेश, उद्योग सहयोग, मेंटरशिप तथा अत्याधुनिक प्रयोगशाला <strong>सुविधाओं का एकीकृत मंच उपलब्ध कराएगा।</strong></p>
<p><strong>स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा व्यापक विस्तार</strong><br>
नई नीति के तहत प्रदेश में बिजनेस प्लान प्रतियोगिताएं, ग्रैंड चैलेंज, स्टार्टअप वीक, नवाचार संगोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं में उद्यमिता की भावना को बढ़ावा मिल सके। सरकार का उद्देश्य स्टार्टअप संस्कृति को गांवों और छोटे शहरों तक पहुंचाकर अधिक से अधिक युवाओं को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ना है।</p>
<p>मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश स्टार्टअप में बहुत आगे है। 17 हजार स्टार्टअप यूपी में रजिस्टर्ड हैं। इनको आगे बढ़ाने और इन्क्यूबेटर्स और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप मिशन निदेशालय की स्थापना की जाएगी। इससे स्टार्टअप को प्रोत्साहन मिलेगा।</p>
<p>
<strong>उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन को कैबिनेट की मंजूरी</strong><br>
लखनऊ। कैबिनेट बैठक में ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन’ की स्थापना को मंजूरी दे दी गई। सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत गठित होने वाला यह मिशन आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में स्टार्टअप और नवाचार गतिविधियों की नोडल संस्था के रूप में कार्य करेगा। मिशन का उद्देश्य वर्ष 2030 तक उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देना, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना तथा इन्क्यूबेटर, नवाचार केंद्र, डीप-टेक इकोसिस्टम, मेंटरशिप और एक्सेलेरेशन कार्यक्रमों को मजबूत करना है। मिशन के तहत निवेशकों, उद्योग, शिक्षण संस्थानों और स्टार्टअप्स के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी संचालन, निगरानी और मूल्यांकन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।</p>
<p><strong>सीएम योगी ने निभाया वादा, होमगार्ड जवानों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा स्वीकृत</strong></p>
<p><strong>होमगार्ड स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को मिलेगा लाभ, साचीज के माध्यम से मिलेगी स्वास्थ्य सुरक्षा</strong></p>
<p><strong>35.50 करोड़ रुपये के वार्षिक व्यय से लागू होगी होमगार्ड कैशलेस चिकित्सा योजना, राजकीय और संबद्ध निजी अस्पतालों में मिलेगा कैशलेस इलाज</strong></p>
<p><strong>पुलिस समेत कई विभागों के कर्मचारियों के वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी, 20 करोड़ रुपये होंगे खर्च</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश होमगार्ड विभाग के अंतर्गत कार्यरत होमगार्ड स्वयंसेवकों, अवैतनिक अधिकारियों और उनके आश्रित परिवारों को बड़ी राहत देते हुए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। यह सुविधा स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा पुलिस समेत कई विभागों के कर्चमारियों के वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी पर भी मंजूरी दी गई है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने 6 दिसंबर 2025 को होमगार्ड दिवस के अवसर पर होमगार्ड जवानों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा <strong>की थी। अब कैबिनेट की मंजूरी के साथ इस घोषणा को अमली जामा पहनाया जाएगा।</strong></p>
<p><strong>राजकीय और निजी अस्पतालों में मिलेगा कैशलेस इलाज</strong><br>
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि योजना के तहत होमगार्ड स्वयंसेवकों, अवैतनिक अधिकारियों और उनके आश्रित परिवारों को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध राजकीय अस्पतालों और संबद्ध निजी अस्पतालों में आईपीडी (अंतर्रोगी विभाग) उपचार के लिए प्रति परिवार प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इससे गंभीर बीमारी की स्थिति में परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।</p>
<p><strong>सरकार वहन करेगी योजना का खर्च</strong><br>
कैबिनेट से मंजूर योजना के तहत प्रति होमगार्ड स्वयंसेवक एवं अवैतनिक अधिकारी 3 हजार रुपये वार्षिक प्रीमियम की दर से योजना संचालित की जाएगी। इसके लिए सरकार पर लगभग 35.50 करोड़ रुपये का वार्षिक वित्तीय व्यय अनुमानित है। इस कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना का संचालन साचीज के माध्यम से किया जाएगा। इस योजना से प्रदेश में लगभग 69 हजार होमगार्ड्स और उनके आश्रित लाभान्वित होंगे।</p>
<p><strong>पुलिस समेत कई विभागों के कर्मचारियों के वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी</strong><br>
कैबिनेट बैठक में वेतन समिति (2016) की संस्तुतियों पर मुख्य सचिव समिति द्वारा दी गई सिफारिशों को मंजूरी मिल गई है। कैबिनेट ने इन संस्तुतियों को यथावत स्वीकार करने का निर्णय लिया। इसके तहत गृह (पुलिस) विभाग के कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों में संशोधन किया जाएगा। साथ ही न्याय विभाग के अधीनस्थ न्यायालयों, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, वन विभाग, आबकारी विभाग, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा आयुष विभाग के कर्मचारियों के वर्दी, वर्दी नवीनीकरण और वर्दी धुलाई भत्ते में वृद्धि को मंजूरी दी गई है। हालांकि अन्य भत्तों और मामलों में किसी प्रकार का संशोधन नहीं किया गया है।</p>
<p><strong>20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार</strong><br>
सरकार के अनुसार इस निर्णय से विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को राहत मिलेगी और उन्हें बढ़ी हुई दरों पर वर्दी संबंधी भत्ते प्राप्त होंगे। इन संस्तुतियों को लागू करने से राज्य सरकार पर लगभग 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>‘माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:’ के भाव को आत्मसात कर पौधरोपण का नया रिकॉर्ड बनाएगा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री</title>
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<description><![CDATA[ &#039;माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:&#039; के भाव को आत्मसात कर पौधरोपण का नया रिकॉर्ड बनाएगा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, महापौर, जिला पंचायत अध्य़क्षों, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत के अध्यक्षों, ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, निवर्तमान ग्राम प्रधानों व पंचायत सदस्यों, नगर … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 11:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>‘माता, भूमि:, पुत्रोऽहं, पृथिव्या:’, के, भाव, को, आत्मसात, कर, पौधरोपण, का, नया, रिकॉर्ड, बनाएगा, उत्तर, प्रदेश:, मुख्यमंत्री</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>'माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:' के भाव को आत्मसात कर पौधरोपण का नया रिकॉर्ड बनाएगा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, महापौर, जिला पंचायत अध्य़क्षों, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत के अध्यक्षों, ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, निवर्तमान ग्राम प्रधानों व पंचायत सदस्यों, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत के पार्षदों आदि से किया संवाद</strong></p>
<p><strong>12 जुलाई को वृक्षारोपण महाभियान-2026 के तहत लगाएं ‘एक पेड़ मां के नाम’, उत्तर प्रदेश में एक ही दिन में लगाए जाएंगे 35 करोड़ पौधे, सुबह 7 से शाम छह बजे तक होगा वृहद आयोजन</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से की अपील- जनसहभागिता से पौधरोपण महाभियान को बनाएं सफल, इसके लिए दो दिन के भीतर कर लें तैयारी </strong></p>
<p><strong>पौधे लगाएं और हर हाल में उसकी सुरक्षा पर भी दें पूरा ध्यानः मुख्यमंत्री</strong></p>
<p><strong>72 हजार से अधिक जनप्रतिनिधि शासन की शक्ति, इनकी सहभागिता से हासिल किया जाएगा हर लक्ष्यः मुख्यमंत्री </strong></p>
<p><strong>लखनऊ,</strong> <br>
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने'पौधरोपण महाभियान-2026' के दृष्टिगत जनप्रतिनिधियों से वर्चुअली संवाद किया। इस संवाद में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, महापौर, जिला पंचायत अध्य़क्षों, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत के अध्यक्षों, ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, निवर्तमान ग्राम प्रधानों, पंचायत सदस्यों, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायतों के पार्षदों आदि की सहभागिता रही। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों, संगठनों और नागरिकों से इसमें बढ़-चढ़कर सहभागिता करने का आह्वान किया।  </p>
<p><strong>12 जुलाई को लगाए जाएंगे 35 करोड़ पौधेः मुख्यमंत्री</strong><br>
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पौधरोपण अभियान जनांदोलन का स्वरूप ले चुका है। 5 जून 2026 (विश्व पर्यावरण दिवस) पर भी पांच करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इस प्रकार विगत 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश में 247 करोड़ से अधिक पौधे रोपित किए जा चुके हैं। प्रदेश में 12 जुलाई को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। </p>
<p><strong>जनप्रतिनिधि दो दिन के भीतर बैठक कर पूरी करें तैयारी </strong><br>
मुख्यमंत्री जी ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अगले दो दिन में अपने-अपने क्षेत्रों में अधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय संस्थाओं के साथ बैठक कर वृक्षारोपण स्थलों का चयन करें तथा पौधों की आवश्यकता का प्रस्ताव जिला प्रशासन एवं वन विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते सभी तैयारियां पूरी की जा सकें।</p>
<p><strong>कई विशिष्ट वन भी किए जाएं स्थापित, सार्वजनिक स्थलों पर भी लगाए जाएं छायादार पौधे</strong><br>
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पौधरोपण महाभियान-2026 में इस वर्ष महर्षि चरक औषधि वन, समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन, कपि वन समेत अनेक नवीन वन स्थापित किए जाएं। अभियान का प्रमुख हिस्सा मिशन छाया, अविरल धारा पौधरोपण, सहजन भंडारा, आम भंडारा भी हो। मिशन छाया के तहत गर्मी से राहत देने के लिए सड़क किनारे व सार्वजनिक स्थलों पर छायादार पौधे भी लगाए जाएं। इसके अलावा 15 अगस्त को वंदे मातरम वाटिका, 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर भाई-बहन पौधरोपण व 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ भी लगाया जाए। </p>
<p><strong>हर हाल में सुनिश्चित हो पौधों की सुरक्षा</strong><br>
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों व प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को सहजन का पौधा उपलब्ध कराया जाए। यह पौधा कुपोषण से बचाव में काफी कारगर साबित होता है। उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों से संवाद बनाकर उन्हें भी पौधरोपण जन अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अमृत सरोवरों, नदियों के किनारे, खाली जमीन, हाइवे-एक्सप्रेसवे के किनारे, मंडी समितियों में आवश्यकतानुसार फलदार-छायादार पौधे रोपित किए जाएं। गंगा जी, यमुना जी समेत अन्य नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों में सघन पौधरोपण किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधे लगवाने के साथ इनकी सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जाएं। ट्री गार्ड आदि लगाकर इनकी सुरक्षा भी हर हाल में सुनिश्चित की जाए। </p>
<p><strong>नर्सरियों में उपलब्ध हैं 57 करोड़ से अधिक पौधे</strong><br>
मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ वर्ष पहले जब प्रदेश में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान प्रारंभ किया गया था, तब वन एवं उद्यान विभाग की नर्सरियों में पांच करोड़ पौधे भी उपलब्ध नहीं थे। आज स्थिति यह है कि दोनों विभागों के पास 57 करोड़ से अधिक पौधों का भंडार है। इनमें फलदार, औषधीय, इमारती तथा सजावटी प्रजातियों सहित सभी प्रकार के पौधे शामिल हैं और प्रत्येक जनपद में इनकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।</p>
<p><strong>‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहा उत्तर प्रदेश </strong><br>
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य दोनों को सुरक्षित रखने का राष्ट्रीय दायित्व है। ग्लोबल वार्मिंग, अतिवृष्टि, अनावृष्टि तथा प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी माध्यम है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री जी ने पूरे देशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है और उत्तर प्रदेश लगातार अग्रणी भूमिका निभा रहा है।</p>
<p><strong>72 हजार से अधिक जनप्रतिनिधि शासन की शक्ति </strong><br>
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 72 हजार से अधिक निर्वाचित जनप्रतिनिधि शासन की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि सभी जनप्रतिनिधि पूरी सक्रियता से इस अभियान से जुड़ेंगे तो वृक्षारोपण का लक्ष्य सहजता से प्राप्त किया जा सकेगा और यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण करेगा।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री का पौधों के संरक्षण व संवर्धन पर रहा जोर </strong><br>
मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक पौधे के संरक्षण और संवर्धन की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने पौधों की नियमित सिंचाई, गुड़ाई, सुरक्षा एवं देखरेख की व्यवस्था करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि सुरक्षित पौधा ही भविष्य में विशाल वृक्ष बनकर पर्यावरण की रक्षा करेगा।</p>
<p><strong>महाभिय़ान को जन जागरूकता व सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भी जोड़ें </strong><br>
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर आम, जामुन, पीपल, बरगद, पाकड़, नीम, हरड़ सहित पर्यावरण और जैव विविधता के लिए उपयोगी वृक्षों को प्राथमिकता दी जाए। प्रत्येक स्थान पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकगीत, नुक्कड़ नाटक एवं जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाए, जिससे लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति <strong>स्वाभाविक जागरूकता और उत्साह का वातावरण बने।</strong></p>
<p><strong>प्रत्येक कार्यक्रम की कराएं फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी</strong><br>
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक वृक्षारोपण कार्यक्रम की वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी कर वन विभाग द्वारा विकसित मोबाइल ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए। इससे अभियान की पारदर्शी मॉनिटरिंग के साथ-साथ प्रदेश के उत्कृष्ट आयोजनों को डिजिटल, सोशल, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रदर्शित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आयोजन स्थल पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का बैनर लगाया जाए, ताकि जनसहभागिता का संदेश अधिक प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण कार्यक्रमों को एक प्रेरक जनअभियान के रूप में प्रस्तुत किया जाए, जिससे अधिकाधिक नागरिक स्वयं इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित हों।</p>
<p><strong>पेड़-पौधों में भी होती हैं संवेदनाएं</strong><br>
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चंद्र बसु ने सिद्ध किया था कि पेड़-पौधों में भी जीवन और संवेदनाएं होती हैं। इसलिए वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि प्रकृति और धरती माता के प्रति हमारी कृतज्ञता व्यक्त करने का श्रेष्ठ माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पर्याप्त वर्षा हो चुकी है और यह वृक्षारोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है। ऐसे में सभी जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक इकाई के साथ समन्वय स्थापित कर समय पर पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।</p>
<p><strong>नया कीर्तिमान स्थापित करेगा महाभियान</strong><br>
मुख्यमंत्री जी ने विश्वास जताया कि 12 जुलाई को आयोजित होने वाला ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृहद वृक्षारोपण महाभियान जनसहभागिता का नया कीर्तिमान स्थापित करेगा और उत्तर प्रदेश पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में देश के लिए एक बार फिर मिसाल बनेगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>भारतीय कला&#45;संस्कृति को मिलेगा विश्वस्तरीय मंच, भातखंडे के नए परिसर की रूपरेखा पर हुआ मंथन</title>
<link>https://atworldnews.in/9145</link>
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<description><![CDATA[ भारतीय कला-संस्कृति को मिलेगा विश्वस्तरीय मंच, भातखंडे के नए परिसर की रूपरेखा पर हुआ मंथन लखनऊ के काकराबाद में बनेगा भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का नया कैंपस, विशेषज्ञों ने दिए अहम सुझाव देश-विदेश के कलाकारों का नया ठिकाना बनेगा भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का नवीन परिसर &#039;नादाधीनम् जगत्&#039; की अवधारणा पर बनेगा भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का नया … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 11:31:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भारतीय, कला-संस्कृति, को, मिलेगा, विश्वस्तरीय, मंच, भातखंडे, के, नए, परिसर, की, रूपरेखा, पर, हुआ, मंथन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भारतीय कला-संस्कृति को मिलेगा विश्वस्तरीय मंच, भातखंडे के नए परिसर की रूपरेखा पर हुआ मंथन</strong></p>
<p><strong>लखनऊ के काकराबाद में बनेगा भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का नया कैंपस, विशेषज्ञों ने दिए अहम सुझाव</strong></p>
<p><strong>देश-विदेश के कलाकारों का नया ठिकाना बनेगा भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का नवीन परिसर</strong></p>
<p><strong>'नादाधीनम् जगत्' की अवधारणा पर बनेगा भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का नया कैंपस परिसर</strong></p>
<p><strong>सीएम योगी के विजन पर आगे बढ़ेगा भातखंडे, भारतीय संस्कृति को मिलेगा विश्वस्तरीय परिसर</strong></p>
<p><strong>लखनऊ</strong><br>
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत भारतीय संस्कृति, संगीत, लोक परंपराओं और प्रदर्शन कलाओं को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का नया परिसर एक ऐतिहासिक पहल बनने जा रहा है। राजधानी लखनऊ के काकराबाद में प्रस्तावित इस विश्वस्तरीय परिसर को केवल संगीत विश्वविद्यालय तक सीमित न रखकर भारतीय संस्कृति के समग्र केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसी उद्देश्य से सोमवार को अपर मुख्य सचिव, संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में देश के प्रतिष्ठित कलाकारों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने परिसर की रूपरेखा पर विस्तृत मंथन किया। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि नया परिसर आने वाले सैकड़ों वर्षों के लिए भारत की सांस्कृतिक विरासत, भारतीय ज्ञान परंपरा और प्रदर्शन कलाओं का सबसे बड़ा केंद्र बने।</p>
<p>बैठक में विशेषज्ञों ने कहा कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को एक ही मंच पर समेटने वाला ऐसा संस्थान आज देश में नहीं है, जहां शास्त्रीय संगीत, नृत्य, रंगमंच, लोक एवं जनजातीय कलाएं, दृश्य एवं ललित कलाएं, साहित्य, दर्शन, योग, अध्यात्म, भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक कला शिक्षा का समन्वित अध्ययन एवं शोध हो सके। इसी दृष्टि से भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के नए परिसर को देश के पहले समग्र 'संस्कृति विश्वविद्यालय' के रूप में विकसित करने की परिकल्पना प्रस्तुत की गई। इसमें दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण, मौखिक परंपराओं के दस्तावेजीकरण, डिजिटल रिपॉजिटरी और भारतीय प्रदर्शन कलाओं के संग्रहालय जैसी विश्वस्तरीय सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव रखा गया।</p>
<p>बैठक में प्रस्तावित परिसर के लिए कई अत्याधुनिक सुविधाओं पर भी सहमति बनी। नए परिसर में संगीत, नृत्य, रंगमंच, योग एवं अध्यात्म, दृश्य एवं ललित कला, साहित्य एवं दर्शन, फिल्म निर्माण तथा कला एवं सांस्कृतिक प्रबंधन जैसे विषयों के विशेष विद्यालय स्थापित किए जाने के सुझाव दिए गए। साथ ही ध्वनि-विज्ञान आधारित अभ्यास कक्ष, आधुनिक नृत्य स्टूडियो, संगीत एवं रिकॉर्डिंग स्टूडियो, एआई म्यूजिक लैब, विष्णु नारायण भातखंडे ग्रैंड ऑडिटोरियम, ब्लैक बॉक्स थिएटर, शास्त्रीय नृत्य थिएटर, रेसाइटल हॉल और मुक्ताकाशी मंच जैसी आधुनिक अधोसंरचनाओं का भी निर्माण करने का सुझाव दिया गाया। इसके अलावा सांस्कृतिक स्टार्टअप्स के लिए इनक्यूबेशन सेंटर, मीडिया एवं कंटेंट लैब तथा बौद्धिक संपदा (आईपी) सहायता केंद्र विकसित कर भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने की योजना रखी गई।</p>
<p>बैठक में पद्ममालिनी अवस्थी ने परिसर को प्रकृति और भारतीय परंपरा के अनुरूप विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने व्यापक वृक्षारोपण, खुले एवं प्राकृतिक वातावरण, शिक्षकों के लिए आवासीय व्यवस्था, उत्तर भारतीय और कर्नाटक संगीत के समन्वय, उत्तर प्रदेश के पारंपरिक घरानों को संस्थान से जोड़ने, थिएटर कॉम्प्लेक्स, एग्जीबिशन हॉल, इंटरएक्टिव लर्निंग स्पेस तथा इंटीग्रेटेड नॉलेज सिस्टम पर आधारित विशेष लैब स्थापित करने का सुझाव दिया। वहीं प्रो. सिद्धार्थ सिंह ने विश्वविद्यालय को संगीत संस्थान से आगे बढ़ाकर समग्र संस्कृति विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बताई।</p>
<p>बैठक में पद्मप्रो. वामन केंद्रे सहित अन्य विशेषज्ञों ने लोक एवं जनजातीय कलाओं, थिएटर, परफॉर्मिंग आर्ट्स, विजुअल आर्ट्स और साहित्य को एकीकृत पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने डिजिटल आर्ट सेंटर की स्थापना, इसे सभी कलाओं के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने तथा देश-विदेश के प्रख्यात कलाकारों को नियमित रूप से आमंत्रित कर विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद का केंद्र बनाने का सुझाव दिया। विशेषज्ञों ने कहा कि यह परिसर भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ नई पीढ़ी को वैश्विक स्तर की कला शिक्षा और शोध का अवसर भी उपलब्ध कराएगा।</p>
<p>अपर मुख्य सचिव, संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास ऐसा विश्वस्तरीय संस्थान विकसित करने का अनूठा अवसर है, जो भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ नई पीढ़ी की आवश्यकताओं के अनुरूप भी हो। उन्होंने कहा कि भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय को विश्व के अग्रणी प्रदर्शन कला संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करने का लक्ष्य है। इसके लिए ऐसा परिसर विकसित किया जाएगा, जिसकी वास्तुकला, शैक्षणिक उत्कृष्टता और सांस्कृतिक वातावरण स्वयं भारतीयता का अनुभव कराए। यहां आने वाला प्रत्येक विद्यार्थी, कलाकार और आगंतुक भारत की समृद्ध कलात्मक परंपराओं से जुड़ाव महसूस करे और भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार हो।</p>
<p>उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के नए परिसर के लिए राष्ट्रीय स्तर की आर्किटेक्चरल डिजाइन प्रतियोगिता आयोजित करने की भी योजना है, ताकि देश के श्रेष्ठ वास्तु विशेषज्ञ इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अपना योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि परिसर की रूपरेखा में भारत के विभिन्न घरानों और सांस्कृतिक परंपराओं की भौगोलिक विविधता भी झलकनी चाहिए। साथ ही विश्वविद्यालय के शैक्षणिक दायरे को पारंपरिक प्रदर्शन कलाओं से आगे बढ़ाते हुए डिजिटल आर्ट्स, एनीमेशन, डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण, वर्चुअल प्रोडक्शन, म्यूजिक टेक्नोलॉजी, अंतर्विषयक शोध, बौद्ध सांस्कृतिक दर्शन, सांस्कृतिक कूटनीति तथा भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे विषयों को भी शामिल करने पर जोर दिया गया, ताकि यह संस्थान राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सके।</p>
<p>विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. माण्डवी सिंह ने कहा कि भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का नया परिसर भारतीय संस्कृति, संगीत और प्रदर्शन कलाओं के समग्र विकास का एक विश्वस्तरीय केंद्र बनेगा। यहां परंपरा और आधुनिक तकनीक के समन्वय के साथ विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा, शोध और सृजन का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।</p>
<p>बैठक में कुलसचिव एस.पी. सिंह, पद्मभूषण पं. अजय चक्रवर्ती, प्रो. श्रुति बंदोपाध्याय, पद्मडॉ. शोवना नारायण, प्रो. अनुपम महाजन, पद्मविभूषण डॉ. सोनल मानसिंह, पद्मप्रो. वामन केंद्रे, प्रो. सिद्धार्थ सिंह तथा डॉ. वंदना सहगल सहित अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>नीरव मोदी की भारत वापसी का रास्ता साफ! ब्रिटेन में आखिरी कानूनी लड़ाई भी हारे, प्रत्यर्पण की राह आसान</title>
<link>https://atworldnews.in/9144</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. दस्तावेजों के मुताबिक नीरव मोदी ने अपनी आखिरी कानूनी कोशिश भी हार दी है. उन्होंने यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स में जो अपील दायर की थी, उससे भी राहत नहीं मिली. सूत्रों के मुताबिक, अब नीरव … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 11:03:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>नीरव, मोदी, की, भारत, वापसी, का, रास्ता, साफ, ब्रिटेन, में, आखिरी, कानूनी, लड़ाई, भी, हारे, प्रत्यर्पण, की, राह, आसान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. दस्तावेजों के मुताबिक नीरव मोदी ने अपनी आखिरी कानूनी कोशिश भी हार दी है. उन्होंने यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स में जो अपील दायर की थी, उससे भी राहत नहीं मिली. सूत्रों के मुताबिक, अब नीरव मोदी के पास कोई कानूनी विकल्प नहीं बचा है. ऐसे में अब ब्रिटेन की सरकार उनके प्रत्यर्पण की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर भारत भेज सकती है। </p>
<p>मिल रही जानकारी के मुताबिक नीरव मोदी ने अप्रैल 2026 में यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स का दरवाजा खटखटाया था. इससे पहले ब्रिटेन की अदालतें उनकी सभी अपीलें खारिज कर चुकी थीं. अदालत ने माना था कि भारत की ओर से जेल की व्यवस्था और उनके साथ व्यवहार को लेकर दिए गए आश्वासन पर्याप्त हैं. सूत्रों का कहना है कि अब प्रत्यर्पण में कोई कानूनी बाधा नहीं बची है और ब्रिटेन की एजेंसियों ने नीरव मोदी को भारत के हवाले करने की प्रशासनिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। </p>
<p>आपको बता दें कि नीरव मोदी मार्च, 2019 से लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद हैं. उन्हें सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन और ईडी ने पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भारत लाने की मांग की है. ऐसे में कूटनीतिक सूत्रों का दावा है कि अब नीरव मोदी का भारत प्रत्यर्पण कभी भी हो सकता है। </p>
<p><strong>किन-किन मामलों में फंसा है नीरव मोदी?</strong><br>
भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी भारत में तीन अलग-अलग मामलों में वांछित है. इनमें पंजाब नेशनल बैंक घोटाले की सीबीआई जांच, मनी लॉन्ड्रिंग का ईडी मामला और सबूतों- गवाहों से छेड़छाड़ का मामला शामिल है. अप्रैल, 2021 में ब्रिटेन की तत्कालीन गृह सचिव प्रीति पटेल ने उसके भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी. इसके बाद नीरव मोदी की सभी जमानत याचिकाएं और कानूनी अपीलें खारिज हो चुकी हैं. मार्च 2026 में उसने भारत भेजे जाने के खिलाफ आखिरी अपील भी हार दी. इसके बाद उसने फ्रांस स्थित यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जहां से भी उसे राहत नहीं मिली है और अब उसके प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो चुका है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>इंदौर में 5 ब्लैक स्पॉट खत्म, लेकिन 5 नए बने हादसों के हॉटस्पॉट; रालामंडल चौराहा सबसे खतरनाक</title>
<link>https://atworldnews.in/9143</link>
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<description><![CDATA[ इंदौर  इंदौर शहर में सड़क सुरक्षा की तस्वीर चिंता बढ़ाने वाली है। एक ओर यातायात पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने पांच ब्लैक स्पॉट को सूची से हटाने में सफलता हासिल की, तो दूसरी ओर उतने ही नए ब्लैक स्पॉट सामने आ गए। सबसे गंभीर बात यह है कि शहर के 16 ब्लैक स्पाट में अधिकांश … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 11:02:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>इंदौर, में, ब्लैक, स्पॉट, खत्म, लेकिन, नए, बने, हादसों, के, हॉटस्पॉट, रालामंडल, चौराहा, सबसे, खतरनाक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर</strong><br>
 इंदौर शहर में सड़क सुरक्षा की तस्वीर चिंता बढ़ाने वाली है। एक ओर यातायात पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने पांच ब्लैक स्पॉट को सूची से हटाने में सफलता हासिल की, तो दूसरी ओर उतने ही नए ब्लैक स्पॉट सामने आ गए। सबसे गंभीर बात यह है कि शहर के 16 ब्लैक स्पाट में अधिकांश राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और बायपास कॉरिडोर पर हैं।</p>
<p>इससे बायपास इंदौर का सबसे खतरनाक दुर्घटना कारिडोर बनकर उभरा है। रालामंडल चौराहा पूरे शहर का सबसे संवेदनशील ब्लैक स्पाट है, जहां वर्ष 2023 से 15 जून 2026 तक 13 दुर्घटनाओं में 14 लोगों की मौत हुई।</p>
<p>यातायात पुलिस के वर्ष-2025 के ब्लैक स्पाट के आंकड़ों (2023, 2024, 2025 तथा 15 जून 2026 तक) के अनुसार, शहर में वर्तमान में 16 ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं। इनमें 11 पुराने स्थान अब भी सूची में बने हुए हैं, जबकि पांच नए स्थानों को पहली बार ब्लैक स्पाट घोषित किया गया है। दूसरी ओर, पांच पुराने ब्लैक स्पाट को इंजीनियरिंग सुधार के बाद सूची से हटा दिया गया है।</p>
<p><strong>यहां सबसे ज्यादा खतरा</strong><br>
आंकड़ों के अनुसार, दुर्घटनाओं का सबसे अधिक दबाव अब बायपास और राष्ट्रीय राजमार्ग पर है। ओमेक्स सिटी, बिचौली मर्दाना ब्रिज, रालामंडल चौराहा, कैलोद करताल फाटा, कनाड़िया ब्रिज, यूनो बिजनेस पार्क, फीनिक्स माल और नावदापंथ ब्रिज सहित अधिकांश ब्लैक स्पाट एनएचएआई के हिस्से में आते हैं।</p>
<p>तेज रफ्तार, भारी वाहनों की आवाजाही और जंक्शन की डिजाइन इस कॉरिडोर को अधिक जोखिमपूर्ण बना रही है। कैलोद करताल फाटा, लवकुश चौराहा और ओमेक्स सिटी भी लगातार हादसों की सूची में बने हुए हैं।</p>
<p><strong>कुछ को सुधारा तो नए उभरे</strong><br>
रिजलाय फाटा, बेस्ट प्राइज, आईटी पार्क चौराहा और प्रभु तोल कांटा सहित पांच स्थानों को ब्लैक स्पाट की सूची से हटा दिया गया है। इन स्थानों पर इंजीनियरिंग सुधार और यातायात प्रबंधन का सकारात्मक असर दिखा है। वहीं एमआर-10 टोल, कनाड़िया ब्रिज, यूनो बिजनेस पार्क, फीनिक्स माल और नावदापंथ ब्रिज जैसे पांच नए स्थान ब्लैक स्पाट के रूप में सामने आए हैं। यानी जहां एक स्थान सुरक्षित हुआ, वहीं दूसरे स्थान पर खतरा बढ़ गया।</p>
<p><strong>सिर्फ छह माह में 2.48 लाख चालान</strong><br>
यातायात पुलिस ने चालानी कार्रवाई में भी तेजी दिखाई है। एक जनवरी 2026 से 25 जून तक 2.48 लाख से अधिक चालान बनाए जा चुके हैं। सबसे अधिक कार्रवाई बिना हेलमेट, गलत पार्किंग और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर हुई है। इसके बावजूद ब्लैक स्पाट की संख्या में स्थायी कमी नहीं आई है। यह संकेत है कि केवल चालानी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। सड़क की डिजाइन, संकेतक, प्रकाश व्यवस्था और यातायात इंजीनियरिंग में भी व्यापक सुधार की जरूरत है।</p>
<p><strong>    122 दुर्घटनाएं (2023 से 15 जून 2026 तक)<br>
    123 मौतें दर्ज<br>
    2,48,620 चालान ( एक जनवरी से 25 जून 2026 तक)</strong></p>
<p><strong>आगे यह करना होगा</strong></p>
<p>ब्लैक स्पाट की सूची बताती है कि इंदौर में सड़क सुरक्षा का फोकस अब केवल शहर के चौराहों तक सीमित नहीं रह गया है। सबसे बड़ा जोखिम बायपास और राष्ट्रीय राजमार्ग के हिस्सों पर है। यदि इन कारिडोर पर इंजीनियरिंग सुधार, गति नियंत्रण और निगरानी को प्राथमिकता नहीं दी गई तो एक ब्लैक स्पाट हटने के साथ दूसरा बनने का सिलसिला जारी रहेगा।</p>
<p>    राऊ, रालामंडल और अर्जुन बड़ौद में फ्लाइओवर शुरू होने से वहां के ब्लैक स्पाट समाप्त हो गए हैं। अर्जुन बड़ौद में पुल बनने से पहले यातायात का दबाव अधिक था। लाजिस्टिक क्षेत्र होने के कारण ट्रक और ट्राले गलत दिशा से आते थे तथा सड़क पर खड़े रहते थे। इससे दुर्घटनाएं अधिक होती थीं, जो अब समाप्त हो गई हैं। एमआर-10 बायपास पर 65 करोड़ रुपये की लागत से छह लेन और करीब ढाई किलोमीटर लंबे फ्लाइओवर का निर्माण अगले दो माह में पूरा हो जाएगा। नेमावर रोड पर राघवगढ़ के पास भी दो माह में काम पूरा होने की संभावना है। इससे आवागमन और अधिक सुरक्षित होगा।<strong> – प्रवीण यादव, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई</strong></p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>राज्यसभा चुनाव विवाद गहराया, मीनाक्षी नटराजन जाएंगी हाई कोर्ट; बोलीं&#45; नामांकन रद्द करना साजिश</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में समझौता (कॉम्प्रोमाइज) हुआ है और कांग्रेस इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में चुनाव याचिका (इलेक्शन पिटिशन) दायर करेगी।मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि पार्टी की लीगल टीम इस … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 11:02:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>राज्यसभा, चुनाव, विवाद, गहराया, मीनाक्षी, नटराजन, जाएंगी, हाई, कोर्ट, बोलीं-, नामांकन, रद्द, करना, साजिश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में समझौता (कॉम्प्रोमाइज) हुआ है और कांग्रेस इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में चुनाव याचिका (इलेक्शन पिटिशन) दायर करेगी।मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि पार्टी की लीगल टीम इस मामले पर काम कर रही है और परिणाम घोषित होने के 45 दिन के भीतर याचिका दायर कर दी जाएगी।<br>
<strong>भाजपा ने रची साजिश</strong></p>
<p>उन्होंने कहा, “ना तो नामांकन पत्र में कोई गलती थी और ना ही हमारे किसी साथी से कोई चूक हुई। जब फार्म-16 में नोटिस के उल्लेख का कोई कॉलम ही नहीं है, तो उसके आधार पर नामांकन निरस्त करना यह साबित करता है कि यह एक षड्यंत्र था।”</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को हर स्तर पर लड़ेगी, क्योंकि यह मामला केवल एक सीट का नहीं, बल्कि पूरी चुनाव व्यवस्था की निष्पक्षता से जुड़ा हुआ है।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में नगरीय निकाय और विधानसभा चुनाव होने हैं। यदि इसी तरह नामांकन निरस्त किए जाते रहे, तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।</p>
<p><strong>पेपर लीक और राम मंदिर चंदा मामला पर बरसीं</strong><br>
मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि देश और प्रदेश के सामने अभी तीन बड़े गहरे संकट हैं। जिस तरह से नीट पेपर लीक हुआ, वैसे ही भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से पेपर लीक हो गए। छात्र और उनके अभिभावक वर्षों का संघर्ष करते हैं लेकिन जिस तरह से उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और कोई इसकी जिम्मेदारी नहीं ले रहा।</p>
<p>इसको लेकर कांग्रेस ने छात्रों की गूंज कार्यक्रम प्रारंभ किया है। इसके तहत इंदौर से भोपाल तक 14 और 15 जुलाई को साइकिल यात्रा निकाली जा रही है। 9 अगस्त को दिल्ली में बड़ा कार्यक्रम कर अपनी बात जन-जन तक पहुंचाई जाएगी।</p>
<p>जिस तरह से हम सब के आराध्य और आस्था के केंद्र भगवान श्रीराम के मंदिर में चढ़ावे की चोरी हुई, वह पूरे देश ने देखा‌। यह बहुत गंभीर मामला है। महाकाल की नगरी उज्जैन में भी जमीन की लूट की बात सामने आई है। दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए।</p>
<p><strong>प्रदेश का किसान परेशान</strong><br>
वहीं, किसानों के साथ होने का दावा करने वाली भाजपा सरकार अक्सर किसानों के साथ धोखा करती है। ग्रीष्मकालीन मूंग का अच्छा उत्पादन हुआ है लेकिन प्रदेश में मात्र 25% ही उपज खरीदी जा रही है। किसान परेशान है। इसे बढ़ाया जाना चाहिए।</p>
<p>किसानों से जुड़ा केवल यह एक मामला नहीं है। ना तो उन्हें खाद मिल रही है ना ही बीज। अमेरिका के साथ जो व्यापारिक समझौता किया गया है उसकी चोट भी सीधी सीधी किसानों पर ही है सरकार को इसको लेकर स्थिति साफ करनी चाहिए।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Crude Oil Production: तेल बाजार में बड़ा खेल! 7 देशों के फैसले से बदल सकते हैं कच्चे तेल के दाम</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली मिडिल ईस्ट टेंशन लगभग खत्म हो गई है, दुनिया की तेल जरूरतों के बड़े हिस्से की आवाजाही और सप्लाई के लिए अहम होर्मुज स्ट्रेट से तेल-गैस से लदे जहाज निकलने लगे. इन सबके बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है. सोमवार को ब्रेंट क्रूड की … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 10:33:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Crude, Oil, Production:, तेल, बाजार, में, बड़ा, खेल, देशों, के, फैसले, से, बदल, सकते, हैं, कच्चे, तेल, के, दाम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>मिडिल ईस्ट टेंशन लगभग खत्म हो गई है, दुनिया की तेल जरूरतों के बड़े हिस्से की आवाजाही और सप्लाई के लिए अहम होर्मुज स्ट्रेट से तेल-गैस से लदे जहाज निकलने लगे. इन सबके बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है. सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरते हुए 72 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई। </p>
<p>Crude Oil Price Crash और Hormuz पर हालात सामान्य होने के बीच अब तक एक-दूसरे से लड़ते झगड़ते नजर आने वाले ओपेक+ (OPEC+) देशों ने एक साथ मिलकर बड़ा फैसला लिया है, जो दुनिया के लिए राहत भरा है। </p>
<p><strong>Crude की कीमतों में गिरावट जारी</strong><br>
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी है.  खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड की कीमत और भी ज्यादा फिसल गई. Brent Crude Oil Price 1 फीसदी के आसपास फिसलकर 71 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा था. तो वहीं WTI Crude Oil Price फिसलकर 68 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. इसके अलावा मर्बन क्रूड ऑयल की कीमत मामूली बढ़त के साथ 66 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रही थी।</p>
<p><strong>संकट टला, अब आई ये राहत भरी खबर</strong><br>
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर बात बनने और बैठकों को लेकर पॉजिटिव संकेतों के बीच पाकिस्तान, भारत, बांग्लादेश से लेकर ब्रिटेन तक, दुनिया के तमाम देशों में तेल-गैस का संकट खत्म होता नजर आया है. क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट ओपन है और यहां से तेल-गैस के टैंकरों की आवाजाही जारी है. यानी Oil-Gas सप्लाई चेन फिर से सुचारू नजर आ रही है. हालांकि, ये युद्ध पूर्व स्तर से अभी भी नीचे बनी हुई है, लेकिन इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव और गिरावट के रूप में दिखने भी लगा है। </p>
<p>इस बीच एक और राहत भरी खबर ये आई है कि ओपेक+ (OPEC+) देशों ने भी तेल को लेकर बड़ा फैसला किया है. इसमें शामिल सात देशों ने एक साथ मिलकर अगले महीने से तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला लिया है. रिपोर्ट के मुताबिक,  सऊदी अरब और रूस की अगुवाई में प्रति दिन 1.88 लाख बैरल एक्स्ट्रा क्रू़ड ऑयल प्रोड्यूश करने को मंजूरी दी गई है. मतलब अब आने वाले समय में तेल पर्याप्त तेल बाजार में सप्लाई होगा. लगातार 5वें महीने इस बढ़ोतरी को लेकर सहमति बनी है। </p>
<p><strong>एक साथ आए ये 7 ओपेक+ देश</strong><br>
गौरतलब है कि बीते कुछ समय में ओपेक+ देशों के बीच उत्पादन कोटा, बाजार हिस्सेदारी और तेल की कीमतों को लेकर बड़े मतभेद देखने को मिल रहे थे. कुछ देश क्रूड प्राइस को लेकर प्रोडक्शन सीमित रखने पर जोर दे रहे थे, तो कुछ उत्पादन में इजाफा कर इनकम बढ़ाने पर फोकस कर रहे थे. लेकिन इन मतभेदों के बाद अब ओपेक+ में शामिल देश सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान ने एकमत से उत्पादन बढ़ाने का फैसला लिया है। </p>
<p>OPEC+ देशों (तेल उत्पादक) देशों की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, 'बाजार की स्थितियों पर नजर रखना और उनका आकलन करना जारी रखा जाएगा, इसके अलावा तेल बाजार की स्थिरता को बनाए रखने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत सतर्क दृष्टिकोण अपनाने को महत्व दिया जाएगा। </p>
<p><strong>क्या भारत में सस्ता होगा Petrol-Diesel? </strong><br>
अगर तेल उत्पादक देशों की सहमति के मुताबिक, अगले महीने से प्रतिदिन 1.88 लाख बैरल क्रूज प्रोडक्शन बढ़या जाता है, तो निश्चित तौर पर कच्चे तेल की कीमतों पर और दबाव बढ़ेगा और इनमें गिरावट देखने को मिल सकती है. Crude Price Fall से इसके आयात पर निर्भर भारत जैसे देशों राहत मिलेगी, क्योंकि OMCs की लागत कम होगी और इससे पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की उम्मीद भी बढ़ेगी।  </p>
<p>हालांकि, ये तुरंत सस्ता होगा कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि देश में Petrol-Diesel कितना और कब सस्ता होगा, ये कई कारकों पर निर्भर करेगा. भारत में फ्यूल प्राइस कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलाव के साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव, रिफाइनिंग कॉस्ट, ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट और राज्यों में लागू VAT पर भी निर्भर करते हैं. देखने वाली बात ये होगी कि प्रोडक्शन बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें कितने समय के लिए नीचे बनी रहती हैं। </p>
<p><strong>पेट्रोलियम मंत्री ने दिए थे ये संकेत </strong><br>
मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच सरकारी तेल कंपनियों को हो रहे भारी भरकम नुकसान के बीच भारत में करीब चार साल बाद अचानक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार चार बार में 7 रुपये प्रति लीटर के आसपास का इजाफा किया गया था. अब होर्मुज ओपन होने और कच्चा तेल सस्ता होने के बीच पेट्रोलियम मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने बीते हफ्ते कीमतों में कटौती के संबंध में तस्वीर साफ की थी। </p>
<p><strong>Hardeep Singh Puri ने</strong> कहा था कि निजी क्षेत्र की कंपनियों और OMCs के पास जो शेयर हैं, वे दो से ढाई महीने पहले खरीदे गए थे, जब कच्चे तेल की कीमतें अधिक थीं, अगर कीमतें मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी. इस बारे में अटकलें लगाना मेरे लिए उचित नहीं होगा। </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>WhatsApp Username विवाद: सरकार ने Meta को 9 जुलाई तक का समय दिया, कहा&#45; बढ़ सकते हैं ऑनलाइन फ्रॉड के मामले</title>
<link>https://atworldnews.in/9140</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology-MeitY) ने वॉट्सऐप (WhatsApp) के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर (Username Feature) पर जवाब देने के लिए मेटा (Meta) को तीन दिन की अतिरिक्त मोहलत दे दी है। भारत में कंपनी के प्लेटफॉर्म्स को लेकर बढ़ती नियामकीय जांच के बीच अब मेटा (Meta) को अपना … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 10:33:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>WhatsApp, Username, विवाद:, सरकार, ने, Meta, को, जुलाई, तक, का, समय, दिया, कहा-, बढ़, सकते, हैं, ऑनलाइन, फ्रॉड, के, मामले</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology-MeitY) ने वॉट्सऐप (WhatsApp) के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर (Username Feature) पर जवाब देने के लिए मेटा (Meta) को तीन दिन की अतिरिक्त मोहलत दे दी है। भारत में कंपनी के प्लेटफॉर्म्स को लेकर बढ़ती नियामकीय जांच के बीच अब मेटा (Meta) को अपना जवाब 9 जुलाई तक सौंपना होगा।</p>
<p>दरअसल, केंद्र सरकार ने मेटा (Meta) के स्वामित्व वाले वॉट्सऐप के अलावा टेलीग्राम (Telegram) और सिग्नल (Signal) को भी नोटिस जारी कर उनके यूजरनेम फीचर (Username Feature) और धोखाधड़ी रोकने के लिए अपनाए गए सुरक्षा उपायों की जानकारी मांगी थी।</p>
<p>सरकारी अधिकारी वॉट्सऐप के प्रस्तावित यूजरनेम सिस्टम में लागू किए जाने वाले प्रतिबंधों, वेरिफिकेशन (Verification) प्रक्रिया और यूजर्स के लिए उपलब्ध रिपोर्टिंग मैकेनिज्म (Reporting Mechanism) की भी समीक्षा कर रहे हैं।</p>
<p>इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की ओर से जारी नोटिस नए डिजिटल पहचान फीचर्स (Digital Identity Features) से जुड़े संभावित जोखिमों की व्यापक समीक्षा का हिस्सा हैं। सरकार विशेष रूप से इस बात का आकलन कर रही है कि कहीं ऐसे फीचर्स मौजूदा मोबाइल नंबर आधारित पहचान प्रणाली (Phone Number-based Authentication) को कमजोर तो नहीं करेंगे।</p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला? </strong><br>
दरअसल, पूरा बवाल वॉट्सऐप में यूजरनेम फीचर को लेकर है. मेटा का इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप पर यूजरनेम बेस्ट अकाउंट को रोलआउट किया जाना है. इसके लिए कंपनी ने यूजरनेम रिजर्व करने का ऑप्शन दिया. कंपनी ने बताया कि वह इस साल के अंत तक यूजरनेम फीचर को रोल आउट कर देगी। </p>
<p><strong>क्या है वॉट्सएप का यूजरनेम फीचर</strong><br>
मेटा के मालिकाना हक वाले प्लेटफॉर्म वॉट्सएप ने हाल ही में एक नए यूजरनेम फीचर की घोषणा की थी। इस फीचर की मदद से यूजर्स अपना फोन नंबर शेयर किए बिना भी दूसरों से बातचीत कर सकेंगे। यह यूजर्स के लिए एक ऑप्शनल यूनिक आइडेंटिफायर (पहचान) की तरह काम करेगा।</p>
<p>यह यूजरनेम हमेशा '@' सिंबल से शुरू होगा, जैसे- @Name123। इसका इस्तेमाल करके दूसरे लोग आपको मैसेज या कॉल कर सकेंगे और आपका फोन नंबर पूरी तरह से प्राइवेट रहेगा। यह यूजरनेम आपके प्रोफाइल पर दिखने वाले डिस्प्ले नेम से अलग होगा। डिस्प्ले नेम एक जैसा हो सकता है, लेकिन यूजरनेम हर अकाउंट के लिए बिल्कुल यूनिक होगा।</p>
<p><strong>एप में ऐसे काम करेगा यह नया सिस्टम </strong><br>
वॉट्सएप के लेटेस्ट वर्जन में यूजर्स 'सेटिंग्स' में जाकर, फिर 'अकाउंट' और उसके बाद 'यूजरनेम' पर क्लिक करके अपनी पसंद का यूजरनेम रिजर्व कर सकते हैं। जिन लोगों के पास आपका फोन नंबर सेव नहीं है, उन्हें ग्रुप चैट, डायरेक्ट मैसेज या कॉल के दौरान डिफॉल्ट रूप से आपका यूजरनेम ही दिखाई देगा।</p>
<p>मेटा के मुताबिक, अगर आपकी पसंद का यूजरनेम पहले से किसी ने ले रखा है, तो आपको दूसरा नाम चुनना होगा। इसके अलावा, कुछ खास यूजरनेम बिजनेस, सरकारों या पब्लिक फिगर्स के लिए सुरक्षित रखे गए हैं, जिन्हें कोई दूसरा व्यक्ति क्लेम नहीं कर सकता है।</p>
<p><strong>मेटा को सरकार ने भेजा है नोटिस </strong><br>
इस फीचर को लेकर सरकार ने बुधवार को मेटा को नोटिस भी भेजा था. साथ ही इसे रोलाउट करने के निर्देश दिए थे. इसके अलावा 3 दिन के भीतर  जवाब देने को कंपनी को कहा गया था. सरकार को आशंका है कि यूजरनेम बेस्ड फीचर को लेकर सरकार ने साइबर ठगी के खतरे की आशंका जाहिर की. यूजरनेम से लोग कन्फ्यूज हो सकते हैं. साथ ही फर्जी नाम का इस्तेमाल कर ठगी जैसी वारदात को <strong>अंजाम दे सकते हैं और लोगों को चुना लगा सकते हैं। </strong></p>
<p><strong>मुश्किल हो सकती है यूजर बेस्ड अकाउंट की पहचान</strong><br>
यूजरनेम बेस्ड अकाउंट की पहचान मुश्किल हो सकती है. साथ ही मिलते जुलते यूजरनेम का इस्तेमाल कर लोग साइबर ठगी कर नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसके अलावा फर्जी पहचान होने का खतरा रहेगा. साइबर ठग इस फीचर का फायदा उठा सकते हैं. इसमें असली नकली का भेद मिट जाएगा. ब्रांड और सेलिब्रिटी की नकल होने का खतरा भी बढ़ जाएगा. स्पैम मैसेज में बढ़ोतरी हो जाएगी. ईडी जैसी जांच एजेंसी के लिए एक चुनौती हो सकती है. सोशल इंजीनियरिंग अटैक का भी खतरा बढ़ेगा। </p>
<p><strong>सरकार को इस फीचर से क्या परेशानी है?</strong><br>
मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि वॉट्सएप का यह नया फीचर धोखाधड़ी, ऑनलाइन स्कैम और रूप बदलकर ठगी करने की घटनाओं को बढ़ावा दे सकता है। सरकार का मानना है कि फीचर इनेबल होने के बाद पहली बार संपर्क करने वाले व्यक्ति को यूजर का फोन नंबर नहीं दिखेगा, जिससे अपराधियों की पहचान करना मुश्किल हो जाएगा।</p>
<p>मंत्रालय ने 1 जुलाई को भेजे अपने नोटिस में साफ कहा है कि इस फीचर के आने से ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और इम्पर्सनेशन हमलों के मामले काफी बढ़ सकते हैं। इससे गलत इरादे रखने वाले अपराधियों को पीड़ितों को ढूंढने और उन्हें मैसेज भेजने में आसानी हो जाएगी।</p>
<p>इसके अलावा, इस फीचर से पहचान चुराना भी आसान हो जाएगा। अपराधी आम लोगों, सरकारी अधिकारियों, वित्तीय संस्थानों और सरकारी एजेंसियों से मिलते-जुलते यूजरनेम रखकर लोगों को आसानी से अपना शिकार बना सकते हैं।</p>
<p><strong>यूजरनेम vs डिस्प्ले नेम</strong><br>
डिस्प्ले नेम को बदला जा सकता है और वह कई लोगों का एक जैसा हो सकता है, लेकिन यूजरनेम हमेशा यूनिक (यूनिवर्सल) होगा।</p>
<p><strong>सुरक्षित यूजरनेम</strong><br>
सरकार, बिजनेस और वीआईपी लोगों के नाम वाले यूजरनेम को कोई भी आम यूजर बुक नहीं कर पाएगा, ताकि धोखाधड़ी रोकी जा सके।</p>
<p>इधर, मेटा की मैसेजिंग कंपनी व्हाट्सएप ने कहा है कि सेलिब्रिटी, और पब्लिस स्पेस में पॉपुलर लोगों के यूजरनेम को रिजर्व रखा जाएगा. यह एक ऑप्शनल सर्विस है। </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ICMR Report: कोरोना के बाद बदली लोगों की लाइफस्टाइल, नींद की गोलियों की बिक्री में बड़ा उछाल</title>
<link>https://atworldnews.in/9139</link>
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<description><![CDATA[ जबलपुर   भागदौड़ और तनावभरी जीवनशैली के बीच पर्याप्त नींद न लेना लोगों की सेहत के लिए गम्भीर चुनौती बनता जा रहा है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन छह घंटे से भी कम नींद ले रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार कम नींद न … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 10:32:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ICMR, Report:, कोरोना, के, बाद, बदली, लोगों, की, लाइफस्टाइल, नींद, की, गोलियों, की, बिक्री, में, बड़ा, उछाल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जबलपुर </strong></p>
<p> भागदौड़ और तनावभरी जीवनशैली के बीच पर्याप्त नींद न लेना लोगों की सेहत के लिए गम्भीर चुनौती बनता जा रहा है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन छह घंटे से भी कम नींद ले रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार कम नींद न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि कार्यक्षमता और अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक असर डालती है।</p>
<p>एमपी के जबलपुर शहर में भी अनिद्रा की स्थिति गम्भीर होती जा रही है। ड्रग इंस्पेक्टर डॉ. डीके जैन के अनुसार कोरोना काल के बाद से नींद से सम्बंधित विभिन्न दवाइयों की मांग और बिक्री में भारी उछाल आया है। स्थानीय थोक दवा व्यापारियों के मुताबिक शहर में हर माह सवा करोड़ से दो करोड़ रुपए की नींद सम्बंधी दवाएं बिक रही हैं।</p>
<p><strong>शरीर की जैविक जरूरत</strong><br>
मनोचिकित्सक डॉ. ओपी रायचंदानी के अनुसार नींद शरीर का एक बायोलॉजिकल फंक्शन है, जो सभी अंगों को री-स्टोर करती है। इसे आलस्य समझना गलत है। उनके अनुसार शहर में दस में से छह लोग कम नींद के कारण किसी न किसी स्वास्थ्य समस्या से प्रभावित हैं।</p>
<p><strong>सेहत पर असर</strong><br>
नेशनल स्लीप फाउंडेशन के अनुसार, एक वयस्क के लिए रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद अनिवार्य है। रिसर्च के अनुसार खराब स्लीप -क्वालिटी के कारण देश को सालाना लगभग 29 हजार करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जब कोई कर्मचारी अधूरी नींद के साथ काम करता है, तो उसकी कार्यक्षमता (प्रोडक्टिविटी) घट जाती है और गलतियों की आशंका बढ़ जाती है।</p>
<p><strong>अनिद्रा के कारण</strong><br>
विशेषज्ञों के अनुसार बदलती जीवनशैली और डिजिटल आदतें अनिद्रा की प्रमुख वजह बन रही हैं। इनमें प्रमुख हैं-</p>
<p><strong>डिजिटल स्क्रीन की लत: </strong>सोने से पहले लम्बे समय तक मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल स्क्रीन का उपयोग।</p>
<p><strong>बिंज वाचिंग : </strong>लोग सोशल मीडिया और देर रात तक फिल्में या वेब सीरीज देखने के आदी हैं।</p>
<p><strong>सामाजिक और आर्थिक कारक: </strong>शहरी शोर-शराबा, भीषण गर्मी और महिलाओं पर दोहरी जिम्मेदारियों का मानसिक दबाव।</p>
<p><strong>नींद लाने के लिए करें ये काम</strong><br>
-समय पर नींद लाने के लिए रात का खाना सोने से 3-4 घंटे पहले खा लें।<br>
-भारी, मसालेदार या तला हुआ खाना सोने में दिक्कत पैदा कर सकता<br>
-रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में शहद या खसखस मिलाकर पीने से मस्तिष्क शांत होता है और अच्छी नींद आती है।<br>
-शाम 4 बजे के बाद चाय, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक्स जैसे कैफीन वाले पदार्थों का सेवन न करें।<br>
-सोने वाले कमरे को शांत, अंधेरा और आरामदायक रखें।<br>
-बिस्तर पर केवल सोने के उद्देश्य से जाएं। वहां बैठकर टीवी देखने या ऑफिस का काम करने से बचें।</p>]]> </content:encoded>
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<title>INS Mahendragiri: भारतीय नौसेना को मिला नया महाबली, दुश्मन के रडार को देगा चकमा</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई  भारतीय नौसेना 11 जुलाई 2026 को अपनी समुद्री ताकत में एक और बड़ा इजाफा करने जा रही है. इस दिन विशाखापट्टनम में स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि को औपचारिक रूप से नौसेना के बेड़े में शामिल किया जाएगा. इसके साथ ही जुलाई के दौरान पनडुब्बी रोधी युद्ध (एंटी-सबमरीन वॉरफेयर) वॉरशिप आईएनएस मालवन का भी … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 10:03:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>INS, Mahendragiri:, भारतीय, नौसेना, को, मिला, नया, महाबली, दुश्मन, के, रडार, को, देगा, चकमा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong></p>
<p>भारतीय नौसेना 11 जुलाई 2026 को अपनी समुद्री ताकत में एक और बड़ा इजाफा करने जा रही है. इस दिन विशाखापट्टनम में स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि को औपचारिक रूप से नौसेना के बेड़े में शामिल किया जाएगा. इसके साथ ही जुलाई के दौरान पनडुब्बी रोधी युद्ध (एंटी-सबमरीन वॉरफेयर) वॉरशिप आईएनएस मालवन का भी कमीशनिंग कार्यक्रम प्रस्तावित है. इन दोनों युद्धपोतों के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र और व्यापक इंडो-पैसिफिक में भारत की समुद्री सुरक्षा क्षमता को नई मजबूती मिलेगी. स्‍टील्‍थ होने की वजह से INS महेंद्रगिरि रडार को धता बताते हुए मिशन को अंजाम देने में सक्षम है। </p>
<p>INS महेंद्रगिरि प्रोजेक्ट 17A के तहत निर्मित छठी स्टील्थ फ्रिगेट है. इस प्रोजेक्‍ट के युद्धपोतों को भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया है, जबकि इसका निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने किया है. यह युद्धपोत अत्याधुनिक स्टील्थ तकनीक से लैस है, जिससे दुश्मन के रडार पर इसकी पहचान करना बेहद कठिन हो जाता है. करीब 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी तकनीक और उपकरणों से निर्मित महेंद्रगिरि भारत के डिफेंस मैन्‍यूफैक्चरिंग की बढ़ती क्षमता का भी प्रतीक है. इसमें आधुनिक मिसाइल सिस्‍टम, पनडुब्बी रोधी हथियार, एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और अत्याधुनिक सेंसर लगाए गए हैं. यह वॉर ऑपरेशन के अलावा समुद्री निगरानी, मैरीटाइम सिक्‍योरिटी, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR), खोज एवं बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू) तथा अन्य बहुआयामी अभियानों को प्रभावी ढंग से अंजाम देने में सक्षम होगी। </p>
<p>भारतीय नौसेना के अनुसार, महेंद्रगिरि का शामिल होना देश की समुद्री युद्ध क्षमता को और मजबूत करेगा. साथ ही यह आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी युद्धपोत निर्माण कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी माना जा रहा है. इससे रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता भी मजबूत होगी. इससे पहले 21 जून 2026 को भारतीय नौसेना ने तीन स्वदेशी युद्धपोतों (आईएनएस दुनागिरि, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय) को भी बेड़े में शामिल किया था. लगातार नए स्वदेशी युद्धपोतों के शामिल होने से स्पष्ट है कि भारतीय नौसेना अपने आधुनिकीकरण कार्यक्रम को तेज गति से आगे बढ़ा रही है। </p>
<p>डिफेंस एक्‍सपर्ट का मानना है कि महेंद्रगिरि और मालवन जैसे अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म भारतीय नौसेना को भविष्य की समुद्री चुनौतियों से निपटने में अधिक सक्षम बनाएंगे. साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और समुद्री हितों की सुरक्षा को भी नई मजबूती मिलेगी. बता दें कि इंडिन नेवी ने पिछले कुछ महीनों में अपने बेड़े में कई वॉरशिप को शामिल कर चुकी है. हिन्‍द महासागर में चीन की बढ़ती गतिविधियों पर नकेल कसने के लिहाज से इस कदम को अहम माना जा रहा है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>इंदौर के ग्रीन बॉन्ड मॉडल पर चलेगा रायपुर, ₹100 करोड़ जुटाने की तैयारी शुरू</title>
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<description><![CDATA[  इंदौर  देश में ग्रीन बांड के जरिए शहरी विकास के लिए पूंजी जुटाने का सफल माडल पेश करने वाले इंदौर नगर निगम के नक्शे कदम पर अब रायपुर नगर निगम भी चल पड़ा है। इंदौर की कार्यप्रणाली और अनुभव के आधार पर रायपुर नगर निगम करीब 100 करोड़ रुपये का बांड जारी करने जा रहा … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 10:02:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>इंदौर, के, ग्रीन, बॉन्ड, मॉडल, पर, चलेगा, रायपुर, ₹100, करोड़, जुटाने, की, तैयारी, शुरू</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> इंदौर</strong><br>
 देश में ग्रीन बांड के जरिए शहरी विकास के लिए पूंजी जुटाने का सफल माडल पेश करने वाले इंदौर नगर निगम के नक्शे कदम पर अब रायपुर नगर निगम भी चल पड़ा है। इंदौर की कार्यप्रणाली और अनुभव के आधार पर रायपुर नगर निगम करीब 100 करोड़ रुपये का बांड जारी करने जा रहा है।</p>
<p>बांड जारी करने की पूरी प्रक्रिया में इंदौर नगर निगम के अधिकारियों ने महत्वपूर्ण तकनीकी और प्रशासनिक मार्गदर्शन दिया है। यह बांड जुलाई के अंतिम सप्ताह से अगस्त के पहले सप्ताह के बीच जारी हो जाएगा।</p>
<p>उम्मीद जताई जा रही है कि इंदौर के ग्रीन बांड की तर्ज पर रायपुर के बांड को भी निवेशकों का अच्छा प्रतिसाद मिलेगा। ग्रीन बांड से मिलने वाली राशि का उपयोग रायपुर नगर निगम शहर में इलेक्ट्रानिक मार्केट और कमर्शियल कांप्लेक्स विकसित किए जाएंगे।</p>
<p><strong>एए रेटिंग मिली है रायपुर के बांड को</strong><br>
रायपुर नगर निगम द्वारा शहर के विकास के लिए जारी किए जाने वाले बांड को एए रेटिंग मिली है, जबकि इंदौर नगर निगम द्वारा जारी बांड को एए प्लस रेटिंग मिली थी। आर्थिक मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि एए रेटिंग को सामान्यत: अच्छा माना जाता है। रायपुर नगर निगम ने बांड से जुटाई जाने वाली राशि से किए जाने वाले विकास कार्यों के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।</p>
<p><strong>शहर के विकास में हिस्सेदारी निभा रहे नागरिक</strong><br>
बांड के माध्यम से शहर के विकास के लिए राशि जुटाने के इंदौर नगर निगम के माडल ने नगरीय निकायों के लिए वैकल्पिक वित्तीय संसाधन विकसित करने का नया रास्ता खोल दिया है। विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ और नगरीय निकाय भी हैं, जो इसी तर्ज पर बांड लाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके माध्यम से आम नागरिक अपने शहर के विकास में हिस्सेदारी निभा रहे हैं।</p>
<p><strong>यह है इंदौर का बांड मॉडल</strong></p>
<p><strong>    जलूद में 60 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए इंदौर नगर निगम ने 10 फरवरी 2023 को ग्रीन बांड जारी किया था।</strong></p>
<p><strong>    सिर्फ तीन दिन में ही यह छह गुना अधिक सब्सक्राइब हो गया था।</strong></p>
<p><strong>    ग्रीन बांड के माध्यम से नगर निगम ने 244 करोड़ रुपये जुटाए थे।</strong></p>
<p><strong>    इस राशि से स्थापित किए गए सोलर प्लांट से निगम को प्रतिमाह करीब पांच करोड़ रुपये की बचत हो रही है।</strong></p>
<p><strong>    इंदौर नगर निगम ग्रीन बांड होल्डर्स को 8.25 प्रतिशत ब्याज दे रहा है</strong></p>
<p><strong>    ग्रीन बांड के लगभग 18 हजार बांड होल्डर हैं।</strong></p>
<p><strong>कई निकाय भी ले रहे हैं सलाह</strong><br>
    इंदौर एक दौर है। सिर्फ रायपुर ही नहीं, कई अन्य नगरीय निकाय भी इंदौर के बांड माडल को अपनाने जा रहे हैं। ये निकाय भी विकास कार्यों के लिए जनता से राशि जुटाना चाहते हैं। इंदौर ग्रीन बांड के बाद अब जल्द ही ब्लू बांड भी जारी हो जाएगा। -पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर</p>
<p><strong>सितंबर के अंत तक जारी हो जाएगा ब्लू बांड</strong><br>
नर्मदा के चौथे चरण के लिए एक हजार करोड़ रुपये जुटाने के उद्देश्य से इंदौर नगर निगम द्वारा लाया जाने वाला ब्लू बांड सितंबर के अंत तक जारी हो जाएगा। सीए संतोष मुछाल ने बताया कि निगम ने इसके लिए तैयारी पूरी कर ली है। दस्तावेज भी तैयार कर लिए गए हैं। लगभग सभी अनुमतियां मिल गई हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>MP Traffic: Google Maps के डेटा से बदलेगा ट्रैफिक सिस्टम, 6 शहरों में बनेंगे एलिवेटेड कॉरिडोर</title>
<link>https://atworldnews.in/9136</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  प्रदेश के बड़े शहरों के भीतर ट्रैफिक के दवाब को कम करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने डी-कंजेशन पॉलिसी पर काम करना शुरू कर दिया है। शहर के सबसे ज्यादा ट्रैफिक दबाव वाले लोकेशन पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। शुरुआत में 6 शहरों का चयन कर काम शुरू किया गया है। … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 10:02:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Traffic:, Google, Maps, के, डेटा, से, बदलेगा, ट्रैफिक, सिस्टम, शहरों, में, बनेंगे, एलिवेटेड, कॉरिडोर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p> प्रदेश के बड़े शहरों के भीतर ट्रैफिक के दवाब को कम करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने डी-कंजेशन पॉलिसी पर काम करना शुरू कर दिया है। शहर के सबसे ज्यादा ट्रैफिक दबाव वाले लोकेशन पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। शुरुआत में 6 शहरों का चयन कर काम शुरू किया गया है। इसमें जबलपुर में एक कॉरिडोर तैयार किया भी जा चुका है। इसके अलावा शहर में ही एक और नया कॉरिडोर बनाने की तैयारी की जा रही है। वहीं, राजधानी भोपाल में भी 75 फीसदी काम पूरा हो चुका है। ऐसे 6 शहरों में डी-कंजेशन पॉलिसी के तहत एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने हैं।</p>
<p><strong>इन एलिवेटेड कॉरिडोर से बड़े शहरों का ट्रैफिक दबाव होगा कम<br>
-भोपाल </strong>: शहर के बैरागढ़ इलाके में स्थित लाउखेड़ी से निगम विसर्जन घाट तक 3.7 किमी का 306 करोड़ से कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है, जिसका 80 फीसदी काम पूरा किया जा चुका है।</p>
<p><strong>-इंदौर :</strong> शहर के एलआइजी से नवलखा चौराहे तक 7.44 किमी का 306 करोड़ से एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार करने का काम शुरू किया जा चुका है।</p>
<p><strong>-उज्जैन : </strong>शहर के हरिफाटक फ्लाइओवर और चिमनगंज मंडी चौराहे से इंदौर गेट तक दाने वाले 5.32 कि.मी का 945 करोड़ की लागत से कॉरिडोर बनाने का काम शुरू किया जा चुका है।</p>
<p><strong>-जबलपुर</strong> : शहर में 7 कि.मी का एक कॉरिडोर 1019 करोड़ से बनकर तैयार किया जा चुका है। जबकि, दूसरा बनाने की तैयारी विभाग द्वारा शुरू कर दी गई है।</p>
<p><strong>-ग्वालियर:</strong> आईआईआईटीएम महारानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा, स्वर्ण रेखा नदी, गिरबाई एबी रोड पर 13.3 किमी का 1065 करोड़ से फोरलेन कॉरिडोर का निर्माण काम 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है।</p>
<p><strong>-रीवा : </strong>शहर में एलिवेटेड कॉरिडोर की डीपीआर बनाई जा रही है, जल्द काम शुरु किया जाएगा।</p>
<p><strong>डिजाइन तैयार करने से पहले इन पर विश्लेषण</strong></p>
<p><strong>-प्रतिदिन गुजरने वाले वाहनों की संख्या<br>
-पीक आवर में जाम की स्थिति<br>
-सड़क की क्षमता दुर्घटनाओं का रिकॉर्ड<br>
-भविष्य के यातायाता का अनुमान</strong></p>
<p><strong>गूगल से डेटा परीक्षण कर बनेगी डिजाइन</strong><br>
एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने से पहले वैज्ञानिक आधारों पर परीक्षण किया जाता है। खास बात यह है कि गूगल से पहले हर घंटे का डेटा एकत्रित किया जाता है। इसके बाद इस बात का विश्लेषण करते हैं कि, सबसे पीक ऑवर में यहां ट्रैफिक की क्या स्थिति रहती है। उसके आधार पर कॉरिडोर का लेआउट-डिजाइन तैयार करते हैं। इसका डिजाइन ऑस्ट्रेलिया की न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय से तैयार करवाया जा रहा है। साथ ही रोड सेफ्टी का भी ध्यान रखा जा रहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>E20 पेट्रोल पर बड़ा खुलासा! 53% कार मालिकों ने बताया फेल, 66% ने कहा&#45; माइलेज हुआ कम</title>
<link>https://atworldnews.in/9135</link>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली कहते हैं बदलाव की कीमत चुकानी पड़ती है. लेकिन जब कीमत हर बार आम आदमी की जेब से ही निकले, तो सवाल उठना तय है. सरकार E20 पेट्रोल के फायदे गिना रही है, उधर पुराने पेट्रोल वाहन चलाने वाले लोग घटते माइलेज और बढ़ते रिपेयर बिल का हिसाब लगा रहे हैं. अब एक … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 09:33:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>E20, पेट्रोल, पर, बड़ा, खुलासा, 53, कार, मालिकों, ने, बताया, फेल, 66, ने, कहा-, माइलेज, हुआ, कम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>कहते हैं बदलाव की कीमत चुकानी पड़ती है. लेकिन जब कीमत हर बार आम आदमी की जेब से ही निकले, तो सवाल उठना तय है. सरकार E20 पेट्रोल के फायदे गिना रही है, उधर पुराने पेट्रोल वाहन चलाने वाले लोग घटते माइलेज और बढ़ते रिपेयर बिल का हिसाब लगा रहे हैं. अब एक बड़े सर्वे ने इस बहस को और हवा दे दी है. सर्वे में 53 प्रतिशत लोगों ने E20 लागू करने के तरीके पर नाराजगी जताई, 66 प्रतिशत ने माइलेज गिरने की शिकायत की और 45 प्रतिशत ने कहा कि गाड़ी का मेंटेनेंस पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। </p>
<p>लोकल सर्किल्स (LocalCircles) के सर्वे में देश के 316 जिलों के 22,567 पेट्रोल वाहन मालिकों ने हिस्सा लिया. सर्वे के अनुसार 53 प्रतिशत लोगों ने सड़क परिवहन मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय की E20 पेट्रोल लागू करने की प्रक्रिया को या तो "बेहद खराब" या "असरहीन" बताया. इनमें 42 प्रतिशत लोगों ने इसे "बेहद खराब" करार दिया, जबकि सिर्फ 13 प्रतिशत लोगों ने इस पहल को थोड़ी अच्छी रेटिंग दी। </p>
<p><strong>10% घटा माइलेज</strong><br>
सर्वे में सबसे बड़ी चिंता 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों को लेकर सामने आई. ऐसे वाहन मालिकों में 66 प्रतिशत लोगों का कहना है कि E20 पेट्रोल आने के बाद उनकी गाड़ी का माइलेज 10 प्रतिशत से ज्यादा कम हो गया है. वहीं 45 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उनकी गाड़ियों के कंपोनेंट में समस्या बढ़ी है और मरम्मत पर पहले के मुकाबले ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। </p>
<p>इस सर्वे में यह भी सामने आया है कि, लोग इथेनॉल ब्लेंडिंग का पूरी तरह विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्हें अपनी जरूरत के हिसाब से विकल्प चाहिए. 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के करीब 31 प्रतिशत मालिकों ने कहा कि अगर E0 या E10 पेट्रोल उपलब्ध कराया जाए तो वे E20 से महंगा होने पर भी उसे खरीदना पसंद करेंगे. इससे साफ है कि पुराने वाहन मालिक कम इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल के लिए <strong>रेडी हैं, भले ही इसके लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़े। </strong></p>
<p><strong>सरकार E20 के फायदे गिना रही है</strong><br>
दूसरी ओर केंद्र सरकार लगातार इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम का बचाव कर रही है. सरकार का कहना है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता कम होगी, प्रदूषण घटेगा, एनर्जी सिक्योरिटी मजबूत होगी और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. बीते दिनों सरकार ने दिग्गज वाहन निर्माताओं के अधिकारियों का एक पूरा पैनल बठाया था. जिसमें सभी कंपनियों ने एक सुर में इथेनॉल के फायदे गिनाए थे। </p>
<p>सर्वे में कहा गया है कि भारत की सड़कों पर अभी भी बड़ी संख्या में ऐसी पेट्रोल गाड़ियां चल रही हैं जिन्हें कम इथेनॉल वाले फ्यूल को ध्यान में रखकर बनाया गया था. अप्रैल 2023 से पहले बनी ज्यादातर गाड़ियां E10 पेट्रोल के लिए डिजाइन की गई थीं, जबकि अप्रैल 2025 के बाद बनने वाले नए मॉडल पूरी तरह E20 कम्पलायंट माने जाते हैं. ऐसे में पुराने वाहन मालिकों को माइलेज और मेंटेनेंस से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।<strong> </strong></p>
<p><strong>अपग्रेड करना भी आसान नहीं</strong><br>
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर पुरानी गाड़ियों को E20 कम्पलायंट बनाना हो, तो फ्यूल सिस्टम के ऐसे कई पार्ट बदलने पड़ सकते हैं जो ज्यादा इथेनॉल को लंबे समय तक सहन नहीं कर पाते. इससे वाहन मालिकों का खर्च और बढ़ सकता है. हाल ही में इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के डायरेक्टर जनरल दीपक बलानी ने आजतक से ख़ास बातचीत में बताया कि, एक ख़ास तरह की फ्लेक्स-फ्यूल कन्वर्जन किट की टेस्टिंग की गई है. जिसके नतीजे काफी हद तक पुरानी बीएस4 और बीएस6 कारों के लिए सकारात्मक रहे हैं। </p>
<p>दीपक बलानी ने ये भी बताया कि, इस कन्वर्जन किट की टेस्टिंग रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है. हालांकि इसे इंपोर्ट कर के लाया गया था तो इसकी कीमत 50,000 रुपये है. लेकिन अगर इसे स्थानीय स्तर पर डेवलप किया जाता है तो इसकी कीमत तकरीबन 20,000 रुपये तक हो सकती है. ISMA ने इस किट को मारुति डिजायर कार में टेस्ट किया था। </p>
<p><strong>कैसे किया गया सर्वे</strong><br>
लोकलसर्किल्स का यह सर्वे देश के 316 जिलों के 22,567 पेट्रोल वाहन मालिकों के बीच किया गया. इसमें 69 प्रतिशत पुरुष और 31 प्रतिशत महिलाओं ने हिस्सा लिया. करीब 46 प्रतिशत लोग टियर-1 जिलों से, 32 प्रतिशत टियर-2 जिलों से और बाकी 22 प्रतिशत टियर-3, टियर-4, टियर-5 और ग्रामीण इलाकों से थे. लोकल सर्किल्स के अनुसार सर्वे में शामिल सभी लोग उसके प्लेटफॉर्म के रजिस्टर्ड और सर्टिफाइड यूजर थे। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>हिमाचल के सेब पर बड़ा संकट! 40% उत्पादन घटने की आशंका, ₹5000 करोड़ का कारोबार खतरे में</title>
<link>https://atworldnews.in/9134</link>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली एक कहावत है कि &#039;रोज एक सेब खाएं और डॉक्टर को दूर भगाएं&#039;, लेकिन अब लग रहा है कि डॉक्टर को भगाने के लिए सेब ही नहीं बचेंगे. ये हम नहीं कह रहे, बल्कि रिपोर्ट्स में अधिकारियों के हवाले से ये डराने वाले अनुमान जाहिर किए जा रहे हैं. सेब के उत्पादन के … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 09:33:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>हिमाचल, के, सेब, पर, बड़ा, संकट, 40, उत्पादन, घटने, की, आशंका, ₹5000, करोड़, का, कारोबार, खतरे, में</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong><br>
एक कहावत है कि 'रोज एक सेब खाएं और डॉक्टर को दूर भगाएं', लेकिन अब लग रहा है कि डॉक्टर को भगाने के लिए सेब ही नहीं बचेंगे. ये हम नहीं कह रहे, बल्कि रिपोर्ट्स में अधिकारियों के हवाले से ये डराने वाले अनुमान जाहिर किए जा रहे हैं. सेब के उत्पादन के लिए सबसे बड़ा खलनायक बन रहा है मौसम का मिजाज, जिसके चलते हिमाचल प्रदेश में इस साल सेब उत्पादन में 40 फीसदी की बड़ी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। </p>
<p><strong>Apple इकोनॉमी खतरे में है</strong><br>
बिजनेस टुडे पर छपी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश की 5,000 करोड़ रुपये की सेब अर्थव्यवस्था (Apple Economy) इस समय अभूतपूर्व जलवायु संकट का सामना कर रही है. मौसम की अनियमितता के चलते इस साल सेब उत्पादन में लगभग 40% की गिरावट आने की आशंका है और ये सेब की फसल पर निर्भर जिससे इस फसल पर निर्भर करीब  25 लाख किसान परिवारों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है। </p>
<p><strong>अधिकारियों को सता रही चिंता</strong><br>
हिमाचल प्रदेश राज्य के बागवानी अधिकारियों ने अनुमान जाहिक करते हुए कहा कि राज्य में सेब का उत्पादन 2025 में 6.99 लाख मीट्रिक टन से घटकर 2026 में लगभग 4.36 लाख मीट्रिक टन (लगभग 2.15 करोड़ बक्से) रह जाएगा, यानी 2.63 लाख मीट्रिक टन की गिरावट आएगी. इसके साथ ही इसी अनुपात में सेब अर्थव्यवस्था में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। </p>
<p>सेब उत्पादन में इस बड़ी गिरावट को लेकर अधिकारियों ने कारण बताते हुए कहा कि सर्दियों में अपर्याप्त हिमपात, बेमौसम  बारिश, लगातार ओलावृष्टि और तापमान में अनियमित उतार-चढ़ाव से ये हालात पैदा हुए हैं. बागवानों की मानें, तो मौसम ने उत्पादन लागत बढ़ाने और पैदावार घटाने की चुनौतियां पैदा कर दी हैं. दूसरी ओर कीटनाशक दवाओं और मशीनरी समेत अन्य एग्रीकल्चर उपकरणों की कीमतों में बढ़ोतरी ने उनका बोझ बढ़ा दिया है। </p>
<p><strong>किसानों ने सरकार से लगाई गुहार</strong><br>
राज्य के भारी भरकम 5000 करोड़ रुपये के करीब के सेब कारोबार पर संकट बढ़ता देख, किसानों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है. उन्होंने फसल बीमा योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने का आग्रह किया है, ताकि नुकसान की भरपाई में मदद मिल सके। </p>
<p>मौसम का बदलता मिजाज न सिर्फ राज्य की इकोनॉमी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ी मुसीबत माना जा रहा है, इसका प्रभाव सिर्फ सेब तक ही सीमित नहीं है. तमाम एक्सपर्ट शेयर बाजार पर भी मौसम के प्रभाव का अनुमान जता रहे हैं। </p>
<p><strong>मौसम बनता जा रहा खलनायक?</strong><br>
बीते कुछ महीनों में कच्चे तेल की कीमतों ने महंगाई का जोखिम बढ़ाया था, लेकिन अब अमेरिका-ईरान में बात बनते ही तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिली है. बीते दिनों आई एक रिपोर्ट में तेल सस्ता होने के बाद अब एक्सपर्ट भी मानते नजर आए थे कि मौसम इकोनॉमी के लिए खलनायक बनता जा रहा है। </p>
<p>इंफोमेरिक्स रेटिंग्स के चीफ इकोनॉमिस्ट डॉ. मनोरंजन शर्मा ने कहा था कि आज देश में महंगाई का सबसे बड़ा जोखिम तेल नहीं, बल्कि मानसून है. कमजोर मानसून अब भारत के लिए कच्चे तेल की तुलना में महंगाई का बड़ा खतरा पैदा कर रहा है, क्योंकि देश में महंगाई की कैलकुलेशन में Fuel Price से कहीं ज्यादा खाद्य पदार्थों का रोल रहता है और भारत की करीब आधी एग्रीकल्चर लैंड बारिश पर निर्भर है, इसमें अनियमितता से अनाज, दालों, सब्जियों, फलों और तिलहन के प्रोडक्शन में कमी आ सकती है, जिससे महंगाई दर में तेज इजाफा हो सकता है और घरेलू बजट गड़बड़ा सकता है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>Modi Cabinet Reshuffle: कैबिनेट विस्तार में नौकरशाहों की एंट्री की चर्चा, मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तावित कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं जोरों पर हैं। इस विस्तार में अनुभवी सेवानिवृत्त नौकरशाहों को अहम जिम्मेदारियां मिलने की अटकलें है। सूत्रों का कहना है कि ‘परफॉर्मेंस’ और ‘लॉयल्टी’ के फॉर्मूले पर खरे उतरने वाले अफसरों को पीएम मोदी जल्दी रिटायर नहीं होने देते। ऐसे में कुछ … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 09:33:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Modi, Cabinet, Reshuffle:, कैबिनेट, विस्तार, में, नौकरशाहों, की, एंट्री, की, चर्चा, मिल, सकती, है, बड़ी, जिम्मेदारी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तावित कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं जोरों पर हैं। इस विस्तार में अनुभवी सेवानिवृत्त नौकरशाहों को अहम जिम्मेदारियां मिलने की अटकलें है। सूत्रों का कहना है कि ‘परफॉर्मेंस’ और ‘लॉयल्टी’ के फॉर्मूले पर खरे उतरने वाले अफसरों को पीएम मोदी जल्दी रिटायर नहीं होने देते। ऐसे में कुछ बड़े अधिकारियों के नाम मंत्रिमंडल फेरबदल में शामिल हो सकते हैं।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा में शक्तिकांत दास और तपन डेका जैसे आला अधिकारियों के नाम हैं। इनके अलावा भी कुछ अधिकारी महत्वपूर्ण स्थानों पर नजर आ सकते हैं। पूर्ववर्ती सरकारों में भी कभी-कभी ऐसे प्रयोग हुए, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में यह व्यवस्थागत रूप ले चुकी है। सेवानिवृत्त अधिकारियों को सेवा विस्तार मिलना सामान्य हो गया है और वे विभिन्न मंत्रालयों तथा सरकार संचालन में अहम भूमिका निभा रहे हैं। यह मॉडल न केवल प्रशासनिक निरंतरता सुनिश्चित करता है, बल्कि बड़े सुधारों को गति देने और संकट प्रबंधन में भी सहायक सिद्ध हो रहा है।</p>
<p>सरकारों को यह होता है लाभ: दशकों का प्रशासनिक अनुभव, जटिल नीतियों की गहरी समझ, संस्थागत स्मृति का संरक्षण, बड़े सुधारों में निरंतरता, संकट के समय अनुभवी नेतृत्व की उपलब्धता और प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन रिटायर लोगों को जिम्मेदारी देने की बड़ी वजह बताई जाती है। मोदी सरकार का जोर अनुभव, निष्ठा और परिणाम पर रहा है। फाइल क्लियरेंस, प्रोजेक्ट डिलीवरी, खर्च प्रबंधन की दक्षता और शिकायत निवारण जैसे पैमानों पर अधिकारियों को स्कोर कार्ड दिए जा रहे हैं। हालांकि, इस मॉडल की आलोचना भी होती है। आलोचकों का कहना है कि अत्यधिक सेवा विस्तार से नए अधिकारियों के पदोन्नति के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।</p>
<p><strong>भारत ही नहीं कई देशों में भी यह प्रयोग</strong><br>
यह प्रवृत्ति केवल भारत तक सीमित नहीं है। सिंगापुर में स्थायी सचिव सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी कंपनियों और नीति आयोगों का नेतृत्व करते हैं। अमेरिका में जेम्स मैटिस और लॉयड ऑस्टिन (सेवानिवृत्त जनरल) रक्षा मंत्री बने। जेनेट येलेन (पूर्व फेड चेयर) वित्त मंत्री बनीं। जेरोम पॉवेल केंद्रीय बैंक का नेतृत्व कर रहे हैं। पूर्व अधिकारी नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल, थिंक टैंक और विशेष दूत के रूप में कार्य करते हैं। ब्रिटेन में सेवानिवृत्त वरिष्ठ सिविल सेवकों को हाउस ऑफ लॉर्ड्स, सार्वजनिक आयोगों और नियामक संस्थाओं में नियुक्त करना सामान्य है। मार्क सेडविल सेवानिवृत्ति के बाद विभिन्न संस्थानों में रणनीतिक भूमिकाएं निभा चुके हैं। फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों स्वयं उच्च सिविल सेवा से आए। जापान में अमकुदरी (स्वर्ग से अवतरण) परंपरा के तहत वरिष्ठ नौकरशाह सेवानिवृत्ति के बाद निजी कंपनियों में नेतृत्व करते हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>दतिया उपचुनाव 2026: 13 जुलाई से नामांकन शुरू, क्या फिर आमने&#45;सामने होंगे नरोत्तम मिश्रा और राजेंद्र भारती के परिवार?</title>
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<description><![CDATA[ दतिया  दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो गई है, लेकिन राजनीतिक दलों की गतिविधियां पहले से ही तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने बैठक कर संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा की है। भाजपा की भोपाल स्थित 74 बंगला में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 09:32:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दतिया, उपचुनाव, 2026:, जुलाई, से, नामांकन, शुरू, क्या, फिर, आमने-सामने, होंगे, नरोत्तम, मिश्रा, और, राजेंद्र, भारती, के, परिवार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>दतिया</strong><br>
 दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो गई है, लेकिन राजनीतिक दलों की गतिविधियां पहले से ही तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने बैठक कर संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा की है।</p>
<p>भाजपा की भोपाल स्थित 74 बंगला में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा कर पैनल तैयार किया गया, जिसे उसी दिन केंद्रीय नेतृत्व के पास दिल्ली भेज दिया गया।</p>
<p><strong>13 जुलाई तक नामांकन, 30 जुलाई को मतदान</strong><br>
निर्वाचन आयोग ने दतिया उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। 13 जुलाई तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 16 जुलाई तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 30 जुलाई को होगा और मतगणना 4 अगस्त को की जाएगी।</p>
<p><strong>भाजपा ने शुरू की चुनावी रणनीति</strong><br>
भाजपा नेतृत्व ने चुनाव जीतने के लिए वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं की टीम दतिया में उतारने की रणनीति बनाई है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि संगठन बूथ से लेकर जिला स्तर तक लगातार सक्रिय है और उपचुनाव पूरी ताकत के साथ लड़ा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उम्मीदवार का अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व करेगा।</p>
<p><strong>नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी सबसे मजबूत</strong><br>
सूत्रों के अनुसार भाजपा में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा सबसे प्रमुख दावेदार हैं। वे पिछले कुछ समय से लगातार दतिया के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सक्रिय हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर चुनावी माहौल तैयार कर रहे हैं। पार्टी के भीतर भी उन्हें सबसे मजबूत विकल्प माना जा रहा है।</p>
<p><strong>कांग्रेस में टिकट को लेकर कई दावेदार</strong><br>
    कांग्रेस ने पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह और सिद्धार्थ कुशवाहा की समिति गठित की है, जो राजनीतिक हालात का आकलन कर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को रिपोर्ट सौंपेगी। टिकट की दौड़ में पूर्व विधायक घनश्याम सिंह, अवधेश नायक और अन्य नेता सक्रिय हैं।</p>
<p>    सूत्रों के अनुसार आर्थिक अनियमितता के मामले में तीन वर्ष की सजा मिलने के बाद पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो चुकी है। ऐसे में वे स्वयं चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। माना जा रहा है कि वह अपने बेटे अंकित भारती को टिकट दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी सिलसिले में वह पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी मुलाकात करा चुके हैं।</p>
<p><strong>आसपा ने घोषित किया प्रत्याशी</strong><br>
दतिया उपचुनाव में आजाद समाज पार्टी ने सबसे पहले अपने उम्मीदवार के रूप में दामोदर यादव के नाम की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही दतिया का मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावनाएं भी चर्चा में हैं, हालांकि मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही माना जा रहा है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>MP Weather Update: मध्य प्रदेश के 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें कब तक एक्टिव रहेगा मानसून</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून ने पूरी ताकत के साथ एंट्री मार दी है. मानसून ने मध्य प्रदेश को पूरे तरीके से कवर कर लिया है. भोपाल, इंदौर सहित हर जिले में बारिश का दौरा देखने को मिल रहा है. इसी बीच बिजली गिरने सहित हादसों की खबरें भी सामने आ रही है. अब तक … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 09:32:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Weather, Update:, मध्य, प्रदेश, के, जिलों, में, भारी, बारिश, का, अलर्ट, जानें, कब, तक, एक्टिव, रहेगा, मानसून</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
 मध्य प्रदेश में मानसून ने पूरी ताकत के साथ एंट्री मार दी है. मानसून ने मध्य प्रदेश को पूरे तरीके से कवर कर लिया है. भोपाल, इंदौर सहित हर जिले में बारिश का दौरा देखने को मिल रहा है. इसी बीच बिजली गिरने सहित हादसों की खबरें भी सामने आ रही है. अब तक कई लोगों की मौत भी हो चुकी है. अब चूंकि इस बार मध्य प्रदेश में मानसून तय टाइम से देरी से आया था. ऐसे में मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी भरपाई के लिए मानसून अधिक समय तक सक्रिय रह सकता है. आर्टिकल में जानिए मानसून की गतिविधियां। </p>
<p><strong>कब तक एक्टिव रहेगा मानसून</strong><br>
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आमतौर पर मानसून का मौसम जून से सितंबर तक रहता है. इसलिए फिलहाल सितंबर तक इसके प्रभावी बने रहने की संभावना है. लेकिन मानसून की सक्रियता पूरी तरह मानसूनी ट्रफ की स्थिति पर डिपेंड करती है. ऐसे में बीच-बीच में कुछ दिनों के लिए बारिश कम हो सकती है. इसके बाद ट्रफ के अनुकूल होने पर बारिश का दौर फिर से तेज होने की संभावना रहेगी. सितंबर के बाद मानसून लौटना शुरु हो जाएगा। </p>
<p>मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, ''मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रभाव सामान्यतः जून से सितंबर तक रहता है. इस दौरान मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं रहता, बल्कि इसकी तीव्रता मानसून ट्रफ की स्थिति के अनुसार घटती-बढ़ती रहती है. वहीं बीच-बीच में ब्रेक की स्थिति भी बन सकती है, लेकिन फिर मानसून दोबारा सक्रिय हो जाता है. मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई सामान्यतः सितंबर के तीसरे सप्ताह से शुरू होकर अक्टूबर के पहले सप्ताह तक पूरी होती है। </p>
<p><strong>कैसे आता है मानसून, कैसे बनते हैं बादल</strong><br>
मानसून भारत में सबसे पहले केरल में पहुंचता है. मानसून के बनने का प्रोसेस भी काफी रोचक है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसून गर्मियों में जमीन के तेजी से गर्म होने और समुद्र से उठने वाली नमी वाली हवाओं के कारण आता है. हिंद महासागर, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर हवाएं भारत की ओर आती हैं. नमी वाली हवाएं ठंडी होकर घने बादलों में तब्दील हो जाती हैं और बारिश होने लगती है. मानसून 15 जून से भारत में एक्टिव हो जाता है. जो सितंबर तक चलता है. सिंतबर के बाद मानसून विदा लेने लगता है। </p>
<p>
<strong>22 जिलों में होगी भारी बारिश</strong><br>
7 जुलाई सुबह 8:30 से 8 जुलाई सुबह 8:30 तक विदिशा, रायसेन, शहडोल और उमरिया जिलों में अति भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, देवास, सीधी, रीवा, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, सिंगरौली, सतना और अनूपपुर सहित 22 जिलों में भारी वर्षा के साथ वज्रपात एवं तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है. इसके अलावा भोपाल सहित 28 जिलों में झंझावात, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। </p>
<p><strong>7 जुलाई सुबह 8:30 से 9 जु</strong>लाई सुबह 8:30 तक रायसेन, गुना, अशोकनगर और सागर जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है. विदिशा, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, श्योपुरकलां, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित 16 जिलों में भारी वर्षा के साथ वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट है. वहीं भोपाल सहित 34 जिलों में झंझावात, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। </p>
<p><strong>9 जुलाई सुबह 8:30 से 10</strong> जुलाई सुबह 8:30 तक गुना और अशोकनगर में अति भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है. राजगढ़, आगर, मंदसौर, नीमच, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, श्योपुरकलां, कटनी, पन्ना, दमोह, सागर और छतरपुर सहित 13 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है. इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, भिंड, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा सहित 39 जिलों में वज्रपात, झंझावात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>उमरिया की बहू प्रियंका सिंह मसराम ने MPPSC में रचा इतिहास, हिंदी की असिस्टेंट प्रोफेसर बनीं</title>
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<description><![CDATA[ उमरिया  जब हौसले बुलंद हों और लक्ष्य के प्रति ईमानदारी हो, तो बंदिशें और संसाधन कभी आड़े नहीं आते। संविधान की पांचवीं अनुसूची और पेसा अधिनियम के तहत आने वाले उमरिया जिले के सुदूर आदिवासी अंचल, पाली विकासखंड के ग्राम कुमूर्दु की बहू प्रियंका सिंह मसराम ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 09:32:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>उमरिया, की, बहू, प्रियंका, सिंह, मसराम, ने, MPPSC, में, रचा, इतिहास, हिंदी, की, असिस्टेंट, प्रोफेसर, बनीं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उमरिया</strong><br>
 जब हौसले बुलंद हों और लक्ष्य के प्रति ईमानदारी हो, तो बंदिशें और संसाधन कभी आड़े नहीं आते। संविधान की पांचवीं अनुसूची और पेसा अधिनियम के तहत आने वाले उमरिया जिले के सुदूर आदिवासी अंचल, पाली विकासखंड के ग्राम कुमूर्दु की बहू प्रियंका सिंह मसराम ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। प्रियंका ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक (हिन्दी) भर्ती परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है।</p>
<p>ग्रामीण पृष्ठभूमि और पारंपरिक जिम्मेदारियों के बीच प्रियंका की यह छलांग सिर्फ एक व्यक्तिगत नौकरी का मामला नहीं है, बल्कि यह इस आदिवासी बेल्ट में महिलाओं की बदलती सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति का एक बड़ा जमीनी दस्तावेज है।</p>
<p><strong>खुद की मेहनत से बनाई अलग पहचान</strong><br>
प्रियंका के पति धर्मपाल सिंह वर्तमान में बैतूल जिले की मुलताई जनपद पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के पद पर तैनात हैं। प्रशासनिक माहौल घर में होने के बावजूद प्रियंका ने अपनी पढ़ाई की निरंतरता को टूटने नहीं दिया। उन्होंने अपनी इस सफलता से साबित किया कि शादी और पारिवारिक दायित्वों के बाद भी अगर जिद पक्की हो, तो देश की कठिनतम परीक्षाओं में से एक को भी पास किया जा सकता है।</p>
<p><strong>ग्रामीण अंचल में जश्न और प्रेरणा की नई लहर</strong><br>
कुमूर्दु गांव और आसपास के इलाकों में प्रियंका की इस कामयाबी के बाद से खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है:</p>
<p>पपाराजी को रवि किशन ने सुनाया 'मिर्जापुर' का दमदार डायलॉग, देखिए वीडियो</p>
<p>    यह सफलता अंचल की अन्य युवतियों में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति एक नया आत्मविश्वास पैदा करेगी।</p>
<p>    पांचवीं अनुसूची वाले इस पिछड़े क्षेत्र में उच्च शिक्षा को लेकर समाज का नजरिया तेजी से बदलेगा।</p>
<p>    प्रियंका की यह जीत आने वाली पीढ़ी के लिए अब एक गाइडिंग लाइट (प्रेरणा स्रोत) की तरह काम करेगी।</p>
<p>स्थानीय स्तर पर परिजनों और समाज के प्रबुद्ध जनों ने प्रियंका सिंह मसराम को इस ऐतिहासिक सफलता पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>एमपी ट्रांसको की 593 ईएचवी लाइनों ने बनाया चार वर्षों से बिना ब्रेकडाउन के बिजली पारेषण का उल्लेखनीय कीर्तिमान : ऊर्जा मंत्री तोमर</title>
<link>https://atworldnews.in/9129</link>
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<description><![CDATA[ एमपी ट्रांसको की 593 ईएचवी लाइनों ने बनाया चार वर्षों से बिना ब्रेकडाउन के बिजली पारेषण का उल्लेखनीय कीर्तिमान : ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल  आंधी-तूफान, तेज बारिश, बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक चुनौतियों और अन्य अप्रत्याशित व्यवधानों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की 593 एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (ईएचवी) ट्रांसमिशन लाइनों … ]]></description>
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<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 09:32:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>एमपी, ट्रांसको, की, 593, ईएचवी, लाइनों, ने, बनाया, चार, वर्षों, से, बिना, ब्रेकडाउन, के, बिजली, पारेषण, का, उल्लेखनीय, कीर्तिमान, ऊर्जा, मंत्री, तोमर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>एमपी ट्रांसको की 593 ईएचवी लाइनों ने बनाया चार वर्षों से बिना ब्रेकडाउन के बिजली पारेषण का उल्लेखनीय कीर्तिमान : ऊर्जा मंत्री तोमर</strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>आंधी-तूफान, तेज बारिश, बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक चुनौतियों और अन्य अप्रत्याशित व्यवधानों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की 593 एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (ईएचवी) ट्रांसमिशन लाइनों ने पिछले चार वर्षों (करीब 1500 दिन) से बिना किसी ब्रेकडाउन के निर्बाध विद्युत पारेषण का उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित किया है।</p>
<p>ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इससे विद्युत पारेषण व्यवस्था की विश्वसनीयता और मजबूती प्रमाणित हुई है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कंपनी के अभियंताओं, तकनीकी कर्मचारियों तथा ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस में संलग्न आउटसोर्स कर्मियों की प्रतिबद्धता, दक्षता और टीमवर्क का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इन लाइनों की इस उपलब्धि के पीछे सतत एवं सजग मेंटेनेंस, प्रभावी मॉनिटरिंग तथा अभियंताओं, तकनीकी कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मियों की निरंतर तत्परता प्रमुख कारण रहा है।</p>
<p><strong>आधुनिक तकनीक और नवाचार के इस्तेमाल से मिली सफलता</strong></p>
<p>ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि प्रदेश में विद्युत ट्रांसमिशन नेटवर्क को अधिक विश्वसनीय एवं सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आधुनिक तकनीकों के उपयोग, विभिन्न नवाचार,नियमित मेंटेनेंस, समयबद्ध निरीक्षण तथा प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में ईएचवी लाइनें लंबे समय से बिना किसी ब्रेकडाउन के सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। साथ ही इस उपलब्धि के पीछे ट्रांसमिशन लाइनों की नियमित पेट्रोलिंग, थर्मो-विजन निरीक्षण, संवेदनशील स्थलों की विशेष निगरानी, प्री-मानसून मेंटेनेंस अभियान तथा एससीएडीए आधारित सतत मॉनिटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके अलावा लाइन कॉरिडोर का प्रभावी प्रबंधन, पेड़ों की समयबद्ध कटाई-छंटाई, इंसुलेटर, कंडक्टर, जंपर एवं अन्य हार्डवेयर का निवारक अनुरक्षण तथा संभावित तकनीकी खामियों की समय रहते पहचान कर उनका निराकरण किए जाने से ब्रेकडाउन की स्थितियों को प्रभावी रूप से रोका जा सका।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>‘गर्भ रखना या नहीं, फैसला महिला का अधिकार’: इंदौर हाईकोर्ट ने कहा&#45; पति की सहमति जरूरी नहीं</title>
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<description><![CDATA[ इंदौर हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने महिलाओं के प्रजनन अधिकारों को लेकर अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि कानून में निर्धारित अवधि के भीतर गर्भावस्था होने पर यह निर्णय पूरी तरह महिला का होगा कि वह गर्भ जारी रखना चाहती है या उसका समापन कराना चाहती है। कोर्ट ने कहा कि गर्भपात … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 22:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>‘गर्भ, रखना, या, नहीं, फैसला, महिला, का, अधिकार’:, इंदौर, हाईकोर्ट, ने, कहा-, पति, की, सहमति, जरूरी, नहीं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर</strong></p>
<p>हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने महिलाओं के प्रजनन अधिकारों को लेकर अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि कानून में निर्धारित अवधि के भीतर गर्भावस्था होने पर यह निर्णय पूरी तरह महिला का होगा कि वह गर्भ जारी रखना चाहती है या उसका समापन कराना चाहती है। कोर्ट ने कहा कि गर्भपात के लिए पति की सहमति आवश्यक नहीं है। इसी के साथ खंडपीठ ने 13 सप्ताह की गर्भवती विवाहित महिला को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) ऐक्ट के तहत गर्भसमापन की अनुमति प्रदान कर दी।</p>
<p>यह आदेश 29 जून 2026 को पारित किया गया। मामला इंदौर संभाग के एक हाई प्रोफाइल दंपती से जुड़ा है, जिनका विवाह करीब दो वर्ष पहले हुआ था। विवाह के बाद दोनों के बीच लगातार विवाद बढ़ने लगे। इसी दौरान महिला गर्भवती हो गई। गर्भावस्था लगभग 13 सप्ताह की थी, लेकिन पति-पत्नी के रिश्तों में आई खटास के कारण दोनों अलग रहने लगे।</p>
<p>महिला का कहना था कि वैवाहिक संबंध टूटने की स्थिति में बच्चे का जन्म उसके लिए मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से कठिन होगा। भविष्य को देखते हुए उसने गर्भ जारी नहीं रखने का निर्णय लिया और अधिवक्ता जी.पी. सिंह के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर कर गर्भपात की अनुमति मांगी।</p>
<p><strong>कोर्ट ने क्या कहा</strong><br>
जब महिला अलग रहने लगी तो महिला नहीं चाहती थी कि बच्चा जन्म ले. इसलिए उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की. फिर कोर्ट ने 13 सप्ताह की गर्भवती विवाहित महिला को गर्भपात की अनुमति दी है. साथ ही स्पष्ट किया है कि कानून द्वारा निर्धारित अवधि के भीतर गर्भावस्था है तो महिला खुद तय कर सकती है कि वह गर्भ रखना चाहती है या नहीं. उसे गर्भपात के लिए पति की सहमति आवश्यक नहीं है। </p>
<p><strong>क्या है प्रेगनेंसी एक्ट</strong><br>
कोर्ट ने कहा कि अवांछित गर्भावस्था का मानसिक और शारीरिक प्रभाव सबसे अधिक महिला पर पड़ता है, इसलिए गर्भ जारी रखना है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय महिला का ही होगा. कोर्ट ने कहा कि महिला की गर्भावस्था 13 सप्ताह और एक दिन की है, जो मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (MTP) एक्ट, 1971 की निर्धारित सीमा के भीतर है. ऐसे मामलों में अधिकृत डॉक्टर्स कानून के अनसार गर्भसमापन की प्रक्रिया कर सकते हैं। </p>
<p><strong>पति को नोटिस, फिर भी कोर्ट में नहीं हुआ उपस्थित</strong><br>
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पति को नोटिस जारी किया था, जिसकी विधिवत तामील भी हो गई थी, लेकिन वह किसी भी तारीख पर अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। वहीं, राज्य शासन की ओर से भी याचिका का कोई विरोध नहीं किया गया।</p>
<p><strong>अनुच्छेद-21 के तहत महिला की स्वायत्तता को बताया अधिकार</strong><br>
खंडपीठ ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के चर्चित फैसले 'एक्स बनाम प्रिंसिपल सेक्रेटरी, हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर' का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत प्रत्येक महिला को अपने शरीर और प्रजनन संबंधी निर्णय लेने की स्वतंत्रता प्राप्त है। यह उसकी व्यक्तिगत गरिमा और मौलिक अधिकार का हिस्सा है।</p>
<p><strong>कोर्ट ने फैसले में महिला के प्रजनन अधिकारों को बताया सर्वोपरि</strong><br>
हाई कोर्ट ने अपने विस्तृत आदेश में स्पष्ट किया कि अवांछित गर्भावस्था का सबसे अधिक मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक प्रभाव महिला पर पड़ता है। इसलिए यह निर्णय कि गर्भावस्था को जारी रखा जाए या उसका समापन कराया जाए, पूरी तरह महिला का व्यक्तिगत और संवैधानिक अधिकार है। अदालत ने कहा कि किसी भी महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध मातृत्व स्वीकार करने या गर्भावस्था जारी रखने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।</p>
<p>कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता की गर्भावस्था 13 सप्ताह और एक दिन की थी, जो मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) अधिनियम, 1971 में निर्धारित वैधानिक सीमा के भीतर आती है। ऐसे मामलों में कानून अधिकृत चिकित्सकों को आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण और प्रक्रिया का पालन करते हुए गर्भसमापन की अनुमति देता है। इसलिए याचिकाकर्ता का मामला भी कानूनी रूप से गर्भपात की अनुमति दिए जाने योग्य पाया गया।</p>
<p><strong>सहमति के बाद पीछे हट गया पति</strong><br>
महिला ने अपने एडवोकेट जीपी सिंह के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका लगाई और गर्भपात की अनुमति मांगी गई। कोर्ट को बताया कि पति के साथ वैवाहिक संबंध समाप्त करने का निर्णय हो चुका था, लेकिन बाद में पति अपने रुख से पीछे हट गया। ऐसे में गर्भावस्था जारी रखना उसके लिए मानसिक तनाव, असुरक्षा और भावनात्मक पीड़ा का कारण बन रहा है।</p>
<p><strong>पति को नोटिस, फिर भी नहीं हुआ पेश</strong><br>
मामले में पति को नोटिस जारी किया गया था और उसकी तामील भी हो चुकी थी, लेकिन वह सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ। राज्य शासन की ओर से भी याचिका पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई।</p>
<p><strong>कोर्ट ने माना प्रजनन स्वतंत्रता मौलिक अधिकार</strong><br>
मामले में कोर्ट ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के चर्चित फैसले ‘एक्स बनाम प्रिंसिपल सेक्रेटरी, हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत महिला को अपनी शारीरिक स्वायत्तता और प्रजनन संबंधी निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है।</p>
<p><strong>जानिए क्या और क्यों दी गर्भपात की अनुमति</strong></p>
<ul>
<li>    कोर्ट ने कहा कि अवांछित गर्भावस्था का मानसिक और शारीरिक प्रभाव सबसे अधिक महिला पर पड़ता है, इसलिए गर्भ जारी रखना है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय महिला का ही होगा।</li>
<li>    कोर्ट ने कहा कि महिला की गर्भावस्था 13 सप्ताह और एक दिन की है, जो मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (MTP) एक्ट, 1971 की निर्धारित सीमा के भीतर है। ऐसे मामलों में अधिकृत डॉक्टर्स कानून के अनुसार गर्भसमापन की प्रक्रिया कर सकते हैं।</li>
<li>    कोर्ट ने यह भी माना कि वैवाहिक स्थिति में बदलाव, पति-पत्नी का अलग रहना और तलाक की स्थिति भी गर्भपात की अनुमति के लिए वैध आधार हो सकते हैं।</li>
<li>    आदेश में हाई कोर्ट ने कहा कि किसी भी महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भावस्था जारी रखने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। महिला की गरिमा, मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वतंत्रता संविधान द्वारा संरक्षित अधिकार हैं।</li>
<li>    कोर्ट ने डॉक्टर्स को निर्देश दिया कि गर्भपात की प्रक्रिया स्वास्थ्य मंत्रालय और कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी सावधानी और संवेदनशीलता के साथ की जाएं। याचिका स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट ने महिला को गर्भपात की अनुमति प्रदान कर दी और मामले का निराकरण कर दिया।</li>
</ul>
<p><strong>वैवाहिक विवाद और अलगाव को माना अहम आधार</strong><br>
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यदि पति-पत्नी के संबंध गंभीर रूप से बिगड़ चुके हों, दोनों अलग रह रहे हों या तलाक जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई हो, तो ऐसी परिस्थितियां महिला के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर गहरा प्रभाव डालती हैं। ऐसे मामलों में महिला यदि गर्भ जारी नहीं रखना चाहती है, तो यह गर्भसमापन की अनुमति देने के लिए एक वैध और न्यायसंगत आधार हो सकता है।</p>
<p>कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि महिला की गरिमा, मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वायत्तता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता भारतीय संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत संरक्षित मौलिक अधिकार हैं। इसलिए महिला के शरीर और प्रजनन से जुड़े निर्णयों में उसकी इच्छा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और किसी अन्य व्यक्ति की सहमति को अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता।</p>
<p><strong>चिकित्सकों को दिए संवेदनशीलता बरतने के निर्देश</strong><br>
खंडपीठ ने संबंधित चिकित्सकों को निर्देशित किया कि गर्भसमापन की पूरी प्रक्रिया स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा न्यायालय द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए की जाए। कोर्ट ने कहा कि प्रक्रिया के दौरान महिला की गोपनीयता, गरिमा और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए तथा आवश्यक चिकित्सकीय सावधानी और संवेदनशीलता बरती जाए।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>RSS पर टिप्पणी को लेकर BJP सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल का तीखा बयान, बोले&#45; उंगली उठाई तो हाथ तोड़ देंगे</title>
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<description><![CDATA[ खंडवा  मध्य प्रदेश की सियासत में अयोध्या के श्री राम मंदिर को लेकर एक बार फिर जुबानी तीर चलने शुरू हो गए हैं। इस बार कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। दिग्विजय सिंह का कहना है कि मंदिर में … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 22:31:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>RSS, पर, टिप्पणी, को, लेकर, BJP, सांसद, ज्ञानेश्वर, पाटिल, का, तीखा, बयान, बोले-, उंगली, उठाई, तो, हाथ, तोड़, देंगे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>खंडवा</strong><br>
 मध्य प्रदेश की सियासत में अयोध्या के श्री राम मंदिर को लेकर एक बार फिर जुबानी तीर चलने शुरू हो गए हैं। इस बार कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। दिग्विजय सिंह का कहना है कि मंदिर में बिना कलश स्थापना के ही प्राण प्रतिष्ठा की गई और भगवान राम की प्रतिमा का रंग भी काला है। उन्होंने दावा किया कि इन्हीं वजहों से देश में 'दंड' मिल रहा है और वर्तमान की अप्रिय घटनाएं इसी का नतीजा हैं।</p>
<p><strong>बीजेपी सांसद का करारा पलटवार</strong><br>
दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद बीजेपी पूरी तरह हमलावर हो गई है। बुरहानपुर पहुंचे खंडवा संसदीय क्षेत्र के बीजेपी सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। सांसद ने साफ लफ्जों में कहा कि ऐसी ही बातें कह-कहकर दिग्विजय सिंह ने खुद का और अपनी कांग्रेस पार्टी का सत्यानाश कर लिया है।</p>
<p><strong>'प्रभु राम ने कर दिया बेड़ापार'</strong><br>
जो लोग कभी भगवान राम और रामसेतु को काल्पनिक बताते थे, प्रभु श्री राम ने आज उनकी और उनकी पार्टी की क्या स्थिति कर रखी है, यह सब देख रहे हैं। दरअसल, इनका खुद का मन काला है। इन्हें हर समय हिंदू समाज पर उंगली उठाने में ही आनंद आता है। प्रभु श्री राम इनको ऐसी ही सद्बुद्धि देते रहें और इनका जो बेड़ापार हुआ है, वह आगे भी ऐसे ही होता रहे। जब से राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ है, इनके पेट में दर्द हो रहा है। ये लोग गुलामी की मानसिकता से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।- ज्ञानेश्वर पाटिल, सांसद, खंडवा</p>
<p><strong>आरएसएस पर दिया बड़ा बयान</strong><br>
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर चंदा चोरी के आरोपों को लेकर भी सांसद पाटिल ने सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि संघ एक पवित्र संस्था है और इसके मार्गदर्शन में सब काम कर रहे हैं। इस पर गलत आरोप लगाने वाले और उंगली उठाने वाले तत्वों की उंगली और हाथ तोड़ दिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि चंदे के मामले में जिन कर्मचारियों की गड़बड़ी सामने आई थी, उन पर पहले ही एक्शन लिया जा चुका है और दोषियों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, शहजाद भट्टी नेटवर्क के दो मॉड्यूल का भंडाफोड़</title>
<link>https://atworldnews.in/9126</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में शहजाद भट्टी नेटवर्क के दो अलग-अलग मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली और पंजाब से 6 संदिग्धों को दबोचा है। गिरफ्तार किए गए संदिग्ध दो अलग-अलग नेटवर्क के तहत काम कर रहे थे। एक नेटवर्क आतंकी गतिविधियों से जुड़ा था … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 22:03:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली, पुलिस, का, बड़ा, एक्शन, शहजाद, भट्टी, नेटवर्क, के, दो, मॉड्यूल, का, भंडाफोड़</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
दिल्ली पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में शहजाद भट्टी नेटवर्क के दो अलग-अलग मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली और पंजाब से 6 संदिग्धों को दबोचा है। गिरफ्तार किए गए संदिग्ध दो अलग-अलग नेटवर्क के तहत काम कर रहे थे। एक नेटवर्क आतंकी गतिविधियों से जुड़ा था जबकि दूसरा अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल था। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई पिस्तौल और पेट्रोल बम बरामद किए हैं</p>
<p>दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच से पता चला है कि यह नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क के तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। हाल ही में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित आतंकी और हथियार नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।</p>
<p>दिल्ली पुलिस के अनुसार, आईएसआई समर्थित आतंकी और हथियार नेटवर्क के 3 संदिग्धों को पंजाब से जबकि एक को दिल्ली से पकड़ा गया था। बताया जाता है कि इन संदिग्धों को उनके आकाओं ने दिल्ली में धार्मिक स्थलों और पुलिस प्रतिष्ठानों की रेकी करने की जिम्मेदारी दी थी। आतंकी अपने नापाक मंसूबे में कामयाब हो पाते उससे पहले ही पुलिस ने नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया है।</p>
<p><strong>दिल्ली को दहलाने की थी योजना</strong><br>
दिल्ली पुलिस की ओर से जारी बयान में बताया गया था कि संदिग्ध पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट शहजाद भट्टी और उसके गुर्गों के इशारे पर दिल्ली में आतंकी गतिविधि को अंजाम देने की साजिश में जुटे थे। ये सभी संदिग्ध पकड़े जाने से बचने के लिए पाकिस्तानी आकाओं की ओर से मुहैया कराए गए विदेशी नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे।</p>
<p><strong>खुफिया इनपुट पर ऐक्शन</strong><br>
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को खुफिया इनपुट मिले थे कि पाकिस्तानी ISI एजेंट शहजाद भट्टी अपने गुर्गों के साथ दिल्ली-एनसीआर में आतंकी वारदात को अंजाम देने की कोशिशों में जुटा है। इसके लिए इस टेरर नेटवर्क ने पंजाब के युवाओं की भर्ती की है। इसके बाद मुखबिरों से मिले इनपुट के आधार पर दिल्ली और पंजाब में कई जगहों पर छापेमारी की गई।</p>
<p><strong>टेरर नेटवर्क पर लगातार कस रहा शिकंजा</strong><br>
दिल्ली पुलिस सेल के हाथ लगे एक गुर्गे ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह शहजाद भट्टी नेटवर्क के पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में था। वह ड्रोन के जरिए हथियार जुटा रहा था। उसके खुलासे के बाद पंजाब से दो और संदिग्धों को दबोचा गया था। उनके पास से एक जिगाना पिस्टल, 4 कारतूस और 2 मोबाइल बरामद किए गए थे। बाद में दिल्ली से चौथे संदिग्ध गगनप्रीत को दबोचा गया था। इसके बाद से लगातार इस टेरर नेटवर्क के गुर्गों को पकड़ा जा रहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मध्यप्रदेश : पीएम स्वनिधि में घटी लंबित फाइलें, फिर भी 78 हजार से ज्यादा हितग्राही बैंक मंजूरी के इंतजार में</title>
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<description><![CDATA[ विवेक झा, भोपाल। प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM SVANidhi) योजना के तहत मध्यप्रदेश में लंबित आवेदनों की संख्या में कमी जरूर आई है, लेकिन अब भी 78,426 स्ट्रीट वेंडर्स बैंक मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 में जहां 88,290 आवेदन लंबित थे, वहीं जून 2026 के … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 21:40:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मध्यप्रदेश, पीएम, स्वनिधि, में, घटी, लंबित, फाइलें, फिर, भी, हजार, से, ज्यादा, हितग्राही, बैंक, मंजूरी, के, इंतजार, में</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="" data-start="241" data-end="844"><strong data-start="241" data-end="251">विवेक झा, भोपाल।</strong> प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM SVANidhi) योजना के तहत मध्यप्रदेश में लंबित आवेदनों की संख्या में कमी जरूर आई है, लेकिन अब भी <strong data-start="371" data-end="397">78,426 स्ट्रीट वेंडर्स</strong> बैंक मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 में जहां <strong data-start="507" data-end="529">88,290 आवेदन लंबित</strong> थे, वहीं जून 2026 के पहले सप्ताह तक यह संख्या घटकर <strong data-start="581" data-end="591">78,426</strong> रह गई। यानी करीब ढाई महीने में लगभग <strong data-start="628" data-end="655">9,864 मामलों का निपटारा</strong> हुआ, लेकिन लंबित मामलों की संख्या अभी भी काफी अधिक बनी हुई है। इसी कारण मुख्य सचिव ने बैंकों को लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<h3 data-section-id="1hfngu9" data-start="846" data-end="901"><span role="text"><strong data-start="850" data-end="901">SLBC बैठक में उठाया गया लंबित आवेदनों का मुद्दा</strong></span></h3>
<p class="" data-start="903" data-end="1276">रिपोर्ट के अनुसार 197वीं SLBC बैठक में पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा के दौरान <strong data-start="981" data-end="1021">नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग (UADD)</strong> के आयुक्त ने बैंकों से कहा कि वे लंबित मामलों पर विशेष ध्यान दें और पात्र हितग्राहियों के आवेदन जल्द स्वीकृत अथवा निरस्त करें। बैठक में यह भी कहा गया कि अनावश्यक लंबित फाइलें योजना के उद्देश्य को प्रभावित कर रही हैं।</p>
<h3 data-section-id="16pxaty" data-start="1278" data-end="1316"><span role="text"><strong data-start="1282" data-end="1316">मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश</strong></span></h3>
<p class="" data-start="1318" data-end="1692">बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि <strong data-start="1356" data-end="1405">पीएम स्वनिधि और प्रधानमंत्री आवास योजना (ISS)</strong> दोनों योजनाओं को नियमित रूप से <strong data-start="1437" data-end="1469">कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के एजेंडे</strong> में शामिल किया जाए, ताकि जिलों में लंबित मामलों की लगातार समीक्षा हो सके और बैंक समय पर कार्रवाई करें। रिपोर्ट के अनुसार इस निर्देश के पालन के लिए संबंधित विभागों ने सहमति भी दे दी है।</p>
<h3 data-section-id="sy45qk" data-start="1694" data-end="1741"><span role="text"><strong data-start="1698" data-end="1741">तीन महीने में करीब 10 हजार आवेदन कम हुए</strong></span></h3>
<p class="" data-start="1743" data-end="2138">SLBC की एक्शन टेकन रिपोर्ट बताती है कि मार्च 2026 में पीएम स्वनिधि योजना के तहत <strong data-start="1823" data-end="1845">88,290 आवेदन लंबित</strong> थे। बैंकों और संबंधित विभागों की कार्रवाई के बाद <strong data-start="1895" data-end="1934">5 जून 2026 तक यह संख्या घटकर 78,426</strong> रह गई। हालांकि यह सुधार सकारात्मक माना जा रहा है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लंबित आवेदन यह भी दर्शाते हैं कि योजना के क्रियान्वयन में अभी काफी सुधार की आवश्यकता है।</p>
<h3 data-section-id="t8mb1l" data-start="2140" data-end="2193"><span role="text"><strong data-start="2144" data-end="2193">छोटे कारोबारियों की आजीविका से जुड़ा है मामला</strong></span></h3>
<p class="" data-start="2195" data-end="2616">पीएम स्वनिधि योजना का उद्देश्य रेहड़ी-पटरी और फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले छोटे कारोबारियों को बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना है। बैंक मंजूरी में देरी होने से हजारों स्ट्रीट वेंडर्स समय पर वित्तीय सहायता नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं, जिससे उनके व्यवसाय और आय पर सीधा असर पड़ता है। इसी कारण राज्य सरकार और SLBC ने बैंकों को लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे पर विशेष जोर दिया है।</p>
<h3 data-section-id="1nav0k1" data-start="2618" data-end="2659"><span role="text"><strong data-start="2622" data-end="2659">पीएम आवास योजना में भी दिखा सुधार</strong></span></h3>
<p data-start="2661" data-end="3036">रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना (ISS) के तहत <strong data-start="2716" data-end="2738">CNA स्वीकृत मामलों</strong> की संख्या भी बढ़ी है। मार्च 2026 में जहां <strong data-start="2781" data-end="2796">7,491 मामले</strong> स्वीकृत थे, वहीं <strong data-start="2814" data-end="2853">5 जून 2026 तक यह संख्या बढ़कर 9,830</strong> हो गई। सरकार का लक्ष्य इसे 10 हजार तक पहुंचाना है। इससे स्पष्ट है कि दोनों योजनाओं में बैंकिंग प्रक्रियाओं को तेज करने के प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<h3 data-section-id="w3692g" data-start="3038" data-end="3071"><span role="text"><strong data-start="3042" data-end="3071">बैंकों की जवाबदेही बढ़ेगी</strong></span></h3>
<p data-start="3073" data-end="3376">SLBC ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में पीएम स्वनिधि के लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाएगी। जिला स्तर पर भी कलेक्टरों और लीड बैंकों को निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर ऋण मिल सके और योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।</p>
<h2 data-section-id="1ub4dep" data-start="3378" data-end="3395"><span role="text"><strong data-start="3381" data-end="3395">फैक्ट फाइल</strong></span></h2>
<ul data-start="3397" data-end="3702" data-is-last-node="" data-is-only-node="">
<li data-section-id="uhkepu" data-start="3397" data-end="3437"><strong data-start="3399" data-end="3430">मार्च 2026 में लंबित आवेदन:</strong> 88,290</li>
<li data-section-id="1hi3rxk" data-start="3438" data-end="3477"><strong data-start="3440" data-end="3470">5 जून 2026 तक लंबित आवेदन:</strong> 78,426</li>
<li data-section-id="1x11364" data-start="3478" data-end="3521"><strong data-start="3480" data-end="3515">करीब ढाई महीने में निपटे आवेदन:</strong> 9,864</li>
<li data-section-id="1tnq0bd" data-start="3522" data-end="3581"><strong data-start="3524" data-end="3560">PMAY (ISS) के CNA स्वीकृत मामले:</strong> 7,491 से बढ़कर 9,830</li>
<li data-section-id="p96jd3" data-start="3582" data-end="3702" data-is-last-node=""><strong data-start="3584" data-end="3596">निर्देश:</strong> पीएम स्वनिधि और PMAY की नियमित समीक्षा कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में होगी।</li>
</ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ODOC मॉडल से यूपी में फूड सेक्टर बनेगा रोजगार और उद्यमिता का बड़ा आधार</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ किसी भी शहर की असली रौनक उसके बाजार, गलियों और खाने की खुशबू में दिखती है। सुबह चाय की दुकान पर भीड़ लगती है, दोपहर में कचौड़ी, पूड़ी, सब्जी या चाट की दुकान चलती है और शाम को मिठाई, नमकीन, स्नैक्स और लोकल ड्रिंक की डिमांड बढ़ती है। इन छोटी-छोटी दुकानों के पीछे सिर्फ … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 21:33:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ODOC, मॉडल, से, यूपी, में, फूड, सेक्टर, बनेगा, रोजगार, और, उद्यमिता, का, बड़ा, आधार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
किसी भी शहर की असली रौनक उसके बाजार, गलियों और खाने की खुशबू में दिखती है। सुबह चाय की दुकान पर भीड़ लगती है, दोपहर में कचौड़ी, पूड़ी, सब्जी या चाट की दुकान चलती है और शाम को मिठाई, नमकीन, स्नैक्स और लोकल ड्रिंक की डिमांड बढ़ती है। इन छोटी-छोटी दुकानों के पीछे सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि रोजगार की पूरी चेन चलती है।</p>
<p>यूपी में ODOC यानी वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूज़ीन इसी फूड चेन को नई दिशा दे सकता है। इसका मतलब सिर्फ किसी जिले की एक डिश को नाम देना नहीं है, बल्कि जिले के फूड सेक्टर को एक एक सही तरह का सिस्टम देना है, जहां लोकल रेसिपी, किचन ट्रेनिंग, साफ-सफाई, सर्विस, पैकिंग, सप्लाई, डिलीवरी और छोटे बिजनेस को साथ जोड़ा जा सके।</p>
<p>अगर हर जिले में उसकी खास क्यूज़ीन के आसपास फूड सेंटर, ट्रेनिंग और बिजनेस सपोर्ट बने, तो यूथ को अपने ही शहर में काम के नए मौके मिल सकते हैं।</p>
<p><strong>रसोई से रोजगार, फूड चेन का विस्तार</strong><br>
फूड सेक्टर में रोजगार केवल खाना बनाने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं होता। एक छोटी दुकान भी कई लोगों को काम देती है। कोई सब्जी लाता है, कोई दूध देता है, कोई मसाला सप्लाई करता है, कोई किचन में मदद करता है, कोई पैकिंग करता है, कोई पेमेंट संभालता है और कोई डिलीवरी करता है।</p>
<p>ODOC इसी पूरी चेन को मजबूत कर सकता है। अगर किसी जिले की खास डिश पर काम बढ़ता है, तो उससे जुड़े छोटे-छोटे काम भी बढ़ते हैं। हलवाई को हेल्पर चाहिए, स्नैक यूनिट को पैकिंग स्टाफ चाहिए, लोकल कैफे को सर्विस स्टाफ चाहिए, डिलीवरी के लिए यूथ चाहिए और ऑनलाइन ऑर्डर संभालने के लिए डिजिटल स्किल वाले लोग चाहिए।<br>
इस तरह एक डिश केवल प्लेट में नहीं रहती, बल्कि रोजगार का पूरा नेटवर्क बन सकती है।</p>
<p><strong>जिला फूड सेंटर, स्किल का नया ठिकाना</strong><br>
ODOC को रोजगार से जोड़ने का सबसे अच्छा तरीका जिला फूड सेंटर है। ऐसा सेंटर जहां लोकल यूथ को कुकिंग, किचन मैनेजमेंट, फूड सेफ्टी, सर्विस, पैकिंग, प्राइसिंग और ऑनलाइन ऑर्डर की ट्रेनिंग मिले।</p>
<p>हर युवा अपना रेस्टोरेंट नहीं खोल सकता, लेकिन हर युवा फूड सेक्टर में कोई न कोई काम सीख सकता है। कोई असिस्टेंट कुक बन सकता है, कोई बेकरी या मिठाई यूनिट में काम कर सकता है और कोई क्लाउड किचन में काम सीख सकता है।</p>
<p>जिला फूड सेंटर यूथ को यह समझा सकता है कि फूड बिजनेस केवल स्वाद नहीं, बल्कि टाइमिंग, साफ-सफाई, लागत, सर्विस और ग्राहक भरोसे का भी काम है।</p>
<p><strong>महिलाओं के हाथ का स्वाद, कमाई का नया रास्ता</strong><br>
यूपी के घरों में कई रेसिपी ऐसी हैं, जिन्हें महिलाएं सालों से संभालती आ रही हैं। अचार, पापड़, मसाले, मिठाई, नमकीन, लड्डू, मठरी, सेव, ठेकुआ, चिप्स, चटनी और कई लोकल स्नैक्स घरों में बनते हैं। इनमें स्वाद भी होता है और भरोसा भी।</p>
<p>ODOC महिलाओं को इस घरेलू हुनर से कमाई का रास्ता दे सकता है। अगर महिलाओं को साफ पैकिंग, सही वजन, रेट तय करने, डिजिटल पेमेंट और ऑर्डर संभालने की ट्रेनिंग मिले, तो उनका काम घर से बाहर बाजार तक जा सकता है।</p>
<p>सेल्फ हेल्प ग्रुप भी इस मॉडल में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। एक समूह मिलकर लोकल डिश या स्नैक बना सकता है, दूसरा समूह पैकिंग कर सकता है और तीसरा समूह सप्लाई व ऑर्डर संभाल सकता है। इससे महिलाओं को घर के पास काम मिलता है और परिवार की इनकम को सपोर्ट मिलता है।<br>
घर का स्वाद, बाजार का साथ, महिलाओं को मिला कमाई का नया हाथ।</p>
<p><strong>किसान और फूड बिजनेस का सीधा लिंक</strong><br>
फूड सेक्टर बढ़ेगा, तो उसका फायदा केवल दुकानदार को नहीं होगा, बल्कि किसान को भी इसका फायदा मिल सकता है। हर लोकल डिश के पीछे कोई न कोई कच्चा माल होता है। दूध, गन्ना, गेहूं, चावल, आलू, सब्जी, मसाले, दाल, तेल, फल और मेवा जैसे सामान सीधे खेती से आते हैं।</p>
<p>अगर जिले की खास क्यूज़ीन पर डिमांड बढ़े, तो लोकल सोर्सिंग का रास्ता मजबूत हो सकता है। मिठाई यूनिट को दूध चाहिए, नमकीन यूनिट को बेसन और तेल चाहिए, अचार यूनिट को आम, मिर्च, नींबू या सब्जी चाहिए और पेठा जैसे प्रोडक्ट को कच्चे माल की लगातार जरूरत होती है।</p>
<p>इससे किसान, डेयरी, छोटे सप्लायर, ट्रांसपोर्ट और फूड मेकर के बीच नई चेन बन सकती है। यानी ODOC खेत से किचन और किचन से बाजार तक रोजगार का रास्ता बना सकता है।</p>
<p><strong>सर्विस सेक्टर को नई स्पीड</strong><br>
आज खाने का बिजनेस केवल दुकान पर बैठकर ग्राहक का इंतजार करने तक सीमित नहीं है। अब डिलीवरी, ऑनलाइन ऑर्डर, डिजिटल पेमेंट, सोशल मीडिया, रिव्यू, कस्टमर सपोर्ट और फोटो-वीडियो भी इस सेक्टर का हिस्सा हैं।</p>
<p>ODOC के साथ अगर जिले की डिश की डिमांड बढ़ती है, तो सर्विस सेक्टर में भी काम बढ़ेगा। डिलीवरी बॉय, पैकिंग असिस्टेंट, ऑर्डर मैनेजर, सोशल मीडिया हैंडलर, फूड फोटोग्राफर, मेन्यू डिजाइनर, अकाउंट हेल्पर और कस्टमर सपोर्ट जैसे कई रोल बन सकते हैं।</p>
<p>यूथ इन रोल्स में जल्दी ट्रेनिंग लेकर काम शुरू कर सकता है। खास बात यह है कि यह काम बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में भी फूड सर्विस से जुड़े मौके बन सकते हैं।</p>
<p><strong>स्कूल, कॉलेज और ट्रेनिंग, सीखो स्किल और बनाओ अर्निंग</strong><br>
ODOC को लंबे समय तक मजबूत बनाना है, तो इसे स्किल एजुकेशन से जोड़ना जरूरी है। स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्किल सेंटर यूथ को फूड सेक्टर की बुनियादी ट्रेनिंग दे सकते हैं।</p>
<p>इसमें किचन हाइजीन, बेसिक कुकिंग, फूड कॉस्टिंग, मेन्यू प्लानिंग, पैकेजिंग, ग्राहक से बात, डिजिटल पेमेंट और बिजनेस की बेसिक समझ शामिल हो सकती है। इससे यूथ पढ़ाई के साथ काम की तैयारी भी कर सकता है।</p>
<p>कई युवा पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी खोजते हैं। अगर उन्हें अपने जिले की फूड इकॉनमी की समझ पहले से मिले, तो वे लोकल स्तर पर भी काम ढूंढ सकते हैं या छोटा बिजनेस शुरू कर सकते हैं।</p>
<p><strong>फूड इवेंट से लोकल कमाई</strong><br>
जिले की क्यूज़ीन को आगे बढ़ाने के लिए छोटे-छोटे फूड इवेंट भी बड़ा रोल निभा सकते हैं। जिला स्तर पर फूड डे, कॉलेज फूड फेस्ट, लोकल मेले, रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड पर टेस्ट काउंटर और बाजारों में फूड स्टॉल लगाए जा सकते हैं।</p>
<p>ऐसे इवेंट से दो फायदे होते हैं। पहला, लोगों को अपने जिले के स्वाद की नई पहचान मिलती है और दूसरा, यूथ व छोटे फूड बिजनेस को ग्राहक के सामने आने का मौका मिलता है।</p>
<p>कई युवा ऐसे इवेंट में स्टॉल लगाकर बिजनेस समझ सकते हैं। उन्हें पता चलता है कि ग्राहक क्या पसंद करता है, किस पैकिंग में सामान बिकता है, किस दाम पर मांग बनती है और किस तरह की सर्विस से ग्राहक वापस आता है।</p>
<p><strong>ODOC से रोजगार का नया भरोसा</strong><br>
