15 लाख से अधिक युवाओं को मिली बड़ी सौगात: प्रधानमंत्री ने PM-VBRY के तहत 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि जारी की

15 लाख से अधिक युवाओं को मिली बड़ी सौगात: प्रधानमंत्री ने PM-VBRY के तहत 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि जारी की

विवेक झा, भोपाल। देश में औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए शुक्रवार को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत 15 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में लगभग 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित की। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से यह राशि जारी की और रोजगार सृजन को विकसित भारत की आधारशिला बताया।

कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देशभर के 200 क्षेत्रीय केंद्रों पर किया गया। मध्यप्रदेश में भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) और एचईजी सभागार, मंडीदीप में भी विशेष आयोजन हुए, जहां बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधि, नियोक्ता, कर्मचारी और युवा शामिल हुए।

भोपाल और मंडीदीप में रोजगार उत्सव जैसा माहौल

भोपाल के मैनिट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि मंडीदीप में भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। दोनों स्थानों पर रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं, उद्योग संगठनों, नियोक्ताओं, सरकारी अधिकारियों और ईपीएफओ के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

कार्यक्रम के दौरान एक प्रेरक पहल के रूप में विभिन्न नियोक्ताओं ने 25 से अधिक नव-नियुक्त कर्मचारियों को मौके पर ही रोजगार पत्र (Employment Letters) प्रदान किए। इससे उपस्थित युवाओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला और योजना के प्रत्यक्ष लाभ का प्रदर्शन हुआ।

100 से अधिक नियोक्ता और 700 कर्मचारी बने कार्यक्रम का हिस्सा

भोपाल और मंडीदीप में आयोजित दोनों क्षेत्रीय कार्यक्रमों में 100 से अधिक बड़े नियोक्ता शामिल हुए, जबकि करीब 700 कर्मचारियों और लाभार्थियों ने सहभागिता की। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने योजना को रोजगार बढ़ाने और कुशल युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

प्रधानमंत्री बोले – विकसित भारत का सबसे मजबूत आधार है युवा रोजगार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि औपचारिक रोजगार और युवा सशक्तिकरण विकसित भारत के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि 15 लाख से अधिक युवाओं के खातों में सीधे 2,400 करोड़ रुपए की राशि का हस्तांतरण सरकार की पारदर्शी और तेज़ कार्यप्रणाली का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि पहली बार संगठित क्षेत्र में प्रवेश करने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता देकर सरकार उद्योगों की जरूरतों और युवाओं की आकांक्षाओं के बीच की दूरी को कम कर रही है। इससे सम्मानजनक रोजगार और आत्मनिर्भरता दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए योजना में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। इससे उद्योगों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए कर्मचारियों की भर्ती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने कौशल को लगातार विकसित करें और नए अवसरों का लाभ उठाकर देश की आर्थिक प्रगति में भागीदार बनें।

श्रम मंत्री ने गिनाईं रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की उपलब्धियां

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि चार श्रम संहिताओं के माध्यम से श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले दशक में सामाजिक सुरक्षा का दायरा 19 प्रतिशत से बढ़कर 64.3 प्रतिशत हो चुका है और वर्ष 2014 से 2024 के बीच लगभग 17 करोड़ रोजगार सृजित हुए हैं। साथ ही, भारत की बेरोजगारी दर घटकर लगभग 3.1 प्रतिशत रह गई है, जो वैश्विक औसत से काफी कम है।

भोपाल की झलक

गौतम टेटवाल बोले – कौशल विकास और रोजगार को मिलेगा नया बल

मैनिट, भोपाल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की यह योजना प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास प्रणाली को लगातार मजबूत कर रही है ताकि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

उन्होंने विश्वास जताया कि PM-VBRY विशेष रूप से मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) और स्थानीय उद्योगों को नई ऊर्जा प्रदान करेगी तथा रोजगार सृजन की गति को तेज करेगी।

मंडीदीप में सुरेंद्र पटवा ने दी दीर्घकालिक रोजगार की सीख

मंडीदीप में आयोजित कार्यक्रम में विधायक सुरेंद्र पटवा ने युवाओं से अपील की कि वे किसी भी संस्थान में लंबे समय तक कार्य कर अपने कौशल और अनुभव को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई रोजगार योजनाएं युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं और इनका अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।

लाभार्थियों ने कहा – योजना बनी आर्थिक संबल

कार्यक्रम में शामिल लाभार्थियों और नियोक्ताओं ने योजना के सकारात्मक प्रभाव साझा किए। नियोक्ताओं ने कहा कि दो वर्षों तक मिलने वाले प्रोत्साहन से नए कर्मचारियों की नियुक्ति आसान हुई है और भर्ती लागत में कमी आई है।

वहीं पहली बार औपचारिक रोजगार पाने वाले युवाओं ने कहा कि 15,000 रुपए तक की प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता ने नौकरी की शुरुआती अवधि में उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। उनका मानना है कि इससे वे आत्मविश्वास के साथ अपने करियर की शुरुआत कर पा रहे हैं।

क्या है PM-VBRY?

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) का उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता देना और नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत पात्र युवाओं को 15,000 रुपए तक का लाभ दिया जाता है, जबकि अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति करने वाले नियोक्ताओं को दो वर्षों तक प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाती है। विनिर्माण क्षेत्र के लिए यह सहायता अतिरिक्त दो वर्षों तक बढ़ाई गई है।

योजना की प्रमुख विशेषताएं

  • 15 लाख से अधिक लाभार्थियों को 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि।
  • पहली बार नौकरी करने वाले पात्र युवाओं को 15,000 रुपए तक का लाभ।
  • अतिरिक्त भर्ती करने वाले नियोक्ताओं को दो वर्षों तक प्रोत्साहन।
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को अतिरिक्त दो वर्ष की सहायता।
  • भोपाल और मंडीदीप में 100 से अधिक नियोक्ता और करीब 700 प्रतिभागियों की मौजूदगी।
  • लाइव कार्यक्रम के दौरान 25 से अधिक युवाओं को रोजगार पत्र वितरित किए गए।
  • योजना का उद्देश्य रोजगार सृजन, कार्यबल का औपचारिकीकरण और सामाजिक सुरक्षा का विस्तार करना है।