बड़ी उपलब्धिः देश के प्रतिष्ठित 2 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्लब में उत्तर प्रदेश हुआ शामिल
बड़ी उपलब्धिः देश के प्रतिष्ठित 2 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्लब में उत्तर प्रदेश हुआ शामिल
योगी सरकार में घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता में 2 गीगावाट का ऐतिहासिक आंकड़ा किया पार
सोलर विस्तार से उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में आई कमी
लखनऊ
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में घरेलू रूफटॉप सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 2 गीगावाट (GW) स्थापित क्षमता का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश के प्रतिष्ठित "2 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्लब में शामिल हो गया है, जहाँ अब तक केवल गुजरात और महाराष्ट्र जैसे अग्रणी राज्यों की उपस्थिति थी।
यह उपलब्धि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रदेश में सौर ऊर्जा को लेकर बढ़ती जनभागीदारी का परिणाम मानी जा रही है। योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपने घरों की छतों पर सौर संयंत्र स्थापित कर स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा को अपनाया है। इस दौरान यूपी नेडा रविंदर सिंह ने बताया कि ऊर्जा क्षेत्र में यह उपलब्धि केवल एक सांख्यिकीय मील का पत्थर नहीं है, बल्कि प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों का प्रतीक है। घरेलू रूफटॉप सोलर के विस्तार से उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी मदद मिल रही है।
प्रदेश की इस सफलता में यूपीनेडा के इम्पैनल्ड वेंडर्स, विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, बैंकिंग संस्थानों तथा लाखों उपभोक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विभिन्न विभागों और संस्थाओं के समन्वित प्रयासों ने सौर ऊर्जा को जन-आंदोलन का स्वरूप देने में योगदान दिया है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश में घरेलू सौर ऊर्जा क्षेत्र में तेज़ी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। वर्तमान प्रगति को देखते हुए प्रदेश अब देश में शीर्ष राज्यों की श्रेणी में अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में अग्रसर है। अधिकारियों का मानना है कि यदि वर्तमान गति बनी रही तो आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों को चुनौती देते हुए नई ऊंचाइयां प्राप्त कर सकता है। उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि राज्य के हरित ऊर्जा भविष्य और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।