ODOC को केवल खाने की पहचान तक सीमित नहीं देखना चाहिए। यह फूड सेक्टर को रोजगार, स्किल, महिला कमाई, किसान लिंक और छोटे बिजनेस से जोड़ने का मौका है।</p>
<p>अगर जिले की खास क्यूज़ीन के आसपास ट्रेनिंग सेंटर, फूड हब, लोकल सोर्सिंग, डिजिटल ऑर्डर और छोटे स्टॉल मॉडल बनते हैं, तो यूथ को अपने शहर में काम मिल सकता है। महिलाएं घर के स्वाद को कमाई में बदल सकती हैं, किसान की उपज को लोकल खरीदार मिल सकता है और छोटे दुकानदार ज्यादा संगठित तरीके से आगे बढ़ सकते हैं।</p>
<p>यही एक जिला-एक क्यूज़ीन की सोच का रोजगार वाला असर है। स्वाद से पहचान, पहचान से मांग, मांग से काम और काम से जिले की ग्रोथ बनती है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>योगी कैबिनेट की बैठक में 27 बड़े फैसलों को मंजूरी</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लखनऊ स्थित 5 कालीदास मार्ग पर कैबिनेट बैठक हुई। जिसमें 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। शाहजहांपुर जिले की तहसील जलालाबाद नगर का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने का फैसला लिया गया। सरकार के इस निर्णय के बाद नाम परिवर्तन से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। बैठक के … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 21:33:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>योगी, कैबिनेट, की, बैठक, में, बड़े, फैसलों, को, मंजूरी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लखनऊ स्थित 5 कालीदास मार्ग पर कैबिनेट बैठक हुई। जिसमें 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। शाहजहांपुर जिले की तहसील जलालाबाद नगर का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने का फैसला लिया गया। सरकार के इस निर्णय के बाद नाम परिवर्तन से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। बैठक के बाद आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि प्रदेश में निवेश, नवाचार और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। साथ ही यूपी स्टार्टअप नीति-2026 और डेटा सेंटर नीति-2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार का मानना है कि इन नीतियों से प्रदेश में नए निवेश आकर्षित होंगे और युवाओं को उद्यमिता के बेहतर अवसर मिलेंगे।</p>
<p><strong>योगी कैबिनेट में 27 प्रस्तावों पर मुहर</strong><br>
पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को भी मंजूरी दी है। यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी। इसके तहत लघु एवं सीमांत किसानों, पशुपालकों और डेयरी संचालकों के पशुओं का बीमा कराया जाएगा, ताकि महामारी, दुर्घटना, अपंगता या मृत्यु की स्थिति में उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके। इसके अलावा गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड का अस्पताल और वाराणसी में ईएसआई का मेडिकल कॉलेज बनेगा। इनके लिए निशुल्क जमीन हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गईं। वाराणसी के मेडिकल कॉलेज में 50% सीटें श्रमिकों के परिवार के लिए आरक्षित होगी।</p>
<p><strong>तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी</strong><br>
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी है। इनमें कानपुर के बिल्हौर में महर्षि योगी इंटरनेशनल कृषि विश्वविद्यालय, फतेहपुर में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय और गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।</p>
<p><strong>एक देश में दो विधान, दो प्रधान के खिलाफ शंखनाद</strong><br>
इससे पहले लखनऊ में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने देश की अखंडता के लिए 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान' के खिलाफ शंखनाद किया और 1953 में कश्मीर में बलिदान दिया। नेहरू सरकार की तुष्टीकरण नीति और धारा 370 के खिलाफ उनके सपने को पीएम मोदी के नेतृत्व में 2019 में धारा 370 हटाकर और संविधान लागू करके पूरा किया गया। सीएम ने यह भी कहा कि जिस बंगाल को उन्होंने बचाया, आज वहां भाजपा की डबल इंजन सरकार उनके स्थलों के पुनरुद्धार के लिए प्रभावी काम कर रही है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए बड़ी सौगात, श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु चलेंगी 300 विशेष ट्रेनें</title>
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<description><![CDATA[ भुवनेश्वर  रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ओडिशा के पुरी में 16 जुलाई से शुरू होने वाले भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के लिए 300 से ज़्यादा विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। ओडिशा के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे श्री वैष्णव ने भगवान जगन्नाथ की आगामी रथ यात्रा को लेकर रेलवे की ओर से … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 21:32:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भगवान, जगन्नाथ, रथ, यात्रा, के, लिए, बड़ी, सौगात, श्रद्धालुओं, की, सुविधा, हेतु, चलेंगी, 300, विशेष, ट्रेनें</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भुवनेश्वर</strong><br>
 रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ओडिशा के पुरी में 16 जुलाई से शुरू होने वाले भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के लिए 300 से ज़्यादा विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की है।<br>
ओडिशा के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे श्री वैष्णव ने भगवान जगन्नाथ की आगामी रथ यात्रा को लेकर रेलवे की ओर से की गयीं तैयारियों का जायज़ा लिया और अधिकारियों को श्रद्धालुओं की यात्रा को सुखद और आरामदायक बनाने को लेकर निर्देश दिया।</p>
<p>गौरतलब है कि भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को 16 जुलाई से शुरू होगी और 24 जुलाई को सम्पन्न होगी।</p>
<p>इस दौरान उन्होंने पुरी-कोरापुट एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ट्रेन के परिचालन से ओडिशा के आंतरिक हिस्से में रेल सम्पर्क मजबूत होगा। इसके साथ ही उन्होंने ओडिशा और गुजरात के बीच चलने वाली ब्रह्मपुर-उधना अमृत भारत एक्सप्रेस (रोज़ाना चलने वाली) को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।</p>
<p>रेल मंत्री ने बताया कि इस साल रथ यात्रा के लिए 300 से ज़्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना है। ये ट्रेनें नियमित रूप से चलने वाली 800 से ज़्यादा ट्रेनों के अलावा होंगी। उन्होंने कहा, " केरल में इस साल ओणम के मौके पर हम 100 से ज़्यादा विशेष ट्रेनें चलाएंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा, "इस साल 30 जून को खत्म हुए गर्मी के मौसम के दौरान रिकॉर्ड 15,000 विशेष ट्रेनें चलाई गयीं। जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए 300 से ज़्यादा विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। केरल में ओणम के लिए 100 से ज़्यादा विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। रेलवे, केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कोशिश है कि हमारे नागरिकों को सस्ती और सुरक्षित यात्रा की सुविधा मिलें।"<br>
श्री वैष्णव ने आज नांदेड़-मुंबई और टनकपुर-नांदेड़ एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा, "आज उत्तराखंड के टनकपुर से हजूर साहिब, नांदेड़ के लिए एक नई ट्रेन सेवा शुरू की गई है। तराई क्षेत्र में रहने वाले हमारे सिख भाई-बहनों की लगातार मांग थी। आज वाशिम और हिंगोली होते हुए नांदेड़ को मुंबई से जोड़ने वाली एक ट्रेन सेवा भी शुरू की गयी है, जिससे विदर्भ और मराठवाड़ा के कई ज़िलों का मुंबई से सम्पर्क बेहतर होगा। पीलीभीत, आगरा और टनकपुर को जोड़ने वाली कुछ ट्रेन सेवाएँ भी शुरू की गयी हैं।"</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>खामेनेई के जनाजे से दूरी! 3 बड़े मुस्लिम देशों की गैरमौजूदगी ने बढ़ाए सवाल, इस्लामी दुनिया में दिखी दरार</title>
<link>https://atworldnews.in/9121</link>
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<description><![CDATA[ तेहरान  यह एक ऐसा दृश्य था, जिसकी ओर पूरी मुस्लिम उम्मा की निगाहें टिकी थीं. ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में दुनिया भर से प्रतिनिधिमंडल पहुंचे. भारत के केंद्रीय मंत्री पहुंचे. चीन ने अपना विशेष दूत भेजा, रूस की ओर से वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे, तुर्की के उपराष्ट्रपति तेहरान पहुंचे, पाकिस्तान … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 21:32:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>खामेनेई, के, जनाजे, से, दूरी, बड़े, मुस्लिम, देशों, की, गैरमौजूदगी, ने, बढ़ाए, सवाल, इस्लामी, दुनिया, में, दिखी, दरार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>तेहरान </strong></p>
<p>यह एक ऐसा दृश्य था, जिसकी ओर पूरी मुस्लिम उम्मा की निगाहें टिकी थीं. ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में दुनिया भर से प्रतिनिधिमंडल पहुंचे. भारत के केंद्रीय मंत्री पहुंचे. चीन ने अपना विशेष दूत भेजा, रूस की ओर से वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे, तुर्की के उपराष्ट्रपति तेहरान पहुंचे, पाकिस्तान का तो पूरा कुनबा ही वहां था. मध्य एशिया के कई देशों ने भी शिरकत की. लेकिन इस भीड़ में तीन नामों की अनुपस्थिति सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी. ये तीन देश थे- संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन और कुवैत। </p>
<p>ये तीनों देश न केवल मुस्लिम बहुल राष्ट्र हैं, बल्कि खाड़ी क्षेत्र की राजनीति और अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ भी हैं. विशुद्ध इस्लामिक देश होने के बावजूद इन 3 देशों ने आखिर मुस्लिम दुनिया के एक बड़े चेहरे को श्रद्धांजलि देने के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजा? लेकिन क्यों? वो भी तब जब दुनिया के कई देश तेहरान में मौजूद थे। </p>
<p>ये वो सवाल है जिसमें गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल  (GCC) की राजनीति, खाड़ी में मुस्लिम देशों के बीच की प्रतिद्वंद्विता और आपसी टकराव की कहानी छिपी है। </p>
<p><strong>तीन कट्टर मुस्लिम देशों ने खामेनेई को नहीं दी श्रद्धांजलि</strong><br>
GCC की स्थापना 25 मई 1981 को हुई थी. इसके कुल 6 सदस्य देश हैं. सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान. इसकी स्थापना का उद्देश्य मुस्लिम उम्मा समेत पूरी दुनिया में ईरान के बढ़ते प्रभाव को कम करना था. यहां यह भी जानना जरूरी है कि  बहरीन को छोड़कर GCC के सभी 5 देश सुन्नी बहुल हैं, जब ईरान शिया बहुल इस्लामिक राष्ट्र् है. इसलिए भी इनके बीच प्रतियोगिता चलती रहती है। </p>
<p>बहरीन की कहानी थोड़ी अलग है. यह देश है तो शिया बहुल लेकिन यहां शासन सुन्नी अल खलीफा परिवार के पास है. इसलिए बहरीन का ईरान से तनाव रहता है. बहरीन की सुन्नी राजशाही लंबे समय से ईरान पर देश के शिया समुदाय को प्रभावित करने का आरोप लगाती रही है। </p>
<p> वहीं UAE और ईरान के बीच अबू मूसा तथा टुंब द्वीपों को लेकर पुराना क्षेत्रीय विवाद मौजूद है. कुवैत के संबंध अपेक्षाकृत संतुलित रहे हैं, लेकिन उसने भी हमेशा ईरान के साथ एक सावधानीपूर्ण दूरी बनाए रखी है। </p>
<p>लंबे समय तक ईरान और GCC के बीच संबंध अविश्वास, प्रतिस्पर्धा और धार्मिक वैचारिक टकराव से प्रभावित रहे. ईरान खुद को क्षेत्रीय शक्ति मानता है, जबकि खाड़ी देशों को अक्सर लगता रहा है कि तेहरान अपनी क्रांतिकारी विचारधारा और क्षेत्रीय नेटवर्क के जरिए अरब दुनिया में प्रभाव बढ़ाना चाहता है। </p>
<p>हाल के ईरान-अमेरिका इजरायल युद्ध के दौरान ईरान ने GCC के इन सभी 6 देशों पर अपने शाहेद ड्रोनों से तबाही मचा दी. तुलनात्मक रूप से ताकतवर माने जाने वाले सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पर भी ईरान ने हमले किए. ईरान के इन हमलों के दौरान खाड़ी के देश असहाय और मजबूर बने रहे। </p>
<p>सबसे ज्यादा नुकसान UAE, कतर, कुवैत, बहरीन को हुआ. ईरान ने सऊदी में भी बम गिराकर उसकी औकात बता दी. ओमान को सीमित नुकसान हुआ। </p>
<p><strong>UAE, बहरीन और कुवैत क्यों गायब रहे?</strong><br>
अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में UAE, बहरीन और कुवैत की अनुपस्थिति महज एक प्रोटोकॉल संबंधी फैसला नहीं थी, बल्कि यह खाड़ी क्षेत्र की जटिल कूटनीति का संकेत भी थी. ऐसा करके UAE, बहरीन, कुवैत ने ईरान के हमले के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई है। </p>
<p>जंग में ईरान ने इन देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक परिसंपत्तियों को निशाना बनाया था. इससे इन देशों की सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गईं. UAE की विदेश नीति अब "सुरक्षा पहले" पर आधारित है. अबू धाबी ईरान को क्षेत्रीय खतरा मानता है और अपनी सुरक्षा के लिए इजरायल, अमेरिका के साथ सैन्य-आर्थिक गठबंधन मजबूत कर रहा है। </p>
<p>बहरीन लंबे समय से ईरान पर अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाता रहा है. बहरीन में अमेरिका का नौसैनिक अड्डा है, इसलिए उसका झुकाव भी अमेरिका की ओर है। </p>
<p>कुवैत के संबंध अपेक्षाकृत संतुलित हैं, लेकिन वह भी ईरान के प्रति सतर्क नीति अपनाता है. इन तीनों देशों के लिए अमेरिका सुरक्षा का प्रमुख साझेदार है, इसलिए तेहरान में उच्च-स्तरीय उपस्थिति एक गलत राजनीतिक संदेश दे सकती थी। </p>
<p>ईरान ने इस अनुपस्थिति को "अमेरिकी दबाव" से जोड़ा. तस्नीम न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि अमेरिका ने कई अरब देशों पर दबाव डाला. UAE, बहरीन और कुवैत ने इसे खारिज नहीं किया, लेकिन चुप्पी साध ली। </p>
<p>अगर इन हमलों के बावजूद UAE अपना प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजता तो इससे संयुक्त अरब अमीरात की घरेलू राजनीति में गलत संदेश जाता. इससे ऐसा लगता कि UAE ईरान के सामने झुक गया है, इसलिए ईरानी हमले झेलने के बावजूद ईरानी नेता को श्रद्धांजलि देने को विवश है. यहां बात सुन्नी और शिया विचारधाराओं के टकराव की भी बात थी. इसे सुन्नी आबादी की बहुलता वाले UAE को शिया बहुल ईरान के सामने झुकने के तौर पर देखा जाता। </p>
<p><strong>सऊदी अरब, कतर और ओमान ने क्यों भेजे प्रतिनिधि?</strong><br>
सऊदी अरब, कतर और ओमान ने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के जनाजे में आधिकारिक प्रतिनिधि भेजकर क्षेत्रीय कूटनीति का नया संकेत दिया है.  सऊदी अरब ने उपविदेश मंत्री वलीद अल खुरैजी के नेतृत्व में डेलिगेशन भेजा. सऊदी प्रतिनिधिमंडल की ओर से खामेनेई को श्रद्धांजलि की तस्वीरें पूरी दुनिया में देखी गईं. इसे दुनिया के कट्टर सुन्नी राष्ट्र द्वारा एक शिया देश को बराबरी का मान्यता देने जैसा था. वो भी तब जब ईरान ने इस जंग में सऊदी अरब पर ड्रोन बरसाए। </p>
<p>लेकिन सऊदी द्वारा इस अपमान को भूलाकर तेहरान अपने प्रतिनिधि को भेजना इस बात को दर्शाता है कि रियाद ईरान के साथ तनाव कम करना चाहता है. जनाजा में भागीदारी "संवाद" की नीति को मजबूत करती है, जबकि इजरायल के साथ संबंधों को संतुलित रखती है. ईरान में अपना प्रतिनिधिमंडल भेजकर सऊदी ने अपनी स्वतंत्र विदेश नीति का परिचय दिया है और हो सकता है कि ऐसा करते हुए सऊदी ने अमेरिका की नाराजगी भी मोल ली हो। </p>
<p>कतर लंबे समय से ईरान के साथ व्यावहारिक और संतुलित संबंध बनाए हुए है, कतर का रोल इस समय एक मध्यस्थ की तरह है. हालांकि ईरान ने उस पर भी हमले किए थे. बावजूद कतर ने इसे ज्यादा तवज्जो न देते हुए अपने दूत को भेजा। </p>
<p>जबकि ओमान पारंपरिक रूप से क्षेत्रीय मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है और तेहरान तथा पश्चिमी देशों के बीच संवाद का सेतु माना जाता है।  </p>
<p>इस घटना ने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के बीच के दरार को भी सामने ला दिया है, जहां सऊदी अरब और UAE के बीच अघोषित प्रतियोगिता चलती रहती है. हाल ही में सऊदी ने UAE के ठिकानों पर हमले किए थे. इसलिए ईरान के मुद्दे पर दोनों देशों का अलग रुख रखना लाजिमी था। </p>
<p>यह घटना दिखाती है कि गल्फ की राजनीति अब 'मजहब' से ज्यादा 'राष्ट्रीय हित' पर आधारित है. सऊदी अरब का डेलिगेशन भेजना ईरान के साथ 'संतुलन' की कोशिश है, जबकि UAE-बहरीन-कुवैत का बायकॉट ईरान-विरोधी ब्लॉक को मजबूत करता है. UAE, बहरीन और कुवैत की गैर-मौजूदगी खामेनेई के जनाजे को 'मुस्लिम एकता' का प्रतीक बनाने में असफल रही. यह GCC की कूटनीति की वास्तविकता है, जहां पुरानी दुश्मनी और नए गठबंधन (इजराइल-अमेरिका) पुरानी धार्मिक एकता को दरकिनार कर देते हैं। </p>]]> </content:encoded>
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<title>दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियों को सहेजने और संरक्षित करने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम</title>
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<description><![CDATA[ दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियों को सहेजने और संरक्षित करने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम देश की प्राचीन मेधा को भावी पीढ़ी तक पहुँचाने का महायज्ञ- अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ज्ञान भारतम् ऐप पर मध्यप्रदेश ने अपलोड की सबसे अधिक दुर्लभ पांडुलिपियाँ प्रदेश की 34 लाख 45 हजार से अधिक पांडुलिपियों पन्नों का पंजीकरण, 12 लाख से … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 21:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दुर्लभ, प्राचीन, पांडुलिपियों, को, सहेजने, और, संरक्षित, करने, में, मध्यप्रदेश, देश, में, प्रथम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियों को सहेजने और संरक्षित करने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम</strong></p>
<p><strong>देश की प्राचीन मेधा को भावी पीढ़ी तक पहुँचाने का महायज्ञ- अपर मुख्य सचिव  शुक्ला<br>
ज्ञान भारतम् ऐप पर मध्यप्रदेश ने अपलोड की सबसे अधिक दुर्लभ पांडुलिपियाँ<br>
प्रदेश की 34 लाख 45 हजार से अधिक पांडुलिपियों पन्नों का पंजीकरण, 12 लाख से अधिक पांडुलिपियों का हुआ सत्यापन</strong></p>
<p><strong>भोपाल :</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सांस्कृतिक अभ्युदय के संकल्प को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सशक्त नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश की धरती ने भारत की प्राचीन ज्ञान-संपदा और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के विषय में देश भर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार की डिजिटल पहल 'ज्ञान भारतम् ऐप' के अनुसार, दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियों की सूचना दर्ज करने और उनके संरक्षण के मामले में मध्यप्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर आ गया है। यह सफलता राज्य की समृद्ध ऐतिहासिक और बौद्धिक विरासत को वैश्विक पटल पर पुनः स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। अब तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ज्ञान भारतम् ऐप के माध्यम से 3 जुलाई 2026 को मध्यप्रदेश ने अब तक कुल 34 लाख 45 हजार 439 पांडुलिपियों पन्नों का पंजीकरण किया जा चुका है। 12 लाख 13 हजार 127 पांडुलिपियों का 'ज्ञान भारतम्' द्वारा सफलतापूर्वक सत्यापन हुआ है शेष सत्यापन की प्रक्रिया में हैं, जिनका चरणबद्ध तरीके से परीक्षण एवं प्रमाणीकरण किया जा रहा है।</p>
<p><strong>देश की प्राचीन मेधा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महायज्ञ- अपर मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला</strong></p>
<p>अपर मुख्य सचिव संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा सामान्य प्रशासन श्री शिव शेखर शुक्ला ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा है कि आज भी विश्वभर के मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों और संग्रहालयों में संरक्षित भारतीय पाण्डुलिपियाँ हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर हैं। इनका संरक्षण, डिजिटलीकरण और पुनर्प्रसार भारत की प्राचीन ज्ञान-संपदा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। इसी के साथ भारत अपनी ज्ञान परंपरा को वैश्विक स्तर पर पुनः स्थापित करते हुए 'विश्व गुरु' की अपनी गौरवशाली पहचान को सशक्त बना रहा है। मध्यप्रदेश के जिलों के उत्कृष्ट प्रयासों ने न केवल प्रदेश की समृद्ध ज्ञान परंपरा के संरक्षण को नई दिशा दी है, बल्कि भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं बौद्धिक धरोहर को संरक्षित करने के राष्ट्रीय अभियान को भी मजबूती प्रदान की है।</p>
<p><strong>प्रदेश में पांडुलिपियों के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान</strong></p>
<p>ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत पांडुलिपियों के पंजीकरण में मध्यप्रदेश के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 1 जुलाई तक के आकंड़ों के अनुसार इनमें भोपाल ने सबसे अधिक 24 लाख 26, हजार 172 पांडुलिपियों का पंजीकरण किया है। इसके बाद इंदौर में 3,99,477, रीवा में 2,68,763, बैतूल में 1,00,593 तथा छिंदवाड़ा में 77,094 पांडुलिपियां दर्ज की गईं। पन्ना से 64,257, सागर से 60,025, ग्वालियर से 29,870, उज्जैन से 20,995, रायसेन से 15,539, मंदसौर से 12,412, अनूपपुर से 11,829, नीमच से 8,950, मऊगंज से 8,406, खंडवा से 5,740, जबलपुर से 4,715, सतना से 4,061, नर्मदापुरम (होशंगाबाद) से 4,049, गुना से 3,937, उमरिया से 3,824, दतिया से 3,179, विदिशा से 2,745, सीधी से 2,497, अशोकनगर से 1,908, बालाघाट से 1,741, शहडोल से 1,397, टीकमगढ़ से 1,290, मंडला से 957, शिवपुरी से 943, धार से 870, भिंड से 800, रतलाम से 731, मुरैना से 655, शाजापुर से 638, बड़वानी से 614, सीहोर से 607, सिवनी से 564, छतरपुर से 381, देवास से 330, श्योपुर से 310, नरसिंहपुर से 254, राजगढ़ से 198, निवाड़ी से 177, खरगोन से 171, मैहर से 146, दमोह से 133, बुरहानपुर से 120, हरदा से 84, कटनी से 83, आगर मालवा से 57, सिंगरौली से 33, झाबुआ से 17, अलीराजपुर से 8, पांढुर्ना से 3 तथा डिंडोरी से 1 पांडुलिपि का पंजीकरण किया गया। यह व्यापक सहभागिता दर्शाती है कि प्रदेश के सभी जिलों ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और पांडुलिपि धरोहर के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण के राष्ट्रीय अभियान में अपनी सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।</p>
<p><strong>'ज्ञान भारतम् ऐप' और इसका उद्देश्य</strong></p>
<p>'ज्ञान भारतम् ऐप' भारत सरकार की एक अनूठी डिजिटल पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखना और दुर्लभ पांडुलिपियों का एक विशाल डिजिटल अभिलेख (Digital Archive) तैयार करना है। ये भारतीय पांडुलिपियाँ केवल अतीत की स्मृतियाँ नहीं हैं, बल्कि 'वसुधैव कुटुम्बकम्' (विश्व एक परिवार है) की भावना से प्रेरित ज्ञान, संस्कृति और जीवन मूल्यों का जीवंत स्रोत हैं, जो संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती हैं। इस डिजिटल अभियान के माध्यम से शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए इन अमूल्य ग्रंथों तक पहुँच बेहद आसान हो गई है।</p>
<p><strong>पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण में नागरिक भी बन सकते हैं भागीदार</strong></p>
<p>ज्ञान भारतम् ऐप न केवल सूचना देता है, बल्कि आम जनता को भी इस सांस्कृतिक महायज्ञ से जोड़ता है। स्मार्ट सर्च: उपयोगकर्ता शीर्षक, लेखक, भाषा, विषय और संग्रह स्थल के आधार पर किसी भी पांडुलिपि की जानकारी आसानी से खोज सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति या संस्था के पास कोई दुर्लभ पांडुलिपि उपलब्ध है, तो वे ऐप के माध्यम से उसके संरक्षण या डिजिटलीकरण के लिए सीधे अनुरोध दर्ज कर सकते हैं। आम नागरिक अपने पास मौजूद प्राचीन हस्तलिखित ग्रंथों की जानकारी साझा कर भारत को पुनः 'विश्व गुरु' के रूप में स्थापित करने में अपना योगदान दे सकते हैं।</p>
<p><strong>जिलों से मिलीं दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियाँ</strong></p>
<p>ज्ञान भारतम् मिशन से हुए संरक्षण कार्य से कई प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों का पता चला है। टीकमगढ़ से 10 फीट लंबा जम्बूद्वीप का रहस्यमयी नक्शा मिला है। इसमें प्राचीन भारतीय भूगोल को दर्शाने वाला 'जम्बूद्वीप' का एक अत्यंत रहस्यमयी और दुर्लभ नक्शा अंकित है।चित्र में बीच में वृत्ताकार संरचना है, उसके चारों ओर पर्वत-मालाएं और क्षेत्र दिखाए गए हैं।</p>
<p>इसी तरह पन्ना से महाकवि केशव दास रचित रसिक प्रिया(1591 ई) की हस्त लिखित पांडुलिपि श्री राम जानकी मंदिर में मिली है। यह रीतिकाल का एक प्रतिष्ठित 'लक्षण-ग्रंथ' है जो काव्यशास्त्र, श्रृंगार रस और नायिका-भेद पर आधारित है। इसमें अमूर्त शास्त्रीय नियमों को राधा-कृष्ण के प्रेम प्रसंगों और मौलिक छंदों के माध्यम से समझाया गया है।</p>
<p>बुरहानपुर से 220 वर्ष पुराना हस्तलिखित 20 फीट लंबा प्राचीन 'श्रीमद्भागवत महापुराण' ग्रंथ भी शामिल है, जिसका आधिकारिक तौर पर पंजीयन कर लिया गया है। दतिया के श्री राधा वल्लभ मिश्रा के आवास से ओरछा नरेश राजा उद्दोत सिंह के समय का एक ताम्रपत्र अभिलेख प्राप्त हुआ है, जिस पर विक्रम संवत 1828 अंकित है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>मुंगेली : महतारी वंदन योजना बनी सुनीता साहू के बच्चों की बेहतर शिक्षा का आधार</title>
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<description><![CDATA[ मुंगेली : महतारी वंदन योजना बनी सुनीता साहू के बच्चों की बेहतर शिक्षा का आधार प्रतिमाह की सहायता राशि से बच्चों की पढ़ाई और स्कूल वैन का खर्च हो रहा आसान मुंगेली  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 21:01:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुंगेली, महतारी, वंदन, योजना, बनी, सुनीता, साहू, के, बच्चों, की, बेहतर, शिक्षा, का, आधार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंगेली : महतारी वंदन योजना बनी सुनीता साहू के बच्चों की बेहतर शिक्षा का आधार</strong></p>
<p><strong>प्रतिमाह की सहायता राशि से बच्चों की पढ़ाई और स्कूल वैन का खर्च हो रहा आसान</strong></p>
<p><strong>मुंगेली</strong></p>
<p> मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना जिले की हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण सहयोग दे रही है। जिले के ग्राम लिम्हा की निवासी श्रीमती सुनीता साहू भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने परिवार के भविष्य को संवार रही हैं। उन्हें प्रतिमाह मिलने वाली 01 हजार रुपये की सहायता राशि बच्चों की शिक्षा पर खर्च करने का अवसर दे रही है। <br>
     सुनीता ने बताया कि इस राशि से वे अपने बच्चों की स्कूल वैन का किराया और पढ़ाई से जुड़ी आवश्यकताओं को सहजता से पूरा कर पा रही हैं। पहले बच्चों की पढ़ाई से जुड़े खर्चों का प्रबंधन करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता था, लेकिन अब महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित सहायता ने काफी राहत दी है। इससे बच्चों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी पहले से अधिक संतुलित हुई है। उन्होंने बताया कि योजना से मिलने वाली राशि छोटी जरूर है, लेकिन नियमित रूप से मिलने के कारण यह परिवार के लिए बड़ा सहारा बन गई है। इससे बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देना आसान हुआ है और भविष्य को लेकर आत्मविश्वास भी बढ़ा है। सुनीता साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और परिवार की आर्थिक मजबूती का प्रभावी माध्यम बन रही है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>LPG पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला! रसोई गैस सप्लाई बढ़ाने के लिए उठाया ऐतिहासिक कदम</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली भारत सरकार अब रसोई गैस (LPG) की सप्लाई को और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की सरकारी तेल कंपनियां अब अमेरिका (US) से एलपीजी की खरीद को मौजूदा स्तर से लगभग दोगुना करने की तैयारी में हैं। इसका मुख्य उद्देश्य गल्फ देशों (मध्य … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 20:32:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>LPG, पर, मोदी, सरकार, का, बड़ा, फैसला, रसोई, गैस, सप्लाई, बढ़ाने, के, लिए, उठाया, ऐतिहासिक, कदम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>भारत सरकार अब रसोई गैस (LPG) की सप्लाई को और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की सरकारी तेल कंपनियां अब अमेरिका (US) से एलपीजी की खरीद को मौजूदा स्तर से लगभग दोगुना करने की तैयारी में हैं। इसका मुख्य उद्देश्य गल्फ देशों (मध्य पूर्व) पर निर्भरता कम करना और भविष्य में किसी भी वैश्विक संकट के दौरान देश में गैस की कमी न होने देना है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।</p>
<p>फिलहाल, भारत हर साल अमेरिका से करीब 22 लाख टन (2.2 मिलियन टन) एलपीजी खरीदता है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार अब इस मात्रा को लगभग दोगुना करने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही भारत अल्जीरिया जैसे अन्य देशों से भी एलपीजी आयात बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहा है, ताकि गैस सप्लाई के लिए किसी एक क्षेत्र पर अधिक निर्भर न रहना पड़े।</p>
<p>दरअसल, इस साल पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़े तनाव और ईरान-इजरायल-अमेरिका से जुड़े घटनाक्रम के दौरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले कई एलपीजी जहाज प्रभावित हुए थे। उस समय भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता रसोई गैस की उपलब्धता थी। ऐसे मुश्किल समय में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा वैकल्पिक एलपीजी सप्लायर बनकर सामने आया और उसने लगातार गैस की आपूर्ति जारी रखी।</p>
<p>सरकारी अधिकारियों का कहना है कि कच्चे तेल (Crude Oil) की उपलब्धता को लेकर उतनी चिंता नहीं थी, लेकिन एलपीजी की सप्लाई प्रभावित होने का खतरा काफी बड़ा था। दुनिया में गल्फ देशों के अलावा बहुत कम देश बड़े पैमाने पर एलपीजी का उत्पादन करते हैं। ऐसे में अमेरिका से अतिरिक्त सप्लाई मिलने से भारत को काफी राहत मिली।</p>
<p>अब सरकार सिर्फ आयात बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहती। पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को 30 दिनों का स्ट्रेटजिक LPG रिजर्व (Strategic Reserve) तैयार करने की योजना पर काम करने को कहा है। इसका मतलब है कि यदि भविष्य में किसी कारण से आयात कुछ समय के लिए रुक भी जाए, तब भी देश में कम से कम 30 दिनों तक रसोई गैस की सप्लाई बिना किसी परेशानी के जारी रखी जा सके। यह नया स्ट्रेटजिक रिजर्व पहले से मौजूद 45 दिनों के सामान्य स्टॉक के अतिरिक्त होगा, जिसे तेल कंपनियां घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की मांग पूरी करने के लिए हमेशा बनाए रखती हैं।</p>
<p>आंकड़ों पर नजर डालें तो 2025 में भारत के कुल एलपीजी आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी 8% से भी कम थी। लेकिन, नवंबर 2025 में हुए एक साल के समझौते के बाद तस्वीर तेजी से बदल गई। जनवरी 2026 में यह हिस्सा बढ़कर 12% हुआ, फरवरी में 13% पहुंचा और पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने के बाद मार्च में यह 37% तक पहुंच गया। अप्रैल में अमेरिका की हिस्सेदारी 40% मई में 55% और जून में रिकॉर्ड 65% तक पहुंच गई।</p>
<p>इसका मतलब है कि अब भारत की एलपीजी जरूरतों को पूरा करने में अमेरिका की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। इसके अलावा भारत ने अर्जेंटीना, नाइजीरिया और मलेशिया जैसे देशों से भी गैस खरीदकर अपनी सप्लाई चेन को मजबूत किया है।</p>
<p>एक्सपर्ट का मानना है कि सप्लाई के सोर्स में विविधता लाने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। अगर भविष्य में फिर से किसी क्षेत्र में युद्ध, राजनीतिक तनाव या समुद्री मार्ग बाधित होता है, तो देश को रसोई गैस की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ने से भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंध भी और मजबूत हो सकते हैं।</p>
<p>सरकार का यह कदम सिर्फ गैस खरीद बढ़ाने का फैसला नहीं है, बल्कि यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक तैयारी और आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>रूस का बड़ा हमला! 68 मिसाइल और 351 ड्रोन से दहला यूक्रेन, NATO समिट से पहले शक्ति प्रदर्शन; 14 की मौत</title>
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<description><![CDATA[ कीव  यूक्रेन एक बार फिर रूसी से हमले से दहला उठा है। राजधानी कीव पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। इस घटना में 46 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हं। कीव इलाके के सैन्य प्रशासन के प्रमुख तिमुर तकाचेंको ने इस घटना की … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 20:32:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>रूस, का, बड़ा, हमला, मिसाइल, और, 351, ड्रोन, से, दहला, यूक्रेन, NATO, समिट, से, पहले, शक्ति, प्रदर्शन, की, मौत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कीव </strong></p>
<p>यूक्रेन एक बार फिर रूसी से हमले से दहला उठा है। राजधानी कीव पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। इस घटना में 46 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हं। कीव इलाके के सैन्य प्रशासन के प्रमुख तिमुर तकाचेंको ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि रूसी हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 46 लोग घायल हुए हैं, जिनमें पांच बच्चे शामिल हैं। आपातकालीन सेवाओं ने बताया कि शहर के विभिन्न इलाकों में तीन और लोगों की मौत हुई है। तकाचेंको ने टेलीग्राम पर लिखा कि 20 से अधिक जगहों पर बचाव अभियान चल रहे हैं।</p>
<p>वहीं, मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों ने कई इमारतों को क्षतिग्रस्त किया, अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में आग लग गई और गोदामों तथा गैरेज वर्कशॉप को नुकसान पहुंचा। सुबह तक तीन बड़ी इमारतें आंशिक रूप से ढह गईं। बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि हेलीकॉप्टर नदी से पानी लेकर आग बुझाने की कोशिश की जा रही है</p>
<p><strong>नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हमला</strong><br>
बता दें कि ये हमले तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से महज पहले हुए हैं, जहां यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की उम्मीद है। हमलों से कुछ घंटे पहले जेलेंस्की ने चेतावनी दी थी कि गुरुवार के हमले (जिसमें 30 लोग मारे गए) के बाद रूस एक और बड़ा हमला करने की तैयारी कर रहा है।</p>
<p><strong>रूस ने दागीं 68 मिसाइलें और 351 ड्रोन</strong><br>
यूक्रेन की वायु सेना के अनुसार, रूस ने 23 बैलिस्टिक मिसाइलें, छह सुपरसोनिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों सहित कुल 68 मिसाइलें तथा 351 ड्रोन दागे। यूक्रेनी वायु रक्षा ने 37 मिसाइलों और 326 ड्रोनों को नष्ट या निष्क्रिय कर दिया, लेकिन बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों में से कोई भी रोक नहीं पाई। इस हमले के बाद जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर सिस्टम की और मांग की है, जिसे वे बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ एकमात्र प्रभावी सुरक्षा मानते हैं।</p>
<p><strong>क्या बोला रूस?</strong><br>
दूसरी ओर रूस के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उसने हवा, जमीन और समुद्र से लॉन्च किए गए लंबी दूरी के सटीक हथियारों और ड्रोनों से हमला किया। मॉस्को का दावा है कि उसने कीव समेत यूक्रेन के कई इलाकों में सैन्य, ऊर्जा और रक्षा औद्योगिक सुविधाओं को निशाना बनाया। बता दें कि यह हमला कीव पर हाल ही में हुए सबसे घातक हमले के महज कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसमें 31 लोग मारे गए थे। इस सप्ताह तुर्की के अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन होना है, जहां ट्रंप जेलेंस्की से मुलाकात के अलावा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बातचीत कर सकते हैं।</p>
<p><strong>यूक्रेन का जवाबी हमला</strong><br>
रात भर यूक्रेन ने भी रूस के अंदर ड्रोन हमले किए। रॉयटर्स के अनुसार, यूक्रेनी ड्रोनों ने बाल्टिक सागर के वायसोटस्क और उस्त-लुगा बंदरगाहों को नुकसान पहुंचाया, जो रूस का प्रमुख तेल निर्यात टर्मिनल है। क्रीमिया के सेवस्तोपोल में अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रूस ने इन हमलों को यूक्रेन के हालिया हमलों का जवाब बताया, जबकि यूक्रेन का आरोप है कि रूस जानबूझकर नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>सुशासन तिहार से 53 नए टीबी मरीजों की पहचान कर तत्काल उपचार शुरू</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में आयोजित सुशासन तिहार जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रभावी अभियान बनकर उभरा है। इसी क्रम में 1 मई से 10 जून 2026 तक सरगुजा जिले में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर टीबी की … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 20:31:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सुशासन, तिहार, से, नए, टीबी, मरीजों, की, पहचान, कर, तत्काल, उपचार, शुरू</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में आयोजित सुशासन तिहार जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रभावी अभियान बनकर उभरा है। इसी क्रम में 1 मई से 10 जून 2026 तक सरगुजा जिले में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर टीबी की समय पर पहचान, उपचार और जनजागरूकता पर व्यापक अभियान चलाया गया।</p>
<p>जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित 42 विशेष स्वास्थ्य शिविरों में 5,890 लोगों की डिजिटल एक्स-रे जांच की गई, जिनमें 30 व्यक्तियों में टीबी की पुष्टि हुई। वहीं 538 बलगम (स्पुटम) जांच में 23 मरीज टीबी पॉजिटिव पाए गए। अभियान के दौरान कुल 53 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उनका तत्काल उपचार प्रारंभ कराया गया, जिससे बीमारी के प्रसार को रोकने और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में सफलता मिली। अभियान के दौरान संभावित मरीजों की पहचान, जांच, उपचार एवं नियमित फॉलोअप की प्रभावी मॉनिटरिंग की गई। साथ ही निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत उपचाररत मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया।</p>
<p>जिले की 40 ग्राम पंचायतों के सचिवों ने निक्षय मित्र के रूप में सहभागिता निभाते हुए उपचाररत 38 टीबी मरीजों को फूड बास्केट प्रदान किए, जिससे उपचार अवधि में उन्हें आवश्यक पोषण सहयोग मिल सके। टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से टीबी मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंच एवं सचिवों को जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में महात्मा गांधी जी की प्रतिमा एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस पहल से अन्य ग्राम पंचायतों को भी टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरणा मिल रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप सुशासन तिहार के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की जा रही है।</p>
<p>स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना या टीबी के अन्य लक्षण दिखाई दें तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क जांच अवश्य कराएं। समय पर जांच, नियमित उपचार और जनसहभागिता से टीबी मुक्त सरगुजा तथा टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को शीघ्र साकार किया जा सकता है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सीएम डॉ. यादव ने किया इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि&#45;पूजन, बोले&#45; गरीब&#45;अन्नदाता&#45;युवा&#45;नारी का होगा कल्याण</title>
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<description><![CDATA[ सीएम डॉ. यादव ने किया इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन, बोले- गरीब-अन्नदाता-युवा-नारी का होगा कल्याण – डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के मौके पर भोपाल को मिली बड़ी सौगात – राजधानी के सतगढ़ी में स्थापित होगा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अलग पहचान बना रहा … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 20:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सीएम, डॉ., यादव, ने, किया, इंडस्ट्रियल, पार्क, का, भूमि-पूजन, बोले-, गरीब-अन्नदाता-युवा-नारी, का, होगा, कल्याण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सीएम डॉ. यादव ने किया इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन, बोले- गरीब-अन्नदाता-युवा-नारी का होगा कल्याण</strong></p>
<p><strong>– डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के मौके पर भोपाल को मिली बड़ी सौगात<br>
– राजधानी के सतगढ़ी में स्थापित होगा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क<br>
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अलग पहचान बना रहा भारत</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong><br>
 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 जुलाई को राजधानी भोपाल के सतगढ़ी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश इकलौता राज्य है, जिससे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का विशेष नाता रहा है। आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर भोपाल को सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और कन्वेंशन सेंटर की बड़ी सौगात मिली है। आज एक नया इतिहास बन रहा है। यह इंडस्ट्रियल पार्क देश के पहले उद्योग मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से जाना जाएगा। हम जो कहते हैं, करके दिखाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण पर विशेष जोर दिया। राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र हमारे किसानों के लिए भी समृद्धि का द्वार खोलेंगे। युवाओं को रोजगार मिलेगा। गारमेंट इंडस्ट्री से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। हमारी सरकार खेत से कारखाने और उद्योग को बाजार से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है। भोपाल प्राकृतिक सुंदरता और झील-तालाबों की नगरी है, लेकिन अब यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भी राजधानी की पहचान बनेगा। अनेक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। भोपाल औद्योगिक नगरी के रूप में नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यहां से प्रदेश के विकास का नया सूर्योदय हो रहा है। प्रदेश के प्रत्येक अंचल में देश-दुनिया के निवेशक औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर रहे हैं। कल ही चंबल के शिवपुरी में ढाई हजार करोड़ लागत से रक्षा क्षेत्र की बड़ी औद्योगिक ईकाई का भूमि-पूजन किया है। इससे पूर्व मुरैना को सोलर सेक्टर की बड़ी सौगात दी है। उन्होंने कहा कि रोजगार आधारित उद्योगों के लिए गुना में 2 हजार करोड़ का सीमेंट प्लांट भी बनाया जा रहा है। शिवपुरी में बनने वाली मिसाइलों की क्षमता 1000 किलोमीटर की होगी, जो पाकिस्तान के किसी भी कोने तक पहुंच सकेगी।</p>
<p><strong>हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार</strong><br>
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत@2047 के संकल्प की पूर्ति में मध्यप्रदेश भी विकास के मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भोपाल में पहली बार जीआईएस जैसे बड़ा आयोजन संपन्न हुआ, जिसे प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आशीर्वाद मिला। जीआईएस 2025 में आए 30 लाख करोड़ से अधिक निवेश को देखकर विरोधियों ने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। इस आयोजन में देश-दुनिया के बड़े उद्योगपति और औद्योगिक घराने शामिल हुए। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के बलबूते आज 30 लाख करोड़ के निवेश में से 10 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर आ चुका है। प्रदेश में पहली बार 30 प्रतिशत निवेश धरातल पर आने का नया कीर्तिमान बना है। किसान कल्याण वर्ष में जनवरी से लेकर अब तक निवेशकों के साथ 86 हजार करोड़ के एमओयू साइन हुए हैं। प्रदेशभर में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में ही 15 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की बहनों को भी हर महीने सौगात मिल रही है। अब तक मुख्यमंत्री लाड़ली बहन योजना में राज्य सरकार 50 हजार करोड़ से अधिक राशि लाड़ली बहनों को दे चुकी है। अब बहनें रोजगार आधारित उद्योगों में काम करेंगी तो उन्हें 5000 रुपए अलग से दिया मिलेगा।</p>
<p><strong>सभी के लिए कानून एक जैसा होना चाहिए</strong><br>
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 'एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान' की बात कही थी। उनके इस संकल्प को साकार करने के लिए राज्य में अब समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। समाज के हर वर्ग के लिए कानून एक जैसा होना चाहिए। प्रदेश की जनता ने तय कर लिया है कि डंके की चोट पर हर हालत में यूसीसी मध्यप्रदेश में लागू होगा। इसके लिए कमेटी ने सभी धर्म-समुदाय के सुझाव लिए ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो। अब मध्यप्रदेश एक समान कानून लागू करने वाला देश के बड़े राज्यों में शामिल प्रदेश बन जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन से हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश हमारे साथ काम कर रहे हैं। इन देशों से 10 हजार करोड़ का विदेशी निवेश भी मध्यप्रदेश को मिला है। प्रदेश में छोटे-मझोले उद्योगों की देनदारी खत्म कर दी गई है। बिजली, पानी और सड़क हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से राजाभोज विमानतल की दूरी महज 25 किलोमीटर है। रानी कमलापति स्टेशन भी मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर है। भोपाल का वेस्टर्न बायपास भी यहीं से गुजरेगा। उन्होंने कहा कि सतगढ़ी के 25 एकड़ क्षेत्र में 10 हजार क्षमता वाला एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर भी बनेगा। यह प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर होगा। मध्यप्रदेश अपने औद्योगिक विकास और पारदर्शी व्यवस्था के साथ तेजी से आगे बढ़ता जाएगा। सतगढ़ी क्षेत्र औद्योगिक विकास की दिशा में एक मंदिर के समान होगा। सागर ग्रुप के सुधीर अग्रवाल सतगढ़ी में 100 करोड़ का निवेश करेंगे।</p>
<p><strong>नंबर-1 राज्य बनेगा मध्यप्रदेश</strong><br>
राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक प्रदेश बन रहा है। आज हुजूर विधानसभा के सतगढ़ी में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन एक नई सौगात है, जिसकी सालों से प्रतीक्षा थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहली बार राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस 2025) आयोजित की, जिसमें कई बड़े औद्योगिक घरानों ने प्रदेश में निवेश प्रस्ताव दिए। अब निवेश प्रस्ताव धरातल पर नजर आने लगे हैं। मध्यप्रदेश अब कृषि के साथ-साथ औद्योगिक विकास की यात्रा में अग्रणी राज्य बन चुका है। प्रदेश के धार में पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री मोदी ने किया। अब सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री मोदी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास और जन कल्याण के क्षेत्र में संतुलन के साथ कार्य किया है। मध्यप्रदेश संतुलित विकास के साथ आदर्श और नंबर-1 राज्य बनेगा। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत के पहले उद्योग मंत्री थे। उनके नाम पर बन रहा सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और कन्वेंशन सेंटर भोपाल की नई पहचान बनेगा। तालाब और झीलों की नगरी भोपाल अब औद्योगिक विकास का केंद्र बन रही है। सतगढ़ी इंडस्ट्रियल पार्क से युवाओं के लिए अनेक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस पार्क से सीधे तौर पर 5 हजार से अधिक बहनों को गारमेंट सेक्टर में काम मिलेगा।</p>
<p><strong>रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है पार्क</strong><br>
मध्य प्रदेश में औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग (IPIP) तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (MSME) के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आज का भूमिपूजन केवल एक औद्योगिक परियोजना का शुभारंभ नहीं, बल्कि भोपाल और मध्यप्रदेश के औद्योगिक भविष्य की नई आधारशिला रखने का अवसर है। सतगढ़ी स्थित यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप लगभग 70 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही है। पार्क का स्थान रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग से लगभग 1.4 किमी की दूरी पर स्थित है तथा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और प्रमुख शहरी क्षेत्रों से उत्कृष्ट संपर्क रखता है। इससे भोपाल पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ नई अर्थव्यवस्था के उद्योगों का भी केंद्र बनेगा।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>बिजली कंपनी फैसला: जिस ठेकेदार के नाम पर कार्य आदेश, वही करेगा काम</title>
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<description><![CDATA[ बिजली कंपनी फैसला: जिस ठेकेदार के नाम पर कार्य आदेश, वही करेगा काम भोपाल  मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने लाइन एवं सबस्टेशन से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जिस पैनलबद्ध (Empanelled) ठेकेदार के नाम पर कार्य … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 20:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>बिजली, कंपनी, फैसला:, जिस, ठेकेदार, के, नाम, पर, कार्य, आदेश, वही, करेगा, काम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बिजली कंपनी फैसला: जिस ठेकेदार के नाम पर कार्य आदेश, वही करेगा काम</strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने लाइन एवं सबस्टेशन से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जिस पैनलबद्ध (Empanelled) ठेकेदार के नाम पर कार्य आदेश (Purchase Order) जारी किया गया है, वही संबंधित कार्य करेगा। किसी भी स्थिति में वह कार्य किसी अन्य ठेकेदार, एजेंसी या व्यक्ति को नहीं सौंपा जा सकेगा।</p>
<p>कंपनी के संज्ञान में आया था कि कुछ स्थानों पर कार्य आदेश एक ठेकेदार के नाम पर जारी होने के बावजूद काम किसी अन्य व्यक्ति या ठेकेदार से कराया जा रहा था। इसे कंपनी ने नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है। जारी निर्देशों के अनुसार संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कार्य केवल अधिकृत ठेकेदार द्वारा ही किया जाए। इसके लिए नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण भी किया जाएगा।</p>
<p>यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि कार्य किसी अन्य व्यक्ति या ठेकेदार से कराया जा रहा है, तो संबंधित अधिकारी और ठेकेदार दोनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ठेकेदार का कार्य आदेश निरस्त किया जा सकता है, उसे भविष्य के कार्यों से वंचित किया जा सकता है, सुरक्षा राशि जब्त की जा सकती है तथा आवश्यकता होने पर ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।</p>
<p>कंपनी ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>यूपी में अगले 7 दिन बारिश का दौर, कई जिलों में येलो अलर्ट जारी</title>
<link>https://atworldnews.in/9113</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ यूपी में अगले एक हफ्ते तक झमाझम बारिश होने वाली है। इसे लेकर मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। वैज्ञानिकों की मानें तो आज और कल पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं, कई जिलो में यलो अलर्ट भी … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 20:30:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यूपी, में, अगले, दिन, बारिश, का, दौर, कई, जिलों, में, येलो, अलर्ट, जारी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
यूपी में अगले एक हफ्ते तक झमाझम बारिश होने वाली है। इसे लेकर मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। वैज्ञानिकों की मानें तो आज और कल पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं, कई जिलो में यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। वहीं, बीते दिनों बारिश से कई स्थानों पर तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई।</p>
<p>मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक उत्तर प्रदेश के मौसम में सक्रियता बनी रहने की संभावना व्यक्त की है। छह जुलाई को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। इस बीच सोमवार सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। हालांकि, महज कुछ घंटे की बारिश से ही कई इलाकों में जलभराव हो गया।</p>
<p>इससे पहले रविवार को पूरे दिन तेज धूप और उमस के कारण लोग बेहाल रहे, लेकिन सोमवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में घने बादल छा गए और शहर के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया, वहीं कई प्रमुख सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने से यातायात भी प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों तक प्रदेश के मौसम में सक्रियता बनी रहने की संभावना है। 6 और 7 जुलाई को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश, वज्रपात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के झोंके (60 किमी प्रति घंटे तक) आने की चेतावनी जारी की गई है।</p>
<p><strong>12 जुलाई को पूर्वी और पश्चिमी यूपी में बारिश</strong><br>
मौसम विभाग ने सात से 12 जुलाई के दौरान पूर्वी यूपी के अनेक स्थानों तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान जताया है। 10 और 11 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने, आकाशीय बिजली से बचाव के लिए सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी परामर्श का पालन करने की सलाह दी है।</p>
<p><strong>आज इन जिलों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात की संभावना</strong><br>
वैज्ञानिकों के मुताबिक 6 जुलाई को बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल, जालौन, महोबा, हमीरपुर, झांसी, ललितपुर और आसपास के जिलों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात की संभावना है।</p>
<p><strong>7 जुलाई को इन जिलों में झमाझम बारिश का यलो अलर्ट</strong><br>
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, मिर्जापुर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर में झमामझ बारिश के साथ यलो अलर्ट जारी है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>प्रयागराज में CM योगी का बड़ा बयान, बोले&#45; भारत की आत्मा सनातन धर्म में बसती है, श्रीराम हैं इसका मूल स्रोत</title>
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<description><![CDATA[  लखनऊ एक तरफ राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक जारी है. दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में कहा कि भारत की आत्मा सनातन धर्म में बसती है और श्रीराम भारत की आत्मा के मूल स्रोत हैं।  उन्होंने कहा कि राम का मतलब … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 19:33:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>प्रयागराज, में, योगी, का, बड़ा, बयान, बोले-, भारत, की, आत्मा, सनातन, धर्म, में, बसती, है, श्रीराम, हैं, इसका, मूल, स्रोत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> लखनऊ</strong></p>
<p>एक तरफ राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक जारी है. दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में कहा कि भारत की आत्मा सनातन धर्म में बसती है और श्रीराम भारत की आत्मा के मूल स्रोत हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि राम का मतलब राष्ट्र है. वह भारत की आत्मा के स्रोत हैं. सीएम योगी ने कहा कि आज जो भव्य अयोध्या और श्रीराम मंदिर देश देख रहा है, वह अशोक सिंघल के संकल्प और सपने का परिणाम है. 1980 और 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के दौरान पूरे देश में एक ही नारा गूंजता था- रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। </p>
<p>सीएम योगी ने कहा कि उस समय एक और नारा युवाओं में जोश भरता था कि मंदिर के काम न आए, ये जवानी बेकार है. उन्होंने कहा कि उस दौर के युवाओं ने अशोक सिंघल के नेतृत्व में पूरे देश में राम मंदिर आंदोलन का शंखनाद किया. राम मंदिर आंदोलन ने राष्ट्रभावना और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा दी। </p>
<p><strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौका एकता रेस को झंडी दिखाई </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार दोपहर बाद लगभग तीन बजे प्रयागराज पहुंचे। उनके साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व जनपद के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी हैं। मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर संगम के पास परेड मैदान में उतरा।</p>
<p>परेड मैदान से मुख्यमंत्री का काफिला यमुना बैंक रोड स्थित नवनिर्मित प्रेरणा पार्क पहुंचे। वहां जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी तथा विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल की प्रतिमाओं का अनावरण किया।</p>
<p>इसके बाद नौका एकता रेस को हरी झंडी दिखाई। वह जनसभा को संबोधित करेंगे। यहां से वह प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार में लोक निर्माण विभाग के तीन जिलों प्रयागराज, प्रतापगढ़ व कौशांबी में कराए गए कार्यों की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री शाम लगभग छह बजे लखनऊ के लिए रवाना होंगे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>WB की 3 राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान, 24 जुलाई को होगी वोटिंग; EC ने जारी किया शेड्यूल</title>
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<description><![CDATA[ कोलकाता पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की तीन खाली सीटों के लिए उपचुनाव का ऐलान कर दिया गया है. ये सीटें सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं।  इन तीनों सीटों पर 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक मतदान … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 19:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>की, राज्यसभा, सीटों, पर, उपचुनाव, का, ऐलान, जुलाई, को, होगी, वोटिंग, ने, जारी, किया, शेड्यूल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कोलकाता</strong></p>
<p>पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की तीन खाली सीटों के लिए उपचुनाव का ऐलान कर दिया गया है. ये सीटें सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं। </p>
<p>इन तीनों सीटों पर 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक मतदान होगा. ये उपचुनाव राज्यसभा की तीन आकस्मिक सीटों को भरने के लिए कराए जाएंगे। </p>
<p><strong>कब हुआ था इस्तीफा?</strong><br>
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले सुखेंदु शेखर रॉय ने सबसे पहले 8 जून को राज्यसभा की सदस्यता और टीएमसी, दोनों से इस्तीफा दिया था. अपने इस्तीफे में उन्होंने पार्टी में कथित भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और ममता बनर्जी के नेतृत्व पर सवाल उठाए. उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी में समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है, जबकि विवादों में रहे लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है। </p>
<p>इसके दो दिन बाद, 10 जून को सुष्मिता देव ने भी टीएमसी छोड़ने का ऐलान कर दिया. इस्तीफा देने के तुरंत बाद उन्होंने दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गईं कि वह बीजेपी का दामन थाम सकती हैं और पार्टी उन्हें असम से राज्यसभा भेज सकती है। </p>
<p><strong>भाजपा की झोली में जा सकती है तीनों सीट</strong><br>
तृणमूल कांग्रेस के तीन राज्यसभा सांसदों ने कुछ दिनों पहले ही अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. चुनाव आयोग ने बताया है कि 24 जुलाई को इन तीनों सीटों के लिए चुनाव होंगे और उसी दिन नतीजे भी आ जाएंगे. इस बात की पूरी उम्मीद है कि जिन तीन सांसदों ने इस्तीफा दिया उन्हीं को अब भारतीय जनता पार्टी अपना उम्मीदवार बना सकती है और अपने विधायकों की संख्या के आधार पर उसके तीनों उम्मीदवार आसानी से जीत भी सकते हैं। </p>
<p><strong>तीनों पूर्व सांसदों को उम्मीदवार बनाने की चर्चा</strong><br>
इस्तीफा देने वाले नेताओं में सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाईक के नाम शामिल हैं. अभी तक ये तीनों नेता बीजेपी में शामिल तो नहीं हुए हैं, लेकिन इस्तीफा देने के तुरंत बाद से ही ये नेता बीजेपी नेताओं से मिलते नजर आए हैं. ये लोग खुलकर बीजेपी की तारीफ भी करने लगे हैं. इनमें से सुखेंदु शेखर रे और प्रकाश चिक बड़ाईक वाली सीटों का कार्यकाल मार्च 2029 और सुष्मिता देव वाली सीट का कार्यकाल अप्रैल 2030 तक है. इन तीनों ने जून के महीने में अपनी सदस्यता से इस्तीफा देने के साथ ही टीएमसी का साथ भी छोड़ दिया था। </p>
<p><strong>अकेले दम पर 117 के आंकड़े तक पहुंचेगी बीजेपी </strong><br>
सुष्मिता और प्रकाश दोनों ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. संभावना है कि दोनों को ही बीजेपी अपना कैंडिडेट बनाए. तीन जीतों के बाद बीजेपी की राज्यसभा में संख्या बढ़कर 117 हो जाएगी। </p>
<p>मॉनसून सत्र में कई महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है सरकार. पश्चिम बंगाल में तीनों सीटों पर जीत के बाद राज्यसभा में दो तिहाई बहुमत के नजदीक पहुंच जाएगी एनडीए. वहीं, बीजेपी के इतिहास में राज्यसभा में यह सर्वाधिक संख्या होगी. बीजेपी अपने बूते ही राज्य सभा में सामान्य बहुमत के नजदीक पहुंच जाएगी. गौरतलब है कि पिछले चालीस साल में किसी भी दल को राज्यसभा में अपने बूते बहुमत नहीं मिला है. पूर्व पीएम राजीव गांधी के कार्यकाल में कांग्रेस को इससे पहले थी राज्य सभा में सबसे अधिक सीटें थीं। </p>
<p>चुनाव आयोग 7 जुलाई को राज्यसभा उपचुनाव का नोटिफिकेशन जारी करेगा. नामांकन करने की अंतिम तारीख 14 जुलाई होगी. नामांकन पत्रों की जांच 15 जुलाई को होगी. 17 जुलाई तक नामांकन वापस लिया जा सकेगा. 24 जुलाई को वोटिंग होगी. सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी. 25 जुलाई को ही शाम 5 बजे काउंटिंग होगी. 27 जुलाई तक चुनाव की पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। </p>]]> </content:encoded>
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<title>राज्यपाल डेका बोले&#45; रोबोटिक्स और AI का उपयोग मानव कल्याण के लिए होना चाहिए</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. राज्यपाल रमेन डेका ने आज भारत सेवाश्रम संघ द्वारा संचालित प्रणवानंद अकादमी में रोबोटिक्स लैबोरेट्री का लोकार्पण किया। इस लैबोरेट्री की स्थापना के लिए राज्यपाल द्वारा अपने स्वेछानुदान मद से राशि प्रदान की गई है । इस अवसर पर राज्यपाल ने अपने संबोधन ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमता, रोबोटिक्स जैसे तकनीक हमारे जीवन को … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 19:31:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>राज्यपाल, डेका, बोले-, रोबोटिक्स, और, का, उपयोग, मानव, कल्याण, के, लिए, होना, चाहिए</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>राज्यपाल रमेन डेका ने आज भारत सेवाश्रम संघ द्वारा संचालित प्रणवानंद अकादमी में रोबोटिक्स लैबोरेट्री का लोकार्पण किया। इस लैबोरेट्री की स्थापना के लिए राज्यपाल द्वारा अपने स्वेछानुदान मद से राशि प्रदान की गई है ।</p>
<p>इस अवसर पर राज्यपाल ने अपने संबोधन ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमता, रोबोटिक्स जैसे तकनीक हमारे जीवन को आसान बनाते है। लेकिन आधुनिक तकनीक तभी सार्थक है, जब उसका उपयोग मानव जीवन के कल्याण और समाज के विकास के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की वास्तविक पहचान केवल  उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों से नहीं होती, बल्कि ऐसे विद्यार्थियों से होती है जो ज्ञान के साथ मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दें।  प्रणवानंद अकादमी शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण को भी समान महत्व देती है यह प्रसन्नता का विषय है।</p>
<p>राज्यपाल ने कहा कि आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता रोबोटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकें विश्व को नई दिशा दे रही हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों को भी आत्मसात करना चाहिए। कोई भी नया आविष्कार या नवाचार मानवता के हित में होना चाहिए। मानव पर खुद का नियंत्रण होना चाहिए न कि कोई तकनीक उसे नियंत्रित करे। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को जीवन मूल्यों का संदेश देते हुए कहा कि जीवन में संतोष का विशेष महत्व है। हमें जो प्राप्त है, उसमें प्रसन्न रहना सीखना चाहिए तथा कठिन परिश्रम, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए। जीवन में उतार-चढ़ाव एवं चुनौतियाँ आती हैं, लेकिन गिरने के बाद फिर से उठना और आगे बढ़ना ही सफलता का मार्ग है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि समाज ने हमें क्या दिया, यह सोचने के बजाय हमें यह विचार करना चाहिए कि हम समाज को क्या दे सकते हैं। समाज के प्रति सेवा, सहयोग, संवेदनशीलता और पड़ोसियों के प्रति आत्मीयता की भावना हमारे जीवन में आनंद लाता है। कार्यक्रम में अकादमी के अध्यक्ष स्वामी शिवरूपानंद ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा प्राचार्य नीति यदुवंशी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>राज्य सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में है अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ राज्य सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में है अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. मुखर्जी के एक देश-एक विधान-एक निशान-एक प्रधान के संकल्प को साकार करने का है प्रयास डॉ. मुखर्जी की जयंती पर 15 दिवसीय जनकल्याण पखवाड़े की हो रही है शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 19:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>राज्य, सरकार, इसी, माह, समान, नागरिक, संहिता, लागू, करने, की, दिशा, में, है, अग्रसर, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>राज्य सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में है अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</strong></p>
<p><strong>डॉ. मुखर्जी के एक देश-एक विधान-एक निशान-एक प्रधान के संकल्प को साकार करने का है प्रयास</strong></p>
<p><strong>डॉ. मुखर्जी की जयंती पर 15 दिवसीय जनकल्याण पखवाड़े की हो रही है शुरुआत</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर अर्पित की पुष्पांजलि</strong></p>
<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनसंघ के संस्थापक और प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का स्मरण करते हुए कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पूरे सम्मान के साथ मनाई जा रही है। डॉ. मुखर्जी के 'एक देश-एक विधान-एक निशान-एक प्रधान' के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में अग्रसर है।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भारत ने विश्व में बनाई विशेष पहचान</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए विश्व में विशेष पहचान बनाई है। डॉ. मुखर्जी ने देश और समाज के सर्वांगीण विकास की कल्पना की। राज्य सरकार ने डॉ. मुखर्जी की जयंती के अवसर पर 15 दिवसीय जनकल्याण पखवाड़े की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के सभी गरीब, जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इस दिशा में रोजगार के अवसर सृजित होने से हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित हो पा रहा है।</p>
<p><strong>हर क्षेत्र में तेजी से विकास करते हुए आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशानुसार बना दिल्ली में बना भारत मंडपम हमारे लिए एक आदर्श उदाहरण है। डॉ. मुखर्जी की जयंती पर आज भोपाल के सतगढ़ी में मध्यप्रदेश के सबसे बडे कन्वेंशन सेंटर और सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की आधारशिला रखी जा रही है। राज्य सरकार कुशाभाऊ ठाकरे सभागार के पास एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर तैयार कर रही है, जिसकी क्षमता 5 हजार सीट्स की रहेगी। सतगढ़ी में बनने वाले नए विशाल कन्वेंशन सेंटर में 10 हजार से अधिक व्यक्तियों की व्यवस्था है। भोपाल सबसे समृद्ध और सशक्त राजधानी बनने जा रहा है। हमारा प्रदेश हर क्षेत्र में तेजी से विकास करते हुए आगे बढ़ रहा है।</p>
<p><strong>अब मध्यप्रदेश की धरती पर बनेंगे, रक्षा क्षेत्र के उपकरण, मिसाइल और हथियार</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने रक्षा क्षेत्र में नया इतिहास रचा है। अब रक्षा क्षेत्र के कई उपकरण, मिसाइल और हथियार मध्यप्रदेश की धरती पर बनेंगे। चंबल की धरती सालों से मां भारती की सेवा करने वाले वीर सैनिकों की भूमि रही है। अब यहां आधुनिक हथियार भी तैयार किए जाएंगे। यह मिसाइल एक हजार किलोमीटर तक दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त करने की क्षमता वाली होंगी। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल, विधायक रामेश्वर शर्मा, रवीन्द्र यति, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मध्यप्रदेश के मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
<link>https://atworldnews.in/9108</link>
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<description><![CDATA[ मध्यप्रदेश के मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के किसानों और मछुआरा समुदाय को मिलेगा प्रोत्साहन कुवैत की मत्स्य कंपनी ने किया 7,430 करोड़ रूपए का एग्रीमेंट प्रदेश से लगभग 6 हजार करोड़ रूपए के मत्स्य निर्यात का लक्ष्य इंदिरा सागर, बरगी, बाणसागर और बारना जलाशय में होगा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित35 … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 19:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मध्यप्रदेश, के, मछली, उत्पादन, को, मिली, अंतर्राष्ट्रीय, पहचान, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मध्यप्रदेश के मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</strong></p>
<p><strong>प्रदेश के किसानों और मछुआरा समुदाय को मिलेगा प्रोत्साहन<br>
कुवैत की मत्स्य कंपनी ने किया 7,430 करोड़ रूपए का एग्रीमेंट<br>
प्रदेश से लगभग 6 हजार करोड़ रूपए के मत्स्य निर्यात का लक्ष्य<br>
इंदिरा सागर, बरगी, बाणसागर और बारना जलाशय में होगा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित35 हजार रोजगार होंगे सृजित<br>
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुए एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर<br>
मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्य उद्योग नीति-2026 के अंतर्गत हुआ एग्रीमेंट</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अन्नदाता की समृद्धि के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश में पशुपालन, मत्स्य पालन जैसी आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित या बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में तालाबों और जलाशयों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अन्नदाता की समृद्धि के लिए कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं विकसित हो रही हैं। प्रदेश के मछुआरा समुदाय के लोग मछली पालन जरिए ही अपनी आजीविका चलाते हैं। इन सबकी बेहतरी के लिए मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 के अंतर्गत गतिविधियों को अंतर्राष्ट्रीय विस्तार दिया जा रहा है। आज कुवैत की अग्रणी मत्स्य कंपनी और कामदार्स केयर इंदौर के बीच हुआ एग्रीमेंट प्रदेश में मत्स्य पालन और मछुआ कल्याण के क्षेत्र में नया इतिहास रचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में कुवैत की अग्रणी मत्स्य कंपनी- ज़बेदी अल कुवैत फिशरीज कंपनी और कामदार्स केयर इंदौर के बीच, प्रदेश में 7 हजार 430 करोड़ रुपए के निवेश और बाय बैक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। यह एग्रीमेंट मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 के अंतर्गत हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में एग्रीमेंट पर हुए हस्ताक्षर के बाद यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार, विधायक रामेश्वर शर्मा तथा कुवैत फिश ट्रेड यूनियन के निदेशक मंडल के अध्यक्ष फारेस बौकम्माज़ उपस्थित थे।</p>
<p><strong>मध्यप्रदेश में है मत्स्य पालन क्षेत्र में अपार संभावनाएं</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन विकास के लिए पर्याप्त जलसंरचनाओं के भंडार हैं। इससे देश की खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। कृषि और खाद्यान्न के विकास को लेकर मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। कुवैत हमारा मित्र देश है, प्रदेश में विदेशी निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार पूर्ण समर्पण के साथ तेजी से कार्य कर रही है, अब इसके सुखद परिणाम भी लगातार सामने आ रहे हैं। भविष्य में मध्यप्रदेश मत्स्य पालन के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाएगा।</p>
<p><strong>एक्वापोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीन हाउस से 1 लाख 23 हजार टन वेजिटेबल्स का भी होगा उत्पादन</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुए एग्रीमेंट के दौरान जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्य उद्यो</strong>ग नीति-2026 के अंतर्गत राज्य में आधुनिक निर्यातोन्मुखी एवं मूल्य संवर्धन मत्स्य उद्योग के विकास के लिए निजी एवं विदेशी निवेश आकर्षित करने का प्रावधान है। अनुबंध के अंतर्गत 7 हजार 430 करोड़ रूपए के अनुमानित निवेश से इंदिरा सागर, बरगी, बाणसागर और बारना जलाशय में केज कल्चर सहित बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। केज कल्चर के जरिये लगभग 4 लाख टन का अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन अपेक्षित है। इसके साथ ही एक्वापोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीन हाउस से 1 लाख 23 हजार टन वेजिटेबल्स आदि का भी उत्पादन होगा। प्रदेश में हो रही इस नई पहल से 15 हजार प्रत्यक्ष और 20 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश से लगभग 6 हजार करोड़ रुपए के मत्स्य निर्यात का लक्ष्य है। राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेश के मछुआरे विशेष रूप से लाभान्वित होंगे।</p>
<p><strong>मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी मत्स्य निवेश और निर्यात केन्द्र बनाएगा यह अनुबंध</strong></p>
<p>यह अनुबंध मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी मत्स्य निवेश और निर्यात केन्द्र बनाने की दिशा में एक प्रयास है। ज़बैदी अल-कुवैत फिशरीज़ कंपनी का 10 से अधिक देशों में प्रीमियम क्वालिटी फूड, डिब्बाबंद खाद्य उत्पाद, मसाले आदि में व्यापारिक नेटवर्क है। कामदार्स केयर, इंदौर एक क्लस्टर-बेस्ट व्यापारिक संगठन है। यह समूह किसान उत्पाद संगठनों के गठन और उनके व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करता है। इसे स्टार्टअप इंडिया के अंतर्गत भी मान्यता प्राप्त है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, सचिव मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास स्वतंत्र कुमार सिंह तथा विभाग के अधिकारी, विशेषज्ञगण और कुवैत के पब्लिक अथॉरिटी फॉर एग्रीकल्चर अफेयर्स एंड फिश रिसोर्सेज के उप महानिदेशक नासिर अल-अमीर, कुवैत इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के सलाहकार अशरफ हुसैन, संचालक कामदार्स केयर संजय पाटीदार भी उपस्थित थे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>केजरीवाल के सरकारी आवास पर बड़ा फैसला, अब बनेगा कल्चरल सेंटर; सरकार ने लिया अहम निर्णय</title>
<link>https://atworldnews.in/9107</link>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली दिल्ली की बीजेपी सरकार ने सिविल लाइंस स्थित 6-फ्लैगस्टाफ रोड पर मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास को लेकर बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली सरकार अब इस आधिकारिक आवास को स्टेट गेस्ट हाउस और अत्याधुनिक कल्चरल सेंटर के रूप में विकसित करेगी।  दरअसल बीजेपी सरकार दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल के … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 18:33:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>केजरीवाल, के, सरकारी, आवास, पर, बड़ा, फैसला, अब, बनेगा, कल्चरल, सेंटर, सरकार, ने, लिया, अहम, निर्णय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>दिल्ली की बीजेपी सरकार ने सिविल लाइंस स्थित 6-फ्लैगस्टाफ रोड पर मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास को लेकर बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली सरकार अब इस आधिकारिक आवास को स्टेट गेस्ट हाउस और अत्याधुनिक कल्चरल सेंटर के रूप में विकसित करेगी। </p>
<p>दरअसल बीजेपी सरकार दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल के इस आवास को शीशमहल कहती है. अब इसी आवास में दिल्ली सरकार वीवीआईपी मेहमानों की मेजबानी करेगी. इसे लेकर सरकार ने पूरा प्लान तैयार किया है। </p>
<p>यहां सरकारी मेहमानों के लिए स्थायी सुविधा का इंतजाम किया जाएगा. देश-विदेश से यहां आने वाले सरकारी प्रतिनिधिमंडलों, विशिष्ट अतिथियों और उच्चस्तरीय अधिकारियों के ठहरने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस गेस्ट हाउस तैयार किया जाएगा. इसे स्टेट गेस्ट हाउस और अत्याधुनिक कल्चरल सेंटर के रूप में तैयार किया जाएगा। </p>
<p><strong>अनियमितताओं के चलते भाजपा ने इसे दिया था शीशमहल नाम</strong><br>
यह बंगला उस दौरान कराए गए पुनर्निर्माण में अनियमिताएं सामने आने के कारण चर्चा में रहा था। भाजपा ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया था, जिसे शीशमहल नाम दिया था, गत दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कई जगह भाजपा ने चुनावी रथ पर इसका माडल प्रदर्शित किया था।</p>
<p>सरकार का कहना है कि अपना स्टेट गेस्ट हाउस नहीं होने से विभिन्न राज्यों और देशों से आने वाले सरकारी प्रतिनिधिमंडलों तथा विशिष्ट अतिथियों के ठहरने के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं करनी पड़ती थीं। नए फैसले के बाद यह कमी दूर होगी और सरकारी मेहमानों के लिए एक स्थायी एवं आधुनिक सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।</p>
<p><strong>बंगले में कम से कम होगी तोड़फोड़</strong><br>
योजना के अनुसार परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त अतिथि कक्ष विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा सम्मेलन कक्ष, बैठक स्थल और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बहुउद्देशीय सभागार भी तैयार किया जाएगा। यहां कला प्रदर्शनियां, संगीत एवं नृत्य प्रस्तुतियां, साहित्यिक आयोजन, सांस्कृतिक संवाद, सरकारी समारोह तथा विभिन्न विभागों के कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।</p>
<p>सरकार का उद्देश्य इस परिसर को प्रशासनिक गतिविधियों के साथ-साथ दिल्ली की कला, संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देने वाले प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि बंगले में इस तरह से गतिविधयां शुरू की जाएंगी कि बंगले में कम से कम तोड़फोड़ की जरूरत पड़े।</p>
<p><strong>मूल संरचना से छेड़छाड़ नहीं होगी</strong><br>
इस बड़े बदलाव को लेकर सरकार की रणनीति बहुत स्पष्ट है कि भवन की मूल संरचना के साथ कम से कम छेड़छाड़ की जाए. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस आलीशान इमारत को बड़े पैमाने पर किसी भी तरह की तोड़फोड़ से बचाना है. बिना किसी भारी संरचनात्मक बदलाव के, मौजूदा भवन को ही कुछ इस तरह से अनुकूलित किया जाएगा कि यह अपनी नई उपयोगिता यानी गेस्ट हाउस और कल्चरल सेंटर के ढांचे में पूरी तरह से फिट बैठ सके। </p>
<p><strong>क्‍या आप इसे अंदर से देख पाएंगे?</strong><br>
चूंकि यह एक उच्च सुरक्षा वाला स्टेट गेस्ट हाउस होगा, इसलिए इसके आवासीय और वीवीआईपी हिस्सों में आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा. हालांकि, परिसर के जिस हिस्से को सांस्कृतिक गतिविधियों और मल्‍टी परपज ऑड‍िटोर‍ियम के रूप में विकसित किया जा रहा है, वहां होने वाली कला प्रदर्शनियों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान आम जनता को भी प्रवेश करने का अवसर मिल सकेगा। </p>
<p><strong>1942 में ब्रिटिश शासन के दौरान कराया गया था इसका निर्माण</strong><br>
यह दिल्ली के सबसे बड़े सरकारी बंगलों में से एक है और लुटियंस क्षेत्र के बाहर स्थित बड़े सरकारी आवासों में इसकी गिनती होती है। इसका निर्माण 1942 में ब्रिटिश शासन के दौरान कराया गया था, 2004 से 2008 के बीच तत्कालीन दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष प्रेम सिंह को आवंटित रहा।</p>
<p>बाद में विधानसभा के उपाध्यक्ष अमरीश गौतम यहां रहे। 2015 से यह दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री केजरीवाल का आधिकारिक आवास बना। जिसमें से पुनर्निमाण के दौरान काफी निर्माण तोड़ा जा चुका है।</p>
<p><strong>पीडब्ल्यूडी के आठ वरिष्ठ अभियंताओं के कैरियर पर लगाया धब्बा</strong><br>
इस बंगले में पुनर्निर्माण और सुंदरीकरण पर हुए खर्च को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट और अन्य जांचों में भी निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए गए थे।</p>
<p>इस बंगले से जुड़े निर्माण में कथित अनियमितताओं के मामले में लोक निर्माण विभाग के आठ वरिष्ठ अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई हुई, जिससे उनके सेवा रिकार्ड पर प्रतिकूल असर पड़ा है। सूत्रों के अनुसार कार्रवाई का असर उनके सेवा रिकार्ड, पदोन्नति और भविष्य की नियुक्तियों पर भी पड़ा है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>PM मोदी इंडोनेशिया पहुंचे, फाइटर जेट्स की एस्कॉर्ट के साथ हुआ भव्य स्वागत</title>
<link>https://atworldnews.in/9106</link>
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<description><![CDATA[ जकार्ता  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे हैं। इस दौरान पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। इंडोनेशियाई वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पीएम मोदी के एयरक्राफ्ट को एस्कॉर्ट किया। इसके बाद एयरपोर्ट पहुंचने पर इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने प्रोटोकॉल तोड़ पीएम मोदी का … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 18:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मोदी, इंडोनेशिया, पहुंचे, फाइटर, जेट्स, की, एस्कॉर्ट, के, साथ, हुआ, भव्य, स्वागत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जकार्ता</strong><br>
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे हैं। इस दौरान पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। इंडोनेशियाई वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पीएम मोदी के एयरक्राफ्ट को एस्कॉर्ट किया। इसके बाद एयरपोर्ट पहुंचने पर इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने प्रोटोकॉल तोड़ पीएम मोदी का स्वागत किया।</p>
<p><strong>इंडोनेशिया में पीएम मोदी का कार्यक्रम जानें</strong><br>
प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया में 6 से लेकर 8 जुलाई तक रहेंगे। इस दौरान वह दोनों देशों के बूीच कई क्षेत्रों में साझेदारी को गहरा करने पर जोर देंगे। इसके अलावा, भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी के इंडोनेशिया यात्रा के कई उद्देश्य हैं। रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना: पीएम मोदी की इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है। यह प्रधानमंत्री का चौथा दौरा होगा और मई 2018 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंचने के बाद पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी।</p>
<p><strong>भारत-इंडोनेशिया रक्षा संबंध होंगे मजबूत</strong><br>
भारत के रक्षा और सुरक्षा सहयोग में उच्च स्तरीय दौरा, नियमित द्विपक्षीय और बहुपक्षीय एक्सरसाइज और रक्षा उद्योग में गहरे सहयोग (ब्रह्मोस की बिक्री सहित) के जरिए तेजी आई है और इसका दायरा भी बढ़ा है। समुद्री पड़ोसी होने के नाते, दोनों देशों ने 2018 में हिंद-प्रशांत में भारत-इंडोनेशिया समुद्री सहयोग के साझा दृष्टिकोण को अपनाया। आईएफसी-आईओआर में एक इंडोनेशियन लाइजन ऑफिसर की तैनाती से हमारी मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस को और बढ़ावा मिलेगा। भारत एनडीए और डीएसएससी में इंडोनेशियन कैडेट्स और ऑफिसर्स के लिए स्लॉट भी तय करेगा, जिससे रक्षा के क्षेत्र में कैपेसिटी बिल्डिंग बढ़ेगी।</p>
<p><strong>व्यापार और निवेश पर भी बनेगी बात</strong><br>
इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार और निवेश के जरिए विकास को बढ़ावा देना है। विकसित भारत 2047 और एमास (गोल्डन) इंडोनेशिया 2045 के डेवलपमेंट विजन के बीच मजबूत तालमेल है। इंडोनेशिया, आसियान क्षेत्र में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बनकर उभरा है, जिसका 2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार 24.78 बिलियन अमेरिकी डॉलर होगा। इंडोनेशिया में अलग-अलग क्षेत्रों में 130 से ज्यादा भारतीय कंपनियों ने निवेश किया है।</p>
<p><strong>सांस्कृतिक कार्यक्रम का उठाया लुत्फ</strong><br>
हवाई अड्डे पर औपचारिक स्वागत और गॉर्ड ऑफ ऑनर के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां आयोजित एक विशेष पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी अवलोकन किया. इस कार्यक्रम के जरिए इंडोनेशिया की समृद्ध संस्कृति और भारत के साथ उसके सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों की झलक पेश की गई। </p>
<p><strong>PM मोदी ने ट्वीट कर क्या कहा?</strong><br>
पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ''जकार्ता पहुंच गया हूं। राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के स्नेहपूर्ण व्यवहार से मैं बहुत प्रभावित हुआ। उन्होंने एयरपोर्ट पर पर व्यक्तिगत रूप से मेरा स्वागत किया। 2018 में, हमने दोनों देशों के संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक पहुंचाया, जिससे हमारे लोगों को बहुत लाभ हुआ है। इस यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और मैं विभिन्न क्षेत्रों में इस साझेदारी को और गति देने के उद्देश्य से चर्चा करेंगे।'</p>
<p>आगे उन्होंने लिखा है, ''राष्ट्रपति प्राबोवो और मैं योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे। यह यात्रा हमारे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और भी मजबूत करेगी। इंडोनेशिया में रहने के दौरान, मैं भारतीय समुदाय के साथ बातचीत करने के अवसर का भी बेसब्री से इंतजार कर रहा हू।'</p>
<p><strong>सबसे बड़े हिंदू मंदिर जाएंगे पीएम मोदी</strong><br>
पीएम मोदी इंडोनेशिया में 6 से लेकर 8 जुलाई तक रहेंगे। इस दौरान वह इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन जाएंगे। 9वीं शताब्दी में बना यह मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित है और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। इसके अलावा वह भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी के इंडोनेशिया यात्रा के कई उद्देश्य हैं। पीएम मोदी की इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है। </p>
<p><strong>85% मुस्लिम फिर भी नोट पर छपी भगवान गणेश की तस्वीर</strong><br>
वहीं, आपको बता दें कि इंडोनेशिया दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन वहां की सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप आज भी दिखाई देती है। इंडोनेशिया में रामलीला का मंचन होता है और इस देश की मुद्रा पर भगवान गणेश की तस्वीर भी छप चुकी है।</p>
<p><strong>6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया की यात्रा पर रहेंगे पीएम मोदी</strong><br>
राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया की यात्रा रहेंगे. पीएम मोदी ने कहा, ‘‘2018 में मेरी पहली इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाया था.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के इस स्तर पर पहुंचने के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा है और यह जनवरी 2025 में <strong>गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति प्राबोवो की भारत यात्रा के बाद हो रही है। </strong></p>
<p><strong>इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड की यात्रा पर हैं पीएम मोदी</strong><br>
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर हैं. 11 जुलाई तक तीन देशों की अपनी यात्रा पर रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा था- ‘‘पूर्वी और दक्षिणी हिंद महासागर में इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया और उसके बाद न्यूजीलैंड की मेरी यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, ‘महासागर’ दृष्टिकोण और साथ ही स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के प्रति हमारे नजरिए को और मजबूत करेगी। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>स्वस्थ छत्तीसगढ़ करेगा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण&#45; मुख्यमंत्री साय</title>
<link>https://atworldnews.in/9105</link>
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<description><![CDATA[ स्वस्थ छत्तीसगढ़ करेगा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण- मुख्यमंत्री साय 103 करोड़ रुपये से अधिक के स्वास्थ्य अधोसंरचना कार्यों का भूमिपूजन 200 सीटर छात्रावास, कैंसर भवन विस्तार और आवासीय परिसर का होगा निर्माण रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में 103 करोड़ रुपये से अधिक लागत के स्वास्थ्य अधोसंरचना … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 18:31:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>स्वस्थ, छत्तीसगढ़, करेगा, विकसित, छत्तीसगढ़, का, निर्माण-, मुख्यमंत्री, साय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>स्वस्थ छत्तीसगढ़ करेगा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण- मुख्यमंत्री साय</strong></p>
<p><strong>103 करोड़ रुपये से अधिक के स्वास्थ्य अधोसंरचना कार्यों का भूमिपूजन</strong></p>
<p><strong>200 सीटर छात्रावास, कैंसर भवन विस्तार और आवासीय परिसर का होगा निर्माण</strong></p>
<p><strong>रायपुर, </strong><br>
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में 103 करोड़ रुपये से अधिक लागत के स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।</p>
<p>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेगा। प्रदेश में लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यह परियोजनाएं प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई प्रदान करेंगी तथा मरीजों, विद्यार्थियों और चिकित्सकों सभी को इसका लाभ मिलेगा।</p>
<p>इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास, कैंसर भवन के विस्तार तथा चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के आवासीय परिसर सहित विभिन्न निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी गई। </p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पिछली बार मेडिकल कॉलेज आने पर विद्यार्थियों ने छात्रावास निर्माण की मांग रखी थी, जिसे सरकार ने गंभीरता से लेते हुए आज उसके निर्माण की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में जनता से किए गए अधिकांश वादों को पूरा किया है और "मोदी की गारंटी" को धरातल पर उतारा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और विकसित भारत के संकल्प की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए स्वस्थ छत्तीसगढ़ आवश्यक है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों एवं पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार का छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि डीएम कार्डियक कोर्स की स्वीकृति से लेकर अन्य स्वास्थ्य परियोजनाओं तक केंद्र सरकार ने हर मांग पर सकारात्मक सहयोग दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में छत्तीसगढ़ को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद) की भी सौगात मिलेगी, जिससे राज्य की समृद्ध औषधीय वनस्पतियों एवं आयुर्वेद को नई पहचान मिलेगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब  नक्सलवाद से मुक्त होकर तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने दूरस्थ क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लाखों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया है। उन्होंने मेडिकल विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सरगुजा से लेकर बस्तर तक प्रदेश के हर क्षेत्र में सेवाएं देने का संकल्प लें और केवल शहरों तक सीमित रहने की मानसिकता न रखें।<br>
उन्होंने कहा कि सरकार चिकित्सा शिक्षा के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा विद्यार्थियों को बेहतर अधोसंरचना, छात्रावास एवं आधुनिक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।</p>
<p>उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लगभग 104 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले छात्रावास, कैंसर संस्थान विस्तार एवं अन्य अधोसंरचना परियोजनाएं चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग एवं निर्माण एजेंसियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा से पहले एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं।</p>
<p>स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हो रहा है। राज्य में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति, नर्सिंग कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि, फिजियोथेरेपी कॉलेजों का विस्तार तथा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 10 एकड़ क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाले योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर का निर्माण भी प्रगति पर है।</p>
<p>स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व में लंबित कोरबा, कांकेर एवं महासमुंद मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य प्रारंभ कराए हैं। बिलासपुर स्थित सिम्स का भी व्यापक उन्नयन किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि डीएम कार्डियक कोर्स प्रारंभ हो चुका है तथा जगदलपुर में जल्द ही छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा हार्ट सेंटर स्थापित किया जाएगा।</p>
<p>कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रथम परियोजना के तहत 200 सीटर आधुनिक छात्र-छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाओं के साथ चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के लिए भी आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।</p>
<p>दूसरी परियोजना के तहत कैंसर भवन का द्वितीय से छठे तल तक विस्तार किया जाएगा। लगभग 11 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बनने वाले इस भवन में आधुनिक लैब, 64-64 बिस्तरों वाले वार्ड, सिंगल रूम, आईसीयू तथा अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर विकसित किए जाएंगे, जिससे कैंसर रोगियों को उच्च स्तरीय उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी।</p>
<p>तीसरी परियोजना के अंतर्गत छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास का विस्तार किया जाएगा, जिसमें अतिरिक्त कमरे, डॉरमेट्री, लाइब्रेरी, रिक्रिएशन हॉल तथा सभी आवश्यक आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि छात्राओं को सुरक्षित एवं बेहतर आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सके।</p>
<p>इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा रितेश अग्रवाल, पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर सहित जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, मेडिकल विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>अबूझमाड़ के जंगलों में होगी कॉफी की खेती, ओडिशा में ट्रेनिंग लेंगे अधिकारी</title>
<link>https://atworldnews.in/9104</link>
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<description><![CDATA[ दुर्ग. हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग एवं जिला रोजगार स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र जिला-दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में 10 जुलाई को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग नया भवन परिसर पोटिया में जिला स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। रोजगार मेला हेतु कक्षा 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, डिप्लोमा इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग स्नातक, एमबीबीएस, बीएएमएस, नर्सिंग, जीएनएम, … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 18:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>अबूझमाड़, के, जंगलों, में, होगी, कॉफी, की, खेती, ओडिशा, में, ट्रेनिंग, लेंगे, अधिकारी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>दुर्ग.</strong></p>
<p>हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग एवं जिला रोजगार स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र जिला-दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में 10 जुलाई को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग नया भवन परिसर पोटिया में जिला स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है।</p>
<p>रोजगार मेला हेतु कक्षा 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, डिप्लोमा इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग स्नातक, एमबीबीएस, बीएएमएस, नर्सिंग, जीएनएम, एएनएम डिप्लोमा पैरामेडिकल एवं अन्य योग्यताधारी आवेदकों के कुल 14 नियोजकों से 1317 तकनीकी एवं गैर तकनीकी रिक्तियां प्राप्त हो चुकी हैं जो 8 जुलाई तक बढ़ सकती है एवं जिसकी जानकारी हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर उपलब्ध है, इच्छुक आवेदक ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं। आवेदक रोजगार विभाग के वेबसाईट एवं छग रोजगार एप के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मंगुभाई पटेल का कार्यकाल 6 जुलाई को पूरा! क्या फिर बनेंगे मध्य प्रदेश के राज्यपाल या होगा नया चेहरा?</title>
<link>https://atworldnews.in/9103</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल का पांच साल का कार्यकाल 6 जुलाई को पूरा होने जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि उन्हें दूसरा कार्यकाल मिलेगा या राज्य को नया राज्यपाल मिलेगा। इस पर अंतिम फैसला राष्ट्रपति की ओर से लिया जाएगा। इसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 18:31:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मंगुभाई, पटेल, का, कार्यकाल, जुलाई, को, पूरा, क्या, फिर, बनेंगे, मध्य, प्रदेश, के, राज्यपाल, या, होगा, नया, चेहरा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल का पांच साल का कार्यकाल 6 जुलाई को पूरा होने जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि उन्हें दूसरा कार्यकाल मिलेगा या राज्य को नया राज्यपाल मिलेगा। इस पर अंतिम फैसला राष्ट्रपति की ओर से लिया जाएगा। इसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।</p>
<p>राज्यपाल मंगू भाई पटेल को  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विश्वसनीय माना जाता है। राज्यपाल के रूप में उनका पूरा कार्यकाल बिना किसी विवाद का रहा है और उनकी ट्यूनिंग राज्य सरकार से काफी अच्छी है। इन सब स्थितियों को देखते हुए मंगू भाई पटेल का कार्यकाल बढ़ने की पूरी संभावना है।</p>
<p><strong>15 साल बाद कोई राज्यपाल पूरा करेगा पांच साल का कार्यकाल</strong><br>
मंगुभाई पटेल पिछले डेढ़ दशक में दूसरे ऐसे राज्यपाल होंगे, जो मध्य प्रदेश में अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। इससे पहले रामनरेश यादव ने 8 सितंबर 2011 से 7 सितंबर 2016 तक राज्यपाल के रूप में पूरा कार्यकाल पूरा किया था।</p>
<p><strong>2016 से 2021 के बीच तीन बार बदले राज्यपाल</strong><br>
रामनरेश यादव के कार्यकाल के बाद मध्य प्रदेश में लगातार राज्यपाल बदले गए। इस दौरान लालजी टंडन, आनंदीबेन पटेल और ओपी कोहली ने अलग-अलग समय पर राज्यपाल की जिम्मेदारी संभाली। आनंदीबेन पटेल दो बार मध्य प्रदेश की राज्यपाल भी रहीं। 7 जुलाई 2021 को मंगुभाई पटेल ने राज्यपाल पद की जिम्मेदारी संभाली थी।</p>
<p><strong>आदिवासी क्षेत्रों में सिकल सेल अभियान पर रहा फोकस</strong><br>
राज्यपाल रहते हुए मंगुभाई पटेल ने आदिवासी परिवारों में सिकल सेल बीमारी को लेकर विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। इस दिशा में <strong>हुए प्रयासों के कारण मध्य प्रदेश देश में सिकल सेल बीमारी की पहचान और रोकथाम के अभियान में अग्रणी राज्यों में शामिल रहा।</strong></p>
<p><strong>अब राष्ट्रपति लेंगी अंतिम फैसला</strong><br>
मंगुभाई पटेल का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उन्हें राज्यपाल के रूप में दूसरा कार्यकाल दिया जाएगा या मध्य प्रदेश को नया राज्यपाल मिलेगा। इस पर अंतिम निर्णय राष्ट्रपति की ओर से किया जाएगा, जिसका इंतजार राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही हलकों में किया जा रहा है।</p>
<p><strong>आईएएस विवेक अग्रवाल ने बढ़ाया प्रदेश का मान</strong><br>
विवेक अग्रवाल को वैश्विक संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स का उपाध्यक्ष बनाया गया है। मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल भारत सरकार में संस्कृति सचिव हैं। अग्रवाल देश के पहले ब्यूरोक्रेट हैं जिन्हें वैश्विक संस्था का उपाध्यक्ष बनाया गया है। यह संस्था मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद से जुड़ी फंडिंग को रोकने के लिए नियम और कानून बनाती है। भारत 2010 से इस प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय संस्था का सदस्य है, लेकिन भारत को पहली बार उपाध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। विवेक अग्रवाल मध्य प्रदेश में इंदौर और उज्जैन के कलेक्टर रहे हैं। वे मध्य प्रदेश शासन में तत्कालीन मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव रहने के साथ ही कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।</p>
<p><strong>मनोज अग्रवाल हो सकते हैं वन विकास निगम के एमडी</strong><br>
वन विकास निगम के प्रबंध संचालक एचयू खान जुलाई में सेवानिवृत होने जा रहे हैं। उनकी जगह वरिष्ठता और मेरिट के आधार पर 1993 बैच के आईएफएस अधिकारी मनोज अग्रवाल को प्रबंध संचालक बनाने की चर्चा है। वर्तमान में मनोज अग्रवाल पीसीसीएफ कैंपा के पद पर हैं और उन्हें पीसीसीएफ वर्किंग प्लान का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। पूरे महकमे में अग्रवाल की छवि वित्तीय प्रबंध के मामले में एक्सपर्ट के रूप में देखी जाती है। जानकारों का मानना है कि अग्रवाल के अनुभव और वित्तीय प्रबंधन से निगम की वित्तीय स्थिति को सुधारने में मदद मिल सकती है।</p>
<p><strong>जल्द घोषित हो सकते हैं इंदौर और भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष</strong><br>
इंदौर-भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्षों के नाम जल्द सामने आ सकते हैं। पता तो यहां तक चला है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच इस पर चर्चा हुई। इस चर्चा में वही दोनों नाम फिर फाइनल किए गए हैं, जिन्हें पूर्व में तय किया गया था। उस वक्त तात्कालिक विरोध को देखते हुए आदेश जारी नहीं किए गए थे। </p>]]> </content:encoded>
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<title>भारत में Apple यूजर्स के लिए बड़ी राहत, App Store पर लौटेगा कार्ड पेमेंट</title>
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<description><![CDATA[ टिम कुक के रिटायरमेंट से पहले भारत में ऐपल यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। ऐपल के इंडिया ऐप स्टोर पर बहुत जल्द लोग डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करके शॉपिंग कर पाएंगे। करीब 5 साल पहले ऐपल ने भारत में इस सुविधा को हटा लिया था। रिपोर्टों के अनुसार, ऐपल ने भारतीय … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 18:30:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भारत, में, Apple, यूजर्स, के, लिए, बड़ी, राहत, App, Store, पर, लौटेगा, कार्ड, पेमेंट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>टिम कुक के रिटायरमेंट से पहले भारत में ऐपल यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। ऐपल के इंडिया ऐप स्टोर पर बहुत जल्द लोग डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करके शॉपिंग कर पाएंगे। करीब 5 साल पहले ऐपल ने भारत में इस सुविधा को हटा लिया था। रिपोर्टों के अनुसार, ऐपल ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कार्ड टोकनाइजेशन नियमों का पालन कर लिया है जिसके बाद वह अपने प्लेटफॉर्म पर डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पेमेंट लेना शुरू करने वाली है। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट कहती है कि कंपनी ने भारत में कुछ चुनिंदा यूजर्स के साथ कार्ड पेमेंट का ट्रायल शुरू कर दिया है। हालांकि कंपनी ने इस बारे में कोई ऑफिशियल बयान नहीं दिया है।</p>
<p><strong>ऐपल ऑनलाइन स्टोर पर पेमेंट के ऑप्शन?</strong><br>
RBI का टोकनाइजेशन नियम लागू होने के बाद ऐपल ने साल 2021 में भारत में कार्ड पेमेंट बंद कर दिया था। अभी लोगों के पास पेमेंट के लिए यूपीआई या नेट बैंकिंग का ही ऑप्शन है। कहा जाता है कि कुछ लोग प्रीपेड ऐपल आईडी बैलेंस से भी शॉपिंग करते थे।</p>
<p>    रिपोर्टों के अनुसार, अब कंपनी ने आरबीआई के नियमों का पालन कर लिया है।<br>
    नियम कहता है कि सिर्फ कार्ड नेटवर्क ही टोकनाइज्ड कार्ड डेटा को स्टोर कर सकते हैं<br>
    इसका डेटा भारत में ही स्टोर होना चाहिए।<br>
    नियमों को मानने के बाद ऐपल भारत में दोबारा से कार्ड पेमेंट लेने जा रही है।<br>
    यूजर्स को अपने ऐपल गैजेट में सेटिंग्स में जाकर 'पेमेंट एंड शिपिंग' पेज पर डेबिट-क्रेडिट कार्ड को ऐड करना होगा। (REF. )</p>
<p><strong>फीचर को किया जा रहा टेस्ट</strong></p>
<ul>
<li>ऐपल ने इस फीचर के बारे में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है। बताया जाता है कि वह इसे टेस्ट कर रही है और आने वाले दिनों में सभी ऐपल यूजर्स के लिए इसे रोलआउट किया जाएगा।</li>
<li>कहा जाता है कि कंपनी देश के कई बैंकों और कार्ड नेटवर्क के साथ मिलकर Apple Pay को लॉन्च करने पर काम कर रही है।</li>
<li>‘ऐपल पे’ के लिए काम करते हुए कंपनी को कार्ड पेमेंट की सुविधा वापस लाने में मदद मिली है।</li>
</ul>
<p><strong>ग्राहकों को मिलेगा पेमेंट का नया ऑप्शन</strong><br>
इस फीचर के आने के बाद ग्राहकों को ऐपल प्रोडक्ट्स के लिए पेमेंट का नया ऑप्शन मिल जाएगा। भारत में बड़ी संख्या में लोग डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करना पसंद करते हैं। क्रेडिट कार्ड से नया गैजेट खरीदना भी लोगों की प्राथमिकता होती है। ऐपल स्टोर पर कार्ड पेमेंट फीचर आने से बड़ी समस्या हल होगी और शॉपिंग करना अधिक आसान हो जाएगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में सुनीं फरियादियों की समस्याएं</title>
<link>https://atworldnews.in/9101</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक फरियादी से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने जरूरतमंद लोगों को आवास दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता देने का आत्मीय भरोसा देते हुए कहा कि हमारी सरकार ‘नर सेवा … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 18:03:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, योगी, आदित्यनाथ, ने, जनता, दर्शन, में, सुनीं, फरियादियों, की, समस्याएं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक फरियादी से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने जरूरतमंद लोगों को आवास दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता देने का आत्मीय भरोसा देते हुए कहा कि हमारी सरकार ‘नर सेवा को नारायण सेवा’ मानकर 25 करोड़ प्रदेशवासियों के हित के लिए कार्य कर रही है।</p>
<p>‘जनता दर्शन’ के दौरान मुख्यमंत्री खुद फरियादियों तक पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। उनके प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी होना चाहिए।</p>
<p>इस अवसर पर सीएम ने लोगों से कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जन समस्याओं पर संवेदनशीलता दिखाएं।</p>
<p>अवैध कब्जा संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। राजस्व व पुलिस से जुड़े मामले में समयसीमा के भीतर न्याय दिलाया जाए और मामले का निस्तारण कर पीड़ित की संतुष्टि पर ध्यान दिया जाए।</p>]]> </content:encoded>
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<title>चैंपियन एक दिन में नहीं बनते”खिलाड़ियों के नाम सीएम योगी की पाती</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के नाम पाती लिखी है, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश की बदलती खेल संस्कृति और खिलाड़ियों की उपलब्धियों को साझा किया है। मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में लिखा है कि मैदान की मिट्टी जीत-हार नहीं, बल्कि उठना सिखाती है। उत्तर प्रदेश अब विकास के साथ-साथ खेलों में भी नंबर-1 बनने … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 18:03:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>चैंपियन, एक, दिन, में, नहीं, बनते”खिलाड़ियों, के, नाम, सीएम, योगी, की, पाती</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के नाम पाती लिखी है, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश की बदलती खेल संस्कृति और खिलाड़ियों की उपलब्धियों को साझा किया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में लिखा है कि मैदान की मिट्टी जीत-हार नहीं, बल्कि उठना सिखाती है। उत्तर प्रदेश अब विकास के साथ-साथ खेलों में भी नंबर-1 बनने की ओर अग्रसर है। प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत से देश-विदेश में यूपी का नाम रोशन कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने साफ किया कि चैंपियन एक दिन में नहीं बनते और खेल संस्कृति भी रातों-रात नहीं विकसित होती। खेल अनुशासन, समर्पण, सकारात्मक सोच और टीम भावना का सबसे बड़ा माध्यम है।</p>
<p>यह खेल भावना जीवन में सफलता और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का आधार बनेगी। सीएम ने अपील की है कि बच्चों की खेल प्रतिभा को कभी न रोकें, क्योंकि खेल नशे जैसी बुराइयों से बचाने की सबसे बड़ी ताकत है।</p>
<p>पाती के माध्यम से सीएम ने बताया कि प्रदेश में खिलाड़ियों के कौशल विकास और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष फोकस है। हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान और हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। हर जनपद में आधुनिक स्टेडियम और मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तैयार है।</p>
<p>सीएम योगी ने एलान किया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और सरकारी नौकरी मिलेगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>यूपी कैबिनेट ने नई स्टार्टअप नीति को मंजूरी दी, बड़ा ऐलान किया</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ यूपी की योगी कैबिनेट ने सोमवार को प्रदेश की नई स्टार्टअप नीति समेत 27 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। इसके तहत अब 20 लाख तक पूंजीगत सहायता दी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में 50 लाख तक दिया जा सकता है। क्लाउड रेंबर्समेंट दो लाख सालाना दिया जाएगा। एक हजार करोड़ का स्टार्टअप फंड रखा गया … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 18:03:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यूपी, कैबिनेट, ने, नई, स्टार्टअप, नीति, को, मंजूरी, दी, बड़ा, ऐलान, किया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
यूपी की योगी कैबिनेट ने सोमवार को प्रदेश की नई स्टार्टअप नीति समेत 27 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। इसके तहत अब 20 लाख तक पूंजीगत सहायता दी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में 50 लाख तक दिया जा सकता है। क्लाउड रेंबर्समेंट दो लाख सालाना दिया जाएगा। एक हजार करोड़ का स्टार्टअप फंड रखा गया है। होमगार्ड और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज को भी मंजूरी दे दी गई। अब पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा। इसके साथ ही पशुओं को लेकर किसानों को बड़ी राहत दी गई है। पशुओं का बीमा होगा और अलग-अलग कारणों से इनकी मौत पर एक महीने में मुआवजा मिलेगा। सीएम योगी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक के फैसलों की जानकारी मंत्री सुरेश खन्ना, मंत्री सुनील शर्मा, मंत्री धर्मपाल सिंह, मंत्री अनिल राजभर ने मीडिया को दी।</p>
<p>इलेक्ट्रानिक विभाग के तीन प्रस्ताव रखे गए और तीनों पास हो गए हैं। इसके साथ ही उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप मिशन का गठन किया जाएगा। इसकी अलग से बॉडी होगी। अब तक यूपीएलसी इसका काम देखती थी। अब मुख्य सचिव गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष होंगे। डेटा पॉलिसी भी नई आई है। डेटा सुरक्षित रखने और हिन्दुस्तान में ही डेटा रखने पर जोर होगा।</p>
<p><strong>पशुओं का भी होगा बीमा</strong><br>
पशुओं का भी बीमा होगा। महामारी, बीमारी और दुर्घटना में पशु हानि से किसानों को लाभ होगा। मुर्रा की कीमत 75000 हजार, बाकी की 50 हजार होगी। शाहीवाल की 65 हजार रुपये, गंगागिरी की 60 हजार कीमत होगी। खरगोश जैसे छोटे पशुओं की 6500 रुपये रखा गया है। बैल की कीमत 40 हजार, बछड़ा का 20 हजार रखा गया है। बीमा कंपनी बीमित पशुओं को एक महीने में मुआवजा देगी। केंद्र और प्रदेश सरकार के सहयोग से योजना चलेगी। इसमें केंद्रांश 51 प्रतिशत और राज्यांश 34 प्रतिशत होगी।</p>
<p><strong>गोरखपुर-मुरादाबाद में 100-100 बेड के अस्पताल</strong><br>
गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड का अस्पताल और वाराणसी में ईएसआई का मेडिकल कॉलेज बनेगा। इनके लिए निशुल्क जमीन हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गईं। वाराणसी के मेडिकल कॉलेज में 50% सीटें श्रमिकों के परिवार के लिए आरक्षित होगी।</p>
<p><strong>ओलंपिक-पैरा ओलंपिक में पदक विजेताओं को सीधी भर्ती</strong><br>
ओलंपिक और पैरा ओलंपिक में पदक विजेताओं को अब सीधी भर्ती दी जाएगी। अब भर्ती को लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर किया गया है। इसमें क्रीड़ा अधिकारी के 9 पद, जिला युवा कल्याण 3 पद, उप क्रीड़ा अधिकारी 23 पद पर सीधी भर्ती हो सकेगी। अभी तक समूह ख और ग के पदों पर सीधी भर्ती नहीं हो पाती थी। उनकी व्यवस्था की गई है।</p>
<p><strong>तीन निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी</strong><br>
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी दी गई। 2017 तक प्रदेश में केवल 27 विश्वविद्यालय थे। अब राज्य में 56 निजी विश्वविद्यालय हो जाएंगे।</p>
<p><strong>अन्य फैसले</strong><br>
शाहजहांपुर में भगवान परशुराम की जन्मस्थली जलालाबाद नगर का नाम बदलकर परशुरामपुरी किया गया है।</p>
<p>-रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना होगी। 20 हेक्टेयर जमीन इसके लिए निशुल्क दी जाएगी। 50 करोड़ रुपये राज्य सरकार खर्च करेगी।</p>
<p>-गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करेगा। गोरखपुर 80 करोड़, मुरादाबाद में 50 करोड़ का बांड जारी होगा।</p>
<p>-धुलाई भत्ता और वर्दी का पैसा बढ़ाया जाएगा। वेतन समिति की सिफारिश को मंजूरी दी गई है। 50% तक बढ़ाया गया है।</p>
<p>-लोकसेवा आयोग के चेयरमैन की अधिकतम पेंशन 1 लाख 12 हजार 500 रुपये होगी</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Amarnath Yatra 2026: तेजी से पिघल रहा बाबा बर्फानी का शिवलिंग, अब सिर्फ 1 फीट शेष; श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर</title>
<link>https://atworldnews.in/9098</link>
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<description><![CDATA[ श्रीनगर  अमरनाथ यात्रा का आज चौथा दिन है। तीर्थ यात्रियों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है। वहीं, इसके बीच एक चिंता बढ़ाने वाली खबर भी है। कहा जा रहा है कि पवित्र शिवलिंग का आकार पिघलकर 1 फीट रह गया है। खास बात है कि जून के अंत में ऊंचाई करीब 7 फीट देखी गई … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 17:32:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Amarnath, Yatra, 2026:, तेजी, से, पिघल, रहा, बाबा, बर्फानी, का, शिवलिंग, अब, सिर्फ, फीट, शेष, श्रद्धालुओं, के, लिए, बड़ी, खबर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>श्रीनगर </strong></p>
<p>अमरनाथ यात्रा का आज चौथा दिन है। तीर्थ यात्रियों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है। वहीं, इसके बीच एक चिंता बढ़ाने वाली खबर भी है। कहा जा रहा है कि पवित्र शिवलिंग का आकार पिघलकर 1 फीट रह गया है। खास बात है कि जून के अंत में ऊंचाई करीब 7 फीट देखी गई थी। खास बात है कि यह यात्रा 57 दिनों तक चलती है।</p>
<p><strong>तेजी से पिघल रहे बाबा बर्फानी</strong><br>
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमरनाथ में शिवलिंग अब पिघलकर करीब 1 फीट बचे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, 23 मई को ऊंचाई 7 फीट थी, जो 29 जून को 5 फीट पर आ गई थी। अब ताजा तस्वीर में देखा जा रहा है कि शिवलिंग की ऊंचाई घटकर 1 फीट के आसपास रह गई है। खास बात है कि शिवलिंग का निर्माण प्राकृतिक रूप से हर साल होता है, जिसे जियोलॉजी में स्टैलेगमाइट कहा जाता है।</p>
<p><strong>कैसे होता है शिवलिंग का निर्माण</strong><br>
दरअसल, गुफा के ऊपर चूना पत्थर और जिप्सम दरारों से बर्फ और ग्लेशियर के पिघलने से पानी बहता है। पानी जैसे ही गुफा की जमीन तक पहुंचता है, तो बेहद कम तापमान में यह जमना शुरू कर देता है। ऊपर की ओर जमने के क्रम के बाद एक शिवलिंग का आकार तैयार हो जाता है।</p>
<p><strong>श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी</strong><br>
अमरनाथ यात्रा के तीसरे दिन रविवार को लगभग 24 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकतिक रूप से निर्मित हिम शिवलिंग के दर्शन किए। इसके साथ ही बीते तीन दिन में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 60 हजार के आसपास पहुंच गई है। तीन जुलाई से शुरू अमरनाथ यात्रा 28 अगस्त तक जारी रहेगी।</p>
<p>जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से 1,211 महिलाओं सहित 5,794 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था सोमवार तड़के अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ। उन्होंने बताया कि पांचवें जत्थे में 21 बच्चे, 599 साधु और 76 साध्वियां शामिल हैं। वे तड़के तीन बजकर 10 मिनट से तीन बजकर 45 मिनट के बीच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में अलग-अलग काफिलों में आधार शिविर से रवाना हुए।</p>
<p>इनमें से 139 वाहनों में सवार 3,490 तीर्थयात्री अनंतनाग जिले के पहलगाम में नुनवान आधार शिविर की ओर जा रहे हैं। जबकि 128 वाहनों में 2,304 तीर्थयात्री गांदरबल जिले के बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुए हैं।</p>
<p><strong>कठिन यात्रा और हजारों किमी की ऊंचाई</strong><br>
तीर्थयात्री अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के छोटे लेकिन खड़ी चढ़ाई वाले 14 किलोमीटर के बालटाल मार्ग से एक साथ यात्रा कर रहे हैं। यह गुफा मंदिर दक्षिण हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।</p>
<p><strong>यात्रा के लिए वैध परमिट है जरूरी</strong><br>
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को अमरनाथ यात्रा पर जाने के इच्छुक सभी तीर्थयात्रियों से अपील की कि वे अपनी तय तारीख के लिए वैध पंजीकरण परमिट मिलने के बाद ही यात्रा करें। उन्होंने कहा कि सिर्फ पंजीकृत यात्रियों को ही तय तारीख पर पवित्र गुफा मंदिर तक जाने की अनुमति दी जाएगी। यह अपील जम्मू-कश्मीर में बिना सही पंजीकरण के बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के पहुंचने की वजह से की गई है।</p>
<p><strong>कड़ी सुरक्षा के बीच हो रही है यात्रा</strong><br>
सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों वाला सुरक्षा घेरा, दोनों रास्तों पर नो-फ्लाई जोन, वॉचटावर, कड़ी निगरानी और तीर्थयात्रियों के काफिले की रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। पुलिस ने सभी रजिस्टर्ड सर्विस प्रोवाइडर्स को क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र जारी किए हैं, ताकि उनके पहचान पत्रों की तुरंत जांच हो सके और उग्रवादियों को सपोर्ट स्टाफ बनकर घुसने से रोका जा सके।</p>
<p>इसके अलावा तीर्थयात्रियों, गाड़ियों और सर्विस देने वालों के लिए आरएफआईडी टैग जारी किए गए हैं ताकि उनकी रियल टाइम ट्रैकिंग की जा सके। साथ ही, सीसीटवी कैमरों का एक बड़ा नेटवर्क दोनों तीर्थ मार्गों पर आवाजाही पर नजर रख रहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दुर्ग में रेलवे की जमीन से हटे वारिस, स्वेच्छा से प्रशासन को सौंपा मकान</title>
<link>https://atworldnews.in/9097</link>
<guid>https://atworldnews.in/9097</guid>
<description><![CDATA[ दुर्ग. सरकारी भूमि पर वर्षों से बने कब्जों को हटाने के लिए अक्सर प्रशासन और संबंधित विभागों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। ऐसे मामलों में स्वेच्छा से कब्जा छोड़ने की घटनाएं विरले ही देखने को मिलती हैं। ऐसे समय दल्लीराजहरा मूल निवासी एवं वर्तमान में चंदखुरी निवासी एक परिवार ने ईमानदारी, नैतिकता … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 17:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दुर्ग, में, रेलवे, की, जमीन, से, हटे, वारिस, स्वेच्छा, से, प्रशासन, को, सौंपा, मकान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>दुर्ग.</strong></p>
<p>सरकारी भूमि पर वर्षों से बने कब्जों को हटाने के लिए अक्सर प्रशासन और संबंधित विभागों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। ऐसे मामलों में स्वेच्छा से कब्जा छोड़ने की घटनाएं विरले ही देखने को मिलती हैं। ऐसे समय दल्लीराजहरा मूल निवासी एवं वर्तमान में चंदखुरी निवासी एक परिवार ने ईमानदारी, नैतिकता और कानून के प्रति सम्मान का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी क्षेत्र में सराहना हो रही है।</p>
<p>दल्लीराजहरा के वार्ड क्रमांक 26 स्थित न्यू बस स्टैंड के समीप चंदैनी भाठा क्षेत्र में रेलवे बोर्ड की अधिग्रहित भूमि पर लगभग 50 वर्षों से निर्मित एक मकान को उसके वारिसों ने स्वेच्छा से रेलवे प्रशासन को वापस सौंपने का निर्णय लिया है। परिवार के मुखिया स्वर्गीय बलदेव प्रसाद यादव के निधन के बाद उनके पुत्र गोपाल कुमार यादव ने परिवार की सहमति से रेलवे प्रशासन को आवेदन प्रस्तुत कर उक्त संपत्ति को रेलवे की मूल संपत्ति के रूप में पुनः अपने अधिपत्य में लेने का अनुरोध किया है।</p>
<p>वर्तमान में दुर्ग जनपद पंचायत के सभापति गोपाल कुमार यादव ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि संबंधित भूमि रेलवे बोर्ड की स्थायी संपत्ति है तथा उस पर निर्मित मकान का कोई शासकीय पट्टा, स्वामित्व दस्तावेज अथवा वसीयत उपलब्ध नहीं है। इसलिए परिवार ने नैतिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए मकान की चाबी रेलवे प्रशासन को सौंपने तथा भविष्य में किसी प्रकार का स्वामित्व दावा नहीं करने का निर्णय लिया है।</p>
<p>गोपाल यादव ने बताया कि उनके पिता बलदेव प्रसाद यादव का 13 जनवरी 2026 को निधन हो गया था। उनके निधन के पश्चात वैधानिक वारिस के रूप में उनकी माता द्रौपती बाई यादव, स्वयं गोपाल यादव, छोटे भाई गोविन्दा यादव तथा बहन सती यदु ने आपसी सहमति से उक्त मकान को बंद कर दिया है, और वर्तमान में सभी परिवारजन दुर्ग जिले के चंदखुरी क्षेत्र में निवासरत हैं। उनका कहना है कि उन्होंने इस संबंध में उन्होंने सीनियर डीएम साहब, डीआरएम आफिस रायपुर को स्वेच्छा से कब्जा छोड़ने संबंधी आवेदन सौंपा तो उनका कहना था पहली बार कोई ऐसा कर रहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मध्यप्रदेश बनेगा देश में महिलाओं की सोसायटी बनाने वाला अग्रणी राज्य : मंत्री सारंग</title>
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<description><![CDATA[ मध्यप्रदेश बनेगा देश में महिलाओं की सोसायटी बनाने वाला अग्रणी राज्य : मंत्री सारंग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित सहकारी सप्ताह समारोह भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश में महिलाओं की सोसायटी बनाकर अग्रणी राज्य बनेगा। इस नवाचार की शुरूआत अगले माह से … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 17:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मध्यप्रदेश, बनेगा, देश, में, महिलाओं, की, सोसायटी, बनाने, वाला, अग्रणी, राज्य, मंत्री, सारंग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मध्यप्रदेश बनेगा देश में महिलाओं की सोसायटी बनाने वाला अग्रणी राज्य : मंत्री सारंग</strong></p>
<p><strong>सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित सहकारी सप्ताह समारोह</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश में महिलाओं की सोसायटी बनाकर अग्रणी राज्य बनेगा। इस नवाचार की शुरूआत अगले माह से की जायेगी। मंत्री सारंग रविवार को अपेक्स बैंक में आयोजित "सहकारी सप्ताह'' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश जल्द ही बीज के मामले में भी लीड करेगा। इसके पहले कम्प्यूटराइजेशन के साथ पिछले साल ऑनलाइन ऑडिट में भी मध्यप्रदेश का सहकारिता विभाग आगे रहा। यही नहीं मध्यप्रदेश ऑनलाइन केसीसी देने वाला पहला राज्य भी बना है।<br>
<strong>समाज के निचले वर्गों को आत्म-निर्भर बनाने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका</strong><br>
सहकारिता मंत्रालय भारत सरकार की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सहकारी सप्ताह समारोह में मंत्री सारंग ने कहा कि सहकारिता में अधिकारी-कर्मचारी समाज के उन्नयन के लिये योगदान दे रहे हैं। साथ ही अलग-अलग आयामों पर काम किया जा रहा है। युवा, महिला, किसान सहित हर वर्ग के कल्याण पर ध्यान दिया जा रहा है। रोजगार की दिशा में समाज के निचले वर्गों को आत्म-निर्भर बनाने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।<br>
<strong>राष्ट्र के उन्नयन में राज्य का समावेश होना जरूरी</strong><br>
मंत्री सारंग ने कहा कि राष्ट्र के उन्नयन में राज्य का समावेश होना जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश सहकारिता की दिशा में नित नये आयाम गढ़ रहा है। किसान, जवान, विज्ञान और अनुसंधान के जरिये सहकारिता आंदोलन को नई दिशा दी जा रही है। कॉर्पोरेट और को-ऑपरेटिव को जोड़कर नई अवधारणा बनाई जा रही है।</p>
<p><strong>पुरस्कृत होना अन्य लोगों के लिये करता है प्रेरणा-स्रोत का कार्य</strong><br>
मंत्री सारंग ने कहा कि कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी का ठीक ढंग से निर्वहन किया। यह लोग दूसरों के लिये प्रेरणा-स्रोत बने हैं। इससे जिन्हें पुरस्कार नहीं मिले हैं वे लोग भी अच्छा कार्य कर सम्मानित हो सकेंगे और अपनी नई पहचान बना सकेंगे।</p>
