भोपाल में व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क खत्म होने की जगी उम्मीद
भोपाल, 25 जून। राजधानी के व्यापारियों को व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन से मुलाकात कर भोपाल में लागू व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क को समाप्त करने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि मध्यप्रदेश के अन्य किसी भी नगरीय निकाय में यह शुल्क लागू नहीं है, जबकि केवल भोपाल के व्यापारियों पर इसका भार डाला जा रहा है।
नगर निगम आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित दस्तावेजों और शासन के आदेशों का अध्ययन कर विषय पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।
‘एक प्रदेश, दो कानून’ जैसी स्थिति : चेंबर
बैठक के दौरान भोपाल चेंबर के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने कहा कि व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क केवल भोपाल में लागू होना व्यापारियों के साथ असमानता है। उन्होंने बताया कि चेंबर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक संगठनों में शामिल है और इसके सदस्य बड़े उद्योगपति, उद्यमी तथा व्यापारी हैं, जिनकी ओर से यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही है।
उन्होंने आयुक्त से आग्रह किया कि व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने और कारोबारियों को राहत देने के लिए इस शुल्क को तत्काल समाप्त किया जाए।
2023 में प्रदेशभर में स्थगित हुआ, लेकिन भोपाल में जारी
भोपाल चेंबर के संचालक एवं समिति संयोजक अनिल चुग ने बैठक में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 21 अप्रैल 2023 को नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क लागू किया गया था, लेकिन व्यापारियों के विरोध और विभिन्न विसंगतियों को देखते हुए 25 अप्रैल 2023 को इसे पूरे प्रदेश में स्थगित कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भोपाल में यह शुल्क प्रभावी बना हुआ है, जिससे “एक प्रदेश–दो कानून” जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने इसे व्यापारियों के साथ अन्यायपूर्ण बताते हुए तत्काल समाप्त करने की मांग दोहराई।
नगर निगम आयुक्त ने दिया सकारात्मक संकेत
नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क से जुड़े सभी दस्तावेजों, नियमों और शासन के आदेशों का अध्ययन करेंगी। उन्होंने कहा कि विषय की विस्तृत समीक्षा के बाद इसके निराकरण और संभावित समाप्ति के संबंध में सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।
आयुक्त के इस आश्वासन के बाद व्यापारी वर्ग में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित यह मुद्दा जल्द सुलझ सकता है।
व्यापारियों की आवाज लगातार उठा रहा है चेंबर
गोविंद गोयल ने बताया कि भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज इस मुद्दे को लेकर लगातार प्रयासरत है। चेंबर द्वारा प्रदेश के सांसदों, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री, भोपाल की महापौर, विभिन्न विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार ज्ञापन और पत्र सौंपे गए हैं।
उन्होंने कहा कि व्यापारिक संगठनों की राय है कि यदि यह शुल्क समाप्त होता है तो कारोबारियों को राहत मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध : गोयल
बैठक के बाद गोविंद गोयल ने कहा कि भोपाल चेंबर सदैव व्यापारियों, उद्यमियों और उद्योग जगत के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है और भविष्य में भी इसी दिशा में कार्य करता रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन व्यापारियों की समस्याओं को समझते हुए सकारात्मक निर्णय लेगा।
प्रतिनिधिमंडल में ये सदस्य रहे शामिल
नगर निगम आयुक्त से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में गोविंद गोयल के अलावा सुनील जैन (जैनाविन), अजय देवनानी, वात्स्यायन जैन (सोनू भाभा), अनिल चुग, अनिल मिश्रा, आदित्य सिंघई और मनोज नागरानी भी शामिल रहे।
व्यापारियों की प्रमुख मांगें
- भोपाल नगर निगम द्वारा लगाए गए व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क को तत्काल समाप्त किया जाए।
- प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों की तरह भोपाल के व्यापारियों को भी समान राहत मिले।
- व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए कर संबंधी विसंगतियों को दूर किया जाए।
- “एक प्रदेश–दो कानून” जैसी स्थिति समाप्त कर पूरे राज्य में एक समान व्यवस्था लागू की जाए।
क्या बोले आयुक्त?
नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने कहा कि व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क से संबंधित सभी दस्तावेजों और शासन के आदेशों का अध्ययन करने के बाद विषय पर उचित और सकारात्मक कार्रवाई के लिए प्रयास किए जाएंगे।