<p><strong>सहकारिता सप्ताह के दौरान जिलों में भी हुए उत्साहवर्धक कार्य</strong><br>
अपेक्स बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि सहकारिता सप्ताह के दौरान जिलों में भी उत्साह के साथ कार्यक्रम हुए। इस दौरान अधिक से अधिक पौध-रोपण भी किया गया। अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता ने स्वागत उद्बोधन दिया। अंत में सहकारी संघ के प्रबंध संचालक ऋतुराज रंजन ने आभार माना।</p>
<p><strong>उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति और संस्था हुईं पुरस्कृत</strong><br>
अमानत संग्रहण लक्ष्य के विरुद्ध पूर्ति में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक विदिशा को 21 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। इसी में द्वितीय स्थान प्राप्त करने के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दतिया को 15 हजार रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दतिया को 11 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया। पैक्स सदस्यता महाभियान में सर्वप्रथम लक्ष्य प्राप्ति के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक झाबुआ को सम्मानित किया गया। </p>
<p>इसी प्रकार अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह में विभिन्न प्रतियोगिताएँ हुईं। जरी-जरदोजी क्रॉफ्ट प्रतियोगिता में प्रथम यासमीन खान, द्वितीय गुड़िया और तृतीय आशिया खान रहीं। जूट क्रॉफ्ट प्रतियोगिता में प्रथम धीरू पटेल, द्वितीय संगीता यदुवंशी और तृतीय पूजा श्रीवास्तव रहीं। कढ़ाई क्रॉफ्ट प्रतियोगिता में प्रथम दामिनी सोलंकी, द्वितीय सोनल महोबे और तृतीय रागिनी वर्मा नहीं। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में कृष कुमार साहू, दीपक कुमार सोनी और तृप्ति कुशवाहा अव्वल रहीं। निबंध प्रतियोगिता में सृष्टि जैन, वेदिका दीक्षित, टीना कारा क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहीं। राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी में प्रथम स्थान पर सोलर पॉवर विस्तार सहकारी संस्था खरगोन, दूसरे स्थान पर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति रेहटी, सीहोर और तृतीय स्थान पर सुविधा साख सहकारी संस्था मर्यादित भोपाल रहीं। राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी में विशिष्ट प्रस्तुतिकरण के लिये मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ सहकारी मर्यादित भोपाल और मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक संघ भोपाल को पुरस्कृत किया गया।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>जंतर&#45;मंतर प्रदर्शन में बोले अभिजीत दीपके—सोनम वांगचुक अनुभवी हैं, हम क्यों भूखे रहें</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली नीट पेपर लीक की वजह से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर डटी हुई है। आंदोलन को समर्थन दे रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 9 दिनों से अनशन पर हैं। वांगचुक के साथ कुछ छात्र भी अनशन पर कर रहे … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 17:03:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>जंतर-मंतर, प्रदर्शन, में, बोले, अभिजीत, दीपके—सोनम, वांगचुक, अनुभवी, हैं, हम, क्यों, भूखे, रहें</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
नीट पेपर लीक की वजह से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर डटी हुई है। आंदोलन को समर्थन दे रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 9 दिनों से अनशन पर हैं। वांगचुक के साथ कुछ छात्र भी अनशन पर कर रहे हैं, जिन्हें लगातार इसे खत्म करने के लिए मनाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर सीजेपी बनाकर सनसनी मचा देने वाले अभिजीत दीपके भी इन छात्रों से कह रहे हैं कि यह लड़ाई लंबी चलने वाली है और उन्हें अनशन करके जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए। दीपके का कहना है कि सोनम वांगचुक को अनशन का अनुभव है, इसलिए उन्हें ही करने देना चाहिए।</p>
<p>सीजेपी के मंच पर सोनम वांगचुक लगातार 9 दिन से अनशन पर हैं। बताया जा रहा है कि उनका वजन तेजी से घट रहा है। हालांकि, चार दिन में ही फॉलोअर्स के मामले में भाजपा और कांग्रेस को भी पीछे छोड़ देने वाले अभिजीत दीपके जमीन पर अपेक्षा मुताबिक भीड़ नहीं उतार पाए हैं। कुछ समर्थकों और छात्रों के साथ जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहे दीपके का एक बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें वह यह कहते नजर आ रहे हैं कि लड़ाई लंबी चलने वाली है और इसलिए सोनम वांगचुक को छोड़कर बाकी सदस्यों को अनशन नहीं करना चाहिए, उन्हें फिट रहने की जरूरत है।</p>
<p><strong>लड़ाई लंबी चलेगी, सबको फिट रहना है: दीपेक</strong><br>
एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में दीपके ने कहा, 'मैंने तो बहुत मनाया है। सारे लोगों से मैंने कहा है कि प्लीज आप लोग भूख हड़ताल मत कीजिए। क्योंकि अगर सारे लोग भूख हड़ताल करने लग गए… सरकार को तो परवाह नहीं है। अगर सरकार को परवाह होती तो 20 बच्चों की मौत नहीं होने देती। एक मौत के बाद ही या पेपर लीक के बाद ही इस्तीफा आ जाता। तो मैंने सबसे कहा है कि भूख हड़ताल मत करिए। सबको फिट रहना है तभी जाकर यह लड़ाई लंबे दौर पर चलती रहेगी। सोनम सर को भूख हड़ताल का अनुभव है तो वह अपने आपको संभाल सकते हैं। इन बच्चों की सेहत को लेकर मुझे थोड़ी टेंशन हो रही है। और मैं फिर से रिक्वेस्ट करता हूं कि ऐसा मत करिए। हमारा प्रोटेस्ट लंबा चलने वाला है तो हम अपनी जान रिस्क में क्यों डालें? सोनम सर बहुत बड़ा काम कर रहे हैं। लेकिन उसके लिए जो बाकी चीजें मैंनेज करनी पड़ती है, उसके लिए तो हमें रहना पड़ेगा। फिर से मैं वही कह रहा हूं कि सारे लोग भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे तो यह प्रोटेस्ट मैनेज कौन करेगा।'</p>
<p><strong>ठूंस-ठूंसकर खाते लोगों को देख वांगचुक दुखी, एक दिन के अनशन की अपील</strong><br>
दीपके का यह बयान ऐसे समय पर वायरल हुआ है जब पिछले दिनों सोनम वांगचुक ने इस बात को लेकर दुख जाहिर किया कि जंतर-मंतर पर जुटने वाले लोग 'ठूंस-ठूंसकर खा रहे हैं।' वांगचुक ने सभी लोगों से एक-एक दिन के अनशन की अपील करते हुए कहा कि कम से कम दिनभर ना खाएं ताकि दिन में खाना बांटने की जरूरत ना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ज्यादा खाते हैं वह मोटे होंगे, बीमार पड़ते हैं और अनशन करने वालों से पहले मर जाएंगे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>नगरीय प्रशासन विभाग ने बल्क वेस्ट जनरेटर्स के पंजीयन के लिए निकायों को जारी किया परिपत्र</title>
<link>https://atworldnews.in/9094</link>
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<description><![CDATA[ नगरीय प्रशासन विभाग ने बल्क वेस्ट जनरेटर्स के पंजीयन के लिए निकायों को जारी किया परिपत्र सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश रायपुर.   नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी निकायों में बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 17:01:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>नगरीय, प्रशासन, विभाग, ने, बल्क, वेस्ट, जनरेटर्स, के, पंजीयन, के, लिए, निकायों, को, जारी, किया, परिपत्र</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नगरीय प्रशासन विभाग ने बल्क वेस्ट जनरेटर्स के पंजीयन के लिए निकायों को जारी किया परिपत्र</strong></p>
<p><strong>सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश</strong></p>
<p><strong>रायपुर. </strong><br>
 नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी निकायों में बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने संचालनालय से इस संबंध में सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी किया है।  </p>
<p>नगरीय प्रशासन विभाग ने परिपत्र जारी कर निकायों को जानकारी दी है कि केन्द्रीय प्रदूषण बोर्ड द्वारा वेस्ट जनरेटर के पंजीयन के लिए केन्द्रीकृत पोर्टल तैयार किया गया है। बल्क वेस्ट जनरेटर के पंजीयन के लिए केन्द्रीकृत पोर्टल https://swm.cpcb.gov.in 1 जून 2026 से प्रभावशील है। भारत सरकार द्वारा जारी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के अनुसार चिन्हांकित सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन केन्द्रीकृत पोर्टल पर किया जाना है। विभाग ने सभी निकायों को परिपत्र जारी कर केन्द्रीकृत पोर्टल पर चिन्हांकित सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन कराना सुनिश्चित करने को कहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>हरी खाद से संवर रही खेतों की सेहत, प्राकृतिक खेती की मिसाल बने किसान नरेंद्र सिंह</title>
<link>https://atworldnews.in/9093</link>
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<description><![CDATA[ हरी खाद से संवर रही खेतों की सेहत, प्राकृतिक खेती की मिसाल बने किसान नरेंद्र सिंह ढैंचा की खेती से बढ़ रही मिट्टी की उर्वरता, घट रही रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कृषि विभाग किसानों को टिकाऊ एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए कर रहा प्रोत्साहित रायपुर,  छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा मृदा स्वास्थ्य … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 17:01:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>हरी, खाद, से, संवर, रही, खेतों, की, सेहत, प्राकृतिक, खेती, की, मिसाल, बने, किसान, नरेंद्र, सिंह</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>हरी खाद से संवर रही खेतों की सेहत, प्राकृतिक खेती की मिसाल बने किसान नरेंद्र सिंह</strong></p>
<p><strong>ढैंचा की खेती से बढ़ रही मिट्टी की उर्वरता, घट रही रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता</strong></p>
<p><strong>कृषि विभाग किसानों को टिकाऊ एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए कर रहा प्रोत्साहित</strong></p>
<p><strong>रायपुर, </strong><br>
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए किसानों को हरी खाद के उपयोग हेतु लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी पहल का सकारात्मक परिणाम सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम केशगंवा में देखने को मिला है, जहां प्रगतिशील किसान श्री नरेंद्र सिंह ने लगभग चार एकड़ भूमि में ढैंचा की फसल उगाकर उसे खेत में पलट दिया है। अब वे इसी खेत में धान की खेती करेंगे।</p>
<p>किसान श्री नरेंद्र सिंह ने बताया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ाने के उद्देश्य से ढैंचा की खेती अपनाई। उन्होंने बताया कि फूल आने से पहले ढैंचा को खेत में पलट देने पर यह कुछ ही दिनों में सड़कर प्राकृतिक जैविक खाद में परिवर्तित हो जाती है। इससे मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ती है और फसलों के लिए आवश्यक पोषक तत्व स्वाभाविक रूप से उपलब्ध हो जाते हैं।</p>
<p>कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार ढैंचा जैसी दलहनी हरी खाद वाली फसलें वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर मिट्टी को प्राकृतिक रूप से समृद्ध बनाती हैं। इसके साथ ही फास्फोरस, जिंक एवं आयरन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता भी बढ़ती है, जिससे आगामी फसल का विकास बेहतर होता है।</p>
<p>हरी खाद के उपयोग से मिट्टी की संरचना में उल्लेखनीय सुधार होता है। ढैंचा के अपघटन से बनने वाला ह्यूमस मिट्टी को भुरभुरा बनाता है, जिससे उसमें हवा और पानी का बेहतर संचार होता है। इससे जड़ों का विकास मजबूत होता है और फसल अधिक स्वस्थ एवं उत्पादक बनती है। साथ ही मिट्टी की जल धारण क्षमता भी बढ़ती है, जिससे नमी लंबे समय तक बनी रहती है और सिंचाई की आवश्यकता कम होती है। ढैंचा की सघन बढ़वार खरपतवारों की वृद्धि को भी प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में सहायक होती है।</p>
<p>कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई से पहले ढैंचा, सनई अथवा अन्य हरी खाद वाली फसलों का उपयोग करें। इससे रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च कम होगा, मिट्टी की दीर्घकालीन उर्वरता बनी रहेगी और टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल तथा लाभकारी कृषि को बढ़ावा मिलेगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बिना हेडलाइट दौड़ती रहीं सरकारी बसें! मोबाइल टॉर्च के सहारे सफर, कर्नाटक में KKRTC पर सियासी घमासान</title>
<link>https://atworldnews.in/9092</link>
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<description><![CDATA[  बेंगलुरु कर्नाटक में सरकारी बस सेवाओं की स्थिति को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है. सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो और तस्वीरों में दावा किया गया कि कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KKRTC) की कुछ बसें हेडलाइट खराब होने के कारण रात में मोबाइल की टॉर्च के सहारे चलाई गईं. दावा किया जा … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 17:01:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>बिना, हेडलाइट, दौड़ती, रहीं, सरकारी, बसें, मोबाइल, टॉर्च, के, सहारे, सफर, कर्नाटक, में, KKRTC, पर, सियासी, घमासान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> बेंगलुरु</strong></p>
<p>कर्नाटक में सरकारी बस सेवाओं की स्थिति को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है. सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो और तस्वीरों में दावा किया गया कि कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KKRTC) की कुछ बसें हेडलाइट खराब होने के कारण रात में मोबाइल की टॉर्च के सहारे चलाई गईं. दावा किया जा रहा है, राज्य सरकार के पास फंड नहीं है, जिसके चलते इन बसों की लाइटों को ठीक नहीं करवाया गया. हालांकि इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर परिवहन व्यवस्था की अनदेखी का आरोप लगाया है। </p>
<p>वहीं इस पूरे मामले में केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारास्वामी ने एक्स पर एक पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने कहा कि भारी उद्योग मंत्रालय ने पीएम ई-ड्राइव स्कीम के तहत 4,500 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की थीं. दिसंबर 2025 में ही कन्फर्मेशन मिलने के बावजूद राज्य सरकार (@tdkarnataka) 'लेटर ऑफ़ अवार्ड' (LoA) तक जारी नहीं कर पाई है, जिससे पूरी प्रक्रिया रुकी हुई है। </p>
<p><strong>बसों की खराब स्थिति पर गरमाई राजनीति</strong><br>
साथ ही राज्य सरकार पर 'शक्ति' स्कीम के तहत ₹4,573 करोड़ का रीइम्बर्समेंट बकाया है. जिससे मौजूदा बसों की मामूली मरम्मत भी नहीं हो पा रही है. फिर भी अपनी नाकामी के कारण वे 4500 मुफ़्त नई ई-बसों का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। </p>
<p>फिलहाल बसों की खराब स्थिति और ई-बस परियोजना में कथित देरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. मामले को लेकर अब सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं, जबकि परिवहन व्यवस्था को लेकर यात्रियों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>WhatsApp Username फीचर पर बढ़ा विवाद, सरकार ने Meta को दी राहत; अब 9 जुलाई तक का समय</title>
<link>https://atworldnews.in/9091</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली WhatsApp के नए यूजरनेम फीचर को लेकर भारत सरकार और Meta के बीच चल रहा विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है. अब सरकार ने Meta को अपना जवाब देने के लिए कुछ और समय दिया है।  पहले कंपनी को तीन दिन के भीतर जवाब देना था, लेकिन अब यह समय बढ़ाकर 9 जुलाई … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 16:33:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>WhatsApp, Username, फीचर, पर, बढ़ा, विवाद, सरकार, ने, Meta, को, दी, राहत, अब, जुलाई, तक, का, समय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>WhatsApp के नए यूजरनेम फीचर को लेकर भारत सरकार और Meta के बीच चल रहा विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है. अब सरकार ने Meta को अपना जवाब देने के लिए कुछ और समय दिया है। </p>
<p>पहले कंपनी को तीन दिन के भीतर जवाब देना था, लेकिन अब यह समय बढ़ाकर 9 जुलाई कर दिया गया है. सरकार इस फीचर के सुरक्षा और ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है. HT की एक रिपोर्ट मेें सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि मेटा को कुछ दिन का एक्स्टेंशन दिया गया है। </p>
<p>दरअसल वॉट्सऐप ने हाल ही में यूजरनेम फीचर का ऐलान किया था. इस फीचर के आने के बाद यूजर्स अपना मोबाइल नंबर बताए बिना भी दूसरे लोगों से बात कर सकेंगे। यानी अगर आपके पास किसी का यूजरनेम है, तो कई मामलों में फोन नंबर शेयर किए बिना भी बातचीत शुरू की जा सकेगी. मेटा का कहना है कि इससे यूजर्स की प्राइवेसी पहले से बेहतर होगी। </p>
<p>लेकिन भारत सरकार की चिंता कुछ और है. सरकार का मानना है कि अगर किसी प्लेटफॉर्म पर पहचान छिपाकर लोगों से संपर्क करना आसान हो गया, तो ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग और किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान बनाकर ठगी करने जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। </p>
<p>इसी वजह से सरकार ने पिछले हफ्ते Meta को इस फीचर का रोलआउट रोकने और इसकी पूरी जानकारी देने का नोटिस भेजा था। </p>
<p>सरकारी अधिकारियों के मुताबिक मेटा और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर बैठक भी हो चुकी है. बैठक में कंपनी ने यूजरनेम फीचर के सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। </p>
<p>इसके बाद सरकार ने कंपनी को अपना विस्तृत लिखित जवाब देने के लिए 9 जुलाई तक का समय दे दिया है. इसके बाद सरकार तय करेगी कि फीचर को भारत में किस तरह और किन शर्तों के साथ शुरू किया जा सकता है। </p>
<p>मेटा का कहना है कि यूजरनेम फीचर को शुरू से ही सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है. कंपनी के मुताबिक यूजरनेम पूरी तरह ऑप्शनल होगा. वॉट्सऐप अकाउंट बनाने के लिए मोबाइल नंबर पहले की तरह जरूरी रहेगा। </p>
<p>इसके अलावा किसी व्यक्ति से बातचीत करने के लिए उसका सही यूजरनेम पता होना चाहिए. कंपनी का दावा है कि उसने फर्जी अकाउंट और स्कैम से बचाने के लिए कई सुरक्षा लेयर भी जोड़ी हैं. हाल ही में मेटा ने इस फीचर से जुड़े सवालों के जवाब देने के लिए एक FAQ भी जारी किया है। </p>
<p>सरकार हालांकि अभी इन दावों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर यूजरनेम और पहचान छिपाने वाले फीचर्स का इस्तेमाल कई साइबर अपराधों में हुआ है। ऐसे में वॉट्सऐप पर भी इसी तरह की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. सरकार चाहती है कि फीचर शुरू होने से पहले यह साफ हो जाए कि इससे फर्जी पहचान बनाकर लोगों को ठगना आसान नहीं होगा। </p>
<p>भारत वॉट्सऐप का सबसे बड़ा बाजार है, जहां 80 करोड़ से ज्यादा लोग इस ऐप का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में सरकार का यह फैसला सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वॉट्सऐप के ग्लोबल रोलआउट पर भी असर डाल सकता है। </p>
<p>अब सभी की नजर 9 जुलाई पर है, जब मेटा अपना विस्तृत जवाब सरकार को सौंपेगी. उसके बाद यह तय होगा कि वॉट्सऐप का नया यूजरनेम फीचर भारत में कब और किन नियमों के साथ शुरू होगा। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला! स्टार्टअप नीति समेत 27 प्रस्तावों को मंजूरी, किसानों को मिली बड़ी राहत</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ  यूपी की योगी कैबिनेट ने सोमवार को प्रदेश की नई स्टार्टअप नीति समेत 27 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। इसके तहत अब 20 लाख तक पूंजीगत सहायता दी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में 50 लाख तक दिया जा सकता है। क्लाउड रेंबर्समेंट दो लाख सालाना दिया जाएगा। एक हजार करोड़ का स्टार्टअप फंड रखा गया … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 16:33:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>योगी, कैबिनेट, का, बड़ा, फैसला, स्टार्टअप, नीति, समेत, प्रस्तावों, को, मंजूरी, किसानों, को, मिली, बड़ी, राहत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ </strong><br>
यूपी की योगी कैबिनेट ने सोमवार को प्रदेश की नई स्टार्टअप नीति समेत 27 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। इसके तहत अब 20 लाख तक पूंजीगत सहायता दी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में 50 लाख तक दिया जा सकता है। क्लाउड रेंबर्समेंट दो लाख सालाना दिया जाएगा। एक हजार करोड़ का स्टार्टअप फंड रखा गया है। होमगार्ड और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज को भी मंजूरी दे दी गई। अब पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा। इसके साथ ही पशुओं को लेकर किसानों को बड़ी राहत दी गई है। पशुओं का बीमा होगा और अलग-अलग कारणों से इनकी मौत पर एक महीने में मुआवजा मिलेगा। सीएम योगी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक के फैसलों की जानकारी मंत्री सुरेश खन्ना, मंत्री सुनील शर्मा, मंत्री धर्मपाल सिंह, मंत्री अनिल राजभर ने मीडिया को दी।</p>
<p>इलेक्ट्रानिक विभाग के तीन प्रस्ताव रखे गए और तीनों पास हो गए हैं। इसके साथ ही उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप मिशन का गठन किया जाएगा। इसकी अलग से बॉडी होगी। अब तक यूपीएलसी इसका काम देखती थी। अब मुख्य सचिव गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष होंगे। डेटा पॉलिसी भी नई आई है। डेटा सुरक्षित रखने और हिन्दुस्तान में ही डेटा रखने पर जोर होगा।</p>
<p><strong>पशुओं का भी होगा बीमा</strong><br>
पशुओं का भी बीमा होगा। महामारी, बीमारी और दुर्घटना में पशु हानि से किसानों को लाभ होगा। मुर्रा की कीमत 75000 हजार, बाकी की 50 हजार होगी। शाहीवाल की 65 हजार रुपये, गंगागिरी की 60 हजार कीमत होगी। खरगोश जैसे छोटे पशुओं की 6500 रुपये रखा गया है। बैल की कीमत 40 हजार, बछड़ा का 20 हजार रखा गया है। बीमा कंपनी बीमित पशुओं को एक महीने में मुआवजा देगी। केंद्र और प्रदेश सरकार के सहयोग से योजना चलेगी। इसमें केंद्रांश 51 प्रतिशत और राज्यांश 34 प्रतिशत होगी।</p>
<p><strong>गोरखपुर-मुरादाबाद में 100-100 बेड के अस्पताल</strong><br>
गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड का अस्पताल और वाराणसी में ईएसआई का मेडिकल कॉलेज बनेगा। इनके लिए निशुल्क जमीन हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गईं। वाराणसी के मेडिकल कॉलेज में 50% सीटें श्रमिकों के परिवार के लिए आरक्षित होगी।</p>
<p><strong>ओलंपिक-पैरा ओलंपिक में पदक विजेताओं को सीधी भर्ती</strong><br>
ओलंपिक और पैरा ओलंपिक में पदक विजेताओं को अब सीधी भर्ती दी जाएगी। अब भर्ती को लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर किया गया है। इसमें क्रीड़ा अधिकारी के 9 पद, जिला युवा कल्याण 3 पद, उप क्रीड़ा अधिकारी 23 पद पर सीधी भर्ती हो सकेगी। अभी तक समूह ख और ग के पदों पर सीधी भर्ती नहीं हो पाती थी। उनकी व्यवस्था की गई है।</p>
<p><strong>तीन निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी</strong><br>
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी दी गई। 2017 तक प्रदेश में केवल 27 विश्वविद्यालय थे। अब राज्य में 56 निजी विश्वविद्यालय हो जाएंगे।</p>
<p><strong>अन्य फैसले</strong></p>
<p>-शाहजहांपुर में भगवान परशुराम की जन्मस्थली जलालाबाद नगर का नाम बदलकर परशुरामपुरी किया गया है।</p>
<p>-रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना होगी। 20 हेक्टेयर जमीन इसके लिए निशुल्क दी जाएगी। 50 करोड़ रुपये राज्य सरकार खर्च करेगी।</p>
<p>-गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करेगा। गोरखपुर 80 करोड़, मुरादाबाद में 50 करोड़ का बांड जारी होगा।</p>
<p>-धुलाई भत्ता और वर्दी का पैसा बढ़ाया जाएगा। वेतन समिति की सिफारिश को मंजूरी दी गई है। 50% तक बढ़ाया गया है।</p>
<p>-लोकसेवा आयोग के चेयरमैन की अधिकतम पेंशन 1 लाख 12 हजार 500 रुपये होगी</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें किया नमन</title>
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<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें किया नमन रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रख्यात शिक्षाविद् और राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 16:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, विष्णुदेव, साय, ने, डॉ., श्यामा, प्रसाद, मुखर्जी, की, 125वीं, जयंती, पर, उन्हें, किया, नमन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें किया नमन</strong></p>
<p><strong>रायपुर </strong><br>
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रख्यात शिक्षाविद् और राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।</p>
<p>इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मां भारती के सच्चे सपूत थे, जिन्होंने राष्ट्र की अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान देते हुए संपूर्ण जीवन देश सेवा के लिए समर्पित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के दिखाए पथ पर अग्रसर होते हुए हम विकसित और सशक्त भारत का निर्माण करेंगे। </p>
<p>इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>डिप्टी CM साव का कांग्रेस पर तंज, बोले&#45; किसानों को बारिश से राहत मिली, विपक्ष को यह भी रास नहीं आ रहा</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. प्रदेश में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति पर कांग्रेस के आरोप पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि किसानों को राहत मिली है, लेकिन कांग्रेस उसे भी नहीं पचा पा रही. बारिश होगी तो कुछ स्थानों पर जलभराव भी होगा. प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है, … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 16:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>डिप्टी, साव, का, कांग्रेस, पर, तंज, बोले-, किसानों, को, बारिश, से, राहत, मिली, विपक्ष, को, यह, भी, रास, नहीं, आ, रहा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>प्रदेश में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति पर कांग्रेस के आरोप पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि किसानों को राहत मिली है, लेकिन कांग्रेस उसे भी नहीं पचा पा रही. बारिश होगी तो कुछ स्थानों पर जलभराव भी होगा. प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है, और जलभराव की स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी.</p>
<p>उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने चिंतन शिविर को लेकर मीडिया से चर्चा में कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, भारत सरकार के अधिकारियों, नीति आयोग के प्रतिनिधियों और समाज के कई महत्वपूर्ण लोगों का मार्गदर्शन मिला, इससे सरकार के नीति निर्धारण में बड़ा लाभ होगा. शासन प्रणाली कैसी होनी चाहिए, योजनाएं कैसे बनाई जाएं और प्रशासन को किस दिशा में काम करना चाहिए. इन सभी विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती पर दो दिनों तक मंथन हुआ. इससे कम लागत में बेहतर खेती और रासायनिक खेती के नुकसान को समझने का अवसर मिला, पर्यटन को बढ़ावा देने और राज्य की अर्थव्यवस्था में उसके योगदान पर भी चर्चा हुई मंत्रियों ने भी अपनी जिज्ञासाएं रखीं, इसका लाभ पूरे प्रदेश को मिलेगा.</p>
<p>वहीं, चिंतन शिविर को लेकर कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए पोस्ट पर अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस की स्थिति यही है कि सत्ता में रहते समय वह भ्रष्टाचार में व्यस्त रहती है, और सत्ता से बाहर होने पर दूसरी बातें याद आती हैं. हमारी सरकार जनहित और राष्ट्रहित में काम कर रही है. ऐसे कार्य कांग्रेस की सोच से बहुत दूर हैं, इसलिए वह केवल आलोचना करती है.</p>
<p><strong>जल जीवन के ठेकेदारों को किया जा रहा भुगतान</strong><br>
जल जीवन मिशन का भुगतान नहीं होने पर ठेकेदारों के एक दिवसीय हड़ताल पर जाने पर उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य मद से भी राशि देकर ठेकेदारों का भुगतान किया है. भारत सरकार की नई व्यवस्था के तहत भी भुगतान की प्रक्रिया जारी है. सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है. बड़े पैमाने पर भुगतान हो चुका है, और जिन ठेकेदारों के काम पूरे हो चुके हैं, उन्हें भुगतान करने की प्रक्रिया और तेज कर दी गई है.</p>
<p><strong>कांग्रेस के समय क्यों नहीं बना मेडिकल कॉलेज</strong><br>
नए मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सवाल उठाए जाने पर अरुण साव ने कहा कि भूपेश बघेल को पहले यह बताना चाहिए कि अपने पांच साल के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज क्यों नहीं बन पाए? उन्होंने केवल श्रेय लेने का काम किया, यदि 2021 में शिलान्यास हुआ था तो निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं हुआ?</p>
<p><strong>वीबी जीरामजी योजना पर कांग्रेस से पूछा सवाल</strong><br>
वहीं वीबी जीरामजी योजना को लेकर कांग्रेस के सवाल पर डीसीएम ने कहा कि कांग्रेस पहले यह तय करे कि वह इस योजना के पक्ष में है या विरोध में. यह मजदूरों के हित, रोजगार सृजन और पंचायतों को मजबूत बनाने की महत्वपूर्ण योजना है. कांग्रेस ने पहले इसका विरोध किया था.</p>
<p><strong>मानसून सत्र के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार</strong><br>
विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार जनहित में पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है. विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ढाबा स्टाइल चना दाल तड़का रेसिपी: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा स्वाद</title>
<link>https://atworldnews.in/9087</link>
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<description><![CDATA[  भारतीय खाने में दाल का अहम स्थान है और यह लगभग हर घर में किसी न किसी रूप में बनाई जाती है. लेकिन आप हर दिन एक जैसी दाल खाकर बोर हो गए हैं और खाने में कुछ नया स्वाद चाहते हैं तो ढाबा स्टाइल चना दाल तड़का एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. घी … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 16:03:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ढाबा, स्टाइल, चना, दाल, तड़का, रेसिपी:, घर, पर, बनाएं, रेस्टोरेंट, जैसा, स्वाद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> भारतीय खाने में दाल का अहम स्थान है और यह लगभग हर घर में किसी न किसी रूप में बनाई जाती है. लेकिन आप हर दिन एक जैसी दाल खाकर बोर हो गए हैं और खाने में कुछ नया स्वाद चाहते हैं तो ढाबा स्टाइल चना दाल तड़का एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. घी और मसालों के तड़के से तैयार यह दाल खाने में बेहद टेस्टी लगती है. इसे बनाना भी बहुत आसान है और यह रोटी, पराठे या चावल के साथ खाने में काफी टेस्टी लगती है.</p>
<p>आज हम आपको घर पर आसानी से तड़के वाली चना दाल बनाना बताएंगे, जिसे आप बेहद आसानी से झटपट बना सकते हैं. इसका स्वाद इतना लाजवाब होगा कि एक बार खाने के बाद आप इसे बार-बार बनाना पसंद करेंगे.</p>
<p><strong>चना दाल तड़का बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है?</strong><br>
1 कप चना दाल<br>
1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर<br>
2 बड़े चम्मच घी या तेल<br>
1 छोटा चम्मच जीरा<br>
1 बारीक कटा प्याज<br>
1 बारीक कटा टमाटर<br>
1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट<br>
1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर<br>
1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर<br>
1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला<br>
बारीक कटा हरा धनिया<br>
चुटकीभर हींग<br>
नमक स्वादानुसार<br>
1-2 साबुत सूखी लाल मिर्च (ऑप्शनल)</p>
<p><strong>ढाबा स्टाइल चना दाल तड़का बनाते कैसे हैं?</strong></p>
<ul>
<li>सबसे पहले चना दाल को अच्छी तरह धोकर करीब 30 मिनट के लिए पानी में भिगो दें. इसके बाद कुकर में दाल, हल्दी, नमक और जरूरत के अनुसार पानी डालकर 3 से 4 सीटी आने तक पका लें.</li>
<li>अब एक कड़ाही में घी या तेल गर्म करें. इसमें जीरा और हींग डालें. चाहें तो साबुत सूखी लाल मिर्च भी डाल सकते हैं. इसके बाद बारीक कटा प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें. फिर अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर उसकी कच्ची महक खत्म होने तक पकाएं.</li>
<li>अब इसमें कटे हुए टमाटर डालें और नरम होने तक पकाएं. इसके बाद धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और गरम मसाला डालकर मसालों को अच्छी तरह भून लें.</li>
<li>जब मसाला तैयार हो जाए, तब इसमें उबली हुई चना दाल डालकर अच्छी तरह मिला दें. दाल को 4-5 मिनट तक कम गैस पर पकाएं, ताकि मसालों का स्वाद दाल में अच्छी तरह घुल जाए. आखिर में ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालें.</li>
<li>गरमा-गरम ढाबा स्टाइल चना दाल तड़का तैयार है. इसे रोटी, तंदूरी रोटी, पराठे, जीरा राइस या सादे चावल के साथ परोसें.</li>
</ul>
<p><strong>इन बातों का ध्यान</strong><br>
    दाल को पहले भिगोने से वह जल्दी पकती है और स्वाद भी बेहतर आता है.<br>
    तड़का हमेशा घी में लगाएं, इससे ढाबे जैसा स्वाद मिलता है.<br>
    मसालों को अच्छी तरह भूनें, तभी दाल का स्वाद और खुशबू बढ़ेंगे.<br>
    अगर दाल ज्यादा गाढ़ी हो जाए तो थोड़ा गर्म पानी मिलाकर अपनी पसंद के अनुसार पतली कर सकते हैं.</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>आगरा में पति की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, पत्नी ने बाथरूम में दफनाया शव</title>
<link>https://atworldnews.in/9086</link>
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<description><![CDATA[ आगरा आगरा में पति को मारकर बाथरूम में क्यों दफना दिया, इसकी वजह जानने के लिए पुलिस ने विशेषज्ञों की मौजूदगी में हत्यारोपी पत्नी रूबि शर्मा से पूछताछ की। लंबी पूछताछ के बाद पुलिस को हत्या की एक नहीं कई वजहें मिलीं। जिल्लत की जिंदगी जी रही रूबी के गुस्से को भरतपुर कांड ने ट्रिगर … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 16:03:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>आगरा, में, पति, की, हत्या, का, सनसनीखेज, खुलासा, पत्नी, ने, बाथरूम, में, दफनाया, शव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आगरा</strong><br>
आगरा में पति को मारकर बाथरूम में क्यों दफना दिया, इसकी वजह जानने के लिए पुलिस ने विशेषज्ञों की मौजूदगी में हत्यारोपी पत्नी रूबि शर्मा से पूछताछ की। लंबी पूछताछ के बाद पुलिस को हत्या की एक नहीं कई वजहें मिलीं। जिल्लत की जिंदगी जी रही रूबी के गुस्से को भरतपुर कांड ने ट्रिगर कर दिया था। पुलिस मान रही है कि शराब पीकर आए दिन की मारपीट, भरतपुर में बेइज्जती, बेटियों को गाली देना, सिलाई के रुपये छीन लेना हत्या की वजह बनी।</p>
<p>दहतोरा की रेणुका धाम कालोनी में 18 मई से लापता चल रहे 44 वर्षीय सुरेंद्र कुमार शर्मा का कंकाल घर के बाथरूम में दफन मिला था। पुलिस ने उसकी पत्नी रूबी शर्मा को गिरफ्तार करके शनिवार को जेल भेजा था। पत्नी ने खीर में नींद की गोलियां मिलाकर पति की हत्या की थी। इसके बाद शव को बाथरूम में ही दफनाकर ट्रैक्टर से मिट्टी मंगाई और उस पर डाल दिया था।</p>
<p><strong>क्या बोले डीसीपी सैयद अली अब्बास</strong><br>
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि ऐसी वारदात में सबसे पहले यही शक जाता है कि अवैध संबंधों का मामला होगा। पुलिस ने गहराई से जांच की। कॉल डिटेल खंगाली। ऐसा कोई एंगल नहीं मिला। अभी तक की जांच में रूबी शर्मा के चरित्र पर शक बेबुनियाद निकला। लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने कड़ियों को जोड़ा तो हत्या की वजह उजागर हुई। रूबी शर्मा अपने पति से परेशान थी। वह बेरोजगार के साथ नशेबाज था। पिता की पेंशन भी शराब में उड़ा देता था। किसी भी बात पर पत्नी को कहीं भी पीट दिया करता था।</p>
<p>बेटियां बड़ी हो रही थीं उनकी भी शर्म नहीं करता था। उन्हें भी गंदी गालियां दिया करता था। किसी रिश्तेदार से उसकी बनती नहीं थी। रूबी घर का खर्चा चलाने के लिए सिलाई करती थी। उससे भी पैसे छीन लिया करता था। न देने पर बवाल करता था।</p>
<p><strong>भरतपुर में मामा के घर किया था बखेड़ा</strong><br>
16 मई को सुरेंद्र कुमार शर्मा ने भरतपुर में अपने मामा के घर बखेड़ा खड़ा किया था। वहां पीटकर आया था। घर आकर उसने गुस्सा पत्नी पर उतारा। उसे जबरन अपने साथ लेकर भरतपुर गया। पत्नी से कहा कि मामा के घर ड्रामा करे, उसका पति गायब है। मामा के घरवालों ने रूबी को धमकाया। उसे बेइज्जत करके भगा दिया। पति को लगा कि पत्नी अच्छा नाटक नहीं कर पाई। भरतपुर में ही उसे पीटा। घर आकर शराब पी। बवाल किया। भरतपुर कांड ने रूबी के गुस्से को ट्रिगर कर दिया।</p>
<p><strong>बच्चों को जेठ के घर भेजकर वारदात</strong><br>
रूबि को लगा कि पति मर जाएगा तो सब ठीक हो जाएगा। जिंदा भी वह किसी काम का नहीं है। उसने गुस्से में खीर में नींद की गोलियां मिला दीं। 18 मई की सुबह भरतपुर से मामा के घर से फोन आया। धमकाया। कहा कि पुलिस आने वाली है। रूबी को मौका मिल गया उसने सास और बच्चों को जेठ के घर भेज दिया। उसके बाद शव दफना दिया।</p>
<p><strong>किसी अन्य के शामिल होने का कोई सुराग नहीं</strong><br>
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि हर किसी को यह सवाल परेशान कर रहा है कि अकेली महिला ने शव कैसे दफना दिया। जबकि अभी तक किसी दूसरे के वारदात में शामिल होने का कोई सुराग नहीं मिला है। रूबी से पूछताछ में कई सवाल दागे गए, हर बार उसने वही जवाब दिया जो पहले बताया था। साफ कहा कि किसी को बचाने से उसे क्या लाभ। उसकी तो जिंदगी बर्बाद हो गई। उसकी बेटियों का अब पता नहीं क्या होगा। उनकी परवरिश कैसे होगी।</p>
<p><strong>कई सवालों का जवाब मिलना बाकि</strong><br>
पुलिस को अभी कई सवालों का जवाब मिलना बाकि है। इसके लिए क्राइम सीन का दोहराव कर सकती है। इसके लिए बाथरूम को पहले जैसा करना पड़ेगा। ताकि यह पता चल सके कि बाथरूम में कितनी मिट्टी डाली गई थी। इसमें कितना समय लगा होगा। जिस बाल्टी से मिट्टी डाली गई उससे कितने चक्कर लगाने पड़ेंगे। एक अकेले व्यक्ति ने मिट्टी को समतल कैसे किया होगा। शव कितना नीचे दफन था। बाथरूम में इसके लिए ज्यादा खुदाई तो नहीं की गई थी। इन सब सवालों के जवाब पुलिस को क्राइम सीन के दोहराव से मिल जाएंगे।</p>
<p>इसके लिए सुरेंद्र कुमार शर्मा की लंबाई और वजन के पुतले को दफन किया जाएगा। उसे पलंग से खींचकर लाने में कितना समय लगा होगा। यह देखा जाएगा। सब कुछ सामने आने के बाद उनका रूबी शर्मा के बयानों से मिलान किया जाएगा।</p>
<p><strong>हत्याकांड में कब क्या हुआ</strong><br>
16 मई को सुरेंद्र कुमार शर्मा भरतपुर गया। मामा के घर पिटकर आया।</p>
<p>17 मई को सुरेंद्र अपनी पत्नी रूबी को मामा के घर लेकर गया। खुद दूर रहा। उसके गायब होने का ड्रामा करने को कहा।</p>
<p>रात में रूबी ने पति को खीर में नींद की गोलियां दे दीं।</p>
<p>18 मई को सास और बेटियों को जेठ के घर भेज दिया। शव को बाथरूम में मिट्टी के नीचे दफना दिया।</p>
<p>19 मई की सुबह दो मिस्त्री आए 500 रुपये में बाथरूम के फर्श पर सीमेंट करके गए। दोपहर बाद रूबी जेठ के घर चली गई।</p>
<p>22 मई को रूबी अपने घर आई। बाथरूम देखा।</p>
<p>26 मई को रूबी अपने जेठ के साथ प्राक्षी टॉवर चौकी गई। पति की गुमशुदगी दर्ज कराई।</p>
<p>3 जुलाई को पुलिस ने बाथरूम की खुदाई करके कंकाल बरामद किया। रूबी गिरफ्तार।</p>
<p>4 जुलाई को पुलिस ने रूबी शर्मा को जेल भेज दिया।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर वन मंत्री कश्यप ने अर्पित की पुष्पांजलि</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज प्रखर राष्ट्रवादी विचारक, शिक्षाविद एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर राजधानी के शारदा चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कश्यप ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय एकता और जनसेवा के … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 16:01:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>डॉ., श्यामा, प्रसाद, मुखर्जी, की, जयंती, पर, वन, मंत्री, कश्यप, ने, अर्पित, की, पुष्पांजलि</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong><br>
 वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज प्रखर राष्ट्रवादी विचारक, शिक्षाविद एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर राजधानी के शारदा चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।<br>
इस अवसर पर कश्यप ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय एकता और जनसेवा के प्रति उनके योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन देशभक्ति, समर्पण और राष्ट्रहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रेरणास्रोत है। उनके विचार आज भी समाज और युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।<br>
कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधानसभा के विधायक पुरंदर मिश्रा, रमेश सिंह ठाकुर, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुंबई एयरपोर्ट पर जीरो विजिबिलिटी का असर, इंदौर में 2 मिनट के अंतराल पर उतारे गए दो विमान; 240 से ज्यादा यात्री फंसे</title>
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<description><![CDATA[ इंदौर सुबह मुंबई में शुरू हुई मूसलाधार बारिश और आसमान में छाए घने काले बादलों ने हवाई यातायात की कमर तोड़ दी। विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि मुंबई एयर ट्रैफिक कंट्रोल को आनन-फानन में लैंडिंग रोकनी पड़ी। मुंबई की तरफ बढ़ रहे दो बड़े यात्री विमानों के पायलटों को अचानक मैसेज मिला कि वे … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 16:01:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुंबई, एयरपोर्ट, पर, जीरो, विजिबिलिटी, का, असर, इंदौर, में, मिनट, के, अंतराल, पर, उतारे, गए, दो, विमान, 240, से, ज्यादा, यात्री, फंसे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर</strong><br>
सुबह मुंबई में शुरू हुई मूसलाधार बारिश और आसमान में छाए घने काले बादलों ने हवाई यातायात की कमर तोड़ दी। विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि मुंबई एयर ट्रैफिक कंट्रोल को आनन-फानन में लैंडिंग रोकनी पड़ी। मुंबई की तरफ बढ़ रहे दो बड़े यात्री विमानों के पायलटों को अचानक मैसेज मिला कि वे अपना रुख मध्य प्रदेश के इंदौर की तरफ मोड़ लें। इसके बाद देवी अहिल्याबाई होल्कर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अचानक हलचल बढ़ गई।</p>
<p><strong>2 मिनट के भीतर 2 विमानों की लैंडिंग</strong><br>
इंदौर एयरपोर्ट पर सुबह 11 बजकर 8 मिनट पर कोच्चि से मुंबई जा रही इंडिगो की फ्लाइट (6E662) ने टचडाउन किया। अभी एयरपोर्ट स्टाफ इस फ्लाइट के यात्रियों को संभालने की रणनीति बना ही रहा था कि ठीक 2 मिनट बाद, सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर नई दिल्ली से मुंबई जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट (AI2963) भी रनवे पर उतर गई। मुंबई के बदलते मौसम के कारण पायलटों के पास इंदौर में अनशेड्यूल्ड लैंडिंग के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था।</p>
<p><strong>इंडिगो (6E662)     कोच्चि से मुंबई     सुबह 11:08 बजे     दोपहर 01:00 बजे<br>
एयर इंडिया (AI2963)     नई दिल्ली से मुंबई     सुबह 11:10 बजे     दोपहर 01:00 बजे</strong></p>
<p><strong>टर्मिनल पर फंसे 240 से ज्यादा यात्री</strong><br>
एक के बाद एक दो विमानों के अचानक आ जाने से इंदौर टर्मिनल पर करीब 240 से ज्यादा यात्री फंस गए। रविवार की छुट्टी होने के बावजूद इंदौर एयरपोर्ट की ग्राउंड हैंडलिंग टीम और संबंधित एयरलाइंस के स्टाफ को तुरंत मोर्चे पर लगाया गया। अचानक पहुंचे इन यात्रियों के लिए तुरंत खाने-पीने और आराम की व्यवस्था की गई ताकि वे परेशान न हों।</p>
<p><strong>एयरपोर्ट प्रबंधन का आधिकारिक बयान<br>
इंदौर एयरपोर्ट के पीआरओ रामस्वरूप यादव ने इस पूरी स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया:</strong></p>
<p>'मुंबई और दिल्ली से वेदर क्लीयरेंस मिलने का इंतजार किया जा रहा था। इस दौरान इंदौर एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों को स्टैंडर्ड रिफ्रेशमेंट और हर जरूरी सहायता मुहैया कराई गई। मौसम साफ होने के बाद दोपहर करीब 1 बजे दोनों ही फ्लाइट्स ने इंदौर से मुंबई के लिए दोबारा उड़ान भरी।'</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>योगी आदित्यनाथ ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भारत की एकता का महान सपूत बताया</title>
<link>https://atworldnews.in/9083</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भारत माता का महान सपूत, प्रखर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शिक्षाविद् बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद-370 के खिलाफ नेहरू सरकार की तुष्टिकरण की वह नीति, जो देश की एकता और अखंडता को चुनौती दे रही थी, डॉ. मुखर्जी ने उसके खिलाफ शंखनाद किया था। प्रधानमंत्री … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 15:33:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>योगी, आदित्यनाथ, ने, डॉ., श्यामा, प्रसाद, मुखर्जी, को, भारत, की, एकता, का, महान, सपूत, बताया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भारत माता का महान सपूत, प्रखर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शिक्षाविद् बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद-370 के खिलाफ नेहरू सरकार की तुष्टिकरण की वह नीति, जो देश की एकता और अखंडता को चुनौती दे रही थी, डॉ. मुखर्जी ने उसके खिलाफ शंखनाद किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भाजपा सरकार ने 2019 में कश्मीर में अनुच्छेद-370 समाप्त कर डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार किया और कश्मीर में भी बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को प्रभावी ढंग से लागू किया गया।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी 125वीं जयंती पर उनके प्रति श्रद्धा निवेदित की। सीएम योगी ने सिविल अस्पताल स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पार्चन भी किया।</p>
<p><strong>पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है तो उसमें डॉ. मुखर्जी की भूमिका अहम</strong><br>
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आजादी के आंदोलन में प्रमुखता से जुड़े। बंगाल को जब पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की चालें चली जा रही थीं, तो श्यामा प्रसाद मुखर्जी इसके खिलाफ खड़े हुए। आज का पश्चिम बंगाल यदि भारत का हिस्सा है तो इसमें जिन महान नेताओं ने खुद को समर्पित कर आंदोलन का हिस्सा बनाया और इसके खिलाफ आवाज बुलंद की, उसमें डॉ. मुखर्जी का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है। उन्होंने स्वतंत्र भारत के मंत्री के रूप में खाद्य नीति व उद्योग नीति को प्रमुखता से लागू किया</p>
<p><strong>देश की अखंडता के लिए सरकार से भी अलग हो गए थे डॉ. मुखर्जी</strong><br>
सीएम ने कहा कि जब नेहरू सरकार की तुष्टिकरण की नीति देश की अखंडता के सामने चुनौती बनी तो सत्ता की राजनीति को तिलांजलि देते हुए वे सरकार से अलग हो गए। भारतीय जनसंघ के गठन के बाद संस्थापक अध्यक्ष के रूप में राष्ट्र की अखंडता के लिए उन्होंने ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान व दो निशान नहीं चलेगा’ का उद्घोष करते हुए कश्मीर की परमिट प्रणाली का विरोध किया। इस पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। 1953 में कश्मीर में ही उनका बलिदान हो गया।</p>
<p>डॉ. मुखर्जी को आदर्श मानने वाली भाजपा पश्चिम बंगाल में बनी शासन का हिस्सा<br>
सीएम योगी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने जिस पश्चिम बंगाल को पाकिस्तान के खूनी पंजे से बचाने में महती भूमिका का निर्वहन किया, वही पश्चिम बंगाल आज श्यामा प्रसाद मुखर्जी को अपना आदर्श मानने वाली भाजपा के शासन का हिस्सा बना है। डबल इंजन सरकार पश्चिम बंगाल में डॉ. मुखर्जी से जुड़े स्थलों के पुनरुद्धार के लिए कार्य कर रही है</p>
<p><strong>महज 33 वर्ष की आयु में कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में दीं सेवाएं</strong><br>
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 1901 में बंगाल में हुआ था। उच्च शिक्षा अर्जित करने के साथ ही प्राध्यापक के रूप में उन्होंने जीवन की शुरुआत की। महज 33 वर्ष की उम्र में उन्होंने कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में महत्वपूर्ण सेवाएं दीं।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, कपिलदेव अग्रवाल, विधायक नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, पूर्व विधायक सुरेश तिवारी, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बिलासपुर में प्रार्थना सभा पर बवाल, हिंदू संगठनों ने लगाया धर्मांतरण कराने का आरोप</title>
<link>https://atworldnews.in/9082</link>
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<description><![CDATA[ बिलासपुर. बिलासपुर में एक बार फिर कथित धर्मांतरण का मामला सामने आया है। तारबाहर थाना क्षेत्र स्थित लायंस क्लब भवन के पास आयोजित एक प्रार्थना सभा उस समय विवादों में आ गई, जब हिंदू संगठनों ने सभा की आड़ में धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया। मामले की सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 15:31:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>बिलासपुर, में, प्रार्थना, सभा, पर, बवाल, हिंदू, संगठनों, ने, लगाया, धर्मांतरण, कराने, का, आरोप</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बिलासपुर.</strong></p>
<p>बिलासपुर में एक बार फिर कथित धर्मांतरण का मामला सामने आया है। तारबाहर थाना क्षेत्र स्थित लायंस क्लब भवन के पास आयोजित एक प्रार्थना सभा उस समय विवादों में आ गई, जब हिंदू संगठनों ने सभा की आड़ में धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया।</p>
<p>मामले की सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम का विरोध करते हुए पुलिस को इसकी जानकारी दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तारबाहर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।</p>
<p><strong>प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन का आरोप</strong><br>
हिंदू संगठनों का आरोप है कि प्रार्थना सभा की आड़ में भोले-भाले हिंदू परिवारों, महिलाओं और बच्चों को बीमारी ठीक करने, बच्चों का स्कूल में प्रवेश दिलाने, नशे की लत छुड़ाने तथा अन्य समस्याओं के समाधान का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। संगठन ने इसे सुनियोजित धर्मांतरण का प्रयास बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>CM यादव के बड़े ऐलान: सतगढ़ी का बदलेगा नाम, UCC पर बड़ा बयान; भोपाल में ₹100 करोड़ के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की सौगात</title>
<link>https://atworldnews.in/9081</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के कोलार रोड स्थित स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क, सतगढ़ी के भूमिपूजन कार्यक्रम शामिल होकर प्रदेश के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भूमिपूजन के साथ ही सागर ग्रुप के सुधीर अग्रवाल 100 करोड़ रुपये का निवेश लेकर आए हैं, जिससे क्षेत्र … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 15:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यादव, के, बड़े, ऐलान:, सतगढ़ी, का, बदलेगा, नाम, UCC, पर, बड़ा, बयान, भोपाल, में, ₹100, करोड़, के, स्मार्ट, इंडस्ट्रियल, पार्क, की, सौगात</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br>
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के कोलार रोड स्थित स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क, सतगढ़ी के भूमिपूजन कार्यक्रम शामिल होकर प्रदेश के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भूमिपूजन के साथ ही सागर ग्रुप के सुधीर अग्रवाल 100 करोड़ रुपये का निवेश लेकर आए हैं, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।</p>
<p>इस अवसर पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि परियोजना के लिए जितनी भूमि की आवश्यकता हो, उतनी ही अधिग्रहित की जाए और कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि काम समय पर पूरा होने पर सभी संबंधित अधिकारियों का सम्मान किया जाएगा। अपने संबोधन में उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का उल्लेख करते हुए कहा कि नए कानून के तहत सभी के लिए एक विवाह की व्यवस्था होगी।</p>
<p><strong>सतगढ़ी का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर होगा</strong><br>
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश की आजादी के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने महत्वपूर्ण संघर्ष किया था। उनके सम्मान में सतगढ़ी क्षेत्र को अब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय महान व्यक्तित्व के योगदान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p><strong>भोपाल को रोजगार देने वाला शहर बनाने पर जोर</strong><br>
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल तेजी से रोजगार देने वाले शहर के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर क्षेत्र में विकास कार्य कर रही है और उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बीहड़ की धरती, जहां से देश के लिए वीर सैनिक निकलते हैं, अब देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मिसाइल <strong>निर्माण का केंद्र भी बनेगी। सरकार विकास के किसी भी क्षेत्र में कोई कमी नहीं छोड़ेगी।</strong></p>
<p><strong>महिला कल्याण और रामराज्य की अवधारणा का उल्लेख</strong><br>
मुख्यमंत्री ने आगामी रक्षाबंधन का उल्लेख करते हुए कहा कि अब तक सरकार प्रदेश की बहनों को 50 हजार करोड़ रुपये प्रदान कर चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा रामराज्य स्थापित करना है, जहां कोई भी भूखा न रहे और सभी को रोजगार तथा विकास के समान अवसर मिलें।</p>
<p><strong>कांग्रेस पर साधा निशाना, यूनियन कार्बाइड का किया जिक्र</strong><br>
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों की गति बढ़ने से कांग्रेस परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनियन कार्बाइड मामले के आरोपित को कांग्रेस नेताओं ने विमान उपलब्ध कराकर देश से बाहर भेजने में मदद की थी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने यूनियन कार्बाइड का कचरा हटाने का काम किया है। अब उस स्थान पर स्मारक और अस्पताल विकसित किए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दो दशक बाद भी कांग्रेस ने इस दिशा में कोई ठोस कार्य नहीं किया।</p>
<p><strong>यूसीसी और अधोसंरचना विकास पर सरकार का फोकस</strong><br>
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार एक देश, एक विधान की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि सभी धर्मों में समानता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विवाह की व्यवस्था वाले यूनिफॉर्म सिविल कोड को इसी माह लागू करने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि यूसीसी के लिए सरकार को 10 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं।</p>
<p>CM ने यह भी बताया कि छोटे उद्योगों की लंबित देनदारियों का भुगतान पिछले माह पूरा कर दिया गया है। साथ ही सतगढ़ी क्षेत्र में वेस्टर्न बाइपास का निर्माण प्रस्तावित है। यह क्षेत्र एयरपोर्ट और रानी कमलापति स्टेशन के निकट होने के कारण औद्योगिक निवेश के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>रेवांचल एक्सप्रेस से अकेला भोपाल पहुंचा 10 साल का मासूम, GRP ने मां से मिलवाकर लौटाई खुशियां</title>
<link>https://atworldnews.in/9080</link>
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<description><![CDATA[  भोपाल ऑपरेशन हमर्दद ने एक मासूम को उसकी मां से मिलवा दिया। बच्चे के सही सलामत होने की खबर सुन मां भावुक हो गई। मामला रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का है। जीआरपी ऑपरेशन हमदर्द चला रही है। 10 वर्षीय बालक स्टेशन पर भीख मांग रहा था। महिला आरक्षकों ने उसकी पूरी बात सुनी। बच्चे ने … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 15:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>रेवांचल, एक्सप्रेस, से, अकेला, भोपाल, पहुंचा, साल, का, मासूम, GRP, ने, मां, से, मिलवाकर, लौटाई, खुशियां</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> भोपाल</strong><br>
ऑपरेशन हमर्दद ने एक मासूम को उसकी मां से मिलवा दिया। बच्चे के सही सलामत होने की खबर सुन मां भावुक हो गई। मामला रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का है। जीआरपी ऑपरेशन हमदर्द चला रही है।</p>
<p>10 वर्षीय बालक स्टेशन पर भीख मांग रहा था। महिला आरक्षकों ने उसकी पूरी बात सुनी। बच्चे ने अपनी मां का मोबाइल नंबर बताया। इसी एक नंबर ने मां-बेटे को फिर से मिला दिया।</p>
<p><strong>स्टेशन पर भीख मांगते मिला था बालक</strong><br>
जीआरपी के अनुसार, बुधवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर ऑपरेशन हमदर्द के तहत बेशहारा और लावारिस लोगों का डोजियर तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान ओवरब्रिज पर एक 10 वर्षीय बालक भीख मांगता मिला। महिला आरक्षकों ने उसे सुरक्षित जीआरपी थाने लाकर पूछताछ शुरू की।</p>
<p><strong>सतना से अकेला पहुंच गया भोपाल</strong><br>
बच्चे ने बताया कि वह सतना से रेवांचल एक्सप्रेस में अकेले बैठकर भोपाल पहुंच गया था। सुबह से वह स्टेशन परिसर में भीख मांग रहा था। बातचीत के दौरान उसने अपनी मां का मोबाइल नंबर बताया, जिसके बाद जीआरपी ने तुरंत संपर्क किया।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>इंस्टाग्राम के CSEAM विज्ञापनों पर सरकार सख्त, Meta को 7 दिन में जवाब देने का नोटिस</title>
<link>https://atworldnews.in/9079</link>
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<description><![CDATA[ भारत सरकार ने मेटा को नोटिस भेजा है. इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों में बाल यौन शोषण एवं दुर्व्यवहार सामग्री (CSEAM) से जुड़े कंटेंट को लेकर सरकार ने मेटा को नोटिस जारी किया है. साथ ही मंत्रालय ने 7 दिनों के अंदर डिटेल्स में जवाब देने को कहा है. ये जानकारी सूत्रों से मिली है. इलेक्ट्रॉनिक्स … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 15:30:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>इंस्टाग्राम, के, CSEAM, विज्ञापनों, पर, सरकार, सख्त, Meta, को, दिन, में, जवाब, देने, का, नोटिस</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भारत सरकार ने मेटा को नोटिस भेजा है. इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों में बाल यौन शोषण एवं दुर्व्यवहार सामग्री (CSEAM) से जुड़े कंटेंट को लेकर सरकार ने मेटा को नोटिस जारी किया है. साथ ही मंत्रालय ने 7 दिनों के अंदर डिटेल्स में जवाब देने को कहा है. ये जानकारी सूत्रों से मिली है.</p>
<p>इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इंस्टाग्राम को ऐसे सभी विज्ञापनों और कंटेंट को तुरंत हटाने/बंद करने का निर्देश दिया है, जो CSEAM तक पहुंच को बढ़ावा देते हैं और उसको आसान बना रहे हैं.</p>
<p>भारत समेत दुनियाभर में इंस्टाग्राम का बड़ा यूजरबेस है. युवाओं में इंस्टाग्राम काफी पसंद किया जाता है और इसके रील्स फीचर की मदद से बहुत से लोग घंटों तक का समय बिताते हैं. ऐसे में कंपनियां बेहतर रीच और ब्रांड प्रमोशन के लिए इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देते हैं.</p>
<p><strong>वॉट्सऐप को लेकर भी भेजा नोटिस  </strong><br>
मेटा की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. कुछ दिन पहले ही सरकार ने मेटा को नोटिस जारी किया है, जिसमें वॉट्सऐप के यूजरनेम को लेकर जवाब मांगा है.  कंपनी ने वॉट्सऐप पर यूजरनेम रिजर्वेशन के लिए भारत में इसको बतौर टेस्टिंग जारी किया था.</p>
<p>भारत सरकार ने आशंका जताई थी कि वॉट्सऐप यूजरनेम फीचर की वजह से साइबर ठगों को फायदा मिलेगा. हालांकि कंपनी ने साफ किया था कि वह अभी इस फीचर को रोलआउट नहीं कर रहे हैं, उनका मकसद यूजरनेम फीचर को साल के अंत में लॉन्च करने का है.</p>
<p><strong>यूजरनेम फीचर से छिपा सकेंगे फोन नंबर</strong><br>
वॉट्सऐप में आने वाले यूजरनेम फीचर की मदद से यूजर्स अपने फोन नंबर को छिपा सकेंगे. अभी अनजान नंबर से आने वॉट्सऐप मैसेज को आसानी से पहचाना जा सकता है कि वह भारतीय नंबर है या फिर विदेशी. अब यूजरनेम फीचर आने से नंबर पहचानने में मुश्किल हो सकती है.</p>
<p><strong>Meta क्या है?</strong><br>
मेटा प्लेटफॉर्म आईएनसी एक मल्टीनेशनल कंपनी है, जिसका पुराना नाम फेसबुक आईएनसी था. अक्तूबर 2021 को मार्क जकरबर्ग ने अपनी कंपनी का नाम बदलकर मेटा कर दिया था. इस कंपनी के तहत अब फेसबुक, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम, वर्चुअल और AI ब्रांड काम करते हैं.</p>
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<title>दिल्ली में अवैध सिम नेटवर्क का खुलासा, साइबर पुलिस ने PoS एजेंट को किया गिरफ्तार</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  सेंट्रल जिला साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों को अवैध रूप से प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक लाइसेंसधारी टेलीकॉम पॉइंट ऑफ सेल (PoS) एजेंट को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी द्वारा एक्टिव किए गए सिम कार्ड देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज 18 से अधिक साइबर … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 15:30:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली, में, अवैध, सिम, नेटवर्क, का, खुलासा, साइबर, पुलिस, ने, PoS, एजेंट, को, किया, गिरफ्तार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 सेंट्रल जिला साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों को अवैध रूप से प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक लाइसेंसधारी टेलीकॉम पॉइंट ऑफ सेल (PoS) एजेंट को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी द्वारा एक्टिव किए गए सिम कार्ड देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज 18 से अधिक साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल किए गए थे। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलजीत नगर निवासी शिवा के तौर पर हुई है। आरोपी रोड किनारे स्टॉल लगाकर 'शिवम टेलीकॉम' के नाम से सिम बेचता था।</p>
<p>डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि दिल्ली में कार्यरत ऐसे टेलीकॉम PoS एजेंटों के बारे में पता किया जा रहा था, जिनसे जारी सिम कार्ड बार-बार साइबर अपराधों में उपयोग हो रहे थे। जांच के दौरान शिवा सिम्स, नीतीश टेलीकॉम और शिवम टेलीकॉम संदेह के दायरे में आए।</p>
<p><strong>2 जुलाई को आरोपी को पकड़ा</strong><br>
जांच में पता चला कि आम लोगों के नाम पर एक्टिवेट किए गए सिम साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जा रहे थे। एसएचओ इंस्पेक्टर योगराज दलाल के नेतृत्व में टीम बनाई गई। जांच में सामने आया कि शिवम टेलीकॉम के माध्यम से अवैध रूप से एक्टिव किए गए 11 सिम कार्ड देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 18 साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल हुए थे। इसके बाद 2 जुलाई को आरोपी को हिंदूराव अस्पताल के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।<br>
    आरोपी के सिम कार्डों से देश के अलग-अलग राज्यों में हुई 18 से ज्यादा साइबर ठगियां<br>
    सड़क किनारे स्टॉल लगाकर बेचता था सिम, 11 सिम कार्डों से खुली बड़ी साजिश की पोल</p>
<p><strong>500-600 रुपये में बेचता था एक सिम</strong><br>
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह आम ग्राहकों के आईडी प्रूफ और बायोमेट्रिक जानकारी का दुरुपयोग कर उनकी जानकारी और सहमति के बिना अतिरिक्त सिम कार्ड एक्टिवेट करता था। इसके बाद वह इन प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्डों को 500 से 600 रुपये प्रति सिम के हिसाब से बिचौलियों और साइबर अपराधियों को बेच देता था। आरोपी जानबूझकर केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन के नियमों का उल्लंघन करता था। वह असली ग्राहकों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर अतिरिक्त सिम कार्ड एक्टिवेट करता और उन्हें साइबर ठगों तक पहुंचाता था।</p>
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<title>WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर सरकार सख्त, Meta को 9 जुलाई तक का अल्टीमेटम</title>
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<description><![CDATA[ WhatsApp के नए यूजरनेम फीचर को लेकर भारत सरकार और Meta के बीच चल रहा विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है. अब सरकार ने Meta को अपना जवाब देने के लिए कुछ और समय दिया है. पहले कंपनी को तीन दिन के भीतर जवाब देना था, लेकिन अब यह समय बढ़ाकर 9 जुलाई कर दिया … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 15:03:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>WhatsApp, के, यूजरनेम, फीचर, पर, सरकार, सख्त, Meta, को, जुलाई, तक, का, अल्टीमेटम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>WhatsApp के नए यूजरनेम फीचर को लेकर भारत सरकार और Meta के बीच चल रहा विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है. अब सरकार ने Meta को अपना जवाब देने के लिए कुछ और समय दिया है.</p>
<p>पहले कंपनी को तीन दिन के भीतर जवाब देना था, लेकिन अब यह समय बढ़ाकर 9 जुलाई कर दिया गया है. सरकार इस फीचर के सुरक्षा और ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है. HT की एक रिपोर्ट मेें सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि मेटा को कुछ दिन का एक्स्टेंशन दिया गया है.</p>
<p>दरअसल वॉट्सऐप ने हाल ही में यूजरनेम फीचर का ऐलान किया था. इस फीचर के आने के बाद यूजर्स अपना मोबाइल नंबर बताए बिना भी दूसरे लोगों से बात कर सकेंगे.</p>
<p>यानी अगर आपके पास किसी का यूजरनेम है, तो कई मामलों में फोन नंबर शेयर किए बिना भी बातचीत शुरू की जा सकेगी. मेटा का कहना है कि इससे यूजर्स की प्राइवेसी पहले से बेहतर होगी.</p>
<p>लेकिन भारत सरकार की चिंता कुछ और है. सरकार का मानना है कि अगर किसी प्लेटफॉर्म पर पहचान छिपाकर लोगों से संपर्क करना आसान हो गया, तो ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग और किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान बनाकर ठगी करने जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं.</p>
<p>इसी वजह से सरकार ने पिछले हफ्ते Meta को इस फीचर का रोलआउट रोकने और इसकी पूरी जानकारी देने का नोटिस भेजा था.</p>
<p>सरकारी अधिकारियों के मुताबिक मेटा और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर बैठक भी हो चुकी है. बैठक में कंपनी ने यूजरनेम फीचर के सुरक्षा उपायों की जानकारी दी.</p>
<p>इसके बाद सरकार ने कंपनी को अपना विस्तृत लिखित जवाब देने के लिए 9 जुलाई तक का समय दे दिया है. इसके बाद सरकार तय करेगी कि फीचर को भारत में किस तरह और किन शर्तों के साथ शुरू किया जा सकता है.</p>
<p>मेटा का कहना है कि यूजरनेम फीचर को शुरू से ही सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है. कंपनी के मुताबिक यूजरनेम पूरी तरह ऑप्शनल होगा. वॉट्सऐप अकाउंट बनाने के लिए मोबाइल नंबर पहले की तरह जरूरी रहेगा.</p>
<p>इसके अलावा किसी व्यक्ति से बातचीत करने के लिए उसका सही यूजरनेम पता होना चाहिए. कंपनी का दावा है कि उसने फर्जी अकाउंट और स्कैम से बचाने के लिए कई सुरक्षा लेयर भी जोड़ी हैं. हाल ही में मेटा ने इस फीचर से जुड़े सवालों के जवाब देने के लिए एक FAQ भी जारी किया है.</p>
<p>सरकार हालांकि अभी इन दावों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर यूजरनेम और पहचान छिपाने वाले फीचर्स का इस्तेमाल कई साइबर अपराधों में हुआ है.</p>
<p>ऐसे में वॉट्सऐप पर भी इसी तरह की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. सरकार चाहती है कि फीचर शुरू होने से पहले यह साफ हो जाए कि इससे फर्जी पहचान बनाकर लोगों को ठगना आसान नहीं होगा.</p>
<p>भारत वॉट्सऐप का सबसे बड़ा बाजार है, जहां 80 करोड़ से ज्यादा लोग इस ऐप का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में सरकार का यह फैसला सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वॉट्सऐप के ग्लोबल रोलआउट पर भी असर डाल सकता है.</p>
<p>अब सभी की नजर 9 जुलाई पर है, जब मेटा अपना विस्तृत जवाब सरकार को सौंपेगी. उसके बाद यह तय होगा कि वॉट्सऐप का नया यूजरनेम फीचर भारत में कब और किन नियमों के साथ शुरू होगा.</p>]]> </content:encoded>
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<title>मिशन&#45;2027 के लिए भाजपा ने तेज की तैयारी, लखनऊ दौरे से नितिन नवीन ने भरा चुनावी जोश</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दो दिवसीय लखनऊ दौरा न केवल भाजपा संगठन के लिए नई ऊर्जा देने वाला रहा बल्कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सरकार को भी राहत दे गया। इस दौरे में नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन-2027 के लिए संगठन व सहयोगी दलों के साथ समन्वय … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 15:01:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मिशन-2027, के, लिए, भाजपा, ने, तेज, की, तैयारी, लखनऊ, दौरे, से, नितिन, नवीन, ने, भरा, चुनावी, जोश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दो दिवसीय लखनऊ दौरा न केवल भाजपा संगठन के लिए नई ऊर्जा देने वाला रहा बल्कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सरकार को भी राहत दे गया। इस दौरे में नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन-2027 के लिए संगठन व सहयोगी दलों के साथ समन्वय की राह प्रशस्त की। वहीं, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से उपजी उलझन को आक्रामकता के साथ विपक्ष पर हमला कर वर्ष 2027 के सियासी रण के तेवर-तपिश भी तय कर दी।</p>
<p><strong>मिशन-2027 में तीखे हमले-पलटवार की रणनीति</strong><br>
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दौरा ऐसे वक्त में हुआ जब संगठन और सरकार दोनों राममंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर विपक्ष के निशाने पर थे। नितिन नवीन ने खुद ही कहा कि वह मिशन-2027 के सियासी रण का शंखनाद करने आए थे, उन्होंने कार्यकर्ताओं, मंत्रियों, विधायकों के साथ मंथन कर किया भी वैसा ही। उन्हें कड़े परिश्रम की सीख दी उन्होंने जिस आक्रामकता से विपक्ष खासतौर पर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल का नाम लेकर हमला किया, उससे साफ कर दिया है कि मिशन-2027 के रण में भाजपा कुछ ऐसे ही तीखे हमलों-पलटवार से विपक्ष को घेरेगी।</p>
<p><strong>विपक्ष को असहज करने की कोशिश</strong><br>
दरअसल, विपक्ष नहीं चाहता कि 2027 का सियासी समर धार्मिक मुद्दों, मजहबी वैमनस्यता अथवा उसके कार्यकाल से जुड़े रहे अतीत के किस्सों के इर्द-गिर्द लड़ा जाए। कहना गलत न होगा कि विपक्ष को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार कानून-व्यवस्था और माफिया के मुद्दे उठाकर घेरते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रविवार को भी कुछ ऐसा ही कर विपक्ष को असहज करने की कोशिश की। अव्वल तो उन्होंने हिन्दू हृदय सम्राट की अपनी छवि के मुताबिक, अपना संबोधन ही ‘सियावर रामचंद्र’ की जय और ‘योगेश्वर श्री कृष्ण की जय’ के साथ शुरू किया। इसके पीछे उनकी मंशा विपक्ष को संदेश देने की थी कि प्रभु राम हिन्दुओं की आस्था के केंद्र में थे हैं और रहेंगे। राम मंदिर से एक कदम आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री ने योगेश्वर श्रीकृष्ण की जयकार कर हिन्दुओं के ह्रदय को मथुरा में चल रहे श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से जोड़ने की कोशिश की।</p>
<p><strong>नितिन नवीन ने सपा और कांग्रेस को घेरा</strong><br>
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ ही विपक्षी दलों के नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने रविवार को लखनऊ में आयोजित शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस आज खत्म होने की स्थिति में पहुंच चुकी है। भाजपा कार्यकर्ता सपा की राजनीति को पूरी तरह समाप्त करने का संकल्प लेकर मैदान में उतरेगा। इस बार साइकिल पंचर नहीं, खराब ही हो जाएगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष पर तुष्टिकरण, परिवारवाद और समाज को बांटने की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को साकार करने के लिए कार्य कर रही है। नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र पर कार्य करती है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को दिया है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>छत्तीसगढ़ भाजपा के पूर्व संसदीय सचिव का WhatsApp हैक, परिचितों से ठगी के लिए मांगे जा रहे पैसे</title>
<link>https://atworldnews.in/9075</link>
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<description><![CDATA[ गरियाबंद. जिले में साइबर ठग लगातार भाजपा नेताओं को निशाना बना रहे हैं। अब वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया है। हैकर उनके कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को मैसेज भेजकर 28 हजार रुपये यूपीआई के जरिए भेजने की मांग कर रहा है। तीन दिनों … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 14:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, भाजपा, के, पूर्व, संसदीय, सचिव, का, WhatsApp, हैक, परिचितों, से, ठगी, के, लिए, मांगे, जा, रहे, पैसे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>गरियाबंद.</strong></p>
<p>जिले में साइबर ठग लगातार भाजपा नेताओं को निशाना बना रहे हैं। अब वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया है। हैकर उनके कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को मैसेज भेजकर 28 हजार रुपये यूपीआई के जरिए भेजने की मांग कर रहा है।</p>
<p>तीन दिनों के भीतर यह दूसरे बड़े भाजपा नेता का व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने का मामला है। जानकारी के अनुसार, हैकर गोवर्धन मांझी के नाम से लोगों को संदेश भेज रहा है कि नेटवर्क की समस्या के कारण तत्काल 28 हजार रुपये भेज दें, जिन्हें बाद में वापस कर दिया जाएगा। इसके लिए वह एक बार कोड भेजने जैसी प्रक्रिया भी अपना रहा है। जब मांझी के परिचितों ने उन्हें फोन कर इस बारे में जानकारी दी, तब उन्हें अकाउंट हैक होने का पता चला।</p>
<p><strong>गोवर्धन मांझी की लोगों से अपील</strong><br>
गोवर्धन मांझी ने लोगों से अपील की है कि उनके नाम से आने वाले किसी भी मैसेज का जवाब न दें और न ही किसी प्रकार का पैसा ट्रांसफर करें। उन्होंने बताया कि उन्होंने गलती से एक एपीके (APK) फाइल पर क्लिक कर दिया था, जिसके बाद उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने की आशंका है। मामले की सूचना साइबर सेल और देवभोग पुलिस को दे दी गई है।</p>
<p><strong>हैकर ने स्टूडेंट होने का किया दावा</strong><br>
हैकर व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज भेजकर खुद को छात्र बताते हुए लोगों से पैसे मांग रहा है। उसने लिखा है कि, “मैं स्टूडेंट हूं, मुझे पैसों की जरूरत है। कल कॉलेज की फीस जमा करनी है। कोई पैसे भेज दो। मैं किसी गरीब से पैसे नहीं ले रहा हूं। विधायक जी मुझे बहुत अच्छे लगते हैं, इसलिए मैंने उनका अकाउंट हैक किया है।”</p>
<p><strong>भाजपा जिला अध्यक्ष भी हुए थे शिकार</strong><br>
इससे पहले भाजपा के जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर का भी व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया था। साइबर ठग नेताओं की पहचान और पद का दुरुपयोग कर उनके परिचितों से ठगी करने की कोशिश कर रहे हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>शाकाहारी लोग भी बना सकते हैं मजबूत मसल्स, डॉक्टर ने बताया ल्यूसीन का सही राज</title>
<link>https://atworldnews.in/9074</link>
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<description><![CDATA[ शाकाहारी लोगों की अक्सर शिकायत रहती है उनके पास प्रोटीन सोर्स की कमी रहती है इसलिए उनके मसल्स जल्दी नहीं बन पाते लेकिन एक डॉक्टर ने इसका तरीका भी बताया है. डॉ. अनूप मिश्रा का कहना है, मसल्स बनाने के लिए सिर्फ प्रोटीन की मात्रा देखना काफी नहीं है बल्कि उसके साथ ल्यूसीन (Leucine) नाम … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 14:30:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>शाकाहारी, लोग, भी, बना, सकते, हैं, मजबूत, मसल्स, डॉक्टर, ने, बताया, ल्यूसीन, का, सही, राज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>शाकाहारी लोगों की अक्सर शिकायत रहती है उनके पास प्रोटीन सोर्स की कमी रहती है इसलिए उनके मसल्स जल्दी नहीं बन पाते लेकिन एक डॉक्टर ने इसका तरीका भी बताया है. डॉ. अनूप मिश्रा का कहना है, मसल्स बनाने के लिए सिर्फ प्रोटीन की मात्रा देखना काफी नहीं है बल्कि उसके साथ ल्यूसीन (Leucine) नाम के एक जरूरी अमीनो एसिड का सही लेवल होना बहुत जरूरी है. ल्यूसीन मसल्स के लिए एक ट्रिगर की तरह काम करता है, जो मसल्स प्रोटीन सिंथेसिस को एक्टिवेट करता है.  </p>
<p><strong>क्यों जरूरी है ल्यूसीन?</strong><br>
ल्यूसीन एक ऐसा अमीनो एसिड है जो हमारा शरीर खुद नहीं बना सकता इसलिए इसे डाइट से लेना जरूरी होता है. यह मसल्स को संकेत देता है कि उन्हें प्रोटीन का उपयोग करके बढ़ना और रिकवर होना है. जब आप स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या वजन उठाने वाली एक्सरसाइज करते हैं तो ल्यूसीन का सही सेवन मसल्स को तेजी से रिकवर करने और मजबूती देने में मदद करता है.</p>
<p>कई रिसर्च बताती हैं कि सही मात्रा में ल्यूसीन मिलने पर प्लांट-बेस्ड प्रोटीन भी मसल्स बिल्डिंग में उतने ही कारगर हो सकते हैं जितने कि एनिमल प्रोटीन.  </p>
<p><strong>क्या है सही चुनाव?</strong><br>
डॉ. मिश्रा के अनुसार, बेसन जैसे ऑप्शंस में प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है. 100 ग्राम बेसन में करीब 20 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है जो कि गेहूं या अन्य अनाजों के मुकाबले काफी बेहतर है. इसके अलावा, सोयाबीन प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के सबसे बेहतरीन सोर्सेज में से एक है. सोया न केवल हाई-प्रोटीन है, बल्कि इसमें ल्यूसीन भी भरपूर होता है, जिससे यह मसल्स बिल्डिंग के लिए एक स्मार्ट और सुलभ विकल्प बन जाता है.  </p>
<p><strong>डाइट में करें ये छोटा सा बदलाव</strong><br>
डॉ. मिश्रा का सुझाव है कि हर मील में प्रोटीन और ल्यूसीन के सही बैलेंस पर ध्यान दें. यदि आप अपनी मील में बेसन या अन्य प्रोटीन सोर्सेज को मिक्स करते हैं तो इससे आपकी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ेगी और कार्बोहाइड्रेट का असर कम हो जाएगा. यह न केवल आपकी मसल्स बनाने में मदद करेगा बल्कि ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल में रखने में मददगार हो सकता है. कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स का चुनाव करने और खाने के तरीके को सही रखने से बिना किसी महंगी दवा के आपकी सेहत में बड़ा सुधार आ सकता है. </p>]]> </content:encoded>
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<title>अजवाइन और कसूरी मेथी से बनी कुरकुरी मठरी, एक बार बनाएं और महीनेभर करें स्टोर</title>
<link>https://atworldnews.in/9073</link>
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<description><![CDATA[ शाम के वक्त जब हल्की-फुल्की भूख लगती है तो चाय के कप के साथ कुछ नमकीन और क्रिस्पी खाने का मन करता है. ऐसे में अक्सर हम बाजार से पैकेट बंद नमकीन या बिस्किट ले आते हैं जो सेहत के लिए उतने अच्छे नहीं होते. क्यों न इस बार घर पर ही कुछ ऐसा बनाया … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 14:30:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>अजवाइन, और, कसूरी, मेथी, से, बनी, कुरकुरी, मठरी, एक, बार, बनाएं, और, महीनेभर, करें, स्टोर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>शाम के वक्त जब हल्की-फुल्की भूख लगती है तो चाय के कप के साथ कुछ नमकीन और क्रिस्पी खाने का मन करता है. ऐसे में अक्सर हम बाजार से पैकेट बंद नमकीन या बिस्किट ले आते हैं जो सेहत के लिए उतने अच्छे नहीं होते. क्यों न इस बार घर पर ही कुछ ऐसा बनाया जाए जो हाइजीनिक भी हो और स्वाद में भी लाजवाब. यहां हम आपको बिलकुल बाजार जैसी खस्ता मठरी की रेसिपी बता रहे हैं. अजवाइन और कस्तूरी मेथी के फ्लेवर से भरपूर यह मठरी खाने में इतनी टेस्टी होती है कि मुंह में जाते ही घुल जाती है. सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे एक बार बनाकर पूरे महीने के लिए एयर-टाइट कंटेनर में स्टोर कर सकते हैं.</p>
<p>मठरी को एकदम खस्ता और परफेक्ट बनाने का सबसे बड़ा राज उसके मोयन (आटे में तेल या घी मिलाना) और उसे तलने के तरीके में छुपा होता है. धीमी आंच पर तली गई मठरी अंदर तक पकती है और लंबे समय तक कुरकुरी बनी रहती है.</p>
<p><strong>सामग्री</strong>:<br>
मैदा या गेहूं का आटा: 2 कप (आप चाहें तो आधा आटा और आधा मैदा भी ले सकते हैं)</p>
<p>सूजी (बारीक): 2 बड़े चम्मच (एक्स्ट्रा क्रिस्पनेस के लिए)</p>
<p>अजवाइन: 1 छोटा चम्मच</p>
<p>कसूरी मेथी: 1 बड़ा चम्मच (हथेलियों से क्रश की हुई)</p>
<p>काली मिर्च: आधा छोटा चम्मच (हल्की कुटी हुई)</p>
<p>घी या तेल (मोयन के लिए): 4-5 बड़े चम्मच</p>
<p>नमक: स्वादानुसार</p>
<p>गुनगुना पानी: आटा गूंथने के लिए</p>
<p>तेल: मठरी तलने के लिए</p>
<p><strong>बनाने की विधि:</strong><br>
एक बड़े बर्तन में मैदा या गेहूं का आटा निकालें. इसमें सूजी, अजवाइन (क्रश करके), कसूरी मेथी, कुटी काली मिर्च और स्वादानुसार नमक डालकर सूखी चीजों को अच्छी तरह मिला लें.</p>
<p>अब इसमें 4-5 चम्मच घी या तेल डालें और दोनों हाथों से आटे को अच्छी तरह रगड़ें. जब आप आटे को मुट्ठी में बांधें, तो वह एक लड्डू की तरह बंधना चाहिए. अगर ऐसा हो रहा है, तो मोयन एकदम परफेक्ट है.</p>
<p>अब गुनगुने पानी की बूंदें छिड़कते हुए एक बहुत ही सख्त (कड़ा) आटा गूंथ लें. इसे ज्यादा चिकना करने की जरूरत नहीं है. आटे को गीले कपड़े से ढककर 15-20 मिनट के लिए सेट होने दें.</p>
<p>आटे से छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें. इन्हें हथेलियों के बीच रखकर बस चपटा कर दें (इन्हें बेलन से बेलने की जरूरत नहीं है, रफ और असमान शेप ही मठरी को असली टेक्सचर देता है). अब एक कांटे (Fork) या चाकू से मठरी में जगह-जगह छेद कर दें ताकि ये तेल में जाकर पूरियों की तरह फूलें नहीं.</p>
<p>कड़ाही में तेल गरम करें. ध्यान रहे कि तेल बहुत ज्यादा तेज गरम नहीं होना चाहिए, बल्कि मध्यम गरम होना चाहिए. तेल में मठरियां डालें और गैस की आंच को बिल्कुल धीमा कर दें. इन्हें धीमी आंच पर अलट-पलट कर तब तक तलें जब तक कि इनका रंग दोनों तरफ से सुंदर सुनहरा न हो जाए.</p>
<p>तली हुई मठरियों को टिशू पेपर पर निकालें. गरम होने पर ये थोड़ी सॉफ्ट लगेंगी, लेकिन पूरी तरह ठंडी होने के बाद ये एकदम खस्ता हो जाएंगी. ठंडी होने पर इन्हें एयर-टाइट डिब्बे में बंद करके महीनों तक चाय के साथ आनंद लें.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>आम का हलवा रेसिपी: देसी घी और सूजी से बनाएं स्वादिष्ट मैंगो डेजर्ट</title>
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<description><![CDATA[ अगर आप आम खाना पसंद करते हैं और इससे कुछ अलग व टेस्टी बनाना चाहते हैं तो इस बार आम का हलवा जरूर ट्राई करें. आम का हलवा स्वाद में इतना लाजवाब होता है कि इसे खाने के बाद हर कोई इसकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाएगा. पके हुए आम का मीठा स्वाद, देसी … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 14:03:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>आम, का, हलवा, रेसिपी:, देसी, घी, और, सूजी, से, बनाएं, स्वादिष्ट, मैंगो, डेजर्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>अगर आप आम खाना पसंद करते हैं और इससे कुछ अलग व टेस्टी बनाना चाहते हैं तो इस बार आम का हलवा जरूर ट्राई करें. आम का हलवा स्वाद में इतना लाजवाब होता है कि इसे खाने के बाद हर कोई इसकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाएगा. पके हुए आम का मीठा स्वाद, देसी घी की खुशबू, सूजी का मुलायम टेक्सचर और ड्राई फ्रूट्स का हल्का क्रंच मिलकर इसे बेहद टेस्टी मिठाई बना देते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे घर पर मौजूद कुछ चीजों से बहुत ही कम समय में तैयार किया जा सकता है. तो आइए जानते हैं कि आम का हलवा बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है और यह कैसे बनता है.</p>
<p><strong>इंग्रेडिएंट्स (ingredients)</strong><br>
1 कटोरी सूजी<br>
1 कटोरी आम का पल्प<br>
1 कटोरी दूध<br>
देसी घी – 1 कटोरी<br>
स्वादानुसार चीनी<br>
2-3 टेबलस्पून कटे हुए ड्राई फ्रूट्स<br>
1 टीस्पून इलायची पाउडर<br>
10-12 केसर के धागे<br>
2-3 बूंद मैंगो एसेंस (ऑप्शनल)</p>
<p><strong>आम का हलवा बनाएं कैसे ?</strong></p>
<ul>
<li>सबसे पहले मीठे और पके हुए आम का चुनाव करें. आम को धोकर उसका छिलका उतार लें और उसका पल्प निकालकर अलग रख दें.</li>
<li>अब एक कड़ाही में देसी घी डालकर धीमी आंच पर गर्म करें. जब घी पिघल जाए, तो उसमें सूजी डालकर लगातार चलाते हुए हल्का सुनहरा होने तक भून लें.</li>
<li>इसके बाद कड़ाही में आम का पल्प डालें और सूजी के साथ अच्छी तरह मिला लें. कुछ मिनट तक पकाने के बाद इसमें दूध डालें और अच्छी तरह मिक्स करें. फिर कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर पकने दें. बीच-बीच में मिश्रण को चलाते रहें, ताकि वह तले में न लगे.</li>
<li>जब मिश्रण गाढ़ा होने लगे, तब इसमें स्वादानुसार चीनी डालकर अच्छी तरह मिला दें. इस बीच एक छोटी कटोरी दूध में केसर के धागे भिगो दें. फिर इस केसर वाले दूध को हलवे में डालकर मिला लें.</li>
<li>अब इसमें इलायची पाउडर और कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालें. अगर आप हलवे का रंग और आम की खुशबू थोड़ा और बढ़ाना चाहते हैं, तो इसमें 2-3 बूंद मैंगो एसेंस भी मिला सकते हैं.</li>
<li>अगर हलवा ज्यादा गाढ़ा लगे और सूजी पूरी तरह न पकी हो, तो थोड़ा-सा दूध और डालकर कुछ देर तक पकाएं. जब हलवा अच्छी तरह गाढ़ा हो जाए और उसमें से भीनी-भीनी खुशबू आने लगे, तो गैस बंद कर दें.</li>
<li>अब आपका स्वादिष्ट आम का हलवा तैयार है. इसे सर्विंग बाउल में निकालें, ऊपर से ड्राई फ्रूट्स से गार्निश करें और गर्मागर्म या हल्का ठंडा करके परिवार के साथ इसका आनंद लें.</li>
</ul>
<p>     </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>IR प्रक्रिया में बढ़ीं लोगों की मुश्किलें, कई इलाकों में घर&#45;घर नहीं पहुंच रहे BLO</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया में लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। अब कई इलाकों में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) डोर टु डोर नहीं पहुंच रहे हैं। लोग उन्हें खोजते हुए बूथों पर पहुंच रहे हैं। यहां नंबर लेकर फोन लगा रहे हैं और अपने घर बुला रहे हैं। इससे … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 14:03:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>प्रक्रिया, में, बढ़ीं, लोगों, की, मुश्किलें, कई, इलाकों, में, घर-घर, नहीं, पहुंच, रहे, BLO</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया में लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। अब कई इलाकों में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) डोर टु डोर नहीं पहुंच रहे हैं। लोग उन्हें खोजते हुए बूथों पर पहुंच रहे हैं। यहां नंबर लेकर फोन लगा रहे हैं और अपने घर बुला रहे हैं। इससे समस्या और बढ़ती जा रही है।</p>
<p>कई इलाकों में आरडब्ल्यूए ने बूथों पर बीएलओ के बैठने की व्यवस्था की है। ताकि लोगों को आसानी से समझाकर फॉर्म भरवाए जा सकें। यहीं उनको फॉर्म भी बांटे जा रहे हैं। लेकिन, पूरी व्यवस्था ऐसे नहीं चल रही है। कई बीएलओ डोर टु डोर सर्वे भी कर रहे हैं। इससे भ्रम पैदा हो रहा है।</p>
<p><strong>लोगों में नाराजगी, कॉल करके घर बुला रहे बीएलओ को</strong></p>
<ul>
<li>    कई इलाकों के लोग दूसरे बूथों पर जाकर फॉर्म मांग रहे हैं। लेकिन, फॉर्म नहीं मिल रहे हैं।</li>
<li>    मटियामहल विधानसभा के 78 नंबर वार्ड में बने बूथ में बुजुर्ग एजाज खान पहुंचे थे।</li>
<li>    उन्होंने बताया कि हमें मालूम हुआ कि यहां एन्यूमेरेशन फॉर्म मिल रहे हैं। यहां आकर पता चला कि हमारे इलाके चमड़े वाली गली के बीएलओ यहां नहीं हैं।</li>
<li>    इनसे नंबर लिया है और बीएलओ से बात की है। उन्होंने कहा है कि वह जल्द पहुंचकर फॉर्म देंगी।</li>
<li>    लोगों को एन्यूमेरेशन फॉर्म भरने के बारे में जानकारी नहीं है। ऐसे में वह गलतियां कर रहे हैं।</li>
<li>    वहीं बीएलओ एक-एक फॉर्म ही दे रहे हैं। लोगों को पता नहीं है कि उन्हें दो फॉर्म दिए जाने हैं।</li>
<li>    ऐसे में वह बीएलओ से दूसरा फॉर्म मांग रहे हैं और विवाद की स्थिति बन रही है।</li>
<li>    चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा, बीएलओ को दो फॉर्म देने हैं।</li>
<li>    अगर कोई फॉर्म नहीं भर पा रहा है तो पेंसिल से भरने को कहा जाना चाहिए।</li>
<li>    उसको ठीक करके वापस पेन से भरना चाहिए। जरूरी है कि बीएलओ दो फॉर्म दे।</li>
</ul>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>छत्तीसगढ़ में बड़ा सम्मान: पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई के नाम पर होगा गनियारी का शासकीय स्कूल</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. छत्तीसगढ़ की विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई को राज्य सरकार ने विशेष सम्मान देने की घोषणा की है. उनके सम्मान में गृहग्राम गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम बदलकर “डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय, गनियारी” रखा जाएगा. स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने रविवार को गनियारी पहुंचकर श्रद्धांजलि सभा … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 13:31:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, में, बड़ा, सम्मान:, पद्मविभूषण, डॉ., तीजन, बाई, के, नाम, पर, होगा, गनियारी, का, शासकीय, स्कूल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ की विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई को राज्य सरकार ने विशेष सम्मान देने की घोषणा की है. उनके सम्मान में गृहग्राम गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम बदलकर “डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय, गनियारी” रखा जाएगा. स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने रविवार को गनियारी पहुंचकर श्रद्धांजलि सभा के दौरान यह घोषणा की.</p>
<p>रायपुर एम्स में कई दिनों से जारी इलाज के बाद रविवार 6 जुलाई को  पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन हो गया. इस खबर से पूरे कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने एम्स पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की. परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए डॉ. तीजन बाई के पार्थिव शरीर को उनके गृहग्राम गनियारी लेकर पहुंचे. जहां मुक्तिधाम में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने भी कार्यक्रम में शामिल हुए. </p>
<p><strong>सांस्कृतिक चेतना के स्वर्णिम अध्याय का अवसान</strong><br>
शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय कला-साधना, ओजस्वी वाणी और आजीवन समर्पण के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई. उनका निधन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के एक स्वर्णिम अध्याय का अवसान है. उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा शोकाकुल परिजनों एवं असंख्य प्रशंसकों को इस दुःख की घड़ी में संबल देने की प्रार्थना की. मंत्री यादव ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का संपूर्ण जीवन लोकपरंपराओं, संस्कृति और कला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित रहा. उनकी कला साधना, संघर्ष और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी. छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर स्थापित करने में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा.</p>
<p><strong>शिक्षा मंत्री ने की घोषणा</strong><br>
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने डॉ. तीजन बाई के सम्मान में उनके गृहग्राम गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नामकरण “डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय, गनियारी” के नाम से किया जाएगा. राज्य सरकार का यह निर्णय महान लोककलाकार के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगा. इससे भावी पीढ़ियों को उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व, जीवन-संघर्ष और सांस्कृतिक योगदान से निरंतर प्रेरणा प्राप्त होती रहेगी.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>10 साल बाद MSME विभाग में 217 कर्मचारियों को प्रमोशन, 116 नए पदों पर भर्ती का भी रास्ता साफ</title>
<link>https://atworldnews.in/9069</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल मध्य प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग में लंबे समय से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया आखिरकार आगे बढ़ गई है। करीब दस साल बाद विभाग में बड़े स्तर पर कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। विभाग की ओर से कुल 217 कर्मचारियों के प्रमोशन के आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 13:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>साल, बाद, MSME, विभाग, में, 217, कर्मचारियों, को, प्रमोशन, 116, नए, पदों, पर, भर्ती, का, भी, रास्ता, साफ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मध्य प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग में लंबे समय से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया आखिरकार आगे बढ़ गई है। करीब दस साल बाद विभाग में बड़े स्तर पर कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। विभाग की ओर से कुल 217 कर्मचारियों के प्रमोशन के आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही विभाग में सीधी भर्ती के लिए 116 नए पद भी उपलब्ध हो गए हैं, जिन पर आने वाले समय में नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह प्रशासनिक निर्णय अहम माना जा रहा है। विभागीय स्तर पर इसे लंबित मामलों के समाधान की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार राज्य सरकार की ओर से विभिन्न विभागों में लंबित पदोन्नति मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए थे। सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देश मिलने के बाद उद्योग संचालनालय ने अलग-अलग संवर्गों की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक आयोजित की। बैठक में सेवा अभिलेख, वरिष्ठता सूची और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं की समीक्षा के बाद पात्र कर्मचारियों के नामों पर सहमति बनी। इसके आधार पर विभाग ने रविवार को पदोन्नति संबंधी आदेश जारी कर दिए।</p>
<p><strong>116 नए पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती</strong><br>
विभाग का कहना है कि पदोन्नति के बाद सीधी भर्ती के 116 नए पद उपलब्ध हो गए हैं। इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इससे विभाग में लंबे समय से रिक्त पदों को भरने का रास्ता साफ होगा और नए अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिलेगा।</p>
<p><strong>कर्मचारियों को 10 साल बाद मिली पदोन्नति</strong><br>
एमएसएमई विभाग में करीब एक दशक बाद बड़े पैमाने पर पदोन्नतियां होने से कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। विभागीय कर्मचारी और कर्मचारी संगठनों ने पदोन्नति आदेश जारी होने पर राज्य सरकार के प्रति आभार जताया है। लंबे समय से लंबित पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को इससे बड़ी राहत मिली है।</p>
<p><strong>अधिकारियों की डीपीसी भी जल्द</strong><br>
विभाग ने अधिकारियों की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की तैयारी भी पूरी कर ली है। अधिकारियों की पदोन्नति के लिए जल्द ही मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से डीपीसी बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव है। इसके बाद अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।</p>
<p>जारी आदेश के मुताबिक सबसे वरिष्ठ श्रेणी में अधीक्षक के एक पद पर पदोन्नति की गई है। इसके अलावा सहायक अधीक्षक के तीन पदों पर कर्मचारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। सहायक वर्ग-1 में 43 कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है, जबकि सबसे अधिक 131 कर्मचारियों को सहायक वर्ग-2 के पद पर प्रोन्नति मिली है। इसी तरह सहायक वर्ग-3 के 14 कर्मचारियों को भी उच्च पद पर पदोन्नत किया गया है। निज सहायक संवर्ग में 25 कर्मचारियों को प्रमोशन का लाभ मिला है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सभी आदेश नियमानुसार जारी किए गए हैं और संबंधित कार्यालयों को इसकी सूचना भेज दी गई है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार लंबे समय से पदोन्नति नहीं होने के कारण विभाग में कई पदों पर कार्यभार का असंतुलन बना हुआ था। वरिष्ठता के आधार पर आगे बढ़ने की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों में लगातार असंतोष भी देखा जा रहा था। कई कर्मचारी वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत थे, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। अब बड़ी संख्या में पदोन्नतियां होने से विभागीय ढांचे में नई व्यवस्था लागू होगी और जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण भी किया जाएगा।</p>
<p>इन पदोन्नतियों का एक बड़ा असर भर्ती प्रक्रिया पर भी पड़ा है। विभाग के अनुसार जब कर्मचारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया तो निचले स्तर के कई पद रिक्त हो गए। ऐसे कुल 116 पद अब सीधी भर्ती के लिए उपलब्ध हो गए हैं। विभाग ने संकेत दिए हैं कि इन पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। भर्ती की औपचारिकताओं को लेकर संबंधित एजेंसियों और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां प्रारंभ की जा रही हैं। इससे नए अभ्यर्थियों के लिए सरकारी सेवा में आने का अवसर भी बढ़ेगा।</p>
<p>अधिकारियों का कहना है कि रिक्त पदों पर नियुक्तियां होने से विभाग के विभिन्न कार्यालयों में लंबे समय से बनी स्टाफ की कमी भी काफी हद तक दूर हो सकेगी। वर्तमान में कई इकाइयों में सीमित कर्मचारियों के सहारे कामकाज संचालित किया जा रहा है। नई नियुक्तियों के बाद प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही विभिन्न योजनाओं के संचालन और उद्योगों से जुड़े मामलों के निस्तारण में भी सुविधा मिलने की संभावना है।</p>
<p>विभागीय कर्मचारियों के बीच पदोन्नति आदेश जारी होने के बाद उत्साह का माहौल देखा गया। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्षों से लंबित प्रक्रिया पूरी होने से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को राहत मिली है। कई कर्मचारियों को लंबे इंतजार के बाद पहली बार पदोन्नति का लाभ मिला है। विभागीय स्तर पर इसे कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने वाला फैसला माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार पदोन्नति मिलने से कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी और विभागीय कामकाज में अनुभव का बेहतर उपयोग हो सकेगा।</p>
<p>एमएसएमई विभाग ने केवल कर्मचारियों की पदोन्नति तक ही प्रक्रिया सीमित नहीं रखी है। विभाग अब अधिकारियों के लंबित प्रमोशन पर भी काम कर रहा है। जानकारी के मुताबिक अधिकारियों की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इसके लिए मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आयोग से बैठक की तारीख तय होने के बाद अधिकारियों के मामलों पर भी विचार किया जाएगा। विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होते ही अधिकारियों की पदोन्नति से जुड़े आदेश भी जारी किए जा सकते हैं।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक सरकार का उद्देश्य विभिन्न विभागों में लंबे समय से लंबित पदोन्नति मामलों का चरणबद्ध तरीके से समाधान करना है। इसी कड़ी में एमएसएमई विभाग की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभागीय स्तर पर वरिष्ठता सूची, रिक्त पदों की स्थिति और सेवा नियमों के अनुरूप आगे की प्रक्रियाएं भी जारी हैं। आने वाले समय में भर्ती और पदोन्नति दोनों मोर्चों पर विभाग में गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सीएम डॉ. यादव ने जनसंघ के संस्थापक मुखर्जी को किया नमन, कहा&#45; एमपी में इसी महीने लागू होगा UCC</title>
<link>https://atworldnews.in/9068</link>
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<description><![CDATA[ सीएम डॉ. यादव ने जनसंघ के संस्थापक मुखर्जी को किया नमन, कहा- एमपी में इसी महीने लागू होगा UCC – भारतीय जनसंघ के संस्थापक-विचारक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की 125 वीं जयंती – राजधानी भोपाल में आयोजित हुआ कार्यक्रम, सीएम डॉ. यादव ने किया माल्यार्पण – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में बन रही … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 13:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सीएम, डॉ., यादव, ने, जनसंघ, के, संस्थापक, मुखर्जी, को, किया, नमन, कहा-, एमपी, में, इसी, महीने, लागू, होगा, UCC</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सीएम डॉ. यादव ने जनसंघ के संस्थापक मुखर्जी को किया नमन, कहा- एमपी में इसी महीने लागू होगा UCC</strong></p>
<p><strong>– भारतीय जनसंघ के संस्थापक-विचारक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की 125 वीं जयंती<br>
– राजधानी भोपाल में आयोजित हुआ कार्यक्रम, सीएम डॉ. यादव ने किया माल्यार्पण<br>
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में बन रही भारत की अलग पहचान</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong><br>
 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 जुलाई को भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं विचारक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें नमन किया। सीएम डॉ. यादव ने भोपाल में लालघाटी पर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी हमारी यादों में बसे हुए हैं। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि मध्यप्रदेश भी उन गौरवशाली राज्यों में शामिल हो रहा है, जहां एक संविधान लागू है। डॉ. मुखर्जी ने आजादी के समय बनने वाले संविधान के अंदर की कमी को परिलक्षित करते हुए कहा था कि देश एक निशान-एक प्रधान-एक विधान से चलना चाहिए। मध्यप्रदेश भी इसी महीने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की ओर बढ़ रहा है। </p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश वह सब करने जा रहा है, जो देश के लिए जरूरी है। उनके नेतृत्व में भारत दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। डॉ. मुखर्जी के उदात्त विचार को लेकर हम औद्योगिकीकरण की ओर बढ़ रहे हैं। हम हर वर्ग के जीवन में कल्याण करने की तरफ बढ़ रहे हैं। डॉ. मुखर्जी जिस प्रकार के भारत की कल्पना करते थे, हम वह राष्ट्र बनाने की ओर अग्रसर हैं। मध्यप्रदेश ने पहली बार डिफेंस के सेक्टर में स्वर्णिम इतिहास लिखा है। अब हमारे प्रदेश के अंदर तमाम प्रकार के रक्षा उत्पाद बनेंगे। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश को सर्वांगीण रूप से सशक्त करते हुए, सक्षम करते हुए विकास के पथ पर आगे बढ़ेंगे। </p>
<p><strong>एमपी में बेरोजगारी की दर सबसे कम</strong><br>
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज मैं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती को सार्थक करते हुए सतगढ़ी में बहुत बड़े इंडस्ट्रियल पार्क का उद्घाटन करूंगा। इस पार्क में रहना, खाना, आराम करना, रोजगार पाना समग्र रूप से सुगम होगा। भोपाल बदलते समय में एक समृद्धशाली आर्थिक राजधानी बनने जा रहा है। विकास की आधारशिला रखने के लिए डॉ. मुखर्जी की जयंती से बड़ा दिन और कौन सा हो सकता है। मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा कंवेंशन सेंटर भोपाल में बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरी दुनिया के अतिथि भारत आते हैं और सहजता से सारे कार्यक्रम संपन्न होते हैं। इसलिए अच्छे कामों के संकल्प के लिए हम कुशाभाऊ ठाकरे सभागार के पास भी कंवेंशन सेंटर बना रहे हैं। इसमें 5 हजार लोगों के बैठने की क्षमता होगी। जबकि, सतगढ़ी का कंवेंशन सेंटर 10 से 15 हजार लोगों की बैठक क्षमता वाला होगा। आज मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि पूरे देश में मध्यप्रदेश वो स्थान है, जहां बेरोजगारी की दर सबसे कम है। प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Share Market Today: रिलायंस&#45;HDFC के दम पर शेयर बाजार में तूफानी तेजी, निवेशकों ने जमकर की कमाई</title>
<link>https://atworldnews.in/9067</link>
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<description><![CDATA[ मुंबई  शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को अचानक जोरदार तेजी देखने को मिली है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खबर लिखे जाने तक 500 अंक से ज्यादा की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 150 अंक के आसपास चढ़ा … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 13:03:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Share, Market, Today:, रिलायंस-HDFC, के, दम, पर, शेयर, बाजार, में, तूफानी, तेजी, निवेशकों, ने, जमकर, की, कमाई</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong><br>
शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को अचानक जोरदार तेजी देखने को मिली है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खबर लिखे जाने तक 500 अंक से ज्यादा की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 150 अंक के आसपास चढ़ा दिखाई दिया. इस बीच बैंकिंग स्टॉक्स में जोरदार तेजी दिखी और HDFC Bank से लेकर ICICI Bank तक के शेयर उछले, तो वहीं Reliance, Maruti और Mahindra जैसे शेयर भी उछल पड़े। </p>
<p><strong>सेंसेक्स-निफ्टी की अचानक बदली चाल </strong><br>
शेयर मार्केट में सोमवार को कारोबार शुरू होते ही BSE Sensex अपने पिछले बंद 77,763 की तुलना में तेजी लेकर 77,940 पर ओपन हुआ और फिर अचानक इसकी रफ्तार तेज होती चली गई. करीब दो घंटे के कारोबार के बाद 30 शेयरों वाला ये इंडेक्स 526 अंकों की तेजी लेकर 78,289 पर जा पहुंचा। </p>
<p>सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty भी रफ्तार पकड़े हुए नजर आया. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 24,270 के लेवल से उछलकर 24,306 पर खुला और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए 150 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 24,428 के स्तर पर जा पहुंचा। </p>
<p><strong>रिलायंस समेत इन शेयरों ने दिखाया दम </strong><br>
शेयर बाजार में अचानक आई इस तूफानी तेजी के दौरान बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HDFC Bank Share (2.70%), M&M Share (2%), Reliance Share (1.35%) और BEL Share (1.60%) की तेजी लेकर बाजार को सपोर्ट कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Dixon Share (4%), Godrej Properties Share (2.20%), Muthoot Finance Share (2%) की बढ़त लेकर कारोबार करते हुए नजर आए। </p>
<p>स्मॉलकैप कैटेगरी में देखें, तो Wel Corp Share (5.50%), Radico Share (4.60%) और Manappuram Share (4.50%) की तेजी में कारोबार कर रहे थे। </p>
<p><strong>शेयर बाजार में तेजी के कारण</strong><br>
सप्ताह के पहले दिन शेयर मार्केट में आई इस जोरदार तेजी के पीछे के कारणों की बात करें, तो कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट से बाजार का सेंटीमेंट सुधरा है. इसके अलावा एशियाई शेयर बाजारों से भी मिले-जुले संकेत मिले थे. जापान-कोरिया के मार्केट में गिरावट नजर आई, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स और ब्रिटेन का FTSE-100 ग्रीन जोन में कारोबार करता दिखा। </p>
<p>भारतीय शेयर बाजार के लिए प्रमुख संकेतक माना जाने वाला Gift Nifty भी ओपनिंग के साथ ही तेज रफ्तार से भागता हुआ नजर आया और खबर लिखे जाने तक ये 170 अंक के आसपास तेजी लेकर ट्रेड कर रहा था। </p>
<p>इन कारणों के अलावा बैंकों से मजबूत तिमाही अपडेट ने भी बाजार की तेजी को सपोर्ट किया. बीते सप्ताह के अंत में HDFC Bank, Axis Bank, Kotak Bank समेत कई बैंकों ने  ने अप्रैल-जून के लिए अनंतिम आंकड़े जारी किए, जो शानदार रहे  .</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला, होमगार्ड और उनके परिवार को मिलेगा 5 लाख तक कैशलेस इलाज</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ यूपी में अब होमगार्ड और उनके परिवार वालों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ कैबिनेट सरकार इस पर फैसला लेने जा रही है। सोमवार को योगी कैबिनेट की बैठक में नई स्टार्टअप नीति, होमगार्ड को कैशलेज इलाज समेत 21 से ज्यादा प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। फैसले … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 13:03:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यूपी, कैबिनेट, का, बड़ा, फैसला, होमगार्ड, और, उनके, परिवार, को, मिलेगा, लाख, तक, कैशलेस, इलाज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
यूपी में अब होमगार्ड और उनके परिवार वालों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ कैबिनेट सरकार इस पर फैसला लेने जा रही है। सोमवार को योगी कैबिनेट की बैठक में नई स्टार्टअप नीति, होमगार्ड को कैशलेज इलाज समेत 21 से ज्यादा प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। फैसले से यूपी के 1.60 लाख से ज्यादा होमगार्डों और उनके आश्रितों को फायदा होगा। कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रिसमूह की भी बैठक होगी। अगले छह महीने में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए मंत्री समूह की बैठक में उन्हें सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए जा सकते हैं।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक तकरीबन 21 से ज्यादा प्रस्ताव कैबिनेट के सामने चर्चा के लिए रखे जाएंगे। यूपी लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन बढ़ाए जाने का भी प्रस्ताव रखा जाएगा। कैबिनेट प्रदेश में स्टार्टअप को प्रोत्साहन के लिए नई स्टार्टअप नीति को भी मंजूरी देगी। नए स्टार्टअप के लिए सब्सिडी और कई तरह की रियायतें दी जाएंगी। विधानसभा चुनाव से पहले शाहजहांपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी रखे जाने का भी प्रस्ताव कैबिनेट में रखा जाएगा।</p>
<p>तीन जिलों में विश्वविद्यालय की स्थापना का भी प्रस्ताव है। कैबिनेट मदरसा शिक्षा परिषद के अनुदानित अरबी फारसी मदरसों में शिक्षकों को सेवानिवृत्ति की आयु से पहले असामयिक मृत्यु की दशा में देय ग्रेच्युटी के भुगतान का प्रस्ताव मंजूर हो सकता है।</p>
<p><strong>पांच लाख तक इलाज कैशलेस</strong><br>
होमगार्ड को कैशलेस की सुविधा मिलने पर पांच लाख तक का इलाज मुफ्त हो सकेगा। यूपी में अभी करीब 1.18 लाख होमगार्ड हैं। 41 हजार से अधिक होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस तरह इस सुविधा का लाभ करीब 1.60 लाख से अधिक होमगार्ड और उनके परिजनों को इसका लाभ मिलेगा।</p>
<p><strong>शिक्षकों और कर्मचारियों को एक करोड़ का दुर्घटना बीमा</strong><br>
यूपी के शिक्षकों और परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक के कर्मचारियों को एक करोड़ रुपये तक दुर्घटना बीमा का लाभ मिलेगा। सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के साथ एमओयू करेगा। इससे 10 लाख स्थाई व संविदा शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयां और अन्य कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। आठ जुलाई को वाराणसी में होने वाले कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड व डीबीटी वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में एसबीआई से एमओयू किया जाएगा।</p>
<p>इससे 4.50 लाख स्थाई व 5.50 लाख अस्थाई शिक्षक-कर्मियों को इसका लाभ दिलाया जाएगा। जिन स्थाई कर्मियों का वेतन 10 हजार से अधिक है, उन्हें 10 लाख का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा। वहीं इसके साथ ही एक करोड़ का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर, एक करोड़ का स्थायी दिव्यांगता बीमा कवर और 1.60 करोड़ रुपये तक का एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा।</p>
<p><strong>अनहोनी पर बच्चों की शिक्षा बेटियों की शादी का इंतजाम</strong><br>
इसके साथ ही किसी भी तरह की अनहोनी की स्थिति में कर्मियों के बच्चों की शिक्षा व बेटियों की शादी के लिए एडऑन कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे शिक्षक-कर्मियों के परिवार को भी आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी। दूसरी ओर जिन कर्मियों का वेतन खाता पहले ही एसबीआई में खुला है उनका खाता सैलेरी पैकेज में बदला जाएगा। जिनका खाता एसबीआई में नहीं है, उन्हें इसमें खोलने को प्रेरित किया जाएगा, जिससे वह इसका लाभ ले सकें।</p>
<p><strong>संविदा कर्मियों का 30 लाख का दुर्घटना बीमा</strong><br>
एमओयू के तहत 10 हजार से अधिक मासिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मियों को 30 लाख व आंशिक विकलांगता होने पर 15 लाख का बीमा कवर दिया जाएगा। स्थायी विकलांगता की स्थिति में 30 लाख व आंशिक विकलांगता की स्थिति में 15 लाख का इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा।</p>
<p>वहीं इसके लिए एयर एक्सीडेंट की स्थिति में 30 लाख का इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा। किसी भी तरह की अनहोनी होने पर बच्चों की पढ़ाई के लिए व बेटियों की शादी के लिए भी एडऑन कवर दिया जाएगा। 10 हजार से कम मासिक वेतन पाने वाले कर्मियों को जीरो बैलेंस खाते व रुपये डेबिट कार्ड के आधार पर एक लाख का इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी सौगात: CM साय करेंगे नए मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्यों का भूमिपूजन</title>
<link>https://atworldnews.in/9065</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. वह रायपुर के मेडिकल कॉलेज पहुंचेंगे. जहां वह  नए निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे. कार्यक्रम के तहत 200 सीटर छात्रावास और कैंसर भवन की आधारशिला रखी जाएगी, जिससे मेडिकल छात्रों और चिकित्सकों को बेहतर आवासीय एवं स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी. … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 13:01:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>स्वास्थ्य, क्षेत्र, को, बड़ी, सौगात:, साय, करेंगे, नए, मेडिकल, कॉलेज, निर्माण, कार्यों, का, भूमिपूजन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. वह रायपुर के मेडिकल कॉलेज पहुंचेंगे. जहां वह  नए निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे. कार्यक्रम के तहत 200 सीटर छात्रावास और कैंसर भवन की आधारशिला रखी जाएगी, जिससे मेडिकल छात्रों और चिकित्सकों को बेहतर आवासीय एवं स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी.</p>
<p>कार्यक्रम में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वन एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल समेत विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, इंद्रकुमार साहू, सीजीएमएससीएल के अध्यक्ष दीपक म्हस्के और रायपुर महापौर मीनल चौबे सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।</p>
<p>नए छात्रावास और आवासीय परिसरों के बनने से मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं और डॉक्टरों को बेहतर रहने की सुविधा मिलेगी। वहीं कैंसर भवन के विस्तार से अस्पताल में कैंसर मरीजों के इलाज की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। इसके बाद दोपहर 3.15 बजे पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय में आयोजित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वीं पुण्यथिति कार्यक्रम में शामिल होंगे.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Silver Rate Fall: चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट, खरीदारी का सुनहरा मौका! जानें 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का ताजा भाव</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rate) में बीते सप्ताह तमाम उतार-चढ़ाव के बाद तेजी देखने को मिली थी, लेकिन सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही दोनों कीमती धातुएं फिसल गईं. जहां सोना रेड जोन में ओपन होने के कुछ … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 12:33:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Silver, Rate, Fall:, चांदी, की, कीमत, में, बड़ी, गिरावट, खरीदारी, का, सुनहरा, मौका, जानें, ग्राम, कैरेट, सोने, का, ताजा, भाव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rate) में बीते सप्ताह तमाम उतार-चढ़ाव के बाद तेजी देखने को मिली थी, लेकिन सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही दोनों कीमती धातुएं फिसल गईं. जहां सोना रेड जोन में ओपन होने के कुछ देर बाद रिकवरी मोड में नजर आया, तो अगले ही पल फिर से फिसल गया. हालांकि, चांदी में कारोबार बढ़ने के साथ गिरावट तेज होती दिखाई दी. 1 Kg Silver Price 1400 रुपये टूट गया और भाव में इस कमी के बाद अब वायदा चांदी अपने हाई लेवल से और भी ज्यादा सस्ती हो गई है। </p>
<p><strong>Gold की बदली-बदली चाल  </strong><br>
एमसीएक्स पर वायदा कारोबार की शुरुआत के साथ ही 4 सितंबर की एक्सपायरी वाली चांदी और 5 अगस्त की एक्सपायरी वाला सोना गिरावट के साथ ओपन हुआ. अपने पिछले बंद भाव 1,47,378 रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में कीमती पीली धातु गिरावट के साथ 1,47,135 रुपये पर ओपन हुई और फिर गिरावट से उबरते हुए 1,47,509 तक उछली भी, लेकिन खबर लिखे जाने तक आधे घंटे के कारोबार के बाद ये फिर से रेड जोन में कारोबार कर रही थी। </p>
<p><strong>चांदी की कीमत में गिरावट तेज</strong><br>
जहां वायदा कारोबार में सोने की चाल ने हैरान किया, तो वहीं रेड जोन में खुलने के बाद वायदा चांदी का भाव फिसलता चला गया. MCX Silver Price देखें, तो बीते शुक्रवार के अपने बंद 2,37,410 रुपये की तुलना में सिल्वर प्राइस गिरावट के साथ खुला और कुछ देर में तेज गिरावट लेकर 2,36,001 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. यानी एक झटके में चांदी 1409 रुपये सस्ती हो गई। </p>
<p>सोमवार को आई इस ताजा गिरावट के बाद वायदा कारोबार में सोना-चांदी की कीमतें अब अपने हाई लेवल से और भी ज्यादा कम हो गई है. बता दें कि साल के शुरुआती जनवरी महीने में Gold-Silver ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए हाई लेवल छुआ था. सोना जहां पहली बार 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकला था, तो चांदी ने इतिहास रचते हुए 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर पार किया था. हालांकि, इसके बाद हाई से दोनों लगातार क्रैश होती नजर आईं। </p>
<p><strong>बीते हफ्ते चमके थे सोना-चांदी </strong><br>
जहां नए सप्ताह की शुरुआत सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट के साथ हुई है. वहीं बता दें कि पिछले हफ्ते दोनों धातुओं के भाव उतार-चढ़ाव के बाद कुछ मिलाकर बढ़त में रहे थे. 26 जून को 10 Gram 24 Karat Gold का रेट 1,44,162 रुपये था, जो बीते शुक्रवार को 1,47,378 रुपये पर क्लोज हुआ था। </p>
<p>वहीं चांदी की बात करें, तो इसकी कीमत भी बीते सप्ताह बढ़ी थी और 26 जून के 2,23,472 रुपये प्रति किलो के बंद भाव की तुलना में बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को ये कीमती धातु 2,37,410 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। </p>
<p><strong>(नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)</strong></p>]]> </content:encoded>
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<title>मुंबई में बारिश का कहर! सड़कों पर घुटनों तक पानी, रेलवे ट्रैक डूबे, स्कूल&#45;कॉलेज बंद</title>
<link>https://atworldnews.in/9063</link>
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<description><![CDATA[ मुंबई  मॉनसून की बारिश ने मायानगरी मुंबई की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने शहर को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है. सड़कें नदियों में तबदील हो गई हैं, घरों और दुकानों में पानी घुस गया है, लोकल ट्रेनें प्रभावित हैं. बारिश की वजह से … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 12:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुंबई, में, बारिश, का, कहर, सड़कों, पर, घुटनों, तक, पानी, रेलवे, ट्रैक, डूबे, स्कूल-कॉलेज, बंद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई </strong></p>
<p>मॉनसून की बारिश ने मायानगरी मुंबई की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने शहर को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है. सड़कें नदियों में तबदील हो गई हैं, घरों और दुकानों में पानी घुस गया है, लोकल ट्रेनें प्रभावित हैं. बारिश की वजह से लोगों की जिंदगी ठप हो गई है। </p>
<p>वसई-विरार, मालाड, अंधेरी, भांडुप, दादर, माटुंगा और नवी मुंबई जैसे इलाकों में कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है. कई जगहों पर गाड़ियां पानी में फंस गई हैं. सड़कों पर सिर्फ कारों की छतें नजर आ रही हैं. इस बीच भारत मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के इलाकों को बारिश से राहत नहीं मिलने की संभावना जताई है। </p>
<p>वहीं, भांडुप में सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. तेज हवाओं और बारिश के कारण पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए हैं, जिससे कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं. कई जगहों पर पेड़ गिरने से तबाही का मंजर सामने आया है. वहीं, मुंबई के उपनगरीय रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से लोकल ट्रेनें प्रभावित हैं. दादर, वडाला और घाटकोपर जैसे स्टेशनों पर रेलवे ट्रैक बारिश के पानी से लबालब हैं। </p>
<p>मुंबई में बीते 5 दिनों से मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. पूरा शहर मानों तालाब बन गया है. सड़कों पर पानी जमा है. घरों-दुकानों में पानी भर गया है. गाड़ियों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है. कई जगहों पर तो रेलवे ट्रैक भी पानी में डूब गया है. तेज बारिश के बीच भांडुप इलाके में सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंसने से वहां खड़ी एक गाड़ी गड्ढे में समा गई. हालांकि, गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। </p>
<p>चाहे अंधेरी हो या नालासोपारा, वसई या विरार. हर तरफ मूसलाधार बारिश से हाहाकार मचा है. लगातार हो रही बारिश ने मुंबई के लोगों का जीवन दूभर कर दिया है. तस्वीरें गवाही दे रही हैं कि आखिर मॉनसून की बारिश के बीच मुंबई किस तरह की मुसीबत झेल रही है. गाड़ियां पानी के बीच फंसी हुई हैं. कहीं आना-जाना मुश्किल है. बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. सड़कों पर बढ़ता जलस्तर लोगों का संकट बढ़ा रहा है। </p>
<p>नालासोपारा का रेलवे ट्रैक बारिश के पानी में डूब गया है. जिसका सीधा असर लोकल ट्रेनों की आवाजाही पर पड़ रहा है. वसई इलाके का हाल तो और भी ज्यादा बुरा है. जहां पानी इतना ज्यादा भर गया है कि मानों पूरा इलाका टापू बन गया है. जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. करीब 30 से 40 सोसाइटियां पानी में घिरी हुई हैं. बारिश थम नहीं रही और लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही हैं। </p>
<p>पूरे पालघर में भारी बारिश से हाल बेहाल है. सड़कों पर घुटनों से ऊपर तक पानी है. लोग इसी मॉनसूनी आफत के बीच कहीं आने जाने को मजबूर हैं. मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. इस बीच मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.उधर, प्रशासन ने लोगों को बेहद जरूरी यात्रा करने की सलाह दी है ताकि मौसम की मार किसी की जिंदगी पर संकट ना बने. बता दें कि मुंबई में हर साल की यही कहानी है, बारिश हुई और लोगों की जिंदगी आफत के बीच घिर जाती है। </p>
<p><strong>नालासोपारा: स्टेशन परिसर में कमरभर पानी</strong><br>
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नालासोपारा पूर्व रेलवे स्टेशन परिसर में गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क पर कमर तक पानी जमा होने से दफ्तर जाने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर रेलवे स्टेशन तक पहुंचना पड़ रहा है.इस बीच, इलाके में एक विशाल होर्डिंग गिरने की घटना भी सामने आई है. गनीमत रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। </p>
<p><strong>मुंबई के मानखुर्द में भारी बारिश के बीच चार मंजिला चॉल ढही, हादसे में 6 लोगों की मौत</strong><br>
मुंबई के मनखुर्द इलाके में भारी बारिश के बीच रविवार रात एक तीन मंजिला चॉल (झोपड़पट्टी जैसी इमारत) ढह गई. इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई है.बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के मुताबिक, इस हादसे में चार महिलाओं और 2 पुरुषों की मौत हुई है. वहीं, एक घायल व्यक्ति का इलाज राजावाड़ी अस्पताल में चल रहा है। </p>
<p><strong>स्कूल-कॉलेज बंद, बारिश के कारण परीक्षाएं टलीं</strong><br>
भारी बारिश को देखते हुए सोमवार को मुंबई, पुणे, ठाणे और पालघर में सभी सरकारी, निजी और BMC चलित स्कूलों-कॉलेजों को छुट्टी घोषित कर दी गई है. मुंबई में IMD ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है तो वहीं पुणे में 'रेड अलर्ट' है. मुंबई विश्वविद्यालय ने 6 जुलाई को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं. नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल जरूरी काम ने पर ही घर से बाहर निकलें। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मध्य प्रदेश में पहली बार वक्फ बोर्ड में 2 हिंदू सदस्य, मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव बने मेंबर</title>
<link>https://atworldnews.in/9062</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्य प्रदेश वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत अपने वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्य शामिल किए गए हैं। यह कदम संशोधित कानून के तहत किए गए बदलावों के बाद उठाया गया है, जो गैर-मुस्लिम सदस्यों को राज्य वक्फ … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 12:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मध्य, प्रदेश, में, पहली, बार, वक्फ, बोर्ड, में, हिंदू, सदस्य, मनोज, मालपानी, और, अनिमेष, भार्गव, बने, मेंबर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्य प्रदेश वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत अपने वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्य शामिल किए गए हैं। यह कदम संशोधित कानून के तहत किए गए बदलावों के बाद उठाया गया है, जो गैर-मुस्लिम सदस्यों को राज्य वक्फ बोर्ड का हिस्सा बनने की अनुमति देता है।</p>
<p><strong>वक्फ बोर्ड का किया गया है पुनर्गठन</strong><br>
मध्य प्रदेश सरकार ने 10 सदस्यीय वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया है और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सांवर पटेल को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया है। बोर्ड में मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव हिंदू सदस्य के रूप में शामिल हैं, जिससे यह संशोधित अधिनियम के तहत गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने वाला देश का पहला राज्य स्तरीय वक्फ बोर्ड बन गया है।</p>
<p>नए वक्फ बोर्ड की अधिसूचना रविवार को गजट में जारी की गई। एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, “मध्य प्रदेश नए <strong>अधिनियम के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।”</strong></p>
<p>
<strong>इनको दी गई है जगह</strong><br>
बोर्ड में अध्यक्ष डॉ सनव्वर पटेल के अतिरिक्त पहले से सदस्य नजमा हेपतुल्ला, भोपाल उत्तर से विधायक आतिफ अकील, उज्जैन के रहने वाले फैजान खान, इंदौर की फातिमा चौधरी, बैरसिया भोपाल की पार्षद शाइस्ता सुल्तान, रतलाम की पार्षद शबाना खान और हिंदू सदस्यों में इंदौर के मनोज मालपानी और राघवगढ़ (गुना) के अनिमेष भार्गव को बोर्ड में सदस्य बनाया है।</p>
<p>इसके पहले विधायक के नाते आरिफ अकील सदस्य थे। उनकी मृत्यु के बाद उनके बेटे आतिफ अकील को जगह दी गई है। स्टेट बार काउंसिल का अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद उन्हें भी इसमें शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही अध्यक्ष और सभी 10 सदस्य हो जाएंगे।</p>
<p><strong>वक्फ बोर्डों को और पारदर्शी बनाने के लिए लाया गया था ये संसोधन</strong><br>
उल्लेखनीय है कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 वक्फ बोर्डों में पारदर्शिता, महिलाओं व गैर-मुसलमानों की भागीदारी और संपत्तियों के डिजिटल पंजीकरण के लिए लाया गया एक प्रमुख कानून है।</p>
<p><strong>कौन हैं मनोज मालपानी और अनिमेश भार्गव</strong><br>
मनोज मालपानी इंदौर के रहने वाले हैं और लंबे समय से सामाजिक के साथ-साथ सार्वजनिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं. वे अलग-अलग सामाजिक संगठनों में एक्टिव रोल निभाते रहे हैं. इसके अलावा वे कई धार्मिक और जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों में भी भाग लेते रहे हैं. उनके अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें वक्फ बोर्ड का मेंबर बनाया है. वहीं, अनिमेश भार्गव गुना के राघौगढ़ निवासी हैं. वे भी सामाजिक और सार्वजनिक कार्यों में एक्टिव रहे हैं. स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच उनकी पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में है. वे लंबे समय से जनहित के मुद्दों पर काम करते रहे हैं. उनकी सक्रियता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी वक्फ बोर्ड में सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। </p>
<p><strong>वक्फ बोर्ड क्या है?</strong><br>
वक्फ अधिनियम, 1995 (2025 में संशोधित) की धारा 13(1) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने अधिनियम की धारा 14 के प्रावधानों के अनुसार बोर्ड का गठन किया। वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है जो राज्य में वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और संरक्षण के लिए जिम्मेदार है।</p>
<p>वक्फ की ज़िम्मेदारियों में वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड रखना, उनके इस्तेमाल और उनसे होने वाली आय की देखरेख करना, उन्हें कब्ज़े से बचाना और यह पक्का करना शामिल है कि उनका इस्तेमाल धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक कल्याण के कामों के लिए हो। चेयरमैन संवार पटेल के अलावा नए बने बोर्ड में नई दिल्ली से नज़मा हेपतुल्ला, भोपाल से आतिफ अकील, उज्जैन से फ़ैज़ान खान, इंदौर से फ़ातिमा चौधरी, शाइस्ता सुल्तान, शबाना खान, इंदौर से मनोज मालपानी और गुना के राघोगढ़ से अनिमेष भार्गव शामिल हैं। पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कमिश्नर इसके पदेन सदस्य होंगे।</p>
<p>राज्य सरकार के अनुसार नज़मा हेपतुल्ला को वक्फ़ एक्ट, 1995 (2013 में संशोधित) की धारा 14 के तहत 19 अप्रैल, 2023 को जारी नोटिफिकेशन के जरिए चुने गए सदस्यों की श्रेणी में नियुक्त किया गया था। वह18 अप्रैल, 2028 तक सदस्य बनी रहेंगी। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इसलिए उनके कार्यकाल के बचे हुए समय के लिए उन्हें नए बोर्ड में भी शामिल रखा गया है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>ग्वालियर&#45;चंबल क्षेत्र अब और तेज गति से बढ़ेगा आगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ ग्वालियर-चंबल क्षेत्र अब और तेज गति से बढ़ेगा आगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार पर्यटन विकास को दे रही नई दिशा  ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के लिए बेहद गौरव का विषय है कि आज शिवपुरी में डिफेंस सेक्टर के 2500 करोड़ रुपए के एक बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत होने … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 12:01:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ग्वालियर-चंबल, क्षेत्र, अब, और, तेज, गति, से, बढ़ेगा, आगे:, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ग्वालियर-चंबल क्षेत्र अब और तेज गति से बढ़ेगा आगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव</strong></p>
<p><strong>राज्य सरकार पर्यटन विकास को दे रही नई दिशा</strong></p>
<p><strong> ग्वालियर</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के लिए बेहद गौरव का विषय है कि आज शिवपुरी में डिफेंस सेक्टर के 2500 करोड़ रुपए के एक बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत होने जा रही है। यहां आज ही 211 करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन भी हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार के समावेशी विकास लक्ष्यों और निजी क्षेत्र की भागीदारी से ग्वालियर-चंबल का यह पूरा क्षेत्र अब और तेज गति से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह बात कही।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पर्यटन को प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का सशक्त आधार बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से वन एवं प्राकृतिक पर्यटन की अपार संभावनाओं वाले क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलें और क्षेत्रीय विकास को गति मिले। उन्होंने कहा कि हम केवल पर्यटन सर्किट विकसित करने तक ही सीमित नहीं हैं, हरेक पर्यटन स्थल की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशेषताओं के अनुरूप वहां समग्र विकास का प्रबंधन भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे टाइगर रिजर्व और प्राकृतिक धरोहर प्रदेश की बड़ी ताकत हैं, जिन्हें विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा रहा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चल रही केन–बेतवा नदी लिंक तथा पार्वती–कालीसिंध–चंबल नदी लिंक परियोजनाएं विकास की नई इबारत लिखेंगी। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से शिवपुरी सहित पूरे क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल, उद्योग, पशुपालन और कृषि क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पर्यटन, जल प्रबंधन और अधोसंरचना विकास को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ा रही है, जिससे किसानों की समृद्धि, स्थानीय रोजगार और क्षेत्र के संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>वन, वन्यजीव और पर्यावरण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए न्यायिक एवं प्रशासनिक समन्वय ज़रूरी</title>
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<description><![CDATA[ वन, वन्यजीव और पर्यावरण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए न्यायिक एवं प्रशासनिक समन्वय ज़रूरी मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी में दो दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न भोपाल मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी (एमपीएसजेए), जबलपुर में 4 एवं 5 जुलाई को ‘वन, वन्यजीव और पर्यावरण कानूनों से जुड़े प्रमुख मुद्दे’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 12:01:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>वन, वन्यजीव, और, पर्यावरण, कानूनों, के, प्रभावी, क्रियान्वयन, के, लिए, न्यायिक, एवं, प्रशासनिक, समन्वय, ज़रूरी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वन, वन्यजीव और पर्यावरण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए न्यायिक एवं प्रशासनिक समन्वय ज़रूरी</strong></p>
<p><strong>मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी में दो दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी (एमपीएसजेए), जबलपुर में 4 एवं 5 जुलाई को ‘वन, वन्यजीव और पर्यावरण कानूनों से जुड़े प्रमुख मुद्दे’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में वन विभाग के 15 वरिष्ठ अधिकारियों, 45 न्यायिक मजिस्ट्रेटों तथा 15 सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारियों (एडीपीओ) ने सहभागिता की।</p>
<p>कार्यशाला का उद्देश्य वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में न्यायिक एवं प्रशासनिक समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाना था। प्रशिक्षण से वन अधिकारियों के कौशल का उन्नयन होगा, क्षेत्रीय कार्यों के निष्पादन में दक्षता बढ़ेगी तथा वन्यजीव अपराधों की प्रभावी विवेचना और डिजिटल साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में सहायता मिलेगी। इससे न्यायालयों में शासन का पक्ष और अधिक सशक्त रूप से रखा जा सकेगा।</p>
<p>कार्यशाला का शुभारंभ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने किया। उद्घाटन सत्र में न्यायिक नवाचारों एवं संस्थागत समन्वय के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण तथा पर्यावरण न्याय को सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक श्रीमती समिता राजोरा, मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक उमेश पांडे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (संरक्षण) मनोज अग्रवाल, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व निदेशक हेमंत शर्मा सहित अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे।</p>
<p>न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति न्यायपालिका की संवेदनशील भूमिका एवं न्यायिक नवाचारों की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2017 से अब तक उनके न्यायिक आदेशों के माध्यम से लगभग 3,500 मामलों में वृक्षारोपण के निर्देश दिए गए, जिसके परिणामस्वरूप करीब 30 हजार पौधों का रोपण हुआ। उन्होंने बताया कि 129 मामलों में जमानत की विशेष शर्त के रूप में वाटर हार्वेस्टिंग कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सकारात्मक विचार के अंकुरण और जन-जागरूकता का भी माध्यम है।</p>
<p>दो दिवसीय तकनीकी सत्रों में वन भूमि विवाद, जैव विविधता अधिनियम-2002, मध्यप्रदेश वन उपज अधिनियम, वन्यजीव फोरेंसिक तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के महत्व जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही वन अपराधों की जांच, तलाशी, जब्ती तथा वन्यजीव अपराधों से संबंधित मामलों में शिकायत दर्ज करने की प्रक्रियाओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>12 जुलाई को यूपी में बनेगा नया रिकॉर्ड! पौधरोपण महाभियान&#45;2026 के तहत योगी सरकार रचेगी इतिहास</title>
<link>https://atworldnews.in/9059</link>
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<description><![CDATA[ पौधरोपण में 12 जुलाई को फिर नया इतिहास रचेगी योगी सरकार  पौधरोपण महाभियान-2026  जनसहभागिता से रविवार को पूरे प्रदेश में एक दिन में लगाए जाएंगे 35 करोड़ पौधे अभियान की सफलता के लिए बैठक कर जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे मुख्यमंत्री, अधिकारियों को भी देंगे दिशा निर्देश  वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग लगाएगा सर्वाधिक 15.50 … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:33:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>जुलाई, को, यूपी, में, बनेगा, नया, रिकॉर्ड, पौधरोपण, महाभियान-2026, के, तहत, योगी, सरकार, रचेगी, इतिहास</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पौधरोपण में 12 जुलाई को फिर नया इतिहास रचेगी योगी सरकार </strong></p>
<p><strong>पौधरोपण महाभियान-2026 </strong></p>
<p><strong>जनसहभागिता से रविवार को पूरे प्रदेश में एक दिन में लगाए जाएंगे 35 करोड़ पौधे</strong></p>
<p><strong>अभियान की सफलता के लिए बैठक कर जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे मुख्यमंत्री, अधिकारियों को भी देंगे दिशा निर्देश </strong></p>
<p><strong>वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग लगाएगा सर्वाधिक 15.50 करोड़ पौधे, ग्राम्य विकास 10 करोड़ पौधरोपण करेगा</strong></p>
<p><strong>लखनऊ</strong><br>
 योगी सरकार 12 जुलाई (रविवार) को फिर नया इतिहास रचेगी। पौधरोपण महाभियान-2026 के तहत जनसहभागिता से पूरे प्रदेश में एक दिन में 35 करोड़ पौधे रोपे जाएंगे। इसके लिए नोडल (वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग) ने तैयारी शुरू कर दी है। अभियान की सफलता के लिए मुख्यमंत्री सोमवार से जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे और अधिकारियों की भी निरंतर बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। वहीं वन मंत्री भी अन्य विभागों के मंत्रियों के साथ बैठक कर इसकी सफलता को लेकर विचार-विमर्श करेंगे। </p>
<p><strong>जनसहभागिता से फिर होगा अभूतपूर्व आयोजन</strong><br>
मुख्यमंत्री के निर्देश पर केंद्र-प्रदेश सरकार के विभागों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्कूलों-कॉलेजों समेत व्यापक जनसहभागिता से उत्सव के रूप में महाभियान चलेगा। व्यापक जनसहभागिता के साथ ही केंद्र व प्रदेश सरकार के विभाग मिलकर इस वर्ष 35 करोड़ पौधरोपण करेंगे।</p>
<p><strong>वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग लगाएगा सर्वाधिक 15.50 करोड़ पौधे</strong><br>
वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग सर्वाधिक 15.50 करोड़ पौधरोपण करेगा। ग्राम्य विकास विभाग 10 करोड़,  कृषि विभाग 3.25 करोड़, उद्यान 1.50 करोड़, पंचायती राज विभाग 1.22 करोड़ पौधे लगाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे भी 5.50 लाख पौधे लगेंगे। नोडल विभाग (वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन) होगा। इसे लेकर जिला वृक्षारोपण समिति की नियमित बैठकें भी चल रही हैं। </p>
<p><strong>कई विशिष्ट वनों की होगी शुरुआत, सार्वजनिक स्थलों पर भी लगेंगे छायादार पौधे</strong><br>
योगी सरकार प्रत्येक वर्ष नवीन विशिष्ट वन स्थापित करती है। इस थीम के अंतर्गत पौधरोपण महाभियान-2026 में इस वर्ष समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन, कपि वन समेत अनेक नवीन वन तैयार किए जाएंगे। महर्षि चरक औषधि वन की शुरुआत 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) पर की गई है। अभियान का प्रमुख हिस्सा मिशन छाया, अविरल धारा पौधरोपण, सहजन भंडारा, आम भंडारा भी होगा। मिशन छाया के तहत गर्मी से राहत देने के लिए सड़क किनारे व सार्वजनिक स्थलों पर छायादार पौधे भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा 15 अगस्त को वंदे मातरम वाटिका, 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर भाई-बहन पौधरोपण व 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ भी लगाया जाएगा। </p>
<p><strong>52.44 करोड़ पौधे कराए जा रहे तैयार </strong><br>
वृहद पौधरोपण के लिए वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग निरंतर बैठक व संवाद स्थापित कर रहा है। इसके साथ ही पौधों को लेकर भी विभाग की तैयारी चल रही है। वन विभाग की लगभग दो हजार नर्सरी में इस वर्ष 52.44 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं। इन पौधों को भी अब वितरित किया जाएगा। </p>
<p><strong>गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे लगेंगे 5.50 लाख पौधे </strong><br>
प्रदेश के एक्सप्रेसवे के किनारे भी पौधरोपण किया जाएगा। इस बार विशेष रूप से गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे पौधे लगाए जाएंगे। 594 किमी. लंबे गंगा एक्सप्रेसवे की दोनों पटरियों पर वन विभाग 500 हेक्टेयर क्षेत्र में 5.50 लाख पौधरोपण करेगा। दोनों पटरी पर हर एक किमी. पर हरिशंकरी रोपा जाएगा, जबकि बीच-बीच में पीपल, पाकड़, बरगद, नीम, गूलर, महुआ, आम, अर्जुन, चिलबिल, अमलतास, कचनार, जकरकंडा, गुलमोहर आदि प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनकी सुरक्षा के लिए तार से फेंसिंग व सिंचाई के लिए ड्रिप इरीगेशन सुनिश्चित की जाएगी। </p>
<p><strong>मुख्यमंत्री का निर्देश- जनसहभागिता से मनाया जाए उत्सव </strong><br>
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पौधरोपण महाभियान-2026 की तैयारी को लेकर निरंतर बैठक करेंगे। वहीं वन मंत्री अन्य विभागों के मंत्रियों, अधिकारियों के साथ ही इसकी सफलता को लेकर विचार-विमर्श करेंगे। मुख्यमंत्री ने जनसहभागिता पर विशेष जोर देते हुए इसे उत्सव के रूप में मनाने का निर्देश दिया है। सीएम योगी ने महाभियान में सभी जनप्रतिनिधियों, संस्थाओं, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, युवक-महिला मंगल दल, रोटरी-लायंस, इको क्लब, एफपीओ, व्यापार मंडल आदि की भी सहभागिता अनिवार्य रूप से करने के लिए वन विभाग को निर्देश दिया है। कृषि विभाग की देखरेख में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पंजीकृत किसान भी महाभियान का हिस्सा बनेंगे।  </p>
<p>
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 12 जुलाई को पौधरोपण महाभियान-2026 का आयोजन होगा। वन विभाग इसकी तैयारी में जुट गया है। इस बार भी एक दिन में 35 करोड़ पौधरोपण होगा। सभी विभागों, संस्थाओं, स्कूल-कॉलेज, सामाजिक संगठनों आदि के सहयोग से व्यापक जनसहभागिता के साथ इस महाभियान को उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। विभागों, मंडलों व जनपदों के लक्ष्य प्रस्तावित किए जा चुके हैं। इस बार भी कई विशिष्ट वनों की शुरुआत होगी। </p>
<p><strong>सुनील चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक व विभागाध्यक्ष <br>
वन विभाग, उत्तर प्रदेश</strong></p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>लाल सागर में फिर तनाव: यमन तट के पास मालवाहक जहाज पर अज्ञात हमलावरों का हमला</title>
<link>https://atworldnews.in/9058</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली लाल सागर में एक बार फिर समुद्री सुरक्षा को गंभीर चुनौती मिली है। यमन के पश्चिमी तट के निकट एक व्यावसायिक मालवाहक जहाज पर अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने हमला कर दिया। यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने रविवार को इस घटना की पुष्टि की। हालांकि अभी तक किसी भी संगठन, समूह या … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:32:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>लाल, सागर, में, फिर, तनाव:, यमन, तट, के, पास, मालवाहक, जहाज, पर, अज्ञात, हमलावरों, का, हमला</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
लाल सागर में एक बार फिर समुद्री सुरक्षा को गंभीर चुनौती मिली है। यमन के पश्चिमी तट के निकट एक व्यावसायिक मालवाहक जहाज पर अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने हमला कर दिया। यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने रविवार को इस घटना की पुष्टि की। हालांकि अभी तक किसी भी संगठन, समूह या गुट ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हमले में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की तत्काल कोई पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<p>UKMTO केंद्र ने एक आधिकारिक सूचना में बताया कि हमला तटीय शहर होदेइदाह के पास हुआ। होदेइदाह ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के मजबूत नियंत्रण वाले इलाके में स्थित है। जहाज होदेइदाह से लगभग 30 समुद्री मील (करीब 55 किलोमीटर) दक्षिण-पश्चिम दिशा में था, जब अज्ञात सशस्त्र हमलावरों ने उस पर हमला किया। UKMTO ने स्पष्ट किया कि जहाज के चालक दल ने तुरंत हमले की सूचना दी। फिलहाल संबंधित अंतरराष्ट्रीय अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।</p>
<p><strong>हूती विद्रोहियों की धमकी</strong><br>
बता दें कि यमन के हूती विद्रोहियों ने हाल ही में लाल सागर और अदन की खाड़ी में गुजरने वाले जहाजों पर हमले दोबारा शुरू करने की खुली धमकी दी थी। हालांकि, उन्होंने अभी तक इन धमकियों को अमली जामा नहीं पहनाया है। हूती प्रवक्ता ने इस घटना पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।</p>
<p>गौरतलब है कि हूतियों ने अक्टूबर 2023 से गाजा युद्ध के समर्थन में लाल सागर के दक्षिणी हिस्से में स्थित संकरे बाब अल-मंडाब के आसपास अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाना शुरू किया था। उन्होंने ड्रोन, बैलिस्टिक मिसाइलें और अन्य हथियारों का इस्तेमाल कर कई अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमले किए। इन हमलों के कारण वैश्विक जहाजरानी कंपनियों को स्वेज नहर के बजाय अफ्रीका के दक्षिणी सिरे (केप ऑफ गुड होप) का लंबा और महंगा रास्ता अपनाना पड़ा।</p>
<p><strong>सोमाली समुद्री लुटेरों भी हैं ऐक्टिव</strong><br>
लाल सागर संकट के बीच सोमाली समुद्री डाकू भी अदन की खाड़ी और आसपास के दूरवर्ती इलाकों में फिर से सक्रिय हो गए हैं। एक जुलाई को यमन के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित बलहाफ बंदरगाह शहर से 76 समुद्री मील (लगभग 140 किलोमीटर) दक्षिण में एक और घटना हुई थी। UKMTO के अनुसार, चार सशस्त्र व्यक्ति छोटी नाव पर सवार होकर आए और एक जहाज के ब्रिज (नियंत्रण कक्ष) को मामूली नुकसान पहुंचाया। इस घटना को संदिग्ध समुद्री लुटेरों का काम माना जा रहा है।</p>
<p>बता दें कि लाल सागर और अदन की खाड़ी विश्व व्यापार का अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग है। यहां से रोजाना लाखों टन तेल, गैस, कंटेनर माल और अन्य सामान गुजरता है। आये दिन हो रहे हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। अमेरिका, ब्रिटेन और उनके सहयोगी देशों के युद्धपोत क्षेत्र में गश्त बढ़ाए हुए हैं, इसके बावजूद चुनौतियां बरकरार हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहचान बना PHC चेरपाल</title>
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<description><![CDATA[ गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहचान बना PHC चेरपाल NQAS मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन, मरीजों को मिलेंगी और बेहतर सुविधाएं रायपुर बीजापुर जिले का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) चेरपाल अब गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहचान बन गया है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत हुए बाह्य मूल्यांकन में स्वास्थ्य केंद्र ने सफलतापूर्वक सभी … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:31:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>गुणवत्तापूर्ण, स्वास्थ्य, सेवाओं, की, नई, पहचान, बना, PHC, चेरपाल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहचान बना PHC चेरपाल</strong></p>
<p><strong>NQAS मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन, मरीजों को मिलेंगी और बेहतर सुविधाएं</strong></p>
<p><strong>रायपुर</strong><br>
बीजापुर जिले का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) चेरपाल अब गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहचान बन गया है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत हुए बाह्य मूल्यांकन में स्वास्थ्य केंद्र ने सफलतापूर्वक सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा कर जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह सफलता स्वास्थ्य विभाग की बेहतर कार्यप्रणाली, टीमवर्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने की प्रतिबद्धता का परिणाम है।<br>
<strong>दो दिनों तक हुआ विस्तृत मूल्यांकन</strong><br>
03 और 04 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (NHSRC), नई दिल्ली की विशेषज्ञ टीम ने PHC चेरपाल का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान सामान्य प्रशासन, ओपीडी, आईपीडी, प्रयोगशाला, लेबर रूम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन, संक्रमण नियंत्रण, दवा प्रबंधन, स्वच्छता, मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं तथा अभिलेखों का गहन परीक्षण किया गया।<br>
<strong>सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने निभाई जिम्मेदारी</strong><br>
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के मार्गदर्शन तथा खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) के नेतृत्व में पूरी स्वास्थ्य टीम ने मूल्यांकन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों, चिकित्सा अधिकारियों, स्टाफ नर्सों, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO), ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारियों, मितानिनों तथा अन्य कर्मचारियों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए मूल्यांकन दल को सभी आवश्यक जानकारी और अभिलेख उपलब्ध कराए।<br>
<strong>गुणवत्ता सुधार की दिशा में मजबूत पहल</strong><br>
स्वास्थ्य विभाग ने मूल्यांकन दल द्वारा दिए गए सुझावों को भी गंभीरता से लिया है। इन सुझावों के अनुरूप आवश्यक सुधार किए जाएंगे, ताकि स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को और अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।<br>
<strong>ग्रामीणों को मिलेगा बेहतर इलाज</strong><br>
PHC चेरपाल की यह उपलब्धि केवल एक मूल्यांकन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा लाभ क्षेत्र के हजारों लोगों को मिलेगा। बेहतर व्यवस्थाओं, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के कारण मरीजों का उपचार अधिक प्रभावी और सुविधाजनक होगा। इससे लोगों का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर विश्वास भी और मजबूत होगा।<br>
<strong>गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बढ़ता बीजापुर</strong><br>
PHC चेरपाल की सफलता यह साबित करती है कि समर्पित टीमवर्क, बेहतर प्रबंधन और निरंतर प्रयासों से दूरस्थ क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। यह उपलब्धि बीजापुर जिले में गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और भविष्य में अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कच्चे घर से पक्के आशियाने तक : पीएम जनमन आवास योजना ने सरिता बैगा के जीवन में भरी खुशियों की नई रोशनी</title>
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<description><![CDATA[ कच्चे घर से पक्के आशियाने तक : पीएम जनमन आवास योजना ने सरिता बैगा के जीवन में भरी खुशियों की नई रोशनी साय सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं का धरातल पर असर; पीएम जनमन आवास और महतारी वंदन योजना से आदिवासी परिवार को मिला सुरक्षित घर, आर्थिक संबल और सम्मानपूर्ण जीवन रायपुर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>कच्चे, घर, से, पक्के, आशियाने, तक, पीएम, जनमन, आवास, योजना, ने, सरिता, बैगा, के, जीवन, में, भरी, खुशियों, की, नई, रोशनी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कच्चे घर से पक्के आशियाने तक : पीएम जनमन आवास योजना ने सरिता बैगा के जीवन में भरी खुशियों की नई रोशनी</strong></p>
<p><strong>साय सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं का धरातल पर असर; पीएम जनमन आवास और महतारी वंदन योजना से आदिवासी परिवार को मिला सुरक्षित घर, आर्थिक संबल और सम्मानपूर्ण जीवन</strong></p>
<p><strong>रायपुर</strong><br>
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जब अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है, तब वह केवल एक योजना नहीं बल्कि किसी परिवार के जीवन में परिवर्तन की नई कहानी बन जाती है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी की श्रीमती सरिता बैगा का जीवन इसका प्रेरक उदाहरण है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना और महतारी वंदन योजना के समन्वित लाभ से उनका परिवार आज सुरक्षित आवास, आर्थिक संबल और सम्मानजनक जीवन की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>      पहले सरिता बैगा का परिवार एक कच्चे मकान में रहता था। बरसात शुरू होते ही पूरे परिवार की चिंता बढ़ जाती थी। खपरैल की छत से पानी टपकता था, दीवारों में नमी भर जाती थी और हर वर्ष छत की मरम्मत तथा खपरैल बदलने पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता था। छोटे बच्चों के साथ बारिश के दिनों में सुरक्षित रहना भी एक बड़ी चुनौती थी।</p>
<p>     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप सरिता बैगा के परिवार को पीएम जनमन आवास योजना के तहत पक्का आवास स्वीकृत हुआ। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत तथा ग्रामीण विकास विभाग के समन्वित प्रयासों से योजना का लाभ समय पर मिला और आज उनका परिवार एक मजबूत, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त पक्के घर में रह रहा है।</p>
<p>    नए आवास ने केवल उनके रहने की व्यवस्था नहीं बदली, बल्कि पूरे परिवार के जीवन में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना भी बढ़ाई है। अब बारिश का मौसम उनके लिए चिंता नहीं, बल्कि राहत और सुकून लेकर आता है। बच्चे सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई कर रहे हैं और परिवार सम्मानपूर्वक अपना जीवन व्यतीत कर रहा है।</p>
<p>     सरिता बैगा को राज्य शासन की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता भी नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। इस राशि से परिवार के दैनिक खर्चों, बच्चों की आवश्यकताओं और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सकारात्मक बदलाव आया है।</p>
<p>    सरिता बैगा बताती हैं कि पहले उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका परिवार भी पक्के घर में रहेगा। आज शासन की योजनाओं ने उनके सपनों को साकार कर दिया है। वे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकार की जनहितैषी योजनाओं ने उनके परिवार को सुरक्षित आवास, आर्थिक सहयोग और बेहतर भविष्य का विश्वास दिया है।</p>
<p>    ग्राम पंडरीपानी में पीएम जनमन आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में ग्रामीण विकास विभाग, जनपद पंचायत गौरेला, ग्राम पंचायत तथा संबंधित मैदानी अमले की सक्रिय भूमिका रही। योजनाओं के पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन से पात्र हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है, जिससे विशेष पिछड़ी जनजातियों सहित ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।</p>
<p>सरिता बैगा की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन केवल आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध नहीं कराता, बल्कि गरीब और वंचित परिवारों के जीवन में स्थायी परिवर्तन लाकर उन्हें सम्मान, सुरक्षा और विकास की नई दिशा भी प्रदान करता है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि&#45;पूजन और शिलान्यास</title>
<link>https://atworldnews.in/9055</link>
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<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन और शिलान्यास – भोपाल को मिलेगा 25 एकड़ क्षेत्रफल का विश्वस्तरीय कन्वेंशन और एग्जिबिशन सेंटर – ग्रीन और स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:31:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, डॉ., यादव, करेंगे, डॉ., श्यामा, प्रसाद, मुखर्जी, स्मार्ट, इंडस्ट्रियल, पार्क, का, भूमि-पूजन, और, शिलान्यास</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन और शिलान्यास</strong></p>
<p><strong>– भोपाल को मिलेगा 25 एकड़ क्षेत्रफल का विश्वस्तरीय कन्वेंशन और एग्जिबिशन सेंटर<br>
– ग्रीन और स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार</strong></p>
<p><strong>भोपाल</strong><br>
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक एवं निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिये औद्योगिक अधोसंरचना के विस्तार, निवेश-अनुकूल वातावरण के निर्माण और रोजगार सृजन को गति देने के उद्देश्य से निरंतर प्रभावी पहल की जा रही हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 जुलाई को सतगढ़ी में विकसित किए जा रहे 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क' का भूमि-पूजन एवं शिलान्यास करेंगे। राष्ट्रवादी चिंतक एवं भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम प्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। कार्यक्रम में देश और प्रदेश के लगभग 200 से अधिक प्रमुख उद्योगपति, निवेशक और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।</p>
<p>लगभग 173 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का नया आधार बनेगा। परियोजना में आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना, उत्कृष्ट सड़क एवं परिवहन संपर्क, आईटी एवं एआई आधारित सुविधाएं, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग कॉम्प्लेक्स तथा भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा, जिससे निवेशकों को विश्वस्तरीय औद्योगिक वातावरण उपलब्ध हो सके। यह परियोजना 'वर्क-लिव-ग्रो' मॉडल पर आधारित होगी, जहां उद्योगों के साथ कौशल विकास, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण जीवन के लिए आवश्यक सुविधाओं का समन्वित विकास किया जाएगा। पार्क में उच्च मूल्य विनिर्माण, गारमेंट, टॉयज, आईटी, एआई, लॉजिस्टिक्स तथा उभरती तकनीकों से जुड़े उद्योगों को स्थापित करने की परिकल्पना की गई है। इससे राजधानी में विविध औद्योगिक क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित होगा और नए निवेश के अवसर<strong> सृजित होंगे।</strong></p>
<p><strong>25 एकड़ में बन रहा परिसर<br>
सतगढ़ी में विकसित हो रहा यह </strong>स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क कोलार क्षेत्र के विकास की दिशा भी बदलेगा। अब तक मुख्य रूप से आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित कोलार आने वाले समय में निवेश, उद्योग और रोजगार का नया केंद्र बनेगा। परियोजना से 15 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है, जिनका लाभ विशेष रूप से भोपाल और आसपास के युवाओं को मिलेगा। इसके साथ ही बढ़ती औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी। परियोजना की एक विशेष उपलब्धि यहां विकसित किया जाने वाला विश्वस्तरीय कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन सेंटर होगा। लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित यह परिसर 10 हजार से अधिक लोगों की क्षमता वाला होगा, जहां राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के निवेशक सम्मेलन, औद्योगिक प्रदर्शनियां, व्यापारिक आयोजन और वैश्विक व्यवसायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इससे भोपाल को मध्य भारत के प्रमुख एमआईसीई (मीटिंग्स, इंसेन्टिव्स, कॉन्फ्रेंसेस एण्ड एग्जिबिशन) गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार मिलेगा।</p>
<p><strong>कुशल प्रबंधन को मिलेगा बढ़ावा </strong><br>
रणनीतिक दृष्टि से भी यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। सतगढ़ी क्षेत्र राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, कोलार रोड तथा प्रस्तावित वेस्टर्न बायपास से बेहतर संपर्क के कारण निवेशकों के लिए सुविधाजनक औद्योगिक गंतव्य के रूप में विकसित होगा। यह कनेक्टिविटी उद्योगों की स्थापना, लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पार्क को पर्यावरण अनुकूल एवं स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत एससीएडीए आधारित जल प्रबंधन प्रणाली, जल एवं सीवेज शोधन संयंत्र, ऑटोमेटेड एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था तथा अत्याधुनिक यूटिलिटी कॉरिडोर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण-संरक्षण और संसाधनों के कुशल प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क राजधानी भोपाल में औद्योगिक निवेश, आधुनिक विनिर्माण और रोजगार सृजन के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह परियोजना औद्योगिक अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ प्रदेश की निवेश क्षमता को और मजबूत करेगी तथा भोपाल को मध्य भारत के प्रमुख औद्योगिक एवं व्यावसायिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>अफगानिस्तान–पाकिस्तान तनाव बढ़ा: ISIS ठिकानों पर तालिबान के ड्रोन हमले</title>
<link>https://atworldnews.in/9054</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली अफगानिस्तान में ISIS के बढ़ते खतरे ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। तालिबान का आरोप है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और सेना, ISIS को संरक्षण दे रही हैं। इसी के जवाब में तालिबान ने पाकिस्तान के भीतर कथित ISIS ठिकानों पर सीमा पार ड्रोन हमले किए हैं। … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:02:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>अफगानिस्तान–पाकिस्तान, तनाव, बढ़ा:, ISIS, ठिकानों, पर, तालिबान, के, ड्रोन, हमले</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
अफगानिस्तान में ISIS के बढ़ते खतरे ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। तालिबान का आरोप है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और सेना, ISIS को संरक्षण दे रही हैं। इसी के जवाब में तालिबान ने पाकिस्तान के भीतर कथित ISIS ठिकानों पर सीमा पार ड्रोन हमले किए हैं। बता दें कि यह भारत, रूस और मध्य एशियाई देशों की सुरक्षा के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।</p>
<p>तालिबान सरकार का कहना है कि ISIS उसके शासन और अफगानिस्तान की स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर उभर रहा है। काबुल ने पाकिस्तान की सेना और उसकी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) पर आरोप लगाया है कि वह ISIS को समर्थन देकर अफगानिस्तान के भीतर आतंकी हमलों को बढ़ावा दे रही है। हालांकि, पाकिस्तान इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करता रहा है।</p>
<p><strong>बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में ड्रोन से किए गए हमले</strong><br>
ISIS की बढ़ती गतिविधियों के बीच तालिबान ने इस सप्ताह पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के सरानान और खैबर पख्तूनख्वा के कई इलाकों में सीमा पार कार्रवाई की। रिपोर्टों के मुताबिक, इन अभियानों में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ऑपरेशन में ISIS और उसके सहयोगी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिन्हें उसने 'बुराई और भ्रष्टाचार के समूहों' का अड्डा बताया।</p>
<p><strong>कई आतंकियों के मारे जाने का दावा</strong><br>
अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, कार्रवाई बेहद सटीक तरीके से की गई, जिसमें कई ISIS लड़ाके मारे गए और उनके ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा। मंत्रालय ने दावा किया कि पूरे अभियान के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि किसी भी आम नागरिक को नुकसान न पहुंचे। यह कार्रवाई 28 जून को अफगानिस्तान सीमा के पास पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों के जवाब के रूप में भी देखी जा रही है।</p>
<p><strong>चीन की मध्यस्थता भी नहीं कर सकी तनाव कम</strong><br>
काबुल और इस्लामाबाद के बीच संबंध लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस साल यह दोनों देशों के बीच दूसरा बड़ा सैन्य टकराव है। चीन की ओर से दोनों देशों के बीच तनाव कम कराने की कोशिशें भी अब तक सफल नहीं हो सकी हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सीमा पार आतंकवाद और हमलों को बढ़ावा देने के आरोप लगाते रहे हैं।</p>
<p><strong>भारत, रूस और मध्य एशिया की बढ़ी चिंता, रक्षा समझौते पर भी नजर</strong><br>
विशेषज्ञों का मानना है कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में ISIS और उसकी कट्टरपंथी विचारधारा का विस्तार भारत, रूस और मध्य एशियाई देशों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। आशंका है कि यह संगठन स्थानीय आतंकी समूहों के साथ मिलकर क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा सकता है।</p>
<p>अगले सप्ताह भारत-रूस संयुक्त आतंकवाद कार्य समूह की बैठक में सीमा पार आतंकवाद प्रमुख मुद्दा रहेगा। वहीं, पाकिस्तान भी मॉस्को के साथ काबुल के हालिया रक्षा समझौते के बाद अफगानिस्तान की बढ़ती सैन्य क्षमता को लेकर चिंतित बताया जा रहा है  मई में रूस और तालिबान ने हथियारों के आदान-प्रदान, लाइसेंसिंग, सैन्य तकनीक और संयुक्त विकास परियोजनाओं से जुड़े सैन्य-तकनीकी सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। यह तालिबान सरकार का किसी भी देश के साथ पहला रक्षा समझौता था, जिसे पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव और सैन्य सहयोग की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>छठी पीढ़ी के फाइटर जेट पर बड़ा कदम: GCAP को 6.1 अरब डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट</title>
<link>https://atworldnews.in/9053</link>
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<description><![CDATA[ लंदन  ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम (GCAP) को आगे बढ़ाने वाले ज्वाइंट वेंचर, &#039;एजविंग&#039; को छठी पीढ़ी के फाइटर एयरक्राफ्ट के डेवलपमेंट को आगे बढ़ाने के लिए 6.1 बिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह दुनिया के सबसे महत्वकांक्षी अगली पीढ़ी के कॉम्बैट एविएशन प्रोग्राम में से एक के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह कॉन्ट्रैक्ट … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:02:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>छठी, पीढ़ी, के, फाइटर, जेट, पर, बड़ा, कदम:, GCAP, को, 6.1, अरब, डॉलर, का, कॉन्ट्रैक्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लंदन</strong><br>
 ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम (GCAP) को आगे बढ़ाने वाले ज्वाइंट वेंचर, 'एजविंग' को छठी पीढ़ी के फाइटर एयरक्राफ्ट के डेवलपमेंट को आगे बढ़ाने के लिए 6.1 बिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह दुनिया के सबसे महत्वकांक्षी अगली पीढ़ी के कॉम्बैट एविएशन प्रोग्राम में से एक के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p>यह कॉन्ट्रैक्ट GCAP एजेंसी ने दिया है, दो UK,जापान और इटली की सरकारों की ओर से इस प्रोग्राम को मैनेज करती है। यह कॉन्ट्रैक्ट फाइटर जेट के डिटेल्ड डिजाइन और डेवलपमेंट के लिए फंड देगा। उम्मीद है कि यह एयरक्राफ्ट 2035 कर सर्विस में आ जाएगा।</p>
<p><strong>ब्रिटेन-इटली और जापान का ज्वॉइंट वेंचर</strong><br>
एजविंग, ब्रिटेन की बीएई सिस्टम्स, इटली की लियोनार्डो और जापान एयरक्राफ्ट इंडस्ट्रियल एन्हांसमेंट कंपनी का एक ज्वॉइंट वेंचर है। यह अगली पीढ़ी के कॉम्बैट एयरक्राफ्ट को विकसित करने के लिए तीनों देशों के प्रमुख एयरोस्पेस कंपनियों को एक साथ लाता है।</p>
<p>अप्रैल 2026 में हुए शुरुआती £686 मिलियन के समझौते के बाद GCAP एजेंसी द्वारा एजविंग को दिया गया यह दूसरा इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट है। यह नया कॉन्ट्रैक्ट यूके द्वारा अपना डिफेंस इन्वेस्टमेंट प्लान पेश करने के कुछ हफ्ते बाद आया है, जिसमें अगले चार सालों में GCAP प्रोग्राम के लिए अरबों पाउंड का निवेश करने का वादा किया गया है।</p>
<p><strong>यह कॉन्ट्रैक्ट तीनों देशों के भरोसे को दर्शाता है- एजविंग</strong><br>
एजविंग के सीईओ मार्को जोफ ने कहा, "यह कॉन्ट्रैक्ट तीनों देशों और हमारे GCAP एजेंसी पार्टनर्स द्वारा हम पर दिखाए गए भरोसे को दर्शाता है। यह भरोसा पहले इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट के तरह हुई तेजी से प्रगति से बना है।"</p>
<p>उम्मीद है कि इस फंडिंग से डेवलपमेंट में तेजी आएगी, प्रोग्राम को लंबे समय कर फाइनेंशियल निश्चितता मिलेगी और पार्टनर देशों के डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस को मजबूती मिलेगी, क्योंकि एडवांस्ड मिलिट्री एविएशन में कॉम्पिटिशन बढ़ रहा है। यह समझौता प्रोग्राम के कॉन्सेप्ट फेज से डिटेल्ड इंजीनियरिंग और डिजाइन फेज में जाने का भी संकेत देता है, जिससे यह 2035 में सर्विस में शामिल होने की राह पर बना रहेगा।</p>
<p><strong>GCAP छठी पीढ़ी का फाइटर जेट ज्वॉइंट प्रोग्राम</strong><br>
GCAP छठी पीढ़ी के फाइटर जेट का एक ज्वॉइंट प्रोग्राम है जिसमें UK, जापान और इटली शामिल हैं। यह ब्रिटेन के 'टेम्पेस्ट' प्रोग्राम और जापान के 'F-X' फाइटर प्रोजेक्ट को मिलाकर एक कॉमन अगली पीढ़ी का कॉम्बैट एयरक्राफ्ट बनाने की कोशिश है। यह विमान रॉयल एयर फोर्स के 'यूरोफाइटर टाइफून' और जापान के 'मित्सुबिशी F-2' की जगह लेगा।</p>
<p>F-35 और चीन के J-20 जैसे पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स के उलट, छठी पीढ़ी के एयरक्राफ्ट को एक नेटवर्क वाले कॉम्बैट सिस्टम के मुख्य हिस्से के तौर पर काम करने के लिए डिजाइन किया जा रहा है।</p>
<p><strong>2035 तक छठी पीढ़ी का फाइटर जेट लाने की प्रतिबद्धता</strong><br>
GCAP फाइटर में एडवांस्ड स्टील्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से मिशन मैनेजमेंट, सेंसर फ्यूजन, लंबी दूरी तक ऑपरेशन, सुरक्षित हाई-स्पीड डेटा शेयरिंग और ऑटोनॉमस लॉयल विंगमैन ड्रोन के साथ मिलकर काम करने की क्षमता जैसी खूबियां होने की उम्मीद है। इसमें ओपन-आर्किटेक्चर डिजाइन भी होगा, जिससे इसके सर्विस के समय के दौरान नए हथियार,सेंसर और सॉफ्टवेयर को तेज से जोड़ा जा सकेगा।</p>
<p>4.6 अरब पाउंड का यह कॉन्ट्रैक्ट GCAP के लिए अब तक के सबसे बड़े डेवलपमेंट माइलस्टोन्स में से एक है। यह 2035 तक छठी पीढ़ी का फाइटर जेट लाने के लिए तीनों पार्टनर देशों की प्रतिबद्धता को दिखाता है, क्योंकि देश अगली पीढ़ी के कॉम्बैट एयरक्राफ्ट बनाने की होड़ में लगे हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>ममता बनर्जी को बड़ा राजनीतिक झटका: चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सभी पदों से दिया इस्तीफा</title>
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<description><![CDATA[ कोलकाता  चंद्रिमा भट्टाचार्य के तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष समेत सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देने और विरोधी खेमे की ओर बढ़ने से पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस पुराने मंत्रिमंडल का अध्याय लगभग समाप्त हो गया है, जिसने पिछले डेढ़ दशक तक सरकार और पार्टी संगठन, दोनों की कमान संभाली थी। कभी ममता की … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:01:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ममता, बनर्जी, को, बड़ा, राजनीतिक, झटका:, चंद्रिमा, भट्टाचार्य, ने, सभी, पदों, से, दिया, इस्तीफा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कोलकाता</strong><br>
 चंद्रिमा भट्टाचार्य के तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष समेत सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देने और विरोधी खेमे की ओर बढ़ने से पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस पुराने मंत्रिमंडल का अध्याय लगभग समाप्त हो गया है, जिसने पिछले डेढ़ दशक तक सरकार और पार्टी संगठन, दोनों की कमान संभाली थी।</p>
<p>कभी ममता की सबसे भरोसेमंद टीम का हिस्सा रहे मंत्री या तो विरोधी खेमे में जा चुके हैं, पार्टी से दूरी बना चुके हैं अथवा राजनीतिक रूप से हाशिये पर हैं। चंद्रिमा का जाना ममता के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। ममता के साथ अब केवल पूर्व मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय रह गए हैं। फिरहाद हकीम, अरूप बिश्वास अरूप राय व जावेद खान समेत अधिकांश पहले ही ममता का साथ छोड़ चुके हैं। ब्रात्य बसु और शशि पांजा फिलहाल चुप हैं।</p>
<p>सूत्रों का कहना है कि ममता-चंद्रिमा के मजबूत रिश्ते में दरार गत 22 जून को पड़ी थी, जब न्यूटाउन के एक होटल में ऋतब्रत गुट की बैठक में चंद्रिमा के पुत्र सौरव बोस शामिल हुए थे। उस समय चंद्रिमा ने कहा था कि यह उनके बेटे का व्यक्तिगत निर्णय है।</p>
<p>चंद्रिमा 2009 में कांग्रेस छोड़कर तृणमूल में शामिल हुई थीं। उन्हें पहले महिला तृणमूल की जिम्मेदारी सौंपी गई। 2012 में वह विधि राज्य मंत्री बनीं और बाद में स्वास्थ्य विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभाला। 2016 में उत्तर दमदम सीट से हारने के बाद ममता ने 2017 के उपचुनाव में उन्हें कांथी दक्षिण से लड़ाकर विधानसभा पहुंचाया। इसके बाद उन्हें स्वास्थ्य राज्य मंत्री के साथ-साथ ई-गवर्नेंस विभाग का स्वतंत्र प्रभार भी सौंपा गया।</p>
<p>सत्ता गंवाने के बाद ममता ने चंद्रिमा को सुब्रत बक्सी की जगह तृणमूल का प्रदेश अध्यक्ष बनाया। गत शुक्रवार को ऋतब्रत बंद्योपाध्याय के नेतृत्व में फिरहाद हाकिम, संदीपन साहा समेत कई नेता अस्थायी तृणमूल भवन पहुंचे और उसपर अपना नियंत्रण जताया। उस समय चंद्रिमा भी वहां मौजूद थीं, लेकिन कुछ देर बाद बिना किसी प्रतिरोध के वहां से चली गईं। इसके बाद ऋतब्रत गुट ने भवन पर ताला लगा दिया।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, चंद्रिमा के बिना विरोध जताए कार्यालय छोड़ने से ममता बेहद नाराज हुईं। इस्तीफा देने के बाद चंद्रिमा ने बताया कि ममता ने फोन पर उनसे कहा, 'तुमने पूरा भवन ही उनके हवाले कर दिया।</p>
<p>चंद्रिमा का कहना है कि जब विश्वास ही समाप्त हो गया तो पद पर बने रहने का कोई अर्थ नहीं था। इसके बाद उनका विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत के कक्ष में जाने ने नई अटकलों को जन्म दे दिया, हालांकि चंद्रिमा का कहना है कि उन्होंने अभी तक ऋतब्रत गुट की औपचारिक सदस्यता नहीं ली है और आगे का फैसला समय पर छोड़ दिया है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>उत्तराखंड: सीएम धामी ने 5 साल पूरे किए, 2035 तक विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य</title>
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<description><![CDATA[ उत्तराखंड उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के 5 साल पूरे कर लिए हैं. इस ऐतिहासिक मील के पत्थर पर उन्होंने राज्य के लिए एक बड़ा विजन सामने रखा है. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य साल 2035 तक उत्तराखंड को पूरी तरह से एक … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 10:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>उत्तराखंड:, सीएम, धामी, ने, साल, पूरे, किए, 2035, तक, विकसित, राज्य, बनाने, का, लक्ष्य</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उत्तराखंड</strong><br>
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के 5 साल पूरे कर लिए हैं. इस ऐतिहासिक मील के पत्थर पर उन्होंने राज्य के लिए एक बड़ा विजन सामने रखा है. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य साल 2035 तक उत्तराखंड को पूरी तरह से एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है.</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच साल पहले उन्हें देवभूमि की सेवा का मौका मिला था. तब से उनकी सरकार का सफर जनसेवा, सुशासन और समर्पण के सिद्धांतों पर ही आगे बढ़ रहा है.</p>
<p>सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड को डेवेलप करने के लिए बुनियादी ढांचे, निवेश और चौमुखी विकास पर खास ध्यान दिया जा रहा है. इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश में एक विशेष कार्यक्रम की शुरुआत की. इस कार्यक्रम का नाम 'सेवा, सुशासन और समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' रखा गया है.</p>
<p><strong>सीएम धामी ने बनाए कई रिकॉर्ड</strong><br>
पुष्कर सिंह धामी ने पहली बार 4 जुलाई 2021 को उत्तराखंड के 10वें मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाली थी. वो राज्य के इतिहास में पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले दूसरे मुख्यमंत्री बन गए हैं. उनसे पहले सिर्फ कांग्रेस के नारायण दत्त तिवारी (2002-07) ही अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा कर पाए थे.</p>
<p>इसके साथ ही धामी ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया है. वो उत्तराखंड में बीजेपी के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं. इससे पहले बीजेपी का कोई भी मुख्यमंत्री राज्य में पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर सका था. धामी साल 2021 में तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री बने थे. इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी को दोबारा शानदार जीत दिलाई और दोबारा मुख्यमंत्री बने.</p>
<p><strong>हमारा लक्ष्य सिर्फ कार्यकाल पूरा करना नहीं: मुख्यमंत्री</strong><br>
इस खास मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की जनता का आभार जताया. उन्होंने कहा, 'ये मील का पत्थर सिर्फ उत्सव मनाने का मौका नहीं है. ये उत्तराखंड को देश का बेस्ट स्टेट बनाने के हमारे अटूट संकल्प को और मजबूत करने का क्षण है. हमारा टारगेट सिर्फ सरकार का कार्यकाल पूरा करना नहीं है, बल्कि हमारा मकसद एक आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाना है. हम साल 2035 तक उत्तराखंड को एक पूर्ण विकसित राज्य में बदलने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं.'</p>
<p>इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, एजुकेशन, हेल्थ, पीने के पानी, सड़कें, कृषि, टूरिज्म, इंडस्ट्री, इन्वेस्टमेंट, स्वरोजगार और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर जोर दे रही है.</p>
<p><strong>उत्तराखंड को विकास योजनाओं की सौगात</strong><br>
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग और मार्गदर्शन के लिए उनका धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि जनता का प्यार और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है. सीएम धामी ने गर्व जताते हुए कहा कि उनकी सरकार ने राजनीति से ऊपर उठकर कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए, जिन्हें लेने का साहस पिछली सरकारें नहीं दिखा पाईं.</p>
<p>उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने, मदरसा बोर्ड को खत्म करने, उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की नींव रखने और देश के सबसे सख्त धर्मांतरण विरोधी और नकल विरोधी कानूनों को बनाने का जिक्र किया.</p>
<p>सीएम धामी ने इस मौके को और यादगार बनाते हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने देहरादून जिले के लिए 219 करोड़ रुपये से ज्यादा की 51 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया.</p>]]> </content:encoded>
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<title>विकास का नया सेतुः जब पिनगुंडा नाला पर बनी पुलिया ने बदली ओरछा की तकदीर</title>
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<description><![CDATA[ ​रायपुर अबूझमाड़ के दुर्गम अंचलों में जब मानसून दस्तक देता था, तो वह अपने साथ प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि ओरछा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के लिए दुश्वारियों का दौर भी लेकर आता था। हर साल बारिश के चार महीने यहाँ के लोगों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होते थे। लेकिन इस साल … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 10:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>विकास, का, नया, सेतुः, जब, पिनगुंडा, नाला, पर, बनी, पुलिया, ने, बदली, ओरछा, की, तकदीर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>​रायपुर</strong></p>
<p>अबूझमाड़ के दुर्गम अंचलों में जब मानसून दस्तक देता था, तो वह अपने साथ प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि ओरछा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के लिए दुश्वारियों का दौर भी लेकर आता था। हर साल बारिश के चार महीने यहाँ के लोगों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होते थे। लेकिन इस साल तस्वीर जुदा है। नारायणपुर के ओरछा क्षेत्र में पिनगुंडा नाला पर बनी नई बॉक्स पुलिया ने विकास की एक नई इबारत लिख दी है। यह पुलिया सिर्फ कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए खुशहाली और कनेक्टिविटी का एक नया 'लाइफलाइन' बन चुकी है।</p>
<p><strong>​संकट का सबब था पिनगुंडा नाला</strong></p>
<p>​पल्ली-छोटेडोंगर-ओरछा मार्ग पर स्थित पिनगुंडा नाला सालों से नारायणपुर और ओरछा के बीच एक अभेद्य दीवार बना हुआ था। मानसून के आते ही नाला उफान पर आ जाता, जिससे तहसील मुख्यालय ओरछा सहित दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट जाता था। उफनते नाले के कारण एम्बुलेंस नहीं आ पाती थी और गंभीर मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुँच पाते थे। नदी-नाले पार करने के जोखिम के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई हफ्तों बाधित रहती थी। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति ठप हो जाती थी और स्थानीय ग्रामीणों की कृषि उपज मंडियों तक नहीं पहुँच पाती थी।<br>
​<br>
<strong>258 लाख रुपए की लागत से मिला स्थायी समाधान</strong></p>
<p>​ग्रामीणों की इस दशकों पुरानी और बुनियादी समस्या को संवेदनशीलता से लेते हुए शासन द्वारा यहाँ एक सुदृढ़ पुलिया निर्माण की कार्ययोजना तैयार की गई। इस आधुनिक बॉक्स ब्रिज के बन जाने से बारिश के दिनों में भी नारायणपुर से ओरछा तक का मार्ग पूरी तरह निर्बाध और सुरक्षित हो गया है। घंटों का इंतजार और मीलों लंबा वैकल्पिक सफर अब गुजरे जमाने की बात हो गई है।</p>
<p><strong>​बदलाव की बयार: बहुआयामी लाभ  ​</strong></p>
<p>इस एकल परियोजना ने ओरछा क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। सुरक्षित और सुगम मार्ग मिलने से ग्रामीणों के ईंधन और कीमती समय, दोनों की बचत हो रही है। आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ अब बिना किसी रुकावट के सीधे गांवों तक पहुँच रही हैं। साथ ही शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन भी आसान हुआ है। इसके साथ ही कृषि उपजों और दैनिक उपभोग की वस्तुओं का परिवहन आसान होने से स्थानीय व्यापार को एक नई गति मिली है।</p>
<p>स्थानीय ​ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल नहीं, हमारा बेहतर भविष्य है। यह निर्माण उनके जीवन की सबसे बड़ी सौगातों में से एक है। सालों से हम इस नाले के सामने बेबस थे। बीमारों को खाट पर लादकर ले जाना पड़ता था। अब इस पुलिया के बनने से हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा डर दूर हो गया है। यह पुल सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के बेहतर भविष्य का रास्ता है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भारतीय शेयर बाजार में नई बुल रन की उम्मीद, मजबूत अर्थव्यवस्था से बनेगा तेजी का माहौल</title>
<link>https://atworldnews.in/9049</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली भारतीय शेयर बाजार पिछले कुछ समय से उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है, लेकिन अब कई ऐसे बड़े आर्थिक संकेत सामने आ रहे हैं, जो आने वाले सालों में बाजार के लिए नई तेजी यानी अगली &#039;बुल रन&#039; की नींव रख सकते हैं। मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि इस बार तेजी … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 10:03:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भारतीय, शेयर, बाजार, में, नई, बुल, रन, की, उम्मीद, मजबूत, अर्थव्यवस्था, से, बनेगा, तेजी, का, माहौल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
भारतीय शेयर बाजार पिछले कुछ समय से उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है, लेकिन अब कई ऐसे बड़े आर्थिक संकेत सामने आ रहे हैं, जो आने वाले सालों में बाजार के लिए नई तेजी यानी अगली 'बुल रन' की नींव रख सकते हैं। मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि इस बार तेजी केवल सस्ते पैसे या विदेशी निवेश के दम पर नहीं, बल्कि भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था, बढ़ती कॉर्पोरेट कमाई, घरेलू निवेशकों की ताकत और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती अहमियत के कारण देखने को मिल सकती है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।</p>
<p>पिछले कुछ सालों में भारतीय बाजार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया के तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, विदेशी निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली और रुपये में कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई थी। लेकिन, अब तस्वीर धीरे-धीरे बदलती नजर आ रही है। कई ऐसे मैक्रोइकोनॉमिक संकेत हैं, जो भारतीय शेयर बाजार के पक्ष में जाते दिख रहे हैं।</p>
<p>सबसे पहला बड़ा संकेत भारतीय रुपये की मजबूती और स्थिरता है। विदेशी निवेशक किसी भी देश में निवेश करने से पहले वहां की मुद्रा की स्थिति को काफी महत्व देते हैं। अगर रुपया स्थिर रहता है, तो विदेशी निवेशकों को मुद्रा में होने वाले नुकसान का डर कम रहता है। इसके साथ ही आयातित महंगाई पर भी कंट्रोल रहता है और कंपनियों के लिए भविष्य की लागत का अनुमान लगाना आसान हो जाता है। इससे निवेश का माहौल मजबूत होता है।</p>
<p>दूसरा बड़ा कारण भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) में कमी है। पिछले दो सालों में पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी रही। तेल की कीमतें बढ़ीं और सप्लाई चेन प्रभावित हुई। अब अगर यह तनाव कम होता है, तो वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और वे फिर से उभरते बाजारों, खासकर भारत की ओर रुख कर सकते हैं।</p>
<p>तीसरा और बेहद अहम कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में नरमी है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल सस्ता होने से देश का आयात बिल कम होता है, महंगाई घटती है, सरकार पर वित्तीय दबाव कम होता है और कंपनियों की लागत भी घटती है। इससे मैन्युफैक्चरिंग, ट्रांसपोर्ट, केमिकल और FMCG जैसे कई सेक्टरों की कमाई बढ़ सकती है। साथ ही महंगाई कंट्रोल में रहने पर RBI के पास ब्याज दरों को लेकर अधिक लचीलापन रहता है, जिससे आर्थिक विकास को और गति मिल सकती है।</p>
<p>चौथा और सबसे मजबूत संकेत घरेलू निवेशकों की बढ़ती ताकत है। पहले भारतीय शेयर बाजार काफी हद तक विदेशी निवेशकों (FPI) पर निर्भर रहता था, जब भी विदेशी निवेशक बिकवाली करते थे, बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिलती थी। लेकिन, अब स्थिति बदल चुकी है। SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए हर महीने म्यूचुअल फंड में आने वाला पैसा लगातार बढ़ रहा है। करोड़ों भारतीय अब नियमित निवेश कर रहे हैं, जिससे घरेलू निवेश बाजार को मजबूती मिल रही है। यही वजह है कि हाल के सालों में FPI की बिकवाली के बावजूद भारतीय बाजार अपेक्षाकृत मजबूत बना रहा।</p>
<p>एक्सपर्ट का मानना है कि अगर आने वाले महीनों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम होती है या वे फिर से खरीदारी शुरू करते हैं, तो भारतीय बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है। मजबूत रुपया, सस्ता कच्चा तेल, घटता वैश्विक तनाव और घरेलू निवेशकों की लगातार भागीदारी मिलकर बाजार को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।</p>
<p>हालांकि, निवेशकों को यह भी याद रखना चाहिए कि शेयर बाजार कभी भी सीधी रेखा में नहीं चलता। बीच-बीच में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे और कुछ शेयरों का मूल्यांकन (Valuation) अभी भी महंगा माना जा रहा है। इसलिए केवल तेजी की उम्मीद में बिना रिसर्च के निवेश करना सही नहीं होगा। अच्छी गुणवत्ता वाली कंपनियों में लंबे समय के नजरिए से निवेश करना और पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखना हमेशा बेहतर रणनीति मानी जाती है।</p>
<p>मौजूदा आर्थिक संकेत यह इशारा कर रहे हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था पहले से अधिक मजबूत स्थिति में है। अगर यही रुझान आगे भी जारी रहता है, तो आने वाले सालों में भारतीय शेयर बाजार की अगली बड़ी बुल रन (Bull Run) की शुरुआत इसी दौर से मानी जा सकती है। निवेशकों के लिए यह समय बाजार की दिशा को समझने और लंबी अवधि की रणनीति बनाने का हो सकता है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>यूपी में गन्ना किसानों के लिए सामाजिक सुरक्षा महाअभियान: 6 से 11 जुलाई तक विशेष नामांकन</title>
<link>https://atworldnews.in/9048</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार किसानों को लेकर बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच देने की दिशा में बड़ा अभियान चलेगा। 6 से 11 जुलाई तक प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में विशेष सामाजिक सुरक्षा जागरूकता एवं नामांकन … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 10:03:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यूपी, में, गन्ना, किसानों, के, लिए, सामाजिक, सुरक्षा, महाअभियान:, से, जुलाई, तक, विशेष, नामांकन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार किसानों को लेकर बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच देने की दिशा में बड़ा अभियान चलेगा। 6 से 11 जुलाई तक प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में विशेष सामाजिक सुरक्षा जागरूकता एवं नामांकन महाअभियान चलाया जाएगा। अभियान में गांव-गांव अधिकारी जाएंगे। इसके माध्यम से लाखों गन्ना किसान परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई) सहित भारत सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। अभियान का उद्देश्य किसानों की आर्थिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन और सामाजिक स्थिरता को मजबूत करना है।</p>
<p>योगी सरकार का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का व्यापक विस्तार किसानों को दुर्घटना, आकस्मिक मृत्यु और वृद्धावस्था जैसी परिस्थितियों में आर्थिक संबल प्रदान करेगा। इससे किसान परिवारों की आय सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन मजबूत होगा। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता मिलेगी। योगी सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र गन्ना किसान परिवार इन योजनाओं से जुड़ें और प्रत्येक किसान परिवार सुरक्षित, सशक्त तथा आत्मनिर्भर बने। यही अभियान 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को नई गति देने के साथ किसानों के समग्र कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>
<p><strong>गन्ना समितियां निभाएंगी नई भूमिका</strong><br>
प्रदेश की सहकारी गन्ना विकास समितियां इस अभियान की प्रमुख कड़ी होंगी। वर्षों से किसानों के साथ जुड़े विश्वास को सामाजिक सुरक्षा अभियान से जोड़ा जाएगा। समितियां योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगी, किसानों को जागरूक करेंगी, पात्र लाभार्थियों का नामांकन कराएंगी और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे गन्ना समितियां किसान सेवा के साथ सामाजिक सुरक्षा की प्रभावी संस्थागत व्यवस्था के रूप में भी स्थापित होंगी।</p>
<p><strong>समिति परिसरों में लगेंगे सहायता एवं नामांकन केंद्र</strong><br>
अभियान के दौरान प्रत्येक सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में बैंकों, इफ्को, चीनी मिलों और अन्य सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से विशेष सहायता एवं नामांकन काउंटर स्थापित किए जाएंगे। किसानों को एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, पात्रता का सत्यापन, दस्तावेजों की जांच, बैंकिंग सहायता और तत्काल नामांकन की सुविधा मिलेगी। नए सदस्य पंजीकरण, बैंक खाते खोलने तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।</p>
<p><strong>महिला और किसानों पर रहेगा फोकस</strong><br>
अभियान में महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीण महिला किसानों को बीमा, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के साथ उन्हें वित्तीय निर्णयों में अधिक सक्षम बनाने का प्रयास किया जाएगा। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।</p>
<p><strong>गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता अभियान</strong><br>
गन्ना पर्यवेक्षक, समिति सचिव और विभागीय अधिकारी गांवों में जनसंपर्क कर किसानों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के साथ गन्ना विकास विभाग, इफ्को तथा चीनी मिलों द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं की भी जानकारी देंगे। अधिक से अधिक पात्र परिवारों का नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। ग्राम सभाओं और किसान गोष्ठियों का भी आयोजन किया जाएगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भारत में ड्रोन डिलीवरी का विस्तार: लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बड़ा बदलाव शुरू</title>
<link>https://atworldnews.in/9047</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  भारत के शहरी आसमान में अब ड्रोन सिर्फ एक तकनीकी अजूबा नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स का एक विश्वसनीय हिस्सा बन चुके हैं। भारत के शहरी क्षेत्रों में ड्रोन पहले से ही दवाइयां, निदान उपकरण, पार्सल और ई-कॉमर्स शिपमेंट पहुंचा रहे हैं। सरकार के ड्रोन नियम 2021, पीएलआई (PLI) योजना और &#039;डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म&#039; जैसे … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 10:02:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भारत, में, ड्रोन, डिलीवरी, का, विस्तार:, लॉजिस्टिक्स, सेक्टर, में, बड़ा, बदलाव, शुरू</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 भारत के शहरी आसमान में अब ड्रोन सिर्फ एक तकनीकी अजूबा नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स का एक विश्वसनीय हिस्सा बन चुके हैं। भारत के शहरी क्षेत्रों में ड्रोन पहले से ही दवाइयां, निदान उपकरण, पार्सल और ई-कॉमर्स शिपमेंट पहुंचा रहे हैं।</p>
<p>सरकार के ड्रोन नियम 2021, पीएलआई (PLI) योजना और 'डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म' जैसे कदमों ने इस तकनीक को प्रयोगशाला से निकालकर सीधे कमर्शियल मार्केट में उतार दिया है।</p>
<p>लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञों के अनुसार, भारत का क्विक-कॉमर्स (10 मिनट डिलीवरी) बाजार 10 अरब डॉलर को पार कर चुका है। ऐसे में जमीनी ट्रैफिक और डिलीवरी ड्राइवरों के बढ़ते खर्च (ईंधन, रखरखाव, कमीशन) से निपटने के लिए ड्रोन एक गेम-चेंजर साबित हो रहे हैं।</p>
<p>दरअसल, ड्रोन को खराब सड़कों या ट्रैफिक की परवाह नहीं होती, इससे डिलीवरी लागत काफी कम हो जाती है। इसका सबसे बड़ा फायदा टियर-2 शहरों और ग्रामीण भारत को मिल रहा है, जहां बुनियादी ढांचे की कमी के कारण दवाइयां और जरूरी सामान समय पर नहीं पहुंच पाते थे।</p>
<p><strong>क्या खतरे में है डिलीवरी राइडर्स की नौकरी?</strong><br>
विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रोन फिलहाल इंसानी कामगारों की जगह नहीं ले सकते। भारत के ई-कॉमर्स सेक्टर को संभालने वाले लाखों गिग वर्कर्स केवल पैकेज नहीं पहुंचाते, वे पते का सत्यापन करते हैं, कैश-ऑन-डिलीवरी संभालते हैं और ग्राहकों की समस्याओं का तुरंत समाधान करते हैं।</p>
<p>ड्रोन के आने से एविएशन सेक्टर में नए रोजगार भी पैदा हो रहे हैं, इससे रिमोट पायलट, मेंटेनेंस इंजीनियर और सॉफ्टवेयर डेवलपर। निष्कर्ष यह है कि ड्रोन मानव श्रम को पूरी तरह खत्म करने के बजाय उसके पूरक बनेंगे।</p>
<p>कुल मिलाकर भारत में ड्रोन डिलीवरी का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह अंतिम मील तक सामान पहुंचाने वाले राइडर की जगह ले सकता है? क्या इससे लाखों डिलीवरी कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है।</p>
<p>इसका जवाब है नहीं, क्योंकि ड्रोन के प्रचलन में आ जाने से सिर्फ आपके नियमित मेडिकल सप्लाई और गोदामों में सामान का ट्रांसफर ही इससे होगा। जबकि आपके दरवाजे तक सामान पहुंचाने का जिम्मा अभी भी डिलीवरी राइडर्स के पास ही रहेगा।</p>
<p>उद्योग के हालिया अनुमानों के अनुसार, भारत का लॉजिस्टिक्स बाजार 2033 तक लगभग दोगुना हो सकता है, जिसमें ड्रोन डिलीवरी विशेष अंतिम-मील संचालन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने की उम्मीद है।</p>
<p>एडजिस्टिफाई के सह-संस्थापक और सीईओ उमंग शुक्ला के अनुसार, सबसे बड़ा बदलाव यह है कि ड्रोन डिलीवरी को अब प्रयोग के रूप में नहीं देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, "भारत में ड्रोन डिलीवरी अब जिज्ञासा का विषय नहीं रह गई है, बल्कि लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में एक विश्वसनीय हिस्सा बन गई है।"</p>
<p>शुक्ला ने बताया कि नियामकों ने पहले ही चुनिंदा बीवीएलओएस कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है, जबकि वाणिज्यिक ऑपरेटर अलग-थलग प्रदर्शनों के बजाय सार्थक पैमाने पर स्वायत्त डिलीवरी चला रहे हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दिल्ली के कनॉट प्लेस में बनेगा हाईटेक ‘खादी भवन’, AI से होगी ड्रेस कस्टमाइजेशन की सुविधा</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली कनॉट प्लेस की रीगल बिल्डिंग में खादी और ग्रामोद्योग आयोग ( KVIC ) का एक नया और आधुनिक &#039; खादी भवन &#039; तैयार होने जा रहा है। इस साल के अंत तक बनकर तैयार होने वाले इस चार मंजिला खादी भवन में ग्राहकों को मैकेनाइज्ड फ्लोर सहित कई आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इसकी एक … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 09:33:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली, के, कनॉट, प्लेस, में, बनेगा, हाईटेक, ‘खादी, भवन’, से, होगी, ड्रेस, कस्टमाइजेशन, की, सुविधा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong><br>
कनॉट प्लेस की रीगल बिल्डिंग में खादी और ग्रामोद्योग आयोग ( KVIC ) का एक नया और आधुनिक ' खादी भवन ' तैयार होने जा रहा है। इस साल के अंत तक बनकर तैयार होने वाले इस चार मंजिला खादी भवन में ग्राहकों को मैकेनाइज्ड फ्लोर सहित कई आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इसकी एक और बड़ी खासियत यह होगी मनोज गोयल कि यहां आने वाले ग्राहक पहली बार खरीदारी के साथ साथ एक बेहतरीन कैफे हाउस का भी आनंद ले सकेंगे।</p>
<p><strong>कस्टमाइजेशन की सुविधा</strong><br>
KVIC के चेयरमैन मनोज गोयल ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी (Gen-Z) की पसंद और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए खादी के पहनावे मैं बड़ा बदलाव किया जा रहा है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग की ये तमाम उपलब्धियां प्रधानमंत्री के विजन का परिणाम हैं। इसी के तहत खादी भवन में पहली बार ग्राहकों को कस्टमाइजेशन की सुविधा दी जा रही है। यदि किसी ग्राहक को अपनी पसंद के अनुसार ड्रेस में कोई विशेष डिजाइन या फिटिंग करवानी है, तो वह वहीं पर मौजूद विशेष सेक्शन में इसके बारे में बता सकता है।</p>
<p><strong>मनपसंद ड्रेस सिलवा सकेंगे</strong><br>
यहां महिला और पुरुष दोनों के लिए अलग-अलग फैब्रिकेटर तैनात रहेंगे। ग्राहकों की पसंद को और अधिक आधुनिक रूप देने के लिए यहां AI तकनीक की मदद भी ली जाएगी। ग्राहक अपनी पसंद का खादी कपड़ा खरीदकर AI द्वारा तैयार डिजाइनों के आधार पर अपनी मनपसंद ड्रेस सिलवा सकते हैं। बेहतरीन डिजाइनिंग के लिए नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) और सेंटर ऑफ एक्सिलेंस फॉर खादी (COEK) के विशेषज्ञ डिजाइनर और फैब्रिकेटर हमेशा इस खादी भवन में मौजूद रहेंगे।</p>
<p><strong>हथकरघा उत्पाद भी मिलेंगे</strong><br>
नए खादी मॉल में कपड़ों के अलावा ग्रामोद्योग के अन्य सामान भी पहले से कहीं अधिक वैरायटी में उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, खादी भवन में देश के दूर-दराज के इलाकों से लाए गए हथकरघा उत्पाद भी मिलेंगे, जिनमें लकड़ी और बांस के अनोखे सामानों के साथ-साथ विशेष रूप से कमल के फूल से बने दुर्लभ रेशमी कपड़े भी शामिल हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>यूपी में बदला मौसम: कई जिलों में बारिश का अलर्ट, आंधी&#45;तूफान की चेतावनी जारी</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ  उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। वहीं, कई जगहों पर लोग अभी भी गर्मी का सामना कर रहे हैं। मौसम विभाग की तरफ से आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है। … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 09:33:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यूपी, में, बदला, मौसम:, कई, जिलों, में, बारिश, का, अलर्ट, आंधी-तूफान, की, चेतावनी, जारी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
 उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। वहीं, कई जगहों पर लोग अभी भी गर्मी का सामना कर रहे हैं। मौसम विभाग की तरफ से आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है।</p>
<p>मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश के संभावना जताई गई है। वहीं, कई हिस्सों में आंधी-तूफान का भी अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।</p>
<p><strong>यूपी में बारिश का अलर्ट</strong><br>
मौसम विभाग आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई जगहों पर मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।</p>
<p>पूर्वी उत्तर प्रदेश: मौसम विभाग ने प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 5 से 7 जुलाई के दौरान हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, 8 से 11 जुलाई तक इस हिस्से में झमाझम बारिश हो सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।</p>
<p>पश्चिमी उत्तर प्रदेश: प्रदेश के इस हिस्से में 5 से 8 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है। वहीं, 9 से 11 जुलाई के बीच मानसून बढ़ने से पश्चिमी हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।</p>
<p><strong>तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का अलर्ट</strong><br>
मौसम विभाग के अनुसार, पूरे प्रदेश में 5 जुलाई को आंधी-तूफान के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, 6 से 8 जुलाई को पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>PM मोदी का बड़ा रणनीतिक दांव! इंडोनेशिया के साबांग पोर्ट पर हुई डील, 6&#45;8 जुलाई पर टिकीं निगाहें</title>
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<description><![CDATA[ जकार्ता  पीएम मोदी  6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया की यात्रा पर रहेंगे. ये दौरा समंदर सिक्योरिटी सिस्टम के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है. उनकी इस यात्रा के पीछे सिर्फ दो देशों के पुराने रिश्ते नहीं हैं, बल्कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का वो सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक है, जिसकी स्क्रिप्ट पिछले … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 09:32:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मोदी, का, बड़ा, रणनीतिक, दांव, इंडोनेशिया, के, साबांग, पोर्ट, पर, हुई, डील, 6-8, जुलाई, पर, टिकीं, निगाहें</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जकार्ता</strong><br>
 पीएम मोदी  6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया की यात्रा पर रहेंगे. ये दौरा समंदर सिक्योरिटी सिस्टम के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है. उनकी इस यात्रा के पीछे सिर्फ दो देशों के पुराने रिश्ते नहीं हैं, बल्कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का वो सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक है, जिसकी स्क्रिप्ट पिछले कुछ सालों से लिखी जा रही थी. भारत और इंडोनेशिया के बीच वैसे तो कई समझौतों पर बातचीत चल रही है, लेकिन डिफेंस एक्सपर्ट्स से लेकर चीन तक, हर किसी की नजर सिर्फ एक ही प्रोजेक्ट पर टिकी है और वो है इंडोनेशिया का <strong>‘साबांग पोर्ट’. जिससे समंदर का पूरा खेल ही पलट जाएगा। </strong></p>
<p><strong>साबांग पोर्ट: आखिर क्या है इस बंदरगाह की पूरी कहानी?</strong><br>
इंडोनेशिया के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी पिछले कुछ सालों में बहुत ज्यादा गहरी हुई है लेकिन इस पूरी पार्टनरशिप का जो सबसे कीमती ‘हीरा’ है, वो है साबांग पोर्ट प्रोजेक्ट. सबांग इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप के बिल्कुल उत्तरी छोर पर स्थित एक छोटा सा बंदरगाह है. दिखने में ये जगह बहुत शांत और साधारण लग सकती है, लेकिन जब आप इसे दुनिया के नक्शे पर देखेंगे तो आपको समझ आएगा कि ये कोई मामूली बंदरगाह नहीं है. ये ठीक उसी जगह पर मौजूद है जहां से दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता ‘मलक्का स्ट्रेट’ शुरू होता है। </p>
<p>भारत की अंडमान और निकोबार द्वीप श्रृंखला से साबांग पोर्ट की दूरी महज 150 किलोमीटर के आसपास है. यानी भारत के अपने नेवल बेस से ये जगह इतनी पास है कि भारतीय नौसेना बहुत ही कम समय में यहां अपनी मौजूदगी दर्ज करा सकती है. पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान साबांग पोर्ट के कमर्शियल और मिलिट्री इस्तेमाल को लेकर जो ब्लूप्रिंट फाइनल हो रहा है, उसने चीन की रातों की नींद उड़ा दी है. भारत यहां केवल पैसे नहीं लगा रहा है, बल्कि वो इस पूरे इलाके की सुरक्षा का जिम्मा अपने हाथों में लेने की तैयारी कर रहा है। </p>
<p><strong>मलक्का स्ट्रेट का वो सच, जिससे चीन को आते हैं बुरे सपने</strong><br>
अब सवाल ये उठता है कि आखिर इस साबांग पोर्ट और मलक्का स्ट्रेट से चीन का क्या लेना-देना है और वो इससे इतना क्यों घबरा रहा है? इस बात को समझने के लिए हमें चीन की सबसे बड़ी कमजोरी को जानना होगा. चीन आज भले ही दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और अपनी सेना के दम पर पूरी दुनिया को आंखें दिखाता है, लेकिन उसकी लाइफलाइन एक बहुत ही संकरे समुद्री रास्ते के भरोसे टिकी है, जिसे मलक्का जलडमरूमध्य या चीन का ‘मलक्का डिलेमा’ कहते हैं. यs इंडोनेशिया और मलेशिया के बीच स्थित एक बेहद पतली समुद्री पट्टी है। </p>
<p>चीन जितना भी कच्चा तेल खाड़ी देशों और अफ्रीका से खरीदता है, उसका लगभग 80% हिस्सा इसी मलक्का स्ट्रेट से होकर चीन के बंदरगाहों तक पहुंचता है. इसके अलावा चीन दुनिया भर में जो अपना माल एक्सपोर्ट करता है, उसका भी एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. आप इसे ऐसे समझ सकते हैं कि अगर मलक्का स्ट्रेट चीन के लिए एक गले की नली की तरह है, जिसके बिना न तो उसे खाना मिल सकता है और न ही वो सांस ले सकता है. अगर कभी ये रास्ता बंद हो गया, तो चीन की पूरी इंडस्ट्री और उसकी अर्थव्यवस्था ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी। </p>
<p><strong>चीन का ‘मलक्का डिलेमा’ और साबांग पोर्ट पर भारत का पहरा</strong><br>
चीन के पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ ने सालों पहले एक शब्द का इस्तेमाल किया था- ‘मलक्का डिलेमा’ (मलक्का का धर्मसंकट). चीन को हमेशा से ये डर सताता रहा है कि अगर कभी भारत या अमेरिका के साथ उसका कोई बड़ा युद्ध या विवाद होता है तो भारतीय नौसेना अपनी भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर मलक्का स्ट्रेट के मुहाने को पूरी तरह ब्लॉक कर देगी. अगर ऐसा हुआ तो चीन का पूरा व्यापार ठप हो जाएगा और उसकी सेना बिना तेल के कमजोर पड़ जाएगी. चीन का यही सबसे बड़ा डर है जिसे ‘मलक्का डिलेमा’ कहा जाता है। </p>
<p>अब सोचिए इसी मलक्का स्ट्रेट के ठीक एंट्री पॉइंट पर स्थित साबांग पोर्ट को जब भारत डेवलप कर रहा है, तो इसका क्या मतलब हुआ? इसका सीधा सा मतलब यह है कि साबांग पोर्ट पर भारत की मजबूत मौजूदगी सीधे तौर पर चीन की इस सबसे बड़ी कमजोरी पर भारत का एक पक्का पहरा बिठा देती है. इस बंदरगाह के पूरी तरह एक्टिव होने के बाद भारतीय नौसेना मलक्का स्ट्रेट से गुजरने वाले चीन के हर एक जहाज, हर एक सबमरीन और हर एक हरकत पर चौबीसों घंटे सीधी नजर रख पाएगी. ये चीन के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है क्योंकि अब तक वो हिंद महासागर में भारत को घेरने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पीएम मोदी ने इंडोनेशिया के साथ मिलकर चीन को उसी के रास्ते पर घेर लिया है। </p>
<p><strong>पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा जियोपॉलिटिक्स की नई स्क्रिप्ट</strong><br>
पीएम मोदी की इस इंडोनेशिया यात्रा के दौरान जब साबांग पोर्ट पर अंतिम मुहर लग रही है तो ये पूरी दुनिया को एक बहुत बड़ा मैसेज दे रहा है. अब तक चीन ये सोचता था कि वो अपनी आर्थिक ताकत के दम पर एशिया के छोटे देशों को डराकर रख सकता है लेकिन इंडोनेशिया जैसे बड़े और प्रभावशाली मुस्लिम बहुल देश ने भारत के साथ हाथ मिलाकर ये साफ कर दिया है कि वो इस इलाके में किसी एक देश की दादागिरी को स्वीकार नहीं करेगा. भारत और इंडोनेशिया का ये साथ ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ की असली ताकत को दिखाता है। </p>
<p>इस यात्रा के जरिए भारत न केवल साबांग पोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रहा है, बल्कि दोनों देशों के बीच मैरीटाइम कोऑपरेशन को एक नए लेवल पर ले जा रहा है. आने वाले समय में अगर भारतीय नौसेना के जहाजों को साबांग पोर्ट पर लॉजिस्टिक सपोर्ट और रीफ्यूलिंग की सुविधा मिल जाती है तो चीन के लिए हिंद महासागर और मलक्का स्ट्रेट के आसपास मनमानी करना नामुमकिन हो जाएगा. पीएम मोदी की ये चाल बताती है कि भारत अब डिफेंसिव नहीं, बल्कि ऑफेंसिव कूटनीति पर चल रहा है और चीन की हर चाल का जवाब उसके अपने ही इलाके में जाकर दे रहा है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट: 60 किमी/घंटा तक तेज हवाओं की चेतावनी</title>
<link>https://atworldnews.in/9043</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली दिल्ली से लेकर तमिलनाडु तक बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। इस बीच मौसम विभाग ने 15 राज्यों में अगले 10 घंटे के अंदर भीषण बारिश, आंधी और तूफान का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में बारिश के दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिसकी रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 09:32:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>राज्यों, में, भारी, बारिश, का, अलर्ट:, किमीघंटा, तक, तेज, हवाओं, की, चेतावनी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
दिल्ली से लेकर तमिलनाडु तक बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। इस बीच मौसम विभाग ने 15 राज्यों में अगले 10 घंटे के अंदर भीषण बारिश, आंधी और तूफान का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में बारिश के दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिसकी रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। इसलिए लोगों से अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। इन हवाओं से किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है। आइए बताते हैं कि किन 15 राज्यों के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।</p>
<p><strong>इन 15 राज्यों में अलर्ट</strong><br>
    दिल्ली<br>
    उत्तर प्रदेश<br>
    बिहार<br>
    राजस्थान<br>
    महाराष्ट्र<br>
    मध्य प्रदेश<br>
    पश्चिम बंगाल<br>
    तमिलनाडु<br>
    हिमाचल प्रदेश<br>
    उत्तराखंड<br>
    झारखंड<br>
    छत्तीसगढ़<br>
    ओडिशा<br>
    असम<br>
    त्रिपुरा</p>
<p><strong>दिल्ली-एनसीआर में कल कैसा रहेगा मौसम</strong><br>
    दिल्ली-NCR (6 जुलाई- भारी बारिश का अलर्ट): सिविल लाइंस, दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) कैंपस क्षेत्र, कमला नगर , मुखर्जी नगर, मॉडल टाउन, आजादपुर , सदर बाजार, कश्मीरी गेट सहित पूरे उत्तरी दिल्ली और ग्रेटर कैलाश, वसंत कुंज, वसंत विहार, डिफेंस कॉलोनी, हौज खास, पंचशील पार्क, आनंद लोक सहित दक्षिणी दिल्ली के कई इलाकों में कल यानी 6 जुलाई को बारिश और आंधी तूफान का अलर्ट है। इसके साथ ही लक्ष्मी नगर, पटपड़गंज, मयूर विहार, प्रीत विहार, आनंद विहार, कृष्णा नगर, गांधी नगर, शाहदरा, सीलमपुर, त्रिलोकपुरी, कोंडली, मंडावली, पांडव नगर, वसुंधरा एन्क्लेव और दिलशाद गार्डन सहित पूर्वी दिल्ली में भी झमाझम की चेतावनी है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में कल अधिकतम तापमान 37 डिग्री तो वहीं न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।</p>
<p><strong>उत्तर प्रदेश में कल कैसा रहेगा</strong><br>
    यूपी (6 जुलाई- तेज हवाएं, बारिश): देवरिया, मऊ, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, बरेली, पीलीभीत, बहराइच और श्रावस्ती में भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग ने बिजनौर, मेरठ, अमरोहा, हापुड़, मोरादाबाद, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, इटावा, ओरैया, कन्नौज, हरदोई, उन्नाव, कानपुर में भी भीषण बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसके साथ ही गौतमबुद्ध नगर, शामली, शाहजहांपुर, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, जौनपुर, कौशांबी सहित यूपी के कई जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट है। राजधानी लखनऊ में कल अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तो वहीं न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।</p>
<p><strong>बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम</strong><br>
    बिहार (6 जुलाई- रेड अलर्ट जारी): गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, जहानाबाद, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, गया, बांका, जमुई, लखीसराय, अरवल में भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, पटना, बक्सर, भोजपुर, बेगुसराय, सहरसा, मुंगेर, भागलपुर, मधेपुरा, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, अररिया, किशनगंज में भी हल्की बारिश की चेतावनी है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। राजधानी पटना में कल अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तो वहीं न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।</p>
<p>महाराष्ट्र में कल कैसा रहेगा मौसम<br>
    महाराष्ट्र (6 जुलाई- रेड अलर्ट जारी): एक तरफ मुंबई के अंधेरी, मरीन ड्राइव, वसई-विरार, विवा कॉलेज रोड, आचोले रोड, सेंट्रल पार्क, विजय नगर–नागिनदास पाड़ा, गाला नगर, तुलिंज ब्रिज के आसपास भारी बारिश का अलर्ट है तो वहीं महाराष्ट्र के दूसरे जिले सतारा, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, पुणे, अहमदनगर, ठाणे, पालघर, रायगढ़, भिवंडी, नागपुर, भंडारा-गोंदिया, चंदरपुर, गढ़चिरौली में भी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मुंबई में कल अधिकतम और न्यूनतमा तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा।</p>
<p><strong>राजस्थान में कल कैसा रहेगा मौसम</strong><br>
    राजस्थान (6 से 11 जुलाई- आंधी-बारिश तूफान): अगले 5 से 7 दिनों तक जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, श्री गंगानगर में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट है। वही, जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनूं, चुरू, हनुमानगढ़, अलवर, भरतपुर, दौसा, धोलपुर, सवाईं माधोपुर, टोंक, भीलवाड़ा, बूंदी, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, सिरोही में भी जमकर बारिश होगी। इन जिलों में 41 से 61 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। राजधानी जयपुर में कल अधिकतम तापमान 36 डिग्री तो वहीं न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।</p>
<p><strong>मध्य प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम</strong><br>
    मध्य प्रदेश (6 से 10 जुलाई- भारी बारिश की संभावना): धार, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, बुरहानपुर में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, विदिशा, रायसेन, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, गुना, नरसिंहपुर, सागर, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, जबलपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, सिवनी, डिंडोरी, दमोह, पन्ना, रीवा, सतना में भी झमाझम की चेतावनी है। इन जिलों में 41 से 61 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 30 डिग्री तो वहीं, न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।</p>
<p><strong>पश्चिम बंगाल में कल कैसा रहेगा मौसम</strong><br>
    पश्चिम बंगाल (6 जुलाई- हल्की बारिश होगी): कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, पूर्व और पश्चिम बर्दवान दक्षिण 24 परगना, पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, मालदा, झाड़ग्राम, बांकुरा, पुरुलिया, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार,कूच-बिहार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, नादिया, पूर्वी बर्धमान, पश्चिमी बर्धमान और हुगली में हल्की बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कोलकाता में कल न्यूनतम तापमान 28 और अधिकतम तापमान 30 डिग्री रहने का अनुमान है।</p>
<p><strong>तमिलनाडु में कल कैसा रहेगा मौसम</strong><br>
    तमिलनाडु (6 से 10 जुलाई- भारी बारिश के आसार): तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अगले छह दिनों तक बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा मौसम बुलेटिन में कहा है कि 10 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है। चेन्नई के लिए मौसम विभाग ने आंशिक रूप से बादल छाए रहने और शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। कल चेन्नई का अधिकतम तापमान 37 डिग्री तो वहीं न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>80 साल से समुद्र में दफन ‘गोल्ड सबमरीन’, क्या आज भी अंदर सुरक्षित है दो टन सोना?</title>
<link>https://atworldnews.in/9042</link>
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<description><![CDATA[ टोक्यो  साल 1944 की गर्मियों में एक पनडुब्बी अटलांटिक महासागर में उतरी और फिर किसी जादुई कहानी की तरह गायब हो गई। इसके बाद कई दशक तक इसके सही ठिकाने का पता नहीं चल पाया। I-52 नाम की इस जापानी पनडुब्बी I-52 में क्रू के अलावा जर्मनी भेजा जा रहा सोना, दूसरे सामान और मेडिकल … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 09:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>साल, से, समुद्र, में, दफन, ‘गोल्ड, सबमरीन’, क्या, आज, भी, अंदर, सुरक्षित, है, दो, टन, सोना</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>टोक्यो</strong><br>
 साल 1944 की गर्मियों में एक पनडुब्बी अटलांटिक महासागर में उतरी और फिर किसी जादुई कहानी की तरह गायब हो गई। इसके बाद कई दशक तक इसके सही ठिकाने का पता नहीं चल पाया। I-52 नाम की इस जापानी पनडुब्बी I-52 में क्रू के अलावा जर्मनी भेजा जा रहा सोना, दूसरे सामान और मेडिकल सप्लाई थी। इसमें दो टन सोना लदे होने का अनुमान था। ऐसे में इसे गोल्ड सबमरीन कहा गया। आखिरकार खोजकर्ता 1995 में समुद्र के 3 मील नीचे उस जगह पहुंचे, जहां इसका मलबा था।</p>
<p>खोजकर्ताओं ने देखा कि 50 साल से ज्यादा समय बाद पनडुब्बी का ज्यादातर हिस्सा सीधा खड़ा था। इससे दूसरे विश्व युद्ध की सबसे अनोखी समुद्री कहानियों में से एक सुरक्षित रही और अंदर मौजूद खजाने के बारे में बिना जवाब वाले सवाल पीछे छूट गए। हालांकि यह अभी एक रहस्य बना हुआ है कि क्या कीमती सोना आज भी इस मबले के भीतर है या नहीं।</p>
<p><strong>I-52 कैसे जापान की कीमती पनडुब्बी</strong><br>
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 1944 तक जापान और जर्मनी के बीच व्यापारिक जहाजों का आना-जाना बहुत मुश्किल हो गया था। दूसरे विश्व युद्ध में मित्र देशों की नौसेना के दबदबे की वजह से सतह पर चलने वाले जहाजों के यूरोप पहुंचने से पहले पकड़े जाने का खतरा था। ऐसे में दोनों देश लंबी दूरी तक जाने वाली पनडुब्बियों पर निर्भर हुए, जो हजारों मील के खतरनाक पानी में कीमती सामान ले जाती थीं।</p>
<p>I-52 को बड़ी ट्रांसपोर्ट पनडुब्बी के तौर पर बनाया गया था। यह गायब होने से पहले जापान से निकली और अपना सामान लोड करने के लिए सिंगापुर रुकी। सामान में टिन, टंगस्टन और मोलिब्डेनम जैसी धातुएं, प्राकृतिक रबर, कुनैन और अफीम शामिल थे, जिनका इस्तेमाल सेना के लिए किया जाना था। इसके सबसे कीमती सामान में करीब दो टन सोना था, जिसे 146 बार (ईंटों) में पैक किया गया था।</p>
<p><strong>वे मैसेज जिनसे I-52 का पता चला</strong><br>
I-52 सबमरीन काअटलांटिक में घुसने से पहले ही ब्रिटिश और अमेरिकी कोडब्रेकर्स जर्मन और जापानी नेवल कम्युनिकेशन को पढ़ने में कामयाब रहे थे। उनको पता चल गया कि I-52 के जर्मन सबमरीन U-530 से कहां मिलेगी और ट्रांसफर कब होगा। 23 जून 1944 की देर शाम I-52 अटलांटिक के बीच में U-530 से मिलने के लिए सतह पर आई</p>
<p>इसी दौरान बोग के एयरक्राफ्ट ऊपर पहुंच गए। इसके बाद जापानी सबमरीन पर भीषण हमला हुआ। अगले दिन तक अमेरिकी जहाजों को समुद्र में तैरता हुआ मलबा और बड़ी मात्रा में रबर मिला, जिससे पुष्टि हुई कि सबमरीन नष्ट हो गई थी। U-530 बिना पकड़े गए बच निकला। I-52 पर सवार सभी 109 लोग मारे गए।</p>
<p><strong>पनडुब्बी पर बना रहा रहस्य</strong><br>
युद्ध के समय यह तो पक्का था कि पनडुब्बी डूब गई है लेकिन किसी को ठीक-ठीक नहीं पता था कि वह कहां है। हमला रात में, खराब मौसम में और किसी भी तट से बहुत दूर हुआ था, जिससे ये पनडुब्बी दुनिया की नजरों से गायब रही। दशकों तक इसे खोजने की कोशिश हुई और आखिर में 2 मई 1995 को पाया गया कि समुद्र की सतह से 17,000 फीट से ज्यादा नीचे समुद्र तल पर सीधी खड़ी एक बड़ी पनडुब्बी का मलबा है।</p>
<p>एक रिमोट से चलने वाले कैमरे को मलबे के ऊपर ले जाया गया, जिसने पिछले हिस्से (स्टर्न) के आस-पास की ऐसी डिटेल्स रिकॉर्ड कीं जो जापानी टाइप C3 ट्रांसपोर्ट पनडुब्बियों के खास डिजाइन से मेल खाती थीं। जहाज की हालत ने जांचकर्ताओं को हैरान कर दिया। टॉरपीडो से हुए नुकसान से ढांचा धीरे-धीरे पानी से भरा। इससे उसका बड़ा हिस्सा नीचे जाते समय सही-सलामत रहा। ऐसे में माना गया कि सोना इसके अंदर है।</p>
<p><strong>पनडुब्बी खींचती है ध्यान</strong><br>
समुद्र की तलहटी से मिले मलबे के टुकड़ों ने कानूनी तौर पर सामान निकालने के अधिकारों का समर्थन किया लेकिन शुरुआती अभियान के दौरान सोना निकालने की कोई कोशिश नहीं की गई। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह कीमती धातु पनडुब्बी के अगले हिस्से में रखी गई थी, जो 1944 से अछूता रहा है।</p>
<p>अटलांटिक में I-52 के गायब होने के अस्सी साल से ज्यादा समय बाद भी यह पनडुब्बी ना केवल इसलिए ध्यान खींचती है कि इसमें खजाना होने का अनुमान है। बल्कि इसलिए भी कि इसकी खोज ने दिखाया कि कैसे युद्ध के समय कोड तोड़ने, पुराने रिकॉर्ड की जांच और आधुनिक तकनीक से एक ऐसे रहस्य को सुलझाया जा सकता है जिसे कई पीढ़ियों के जांचकर्ता नहीं सुलझा पाए थे।</p>
<p><strong>सोना अभी भी वहीं हो सकता है!</strong><br>
एक ऐसे ढांचे के अंदर, जो अस्सी साल से तीन मील पानी के नीचे है और उस दबाव से सुरक्षित है, जिसने उसे कुचल दिया होता। I-52 की कहानी यह दिखाती है कि समुद्र की तलहटी में वह सोना हो सकता है, जो पर दशकों की खोज के बावजूद अभी नहीं मिल पाया है। सोने का रहस्य अभी भी बरकरार है</p>]]> </content:encoded>
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<title>चीन ने यूनान में एक्टिव किया 5000 किमी रेंज वाला LPAR रडार, भारत की मिसाइल टेस्टिंग पर नजर का दावा</title>
<link>https://atworldnews.in/9041</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली भारत और चीन के बीच तनाव के बीच चीन ने म्यांमार सीमा से लगे अपने यूनान प्रांत में लार्ज फेस्ड एरे रडार (LPAR) चालू कर दिया है. इस रडार की रेंज 5,000 किलोमीटर से ज्यादा है. दावा है कि यह भारत के मिसाइल टेस्टों  को ट्रैक करने और हिंद महासागर के बड़े हिस्से … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 09:32:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>चीन, ने, यूनान, में, एक्टिव, किया, 5000, किमी, रेंज, वाला, LPAR, रडार, भारत, की, मिसाइल, टेस्टिंग, पर, नजर, का, दावा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
भारत और चीन के बीच तनाव के बीच चीन ने म्यांमार सीमा से लगे अपने यूनान प्रांत में लार्ज फेस्ड एरे रडार (LPAR) चालू कर दिया है. इस रडार की रेंज 5,000 किलोमीटर से ज्यादा है. दावा है कि यह भारत के मिसाइल टेस्टों  को ट्रैक करने और हिंद महासागर के बड़े हिस्से पर नजर रखने में सक्षम है. ऐसे में इसे भारत की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है.</p>
<p>चीन पिछले कुछ वर्षों से अपनी निगरानी व्यवस्था लगातार मजबूत कर रहा है. इसी कड़ी में यूनान में लगाया गया यह नया LPAR रडार भी अहम माना जा रहा है. यह रडार दूर से ही बैलिस्टिक मिसाइल का पता लगा सकता है, उसकी उड़ान पर नजर रख सकता है और उसकी जानकारी जुटा सकता है. इसकी रेंज 5,000 किलोमीटर से ज्यादा है. चीन भारत के पूर्वी हिस्से, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर के बड़े इलाके पर नजर रख सकता है.</p>
<p>यह रडार ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से होने वाले मिसाइल टेस्टों को भी ट्रैक कर सकता है. भारत यहीं से अग्नि-5, K-4 और दूसरी आधुनिक मिसाइलों का टेस्ट करता है. अगर किसी देश को इन मिसाइलों की उड़ान और दूसरी तकनीकी जानकारी मिल जाए, तो वह अपनी रक्षा तैयारियों को उसी हिसाब से मजबूत कर सकता है.</p>
<p><strong>भारत के लिए चिंता की बात क्यों है?</strong><br>
रक्षा एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिसाइल टेस्ट के दौरान मिलने वाला डेटा किसी भी देश के लिए काफी अहम होता है. इससे मिसाइल की क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है और उसके खिलाफ नई रक्षा सिस्टम तैयार करने में मदद मिल सकती है. यही वजह है कि चीन के इस नए रडार को भारत के लिए एक नई रणनीतिक चुनौती माना जा रहा है.</p>
<p><strong>हिंद महासागर पर भी रख सकेगा नजर</strong><br>
यूनान में इस रडार की लोकेशन ऐसी है कि चीन बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर के बड़े हिस्से की निगरानी भी कर सकता है. हिंद महासागर भारत के लिए बेहद अहम है. यहां भारतीय नौसेना की मजबूत मौजूदगी है. दुनिया के कई बड़े समुद्री व्यापार मार्ग भी यहीं से गुजरते हैं. ऐसे में इस इलाके में चीन की बढ़ती निगरानी भारत की चिंता बढ़ा सकती है.</p>
<p><strong>चीन का निगरानी नेटवर्क और मजबूत हुआ</strong><br>
चीन के पास पहले से ही शिनजियांग और कोरला में ऐसे लंबी दूरी के रडार मौजूद हैं. अब यूनान में नया LPAR रडार चालू होने के बाद उसकी निगरानी क्षमता और बढ़ गई है. हालांकि, इस तैनाती पर भारत और चीन, दोनों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. लेकिन रक्षा मामलों के जानकार मानते हैं कि आने वाले समय में भारत को अपनी एंटी-सर्विलांस तकनीक और रक्षा तैयारियों को और मजबूत करना पड़ सकता है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>यूपी चुनाव 2027 की तैयारी तेज: भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने सहयोगी दलों के साथ किया समन्वय मंथन</title>
<link>https://atworldnews.in/9040</link>
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<description><![CDATA[  लखनऊ  भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रदेश में भाजपा के सहयोगी दलों के नेताओं के साथ बैठक में विधान सभा चुनाव 2027 में एनडीए की जीत सुनिश्चित करने पर मंथन किया। भाजपा अध्यक्ष ने संदेश दिया कि आपसी समन्वय इस स्तर तक मजबूत होना चाहिए कि हम वर्ष 2027 में प्रदेश में तीसरी … ]]></description>
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<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 09:31:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यूपी, चुनाव, 2027, की, तैयारी, तेज:, भाजपा, अध्यक्ष, नितिन, नवीन, ने, सहयोगी, दलों, के, साथ, किया, समन्वय, मंथन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> <strong>लखनऊ</strong><br>
 भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रदेश में भाजपा के सहयोगी दलों के नेताओं के साथ बैठक में विधान सभा चुनाव 2027 में एनडीए की जीत सुनिश्चित करने पर मंथन किया।</p>
<p>भाजपा अध्यक्ष ने संदेश दिया कि आपसी समन्वय इस स्तर तक मजबूत होना चाहिए कि हम वर्ष 2027 में प्रदेश में तीसरी बार और प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएं। इस बैठक में सीटों के बंटवारे पर कोई चर्चा नहीं हुई। नवीन ने अगली बैठक दिल्ली में करने की बात सभी सहयोगी दलों के नेताओं से कही।</p>
<p><strong>सहयोगी दलों के साथ अलग-अलग बैठकें</strong><br>
रविवार को होटल ताज में भाजपा अध्यक्ष ने चारों सहयोगी दलों के साथ अलग-अलग बैठकें की। सबसे पहले उन्होंने रालोद के राष्ट्रीय संगठन महासचिव त्रिलोक त्यागी के साथ बैठक की।जिसमें उनसे पूछा कि वर्ष 2027 चुनाव के लिए कैसे और क्या किया जाना चाहिए।</p>
<p>त्यागी ने जवाब दिया कि सभी सहयोगी दलों के बीच जिला स्तर तक समन्वय होना चाहिए। सम्मान मिलेगा तो सभी दल उत्साह से एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे। रालोद को मानने वाले पूरे प्रदेश में हैं, और पार्टी पूरे प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित कर रही है।</p>
<p>नवीन ने कहा कि भाजपा भी बेहतर समन्वय पर अधिक ध्यान दे रही है। मीडिया से बातचीत में त्यागी ने कहा कि हम 403 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे सिंबल अलग-अलग होंगे।</p>
<p>अपना दल (एस) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मंत्री आशीष पटेल के साथ बैठक में भी भाजपा अध्यक्ष ने उनसे पूछा कि वर्ष 2027 चुनाव में जीत के लिए क्या किया जाए। जिस पर आशीष ने कहा कि सभी सहयोगी दल बेहतर समन्वय के साथ पूरे प्रदेश में मिलकर काम करेंगे, फिर से हमारी जीत सुनिश्चित है।</p>
<p><strong>राजभर ने बताया जनजातियों का मुद्दा</strong><br>
भाजपा अध्यक्ष के साथ हुई बैठक में सुभासपा राष्ट्रीय अध्यक्ष मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने उन्हें बताया कि पार्टी ने 83 सीटों पर विधान सभा प्रभारी और सह प्रभारी बना दिए हैं। बूथ स्तर तक प्रशिक्षण का कार्यक्रम चल रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रदेश में गोंड, खरवार, अर्कवंशी, बंंजारा, पाल, प्रजापति जैसी ऐसी कई जातियां हैं जो राजनीतिक रूप से सक्रिय तो हैं, लेकिन इनके पास राजनीतिक नेतृत्व नहीं है। इन जातियों को राजनीतिक नेतृत्व देने का सुझाव दिया। गोंड व खरवार जातियों का एसटी सर्टिफिकेट नहीं बनाए जाने का मुद्दा उठाया।</p>
<p>यह भी कहा कि प्रदेश में कुछ अधिकारियों के कारण थाने, तहसील और ब्लाक स्तर पर आम लोगों के काम नहीं हो रहे हैं, जिससे सरकार की छवि खराब हो रही है। इसे देखा जाना चाहिए।</p>
<p>राजभर ने सहयोगी दलों के बीच समन्वय बैठक कराने के साथ ही आजमगढ़, बस्ती और देवरिया में पार्टी द्वारा आयोजित किए जाने वाले बड़े कार्यक्रमों में भाजपा अध्यक्ष को आमंत्रित भी किया।</p>
<p>निषाद पार्टी के अध्यक्ष मंत्री डॉ. संजय निषाद ने भी सहयोगियों के साथ समन्वय बढ़ाने की बात कही। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष को बताया कि प्रदेश में निषादों की बड़ी संख्या है। निषादों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाना चाहिए। निषाद आरक्षण परिभाषित करने का ज्ञापन भी दिया।</p>
<p>सभी सहयोगी दलों के नेताओं से भाजपा अध्यक्ष ने बेहतर समन्वय बनाने के साथ ही विधान सभा चुनाव में प्रचंड जीत की तैयारी में जुटने का संदेश दिया। सभी से कहा कि अगली बैठक हम लोग दिल्ली में करेंगे। बैठकों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह उपस्थित थे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>“सेफ क्लिक 2.0” बना जनभागीदारी का प्रदेशव्यापी अभियान, स्कूलों से रेलवे स्टेशनों और गांवों से सोशल मीडिया तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश</title>
<link>https://atworldnews.in/9039</link>
<guid>https://atworldnews.in/9039</guid>
<description><![CDATA[ भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्यव्यापी साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान&quot;सेफ क्लिक 2.0&quot;के अंतर्गत प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों द्वारा निरंतर विविध एवं नवाचारपूर्ण गतिविधियों का आयोजन कर नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, शासकीय कार्यालयों, रेलवे स्टेशनों, धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों, बाजारों … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 23:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>“सेफ, क्लिक, 2.0”, बना, जनभागीदारी, का, प्रदेशव्यापी, अभियान, स्कूलों, से, रेलवे, स्टेशनों, और, गांवों, से, सोशल, मीडिया, तक, पहुंचा, साइबर, सुरक्षा, का, संदेश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्यव्यापी साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान"सेफ क्लिक 2.0"के अंतर्गत प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों द्वारा निरंतर विविध एवं नवाचारपूर्ण गतिविधियों का आयोजन कर नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, शासकीय कार्यालयों, रेलवे स्टेशनों, धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों, बाजारों एवं सामुदायिक आयोजनों में व्यापक जनसंपर्क स्थापित कर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार का संदेश दिया जा रहा है। इसके साथ ही सभी पुलिस इकाइयां अपने-अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से प्रतिदिन जागरूकता पोस्ट, रील, वीडियो संदेश एवं जनहित अपील प्रसारित कर अभियान को डिजिटल स्तर पर भी जन-जन तक पहुंचा रही हैं।</p>
<p>अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में स्थानीय परिस्थितियों एवं जनसमूह के अनुरूप विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा 6 हजार से अधिक नागरिकों की सहभागिता के साथ विशाल साइबर जागरूकता मैराथन आयोजित कर "सेफ क्लिक, सुरक्षित जीवन" का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा पुलिस अधिकारियों ने एक साथ भाग लेकर साइबर सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।</p>
<p>भोपाल कमिश्नरेट के थाना रातीबड़ द्वारा आरडी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रम में लगभग 1,500 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, विशिंग, स्मिशिंग, फर्जी निवेश, यूपीआई एवं क्यूआर कोड फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग सहित विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए गए। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई तथा किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया।</p>
<p>पुलिस प्रशिक्षण शाला, उज्जैन द्वारा शासकीय विद्यालय ताजपुर में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, ऑनलाइन ठगी से बचाव तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के उपयोग की जानकारी दी गई। वहीं विदिशा में आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीण नागरिकों, युवाओं एवं मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए साइबर सुरक्षा का संदेश दिया गया तथा "रुको… सोचो… एक्शन लो" का आह्वान किया गया।</p>
<p>खंडवा पुलिस द्वारा अभियान के अंतर्गत जिलेभर के विद्यालयों, जनपद कार्यालयों, पंचायतों, स्वास्थ्य संस्थानों, लोक सेवा केन्द्रों एवं अन्य शासकीय कार्यालयों में एक साथ व्यापक जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं। इसी प्रकार राजगढ़ एवं अनूपपुर में शासकीय कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साइबर हाइजीन एवं डिजिटल सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।</p>
<p>टीकमगढ़ पुलिस ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा संदेश पहुंचाया, जबकि भोपाल ग्रामीण पुलिस ने गांवों एवं विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों एवं ग्रामीण नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अपराधों तथा हेल्पलाइन 1930 के संबंध में जानकारी दी।</p>
<p>रेल यात्रियों को जागरूक करने के उद्देश्य से जीआरपी भोपाल द्वारा रेलवे स्टेशन खंडवा पर ध्वनि प्रसारण प्रणाली के माध्यम से साइबर सुरक्षा संदेश प्रसारित किए गए। वहीं जीआरपी जबलपुर एवं जीआरपी इंदौर द्वारा रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को डिजिटल अरेस्ट, एपीके फाइल, फर्जी लिंक एवं अन्य साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई।</p>
<p>कटनी पुलिस द्वारा धार्मिक स्थलों एवं सार्वजनिक स्थलों पर श्रद्धालुओं एवं नागरिकों के बीच पोस्टर एवं पम्पलेट वितरण कर साइबर जागरूकता अभियान संचालित किया गया। भोपाल जोन-3 पुलिस द्वारा नागरिकों को विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।</p>
<p>सिंगरौली में विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के व्यावहारिक उपाय बताए गए। सीधी पुलिस ने स्थानीय लोक कलाकार के माध्यम से रचनात्मक संदेश प्रसारित कर आमजन को जागरूक किया। ग्वालियर पुलिस ने रन क्लब के प्रतिभागियों के बीच साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया, जबकि छिंदवाड़ा पुलिस ने सामाजिक सम्मान समारोह के साथ साइबर जागरूकता कार्यक्रम को जोड़कर समाज के विभिन्न वर्गों तक अभियान की पहुंच सुनिश्चित की।</p>
<p>सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के माध्यम से भी अभियान को व्यापक गति मिल रही है। छतरपुर पुलिस द्वारा स्थानीय सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स एवं स्थानीय भाषा में तैयार रचनात्मक वीडियो के माध्यम से साइबर सुरक्षा संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं, जबकि गुना पुलिस द्वारा निजी फोटो एवं वीडियो साझा करने से जुड़े साइबर जोखिमों पर आधारित जागरूकता रील तैयार कर नागरिकों को सचेत किया जा रहा है। प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयां अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से प्रतिदिन जनहित संदेश, वीडियो, रील, पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री साझा कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अभियान को प्रभावी बना रही हैं।</p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस का "सेफ क्लिक 2.0" अभियान केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों में सुरक्षित डिजिटल व्यवहार विकसित करने का एक व्यापक सामाजिक अभियान बन चुका है। प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयां स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर नवाचार करते हुए विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्रामीण क्षेत्रों, औद्योगिक संस्थानों, बाजारों, शासकीय कार्यालयों, सामाजिक संगठनों तथा डिजिटल माध्यमों के जरिए आमजन तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचा रही हैं। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर बिना विलंब राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन1930पर संपर्क करें अथवाwww.cybercrime.gov.inपर शिकायत दर्ज कराएं तथा स्वयं जागरूक रहते हुए दूसरों को भी साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाएं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान” का तीसरा चरण 13 जुलाई से</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। इसी कड़ी में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा &quot;दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान&quot; चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 23:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दुग्ध, समृद्धि, संपर्क, अभियान”, का, तीसरा, चरण, जुलाई, से</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। इसी कड़ी में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा "दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान" चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी पशुपालकों के घर पहुंचेंगे और नस्ल सुधार, पशु पोषण, टीकाकरण एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन के बारे में जानकारी देंगे।</p>
<p>तीसरे चरण में 3 से 4 पशु (गौवंश एवं भैंसवंश) रखने वाले पशुपालकों के यहां प्रशिक्षित विभागीय अमले द्वारा घर जाकर भेंट की जाएगी। नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य विषय पर जागरुक किया जाएगा। इस चरण में प्रदेश के 5 लाख 72 हजार पशुपालकों के घर जाकर भेंट करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर विभाग द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं।</p>
<p>दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तृतीय चरण की अवधि 6 दिन निर्धारित की गई है। आवश्यकता पड़ने पर अधिकतम 9 दिन तक बढ़ाया जा सकेगा। अभियान के दौरान मैदानी अमले की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। उप संचालक, कार्यालय में पदस्थ एवं राज्य स्तर पर प्रशिक्षित कार्यक्रम के नोडल अधिकारी को प्रभारी बनाया जाएगा।</p>
<p><strong>जनप्रतिनिधियों की रहेगी सहभागिता</strong></p>
<p>अभियान में मंत्री, सांसद, विधायक सहित जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उप संचालक, पशुपालन एवं डेयरी को जनप्रतिनिधियों से व्यक्तिगत भेंट कर उन्हें अभियान से जोड़ने को कहा गया है। साथ ही प्रत्येक अधिकारी को अपने कार्यक्षेत्र के कम से कम 5 प्रतिशत पशुपालकों तथा न्यूनतम 10 गांवों का सत्यापन एवं मूल्यांकन करना अनिवार्य होगा। अभियान की निगरानी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी, जिला पशु प्रजनन कार्यक्रम अधिकारी, राज्य स्तरीय जिला नोडल अधिकारी तथा सभी पशु चिकित्सकों द्वारा की जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी कम से कम दो गांवों का भ्रमण कर अभियान का निरीक्षण करने का आग्रह किया गया है। इसके साथ ही अभियान के प्रभावी क्रिन्यावन के लिए राज्य स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>मादक पदार्थों एवं अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस की सख्त कार्रवाई</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों एवं अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला आलीराजपुर की जोबट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य की 2004 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 40 … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 23:31:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मादक, पदार्थों, एवं, अवैध, नशे, के, कारोबार, के, विरुद्ध, मध्यप्रदेश, पुलिस, की, सख्त, कार्रवाई</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों एवं अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला आलीराजपुर की जोबट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य की 2004 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 40 लाख रुपये मूल्‍य के दो कंटेनर वाहन भी जब्त किए हैं तथा दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।</p>
<p>पुलिस अधीक्षक आलीराजपुर श्री रघुवंश कुमार सिंह के निर्देशन में जिलेभर में अवैध शराब के परिवहन एवं कारोबार पर अंकुश लगाने हेतु सघन एवं आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान थाना जोबट पुलिस को मुखबिर से अवैध शराब के बड़े परिवहन की विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई।</p>
<p>सूचना के आधार पर थाना प्रभारी जोबट द्वारा पुलिस की दो पृथक टीमों का गठन कर त्वरित कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आयशर कंटेनरों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में प्रथम कंटेनर से 930 पेटी तथा द्वितीय कंटेनर से 1074 पेटी, कुल 2004 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। जब्त शराब में विभिन्न हाई-रेंज ब्रांड शामिल हैं। जब्त शराब का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 2 करोड़ रुपये है। पुलिस ने शराब के परिवहन में प्रयुक्त दोनों कंटेनर वाहन भी जब्त कर लिए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 40 लाख रुपये है।</p>
<p>कार्रवाई के दौरान कंटेनर चालकों को मौके से गिरफ्तार किया गया। थाना जोबट में आरोपियों के विरुद्ध पृथक-पृथक अपराध पंजीबद्ध कर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण की विवेचना जारी है तथा आरोपियों से जब्त शराब के स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला एवं इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है।</p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेशभर में मादक पदार्थों, अवैध शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध इसी प्रकार निरंतर प्रभावी कार्रवाई कर रही है। ऐसे अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने के साथ-साथ इनके स्रोत एवं तस्करी श्रृंखला का भी पता लगाकर संबंधित सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>हासमुंद में उफनते नाले में फंसे 14 मजदूरों का सेना ने किया सफल रेस्क्यू</title>
<link>https://atworldnews.in/9036</link>
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<description><![CDATA[ महासमुंद जिले में देर रात से जारी मूसलाधार बारिश का असर अब जनजीवन पर दिखाई देने लगा है। खल्लारी थाना क्षेत्र के ग्राम जोगीडीपा में बगनाई नाला उफान पर आने से पुल निर्माण कार्य में लगे 14 मजदूर चारों ओर से पानी में घिर गए। जलस्तर अचानक बढ़ने से मजदूरों का बाहरी संपर्क पूरी तरह … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 23:01:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>हासमुंद, में, उफनते, नाले, में, फंसे, मजदूरों, का, सेना, ने, किया, सफल, रेस्क्यू</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>महासमुंद</strong></p>
<p>जिले में देर रात से जारी मूसलाधार बारिश का असर अब जनजीवन पर दिखाई देने लगा है। खल्लारी थाना क्षेत्र के ग्राम जोगीडीपा में बगनाई नाला उफान पर आने से पुल निर्माण कार्य में लगे 14 मजदूर चारों ओर से पानी में घिर गए। जलस्तर अचानक बढ़ने से मजदूरों का बाहरी संपर्क पूरी तरह टूट गया और वे घंटों तक खेत में बनी अस्थायी झोपड़ी में फंसे रहे। सूचना मिलने पर नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय पर किए गए इस अभियान से बड़ा हादसा टल गया।<br>
लगातार बारिश से बढ़ा जलस्तर</p>
<p>जानकारी के अनुसार, जोगीडीपा गांव में बगनाई नाला पर पुल निर्माण का कार्य चल रहा है। निर्माण एजेंसी के 14 मजदूर कार्यस्थल के पास खेत में बनी अस्थायी झोपड़ी में रह रहे थे। शनिवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण बगनाई नाला तेजी से उफान पर आ गया। देखते ही देखते झोपड़ी के चारों ओर पानी भर गया और तेज बहाव के कारण मजदूर वहां से बाहर नहीं निकल सके।</p>
<p><strong>डायल 112 की सूचना पर शुरू हुआ रेस्क्यू</strong></p>
<p>बताया गया कि प्रशासन ने बाढ़ आपदा नियंत्रण के लिए जिला और तहसील स्तर पर टीमों का गठन कर संपर्क नंबर जारी किए थे, लेकिन सार्वजनिक किया गया केंद्रीय संपर्क नंबर बंद मिला। वहीं, तहसील स्तर पर जिन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, वे रात के समय मौजूद नहीं थे। ऐसे में फंसे मजदूरों ने अपने ठेकेदार से संपर्क किया। ठेकेदार ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद नगर सेना की टीम बिना देर किए घटनास्थल के लिए रवाना हुई।<br>
रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों से बचाए गए मजदूर</p>
<p>नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा उपकरणों और रस्सियों की मदद से एक-एक कर सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। पूरे अभियान के दौरान विशेष सावधानी बरती गई, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू किए गए मजदूरों में 10 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल हैं। सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। राहत की बात यह रही कि किसी भी मजदूर को गंभीर चोट नहीं आई।<br>
प्रशासन ने जारी की सतर्कता की अपील</p>
<p>लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों में जोखिम नहीं लेने की अपील की है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल स्थानीय प्रशासन या पुलिस को देने को कहा गया है।</p>
<p><strong>सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश</strong></p>
<p>प्रशासन ने संबंधित विभागों को लगातार सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी संभावित हादसे को समय रहते टाला जा सके।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सीएम योगी के हाथों प्रयागराज में सोमवार को होगा प्रेरणा पार्क का लोकार्पण</title>
<link>https://atworldnews.in/9035</link>
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<description><![CDATA[ प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को प्रयागराज आ रहे हैं। सीएम यमुना किनारे बोट क्लब के पास प्रेरणा पार्क का लोकार्पण करेंगे, जहां पर वह राष्ट्र की तीन विभूतियों की प्रतिमाओं का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद नौका एकता रेस को हरी झंडी दिखाएंगे, जिसके बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। सीएम प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:33:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सीएम, योगी, के, हाथों, प्रयागराज, में, सोमवार, को, होगा, प्रेरणा, पार्क, का, लोकार्पण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को प्रयागराज आ रहे हैं। सीएम यमुना किनारे बोट क्लब के पास प्रेरणा पार्क का लोकार्पण करेंगे, जहां पर वह राष्ट्र की तीन विभूतियों की प्रतिमाओं का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद नौका एकता रेस को हरी झंडी दिखाएंगे, जिसके बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। सीएम प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार में लोक निर्माण विभाग के नए व पुराने कार्यों की समीक्षा करेंगे।</p>
<p><strong>सीएम करेंगे प्रेरणा पार्क का लोकार्पण</strong></p>
<p>संगम नगरी प्रयागराज में कालिंदी के तट युवाओं और पर्यटकों के लिए राष्ट्रवाद और सशक्त भारत के विभूतियों की प्रेरणा की स्थली भी बनेगी । नगर निगम प्रयागराज द्वारा यमुना तट पर स्थित कालीघाट के समीप भव्य प्रेरणा पार्क का विकास किया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को इसका लोकार्पण करेंगे। नगर निगम प्रयागराज के महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी का कहना है कि एक करोड़ रुपये की लागत से इस भव्य पार्क का निर्माण किया गया है। पार्क में जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष, राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल की कांस्य प्रतिमाओं का अनावरण मुख्यमंत्री करेंगे। राष्ट्रसेवा, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता एवं जनकल्याण के प्रेरणास्रोत रहे इन तीन महापुरुषों के जीवन मूल्यों एवं विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रेरणा पार्क का निर्माण कराया गया है। यह स्थल न केवल श्रद्धांजलि का केंद्र होगा, बल्कि युवाओं एवं समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरित करने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र भी बनेगा। इन विभूतियों की प्रतिमाओं के आसपास उद्यान, प्रकाश व्यवस्था, पाथवे, बैठने की व्यवस्था, सौंदर्यीकरण एवं स्वच्छता संबंधी कार्य कराए गए हैं।</p>
<p><strong>एकता नौका रेस को सीएम दिखायेंगे हरी झंडी, जनसभा का होगा आयोजन</strong></p>
<p>कालिंदी की लहरें नौका रेस की साक्षी भी बनेगी। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और मजबूत अखंड भारत के विचारों से भारत की एकता को सुदृढ़ करने करने वाले राष्ट्रीय एकता के नायक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की याद में यमुना में एकता नौका रेस का भी आयोजन किया जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ एकता नौका रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। इस रेस में दो दर्जन से अधिक नौकाएं शामिल होंगी। सीएम काली घाट स्थित प्रेरणा पार्क में ही एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।<br>
 इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री परेड ग्राउंड स्थित मेला प्राधिकरण के सभागार आएंगे । सीएम योगी यहां लोक निर्माण व अन्य विभागों के प्रयागराज जोन के 2500 करोड़ रुपये से अधिक के 1553 कार्यों की समीक्षा करेंगे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>चिंतन शिविर 3.0 से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को मिलेगी नई दिशा : मुख्यमंत्री</title>
<link>https://atworldnews.in/9034</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर  विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दीर्घकालिक रणनीति, सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप प्रशासनिक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय &#039;चिंतन शिविर 3.0&#039; का सफलतापूर्वक समापन हुआ। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:31:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>चिंतन, शिविर, 3.0, से, विकसित, छत्तीसगढ़, के, निर्माण, को, मिलेगी, नई, दिशा, मुख्यमंत्री</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p> विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दीर्घकालिक रणनीति, सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप प्रशासनिक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय 'चिंतन शिविर 3.0' का सफलतापूर्वक समापन हुआ। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा देश के प्रतिष्ठित नीति विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और विषय विशेषज्ञों ने शासन, विकास और जनसेवा के विभिन्न आयामों पर व्यापक विचार-विमर्श किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि चिंतन शिविर अब केवल विचारों के आदान-प्रदान का मंच नहीं रह गया है, बल्कि शासन व्यवस्था में ठोस सुधारों का प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक-संचालित और नागरिकों की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील प्रशासन विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चिंतन शिविर 3.0 से प्राप्त सुझाव विकसित छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को नई दिशा देंगे तथा इन्हें शीघ्र ही नीतिगत एवं प्रशासनिक पहलों के रूप में लागू किया जाएगा।</p>
<p>दूसरे दिन आयोजित 'सतत समृद्धि के इंजन के रूप में पर्यटन' विषयक सत्र में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं पर्यटन नीति विशेषज्ञ  सुमन बिल्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक, जनजातीय और सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी हाई-वैल्यू, लो-इम्पैक्ट पर्यटन गंतव्य बनने की अपार क्षमता रखता है। उन्होंने पर्यटन अवसंरचना, सामुदायिक भागीदारी, निवेश, उत्तरदायी पर्यटन और सुशासन आधारित पर्यटन मॉडल पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर क्षेत्र, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बना सकता है। राज्य की औद्योगिक नीति भी पर्यटन निवेश को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।</p>
<p>'सबका प्रयास के माध्यम से विकासपरक राजनीति' विषय पर लोकसभा सदस्य  शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि जिला ही विकास का वास्तविक केंद्र (District is the Fulcrum of Growth) होना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक जिले के लिए विकासोन्मुख योजना, स्थानीय आर्थिक क्षमता के अनुरूप विकास रणनीति तथा जिला-स्तर पर सकल घरेलू उत्पाद (District GDP) आधारित नियोजन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने 'अमृत प्रयास', 'बनयान रिवोल्यूशन' और सहभागी शासन की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए कहा कि जिला-केंद्रित विकास मॉडल उद्यमिता, रोजगार, कृषि परिवर्तन, स्थानीय नवाचार और जन-क्षमता के विकास को नई गति देगा तथा विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 क्षेत्रों के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होगा।</p>
<p>समापन सत्र में डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुशासन, प्रभावी नीति-क्रियान्वयन, नेतृत्व विकास तथा लोक प्रशासन के विभिन्न आयामों पर अपने विचार रखे। </p>
<p>मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले दो चिंतन शिविरों में प्राप्त सुझावों को राज्य सरकार ने सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है। मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से फाइलों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और समयबद्ध हुई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान की प्रभावी व्यवस्था स्थापित हुई है, वहीं सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराकर नागरिक सेवाओं को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यही इस चिंतन प्रक्रिया की सबसे बड़ी सफलता है कि विचार अब धरातल पर परिणाम के रूप में दिखाई दे रहे हैं।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय शिविर में नेतृत्व विकास, सुशासन, उभरती प्रौद्योगिकियां, पर्यटन, कृषि समृद्धि तथा विकासपरक राजनीति जैसे विषयों पर विस्तृत सत्र आयोजित किए गए। उद्घाटन सत्र में प्रसिद्ध आध्यात्मिक चिंतक गौर गोपाल दास ने जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व, भावनात्मक संतुलन, जनसेवा तथा नैतिक उत्तरदायित्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संवेदनशील और मूल्य-आधारित नेतृत्व ही प्रभावी एवं जनोन्मुखी सुशासन की आधारशिला है।</p>
<p>'इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़' विषय पर नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 5जी, ड्रोन, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी, ब्लॉकचेन तथा डेटा-आधारित प्रशासन की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से शासन को अधिक दक्ष, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। साथ ही डिजिटल समावेशन, नवाचार, रोजगार सृजन और सेवा वितरण में छत्तीसगढ़ के लिए उपलब्ध व्यापक अवसरों का भी उल्लेख किया।</p>
<p>'कृषि से समृद्धि' विषयक सत्र में कृषि अर्थशास्त्री डॉ. रमेश चंद तथा कृषि विशेषज्ञ टी. विजय कुमार ने प्राकृतिक खेती, जलवायु-अनुकूल कृषि, फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार संपर्क पर आधारित कृषि मॉडल प्रस्तुत किए। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा कृषि को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए। </p>
<p>चिंतन शिविर में  मंत्रिगणों ने समूह आधारित विचार-मंथन के माध्यम से विभिन्न सुझावों पर विस्तार से चर्चा कर विकसित छत्तीसगढ़ की संभावना को मूर्त रूप देने हेतु विचार किया।</p>
<p>दो दिवसीय चिंतन शिविर 3.0 ने सुशासन, नेतृत्व विकास, उभरती प्रौद्योगिकियों, कृषि, पर्यटन तथा विकासपरक राजनीति जैसे विविध विषयों पर राज्य सरकार के दीर्घकालिक विज़न को नई दिशा प्रदान की। विशेषज्ञों के अनुभव, मंत्रिपरिषद के मंथन और प्रशासनिक नेतृत्व के सामूहिक विचारों से प्राप्त सुझाव आने वाले समय में राज्य की नीतियों, प्रशासनिक सुधारों और विकास कार्यक्रमों का आधार बनेंगे। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में यह चिंतन शिविर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>आईएफसी नर्सरी बनी किसानों की उम्मीद</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर गुणवत्तापूर्ण पौधों से बढ़ रही आय और आत्मनिर्भरता छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के अंतर्गत जनपद पंचायत धमतरी द्वारा संचालित आईएफसी परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन का प्रभावी मॉडल बनकर उभर रही है। सद्भावना महिला संकुल स्तरीय संगठन, दोनर के सहयोग से संचालित आजीविका सेवा केंद्र (नर्सरी इकाई) आज किसानों और महिला … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:31:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>आईएफसी, नर्सरी, बनी, किसानों, की, उम्मीद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p><strong>गुणवत्तापूर्ण पौधों से बढ़ रही आय और आत्मनिर्भरता</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के अंतर्गत जनपद पंचायत धमतरी द्वारा संचालित आईएफसी परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन का प्रभावी मॉडल बनकर उभर रही है। सद्भावना महिला संकुल स्तरीय संगठन, दोनर के सहयोग से संचालित आजीविका सेवा केंद्र (नर्सरी इकाई) आज किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों के लिए गुणवत्तापूर्ण पौधों का विश्वसनीय स्रोत बन चुकी है। इस पहल ने न केवल किसानों को समय पर स्वस्थ पौधे उपलब्ध कराए हैं, बल्कि वैज्ञानिक खेती, जैविक उत्पादन और महिला सशक्तिकरण को भी नई दिशा दी है।</p>
<p>पहले किसानों को सब्जी एवं फलदार पौधों के लिए दूर-दराज के बाजारों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई बार समय पर पौधे उपलब्ध नहीं होने या निम्न गुणवत्ता के कारण उत्पादन प्रभावित होता था। आईएफसी नर्सरी की स्थापना के बाद यह स्थिति बदली है। अब स्थानीय स्तर पर ही प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार कर किसानों तक समय पर पहुंचाए जा रहे हैं, जिससे खेती की लागत कम हुई है और उत्पादन की संभावनाएं बढ़ी हैं।</p>
<p>नर्सरी इकाई में टमाटर, मिर्च, बैंगन, फूलगोभी, करेला, मूनगा (सहजन), पपीता, कटहल, नारियल सहित विभिन्न सब्जी एवं फलदार पौधों की उन्नत पौध तैयार की जा रही है। इन पौधों का वितरण उत्पादक समूहों एवं क्लस्टरों के माध्यम से विभिन्न ग्रामों के किसानों तक किया जाता है। इससे क्लस्टर आधारित सब्जी उत्पादन को बढ़ावा मिला है और किसानों ने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाना शुरू किया है।</p>
<p>इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि नर्सरी का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार, नियमित आय और उद्यमिता का अवसर प्राप्त हुआ है। समूह की महिलाएं पौध उत्पादन, देखरेख, विपणन और प्रबंधन जैसे कार्यों का सफलतापूर्वक संचालन कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।</p>
<p>वर्तमान चरण में नर्सरी इकाई द्वारा 38,100 गुणवत्तापूर्ण पौधों का उत्पादन एवं वितरण किया गया है, जिससे ₹1,15,150 की आय अर्जित हुई। यह उपलब्धि महिला स्व-सहायता समूहों, ग्राम संगठन, उत्पादक समूहों, आईएफसी एंकर तथा क्लस्टर टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।</p>
<p>इस पहल से किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौधों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ-साथ जैविक खेती, पोषण वाटिका, फसल विविधीकरण तथा वैज्ञानिक खेती की अनुशंसित तकनीकों को भी बढ़ावा मिल रहा है। बेहतर गुणवत्ता के पौधों के कारण फसलों की वृद्धि, उत्पादन एवं आय में सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है।</p>
<p>यह उल्लेखनीय पहल कलेक्टर  अबिनाश  मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  गजेंद्र सिंह ठाकुर, जिला परियोजना प्रबंधक (आजीविका)  अनुराग मिश्रा, जनपद पंचायत धमतरी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सु वर्षा रानी चिकन्जूरी तथा ब्लॉक परियोजना प्रबंधक  प्रेमचंद सिन्हा के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है।</p>
<p>  आईएफसी नर्सरी इकाई यह सिद्ध कर रही है कि यदि महिलाओं की सहभागिता, आधुनिक कृषि तकनीक और संस्थागत सहयोग का प्रभावी समन्वय हो, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जा सकती है। धमतरी की यह पहल आज अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है और ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण तथा किसानों की आय वृद्धि की दिशा में एक सफल शासकीय मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>योगी सरकार की निःशुल्क आईएएस&#45;पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना का बढ़ा क्रेज</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित निःशुल्क आईएएस-पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। योजना के प्रति बढ़ते आकर्षण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेशभर में पंजीकृत 10,167 अभ्यर्थियों में से 6,844 छात्र-छात्राओं ने रविवार को आयोजित प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया। … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:03:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>योगी, सरकार, की, निःशुल्क, आईएएस-पीसीएस, आवासीय, कोचिंग, योजना, का, बढ़ा, क्रेज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित निःशुल्क आईएएस-पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। योजना के प्रति बढ़ते आकर्षण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेशभर में पंजीकृत 10,167 अभ्यर्थियों में से 6,844 छात्र-छात्राओं ने रविवार को आयोजित प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया। यानी करीब 67.3 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज हुई, जो योजना के प्रति युवाओं के बढ़ते भरोसे और उत्साह को दर्शाती है।</p>
<p><strong>18 मंडलों के 29 केंद्रों पर हुई परीक्षा</strong></p>
<p>समाज कल्याण विभाग की ओर से 5 जुलाई 2026 को प्रदेश के 18 मंडलों के मंडलीय जनपदों में बनाए गए 29 परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को विभिन्न आवासीय कोचिंग सेंटरों में प्रवेश दिया जाएगा। नियमित कक्षाएं 1 अगस्त 2026 से प्रारंभ होंगी, जबकि शैक्षणिक सत्र 31 मई 2027 तक संचालित किया जाएगा।</p>
<p><strong>865 अभ्यर्थियों को मिलेगी निशुल्क आवासीय सुविधा</strong></p>
<p>प्रदेश के सात आवासीय कोचिंग सेंटरों में कुल 865 चयनित छात्र-छात्राओं को निशुल्क आवासीय सुविधा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इनमें 25 प्रतिशत सीटें ऐसे अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं, जिन्होंने लेटरल एंट्री के तहत प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। चयनित छात्रों को रहने, खाने, पुस्तकें, स्टडी मटेरियल और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा।</p>
<p><strong>गरीब और मेधावी युवाओं के लिए बनी बड़ी राहत</strong></p>
<p>योगी सरकार की यह योजना अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। निजी कोचिंग संस्थानों में लाखों रुपये खर्च होने के कारण कई मेधावी छात्र तैयारी से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में सरकार की यह पहल गरीब और होनहार युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचाने का मजबूत माध्यम बन रही है।</p>
<p><strong>प्रशासनिक सेवाओं में बढ़ेगी वंचित वर्ग की भागीदारी</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभा के सपनों में बाधा न बने। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर मार्गदर्शन मिलने से अब वंचित वर्ग के युवाओं की प्रशासनिक सेवाओं में भागीदारी लगातार बढ़ रही है। इससे समाज में सकारात्मक बदलाव को भी नई दिशा मिलेगी। योजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली युवाओं को समान अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे यूपीएससी और यूपीपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें।</p>
<p>संजीव सिंह, निदेशक, समाज कल्याण विभाग</p>]]> </content:encoded>
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<title>ड्रोन और मिसाइलों के दौर में भी क्यों खत्म नहीं हुई टैंकों और थल सेना की ताकत?</title>
<link>https://atworldnews.in/9031</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली पहले रूस-यूक्रेन और फिर ईरान बनाम इजरायल-अमेरिका। पिछले कुछ सालों में दुनिया दो बड़ी जंगें देख चुकी है। हालांकि, भारत-पाकिस्तान के बीच भी इस दौरान एक छोटा युद्ध हुआ, लेकिन लंबे कालखंड में रूस-यूक्रेन और ईरान-इजरायल की जंग ही चली। इन दोनों जंगों में दुनिया ने देखा कि कैसे आधुनिक युद्ध का मैदान … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:02:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ड्रोन, और, मिसाइलों, के, दौर, में, भी, क्यों, खत्म, नहीं, हुई, टैंकों, और, थल, सेना, की, ताकत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
पहले रूस-यूक्रेन और फिर ईरान बनाम इजरायल-अमेरिका। पिछले कुछ सालों में दुनिया दो बड़ी जंगें देख चुकी है। हालांकि, भारत-पाकिस्तान के बीच भी इस दौरान एक छोटा युद्ध हुआ, लेकिन लंबे कालखंड में रूस-यूक्रेन और ईरान-इजरायल की जंग ही चली। इन दोनों जंगों में दुनिया ने देखा कि कैसे आधुनिक युद्ध का मैदान पूरी तरह से बदल चुका है। पैदल सैनिकों, बंदूकों और तोप की जगह अब मिसाइल, एयरक्राफ्ट और ड्रोन ने ले ली है। तो सवाल उठता है कि क्या थल सेना और तोपों की अहमियत अब खत्म हो गई है? इसका जवाब है-नहीं।</p>
<p><strong>डिफेंस एक्सपर्ट से जानें सब</strong><br>
दरअसल, सैन्य एक्सपर्ट्स का तर्क है कि चाहे ड्रोन हों या फाइटर जेट ये दोनों ही जंग के असली मकसद को हासिल नहीं कर सकते, यानी किसी इलाके पर कब्जा नहीं कर सकते। आइए, यूक्रेन से मिले सबक और डिफेंस एक्सपर्ट की राय के आधार पर इस बात का विश्लेषण करते हैं कि युद्ध के तरीकों में तेजी से बदलाव के बावजूद टैंक और जमीनी सेना क्यों अब भी बेहद जरूरी हैं।</p>
<p><strong>टैंक अब भी जरूरी क्यों?</strong><br>
जब 500 डॉलर का ड्रोन और 30,000 डॉलर की एंटी-टैंक मिसाइल करोड़ों की कीमत वाले टैंक को तबाह कर सकती है तो यह सवाल पूछा जा सकता है कि टैंकों पर निवेश क्यों करना चाहिए? ये सवाल इसलिए भी खड़ा हो रहा है, क्योंकि सोशल मीडिया पर यूक्रेन की सड़कों पर जलते हुए टैंकों के वीडियो भरे पड़े हैं। इससे लोगों को लगने लगा है कि टैंक अब बेकार हो चुके हैं। लेकिन कई सेनाएं बख्तरबंद युद्ध (आर्मर्ड वॉरफेयर) को छोड़ नहीं रही हैं। असल में कुछ सेनाएं तो इस पर और ज्यादा जोर दे रही हैं।</p>
<p><strong>टैंक में आज भी ये खूबियां</strong><br>
वर्तमान स्थिति में टैंकों को छोड़ना नहीं, बल्कि उनके इस्तेमाल के तरीके पर फिर से सोचना ही समझदारी का काम है। दरअसल, टैंकों में आज भी ऐसी खूबियां हैं जिनका मुकाबला शायद ही कोई और हथियार कर सके। इसमें तेजी से चलने की क्षमता (मोबिलिटी), सुरक्षा और जबरदस्त मारक क्षमता (फायरपावर) एक अनोखा मेल है।</p>
<p><strong>टैंक की खासियत</strong><br>
    ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर चल सकते हैं<br>
    ऐसे हमले झेल सकते हैं, जिनसे गाड़ियां तबाह हो जाएं<br>
    मजबूत ठिकानों पर जबरदस्त हमला कर सकते हैं<br>
    टैंक कॉम्बिनेशन 'शॉक इफेक्ट' पैदा करता है</p>
<p><strong>घुटने टेकने पर करते हैं मजबूर</strong><br>
टैंकों से एक ऐसा मनोवैज्ञानिक और रणनीतिक फायदा मिलता है, जो बिना तैयारी वाले बचाव करने वालों को घुटने टेकने पर मजबूर कर सकता है। आधुनिक युद्ध अब सिर्फ टैंकों के अकेले काम करने तक सीमित नहीं है। आज के जमाने में अलग-अलग तरह की सेनाओं को एक साथ मिलाकर काम करना ही सबसे बेहतर माना जाता है। 'कंबाइंड आर्म्स ऑपरेशन्स' में टैंक पैदल सेना (इन्फैंट्री), UAV, इंजीनियर और आर्टिलरी के साथ मिलकर बहुत अच्छी तरह से तालमेल बिठाकर हमले करते हैं।</p>
<p><strong>टैंकों को बचाती है पैदल सेना</strong><br>
हमने हाल ही में देखा है कि गाजा या दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना शायद ही कभी पैदल सेना की सुरक्षा और लगातार ड्रोन की निगरानी के बिना मर्कावा टैंक तैनात करती है। पैदल सेना टैंकों को RPG जैसे करीबी खतरों से बचाती है, ड्रोन आगे जाकर जानकारी जुटाते हैं और आर्टिलरी दुश्मन के मजबूत ठिकानों को दबाती है। जब यह तालमेल सही तरीके से किया जाता है तो अकेले काम करने पर टैंकों को जिन खतरों का सामना करना पड़ता है, वे काफी कम हो जाते हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>MP Weather: मध्य प्रदेश में फिर बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ऑरेंज और भोपाल समेत 43 जिलों में येलो अलर्ट</title>
<link>https://atworldnews.in/9030</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  प्रदेश में मानसून की जोरदार वर्षा हो रही है। रविवार को राजधानी भोपाल सहित अधिकांश जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की वर्षा हुई। शाम करीब साढ़े चार बजे राजधानी भोपाल में अचानक घने काले बादल छा गए, जिससे दिन में ही अंधेरे जैसे हालात बन गए। दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों … ]]></description>
<enclosure url="https://atworldnews.in/uploads/images/202607/image_870x580_6a4a86cf99610.jpg" length="109204" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:01:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>Weather:, मध्य, प्रदेश, में, फिर, बारिश, का, अलर्ट, जिलों, में, ऑरेंज, और, भोपाल, समेत, जिलों, में, येलो, अलर्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><span><span><strong><span><span>भोपाल</span></span></strong> </span></span></p>
<p><span><span><span><span>प्रदेश</span></span> <span><span>में</span></span> <span><span>मानसून</span></span> <span><span>की</span></span> <span><span>जोरदार</span></span> <span><span>वर्षा</span></span> <span><span>हो</span></span> <span><span>रही</span></span> <span><span>है।</span></span> <span><span>रविवार</span></span> <span><span>को</span></span> <span><span>राजधानी</span></span> <span><span>भोपाल</span></span> <span><span>सहित</span></span> <span><span>अधिकांश</span></span> <span><span>जिलों</span></span> <span><span>में</span></span> <span><span>कहीं</span></span> <span><span>तेज</span></span> <span><span>तो</span></span> <span><span>कहीं</span></span> <span><span>हल्की</span></span> <span><span>वर्षा</span></span> <span><span>हुई।</span></span> <span><span>शाम</span></span> <span><span>करीब</span></span> <span><span>साढ़े</span></span> <span><span>चार</span></span> <span><span>बजे</span></span> <span><span>राजधानी</span></span> <span><span>भोपाल</span></span> <span><span>में</span></span> <span><span>अचानक</span></span> <span><span>घने</span></span> <span><span>काले</span></span> <span><span>बादल</span></span> <span><span>छा</span></span> <span><span>गए</span></span><span><span>, </span></span><span><span>जिससे</span></span> <span><span>दिन</span></span> <span><span>में</span></span> <span><span>ही</span></span> <span><span>अंधेरे</span></span> <span><span>जैसे</span></span> <span><span>हालात</span></span> <span><span>बन</span></span> <span><span>गए।</span></span> <span><span>दृश्यता</span></span> <span><span>कम</span></span> <span><span>होने</span></span> <span><span>के</span></span> <span><span>कारण</span></span> <span><span>वाहन</span></span> <span><span>चालकों</span></span> <span><span>को</span></span> <span><span>हेडलाइट</span></span> <span><span>जलाकर</span></span> <span><span>आवाजाही</span></span> <span><span>करना</span></span> <span><span>पड़ा।</span></span> <span><span>यही</span></span> <span><span>हाल</span></span> <span><span>सीहोर</span></span> <span><span>और</span></span> <span><span>ग्वालियर</span></span> <span><span>का</span></span> <span><span>रहा</span></span><span><span>, </span></span><span><span>जहां</span></span> <span><span>घने</span></span> <span><span>काले</span></span> <span><span>बादलों</span></span> <span><span>की</span></span> <span><span>वजह</span></span> <span><span>से</span></span> <span><span>अंधेरा</span></span> <span><span>छा</span></span> <span><span>गया।</span></span> <span><span>उसके</span></span> <span><span>बाद</span></span> <span><span>झमाझम</span></span> <span><span>वर्षा</span></span> <span><span>हुई।</span></span></span></span></p>
<p><span><span><strong><span><span>छह</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>जिलों</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>में</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>ऑरेंज</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>अलर्ट</span></span></strong><strong><span><span>, </span></span></strong><strong><span><span>भोपाल</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>समेत</span></span></strong><strong><span><span> 43 </span></span></strong><strong><span><span>में</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>येलो</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>अलर्ट</span></span></strong></span></span></p>
<p><span><span><span><span>मौसम</span></span> <span><span>विभाग</span></span> <span><span>ने</span></span> <span><span>प्रदेश</span></span> <span><span>के</span></span> <span><span>बैतूल</span></span><span><span>, </span></span><span><span>अलीराजपुर</span></span><span><span>, </span></span><span><span>देवास</span></span><span><span>, </span></span><span><span>अनूपपुर</span></span><span><span>, </span></span><span><span>दमोह</span></span> <span><span>और</span></span> <span><span>सागर</span></span> <span><span>के</span></span> <span><span>लिए</span></span> <span><span>ऑरेंज</span></span> <span><span>अलर्ट</span></span> <span><span>जारी</span></span> <span><span>किया</span></span> <span><span>है।</span></span> <span><span>वहीं</span></span> <span><span>विदिशा</span></span><span><span>, </span></span><span><span>रायसेन</span></span><span><span>, </span></span><span><span>भोपाल</span></span> <span><span>समेत</span></span><span><span> 43 </span></span><span><span>जिलों</span></span> <span><span>को</span></span> <span><span>येलो</span></span> <span><span>अलर्ट</span></span> <span><span>में</span></span> <span><span>रखा</span></span> <span><span>है।</span></span> <span><span>केंद्र</span></span> <span><span>के</span></span> <span><span>अनुसार</span></span> <span><span>प्रदेश</span></span> <span><span>में</span></span> <span><span>अगले</span></span> <span><span>पांच</span></span> <span><span>दिनों</span></span> <span><span>तक</span></span> <span><span>मौसम</span></span> <span><span>में</span></span> <span><span>कोई</span></span> <span><span>विशेष</span></span> <span><span>परिवर्तन</span></span> <span><span>नहीं</span></span> <span><span>है।</span></span></span></span></p>
<p><span><span><span><span>छिंदवाड़ा</span></span> <span><span>में</span></span> <span><span>ढाई</span></span> <span><span>इंच</span></span><span><span> (67 </span></span><span><span>मिलीमीटर</span></span><span><span>) </span></span><span><span>बरसात</span></span> <span><span>हुई।</span></span> <span><span>हरदा</span></span> <span><span>में</span></span> <span><span>झमाझम</span></span> <span><span>वर्षा</span></span> <span><span>के</span></span> <span><span>कारण</span></span> <span><span>फसलें</span></span> <span><span>बह</span></span> <span><span>गईं</span></span> <span><span>और</span></span> <span><span>विदिशा</span></span><span><span>–</span></span><span><span>गुना</span></span> <span><span>में</span></span> <span><span>जलभराव</span></span> <span><span>से</span></span> <span><span>जनजीवन</span></span> <span><span>प्रभावित</span></span> <span><span>हुआ।</span></span> <span><span>पांढुर्णा</span></span> <span><span>जिले</span></span> <span><span>के</span></span> <span><span>सीतापार</span></span> <span><span>के</span></span> <span><span>पगड़ी</span></span> <span><span>गांव</span></span> <span><span>में</span></span> <span><span>बिजली</span></span> <span><span>गिरने</span></span> <span><span>से</span></span><span><span> 48 </span></span><span><span>वर्षीय</span></span> <span><span>सुलोचना</span></span> <span><span>तड़ाम</span></span> <span><span>की</span></span> <span><span>मौत</span></span> <span><span>हो</span></span> <span><span>गई।</span></span></span></span></p>
<p><span><span><em><span><span>मौसम</span></span></em><em> </em><em><span><span>केंद्र</span></span></em><em> </em><em><span><span>के</span></span></em><em> </em><em><span><span>अनुसार</span></span></em><em> </em><em><span><span>प्रदेश</span></span></em><em> </em><em><span><span>के</span></span></em><em> </em><em><span><span>पूर्वी</span></span></em><em> </em><em><span><span>इलाके</span></span></em><em> </em><em><span><span>अभी</span></span></em><em> </em><em><span><span>तप</span></span></em><em> </em><em><span><span>रहे</span></span></em><em> </em><em><span><span>हैं।</span></span></em><em> </em><em><span><span>वहां</span></span></em><em> </em><em><span><span>का</span></span></em><em> </em><em><span><span>अधिकतम</span></span></em><em> </em><em><span><span>तापमान</span></span></em><em><span><span> 28.5 </span></span></em><em><span><span>डिग्री</span></span></em><em> </em><em><span><span>से</span></span></em><em> </em><em><span><span>लेकर</span></span></em><em><span><span> 39.0 </span></span></em><em><span><span>डिग्री</span></span></em><em> </em><em><span><span>तक</span></span></em><em> </em><em><span><span>रिकॉर्ड</span></span></em><em> </em><em><span><span>किए</span></span></em><em> </em><em><span><span>गए।</span></span></em><em> </em><em><span><span>वहीं</span></span></em><em> </em><em><span><span>पश्चिमी</span></span></em><em> </em><em><span><span>इलाकों</span></span></em><em> </em><em><span><span>में</span></span></em><em> </em><em><span><span>लगातार</span></span></em><em> </em><em><span><span>वर्षा</span></span></em><em> </em><em><span><span>की</span></span></em><em> </em><em><span><span>वजह</span></span></em><em> </em><em><span><span>से</span></span></em><em> </em><em><span><span>रविवार</span></span></em><em> </em><em><span><span>को</span></span></em><em> </em><em><span><span>दिन</span></span></em><em> </em><em><span><span>के</span></span></em><em> </em><em><span><span>तापमान</span></span></em><em> </em><em><span><span>में</span></span></em><em><span><span> 4.7 </span></span></em><em><span><span>डिग्री</span></span></em><em> </em><em><span><span>तक</span></span></em><em> </em><em><span><span>गिरावट</span></span></em><em> </em><em><span><span>हुई।</span></span></em><em> </em><em><span><span>यहां</span></span></em><em> </em><em><span><span>पारा</span></span></em><em><span><span> 27.0 </span></span></em><em><span><span>डिग्री</span></span></em><em> </em><em><span><span>से</span></span></em><em> </em><em><span><span>लेकर</span></span></em><em><span><span> 36.2 </span></span></em><em><span><span>डिग्री</span></span></em><em> </em><em><span><span>तक</span></span></em><em> </em><em><span><span>रहे।</span></span></em><em> </em><em><span><span>केंद्र</span></span></em><em> </em><em><span><span>के</span></span></em><em> </em><em><span><span>अनुसार</span></span></em><em> </em><em><span><span>अगले</span></span></em><em> </em><em><span><span>पांच</span></span></em><em> </em><em><span><span>दिनों</span></span></em><em> </em><em><span><span>तक</span></span></em><em> </em><em><span><span>मौसम</span></span></em><em> </em><em><span><span>में</span></span></em><em> </em><em><span><span>कोई</span></span></em><em> </em><em><span><span>विशेष</span></span></em><em> </em><em><span><span>परिवर्तन</span></span></em><em> </em><em><span><span>नहीं</span></span></em><em> </em><em><span><span>होने</span></span></em><em> </em><em><span><span>की</span></span></em><em> </em><em><span><span>संभावना</span></span></em><em> </em><em><span><span>जताई</span></span></em><em> </em><em><span><span>गई</span></span></em><em> </em><em><span><span>है।</span></span></em></span></span></p>
<p><span><span><strong><span><span>हरदा</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>में</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>बाढ़</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>से</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>किसानों</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>की</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>मेहनत</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>पर</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>पानी</span></span></strong></span></span></p>
<p><span><span><span><span>हरदा</span></span> <span><span>जिले</span></span> <span><span>में</span></span> <span><span>एक</span></span> <span><span>दिन</span></span> <span><span>पहले</span></span> <span><span>हुई</span></span> <span><span>भारी</span></span> <span><span>वर्षा</span></span> <span><span>के</span></span> <span><span>बाद</span></span> <span><span>नदी</span></span><span><span>–</span></span><span><span>नाले</span></span> <span><span>उफान</span></span> <span><span>पर</span></span> <span><span>आ</span></span> <span><span>गए।</span></span> <span><span>इससे</span></span> <span><span>खेतों</span></span> <span><span>में</span></span> <span><span>बोई</span></span> <span><span>गई</span></span> <span><span>मक्का</span></span><span><span>, </span></span><span><span>सोयाबीन</span></span> <span><span>और</span></span> <span><span>उड़द</span></span> <span><span>की</span></span> <span><span>अंकुरित</span></span> <span><span>फसलें</span></span> <span><span>मिट्टी</span></span> <span><span>सहित</span></span> <span><span>बह</span></span> <span><span>गईं।</span></span> <span><span>किसानों</span></span> <span><span>का</span></span> <span><span>कहना</span></span> <span><span>है</span></span> <span><span>कि</span></span> <span><span>कई</span></span> <span><span>खेतों</span></span> <span><span>में</span></span> <span><span>अभी</span></span> <span><span>भी</span></span> <span><span>पानी</span></span> <span><span>भरा</span></span> <span><span>हुआ</span></span> <span><span>है</span></span><span><span>, </span></span><span><span>जिससे</span></span> <span><span>दोबारा</span></span> <span><span>बोवनी</span></span> <span><span>की</span></span> <span><span>चिंता</span></span> <span><span>बढ़</span></span> <span><span>गई</span></span> <span><span>है।</span></span></span></span></p>
<p><span><span><strong><span><span>विदिशा</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>और</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>गुना</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>में</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>जलभराव</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>की</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>परेशानी</span></span></strong></span></span></p>
<p><span><span><span><span>विदिशा</span></span> <span><span>की</span></span> <span><span>सौराई</span></span> <span><span>स्थित</span></span> <span><span>राजीव</span></span> <span><span>आवास</span></span> <span><span>कॉलोनी</span></span> <span><span>में</span></span> <span><span>करोड़ों</span></span> <span><span>रुपये</span></span> <span><span>खर्च</span></span> <span><span>होने</span></span> <span><span>के</span></span> <span><span>बावजूद</span></span> <span><span>वर्षा</span></span> <span><span>के</span></span> <span><span>समय</span></span> <span><span>जलभराव</span></span> <span><span>और</span></span> <span><span>कीचड़</span></span> <span><span>की</span></span> <span><span>समस्या</span></span> <span><span>बनी</span></span> <span><span>हुई</span></span> <span><span>है।</span></span> <span><span>यहां</span></span> <span><span>नाले</span></span> <span><span>पर</span></span> <span><span>बनी</span></span> <span><span>पुलिया</span></span> <span><span>नीची</span></span> <span><span>होने</span></span> <span><span>से</span></span> <span><span>वर्षा</span></span> <span><span>के</span></span> <span><span>बाद</span></span> <span><span>रास्ता</span></span> <span><span>बंद</span></span> <span><span>हो</span></span> <span><span>जाता</span></span> <span><span>है</span></span> <span><span>और</span></span> <span><span>करीब</span></span><span><span> 300 </span></span><span><span>परिवारों</span></span> <span><span>को</span></span> <span><span>परेशानी</span></span> <span><span>झेलनी</span></span> <span><span>पड़ती</span></span> <span><span>है।</span></span></span></span></p>
<p><span><span><span><span>गुना</span></span> <span><span>के</span></span> <span><span>वार्ड</span></span><span><span>–</span></span><span><span>दो</span></span> <span><span>के</span></span> <span><span>रहवासी</span></span> <span><span>भी</span></span> <span><span>चिंतित</span></span> <span><span>हैं।</span></span> <span><span>दरअसल</span></span> <span><span>नदी</span></span> <span><span>की</span></span> <span><span>सफाई</span></span> <span><span>का</span></span> <span><span>वादा</span></span> <span><span>किया</span></span> <span><span>गया</span></span> <span><span>था</span></span><span><span>, </span></span><span><span>लेकिन</span></span> <span><span>अब</span></span> <span><span>तक</span></span> <span><span>काम</span></span> <span><span>शुरू</span></span> <span><span>नहीं</span></span> <span><span>हुआ</span></span> <span><span>है।</span></span> <span><span>वर्षा</span></span> <span><span>शुरू</span></span> <span><span>होने</span></span> <span><span>के</span></span> <span><span>बाद</span></span> <span><span>लोगों</span></span> <span><span>को</span></span> <span><span>फिर</span></span> <span><span>बाढ़</span></span> <span><span>का</span></span> <span><span>खतरा</span></span> <span><span>सताने</span></span> <span><span>लगा</span></span> <span><span>है।</span></span></span></span></p>
<p><span><span><strong><span><span>शाम</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>साढ़े</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>पांच</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>बजे</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>तक</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>कहां</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>कितनी</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>हुई</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>वर्षा</span></span></strong><strong><span><span> (</span></span></strong><strong><span><span>फैक्ट</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>फाइल</span></span></strong><strong><span><span>)</span></span></strong></span></span></p>
<table class="Table">
<thead>
<tr>
<td>
<p><span><span><strong><span><span>शहर</span></span></strong></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><strong><span><span>मिलीमीटर</span></span></strong></span></span></p>
</td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>छिंदवाड़ा</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>67.0</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>सिवनी</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>22.0</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>श्योपुर</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>20.0</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>उज्जैन</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>19.0</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>टीकमगढ़</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>15.0</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>ग्वालियर</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>10.0</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>मंडला</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>8.0</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>रीवा</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>7.0</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>सागर</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>6.0</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>गुना</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>5.0</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>सीधी</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>5.0</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>जबलपुर</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>3.0</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>बालाघाट</span></span> <span><span>जिले</span></span> <span><span>के</span></span> <span><span>मलाजखंड</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>3.0</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>नरसिंहपुर</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>2.0</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>इंदौर</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>1.0</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>राजगढ़</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>1.0</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>दतिया</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>0.8</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><span><span><strong><span><span>प्रदेश</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>के</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>चार</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>बड़े</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>शहरों</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>के</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>तापमान</span></span></strong></span></span></p>
<table class="Table">
<thead>
<tr>
<td>
<p><span><span><strong><span><span>शहर</span></span></strong></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><strong><span><span>अधिकतम</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>तापमान</span></span></strong></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><strong><span><span>न्यूनतम</span></span></strong><strong> </strong><strong><span><span>तापमान</span></span></strong></span></span></p>
</td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>भोपाल</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>32.2</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>25.4</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>इंदौर</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>30.9</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>22.8</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>ग्वालियर</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>37.7</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>28.3</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td>
<p><span><span><span><span>जबलपुर</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>34.0</span></span></span></span></p>
</td>
<td>
<p><span><span><span><span>24.4</span></span></span></span></p>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><span><span><strong><em><span><span>(</span></span></em></strong><strong><em><span><span>नोट</span></span></em></strong><strong><em><span><span>: </span></span></em></strong><strong><em><span><span>तापमान</span></span></em></strong><strong><em> </em></strong><strong><em><span><span>डिग्री</span></span></em></strong><strong><em> </em></strong><strong><em><span><span>सेल्सियस</span></span></em></strong><strong><em> </em></strong><strong><em><span><span>में</span></span></em></strong><strong><em> </em></strong><strong><em><span><span>है</span></span></em></strong><strong><em><span><span>)</span></span></em></strong></span></span></p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पदोन्नति की तैयारी तेज, डीपीसी के बाद जारी होंगे प्रमोशन आदेश</title>
<link>https://atworldnews.in/9029</link>
<guid>https://atworldnews.in/9029</guid>
<description><![CDATA[ भोपाल  राज्य शासन से पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश मिलने के बाद निगम प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके लिए विभिन्न विभागों से पात्र कर्मचारियों की जानकारी जुटाई जा रही है और सूची तैयार करने का काम अंतिम चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि शासन ने 31 जुलाई तक … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:01:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>पदोन्नति, की, तैयारी, तेज, डीपीसी, के, बाद, जारी, होंगे, प्रमोशन, आदेश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p> राज्य शासन से पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश मिलने के बाद निगम प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके लिए विभिन्न विभागों से पात्र कर्मचारियों की जानकारी जुटाई जा रही है और सूची तैयार करने का काम अंतिम चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि शासन ने 31 जुलाई तक प्रक्रिया पूरी करने का समय दिया है, लेकिन प्रयास है कि निर्धारित समय-सीमा से पहले ही आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली जाए।<br>
<strong>सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश</strong></p>
<p>हाल ही में यह स्पष्ट हुआ है कि प्रदेश में पदोन्नति पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के प्रमुख सचिवों, विभागाध्यक्षों और अन्य कार्यालयों को पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। विधानसभा सचिवालय ने दो जुलाई को 12 अधिकारी-कर्मचारियों की पदोन्नति के आदेश भी जारी कर दिए।</p>
<p><strong>डीपीसी की तैयारी</strong></p>
<p>वहीं, भोपाल नगर निगम में फिलहाल विभागवार पात्र कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है, जिसके बाद विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक आयोजित कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।<br>
  <br>
शासन के निर्देशों के अनुसार सभी पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार पदोन्नति दी जाएगी। अलग-अलग विभागों से जानकारी एकत्र कर सूची तैयार की जा रही है। शासन ने 31 जुलाई तक का समय निर्धारित किया है और इस समय-सीमा के भीतर ही पूरी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी।- वरुण अवस्थी, अपर आयुक्त, नगर निगम</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए योगी सरकार ने दी 210 करोड़ रुपये की सब्सिडी, 43 हजार से अधिक लोगों को मिला लाभ</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार के विजन के तहत परिवहन विभाग द्वारा संचालित इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्रय सब्सिडी योजना प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:33:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>इलेक्ट्रिक, वाहनों, के, लिए, योगी, सरकार, ने, दी, 210, करोड़, रुपये, की, सब्सिडी, हजार, से, अधिक, लोगों, को, मिला, लाभ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार के विजन के तहत परिवहन विभाग द्वारा संचालित इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्रय सब्सिडी योजना प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से हजारों उपभोक्ताओं को आर्थिक सहायता मिलने के साथ ही प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत हुआ है। इसके तहत योगी सरकार ने 210 करोड़ रुपये से अधिक सब्सिडी के रूप में वितरित किए।<br>
 <br>
उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि खाड़ी देशों में गंभीर हालात और तेल संकट के बीच ईवी वाहनों की तरफ रुख करना ही बेहतर है। वहीं प्रदेश सरकार की इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) क्रय सब्सिडी योजना इस दिशा में शानदार सहयोग दे रही है। इससे पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधनों पर निर्भरता कम होगी और बेहतर पर्यावरण से लोगों का स्वास्थ्य अच्छा होगा। प्रदेश सरकार ने इसी विजन के साथ 210 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी का भुगतान कर नया कीर्तिमान बनाया है।</p>
<p><strong>43 हजार से अधिक लाभार्थियों को मिली सब्सिडी</strong></p>
<p>परिवहन विभाग के मुताबिक प्रदेश में अब तक 96,778 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। इनमें से 43,218 लाभार्थियों को अंतिम रूप से ईवी क्रय सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना का लाभ बड़ी संख्या में आम नागरिकों तक पहुंचा है और लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपना रहे हैं।</p>
<p><strong>तीन वर्षों में 210 करोड़ रुपये की सब्सिडी</strong></p>
<p>योजना शुरू होने के बाद पहले लगभग तीन वर्षों के दौरान योगी सरकार ने रिकॉर्ड 210 करोड़ रुपये से अधिक सब्सिडी के रूप में वितरित किए हैं। इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले उपभोक्ताओं की शुरुआती लागत कम हुई है। परिवहन विभाग ने योजना की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण एवं आवेदनों का लाइव काउंटर भी उपलब्ध कराया है।</p>
<p><strong>दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को मिला सबसे अधिक लाभ</strong></p>
<p>ईवी क्रय सब्सिडी योजना के अंतर्गत सबसे अधिक लाभ दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को मिला है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 61,417 दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। कम कीमत, कम संचालन लागत और दैनिक उपयोग के लिए उपयुक्त होने के कारण इलेक्ट्रिक स्कूटर और मोटरसाइकिलों की मांग तेजी से बढ़ी है। योजना की मूल संरचना में भी दोपहिया वाहनों को विशेष महत्व देते हुए 2 लाख दोपहिया वाहनों तक सब्सिडी देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।</p>
<p><strong>सभी श्रेणियों के वाहनों को प्रोत्साहन</strong></p>
<p>योजना के तहत सरकार ने केवल दोपहिया वाहनों तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि 25 हजार चारपहिया, 400 ई-बस और 1,000 ई-गुड्स कैरियर वाहनों को भी सब्सिडी देने का लक्ष्य निर्धारित किया। इससे निजी उपयोग के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन और माल परिवहन में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलने की दिशा में ठोस पहल हुई है।</p>
<p><strong>पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और परिवहन खर्च में आ रही कमी</strong></p>
<p>इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आने, वायु प्रदूषण घटाने और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है। इसके साथ ही आम नागरिकों के परिवहन खर्च में भी कमी आ रही है। यही कारण है कि प्रदेश में ईवी अपनाने की गति लगातार बढ़ रही है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>डॉ. तीजन बाई के सम्मान में गनियारी के शासकीय हाई&#45;हायर सेकेंडरी स्कूल का होगा नामकरण – शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने आज विश्वविख्यात पंडवानी गायिका, पद्मविभूषण से सम्मानित एवं छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अप्रतिम धरोहर डॉ. तीजन बाई के गृहग्राम गनियारी स्थित निवास पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत वे उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए तथा दाह संस्कार कार्यक्रम तक … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:31:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>डॉ., तीजन, बाई, के, सम्मान, में, गनियारी, के, शासकीय, हाई-हायर, सेकेंडरी, स्कूल, का, होगा, नामकरण, –, शिक्षा, मंत्री, गजेन्द्र, यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>रायपुर</p>
<p>स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने आज विश्वविख्यात पंडवानी गायिका, पद्मविभूषण से सम्मानित एवं छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अप्रतिम धरोहर डॉ. तीजन बाई के गृहग्राम गनियारी स्थित निवास पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत वे उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए तथा दाह संस्कार कार्यक्रम तक उपस्थित रहकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने घोषणा किया कि उनके गृहग्राम गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नामकरण "डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय, गनियारी" के नाम से किया जाएगा।<br>
      <br>
शिक्षा मंत्री  यादव ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय कला-साधना, ओजस्वी वाणी और आजीवन समर्पण के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका निधन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के एक स्वर्णिम अध्याय का अवसान है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने चरणों में स्थान प्रदान करने तथा शोकाकुल परिजनों एवं असंख्य प्रशंसकों को इस दुःख की घड़ी में संबल देने की प्रार्थना की।<br>
     <br>
मंत्री  यादव ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का संपूर्ण जीवन लोकपरंपराओं, संस्कृति और कला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित रहा। उनकी कला साधना, संघर्ष और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर स्थापित करने में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।</p>
<p>श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने डॉ. तीजन बाई के सम्मान में उनके गृहग्राम गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नामकरण "डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय, गनियारी" के नाम से किया जाएगा। राज्य सरकार का यह निर्णय महान लोककलाकार के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगा तथा इससे भावी पीढ़ियों को उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व, जीवन-संघर्ष और सांस्कृतिक योगदान से निरंतर प्रेरणा प्राप्त होती रहेगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय 112 करोड़ से अधिक के कार्यों का करेंगे लोकार्पण&#45;भूमिपूजन</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय 6 जुलाई को रायपुर जिले के समोदा में 112 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इनमें 21 करोड़ 67 लाख रुपए के 67 कार्यों का लोकार्पण और 90 करोड़ 34 लाख रुपए लागत के 29 निर्माण कार्यों के भूमिपूजन शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री तथा … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:31:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, विष्णु, देव, साय, 112, करोड़, से, अधिक, के, कार्यों, का, करेंगे, लोकार्पण-भूमिपूजन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय 6 जुलाई को रायपुर जिले के समोदा में 112 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इनमें 21 करोड़ 67 लाख रुपए के 67 कार्यों का लोकार्पण और 90 करोड़ 34 लाख रुपए लागत के 29 निर्माण कार्यों के भूमिपूजन शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन व लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। वन एवं पर्यावरण तथा रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और सांसद  बृजमोहन अग्रवाल कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।</p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आरंग क्षेत्र के ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में लोक निर्माण विभाग के 9 करोड़ 43 लाख रुपए के तीन कार्यों, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 79 लाख रुपए के पांच कार्यों, नगर पंचायत समोदा के 6 करोड़ 67 लाख रुपए के 20 कार्यों तथा आरंग नगर पालिका में 4 करोड़ 78 लाख रुपए के 39 कार्यों का लोकार्पण करेंगे। </p>
<p> साय लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जाने वाले 61 करोड़ 11 लाख रुपए लागत के 8 कार्यों, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के दो करोड़ 54 लाख रुपए के 11 कार्यों एवं समोदा नगर पंचायत के 8 करोड़ 70 लाख रुपए के 9 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। वे स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवा रायपुर के सेक्टर-17,  कोटरा भाठा में 18 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे 100 बिस्तर अस्पताल का भी भूमिपूजन करेंगे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>लोककला की अमर स्वर&#45;सरिता को राजकीय सम्मान: पद्म विभूषण तीजन बाई को अश्रुपूरित विदाई</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाने वाली विश्वविख्यात पंडवानी गायिका एवं पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई को रविवार को उनके पैतृक गांव गनियारी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। राज्य शासन के निर्णय के अनुरूप पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:31:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>लोककला, की, अमर, स्वर-सरिता, को, राजकीय, सम्मान:, पद्म, विभूषण, तीजन, बाई, को, अश्रुपूरित, विदाई</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाने वाली विश्वविख्यात पंडवानी गायिका एवं पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई को रविवार को उनके पैतृक गांव गनियारी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। राज्य शासन के निर्णय के अनुरूप पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों, साहित्यकारों तथा हजारों श्रद्धालुओं ने नम आंखों से लोककला की इस महान विभूति को अंतिम प्रणाम किया।</p>
<p>डॉ. तीजन बाई के निधन से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के कला एवं सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उन्होंने अपने अद्वितीय गायन, प्रभावशाली अभिनय और ओजपूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से पंडवानी जैसी लोककला को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया। महाभारत की कथाओं को जीवंत शैली में प्रस्तुत करने की उनकी विलक्षण कला ने देश-विदेश के असंख्य दर्शकों को भारतीय लोकसंस्कृति से जोड़ने का कार्य किया।</p>
<p>ग्रामीण परिवेश से निकलकर विश्व मंच तक पहुंचने का उनका सफर संघर्ष, साधना और समर्पण का अनुपम उदाहरण है। अनेक सामाजिक एवं आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने अपनी प्रतिभा के बल पर ऐसी पहचान बनाई, जिसने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी।</p>
<p>भारतीय लोककला में उनके अप्रतिम योगदान के लिए उन्हें पद्म, पद्मभूषण और देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण सहित अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत किया गया। वे भारतीय लोक परंपरा की ऐसी प्रतिनिधि थीं, जिन्होंने अपनी कला के माध्यम से देश की सांस्कृतिक अस्मिता को विश्वभर में गौरवान्वित किया।</p>
<p>राज्य शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप उनके अंतिम संस्कार के अवसर पर राजकीय सम्मान की सभी औपचारिकताएं पूर्ण की गईं। गनियारी गांव में आयोजित अंतिम संस्कार में उपस्थित जनसमूह ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी अमूल्य सांस्कृतिक विरासत को सदैव जीवित रखने का संकल्प व्यक्त किया।</p>
<p>डॉ. तीजन बाई का निधन भारतीय लोककला के एक स्वर्णिम युग का अवसान है, किंतु उनकी स्वर-साधना, पंडवानी की समृद्ध परंपरा और लोकसंस्कृति के संरक्षण के लिए उनका आजीवन समर्पण सदैव अमर रहेगा। उनकी अनुपम कला, ओजस्वी व्यक्तित्व और सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>राज्य में 30 जून की स्थिति में 13.16 लाख मीट्रिक टन से अधिक खाद का भण्डारण</title>
<link>https://atworldnews.in/9024</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर प्रदेश में पर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के अपने संकल्प पर लगातार प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है। खरीफ वर्ष 2026 के लिए 30 जून तक की स्थिति में 13 लाख 16 … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:31:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>राज्य, में, जून, की, स्थिति, में, 13.16, लाख, मीट्रिक, टन, से, अधिक, खाद, का, भण्डारण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर प्रदेश में पर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के अपने संकल्प पर लगातार प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है। खरीफ वर्ष 2026 के लिए 30 जून तक की स्थिति में 13 लाख 16 हजार 506 मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण किया जा चुका है। यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ को माह जुलाई में 46,500 टन डीएपी सप्लाई की आपूर्ति प्राप्त हुई है, जो सामान्य से अधिक है। इससे अब किसानों के लिए पर्याप्त डीएपी उपलब्ध हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि अब तक भंडारित कुल रासायनिक खाद पिछले साल इसी अवधि में भंडारित रासायनिक खाद की तुलना में 1.08 लाख मीट्रिक टन अधिक है।   </p>
<p>वहीं प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों के भण्डारण और वितरण की स्थिति यह दर्शाती है कि सरकार ने खेती के मौसम से पहले ही किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराना केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि किसान परिवारों की समृद्धि और प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। </p>
<p>बता दें कि केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए खरीफ वर्ष 2026 में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध 30 जून की स्थिति में 13 लाख 16 हजार 506 मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण किया जा चुका है। इनमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी तथा एसएसपी जैसे सभी प्रमुख उर्वरक शामिल हैं। यह स्थिति इस बात का प्रमाण है कि किसानों को बुआई के दौरान खाद की उपलब्धता में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए सरकार ने पहले से व्यापक तैयारी की है। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि प्रदेश के किसानों को अभी तक 7 लाख 27 हजार 833 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। यह वितरण किसानों की वास्तविक मांग के अनुरूप लगातार किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश में 5 लाख 88 हजार 673 मीट्रिक टन उर्वरकों का शेष भण्डार उपलब्ध है, जिससे आगामी दिनों में भी किसानों को निर्बाध रूप से खाद उपलब्ध कराई जा सकेगी।</p>
<p>यदि गत वर्ष की समान अवधि से तुलना करें तो इस वर्ष की उपलब्धियां और भी उत्साहजनक हैं। 30 जून 2025 तक प्रदेश में 12 लाख 25 हजार 929 मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण हुआ था, जबकि इस वर्ष यह बढ़कर 13 लाख 16 हजार 506 मीट्रिक टन हो गया है। अर्थात लगभग 90 हजार 577 मीट्रिक टन अधिक खाद का भण्डारण सुनिश्चित किया गया है।</p>
<p>इसी प्रकार, गत वर्ष 30 जून तक 7 लाख 66 हजार 161 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया था। इस वर्ष अब तक लगभग 7.28 लाख मीट्रिक टन खाद किसानों तक पहुंच चुकी है। प्रदेश में वर्तमान में उपलब्ध 5.88 लाख मीट्रिक टन से अधिक का शेष भण्डार आगामी मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है और यह सरकार की दूरदर्शी योजना एवं मजबूत आपूर्ति प्रबंधन का परिचायक है।</p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के किसी भी किसान को खाद के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। यही कारण है कि राज्य सरकार खाद की उपलब्धता, भण्डारण, परिवहन एवं वितरण की सतत निगरानी कर रही है, जिससे खरीफ सीजन में किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध हो रहे हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 जुलाई को करेंगे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क सतगढ़ी का भूमि&#45;पूजन एवं शिलान्यास</title>
<link>https://atworldnews.in/9023</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक एवं निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिये औद्योगिक अधोसंरचना के विस्तार, निवेश-अनुकूल वातावरण के निर्माण और रोजगार सृजन को गति देने के उद्देश्य से निरंतर प्रभावी पहल की जा रही हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजधानी … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, डॉ., यादव, जुलाई, को, करेंगे, डॉ., श्यामा, प्रसाद, मुखर्जी, स्मार्ट, इंडस्ट्रियल, पार्क, सतगढ़ी, का, भूमि-पूजन, एवं, शिलान्यास</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक एवं निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिये औद्योगिक अधोसंरचना के विस्तार, निवेश-अनुकूल वातावरण के निर्माण और रोजगार सृजन को गति देने के उद्देश्य से निरंतर प्रभावी पहल की जा रही हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजधानी भोपाल को आधुनिक औद्योगिक पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 6 जुलाई (सोमवार) को सतगढ़ी में विकसित किए जा रहे 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क' का भूमि-पूजन एवं शिलान्यास करेंगे। राष्ट्रवादी चिंतक एवं भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम प्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। कार्यक्रम में देश और प्रदेश के लगभग 200 से अधिक प्रमुख उद्योगपति, निवेशक और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।</p>
<p>लगभग 173 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का नया आधार बनेगा। परियोजना में आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना, उत्कृष्ट सड़क एवं परिवहन संपर्क, आईटी एवं एआई आधारित सुविधाएं, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग कॉम्प्लेक्स तथा भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा, जिससे निवेशकों को विश्वस्तरीय औद्योगिक वातावरण उपलब्ध हो सके।</p>
<p>यह परियोजना 'वर्क-लिव-ग्रो' मॉडल पर आधारित होगी, जहां उद्योगों के साथ कौशल विकास, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण जीवन के लिए आवश्यक सुविधाओं का समन्वित विकास किया जाएगा। पार्क में उच्च मूल्य विनिर्माण, गारमेंट, टॉयज, आईटी, एआई, लॉजिस्टिक्स तथा उभरती तकनीकों से जुड़े उद्योगों को स्थापित करने की परिकल्पना की गई है। इससे राजधानी में विविध औद्योगिक क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित होगा और नए निवेश के अवसर सृजित होंगे।</p>
<p>सतगढ़ी में विकसित हो रहा यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क कोलार क्षेत्र के विकास की दिशा भी बदलेगा। अब तक मुख्य रूप से आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित कोलार आने वाले समय में निवेश, उद्योग और रोजगार का नया केंद्र बनेगा। परियोजना से 15 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है, जिनका लाभ विशेष रूप से भोपाल और आसपास के युवाओं को मिलेगा। इसके साथ ही बढ़ती औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी।</p>
<p>परियोजना की एक विशेष उपलब्धि यहां विकसित किया जाने वाला विश्वस्तरीय कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन सेंटर होगा। लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित यह परिसर 10 हजार से अधिक लोगों की क्षमता वाला होगा, जहां राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के निवेशक सम्मेलन, औद्योगिक प्रदर्शनियां, व्यापारिक आयोजन और वैश्विक व्यवसायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इससे भोपाल को मध्य भारत के प्रमुख एमआईसीई (मीटिंग्स, इंसेन्टिव्स, कॉन्फ्रेंसेस एण्ड एग्जिबिशन) गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार मिलेगा।</p>
<p>रणनीतिक दृष्टि से भी यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। सतगढ़ी क्षेत्र राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, कोलार रोड तथा प्रस्तावित वेस्टर्न बायपास से बेहतर संपर्क के कारण निवेशकों के लिए सुविधाजनक औद्योगिक गंतव्य के रूप में विकसित होगा। यह कनेक्टिविटी उद्योगों की स्थापना, लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<p>पार्क को पर्यावरण अनुकूल एवं स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत एससीएडीए आधारित जल प्रबंधन प्रणाली, जल एवं सीवेज शोधन संयंत्र, ऑटोमेटेड एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था तथा अत्याधुनिक यूटिलिटी कॉरिडोर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण-संरक्षण और संसाधनों के कुशल प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क राजधानी भोपाल में औद्योगिक निवेश, आधुनिक विनिर्माण और रोजगार सृजन के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह परियोजना औद्योगिक अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ प्रदेश की निवेश क्षमता को और मजबूत करेगी तथा भोपाल को मध्य भारत के प्रमुख औद्योगिक एवं व्यावसायिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>MP स्कूल शिक्षा विभाग में 5,017 शिक्षकों की होगी भर्ती, DPI ने जारी किया आदेश</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल. मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने 5 हजार 17 शिक्षकों का नियु​क्ति आदेश जारी कर दिया है। मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती-2024 के तहत 5017 कैंडिडेट्स का चयन किया गया था। 3 और 4 जुलाई को संभागीय संयुक्त संचालकों के जरिए नियुक्तियां जारी की गईं, जिसमें 4 हजार 67 माध्यमिक और 950 प्राथमिक शिक्षक शामिल हैं। … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>स्कूल, शिक्षा, विभाग, में, 5, 017, शिक्षकों, की, होगी, भर्ती, DPI, ने, जारी, किया, आदेश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल.</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने 5 हजार 17 शिक्षकों का नियु​क्ति आदेश जारी कर दिया है। मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती-2024 के तहत 5017 कैंडिडेट्स का चयन किया गया था। 3 और 4 जुलाई को संभागीय संयुक्त संचालकों के जरिए नियुक्तियां जारी की गईं, जिसमें 4 हजार 67 माध्यमिक और 950 प्राथमिक शिक्षक शामिल हैं। इन शिक्षकों को इसी सत्र से स्कूलों में पढ़ाने का मौका मिलेगा।</p>
<p><strong>गायन-वादन विषयों में भी शिक्षक नियुक्त</strong><br>
स्कूल शिक्षा विभाग ने माध्यमिक स्तर पर हिंदी, गणित, अंग्रेजी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान, खेल और गायन-वादन विषयों में शिक्षकों की नियुक्ति की है। लोक शिक्षण संचालनालय ने 21 जून 2026 तक चॉइस फिलिंग करा चुका है। करीब एक सप्ताह बाद विभाग ने नियुक्ति आदेश जारी किया है।</p>
<p><strong>कैंडिडेट्स कर रहे 28 हजार पद पढ़ाने की मांग</strong><br>
प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक पात्रता परीक्षा पास वर्ग 2 और वर्ग 3 के हजारों कैंडिडेट्स आंदोलन कर रहे हैं। कैंडिडेट्स प्रदेश में दोनों कैटेगरी में कुल 28 हजार से अधिक पदों में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। हालांकि, अब तक स्कूल शिक्षा विभाग से उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया है।</p>
<p><strong>डेढ़ लाख पद खाली, फिर भर्ती क्यों नहीं ?</strong><br>
कैंडिडेट्स का कहना है कि मध्यप्रदेश में डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद रिक्त हैं। सरकार 8-10 हजार पदों पर भर्ती करती है। भर्ती प्रक्रिया 4 साल चलती है। जिस वजह से हजारों योग्य उम्मीदवार, जो परीक्षा (TET) पास करके आते हैं उनका सिलेक्शन नहीं हो पता है।</p>
<p><strong>दो-दो परीक्षाएं पास करने के बाद भी नौकरी नहीं</strong><br>
एक अन्य कैंडिडेट ने बताया कि पात्रता परीक्षा और चयन परीक्षा यानी दो-दो परीक्षाएं क्वालिफाई करने के बाद भी नौकरी नहीं मिल रही है। </p>
<p><strong>20 साल से ESB की फीस भर रहे</strong><br>
बताया गया कि जनजाति कार्य विभाग में शिक्षकों के करीब 50 हजार पद रिक्त हैं। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) एक लाख शिक्षकों के पद रिक्त हैं और 50 हजार अभ्यर्थी दो-दो परीक्षा पास कर चुके हैं, लेकिन कम पदों पर भर्ती के कारण उन्हें नौकरी नहीं मिल रही। ओवर ऐज हो जाते हैं। 20-20 साल तक ESB (मप्र कर्मचारी चयन मंडल ) की फीस भरते हैं, फिर भी बेरोजगार हैं। </p>
<p><strong>ये हैं कैंडिडेट्स की मांगें</strong></p>
<ul>
<li>शिक्षक वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक) में 25 हजार पदों पर पद वृद्धि की जाए</li>
<li>शिक्षक वर्ग 2 (माध्यमिक शिक्षक) में प्रत्येक विषय में तीन-तीन हजार पदों पर पद वृद्धि करने की मांग है।</li>
</ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मध्यप्रदेश में बैंकों का पैसा कहां पहुंच रहा, कहां नहीं, क्रेडिट&#45;डिपॉजिट अनुपात की बड़ी खाई</title>
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<description><![CDATA[ विवेक झा, भोपाल। मध्यप्रदेश में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार लगातार हो रहा है, लेकिन बैंकों द्वारा जमा राशि के मुकाबले ऋण वितरण (क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो) में जिलों के बीच भारी असमानता सामने आई है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की मार्च 2026 तक की रिपोर्ट बताती है कि जहां आगर-मालवा जिले में प्रत्येक 100 रुपए की … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:25:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मध्यप्रदेश, में, बैंकों, का, पैसा, कहां, पहुंच, रहा, कहां, नहीं, क्रेडिट-डिपॉजिट, अनुपात, की, बड़ी, खाई</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="" data-start="234" data-end="851"><strong data-start="234" data-end="244">विवेक झा, भोपाल।</strong> मध्यप्रदेश में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार लगातार हो रहा है, लेकिन बैंकों द्वारा जमा राशि के मुकाबले ऋण वितरण (क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो) में जिलों के बीच भारी असमानता सामने आई है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की मार्च 2026 तक की रिपोर्ट बताती है कि जहां <strong data-start="500" data-end="575">आगर-मालवा जिले में प्रत्येक 100 रुपए की जमा राशि पर करीब 229 रुपए का ऋण</strong> दिया जा रहा है, वहीं <strong data-start="597" data-end="656">सिंगरौली में 100 रुपए की जमा पर केवल 12.72 रुपए का कर्ज</strong> वितरित हो रहा है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि प्रदेश का औसत <strong data-start="715" data-end="760">क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो 83.20 प्रतिशत</strong> है, लेकिन कई जिले इससे काफी ऊपर और कई बहुत नीचे हैं।</p>
<h3 data-section-id="slv7ml" data-start="853" data-end="906"><span role="text"><strong data-start="857" data-end="906">क्या होता है CD रेशियो और क्यों है महत्वपूर्ण</strong></span></h3>
<p class="" data-start="908" data-end="1368">क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो यह बताता है कि बैंक जमा की गई राशि का कितना हिस्सा ऋण के रूप में बाजार में वापस दे रहे हैं। यदि किसी जिले में यह अनुपात अधिक है तो इसका अर्थ है कि वहां उद्योग, व्यापार, कृषि और अन्य क्षेत्रों में बैंक अधिक निवेश कर रहे हैं। वहीं कम CD रेशियो यह संकेत देता है कि जिले से जमा तो हो रही है, लेकिन उसी अनुपात में ऋण नहीं दिया जा रहा। इससे स्थानीय आर्थिक गतिविधियों और निवेश की गति प्रभावित होती है।</p>
<h3 data-section-id="2xc2tz" data-start="1370" data-end="1413"><span role="text"><strong data-start="1374" data-end="1413">आगर-मालवा बना प्रदेश का नंबर-1 जिला</strong></span></h3>
<p data-start="1415" data-end="1914">रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक CD रेशियो <strong data-start="1464" data-end="1477">आगर-मालवा</strong> का <strong data-start="1481" data-end="1499">228.50 प्रतिशत</strong> दर्ज किया गया है। इसके बाद <strong data-start="1527" data-end="1670">शाजापुर (184.49%), राजगढ़ (170.21%), रायसेन (144.08%), हरदा (141.69%), रतलाम (135.23%), देवास (135.05%), सीहोर (129.60%) और इंदौर (102.43%)</strong> प्रमुख जिलों में शामिल हैं। इन जिलों में बैंक जमा राशि से कहीं अधिक ऋण वितरित कर रहे हैं, जो मजबूत आर्थिक गतिविधियों और बेहतर क्रेडिट मांग का संकेत है। कुल <strong data-start="1827" data-end="1872">24 जिलों का CD रेशियो 100 प्रतिशत से अधिक</strong> है।</p>
<h3 data-section-id="o0pcde" data-start="1916" data-end="1973"><span role="text"><strong data-start="1920" data-end="1973">सिंगरौली सबसे पीछे, छह जिले 40 प्रतिशत से भी नीचे</strong></span></h3>
<p class="" data-start="1975" data-end="2434">प्रदेश के छह जिलों में स्थिति बेहद चिंताजनक है। <strong data-start="2023" data-end="2035">सिंगरौली</strong> का CD रेशियो केवल <strong data-start="2054" data-end="2071">12.72 प्रतिशत</strong> है, जो पूरे प्रदेश में सबसे कम है। इसके अलावा <strong data-start="2118" data-end="2206">मऊगंज (24.33%), अनूपपुर (32.51%), निवाड़ी (32.84%), उमरिया (34.58%) और सीधी (39.50%)</strong> भी 40 प्रतिशत से नीचे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन जिलों में जमा राशि की तुलना में ऋण वितरण बेहद कम है, इसलिए यहां बैंकिंग हस्तक्षेप और वित्तीय समावेशन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।</p>
<h3 data-section-id="16qtpxf" data-start="2436" data-end="2486"><span role="text"><strong data-start="2440" data-end="2486">भोपाल-जबलपुर जैसे बड़े शहर भी 100% से नीचे</strong></span></h3>
<p class="" data-start="2488" data-end="2901">राजधानी <strong data-start="2496" data-end="2505">भोपाल</strong> का CD रेशियो <strong data-start="2519" data-end="2536">74.52 प्रतिशत</strong> है, जबकि <strong data-start="2546" data-end="2572">ग्वालियर 69.29 प्रतिशत</strong>, <strong data-start="2574" data-end="2598">जबलपुर 67.62 प्रतिशत</strong>, <strong data-start="2600" data-end="2627">छिंदवाड़ा 80.89 प्रतिशत</strong>, <strong data-start="2629" data-end="2656">बुरहानपुर 87.81 प्रतिशत</strong>, <strong data-start="2658" data-end="2682">मुरैना 87.23 प्रतिशत</strong>, <strong data-start="2684" data-end="2707">सिवनी 83.50 प्रतिशत</strong> और <strong data-start="2711" data-end="2733">सागर 64.23 प्रतिशत</strong> के साथ मध्यम श्रेणी में हैं। इन जिलों में बैंकिंग गतिविधियां संतुलित हैं, लेकिन ऋण विस्तार की अभी भी पर्याप्त संभावना बनी हुई है।</p>
<h3 data-section-id="eu084s" data-start="2903" data-end="2944"><span role="text"><strong data-start="2907" data-end="2944">प्रदेश का औसत CD रेशियो थोड़ा घटा</strong></span></h3>
<p data-start="2946" data-end="3379">रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 में प्रदेश का CD रेशियो <strong data-start="2999" data-end="3016">83.51 प्रतिशत</strong> था, जो मार्च 2026 में मामूली गिरावट के साथ <strong data-start="3060" data-end="3077">83.20 प्रतिशत</strong> रह गया। यानी राज्य स्तर पर ऋण वितरण स्थिर बना हुआ है, लेकिन जिलावार असमानता लगातार बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कम CD रेशियो वाले जिलों में उद्योग, कृषि, स्वरोजगार और एमएसएमई के लिए ऋण वितरण बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि स्थानीय आर्थिक विकास को गति मिल सके।</p>
<h3 data-section-id="1jp4x2y" data-start="3381" data-end="3432"><span role="text"><strong data-start="3385" data-end="3432">कम CD रेशियो वाले जिलों पर रहेगा विशेष फोकस</strong></span></h3>
<p data-start="3434" data-end="3765">SLBC ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि जिन जिलों का CD रेशियो 40 प्रतिशत से कम है, वहां <strong data-start="3525" data-end="3626">क्रेडिट पेनिट्रेशन बढ़ाने, वित्तीय समावेशन को मजबूत करने और उत्पादक क्षेत्रों में ऋण वितरण बढ़ाने</strong> की आवश्यकता है। इससे न केवल स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि रोजगार और निवेश में भी तेजी आएगी।</p>
<h2 data-section-id="1ub4dep" data-start="3767" data-end="3784"><span role="text"><strong data-start="3770" data-end="3784">फैक्ट फाइल</strong></span></h2>
<p data-start="3786" data-end="3834"><strong data-start="3786" data-end="3827">प्रदेश का औसत CD रेशियो (मार्च 2026):</strong> 83.20%</p>
<p data-start="3836" data-end="3869"><strong data-start="3836" data-end="3869">सबसे अधिक CD रेशियो वाले जिले</strong></p>
<ul data-start="3870" data-end="3966">
<li data-section-id="1clkgyp" data-start="3870" data-end="3891">आगर-मालवा : 228.50%</li>
<li data-section-id="o22moo" data-start="3892" data-end="3911">शाजापुर : 184.49%</li>
<li data-section-id="m9kdmf" data-start="3912" data-end="3930">राजगढ़ : 170.21%</li>
<li data-section-id="c9ufx2" data-start="3931" data-end="3949">रायसेन : 144.08%</li>
<li data-section-id="1m3t3xv" data-start="3950" data-end="3966">हरदा : 141.69%</li>
</ul>
<p data-start="3968" data-end="3999"><strong data-start="3968" data-end="3999">सबसे कम CD रेशियो वाले जिले</strong></p>
<ul data-start="4000" data-end="4108">
<li data-section-id="1xs2vdv" data-start="4000" data-end="4019">सिंगरौली : 12.72%</li>
<li data-section-id="1eqnjxu" data-start="4020" data-end="4036">मऊगंज : 24.33%</li>
<li data-section-id="5tpvvm" data-start="4037" data-end="4055">अनूपपुर : 32.51%</li>
<li data-section-id="54rcol" data-start="4056" data-end="4074">निवाड़ी : 32.84%</li>
<li data-section-id="jiixgq" data-start="4075" data-end="4092">उमरिया : 34.58%</li>
<li data-section-id="1sr7tih" data-start="4093" data-end="4108">सीधी : 39.50%</li>
</ul>
<p data-start="4110" data-end="4130"><strong data-start="4110" data-end="4130">अन्य प्रमुख जिले</strong></p>
<ul data-start="4131" data-end="4241" data-is-last-node="" data-is-only-node="">
<li data-section-id="1tq2j8d" data-start="4131" data-end="4147">भोपाल : 74.52%</li>
<li data-section-id="1sfq1dq" data-start="4148" data-end="4167">ग्वालियर : 69.29%</li>
<li data-section-id="19j0tfp" data-start="4168" data-end="4185">जबलपुर : 67.62%</li>
<li data-section-id="eb038v" data-start="4186" data-end="4241" data-is-last-node="">इंदौर : 102.43%</li>
</ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>हर गन्ना किसान तक पहुंचेगा सामाजिक सुरक्षा का कवच, गन्ना समितियों से जुड़ेंगी जनकल्याणकारी योजनाएं</title>
<link>https://atworldnews.in/9020</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच देने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। 6 से 11 जुलाई तक प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में विशेष सामाजिक सुरक्षा जागरूकता एवं नामांकन महाअभियान चलाया जाएगा।  इसके … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:03:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>हर, गन्ना, किसान, तक, पहुंचेगा, सामाजिक, सुरक्षा, का, कवच, गन्ना, समितियों, से, जुड़ेंगी, जनकल्याणकारी, योजनाएं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच देने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। 6 से 11 जुलाई तक प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में विशेष सामाजिक सुरक्षा जागरूकता एवं नामांकन महाअभियान चलाया जाएगा। </p>
<p>इसके माध्यम से लाखों गन्ना किसान परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई) सहित भारत सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। अभियान का उद्देश्य किसानों की आर्थिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन और सामाजिक स्थिरता को मजबूत करना है। </p>
<p>योगी सरकार का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का व्यापक विस्तार किसानों को दुर्घटना, आकस्मिक मृत्यु और वृद्धावस्था जैसी परिस्थितियों में आर्थिक संबल प्रदान करेगा। इससे किसान परिवारों की आय सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन मजबूत होगा। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता मिलेगी। </p>
<p>योगी सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र गन्ना किसान परिवार इन योजनाओं से जुड़ें और प्रत्येक किसान परिवार सुरक्षित, सशक्त तथा आत्मनिर्भर बने। यही अभियान 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को नई गति देने के साथ किसानों के समग्र कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>
<p><strong>गन्ना समितियां निभाएंगी नई भूमिका</strong></p>
<p>प्रदेश की सहकारी गन्ना विकास समितियां इस अभियान की प्रमुख कड़ी होंगी। वर्षों से किसानों के साथ जुड़े विश्वास को सामाजिक सुरक्षा अभियान से जोड़ा जाएगा। समितियां योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगी, किसानों को जागरूक करेंगी, पात्र लाभार्थियों का नामांकन कराएंगी और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे गन्ना समितियां किसान सेवा के साथ सामाजिक सुरक्षा की प्रभावी संस्थागत व्यवस्था के रूप में भी स्थापित होंगी।</p>
<p><strong>समिति परिसरों में लगेंगे सहायता एवं नामांकन केंद्र</strong></p>
<p>अभियान के दौरान प्रत्येक सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में बैंकों, इफ्को, चीनी मिलों और अन्य सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से विशेष सहायता एवं नामांकन काउंटर स्थापित किए जाएंगे। किसानों को एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, पात्रता का सत्यापन, दस्तावेजों की जांच, बैंकिंग सहायता और तत्काल नामांकन की सुविधा मिलेगी। नए सदस्य पंजीकरण, बैंक खाते खोलने तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।</p>
<p><strong>महिला किसानों के सशक्तीकरण पर रहेगा विशेष फोकस</strong></p>
<p>अभियान में महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीण महिला किसानों को बीमा, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के साथ उन्हें वित्तीय निर्णयों में अधिक सक्षम बनाने का प्रयास किया जाएगा। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।</p>
<p><strong>गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता अभियान</strong></p>
<p>गन्ना पर्यवेक्षक, समिति सचिव और विभागीय अधिकारी गांवों में जनसंपर्क कर किसानों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के साथ गन्ना विकास विभाग, इफ्को तथा चीनी मिलों द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं की भी जानकारी देंगे। अधिक से अधिक पात्र परिवारों का नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। ग्राम सभाओं और किसान गोष्ठियों का भी आयोजन किया जाएगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पीएम मोदी पर टिप्पणी कर घिरे ख्वाजा आसिफ, भारत ने दिया करारा जवाब</title>
<link>https://atworldnews.in/9019</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली सेशेल्स के नए राष्ट्रपति सम्मान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी करना पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को भारी पड़ गया है। भारत सरकार ने उनके इस बयान पर बेहद तीखा और कड़ा पलटवार किया है। सरकारी सूत्रों ने ख्वाजा आसिफ की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:02:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>पीएम, मोदी, पर, टिप्पणी, कर, घिरे, ख्वाजा, आसिफ, भारत, ने, दिया, करारा, जवाब</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
सेशेल्स के नए राष्ट्रपति सम्मान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी करना पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को भारी पड़ गया है। भारत सरकार ने उनके इस बयान पर बेहद तीखा और कड़ा पलटवार किया है। सरकारी सूत्रों ने ख्वाजा आसिफ की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उनके पास कोई काम धंधा नहीं है और वे उन मामलों पर बचकाने कमेंट करके अपना वक्त काट रहे हैं, जिनकी उन्हें रत्ती भर भी समझ नहीं है।</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने पाकिस्तानी रक्षा मंत्री को आड़े हाथों लिया। सूत्रों ने तंज कसते हुए कहा कि ख्वाजा आसिफ को रक्षा मंत्रालय जैसी बड़ी जिम्मेदारी मिलना ही आज के पाकिस्तान के बदतर हालात को बयां करता है।</p>
<p>भारत सरकार के सूत्रों ने कहा, "यह हर कोई जानता है कि ख्वाजा आसिफ मानसिक रूप से अस्थिर हैं। उन्हें मौजूदा जिम्मेदारी सौंपा जाना आज के पाकिस्तान के बारे में बहुत कुछ बताता है। साफ है कि उनके पास दिन भर करने के लिए कोई काम नहीं है। वे उन चीजों पर फालतू की टिप्पणी करके समय बर्बाद करते हैं, जिनका उन्हें कोई ज्ञान नहीं है। नफरत से भरे किसी व्यक्ति के भीतर से जब ईर्ष्या (जलन) बाहर आती है, तो वह बहुत ही घटिया लगती है।"</p>
<p>यह तीखी प्रतिक्रिया तब आई जब आसिफ ने पीएम मोदी को मिले सेशेल्स के सम्मान का मजाक उड़ाया था और इसे 'पहले से सेटिंग करके' तैयार किया गया सम्मान बताया था।</p>
<p><strong>पीएम मोदी को मिला है सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान</strong><br>
दरअसल, पिछले हफ्ते सेशेल्स के दौरे पर गए पीएम मोदी को वहां के नए राष्ट्रपति सम्मान 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' से नवाजा गया था। पर्यावरण संरक्षण और छोटे द्वीपीय देशों के विकास में उनके योगदान के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया।</p>
<p>पीएम मोदी इस पुरस्कार को पाने वाले दुनिया के पहले नेता बने हैं। दिलचस्प बात यह है कि सेशेल्स सरकार ने पीएम मोदी के दौरे से कुछ हफ्ते पहले ही अपनी पुरानी पुरस्कार प्रणाली को बदलकर इस नए राष्ट्रीय सम्मान की शुरुआत की थी।</p>
<p><strong>अवॉर्ड पर क्यों हुआ विवाद?</strong><br>
इस अवॉर्ड को लेकर भारत के भीतर भी सियासी घमासान मचा हुआ है। विपक्षी दलों ने सोशल मीडिया पर इस अवॉर्ड के ऑफिशियल साइटेशन (प्रशस्ति पत्र) की एक तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया था कि इसमें स्पेलिंग और टाइपिंग की कई गलतियां हैं। विपक्ष का यह भी आरोप था कि इस सर्टिफिकेट को AI टूल्स की मदद से जल्दबाजी में तैयार किया गया है।</p>
<p>विवाद बढ़ता देख सेशेल्स सरकार ने खुद सामने आकर सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सम्मान पूरी तरह असली और प्रामाणिक है। उन्होंने बताया कि देश में पुराना अवॉर्ड सिस्टम राजनीतिक विवादों के कारण रद्द कर दिया गया था और नया सिस्टम बनाया जा रहा था। इस नए सम्मान को वहां की कैबिनेट ने 24 जून को ही मंजूरी दी थी, यानी पीएम मोदी के पहुंचने से महज कुछ दिन पहले।</p>
<p>गलतियों के मुद्दे पर सेशेल्स ने माना कि जो तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, वह दरअसल एक 'वर्किंग ड्राफ्ट' थी जो गलती से बाहर आ गई। अब असली और पूरी तरह जांचा हुआ सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है। समय की कमी के कारण इस सर्टिफिकेट को बनाने में डिजिटल डिजाइन टूल्स (AI) की मदद ली गई थी।</p>
<p>इस बीच, सत्ताधारी भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पीएम मोदी को उनकी 'ग्रीन लीडरशिप' के लिए यह सम्मान मिलना पूरे देश के लिए एक बेहद गर्व का क्षण है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जशपुर के वन धन विकास केंद्र पंचक्की की महिला स्व&#45;सहायता समूह को किया सम्मानित</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जशपुर के वन धन विकास केंद्र पंचक्की की महिला स्व-सहायता समूह को किया सम्मानित मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए जशपुर जिले के वन धन विकास केंद्र, पंचक्की से जुड़े महिला स्व-सहायता समूह को ‘सहकार प्रेरणा सम्मान’ से सम्मानित किया। यह सम्मान भारत सरकार … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:01:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, विष्णुदेव, साय, ने, जशपुर, के, वन, धन, विकास, केंद्र, पंचक्की, की, महिला, स्व-सहायता, समूह, को, किया, सम्मानित</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जशपुर के वन धन विकास केंद्र पंचक्की की महिला स्व-सहायता समूह को किया सम्मानित</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए जशपुर जिले के वन धन विकास केंद्र, पंचक्की से जुड़े महिला स्व-सहायता समूह को ‘सहकार प्रेरणा सम्मान’ से सम्मानित किया। यह सम्मान भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के स्थापना के पाँच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम में प्रदान किया गया।</p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जशपुर के वन धन विकास केंद्र पंचक्की के अनंत स्व-सहायता समूह को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सहकार प्रेरणा पुरस्कार एवं लाभांश राशि प्रदान कर सम्मानित किया। यह समूह वन विभाग के अंतर्गत संचालित वन धन विकास केंद्र से जुड़ा है।</p>
<p>अनंत स्व-सहायता समूह की 10 महिलाएं सामूहिक रूप से च्यवनप्राश सहित विभिन्न औषधीय उत्पादों का निर्माण करती हैं। समूह द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की आपूर्ति आयुष विभाग सहित अन्य संस्थानों एवं उपभोक्ताओं को की जाती है। वर्ष 2024-25 के दौरान समूह ने लगभग 36 लाख रुपये के उत्पादों का विक्रय कर महिला स्वावलंबन और ग्रामीण उद्यमिता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।</p>
<p>इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित सहकारिता मंत्रालय ने देश में श्सहकार से समृद्धिश् के लक्ष्य को नई गति दी है। राज्य सरकार सहकारिता के माध्यम से किसानों, वनवासियों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कृषि के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को मजबूती प्रदान कर रही है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि 29 जून से 6 जुलाई तक प्रदेश में सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में कोई भी पंचायत सहकारिता से वंचित न रहे, इसके लिए अब तक 1352 नई सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित सहकारी सप्ताह समारोह</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश में महिलाओं की सोसायटी बनाकर अग्रणी राज्य बनेगा। इस नवाचार की शुरूआत अगले माह से की जायेगी। मंत्री सारंग रविवार को अपेक्स बैंक में आयोजित &quot;सहकारी सप्‍ताह&#039;&#039; कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश जल्द ही बीज के … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:01:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सहकारिता, मंत्रालय, की, स्थापना, के, वर्ष, पूर्ण, होने, पर, आयोजित, सहकारी, सप्ताह, समारोह</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश में महिलाओं की सोसायटी बनाकर अग्रणी राज्य बनेगा। इस नवाचार की शुरूआत अगले माह से की जायेगी। मंत्री सारंग रविवार को अपेक्स बैंक में आयोजित "सहकारी सप्‍ताह'' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश जल्द ही बीज के मामले में भी लीड करेगा। इसके पहले कम्प्यूटराइजेशन के साथ पिछले साल ऑनलाइन ऑडिट में भी मध्यप्रदेश का सहकारिता विभाग आगे रहा। यही नहीं मध्यप्रदेश ऑनलाइन केसीसी देने वाला पहला राज्य भी बना है।</p>
<p><strong>समाज के निचले वर्गों को आत्म-निर्भर बनाने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका</strong></p>
<p>सहकारिता मंत्रालय भारत सरकार की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सहकारी सप्ताह समारोह में मंत्री सारंग ने कहा कि सहकारिता में अधिकारी-कर्मचारी समाज के उन्नयन के लिये योगदान दे रहे हैं। साथ ही अलग-अलग आयामों पर काम किया जा रहा है। युवा, महिला, किसान सहित हर वर्ग के कल्याण पर ध्यान दिया जा रहा है। रोजगार की दिशा में समाज के निचले वर्गों को आत्म-निर्भर बनाने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।</p>
<p><strong>राष्ट्र के उन्नयन में राज्य का समावेश होना जरूरी</strong></p>
<p>मंत्री सारंग ने कहा कि राष्ट्र के उन्नयन में राज्य का समावेश होना जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश सहकारिता की दिशा में नित नये आयाम गढ़ रहा है। किसान, जवान, विज्ञान और अनुसंधान के जरिये सहकारिता आंदोलन को नई दिशा दी जा रही है। कॉर्पोरेट और को-ऑपरेटिव को जोड़कर नई अवधारणा बनाई जा रही है।</p>
<p>पुरस्कृत होना अन्य लोगों के लिये करता है प्रेरणा-स्रोत का कार्य</p>
<p>मंत्री सारंग ने कहा कि कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी का ठीक ढंग से निर्वहन किया। यह लोग दूसरों के लिये प्रेरणा-स्रोत बने हैं। इससे जिन्हें पुरस्कार नहीं मिले हैं वे लोग भी अच्छा कार्य कर सम्मानित हो सकेंगे और अपनी नई पहचान बना सकेंगे।</p>
<p><strong>सहकारिता सप्ताह के दौरान जिलों में भी हुए उत्साहवर्धक कार्य</strong></p>
<p>अपेक्स बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि सहकारिता सप्ताह के दौरान जिलों में भी उत्साह के साथ कार्यक्रम हुए। इस दौरान अधिक से अधिक पौध-रोपण भी किया गया। अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता ने स्वागत उद्बोधन दिया। अंत में सहकारी संघ के प्रबंध संचालक ऋतुराज रंजन ने आभार माना।</p>
<p><strong>उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति और संस्था हुईं पुरस्कृत</strong></p>
<p>अमानत संग्रहण लक्ष्य के विरुद्ध पूर्ति में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक विदिशा को 21 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। इसी में द्वितीय स्थान प्राप्त करने के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दतिया को 15 हजार रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दतिया को 11 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया। पैक्स सदस्यता महाभियान में सर्वप्रथम लक्ष्य प्राप्ति के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक झाबुआ को सम्मानित किया गया।</p>
<p>इसी प्रकार अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह में विभिन्न प्रतियोगिताएँ हुईं। जरी-जरदोजी क्रॉफ्ट प्रतियोगिता में प्रथम यासमीन खान, द्वितीय गुड़िया और तृतीय आशिया खान रहीं। जूट क्रॉफ्ट प्रतियोगिता में प्रथम धीरू पटेल, द्वितीय संगीता यदुवंशी और तृतीय पूजावास्तव रहीं। कढ़ाई क्रॉफ्ट प्रतियोगिता में प्रथम दामिनी सोलंकी, द्वितीय सोनल महोबे और तृतीय रागिनी वर्मा नहीं। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में कृष कुमार साहू, दीपक कुमार सोनी और तृप्ति कुशवाहा अव्वल रहीं। निबंध प्रतियोगिता में सृष्टि जैन, वेदिका दीक्षित, टीना कारा क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहीं। राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी में प्रथम स्थान पर सोलर पॉवर विस्तार सहकारी संस्था खरगोन, दूसरे स्थान पर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति रेहटी, सीहोर और तृतीय स्थान पर सुविधा साख सहकारी संस्था मर्यादित भोपाल रहीं। राज्य स्तरीय सहकारी प्रदर्शनी में विशिष्ट प्रस्तुतिकरण के लिये मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ सहकारी मर्यादित भोपाल और मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक संघ भोपाल को पुरस्कृत किया गया।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पुरुषों के बीच कपालिक शैली में गाकर बनीं पहचान, ऐसे मिली तीजन बाई को विश्वभर में प्रसिद्धि</title>
<link>https://atworldnews.in/9016</link>
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<description><![CDATA[ दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के गनियारी गांव के साधारण परिवार में 8 अगस्त 1956 को तीजन बाई का जन्म हुआ। उन्होंने बचपन में नाना बृजलाल पारधी से महाभारत की कथाएं सुनकर पंडवानी सीखनी शुरू की। हालांकि, फिर उमेद सिंह देशमुख से उन्होंने विधिवत प्रशिक्षण लिया। स्वभाव के विपरीत उन्हें शांत बैठकर पारंपरिक वेदमती शैली … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 20:31:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>पुरुषों, के, बीच, कपालिक, शैली, में, गाकर, बनीं, पहचान, ऐसे, मिली, तीजन, बाई, को, विश्वभर, में, प्रसिद्धि</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>दुर्ग.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के गनियारी गांव के साधारण परिवार में 8 अगस्त 1956 को तीजन बाई का जन्म हुआ। उन्होंने बचपन में नाना बृजलाल पारधी से महाभारत की कथाएं सुनकर पंडवानी सीखनी शुरू की। हालांकि, फिर उमेद सिंह देशमुख से उन्होंने विधिवत प्रशिक्षण लिया।</p>
<p>स्वभाव के विपरीत उन्हें शांत बैठकर पारंपरिक वेदमती शैली में गाना पसंद नहीं था। ऐसे में उन्होंने पुरुषों के वर्चस्व वाली खड़े होकर गाने वाली कपालिक शैली को चुना। पद्म विभूषण तीजन बाई कपालिक शैली में गाने वाली पहली महिला पंडवानी गायिका थीं। 7 दशक पहले तक यह शैली एक तरह से लगभग पुरुषों के वर्चस्व वाली थी या यूं कहें कि महिलाओं के लिए वर्जित मानी जाती थी।</p>
<p><strong>13 वर्ष की उम्र में पहले कार्यक्रम के मिले थे 10 रुपए</strong><br>
महज 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने दुर्ग जिले के चंद्रखुरी गांव में पहला सार्वजनिक कार्यक्रम किया, जिसके लिए उन्हें 10 रुपए पारिश्रमिक मिला था। लोगों के ताने और विरोध के बीच कपालिक शैली में अपने हाव-भाव और अभिनय से अपनी एक अलग पहचान बनाई।</p>
<p><strong>भारत एक खोज में महाभारत के अंशों की दी थी प्रस्तुति</strong><br>
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने भारत एक खोज में महाभारत से जुड़े अंशों की प्रस्तुति दी थी। उनका अधिकांश गायन मंचीय प्रस्तुतियों और महाभारत के प्रसंगों पर आधारित रहा है। हालांकि, भारत सरकार, संगीत नाटक अकादमी या तीजन बाई ने कभी कार्यक्रमों की संख्या सार्वजनिक नहीं की।</p>
<p><strong>इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी समेत कई देशों में पहुंचाई कला</strong><br>
1980 के दशक से उन्होंने भारत के लगभग सभी राज्यों में अपनी प्रस्तुतियां दीं। साथ ही, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, तुर्की, ट्यूनीशिया, साइप्रस, रोमानिया, मॉरीशस समेत अनेक देशों में कार्यक्रम किए। हालांकि, उनके आखिरी विदेश या देश के कार्यक्रम की अधिकृत जानकारी नहीं है।</p>
<p><strong>छत्तीसगढ़ का पंडवानी लोकगायन क्या है?</strong><br>
महाभारत की कथाओं पर आधारित पंडवानी शैली असल में सिर्फ छत्तीसगढ़ राज्य का पारंपरिक लोकगायन ही नहीं, बल्कि कथावाचन, लोकनाट्य और अभिनय का भी मिश्रण है। जिसे संवाद, हाव-भाव और संगीत के जरिए प्रस्तुत किया जाता है। </p>
<p><strong>पांडवों की कथा में गायन</strong><br>
पंडवानी का शाब्दिक अर्थ पांडवों की वाणी या पांडवों की कथा है। इसमें कलाकार भीम, अर्जुन, द्रौपदी, कर्ण और अन्य पात्रों के प्रसंगों का मंचन करता है। मुख्य कलाकार के हाथ में एकतारा और तंबूरा होता है। कुछ कलाकार भीम की गदा, अर्जुन के धनुष और कभी अन्य प्रतीकों के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं।</p>
<p><strong>पंडवानी लोकगायन की वेदमती और कपालिक दो शैलियां</strong><br>
पंडवानी की दो प्रमुख शैलियां हैं। जिसमें कलाकार वेदमती शैली बैठकर शांत ढंग से कथा गाकर सुनाता है। जबकि कपालिक शैली में कलाकार खड़े होकर अभिनय, संवाद, हाव-भाव और नाटकीय अंदाज में प्रस्तुति देता है। यह अधिक ऊर्जावान और प्रभावशाली शैली माती जाती है। </p>
<p><strong>ऋतु वर्मा, उषा बारले और शांतिबाई आगे बढ़ा रहीं कला</strong><br>
तीजन बाई ने परंपरा को तोड़ा। जिसके बाद कई अन्य महिला कलाकारों ने पंडवानी की कपालिक शैली को आगे बढ़ाया। इनमें मुख्य रूप से ऋतु वर्मा, उषा बारले और शांतिबाई चेलक शामिल हैं, जो लोककला का सफलतापूर्वक मंचन कर रही हैं।</p>
<p><strong>यह प्रमुख पुरस्कार और सम्मान</strong></p>
<ul>
<li>पद्म श्री 1988 में मिला।</li>
<li>संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 1995</li>
<li>मानद डी लिट 2003</li>
<li>पद्म भूषण 2003</li>
<li>एम.एस. सुब्बुलच्मी शताब्दी पुरस्कार 2016</li>
<li>फुकुओका पुरस्कार जापान 2018</li>
<li>पद्म विभूषण 2019</li>
<li>अकादमी रत्न संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप 2023</li>
</ul>
<p>इनके अलावा कई राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक सुमन बिल्ला का रायपुर एयरपोर्ट पर हुआ आत्मीय स्वागत</title>
<link>https://atworldnews.in/9015</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक पर्यटन सुमन बिल्ला के रायपुर आगमन पर छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने रायपुर विमानतल पर उनका आत्मीय स्वागत किया। बिल्ला भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर में सुशासन एवं अभिसरण विभाग … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 20:31:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भारत, सरकार, के, पर्यटन, मंत्रालय, के, अतिरिक्त, सचिव, एवं, महानिदेशक, सुमन, बिल्ला, का, रायपुर, एयरपोर्ट, पर, हुआ, आत्मीय, स्वागत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक पर्यटन सुमन बिल्ला के रायपुर आगमन पर छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने रायपुर विमानतल पर उनका आत्मीय स्वागत किया। बिल्ला भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर में सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा आईआईएम रायपुर द्वारा आयोजित दो दिवसीय मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में पर्यटन विषय के प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल हुए।</p>
<p>इस अवसर पर सुमन बिल्ला, डॉ. एस. भारती दासन एवं विवेक आचार्य के बीच छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रभावी ढंग से स्थापित करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।</p>
<p>चर्चा के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि छत्तीसगढ़ में पारिस्थितिकी पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, पुरातात्विक पर्यटन, वन्यजीव पर्यटन, जनजातीय पर्यटन तथा ग्रामीण पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं का योजनाबद्ध विकास कर राज्य में रोजगार सृजन, स्थानीय उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान की जा सकती है। स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए पर्यटन विकास का ऐसा मॉडल विकसित करने पर भी सहमति बनी, जिससे आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके।</p>
<p>बैठक में पर्यटन अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल प्रचार-प्रसार, गृह-आवास (होम-स्टे) व्यवस्था को बढ़ावा देने, स्थानीय हस्तशिल्प एवं पारंपरिक व्यंजनों को पर्यटन से जोड़ने तथा जनजातीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार और राज्य की सशक्त पहचान स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।</p>
<p>पर्यटन मंत्रालय और छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ राज्य को दिलाने, पर्यटन स्थलों के समग्र विकास तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के उपायों पर भी सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में सुमन बिल्ला ने "सतत समृद्धि के आधार के रूप में पर्यटन : छत्तीसगढ़ में आजीविका सृजन, संस्कृति का संरक्षण और प्रकृति की सुरक्षा" विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। इसके पश्चात उन्होंने "आगे की राह – विचार मंथन" विषय पर आयोजित संवादात्मक सत्र का संचालन भी किया। इन सत्रों में पर्यटन को सुशासन, सतत विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और स्थानीय आजीविका से जोड़ने के व्यावहारिक मॉडल पर विस्तार से चर्चा की गई।</p>
<p>श्री सुमन बिल्ला के सुझावों तथा केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ का पर्यटन क्षेत्र नई दिशा प्राप्त करेगा। इससे राज्य की जैव विविधता, ऐतिहासिक धरोहर, जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को वैश्विक पहचान मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दुश्मन पर कहर बरपाएंगी शिवपुरी में बनीं मिसाइलें,  5 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार, जानें कैसे?</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल/शिवपुरी मध्यप्रदेश के लिए 5 जुलाई का दिन ऐतिहासिक रहा। अब मध्यप्रदेश देश की रक्षा में बड़ी भूमिका निभाएगा। यहां से बनीं मिसाइलें दुश्मनों के घरों में घुसकर उन्हें ढेर करेंगीं। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवपुरी जिले में 2,500 करोड़ की लागत के अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास किया। उनके … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 20:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दुश्मन, पर, कहर, बरपाएंगी, शिवपुरी, में, बनीं, मिसाइलें, हजार, लोगों, को, मिलेगा, रोजगार, जानें, कैसे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल/शिवपुरी</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश के लिए 5 जुलाई का दिन ऐतिहासिक रहा। अब मध्यप्रदेश देश की रक्षा में बड़ी भूमिका निभाएगा। यहां से बनीं मिसाइलें दुश्मनों के घरों में घुसकर उन्हें ढेर करेंगीं। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवपुरी जिले में 2,500 करोड़ की लागत के अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास किया। उनके साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, अदाणी ग्रुप के युवा नेतृत्व करण अदाणी, जीत अदाणी भी मौजूद थे। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने 211 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किया।  </p>
<p>इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज यहां अद्भुत समागम हो रहा है। यहां एक साथ स्नेहा का लेपन और प्रेम का वातारवरण उमड़ पड़ा है। चंबल की ये धरा कई सौ साल से अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रही है। यहां के बांके लड़ाके, सेना के जवान, अफसर, यहां के नागरिक अपनी जान की बाजी लगाकर सीमा पर देश की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि चंबल ने जब-जब भी कदम बढ़ाया, तब-तब देशभक्ति का नया गीत गाया है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि आज नया इतिहास लिखा गया है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने मथुरा में कंस को मारने के बाद मध्यप्रदेश में शिक्षा ग्रहण की। लेकिन, जब तक वे गुजरात जाकर द्वारिकाधीश नहीं हुए, तब तक आनंद नहीं आया। चाहे महात्मा गांधी का समय हो, सरदार वल्लभ भाई पटेल का समय हो, या नरेंद्र मोदी-अमित शाह का समय हो, गुजरात जो करता है सबसे अलग करता है। उन्होंने कहा कि आज शिवपुरी से डिफेंस का नया अध्याय शुरू हो रहा है। यहां से जो मिसाइल बनेगी, वो लंबी दूरी तय करके दुश्मन के देश में गिरेगी और भारत का मान-सम्मान बढ़ाएगी। आज हमारा ये सपना भी साकार हो रहा है। </p>
<p><strong>हर क्षेत्र में हो रहा विकास</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। अब यहां रोजगार का नया मौका मिलेगा। इस प्रोजेक्ट से करीब 5 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। आज माधव नेशनल पार्क पर्यटन का नया केंद्र बना है। कुछ दिनों पहले गुना में सीमेंट फैक्ट्री का उद्घाटन हुआ। इस तरह यह पूरा ग्वालियर-गुना क्षेत्र बदलने वाला है। आज मध्यप्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वर्णिम भविष्य लिखा गया है। उन्होंने कहा कि सुदामा-कृष्ण की जोड़ी हमारे लिए सबक है। अगर संकट के समय दोस्त आपके पास आए तो आप उसे नहीं भूलना। मित्रता के समय भाव बराबर होना चाहिए, पैसा तो आता-जाता रहेगा। भगवान कृष्ण ने सुदामा को अपने पास 8 महीने रखा, जाते वक्त कुछ हाथ में नहीं दिया। सुदामा की आंखें नीची न हों, इसके लिए पीठ पीछे उनका महल बनवा दिया। उन्होंने कहा कि हम दोनों के गुरु के नाम पर प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय बनवा रहे हैं। हमारा सांदीपनि विद्यालय देश का सबसे अच्छा स्कूल है। </p>
<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कीं ये घोषणाएं</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में तो स्कूल में बैठने के लिए टाट-पट्टी नहीं मिलती थी। आज हालत यह है कि लोग प्राइवेट स्कूल छोड़कर सांदीपनि स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं। शिवपुरी को पर्यटन का केंद्र बनाएंगे। शिवपुरी को नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए 120 करोड़ की लागत से 14 किमी की फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी यूनिट की स्थापना की जाएगी। खोड में कला-वाणिज्य-विज्ञान का नया कॉलेज स्थापित किया जाएगा। शिवपुरी में नवीन तहसील सुभाषपुरा बनाई जाएगी। पिछोर में एक नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाएगा। करेगा-भितरवार रोड से समोहा डैम तक नई सड़क बनाई जाएगी। खनियाधाना कृषि उपज मंडी की स्थापना की जाएगी। ग्राम पंचायत खतौरा में सांदीपनि विद्यालय की स्थापना की जाएगी। शिवपुरी में 200 बिस्तरों का मातृ-शिशु अस्पताल स्थापित किया जाएगा।</p>
<p><strong>लिखी जा रही नई इबारत</strong></p>
<p>केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आज नए इतिहास की इबारत लिखी जा रही है। भगवान शिव संकल्प-शक्ति और विजय के देव हैं। इसलिए भगवान शिव की शिवपुरी में आधार शिला रखी जा रही है। एक नया इतिहास एक नया सवेरा राष्ट्र निर्माण का, एक इतिहास एक नया सवेरा राष्ट्र सेवा का हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत बन रहा है। उनके नेतृत्व में भारत का मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि संकट के समय विश्व की भारत की ओर आशा से देखता है। विकसित भारत-2047 मां भारती का लक्ष्य बन चुका है। शिवपुरी नया सितारा बन कर चमकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों का विश्वास जीता है। अदाणी समूह के युवा नेतृत्व जीत अदाणी ने कहा कि आज खास दिन है। यहां मिशन रेडी मिसाइल बनाई जाएंगी। मध्यप्रदेश सबसे तेजी से विकास कर रहा है। डॉ. मोहन यादव की मेहनत का परिणाम है कि यह राज्य प्रगति के पथ पर अग्रसर है। अदाणी समूह राज्य के कई जिलों में निवेश कर रहा है। यह निवेश केवल किसी योजना में नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की जनता और उसके भविष्य में निवेश है। शिवपुरी में इस योजना से 5 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने पद्म विभूषण पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर व्यक्त किया शोक</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने पद्म विभूषण से सम्मानित प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि तीजन बाई का निधन लोककला एवं सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। अपनी विलक्षण प्रतिभा, कठोर साधना और समर्पण के माध्यम से उन्होंने पंडवानी गायन … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 20:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>उप, मुख्यमंत्री, शुक्ल, ने, पद्म, विभूषण, पंडवानी, गायिका, तीजन, बाई, के, निधन, पर, व्यक्त, किया, शोक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने पद्म विभूषण से सम्मानित प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि तीजन बाई का निधन लोककला एवं सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। अपनी विलक्षण प्रतिभा, कठोर साधना और समर्पण के माध्यम से उन्होंने पंडवानी गायन को देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका योगदान भारतीय लोक-संस्कृति और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को सदैव समृद्ध करता रहेगा।</p>
<p>उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने चरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों एवं उनके असंख्य प्रशंसकों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दिया एकजुटता का संदेश, संगठन में समन्वय पर जोर</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी के सांसदों और विधायकों की बैठक में आपसी खींचतान से तौबा करने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि आपस में समन्वय बनाएं। संगठन के साथ भी तालमेल बेहतर रखें। आपसी खींचतान से पार्टी को नुकसान होता है। उन्होंने राम मंदिर चंदे में गड़बड़ी और यूजीसी … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 20:03:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भाजपा, राष्ट्रीय, अध्यक्ष, नितिन, नवीन, ने, दिया, एकजुटता, का, संदेश, संगठन, में, समन्वय, पर, जोर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी के सांसदों और विधायकों की बैठक में आपसी खींचतान से तौबा करने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि आपस में समन्वय बनाएं। संगठन के साथ भी तालमेल बेहतर रखें। आपसी खींचतान से पार्टी को नुकसान होता है। उन्होंने राम मंदिर चंदे में गड़बड़ी और यूजीसी मामले पर भी अनर्गल टिप्पणी से बचने के निर्देश दिए।</p>
<p>नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री और दोनों उप मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में शनिवार को गोमतीनगर स्थित होटल में कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश अराजकता, भ्रष्टाचार और जातिवाद की पहचान बन चुका था, भाजपा सरकार ने उसे विकास और सुशासन की पहचान दी है। विपक्षी सरकारों ने यूपी की छवि देशभर में धूमिल कर दी थी, भाजपा ने सम्मान और विश्वास दोनों लौटाए। यूपी में पहले कानून का नहीं, बाहुबलियों और क्षत्रपों का समानांतर राज था। विपक्षी सरकारों ने युवाओं, किसानों और महिलाओं की उम्मीदें तोड़ीं, भाजपा सरकार ने उन्हें अवसर, सुरक्षा और सम्मान दिया।</p>
<p><strong>यूपी में तीसरी बार भाजपा की जीत दिलानी है</strong><br>
उन्होंने कहा कि यूपी में लगातार तीसरी बार भाजपा को बड़ी जीत दिलानी है। सभी मिलकर काम करें। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान विधायकों और सांसदों के बीच कई जगह टकराव के मामले आए थे। इसीलिए आपस और संगठन के साथ समन्वय बनाए रखने की बात कही है। भाजपा के सभी सांसदों, विधायकों, मंत्रियों को अभी से हर मतदाता तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं व पार्टी के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से पहुंचाना होगा।</p>
<p><strong>संगठन में काम के लिए खुद बढ़ें आगे</strong><br>
नितिन नवीन ने कहा कि सभी सांसद और विधायक खुद संगठन के काम के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि अगर आप जिला अध्यक्ष से कहेंगे कि अपनी टीम में मेरा भी एक नाम जोड़ लीजिए तो वह आपको स्वयं सम्मान देगा। अगर आपने सोचा मैं जिला अध्यक्ष के ऊपर हूं, तो उस दिन से आपके लिए समस्या खड़ी होनी शुरू हो जाएगी। अब आप सबको खुद तय करना है कि आपको क्या चाहिए और अगर आप खुद तय कर सकते हैं, तो निश्चित रूप से राजनीति में आपके भविष्य उज्जवल होंगे। सांसदों और विधायकों से कहा कि आप क्षेत्र में अपनी सक्रियता बनाए रखें। बूथ स्तर तक संपर्क में रहें। आप स्वयं के बजाय पार्टी को ज्यादा महत्व दें। पार्टी से बड़ा कुछ नहीं होता है। जातियों की खींचतान से बचने और इससे दूरी बनाए रखने की भी नसीहत दी है।</p>
<p><strong>चंदे में हेरफेर करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई</strong><br>
अयोध्या के राममंदिर में चंदा की रकम में हेरफेर पर प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक के बाद विधायकों और सांसदों की बैठक में भी की। इस मामले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस घटना से हिंदू समाज के साथ हम सभी आस्थावान लोग भी व्यथित हैं। घटना सामने आने के बाद सरकार और ट्रस्ट ने उचित कार्रवाई की है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी हो रही है, आगे भी होगी। हमें ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सावधान रहने की जरूरत है। इस मुद्दे को विपक्ष के वही लोग हवा देकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं, जिनकी प्रभु श्रीराम में आस्था नहीं है। यही लोग मंदिर नहीं बनना देना चाहते थे। विपक्ष के लिए राम मंदिर सिर्फ एक मुद्दा है और हमारे लिए आस्था का केंद्र है।</p>
<p><strong>यूजीसी पर पर भी दी नसीहत</strong><br>
यूजीसी के मुद्दे पर भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने खुलकर अपनी बात रखी। हम भी मानते हैं शब्दों के चयन में कुछ गलतियां हुई हैं। इसे ठीक भी कर दिया गया है, लेकिन इसे मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। अगर किसी परिवार में गलती होती है तो उसे मुद्दा नहीं बनाया जाता। भाजपा भी परिवार है। इस मुद्दे पर जातियों में बंटकर विरोध जताना उचित नहीं है। इसका फायदा विपक्ष उठाता है। हमें तो एकजुट होकर विपक्ष के भ्रामक सवालों का मुखरता से जवाब देना चाहिए।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा सियासी मोड़, प्रशांत किशोर जन सुराज के उम्मीदवार बने</title>
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<description><![CDATA[  पटना  बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर पर होने वाले उपचुनाव में अब मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर खुद चुनावी मैदान में उतरेंगे। रविवार को पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में उनके नाम पर औपचारिक मुहर लगा दी गई। कोर कमेटी की बैठक … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 20:01:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>बांकीपुर, उपचुनाव, में, बड़ा, सियासी, मोड़, प्रशांत, किशोर, जन, सुराज, के, उम्मीदवार, बने</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> <strong>पटना</strong><br>
 बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर पर होने वाले उपचुनाव में अब मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।</p>
<p>जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर खुद चुनावी मैदान में उतरेंगे। रविवार को पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में उनके नाम पर औपचारिक मुहर लगा दी गई।</p>
<p><strong>कोर कमेटी की बैठक में हुआ पीके पर फैसला</strong><br>
इसके बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने प्रशांत किशोर को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए जन सुराज का आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया।</p>
<p>प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की चर्चा पिछले कई दिनों से राजनीतिक गलियारों में थी, लेकिन अब पार्टी के औपचारिक एलान के साथ इस पर विराम लग गया है।</p>
<p>जन सुराज इसे केवल एक उपचुनाव नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक ताकत और वैकल्पिक राजनीति की परीक्षा के रूप में देख रही है।</p>
<p><strong>पांच बार से लगातार जीतते रहे हैं न‍ित‍िन नवीन</strong><br>
बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। इस सीट का प्रतिनिधित्व लगातार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करते रहे हैं।</p>
<p>उनके इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हुई, जिस पर अब उपचुनाव कराया जा रहा है। ऐसे में प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने से चुनावी मुकाबला सीधे तौर पर हाई-प्रोफाइल बन गया है।</p>
<p>राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रशांत किशोर के उम्मीदवार बनने से इस सीट पर चुनाव सिर्फ स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बिहार की भविष्य की राजनीति, जन सुराज के जनाधार और विपक्षी राजनीति की दिशा पर भी नजर रहेगी।</p>
<p><strong>तेज प्रताप की पार्टी ने भी ठोका है दावा</strong><br>
तेज प्रताप यादव ने इस सीट पर वीणा मानवी को जेजेडी का उम्‍मीदवार बनाया है। बताया जा रहा है क‍ि महागठबंधन की ओर से पीके को समर्थन क‍िया जाएगा।</p>
<p>भाजपा जहां अपनी परंपरागत पकड़ बनाए रखने की कोशिश करेगी, वहीं जन सुराज इस चुनाव को अपने संगठन और राजनीतिक अभियान की बड़ी परीक्षा के रूप में पेश करेगी।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होना है, जबकि 3 अगस्त को मतगणना होगी। अब सभी प्रमुख दलों की नजर इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले पर टिकी हुई है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर, घरों में घुसा पानी, दर्जनभर गांवों का संपर्क टूटा</title>
<link>https://atworldnews.in/9010</link>
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<description><![CDATA[ गरियाबंद. छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां तेज हो रही है. प्रदेश के सभी संभागों के अधिकांश जिलों में पिछले 24 घंटों में जमकर बारिश हुई. आसमान में काले बादलों ने डेरा डाला हुआ है. भारी बारिश के कारण गरियाबंद जिले के कुसमी-छुरा मार्ग पर पुराना कुसुमबोड़ा पुल टूट गया है. दर्जनभर गांव का छुरा मुख्यालय से … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 19:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़, में, बारिश, का, कहर, घरों, में, घुसा, पानी, दर्जनभर, गांवों, का, संपर्क, टूटा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>गरियाबंद.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां तेज हो रही है. प्रदेश के सभी संभागों के अधिकांश जिलों में पिछले 24 घंटों में जमकर बारिश हुई. आसमान में काले बादलों ने डेरा डाला हुआ है. भारी बारिश के कारण गरियाबंद जिले के कुसमी-छुरा मार्ग पर पुराना कुसुमबोड़ा पुल टूट गया है. दर्जनभर गांव का छुरा मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, जिससे आवाजाही पूरी तरह से थम गई है.</p>
<p><strong>दर्जन भर गांव का टूटा संपर्क</strong><br>
जानकारी के मुताबिक, कई गावों को छुरा मुख्यालय से जोड़ने वाला कुसुमबोड़ा पुल लगभग 40 साल से भी ज्यादा पुराना था. समय के साथ यह पुल काफी जर्जर हो चुका था. पुल टूटने से कोसमी, नवापारा, सारागांव, चुरकीदादार, दुल्ला, बम्हनी सहित दर्जनों गांव का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. यह मार्ग ओडिसा के नुआपड़ा जिले को भी जोड़ता है, जहां से अंतरराज्यीय व्यापार होता आ रहा था. प्रभावित ग्रामीणों की प्रशासन से मांग है कि आवाजाही के लिए नए पुल का निर्माण किया जाए. छुरा और फिंगेश्वर तहसील में पिछले 24 घंटे में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. दोनों तहसील में अबतक सर्वाधिक 100 मिमी से ऊपर बारिश अब तक दर्ज की जा चुकी है.</p>
<p><strong>फिंगेश्वर का कुम्हार पारा हुआ जलमग्न</strong><br>
बारिश के चलते तापमान में गिरावट तो आई पर बारिश कुछ परिवार के लिए मुसीबत बन गई. फिंगेश्वर के कुम्हार पारा में जल भराव की स्थिति निर्मित हो गई. यहां कई कुम्हार मिट्टी को बर्तन बनाए हुए थे, लेकिन उनके घरों के पानी घुसने से बर्तन टूट गया है. कुम्हार परिवारों को दोहरा क्षति हुआ है. घरो में घुसे पानी को निकालन प्रभावित परिवार देर रात से जुटा हुआ है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भोपाल में होटल बंद होने से तनाव में थी 35 वर्षीय महिला, आत्महत्या की घटना से सनसनी</title>
<link>https://atworldnews.in/9009</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल. छोला मंदिर थाना क्षेत्र स्थित शिवनगर में होटल का कारोबार मंदा पड़ने से परेशान एक महिला होटल संचालिका ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। प्रारंभिक जांच में मामला आर्थिक तनाव से जुड़ा माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार मृतका क्रांति ठाकुर (35) … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 19:31:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भोपाल, में, होटल, बंद, होने, से, तनाव, में, थी, वर्षीय, महिला, आत्महत्या, की, घटना, से, सनसनी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल.</strong></p>
<p>छोला मंदिर थाना क्षेत्र स्थित शिवनगर में होटल का कारोबार मंदा पड़ने से परेशान एक महिला होटल संचालिका ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। प्रारंभिक जांच में मामला आर्थिक तनाव से जुड़ा माना जा रहा है।</p>
<p>पुलिस के अनुसार मृतका क्रांति ठाकुर (35) शिवनगर में अपने परिवार के साथ रहती थीं। परिवार का चाय-नाश्ते का होटल है, जिसका संचालन महिला और उसका पति मिलकर करते हैं। पति ने पुलिस को बताया कि पिछले कुछ समय से होटल का कारोबार ठीक नहीं चल रहा था। आय में लगातार गिरावट आने के कारण क्रांति मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थीं।</p>
<p><strong>फंदे पर लटकी मिली महिला</strong><br>
घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर पर नहीं थे। जब उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो क्रांति फंदे पर लटकी मिलीं। उन्हें तत्काल नीचे उतारकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। छोला मंदिर थाना पुलिस ने मौत के कारणों की जांच कर रही है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भारत का सबसे बड़ा तेल&#45;गैस खोज अभियान शुरू, 2.5 लाख वर्ग किमी क्षेत्र की होगी खोज</title>
<link>https://atworldnews.in/9008</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  मिडिल ईस्ट संघर्ष ने भारत समेत कई देशों को एनर्जी को लेकर दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने की सीख दी। भारत बहुत पहले से ही कच्चे तेल और गैस में आत्मनिर्भर होने की दिशा में बड़े स्तर पर काम कर रहा है। और अब भारत जल्द ही अपने इतिहास के सबसे बड़े … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 19:03:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भारत, का, सबसे, बड़ा, तेल-गैस, खोज, अभियान, शुरू, 2.5, लाख, वर्ग, किमी, क्षेत्र, की, होगी, खोज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 मिडिल ईस्ट संघर्ष ने भारत समेत कई देशों को एनर्जी को लेकर दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने की सीख दी। भारत बहुत पहले से ही कच्चे तेल और गैस में आत्मनिर्भर होने की दिशा में बड़े स्तर पर काम कर रहा है। और अब भारत जल्द ही अपने इतिहास के सबसे बड़े तेल और गैस खोज अभियान की शुरुआत करने जा रहा है।</p>
<p>केंद्र सरकार करीब 2.5 लाख वर्ग किलोमीटर (96,500 वर्ग मील) के ऐसे क्षेत्रों में तेल और प्राकृतिक गैस की तलाश शुरू करेगी, जहां अब तक बड़े पैमाने पर खोज नहीं हुई है। इस अभियान का मकसद घरेलू उत्पादन बढ़ाकर रूस, सऊदी अरब, इराक समेत दूसरे देशों से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना है।</p>
<p>केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि सरकार जल्द ही इन नए क्षेत्रों को अन्वेषण के लिए नीलाम करेगी। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतें तेजी से बढ़ रही हैं और अब समय आ गया है कि देश अपने ही संसाधनों का अधिकतम उपयोग करे। इसके लिए भारत लगभग 95 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगा</p>
<p><strong>जहां नहीं हुई खोज वहां महाअभियान चलाएगा भारत</strong><br>
भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल आयातकों में शामिल है। ऑयल मिनिस्ट्री के अनुसार, 2025-2026 में देश में कच्चे तेल का उत्पादन 25.98 मिलियन मीट्रिक टन था। यह भारत की कच्चे तेल की जरूरतों का सिर्फ 10 प्रतिशत है, जो लगभग 5,22,000 बैरल प्रति दिन (bpd) के बराबर है। यह आंकड़ा 2011 में 9,00,000 bpd से ज्यादा के पीक प्रोडक्शन से काफी कम है। भारत ने ईरान, वेनेजुएला, रूस से ज्यादा खरीद और कई अफ्रीकी देशों सहित कच्चे तेल के सप्लायर देशों की संख्या 27 से बढ़ाकर 41 करके ऊर्जा संकट का सामना किया। अब कच्चे तेल की निर्भरता दूसरे देशों पर कम करने के लिए भारत अपने यहां बड़े स्तर महाअभियान चलाएगा।</p>
<p>पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री पुरी ने AFP को बताया, "हम अभी लगभग 2,50,000 वर्ग किलोमीटर (96,500 वर्ग मील) के ऐसे इलाके की बोली लगाने की प्रक्रिया में हैं, जहा अभी तक कोई खोज नहीं हुई है।"</p>
<p>उन्होंने कहा, "हम 10 अरब डॉलर (लगभग 95 हजार करोड़ रुपये) के प्रोग्राम के जरिए तेल और गैस की खोज में बड़े पैमाने पर पैसा लगा रहे हैं।"</p>
<p>हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़े असर ने यह साफ कर दिया कि आयात पर अत्यधिक निर्भरता भविष्य में बड़ी चुनौती बन सकती है। इसी वजह से सरकार ने घरेलू तेल और गैस खोज अभियान को तेज करने का फैसला लिया है।</p>
<p><strong>समुद्र में छिपा है तेल का खजाना!</strong><br>
सरकार की नजर खासतौर पर समुद्र के गहरे इलाकों पर है। अंडमान एवं निकोबार के आसपास के अपतटीय क्षेत्रों को तेल और गैस के लिहाज से काफी संभावनाशील माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यहां की भूगर्भीय संरचना दक्षिण-पूर्व एशिया के कई हाइड्रोकार्बन समृद्ध क्षेत्रों जैसी है।</p>
<p>पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री पुरी ने भारत के अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पास मौजूद "ऊर्जा के मौकों के भंडार" की तारीफ की है। यह द्वीप समूह 800 किलोमीटर (500 मील) लंबी द्वीपों की एक श्रृंखला है, जो पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील हैं और थाईलैंड व इंडोनेशिया से सटे समुद्रों में स्थित हैं।</p>
<p>हालांकि गहरे समुद्र में तेल निकालना आसान नहीं है। इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक, भारी निवेश और कई वर्षों तक लगातार काम करने की जरूरत होती है। इसी कारण सरकार अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कंपनियों और तकनीकी विशेषज्ञों का भी सहयोग ले रही है।</p>
<p><strong>पीएम मोदी ने की थी 'समुद्र मंथन मिशन' की शुरुआत</strong><br>
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2025 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने भाषण के दौरान "समुद्र मंथन" मिशन की शुरुआत की। यह नाम हिंदू पौराणिक कथाओं की एक अहम घटना से लिया गया है, जिसका अर्थ है "समुद्र का मंथन"।</p>
<p>पीएम मोदी ने उस समय कहा था, "हम समुद्र के नीचे तेल और गैस के भंडार खोजने के लिए मिशन मोड में काम करना चाहते हैं और इसलिए भारत 'नेशनल डीप वॉटर एक्सप्लोरेशन मिशन' शुरू करने जा रहा है।"</p>]]> </content:encoded>
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<title>नितिन नवीन का लखनऊ दौरा: 2027 चुनाव में भाजपा की हैट्रिक का दावा</title>
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<description><![CDATA[  लखनऊ राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार शनिवार को लखनऊ पहुंचे नितिन नवीन ने पार्टी के चुनावी रण का आगाज़ करते हुए दावा किया कि 2027 में भाजपा जीत की हैट्रिक लगाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा को विपक्ष के नकारात्मक मुद्दों का पूरी आक्रामकता के साथ न केवल जवाब देना होगा बल्कि जनता को … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 19:03:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>नितिन, नवीन, का, लखनऊ, दौरा:, 2027, चुनाव, में, भाजपा, की, हैट्रिक, का, दावा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> <strong>लखनऊ</strong><br>
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार शनिवार को लखनऊ पहुंचे नितिन नवीन ने पार्टी के चुनावी रण का आगाज़ करते हुए दावा किया कि 2027 में भाजपा जीत की हैट्रिक लगाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा को विपक्ष के नकारात्मक मुद्दों का पूरी आक्रामकता के साथ न केवल जवाब देना होगा बल्कि जनता को मोदी-योगी सरकार की उपलब्धियों के साथ सच्चाई सामने रखनी होगी। नितिन नवीन ने ये बातें पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में कहीं।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुआई में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, यूपी भाजपा के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, दोनों उप मुख्यमंत्रियों केशव व ब्रजेश पाठक और राज्य सरकार के मंत्रियों ने नितिन नवीन और भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बी एल संतोष का एयरपोर्ट पर स्वागत किया। एयरपोर्ट से भाजपा के प्रदेश कार्यालय तक निकाली गई अभिनंदन यात्रा में पार्टी कार्यकर्ताओं का जबर्दस्त उत्साह दिखा। प्रदेश भाजपा कार्यालय में यूपी भाजपा की नई टीम को उन्होंने चुनाव में जीत का मंत्र दिया। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में हेरफेर मसले पर भी बात हुई। इसे रामभक्तों का आस्था पर गहरा आघात बताया गया और पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भरोसा कर संयम रखने की बात कही गई। इससे पहले चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे से विशेष रथ पर नितिन नवीन, पंकज चौधरी के साथ सवार थे।</p>
<p><strong>42 जगहों पर नितिन नबीन का स्वागत</strong><br>
हवाई अड्डे से भाजपा प्रदेश कार्यालय तक तकरीबन 18 किलोमीटर लंबी इस अभिनंदन यात्रा के दौरान 42 जगहों पर नितिन नवीन का भव्य स्वागत किया गया। विधान सभा चुनाव के पहले दो नितिन नवीन का पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव के साथ दो दिवसीय लखनऊ दौरा अहम माना जा रहा है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में बैठक के दौरान नितिन ने पदाधिकारियों से कहा कि यूपी में 2027 में भाजपा की सरकार तीसरी बार बनेगी इसमें कोई संदेह नहीं है, लेकिन सभी को मेहनत करनी होगी। पार्टी कार्यालय पर बैठक के बाद गोमतीनगर स्थित एक होटल में विधायकों, सांसदों और पार्टी की कोर कमेटी की भी बैठकें हुईं। इनमें भी चुनाव की रणनीति के अलावा सरकार और संगठन के समन्वय को लेकर चर्चा हुई।</p>
<p><strong>मैंने प्रवास शुरू किया है, आप भी गांवों में प्रवास करें</strong><br>
नितिन नवीन ने यूपी भाजपा की नई टीम, मोर्चों के अध्यक्षों, क्षेत्रीय अध्यक्षों और जिला व महानगर अध्यक्षों की बैठक में पार्टी को चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मैंने प्रवास कार्यक्रम शुरू किए हैं। आप भी गांव-गांव प्रवास करिए। इसी महीने से मैं अपना क्षेत्रीय प्रवास भी शुरू करूंगा। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि हर महीने के अंतिम रविवार को 'मन की बात' का कार्यक्रम होता है। उस दिन इस कार्यक्रम के बाद वहीं पर बूथ की बैठक जरूर होनी चाहिए। मन की बात वाले रविवार से पहले के रविवार को शक्ति केंद्र की बैठक करिए। इसमें तय करिए कि कितने बूथों पर ‘मन की बात’ का कार्यक्रम हो सकेगा। तभी हम मजबूत बूथ और मजबूत शक्ति केंद्र की कल्पना को साकार कर पाएंगे। आपके जिले के 100 प्रतिशत बूथों पर ‘मन की बात’ का प्रसारण होना चाहिए। हर महीने का कार्यक्रम पिछले से बेहतर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर महीने मंडल, जिला और पदाधिकारियों बैठक की प्रदेश स्तरीय बैठक होनी है।</p>
<p><strong>सपा-कांग्रेस ध्यान भटका रहे</strong><br>
नवीन ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने हर क्षेत्र में कीर्तिमान बनाया है। मोदी-योगी की जोड़ी ने यूपी को उत्तम प्रदेश बनाया है। सपा-कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे जनता का ध्यान भटकाने के लिए नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं। हमें विपक्ष के झांसे में नहीं आना है। हमें यूपी के विकास के लिए काम करना है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि विपक्ष के अनर्गल आरोपों का सोशल मीडिया पर आक्रामक ढंग से जवाब दें।</p>
<p>‘सीएम योगी बोले, प्रभु श्री राम एवं भगवान श्रीकृष्ण के चरणरज से पावन हुई संस्कृति, संस्कार और सृजन की साधना स्थली उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन। ’</p>
<p>'यूपी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी बोले, उत्तर प्रदेश की पवित्र धरती पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐतिहासिक स्वागत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन का लखनऊ हवाई अड्डे पर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। 'स्वागत यात्रा' में जगह-जगह उत्तर प्रदेश की देवतुल्य जनता और ऊर्जावान कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह और गर्मजोशी के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत किया।'</p>
<p>‘डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि पूरा लखनऊ शहर और भाजपा की राज्य इकाई प्रदेश कार्यालय में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का गर्मजोशी से स्वागत कर रही है। आज और कल उनके साथ बैठकों का दौर तय है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचार होगा।’</p>
<p>‘उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का कहना हे कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आपका भगवान लक्ष्मणजी की पावन धरा लखनऊ में पहले आगमन पर हार्दिक स्वागत और अभिनंदन।’</p>]]> </content:encoded>
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<title>तमिलनाडु में सियासी घमासान: TVK सरकार पर हॉर्स ट्रेडिंग के गंभीर आरोप</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही है। राज्य की तीन बड़ी पार्टियों (DMK, AIADMK, BJP) ने मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को तीनों पार्टियों के नेताओं ने राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर के साथ अलग-अलग समय पर मुलाकात की … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 19:01:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>तमिलनाडु, में, सियासी, घमासान:, TVK, सरकार, पर, हॉर्स, ट्रेडिंग, के, गंभीर, आरोप</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong><br>
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही है। राज्य की तीन बड़ी पार्टियों (DMK, AIADMK, BJP) ने मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को तीनों पार्टियों के नेताओं ने राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर के साथ अलग-अलग समय पर मुलाकात की और सत्ताधारी पार्टी के ऊपर विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) के आरोप लगाए। इतना ही नहीं उन्होंने मुख्यमंत्री विजय के ऊपर सरकारी मशीनरी के गलत उपयोग और राज्य कैबिनेट की मीटिंग में गैर अधिकृत लोगों के प्रवेश का भी आरोप लगाया।</p>
<p>राज्यपाल से मिलकर आए डीएमके नेता आरएस भारती ने मीडिया के सामने अपने तर्कों को रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की विजय सरकार मशीनरी का गलत उपयोग कर रही है और विधायकों की खरीद फरोख्त करने की कोशिश कर रही है। इसके खिलाफ ऐक्शन होना ही चाहिए। उन्होंने कहा, "हमने गवर्नर से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात है और उन्हें तमिलनाडु में जारी हॉर्स ट्रेडिंग और सत्ता के गलत इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी। दो लोग जॉन और विष्णु रेड्डी, जिनका सरकार से कोई संबंध नहीं है वह राज्य के मंत्रियों से ज़्यादा ताकतवर लगते हैं। वे सभी हाई-लेवल मीटिंग में शामिल होते हैं और अधिकारियों को आदेश देते हैं। तमिलनाडु में ऐसी खराब स्थिति पैदा हो गई है। हमने पहले भी एक याचिका दी थी, लेकिन गवर्नर शहर में नहीं थे, इसलिए आज हमने मुलाकात की और इन सभी मुद्दों पर जोर दिया।</p>
<p>बता दें, यह पहली बार नहीं है जब राज्य की डीएमके की तरफ से मुख्यमंत्री विजय के ऊपर आरोप लगाए गए हों। एक हफ्ते पहले ही स्टालिन की पार्टी ने हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप में विजय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की मांग की थी।</p>
<p><strong>CM थलपति विजय पर लगा विधायकों को तोड़ने का आरोप</strong><br>
एक हफ्ते पहले ही MDMK के नेता वाइको ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री विजय ने व्यक्तिगत रूप से भी विधायकों को तोड़ने की कोशिश की है। उन्होंने DMK के दो विधायकों को विधानसभा से इस्तीफा देने और उनके साथ जाने के लिए मनाने की कोशिश की है। इस दावे को लेकर डीएमके ने सीधे तौर पर राज्यपाल से इसकी शिकायत की। इसके अनुसार, मुख्यमंत्री विजय ने विधायकों को भरोसा दिलाया कि अगर वह अपनी सीट छोड़ देते हैं, तो उन्हें उपचुनाव के दौरान TVK से टिकट और आर्थिक मदद दी जाएगी।</p>
<p><strong>भाजपा और AIADMK ने भी की राज्यपाल से मुलाकात</strong><br>
DMK के अलावा AIADMK और भाजपा ने भी राज्यपाल से मुलाकात करके राज्य में चल रही गतिविधियों पर अपनी असंतुष्टि जाहिर की। दोनों पार्टियों ने मुख्यमंत्री विजय के ऊपर हॉर्स ट्रेडिंग और राज्य कैबिनेट में निजी लोगों को शामिल करने का आरोप लगाया। पार्टी नेताओं ने गवर्नर से संविधान के अनुच्छेद 167 का इस्तेमाल करते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगने और ज़रूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई करने का आग्रह किया। भारतीय जनता पार्टी ने भी लगभग समान आरोप लगाते हुए जॉन अरोकियासामी और विष्णु रेड्डी पर प्रोटोकॉल तोड़ने का आरोप लगाया और विजय के खिलाफ जांच की मांग की।</p>
<p><strong>राज्यपाल ने तीनों पार्टियों के नेताओं से मिलने की पुष्टि की</strong><br>
शनिवार को हुई इन हाई प्रोफाइल बैठकों से राज्य की राजनीति भी गर्म रही। राज्यपाल विश्वानाथ आर्लेकर ने इन पार्टियों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि की। लोकभवन ने एक बयान जारी करके बताया कि डीएमके ने अपने ज्ञापन में पुलिस मशीनरी के गलत इस्तेमाल से कथित गैर-कानूनी गिरफ्तारी, कस्टडी में दबाव डालने और चुने हुए प्रतिनिधियों को पाला बदलने के लिए उकसाने की कोशिशों पर चिंता जताई गई। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि विधायकों को पाला बदलने के लिए लालच दिया गया और सरकारी कामकाज में निजी लोगों की भागीदारी पर सवाल उठाए।</p>
<p><strong>'जॉन और विष्णु अब मुख्यमंत्री के सलाहकार' TVK ने दिया जवाब</strong><br>
तीन तरफ से आए इस हमले का जवाब थलपति विजय की पार्टी ने भी जोरदार तरीके से दिया। पार्टी की तरफ से कहा गया कि हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। जहां तक जॉन और विष्णु रेड्डी के कैबिनेट मीटिंग में शामिल होने की बात है। उन दोनों को मुख्यमंत्री का विशेष सलाहकार नियुक्त किया गया है। इसलिए अब वह निजी व्यक्ति नहीं रह गए बल्कि सरकारी मशीनरी का हिस्सा हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>धमतरी में पेट्रोलिंग वाहन देखकर भागा युवक, हार्ट अटैक से हुई मौत</title>
<link>https://atworldnews.in/9005</link>
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<description><![CDATA[ धमतरी. धमतरी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस पेट्रोलिंग वाहन को देखकर भाग रहे एक युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. बहरहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 18:31:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>धमतरी, में, पेट्रोलिंग, वाहन, देखकर, भागा, युवक, हार्ट, अटैक, से, हुई, मौत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>धमतरी.</strong></p>
<p>धमतरी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस पेट्रोलिंग वाहन को देखकर भाग रहे एक युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. बहरहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.</p>
<p>मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के लालबगीचा वार्ड का है. बताया गया 27 वर्षीय योगेश जांगड़े अपने कुछ दोस्तों के साथ रात में बैठा हुआ था, इसी दौरान नियमित गश्त पर निकली पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी वहां पहुंची. पेट्रोलिंग वाहन को देखते ही वहां मौजूद युवक अचानक भागने लगा. बताया जा रहा है कि भागते समय योगेश जांगड़े की सांस फूलने लगी और उसकी हालत बिगड़ गई. युवक के दोस्तों ने इसकी सूचना परिजनों को दी, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में उपचार शुरू किया गया लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत और गंभीर हो गई डॉक्टरों ने जांच के बाद योगेश जांगड़े को मृत घोषित कर दिया.</p>
<p>घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है. डॉक्टरों के अनुसार, युवक की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई है. हालांकि, घटना के कई पहलुओं की जांच की जा रही है. वहीं यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर पुलिस पेट्रोलिंग वाहन को देखकर युवक और उसके साथी अचानक क्यों भागने लगे. फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>देवास से गिरफ्तार आतंकी बिलाल की जांच तेज, गुजरात ATS खंगाल रही पूरी कुंडली</title>
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<description><![CDATA[ देवास. गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) द्वारा देवास (मप्र) के वारसी नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए बिलाल दुर्रानी (18) की पृष्ठभूमि और उसकी गतिविधियों को लेकर जांच जारी है। जांच एजेंसियों के अनुसार बिलाल प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक माड्यूल से जुड़ा है। अब तक की जानकारी के अनुसार, बिलाल का परिवार … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 18:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>देवास, से, गिरफ्तार, आतंकी, बिलाल, की, जांच, तेज, गुजरात, ATS, खंगाल, रही, पूरी, कुंडली</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>देवास.</strong></p>
<p>गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) द्वारा देवास (मप्र) के वारसी नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए बिलाल दुर्रानी (18) की पृष्ठभूमि और उसकी गतिविधियों को लेकर जांच जारी है। जांच एजेंसियों के अनुसार बिलाल प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक माड्यूल से जुड़ा है।</p>
<p>अब तक की जानकारी के अनुसार, बिलाल का परिवार मूल रूप से गुजरात के पालनपुर क्षेत्र का रहने वाला है। वर्ष 1997-98 में परिवार देवास आकर बस गया था। परिवार वारसी नगर क्षेत्र में रहता है। बिलाल के चार भाई हैं। उसका एक भाई गुजरात के मदरसे से एटीएस की कार्रवाई में हिरासत में लिया गया, जिसके बाद पूछताछ के आधार पर टीम देवास पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से बिलाल को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद एटीएस उसे अपने साथ गुजरात ले गई। बताया जा रहा है कि घटना के बाद परिवार के सदस्य भी देवास से गुजरात चले गए हैं। बिलाल भी मदरसे में पढ़ा है और टाइल्स का काम भी करता था।</p>
<p><strong>पिता चाहते थे मदरसे में पढ़ाए, बिलाल ने चुना दूसरा काम</strong><br>
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बिलाल के पिता मोहसिनपुरा स्थित एक मदरसे में पढ़ाते थे। एक बार सभी बच्चों को पास कर दिया, तो निकाल दिए गए। बाद में दवाइयां देने का काम करने लगे। परिवार चाहता था कि बिलाल भी धार्मिक शिक्षा लेकर मदरसे में पढ़ाए। इसके लिए उसकी तालीम भी कराई गई थी, लेकिन बाद में वह ठेकेदारों के साथ टाइल्स लगाने का काम करने लगा। वह अलग-अलग निर्माण स्थलों पर काम करता था और अक्सर काम के सिलसिले में गुजरात भी जाता था। पड़ोसियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, बिलाल का मोहल्ले में ज्यादा मेलजोल नहीं था। वह समय-समय पर गुजरात जाता था और कुछ दिन बाद वापस देवास लौटकर काम करने लगता था।</p>
<p>जांच एजेंसियां अब उसके यात्रा रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, डिजिटल गतिविधियों और संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। आरोप है कि बिलाल कथित तौर पर कुछ कट्टर डिजिटल समूहों से जुड़ा था और उनमें साझा होने वाली सामग्री को आगे भेजता था। इनमें वीडियो, फोटो और संदेश शामिल बताए जा रहे हैं। यह भी जांच की जा रही है कि इन गतिविधियों में उसकी भूमिका क्या थी और क्या वह केवल सामग्री साझा करता था या किसी बड़े नेटवर्क से भी जुड़ा था। इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>विदेश मंत्री एस. जयशंकर का 10 दिवसीय दौरा, कतर से ब्रुसेल्स तक कूटनीतिक मिशन</title>
<link>https://atworldnews.in/9003</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  विदेश मंत्री एस. जयशंकर 5 से 15 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, न्यूयॉर्क और ब्रुसेल्स का दौरा करेंगे। MEA ने उनके शेड्यूल की जानकारी दी है। इसके अनुसार, विदेश मंत्री 5 से 10 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान की यात्रा करेंगे। इस यात्रा का मुख्य मकसद इन चार देशों के … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 18:02:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>विदेश, मंत्री, एस., जयशंकर, का, दिवसीय, दौरा, कतर, से, ब्रुसेल्स, तक, कूटनीतिक, मिशन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 विदेश मंत्री एस. जयशंकर 5 से 15 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, न्यूयॉर्क और ब्रुसेल्स का दौरा करेंगे। MEA ने उनके शेड्यूल की जानकारी दी है। इसके अनुसार, विदेश मंत्री 5 से 10 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान की यात्रा करेंगे। इस यात्रा का मुख्य मकसद इन चार देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। इसके बाद, विदेश मंत्री 13 जुलाई को न्यूयॉर्क जाएंगे, जहां वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के 2028-29 कार्यकाल के लिए भारत के आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे। फिर वे 14-15 जुलाई को ब्रुसेल्स में तीसरी भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की बैठक में शामिल होंगे। यूरोपीय संघ और बेल्जियम में समकक्षों से बातचीत करेंगे।</p>
<p><strong>जान लीजिए जयशंकर का पूरा शेड्यूल</strong><br>
    विदेश मंत्रालय ने बताया कि मंत्री एस. जयशंकर 5 से 10 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे।<br>
    इन देशों की यात्रा के दौरान, वे अपने समकक्षों और वहां के नेतृत्व से मुलाकात करेंगे।<br>
    यात्रा का फोकस इन चार देशों के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने पर होगा और साथ ही क्षेत्रीय घटनाक्रमों और आपसी हित के मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान का अवसर भी मिलेगा।<br>
    इसके बाद, विदेश मंत्री 13 जुलाई को न्यूयॉर्क जाएंगे, जहां वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के 2028-29 कार्यकाल के लिए भारत के आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे।<br>
    फिर वे 14-15 जुलाई को ब्रुसेल्स में तीसरी भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की बैठक में शामिल होंगे और यूरोपीय संघ और बेल्जियम में समकक्षों से बातचीत करेंगे।</p>
<p><strong>पीयूष गोयल भी जाएंगे ब्रुसेल्स</strong><br>
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय रेल, सूचना और प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी तीसरी भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) बैठक में हिस्सा लेने के लिए ब्रुसेल्स जाएंगे। यह बैठक हाल ही में संपन्न हुए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को और मजबूत करेगी और इसके कार्यान्वयन में मदद करेगी।<br>
हम सभी यूरोपीय आयोग के साथ बैठक के लिए जा रहे: पीयूष गोयल<br>
17वें 'टॉय बिज इंटरनेशनल बी2बी एक्सपो' के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि हम सभी यूरोपीय आयोग के साथ बैठक के लिए जा रहे हैं। पीयूष गोयल ने आगे कहा कि हमारी कोशिश है कि यह उस मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का पूरक बने जिसे हमने अंतिम रूप दिया है। इससे हमें समझौते की बारीकियों को ठीक करने और भविष्य में एफटीए को लागू करने और उससे लाभ उठाने में आसानी होगी।</p>
<p>वाणिज्य मंत्री ने यह भी कहा कि टीटीसी बातचीत से व्यापार, प्रौद्योगिकी और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत और यूरोपीय संघ के बीच सहयोग मजबूत होने की उम्मीद है, साथ ही इससे एफटीए के प्रभावी कार्यान्वयन में भी मदद मिलेगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>साणंद में सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन, पीएम मोदी का ‘सुन रहे हो न विनोद’ डायलॉग वायरल</title>
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<description><![CDATA[  साणंद  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में सेमीकंडक्टर असेंबलिंग एंड टेस्टिंग प्लांट का उद्घाटन करते हुए अपने संबोधन में लोकप्रिय संवाद &quot;सुन रहे हो न विनोद&quot; का इस्तेमाल किया, जिस पर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं और ठहाके लगाए। दरअसल, उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए &quot;सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 18:02:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>साणंद, में, सेमीकंडक्टर, प्लांट, का, उद्घाटन, पीएम, मोदी, का, ‘सुन, रहे, हो, न, विनोद’, डायलॉग, वायरल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> <strong>साणंद</strong><br>
 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में सेमीकंडक्टर असेंबलिंग एंड टेस्टिंग प्लांट का उद्घाटन करते हुए अपने संबोधन में लोकप्रिय संवाद "सुन रहे हो न विनोद" का इस्तेमाल किया, जिस पर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं और ठहाके लगाए।</p>
<p>दरअसल, उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए "सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल साल्यूशंस" के चेयरमैन वेल्लायन सुबैया ने गुजराती की दो कहावतों का इस्तेमाल किया। जब पीएम मोदी बोलने आए, तो उन्होंने भी इन कहावतों का जिक्र किया।</p>
<p><strong>पीएम मोदी ने क्या कहा?</strong><br>
पीएम ने कहा-सुबैया जी ने गुजराती की एक कहावत कही-निशान चूक माफ, पण नहीं माफ नीचू निशान (ऊंचा लक्ष्य चूकना माफ है, लेकिन कम लक्ष्य तय करना नहीं)। मैं कभी छोटे लक्ष्य नहीं रखता, न ही छोटा सोच रखता हूं। यदि मुझे कोई प्रतिमा बनानी हो, तो मैं उसे दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाऊंगा। प्रधानमंत्री का यह बयान स्पष्ट रूप से सरदार वल्लभभाई पटेल की "स्टेच्यू आफ यूनिटी" के संदर्भ में था।</p>
<p><strong>पंचायत वेब सीरीज का फेमस डायलॉग</strong><br>
इसके बाद मोदी ने कहा- और सुबैया जी ने "काम बोले छे" भी कहा…। "सुन रहे हो न विनोद"… काम बोलता है। यह सुनते ही सभा में मौजूद लोग और मंच पर उपस्थित अन्य लोग ठहाके लगाने लगे। उल्लेखनीय है कि "सुन रहे हो न विनोद" (या "देख रहा है विनोद") लोकप्रिय वेब सीरीज पंचायत का एक प्रसिद्ध डायलॉग है। इंटरनेट पर यह संवाद बहुत बड़ा मीम बन गया है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>रूस की बांडेरोल मिसाइल ने यूक्रेन की एयर डिफेंस सिस्टम की बढ़ाई मुश्किलें</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में तकनीक और हथियारों का स्तर लगातार बदल रहा है. इस कड़ी में रूस द्वारा तैनात की गई नई S8000 बांडेरोल (Banderol) क्रूज मिसाइल ने यूक्रेन की एयर डिफेंस सिस्टम के सामने एक गंभीर संकट खड़ा कर दिया है. यह हथियार पारंपरिक क्रूज मिसाइल और … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 18:02:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>रूस, की, बांडेरोल, मिसाइल, ने, यूक्रेन, की, एयर, डिफेंस, सिस्टम, की, बढ़ाई, मुश्किलें</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में तकनीक और हथियारों का स्तर लगातार बदल रहा है. इस कड़ी में रूस द्वारा तैनात की गई नई S8000 बांडेरोल (Banderol) क्रूज मिसाइल ने यूक्रेन की एयर डिफेंस सिस्टम के सामने एक गंभीर संकट खड़ा कर दिया है. यह हथियार पारंपरिक क्रूज मिसाइल और सुसाइड ड्रोन का एक घातक मिश्रण है, जिसका इस्तेमाल हाल ही में कीव पर हुए बड़े हमलों में बड़े पैमाने पर देखा गया है. सुरक्षा विशेषज्ञों और यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस मिसाइल को मार गिराना इतना कठिन क्यों है?</p>
<p><strong>मशीन गन की पहुंच से बाहर</strong><br>
बांडेरोल मिसाइल को मार गिराने में सबसे बड़ी चुनौती इसकी गति और इसका इंजन है. यूक्रेनी रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस मिसाइल की क्रूज गति 520 से 560 किमी/घंटा है, जो अधिकतम 650 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है. यूक्रेन की सेना अक्सर मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने के लिए मोबाइल फायर टीमों का उपयोग करती है, जो जमीन पर मौजूद भारी मशीन गन से हवाई टारगेट्स पर निशाना साधती हैं.</p>
<p>बांडेरोल की जेट इंजन की वजह से गति इतनी अधिक है कि ये मैन्युअल मशीन गन टीमें इसका पीछा करने और सटीक निशाना लगाने में पूरी तरह बेकार साबित हो रही हैं. इसे रोकने के लिए 'गेपार्ड' जैसी अत्यधिक एडवांस और ऑटोमैटिक एंटी-एयरक्राफ्ट प्रणालियों की आवश्यकता होती है, जो तेज गति से चलने वाले लक्ष्यों को ट्रैक कर सकें.  </p>
<p><strong>छोटा आकार और बेजोड़ चालाकी</strong><br>
पारंपरिक रूसी क्रूज मिसाइलों (जैसे Kh-101 या कैलिबर) की तुलना में बांडेरोल का आकार काफी छोटा है. लगभग 5 मीटर लंबाई और 2.2 मीटर विंगस्पैन के साथ यह रडार की नजरों से आसानी से बच निकलती है. यूक्रेनी सैन्य खुफिया विभाग (HUR) की रिपोर्ट से पता चलता है कि यह मिसाइल बेहद कम जगह में मुड़ने के साथ हवा में तेजी से मैन्यूवर कर सकती है. इसकी यही चालकी इसे यूक्रेन के हवाई सुरक्षा रडार और मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा देती है, क्योंकि इसके फ्लाइट पाथ का अनुमान लगाना बेहद कठिन होता है.</p>
<p><strong>जैमिंग-रोधी 'कोमेटा' एंटीना तकनीक</strong><br>
हवाई सुरक्षा को भेदने के लिए इस मिसाइल में रूस की एडवांस कोमेटा (Kometa) डिजिटल सैटेलाइट नेविगेशन एंटीना प्रणाली का उपयोग किया गया है. यह तकनीक यूक्रेन के इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर यानी जैमिंग सिस्टम को पूरी तरह से बेअसर कर देती है. जब यूक्रेन की सेना मिसाइल के जीपीएस या नेविगेशन को बाधित करने की कोशिश करती है, तो यह जैमिंग-रोधी एंटीना मिसाइल को सुरक्षित रूप से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने में मदद करता है. इस वजह से इसे बिना भौतिक रूप से नष्ट किए, केवल सिग्नल ब्लॉक करके रोकना लगभग असंभव हो जाता है.   </p>
<p><strong>रूस की बेहतरीन ई-कॉमर्स वाली चालाकी</strong><br>
इस मिसाइल का सबसे चौंकाने वाला पहलू इसका निर्माण और सप्लाई चेन है. यूक्रेन के 'वॉर एंड सैंक्शंस' पोर्टल के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद इस मिसाइल में 30 अलग-अलग विदेशी कंपनियों के 20 से अधिक मुख्य पार्ट्स और लगभग 20 माइक्रोचिप्स लगाए गए हैं.</p>
<p>इसमें सबसे महत्वपूर्ण है इसका इंजन- चीन का Swiwin SW800Pro जेट इंजन, जो आमतौर पर रिमोट-कंट्रोल विमानों के लिए उपयोग किया जाता है. यह ई-कॉमर्स वेबसाइट 'AliExpress' पर मात्र $16,000 में आसानी से मौजूद है. इसके अलावा, इसमें जापान की मुराता बैटरियां, साउथ कोरिया के डायनामिक्सल सर्वो मोटर्स और अमेरिकी तथा स्विस मूल के वोल्टेज रेगुलेटर और माइक्रोकंट्रोलर्स शामिल हैं.</p>
<p>प्रतिबंधों से बचने के लिए रूस ने आर्मेनिया, कजाकिस्तान, चीन, तुर्की और यूएई जैसे देशों के मध्यस्थों और शेल कंपनियों का एक जटिल नेटवर्क तैयार किया है, जिसके माध्यम से ये कलपुर्जे रूसी वितरकों तक पहुंच जाते हैं.   </p>
<p><strong>बड़े हमलों में रणनीति का हिस्सा</strong><br>
रूस इस मिसाइल का उपयोग स्वतंत्र रूप से करने के बजाय एक सोची-समझी रणनीति के तहत कर रहा है. इसे बड़े पैमाने पर 'शहीद' ड्रोनों और भारी बैलिस्टिक मिसाइल के साथ मिलाकर दागा जाता है. जब सैकड़ों हथियार एक साथ यूक्रेन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते हैं, तो वहां की हवाई सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह व्यस्त हो जाती है. ऐसे समय में अपनी गति, छोटे आकार और चपलता के कारण बांडेरोल मिसाइलें सुरक्षा घेरे को तोड़कर नागरिक और बुनियादी ढांचों पर भारी तबाही मचाने में सफल हो जाती हैं.</p>]]> </content:encoded>
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<title>पेड़ों की अवैध कटाई पर बड़ा एक्शन, प्रधान पाठक निलंबित, अध्यक्ष और सचिव पर होगी FIR</title>
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<description><![CDATA[ बालोद. बालोद जिले के गुरुर विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़भूम परिसर में पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाने का एक गंभीर मामला सामने आया है. स्कूल परिसर में बिना किसी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के 29 हरे-भरे पेड़ों को बेरहमी से काट दिया गया. मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 17:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>पेड़ों, की, अवैध, कटाई, पर, बड़ा, एक्शन, प्रधान, पाठक, निलंबित, अध्यक्ष, और, सचिव, पर, होगी, FIR</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बालोद.</strong></p>
<p>बालोद जिले के गुरुर विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़भूम परिसर में पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाने का एक गंभीर मामला सामने आया है. स्कूल परिसर में बिना किसी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के 29 हरे-भरे पेड़ों को बेरहमी से काट दिया गया.</p>
<p>मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने तत्काल जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. कलेक्टर के निर्देश पर विकास खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) गुरूर ने बीते 2 जुलाई को विद्यालय का आकस्मिक और विस्तृत निरीक्षण किया, जिसमें अवैध रूप से पेड़ों की कटाई की बात पूरी तरह सच और प्रमाणित पाई गई. जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद बीईओ ने 3 जुलाई को गुरुर थाना प्रभारी को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज करने का आवेदन दिया है. इसके साथ ही मुख्य आरोपी प्रधान पाठक के निलंबन की अनुशंसा उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है<strong>.</strong></p>
<p><strong>समिति ने बाकायदा बैठक कर पास किया था प्रस्ताव</strong><br>
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि पेड़ों की इस अवैध कटाई की बाकायदा साजिश रची गई थी. इसके लिए 23 अप्रैल को शाला विकास समिति की एक बैठक हुई, जिसमें नियमों को ताक पर रखकर पेड़ों को काटने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया. शाला विकास समिति के अध्यक्ष जीवन लाल उईके और सदस्य निर्मला उईके मुख्य तौर पर घटनाक्रम में शामिल रहे.</p>
<p><strong>प्रधान पाठक की भूमिका रही मुख्य</strong><br>
पूरी प्रक्रिया में माध्यमिक स्तर के प्रधान पाठक और शाला विकास समिति के सचिव डोमर सिंह निषाद की मुख्य भूमिका रही, जिनकी सीधी देखरेख में सरकारी संपत्ति और पर्यावरण को यह नुकसान पहुँचाया गया. नियमानुसार पेड़ों की कटाई से पहले वन विभाग या राजस्व विभाग से किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी, जो कि सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है.</p>
<p><strong>कड़ी कार्रवाई की तैयारी</strong><br>
गुरूर बीईओ ललित चंद्राकर ने कहा कि मामले में नियमों का घोर उल्लंघन और पदीय कर्तव्यों का दुरुपयोग पाया गया है. थाना प्रभारी को नामजद FIR दर्ज करने के लिए पत्र दे दिया गया है. साथ ही संबंधित प्रधान पाठक डोमर सिंह निषाद एवं अन्य संलिप्त कर्मचारियों के निलंबन के लिए औपचारिक अनुशंसा उच्चाधिकारियों को भेजी गई है.</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>दतिया उपचुनाव: वोटिंग में बचे 24 दिन, आज BJP का शीर्ष नेतृत्व करेगा रणनीतिक मंथन</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल. दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा ने रविवार को भोपाल में दिग्गज नेताओं की बड़ी बैठक प्रस्तावित की है। भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश भी रविवार को भोपाल में रहेंगे। शिवप्रकाश भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ बैठक करेंगे। कांग्रेस ने बढ़ाई सक्रियता कांग्रेस भी आपसी … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 17:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दतिया, उपचुनाव:, वोटिंग, में, बचे, दिन, आज, BJP, का, शीर्ष, नेतृत्व, करेगा, रणनीतिक, मंथन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल.</strong></p>
<p>दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा ने रविवार को भोपाल में दिग्गज नेताओं की बड़ी बैठक प्रस्तावित की है। भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश भी रविवार को भोपाल में रहेंगे। शिवप्रकाश भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ बैठक करेंगे।</p>
<p><strong>कांग्रेस ने बढ़ाई सक्रियता</strong><br>
कांग्रेस भी आपसी मतभेद भुलाकर दतिया चुनाव में जुट गई है। इसे देखते हुए भाजपा उप चुनाव में कोई कोताही नहीं बरतना चाहती है। यही वजह है कि पार्टी के भोपाल जिले के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के साथ उप चुनाव की रणनीति पर मंथन करेंगे।</p>
<p><strong>30 जुलाई है मतदान</strong><br>
बता दें कि चुनाव आयोग ने दतिया उपचुनाव की घोषणा कर दी है, यहां 30 जुलाई को मतदान है। ऐसे में चुनाव प्रचार को केवल 24 दिन शेष है। इन 24 दिनों की चुनावी रणनीति तय कर आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई जाएगी। निर्वाचन आयोग ने गुरुवार 2 जुलाई को बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कर दी। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव कराया जाएगा। यह सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त हुई थी।</p>
<p><strong>आर्थिक अनियमितता से जुड़े मामले में सजा</strong><br>
राजेंद्र भारती को आर्थिक अनियमितता से जुड़े एक मामले में अदालत ने तीन वर्ष की सजा सुनाई थी। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी। उन्होंने इस निर्णय को न्यायालय में चुनौती दी है, लेकिन अब तक उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित मतदाता सूची के आधार पर उपचुनाव कराया जाएगा।</p>
<p><strong>उपचुनाव कार्यक्रम</strong><br>
– 6 जुलाई – अधिसूचना जारी, नामांकन प्रक्रिया शुरू<br>
– 13 जुलाई – नामांकन की अंतिम तिथि<br>
– 14 जुलाई – नामांकन पत्रों की जांच<br>
– 16 जुलाई – नाम वापसी की अंतिम तिथि<br>
– 30 जुलाई – मतदान<br>
– 3 अगस्त – मतगणना</p>
<p>गौरतलब है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को पराजित किया था। अब इस सीट पर होने वाला उपचुनाव प्रदेश की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में भारत एक पायदान फिसला, 125वें स्थान पर पहुंचा</title>
<link>https://atworldnews.in/8998</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में भारत पिछले साल के मुकाबले एक पायदान फिसलकर 125वें स्थान पर पहुंच गया है। ग्लोबल सिटिजन स़ल्यूशन (GCS) की ओर से जारी पांचवीं एनुअल रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत से पहले नामीबिया 124वें स्थान पर है। वहीं अजरबैजान 126वें स्थान पर है। ज्यादातर पासपोर्ट रैंकिंग वीजा फ्री … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 17:02:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ग्लोबल, पासपोर्ट, इंडेक्स, में, भारत, एक, पायदान, फिसला, 125वें, स्थान, पर, पहुंचा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में भारत पिछले साल के मुकाबले एक पायदान फिसलकर 125वें स्थान पर पहुंच गया है। ग्लोबल सिटिजन स़ल्यूशन (GCS) की ओर से जारी पांचवीं एनुअल रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत से पहले नामीबिया 124वें स्थान पर है। वहीं अजरबैजान 126वें स्थान पर है। ज्यादातर पासपोर्ट रैंकिंग वीजा फ्री ट्रैवल के आधार पर तय की जाती है। लेकिन ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में पासपोर्ट की मजबूती ग्लोबल मोबिलिटी, निवेश की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर तय की जाती है</p>
<p><strong>2021 के मुकाबले 2 स्थानों का सुधार</strong><br>
इस रैंकिंग में कुल 197 देशों में भारत 125वें स्थान पर है। पिछले सा भारत 124वें स्थान पर था। वहीं 2021 में यह 127वें रैंक पर था। ऐसे में अगर 2021 से अब तक के रिकॉर्ड पर गौर करें तो भारत की स्थिति में दो पायदान का सुधार हुआ है। इसके अलावा भारत का कंपोजिट स्कोर भी 45.1 पर पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत 26 देशों को लोगों को वीजा फ्री एंट्री देता है। इनमें भूटान, जमायका, मकाओ, नेपाल, फिलिस्तीन, ट्यूनीशिया और अंगोला शामिल हैं।</p>
<p>वहीं भारत के लोगों को अब भी 88 देशों में वीजा की जरूरत पड़ती है। इनमें अमेरिका, यूके, जर्मनी, फ्रांस, चीन और यूएई भी शामिल हैं। बता दें कि ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स रैंकिंग के लिए मुख्यतः तीन पैमानों पर काम करता है। एक है एनहैंस्ड मोबिलिटी (50 फीसदी), निवेश (25 पर्सेंट) और क्वालिटी ऑफ लिविंग (25 पर्सेंट)।</p>
<p><strong>कौन सा देश टॉप पर, देखिए लिस्ट</strong><br>
ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में सबसे टॉप पर स्वीडन है। इसके बाद स्विट्जरलैंड, फिनलैंड, जर्मनी, नीदरलैंड्स, डेनमार्क, आयरलैंड, यूके, ऩर्वे और सिंगापुर का स्थान है।</p>
<p><strong>किस स्थान पर हैं भारत के पड़ोसी</strong><br>
भारत के पड़ोसी देश चीन इस रैंकिंग में 104वें स्थान पर है। वहीं बांग्लादेश 166, नेपाल 164 और पाकिस्तान 188वें स्थान पर है। पाकिस्तान का नाम सबसे निचले पायदान वाले देशों में शामिल है।</p>
<p><strong>टॉप 10 से बाहर अमेरिका</strong><br>
ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में अमेरिका टॉप 10 से बाहर है। इसमें टॉप की रैंकिंग में ज्यादातर यूरोपीय देश हैं। अमेरिका और फ्रांस दोनों ही 11वें स्थान पर है। कनाडा इस रैंकिंग में 13वें स्थान पर है। दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट के मामले में सोमालिया, दक्षिण सूडान, यमन और सीरिया हैं। इसके अलावा इरिट्रिया 193वें स्थान पर और सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक 189वें स्थान पर है।</p>
<p><strong>क्यों कमजोर हो गया भारत का पासपोर्ट</strong><br>
भारत का पासपोर्ट कमजोर होने के पीछे मोबिलिटी स्कोर बताया जा रहा है। 2021 के 18 से सुधरकर यह 2026 में 23 हो गया है। वहीं दूसरे देसों का ट्रैवल ऐक्सेस तेजी से बढ़ा है। ऐसे में ओवरऑल रैंकिंग के मामले में भारत का नुकसान हुआ है। टॉप 10 देशों में एशिया का एक ही देश है और वह है सिंगापुर। मोबिलिटी और इन्वेस्टमेंट के मामले में सिंगापुर का पासपोर्ट काफी आगे है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ईरान की होर्मुज स्ट्रेट पर सर्विस टैक्स लगाने की तैयारी, वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल</title>
<link>https://atworldnews.in/8997</link>
<guid>https://atworldnews.in/8997</guid>
<description><![CDATA[ नई दिल्ली पश्चिम एशिया की जंग के बाद अब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर टैक्स लगाने की कवायद तेज कर दी है। चीन में ईरानी राजदूत ने शनिवार को बताया कि तेहरान होर्मुज पर सर्विस टैक्स लगाने की योजना बना रहा है, जल्दी ही इसे लागू किया जाएगा। इसके अलावा अमेरिका के खिलाफ युद्ध के … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 17:02:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ईरान, की, होर्मुज, स्ट्रेट, पर, सर्विस, टैक्स, लगाने, की, तैयारी, वैश्विक, ऊर्जा, बाजार, में, हलचल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
पश्चिम एशिया की जंग के बाद अब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर टैक्स लगाने की कवायद तेज कर दी है। चीन में ईरानी राजदूत ने शनिवार को बताया कि तेहरान होर्मुज पर सर्विस टैक्स लगाने की योजना बना रहा है, जल्दी ही इसे लागू किया जाएगा। इसके अलावा अमेरिका के खिलाफ युद्ध के दौरान ईरान का साथ देने और समर्थन करने वाले देशों के साथ इस प्रक्रिया में खास व्यवहार किया जाएगा। बता दें, 28 फरवरी को हुए हमले के बाद से ईरान की तरफ लगातार होर्मुज पर टैक्स लगाने की मांग उठ रही है। हालांकि, अमेरिका ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है।</p>
<p>बीजिंग में वर्ल्ड पीस फोरम में ईरान का पक्ष रखते हुए राजदूत अब्दोलरेजा रहमानी फजली ने कहा कि अब होर्मुज फ्री नहीं रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अब ओमान के साथ मिलकर इस जलमार्ग के ट्रैफिक को कंट्रोल करने की योजना बना रहा है। फजली ने कहा, "होर्मुज स्ट्रेट ईरान के जल क्षेत्र में आता है। तो निश्चित तौर पर हम इस पर सर्विस फीस लेंगे।" हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सर्विस टैक्स को टोल की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।</p>
<p><strong>'मित्र देशों को देंगे राहत'- ईरान</strong><br>
ईरानी राजदूत ने कहा कि इस सर्विस टैक्स का उपयोग जहाजों की निगरानी करने, समुद्री ट्रैफिक से होने वाले पर्यावरणीय असर से निपटने के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि जिन देशों ने युद्ध के दौरान ईरान का साथ दिया था। उन्हें इससे राहत मिलेगी।</p>
<p>ईरानी राजदूत की तरफ से यह बयान ऐसे समय में आए हैं, जब अमेरिका और ईरान का शांति समझौता लगातार नाजुक डोर पर टिका हुआ है। ट्रंप प्रशासन का साफ कहना है कि होर्मुज जैसा युद्ध के बाद चलता था, वैसा ही चलता रहेगा। इस पर किसी तरह का कोई टैक्स या सर्विस फीस नहीं लगेगी।</p>
<p><strong>होर्मुज स्ट्रेट की वर्तमान स्थिति क्या?</strong><br>
28 फरवरी को शुरु हुए युद्ध के पहले होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से खुला हुआ था। ईरान भी इस पर किसी तरह के टैक्स की बात नहीं करता था। लेकिन अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज को बंद कर दिया और पूरी दुनिया ऊर्जा संकट से जूझने लगी। इसके बाद ईरान में होर्मुज पर टैक्स लगाने की चर्चा तेज हो गई।</p>
<p>हाल ही में हुए अमेरिका और ईरान शांति समझौते में 60 दिनों तक होर्मुज को युद्ध पूर्व स्थिति में खोले रखने पर सहमति बनी है। लेकिन 60 दिनों के बाद क्या स्थिति होगी। इस पर अभी कोई बयान सामने नहीं आया है।</p>
<p>अमेरिका की तरफ से साफ तौर पर कहा गया है कि होर्मुज पर किसी भी तरह का टैक्स मान्य नहीं होगा। लेकिन सवाल यही है कि क्या तेहरान वाशिंगटन की बात मानेगा? क्योंकि अब उसका दशकों पुराना अमेरिकी हमले का डर खत्म हो चुका है। दूसरी बात, इस युद्ध के दौरान उसे होर्मुज की जमीनी हकीकत का पता चल गया है कि यहां पर एक ड्रोन हमला भी तेल की कीमतों को बढ़ा सकता है। ऐसे में संभव है कि ईरान जल्दी ही इन्हीं हमलों और अन्य परेशानियों से बचाने के लिए होर्मुज सर्विस फीस लागू कर दे। अगर यह फीस लागू होती है, तो यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक बड़ी हार साबित हो सकती है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>गुड़ और गेहूं के आटे से बनाएं हेल्दी मीठी मठरी, स्वाद भी और सेहत भी</title>
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<description><![CDATA[ शाम की चाय हो या सुबह का नाश्ता मठरी हर भारतीय घर की पहली पसंद होती है. अक्सर लोग नमकीन मठरी तो बड़े चाव से खाते हैं लेकिन जब बात मीठी मठरी की आती है तो वजन बढ़ने या ब्लड शुगर लेवल हाई होने के डर से लोग इससे दूरी बना लेते हैं. बाजार में … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:33:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>गुड़, और, गेहूं, के, आटे, से, बनाएं, हेल्दी, मीठी, मठरी, स्वाद, भी, और, सेहत, भी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>शाम की चाय हो या सुबह का नाश्ता मठरी हर भारतीय घर की पहली पसंद होती है. अक्सर लोग नमकीन मठरी तो बड़े चाव से खाते हैं लेकिन जब बात मीठी मठरी की आती है तो वजन बढ़ने या ब्लड शुगर लेवल हाई होने के डर से लोग इससे दूरी बना लेते हैं.</p>
<p>बाजार में मिलने वाली मीठी मठरी में भारी मात्रा में चीनी और मैदे का इस्तेमाल होता है जो सेहत के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है. लेकिन क्या आपने कभी बिना चीनी वाली मीठी मठरी ट्राई की है. जी हां, आज हम आपके लिए लेकर आए हैं चीनी की जगह गुड़ और मैदे की जगह गेहूं के आटे से बनने वाली बेहद खस्ता और हेल्दी मठरी की रेसिपी. यह स्वाद में इतनी लाजवाब होती है कि खाने के बाद हर कोई आपसे इसकी रेसिपी जरूर पूछेगा.</p>
<p>यह मठरी आयरन से भरपूर गुड़ और फाइबर से भरपूर गेहूं के आटे के मेल से बनती है. इसमें इस्तेमाल होने वाले सफेद तिल इसके क्रंच और स्वाद को दोगुना कर देते हैं. इसे आप लंबे समय तक स्टोर करके भी रख सकते हैं.</p>
<p><strong>सामग्री</strong>:<br>
गेहूं का आटा: 2 कप</p>
<p>सम्बंधित ख़बरें</p>
<p>गुड़ (कद्दूकस किया हुआ): ¾ कप</p>
<p>सफेद तिल: 2 बड़े चम्मच</p>
<p>सौंफ पाउडर या कुटी हुई सौंफ: 1 छोटा चम्मच (बेहतरीन फ्लेवर के लिए)</p>
<p>घी या तेल (मोयन के लिए): 4 चम्मच</p>
<p>गुनगुना पानी: आधा कप (गुड़ पिघलाने के लिए)</p>
<p>तेल या घी: तलने के लिए</p>
<p><strong>बनाने की विधि:</strong><br>
सबसे पहले गुनगुने पानी में कद्दूकस किया हुआ गुड़ डालकर अच्छी तरह मिला लें ताकि गुड़ पूरी तरह पिघल जाए. अब इस सिरप को छान लें ताकि गुड़ की अशुद्धियां निकल जाएं. इसे ठंडा होने दें.</p>
<p>एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें. इसमें सफेद तिल, सौंफ और 4 चम्मच घी का मोयन डालें. हाथों से आटे को अच्छी तरह रगड़ें ताकि मोयन पूरे आटे में समा जाए (आटे को मुट्ठी में बांधने पर लड्डू जैसा बनना चाहिए).</p>
<p>अब गुड़ के पानी को थोड़ा-थोड़ा करके आटे में डालें और एक सख्त आटा गूंथ लें (जैसे पूरी या नमकीन मठरी का आटा होता है). आटे को 10-15 मिनट के लिए कपड़े से ढककर सेट होने दें.</p>
<p>आटे की छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें. इन्हें हथेलियों के बीच दबाकर चपटा कर लें या बेल लें (मठरी को बहुत पतला न करें, थोड़ा मोटा ही रखें). एक कांटे की मदद से मठरी में छोटे-छोटे छेद कर दें ताकि तलते समय ये फूले नहीं.</p>
<p>कड़ाही में तेल या घी गरम करें. तेल मध्यम गरम होना चाहिए. अब मठरियों को तेल में डालें और गैस की आंच को बिल्कुल धीमा कर दें. इन्हें अलट-पलट कर तब तक तलें जब तक कि ये अंदर तक पक न जाएं और इनका रंग हल्का सुनहरा-भूरा न हो जाए.</p>
<p>गरम होने पर ये थोड़ी सॉफ्ट लगेंगी, लेकिन ठंडी होने के बाद एकदम खस्ता और कुरकुरी हो जाएंगी. पूरी तरह ठंडा होने पर इन्हें एयर-टाइट डिब्बे में बंद करके महीनों तक इस्तेमाल करें.</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>ट्रंप की पुतिन और जेलेंस्की से अलग&#45;अलग बातचीत, यूक्रेन युद्ध पर नई कूटनीतिक हलचल</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से अलग-अलग फोन पर बातचीत की। बताया जा रहा है कि इस बातचीत में यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिकी प्रयासों को नई गति देने पर जोर दिया गया। क्रेमलिन के अनुसार, ट्रंप और पुतिन … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:32:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ट्रंप, की, पुतिन, और, जेलेंस्की, से, अलग-अलग, बातचीत, यूक्रेन, युद्ध, पर, नई, कूटनीतिक, हलचल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से अलग-अलग फोन पर बातचीत की। बताया जा रहा है कि इस बातचीत में यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिकी प्रयासों को नई गति देने पर जोर दिया गया। क्रेमलिन के अनुसार, ट्रंप और पुतिन के बीच करीब 90 मिनट तक चली फोन कॉल में युद्ध समाप्ति की दिशा में ठोस कदम उठाने पर चर्चा हुई। पुतिन ने ट्रंप को अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और यूक्रेन संकट पर विस्तृत बातचीत की।</p>
<p><strong>बातचीत के बाद क्या बोला रूस?</strong><br>
क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने बताया कि दोनों नेताओं ने यूक्रेन समझौते पर चर्चा की, जिसमें 7-8 जुलाई को तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन को भी ध्यान में रखा गया। ट्रंप ने शत्रुता शीघ्र समाप्त करने और संकट के राजनीतिक समाधान के लिए अपनी तत्परता दोहराई। पुतिन ने युद्धक्षेत्र की नवीनतम स्थिति से ट्रंप को अवगत कराया और राजनीतिक-राजनयिक माध्यमों से समस्या सुलझाने पर रूस की प्राथमिकता बताई।</p>
<p><strong>जेलेंस्की से भी की बात</strong><br>
ट्रंप ने इसके बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से फोन पर बात की। जेलेंस्की ने भी ट्रंप को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। दोनों नेताओं ने मोर्चे पर मौजूदा स्थिति और चल रही राजनयिक पहल की समीक्षा की। जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर लिखा कि बातचीत बहुत अच्छी रही। युद्ध समाप्त करने की वास्तविक संभावना है और इसमें अमेरिकी संकल्प बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस दौरान दोनों ने नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान आगे चर्चा जारी रखने पर सहमति जताई।</p>
<p><strong>अमेरिकी दूत मध्यस्थता करेंगे</strong><br>
क्रेमलिन सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मॉस्को और कीव के बीच समझौता कराने के लिए मध्यस्थता के प्रयास तेज करेंगे। जरूरत पड़ने पर ये दूत मॉस्को यात्रा के लिए भी तैयार हैं। वार्ता के दौरान पुतिन ने ईरान संकट में अमेरिकी राजनयिक भूमिका की सराहना की और उम्मीद जताई कि इससे आपसी सहमति वाला दीर्घकालिक समाधान निकलेगा। इस दौरान पुतिन ने ट्रंप को मॉस्को आने का निमंत्रण भी दोहराया।</p>
<p><strong>नाटो शिखर सम्मेलन से पहले महत्वपूर्ण वार्ता</strong><br>
बता दें कि ये फोन कॉल तुर्की में मंगलवार से शुरू हो रहे नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुए हैं। सम्मेलन में यूक्रेन के लिए समर्थन और रूस के हमलों का मुद्दा प्रमुखता से उठने की उम्मीद है। हाल ही में रूस ने कीव पर इस साल के सबसे घातक हमलों में से एक किया था, जिसमें 30 लोग मारे गए। दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस के अंदर ड्रोन और मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं, जिनमें तेल रिफाइनरियां और अन्य बुनियादी ढांचे निशाने पर हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि यह प्रयास ऐसे समय हो रहा है जब यूक्रेन युद्ध पर अमेरिका की अगुवाई वाली वार्ता कुछ समय से ठप पड़ी हुई थी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>CM साय आज करेंगे डूमरतराई फेस&#45;2 थोक बाजार का लोकार्पण, व्यापारियों को मिलेगी बड़ी सौगात</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर. छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित रायपुर के डूमरतराई थोक बाजार फेस-2 के नामकरण एवं लोकार्पण समारोह का आयोजन 5 जुलाई 2026 (रविवार) को शाम 5 बजे किया जाएगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. समारोह की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>साय, आज, करेंगे, डूमरतराई, फेस-2, थोक, बाजार, का, लोकार्पण, व्यापारियों, को, मिलेगी, बड़ी, सौगात</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित रायपुर के डूमरतराई थोक बाजार फेस-2 के नामकरण एवं लोकार्पण समारोह का आयोजन 5 जुलाई 2026 (रविवार) को शाम 5 बजे किया जाएगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे.</p>
<p>समारोह की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री ओ.पी. चौधरी करेंगे. कार्यक्रम में मंत्री केदार कश्यप, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तथा रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे. इसके अलावा विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव, रायपुर महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक समारोह में शामिल होंगे.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>MP सरकार के बेड़े में अगले महीने शामिल होगा 235 करोड़ का बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 विमान</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार आगामी अगस्त महीने में अपने राजकीय विमानन बेड़े का विस्तार करने जा रही है। सरकार करीब 235 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से कनाडा निर्मित &#039;बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500&#039; बिजनेस जेट खरीदने जा रही है। यह अत्याधुनिक विमान तकनीक के मामले में गुजरात सरकार के पास मौजूद चैलेंजर 650 से भी कहीं … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सरकार, के, बेड़े, में, अगले, महीने, शामिल, होगा, 235, करोड़, का, बॉम्बार्डियर, चैलेंजर, 3500, विमान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल.</strong></p>
<p>मध्य प्रदेश सरकार आगामी अगस्त महीने में अपने राजकीय विमानन बेड़े का विस्तार करने जा रही है। सरकार करीब 235 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से कनाडा निर्मित 'बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500' बिजनेस जेट खरीदने जा रही है।</p>
<p>यह अत्याधुनिक विमान तकनीक के मामले में गुजरात सरकार के पास मौजूद चैलेंजर 650 से भी कहीं अधिक उन्नत माना जा रहा है। इस नए जेट के संचालन के लिए जुलाई के अंतिम सप्ताह में दो पायलटों को विशेष ट्रेनिंग के लिए अमेरिका भेजा जाएगा। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से जुड़े तमाम कानूनी कागजी काम पूरे किए जा चुके हैं।</p>
<p><strong>विमान खरीदने की क्यों आई नौबत?</strong><br>
दरअसल, मई 2021 में कोरोना काल के दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन की इमरजेंसी सप्लाई करते समय राज्य सरकार का 'बीचक्राफ्ट किंग एयर बी-200जीटी' विमान ग्वालियर में क्रैश हो गया था। तत्कालीन कमलनाथ सरकार द्वारा 62 करोड़ रुपए में खरीदे गए इस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद से मध्य प्रदेश सरकार के पास अपना कोई चालू विमान नहीं था। वर्तमान में बेड़े में सिर्फ एक चालू हेलीकॉप्टर है।</p>
<p><strong>किराए के विमानों पर ही 290 करोड़ खर्च</strong><br>
सरकारी विमान न होने के कारण मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य अतिविशिष्ट (VIP) दौरों के लिए निजी चार्टर विमान और हेलीकॉप्टर किराए पर लेने पड़ रहे थे। विधानसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2021 से नवंबर 2025 के बीच केवल किराए के विमानों पर ही सरकार 290 करोड़ रुपए की मोटी रकम फूंक चुकी है।</p>
<p><strong>सीएम डेली खर्च कर रहे 21 लाख रुपये</strong><br>
मौजूदा समय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरों के लिए औसतन 21 लाख रुपए रोजाना किराए पर खर्च हो रहे हैं। एक तरफ जहां मध्य प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ बढ़कर 4.64 लाख करोड़ रुपए पहुंच चुका है और सालाना ब्याज ही 27 हजार करोड़ रुपए चुकाना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ इसी किराए के दैनिक खर्च को रोकने के लिए सरकार ने स्थाई रूप से इस नए बिजनेस जेट को खरीदने का फैसला किया।</p>
<p><strong>डील को कैबिनेट से मिल चुकी है मंजूरी</strong><br>
इस नए विमान को खरीदने की कवायद लगभग दो साल पहले शुरू हुई थी। शुरुआत में टेक्सट्रॉन कंपनी ने 145 करोड़ रुपए का कोटेशन दिया था, लेकिन बाद में दाम बढ़ाकर 208 करोड़ रुपए करने के कारण वह प्रक्रिया निरस्त कर दी गई। इसके बाद, 10 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस कनाडाई चैलेंजर 3500 जेट को हरी झंडी दी गई। सितंबर 2024 से शुरू हुई वित्तीय और तकनीकी प्रक्रियाओं के समापन के बाद अब अगस्त 2026 में यह जेट आधिकारिक तौर पर प्रदेश की सेवा में तैनात हो जाएगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मसूर दाल नमकीन रेसिपी: बारिश में चाय के साथ कुरकुरा और हेल्दी स्नैक</title>
<link>https://atworldnews.in/8992</link>
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<description><![CDATA[  बारिश के मौसम में गरमा-गरम चाय के साथ कुछ कुरकुरा खाने का मन तो लगभग हर किसी का करता है. अगर आप समोसे, पकौड़े और चिप्स खाकर बोर हो चुके हैं और कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं तो मसूर दाल से बनने वाली टेस्टी और क्रिस्पी नमकीन आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकती है. … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:30:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मसूर, दाल, नमकीन, रेसिपी:, बारिश, में, चाय, के, साथ, कुरकुरा, और, हेल्दी, स्नैक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p> बारिश के मौसम में गरमा-गरम चाय के साथ कुछ कुरकुरा खाने का मन तो लगभग हर किसी का करता है. अगर आप समोसे, पकौड़े और चिप्स खाकर बोर हो चुके हैं और कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं तो मसूर दाल से बनने वाली टेस्टी और क्रिस्पी नमकीन आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकती है. यह नमकीन टेस्टी होने के साथ-साथ प्रोटीन से भी भरपूर होती है.</p>
<p>इसकी खास बात यह है कि इसे बनाकर कई दिनों तक एयरटाइट डिब्बे में आसानी से स्टोर किया जा सकता है. आज हम आपको इसे घर पर बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे. इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि एक बार खाने के बाद आप इसे बार-बार बनाना पसंद करेंगे.</p>
<p><strong>मसूर दाल नमकीन बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है?</strong><br>
1 कप साबुत मसूर दाल<br>
दाल भिगोने के लिए पानी<br>
1/2 छोटा चम्मच हींग<br>
1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर<br>
1 छोटा चम्मच चाट मसाला<br>
1/2 छोटा चम्मच काला नमक<br>
तलने के लिए तेल<br>
 नमक स्वादानुसार</p>
<p><strong>चटपटी मसूर दाल नमकीन घर पर कैसे बनाएं?</strong><br>
    सबसे पहले साबुत मसूर दाल को अच्छी तरह धोकर 4 घंटे या रातभर के लिए पानी में भिगो दें.<br>
    इसके बाद दाल का सारा पानी छान लें और इसे साफ कपड़े पर फैलाकर 30–45 मिनट तक पंखे की हवा में अच्छी तरह सूखने दें. अगर दाल में नमी रह जाएगी तो तलते समय वह अच्छी तरह कुरकुरी नहीं बनेगी. इसलिए दाल को तलने से पहले पूरी तरह सूखा लेना जरूरी है.<br>
    अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें. सूखी हुई दाल को स्टील की छन्नी में भरकर मीडियम गैस पर तेल में कुरकुरी होने तक तल लें. तलने के बाद एक्स्ट्रा ऑयल निकालने के लिए दाल को टिश्यू पेपर पर रख दें.<br>
    इसके बाद तली हुई दाल को एक बड़े बाउल में निकालें. इसमें हींग, लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला, काला नमक और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें.<br>
    अब आपकी कुरकुरी मसूर दाल नमकीन तैयार है. इसे ठंडा होने के बाद एयरटाइट कंटेनर में भरकर रखें और शाम की चाय, कॉफी या हल्की-फुल्की भूख लगने पर इसका आनंद लें.</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापनों पर सरकार सख्त, मेटा से मांगा जवाब</title>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन दिखाई दे रहे थे, जो कथित तौर पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट तक पहुंच का दावा कर रहे थे. कुछ विज्ञापनों में यह भी कहा गया कि ऐसे … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:03:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>इंस्टाग्राम, पर, बच्चों, से, जुड़े, आपत्तिजनक, विज्ञापनों, पर, सरकार, सख्त, मेटा, से, मांगा, जवाब</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन दिखाई दे रहे थे, जो कथित तौर पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट तक पहुंच का दावा कर रहे थे. कुछ विज्ञापनों में यह भी कहा गया कि ऐसे वीडियो महज 99 रुपये में खरीदे जा सकते हैं. इस खुलासे के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा को तत्काल ऐसे सभी विज्ञापन और कंटेंट हटाने का आदेश दिया है. साथ ही कंपनी से सात दिनों के भीतर विस्तृत जवाब मांगा गया है. सरकार का कहना है कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े किसी भी कंटेंट के प्रति किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.</p>
<p>यह मामला सामने आने के बाद मेटा की कंटेंट मॉडरेशन व्यवस्था और उसके एल्गोरिदम पर भी सवाल उठने लगे हैं. सरकार ने केवल आपत्तिजनक विज्ञापन हटाने का निर्देश नहीं दिया है, बल्कि यह भी पूछा है कि आखिर ऐसे कंटेंट को प्लेटफॉर्म पर बढ़ावा कैसे मिला. सरकार ने मेटा से एल्गोरिदमिक प्रमोशन को रोकने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है. यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और ऑनलाइन बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस का कारण बन गया है.</p>
<p><strong>सरकार हुई सख्त</strong><br>
बीबीसी की एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि इंस्टाग्राम पर ऐसे कई पेड विज्ञापन दिखाई दिए जो कथित तौर पर चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन एंड एब्यूज मैटेरियल (CSEAM) तक पहुंच का प्रचार कर रहे थे. रिपोर्ट के अनुसार इन विज्ञापनों में यूजर्स को टेलीग्राम चैनलों पर भेजा जाता था, जहां कथित तौर पर 99 रुपये जैसी छोटी रकम लेकर अवैध सामग्री उपलब्ध कराने का दावा किया जाता था. इसी रिपोर्ट के सामने आने के बाद भारत सरकार ने मेटा अधिकारियों को तलब किया और जवाब मांगा.</p>
<p>सरकारी सूत्रों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को स्पष्ट निर्देश दिया है कि इंस्टाग्राम पर मौजूद ऐसे सभी विज्ञापन और कंटेंट तुरंत हटाए जाएं, जो बच्चों के यौन शोषण से जुड़े अवैध कंटेंट तक पहुंच को बढ़ावा देते हों. साथ ही कंपनी को सात दिन के भीतर यह बताना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वह कौन-कौन से तकनीकी और प्रशासनिक कदम उठाएगी.</p>
<p><strong>एल्गोरिदम पर भी उठे गंभीर सवाल</strong><br>
सरकार ने इस मामले में केवल कंटेंट हटाने तक खुद को सीमित नहीं रखा है. मंत्रालय ने मेटा से यह भी पूछा है कि आखिर इंस्टाग्राम का एल्गोरिदम ऐसे विज्ञापनों और कंटेंट को यूजर्स तक पहुंचाने में कैसे भूमिका निभा रहा था. सरकार चाहती है कि कंपनी अपने सिस्टम में ऐसे बदलाव करे, जिससे भविष्य में किसी भी तरह के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट का प्रचार या प्रसार न हो सके.</p>
<p><strong>मेटा ने क्या कहा?</strong><br>
मेटा ने बयान जारी कर कहा है कि कंपनी की नीति बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की है. कंपनी के अनुसार वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और विशेषज्ञ टीमों की मदद से ऐसे कंटेंट की पहचान कर उसे हटाने का लगातार प्रयास करती है. मेटा ने यह भी कहा कि अपराधी लगातार नए तरीके अपनाते हैं, इसलिए प्लेटफॉर्म अपनी सुरक्षा तकनीकों को लगातार मजबूत कर रहा है और अन्य कंपनियों के साथ भी जरूरी सूचनाएं साझा करता है.</p>
<p><strong>भारतीय कानून क्या कहता है?</strong><br>
भारत में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 67(B) के तहत बच्चों को यौन रूप से स्पष्ट या शोषण से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक कंटेंट का प्रकाशन, प्रसारण या प्रचार दंडनीय अपराध है. राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के अनुसार CSEAM उन सभी तस्वीरों, वीडियो या डिजिटल सामग्री को कहा जाता है, जिनमें किसी बच्चे का यौन शोषण या दुरुपयोग दर्शाया गया हो. ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसियां कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं और सोशल मीडिया कंपनियों की भी जवाबदेही तय की जाती है.</p>
<p>सरकार ने समय-समय पर उन वेबसाइट को भी ब्लॉक किया है जिनमें बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामाग्री होती है. यह कार्रवाई इंटरपोल से मिली सूची के आधार पर की गई है, जो भारत की नेशनल नोडल एजेंसी सीबीआई को मिलती है. इस सप्ताह दूसरी बार मेटा नियामकीय जांच के दायरे में आया है.</p>
<p>इससे पहले बुधवार को केंद्र सरकार ने मेटा को एक नोटिस जारी करके व्हाट्सऐप पर प्रस्तावित ‘यूजरनेम फीचर’ के बारे में सवाल पूछा. सरकार को चिंता है कि इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी, ‘फिशिंग’, डिजिटल अरेस्ट घोटाला और किसी और का रूप धारण किए जाने वाले हमले काफी बढ़ सकते हैं. सरकार ने मंच को निर्देश दिया है कि जब तक इस मुद्दे पर सरकार की संतुष्टि के अनुसार बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को रोक दिया जाए. सूत्रों का कहना है कि व्हाट्सऐप ‘यूजरनेम फीचर’ को पेश करने में देरी करेगा.</p>]]> </content:encoded>
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<title>ई&#45;20 पेट्रोल पर सवाल: माइलेज गिरने के साथ वाहनों में जंग और पार्ट्स खराब होने की शिकायतें बढ़ीं</title>
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<description><![CDATA[ कानपुर   ई-20 पेट्रोल सिर्फ वाहनों के माइलेज में गिरावट तक सीमित नहीं है। बीते कई दिनों से इथेनोल से फ्यूल टैंक में जंग लगने और रबर के पार्टस भी खराब होने के दावे लोगों की ओर से किए जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को अपने वाहन के खराब होने और मरम्मत का खर्च … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:03:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ई-20, पेट्रोल, पर, सवाल:, माइलेज, गिरने, के, साथ, वाहनों, में, जंग, और, पार्ट्स, खराब, होने, की, शिकायतें, बढ़ीं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कानपुर</strong><br>
  ई-20 पेट्रोल सिर्फ वाहनों के माइलेज में गिरावट तक सीमित नहीं है। बीते कई दिनों से इथेनोल से फ्यूल टैंक में जंग लगने और रबर के पार्टस भी खराब होने के दावे लोगों की ओर से किए जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को अपने वाहन के खराब होने और मरम्मत का खर्च बढ़ने की चिंता भी सता रही है।</p>
<p>बीते वर्ष चार सितंबर को दैनिक जागरण ने ‘ई-20 पेट्रोल से माइलेज में आ रही गिरावट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के पूर्व डायरेक्टर प्रो. नरेंद्र मोहन अग्रवाल के मुताबिक, पेट्रोल और इथेनोल घनत्व का अंतर और इथेनोल का हाइग्रोस्कोपिक यानी आर्द्रताग्राही गुण इसका सबसे बड़ा कारण है। अधिक घनत्व के कारण यह फ्यूल टैंक की सतह पर बैठ जाता है और नमी को खींचता रहता है। इसकी वजह से ईंधन जलने के पहले वाहन के जिस-जिस भाग (फ्यूल टैंक, पिस्टन आदि) से गुजरता है</p>
<p>उन्होंने बताया कि वहां जंग लगने का खतरा बना रहता है। इस वजह से वाहन परफार्मेंस पर भी असर पड़ रहा है। इतना ही नहीं इथेनोल रबर और प्लास्टिक के पार्ट्स को भी नुकसान पहुंचा रहा है। प्रो. नरेंद्र मोहन के मुताबिक वाहनों की इथेनोल पर संचालित होने की क्षमता और पेट्रोल में इथेनोल का मिश्रण भी परेशानी का कारण बन रहा है।</p>
<p>मसलन, अगर वाहन के इंजन पांच प्रतिशत इथेनोल मिश्रित पेट्रोल के लिए तैयार किया गया है और अब उसमें 20 प्रतिशत इथेनोल मिश्रित पेट्रोल डाला जाएगा तो कोरोजिन जैसी दिक्कतें पैदा होंगी। उन्होंने ब्राजील का उदाहरण देते हुए सुझाव दिया वहां के पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को प्रतिशत के हिसाब के इथेनोल मिश्रित पेट्रोल चुनने का विकल्प मिलता है। ऐसा अपने देश में भी ऐसा होना चाहिए। बर्रा विश्व बैंक निवासी नितिन मिश्रा ने बताया कि 10 दिन पहले स्कूटी का सर्विस कराई थी।</p>
<p>इंजन आयल से लेकर फिल्टर तक सभी जरूरी चीजों बदलवाईं थी। लेकिन बीते गुरुवार को अचानक स्कूटी बंद हो गई। मकैनिक को दिखाया तो उसने पहले फ्यूल टैंक में पानी जाने की बात कही। इसके बाद जब सफाई के लिए टैंक खुलवाया तो उसमें जंग लगी थी और कचरा जमा था। ऐसे में जब फ्यूल टैंक में पेट्रोल के अलावा और कुछ नहीं भरा जा रहा है तो इसकी वजह भी यही है।</p>
<p>वहीं, साकेत नगर निवासी अनमोल भट्ट ने बताया कि बीते साल एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटीलिटी व्हीकल) खरीदा था। बीते कई दिनों से कार का माइलेज कम था। चेकअप कराने पर इंजन से लेकर कई पुर्जों में लगी जंग इसकी प्रमुख वजह बनकर सामने आई। प्रो. नरेंद्र मोहन बताते हैं कि पेट्रोल और इथेनोल दोनों का घनत्व अलग-अलग होता है। ऐसे में यह फ्यूल टैंक की तली में नीचे बैठ जाता है। जो धीरे-धीरे रस्ट यानी जंग और काई का रूप ले लेता है।</p>
<p>विशेषज्ञों के मुताबिक इथेनोल पिस्टन ब्लाक और रिंग के बीच में पहुंचकर आयल कोटिंग को नुकसान पहुंचा रहा है। इसकी वजह से आयल कोटिंग में रस्टिंग हो रही है। यह रस्टिंग पांच से 10 मिलीमीटर की है, लेकिन इससे इंजन के परफार्मेंस में प्रभाव पड़ रहा है। इनलेट व एक्जाइट वाल्व को भी इथेनोल मिश्रित पेट्रोल नुकसान पहुंचा रहा है और कोरोजिन पैदा कर रहा है।</p>
<p><strong>वाहन स्वामियों को इंश्योरेंस मिल रहा न वारंटी</strong><br>
वाहन बीमा जानकार निर्मल त्रिपाठी के मुताबिक इस तरह की समस्याएं को वास्तव में मैकेनिकल फेल्योर माना जाता है। ऐसे में इंश्योरेंस कंपनियां इसे प्रमीमियम में कवर नहीं कर रही हैं, जबकि आटोमोबाइल कंपनियां इसे नमी की दिक्कत बताकर वारंटी देने से बच रही हैं। तेल कंपनियों ने भी पल्ला झाड़ लिया है। ऐसे में वाहन चालकों के सामने सिर्फ भ्रम की स्थिति है।</p>
<p><strong>गाड़ियों को मानक के मुताबिक मिले ईंधन</strong><br>
आटोमोबाइल विशेषज्ञ अमित द्विवेदी के मुताबिक, पेट्रोल में इथेनोल मिलाने की नीति लंबे समय से चली आ रही है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। लेकिन समस्या है कि बीएस-4 मानक से नीचे के वाहन ई-20 पेट्रोल के लिए तैयार नहीं है।</p>
<p>यह ई-5 या ई-10 यानी पांच से दस प्रतिशत इथेनोल मिश्रित पेट्रोल के लिए तैयार किए गए थे। ऐसे में सरकार को चाहिए की अगर किसी वाहन का रजिस्ट्रेशन 15 साल का है तो उसे तय मानक के अनरूप पेट्रोल मिले। पेट्रोल पंपों पर ई-5 से ई-20 पेट्रोल तक का विकल्प होना चाहिए।</p>
<p><strong>इन सुधारों की जरूरत</strong><br>
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के मुताबिक इथेनोल में हाइग्रोस्कोपिक यानी आर्द्रताग्राही गुण होते हैं। इस वजह से फ्यूल टैंक और पाइपलाइन में जंग लगने का खतरा रहता है। प्लास्टिक और रबर के पार्ट्स भी जल्दी खराब हो सकते हैं, जिससे फ्यूल लीक, गंदे इंजेक्टर और गैसकेट डैमेज जैसी समस्याएं हो सकती हैं।</p>
<p>एक्सपर्ट के मुताबिक, ई-20 फ्यूल सिस्टम में एंटी-करोसिव कोटिंग, गैसकेट्स व सील्स की गुणवत्ता में सुधार और इंजन रीमैपिंग जैसी तकनीकी अपग्रेड की जरूरत होती है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>तेहरान में खामेनेई के जनाजे के दौरान ट्रंप के खिलाफ खुलेआम धमकी, भीड़ ने लगाया नारा</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे के दौरान तेहरान की सड़कों पर रविवार को माहौल उस वक्त बेहद गरमा गया, जब मंच संभाल रहे एक आयोजक ने सरेआम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने की अपील कर दी। न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, खामेनेई की … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:02:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>तेहरान, में, खामेनेई, के, जनाजे, के, दौरान, ट्रंप, के, खिलाफ, खुलेआम, धमकी, भीड़, ने, लगाया, नारा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे के दौरान तेहरान की सड़कों पर रविवार को माहौल उस वक्त बेहद गरमा गया, जब मंच संभाल रहे एक आयोजक ने सरेआम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने की अपील कर दी। न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, खामेनेई की मौत के बाद यह पहला मौका है, जब आधिकारिक मंच से सीधे ट्रंप की मौत का आह्वान किया गया है। इस नारे के गूंजते ही जनाजे में मौजूद लाखों की भीड़ ने चिल्लाकर इसका समर्थन किया।</p>
<p><strong>'दुनिया का सबसे खराब इंसान अब तक जिंदा क्यों है?'</strong><br>
यह पूरी घटना रविवार को उस वक्त हुई, जब तेहरान में खामेनेई के लिए एक विशाल शोक सभा चल रही थी। गौरतलब है कि इसी साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के एक साझा हमले में 86 साल के खामेनेई मारे गए थे, जिसके बाद ईरान युद्ध की शुरुआत हुई थी।</p>
<p>जनाजे के दौरान लाउडस्पीकर पर मोहम्मद रसूली नाम के एक कवि ने कमान संभाली। रसूली ने पहले तो भीड़ से 'अमेरिका मुर्दाबाद' और 'इजरायल मुर्दाबाद' के पारंपरिक नारे लगवाए, लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने अपना रुख सीधे डोनाल्ड ट्रंप की तरफ मोड़ दिया</p>
<p>मंच से खुली धमकी देते हुए रसूली ने अमेरिकी राष्ट्रपति का जिक्र करते हुए भीड़ से पूछा, "दुनिया का सबसे खराब इंसान अब तक जिंदा क्यों है?" इस बयान के आते ही वहां मौजूद लाखों लोगों ने शोर मचाकर अपनी सहमति जताई।</p>
<p>इसी बीच सोशल मीडिया पर एक और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स रोते और चिल्लाते हुए कह रहा है, "हम उसे क्यों नहीं मार देते जिसने हमारे इमाम को मारा? यह हमारा फर्ज है। अगर हमने तुम्हारे कातिल को नहीं मारा, तो आगे हमारे लिए सिर्फ कफन ही बचेगा। मैं तुम्हारे खून की कसम खाता हूं कि हम ट्रंप को मार डालेंगे।" हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि वीडियो में दिख रहा शख्स वही कवि है या कोई और।</p>
<p><strong>तेहरान की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब</strong><br>
शनिवार के मुकाबले रविवार को तेहरान की सड़कों पर कहीं ज्यादा भारी भीड़ देखी गई। काले कपड़ों में लिपटे लाखों लोग खामेनेई की तस्वीरें, बैनर और झंडे लेकर बढ़ रहे थे। भीड़ में कई लोग ऐसे पोस्टर भी थामे हुए थे जिन पर ट्रंप को मारने की बात लिखी थी। पूरे ईरान में इस वक्त ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को मारने की मांग करने वाले पोस्टर और ग्रैफिटी (दीवारों पर लिखे नारे) नजर आ रहे हैं।</p>
<p>उधर, जिस वक्त तेहरान में ट्रंप को मारने की कसमें खाई जा रही थीं, ठीक उसी वक्त वाशिंगटन में डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका की स्थापना की 250वीं वर्षगांठ के जश्न में शामिल हो रहे थे। वहां अमेरिकी सेना की तारीफ करते हुए ट्रंप ने ईरान पर तीखा तंज कसा। ट्रंप ने कहा, "हमें जबरदस्त कामयाबी मिली है। आप वेनेजुएला को देखिए, आप ईरान को देखिए। हमने सब खत्म कर दिया, हमने उनकी मिलिट्री को पूरी तरह मिटा दिया।"</p>
<p><strong>बातचीत के बीच नए सुप्रीम लीडर का शक्ति प्रदर्शन</strong><br>
खामेनेई की मौत के बाद ईरान के शासकों के लिए यह जनाजा एक बड़े शक्ति प्रदर्शन का जरिया बन गया है। इसके जरिए देश के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई के लिए जनसमर्थन जुटाने की कोशिश की जा रही है।</p>
<p>यह सब ऐसे नाजुक समय पर हो रहा है जब ईरान, युद्ध को हमेशा के लिए रोकने के लिए वाशिंगटन के साथ पर्दे के पीछे बातचीत की मेज पर बैठा है। ईरान इस बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने रणनीतिक दबदबे का इस्तेमाल कर अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश में है। हालांकि, ईरान के भीतर इस बात का डर अब भी बना हुआ है कि इजरायल कभी भी उस पर दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है। जंग चलने की वजह से ही इस जनाजे को पहले टाल दिया गया था, और जब तक यह युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक शांति समझौते की उम्मीदें अधर में लटकी हुई हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>तमिलनाडु में TVK सरकार पर विपक्ष का हमला, हॉर्स&#45;ट्रेडिंग और सत्ता के दुरुपयोग के आरोप</title>
<link>https://atworldnews.in/8988</link>
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<description><![CDATA[ चेन्नई तमिलनाडु में विपक्षी दलों DMK, AIADMK और बीजेपी ने विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार पर विधायकों की खरीद-फरोख्त, पुलिस मशीनरी के दुरुपयोग और कैबिनेट बैठकों में अधिकृत व्यक्तियों के दखल देने का आरोप लगाया है. इस संबंध में विपक्षी नेताओं ने शनिवार को चेन्नई स्थित राजभवन में  राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से अलग-अलग … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:01:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>तमिलनाडु, में, TVK, सरकार, पर, विपक्ष, का, हमला, हॉर्स-ट्रेडिंग, और, सत्ता, के, दुरुपयोग, के, आरोप</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>चेन्नई</strong><br>
तमिलनाडु में विपक्षी दलों DMK, AIADMK और बीजेपी ने विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार पर विधायकों की खरीद-फरोख्त, पुलिस मशीनरी के दुरुपयोग और कैबिनेट बैठकों में अधिकृत व्यक्तियों के दखल देने का आरोप लगाया है. इस संबंध में विपक्षी नेताओं ने शनिवार को चेन्नई स्थित राजभवन में  राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से अलग-अलग मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा है.</p>
<p>DMK की ओर से संगठन महासचिव आरएस भारती के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात की. उन्होंने ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सरकार के निर्देश पर पुलिस मशीनरी का दुरुपयोग कर विधायकों को तोड़ने, धमकाने और प्रलोभन देने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में ऐसी अप्रिय स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई.</p>
<p><strong>'दो बाहरी लोग चला रहे हैं सरकार'</strong><br>
भारती ने कहा, 'जॉन अरोकियासामी और विष्णु रेड्डी नाम के दो व्यक्ति, जो सरकारी पद पर नहीं हैं, मंत्रियों से भी ज्यादा ताकतवर हो गए हैं. वो सभी उच्चस्तरीय बैठकों में शामिल होते हैं और अधिकारियों को आदेश देते हैं.'</p>
<p>DMK ने तिरुचेन्दूर विधायक अनीता आर राधाकृष्णन को निशाना बनाकर प्रताड़ित कर कानूनी दबाव और आर्थिक प्रलोभन देने का भी आरोप लगाया. पार्टी ने राज्यपाल से संवैधानिक हस्तक्षेप, स्वतंत्र जांच और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा की अपील की.</p>
<p><strong>DMK ने की थी FIR की मांग</strong><br>
उन्होंने आगे दावा किया कि मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में विधायक की गिरफ्तारी सत्ता के राजनीतिक दुरुपयोग का एक उदाहरण थी.</p>
<p>इससे पहले DMK ने विधायकों को तोड़ने की कथित कोशिशों को लेकर TVK प्रमुख विजय के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करते हुए गवर्नर अर्लेकर से संपर्क किया था.</p>
<p>उनकी ये शिकायत MDMK महासचिव वाइको के सार्वजनिक बयानों पर काफी हद तक आधारित थी, जिन्होंने दावा किया था कि विजय ने व्यक्तिगत रूप से DMK के दो विधायकों को विधानसभा से इस्तीफा देने के लिए मनाने की कोशिश की थी. शिकायत के अनुसार, वाइको ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने विधायकों को भरोसा दिलाया था कि अगर वो अपनी सीटें छोड़ते हैं तो उन्हें होने वाले उपचुनाव लड़ने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी.</p>
<p><strong>देश छोड़ कर भागने जैसी है घबराहट की स्थिति</strong><br>
AIADMK ने भी हॉर्स-ट्रेडिंग, विधायकों से जबरन इस्तीफा दिलाने और निजी व्यक्तियों के कैबिनेट बैठकों में शामिल होने का मुद्दा उठाया है. पार्टी के राज्यसभा सांसद आई.एस. इनबादुरै और विधायक एग्री एस.एस. कृष्णमूर्ति ने भी राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की.</p>
<p>इनबदुरई ने कहा कि तमिलनाडु में इस वक्त भय का माहौल है और खुलेआम हॉर्स-ट्रेडिंग चल रही है. अन्नाद्रमुक ने राज्यपाल से संविधान के अनुच्छेद 167 का इस्तेमाल कर सरकार से स्पष्टीकरण मांगने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यदि कुछ गलत पाया जाता है तो राज्यपाल भारत सरकार को अपनी रिपोर्ट भेज सकते हैं.</p>
<p><strong>BJP ने भी सौंपा ज्ञापन</strong><br>
वहीं, डीएमके और एआईएडीएमके के अलावा BJP प्रतिनिधिमंडल ने भी राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है. बीजेपी ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि जॉन अरोकियासामी और विष्णु रेड्डी ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए हाल ही में कैबिनेट की बैठक में हिस्सा लिया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की. पार्टी ने एक नाबालिग लड़की के साथ गलत व्यवहार के आरोपों को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री पी विश्वनाथन की जांच की भी मांग की.</p>
<p>इन सभी गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्तारूढ़ टीवीके सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है. सरकार ने विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि जॉन आरोग्यासामी और विष्णु रेड्डी को मुख्यमंत्री का विशेष सलाहकार नियुक्त किया गया है. इस नियुक्ति के बाद वो अब निजी व्यक्ति नहीं रह गए हैं, इसलिए कैबिनेट की बैठकों और सरकारी कार्यवाही में उनकी भागीदारी पूरी तरह से वैध है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>महादेव सट्टा प्रमोटर के भांजे पर जानलेवा हमले का आरोप, प्रॉपर्टी डीलर को बेसबॉल&#45;चाकुओं से पीटा</title>
<link>https://atworldnews.in/8987</link>
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<description><![CDATA[ भिलाई नगर. महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े सौरभ चंद्राकर के भांजे प्रखर चंद्राकर का नाम एक बार फिर सामने आया है। इस बार उस पर अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की कोशिश करने का आरोप लगा है। आरोप है कि बाइक से जा रहे प्रॉपर्टी डीलर को पहले … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 15:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>महादेव, सट्टा, प्रमोटर, के, भांजे, पर, जानलेवा, हमले, का, आरोप, प्रॉपर्टी, डीलर, को, बेसबॉल-चाकुओं, से, पीटा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भिलाई नगर.</strong></p>
<p>महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े सौरभ चंद्राकर के भांजे प्रखर चंद्राकर का नाम एक बार फिर सामने आया है। इस बार उस पर अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की कोशिश करने का आरोप लगा है।</p>
<p>आरोप है कि बाइक से जा रहे प्रॉपर्टी डीलर को पहले बेसबॉल के डंडे से हमला कर गिराया, फिर चाकू कटर और लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ वार किए गए। पीड़ित के पैर और गर्दन पर 8 से 10 बार किए गए हैं। गंभीर रूप से घायल युवक का अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है। भिलाई नगर थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि योगेश सुर्यवंशी (32 वर्ष) प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराया कि 2 जुलाई की रात करीब 11.30 बजे वे सेक्टर-6 स्थित पेट्रोल पंप से बाइक में पेट्रोल भरवाकर रिसाली की ओर लौट रहे थे। जब वे डीपीएस चौक स्थित हनुमान मंदिर के पास पहुंचे, तभी पीछे से पल्सर बाइक पर आए युवकों ने उनके सिर पर बेसबॉल के डंडे से हमला कर दिया।</p>
<p>प्रार्थी प्रॉपर्टी डीलर योगेश ने पुलिस को बताया कि किसी तरह बाइक वो संभालकर आगे बढ़ा, लेकिन आरोपियों ने फिर उनका पीछा किया और बाइक के पहिए में डंडा फंसा दिया। इससे वह सड़क पर गिर गया। इसके बाद हरीश यादव ने किसी धारदार हथियार से उनके गले के पास हमला किया। जब वे जान बचाकर भागने लगे तो प्रखर चंद्राकर और अमन मूर्ति ने उन्हें पकड़ लिया। एफआईआर के अनुसार अमन मूर्ति ने गर्दन के पास चाकू से वार किए, जबकि प्रखर चंद्राकर ने कटर और बटनदार चाकू से दोनों पैरों पर लगातार 8 से 10 वार किए।</p>
<p>हमले में योगेश लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी तो तीनों आरोपी मौके से भाग निकले। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने घायल योगेश को पहले नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। बाद में उन्हें शंकराचार्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है। योगेश ने पुलिस को बताया कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने उनकी हत्या करने की नीयत से हमला किया। उनकी शिकायत के आधार पर पहले नेवई थाना में जीरो नंबर पर अपराध दर्ज किया गया। इसके बाद मामला भिलाई नगर थाना भेजा गया, जहां आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 और 3(5) के तहत केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।</p>
<p><strong>सट्टा ऐप से जुड़ा है प्रखर चंद्राकर का नाम</strong><br>
लगातार कर रहा गुंडागर्दी यह पहला मामला नहीं है, जब प्रखर चंद्राकर का नाम हिंसक वारदात में सामने आया हो। करीब 9 महीने पहले रायपुर के तेलीबांधा स्थित जूक क्लब में भी उस पर दोस्तों के साथ मिलकर एक युवक की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा था। उस मामले में प्रखर चंद्राकर, पुलकित चंद्राकर और उनके साथियों ने मारपीट की थी। .वीडियो में मारपीट के बाद आरोपी डांस करते हुए भी दिखाई दिए थे। इससे पहले भी भिलाई सुपेला पुलिस प्रखर चंद्राकर को मारपीट के एक मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। 18 मई को सुपेला थाना क्षेत्र में जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे युवकों के साथ मारपीट हुई थी। शिकायतकर्ता सौरभ वर्मा ने पुलिस को बताया था कि उनके दोस्त आयुष पर डंडे से हमला किया था। जांच के बाद पुलिस ने प्रखर चंद्राकर को भिलाई नगर के घड़ी चौक से गिरफ्तार किया।</p>]]> </content:encoded>
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<title>MP में बदली DRP नीति, अब मेडिकल कॉलेजों के डीन तय करेंगे PG डॉक्टरों की पोस्टिंग</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार ने जिला रेजिडेंट प्रोग्राम (डीआरपी) नीति में तीन साल बाद बड़ा बदलाव किया है। अब जिला अस्पतालों में तीन माह की सेवा देने वाले रेजिडेंट डॉक्टरों की पोस्टिंग राज्य स्तर से नहीं होगी। इसके बजाय संबंधित मेडिकल कॉलेज के डीन की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय डीआरपी प्लेसमेंट एलोकेशन कमेटी पोस्टिंग … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 15:31:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>में, बदली, DRP, नीति, अब, मेडिकल, कॉलेजों, के, डीन, तय, करेंगे, डॉक्टरों, की, पोस्टिंग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल.</strong></p>
<p>मध्य प्रदेश सरकार ने जिला रेजिडेंट प्रोग्राम (डीआरपी) नीति में तीन साल बाद बड़ा बदलाव किया है। अब जिला अस्पतालों में तीन माह की सेवा देने वाले रेजिडेंट डॉक्टरों की पोस्टिंग राज्य स्तर से नहीं होगी। इसके बजाय संबंधित मेडिकल कॉलेज के डीन की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय डीआरपी प्लेसमेंट एलोकेशन कमेटी पोस्टिंग का निर्णय करेगी।</p>
<p>नई व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय जरूरतों के अनुसार डॉक्टरों की तैनाती करना और जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। हालांकि, नई नीति में आवास भत्ता समाप्त किए जाने से रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच असंतोष भी देखा जा रहा है।</p>
<p><strong>डीन की अध्यक्षता वाली समिति करेगी पोस्टिंग</strong><br>
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में गठित पांच सदस्यीय समिति रेजिडेंट डॉक्टरों के जिला आवंटन का फैसला करेगी। पहले यह प्रक्रिया राज्य स्तर पर होती थी। अब जिस मेडिकल कॉलेज में जिस क्षेत्र के मरीज अधिक आते हैं, उसी क्षेत्र के जिला अस्पतालों में वहां के रेजिडेंट डॉक्टरों को भेजा जाएगा।</p>
<p><strong>क्षेत्र के अनुसार होगा जिला आवंटन</strong><br>
नई नीति के अनुसार गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल के रेजिडेंट डॉक्टरों की तैनाती भोपाल, विदिशा, रायसेन और सीहोर जैसे जिलों में होगी। वहीं एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर के डॉक्टरों को इंदौर, धार, झाबुआ और आसपास के जिलों में सेवाएं देनी होंगी। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।</p>
<p><strong>आवास भत्ता खत्म, खुद करनी होगी व्यवस्था</strong><br>
नीति में सबसे बड़ा बदलाव आवास भत्ते को समाप्त करना है। अब रेजिडेंट डॉक्टरों को अपने रहने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। जिला प्रशासन केवल सुरक्षित आवासों की सूची उपलब्ध कराएगा। वहीं महिला और दिव्यांग रेजिडेंट डॉक्टरों को सुविधा के अनुसार नजदीकी जिलों में पदस्थापना देने का प्रयास किया जाएगा। जिला अस्पतालों में मेंटर और रेजिडेंट डॉक्टरों का अनुपात 1:3 रखा गया है।</p>
<p><strong>रेजिडेंट डॉक्टरों ने रखीं मांगें</strong><br>
रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि पहले की तरह आवास भत्ता जारी रखा जाना चाहिए। साथ ही अधिक मेडिकल कॉलेजों वाले क्षेत्रों से बाहर भी जिलों को डीआरपी में शामिल किया जाए। उन्होंने पूरे प्रदेश में डिवीजन से बाहर म्युचुअल ट्रांसफर की सुविधा लागू करने की भी मांग की है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>चिया सीड्स फेस मास्क: एलोवेरा और शहद से पाएं नेचुरल ग्लो</title>
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<description><![CDATA[ चिया सीड्स को सुपरफूड माना जाता है. इसमें फाइबर, प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसे काफी हेल्दी माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि चिया सीड्स सिर्फ सेहत ही नहीं, बल्कि चेहरे के लिए भी बेहद फायदेमंद हो सकते हैं. … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 15:30:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>चिया, सीड्स, फेस, मास्क:, एलोवेरा, और, शहद, से, पाएं, नेचुरल, ग्लो</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>चिया सीड्स को सुपरफूड माना जाता है. इसमें फाइबर, प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसे काफी हेल्दी माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि चिया सीड्स सिर्फ सेहत ही नहीं, बल्कि चेहरे के लिए भी बेहद फायदेमंद हो सकते हैं. इसमें मौजूद पोषक तत्व स्किन को हाइड्रेट रखने, चेहरे पर नमी बनाए रखने और उसे ग्लोइंग देने में मदद करते हैं. आज हम आपको चिया सीड्स से बनने कुछ आसान फेस मास्क के बारे में बताएंगे जो आपके चेहरे को हमेशा हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखेंगे.</p>
<p><strong>चिया सीड्स और एलोवेरा फेस मास्क</strong></p>
<p>इंग्रेडिएंट्स (ingredients)</p>
<p>सम्बंधित ख़बरें</p>
<p>1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स<br>
2 बड़े चम्मच पानी<br>
1 बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल<br>
1 बड़ा चम्मच शहद<br>
<strong>चिया सीड्स और एलोवेरा का फेस मास्क कैसे बनाएं?</strong></p>
<p>चिया सीड्स और एलोवेरा का फेस मास्क बनाने के लिए सबसे पहले चिया सीड्स को 15 मिनट तक पानी में भिगो दें, ताकि यह जेल जैसा हो जाए. अब इसमें एलोवेरा जेल और शहद मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें. इस पेस्ट को चेहरे पर 15 मिनट तक लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो लें. यह फेस मास्क ड्राई और डल स्किन की समस्या को कम करने के साथ-साथ स्किन को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है.</p>
<p>चिया सीड्स और ग्रीन टी फेस मास्क<br>
इंग्रेडिएंट्स (ingredients)<br>
1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स<br>
2 बड़े चम्मच ग्रीन टी<br>
1 बड़ा चम्मच शहद</p>
<p><strong>चिया सीड्स और ग्रीन टी फेस मास्क कैसे बनाएं?</strong><br>
चिया सीड्स और ग्रीन टी फेस मास्क बनाने के लिए सबसे पहले ग्रीन टी बनाकर ठंडी कर लें. अब इसमें चिया सीड्स को 15 मिनट तक भिगो दें. फिर शहद मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इसे चेहरे पर 15 मिनट तक लगाकर रखें और बाद में गुनगुने पानी से धो लें. यह फेस मास्क स्किन पर नेचुरल ग्लो लाने में मदद करता है.</p>
<p>चिया सीड्स और हल्दी फेस मास्क<br>
इंग्रेडिएंट्स (ingredients)<br>
1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स<br>
2 बड़े चम्मच पानी<br>
1/2 चम्मच हल्दी<br>
1 बड़ा चम्मच शहद</p>
<p><strong>चिया सीड्स और हल्दी का फेस मास्क कैसे बनाएं?</strong><br>
चिया सीड्स और हल्दी का फेस मास्क बनाने के लिए चिया सीड्स को 20 मिनट तक पानी में भिगोकर जेल तैयार करें. इसमें हल्दी और शहद मिलाकर पेस्ट बना लें. इस फेस मास्क को 10-15 मिनट तक चेहरे पर लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो लें. यह फेस मास्क दाग-धब्बों को कम करने और स्किन टोन को बेहतर करने में मदद करता है.</p>
<p><strong>इंग्रेडिएंट्स (ingredients)</strong><br>
1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स<br>
2 बड़े चम्मच पानी<br>
1 बड़ा चम्मच सादा दही<br>
1 बड़ा चम्मच नींबू का रस</p>
<p><strong>चिया सीड्स और हल्दी का फेस मास्क बनाएं कैसे?</strong><br>
चिया सीड्स और हल्दी का फेस मास्क बनाने के लिए चिया सीड्स को 15 मिनट तक पानी में भिगो दें. फिर इसमें दही और नींबू का रस मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इस मिश्रण को हल्के हाथों से चेहरे पर गोलाकार गति में मसाज करें. 10-15 मिनट बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें. यह फेस मास्क डेड स्किन हटाने और चेहरे को सॉफ्ट व ग्लोइंग बनाने में मदद कर सकता है.</p>
<p><strong>इन बातों का रखें ध्यान</strong><br>
किसी भी घरेलू फेस मास्क का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें. अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है या कोई स्किन प्रॉब्लम है तो एक्सपर्ट की सलाह लेने के बाद ही इन उपायों को अपनाएं.</p>]]> </content:encoded>
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<title>दिल्ली सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, वित्त विभाग के 52 अधिकारियों का तबादला</title>
<link>https://atworldnews.in/8984</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  दिल्ली सरकार ने वित्त एवं लेखा विभाग में बीते पांच साल से मौजूद 52 अधिकारियों का तबादला कर दिया है। सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को मजबूत करने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया है। इनमें 23 डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स और 29 वरिष्ठ लेखाधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 15:03:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली, सरकार, का, बड़ा, प्रशासनिक, फेरबदल, वित्त, विभाग, के, अधिकारियों, का, तबादला</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 दिल्ली सरकार ने वित्त एवं लेखा विभाग में बीते पांच साल से मौजूद 52 अधिकारियों का तबादला कर दिया है। सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को मजबूत करने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया है। इनमें 23 डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स और 29 वरिष्ठ लेखाधिकारी शामिल हैं।</p>
<p>इसके अलावा सरकार ने विभागीय कार्यकुशलता को बढ़ावा देते हुए 19 वरिष्ठ लेखा अधिकारियों (सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर) को पदोन्नत कर डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स बनाया है। सरकार का कहना है कि ये सभी निर्णय प्रशासनिक आवश्यकताओं, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शी कार्यप्रणाली को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं।</p>
<p><strong>सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा?</strong><br>
    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो पारदर्शिता, जवाबदेही, दक्षता और सुशासन के उच्चतम मानकों पर आधारित हो।<br>
    उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था में शिथिलता, लापरवाही और भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है। सरकार के अनुसार, वित्त एवं लेखा विभाग में किए गए इस व्यापक फेरबदल से वित्तीय प्रबंधन और समयबद्ध निर्णयों के माध्यम से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।</p>
<p><strong>द्वारका में 500 किलोवॉट का सोलर प्लांट शुरू</strong><br>
पालम विधानसभा क्षेत्र के द्वारका सेक्टर 7 स्थित एयर फोर्स और नेवल ऑफिसर्स एनक्लेव में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 500 किलोवॉट क्षमता के सोलर पावर प्लाट का उद्‌घाटन किया। यह सोलर प्लाट सोसायटी के करीब 375 घरो की बिजली की जरूरतों को स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा से पूरा करेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने उ‌द्घाटन के दौरान बताया कि प्लाट चालू होने से एनक्लेव का मासिक बिजली खर्च करीब 12 लाख रुपये से घटकर आधा, यानी लगभग 6 लाख रुपये रह जाएगा। इससे सोसायटी के निवासियों को हर साल करीब 72 लाख रुपये की बचत होगी। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से 90 लाख रुपये और दिल्ली सरकार की ओर से 10 लाख रूपये की सब्सिडी दी गई है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>अलीगढ़ में AI से चलेगा ट्रैफिक सिस्टम, यूपी का पहला एनाउंसमेंट&#45;सक्षम स्मार्ट सिटी मॉडल</title>
<link>https://atworldnews.in/8983</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ यूपी में अलीगढ़ की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में नगर निगम का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बड़ी भूमिका निभाएगा। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कंट्रोल होगी। अलीगढ़ प्रदेश का पहला नगर निगम होगा, जिसको एनाउंसमेंट सिस्टम से लैस किया गया है। शनिवार को डीएम अविनाश कुमार, एसएसपी नीरज जादौन … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 15:03:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>अलीगढ़, में, से, चलेगा, ट्रैफिक, सिस्टम, यूपी, का, पहला, एनाउंसमेंट-सक्षम, स्मार्ट, सिटी, मॉडल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
यूपी में अलीगढ़ की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में नगर निगम का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बड़ी भूमिका निभाएगा। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कंट्रोल होगी। अलीगढ़ प्रदेश का पहला नगर निगम होगा, जिसको एनाउंसमेंट सिस्टम से लैस किया गया है। शनिवार को डीएम अविनाश कुमार, एसएसपी नीरज जादौन व नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने स्मार्ट टैफिक व्यवस्था को लेकर कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर के कंट्रोल रूम में मंथन किया।</p>
<p>शहर के प्रमुख सिग्नलयुक्त चौराहों पर ट्रैफिक लाइट अब पूर्व निर्धारित समय के बजाय वास्तविक यातायात दबाव के अनुसार संचालित होगी। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े एआई आधारित कैमरे प्रत्येक दिशा में वाहनों एवं लोगों की संख्या का विश्लेषण करेंगे तथा उसी के अनुरूप ट्रैफिक सिग्नल का ग्रीन एवं रेड टाइम स्वतः कम या अधिक होगा। इससे अनावश्यक प्रतीक्षा समाप्त होगी तथा यातायात का प्रवाह लगातार बना रहेगा।</p>
<p>नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि इस स्मार्ट व्यवस्था को प्रथम चरण एएमयू सर्किल पर लागू कर दिया गया है। आगामी चरण में मैरिस रोड, रामघाट रोड, केला नगर, सासनी गेट सहित अन्य प्रमुख चौराहों पर भी इसे चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाएगा।</p>
<p><strong>जहां पर ट्रैफिक लाइटें नहीं वहां 15 दिन में लगेंगी</strong><br>
नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा ट्रैफिक सुधार अभियान के अंतर्गत प्रमुख बाजारों एवं मार्गों पर पीली पट्टी अंकित कराई है तथा हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा गया है। जिन प्रमुख चौराहों पर अभी ट्रैफिक सिग्नल नहीं हैं, उनका नगर निगम एवं ट्रैफिक पुलिस द्वारा संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कर आगामी 15 दिनों में नई ट्रैफिक सिग्नल प्रणाली स्थापित कराई जाएगी।</p>
<p><strong>वाहन अधिक देर तक खड़े हुए तो एनाउंसमेंट होगा</strong><br>
कोई वाहन, ई-रिक्शा, ठेला अथवा अन्य वाहन निर्धारित समय से अधिक देर तक चौराहे पर खड़ा रहता है तो सिस्टम स्वतः सार्वजनिक उद्घोषणा कर वाहन चालक को तत्काल वाहन हटाने का निर्देश देगा। निर्धारित समय तक वाहन न हटाने पर सिस्टम ट्रैफिक पुलिस को स्वतः सूचना प्रेषित करेगा, जिसके आधार पर आवश्यक प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए वाहन को हटाया जाएगा।</p>
<p><strong>सूतमिल चौराहे पर एनाउंसमेंट सिस्टम लागू</strong><br>
नगर आयुक्त ने बताया कि इस व्यवस्था को प्रथम चरण सूतमिल चौराहे पर लागू किया जा चुका है। पिछले लगभग 15 दिनों के अनुभव में पाया गया है कि जहां पूर्व में इस चौराहे पर सामान्यतः 15 से 20 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रहती थी, वहीं वर्तमान में यह समय घटकर लगभग 2 से 3 मिनट रह गया है। डीएम अविनाश कुमार ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उद्देश्य केवल निगरानी करना नहीं बल्कि नागरिकों को बेहतर और सुगम यातायात उपलब्ध कराना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रणाली से चौराहों पर अनावश्यक प्रतीक्षा कम होगी ईंधन की बचत होगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने कहा कि स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन पुलिस और नगर निगम के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>महिला आरक्षण और परिसीमन बिल की तैयारी, NDA सरकार के सामने दो&#45;तिहाई बहुमत की बड़ी चुनौती</title>
<link>https://atworldnews.in/8982</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली केंद्र की भाजपा नीत एनडीए सरकार आगामी मॉनसून सत्र में महिला आरक्षण को 2029 से ही लागू करने के लिए एक नया संविधान संशोधन विधेयक और लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने के लिए परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) लाने की तैयारी में है। हालांकि, इन ऐतिहासिक विधेयकों को पारित कराने … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 14:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>महिला, आरक्षण, और, परिसीमन, बिल, की, तैयारी, NDA, सरकार, के, सामने, दो-तिहाई, बहुमत, की, बड़ी, चुनौती</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
केंद्र की भाजपा नीत एनडीए सरकार आगामी मॉनसून सत्र में महिला आरक्षण को 2029 से ही लागू करने के लिए एक नया संविधान संशोधन विधेयक और लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने के लिए परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) लाने की तैयारी में है। हालांकि, इन ऐतिहासिक विधेयकों को पारित कराने के लिए सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत जुटाने की होगी। संसद के पिछले बजट सत्र में संख्या बल की कमी के कारण 131वां संविधान संशोधन विधेयक गिर गया था, जिसके बाद साधारण बहुमत से पास होने वाले परिसीमन विधेयक को आगे नहीं बढ़ाया गया था। इस बार सरकार नए सिरे से रणनीति बना रही है।</p>
<p><strong>दो-तिहाई बहुमत से कितनी दूर है NDA?</strong><br>
संविधान संशोधन के लिए संसद के दोनों सदनों में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई समर्थन अनिवार्य है। मौजूदा स्थिति में पाला बदलने वाले सांसदों को जोड़ने के बाद भी एनडीए बहुमत के आंकड़े से पीछे है। लोकसभा में एनडीए की वर्तमान ताकत 319 सांसदों की हो चुकी हैं। इनमें टीएमसी 20 और शिवसेना यूबीटी के 6 सांसद भी शामिल हैं। अब भाजपा को संसद में 41 सीटों की आवश्यक्ता है। आपको बता दें कि 543 सीटों वाले लोकसभा में दो तिहाई बहुत में के लिए 360 सांसदों की जरूरत होती है।</p>
<p><strong>राज्यसभा का क्या है समीकरण</strong><br>
राज्यसभा में NDA की वर्तमान ताकत 152 सांसदों की है। दो-तिहाई बहुमत के लिए 161 सांसदों की जरूरत है। भाजपा को यहां भी 9 सांसदों के समर्थन की आवश्यक्ता है। इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार को या तो विपक्षी दलों का सीधा समर्थन चाहिए होगा या फिर मतदान के समय वॉकआउट के जरिए दो-तिहाई के लिए जरूरी कुल संख्या को कम करना होगा।</p>
<p><strong>तमिलनाडु का बदलता समीकरण</strong><br>
विपक्षी और क्षेत्रीय दलों का समर्थन हासिल करने के लिए नए विधेयक में उनकी चिंताओं को दूर करना सबसे अहम होगा। 22 लोकसभा सांसदों वाली द्रमुक (DMK) का रुख हमेशा से सीटों के आवंटन पर मौजूदा स्थिति बनाए रखने का रहा है। डीएमके का मानना है कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले दक्षिणी राज्यों की सीटें कम नहीं होनी चाहिए। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद सी. जोसेफ विजय की पार्टी TVK के सत्ता में आने से राज्य के राजनीतिक समीकरण बदले हैं, जिससे भाजपा के प्रति डीएमके के कड़े रुख में कुछ नरमी के संकेत मिले हैं। हालांकि डीएमके सांसद तिरुची शिवा का कहना है कि आधिकारिक प्रस्ताव सामने आने से पहले कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।</p>
<p><strong>क्या हैं संवैधानिक अड़चनें?</strong><br>
इस पूरे विवाद और नए विधेयक के केंद्र में अनुच्छेद 81 के दो मुख्य कड़े नियम हैं। अंतर-राज्यीय सीटों का आवंटन यानी कि अनुच्छेद 81(2)(a)। यह नियम कहता है कि राज्यों को लोकसभा सीटें उनकी आबादी के अनुपात में मिलनी चाहिए। आपको बता दें कि देश में राज्यों के बीच सीटों के संतुलन को बनाए रखने के लिए 1971 की जनगणना के आधार पर सीटों के आवंटन को पिछले 50 वर्षों से फ्रीज किया गया है। पहला फ्रीज 1976 में और दूसरा 2001 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान लगाया गया था। इसकी मियाद 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना के आंकड़े आने पर समाप्त हो जाएगी।</p>
<p><strong>2011 की जनगणना का पेंच</strong><br>
यदि सरकार 2011 की जनगणना को आधार बनाकर नया परिसीमन लाती है तो उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों की सीटें दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों की तुलना में बहुत ज्यादा बढ़ जाएंगी, क्योंकि उत्तर भारत की आबादी तेजी से बढ़ी है। केंद्र सरकार अन्य दलों का समर्थन हासिल करने के लिए अनुच्छेद 81 में संशोधन करके इस फ्रीज की समयसीमा को कुछ और दशकों के लिए आगे बढ़ा सकती है, जिससे राज्यों की मौजूदा सीटों का अनुपात सुरक्षित रहे।</p>
<p><strong>राज्य के भीतर का परिसीमन</strong><br>
यह नियम राज्य के भीतर ही अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को तय करता है ताकि राज्य के भीतर सभी क्षेत्रों में जनसंख्या का अनुपात बराबर रहे। वर्तमान में इसके लिए 2001 की जनगणना को आधार माना गया है। सरकार नए विधेयक में इसे बदलकर 2011 की जनगणना के आंकड़ों पर आधारित करने का प्रस्ताव दे सकती है, जिस पर विपक्षी दलों में व्यापक सहमति बनने की संभावना अधिक है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>पद्मश्री डॉ. तीजन बाई का पार्थिव शरीर दुर्ग के गनियारी पहुंचा, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार</title>
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<description><![CDATA[ दुर्ग. पंडवानी गायिका पद्मश्री डॉ. तीजन बाई के पार्थिव शरीर को एम्स से दुर्ग जिले के गनियारी गांव लाया जा चुका है. उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली गई है. राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा. पार्थिव शरीर को लेकर परिजन मुक्ति धाम लेकर पहुंचेंगे. अंतिम दर्जन के … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 14:31:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>दुर्ग.</strong></p>
<p>पंडवानी गायिका पद्मश्री डॉ. तीजन बाई के पार्थिव शरीर को एम्स से दुर्ग जिले के गनियारी गांव लाया जा चुका है. उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली गई है. राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा. पार्थिव शरीर को लेकर परिजन मुक्ति धाम लेकर पहुंचेंगे.</p>
<p>अंतिम दर्जन के लिए उनके शिष्य, ग्रामीणों के साथ राजनीतिक और समाजिक प्रतिनिधियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. जानकारी के मुताबिक, गनियारी में दुर्ग कलेक्टर, एसएसपी समेत उच्च स्तरीय अधिकारी मौजूद हैं. अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली गई है. पूरे गांव में शोक की लहर है. नम आंखों के साथ बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. </p>
<p><strong>एम्स में हुआ निधन</strong><br>
रायपुर एम्स में लगभग 38 दिनों से जारी इलाज के बाद रविवार सुबह प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन हुआ. 72 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली. जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री साय और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने एम्स अस्पताल पहुंचकर उन्हें क श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान परिजनों से मुलाकात कर दिवंगत आत्मा को शांति देने की प्रार्थना की.</p>]]> </content:encoded>
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<title>भिंड के गोहद सिविल अस्पताल में जलभराव, प्रसूति वार्ड खाली कराना पड़ा</title>
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<description><![CDATA[ भिंड. गोहद में रुक-रुककर लगातार हो रही बारिश ने कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। शनिवार को सिविल अस्पताल परिसर और वार्डों में बारिश का पानी भर जाने से मरीजों, प्रसूताओं और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात इतने बिगड़ गए कि पानी प्रसूति वार्ड तक पहुंच गया, जिसके … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 14:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भिंड, के, गोहद, सिविल, अस्पताल, में, जलभराव, प्रसूति, वार्ड, खाली, कराना, पड़ा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भिंड. </strong>गोहद में रुक-रुककर लगातार हो रही बारिश ने कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। शनिवार को सिविल अस्पताल परिसर और वार्डों में बारिश का पानी भर जाने से मरीजों, प्रसूताओं और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।</p>
<p>हालात इतने बिगड़ गए कि पानी प्रसूति वार्ड तक पहुंच गया, जिसके चलते मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए वार्ड खाली कराना पड़ा।</p>
<p><strong>विधायक अस्पताल पहुंचे</strong><br>
सूचना मिलने पर गोहद विधायक केशव देसाई अस्पताल पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बीएमओ से अस्पताल में भरे पानी की निकासी को लेकर सवाल किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बीएमओ ने कहा कि पानी निकालना उनका काम नहीं, बल्कि सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। विधायक ने जब पूछा कि तत्काल यह काम कौन करेगा तो बीएमओ ने आशा कार्यकर्ताओं की ओर इशारा किया, लेकिन उन्होंने भी यह जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया।</p>
<p><strong>विधायक ने सीएमएचओ से की शिकायत</strong><br>
बीएमओ के रवैये से नाराज विधायक ने मौके से ही सीएमएचओ डॉ. जेएस यादव को फोन कर अस्पताल की स्थिति से अवगत कराया। सीएमएचओ ने तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने और पानी की निकासी के निर्देश देने का आश्वासन दिया। इसके बाद विधायक ने भिंड कलेक्टर केएल मीना से भी चर्चा कर अस्पताल की अव्यवस्थाओं से अवगत कराया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।</p>
<p><strong>स्कूल और बैंक परिसर में भी भरा पानी</strong><br>
पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण गोहद में नालों का पानी उफान पर है। जल निकासी व्यवस्था ठप होने से सड़कों के साथ सरकारी भवनों में भी पानी भर गया। सिविल अस्पताल के अलावा सीएम राइज स्कूल और एक बैंक शाखा भी जलभराव से प्रभावित हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में वर्षों से जल निकासी की समस्या बनी हुई है और हर बारिश में यही हालात बनते हैं।</p>
<p><strong>विधायक बोले- व्यवस्था में सुधार जरूरी</strong><br>
विधायक केशव देसाई ने कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर जलभराव गंभीर लापरवाही है। मरीजों को सुरक्षित और बेहतर इलाज मिलना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को जल्द स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी –</strong><br>
गोहद सिविल अस्पताल में जलभराव की सूचना मिली है। तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और पानी की निकासी के निर्देश दिए गए हैं। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।<br>
<strong>– डॉक्टर जेएस यादव, </strong>सीएमएचओ भिंड</p>]]> </content:encoded>
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<title>सिंधु जल समझौता स्थगित होने के बाद बढ़ी पाकिस्तान की मुश्किलें, भारत ने दोहराया सख्त रुख</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच जल को लेकर टकराव बढ़ता जा रहा है। एक साल पहले भारत की ओर से सिंधु जल समझौता स्थगित किए जाने के बाद पाकिस्तान में हालात खराब हैं और मौजूदा अल नीनो संकट से उसकी मुसीबतें और ज्यादा बढ़ सकती हैं। ऐसे में पाकिस्तान की तरफ से कई … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 14:02:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सिंधु, जल, समझौता, स्थगित, होने, के, बाद, बढ़ी, पाकिस्तान, की, मुश्किलें, भारत, ने, दोहराया, सख्त, रुख</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
भारत और पाकिस्तान के बीच जल को लेकर टकराव बढ़ता जा रहा है। एक साल पहले भारत की ओर से सिंधु जल समझौता स्थगित किए जाने के बाद पाकिस्तान में हालात खराब हैं और मौजूदा अल नीनो संकट से उसकी मुसीबतें और ज्यादा बढ़ सकती हैं। ऐसे में पाकिस्तान की तरफ से कई बार बयानबाजी भी की जा रही हैं, लेकिन भारत ने दो टूक कहा है कि जब तक आतंकवाद जारी रहेगा पाकिस्तान को जल आपूर्ति बंद रहेगी।</p>
<p>वहीं, इस साल पूरी दुनिया गंभीर अल-नीनो से जूझ रही है। इस कारण न केवल तापमान वृद्धि से तमाम देशों को जूझना पड़ रहा है, बल्कि अतिवृष्टि और अल्पवृष्टि का संकट भी बढ़ रहा है। ऐसे में सिंधु जल समझौते के स्थगित होने से पाकिस्तान को न तो भारत से जल मिल रहा है और न ही कोई सूचना। सिंधु बेसिन की नदियों में ज्यादा जल बढ़ने पर उनको छोड़ा जा रहा है और कम होने पर रोका जा रहा है। पाकिस्तान के अपने जल प्रबंधन की नाकामी भी उसकी दिक्कतें बढ़ा रही है, क्योंकि उसके पास जल भंडारण क्षमता बेहद सीमित है।</p>
<p><strong>किदवई डॉक्ट्रिन की चर्चा</strong><br>
पाकिस्तान में जल संकट इतना है कि उसके नेता अब युद्ध और परमाणु हमले की बात कह रहे हैं। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर में मात खा चुके पाकिस्तान को भी पता है कि उसने यदि एक भी गलती की तो भारत का पलटवार उसके लिए बेहद भारी पड़ेगा। ऐसे में पाकिस्तान में किदवई डॉक्ट्रिन की काफी चर्चा है जो पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के बारे में कुछ स्थितियों का उल्लेख करती है।</p>
<p><strong>पलटवार नहीं झेल पाएगा पाकिस्तान</strong><br>
पाकिस्तान में इस तरह की कई स्थितियां बन रही हैं, पर वह यह भी जानता है कि भारत को उसके उन ठिकानों का पता है, जहां वह सटीक पलटवार कर उसकी रीढ़ तोड़ सकता है। इसलिए बयान देना अलग बात है, आगे बढ़ना अलग। दूसरी ओर, भारत ने सिंधु बेसिन में काफी तैयारियां की हैं। वह न केवल जल भंडारण बढ़ा रहा, बल्कि अपने क्षेत्रों में अधिकतम उपयोग भी कर रहा है।</p>
<p><strong>चेनाब व्यास नहर टनल से चेनाब का जल लाएंगे</strong><br>
भारत ने चेनाब पर दुलहस्ती बांध जल विद्युत परियोजना में 70 मीटर ऊंचे व 186 मीटर लंबे बांध में गाद हटाकर और टनल के जरिए ज्यादा भंडारण क्षमता हासिल कर ली है। शाहपुर कंडी बांध परियोजना पूरी होने पर रावी का अतिरिक्त जल पाक नहीं जा सकेगा, वह जम्मू-कश्मीर के कठुआ व सांबा जिलों में मोड दिया जाएगा। चेनाब व्यास नहर टनल से चेनाब का जल व्यास में लाया जाएगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, ईरान को दी खुली धमकी</title>
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<description><![CDATA[  वाशिंगटन  ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को खुली धमकी दी है। ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा कि अमेरिका सिर्फ &#039;एक गोली&#039; से वहां जुटे ईरान के बचे हुए सभू नेतृत्व … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 14:02:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>खामेनेई, के, अंतिम, संस्कार, के, बीच, ट्रंप, का, बड़ा, बयान, ईरान, को, दी, खुली, धमकी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> वाशिंगटन</strong><br>
 ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को खुली धमकी दी है। ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा कि अमेरिका सिर्फ 'एक गोली' से वहां जुटे ईरान के बचे हुए सभू नेतृत्व को खत्म कर सकता है।</p>
<p>हालांकि, उन्होंने कहा कि वे ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि फिर बातचीत करने के लिए कोई बचेगा ही नहीं। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरानी नेता अब समझौता करने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं।</p>
<p>28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई का अंतिम संस्कार चल रहा है। इस शोक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भारत समेत दुनियाभर के प्रतिनिधि ईरान पहुंचे हुए हैं।</p>
<p><strong>नकली आंसू</strong><br>
शनिवार को अंतिम संस्कार कार्यक्रम के दौरान ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची को रोते हुए देखा गया।</p>
<p>इस पर ट्रंप ने अंतिम संस्कार में ईरानियों के रोने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें लगा था कि लोग खामेनेई से नफरत करते हैं हो सकता है ये नकली आंसू हों।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों ने खामेनेई के अंतिम संस्कार से संबंधित कार्यक्रम समाप्त होने तक एक सप्ताह के लिए वार्ता स्थगित करने का निर्णय लिया है। ट्रंप ने कहा कि इस दौरान कोई भी पक्ष दूसरे पर हमला नहीं करेगा।</p>
<p><strong>9 जुलाई को समाप्त होगा अंतिम संस्कार कार्यक्रम</strong><br>
गौरतलब है कि ईरान ने अपने पूर्व सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार की शुरुआत के लिए 4 जुलाई का दिन चुना। इस दिन अमेरिका अपनी स्वतंत्रता दिवस मनाता है। अंतिम संस्कार की रस्मों में 7 जुलाई को तेहरान के दक्षिण में स्थित पवित्र शहर कोम में कार्यक्रम और अन्य धार्मिक अनुष्ठान शामिल होंगे। यह 9 जुलाई को खामेनेई के गृह नगर, पूर्वोत्तर के पवित्र शहर मशहद में दफनाने के साथ समाप्त होगा।</p>
<p><strong>ईरान में लाखों लोगों की भीड़</strong><br>
खामनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। लाखों लोग ईरान की सड़कों पर जमा हो रहे हैं। यह अंतिम संस्कार दुनिया भर में सबसे अधिक ध्यान से देखे जाने वाले आयोजनों में से एक बन गया है।</p>
<p><strong>एक सप्ताह की छुट्टी दी</strong><br>
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ने ईरान को एक अंतिम संस्कार के लिए एक सप्ताह की छुट्टी दी है। ट्रंप ने कहा , "हमने वेनेजुएला को एक ही दिन में हरा दिया, और ईरान को बुरी तरह से मात दी, वे समझौता करने के लिए बेताब हैं। वे समझौता करना बहुत बुरी तरह से चाहते हैं। हमने उन्हें अंतिम संस्कार के लिए एक सप्ताह की छुट्टी दी क्योंकि हम अच्छे लोग हैं।"</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>शोपियां में दूसरे दिन भी एनकाउंटर जारी, लश्कर के A++ कमांडर समेत दो आतंकी घेरे में</title>
<link>https://atworldnews.in/8977</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में रविवार को भी एनकाउंटर जारी है। सुरक्षा बलों ने शनिवार से ही लश्कर-ए-तैयबा के दो खूंखार आतंकवादियों को घेर रखा है। ये दोनों आतंकी स्थानीय हैं। अभी भी मीमंदर इलाके के एक घने बाग के भीतर घिरे हुए हैं। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को चारों तरफ से … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 13:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>शोपियां, में, दूसरे, दिन, भी, एनकाउंटर, जारी, लश्कर, के, A, कमांडर, समेत, दो, आतंकी, घेरे, में</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में रविवार को भी एनकाउंटर जारी है। सुरक्षा बलों ने शनिवार से ही लश्कर-ए-तैयबा के दो खूंखार आतंकवादियों को घेर रखा है। ये दोनों आतंकी स्थानीय हैं। अभी भी मीमंदर इलाके के एक घने बाग के भीतर घिरे हुए हैं। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को चारों तरफ से सील कर दिया है ताकि वे भाग न सकें। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के द्वारा इस ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है। आपको बता दें कि इससे पहले शनिवार को कुछ अपुष्ट खबरों में दावा किया गया था कि दोनों आतंकी मारे गए हैं, लेकिन रविवार को अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आतंकियों को पकड़ने या उन्हें मार गिराने के लिए ऑपरेशन अभी भी जारी है।</p>
<p>सुरक्षा बलों की तकनीकी निगरानी के दौरान शुक्रवार को इन दोनों आतंकियों की गतिविधि मीमंदर इलाके में देखी गई थी। शनिवार को जब सेना की एक टीम तलाशी लेते हुए आगे बढ़ी, तो आतंकियों ने उन पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई के बाद यह मुठभेड़ में बदल गई।</p>
<p><strong>एक A++ श्रेणी का कमांडर</strong><br>
खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार फंसे दोनों आतंकियों की पहचान दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के निवासियों के रूप में हुई है।</p>
<p>जाकिर गनी: यह लश्कर-ए-तैयबा का एक खूंखार ऑपरेटिव है, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने A++ श्रेणी के आतंकवादियों की सूची में रखा है। जाकिर साल 2024 से घाटी में सक्रिय है और कई आतंकी मामलों में वॉन्टेड है। अक्टूबर 2025 में कुलगाम की एक एनआईए (NIA) अदालत ने उसके खिलाफ उद्घोषणा नोटिस भी जारी किया था।</p>
<p><strong>लतीफ भट:</strong> लतीफ पिछले साल ही इस आतंकी संगठन में शामिल हुआ था और जाकिर के साथ मिलकर नेटवर्क चला रहा था।</p>
<p><strong>विक्टर फोर्स ने संभाला मोर्चा</strong><br>
गर्मियों के इस मौसम में बागों के घने पत्तों और पेड़ों के कारण सुरक्षा बलों को ब्लाइंड स्पॉट्स का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए सेना की विशेष आतंकवाद विरोधी इकाई विक्टर फोर्स ने मोर्चा संभाला है। इलाके में रोशनी की व्यवस्था की गई है। रात के समय आतंकियों के भागने की कोशिशों को रोकने के लिए पूरे बाग को हाई-बीम लाइटों से रोशन किया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शनिवार शाम तक सेना ने आस-पास के चार गांवों को पूरी तरह खाली करा लिया है, जबकि मुख्य घेराबंदी को और मजबूत कर दिया गया है।</p>
<p><strong>क्यों महत्वपूर्ण है यह ऑपरेशन?</strong><br>
शोपियां जिला ऐतिहासिक रूप से दक्षिण कश्मीर को मध्य कश्मीर और पीर पंजाल श्रृंखला से जोड़ने वाला एक प्रमुख ट्रांजिट कॉरिडोर रहा है। ऐसे में जाकिर गनी और लतीफ भट जैसे स्थानीय कमांडरों को बेअसर करना लश्कर के लॉजिस्टिक नेटवर्क को तोड़ने और स्थानीय युवाओं की नई भर्ती को रोकने के लिए बेहद जरूरी है। फिलहाल, अंतिम रिपोर्ट मिलने तक दोनों ओर से रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है और सुरक्षा बल बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>‘पंडवानी अम्मा’ तीजन बाई का निधन, पीएम मोदी और सीएम साय ने दी श्रद्धांजलि, बताया लोककला की अपूरणीय क्षति</title>
<link>https://atworldnews.in/8976</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर. छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता की पहचान और पंडवानी लोकगायन शैली की विश्वविख्यात स्तंभ, पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने उनके निधन कला व संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एम्स रायपुर पहुंचकर महान कलाकार के … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 13:31:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>‘पंडवानी, अम्मा’, तीजन, बाई, का, निधन, पीएम, मोदी, और, सीएम, साय, ने, दी, श्रद्धांजलि, बताया, लोककला, की, अपूरणीय, क्षति</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर.</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता की पहचान और पंडवानी लोकगायन शैली की विश्वविख्यात स्तंभ, पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने उनके निधन कला व संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।</p>
<p>वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एम्स रायपुर पहुंचकर महान कलाकार के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने न केवल छत्तीसगढ़ की माटी का मान बढ़ाया, बल्कि पंडवानी जैसी लोक विधा को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित किया। मुख्यमंत्री ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि तंबूरे की थाप पर महाभारत की गाथाओं को जीवंत करने वाली तीजन बाई का जाना लोक संस्कृति के एक स्वर्णिम अध्याय का समापन है।</p>
<p><strong>दुनिया भर में दिलाई लोक कला को विशिष्ट पहचान</strong><br>
सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की इस लोक कला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनियाभर में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका जाना कला एवं संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और…<br>
<strong>– Narendra Modi</strong> (@narendramodi) July 5, 2026</p>
<p><strong>जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धाजंलि</strong><br>
इस अवसर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे। सभी जनप्रतिनिधियों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उनकी स्मृतियों को संजोने और लोक कला के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. तीजन बाई का जीवन संघर्षों और सफलता की वह गाथा है जो आने वाले समय में कलाकारों के लिए प्रकाश स्तंभ का कार्य करेगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ग्वालियर में सहेली के भाई ने किशोरी को किडनैप कर किया दुष्कर्म</title>
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<description><![CDATA[ ग्वालियर. शहर के माधौगंज इलाके में रहने वाली किशोरी के साथ उसकी सहेली के भाई ने ही दुष्कर्म किया। वह उसे भाई मानती थी, उसे अगवा कर अपने दोस्त के कमरे पर ले गया। यहां जान से मारने की धमकी देकर गलत काम किया। इस घटना के बाद भी वह उसे धमकाता रहा। परेशान होकर … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 13:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ग्वालियर, में, सहेली, के, भाई, ने, किशोरी, को, किडनैप, कर, किया, दुष्कर्म</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ग्वालियर.</strong></p>
<p>शहर के माधौगंज इलाके में रहने वाली किशोरी के साथ उसकी सहेली के भाई ने ही दुष्कर्म किया। वह उसे भाई मानती थी, उसे अगवा कर अपने दोस्त के कमरे पर ले गया। यहां जान से मारने की धमकी देकर गलत काम किया। इस घटना के बाद भी वह उसे धमकाता रहा। परेशान होकर पीड़िता ने स्वजन को घटना बताई। इसके बाद यह लोग थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज कराई।</p>
<p><strong>दादी के साथ रहती है किशोरी</strong><br>
माधौगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत डांग वाले बाबा पहाड़ी के पास रहने वाली 14 वर्षीय बालिका के माता-पिता जयपुर में रहते हैं। यहां वह अपनी दादी के साथ रहती है। उसकी सहेली का भाई लोकेंद्र विश्वकर्मा उसके घर आता-जाता था। वह उसे भाई मानती थी। दो जून को जब किशोरी की दादी घर पर नहीं थी, तब लोकेंद्र घर में घुस आया। उसने गलत हरकत की। विरोध करने पर उसकी दादी की हत्या की धमकी दी। 28 जून को उसने किशोरी को फोन किया। घर के पास बुलाया और अपने साथ काल्पी ब्रिज कालोनी में रहने वाले अपने दोस्त के कमरे पर ले गया। यहां उसके साथ फिर गलत काम किया। इसके बाद उसे धमकाया कि अगर किसी से कुछ भी कहा तो जान से मार देगा। किशोरी डरी-सहमी घर पर थी। छात्रा जब घर से गायब दिखी तो उसकी दादी ने फोन किया। बाइक से आरोपी उसे घर के पास छोड़ गया। फिर जब दादी ने बात की तब उसने पूरी घटना बताई। फिर यह लोग थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज कराई।</p>
<p><strong>पुलिस ने ढूंढा तो घर छोड़ गया था आरोपी</strong><br>
जब किशोरी घर से गायब मिली तो दादी ने पुलिस को भी सूचना दी थी। पुलिस ने उसे ढूंढना शुरू किया, इसके बाद उसे आरोपित घर के पास छोड़ गया। छह दिन तक पीड़िता डरी सहमी रही। उस दिन थाने में भी उसने ऐसी कोई जानकारी नहीं दी। अब उसने दुष्कर्म की बात बताई।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>5 दिन में 66% तक का रिटर्न, इन 5 शेयरों ने निवेशकों को किया मालामाल</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली पिछला हफ्ता शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव रहा। पूरे हफ्ते के दौरान बीएसई सेंसेक्स 663.44 अंक या 0.86% बढ़कर 77,763.91 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 214.85 अंक या 0.89% की बढ़त हुई और यह 24,270.85 पर बंद हुआ। जहां ये इंडेक्स 1 फीसदी से भी कम चढ़े, वहीं 5 शेयर ऐसे … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 13:00:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दिन, में, 66, तक, का, रिटर्न, इन, शेयरों, ने, निवेशकों, को, किया, मालामाल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
पिछला हफ्ता शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव रहा। पूरे हफ्ते के दौरान बीएसई सेंसेक्स 663.44 अंक या 0.86% बढ़कर 77,763.91 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 214.85 अंक या 0.89% की बढ़त हुई और यह 24,270.85 पर बंद हुआ। जहां ये इंडेक्स 1 फीसदी से भी कम चढ़े, वहीं 5 शेयर ऐसे रहे, जिन्होंने निवेशकों को 5 ही दिन में 65.80 फीसदी तक रिटर्न दिया है।</p>
<p><strong>गैलेक्सी बियरिंग्स</strong><br>
गैलेक्सी बियरिंग्स का शेयर पिछले हफ्ते टॉप पर रहा, जिसने 65.80 फीसदी रिटर्न दिया। इसका शेयर बीते हफ्ते 572.55 रुपये से 949.30 रुपये पर पहुंच गया। शुक्रवार को इसका शेयर बीएसई पर 10 फीसदी की उछाल के साथ 949.30 रुपये पर बंद हुआ। इस भाव पर कंपनी की मार्केट कैपिटल 301.88 करोड़ रुपये है।</p>
<p><strong>वेलजन डेनिसन</strong><br>
वेलजन डेनिसन का शेयर पिछले हफ्ते 52 फीसदी उछला। कंपनी का शेयर प्राइस 1202.10 रुपये से 1826.90 रुपये पर पहुंच गया। शुक्रवार को इसका शेयर बीएसई पर 2.30 फीसदी की गिरावट के साथ 1826.90 रुपये पर बंद हुआ। इस भाव पर कंपनी की मार्केट कैपिटल 812.25 करोड़ रुपये है।</p>
<p><strong>स्पेक्ट्रम फूड्स</strong></p>
<p>स्पेक्ट्रम फूड्स का शेयर पिछले हफ्ते 49.14 फीसदी ऊपर चढ़ा। कंपनी का शेयर 12.19 रुपये से 18.18 रुपये पर पहुंच गया। शुक्रवार को इसका शेयर बीएसई पर 20 फीसदी की तेजी के साथ 18.18 रुपये पर बंद हुआ। इस भाव पर कंपनी की मार्केट कैपिटल 44.07 करोड़ रुपये है।</p>
<p><strong>लक्ष्मीपति इंजीनियरिंग वर्क्स</strong><br>
लक्ष्मीपति इंजीनियरिंग वर्क्स का स्टॉक पिछले हफ्ते 45.09 फीसदी ऊपर चढ़ा। हफ्ते के दौरान इस कंपनी का शेयर 383.90 रुपये से 557 रुपये पर पहुंच गया। शुक्रवार को ये शेयर बीएसई पर एक दम फ्लैट 557 रुपये पर बंद हुआ। इस भाव पर कंपनी की मार्केट कैपिटल 320.39 करोड़ रुपये है।</p>
<p><strong>श्रेष्ठ फिनवेस्ट</strong><br>
श्रेष्ठ फिनवेस्ट का स्टॉक पिछले हफ्ते 41.67 फीसदी ऊपर चढ़ा। हफ्ते के दौरान इस कंपनी का शेयर 0.24 रुपये से 0.34 रुपये पर पहुंच गया। शुक्रवार को ये शेयर बीएसई पर 13.33 फीसदी की तेजी के साथ 59.76 रुपये पर बंद हुआ। इस भाव पर कंपनी की मार्केट कैपिटल 59.76 करोड़ रुपये है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दुर्ग में खाद की गुणवत्ता पर बड़ा खुलासा, समितियों में भंडारित नमूने जांच में फेल</title>
<link>https://atworldnews.in/8973</link>
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<description><![CDATA[ दुर्ग. सेवा सहकारी समितियों में भंडारित खाद के तीन नमूने गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए हैं। मामले में विक्रेता व निर्माता कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अब तक प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 8 नमूने अमानक मिल चुके हैं। इन कंपनियों के है अमानक खाद … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 12:31:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दुर्ग, में, खाद, की, गुणवत्ता, पर, बड़ा, खुलासा, समितियों, में, भंडारित, नमूने, जांच, में, फेल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>दुर्ग.</strong></p>
<p>सेवा सहकारी समितियों में भंडारित खाद के तीन नमूने गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए हैं। मामले में विक्रेता व निर्माता कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अब तक प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 8 नमूने अमानक मिल चुके हैं।</p>
<p>इन कंपनियों के है अमानक खाद प्रयोग शाला में परीक्षण के दौरान गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए नमूनों में एक पाटन विकासखंड के सेवा सहकारी समिति औंधी से लिए थे। यहां भण्डारित बीईसी फर्टिलाइजर कंपनी के एसएसपी खाद अमानक मिले है। इसी प्रकार सेवा सहकारी समिति पहंडोर में भंडारित एग्रोफास इंडिया लिमिटेड कंपनी की भी एसएसपी खाद का एक नमूना गुणवत्ता विहीन पाया गया है।</p>
<p>वहीं सेवा सहकारी समिति चंगोरी में भण्डारित श्री गणपति फर्टिलाइजर्स लिमिटेड कंपनी की एसएसपी (जी) खाद का एक नमूना प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के अनुसार अमानक पाए गए हैं। अमानक पाए गए खाद के लाट में सेवा सहकारी समिति औंधी में 2 सेवा सहकारी समिति पहंडोर में 1.800 एवं सेवा सहकारी समिति चंगोरी में कुल 10 टन खाद है। जिले में लगभग 50 टन खाद गुणवत्ता जांच में फेल हो चुके हैं।</p>
<p><strong>विक्रय पर लगा दिया गया है प्रतिबंध</strong><br>
उप संचालक कृषि संदीप भोई का कहना है कि अमानक पाए खाद के लाट की विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही निर्माता कंपनी व विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। जवाब संतोषप्रद नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बड़ा बयान, बोले&#45; मध्यप्रदेश का SIR मॉडल सबसे पारदर्शी</title>
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<description><![CDATA[ इंदौर. भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार शनिवार को इंदौर पहुंचे। उन्हाेंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से संवाद कर कहा कि मध्यप्रदेश के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाता सूची के परिशोधन का कार्य अत्यंत पारदर्शी, व्यवस्थित और दक्ष तरीके से पूरा कर देश के लिए आदर्श प्रस्तुत किया है। जिस गुणवत्ता … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 12:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्य, निर्वाचन, आयुक्त, ज्ञानेश, कुमार, का, बड़ा, बयान, बोले-, मध्यप्रदेश, का, SIR, मॉडल, सबसे, पारदर्शी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर.</strong></p>
<p>भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार शनिवार को इंदौर पहुंचे। उन्हाेंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से संवाद कर कहा कि मध्यप्रदेश के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाता सूची के परिशोधन का कार्य अत्यंत पारदर्शी, व्यवस्थित और दक्ष तरीके से पूरा कर देश के लिए आदर्श प्रस्तुत किया है। जिस गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ यह अभियान मध्यप्रदेश में संचालित हुआ है, वैसा उदाहरण अन्य राज्यों में दुर्लभ है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत की चुनावी प्रक्रिया विश्व की सबसे पारदर्शी और विश्वसनीय व्यवस्थाओं में शामिल है, जहां मतदाता सूची निर्माण से लेकर मतदान और मतगणना तक हर चरण में राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की भागीदारी सुनिश्चित होती है। इसी भरोसे के कारण भारत वर्ष 2026 में इंटरनेशनल आइडिया की अध्यक्षता कर रहा है।</p>
<p>तला ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम में निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि निर्वाचन आयोग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र नाम सूची में शामिल न हो। इसके लिए एसआईआर अभियान के तहत मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अपात्र मतदाताओं की पहचान कर सूची को अधिक शुद्ध बनाया गया। देश में लगभग 95 करोड़ मतदाता हैं और चुनाव प्रक्रिया के संचालन में करीब 1.80 करोड़ चुनावकर्मी भाग लेते हैं।</p>
<p>उन्होंने निर्वाचन आयोग के डिजिटल प्लेटफार्म ईसीआई नेट एप को बेहतर बताते हुए कहा कि इससे बीएलओ और मतदाताओं के बीच सीधा संपर्क मजबूत हुआ है। एसआईआर अभियान की उपलब्धियों और नवाचारों पर आधारित काफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा, संभागायुक्त डा. सुदाम खाड़े, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राम प्रताप सिंह जादौन तथा कलेक्टर शिवम वर्मा उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>इंदौर में 4.47 लाख से अधिक नाम हटे</strong><br>
एसआइआर प्रक्रिया के दौरान इंदाैर की सभी नो विधानसभा क्षेत्रों में 28.67 लाख से अधिक मतदाताओं के फार्म 2625 बीएलओ द्वारा भरे गए। इसमें 24.20 लाख मतदाता की मैपिंग 2003 की मतदाता सूची से हुई, जबकि प्रक्रिया के बाद 4.47 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटे थे। इंदौर में 6.67 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी कर सुनवाई की गई और दस्तावेजों की जांच की गई।</p>
<p><strong>बीएलओ से मुख्य चुनाव आयुक्त ने किया संवाद</strong><br>
<strong>बीएलओ :- </strong>मतदाता सूची की पारदर्शिता के लिए आधार को अनिवार्य किया जाना चाहिए।<br>
<strong>मुख्य निर्वाचन आयुक्त :- </strong>आधार न जन्म और न ही नागरिकता का प्रमाण है, इसलिए अनिवार्य नहीं किया गया।<br>
<strong>बीएलओ :-</strong> स्थानीय चुनाव की मतदाता सूची और एसआइआर के बाद शुद्ध हुई केंद्रीय सूची को क्यो नहीं जोड़ा जा रहा?<br>
<strong>आयुक्त :-</strong> दोनों चुनाव प्रक्रियाओं का विधान अलग-अलग है, इसलिए सूची को एक नहीं किया जा सकता।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पश्चिम यूपी में झमाझम बारिश से मिली राहत, 9&#45;10 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट</title>
<link>https://atworldnews.in/8971</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ यूपी के कुछ इलाकों में शनिवार को बादल भरपूर बरसे। पश्चिम यूपी के मेरठ मंडल और आगरा मंडल में हुई बारिश से गर्मी और उमस से भारी राहत मिली है। लोगों को जलभराव से भी जूझना पड़ा है। दो दिन फिर गर्मी, उमस झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार और सोमवार … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 12:03:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>पश्चिम, यूपी, में, झमाझम, बारिश, से, मिली, राहत, 9-10, जुलाई, को, भारी, बारिश, का, अलर्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br>
यूपी के कुछ इलाकों में शनिवार को बादल भरपूर बरसे। पश्चिम यूपी के मेरठ मंडल और आगरा मंडल में हुई बारिश से गर्मी और उमस से भारी राहत मिली है। लोगों को जलभराव से भी जूझना पड़ा है। दो दिन फिर गर्मी, उमस झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार और सोमवार को सूखा रह सकता है। अन्यथा की स्थिति में बूंदाबांदी या रिमझिम देखी जा सकती है। इसके बाद 7 जुलाई से बारिश का दौर फिर शुरू होने के आसार हैं।</p>
<p>मौसम विभाग ने 9 और 10 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खुले में होने वाले आयोजनों को सुरक्षित करने की सलाह दी गई है। शनिवार को करीब एक घंटे से अधिक हुई बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव हो गया। अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री कम होकर 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 83 दर्ज किया गया।</p>
<p><strong>कहीं बरसे बादल तो कहीं पर सिर्फ गिरी बूंदें</strong><br>
पश्चिम यूपी में दिनभर उमस और गर्मी के बीच शनिवार को कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई जबकि कुछ जगह केवल बूंदों ने भिगोया। अधिकांश हिस्सा पूरी तरह शुष्क रहा और बारिश का इंतजार करता रहा। आज से सात जुलाई तक कुछ हिस्सों में ही हल्की से मध्यम बारिश का दौर चलने की उम्मीद है। अधिकांश हिस्से इस अवधि में सूखे रहेंगे। गर्मी एवं उमस का प्रकोप भी बना रहेगा।</p>
<p>मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मेरठ में दिन-रात का तापमान क्रमश: 37 एवं 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ जो सामान्य से 1.7 एवं 2.8 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज हुआ। शुक्रवार के सापेक्ष दिन में 0.7 एवं रात में 1.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार आठ से दस जुलाई के बीच मेरठ सहित वेस्ट यूपी में अच्छी और व्यापक बारिश के आसार हैं, लेकिन इससे पहले केवल कुछ हिस्सों में छुटपुट बारिश का दौर चल सकता है।</p>
<p><strong>आधे घंटे की बारिश में जलमग्न हुए क्षेत्र</strong><br>
शनिवार दोपहर को यूपी के कई इलाकों में हुई बारिश के कारण आधे घंटे की बारिश में गलियों में कई फुट पानी भर गया। पानी निकासी का कोई इंतजाम न होने से गांव की सड़कें तालाब बन गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नाले-नालियां बनी ही नहीं हैं। जबार ने बताया कि हर बार यही हाल होता है। आने वाले दिनों में तेज बारिश में पानी भरने की समस्या और बढ़ेगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दिल्ली सरकार ने खत्म की वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था, सरकारी दफ्तर फिर पुराने समय पर खुलेंगे</title>
<link>https://atworldnews.in/8970</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने के बाद दिल्ली सरकार ने सरकारी ऑफिसों में ईंधन बचाने के लिए लागू विशेष इंतजामों को समाप्त कर दिया। सीएम रेखा गुप्ता ने हफ्ते में दो दिन (बुधवार और शनिवार) को लागू वर्क फ्रॉम होम (WFH) व्यवस्था खत्म कर दी है। सरकारी ऑफिसों के अलग-अलग समय के … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 12:03:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली, सरकार, ने, खत्म, की, वर्क, फ्रॉम, होम, व्यवस्था, सरकारी, दफ्तर, फिर, पुराने, समय, पर, खुलेंगे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने के बाद दिल्ली सरकार ने सरकारी ऑफिसों में ईंधन बचाने के लिए लागू विशेष इंतजामों को समाप्त कर दिया। सीएम रेखा गुप्ता ने हफ्ते में दो दिन (बुधवार और शनिवार) को लागू वर्क फ्रॉम होम (WFH) व्यवस्था खत्म कर दी है। सरकारी ऑफिसों के अलग-अलग समय के फैसले को भी वापस ले लिया गया है।</p>
<p><strong>समय में फिर हुआ बदलाव</strong><br>
नए आदेश के मुताबिक दिल्ली सरकार के सभी ऑफिस सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक खुले रहेंगे। पहले यह समय बदलकर सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे कर दिया गया था। हालांकि, MCD के कर्मचारियों के लिए पहले से लागू समय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।</p>
<p><strong>ये नियम किए गए थे लागू</strong><br>
14 मई को दिल्ली सरकार ने ईंधन की आपूर्ति पर पड़े असर को देखते हुए WFH, ऑफिस टाइमिंग में बदलाव, मंडे मेट्रो जैसे कई अहम फैसले लागू किए थे। सरकार का कहना है कि सुरक्षा स्थिति और ईंधन की आपूर्ति सामान्य होने के बाद प्रशासनिक कामों को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के मकसद से यह फैसला लिया गया है।</p>
<p><strong>पीएम मोदी ने की थी अपील</strong><br>
बता दें कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच पीएम मोदी ने ईंधन की बचत करने की अपील की थी। प्रधानमंत्री की अपील के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने राजधानी में कई बड़े फैसले किए थे। सीएम ने ऐलान किया था कि मेट्रो डे मनाया जाएगा। इसके साथ ही सप्ताह में एक दिन नो कार डे होगा।</p>
<p><strong>चलाई जा रहीं स्पेशल बसें</strong><br>
तब दिल्ली सरकार और एमसीडी के ऑफिस का समय भी बदल दिया गया था। दिल्ली सरकार के ऑफिस सुबह 10.30 से शाम 7 बजे। एमसीडी ऑफिस सुबह 8.30 बजे से कर दिए गए थे। सरकारी 29 कॉलोनी से 58 स्पेशल बस चलाई जा रही थीं। इसके अलावा कंपनियों को सप्ताह में कम से कम 2 दिन वर्क फ्रॉम होम करावाने का निर्देश जारी किया गया था।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>अब डिजिटल होगी राजस्व न्याय व्यवस्था, सुरक्षित रहेंगे मूल अभिलेख</title>
<link>https://atworldnews.in/8969</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रशासनिक एवं न्यायिक व्यवस्थाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश ने एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल करते हुए राजस्व परिषद के न्यायालयों में मूल अभिलेखों के स्थान पर प्रमाणित … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 11:33:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>अब, डिजिटल, होगी, राजस्व, न्याय, व्यवस्था, सुरक्षित, रहेंगे, मूल, अभिलेख</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रशासनिक एवं न्यायिक व्यवस्थाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश ने एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल करते हुए राजस्व परिषद के न्यायालयों में मूल अभिलेखों के स्थान पर प्रमाणित पूर्ण स्कैन प्रतियों के आधार पर कार्यवाही करने का निर्णय लागू किया है। इस व्यवस्था को राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल के निर्देशों के तहत तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।</p>
<p><strong>डिजिटल व्यवस्था से सुरक्षित रहेंगे मूल अभिलेख</strong></p>
<p>नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब मूल अभिलेखों को बार-बार एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों के क्षतिग्रस्त होने, गुम होने अथवा विलंब से उपलब्ध होने जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा भेजी जाने वाली स्कैन प्रतियों में प्रत्येक पृष्ठ, आदेश पत्रक, नोटशीट, मानचित्र और अन्य समस्त अभिलेख क्रमवार एवं स्पष्ट रूप से शामिल किए जाएंगे। साथ ही संबंधित राजस्व रिकॉर्ड कीपर द्वारा प्रमाणित प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य किया गया है, जिससे व्यवस्था की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनी रहे।</p>
<p>राजस्व परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में, जब न्यायालय कारण दर्ज करते हुए निर्देश देगा, तभी मूल अभिलेख प्रस्तुत किए जाएंगे। इससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध हो सकेगी।</p>
<p><strong>आरसीसीएमएस पोर्टल से न्यायिक प्रक्रिया होगी और अधिक आधुनिक</strong></p>
<p>योगी सरकार लगातार ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दे रही है और यह नई पहल उसी सोच का विस्तार मानी जा रही है। भविष्य में आरसीसीएमएस पोर्टल के माध्यम से इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन संचालित करने की तैयारी भी की जा रही है। इससे न्यायिक कार्यवाही और अधिक सुगम, पारदर्शी तथा प्रभावी बन सकेगी।</p>
<p><strong>अधिकारियों को निर्देश जारी</strong></p>
<p>राजस्व परिषद ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस नई व्यवस्था की जानकारी देने और इसका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही यह भी तय किया गया है कि यदि कोई अपूर्ण, अस्पष्ट अथवा अप्रमाणित स्कैन प्रति भेजी जाती है, तो संबंधित आरआरके के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मोदी कैबिनेट फेरबदल की चर्चा तेज: क्या इन दिग्गज नेताओं को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी? BJP की नई टीम भी तैयार</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  मोदी कैबिनेट में बड़े बदलाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी अपनी नई टीम का खाका तैयार कर चुके हैं. दो जुलाई को गृह मंत्री अमित शाह, नितिन नवीन और बीएल संतोष के बीच एक बहुत अहम बैठक हुई. तीन घंटे तक चली इस … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 11:32:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मोदी, कैबिनेट, फेरबदल, की, चर्चा, तेज:, क्या, इन, दिग्गज, नेताओं, को, मिलेगी, बड़ी, जिम्मेदारी, BJP, की, नई, टीम, भी, तैयार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 मोदी कैबिनेट में बड़े बदलाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी अपनी नई टीम का खाका तैयार कर चुके हैं. दो जुलाई को गृह मंत्री अमित शाह, नितिन नवीन और बीएल संतोष के बीच एक बहुत अहम बैठक हुई. तीन घंटे तक चली इस सीक्रेट मीटिंग में सरकार और संगठन के नए चेहरों पर मुहर लगी है. यह रिशफल सिर्फ एक सामान्य बदलाव भर नहीं है. इसके पीछे बहुत बड़ी इलेक्शन रणनीति काम कर रही है. कई दिग्गज मंत्रियों की कुर्सी बदल सकती है. संगठन के कई पुराने नेताओं को सरकार में शामिल किया जा सकता है. यह सारी कवायद आगामी राज्य विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर हो रही है. खासकर उन राज्यों पर फोकस है जहां पार्टी को अपना दम दिखाना है. एनडीए के सहयोगियों को भी कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है. आइए जानते हैं कि इस बड़े बदलाव में किन नेताओं के आएंगे ‘बहुत अच्छे दिन। </p>
<p><strong>क्या होगा नितिन नवीन की नई टीम का स्ट्रक्चर और रणनीति?</strong><br>
नितिन नवीन महज 45 साल की उम्र में बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं. उनकी नई टीम में कई युवा और फ्रेश चेहरे शामिल होने जा रहे हैं. संगठन के इस नए स्ट्रक्चर में अनुभव और नई पीढ़ी का एक शानदार बैलेंस देखने को मिलेगा. राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, महासचिव और केंद्रीय मीडिया टीम में नियुक्तियों पर अंतिम चर्चा हो रही है. इस नई टीम को क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों के हिसाब से डिजाइन किया जा रहा है. उन राज्यों को सबसे ज्यादा तरजीह मिल रही है जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. पार्टी का पूरा फोकस जमीनी स्तर पर मजबूती लाने पर है। </p>
<p><strong>कैबिनेट फेरबदल में किन दिग्गज मंत्रियों का बदल सकता है विभाग?</strong></p>
<ul>
<li>    कैबिनेट रिशफल को लेकर सत्ता के गलियारों में हलचल बहुत तेज है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कई केंद्रीय मंत्रियों को अब संगठन में भेजा जा सकता है. वहीं संगठन के कई दिग्गज नेताओं को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। </li>
<li>    मौजूदा कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल का नाम फाइनेंस मिनिस्टर के तौर पर सबसे आगे चल रहा है. गोयल एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उनका बैकग्राउंड देश की इकॉनमी को बहुत अच्छे से समझता है। </li>
<li>    वहीं मौजूदा फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण को एजुकेशन मिनिस्ट्री की कमान मिल सकती है. यह एजुकेशन सेक्टर भी सरकार के लिए बहुत अहम है और यहां बड़े रिफॉर्म्स की जरूरत है। </li>
</ul>
<p><strong>क्या अनुराग ठाकुर की कैबिनेट में होगी एक शानदार वापसी?</strong><br>
अनुराग सिंह ठाकुर के नाम पर भी दिल्ली में बहुत चर्चा हो रही है. उन्हें फिर से कैबिनेट रैंक के साथ एक बड़ा पोर्टफोलियो दिया जा सकता है. अनुराग का यूथ कनेक्शन उनके फेवर में काम कर रहा है. इसके अलावा पूर्व आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का नाम भी रेस में है. सरकार इकॉनमी को रफ्तार देने के लिए बड़े टेक्नोक्रेट्स पर पूरा भरोसा जता सकती है। </p>
<p>पंजाब से तरुण चुघ को भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है. उन्हें कैबिनेट में बड़ी जगह मिल सकती है जिससे पंजाब में पार्टी मजबूत हो. जिन मंत्रियों का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनकी जगह भी नए चेहरों को मौका मिलेगा. इसमें हरदीप पुरी और बीएल वर्मा जैसे बड़े नाम शामिल हैं. कुछ पुराने मंत्रियों को गवर्नर बनाकर अलग राज्यों में भेजा जा सकता है। </p>
<p><strong>एनडीए सहयोगियों और नए चेहरों को मिलेगा कैबिनेट में बड़ा इनाम!</strong></p>
<ul>
<li><strong>मोदी कैबिनेट में एनडीए सहयोगियों को खुश रखने पर भी पूरा जोर दिया जा रहा है. हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में आए राघव चड्ढा का नाम भी चर्चा में है. उन्हें पंजाब के कोटे से कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है. इससे पंजाब में बीजेपी का ग्राफ ऊपर जाएगा। </strong></li>
<li><strong>शिवसेना गुट की ताकत भी लगातार बढ़ रही है. इसके चलते श्रीकांत शिंदे या एकनाथ शिंदे के किसी करीबी नेता को मंत्री पद मिलना लगभग तय है। </strong></li>
<li><strong>जेडीयू चीफ नीतीश कुमार भी केंद्र में अपनी पार्टी के लिए बड़ा रोल चाहते हैं. उनकी डिमांड को देखते हुए जेडीयू का वजन कैबिनेट में बढ़ सकता है। </strong></li>
<li><strong>इसके साथ ही संजय दीना पाटिल को हेल्थ सेक्टर में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. पाटिल को मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर हेल्थ बनाया जा सकता है.</strong></li>
</ul>
<p><strong>बीजेपी संसदीय बोर्ड में होने जा रहा है अहम बदलाव</strong></p>
<p>    बीजेपी का संसदीय बोर्ड पार्टी की सबसे बड़ी डिसीजन मेकिंग बॉडी है. इसमें 11 सदस्य होते हैं और अब इसका भी पूरा पुनर्गठन हो रहा है. कई बड़े नेताओं को इस कोर बोर्ड में एंट्री मिल सकती है. राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े का नाम इसमें सबसे आगे है. उनका ऑर्गेनाइजेशनल स्किल बहुत शानदार है और वे महाराष्ट्र के अहम नेता हैं। </p>
<p>    पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जीत के रणनीतिकार सुनील बंसल को भी प्रमोट किया जा सकता है. उन्हें नेशनल इलेक्शन प्लानिंग की कमान मिल सकती है. इसके अलावा महाराष्ट्र के नेता देवेंद्र फडणवीस का नाम भी इस लिस्ट में है. उन्हें पश्चिमी भारत के प्रतिनिधित्व के लिए बोर्ड में लाया जा सकता है। </p>
<p><strong>शिवराज सिंह चौहान बनेंगे हिंदी हार्टलैंड के सबसे बड़े डिसीजन मेकर!</strong></p>
<p>    संसदीय बोर्ड में मध्य प्रदेश के दिग्गज नेता शिवराज सिंह चौहान के नाम पर भी मुहर लग सकती है. आरएसएस के साथ चर्चा के बाद उनकी दावेदारी बहुत मजबूत हुई है. उन्हें हिंदी पट्टी के राज्यों में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। </p>
<p>    जेपी संगठन में आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक सिस्टम की तर्ज पर बदलाव होने जा रहा है. टॉप नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों का प्रभारी बनाया जा सकता है. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘यह नया बदलाव पूरी तरह से मिशन 2029 को ध्यान में रखकर किया जा रहा है’ .<br>
    राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी को उत्तर और पश्चिम भारत की कमान मिल सकती है. सर्बानंद सोनोवाल को नॉर्थईस्ट और के लक्ष्मण को दक्षिण भारत की जिम्मेदारी दी जा सकती है। </p>
<table>
<tbody>
<tr>
<th>नेता का नाम</th>
<th>संभावित जिम्मेदारी</th>
<th>मुख्य कारण</th>
</tr>
</tbody>
<tbody>
<tr>
<td>नितिन नबीन</td>
<td>बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष</td>
<td>युवा और फ्रेश चेहरों के साथ संगठन का नया स्ट्रक्चर बनाना.</td>
</tr>
<tr>
<td>पीयूष गोयल</td>
<td>फाइनेंस मिनिस्टर (संभावित)</td>
<td>चार्टर्ड अकाउंटेंट होने के नाते इकॉनमी की गहरी समझ.</td>
</tr>
<tr>
<td>निर्मला सीतारमण</td>
<td>एजुकेशन मिनिस्टर (संभावित)</td>
<td>एजुकेशन सेक्टर में बड़े बदलाव और रिफॉर्म्स लागू करना.</td>
</tr>
<tr>
<td>अनुराग ठाकुर</td>
<td>कैबिनेट में शानदार वापसी</td>
<td>यूथ कनेक्शन और बड़े पोर्टफोलियो के साथ मजबूत दावेदारी.</td>
</tr>
<tr>
<td>शक्तिकांत दास</td>
<td>कैबिनेट में नई एंट्री</td>
<td>इकॉनमी को रफ्तार देने के लिए टेक्नोक्रेट चेहरे पर दांव.</td>
</tr>
<tr>
<td>राघव चड्ढा</td>
<td>कैबिनेट मंत्री (पंजाब कोटा)</td>
<td>पंजाब में बीजेपी का ग्राफ बढ़ाना और पार्टी को मजबूती देना.</td>
</tr>
<tr>
<td>विनोद तावड़े</td>
<td>संसदीय बोर्ड में शामिल होने की अटकलें</td>
<td>ऑर्गेनाइजेशनल स्किल और महाराष्ट्र-केंद्र के बीच ब्रिज.</td>
</tr>
<tr>
<td>सुनील बंसल</td>
<td>संसदीय बोर्ड में प्रमोशन की चर्चा</td>
<td>नेशनल इलेक्शन प्लानिंग का जिम्मा और नई रणनीति बनाना.</td>
</tr>
<tr>
<td>शिवराज सिंह चौहान</td>
<td>संसदीय बोर्ड में संभावित एंट्री</td>
<td>हिंदी पट्टी के राज्यों में फैसले लेने की बड़ी कमान.</td>
</tr>
<tr>
<td>राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी</td>
<td>उत्तर-पश्चिम भारत के रीजनल इंचार्ज</td>
<td>आरएसएस की तर्ज पर बड़े क्षेत्रों की सीधी निगरानी.</td>
</tr>
<tr>
<td>सर्बानंद सोनोवाल</td>
<td>नॉर्थईस्ट के रीजनल इंचार्ज</td>
<td>पूर्वोत्तर और आदिवासी बेल्ट में पार्टी को संस्थागत मजबूती देना.</td>
</tr>
<tr>
<td>के लक्ष्मण</td>
<td>दक्षिण भारत के रीजनल इंचार्ज</td>
<td>आगामी चुनावों से पहले दक्षिण के जातीय समीकरण साधना.</td>
</tr>
<tr>
<td>नीरज सिंह और पूजा पाल</td>
<td>यूपी बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष</td>
<td>यूपी चुनाव 2027 के लिए जमीनी स्तर पर सोशल आउटरीच बढ़ाना.</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><strong>यूपी चुनाव 2027 के लिए बीजेपी ने तैयार किया है कौन सा नया मास्टरप्लान?</strong></p>
<p>कैबिनेट रिशफल और संगठन में बदलाव का सीधा असर विधानसभा चुनावों पर पड़ेगा. यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए पार्टी ने अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दी है. यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में संगठन में बड़ा फेरबदल हुआ है. पार्टी ने अपने छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदल दिया है. 64 सदस्यों की एक नई एग्जीक्यूटिव बॉडी भी बनाई गई है. कोर वोट बैंक को मजबूत करने के लिए गैर-यादव ओबीसी समाज के 25 नेताओं को पदाधिकारी बनाया गया है। </p>
<p><strong>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह और पूजा पाल को भी बड़ा पद मिला है। </strong></p>
<p>बीजेपी का पूरा फोकस अब सोशल और रीजनल इंजीनियरिंग पर है. 2029 के लोकसभा चुनाव और आगामी राज्य चुनावों के लिए इसे एक कोर वॉर रूम की तरह तैयार किया जा रहा है. संसदीय बोर्ड में ओबीसी और महिला चेहरे के तौर पर सुधा यादव अपनी जगह बरकरार रख सकती हैं. अल्पसंख्यक कोटे से इकबाल सिंह लालपुरा और अनुसूचित जाति कोटे से सत्यनारायण जटिया भी अपनी सीट बचा सकते हैं. मोदी सरकार का नया मंत्रिमंडल एक मजबूत इलेक्शन मशीनरी की तरह काम करेगा. पार्टी उन राज्यों पर ज्यादा ताकत लगा रही है जहां उसे अपना पुराना रुतबा वापस पाना है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दिल्ली कोर्ट से शरजील इमाम और उमर खालिद को बड़ा झटका, जमानत याचिका फिर खारिज</title>
<link>https://atworldnews.in/8967</link>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम और उमर खालिद को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की एक अदालत ने उनकी जमानत याचका खारिज कर दी हैष शनिवार को दोनों ओर से दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। शाम को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी की … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 11:03:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली, कोर्ट, से, शरजील, इमाम, और, उमर, खालिद, को, बड़ा, झटका, जमानत, याचिका, फिर, खारिज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम और उमर खालिद को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की एक अदालत ने उनकी जमानत याचका खारिज कर दी हैष शनिवार को दोनों ओर से दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। शाम को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी की अदालत ने दोनों आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट में उमर की ओर से अधिवक्ता त्रिदीप पेस और शरजील की ओर से अधिवक्ता मुस्तफा ने दलीलें पेश की थीं।</p>
<p><strong>जमानत के लिए क्या दी गई दलील?</strong><br>
उमर खालिद और शरजील इमाम ने जमानत याचिकाओं में दलील दी कि मुकदमे की सुनवाई शुरू हुए बिना उन्हें लगातार हिरासत में रखना स्वतंत्रता के उनके मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। उनकी याचिका में इस बात पर जोर दिया गया कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से फैसले के 6 महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद, मुकदमे की कार्यवाही में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है और आरोपों पर बहस अभी भी अधूरी है। उन्होंने दलील दी कि वे इस मामले में लगभग 6 साल से जेल में हैं।</p>
<p><strong>खालिद की याचिका में यह भी कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने भले ही उनकी पिछली जमानत याचिका खारिज कर दी थी लेकिन उसके बाद हुए न्यायिक घटनाक्रम से परिस्थितियों में बदलाव आया है।</strong></p>
<p><strong>सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नई याचिका की थी दायर</strong><br>
उन्होंने मई में एक अन्य मामले में अदालत की उस टिप्पणी का जिक्र किया, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया था कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत भी जमानत नियम है। सुप्रीम कोर्ट ने पांच जनवरी को यूएपीए मामले में दोनों को जमानत देने से इनकार कर दिया था जिसके बाद ये नई याचिकाएं दायर की गई थीं।</p>
<p>उमर खालिद, शरजील इमाम और कई अन्य लोगों पर फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के पीछे कथित व्यापक साजिश का हिस्सा होने के आरोप में आतंकवाद-रोधी कानून यूएपीए और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बिहान योजना से मिली नई पहचान: पशु सखी बन आत्मनिर्भर हुईं तैलासो राजवाड़े, हर माह 10 से 15 हजार रुपये की आय</title>
<link>https://atworldnews.in/8966</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ से जुड़कर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। इसी का प्रेरक उदाहरण सरगुजा जिले के विकासखंड अंबिकापुर की तैलासो राजवाड़े हैं, जो महादेव स्वयं सहायता समूह, रोशनी ग्राम संगठन (वीओ) एवं समृद्ध सरगुजा संकुल से जुड़ी हुई हैं। वे पिछले दो वर्षों से पशु सखी … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 11:01:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>बिहान, योजना, से, मिली, नई, पहचान:, पशु, सखी, बन, आत्मनिर्भर, हुईं, तैलासो, राजवाड़े, हर, माह, से, हजार, रुपये, की, आय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ से जुड़कर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। इसी का प्रेरक उदाहरण सरगुजा जिले के विकासखंड अंबिकापुर की तैलासो राजवाड़े हैं, जो महादेव स्वयं सहायता समूह, रोशनी ग्राम संगठन (वीओ) एवं समृद्ध सरगुजा संकुल से जुड़ी हुई हैं। वे पिछले दो वर्षों से पशु सखी के रूप में कार्य करते हुए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं।</p>
<p>तैलासो राजवाड़े बताती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें आजीविका का सशक्त माध्यम मिला। वर्तमान में वे पशुपालकों को बकरियों की देखभाल, टीकाकरण के प्रति जागरूकता, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक दवाइयों की जानकारी उपलब्ध कराती हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 से 15 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण एवं बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल रही है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें बड़ा बेटा कक्षा 12वीं, दूसरा कक्षा 10वीं तथा सबसे छोटा कक्षा 8वीं में अध्ययनरत है। पहले आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज स्वयं की आय से वे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर पा रही हैं।</p>
<p>तैलासो ने बताया कि उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जहां पशुपालन एवं बकरियों के स्वास्थ्य प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। उन्होंने कहा कि यदि पशु सखियों को नियमित रूप से उन्नत प्रशिक्षण एवं टीकाकरण संबंधी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को और बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकेंगी।</p>
<p>उन्होंने यह भी बताया कि बिहान योजना के माध्यम से उन्हें आजीविका संवर्धन के लिए विभिन्न अवसर प्राप्त हुए हैं। योजना से मिली सहायता के आधार पर उन्होंने अपने खेत में बोर खुदवाया है तथा धान की खेती शुरू की है। भविष्य में वे सब्जी उत्पादन कर अपनी आय में और वृद्धि करने की योजना बना रही हैं।</p>
<p>तैलासो राजवाड़े ने कहा कि बिहान योजना से जुड़कर उन्हें आत्मविश्वास, सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन मिला है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही है और इससे अनेक महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से रोशन हुआ कामती साहू का घर</title>
<link>https://atworldnews.in/8965</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के वनांचल ग्राम मोरकुटूम्ब की रहने वाली मितानीन प्रशिक्षक  कामती बाई साहू के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आर्थिक राहत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया माध्यम बन गई है। योजना के तहत उनके घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट लगाया गया है। अब … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 11:01:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>प्रधानमंत्री, सूर्यघर, मुफ्त, बिजली, योजना, से, रोशन, हुआ, कामती, साहू, का, घर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के वनांचल ग्राम मोरकुटूम्ब की रहने वाली मितानीन प्रशिक्षक  कामती बाई साहू के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आर्थिक राहत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया माध्यम बन गई है। योजना के तहत उनके घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट लगाया गया है। अब उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है और हर माह करीब एक हजार रुपये की बचत हो रही है।<br>
योजना की जानकारी मिली तो उठाया लाभ</p>
<p>कामती साहू बताती हैं कि वे मितानीन प्रशिक्षक हैं और उनके पति किराना दुकान संचालित करते हैं। पहले हर महीने एक हजार रुपये से अधिक का बिजली बिल आता था, जिससे घरेलू खर्च बढ़ जाता था। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत आवेदन किया और अपने घर में सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कराया।</p>
<p><strong>सरकार की सब्सिडी से आसान हुआ सोलर प्लांट लगाना</strong></p>
<p>कामती साहू को सोलर प्लांट लगाने के लिए केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सहायता मिलने से बिना किसी आर्थिक परेशानी के सोलर प्लांट स्थापित करना संभव हो सका।</p>
<p><strong>अब घर की बिजली भी अपनी, अतिरिक्त बिजली से भी लाभ</strong></p>
<p>सोलर प्लांट लगने के बाद इस माह उनका बिजली बिल शून्य आया। अब उनका परिवार अपनी जरूरत की बिजली स्वयं तैयार कर रहा है। साथ ही अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर उसका भी लाभ प्राप्त कर रहा है। इससे परिवार की आय और बचत दोनों में वृद्धि हुई है।</p>
<p><strong>स्वच्छ ऊर्जा से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा</strong><br>
 <br>
कामती साहू का कहना है कि यह योजना केवल बिजली बिल कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होती है, प्रदूषण घटता है और स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है।</p>
<p><strong>अन्य परिवारों से भी योजना का लाभ लेने की अपील</strong></p>
<p>कामती साहू ने लोगों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। इससे आर्थिक बचत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण तीनों उद्देश्यों की एक साथ पूर्ति हो रही है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर में 35 किलो चांदी का गुप्तदान, गर्भगृह की बढ़ी भव्यता</title>
<link>https://atworldnews.in/8964</link>
<guid>https://atworldnews.in/8964</guid>
<description><![CDATA[ उज्जैन   धर्म नगरी उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध चिंतामण गणेश मंदिर का गर्भगृह अब चांदी की भव्य आभा से जगमगा उठा है। एक गुप्त दानदाता द्वारा करीब 35 किलो चांदी दान किए जाने के बाद गर्भगृह की दीवारों पर आकर्षक चांदी की नक्काशी और वर्क का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस भव्य बदलाव से … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 11:01:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>उज्जैन, के, चिंतामण, गणेश, मंदिर, में, किलो, चांदी, का, गुप्तदान, गर्भगृह, की, बढ़ी, भव्यता</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>उज्जैन <br>
 धर्म नगरी उज्जैन के </strong>विश्व प्रसिद्ध चिंतामण गणेश मंदिर का गर्भगृह अब चांदी की भव्य आभा से जगमगा उठा है। एक गुप्त दानदाता द्वारा करीब 35 किलो चांदी दान किए जाने के बाद गर्भगृह की दीवारों पर आकर्षक चांदी की नक्काशी और वर्क का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस भव्य बदलाव से मंदिर की धार्मिक गरिमा के साथ-साथ उसकी स्थापत्य सुंदरता भी और अधिक निखरकर सामने आई है।</p>
<p>मंदिर प्रशासन के अनुसार, उज्जैन के एक श्रद्धालु ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की इच्छा जताते हुए लगभग 85 लाख रुपये से अधिक मूल्य की चांदी दान की। इस चांदी का उपयोग गर्भगृह की दीवारों पर विशेष डिज़ाइन और कलात्मक नक्काशी तैयार करने में किया गया। मंदिर के प्रशासक अभिषेक शर्मा ने बताया कि इस पूरे कार्य को करीब 15 दिनों में पूरा किया गया। पहले चांदी की नक्काशी तैयार की गई और उसके बाद उसे गर्भगृह की दीवारों पर सावधानीपूर्वक स्थापित किया गया।</p>
<p>प्रशासन का कहना है कि इस कार्य के बाद गर्भगृह की भव्यता, आध्यात्मिक वातावरण और आकर्षण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु अब भगवान गणेश के दिव्य स्वरूपों के साथ चांदी से सुसज्जित गर्भगृह की मनमोहक छटा का भी अनुभव कर सकेंगे।</p>
<p>गौरतलब है कि महाकालेश्वर मंदिर से लगभग छह किलोमीटर दूर ग्राम जवास्या में स्थित चिंतामण गणेश मंदिर मध्य प्रदेश के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में गिना जाता है। यहां भगवान गणेश के तीन स्वयंभू स्वरूप—चिंतामण, इच्छामन और सिद्धिविनायक—विराजमान हैं। धार्मिक मान्यता है कि चिंतामण स्वरूप भक्तों की चिंताओं का निवारण करते हैं, इच्छामन सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और सिद्धिविनायक सफलता एवं सिद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।</p>
<p>देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। गर्भगृह में चांदी की नई सजावट ने मंदिर की आध्यात्मिक भव्यता में एक नया अध्याय जोड़ दिया है और श्रद्धालुओं के लिए यह आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>योगी सरकार की शानदार उपलब्धि, प्रदेश में जीएसटी संग्रह ने भरी नई उड़ान</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश लगातार आर्थिक मोर्चे पर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। जीएसटी राजस्व संग्रह में प्रदेश ने जून 2026 में 19 फीसदी की प्रभावशाली बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 9165 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ यूपी ने पंजाब, कर्नाटक, तमिलनाडु और … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 10:33:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>योगी, सरकार, की, शानदार, उपलब्धि, प्रदेश, में, जीएसटी, संग्रह, ने, भरी, नई, उड़ान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश लगातार आर्थिक मोर्चे पर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। जीएसटी राजस्व संग्रह में प्रदेश ने जून 2026 में 19 फीसदी की प्रभावशाली बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 9165 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ यूपी ने पंजाब, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। </p>
<p>आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में 14 फीसदी वृद्धि, केरल में 11 फीसदी और कर्नाटक में 10 फीसदी वृद्धि हुई। वहीं तमिलनाडु में 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इन सभी राज्यों की तुलना में उत्तर प्रदेश ने 19 फीसदी की सबसे बड़ी वृद्धि दर्ज कर अपनी मजबूत आर्थिक स्थिति का परिचय दिया है।</p>
<p><strong>मई 2026 में भी बरकरार रही शानदार बढ़त</strong></p>
<p>यूपी ने मई 2026 में भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए 8728 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व प्राप्त किया था, जो मई 2025 के 7732 करोड़ रुपये की तुलना में 13 फीसदी अधिक रहा। लगातार दो महीनों तक दोहरे अंकों में वृद्धि ने यह संकेत दिया है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था निरंतर गति पकड़ रही है। इससे पहले मई 2025 में 7732 करोड़ रुपए, जून 2025 में 7675 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व प्राप्त हुआ था, जबकि जून 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 9165 करोड़ रुपये पहुंच गया।</p>]]> </content:encoded>
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<title>EPFO Big News: 31 लाख PF खातों में लावारिस पड़े ₹9,000 करोड़, जानें आपका पैसा तो नहीं फंसा?</title>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 (EPF Scheme 2026) की अधिसूचना जारी कर दी है और इसके साथ ही ईपीएफओ सदस्यों (EOFO Menbers) के लिए एक नए युग की शुरुआत की है. इस बीच इंडिया टुडे को मिली एक सूचना के अधिकार (RTI) से बपड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल, इससे पता … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 10:32:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>EPFO, Big, News:, लाख, खातों, में, लावारिस, पड़े, ₹9, 000, करोड़, जानें, आपका, पैसा, तो, नहीं, फंसा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 (EPF Scheme 2026) की अधिसूचना जारी कर दी है और इसके साथ ही ईपीएफओ सदस्यों (EOFO Menbers) के लिए एक नए युग की शुरुआत की है. इस बीच इंडिया टुडे को मिली एक सूचना के अधिकार (RTI) से बपड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल, इससे पता चला है कि देश में ईपीएफओ के तहत 30.91 लाख निष्क्रिय खाते हैं और इनमें 9,330 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम लावारिस पड़ी है. ये इतनी बड़ी रकम है कि इससे तीन IIT बन जाएंगे। </p>
<p>इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ईपीएफ के निष्क्रिय खातों में जमा बिना दावे वाली जमा रकम को लेकर यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब नई ईपीएफ योजना, 2026 लागू हो रही है, जबकि आधार से जुड़े और हाई वैल्यू वाले अकाउंट्स के बारे में अभी तक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। </p>
<p><strong>29 जून से प्रभावी नई EPF स्कीम</strong><br>
गौरतलब है कि नोटिफाई किए जाने के बाद नई EPF Scheme 2026 बीते 29 जून से प्रभावी है, जिसने ईपीएफ योजना, 1952 का स्थान लिया है. नई योजना का उद्देश्य भविष्य निधि नियमों (EPF Rules) को सरल बनाना और संगठन से जड़ी करीब 8 करोड़ सक्रिय ईपीएफओ सदस्यों के लिए सिस्टम को अधिक डिजिटल बनाना है। </p>
<p><strong>RTI में क्या खुलासा हुआ? </strong><br>
आरटीआई में बताए गए आंकड़ों पर नजर डालें, तो इसमें ईपीएफओ ने बताया है कि बीते 31 मार्च 2026 तक 30,91,862 निष्क्रिय ईपीएफ खाते थे, जिनमें लगभग 9,330 करोड़ रुपये की लावारिस राशि जमा थी. बीते फाइनेंशियल ईयर की तुलना में इस आंकड़े में मामूली सुधार ही देखने को मिला है। </p>
<p>इससे पहले 31 मार्च 2025 को निष्क्रिय पीएफ खातों की संख्या 31.83 लाख थी और ये संख्या 31 मार्च 2026 तक लगभग 92,000 की कमी के साथ घटकर एक साल में 30.91 लाख हो गई है. इसके अलावा इन खातों में जमा बिना दावे वाली लावारिस रकम में 851 करोड़ रुपये की कमी आई है, जो 10,181 करोड़ रुपये से कम होकर 9,330 करोड़ रुपये रह गई। </p>
<p>EPF निष्क्रिय खातों में पड़े 9,330 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा 2016 में शुरू की गई उड़ान क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना पर हुए खर्च करीब 10,169 करोड़ रुपये के बराबर हैं. इसके अलावा बिना दावे वाला ये पैसा केंद्र सरकार द्वारा आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के लिए 2026-27 में आवंटित राशि के भी लगभग बराबर है। </p>
<p><strong>तीन IIT खड़े हो जाएंगे इतनी रकम में </strong><br>
रिपोर्ट में साल 2014 के सरकारी अनुमानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि उस समय देश में एक आईआईटी की स्थापना की लागत करीब 1,750 करोड़ रुपये थी. वहीं महंगाई को ध्यान में रखकर देखें, तो साल 2026 में ये लागत करीब 2,934 करोड़ रुपये हो जाती है. इस हिसाब से देखें, तो निष्क्रिय पीएफ खातों में जमा बिना दावे वाली रकम में भारत में 3 आईआईटी खड़े हो सकते हैं. इसके बाद भी करीब 500 करोड़ रुपये से ज्यादा बच जाएंगे। </p>
<p><strong>RTI में मांगी गई थी ये डिटेल </strong><br>
EPFO के तहत निष्क्रिय खातों की बढ़ती संख्या को लेकर इंडिया टुडे ने पिछले पांच वित्तीय वर्षों के लिए ऐसे खातों और इनमें जमा रकम की सालाना डिटेल मांगी थी. ईपीएफओ की ओर से कहा गया कि वह सिर्फ 2025-2026 की जानकारी ही शेयर कर सकता है. इसके पीछे का कारण बताते हुए संगठन ने कहा कि निष्क्रिय लेखा प्रकोष्ठ (IAC) की स्थापना 2025-26 के दौरान की गई थी और इसके द्वारा पिछले वर्षों की जानकारी नहीं रखी जाती है। </p>
<p>RTI आवेदन में आधार से जुड़े निष्क्रिय खातों का विवरण और इनमें जमा राशि के अलावा ऑटो-सेटलमेंट की जानकारी भी मांगी गई थी. लेकिन ईपीएफओ ने आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(ई) का हवाला देते हुए इससे इनकार कर दिया है. वहीं हाई वैल्यू (5 लाख रुपये से अधिक राशि) वाले निष्क्रिय खातों का भी कोई डेटा मुहैया नहीं कराया गया है। </p>]]> </content:encoded>
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<title>प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की पहल ला रही बदलाव, हरी खाद अपनाकर आत्मनिर्भर खेती की राह पर बढ़ रहे किसान</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्राकृतिक, जैविक और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों और कृषि विभाग के मार्गदर्शन का सकारात्मक प्रभाव अब गांवों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। किसान आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ पारंपरिक … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 10:31:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>प्राकृतिक, खेती, को, बढ़ावा, देने, की, पहल, ला, रही, बदलाव, हरी, खाद, अपनाकर, आत्मनिर्भर, खेती, की, राह, पर, बढ़, रहे, किसान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्राकृतिक, जैविक और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों और कृषि विभाग के मार्गदर्शन का सकारात्मक प्रभाव अब गांवों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। किसान आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ पारंपरिक एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना रहे हैं।</p>
<p>इसी कड़ी में महासमुंद जिले के विकासखंड बसना अंतर्गत ग्राम बड़ेसाजापाली के प्रगतिशील किसान हिमांशु बंजारे ने जैविक खेती की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपने 0.80 हेक्टेयर कृषि रकबे में ढैंचा की हरी खाद की फसल लगाई है। लगभग 30 दिन की हो चुकी इस फसल को निर्धारित समय पर खेत में पलटकर हरी खाद के रूप में उपयोग किया जाएगा, जिससे भूमि की उर्वराशक्ति बढ़ेगी, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी तथा आगामी फसलों की उत्पादकता में सुधार होने की संभावना है।</p>
<p> हिमांशु बंजारे का कहना है कि जैविक एवं प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत को कम करती है, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता को भी लंबे समय तक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि ढैंचा जैसी हरी खाद वाली फसलों के उपयोग से खेतों में प्राकृतिक रूप से पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है और उत्पादन अधिक टिकाऊ बनता है। उन्होंने अन्य किसानों से भी इस पद्धति को अपनाकर पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देने की अपील की।</p>
<p>उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने बताया कि हरी खाद मिट्टी की उर्वरता और संरचना सुधारने का अत्यंत प्रभावी माध्यम है। ढैंचा, सन, लोबिया, उड़द, मूंग और ग्वार जैसी दलहनी फसलें कम समय में तैयार हो जाती हैं तथा कम लागत में अधिक मात्रा में जैविक पदार्थ उपलब्ध कराती हैं। इन फसलों को फूल आने से पहले खेत में पलटने पर लगभग 50 से 60 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक नाइट्रोजन की आपूर्ति होती है, जिससे रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम हो जाती है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि हरी खाद के नियमित उपयोग से मिट्टी भुरभुरी बनती है, जलधारण क्षमता बढ़ती है, वायु संचार बेहतर होता है तथा अम्लीय और क्षारीय भूमि के संतुलन में भी सुधार होता है। इसके साथ ही मृदा में सूक्ष्मजीवों की संख्या और सक्रियता बढ़ती है, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति और उत्पादन क्षमता में दीर्घकालिक वृद्धि होती है। हरी खाद मृदा क्षरण को रोकने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।</p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को टिकाऊ, कम लागत और पर्यावरण-अनुकूल खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, जागरूकता और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे प्रदेश में प्राकृतिक एवं जैविक खेती का दायरा लगातार बढ़ रहा है। हिमांशु बंजारे जैसे प्रगतिशील किसानों की पहल इस बात का प्रमाण है कि सरकार की किसान-केंद्रित योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ मिट्टी और सुरक्षित कृषि व्यवस्था की दिशा में भी सार्थक परिणाम दे रही हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>​रायपुर : ​जलवायु परिवर्तन के दौर में किसानों के लिए वरदान बनेगी ग्राफ्टेड सब्जी: धमतरी में वैज्ञानिक प्रशिक्षण संपन्न</title>
<link>https://atworldnews.in/8960</link>
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<description><![CDATA[ ​रायपुर : ​जलवायु परिवर्तन के दौर में किसानों के लिए वरदान बनेगी ग्राफ्टेड सब्जी: धमतरी में वैज्ञानिक प्रशिक्षण संपन्न केरेमुड़ा में किसानों को दी गई ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की वैज्ञानिक खेती की कमान नगरी विकासखंड में बांटे गए 1 लाख से अधिक पौधे, लागत घटेगी और बढ़ेगी किसानों की आय जिला पंचायत, प्रदान (PRADAN) … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 10:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>​रायपुर, ​जलवायु, परिवर्तन, के, दौर, में, किसानों, के, लिए, वरदान, बनेगी, ग्राफ्टेड, सब्जी:, धमतरी, में, वैज्ञानिक, प्रशिक्षण, संपन्न</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>​रायपुर : ​जलवायु परिवर्तन के दौर में किसानों के लिए वरदान बनेगी ग्राफ्टेड सब्जी: धमतरी में वैज्ञानिक प्रशिक्षण संपन्न</strong></p>
<p><strong>केरेमुड़ा में किसानों को दी गई ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की वैज्ञानिक खेती की कमान</strong></p>
<p><strong>नगरी विकासखंड में बांटे गए 1 लाख से अधिक पौधे, लागत घटेगी और बढ़ेगी किसानों की आय</strong></p>
<p><strong>जिला पंचायत, प्रदान (PRADAN) संस्था और गट्टासिल्ली FPO की अनूठी साझा पहल</strong></p>
<p><strong>​रायपुर, </strong></p>
<p>खरीफ और रबी मौसम में बदलती जलवायु (Climate Change) की चुनौतियों के बीच किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें कम लागत में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन दिलाने के लिए धमतरी जिले में एक बड़ी पहल की गई है। जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम केरेमुड़ा में ग्राफ्टेड (कलमी) टमाटर और बैंगन की वैज्ञानिक खेती पर एक दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पंचायत के मार्गदर्शन में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण का संचालन प्रदान (PRADAN) संस्था द्वारा किया गया।</p>
<p>    ​इस प्रशिक्षण में नगरी और मगरलोड विकासखंड की कृषि सखियों, मास्टर ट्रेनर्स सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को ग्राफ्टेड सब्जी उत्पादन की आधुनिक व वैज्ञानिक तकनीकों से रूबरू कराकर उन्हें जलवायु-अनुकूल, टिकाऊ और अधिक मुनाफे वाली खेती के लिए प्रेरित करना था।</p>
<p><strong>​बांटे गए 1 लाख से अधिक ग्राफ्टेड पौधे</strong></p>
<p>     ​अधिकारियों ने बताया कि इस आजीविका मिशन के तहत नगरी विकासखंड में किसानों को कुल 1 लाख 1 हजार 800 ग्राफ्टेड पौधों का वितरण किया गया है। इसमें 51 हजार 800 ग्राफ्टेड टमाटर और 50 हजार ग्राफ्टेड बैंगन के पौधे शामिल हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्राफ्टेड पौधे सामान्य पौधों की तुलना में बेहद मजबूत होते हैं। इनकी जड़ प्रणाली (Root System) सशक्त होती है, जिससे इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। ये पौधे विपरीत मौसम में भी तेजी से बढ़ते हैं और बंपर पैदावार देते हैं, जिससे किसानों को बाजार में अपनी फसल की बेहतर कीमत मिलती है।</p>
<p><strong>ग्राफ्टेड पौधा में बीमारियां कम और पैदावार दोगुनी होती है</strong></p>
<p>​      ग्राफ्टिंग एक ऐसी वैज्ञानिक तकनीक है जिसमें एक पौधे के मजबूत जड़ वाले हिस्से (रूटस्टॉक) पर दूसरे अधिक उत्पादन देने वाले पौधे के ऊपरी हिस्से (सायन) को जोड़कर एक नया 'सुपर प्लांट' तैयार किया जाता है। इससे बीमारियां कम लगती हैं और पैदावार दोगुनी तक हो जाती है।</p>
<p><strong>​खेत पर ही दिया गया लाइव डिमांस्ट्रेशन</strong></p>
<p>      ​प्रशिक्षण की सबसे खास बात रहा खेत पर आयोजित 'लाइव फील्ड डेमोंस्ट्रेशन' (व्यावहारिक प्रदर्शन)। इसमें किसानों को सिर्फ किताबी ज्ञान न देकर सीधे खेत में ले जाकर भूमि की तैयारी, पौधों का उपचार, वैज्ञानिक तरीके से रोपण (Plantation), मल्चिंग, नमी संरक्षण और जैविक कृषि तकनीकों का लाइव प्रदर्शन करके दिखाया गया।</p>
<p>    ​इसके साथ ही कृषि विशेषज्ञों ने समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन (IPM), मृदा स्वास्थ्य (Soil Health), जैव उर्वरकों का सही उपयोग और फसल कटाई के बाद के प्रबंधन की बारीकियां सिखाईं। संवाद सत्र में किसानों ने खेती के दौरान होने वाली अपनी रोजमर्रा की समस्याओं को रखा, जिसका विशेषज्ञों ने मौके पर ही वैज्ञानिक समाधान बताया।</p>
<p><strong>​FPO और प्रदान (PRADAN) का मिला मजबूत साथ</strong></p>
<p>    ​इस पूरी मुहिम को धरातल पर उतारने में 'गट्टासिल्ली फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी' (FPO) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके माध्यम से किसानों को उन्नत ग्राफ्टेड पौधे और जरूरी जैविक खाद-सामग्री उपलब्ध कराई गई। वहीं प्रदान संस्था द्वारा कृषि सखियों और किसानों को पूरे फसल चक्र (Crop Cycle) के दौरान लगातार तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उनका कौशल विकास किया जा रहा है।</p>
<p>    ​जिला पंचायत धमतरी के मार्गदर्शन में चल रही यह त्रिकोणीय पहल (प्रशासन, FPO और प्रदान संस्था) नगरी और मगरलोड विकासखंड में आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ खेती का एक नया मॉडल पेश कर रही है। इससे न केवल ग्रामीण आजीविका मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर पोषण सुरक्षा को भी एक नया आयाम मिलेगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>WhatsApp यूज़र्स का इंतज़ार खत्म हो गया है; टैबलेट्स के लिए एक नया स्पेशल मोड आ रहा है जो चैटिंग के अनुभव को बदल देगा।</title>
<link>https://atworldnews.in/8959</link>
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<description><![CDATA[  नई दिल्ली  WhatsApp आखिरकार टैबलेट के लिए भी अलग से एक खास मोड लेकर आ रहा है, जिसकी टेस्टिंग शुरू हो चुकी है. यह अलग स्टैंडएलोन ऐप एंड्रॉयड टैबलेट पर काम करेगा. अभी तक एंड्रॉयड टैबलेट में वॉट्सऐप चलाने के लिए प्राइमरी स्मार्टफोन साथ रखना होता था। वॉट्सऐप के स्टैंडएलोन मोड की मदद से टैबलेट को … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 10:30:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>WhatsApp, यूज़र्स, का, इंतज़ार, खत्म, हो, गया, है, टैबलेट्स, के, लिए, एक, नया, स्पेशल, मोड, आ, रहा, है, जो, चैटिंग, के, अनुभव, को, बदल, देगा।</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली </strong></p>
<p>WhatsApp आखिरकार टैबलेट के लिए भी अलग से एक खास मोड लेकर आ रहा है, जिसकी टेस्टिंग शुरू हो चुकी है. यह अलग स्टैंडएलोन ऐप एंड्रॉयड टैबलेट पर काम करेगा. अभी तक एंड्रॉयड टैबलेट में वॉट्सऐप चलाने के लिए प्राइमरी स्मार्टफोन साथ रखना होता था। वॉट्सऐप के स्टैंडएलोन मोड की मदद से टैबलेट को बतौर प्राइमरी डिवाइस भी इस्तेमाल किया जा सकेगा. इसकी जानकारी वॉट्सऐप के अपकमिंग फीचर और अपडेट को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Wabetainfo ने शेयर की है। <br>
 <br>
चुनिंदा यूजर्स के पास न्यू बीटा वर्जन का एक्सेस दिया है. Wabetainfo ने बताया है कि की यूजर्स ने बताया है कि टैबलेट पर न्यू स्क्रीन दिखाई देगा, जहां सबसे ऊपर Choose An Option दिखाई देगा, उसके नीचे दो ऑप्शन मिलेंगे. इसमें एक लॉगइन इनटू वॉट्सऐप और दूसरा ऑप्शन ट्रांसफर योर अकाउंट का ऑप्शन है। </p>
<p><strong>दोनों ऑप्शन के अलग-अलग काम </strong><br>
पहले ऑप्शन की मदद से यूजर्स अपने प्राइमरी डिवाइस को कनेक्ट कर सकेंगे, उसके लिए क्विक रिस्पोंस कोड (QR Code) को प्राइम वॉट्सऐप अकाउंट से लिंक करना होगा। </p>
<p><strong>Wabetainfo ने किया पोस्ट </strong><br>
सेकेंड ऑप्शन की मदद से यूजर्स टैबलेट को अपना प्राइमरी डिवाइस बना सकते हैं. इसके लिए मोबाइल नंबर एंटर करना होगा और नंबर को ऑथेंटिकेट करना होगा। </p>
<p><strong>प्राइमरी डिवाइस बनाने का क्या है मतलब </strong><br>
टैबलेट या स्मार्टफोन में  वॉट्सऐप को प्राइमरी अकाउंट के रूप में इस्तेमाल करने का मतलब है कि वह बाकी सभी पुराने डिवाइस से ऑटोमैटिक लॉगआउट हो जाएगा. साथ ही अगर चैट बैकअप सिंक नहीं हुआ होगा तो वह रिकवर भी नहीं होगी। </p>
<p>टैबलेट पर अगर प्राइमरी वॉट्सऐप अकाउंट यूज करते हैं, तो 14 दिन के बाद वह ऑटोमेटिक लॉगआउट नहीं होगा. इससे यूजर्स एक्सपीरिंयस बेहतर होगा और हमेशा एक साथ दो डिवाइस लेकर घूमने की जरूरत नहीं होगी। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>यूपीटीईटी&#45;2026 शांतिपूर्वक संपन्न,  88.77% अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा</title>
<link>https://atworldnews.in/8958</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ योगी सरकार की नकलविहीन एवं पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के तहत 2026 शिक्षक पात्रता परीक्षा प्राइमरी स्तर (कक्षा 1 से 5) एवं उच्च प्राइमरी स्तर (कक्षा 6 से 8) की लिखित परीक्षा 02, 03 एवं 04 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी 60 जनपदों में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।  उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 10:30:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>यूपीटीईटी-2026, शांतिपूर्वक, संपन्न, 88.77, अभ्यर्थियों, ने, दी, परीक्षा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p>योगी सरकार की नकलविहीन एवं पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के तहत 2026 शिक्षक पात्रता परीक्षा प्राइमरी स्तर (कक्षा 1 से 5) एवं उच्च प्राइमरी स्तर (कक्षा 6 से 8) की लिखित परीक्षा 02, 03 एवं 04 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी 60 जनपदों में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। </p>
<p>उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि  02 जुलाई 2026 की दो पालियों एवं 03 जुलाई 2026 की प्रथम पाली में उच्च प्राइमरी स्तर की परीक्षा आयोजित की गयी, जिसमें कुल पंजीकृत 12,11,459 परीक्षार्थियों के सापेक्ष 10,57,055 अभ्यर्थियों अर्थात 87.25% ने प्रतिभाग किया।  03 जुलाई 2026 की द्वितीय पाली एवं 04 जुलाई 2026 की प्रथम पाली में प्राइमरी स्तर की परीक्षा हुई, जिसमें पंजीकृत 7,83,202 परीक्षार्थियों में से 7,13,659 अभ्यर्थियों अर्थात 91.12% ने परीक्षा दी। उच्च प्राइमरी स्तर की परीक्षा में महिला अभ्यर्थियों की प्रतिभागिता 87.00% एवं प्राइमरी स्तर की परीक्षा में 90.85% रही। </p>
<p>शनिवार 04 जुलाई को प्रथम पाली में प्रदेश के 955 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित परीक्षा में 3,79,316 पंजीकृत अभ्यर्थियों के सापेक्ष 3,34,775 अर्थात 88.00% अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया। इस प्रकार कुल पंजीकृत 19,94,661 परीक्षार्थियों में से 17,70,714 कुल 88.77% परीक्षार्थियों ने परीक्षा में प्रतिभाग किया।</p>
<p>सभी 60 जनपदों में सदस्यगण व सेवानिवृत्त आईएएस व आईपीएस को प्रेक्षक के रूप में नामित किया गया था। सभी प्रेक्षकों ने परीक्षा के दौरान परीक्षा केन्द्रों का अनवरत भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। परीक्षा के दौरान आयोग में स्थापित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंट्रोल कमांड रूम से अध्यक्ष, सदस्यगण, सचिव, परीक्षा नियंत्रक एवं उपसचिव की उपस्थिति में सभी परीक्षा केन्द्रों की सघन निगरानी की गयी तथा परीक्षा केन्द्रों पर लगे A.I. कैमरों के माध्यम से परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर सतत् दृष्टि रखी गयी।</p>
<p>A.I. आधारित सॉफ्टवेयर की मदद से परीक्षा के दौरान संदिग्धों की जाँच के पश्चात् प्रदेश के विभिन्न जनपदों में  02 जुलाई 2026 को 14,  03 जुलाई 2026 को 11 एवं दिनांक 04 जुलाई 2026 को 19 कुल 44 फर्जी परीक्षार्थी जो दूसरे परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़े गये एवं  03 जुलाई 2026 को एक अभ्यर्थी को परीक्षा कक्ष में मोबाइल से नकल के प्रयास में पकड़ा गया। उक्त सभी के विरुद्ध अग्रेतर विधिक कार्रवाई हेतु स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के सभी निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा सुचारु रूप से पारदर्शी, नकल विहीन, शुचितापूर्ण, निर्विघ्न एवं सुव्यवस्थित वातावरण में सम्पन्न हुई।</p>
<p>अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा के सफल संचालन में सम्बन्धित जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन, सतर्कता विभाग एवं एसटीएफ के सक्रिय सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही सभी परीक्षार्थियों, केन्द्र व्यवस्थापकों, प्रेक्षकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों/सहयोगियों के प्रति आयोग की ओर से आभार प्रकट किया।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगा सामाजिक&#45;आर्थिक सुरक्षा का मजबूत कवच, बेसिक शिक्षा विभाग और एसबीआई के बीच होगा ऐतिहासिक एमओयू</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। 8 जुलाई को वाराणसी में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ के अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 10:03:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>शिक्षकों, और, कर्मचारियों, को, मिलेगा, सामाजिक-आर्थिक, सुरक्षा, का, मजबूत, कवच, बेसिक, शिक्षा, विभाग, और, एसबीआई, के, बीच, होगा, ऐतिहासिक, एमओयू</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। 8 जुलाई को वाराणसी में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ के अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते का उद्देश्य विभाग के स्थायी एवं संविदा कार्मिकों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा को और मजबूत करना है।</p>
<p>महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में वाराणसी के हस्तकला संकुल (ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ भी होगा।</p>
<p><strong>जिलों में भी होगा व्यापक प्रचार-प्रसार</strong></p>
<p>निर्देशों में कहा गया है कि राज्य स्तरीय कार्यक्रम के समानांतर सभी जनपदों में जिलाधिकारी तथा तहसील मुख्यालयों पर उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भारतीय स्टेट बैंक और बेसिक शिक्षा विभाग के बीच होने वाले एमओयू का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक शिक्षक और कर्मचारी इस पहल से अवगत हो सकें।</p>
<p><strong>बैंक अधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश</strong></p>
<p>महानिदेशक ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे भारतीय स्टेट बैंक के स्थानीय अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उनकी जनपद स्तरीय कार्यक्रमों में सहभागिता सुनिश्चित करें। साथ ही एमओयू के उद्देश्यों और उससे मिलने वाले लाभों का प्रभावी प्रचार-प्रसार भी कराया जाए। यह पहल शिक्षकों और विभागीय कार्मिकों के कल्याण को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के साथ बैंकिंग क्षेत्र के सहयोग को जोड़ते हुए प्रदेश सरकार शिक्षक हितों को और अधिक मजबूत तथा संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>चोरल के जंगल में हरियाली की नई पहल: अंजन, कल्लू और बीजा जैसी विलुप्तप्राय प्रजातियों का हो रहा पौधारोपण</title>
<link>https://atworldnews.in/8956</link>
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<description><![CDATA[  इंदौर  मानसून सक्रिय होते ही जंगलों को हरा-भरा बनाने करने की कवायद तेज हो गई है। इंदौर वनमंडल के जंगलों में पौधे रोपे जा रहे है। सामान्य पौधों के साथ उन दुर्लभ और विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी प्रजातियों को भी प्राथमिकता दी जा रही है, जिनकी संख्या लगातार कम होती जा रही … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 10:01:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>चोरल, के, जंगल, में, हरियाली, की, नई, पहल:, अंजन, कल्लू, और, बीजा, जैसी, विलुप्तप्राय, प्रजातियों, का, हो, रहा, पौधारोपण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> इंदौर</strong><br>
 मानसून सक्रिय होते ही जंगलों को हरा-भरा बनाने करने की कवायद तेज हो गई है। इंदौर वनमंडल के जंगलों में पौधे रोपे जा रहे है। सामान्य पौधों के साथ उन दुर्लभ और विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी प्रजातियों को भी प्राथमिकता दी जा रही है, जिनकी संख्या लगातार कम होती जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक इन पौधों के संरक्षण से जंगलों की जैव विविधता मजबूत होगी और प्राकृतिक संतुलन भी बेहतर रहेगा।</p>
<p>जून अंतिम सप्ताह से जंगलों में सागौन, नीम, आवला सहित अंजन, कल्लू, बीजा, दहीमन, तिनसा और बेहड़ा जैसी दुर्लभ प्रजातियों के पौधे रोपे जा रहे है। इंदौर वनमंडल की चारों रेंज में करीब 10 से 15 हजार सलाई की कलमें भी रोप रहे है। प्रत्येक रेंज में तीन से चार हजार कलमें लगाई जा रही है।</p>
<p>चोरल क्षेत्र में एक बार फिर सागौन के पौधों रोपने पर जोर दिया जा रहा है। लगभग 30 से 35 प्रतिशत हिस्सा सागौन का होगा। वनमंडलाधिकारी लाल सुधाकर सिंह का कहना है कि जिन विलुप्त प्रजातियों के पौधे नर्सरियों में तैयार हुए है। उन्हें जंगलों में विशेष तौर पर लगाया जा रहा है। इसके अलावा सलाई गोंद को बढ़ावा देने के लिए कलमें लगा रहे है।</p>
<p><strong>करीब तीन लाख लगाएंगे पौधे</strong><br>
इंदौर वनमंडल में इस वर्ष इंदौर, चोरल, महू और मानपुर क्षेत्र के जंगलों में लगभग 2 लाख 81 हजार पौधे लगाने का टारगेट रखा है। जुलाई और अगस्त के बीच बीस पौधारोपण स्थल चुने गए है। यहां सिर्फ पौधे लगाने पर ही नहीं। बल्कि उनकी सुरक्षा और बेहतर विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।</p>
<p><strong>पानी रोकने के लिए बनाए चेकडैम</strong><br>
पौधों को पर्याप्त पानी मिल सके, इसके लिए जंगलों में छोटे-छोटे तालाब, चेकडैम, कंटूर ट्रेंच और अन्य जल संरचनाएं तैयार की गई हैं। पहले से बने तालाबों का गहरीकरण भी कराया गया है। ताकि अधिक से अधिक वर्षा जल संग्रहित हो सके। इससे गर्मियों में वन्य जीवों और पौधों के लिए पानी की उपलब्धता बनी रहेगी।</p>
<p>वन विभाग पिछले वर्ष लगाए गए पौधों की भी लगातार निगरानी कर रहा है। समीक्षा में सामने आया कि करीब 20 से 22 प्रतिशत पौधे विभिन्न कारणों से सूख गए हैं। ऐसे लगभग 84 हजार पौधों की पहचान कर ली गई है। अब उनकी जगह नए पौधे लगाने का काम चल रहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>रातापानी बफर जोन में बड़ा वन घोटाला? 680 पेड़ों की अनुमति, कट गए हजारों; मानसून सत्र में गूंजेगा मामला</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  रायसेन जिले की ग्राम पंचायत समनापुर कला में कथित रूप से हजारों हरे-भरे पेड़ों की कटाई का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद का विषय बन गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मामले का संज्ञान लिया है और कहा है कि इसे आगामी विधानसभा के मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा। … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 10:01:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>रातापानी, बफर, जोन, में, बड़ा, वन, घोटाला, 680, पेड़ों, की, अनुमति, कट, गए, हजारों, मानसून, सत्र, में, गूंजेगा, मामला</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong><br>
रायसेन जिले की ग्राम पंचायत समनापुर कला में कथित रूप से हजारों हरे-भरे पेड़ों की कटाई का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद का विषय बन गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मामले का संज्ञान लिया है और कहा है कि इसे आगामी विधानसभा के मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा।<br>
<strong>680 पेड़ों की अनुमति, हजारों की कटाई का आरोप</strong></p>
<p>ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों के अनुसार पंचायत ने सुनील मालवीय को 680 पेड़ काटने की अनुमति दी थी। वहीं, समीप स्थित भूमि स्वामी अशोक वासवानी को पंचायत द्वारा कोई अनुमति जारी नहीं की गई। इसके बावजूद दोनों क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई होने के आरोप लगे हैं।</p>
<p><strong>अधिकारियों पर भी उठे सवाल</strong><br>
पंचायत सचिव का कहना है कि अनुमति संबंधित अधिकारियों के निर्देश पर दी गई थी। वहीं, राजस्व विभाग इस पूरे मामले की जिम्मेदारी पंचायत पर डाल रहा है। आरोप है कि कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और वन विभाग को जानकारी होने के बावजूद बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई होती रही।</p>
<p><strong>5 हजार से अधिक सागौन के पेड़ काटने का दावा</strong><br>
स्थानीय ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए पुराने फोटो बताते हैं कि क्षेत्र पहले घने जंगल से आच्छादित था। सूत्रों का दावा है कि रातापानी टाइगर रिजर्व के बफर जोन में 5 हजार से अधिक सागौन सहित अन्य इमारती पेड़ों की कटाई की गई। हालांकि वन विभाग का कहना है कि लकड़ी परिवहन के लिए कोई ट्रांजिट परमिट (टीपी) जारी नहीं किया गया।</p>
<p><strong>बिना सत्यापन के अनुमति देने का आरोप</strong><br>
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत समनापुर ने 23 दिसंबर 2023 को खसरा क्रमांक 132/372/2, 132/372/3, 132/372/4 और 132/372/5 (कुल 7.450 हेक्टेयर) में 450 सागौन, 82 साज और 98 सतकुट के पेड़ काटने की अनुमति जारी की थी। आरोप है कि यह अनुमति बिना उचित सत्यापन और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी किए दे दी गई।</p>
<p><strong>खनन और कटाई दोनों पर सवाल</strong><br>
सबसे चौकाने वाली बात तो यह है कि रसूख के दम पर यह अनुमति इतनी आसानी से मिल गई, जिसे प्राप्त करने के लिए साधारण आदमी के पसीने छूट जाते हैं। दूसरी ओर इसी से लगे हुए एक दूसरा खसरा क्रमांक 132/1-3 रकबा 10 एकड़ पर अशोक वासवानी का बोर्ड लगा है, वहाँ भी सागौन, साज, महुआ एवं सतकुट के हजारों पेड़ काटे गए। साथ ही मशीनों से चट्टानें काट कर उत्खनन किया जा रहा है।</p>
<p><strong>मामले में खनिज विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।</strong></p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>जबलपुर में महिलाओं को मिलेगी ई&#45;रिक्शा की कमान, UN Women के साथ पहल; 100 महिलाओं को मिलेगा रोजगार</title>
<link>https://atworldnews.in/8954</link>
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<description><![CDATA[ जबलपुर  नगर निगम और यूएन वूमेन के सांझा प्रयास से &quot;सेफ सिटीज एंड सेफ पब्लिक स्पेसेज फॉर वूमेन&quot; परियोजना की पहली वार्षिक समीक्षा बैठक का आयोजन जबलपुर में किया गया. जिसमें यूएन की महिलाएं शामिल हुईं. महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू की अध्यक्षता में आयोजित हुई. बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस, सेना, रेलवे, नगर निगम, … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 10:01:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>जबलपुर, में, महिलाओं, को, मिलेगी, ई-रिक्शा, की, कमान, Women, के, साथ, पहल, 100, महिलाओं, को, मिलेगा, रोजगार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जबलपुर</strong><br>
 नगर निगम और यूएन वूमेन के सांझा प्रयास से "सेफ सिटीज एंड सेफ पब्लिक स्पेसेज फॉर वूमेन" परियोजना की पहली वार्षिक समीक्षा बैठक का आयोजन जबलपुर में किया गया. जिसमें यूएन की महिलाएं शामिल हुईं. महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू की अध्यक्षता में आयोजित हुई. बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस, सेना, रेलवे, नगर निगम, विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। </p>
<p><strong>यूएन के साथ जबलपुर नगर निगम का करार</strong><br>
जबलपुर नगर निगम ने 1 साल पहले यूनाइटेड नेशंस के वूमेंस सेफ सिटी कार्यक्रम में यूनाइटेड नेशन से करार किया था. इसके तहत जबलपुर को महिलाओं के लिए एक सुरक्षित शहर बनाने की कोशिश करने के लिए कदम उठाने की बात कही गई थी. इस कार्यक्रम को शुरू हुए 1 साल हो गए हैं। </p>
<p><strong>महिला सुरक्षा में जबलपुर पुलिस ने दिखाई मुस्तैदी</strong><br>
जबलपुर के महापौर जगत बहादुर सिंह अनु ने बताया कि, ''बीते 1 साल में उन्होंने जबलपुर शहर में महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने के पहले की है. हमने शहर की सड़कों को लाइट से रोशन किया है, ताकि रात में महिलाओं को अंधेरे में भी निकलने में डर ना लगे.'' उन्होंने बताया कि, ''जबलपुर पुलिस ने भी बड़ी मुस्तैदी से काम किया. जहां पर भी महिलाओं को जरूरत हुई पुलिस नजर आई। </p>
<p><strong>100 महिलाओं को मिलेंगे ई-रिक्शा</strong><br>
जगत बहादुर सिंह अनु का कहना है कि, ''इसी वजह से जबलपुर में अब कुछ ऐसे काम जो पहले केवल पुरुष करते थे पर महिलाएं भी करती हुई नजर आ रही हैं जबलपुर में कई महिलाएं स्ट्रीट वेंडर हैं, महिलाएं ऑटो रिक्शा चला रही हैं.'' महापौर ने घोषणा की की आने वाले साल में वे 100 महिलाओं को ऑटो रिक्शा दिलवाने में मदद करेंगे. इसमें कुछ पैसा सब्सिडी के माध्यम से और कुछ लोन के माध्यम से महिलाओं को दिया जाएगा। </p>
<p><strong>महिलाओं की सुरक्षा पर यूएन ने मिलाया हाथ</strong><br>
बैठक का उद्देश्य परियोजना के एक वर्ष के कार्यों की समीक्षा करना, उसकी उपलब्धियों और अनुभवों को साझा करना तथा महिलाओं और बालिकाओं के लिए शहर को और अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने की आगामी योजना तैयार करना था. कार्यक्रम में यूएन वूमेन की कंट्री रिप्रेजेंटेटिव शोको इशिकावा और डिप्टी कंट्री रिप्रेजेंटेटिव कांता सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया। </p>
<p>इस समीक्षा बैठक में आने वाले साल को लेकर भी रोड मेंप बनाया गया है और शहर को महिलाओं के लिए और बेहतर करने के दिशा में और प्रयास किए जाएंगे. समीक्षा बैठक में पुलिस विभाग, जिला प्रशासन, पश्चिम मध्य रेलवे, धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और भारतीय सेना के प्रतिनिधियों ने भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी और भविष्य में बेहतर समन्वय के साथ काम करने की बात कही. कार्यक्रम के अंत में सभी विभागों और संस्थाओं ने मिलकर जबलपुर को महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित, समान अवसरों वाला और समावेशी शहर बनाने का संकल्प लिया। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ओडिशा में समुद्र का बढ़ता कहर: गंजाम का तट कटाव की चपेट में, 17 गांवों पर मंडराया संकट</title>
<link>https://atworldnews.in/8953</link>
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<description><![CDATA[ भुवनेश्वर ओडिशा के गंजाम जिले में समुद्री कटाव ने विकराल रूप धारण कर लिया है। समुद्र के लगातार आगे बढ़ने से गंजाम ब्लॉक के पोड़मपेटा गांव समेत दो ग्राम पंचायतों के 17 गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। शुक्रवार को एक पक्का मकान समुद्र में समा जाने की घटना ने स्थानीय लोगों की … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 09:32:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ओडिशा, में, समुद्र, का, बढ़ता, कहर:, गंजाम, का, तट, कटाव, की, चपेट, में, गांवों, पर, मंडराया, संकट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भुवनेश्वर</strong><br>
ओडिशा के गंजाम जिले में समुद्री कटाव ने विकराल रूप धारण कर लिया है। समुद्र के लगातार आगे बढ़ने से गंजाम ब्लॉक के पोड़मपेटा गांव समेत दो ग्राम पंचायतों के 17 गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। शुक्रवार को एक पक्का मकान समुद्र में समा जाने की घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।</p>
<p>ग्रामीणों के अनुसार, कुछ वर्ष पहले तक समुद्र गांव से करीब एक किलोमीटर दूर था, लेकिन लगातार कटाव के कारण अब वह गांव की सीमा तक पहुंच चुका है। हालात ऐसे हैं कि पोड़मपेटा का बड़ा हिस्सा समुद्र में विलीन हो चुका है। कभी करीब 500 घरों वाला यह गांव अब कुछ गिने-चुने मकानों तक सिमट गया है।</p>
<p><strong>रोज निगल रहा जमीन</strong><br>
स्थानीय लोगों का कहना है कि समुद्र प्रतिदिन कुछ न कुछ जमीन अपने आगोश में ले रहा है। कटाव वाले क्षेत्र से अधिकांश परिवार पलायन कर चुके हैं, लेकिन शेष भूमि भी तेजी से खत्म होती जा रही है। इससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।</p>
<p><strong>17 गांवों पर संकट</strong><br>
स्थानीय सर्वेक्षण के मुताबिक पालिबंधा ग्राम पंचायत के नौ और रामगड़ा ग्राम पंचायत के आठ गांव समुद्री कटाव की जद में हैं। इन गांवों के हजारों लोगों के सामने विस्थापन का खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने सरकार से तट सुरक्षा दीवार, बोल्डर पैकिंग और अन्य स्थायी उपाय करने की मांग की है।</p>
<p><strong>आंदोलन और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी</strong><br>
प्रशासन की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। प्रभावित गांवों के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन शुरू करेंगे और आगामी चुनावों का बहिष्कार भी कर सकते हैं।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री को लिखा पत्र</strong><br>
छत्रपुर विधायक कृष्ण चंद्र नायक ने मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखा है। उन्होंने प्रभावित गांवों को बचाने के लिए तत्काल विशेष पैकेज, तकनीकी सहायता और स्थायी तटीय सुरक्षा परियोजनाएं शुरू करने का आग्रह किया है।</p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में कई गांवों का नामोनिशान मिट सकता है। समुद्र का बढ़ता कहर अब गंजाम तट के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>डॉक्युमेंट्री का दावा: अमेरिकी सेना से बढ़ रहा प्रदूषण, पेंटागन 140 देशों से ज्यादा उत्सर्जन करता है?</title>
<link>https://atworldnews.in/8952</link>
<guid>https://atworldnews.in/8952</guid>
<description><![CDATA[ वाशिंगटन  वैश्विक पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन को लेकर अक्सर बड़े-बड़े देशों और औद्योगिक घरानों को कटघरे में खड़ा किया जाता है. लेकिन दुनिया में एक ऐसा महा-प्रदूषक है, जिसे अंतरराष्ट्रीय जलवायु संधियों में ‘फ्री पास’ यानी पूरी छूट मिली हुई है. प्रसिद्ध खोजी पत्रकार एबी मार्टिन (Abby Martin) की नयी खोजी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘अर्थ्स ग्रेटेस्ट … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 09:32:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>डॉक्युमेंट्री, का, दावा:, अमेरिकी, सेना, से, बढ़, रहा, प्रदूषण, पेंटागन, 140, देशों, से, ज्यादा, उत्सर्जन, करता, है</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन</strong></p>
<p> वैश्विक पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन को लेकर अक्सर बड़े-बड़े देशों और औद्योगिक घरानों को कटघरे में खड़ा किया जाता है. लेकिन दुनिया में एक ऐसा महा-प्रदूषक है, जिसे अंतरराष्ट्रीय जलवायु संधियों में ‘फ्री पास’ यानी पूरी छूट मिली हुई है. प्रसिद्ध खोजी पत्रकार एबी मार्टिन (Abby Martin) की नयी खोजी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘अर्थ्स ग्रेटेस्ट एनिमी’ (Earth’s Greatest Enemy) ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है. 120 मिनट की फिल्म ने पुख्ता सबूतों और अविश्वसनीय आंकड़ों के साथ साबित किया है कि अमेरिकी सेना (US Military) और उसका रक्षा मुख्यालय पेंटागन वैश्विक जलवायु संकट को बढ़ाने वाला दुनिया का सबसे बड़ा संस्थागत प्रदूषक है। </p>
<p><strong>140 देशों के कुल उत्सर्जन से भी अधिक कार्बन फैलाता है पेंटागन</strong><br>
लॉरा पोलक (Laura Pollock) की ओर से की गयी फिल्म की समीक्षा के अनुसार, इस डॉक्युमेंट्री में अमेरिकी रक्षा विभाग और उसकी नौसेना एवं वायुसेना के प्रदूषण फैलाने संबंधी जो आंकड़े पेश किये गये हैं, वे चौंकाने वाले हैं। </p>
<p><strong>    विमानों का ईंधन ईकोसाइड : </strong>फिल्म में पत्रकार एबी मार्टिन बताती हैं कि औसत अमेरिकी नागरिक अपने पूरे जीवनकाल में (लगभग 40 वर्ष) जितना ईंधन का इस्तेमाल करता है, बोइंग पेगासस (Boeing Pegasus) जैसे अमेरिकी सैन्य टैंकर की सिर्फ एक उड़ान में उतना ईंधन खत्म हो जाता है. अमेरिका ऐसे 600 से अधिक उड़ान टैंकर हवा में उड़ाता है। </p>
<p><strong>    140 देशों से भी बड़ा प्रदूषक पेंटागन :</strong> अमेरिकी सेना का कुल कार्बन उत्सर्जन दुनिया के 140 देशों के संयुक्त उत्सर्जन से भी कहीं अधिक है. इसके बावजूद वैश्विक जलवायु सम्मेलनों (जैसे COP26) में सैन्य उत्सर्जन के इन आंकड़ों को छिपा लिया जाता है। </p>
<p><strong>    लाखों समुद्री जीवों का कत्लेआम :</strong> एक डरावना आंकड़ा यह भी है कि अमेरिकी नौसेना (US Navy) को अपने 5 साल के युद्धाभ्यास और परीक्षणों के दौरान 2.6 मिलियन (26 लाख) से अधिक समुद्री स्तनधारी जीवों (Marine Mammals) को नुकसान पहुंचाने या उन्हें मार डालने की कानूनी छूट मिली हुई है. इतना ही नहीं, इराक और अफगानिस्तान में युद्ध के दौरान छोड़े गये 2.5 लाख से अधिक गोले और प्रदूषण ने वहां की भूमि को स्थायी रूप से बंजर बना दिया है। </p>
<p><strong>जहां-जहां अमेरिकी बेस, वहां-वहां ‘जहरीली मौत’</strong><br>
खोजी पत्रकार एबी मार्टिन और उनके पति माइक प्रिसनर ने इस सच्चाई को उजागर करने के लिए पूरी दुनिया का दौरा किया. वे ग्लासगो (स्कॉटलैंड) से लेकर अलास्का, हवाई और जापान के ओकिनावा द्वीप तक गये. कैंप लेज्यून और कोरल रीफ को कैसे नुकसान पहुंचा है, यहां जानें। <br>
<strong>डॉक्युमेंट्री का संदेश : एक साथ कई मोर्चे पर संघर्ष कर रही है हमारी प्रकृति। </strong></p>
<p><strong>Earths Greatest Enemy: उत्तरी कैरोलिना के कैंप लेज्यून का सच</strong></p>
<p>उत्तरी कैरोलिना के ‘कैंप लेज्यून’ में अमेरिकी सेना के ही घरेलू बेस से हुए ईंधन रिसाव, जहरीले कचरे और औद्योगिक अपशिष्टों के कारण स्थानीय अमेरिकी बस्तियों के पानी में जहर घुल गया. फिल्म में उन माताओं का रुदन दिखाया गया है, जिन्होंने इस दूषित पानी के कारण अपने बच्चों को खो दिया। </p>
<p><strong>हवाई और ओकिनावा में कोरल रीफ का विनाश</strong><br>
हवाई और ओकिनावा (जापान) में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के निर्माण के लिए पहाड़ों को डायनामाइट से उड़ाया जा रहा है. उसके मलबे को समुद्र में फेंककर दुर्लभ कोरल रीफ (मूंगा चट्टानों) को हमेशा के लिए दफन किया जा रहा है. जब पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने कायक (नावों) के जरिये समुद्र में इसका विरोध किया, तो अमेरिकी स्पीडबोट्स ने उनकी नावें पलट दीं और उन्हें हिरासत में ले लिया। </p>
<p><strong>अमेरिकी नेताओं का पाखंड</strong><br>
डॉक्युमेंट्री में अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था के पाखंड पर भी तीखा प्रहार किया गया है. फिल्म में दिखाया गया है कि एक तरफ तत्कालीन अमेरिकी हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी और प्रगतिशील प्रतिनिधि अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज जैसी नेता लाइव स्ट्रीम पर कॉप-26 (COP26) के लक्ष्यों को ‘ऐतिहासिक’ बताती हैं, लेकिन जब उनसे सवाल पूछा जाता है कि नेट-जीरो (Net-Zero) के दावों के बीच पेंटागन का बजट और सैन्य खर्च लगातार क्यों बढ़ाया जा रहा है, तो उनके पास कोई जवाब नहीं होता। </p>
<p><strong>अमेरिकी पाखंड का सबसे अचूक और प्रामाणिक दस्तावेज</strong><br>
यह फिल्म सीधे तौर पर व्हाइट हाउस और पेंटागन को कटघरे में खड़ा करती है, जो आम जनता को पर्यावरण बचाने के लिए ‘प्लास्टिक स्ट्रॉ’ छोड़ने और ‘इलेक्ट्रिक कारें’ खरीदने का उपदेश देते हैं, लेकिन खुद खरबों गैलन कच्चा तेल फूंकने वाली अपनी युद्ध मशीनरी के प्रदूषण को आधिकारिक रिकॉर्ड की किताबों से ही गायब रखते हैं. यह डॉक्युमेंट्री पर्यावरण संरक्षण के नाम पर पूंजीवादी ताकतों द्वारा चलाये जा रहे इस सबसे बड़े पाखंड का एक अचूक और प्रामाणिक दस्तावेज है। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बेमेतरा में अवैध उर्वरक भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 275 बोरी यूरिया जब्त; किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य सरकार सजग</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को समय पर, उचित मूल्य पर और गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देश पर पूरे प्रदेश में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 09:31:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>बेमेतरा, में, अवैध, उर्वरक, भंडारण, पर, बड़ी, कार्रवाई, 275, बोरी, यूरिया, जब्त, किसानों, के, अधिकारों, की, रक्षा, के, लिए, राज्य, सरकार, सजग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p> मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को समय पर, उचित मूल्य पर और गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देश पर पूरे प्रदेश में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध भंडारण के विरुद्ध सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बेमेतरा जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित 275 बोरी यूरिया जब्त कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।</p>
<p>कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सु प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश तथा कृषि विभाग के उप संचालक  मोरध्वज डडसेना के मार्गदर्शन में गठित जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा जिलेभर में लगातार औचक निरीक्षण और छापामार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध हो तथा कृत्रिम अभाव उत्पन्न कर अनुचित लाभ कमाने के प्रयासों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।</p>
<p>इसी अभियान के तहत प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर उड़नदस्ता दल ने ग्राम जानो, तहसील देवकर में अँजोर वर्मा के परिसर में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए 275 बोरी यूरिया का अवैध भंडारण पाया गया। मौके पर संपूर्ण उर्वरक को विधिवत जब्त कर लिया गया तथा संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्राप्त जवाब के परीक्षण के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>कृषि विभाग ने जब्त किए गए उर्वरकों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को केवल मानक गुणवत्ता वाले उर्वरक ही उपलब्ध कराए जाएं और किसी भी प्रकार की मिलावट अथवा निम्न गुणवत्ता की सामग्री बाजार में न पहुंचे।</p>
<p>जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भंडारण तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। यदि कोई निजी कृषि केंद्र, उर्वरक विक्रेता अथवा सहकारी संस्था इस प्रकार की अनियमितता करते हुए पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर पुलिस में एफआईआर दर्ज कर प्रकरण न्यायालय में भी प्रस्तुत किया जाएगा।</p>
<p>कलेक्टर सु प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा है कि किसानों के हितों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी परिस्थिति में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन पूरे जिले में लगातार निगरानी कर रहा है और शिकायत प्राप्त होते ही बिना पूर्व सूचना के तत्काल जांच एवं छापामार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा, कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता तथा कृषि आदानों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश में चल रही इस तरह की सतत कार्रवाई न केवल कालाबाजारी और जमाखोरी पर अंकुश लगाने में सहायक होगी, बल्कि किसानों का विश्वास भी मजबूत करेगी कि सरकार उनकी मेहनत, उनकी फसल और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।</p>
<p>जिला प्रशासन ने किसानों एवं आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अधिक मूल्य पर बिक्री अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिले तो तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा प्रत्येक शिकायत पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भोपाल गैस त्रासदी की यादों को मिलेगा नया स्वरूप, भुज के ‘स्मृतिवन’ की तर्ज पर बनेगा मेमोरियल</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  भोपाल में 1984 में हुए भीषण गैस कांड की याद में अब एक भव्य और विश्वस्तरीय स्मारक बनाने की योजना तैयार की जा रही है. यह स्मारक गुजरात के भुज स्थित प्रसिद्ध ‘स्मृतिवन’ की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यूनियन कार्बाइड … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 09:31:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भोपाल, गैस, त्रासदी, की, यादों, को, मिलेगा, नया, स्वरूप, भुज, के, ‘स्मृतिवन’, की, तर्ज, पर, बनेगा, मेमोरियल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>भोपाल में 1984 में हुए भीषण गैस कांड की याद में अब एक भव्य और विश्वस्तरीय स्मारक बनाने की योजना तैयार की जा रही है. यह स्मारक गुजरात के भुज स्थित प्रसिद्ध ‘स्मृतिवन’ की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यूनियन कार्बाइड की केमिकल कचरा-मुक्त भूमि पर यह स्मारक बनाया जाए। </p>
<p>इस परियोजना के लिए एनवायरमेंटल प्लानिंग एंड कॉर्डिनेशन ऑर्गेनाइजेशन (Environmental Planning and Coordination Organisation) को जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें भुज के भूकंप स्मारक और म्यूजियम का अध्ययन करने तथा उसके आधार पर एक डिटेल्ड एक्शन प्लान तैयार करने को कहा गया है। </p>
<p><strong>हजारों लोगों की याद में बने स्मारक</strong><br>
मुख्यमंत्री मोहन यादव फरवरी 2026 में कच्छ दौरे के दौरान भुज के स्मृतिवन से काफी प्रभावित हुए थे. 2001 के विनाशकारी भूकंप में जान गंवाने वाले हजारों लोगों की याद में बने इस स्मारक ने उन्हें प्रेरित किया. यह स्मारक तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का परिणाम है, जिन्होंने इसे 2011 में चीन के सिचुआन भूकंप स्मारक को देखकर तैयार करने की योजना बनाई थी। </p>
<p>भुज का ‘स्मृतिवन’ 470 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और इसे देश का सबसे बड़ा स्मारक माना जाता है. यह 2001 के भूकंप में जान गंवाने वाले 13,000 से अधिक लोगों की स्मृति में बनाया गया है. यहां 7 थीम आधारित गैलरियां बनाई गई हैं, जहां आधुनिक तकनीक जैसे सिम्युलेटर, थ्री-डी और प्रोजेक्टर के जरिए भूकंप का वास्तविक अनुभव कराया जाता है। </p>
<p><strong>सीएम ने दिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) को इस महत्वाकांक्षी परियोजना की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने निर्देश दिए कि एप्को की एक विशेष टीम गुजरात के भुज में बने आधुनिक भूकंप स्मारक व संग्रहालय का मौका-मुआयना करे। वहां की व्यवस्थाओं और डिजाइन का विस्तृत निरीक्षण करने के बाद भोपाल में भी वैसा ही भव्य स्मारक तैयार करने के लिए एक विधिवत प्रस्ताव <strong>और ठोस एक्शन प्लान तैयार किया जाए।</strong></p>
<p><strong>भुज का 'स्मृतिवन' मॉडल क्यों है खास?</strong><br>
भोपाल में जिस भुज मॉडल को आधार बनाकर स्मारक की रूपरेखा तैयार की जा रही है, वह बेहद अनूठा है। 2001 के गुजरात भूकंप पीड़ितों की याद में बना भुज का 'स्मृतिवन' अपनी आधुनिक गैलरी, मियावाकी वन और आपदा प्रबंधन के जीवंत अनुभवों (सिम्युलेटर तकनीक) के कारण दुनिया भर में मशहूर है। अब इसी तर्ज पर भोपाल गैस त्रासदी के इतिहास और पीड़ितों की याद को सहेजने के लिए यूनियन कार्बाइड परिसर को नया रूप दिया जाएगा।</p>
<p><strong>कच्‍छ दौरे के समय सीएम हुए थे प्रभावित</strong><br>
दरअसल, फरवरी 2026 में अपने कच्छ दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भुज के 'स्मृतिवन' को देखकर बेहद प्रभावित हुए थे। वर्ष 2001 के विनाशकारी भूकंप पीड़ितों की याद में 470 एकड़ में फैला भुज का यह अनूठा स्मारक तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का परिणाम था। पीएम मोदी ने साल 2011 में चीन के सिचुआन प्रांत के भूकंप स्मारक को देखने के बाद इस भव्य स्मृतिवन का खाका तैयार किया था।</p>
<p><strong>क्यों अनूठा व विश्वस्तरीय है भुज का 'स्मृतिवन'?<br>
देश का सबसे बड़ा स्मारक: </strong>यह स्मारक 2001 के गुजरात भूकंप में जान गंवाने वाले 13,000 से अधिक लोगों की याद में भुज की भुजिया पहाड़ी पर पूरे 470 एकड़ क्षेत्र में बनाया गया है।</p>
<p><strong>भूकंप का वास्तविक अहसास:</strong> स्मृतिवन में 7 थीम-आधारित गैलरी बनाई गई हैं। यहाँ विशेष सिम्युलेटर की मदद से आने वाले आगंतुकों को भूकंप का वास्तविक (लाइव) अनुभव कराया जाता है।</p>
<p><strong>कच्छ की संस्कृति और इतिहास: </strong>थ्री-डी प्रोजेक्टर व आधुनिक गैजेट्स के जरिए कच्छ की अनूठी संस्कृति, भूकंप का इतिहास और इस भीषण आपदा के बाद हुए अद्भुत पुनर्निर्माण की पूरी कहानी को जीवंत रूप में दिखाया गया है।</p>
<p><strong>पर्यावरण और जल संरक्षण:</strong> पूरे परिसर में 50 चेकडैम बनाए गए हैं। इसके साथ ही, दिवंगत आत्माओं की याद में 50,000 से अधिक पौधे लगाकर एक भव्य 'मियावाकी वन' विकसित किया गया है।</p>
<p><strong>पुनर्निर्माण की कहानी को दिखाया</strong><br>
इस स्मारक में कच्छ की संस्कृति, इतिहास और भूकंप के बाद हुए पुनर्निर्माण की कहानी को भी दिखाया गया है. इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. यहां 50 चेकडेम बनाए गए हैं और 50,000 से अधिक पौधों के साथ मियावाकी वन विकसित किया गया है। </p>
<p>इसी मॉडल को आधार बनाकर भोपाल में बनने वाला नया स्मारक गैस कांड का दर्द, इतिहास और सबक को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का काम करेगा। </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कांग्रेस में अनुशासन पर सख्ती: पार्टी की मुसीबत बढ़ाने वाले नेताओं की बनेगी लिस्ट, नहीं सुधरे तो होंगे बाहर</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्य प्रदेश कांग्रेस में अक्सर अपने ही नेताओं के कारण पार्टी की मुसीबतें बढ़ती रहती हैं। कई नेता सीधे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से लेकर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह तक को निशाने पर ले लेते हैं। अब पार्टी लाइन से हटकर अक्सर विवादित बयान देने वाले कांग्रेसियों की … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 09:31:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>कांग्रेस, में, अनुशासन, पर, सख्ती:, पार्टी, की, मुसीबत, बढ़ाने, वाले, नेताओं, की, बनेगी, लिस्ट, नहीं, सुधरे, तो, होंगे, बाहर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong><br>
मध्य प्रदेश कांग्रेस में अक्सर अपने ही नेताओं के कारण पार्टी की मुसीबतें बढ़ती रहती हैं। कई नेता सीधे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से लेकर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह तक को निशाने पर ले लेते हैं।</p>
<p>अब पार्टी लाइन से हटकर अक्सर विवादित बयान देने वाले कांग्रेसियों की मुसीबतें बढ़ने वाली हैं। एमपी कांग्रेस अब ऐसे विवादित नेताओं की लिस्ट तैयार करने जा रही है जो पार्टी लाइन से हटकर बयान देते हैं।</p>
<p><strong>जिला अध्यक्ष बनाएंगे विवादित बयानवीरों की लिस्ट</strong><br>
एमपी कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ संजय कामले ने बताया कि पार्टी फोरम पर सीनियर लीडर्स ने कई बार यह विषय उठाया है कि कई कार्यकर्ता ऐसे हैं जो अक्सर पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी करते हैं। ऐसे नेताओं पर लगाम लगाने के लिए अब पार्टी कड़ा फैसला लेने जा रही है।</p>
<p>सोशल मीडिया पर भी पार्टी के खिलाफ लिखने वाले होंगे चिन्हित कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ संजय कामले ने सभी जिला अध्यक्षों को भेजे पत्र में लिखा है कि पार्टी को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर पार्टी की नीतियों, नेतृत्व और फैसलों के खिलाफ पोस्ट कर रहे हैं। इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा।</p>
<p>चिन्हित करें नोटिस दें न मानें तो एक्शन लें पत्र में कहा गया है कि प्रदेश प्रभारी के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने तय किया है कि किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। जिला अध्यक्षों से कहा गया है कि ऐसे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की पहचान कर उन्हें पहले नोटिस जारी करें।</p>
<p><strong>यदि इसके बाद भी उनके व्यवहार में सुधार नहीं होता है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें और इसकी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजें।</strong></p>
<p>जिले में कार्रवाई नहीं हो सकती तो सबूतों के साथ प्रदेश को रिपोर्ट भेजें पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन नेताओं के खिलाफ जिला स्तर पर कार्रवाई संभव नहीं है, उनके मामलों की पूरी जानकारी और साक्ष्यों के साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजी जाए, ताकि उनके विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की जा सके।</p>
<p><strong>संगठन ने जिला इकाइयों से इस काम को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं।</strong></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पेट्रोल&#45;डीजल होगा सस्ता? सिटी बैंक ने कच्चे तेल पर की बड़ी भविष्यवाणी, आम लोगों को मिल सकती है राहत</title>
<link>https://atworldnews.in/8948</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली  दुनिया भर में कच्चे तेल (Crude Oil) की किल्लत का दौर अब खत्म होने की कगार पर है. मॉर्गन स्टैनली और गोल्डमैन सॉक्‍स के बाद अब दिग्गज अमेरिकी निवेश बैंक सिटी (Citigroup) ने भी भविष्यवाणी की है कि साल के अंत तक कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 60 डॉलर प्रति बैरल के स्तर … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 09:30:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>पेट्रोल-डीजल, होगा, सस्ता, सिटी, बैंक, ने, कच्चे, तेल, पर, की, बड़ी, भविष्यवाणी, आम, लोगों, को, मिल, सकती, है, राहत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br>
 दुनिया भर में कच्चे तेल (Crude Oil) की किल्लत का दौर अब खत्म होने की कगार पर है. मॉर्गन स्टैनली और गोल्डमैन सॉक्‍स के बाद अब दिग्गज अमेरिकी निवेश बैंक सिटी (Citigroup) ने भी भविष्यवाणी की है कि साल के अंत तक कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 60 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आ सकती हैं. अगर ऐसा होता है तो इससे भारतीय तेल कंपनियों पर बोझ कम होगा और देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती हो सकती है। </p>
<p>सिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि फरवरी के अंत में शुरू हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्‍य पर दोहरी नाकेबंदी जैसी स्थिति बन गई थी. इस वजह से कच्‍चे तेल की सप्‍लाई चेन बुरी तरह चरमरा गई. लेकिन अब वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक अंतरिम समझौता होने से तनाव कम हुआ है और इस महत्‍वपूर्ण समुद्री रास्‍ते पर जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य हो गई है. कच्चा तेल पर्याप्‍त मात्रा में उपलब्‍ध है. इस वजह से बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड दूसरी तिमाही में लगभग 30% तक टूटकर 71.92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। </p>
<p><strong>भरपूर मात्रा में उपलब्‍ध है कच्‍चा तेल</strong><br>
सिटी बैंक के विश्लेषकों के मुताबिक, तेल बाजार अब तेजी से अपनी पुरानी और सामान्य स्थिति में लौट रहा है. होर्मुज रूट खुलने से रिफाइनरियों को भरपूर कच्चा तेल मिल रहा है. दुनिया का सबसे बड़ा आयातक देश चीन फिलहाल बाजार से थोड़ी दूरी बनाए हुए है, जिससे कच्चे तेल की फिजिकल मांग कमजोर हुई है. वैश्विक तेल भंडारों में उम्मीद के मुकाबले बेहद कम गिरावट दर्ज की गई है, यानी स्टॉक में तेल की कोई कमी नहीं है। </p>
<p><strong>$60-65 के दायरे में आएगा ब्रेंट क्रूड</strong><br>
सिटी के विश्लेषकों का अनुमान है कि गर्मियों के दौरान अगर तेल की कीमतों में कोई अस्थायी तेजी आती भी है, तो उसे केवल बिकवाली का अवसर माना जाना चाहिए क्योंकि अंततः कीमतों को नीचे ही आना है. बैंक के मुताबिक, साल के अंत तक ब्रेंट क्रूड आसानी से 60 से 65 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में पहुंच जाएगा। </p>
<p>केवल सिटी ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य बड़े वित्तीय संस्थान भी कच्‍चे तेल में गिरावट का अनुमान जता चुके हैं. गोल्डमैन सॉक्‍स ने कहा था कि ईरान विवाद शांत होने के बाद बाजार में फिर से ओवरसप्‍लाई की स्थिति बन जाएगी. वहीं, मॉर्गन स्टैनली (Morgan Stanley) भी पिछले कुछ हफ्तों में दो बार कच्चे तेल के अपने अनुमानित दामों में कटौती कर चुका है। </p>
<p><strong>भारत के लिए इसके क्या मायने हैं</strong>?<br>
भारत अपनी जरूरत का करीब 80-85% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल का $60 के स्तर पर आना भारतीय अर्थव्यवस्था और सरकारी तेल कंपनियों (IOC, HPCL, BPCL) के लिए किसी लॉटरी से कम नहीं होगा. कच्चे तेल के दाम कम होने से कंपनियों का प्रॉफिट मार्जिन बढ़ेगा. इससे कंपनियों को पेट्रोल और डीजल का रेट घटाने का मौका मिलेगा। </p>]]> </content:encoded>
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<title>भोपाल के डायल&#45;112 हीरोज बिछड़ी 06 वर्षीय मासूम को सुरक्षित परिजनों से मिलाया</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल भोपाल जिले के थाना कटारा हिल्स क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशील एवं तत्पर कार्रवाई से पिता से बिछड़ गई 06 वर्षीय मासूम बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। समय पर की गई इस मानवीय पहल से बालिका को सुरक्षा एवं परिवार का सान्निध्य पुनः प्राप्त हो सका। 04 जुलाई को राज्य … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 00:01:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>भोपाल, के, डायल-112, हीरोज, बिछड़ी, वर्षीय, मासूम, को, सुरक्षित, परिजनों, से, मिलाया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>भोपाल जिले के थाना कटारा हिल्स क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशील एवं तत्पर कार्रवाई से पिता से बिछड़ गई 06 वर्षीय मासूम बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। समय पर की गई इस मानवीय पहल से बालिका को सुरक्षा एवं परिवार का सान्निध्य पुनः प्राप्त हो सका।</p>
<p>04 जुलाई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना कटारा हिल्स क्षेत्र अंतर्गत स्प्रिंग वैली के पास एक 06 वर्षीय बालिका अकेली मिली है, जो अपने पिता से बिछड़ गई है एवं पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।</p>
<p>डायल-112 स्टाफ आरक्षक  नवीन यादव एवं पायलट  तीर्थ कुमार ने मौके पर पहुँचकर बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लिया। पूछताछ करने पर बालिका ने अपने परिजनों की जानकारी एवं घर का पता बताया।</p>
<p>डायल-112 जवानों ने तत्परता एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बालिका द्वारा बताए गए पते के आधार पर उसे डायल 112 वाहन से सुरक्षित उसके घर ले जाकर पहचान एवं आवश्यक सत्यापन उपरांत उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार 06 वर्षीय मोहिनी, निवासी अयोध्या नगर, अपने पिता के साथ कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में आई थी, जहाँ भीड़ के दौरान वह अपने पिता से बिछड़ गई थी।</p>
<p>डायल-112 जवानों की संवेदनशील एवं समर्पित कार्यवाही से एक मासूम बालिका को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुँचाया जा सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आमजन, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा एवं सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मंत्री विश्वास सारंग ने पर्वतारोही ज्योति रात्रे को दी ऐतिहासिक उपलब्धि पर शुभकामनाएं</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग से शनिवार को भोपाल में मध्यप्रदेश की पर्वतारोही ज्योति रात्रे ने सौजन्य भेंट की। मंत्री सारंग ने उन्हें हाल ही में मैक्सिको स्थित पिको डी ओरिजाबा की 5,636 मीटर (18,491 फीट) ऊँची चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर देश का गौरव बढ़ाने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर … ]]></description>
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<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 00:01:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मंत्री, विश्वास, सारंग, ने, पर्वतारोही, ज्योति, रात्रे, को, दी, ऐतिहासिक, उपलब्धि, पर, शुभकामनाएं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल</p>
<p>सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग से शनिवार को भोपाल में मध्यप्रदेश की पर्वतारोही ज्योति रात्रे ने सौजन्य भेंट की। मंत्री सारंग ने उन्हें हाल ही में मैक्सिको स्थित पिको डी ओरिजाबा की 5,636 मीटर (18,491 फीट) ऊँची चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर देश का गौरव बढ़ाने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। मंत्री सारंग ने कहा कि ज्योति रात्रे का साहस, दृढ़ संकल्प, अनुशासन, अथक परिश्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे भविष्य में भी सफलता के नए शिखर छूते हुए देश और मध्यप्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर गौरवान्वित करती रहेंगी।</p>
<p>मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों एवं साहसिक खेलों से जुड़े प्रतिभाशाली युवाओं की उपलब्धियां मध्यप्रदेश को नई पहचान दिला रही हैं। राज्य सरकार खेल और साहसिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।</p>
<p>मैक्सिको के पिको डी ओरिजाबा शिखर पर तिरंगा फहराने के साथ ही ज्योति रात्रे तीन महाद्वीपों के सबसे ऊँचे ज्वालामुखियों पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाली देश की सबसे वरिष्ठ महिला पर्वतारोही बन गई हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>योगी सरकार की मुफ्त आईएएस&#45;पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना बनी युवाओं की उम्मीद</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ उत्तर प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीब व मेधावी युवाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित निःशुल्क आईएएस-पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना बड़ी राहत बनकर सामने आई है। समाज कल्याण विभाग की इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को उच्च स्तरीय … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 23:33:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>योगी, सरकार, की, मुफ्त, आईएएस-पीसीएस, आवासीय, कोचिंग, योजना, बनी, युवाओं, की, उम्मीद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीब व मेधावी युवाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित निःशुल्क आईएएस-पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना बड़ी राहत बनकर सामने आई है। समाज कल्याण विभाग की इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पूरी तरह निशुल्क कराई जाएगी। </p>
<p><strong>10,175 अभ्यर्थी देंगे प्रवेश परीक्षा</strong></p>
<p>5 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी मंडलों में प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में कुल 10,175 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। परीक्षा के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश के विभिन्न आवासीय कोचिंग सेंटरों में प्रवेश दिया जाएगा। नियमित कक्षाएं 1 अगस्त 2026 से प्रारंभ होंगी, जबकि यह शैक्षणिक सत्र 31 मई 2027 तक संचालित किया जाएगा।</p>
<p><strong>सात आवासीय कोचिंग सेंटरों में मिलेगी मुफ्त सुविधा</strong></p>
<p>प्रदेश के सात आवासीय कोचिंग सेंटरों में कुल 865 चयनित छात्र-छात्राओं को निशुल्क आवासीय सुविधा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इनमें से 25 प्रतिशत सीटें ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए आरक्षित हैं जो लेटरल एंट्री के माध्यम से प्री परीक्षा क्वालीफाई कर चुके हैं। चयनित अभ्यर्थियों को रहने, खाने, पुस्तकें, स्टडी मटेरियल और अनुभवी शिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन जैसी सभी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का उद्देश्य है कि प्रतिभाशाली छात्र आर्थिक अभाव के कारण अपने सपनों से समझौता न करें।</p>
<p><strong>गरीब और होनहार युवाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर</strong></p>
<p>यह योजना केवल कोचिंग कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का बड़ा प्रयास है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि आर्थिक तंगी किसी भी प्रतिभाशाली छात्र के भविष्य में बाधा न बने। इसी उद्देश्य से सरकार गरीब और होनहार युवाओं को निशुल्क आवासीय कोचिंग उपलब्ध करा रही है, ताकि वे यूपीएससी और यूपीपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें।</p>
<p><strong>योगी सरकार की पहल से प्रशासनिक सेवाओं में बढ़ रही वंचित वर्ग की भागीदारी</strong></p>
<p>वर्तमान समय में निजी कोचिंग संस्थानों में आईएएस-पीसीएस की तैयारी पर लाखों रुपये खर्च होते हैं, जो गरीब परिवारों के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में योगी सरकार की यह योजना एसी, एसटी और ओबीसी वर्ग के युवाओं के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है।गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित मार्गदर्शन मिलने से वंचित वर्ग के युवा प्रशासनिक सेवाओं में अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराएंगे और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।</p>
<p>संजीव सिंह, निदेशक, समाज कल्याण विभाग</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>केंद्र एवं राज्य शासन की सब्सिडी से घर की छत पर लगा सोलर रूफटॉप</title>
<link>https://atworldnews.in/8944</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम नागरिकों के बिजली खर्च को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राजनांदगांव जिले के ग्राम मोखला निवासी  विद्यासागर साहू ने इस योजना का लाभ लेकर अपने घर की छत पर सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किया है। … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 23:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>केंद्र, एवं, राज्य, शासन, की, सब्सिडी, से, घर, की, छत, पर, लगा, सोलर, रूफटॉप</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>रायपुर</p>
<p>प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम नागरिकों के बिजली खर्च को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राजनांदगांव जिले के ग्राम मोखला निवासी  विद्यासागर साहू ने इस योजना का लाभ लेकर अपने घर की छत पर सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किया है। इससे वे स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं तथा भविष्य में बिजली खर्च में बचत का लाभ प्राप्त करेंगे।  विद्यासागर साहू ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आवेदन कर अपने घर में सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कराया। योजना का बैंकिंग प्रक्रिया छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक भर्रेगांव शाखा से पूरी हुई। योजना के तहत उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रूपए तथा राज्य शासन से 30 हजार रूपए की सब्सिडी स्वीकृत हुई है। सब्सिडी दावा की प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी है तथा शीघ्र ही राशि उनके बैंक खाते में प्राप्त हो जाएगी।</p>
<p> विद्यासागर साहू ने बताया कि सोलर रूफटॉप सिस्टम का स्थापना कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है और वर्तमान में संयंत्र सुचारू रूप से कार्य कर रहा है। मोर बिजली मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रतिदिन सोलर पैनल द्वारा उत्पादित बिजली एवं बिजली की खपत की जानकारी आसानी से देख रहे हैं। इससे ऊर्जा उत्पादन की निगरानी सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक हो गई है।  विद्यासागर ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी है। यह योजना न केवल बिजली खर्च कम करने में सहायक है, बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। </p>
<p> विद्यासागर साहू ने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी से सोलर रूफटॉप लगवाना पहले की अपेक्षा अधिक सुलभ हो गया है। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की दिशा में आगे आना चाहिए। इससे बिजली पर होने वाले खर्च में कमी आएगी, ऊर्जा की बचत होगी तथा पर्यावरण संरक्षण में भी सभी की सहभागिता सुनिश्चित होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए केन्द्र एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना आत्मनिर्भर भारत, ऊर्जा संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण की दिशा में एक दूरदर्शी एवं जनहितकारी पहल है। इससे नागरिकों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>“SAFE CLICK 2.0” अभियान के तहत जीआरपी भोपाल द्वारा 5 किलोमीटर साइबर जागरूकता मैराथन आयोजित</title>
<link>https://atworldnews.in/8943</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में संचालित &quot;SAFE CLICK 2.0&quot; साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत जीआरपी भोपाल द्वारा आज शनिवार को 5 किलोमीटर साइबर जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य आमजन को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करना तथा पुलिस बल में फिटनेस को … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 23:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>“SAFE, CLICK, 2.0”, अभियान, के, तहत, जीआरपी, भोपाल, द्वारा, किलोमीटर, साइबर, जागरूकता, मैराथन, आयोजित</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में संचालित "SAFE CLICK 2.0" साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत जीआरपी भोपाल द्वारा आज शनिवार को 5 किलोमीटर साइबर जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य आमजन को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करना तथा पुलिस बल में फिटनेस को बढ़ावा देना था।</p>
<p>मैराथन का शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल  राजाबाबू सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर उप पुलिस महानिरीक्षक, रेलवे,  पंकज वास्तव, पुलिस अधीक्षक, रेलवे, भोपाल,  अंकित जायसवाल सहित रेल पुलिस कार्यालय एवं आरआरपी लाइन भोपाल के लगभग 150 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।</p>
<p>मैराथन के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में व्यापक रूप से जागरूक किया। उपस्थित लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराध, डिजिटल अरेस्ट तथा ऑनलाइन निवेश के नाम पर की जाने वाली धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए गए। साथ ही साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी प्रदान की गई।</p>
<p>इस अवसर पर अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपने बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी, पासवर्ड अथवा अन्य व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा सोशल मीडिया एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग पूरी सतर्कता एवं सावधानी के साथ करें। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान जीआरपी के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने साइबर सुरक्षा के प्रति सदैव जागरूक रहने तथा समाज को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही पुलिस बल में फिटनेस को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में यह निर्णय भी लिया गया कि मध्यप्रदेश जीआरपी के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी प्रत्येक शनिवार कम से कम 5 किलोमीटर दौड़ अथवा पैदल चाल पूर्ण करेंगे, जिससे स्वस्थ एवं सक्षम पुलिस बल के निर्माण के साथ बेहतर पुलिसिंग को भी प्रोत्साहन मिलेगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पुलिस का "SAFE CLICK 2.0" अभियान प्रदेशभर में लगातार विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क एवं सुरक्षित डिजिटल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। जीआरपी भोपाल द्वारा आयोजित यह मैराथन इसी अभियान की एक प्रभावी पहल रही, जिसमें जन-जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता एवं पुलिस फिटनेस का सफल समन्वय देखने को मिला।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>योगी सरकार में खेल क्रांति: वाराणसी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जल्द बनेगा नई पहचान</title>
<link>https://atworldnews.in/8942</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेल और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रहे हैं। उनकी दूरदर्शी सोच और मजबूत नेतृत्व में प्रदेश में खेल अवसंरचना तेजी से विकसित हो रही है। इसी कड़ी में वाराणसी में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में उभर रहा है। … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 23:30:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>योगी, सरकार, में, खेल, क्रांति:, वाराणसी, का, अंतरराष्ट्रीय, क्रिकेट, स्टेडियम, जल्द, बनेगा, नई, पहचान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेल और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रहे हैं। उनकी दूरदर्शी सोच और मजबूत नेतृत्व में प्रदेश में खेल अवसंरचना तेजी से विकसित हो रही है। इसी कड़ी में वाराणसी में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में उभर रहा है। लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह अत्याधुनिक स्टेडियम प्रदेश में खेल विकास के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बन चुका है। स्टेडियम का निर्माण कार्य 92 प्रतिशत पूरा हो चुका है और जल्द ही यह खिलाड़ियों व क्रिकेट प्रेमियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।</p>
<p>यह परियोजना उत्तर प्रदेश की बढ़ती खेल क्षमता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश खेल क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यह स्टेडियम न केवल पूर्वांचल के खिलाड़ियों के लिए नई संभावनाएं खोलेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर मजबूत पहचान भी दिलाएगा।</p>
<p><strong>शिव थीम, क्रिकेट स्टेडियम की सबसे बड़ी विशेषता</strong></p>
<p>इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अनूठी शिव थीम है, जो इसे देश के अन्य क्रिकेट स्टेडियमों से अलग पहचान देती है। स्टेडियम का मीडिया सेंटर/ नार्थ पवेलियन भगवान शिव के डमरू के आकार में तैयार किया जा रहा है। वहीं फ्लडलाइट्स त्रिशूल की आकृति में स्थापित की जा रही हैं। प्रवेश द्वार बेलपत्र थीम पर आधारित है, जबकि छत को अर्धचंद्राकार स्वरूप दिया जा रहा है। काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक वास्तुकला के साथ जोड़ने का यह प्रयास स्टेडियम को एक अद्वितीय पहचान प्रदान करेगा। </p>
<p><strong>क्रिकेट स्टेडियम में 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता</strong></p>
<p>लगभग 30,000 दर्शकों की बैठने की क्षमता वाला यह स्टेडियम आधुनिक सुविधाओं और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। परिसर में एक अंतरराष्ट्रीय मानकों का मुख्य क्रिकेट मैदान और एक पूर्ण आकार का प्रैक्टिस ग्राउंड तैयार किया गया है। इससे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मैचों के आयोजन के साथ-साथ खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए भी उत्कृष्ट वातावरण उपलब्ध होगा। फिलहाल स्टेडियम का निर्माण कार्य अंतिम चरण में चल रहा है, सितंबर माह तक पूरा होने की संभावना है।</p>
<p><strong>स्टेडियम में विश्वस्तरीय सुविधाओं का समावेश किया गया</strong></p>
<p>स्टेडियम में खिलाड़ियों, मैच अधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों, प्रसारण एजेंसियों और दर्शकों के लिए सभी आवश्यक विश्वस्तरीय सुविधाओं का समावेश किया गया है। इसमें अत्याधुनिक ड्रेसिंग रूम, आधुनिक पवेलियन, उन्नत मीडिया एवं ब्रॉडकास्ट सुविधाएं, 1500 गाड़ियों की क्षमता वाली पार्किंग, उच्च क्षमता वाली फ्लडलाइट व्यवस्था, आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, उन्नत विद्युत एवं अग्नि सुरक्षा प्रबंधन और दर्शकों के लिए उच्चस्तरीय सुविधाएं शामिल हैं। इन व्यवस्थाओं के चलते यह स्टेडियम देश के प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों की श्रेणी में शामिल होने की पूरी क्षमता रखता है।</p>
<p><strong>400 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा क्रिकेट स्टेडियम</strong></p>
<p>इस महत्वाकांक्षी परियोजना की एक और बड़ी उपलब्धि यह है कि इसका निर्माण उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा अपनी संचित निधियों से कराया जा रहा है। लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। यह स्टेडियम यूपीसीए की वित्तीय आत्मनिर्भरता, संस्थागत क्षमता और प्रदेश में क्रिकेट के समग्र विकास के प्रति उसकी गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह परियोजना इस बात का उदाहरण है कि अगर खेल संस्थाएं दूरदर्शी सोच और संसाधनों के प्रभावी उपयोग के साथ कार्य करें, तो विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना का निर्माण संभव है।</p>
<p>90 वर्षों की अवधि के लिए भूमि लीज पर उपलब्ध कराई गई</p>
<p>इस परियोजना को साकार करने में योगी सरकार का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने इस स्टेडियम परियोजना को हर स्तर पर मजबूत सहयोग प्रदान किया। राज्य सरकार द्वारा स्टेडियम निर्माण के लिए लगभग 90 वर्षों की अवधि के लिए भूमि लीज पर उपलब्ध कराई गई, जिससे परियोजना को मजबूत आधार मिला। यही नहीं, परियोजना से जुड़ी सभी प्रशासनिक अनुमतियां और आवश्यक स्वीकृतियां भी समयबद्ध ढंग से प्रदान की गईं, जिससे निर्माण कार्य बिना किसी बड़ी बाधा के तेज गति से आगे बढ़ सका है।</p>
<p>योगी सरकार की त्वरित कार्यशैली से स्टेडियम निर्माण में तेजी</p>
<p>योगी सरकार की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता तेज निर्णय क्षमता और समयबद्ध क्रियान्वयन रही है, जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण इस परियोजना में देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री की त्वरित विकास निधि के माध्यम से स्टेडियम के समीप विद्युत उपकेंद्र की स्थापना कराई गई और मात्र चार माह के भीतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कर दी गई। यह कदम निर्माण कार्य को गति देने के साथ-साथ भविष्य में स्टेडियम के सुचारु संचालन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। वाराणसी प्रशासन और राज्य सरकार के निरंतर समन्वय ने इस परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। </p>
<p>पूरे पूर्वांचल में क्रिकेट के भविष्य का केंद्र बिंदु बनेगा स्टेडियम</p>
<p>यह स्टेडियम केवल एक खेल परिसर नहीं होगा, बल्कि पूरे पूर्वांचल में क्रिकेट के भविष्य का केंद्रबिंदु बनेगा। वाराणसी सहित पूर्वांचल के लाखों युवाओं को अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, अभ्यास और प्रतियोगी माहौल उपलब्ध होगा। इससे क्षेत्र की उभरती प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के बेहतर अवसर मिलेंगे।<br>
इसके अतिरिक्त यह स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं की मेजबानी कर वाराणसी को वैश्विक खेल मानचित्र पर नई पहचान देगा। खेल गतिविधियों में वृद्धि से खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय रोजगार, होटल उद्योग, परिवहन, व्यापार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।</p>
<p>92 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा</p>
<p>यूपीसीए के सीईओ अंकित चटर्जी ने बताया कि क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य 92 प्रतिशत पूरा हो चुका है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश सरकार और वाराणसी प्रशासन के सफल समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने बताया कि आने वाले दशकों तक प्रदेश के खेल विकास, युवा सशक्तीकरण और क्रिकेट संस्कृति को नई दिशा देने वाली एक स्थायी धरोहर के रूप में स्थापित होगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>किसानों की डिजिटल पहचान की ओर तेजी से बढ़ रहा उत्तर प्रदेश</title>
<link>https://atworldnews.in/8941</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से डिजिटल कृषि व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है। किसानों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और त्वरित लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में चल रही फार्मर रजिस्ट्री अभियान ने अब बड़े स्तर पर परिणाम देना शुरू कर दिया है। यूपी के … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 23:03:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>किसानों, की, डिजिटल, पहचान, की, ओर, तेजी, से, बढ़, रहा, उत्तर, प्रदेश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से डिजिटल कृषि व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है। किसानों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और त्वरित लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में चल रही फार्मर रजिस्ट्री अभियान ने अब बड़े स्तर पर परिणाम देना शुरू कर दिया है। यूपी के गाजियाबाद और रामपुर में 100 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण हो गया है। प्रदेश सरकार की सक्रिय पहल के चलते अब तक 2.38 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 82.69 प्रतिशत है।<br>
    <br>
प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत 5 नवंबर 2024 से की गई थी। केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के लिए 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान प्रगति के अनुसार अब तक 2, 38,72,418 किसानों का नामांकन किया जा चुका है, जबकि लगभग 49,98,007 किसानों का पंजीकरण अभी शेष है।<br>
   योगी सरकार ने इस अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और स्थानीय स्तर के कर्मचारियों को तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है, जिससे उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान, ऋण सुविधा और अन्य योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सके। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगले 90 दिनों यानी 26 सितंबर 2026 तक लक्ष्य पूरा करना है।<br>
   <br>
प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमि और किसानों के रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना भी है। इसी क्रम में “अंश निर्धारण” का कार्य भी तेजी से चल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण का कार्य 87.53 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इससे भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी और भविष्य में विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।<br>
  <br>
विभागीय अधिकारियों के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे सरकार को वास्तविक किसानों की पहचान करने, योजनाओं की मॉनिटरिंग करने और कृषि आधारित नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। साथ ही किसानों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में भी आसानी होगी।<br>
  <br>
योगी सरकार लगातार तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा दे रही है। डिजिटल गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाओं और डेटा आधारित योजना क्रियान्वयन के जरिए उत्तर प्रदेश को आधुनिक और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री अभियान को भी इसी व्यापक परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रदेश के करोड़ों किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सुजलॉन ग्रुप के सीईओ  कपूर ने की भेंट</title>
<link>https://atworldnews.in/8940</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सुजलॉन ग्रुप के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर  अजय कपूर ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में सौजन्य भेंट की। सुजलॉन ग्रुप द्वारा नवकरणीय ऊर्जा विशेष रूप से सोलर एनर्जी तथा विंड एनर्जी के क्षेत्र में परियोजनाऐं संचालित की जा रही हैं। सुजलॉन ग्रुप उज्जैन जिले की तराना तहसील में 200 मेगावाट … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 23:01:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, डॉ., यादव, से, सुजलॉन, ग्रुप, के, सीईओ, कपूर, ने, की, भेंट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सुजलॉन ग्रुप के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर  अजय कपूर ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में सौजन्य भेंट की। सुजलॉन ग्रुप द्वारा नवकरणीय ऊर्जा विशेष रूप से सोलर एनर्जी तथा विंड एनर्जी के क्षेत्र में परियोजनाऐं संचालित की जा रही हैं। सुजलॉन ग्रुप उज्जैन जिले की तराना तहसील में 200 मेगावाट की विंड एनर्जी परियोजना का क्रियान्वयन कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सीईओ सुजलॉन ग्रुप  कपूर ने प्रदेश में विंड एनर्जी परियोजना के विस्तार तथा हाइब्रिड क्षमता में वृद्धि संबंधी चर्चा की।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदलेगी सुठालिया परियोजना : राज्यमंत्री पंवार</title>
<link>https://atworldnews.in/8939</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी सुठालिया वृहद सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्यों का स्थल पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन मुख्य बांध सहित परियोजना के विभिन्न कार्यों का अवलोकन कर प्रगति की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों से निर्माण की वर्तमान स्थिति की जानकारी … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 23:01:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>कृषि, और, ग्रामीण, अर्थव्यवस्था, की, तस्वीर, बदलेगी, सुठालिया, परियोजना, राज्यमंत्री, पंवार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी सुठालिया वृहद सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्यों का स्थल पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन मुख्य बांध सहित परियोजना के विभिन्न कार्यों का अवलोकन कर प्रगति की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों से निर्माण की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के प्रत्येक कार्य को निर्धारित तकनीकी मानकों, उच्च गुणवत्ता एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न हो।</p>
<p><strong>राजगढ़ जिले की सुठालिया तहसील की बैराड ग्राम के नजदीक</strong></p>
<p>पार्वती नदी पर निर्मित हो रही यह परियोजना प्रदेश की प्रमुख वृहद सिंचाई योजनाओं में शामिल है। वर्ष 2018 में इस परियोजना को ₹1,375.24 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना अंतर्गत लगभग 25.50 मीटर ऊंचा, लगभग 4 किलोमीटर लंबा तथा 20 रेडियल गेटयुक्त कंपोजिट बांध निर्मित किया जा रहा है। बांध की सकल जल भंडारण क्षमता 201.35 मिलियन घनमीटर (MCM) तथा लाइव स्टोरेज क्षमता 183.70 MCM होगी। इसके साथ दो अत्याधुनिक पंप हाउसों का निर्माण कर प्रेशराइज्ड पाइपलाइन आधारित आधुनिक सिंचाई प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे लगभग 49,800 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना से 174 ग्रामों को प्रत्यक्ष सिंचाई लाभ मिलेगा, जिनमें सुठालिया तहसील के 73, ब्यावरा तहसील के 71 तथा नरसिंहगढ़ तहसील के 30 ग्राम शामिल हैं। ग्राम मऊ एवं कानरखेड़ी स्थित पंप हाउसों से क्रमशः 21,077 हेक्टेयर एवं 28,723 हेक्टेयर क्षेत्र में पाइपलाइन आधारित सिंचाई व्यवस्था विकसित की जा रही है।</p>
<p>परियोजना की वर्तमान प्रगति की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि मुख्य बांध का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रभावित क्षेत्रों में राजगढ़ जिले के 34, गुना जिले के 8, भोपाल जिले के 18 तथा सीहोर जिले के 3 ग्रामों में लगभग 90 प्रतिशत भू-अर्जन कार्य पूर्ण किया जा चुका है। परियोजना से प्रभावित लगभग 1,675 परिवारों के पुनर्वास हेतु ग्राम मऊ एवं बड़ाबड़ला में सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त पुनर्वास कॉलोनियों का निर्माण भी किया जा चुका है। परियोजना के शेष निर्माण कार्य वर्ष 2027 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जल संरक्षण, सिंचाई विस्तार एवं किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सुठालिया वृहद सिंचाई परियोजना केवल एक बांध निर्माण नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास की आधारशिला है। इसके पूर्ण होने से हजारों किसानों को वर्षभर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, भू-जल स्तर में सुधार आएगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि परियोजना के सभी कार्य उच्च गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण हों।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>टैलेंट सर्च में दिखा युवाओं का दम, बॉक्सिंग&#45;बैडमिंटन और तीरंदाजी ट्रायल्स में उमड़ी प्रतिभाएं</title>
<link>https://atworldnews.in/8938</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा संचालित &quot;टैलेंट सर्च 2026-27&quot; अभियान प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए सुनहरा अवसर बनकर उभर रहा है। राज्य खेल अकादमियों के लिए योग्य खिलाड़ियों के चयन के लिये आयोजित ट्रायल्स में लगातार बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 23:01:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>टैलेंट, सर्च, में, दिखा, युवाओं, का, दम, बॉक्सिंग-बैडमिंटन, और, तीरंदाजी, ट्रायल्स, में, उमड़ी, प्रतिभाएं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा संचालित "टैलेंट सर्च 2026-27" अभियान प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए सुनहरा अवसर बनकर उभर रहा है। राज्य खेल अकादमियों के लिए योग्य खिलाड़ियों के चयन के लिये आयोजित ट्रायल्स में लगातार बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।</p>
<p>शनिवार को राजधानी भोपाल स्थित टी.टी. नगर स्टेडियम तथा झाबुआ में आयोजित चयन ट्रायल्स में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी खेल क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।</p>
<p><strong>मध्यप्रदेश राज्य बॉक्सिंग अकादमी में उमड़ा खिलाड़ियों का उत्साह</strong></p>
<p>टी.टी. नगर स्टेडियम स्थित मध्यप्रदेश राज्य बॉक्सिंग अकादमी में आयोजित चयन ट्रायल्स में कुल 148 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें 84 बालक एवं 64 बालिकाएं शामिल रहीं। चयन प्रक्रिया अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप संपन्न हुई। ट्रायल्स का संचालन मुख्य प्रशिक्षक रोशन लाल के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान सहायक प्रशिक्षक नेहा कश्यप, सोनम नायक एवं भरत पंसोरिया ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन का सूक्ष्म मूल्यांकन किया।</p>
<p><strong>बैडमिंटन ट्रायल्स में 70 खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा</strong></p>
<p>टी.टी. नगर स्टेडियम, भोपाल में आयोजित बैडमिंटन चयन ट्रायल्स में 70 खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी तकनीकी दक्षता और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। चयन प्रक्रिया का नेतृत्व ग्वालियर बैडमिंटन अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक अगुस द्वी सन्तोसा ने किया, जो वर्ष 2021 एवं 2023 में भारतीय स्टार शटलर P. V. Sindhu के पूर्व कोच रह चुके हैं। उनके साथ इंडोनेशिया के डबल्स विशेषज्ञ प्रशिक्षक सोफियान तथा सहायक प्रशिक्षक विनीत सरोदे ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।</p>
<p><strong>झाबुआ में तीरंदाजी ट्रायल्स का सफल आयोजन</strong></p>
<p>झाबुआ में आयोजित तीरंदाजी चयन ट्रायल्स में 22 खिलाड़ियों ने सहभागिता कर अपनी एकाग्रता, तकनीकी कौशल एवं लक्ष्यभेदन क्षमता का प्रदर्शन किया। दूरस्थ अंचलों से खिलाड़ियों की सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि प्रदेश के जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।</p>
<p><strong>पारदर्शी प्रक्रिया से होगा प्रतिभाओं का चयन</strong></p>
<p>विभाग द्वारा चयन प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित की जा रही है। खिलाड़ियों का मूल्यांकन शारीरिक क्षमता, तकनीकी दक्षता, फिटनेस एवं खेल विशेष की आवश्यकताओं के आधार पर किया जा रहा है, जिससे सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं का चयन कर उन्हें राज्य खेल अकादमियों में आधुनिक सुविधाओं के साथ उच्चस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके।</p>
<p><strong>प्रदेशभर में जारी रहेगा प्रतिभा खोज अभियान</strong></p>
<p>"टैलेंट सर्च 2026-27" के अंतर्गत आगामी दिनों में विभिन्न खेलों के चयन ट्रायल्स प्रदेश के अलग-अलग जिलों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किए जाएंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने पात्र खिलाड़ियों से अधिक से अधिक संख्या में ट्रायल्स में भाग लेने का आह्वान किया है, ताकि मध्यप्रदेश की नई खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया जा सके।</p>
<p><strong>आगामी चरण में भी जारी रहेंगे चयन ट्रायल्स</strong></p>
<p>टैलेंट सर्च अभियान के आगामी चरणों में एथलेटिक्स, ट्रायथलॉन, क्याकिंग एवं केनोइंग, पुरुष हॉकी, महिला हॉकी, तीरंदाजी, ताइक्वांडो सहित विभिन्न खेलों के चयन ट्रायल्स निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किए जाएंगे। इससे प्रदेश के अधिकाधिक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सरकार ने फिर Telegram को भेजा नोटिस, पायरेसी पर मांगा जवाब; 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट</title>
<link>https://atworldnews.in/8937</link>
<guid>https://atworldnews.in/8937</guid>
<description><![CDATA[  नई दिल्ली भारत सरकार ने एक बार फिर से टेलीग्राम को नोटिस भेजा है, जिसमें सरकार ने बड़े लेवल होने वाली पायरेसी को लेकर जवाब में मांगा है. इस प्लेटफॉर्म पर लंबे समय से फिल्म, वेब सीरीज की पायरेसी हो रही है. यह जानकारी एएनआई ने दी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम को निर्देश … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:32:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सरकार, ने, फिर, Telegram, को, भेजा, नोटिस, पायरेसी, पर, मांगा, जवाब, दिन, में, देनी, होगी, रिपोर्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> नई दिल्ली</strong></p>
<p>भारत सरकार ने एक बार फिर से टेलीग्राम को नोटिस भेजा है, जिसमें सरकार ने बड़े लेवल होने वाली पायरेसी को लेकर जवाब में मांगा है. इस प्लेटफॉर्म पर लंबे समय से फिल्म, वेब सीरीज की पायरेसी हो रही है. यह जानकारी एएनआई ने दी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम को निर्देश दिया है कि वह पायरेटेड फिल्मों और ओटीटी (OTT) कंटेंट के प्रसार को रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए. सरकार ने टेलीग्राम से 15 दिनों के अंदर एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। </p>
<p>सरकार का कहना है कि यह कदम भारत की क्रिएटर इकोनॉमी, फिल्म उद्योग, ब्रॉडकास्टर्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, फिल्म प्रोड्यूसर्स डिस्ट्रिब्यूटर्स के अधिकारों की रक्षा के लिए उठाए गए हैं। </p>
<p><strong>यूजरनेम फीचर क्या है?</strong><br>
यूज़रनेम फीचर का इस्तेमाल करके यूज़र फोन नंबर शेयर किए बिना एक यूनीक यूज़रनेम के जरिए एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं. दरअसल, कुछ दिन पहले व्हाट्सएप ने भारत में यूज़रनेम फीचर को रोलआउट करना शुरू किया, जिसके कुछ घंटों के बाद ही सरकार ने व्हाट्सएप को नोटिस भेज दिया. सरकार ने आशंका जताई है कि इस फीचर के जरिए ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और इंपर्सोनेशन के मामलों में तेजी आ सकती है। </p>
<p>व्हाट्सऐप को तब तक के लिए यह फीचर रोकने का निर्देश भी दिया गया था, जब तक सरकार के साथ सलाह-मशविरा पूरी तरह संतोषजनक ढंग से न हो जाए. व्हाट्सएप को रोकने के बाद सरकार ने इसी मामले की वजह से टेलीग्राम और सिंग्नल ऐप को भी नोटिस भेज दिया है. इन दोनों ऐप्स में भी यूज़रनेम फीचर का इस्तेमाल काफी पहले से ही किया जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक मंत्रालय ने दोनों कंपनियों को जवाब देने के लिए महज तीन दिन का समय दिया है। </p>
<p>सरकारी सोर्सेज़ के मुताबिक, व्हाट्सएप और टेलीग्राम-सिग्नल के मामले एक जैसे तो हैं, लेकिन बिल्कुल एक जैसे नहीं है. टेलीग्राम में यह फीचर पहले से लागू है, जबकि व्हाट्सऐप ने अभी सिर्फ इसका एलान किया है. दोनों के यूजर बेस में भी बड़ा फर्क है, भारत व्हाट्सऐप का सबसे बड़ा बाजार है और यहां इसके पांच सौ मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं, जो टेलीग्राम की पहुंच से कहीं ज्यादा है. व्हाट्सऐप ने अपने बयान में कहा था कि इस फीचर में स्कैम और इंपर्सोनेशन रोकने के पहले से ही कई सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं. इसके बाद व्हाट्सएप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक विस्तृत FAQ भी जारी किया था। </p>
<p><strong>टेलीग्राम पर सरकार की नज़र</strong><br>
बीते कुछ महीनों मसे टेलीग्राम पर सरकार की कड़ी नज़रें बनी हुई है. नीट परीक्षा के लीक पेपर और फर्जी कंटेंट फैलाने के आरोप में सरकार ने 22 जून तक टेलीग्राम और उससे जुड़ी वेब सेवाओं पर एक हफ्ते का बैन भी लगाया था. हालांकि, नीट परीक्षा खत्म होने के बाद टेलीग्राम को भारत में फिर से चालू कर दिया गया था। </p>
<p>इस बीच Zoho समर्थित देसी मैसेजिंग ऐप अराट्टई (Arattai) ने भी नियामकीय बदलावों का पालन करते हुए अपने यूजरनेम-बेस्ड अकाउंट फीचर को बंद करने का फैसला लिया है, जिससे जानकारी कंपनी के फाउंडर श्रीधर वेंबू ने खुद सोशल मीडिया पर दी। </p>
<p><strong>डिजिटल अरेस्ट जैसे स्कैम लगातार बढ़े</strong><br>
बुधवार को केंद्र सरकार ने WhatsApp के 'यूज़रनेम' फ़ीचर को लेकर Meta को एक नोटिस भेजा है. सरकार को चिंता है कि इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी, फ़िशिंग, 'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम और किसी और का रूप धरकर (इम्पर्सोनेशन) किए जाने वाले हमलों में काफ़ी बढ़ोतरी हो सकती है. सरकार ने WhatsApp को यह भी निर्देश दिया था कि जब तक इस मुद्दे पर सरकार की संतुष्टि के अनुसार बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फ़ीचर को रोक दिया जाए. सूत्रों के अनुसार, सरकार ने अब दूसरे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की भी जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। </p>
<p><strong>व्हॉट्सएप से पूछा गया कार्रवाई क्यों ना की जाए</strong><br>
PTI के सूत्रों अनुसार IT मंत्रालय ने Telegram और Signal को भी पत्र लिखा है (जिनमें पहले से ही यूज़रनेम फ़ीचर मौजूद है) और पूछा है कि वे धोखाधड़ी और इम्पर्सोनेशन से जुड़ी चिंताओं को कैसे दूर कर रहे हैं. WhatsApp को भेजे नोटिस में सरकार ने चिंता जताई थी कि प्रस्तावित यूज़रनेम फ़ीचर से ऑनलाइन धोखाधड़ी, फ़िशिंग, 'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम और इम्पर्सोनेशन हमलों के मामलों में काफ़ी बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि इससे गलत इरादे वाले लोग पीड़ितों से संपर्क कर सकते हैं और उन्हें मैसेज भेज सकते हैं. साथ ही Meta से यह बताने को कहा गया था कि WhatsApp के नए फ़ीचर, जिससे साइबर अपराध बढ़ सकते हैं, के लिए IT एक्ट और नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए। </p>
<p><strong>व्हॉट्सएप ने जारी किया था बयान</strong><br>
केंद्र ने Meta को यह भी याद दिलाया कि एक अहम सोशल मीडिया मध्यस्थ (इंटरमीडियरी) होने के नाते, WhatsApp IT एक्ट और नियमों के तहत 'ड्यू डिलिजेंस' (उचित सावधानी) की शर्तों का पालन करने के लिए बाध्य है. बुधवार को एक बयान में WhatsApp ने इस फीचर का बचाव करते हुए कहा कि इसमें स्कैम और इम्पर्सोनेशन को रोकने और यूज़र्स की सुरक्षा के लिए पहले से ही सुरक्षा उपाय मौजूद हैं. भारत WhatsApp का सबसे बड़ा बाज़ार है और 50 करोड़ से ज़्यादा यूज़र्स के साथ, Telegram की तुलना में यहां इसका यूज़र बेस काफ़ी बड़ा है। </p>
<p><strong>सरकार ने लगाया था प्रतिबंधन</strong><br>
पिछले महीने, धोखाधड़ी, इम्पर्सोनेशन और संवेदनशील कंटेंट के प्रसार से जुड़ी चिंताओं के कारण भारत में Telegram नियामक जांच के दायरे में आ गया था. भारत सरकार ने Telegram और उससे जुड़ी वेब सेवाओं पर 22 जून तक प्रतिबंध लगा दिया था. सरकार ने कहा था कि प्लेटफ़ॉर्म लीक हुए और फ़र्ज़ी नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) परीक्षा के पेपर, भ्रामक कंटेंट और देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी अन्य धोखाधड़ी वाली गतिविधियों के प्रसार को रोकने में नाकाम रहा. हालांकि, एक हफ़्ते के सरकारी प्रतिबंध की अवधि खत्म होने के बाद यह इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म भारत में फिर से चालू हो गया। </p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>बारिश के साथ दिखने लगा ‘मोर गांव&#45;मोर पानी’ अभियान का असर</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर  प्रदेश में मानसून की सक्रियता के साथ ही ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के सकारात्मक परिणाम अब गांव-गांव में स्पष्ट दिखाई देने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों से हो रही अच्छी वर्षा के कारण अभियान के तहत निर्मित आजीविका डबरियां, नवा तरिया तथा अन्य जल संरक्षण संरचनाएं तेजी से भर रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:31:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>बारिश, के, साथ, दिखने, लगा, ‘मोर, गांव-मोर, पानी’, अभियान, का, असर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p> प्रदेश में मानसून की सक्रियता के साथ ही ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के सकारात्मक परिणाम अब गांव-गांव में स्पष्ट दिखाई देने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों से हो रही अच्छी वर्षा के कारण अभियान के तहत निर्मित आजीविका डबरियां, नवा तरिया तथा अन्य जल संरक्षण संरचनाएं तेजी से भर रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ने के साथ-साथ कृषि और आजीविका गतिविधियों को भी नई मजबूती मिल रही है।<br>
         <br>
प्रदेश में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशानुरूप निर्मित 15 हजार से अधिक आजीविका डबरियां वर्षा जल का प्रभावी संचयन कर रही हैं। वहीं ‘नवा तरिया–आय के जरिया’ पहल के अंतर्गत विकसित 700 से अधिक सामुदायिक तालाब भी पानी से लबालब भरने लगे हैं। इन जल संरचनाओं से मत्स्य पालन, सिंचाई, बागवानी तथा अन्य आयवर्धक गतिविधियों के लिए स्थायी जल स्रोत उपलब्ध होंगे।<br>
            <br>
राज्य सरकार जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 1 जुलाई से लागू वीबीजी रामजी योजना के अंतर्गत भी ऐसे कार्यों को और गति दे रही है। योजना में कुल 318 कार्य अनुमोदित किए गए हैं, जिनमें से 108 कार्य सीधे जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से संबंधित हैं। इन कार्यों से वर्षा जल के अधिकतम संचयन, भू-जल पुनर्भरण तथा ग्रामीण आजीविका को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।<br>
           <br>
मोर गांव–मोर पानी’ अभियान प्रारंभ होने के पश्चात प्रदेश में एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं जल संवर्धन संबंधी संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इन कार्यों पर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत लगभग 1,600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की जा चुकी है।<br>
           <br>
राज्य सरकार का उद्देश्य केवल जल संरचनाओं का निर्माण करना नहीं, बल्कि उन्हें ग्रामीण समृद्धि का स्थायी आधार बनाना है। मानसून की शुरुआत के साथ इन संरचनाओं में पानी भरने से यह स्पष्ट हो गया है कि ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान जल संरक्षण के साथ-साथ रोजगार, कृषि और आजीविका सशक्तीकरण की दिशा में प्रभावी परिणाम दे रहा है। आने वाले समय में इन प्रयासों का और विस्तार करते हुए प्रदेश में जल सुरक्षा तथा ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान की जाएगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>तेजस कार्यशाला’ का सफल आयोजन</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर सुकमा जिले में युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला प्रशासन के मार्गदर्शन तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के तत्वावधान में शबरी ऑडिटोरियम में एक दिवसीय &#039;तेजस कार्यशाला&#039; का आयोजन किया गया। भारत सरकार के स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम के तहत आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:31:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>तेजस, कार्यशाला’, का, सफल, आयोजन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>सुकमा जिले में युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला प्रशासन के मार्गदर्शन तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के तत्वावधान में शबरी ऑडिटोरियम में एक दिवसीय 'तेजस कार्यशाला' का आयोजन किया गया। भारत सरकार के स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम के तहत आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य जिले में नवाचार, एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी), फूड प्रोसेसिंग और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों, एमएसएमई उद्यमियों, आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों सहित लगभग 350 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।</p>
<p>जिला पंचायत सुकमा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  मुकुंद ठाकुर ने कहा कि सुकमा में कृषि, वनोपज, हस्तशिल्प और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने युवाओं से आधुनिक तकनीक और नवाचार अपनाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और जिले के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।<br>
स्टार्टअप शुरू करने की मिली पूरी जानकारी</p>
<p>कार्यशाला में देशभर से आए विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को स्टार्टअप इंडिया के तहत डीपीआईआईटी मान्यता, पंजीयन प्रक्रिया, सफल व्यवसाय मॉडल, डिजिटल मार्केटिंग तथा बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) की विस्तृत जानकारी दी। बैंक अधिकारियों एवं इन्क्यूबेशन सेंटर के विशेषज्ञों ने व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण, वित्तीय सहायता, निवेश और व्यापार विस्तार की प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाया।<br>
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बाजार</p>
<p>प्रभारी महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र  कैलाश कश्यप ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को केवल स्टार्टअप तक सीमित रखना नहीं, बल्कि कृषि, वनोपज, फूड प्रोसेसिंग और हस्तशिल्प आधारित उद्यमों से जोड़ना है। इससे स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा और जिले में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।</p>
<p>कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त की। इस पहल से सुकमा में स्थानीय उद्यमिता को नई गति मिलने और जिले के उत्पादों को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>इस अवसर पर सुकमा नगर पालिका अध्यक्ष  हूँगा राम मरकाम, पार्षद  रंजीत बारठ, पूर्व योग आयोग सदस्य  राजेश नारा, लीड बैंक अधिकारी  विकास कुमार,  रवि वाधवानी (एफपीआईआईटी),  अरविंद कुमार (ईडीआई),  बरगीन रसेल,  अबुल हसन (स्टार्टअप टीम), सु तुलिका शर्मा (इन्क्यूबेटर, जगदलपुर), चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि, पत्रकार संघ के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय 5 जुलाई को करेंगे  थोक बाजार डूमरतराई फेस&#45;2 का नामकरण एवं लोकार्पण</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित रायपुर के डूमरतराई थोक बाजार फेस-2 के नामकरण एवं लोकार्पण समारोह का आयोजन 5 जुलाई 2026 (रविवार) को शाम 5:00 बजे किया जाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:31:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, विष्णु, देव, साय, जुलाई, को, करेंगे, थोक, बाजार, डूमरतराई, फेस-2, का, नामकरण, एवं, लोकार्पण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>रायपुर</p>
<p>छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित रायपुर के डूमरतराई थोक बाजार फेस-2 के नामकरण एवं लोकार्पण समारोह का आयोजन 5 जुलाई 2026 (रविवार) को शाम 5:00 बजे किया जाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री  ओ.पी. चौधरी करेंगे।</p>
<p>कार्यक्रम में मंत्री  केदार कश्यप, मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब तथा रायपुर लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।</p>
<p>इसके अलावा विधायक  राजेश मूणत,  मोतीलाल साहू,  पुरंदर मिश्रा,  सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव, रायपुर महापौर मती मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक समारोह में शामिल होंगे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) होते हैं लोकतंत्र की नींव : मुख्य निर्वाचन आयुक्त  कुमार</title>
<link>https://atworldnews.in/8933</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ज्ञानेश कुमार ने इंदौर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से सीधा संवाद करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एवं मतदाता सूची के परिशोधन का कार्य अत्यंत पारदर्शी, सुलभ और व्यवस्थित तरीके से संपन्न किया है। उन्होंने कहा कि … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>बूथ, लेवल, अधिकारी, बीएलओ, होते, हैं, लोकतंत्र, की, नींव, मुख्य, निर्वाचन, आयुक्त, कुमार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ज्ञानेश कुमार ने इंदौर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से सीधा संवाद करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एवं मतदाता सूची के परिशोधन का कार्य अत्यंत पारदर्शी, सुलभ और व्यवस्थित तरीके से संपन्न किया है। उन्होंने कहा कि जिस दक्षता और पारदर्शिता के साथ यह कार्य मध्यप्रदेश में हुआ है, वैसा उदाहरण देश के अन्य राज्यों में दुर्लभ है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त  कुमार ने कहा कि भारत की चुनावी प्रक्रिया विश्व की सबसे पारदर्शी और विश्वसनीय प्रक्रियाओं में से एक है। मतदाता सूची निर्माण से लेकर मतदान और मतगणना तक प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा कि इसी पारदर्शिता और दक्षता के कारण भारत आज विश्व के 35 प्रमुख लोकतांत्रिक देशों के संगठन इंटरनेशनल आइडिया (International IDEA) की 2026 की अध्यक्षता कर रहा है।</p>
<p>इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश  संजीव कुमार झा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  राम प्रताप सिंह जादौन, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  शिवम वर्मा भी विशेष रूप से मौजूद थे।</p>
<p>मुख्य निर्वाचन आयुक्त  कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग का विशेष ध्यान वृद्धजन, दिव्यांगजन, प्रवासी श्रमिक, अशिक्षित नागरिकों तथा वंचित समुदायों तक मतदाता सेवाएँ पहुँचाने पर केंद्रित रहा है, जिससे कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे, साथ ही यह सुनिश्चित ‍किया जा रहा है कि किसी भी अपात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो। इसके लिये ‍विशेष गहन पुनरीक्षण का सफलतापूर्वक अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा सरल भाषा में दिशा-निर्देश, सोशल मीडिया जागरूकता अभियान, समाचार पत्र, एफएम रेडियो, व्हाट्सएप, पंचायत स्तरीय बैठकों एवं मोहल्ला सूचना अभियानों के माध्यम से व्यापक जनजागरण किया गया।  कुमार ने बीएलओ की भूमिका को लोकतंत्र की रीढ़ बताते हुए कहा कि बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क स्थापित करते हैं, नए मतदाताओं का पंजीयन करते हैं तथा मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट तथा अनुपस्थित मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी करते हैं। उन्होंने विशेष रूप से सुदूर आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाले बीएलओ की सराहना की।</p>
<p>मुख्य निर्वाचन आयुक्त  कुमार ने कहा कि भारत में चुनाव संचालन विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रिया है। देश में लगभग 95 करोड़ मतदाता हैं। देश में चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में 1 करोड़ 80 लाख चुनावकर्मी शामिल होते हैं। यह संख्या दुनिया की कई बड़ी सरकारी और निजी संस्थाओं से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि इतने विशाल स्तर पर भी भारत की चुनाव प्रणाली पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही का बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करती है। चुनाव आयोग के डिजिटल नवाचारों का उल्लेख करते हुए ‘ईसीआई नेट’ (ECI Net) ऐप को पारदर्शिता और सुगमता की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐप बीएलओ और मतदाताओं के बीच सीधे संपर्क का माध्यम बना है और देश के दूरस्थ क्षेत्रों में भी इसका सफल उपयोग हो रहा है। मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता समझाते हुए बताया कि मतदान शुरू होने से पहले मॉक पोल, मतदान के दौरान पोलिंग एजेंट की उपस्थिति, फॉर्म 17-सी के माध्यम से रिकॉर्ड सत्यापन और मतगणना के दौरान एजेंटों की मौजूदगी भारत की चुनाव प्रणाली को अत्यंत विश्वसनीय बनाती है।</p>
<p>मुख्य निर्वाचन आयुक्त  कुमार ने कहा कि भारत का लोकतंत्र केवल आकार में ही नहीं, बल्कि सहभागिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता में भी सबसे सशक्त है। उन्होंने विभिन्न देशों के मतदान प्रतिशतों की तुलना करते हुए कहा कि भारत में स्वैच्छिक मतदान होने के बावजूद मतदान प्रतिशत कई अनिवार्य मतदान वाले देशों से अधिक रहता है, जो लोकतंत्र में जनता के विश्वास का प्रमाण है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से मतदाता सूची को शुद्ध करना संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुरूप निर्वाचन आयोग का संवैधानिक दायित्व है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत अनुपस्थित, मृत, स्थानांतरित, डुप्लिकेट और अपात्र मतदाताओं को चिन्हित कर सूची को अधिक शुद्ध और विश्वसनीय बनाया गया है।</p>
<p>मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में हुए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने एसआईआर अभियान को उत्कृष्टता के साथ पूरा कर देश के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने सभी बीएलओ को लोकतंत्र के सच्चे प्रहरी बताते हुए उनके समर्पण, परिश्रम और संवैधानिक जिम्मेदारी के निर्वहन के लिए बधाई दी तथा कहा कि सशक्त मतदाता ही सशक्त लोकतंत्र की नींव है। उन्होंने बीएलओ से संवाद करते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया के लिए प्रेरणा है और इसकी मजबूती में बूथ लेवल अधिकारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।</p>
<p>कार्यक्रम में मध्यप्रदेश में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) की उपलब्धियों, नवाचारों एवं सफलताओं पर आधारित एक विशेष कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ज्ञानेश कुमार से सीधा संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। बीएलओ ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार जमीनी स्तर पर मतदाता सूची के परिशोधन एवं अद्यतन कार्य को सफलतापूर्वक संपादित किया गया। संवाद के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ने बीएलओ के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें लोकतंत्र की मजबूती का आधार बताया।</p>
<p>मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश  संजीव कुमार झा ने कहा कि मध्यप्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। उन्होंने कहा कि यह कार्य पूरी टीम की सामूहिक मेहनत और समर्पण का परिणाम है तथा इस उपलब्धि के लिए उन्होंने सभी अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को बधाई दी। भारत इस वर्ष International IDEA की अध्यक्षता कर रहा है और भारत निर्वाचन आयोग की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को वैश्विक स्तर पर साझा किया जाएगा। यह देश के लिए गर्व का विषय है।  झा ने कहा कि मध्यप्रदेश भौगोलिक और सामाजिक विविधताओं से भरा राज्य है, जिसके कारण मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में कई चुनौतियाँ सामने आईं। वर्ष 2003 के पुराने डेटा को वर्तमान सॉफ्टवेयर सिस्टम के अनुरूप परिवर्तित करना एक बड़ी चुनौती थी। इसके लिए विभाग ने पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने बताया कि नए निर्देशों के तहत स्थानीय क्षेत्र के बीएलओ की नियुक्ति की गई, जिससे कई पुराने शिक्षकों की जगह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य मैदानी कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई। इनकी क्षमता वृद्धि के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित किए गए।  झा ने प्रदेश में हुए कार्यों और प्राप्त उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की सफलता कलेक्टरों, संभागायुक्तों, बीएलओ, राजनीतिक दलों और निर्वाचन टीम के सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने बीएलओ को लोकतंत्र की प्रथम कड़ी बताते हुए कहा कि मतदाता सबसे पहले उन्हीं से संपर्क करता है। इसलिए उनकी जिम्मेदारी है कि मतदाता सूची को निरंतर अद्यतन और शुद्ध बनाए रखें। अंत में उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा बीएलओ के मानदेय को 6 हजार रुपये तक बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे उनकी भूमिका और अधिक सशक्त होगी। सभी से आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा और मनोयोग से पालन करने की अपील की। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  शिवम वर्मा ने आभार व्यक्त किया।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>माध्यमिक विद्यालयों में जुलाई में कक्षाओं के साथ&#45;साथ अन्य कार्यों के कारण रहेगी व्यस्तता</title>
<link>https://atworldnews.in/8932</link>
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<description><![CDATA[ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का माध्यम बना रही है। इसी सोच के अनुरूप जुलाई में प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन के साथ बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया, सतत मूल्यांकन, डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य, … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:30:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>माध्यमिक, विद्यालयों, में, जुलाई, में, कक्षाओं, के, साथ-साथ, अन्य, कार्यों, के, कारण, रहेगी, व्यस्तता</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का माध्यम बना रही है। इसी सोच के अनुरूप जुलाई में प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन के साथ बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया, सतत मूल्यांकन, डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य, पर्यावरण, सांस्कृतिक गतिविधियों और करियर मार्गदर्शन का व्यापक अभियान चलेगा।</p>
<p>शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पूरे माह संचालित होने वाली गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ उनके व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, जीवन कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना है। नियमित शिक्षण के साथ सीखने की गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता, अनुशासन और व्यावहारिक कौशल को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा।</p>
<p>जुलाई में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस, विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान, वन महोत्सव, सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान तथा करियर काउंसिलिंग (साइकोमेट्रिक टेस्ट) जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा, सामाजिक दायित्व और भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित किया जाएगा।</p>
<p><strong>नियमित पढ़ाई के साथ आगे बढ़ेगी बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया</strong></p>
<p>जुलाई में निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार नियमित शिक्षण कार्य जारी रहेगा। कक्षा 9 से 12 तक प्रवेश संबंधी कार्य पूरे किए जाएंगे। कक्षा 10 एवं 12 के विद्यार्थियों के विवरण का मिलान कर बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जबकि कक्षा 11 के विद्यार्थियों का पंचम पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा। विद्यार्थियों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) का प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आवेदन भी कराए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।</p>
<p><strong>यूनिट टेस्ट से होगी सीखने की प्रगति की समीक्षा</strong></p>
<p>कक्षा 9 से 12 तक जुलाई के दूसरे सप्ताह में प्रथम यूनिट टेस्ट आयोजित किया जाएगा। इसमें मई माह के गृहकार्य का मूल्यांकन तथा अप्रैल से जुलाई के प्रथम सप्ताह तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक अनुश्रवण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।</p>
<p><strong>कक्षा के बाहर भी सीखने के मिलेंगे अवसर</strong></p>
<p>जुलाई माह में अभिभावक-शिक्षक संघ की सामान्य सभा एवं कार्यकारिणी का गठन कराया जाएगा। 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को अरुणाचल प्रदेश और मेघालय की संस्कृति, लोककला और परंपराओं से परिचित कराया जाएगा। स्काउट-गाइड गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ विद्यालयों में योग, खेलकूद, प्रार्थना सभा आधारित प्रेरक कार्यक्रम तथा डिजिटल शिक्षण गतिविधियों का भी आयोजन होगा। इससे विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और सामाजिक सहभागिता का विकास होगा।</p>
<p>निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि जुलाई का शैक्षणिक कैलेंडर विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। नियमित पढ़ाई के साथ मूल्यांकन, डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति, खेल, स्वास्थ्य, पर्यावरण, करियर मार्गदर्शन और सह-शैक्षणिक गतिविधियों को समान महत्व दिया गया है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक विद्यालय, कैलेंडर का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करे ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक कौशल और अवसर भी प्राप्त हों।</p>]]> </content:encoded>
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<title>मुख्यमंत्री ने किया नितिन नबीन का स्वागत</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद नितिन नबीन शनिवार को पहली बार लखनऊ पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्पगुच्छ देकर व भगवा अंगवस्त्र पहनाकर एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से प्रदेश सरकार के मंत्रियों व कार्यकर्ताओं का परिचय भी कराया।  मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट &#039;एक्स&#039; … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:03:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, ने, किया, नितिन, नबीन, का, स्वागत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद नितिन नबीन शनिवार को पहली बार लखनऊ पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्पगुच्छ देकर व भगवा अंगवस्त्र पहनाकर एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से प्रदेश सरकार के मंत्रियों व कार्यकर्ताओं का परिचय भी कराया। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर किए गए पोस्ट में लिखा कि प्रभु श्रीराम एवं लीलाधारी भगवान श्रीकृष्ण के चरणरज से पावन हुई संस्कृति, संस्कार और सृजन की साधना स्थली उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।</p>
<p>राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत करने वालों में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष/केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, भूपेंद्र चौधरी, एके शर्मा, धर्मपाल सिंह, नंद गोपाल गुप्ता 'नन्दी', संजय निषाद, दारा सिंह चौहान, जेपीएस राठौर, राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा, संजय सेठ, ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल समेत अन्य मंत्री, जनप्रतिनिधि व संगठन के पदाधिकारी आदि मौजूद रहे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>योगी सरकार का बड़ा फैसला, अब तीन सदस्यीय विशेष पीठ करेगी शासकीय भूमि से जुड़े वादों की सुनवाई</title>
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<description><![CDATA[ लखनऊ योगी सरकार प्रदेश में राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण सुधार कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राजस्व परिषद ने सार्वजनिक महत्व की भूमि से जुड़े मामलों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब आरक्षित श्रेणी की भूमि, … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:03:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>योगी, सरकार, का, बड़ा, फैसला, अब, तीन, सदस्यीय, विशेष, पीठ, करेगी, शासकीय, भूमि, से, जुड़े, वादों, की, सुनवाई</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p>योगी सरकार प्रदेश में राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण सुधार कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राजस्व परिषद ने सार्वजनिक महत्व की भूमि से जुड़े मामलों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब आरक्षित श्रेणी की भूमि, शासकीय भूमि, ग्राम सभा, नजूल, निष्क्रांत संपत्ति तथा शत्रु संपत्ति (यदि कोई हो) से संबंधित सभी वादों की सुनवाई तीन सदस्यीय विशेष पीठ (थ्री मेंबर बेंच) द्वारा की जाएगी। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।</p>
<p><strong>धारा-9 के तहत लागू की गई नई व्यवस्था</strong></p>
<p>राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, भूमि विवादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने तथा राजस्व न्याय प्रणाली को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने पर विशेष बल देते रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-9 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नई व्यवस्था लागू की गयी है। इसका उद्देश्य इन संवेदनशील मामलों के निस्तारण में पारदर्शिता, न्यायिक गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करना है। यह व्यवस्था तत्काल लागू कर दी गई है, जिसके तहत लखनऊ एवं प्रयागराज स्थित राजस्व परिषद न्यायालयों में इन श्रेणी के सभी लंबित और नए वाद अब विशेष रूप से गठित तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। नई व्यवस्था के अनुसार आरक्षित श्रेणी की भूमि, शासकीय भूमि, ग्राम सभा, नजूल, निष्क्रांत संपत्ति तथा शत्रु संपत्ति से जुड़े मामलों की सुनवाई अब परिषद की एकल पीठ अथवा सर्किट कोर्ट द्वारा नहीं की जाएगी। इन मामलों पर विशेष रूप से गठित तीन सदस्यीय पीठ सामूहिक रूप से विचार करेगी। इससे महत्वपूर्ण मामलों में विभिन्न न्यायिक दृष्टिकोणों का समावेश होगा और निर्णय प्रक्रिया अधिक मजबूत, निष्पक्ष तथा न्यायसंगत बन सकेगी।</p>
<p><strong>विशेष पीठ हर बुधवार को करेगी मामलों की सुनवाई</strong></p>
<p>परिषद की अध्यक्ष ने बताया कि राजस्व परिषद ने लखनऊ और प्रयागराज दोनों न्यायालयों के लिए अलग-अलग तीन सदस्यीय विशेष पीठों का गठन किया है। इन विशेष पीठों द्वारा प्रत्येक बुधवार को नियमित रूप से इन मामलों की सुनवाई की जाएगी। इससे सरकारी और सार्वजनिक भूमि से जुड़े संवेदनशील प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण संभव होगा, साथ ही पूरे प्रदेश में निर्णय प्रक्रिया में एकरूपता भी स्थापित होगी। वहीं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इस श्रेणी के सभी लंबित एवं नए वादों की पहचान कर उन्हें निर्धारित विशेष पीठ के समक्ष सूचीबद्ध कराया जाए। इससे नई व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा और मामलों के अनावश्यक लंबित रहने की संभावना भी कम होगी। व्यवस्थित सूचीकरण और नियमित सुनवाई से न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुचारु एवं परिणामकारी बनेगी। सामूहिक निर्णय प्रणाली अपनाए जाने से न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही विभिन्न प्रकार के समान मामलों में एकरूप निर्णय आने से भविष्य में अनावश्यक विवादों और कानूनी असमंजस की स्थिति भी कम होगी।</p>
<p><strong>राजस्व व्यवस्था को बनाया अधिक उत्तरदायी</strong></p>
<p>योगी सरकार पहले ही राजस्व प्रशासन में व्यापक सुधारों की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल कर चुकी है। डिजिटल भू-अभिलेख, ऑनलाइन नामांतरण एवं अन्य राजस्व सेवाएं, आधुनिक तकनीकों के माध्यम से भूमि पैमाइश, पारदर्शी न्यायिक प्रक्रिया तथा सरकारी भूमि की सुरक्षा जैसे कदमों ने राजस्व व्यवस्था को अधिक उत्तरदायी बनाया है। अब तीन सदस्यीय विशेष पीठ का गठन इसी सुधार श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी है। विशेषज्ञतापूर्ण सामूहिक निर्णय व्यवस्था से न केवल न्याय वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनेगी, बल्कि प्रदेश में राजस्व न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण को भी नई गति मिलेगी।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>वीबी&#45;जीरामजी योजना से दिव्यांगजनों को मिला सम्मान और रोजगार</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर शासन की विकसित भारत-जीरामजी (ग्रामीण रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन) योजना दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना से उन्हें अधिक रोजगार, बेहतर मजदूरी और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य मिल रहा है। पहले जहां मनरेगा के तहत 100 दिनों का रोजगार मिलता था, वहीं अब वीबी-जीरामजी योजना के अंतर्गत 125 दिनों का … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:01:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>वीबी-जीरामजी, योजना, से, दिव्यांगजनों, को, मिला, सम्मान, और, रोजगार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>शासन की विकसित भारत-जीरामजी (ग्रामीण रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन) योजना दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना से उन्हें अधिक रोजगार, बेहतर मजदूरी और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य मिल रहा है। पहले जहां मनरेगा के तहत 100 दिनों का रोजगार मिलता था, वहीं अब वीबी-जीरामजी योजना के अंतर्गत 125 दिनों का रोजगार और 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिल रही है। इससे दिव्यांग हितग्राहियों की आय बढ़ी है और उनका आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है।</p>
<p><strong>मेट की जिम्मेदारी ने बढ़ाया आत्मविश्वास</strong></p>
<p>राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सुंदरा निवासी दिव्यांग  चंद्रप्रकाश साहू को वीबी-जीरामजी योजना के तहत 100 मजदूरों के लिए मेट की जिम्मेदारी दी गई है। वे बताते हैं कि पहले उन्हें मनरेगा के अंतर्गत 100 दिनों का रोजगार मिलता था, लेकिन अब 125 दिनों तक काम और 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मेट की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए गर्व की बात है। इससे उन्हें समाज में सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिला है।</p>
<p><strong>सम्मान ने बढ़ाया हौसला</strong></p>
<p> चंद्रप्रकाश साहू को राजनांदगांव प्रवास के दौरान जिले के प्रभारी मंत्री  गजेन्द्र यादव ने शॉल, फल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। वे बताते हैं कि यह सम्मान उनके जीवन का अविस्मरणीय पल है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और आगे बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिली है।</p>
<p><strong>रंभा मंडावी बनीं आत्मनिर्भर</strong></p>
<p>विकासखंड डोंगरगांव के ग्राम कोहका की दिव्यांग सु रंभा मंडावी को भी वीबी-जीरामजी योजना के तहत मेट का कार्य मिला है। पहले उन्हें मनरेगा में 261 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी के साथ 100 दिनों का रोजगार मिलता था। अब उन्हें 125 दिनों का रोजगार और 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिल रही है, जिससे उनकी आय बढ़ी है और परिवार को आर्थिक संबल मिला है।</p>
<p><strong>योजनाओं की जानकारी देकर भी कर रही हैं सहयोग</strong></p>
<p><strong>सु रंभा मंडावी ने बताया कि वे मेट के रूप में कार्य करने के साथ-</strong>साथ गांव के लोगों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी देती हैं, ताकि पात्र हितग्राही समय पर योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।<br>
उन्हें भी जिले के प्रभारी मंत्री  गजेन्द्र यादव ने शॉल, फल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस सम्मान से उनका उत्साह और आत्मविश्वास दोनों बढ़े हैं।</p>
<p><strong>दिव्यांगजनों के लिए नई उम्मीद बनी योजना</strong></p>
<p>दोनों हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वीबी-जीरामजी योजना दिव्यांगजनों के लिए सम्मानजनक आजीविका का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना के तहत बढ़े कार्य दिवस, बेहतर मजदूरी और जिम्मेदारीपूर्ण दायित्व ने उनके जीवन में नई उम्मीद, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सुरक्षा का संचार किया है।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>सेवा सेतु से घर बैठे मिल रही समयबद्ध शासकीय सेवाएं</title>
<link>https://atworldnews.in/8928</link>
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<description><![CDATA[ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन, पारदर्शिता और डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। शासन की महत्वाकांक्षी पहल सेवा सेतु पोर्टल आम नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, सुलभ और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस पोर्टल … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:01:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सेवा, सेतु, से, घर, बैठे, मिल, रही, समयबद्ध, शासकीय, सेवाएं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन, पारदर्शिता और डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। शासन की महत्वाकांक्षी पहल सेवा सेतु पोर्टल आम नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, सुलभ और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के नागरिक विभिन्न प्रमाण-पत्रों एवं अन्य शासकीय सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इससे न केवल लोगों का समय और आर्थिक व्यय बच रहा है, बल्कि सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने की समस्या से भी उन्हें राहत मिली है।</p>
<p>कोरबा जिले की पोड़ी उपरोड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम सुतर्रा निवासी कुमारी निधि सेन, पिता प्रकाश चन्द्र सेन, सेवा सेतु पोर्टल की सफलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। उन्होंने निवास प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए ग्राम सुतर्रा स्थित लोक सेवा केंद्र के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल पर आवेदन किया। आवश्यक दस्तावेजों तथा पटवारी प्रतिवेदन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उनका आवेदन निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकृत किया गया और उन्हें मात्र एक सप्ताह में निवास प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया।</p>
<p>कुमारी निधि सेन ने बताया कि आवेदन से लेकर प्रमाण पत्र प्राप्त होने तक पूरी प्रक्रिया बेहद सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक रही। उन्हें किसी भी सरकारी कार्यालय के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़े, जिससे समय और धन दोनों की बचत हुई। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से अब आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और प्रभावी हो गई है।</p>
<p>उन्होंने राज्य सरकार की इस जनहितैषी पहल की सराहना करते हुए कहा कि सेवा सेतु ने सरकारी सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत किया है। समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह सेवा वितरण की यह व्यवस्था विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है, जहां अब लोग बिना किसी अनावश्यक परेशानी के आवश्यक शासकीय सेवाओं का लाभ प्राप्त कर पा रहे हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस को जन-जन तक पहुंचाने और प्रशासन को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी तथा नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सेवा सेतु पोर्टल इसी सोच का प्रभावी उदाहरण है, जिसने शासन और आम नागरिकों के बीच की दूरी कम करते हुए सेवाओं की उपलब्धता को अधिक सरल, त्वरित और भरोसेमंद बनाया है। यह पहल प्रदेश में सुशासन की अवधारणा को सशक्त करने के साथ-साथ नागरिकों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में स्थापित हो रही है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिवपुरी में करेंगे 2,500 करोड़ रुपए के अत्याधुनिक अडानी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास</title>
<link>https://atworldnews.in/8927</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 5 जुलाई को शिवपुरी में अडानी समूह द्वारा स्थापित किए जा रहे लगभग 2,500 करोड़ रुपए की लागत वाले अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास करेंगे। यह परियोजना प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के औद्योगिक विकास के विज़न को नई गति प्रदान करेगी। … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:01:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, डॉ., यादव, शिवपुरी, में, करेंगे, 2, 500, करोड़, रुपए, के, अत्याधुनिक, अडानी, डिफेंस, मैन्युफैक्चरिंग, प्लांट, का, शिलान्यास</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 5 जुलाई को शिवपुरी में अडानी समूह द्वारा स्थापित किए जा रहे लगभग 2,500 करोड़ रुपए की लागत वाले अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास करेंगे। यह परियोजना प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के औद्योगिक विकास के विज़न को नई गति प्रदान करेगी। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री  सिंधिया 211.29 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया भी जाएगा।</p>
<p><strong>रोजगार के अवसर और स्थानीय उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा</strong></p>
<p>डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसमें स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही क्षेत्र के छोटे एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को रक्षा उत्पादन की सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिलेगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत ऑनलाईन आवेदन 31 अगस्त तक आमंत्रित</title>
<link>https://atworldnews.in/8926</link>
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<description><![CDATA[ भोपाल  सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना का वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 31 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये गए है। सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को शिक्षा, तकनीक और गतिशीलता … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:01:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री, दिव्यांगजन, शिक्षा, प्रोत्साहन, योजना, के, तहत, ऑनलाईन, आवेदन, अगस्त, तक, आमंत्रित</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना का वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 31 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये गए है। सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को शिक्षा, तकनीक और गतिशीलता से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के मार्ग को सरल और सुलभ बनाएगी। उन्होंने पात्र विद्यार्थियों से समय-सीमा के भीतर आवेदन करने तथा जिला अधिकारियों को योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>आयुक्त, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण श्री कृष्ण गोपाल तिवारी ने बताया कि योजना का संपूर्ण संचालन ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनेगी। उन्होंने सभी संयुक्त एवं उप संचालकों को निर्धारित समय-सीमा का पालन करते हुए पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 से पूर्व ऑनलाइन आवेदन कर इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ अवश्य प्राप्त करें। छात्र-छात्राओं से 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करने की अपील की है। योजना का उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना तथा उन्हें आधुनिक संसाधनों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।</p>
<p>निर्देशानुसार पात्र छात्र-छात्राएं स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। जिला कार्यालयों में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर पात्रता के आधार पर उन्हें स्वीकृत किया जाएगा। आवेदन परीक्षण एवं स्वीकृति की प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 तक पूर्ण की जाएगी। इसके उपरांत 15 अक्टूबर 2026 तक स्वीकृत विद्यार्थियों के लिए नियमानुसार लैपटॉप अथवा मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल क्रय की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को विश्व दिव्यांग दिवस (3 दिसंबर 2026) के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में लैपटॉप एवं मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल वितरित किए जाएंगे। विभाग ने सभी जिलों को वितरण की जानकारी एवं फोटो 5 दिसंबर 2026 तक पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>राजगढ़ में बाल विवाह पर बड़ी कार्रवाई, नाबालिगों की शादी कराने के आरोप में 16 लोगों पर केस</title>
<link>https://atworldnews.in/8925</link>
<guid>https://atworldnews.in/8925</guid>
<description><![CDATA[  राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका और नाबालिग युवक का विवाह कराने के मामले में पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों में दोनों पक्षों के परिजन और विवाह आयोजन में शामिल अन्य लोग शामिल हैं। बाल विवाह की मिली थी सूचना पुलिस के अनुसार ग्राम झंझाड़पुर, प्रेमपुरा … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:01:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>राजगढ़, में, बाल, विवाह, पर, बड़ी, कार्रवाई, नाबालिगों, की, शादी, कराने, के, आरोप, में, लोगों, पर, केस</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong> राजगढ़</strong><br>
जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका और नाबालिग युवक का विवाह कराने के मामले में पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।</p>
<p><strong>आरोपियों में दोनों पक्षों के परिजन और विवाह आयोजन में शामिल अन्य लोग शामिल हैं।</strong></p>
<p><strong>बाल विवाह की मिली थी सूचना</strong><br>
पुलिस के अनुसार ग्राम झंझाड़पुर, प्रेमपुरा और खोखरिया के लोगों ने 17 वर्षीय बालिका और 18 वर्षीय युवक का विवाह कराया था। प्रशासन को मामले की सूचना मिलने के बाद जांच की गई, जिसमें सामने आया कि विवाह 12 जून को संपन्न हो चुका है।</p>
<p>इसके बाद पुलिस ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।</p>
<p><strong>इन पर केस दर्ज हुआ</strong><br>
प्रकरण में झंझाड़पुर निवासी कांताबाई, कोयलबाई, शिवसिंह, कनीराम, शैतानबाई, कैलाश, मदन, पांचूबाई और देवसिंह सहित प्रेमपुरा और खोखरिया निवासी थानसिंह, रामनाथ, भगवानसिंह, इंदरसिंह, बीरम, हेमराज और शिवनारायण तंवर को आरोपी बनाया गया है।</p>
<p>पुलिस का कहना है कि बाल विवाह सामाजिक कुरीति है और इसके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस या प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>इंदौर में मानसून का धमाका, अगले हफ्ते फिर शुरू होगा भारी बारिश का दौर</title>
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<description><![CDATA[ इंदौर प्रदेश में अब तक सर्वाधिक वर्षा वाले जिलों में देवास के साथ इंदौर अव्वल है। पिछले सप्ताह में शहर में हुई झमाझम वर्षा ने न सिर्फ औसत कोटा पूरा किया, बल्कि इंदौर में अब तक के औसत से 90 फीसद ज्यादा वर्षा हो चुकी है। इंदौर में अगले सप्ताह भी झमाझम वर्षा का दौर … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:01:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>इंदौर, में, मानसून, का, धमाका, अगले, हफ्ते, फिर, शुरू, होगा, भारी, बारिश, का, दौर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर</strong></p>
<p>प्रदेश में अब तक सर्वाधिक वर्षा वाले जिलों में देवास के साथ इंदौर अव्वल है। पिछले सप्ताह में शहर में हुई झमाझम वर्षा ने न सिर्फ औसत कोटा पूरा किया, बल्कि इंदौर में अब तक के औसत से 90 फीसद ज्यादा वर्षा हो चुकी है।</p>
<p>इंदौर में अगले सप्ताह भी झमाझम वर्षा का दौर जारी रहेगा। रविवार को इंदौर में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। उसके बाद दो दिन मध्यम वर्षा होगी और फिर भारी वर्षा होने की संभावना है।<br>
इन तीन मौसम प्रणालियों (सिस्टम) के कारण हो रही है झमाझम बारिश</p>
<p>मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वर्तमान में एक सियर जोन (दो अलग-अलग दिशाओं से आने वाली हवाओं का मिलन) मुंबई के पास बना हुआ है। इसके वजह से अरब सागर से आर्द्रता पश्चिमी मप्र की ओर आ रही है। इसके अलावा मानसून द्रोणिका उत्तर पश्चिम राजस्थान से मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए उत्तरी उड़ीसा तक जा रही है। इसके प्रभाव से इंदौर सहित संभाग के जिलों में झमाझम वर्षा का दौर दिखाई दे रहा है।</p>
<p>शनिवार को एक निम्न दाब क्षेत्र उत्तरी उड़ीसा पर बना हुआ है। यह अगले तीन दिन में उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए मप्र की ओर बढ़ेगा। ऐसे में इंदौर में सप्ताह के मध्य में भी शहर में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।<br>
अगले 7 दिनों का मौसम और तापमान पूर्वानुमान<br>
दिनांक     अधिकतम तापमान     न्यूनतम तापमान     वर्षा की संभावना<br>
5 जुलाई     29     22     भारी<br>
6 जुलाई     29     22     मध्यम<br>
7 जुलाई     29     22     मध्यम<br>
8 जुलाई     29     22     भारी वर्षा<br>
9 जुलाई     30     22     भारी वर्षा<br>
10 जुलाई     30     23     हल्की से मध्यम<br>
11 जुलाई     30     23     हल्की से मध्यम</p>
<p>नोट: तापमान डिग्री सेल्सियस में है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के लिए दो दिवसीय सेमीनार सम्पन्न</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वित्तीय प्रशासन को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं दक्ष बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में प्रदेश की विभिन्न पुलिस इकाइयों से आए उप पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के लिए दो दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया गया। … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:01:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>मध्यप्रदेश, पुलिस, अकादमी, भोपाल, में, आहरण, एवं, संवितरण, अधिकारियों, के, लिए, दो, दिवसीय, सेमीनार, सम्पन्न</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वित्तीय प्रशासन को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं दक्ष बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में प्रदेश की विभिन्न पुलिस इकाइयों से आए उप पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के लिए दो दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया गया। सेमीनार का उद्देश्य अधिकारियों को वित्तीय नियमों, लेखा प्रक्रियाओं, कल्याणकारी योजनाओं एवं आधुनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणालियों की अद्यतन जानकारी प्रदान कर उनके प्रशासनिक एवं वित्तीय दायित्वों के प्रभावी एवं दक्ष निर्वहन के लिए सक्षम बनाना था।</p>
<p>सेमीनार का समापन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कल्याण)  सोलोमन यश कुमार मिंज की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व किसी भी शासकीय संस्था की कार्यकुशलता के आधार स्तंभ हैं। उन्होंने अधिकारियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव का अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी उपयोग करते हुए वित्तीय प्रक्रियाओं को अधिक सुचारु, नियमसम्मत एवं पारदर्शी बनाने का आह्वान किया।</p>
<p>सेमीनार के उद्घाटन सत्र में उप पुलिस महानिरीक्षक (लेखा एवं कल्याण), पुलिस मुख्यालय, भोपाल  अवधेश गोस्वामी ने प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन में अद्यतन नियमों की जानकारी रखने तथा आहरण एवं संवितरण अधिकारियों की भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने की आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p>दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के कार्य एवं उत्तरदायित्व, मध्यप्रदेश भण्डार क्रय एवं उपार्जन नियम-2015 (यथासंशोधित-2022), वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, पुलिस विभाग की कल्याणकारी गतिविधियां, आईएफएमआईएस (IFMIS) प्रणाली, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, पेंशन नियम, दंडों का प्रभावी क्रियान्वयन, देय स्वत्व, टी.ए./डी.ए., अवकाश नियम, जीपीएफ संबंधी कार्यवाहियों में बरती जाने वाली सावधानियां तथा मध्यप्रदेश वित्तीय शक्ति अधिकार पुस्तिका-2025 एवं बजट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पुलिस मुख्यालय, वित्त विभाग तथा आयुक्त कोष एवं लेखा कार्यालय के विशेषज्ञ अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी प्रदान की तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।</p>
<p>समापन समारोह में पुलिस अकादमी के उप निदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल, सहायक पुलिस महानिरीक्षक कल्‍याण मती इरमीन शाह, सहायक निदेशक (प्रशिक्षण) मती रश्मि पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक, पीटीएस मती यास्मीन जहरा सहित अकादमी का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।</p>
<p>मध्यप्रदेश पुलिस का यह प्रयास वित्तीय प्रशासन में दक्षता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ करने के साथ-साथ अधिकारियों की क्षमता संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे पुलिस इकाइयों में वित्तीय प्रबंधन और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>विजय सरकार की कैबिनेट बैठक पर विवाद, भाजपा ने राज्यपाल से की शिकायत; बाहरी लोगों की मौजूदगी पर उठाए सवाल</title>
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<description><![CDATA[ चेन्नई तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार एक नए राजनीतिक विवाद में घिर गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया है कि हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में दो अनाधिकृत व्यक्तियों ने हिस्सा लिया, जो सीधे तौर पर संवैधानिक &#039;गोपनीयता की शपथ&#039; का उल्लंघन है। इस मामले … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:01:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>विजय, सरकार, की, कैबिनेट, बैठक, पर, विवाद, भाजपा, ने, राज्यपाल, से, की, शिकायत, बाहरी, लोगों, की, मौजूदगी, पर, उठाए, सवाल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>चेन्नई</strong></p>
<p>तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार एक नए राजनीतिक विवाद में घिर गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया है कि हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में दो अनाधिकृत व्यक्तियों ने हिस्सा लिया, जो सीधे तौर पर संवैधानिक 'गोपनीयता की शपथ' का उल्लंघन है। इस मामले को लेकर प्रदेश बीजेपी ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से हस्तक्षेप और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।</p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला?</strong><br>
तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख नैनार नागेंद्रन ने विशेष रूप से जॉन आरोकियासामी और विष्णु रेड्डी का नाम लेते हुए दावा किया है कि ये दोनों अनाधिकृत व्यक्ति कैबिनेट की बैठक में मौजूद थे। नागेंद्रन का तर्क है कि ये व्यक्ति मंत्री पद से नहीं जुड़े हैं, इसलिए बैठक में उनकी उपस्थिति प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन है।</p>
<p>इस मुद्दे पर नागेंद्रन ने पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति और तमिलनाडु प्रभारी अरविंद मेनन के साथ राज्यपाल अर्लेकर से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। लोक भवन से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, ज्ञापन में कहा गया है कि मंत्रियों के अलावा दो निजी व्यक्तियों का बैठक में शामिल होना एक "अवैध कृत्य" है और यह भविष्य में दोबारा नहीं होना चाहिए।</p>
<p><strong>सत्ताधारी TVK का स्पष्टीकरण</strong><br>
विपक्षी दल (BJP और DMK) लगातार आरोप लगा रहे हैं कि सत्ता के केंद्र में कुछ खास लोगों का प्रभाव बढ़ रहा है। हालांकि, सत्तारूढ़ टीवीके ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आरोकियासामी और रेड्डी अब निजी व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि उन्हें मुख्यमंत्री के विशेष सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है।</p>
<p><strong>बीजेपी द्वारा लगाए गए अन्य गंभीर आरोप</strong><br>
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान बीजेपी नेताओं ने राज्य सरकार पर कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए। बीजेपी नेता ने राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री विश्वनाथन पर बच्चियों के प्रति "अनुचित व्यवहार" का गंभीर आरोप उठाया है। नागेंद्रन ने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि टीवीके के सत्ता संभालने के मात्र 54 दिनों के भीतर आपराधिक गतिविधियों में भारी वृद्धि हुई है। इसमें 151 यौन उत्पीड़न, 85 से अधिक हत्याएं और नशीले पदार्थों की तस्करी की घटनाएं शामिल हैं।</p>
<p><strong>राज्यपाल के अधिकारों का बचाव</strong><br>
एक सवाल का जवाब देते हुए बीजेपी नेता नागेंद्रन ने मदुरै में स्थानीय अधिकारियों के साथ राज्यपाल अर्लेकर द्वारा की गई समीक्षा बैठक का भी बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 167 के तहत राज्यपाल के पास सरकारी कार्यक्रमों के निरीक्षण और पारदर्शिता की मांग करने का पूरा अधिकार है।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>MP कांग्रेस में बगावत! राकेश सिंह यादव ने राहुल गांधी&#45;जीतू पटवारी पर साधा निशाना, इस्तीफा देकर मचाई हलचल</title>
<link>https://atworldnews.in/8921</link>
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<description><![CDATA[ इंदौर  मध्य प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश महासचिव राकेश सिंह यादव ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और संगठन प्रभारी हरीश चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यादव ने कहा कि पार्टी … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 22:01:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>कांग्रेस, में, बगावत, राकेश, सिंह, यादव, ने, राहुल, गांधी-जीतू, पटवारी, पर, साधा, निशाना, इस्तीफा, देकर, मचाई, हलचल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर</strong><br>
 मध्य प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश महासचिव राकेश सिंह यादव ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और संगठन प्रभारी हरीश चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यादव ने कहा कि पार्टी में अब कार्यकर्ताओं की बात सुनने के बजाय सवाल पूछने वालों को नोटिस देकर चुप कराने की कोशिश की जा रही है।</p>
<p>राकेश सिंह यादव ने कहा कि वे पिछले 30 से 35 वर्षों से कांग्रेस में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम करते रहे हैं। उन्होंने अलग-अलग पदों पर संगठन की जिम्मेदारियां निभाईं लेकिन पहली बार उन्हें ऐसा माहौल देखने को मिला जहां अपनी बात रखने पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा की जीतू पटवारी प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभाने के योग्य नहीं हैं और उनके नेतृत्व में संगठन लगातार कमजोर हुआ है।</p>
<p><strong>टीवी डिबेट में जाने पर मिला नोटिस</strong><br>
यादव ने बताया कि कुछ दिन पहले प्रदेश कांग्रेस की ओर से एक पत्र जारी किया गया था, जिसमें नेताओं को टीवी डिबेट में शामिल नहीं होने और मीडिया के सामने बयान देने से मना किया गया था। साथ ही तीन दिन के मौन सत्याग्रह का निर्देश भी दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पार्टी ने मुख्यमंत्री और वीर भूमि न्यास से जुड़े कथित 500 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया था तब उसके समर्थन में क्या सबूत पेश किए गए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व से सिर्फ इतना पूछा था कि जिन आरोपों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई उनके दस्तावेज कहां हैं। लेकिन जवाब देने के बजाय उन्हें कारण बताओ नोटिस भेज दिया गया कि उन्होंने टीवी डिबेट में हिस्सा क्यों लिया। यादव का कहना है कि अपनी बात रखना और सवाल पूछना लोकतांत्रिक अधिकार है और कांग्रेस के संविधान में मीडिया के बहिष्कार जैसा कोई प्रावधान नहीं है।</p>
<p><strong>वीर भूमि न्यास मामले में उठाए सवाल</strong><br>
राकेश सिंह यादव ने कहा कि वीर भूमि न्यास को लेकर लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यह सरकारी ट्रस्ट है और सरकार की जमीन एक विभाग से दूसरे विभाग को दी गई है। कांग्रेस सरकारों के समय भी कई अस्पतालों, सामाजिक संस्थाओं और धार्मिक ट्रस्टों को रियायती दरों पर जमीन आवंटित की गई थी। ऐसे मामलों को भ्रष्टाचार या घोटाला बताना उचित नहीं है।</p>
<p><strong>उन्होंने आरोप लगाया कि बिना दस्तावेजों के इतने बड़े आरोप लगाने से पार्टी खुद सवालों के घेरे में आ गई है। यदि वास्तव में सबूत होते तो उन्हें दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक किया जाता।</strong></p>
<p><strong>जीतू पटवारी और हरीश चौधरी पर लगाए गंभीर आरोप</strong><br>
राकेश सिंह यादव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर संगठन में मनमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संगठन सृजन अभियान के दौरान पैसों के आधार पर नियुक्तियां की गईं जिससे संगठन को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के लिए भी जीतू पटवारी और संगठन प्रभारी हरीश चौधरी जिम्मेदार हैं। यादव ने हरीश चौधरी पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब में टिकट बेचे और जीतू पटवारी ने उनका बचाव किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चौधरी एक डिफेंडर वाहन लेकर आए और उसके बदले कई पदों का बंटवारा किया गया।</p>
<p><strong>राहुल गांधी पर भी साधा निशाना</strong><br>
राकेश सिंह यादव ने कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी में गलत लोगों को संरक्षण मिल रहा है और वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे ऐसे लोगों को आगे बढ़ा रहे हैं, जिनकी वजह से कांग्रेस लगातार कमजोर होती जा रही है। उनका आरोप था कि मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह और कमलनाथ जैसे वरिष्ठ नेताओं की भी बात नहीं सुनी जा रही है।</p>
<p><strong>नगरीय निकाय चुनाव को लेकर जताई चिंता</strong><br>
यादव ने कहा कि यदि संगठन की कार्यशैली में बदलाव नहीं हुआ तो आने वाले नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस की स्थिति और कमजोर हो सकती है। प्रदेश की 16 नगर निगमों में पार्टी किसी भी महापौर सीट पर मजबूत स्थिति में नजर नहीं आ रही है।</p>
<p><strong>बीजेपी में जाने के सवाल पर क्या बोले?</strong><br>
बीजेपी में शामिल होने की अटकलों पर राकेश सिंह यादव ने साफ कहा कि फिलहाल उनकी किसी भी दल से कोई बातचीत नहीं हुई है। भविष्य में क्या होगा इस पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यादव ने यह भी कहा कि यदि राजनीति का उद्देश्य जनता के बीच काम करना है तो वह आगे भी ऐसा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह न दलाली कर सकते हैं और न ही संगठन में पैसों के लेन-देन की राजनीति का हिस्सा बन सकते हैं।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ताजमहल या तेजो महालय? इलाहाबाद हाईकोर्ट में पहुंचा विवाद, सर्वे की मांग पर 6 जुलाई को होगी सुनवाई</title>
<link>https://atworldnews.in/8920</link>
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<description><![CDATA[ प्रयागराज  आगरा स्थित विश्व धरोहर ताजमहल को लेकर एक बार फिर कानूनी बहस तेज हो गई है. ताजमहल परिसर को भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान ‘तेजो महालय’ मंदिर बताए जाने के दावे से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. इस याचिका पर 7 जुलाई को सुनवाई होने की संभावना … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 21:33:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>ताजमहल, या, तेजो, महालय, इलाहाबाद, हाईकोर्ट, में, पहुंचा, विवाद, सर्वे, की, मांग, पर, जुलाई, को, होगी, सुनवाई</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज</strong><br>
 आगरा स्थित विश्व धरोहर ताजमहल को लेकर एक बार फिर कानूनी बहस तेज हो गई है. ताजमहल परिसर को भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान ‘तेजो महालय’ मंदिर बताए जाने के दावे से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. इस याचिका पर 7 जुलाई को सुनवाई होने की संभावना है। </p>
<p>दायर याचिका में ताजमहल परिसर का सर्वे कराने के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग की गई है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि विवादित परिसर के सर्वेक्षण से यह स्पष्ट हो सकेगा कि वहां पहले मंदिर था या नहीं. यह याचिका आगरा की सिविल जज (सीनियर डिवीजन) और अपर जिला जज की अदालतों के उन आदेशों को चुनौती देते हुए दाखिल की गई है, जिनमें सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने से इनकार कर दिया गया था। </p>
<p>याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2015 से सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में एक दीवानी वाद लंबित है, जिसमें यह घोषणा करने की मांग की गई है कि ताजमहल परिसर वास्तव में भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान ‘तेजो महालय’ मंदिर है. इसी मुकदमे की सुनवाई के दौरान परिसर का सर्वे कराने के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन निचली अदालतों ने इसे स्वीकार नहीं किया। </p>
<p>यह याचिका स्वयं भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय के माध्यम से ‘नेक्स्ट फ्रेंड’ (मित्र) हरिशंकर जैन तथा पांच अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से संयुक्त रूप से दाखिल की गई है. मामले में भारत सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और दो अन्य पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है। </p>
<p>अब सभी की नजर इलाहाबाद हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी है. यदि अदालत सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग स्वीकार करती है, तो मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया नई दिशा ले सकती है. वहीं, यह स्पष्ट करना भी जरूरी है कि फिलहाल अदालत ने इस दावे की सत्यता पर कोई टिप्पणी नहीं की है. हाईकोर्ट में फिलहाल केवल सर्वे कराने की मांग से संबंधित याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित है। </p>
<p><strong>क्या की गई मांग?</strong><br>
इस मुकदमे में यह घोषणा करने की मांग की गई है कि ताजमहल परिसर में वास्तव में भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय मंदिर स्थित है। इसी मुकदमे के ट्रायल के दौरान परिसर के सर्वेक्षण के लिए एडवोकेट कमीशन नियुक्त करने का प्रार्थना पत्र दिया गया था। दोनों अदालतों (सिविल जज सीनियर डिवीजन व अपर जिला जज) ने इस पर कोई भी आदेश देने से मना कर दिया था।</p>
<p>यह याचिका स्वयं भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय के जरिये मित्र हरिशंकर जैन सहित पांच अन्य की ओर से संयुक्त रूप से की गई है। इसमें भारत सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और दो अन्य को विपक्षी बनाया गया है।</p>
<p><strong>दो अदालतों ने याचिका खारिज की</strong><br>
मुकदमे के लंबित रहने के दौरान अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के समक्ष एक आवेदन दायर कर सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग की गई थी। दोनों जिला अदालतों ने इस याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में भारत सरकार, भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण, यानी आर्कियालॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) और दो अन्य को प्रतिवादी बनाया गया है।</p>
<p><strong>महदेव मंदिर होने का दावा</strong><br>
याचिका में दावा किया गया है कि आगरा में स्थित विश्व धरोहर ताजमहल परिसर में भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय मंदिर है। याचिकाकर्ताओं ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से आगरा के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज (एडीजे) की ओर से सिविल रिवीजन संख्या 03/2020 में 4 अप्रैल 2026 को पारित आदेश और इससे पहले सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की ओर से मूल वाद संख्या 356/2015 में 18 जुलाई 2019 को पारित आदेश को रद्द करने की मांग की गई है। इन दोनों आदेशों में याचिका खारिज की गई थी।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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<title>लगातार तीसरे वर्ष सजा मंत्रियों का चिंतन शिविर, सुशासन पर होगा मंथन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय</title>
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<description><![CDATA[ रायपुर चिंतन शिविर 3.0 का उद्देश्य शासन-प्रशासन को अधिक प्रभावी, आधुनिक, पारदर्शी और जनहितैषी बनाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के लिए दूरदर्शी नीति-निर्माण की मजबूत आधारशिला तैयार करना है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर में सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा आईआईएम रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 21:31:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>लगातार, तीसरे, वर्ष, सजा, मंत्रियों, का, चिंतन, शिविर, सुशासन, पर, होगा, मंथन, मुख्यमंत्री, विष्णु, देव, साय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>चिंतन शिविर 3.0 का उद्देश्य शासन-प्रशासन को अधिक प्रभावी, आधुनिक, पारदर्शी और जनहितैषी बनाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के लिए दूरदर्शी नीति-निर्माण की मजबूत आधारशिला तैयार करना है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर में सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा आईआईएम रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्य तथा देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने शासन के विभिन्न आयामों पर व्यापक मंथन करते हुए यह बात कही।</p>
<p>मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि चिंतन शिविर केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि शासन की कार्यसंस्कृति में निरंतर सुधार और नवाचार का माध्यम बन चुका है। पिछले दो संस्करणों से प्राप्त सुझावों को सरकार ने प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा है, जिसके सकारात्मक परिणाम आज प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन में तकनीक, पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर आगे बढ़ना ही इस शिविर का मूल उद्देश्य है।</p>
<p>मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि चिंतन शिविर 3.0 के प्रथम दिवस में नेतृत्व विकास, सुशासन, उभरती प्रौद्योगिकियों तथा कृषि समृद्धि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत सत्र आयोजित किए गए। प्रसिद्ध आध्यात्मिक चिंतक गौर गोपाल दास ने नेतृत्व, भावनात्मक संतुलन, सेवा-भाव और जनप्रतिनिधियों के नैतिक दायित्वों पर अपने विचार रखे। उन्होंने मूल्य-आधारित नेतृत्व और संवेदनशील प्रशासन को प्रभावी सुशासन की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।</p>
<p>शिविर में नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने "इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़" विषय पर संबोधित करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 5जी, ड्रोन, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी, ब्लॉकचेन तथा डेटा-आधारित प्रशासन के माध्यम से शासन व्यवस्था को अधिक दक्ष, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने तकनीक आधारित सेवा वितरण, नवाचार, रोजगार सृजन तथा डिजिटल समावेशन के लिए छत्तीसगढ़ के समक्ष उपलब्ध अवसरों की भी चर्चा की।</p>
<p>कृषि विषयक सत्र "कृषि से समृद्धि" में कृषि अर्थशास्त्री डॉ. रमेश चंद तथा कृषि विशेषज्ञ टी. विजय कुमार ने प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि, फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन, बाजार संपर्क और तकनीक आधारित कृषि सुधारों पर अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने देश के विभिन्न राज्यों के सफल मॉडलों की जानकारी देते हुए किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और कृषि को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने समूह आधारित विचार-मंथन में भी भाग लिया।</p>
<p>मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले चिंतन शिविरों से प्राप्त सुझावों के आधार पर मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई, जिससे फाइलों के निपटारे की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और समयबद्ध बनी है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा सेवा सेतु जैसे महत्वपूर्ण नवाचार भी इसी चिंतन प्रक्रिया का परिणाम हैं। आज सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाएं नागरिकों को ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आमजन को सरल, त्वरित और पारदर्शी सेवाएं मिल रही हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि चिंतन शिविर 3.0 से प्राप्त सुझाव सुशासन, तकनीक आधारित प्रशासन, कृषि सुधार, विभागीय समन्वय और जनसेवा के नए मानक स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार नवाचार, ज्ञान, तकनीक और प्रभावी नीति-निर्माण को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी तथा चिंतन शिविर से निकले विचारों को शीघ्र ही ठोस नीतिगत और प्रशासनिक पहलों के रूप में लागू किया जाएगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>खनिज संपदा और निवेश से प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत मिशन को नई गति दे रहा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खनिज संपदा की प्रचुरता और निवेश अनुकूल नीतियों से मध्यप्रदेश देश की औद्योगिक प्रगति में अहम भूमिका निभा रहा है। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मिशन को भी बल मिलेगा। बैतूल से आलीराजपुर तक फैली खनिज बेल्ट … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 21:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>खनिज, संपदा, और, निवेश, से, प्रधानमंत्री, के, आत्मनिर्भर, भारत, मिशन, को, नई, गति, दे, रहा, मध्यप्रदेश, मुख्यमंत्री, डॉ., यादव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल </strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खनिज संपदा की प्रचुरता और निवेश अनुकूल नीतियों से मध्यप्रदेश देश की औद्योगिक प्रगति में अहम भूमिका निभा रहा है। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मिशन को भी बल मिलेगा। बैतूल से आलीराजपुर तक फैली खनिज बेल्ट में उच्च गुणवत्ता वाले ग्रेफाइट के विशाल भंडार मिलने से प्रदेश देश के उभरते 'क्रिटिकल मिनरल हब' के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। इस बेल्ट में हाई फिक्स्ड कार्बन और उत्कृष्ट फ्लेकी गुणवत्ता वाला ग्रेफाइट पाया गया है। इसे इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), ऊर्जा भंडारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह खोज मध्यप्रदेश को भविष्य की हरित अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनाने के साथ देश को हरित ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<p><strong>उच्च गुणवत्ता वाला ग्रेफाइट, औद्योगिक विकास का नया आधार</strong></p>
<p>प्रदेश ग्रेफाइट संसाधनों में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश के बैतूल, आलीराजपुर और सीधी जिलों में उच्च गुणवत्ता वाले ग्रेफाइट के विशाल भंडार चिन्हित किए गए हैं। इन क्षेत्रों से प्राप्त ग्रेफाइट में उच्च स्थिर कार्बन की मात्रा होने के कारण यह इलेक्ट्रोड निर्माण, बैटरी उद्योग तथा अन्य उच्च तकनीकी औद्योगिक उपयोगों के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है।</p>
<p>भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने अकेले बैतूल जिले में लगभग 11 मिलियन मीट्रिक टन ग्रेफाइट संसाधनों का अनुमान लगाया है। बैतूल जिले के चिखलार, गौठाना और गोलीघाट क्षेत्र प्रमुख ग्रेफाइट ब्लॉकों के रूप में उभरकर सामने आए हैं।</p>
<p><strong>कोल इंडिया के प्रवेश से व्यावसायिक खनन को मिलेगी गति</strong></p>
<p>प्रदेश में ग्रेफाइट खनन के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन तब आया जब सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने गैर-कोयला खनन क्षेत्र में प्रवेश करते हुए आलीराजपुर जिले के खट्टाली छोटी ग्रेफाइट ब्लॉक का अधिग्रहण किया। इससे प्रदेश में बड़े स्तर पर व्यावसायिक ग्रेफाइट खनन का मार्ग प्रशस्त हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार बैतूल क्षेत्र के ग्रेफाइट शिस्ट में वेनेडियम जैसे महत्वपूर्ण क्रिटिकल मिनरल मिलने की भी संभावना है। इससे यह क्षेत्र देश के सबसे महत्वपूर्ण बहु-खनिज क्षेत्रों में शामिल हो जाएगा।</p>
<p><strong>ईवी क्रांति का बनेगा सशक्त आधार</strong></p>
<p>ग्रेफाइट लिथियम-आयन बैटरियों के एनोड निर्माण का प्रमुख कच्चा माल है। विश्वभर में इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों की बढ़ती मांग के कारण इसकी आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में मिल रहा उच्च गुणवत्ता वाला ग्रेफाइट ईवी उद्योग को गति देगा, ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं को सशक्त बनायेगा और पवन एवं सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बैटरी निर्माण में सहायक बनेगा। इसके साथ ही रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों को भी घरेलू स्तर पर कच्चा माल उपलब्ध कराएगा। इसके परिणाम स्वरूप ग्रेफाइट के आयात पर देश की निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आएगी।</p>
<p><strong>आयात निर्भरता होगी कम</strong></p>
<p>वर्तमान में भारत अपनी ग्रेफाइट आवश्यकताओं का अधिकांश आयात करता है। मध्यप्रदेश में बड़े स्तर पर खनन प्रारंभ होने से आयात पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा विदेशी मुद्रा की बचत होगी। यह पहल 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।</p>
<p>आदिवासी क्षेत्रों में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर</p>
<p>बैतूल, आलीराजपुर तथा आस-पास के आदिवासी एवं पिछड़े क्षेत्रों में ग्रेफाइट आधारित उद्योगों, प्रसंस्करण इकाइयों तथा रिफाइनरी परियोजनाओं की स्थापना से स्थानीय स्तर पर हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। इससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।</p>
<p>कम लागत वाले खनन और उद्योगों की अपार संभावनाएं</p>
<p>प्रदेश में उपलब्ध उच्च गुणवत्ता वाले ग्रेफाइट के कारण कम लागत पर खनन संभव होगा। इसके साथ ही राज्य में कम लागत वाले इलेक्ट्रोड निर्माण उद्योग विकसित किए जा सकेंगे। इससे प्रदेश राष्ट्रीय बैटरी एवं इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र (ईकोसिस्टम) में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेगा।</p>
<p><strong>खनिज संपदा से समृद्ध मध्यप्रदेश</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश देश के सबसे समृद्ध खनिज राज्यों में शामिल है। प्रदेश देश के 26 प्रतिशत मैंगनीज अयस्क भंडार के साथ सबसे बड़ा उत्पादक राज्य, 73 प्रतिशत तांबा अयस्क भंडार के साथ अग्रणी राज्य, चूना पत्थर उत्पादन में देश का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक, कोयला उत्पादन में देश का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक और देश का एकमात्र हीरा उत्पादक राज्य है। हीरा, तांबा, कोयला, मैंगनीज, चूना पत्थर, स्वर्ण अयस्क, डोलोमाइट, ग्रेफाइट तथा अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित कर रही है।</p>
<p><strong>कटनी बन रहा है माइनिंग एवं औद्योगिक हब</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कटनी जिला भी तेजी से देश के प्रमुख माइनिंग हब के रूप में विकसित हो रहा है। यहां स्वर्ण अयस्क, डोलोमाइट, तांबा, लेड, जिंक और चांदी जैसे बहुमूल्य खनिजों के विशाल भंडार सामने आए हैं। स्वर्ण अयस्क क्षेत्र के विकास के लिए खनन लीज प्रदान की जा चुकी है और बड़वारा क्षेत्र में डोलोमाइट ब्लॉकों का विकास भी जारी है। 'माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0' में प्रदेश को ₹56,414 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे खनिज आधारित उद्योगों का तेजी से विस्तार होने की संभावना बलवती हुई है।</p>
<p><strong>रेयर अर्थ मिनरल्स की खोज से बढ़ी संभावनाएं</strong></p>
<p>प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल्स की खोज भी तेज हो गई है। खनिज संसाधन विभाग और भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) के सहयोग से कटनी एवं जबलपुर सहित विभिन्न जिलों के खनिज नमूनों का वैज्ञानिक परीक्षण किया जा रहा है। इस पहल से रणनीतिक महत्व के नए खनिज भंडारों की पहचान, वैज्ञानिक डेटा संग्रहण तथा भविष्य की खनिज अन्वेषण योजनाओं को नई दिशा मिलेगी।</p>
<p>सिंगरौली में रेयर अर्थ एलिमेंट्स की खोज</p>
<p>प्रदेश के सिंगरौली जिले में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (आरईई) की महत्वपूर्ण उपलब्धता भी सामने आई है। इन तत्वों का उपयोग रक्षा उपकरणों, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, पवन ऊर्जा, उच्च क्षमता वाले मैग्नेट, मेडिकल उपकरण तथा अंतरिक्ष तकनीक में किया जाता है। यह खोज भारत की चीन सहित दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।</p>
<p><strong>डिजिटल माइनिंग की दिशा में अग्रणी मध्यप्रदेश</strong></p>
<p>प्रदेश सरकार खनन क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को तेजी से लागू कर रही है। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के टेक्समिन फाउंडेशन, भू-विज्ञान एवं खनिज निदेशालय तथा मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम के बीच हुए समझौते के तहत जीआईएस आधारित डिजिटल मिनरल डेटाबेस विकसित किया जा रहा है, एआई आधारित माइनिंग मैनेजमेंट सिस्टम लागू किए जा रहे हैं, ब्लॉकचेन आधारित मॉनिटरिंग से पारदर्शिता बढ़ाई जा रही है, आधुनिक तकनीक आधारित कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं और पर्यावरण-अनुकूल एवं सस्टेनेबल माइनिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।</p>
<p><strong>आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण</strong></p>
<p>उच्च गुणवत्ता वाले ग्रेफाइट, स्वर्ण, रेयर अर्थ मिनरल्स, तांबा, मैंगनीज, कोयला, डोलोमाइट तथा अन्य बहुमूल्य खनिजों की उपलब्धता, आधुनिक तकनीक आधारित खनन व्यवस्था, वैज्ञानिक अन्वेषण, बड़े निवेश और औद्योगिक नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण मध्यप्रदेश देश के सबसे महत्वपूर्ण खनिज एवं औद्योगिक राज्यों में तेजी से उभर रहा है।</p>
<p>बैतूल से अलीराजपुर तक फैली ग्रेफाइट बेल्ट की खोज केवल एक खनिज उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा, हरित अर्थव्यवस्था, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग, रणनीतिक खनिज आत्मनिर्भरता और स्थानीय रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हो रही है। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश के क्रिटिकल मिनरल, एडवांस्ड मटेरियल एवं हरित औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनने की क्षमता रखता है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>रेल यात्रियों को बड़ी राहत! अब खंडवा में भी रुकेगी यह एक्सप्रेस, नेपाल से महाराष्ट्र तक सफर होगा आसान</title>
<link>https://atworldnews.in/8917</link>
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<description><![CDATA[ खंडवा  रेलवे बोर्ड ने ट्रेन संख्या 17631/17632 नांदेड़–टनकपुर–नांदेड़ साप्ताहिक एक्सप्रेस के नियमित संचालन को मंजूरी दे दी है। 12 जुलाई से शुरू होने वाली इस नई रेल सेवा से खंडवा सहित निमाड़ क्षेत्र के यात्रियों को सुविधा होगी। ट्रेन के खंडवा जंक्शन पर ठहराव से यात्रियों को उत्तराखंड के टनकपुर और नेपाल सीमा तक सीधी … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 21:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>रेल, यात्रियों, को, बड़ी, राहत, अब, खंडवा, में, भी, रुकेगी, यह, एक्सप्रेस, नेपाल, से, महाराष्ट्र, तक, सफर, होगा, आसान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>खंडवा</strong><br>
 रेलवे बोर्ड ने ट्रेन संख्या 17631/17632 नांदेड़–टनकपुर–नांदेड़ साप्ताहिक एक्सप्रेस के नियमित संचालन को मंजूरी दे दी है। 12 जुलाई से शुरू होने वाली इस नई रेल सेवा से खंडवा सहित निमाड़ क्षेत्र के यात्रियों को सुविधा होगी। ट्रेन के खंडवा जंक्शन पर ठहराव से यात्रियों को उत्तराखंड के टनकपुर और नेपाल सीमा तक सीधी रेल सुविधा मिलेगी। वहीं सिख समाज के श्रद्धालुओं के लिए पवित्र तख्त सचखंड श्री हुजूर साहिब, नांदेड़ तक यात्रा भी पहले से अधिक आसान हो जाएगी।</p>
<p>मध्य रेल समिति सदस्य मनोज सोनी ने बताया कि खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने इस रेल सेवा को क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया है।</p>
<p><strong>क्या रहेगी नई ट्रेन की समय-सारणी</strong></p>
<p>    समय-सारणी के अनुसार ट्रेन संख्या 17631 प्रत्येक रविवार रात 11:40 बजे नांदेड़ से रवाना होकर सोमवार सुबह 9:30 बजे खंडवा पहुंचेगी और आगे टनकपुर जाएगी।</p>
<p>    वापसी में ट्रेन संख्या 17632 प्रत्येक मंगलवार टनकपुर से चलकर बुधवार सुबह 6:45 बजे खंडवा पहुंचेगी और फिर नांदेड़ के लिए रवाना होगी। इसका नियमित संचालन 14 जुलाई से होगा।</p>
<p><strong>इन प्रमुख स्टेशनों पर रहेगा ठहराव, 6 जुलाई को उद्घाटन स्पेशल ट्रेन</strong><br>
ट्रेन का ठहराव नांदेड़, पूर्णा, बसमत, HINGOLI, वाशिम, अकोला, मलकापुर, खंडवा, इटारसी, रानी कमलापति, बीना, झांसी, ग्वालियर, आगरा, मथुरा और बरेली सहित प्रमुख स्टेशनों पर रहेगा। इस नई सेवा से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर भारत के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। उद्घाटन स्पेशल ट्रेन को छह जुलाई को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव टनकपुर से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सोनभद्र में 31 अगस्त तक मछली पकड़ने पर रोक; नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई।</title>
<link>https://atworldnews.in/8916</link>
<guid>https://atworldnews.in/8916</guid>
<description><![CDATA[ सोनभद्र  मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए जिला प्रशासन ने 31 अगस्त तक सभी नदियों, तालाबों एवं जलाशयों में मत्स्य आखेट (मछली पकड़ने) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने इसके लिए आदेश जारी किया है। इस अवधि में किसी भी व्यक्ति द्वारा मछलियों को पकड़ना, मारना, बेचना अथवा पकड़ने का … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 21:03:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>सोनभद्र, में, अगस्त, तक, मछली, पकड़ने, पर, रोक, नियमों, का, उल्लंघन, करने, वालों, पर, होगी, सख्त, कार्रवाई।</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सोनभद्र</strong><br>
 मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए जिला प्रशासन ने 31 अगस्त तक सभी नदियों, तालाबों एवं जलाशयों में मत्स्य आखेट (मछली पकड़ने) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने इसके लिए आदेश जारी किया है।</p>
<p>इस अवधि में किसी भी व्यक्ति द्वारा मछलियों को पकड़ना, मारना, बेचना अथवा पकड़ने का प्रयास करना प्रतिबंधित रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम, 1948 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>डीएम ने रिहंद, धंधरौल, कड़ियाताल, पुरखासताल, जीवारताल समेत सभी संबंधित जलाशयों के ठेकेदारों को निर्देश दिया है कि अपनी नाव एवं जाल जलाशयों से बाहर कराना सुनिश्चित करें। क्षेत्रीय मत्स्य प्रभारियों को प्रतिबंध अवधि में सभी जलाशयों में मत्स्य आखेट पूरी तरह बंद कराने और नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>निर्देश दिया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान विस्फोटक पदार्थ, विषैले रसायन अथवा अन्य अवैध साधनों से मछली पकड़ने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी।</p>
<p>स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर अवैध सामग्री, जाल और पकड़ी गई मछलियां जब्त कर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने मत्स्य ठेकेदारों एवं आमजन से आदेश का पालन करने की अपील की है, ताकि प्रजनन काल में मत्स्य संपदा का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>उप मुख्यमंत्री अरुण साव की पहल पर सभी संभागीय एवं जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों में लगेंगी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति</title>
<link>https://atworldnews.in/8915</link>
<guid>https://atworldnews.in/8915</guid>
<description><![CDATA[ रायपुर देश के पहले उद्योग मंत्री, प्रख्यात शिक्षाविद और राष्ट्रवादी विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को अक्षुण्ण रखने राज्य के संभागीय और जिला मुख्यालय वाले सभी नगरीय निकायों में उनकी मूर्ति स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव द्वारा इस … ]]></description>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 21:01:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
<media:keywords>उप, मुख्यमंत्री, अरुण, साव, की, पहल, पर, सभी, संभागीय, एवं, जिला, मुख्यालय, वाले, नगरीय, निकायों, में, लगेंगी, डॉ., श्यामा, प्रसाद, मुखर्जी, की, मूर्ति</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong></p>
<p>देश के पहले उद्योग मंत्री, प्रख्यात शिक्षाविद और राष्ट्रवादी विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को अक्षुण्ण रखने राज्य के संभागीय और जिला मुख्यालय वाले सभी नगरीय निकायों में उनकी मूर्ति स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव द्वारा इस संबंध में की गई घोषणा के अनुपालन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा ऐसे 32 नगरीय निकायों में डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा लगाने 10 करोड़ 60 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। </p>
<p>नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा लगाने और इसके परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए 5 संभागीय मुख्यालयों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर के लिए 50-50 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। वहीं जिला मुख्यालय वाले 27 नगरीय निकायों के लिए 30-30 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों में 4 नगर निगम और 23 नगर पालिका शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि 6 जुलाई को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती है। उप मुख्यमंत्री साव की घोषणा के बाद विभाग ने तत्परता दिखाते हुए नगरीय निकायों में मूर्ति स्थापना के लिए राशि स्वीकृति के प्राविधिक आदेश जारी कर दिए हैं।</p>
<p>उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रख्यात शिक्षाविद एवं राष्ट्रवादी विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रखर पुरोधा थे। "एक देश, एक निशान, एक विधान और एक प्रधान” के संकल्प की अगुआई करते हुए भारत की एकता और अखंडता के लिए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। </p>
<p>श्री साव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचार आज भी समाज और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। प्रदेश के प्रमुख नगरीय क्षेत्रों में उनकी प्रतिमाओं की स्थापना से नागरिकों, विशेषकर युवाओं को उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से प्रेरणा प्राप्त होगी। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को देश के सबसे युवा कुलपति होने का गौरव प्राप्त है। मात्र 23 वर्ष की उम्र में सबसे युवा सीनेट सदस्य होने के 10 वर्ष बाद सिर्फ 33 वर्ष की युवावस्था में कलकत्ता विश्वविद्यालय जैसे विख्यात शिक्षण संस्थान के कुलपति बन शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने अभूतपूर्व योगदान दिया। उनकी प्रतिमा को देखकर युवा पीढ़ी उनके इस योगदान को भी याद कर प्रेरणा हासिल करेगी।</p>
<p>श्री साव ने कहा कि प्रतिमा स्थापना के साथ-साथ परिसर का आकर्षक एवं व्यवस्थित सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा, जिससे शहरों में बेहतर सार्वजनिक स्थल विकसित होंगे तथा नागरिकों को स्वच्छ, सुंदर एवं प्रेरणादायी वातावरण उपलब्ध होगा। उन्होंने संबंधित नगरीय निकायों के अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि नागरिकों को शीघ्र ही इन विकसित स्थलों का लाभ मिल सके।</p>]]> </content:encoded>
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<title>एथेनॉल की बढ़ती मांग से चीनी के दाम में ऐतिहासिक उछाल, ₹4,700 प्रति क्विंटल पहुंचा भाव</title>
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<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 21:01:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>ANNU YADAV EDITOR IN CHIEF</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ग्वालियर</strong></p>
<p>त्योहारी सीजन की दस्तक से पहले ही आम आदमी की रसोई का स्वाद कड़वा होने लगा है। शकर के दाम में ऐतिहासिक तेजी हुई है। थोक में शकर 4,650 से 4,700 रुपए प्रति क्विंटल तो फुटकर बाजार में कीमत 48 से 49 रुपए प्रति किलो पहुंच गई। शकर खांडसारी एसोसिएशन ग्वालियर के मनीष बांदिल की मानें तो जुलाई की शुरुआत के साथ ही भाव अप्रत्याशित उछले हैं। राष्ट्रीय व्यापारिक कल्याण बोर्ड के सदस्य रमेश खंडेलवाल ने बताया, गन्ने के समर्थन मूल्य में वृद्धि व एथेनॉल उत्पादन पर सरकार का बढ़ता जोर इसका कारण है। इससे मिलों का फोकस शकर उत्पादन से हटकर एथेनॉल पर हो गया।</p>
<p><strong>इन तीन कारणों से महंगी हुई मिठास </strong><br>
एथेनॉल उत्पादन पर बढ़ता जोर: सरकार पेट्रोल में मिश्रण के लिए एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। इसमें बड़े पैमाने पर गन्ने का उपयोग हो रहा है। चीनी (Sugar Price Ethanol Production) मिलों में कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित हुई।</p>
<p>गन्ने के समर्थन मूल्य में वृद्धि: अधिकांश राज्यों में गन्ने का समर्थन मूल्य बढऩे से उत्पादन लागत में इजाफा हुआ है। इसका सीधा असर शकर की कीमतों पर दिख रहा है।</p>
<p>12 साल में सबसे कम जून की बारिश: इस वर्ष जून में 12 साल की तुलना में सबसे कम वर्षा हुई। देश में सामान्य से 38त्न कम वर्षा व जुलाई में भी कमजोर मानसून की आशंका से शकर उत्पादन 80 लाख टन तक कम हो सकता है।</p>
<p><strong>कैसे बनाया जाता है एथेनॉल? भारत में किससे तैयार हो रहा?</strong><br>
एथेनॉल बनाने वाली सामग्री को फीड स्टॉक (Sugar Price Hit Record 2026) कहा जाता है। कई तरह के एथेनॉल उत्पादन संयंत्र अलग-अलग फीडस्टॉक का उपयोग करते हैं। इसके लिए मक्का, गेहूं या अन्य प्रकार के कच्चे माल का इस्तेमाल किया जाता है। इन सभी से एथेनॉल बनाने की प्रक्रिया एक ही जैसी होती है। जबकि भारत में गन्ने का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे गन्ना उत्पादक राज्यों में शुरू होती है। पकने के बाद गन्नों की कटाई की जाती है। इसके बाक प्रसंस्करण के लिए चीनी मिलों और डिस्टिलरी में ले जाया जाता है।</p>
<p><strong>जानें गन्ने से एथेनॉल बनाने की प्रक्रिया से पेट्रोल पंप तक का सफर</strong></p>
<p>    चीनी मिल में गन्नों को पेराई मशीनों में डाला जाता है। यह गन्ने का रस निचोड़ लेती हैं। यह रस चीनी और एथेनॉल के उत्पादन के लिए आधार सामग्री तैयार होती है।</p>
<p>    गन्ने के रस को संशोधित कर चीनी बनाई जाती है। इसी प्रक्रिया के दौरान गुड़, नामक एक गाढ़ा गहरे रंग का सिरप उप उत्पाद के रूप में मिलता है। गुड़ परम्परागत रूप से भारत में एथेनॉल उत्पादन के लिए सबसे महत्वपूर्ण कच्चे माल में से माना जाता है।</p>
<p>    मॉडर्न एथेनॉल संयंत्र गुड़ और गन्ने के रस दोनों से एथेनॉल का उत्पादन किया जा सकता है। इन कच्चे माल को आसवन संयंत्रो तक पहुंचाया जाता है जहां इनले जैव ईंधन एथेनॉल शुरू किया जाता है।</p>
<p>    कच्चे माल के मिश्रण में सबसे पहले खमीर उठाया जाता है। फिर सूक्ष्मजीव शर्करा का सेवन करते हैं और प्राकृतिक किण्वन प्रक्रिया द्वारा उन्हें अल्कोहल में बदला जाता है। उत्पादन की विधियों (Sugar Price break record 2026) के आधार पर यह चरण चंद घंटों से लेकर कुछ दिन तक का हो सकता है।</p>
<p>    किण्वित द्रव में अल्कोहल, पानी और अन्य यौगिक होते हैं। अब आसवन विधि से अल्कोहल को अलग कर लिया जाता है और फिर सांद्रित किया जाता है। इस विधि से उच्च शुद्धता वाला एथेनॉल तैयार होता है।</p>
<p>    संयंत्र से निकाले जाने से पूर्व एथेनल की गुणवत्ती की कड़ी जांच होती है। इसके बाद उत्पादक शुद्धता स्तर, रासायनिक संरचना और ईंधन के मानकों के अनुपालन की जांच कर सुनिश्चित करते हैं कि उत्पाद सरकारी विनिर्देशों के पूरा करता है या नहीं। </p>
<p>    मंजूरी के बाद एथेनॉल को टैंकरों के माध्यम से तेल विपणन कंपनियों के डिपो तक पहुंचाया जाता है। ये सुविधाएं ईंधन के उपभोक्ताओं तक पहुंचने से पहले मिश्रण प्रक्रिया संभालती हैं।</p>
<p>    अंतिम चरण में अनुमोदित मिश्रण अनुपात के मुताबिक एथनॉल (Sugar Price Hike making fuel) को पेट्रोल में मिलाया जाता है। फिर इस मिश्रित ईंधन को देशभर के पेट्रोल पंपों पर वितरित कर दिया जाता है।</p>
<p> </p>]]> </content:encoded>
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